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1 कार, 6 सवार, वायरल वीडियो में बुर्के वाली भी दिखी… कर्नाटक में बीच सड़क पर हिंदू कार्यकर्ता को काट डाला, अंतिम संस्कार में उमड़ा सैलाब: पीड़ित परिवार को ₹25 लाख देगी BJP

कर्नाटक के मंगलुरु में एक हिन्दू कार्यकर्ता की बीच सड़क पर घेर कर हत्या कर दी गई। मृतक बजरंग दल का पूर्व कार्यकर्ता था। मृतक हिन्दू कार्यकर्ता का नाम सुहास शेट्टी है। सुहास शेट्टी की गाड़ी को बीच सड़क पर रोक कर हमला किया गया। अस्पताल ले जाते हुए सुहास शेट्टी की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस अब जाँच कर रही है।

गाड़ी से आए, घेर कर मारा

यह घटना गुरुवार (1 मई, 2025) को मंगलुरु के बाजपे थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस ने बताया है कि सुहास शेट्टी गुरुवार रात एक गाड़ी से रात को कुछ दोस्तों के साथ निकले हुए थे। रात करीब 8:30 बजे उन्हें किनिपाडावु पेट्रोल पम्प के पास एक दूसरी स्विफ्ट गाड़ी और एक पिकअप में भर कर आए गुंडों ने घेर लिया। बताया गया कि उनकी गाड़ी इसी बीच एक जगह टकरा गई।

इसके बाद उन्होंने सुहास शेट्टी के ऊपर तलवारों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। सुहास शेट्टी इस दौरान सड़क पर गिर गए। उन पर लगातार जानलेवा हमले यह हत्यारे करते रहे। इसके कथित वीडियो भी सामने आए हैं, इसमें दिखता है कि एक को सड़क पर गिरा कर उस पर हमले हो रहे हैं और आसपास बड़ी भीड़ जमा है।

वायरल वीडियो में हत्यारे कुछ चिल्लाते हैं। बताया गया है कि जहाँ हत्या हुई है वह मुस्लिम बहुल इलाका है। वीडियो में भी कुछ लोग टोपी लगाए दिखाई पड़ते हैं। हमले के बाद सुहास शेट्टी के हत्यारे भाग गए। जानलेवा हमले के चलते सुहास शेट्टी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन उनकी मौत हो गई। सुहास के दोस्त भी इस हमले में घायल हुए हैं।

पुलिस के हाथ खाली

उनके घायल दोस्तों का इलाज चल रहा है। इस जघन्य हमले में मारे गए सुहास शेट्टी जिले के भीतर बड़ा हिन्दूवादी नाम थे। सुहास शेट्टी विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल जैसे संगठनों से जुड़े रहे थे। उन पर 2022 में एक मुस्लिम युवक की हत्या का आरोप भी लगा था। सुहास शेट्टी इसी मामले में जमानत पर बाहर थे।

पुलिस ने इस मामले में अब FIR दर्ज कर ली है और हत्यारों को जल्द पकड़ने का दावा किया है। पुलिस ने कहा है कि उसने हत्यारों की पहचान कर ली है और उनकी तलाश कर रही है। पुलिस खबर लिखे जाने तक किसी को गिरफ्तार नहीं कर पाई थी।

सुहास की मौत के बाद विश्व हिन्दू परिषद और अन्य हिन्दू संगठनों ने उनके गाँव तक उनकी अंतिम यात्रा निकाली है। इस यात्रा में बड़ी संख्या में हिन्दू कार्यकर्ता और भाजपा के कई विधायक और बाकी नेता शामिल हुए हैं। यह अंतिम यात्रा कई किलोमीटर तक निकाली गई।

सुहास शेट्टी के परिवार से कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेन्द्र और नेता प्रतिपक्ष R अशोक ने भी मुलाक़ात की है। उन्होंने उनके गाँव जाकर श्रद्धांजलि भी दी है। भाजपा ने सुहास शेट्टी के परिवार को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। उन्होंने कॉन्ग्रेस सरकार पर आरोप लगाया है कि वह हिन्दुओं के साथ हत्या के बाद खड़ी नहीं होती।

