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डैम की सरकारी जमीन पर बन गईं अवैध मजारें, कइयों को प्रशासन ने किया ध्वस्त: भोपाल में अतिक्रमण का खेल, कौन कर रहा कुछ पता नहीं

लोगों का कहना है कि चार पहले पहले भी इसी तरह अवैध मजारें बनाई गई थीं। तब इसकी शिकायत करने के बाद नगर निगम ने कार्रवाई किया था और इन मजारों को हटा दिया था। हालाँकि, बाद में इन्हें फिर से बना दिया गया। इनमें कुछ मजार तो बगल के आयुर्वेद कॉलेज की जमीन पर भी बना दी गई हैं।

मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने शनिवार (17 जून 2023) को राजधानी भोपाल (Bhopal, Madhya Pradesh) में बने अवैध मजारों पर हथौड़ा चलाया। प्रशासन ने अवैध रूप से बने चार मजारों को तोड़ दिया। चार साल पहले भी इसी तरह अतिक्रमण को हटाया गया था, लेकिन अतिक्रमणकारियों ने मजार को फिर से बना दिया।

भोपाल के कलियासोत डैम के पास बेशकीमती सरकारी जमीन पर चार मजारें बना दी गई थीं। इसके अलावा, दो अन्य मजारें भी हैं, जिनकी जाँच की जा रही है। भोपाल के कलेक्टर आशीष सिंह के आदेश पर इन 4 मजारों को तोड़ दिया गया।

कलेक्टर आशीष सिंह का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इसके साथ ही कलेक्टर ने इस बात की भी जाँच करने का आदेश दिया है कि इन मजारों का निर्माण किसने किया, अनुमति किससे ली और इसके निर्माण का उद्देश्य क्या है। 

पिछले कुछ महीनों से डैम के एरिया में अज्ञात लोग आकर मजार बना दिए और चादर चढ़ा रहे थे। इसकी भनक नगर निगम प्रशासन को भी थी, लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं की। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोग नगर निगम को ट्रोल करने लगे।

सोशल मीडिया पर इन अवैध मजारों की तस्वीरें वायरल हो रही थीं। इसके बाद स्थानीय लोगों ने कलेक्टर से इसकी शिकायत की और कहा कि मजार बनाकर जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है। इसके बाद कलेक्टर ने इसका संज्ञान लिया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यहाँ पहले एक मजार थी, लेकिन सरकारी जमीनों पर कब्जे की नियत से कुछ समय में 7-8 मजारें बना दी गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाँध के पास आने के लिए ना रोड है और ना ही कोई आता-जाता है।

लोगों का कहना है कि चार पहले पहले भी इसी तरह अवैध मजारें बनाई गई थीं। तब इसकी शिकायत करने के बाद नगर निगम ने कार्रवाई किया था और इन मजारों को हटा दिया था। हालाँकि, बाद में इन्हें फिर से बना दिया गया। इनमें कुछ मजार तो बगल के आयुर्वेद कॉलेज की जमीन पर भी बना दी गई हैं।

कलियासोत डेम की झाड़ियों में जहाँ जाने से डर लगता है, वहाँ लैंड जिहाद का खेल गुप-चुप तरीके से खेला जा रहा है। कलियासोत बांध के पास ही एक नर्सरी है.यहां भी मज़ार नज़र आयी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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