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‘सनातन धर्म और कुछ नहीं, जातियों में विभाजित समाज है’: हजरतबल दरगाह में सजदा करने वाले कार्ति चिदंबरम ने दिया ‘ज्ञान’, मनी लॉन्ड्रिंग में जा चुके हैं तिहाड़

ये वही कार्ति चिदंबरम पर हैं, जिन पर भ्रष्टाचार के कई केस हैं। प्रवर्तन निदेशायल (ईडी) ने उन्हें 16 अक्टूबर 16 2019 को गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेज दिया था। कार्ति पर आरोप है कि अपने पिता पी. चिदंबरम के केंद्र में मंत्री रहते समय कार्ति ने कई कंपनियों से पैसे लेकर उन्हें फायदा पहुँचाया है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे और राज्य सरकार में मंत्री उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन को मच्छर की तरह खत्म करने के बयान पर बवाल हो गया है। इस बीच कॉन्ग्रेस के नेता और पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति ने कहा कि सनातन धर्म और कुछ नहीं, बल्कि जातियों के बंटवारे पर आधारित समाज है। उन्होंने इसे अभिशाप बताया।

उदयनिधि के बयान पर जारी बहस के बीच कार्ति चिदंबरम ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “सनातन धर्म जातियों में विभाजन के लिए नियम के अलावा और कुछ नहीं है। इसकी वकालत करने करने वाले सभी अच्छे पुराने दिनों के लिए उत्सुक हैं! जाति भारत का अभिशाप है।”

उन्होंने आगे कहा, “तमिलनाडु की आम बोलचाल में ‘सनातन धर्म’ का अर्थ जाति पदानुक्रमित समाज है। ऐसा क्यों है कि हर कोई जो सनातन धर्म की वकालत कर रहा है, वह विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग से आता है और इस ‘पदानुक्रम’ का लाभार्थी है। किसी के खिलाफ ‘नरसंहार’ का कोई आह्वान नहीं किया गया था, यह एक शरारती फिरकी है।”

बताते चलें कि सनातन धर्म पर ज्ञान देने वाले कार्ति चिदंबरम ने सितंबर 2021 में कश्मीर के हजरतबल दरगाह जाकर वहाँ सजदा किया था। इसकी तस्वीर भी उन्होंने बड़े गर्व के साथ ट्विटर पर डाली थी और कहा था कि कश्मीर के ‘हजरतबल में शुक्रवार की नमाज पढ़ा’।

कहा जाता है कि इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद की दाढ़ी का यहाँ बाल रखा हुआ है। 1963-64 में मू-ए-मुकद्दस (पैगंबर मोहम्मद की दाढ़ी का बाल) चोरी हो गया था। हालांकि, बाद में यह रहस्यमयी ढंग से मिल भी गया था। उसके बाद से यह दरगाह चर्चित हो गया।

ये वही कार्ति चिदंबरम पर हैं, जिन पर भ्रष्टाचार के कई केस हैं। प्रवर्तन निदेशायल (ईडी) ने उन्हें 16 अक्टूबर 16 2019 को गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेज दिया था। कार्ति पर आरोप है कि अपने पिता पी. चिदंबरम के केंद्र में मंत्री रहते समय कार्ति ने कई कंपनियों से पैसे लेकर उन्हें फायदा पहुँचाया है।

आईएनएक्स मीडिया समूह को 2007 में 305 करोड़ रुपये का विदेशी धन प्राप्त करने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी देने में अनियमितता बरतने का आरोप चिदंबरम पर है। उस समय वे केंद्र में वित्त मंत्री थे। सीबीआई ने 15 मई 2017 को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद, ईडी ने 2017 में इस संबंध में धन शोधन का मामला दर्ज किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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