प्रवीण नेट्टारू की तरह हुई हत्या

सुहास शेट्टी की हत्या ने 2022 में हुई प्रवीण नेट्टारु की हत्या की दुखद यादें ताजा कर दी हैं। गौरतलब है कि 26 जुलाई 2022 को दक्षिण कन्नड़ जिले में इस्लामी आतंकियों ने भाजपा नेता प्रवीण नेट्टारू को कुल्हाड़ी से उस वक़्त काट दिया था, जब वे दुकान बंद कर अपने घर जा रहे थे। 

नेट्टारू की हत्या PFI के आतंकियों ने की थी। इस मामले में अब तक 19 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। PFI ने अपना डर बनाने के लिए यह हत्या करवाई थी। प्रवीण नेट्टारू को भी सुहास शेट्टी की तरह घेर कर मारा गया था। सुहास शेट्टी मामले में भी शक की सुई कट्टरपंथियों की तरफ ही है।

ज्यादा से ज्यादा हिंदू लड़कियों से रेप करो, यह सवाब का काम: भोपाल ‘मुस्लिम गैंग’ का ‘जिहाद’ आया सामने, बोला फरहान- हमें कोई पछतावा नहीं, यह फख्र का काम

भोपाल में हिन्दू लड़कियों को निशाने पर लेकर उनका रेप करने वाला ‘मुस्लिम गैंग’ के सवाब लिए यह कर रहा था। मुस्लिम गैंग इस काम को इस्लाम के नजरिए से अच्छा मानती थी। इसके लिए वह ज्यादा से ज्यादा हिन्दू लड़कियों को निशाना बना रहे थे। वह वीडियो बनाकर लड़कियों को प्रताड़ित करते थे। यह सारे खुलासे मुस्लिम गैंग के सरगना फरहान ने किए हैं। भोपाल पुलिस लगातार इस मामले में नई जानकारियाँ निकाल रही है। पुलिस ने मामले के 11 आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया है।

हिन्दू लड़की का रेप ‘सवाब’

नईदुनिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुस्लिम गैंग के सरगना फरहान ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसे हिन्दू लड़कियों का रेप करने, उन्हें फँसाने और वीडियो के बहाने धमकाने का कोई भी पछतावा नहीं है। उसने पुलिस को बताया है कि यह इस्लाम के हिसाब से सवाब का काम है।

फरहान ने पुलिस को यह भी बताया है वह हिन्दू लड़कियों का जीवन बर्बाद करना चाहते थे और इस काम को जिहाद मानते थे, इसलिए उन्हें ही निशाना बनाते थे। फरहान ने पुलिस से कहा कि हिन्दू लड़कियों को फँसा कर रेप करने का उसे गर्व है। उसने और भी कई खुलासे पुलिस से पूछताछ में किए हैं।

फरहान ने पुलिस को बताया है कि उसने इसी काम के लिए मुस्लिम गैंग तैयार की थी। फरहान और बाकी मुस्लिम लड़के लावा बाँधने, हिन्दू नाम रखने और पहचान छुपाने में भी परहेज नहीं करते थे। वह महँगी गाड़ियाँ भी रखते थे और घर-परिवार से दूर रहने वाली लड़कियों को निशाना बनाते थे।

रेप करते हुए एक-दूसरे के वीडियो भी बनाए

फरहान और बाकी आरोपित हिन्दू लड़कियों का रेप करते हुए एक-दूसरे का वीडियो भी तैयार करते थे। यह खुलासा एक पीड़िता ने किया है। उसने बताया है कि फरहान ने अली के साथ मिलकर एक ही कमरे में उसका गैंगरेप किया था। जब फरहान रेप कर रहा था तो अली वीडियो बना रहा था।

अली के रेप करने के दौरान फरहान ने वीडियो बनाई थी। पीड़िता ने बताया है कि वह एक सहेली के माध्यम से फरहान से मिली थी और उसने ही अली से उसको मिलवाया था। अली ने एक दिन डिनर करवाने के बहाने पीड़िता को गाँजे भरी सिगरेट पिलाई थी। इसके बाद पीड़िता का रेप किया गया और वीडियो बना कर आगे भी उसे ब्लैकमेल किया गया।

11 गिरफ्तार, नबील को भोपाल से ही पकड़ा

मुस्लिम गैंग के हिन्दू लड़कियों के रेप के मामले में 20 दिनों में 11 गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। फरहान के अलावा अली, साद, साहिल और नबील को गिरफ्तार किया गया था। नबील और अबरार को पुलिस तलाश रही थी। नबील की तलाश बिहार और बंगाल में चल रही थी। हालाँकि, उसे 1 मई, 2025 को भोपाल से ही पकड़ा गया।

वहीं अबरार की अब भी तलाश जारी है। अबरार के कमरे पर ही फरहान और उसका गैंग लडकियाँ ले कर आता था और रेप करता था। पुलिस ने इस मामले में सह आरोपित साहिल के बारे में भी पुलिस ने कई जानकारियाँ निकाली हैं। साहिल एक डांस क्लास चलाता था जहाँ गरीब हिन्दू लड़कियों को उसकी मुस्लिम दोस्त भेजती थी।

पुलिस को साहिल की डांस क्लास में 30 लड़कियों के आने की जानकारी मिली है। पुलिस अब उनसे भी पूछताछ करने वाली है कि उनमें से कोई यौन शोषण की तो शिकार नहीं हुई। पुलिस उन सबसे सम्पर्क करने का प्रयास कर रही है।

पोर्न साइट पर वीडियो बेंचने वाला था फरहान

इससे पहले पुलिस को पता चला था कि फरहान एक पॉर्न साइट के संपर्क में था और पीड़ित छात्राओं के अश्लील वीडियो उन साइट्स पर बेचने वाला था। उसके मोबाइल फोन में एक पॉर्न साइट पर वीडियो बेचने का लिंक और पॉर्न सर्च करने का सबूत मिला है, जिसमें उसकी मदद आरोपित अबरार और नबील कर रहे थे। इन दोनों ने ही फरहान को बेचने के लिए कहा था।

फरहान को वीडियो बेचने का आइडिया उसके दोस्त और आरोपित अबरार और नबील ने दिया था। दरअसल इंदौर में रह रही छात्रा उसे लगातार इग्नोर करने लगी थी। फरहान उसे जबरदस्ती मिलने के लिए दबाव बना रहा था। छात्रा को सबक सिखाने के लिए फरहान ने साथियों संग मिलकर वीडियो पॉर्न साइट पर बेचने की योजना बनाई।

एक-एक कर सामने पीड़िता

भोपाल में ‘मुस्लिम गैंग’ के हिन्दू लड़कियों को निशाना बनाने का यह मामला 18 अप्रैल, 2025 को खुला था। इससे पहले पीड़ित लड़कियों ने FIR दर्ज करवाई थी। इस मामले में 5 FIR दर्ज हो चुकी हैं। सामने आया था कि फरहान समेत बाकी मुस्लिम लड़के पहले हिन्दू लड़कियों को फँसाते थे।

उनको अपने कमरों और जान-पहचान वाले होटल-रेस्टोरेंट ले जाकर उनका रेप करते थे और इसकी वीडियो भी बनाते थे। इसके बाद उन्हें ब्लैकमेल करते थे। हिन्दू लड़कियों की सप्लाई के लिए इनकी कुछ मुस्लिम लडकियाँ भी मदद करती थीं। एक पीड़िता ने बताया कि आरोपित उसे अपनी सहेलियों को भी अपने साथियों से मिलवाने के लिए भी मजबूर कर रहे थे।

अब पुलिस इस मामले में जाँच कर सभी पीड़िताओं और आरोपितों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। 11 आरोपित गिरफ्तार भी हो हैं। इस मामले की जाँच के लिए एक SIT का गठन भी किया गया है। राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी स्पष्ट किया है कि ऐसे काम करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

खाना भारत का, काम पाकिस्तान का… मिलिए गद्दार पठान खान से: पैसे लेकर ISI को देता था भारतीय सिम, जैसलमेर में सेना के मूवमेंट की जानकारी भेजता था बॉर्डर पार

राजस्थान के जैसलमेर में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले पठान खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे 28 मार्च 2025 को शक होने पर भारतीय खुफिया एजेंसियों ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। वह बॉर्डर से जुड़ी संवेदनशील और गोपनीय जानकारी ISI को भेजता था। उसे ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट,1923 की कई धाराओं के अंतर्गत आधिकारिक रूप से गुरुवार (1 मई 2025) को गिरफ्तार कर लिया गया।

पठान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय सेना से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को भेजता था। पठान को ISI ने भारतीय सिम कार्ड दिया था, जिससे वो जासूसी कर सके।

करीब एक महीने पहले भी उसे शक के आधार पर पकड़ा गया था। उस समय पूछताछ में उसकी हरकतें संदिग्ध लगी थीं। इसके बाद उसे जयपुर ले जाकर पूछताछ की गई। इसमें पता चला कि वह ISI के एक अधिकारी के कहने पर भारत की गुप्त जानकारी पाकिस्तान भेज रहा था।

जाँच में यह भी सामने आया है कि पठान खान 2019 में पाकिस्तान गया था। पाकिस्तान में पठान के कई रिश्तेदार रहते हैं। जाँच करने वाली एजेंसियों को शक है कि उसी दौरान वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के संपर्क में आया था। अब उसके खिलाफ सरकारी गोपनीयता कानून के तहत जयपुर में केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पठान खान ने सेना के कुछ खास इलाकों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान भेजे थे। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में और भी कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है और युद्ध का खतरा मंडरा रहा है।

पठान खान की गिरफ्तारी से सुरक्षा एजेंसियाँ राहत की साँस ले रही हैं, क्योंकि यह भारत की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता था। अब जाँच एजेंसियाँ पता लगा रही है कि पठान ने भारत की कौन-सी जानकारी पाकिस्तान को भेजी है। इसके अलावा पठान के साथ इस काम में और कौन शामिल था।

धर्म बदलकर बन गया पादरी, लड़ाई-झगड़ा होने पर ठोक दिया SC-ST एक्ट का केस: हाई कोर्ट ने किया रद्द, कहा- धर्मांतरण के बाद खुद को नहीं बता सकते दलित

आन्ध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने एक निर्णायक फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि ईसाई बन जाने वाले लोग खुद को SC-ST नहीं बता सकते। हाई कोर्ट ने कहा है कि ईसाइयत में जातिप्रथा नहीं है। आन्ध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने यह फैसला एक ईसाई पादरी की शिकायत पर दिया है। पादरी दूसरे पक्ष पर SC-ST का मुकदमा चलाना चाहता था। पादरी का दावा था कि उसे जाति के नाम पर गाली दी गई है। आन्ध्र प्रदेश है कोर्ट ने उसकी यह दलीलें मानने से इनकार कर दिया।

आन्ध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने क्या कहा?

आन्ध्र प्रदेश हाई कोर्ट में यह मामला जस्टिस हरिनाथ की बेंच ने सुना। हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि शिकायत करने वाला पादरी और उसकी पत्नी ने स्पष्ट रूप से यह स्वीकार किया कि वह 10 वर्षों से पादरी के तौर पर काम कर रहा था।

हाई कोर्ट को यह भी पता चला कि वह एक पादरी संगठन का कोषाध्यक्ष भी है। हाई कोर्ट ने पाया कि पादरी 10 साल पहले ईसाइयत में धर्मांतरित हुआ था। इस मामले में मौजूद गवाहों के बयानों से भी शिकायतकर्ता पादरी का ईसाई होना स्पष्ट हुआ। इसके चलते हाई कोर्ट ने उसे SC-ST एक्ट का लाभ देने से इनकार किया।

आन्ध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा, “शिकायतकर्ता (पादरी) पित्तलवनिपालम मंडल में पादरी फेलोशिप के कोषाध्यक्ष के रूप में काम कर रहा है। पादरी बनने के लिए किसी व्यक्ति को से ईसाईयत अपनानी ही पड़ती है। स्पष्ट रूप से वह प्रतिवादी ईसाई है और ईसाई धर्म को मानता है। ईसाई बनने के बाद याचिकाकर्ता अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं रह सकता।”

हाई कोर्ट ने आगे स्पष्ट किया, “जाति व्यवस्था के लिए ईसाई धर्म में कोई जगह नहीं है। ईसाई धर्म अपनाने और चर्च में पादरी के रूप में अपनी भूमिका स्वीकार करने के बाद शिकायतकर्ता SC-ST एक्ट के प्रावधानों को उपयोग नहीं कर सकता।”

आन्ध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति में पादरी ने SC-ST क़ानून का दुरूपयोग किया है। हाई कोर्ट ने पुलिस को भी इस बात के लिए फटकारा है कि उसने बिना पूरी जाँच के ही मामला दर्ज कर चार्जशीट लगा दी। हाई कोर्ट ने पादरी द्वारा दर्ज किए गए मामले को रद्द कर दिया और मारपीट के आरोपितों को बरी कर दिया।

क्या था मामला?

पादरी ने आरोप लगाया था कि उसे दिसम्बर, 2020 में कई फोन नम्बर से धमकियाँ मिलती थीं। उसने दावा किया था इन नम्बर से फोन करके लोग उसे जाति के नाम पर गालियाँ देते थे। पादरी ने आरोप लगाया था जनवरी, 2021 में उसे एक दिन प्रार्थना करवाने के दौरान आरोपितों ने थप्पड़ मारा और उसका अपमान किया।

पादरी ने यह भी आरोप लगाया कि इस घटना के कुछ दिन बाद ही आरोपितों ने इकट्ठा होकर उसे मारा-पीटा और उसके परिवार को खत्म कर देने की धमकी दी। पादरी ने पुलिस को यह भी बताया था कि उन लोगों ने इस दौरान भी जाति को लेकर गालियाँ दी थी। उसने पुलिस के पास इस मामले में SC-ST एक्ट सहित बाकी धाराओं में मामला दर्ज करवाया था।

इसके बाद पुलिस ने चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी। वहीं आरोपित बनाए गए लोग इसके विरुद्ध हाई कोर्ट पहुँच गए। उन्होंने हाई कोर्ट में दावा किया कि आरोपित एक ईसाई है और वह SC-ST एक्ट का उपयोग नहीं कर सकता। आन्ध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने उनकी दलीलें मानते हुए मामले को रद्द कर दिया।

हिन्दू लड़कियों को फँसाता था मोहम्मद साहिल, गर्लफ्रेंड गुलशन करती थी मदद: अश्लील वीडियो बनाकर पॉर्न साइट्स पर बेचता था

बिहार के वैशाली से लव जेहाद का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मोहम्मद साहिल नाम का शख्स अपनी गर्लफ्रेंड गुलशन खातून की मदद से पहले लड़कियों को फँसाता था और फिर अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करता था। इतना ही नहीं इंटरनेशनल पॉर्न साइट्स पर इसे बेचता भी था। उसने अलग-अलग धर्मों की लड़कियों को इसका निशाना बनाया हालाँकि उसके निशाने पर ज्यादातर हिन्दू लड़कियाँ थी। उसने इस डर्टी गेम का शिकार दर्जनों लड़कियों को बनाया।

बिहार पुलिस के मुताबिक मोहम्मद साहिल ने गर्लफ्रेंड बनाने का धँधा शुरू कर पैसे बनाए। पुलिस अब ये पता लगा रही है कि उसने किन-किन पॉर्न साइट्स पर इसे बेचा और कितने पैसे वसूले। किन देशों से ये पॉर्न साइट्स चल रहे हैं इसका पता भी लगाया जा रहा है।

इस डर्टी गेम का खुलासा तब हुआ जब एक नाबालिग लड़की का पोर्न वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद मोहम्मद साहिल पर प्राथमिकी दर्ज कर उसे 2 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया गया। लेकिन घटना के 15 दिन बाद भी पीड़िता का ना तो मेडिकल कराया गया और ना ही कोर्ट में पेश हुई।

थक हार कर मामले की जानकारी पीड़िता के परिजनों ने मीडिया को दी और मामला उजागर हुआ। स्थानीय डीएसपी अबू जफर आलम के मुताबिक वीडियो वायरल करने का मामला सामने आया है। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आगे की जाँच की जा रही है। पीड़िता के परिजनों के मुताबिक घर की बेटी कंप्यूटर क्लास के लिए जाती थी, वहीं उसकी दोस्ती गुलशन खातून से हुई। गुलशन खातून से मिलने अक्सर मोहम्मद साहिल आया करता था। इस दौरान गुलशन ने ही लड़की से साहिल को मिलवाया। धीरे-धीरे वो साहिल के झांसे में आ गयी। साहिल के साथ उसने कई फोटो खिचवाए और सेल्फी भी ली। इसके बाद साहिल उसे लेकर होटल गया और दोनों के ‘संबंध’ बने। इस दौरान साहिल ने वीडियो बनाए। वीडियो दिखाकर लड़की को ब्लैकमेल किया जाने लगा।

शाइन सिटी का मालिक राशिद नसीम को लखनऊ की अदालत ने ‘भगोड़ा’ घोषित किया, करोड़ों रुपये की सम्पत्ति को लेकर दुबई भागा

शाइन सिटी नाम की एक कंपनी का मालिक है राशिद नसीम। उसने लोगों से मेहनत की कमाई रियल एस्टेट में लगाने के लिए कहा और फिर उनके करोड़ों रुपये लेकर दुबई भाग गया।

अब लखनऊ की एक स्पेशल कोर्ट ने राशिद नसीम को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित कर दिया है। इसका मतलब है कि वह एक ऐसा अपराधी है जो पैसे की धोखाधड़ी करके भागा है और कानून से छिप रहा है।

जाँच करने वाली एजेंसी ईडी का कहना है कि राशिद ने लोगों से करीब एक हजार करोड़ रुपये ठगे हैं। वह 2019 में नेपाल के रास्ते दुबई भाग गया और उसने इसके लिए नकली पासपोर्ट का इस्तेमाल किया था।

ईडी ने अदालत से कहा था कि राशिद को भगोड़ा घोषित किया जाए ताकि उसकी संपत्तियों को जब्त करके नीलाम किया जा सके और निवेशकों के पैसे वापस मिल सकें। इसके बाद उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट, लुकआउट सर्कुलर और रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया है। स्थानीय अदालतों से भी उसे भगोड़ा घोषित किया गया है।

ईडी ने पहले ही राशिद और उसकी कंपनी की करीब 128 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। राशिद के खिलाफ धोखाधड़ी के 554 मामले दर्ज हैं। ED का कहना है कि वह दुबई में बैठकर भी लोगों को ठग रहा है। हाल ही में ईडी ने उसके कुछ साथियों को गिरफ्तार किया है और उनकी 190 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।

ईडी के एक्शन के बाद राशिद नसीम ने अपने फेसबुक अकाउंट पर जवाब देते हुए लिखा है कि FIR है या फिर अलिफ लैला के किस्से। इससे आगे नसीम लिखता है कि 2019 से 2020 तक लखनऊ गोमतीनगर में FIR करवाने वाले सभी कस्टमर एफआईआर की स्टोरी एक जैसी होती थी।

विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे कुछ और बड़े धोखेबाजों को भी पहले इसी तरह भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। लेकिन उत्तर प्रदेश में यह पहला मामला है जब किसी को इस नए कानून के तहत भगोड़ा घोषित किया गया है।

120 उड़ानें प्रभावित, 20 ट्रेनों में देरी, 3 बच्चों समेत महिला की मौत… भारी बारिश और आँधी-तूफ़ान से थमी दिल्ली, IMD ने जारी किया अलर्ट

दिल्ली में भारी बारिश और आँधी-तूफ़ान के कारण स्थिति बदतर हो गई है। 4 लोगों की मौत की सूचना है। पूरी राजधानी में धूल के कारण दिखाई देना भी बंद हो गया। लगभग 120 उड़ानों में देरी हुई। मृतकों में एक महिला और उसके 3 बच्चे शामिल हैं। दिल्ली के द्वारका में बारिश व आँधी-तूफ़ान के कारण इनके घर पर पेड़ गिर गया, जिससे इनकी मौत हो गई। दिल्ली के इंदिरा गाँधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आने वाली 3 उड़ानों को जयपुर और अहमदाबाद डाइवर्ट करना पड़ा। दिल्ली एयरपोर्ट पर आने वाली उड़ानों के लिए 21 मिनट और जाने वाली उड़ानों के लिए 61 मिनट की औसतन देरी हुई।

दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों को सहज अनुभव देने के लिए ग्राउंड स्टाफ द्वारा लगातार प्रयास किए जाने का भरोसा दिलाया गया है। वहीं, कई एयरलाइंस ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे एयरपोर्ट रवाना होने से पहले अपनी फ्लाइट की ताज़ा स्थिति ज़रूर जाँच लें। एयर इंडिया ने ‘X’ पर जारी बयान में कहा, “दिल्ली आने-जाने वाली कुछ उड़ानें या तो देरी से चल रही हैं या डायवर्ट की जा रही हैं, जिससे हमारी कुल उड़ानों के शेड्यूल पर असर पड़ सकता है। हम कोशिश कर रहे हैं कि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो।”

तेज़ हवाओं के कारण पेड़ बिजली के तारों पर गिर गए, जिससे दिल्ली डिविज़न में रेल संचालन प्रभावित हुआ और करीब 15 से 20 ट्रेनें देर से चल रही हैं। दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही, जिसमें द्वारका, खानपुर, साउथ एक्सटेंशन रिंग रोड, मिंटो रोड, लाजपत नगर और मोती बाग जैसे क्षेत्रों से तस्वीरें सामने आईं। तेज़ हवाओं के कारण कई जगह पेड़ उखड़ गए या उनकी टहनियाँ गिर गईं। हालाँकि, संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन अभी बाकी है। लोगों को सलाह दी गई है कि मौसम के हिसाब से घर में ही रहें, जब तक ज़रूरत न हो बाहर न निकलें। दिल्ली का तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में भारी बारिश, तूफान और 70-80 किमी/घंटा तक की रफ्तार से हवाएँ चलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी मध्यम बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए शनिवार तक ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, जिसमें भारी बारिश, आँधी और तेज़ हवाओं की चेतावनी दी गई है। बुधवार शाम को आसमान में बादल छा गए थे और अधिकतम तापमान 38.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो इस मौसम के औसत से 0.9 डिग्री कम था

हालाँकि, मई में भारत के अधिकतर हिस्सों में सामान्य से ज़्यादा गर्मी पड़ने की संभावना जताई गई है, लेकिन बीच-बीच में आने वाले तूफानों से थोड़ी राहत मिलेगी। आईएमडी के अनुसार, उत्तर भारत में इस बार मई में औसत (64.1 मिमी) से 109% अधिक बारिश हो सकती है। बार-बार होने वाले तेज़ तूफानों से इस बार मई 2024 जैसी भीषण गर्मी से कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

जज एजाज खान, शो में दिखा रहे सेक्स की पोजीशन… चैलेंज- लड़कियों का कपड़े उतारना: Ullu के शो ‘House Arrest’ को लेकर उठे सवाल, BJP सांसद बोले- कार्रवाई होगी

बीते कुछ सालों तक खबरें आया करती थीं कि किस तरह रियल्टी शो के नाम पर चलने वाले टीवी सीरियल सच्चाई से कोसों दूर होते हैं। लेकिन बदलते समय के साथ इन्होंने भी अपना रूप बदल लिया है। टीवी के रियल्टी शो की जगह OTT प्लेटफॉर्म के रियल्टी शो ने ले ली है।

लेकिन यहाँ सच्चाई से कोई समझौता नहीं किया जा रहा बल्कि रियल्टी के नाम पर सॉफ्ट पोर्न परोसा जा रहा है। पोर्न और अश्लील कंटेंट के बीच की महीन रेखा का फायदा उठाता हुआ एक और ऐसा ही शो ‘हाउस अरेस्ट’ अब सवालों के घेरे में हैं। यह Ullu App का शो है और इसका जज एजाज खान है।

इस कथित रियल्टी शो की कुछ क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं। इसके बाद लोग इसमें दिखाई जाने वाली नग्नता, फूहड़पन और सीधे-सीधे पोर्न जैसे कंटेंट परोसने पर भड़क गए। उन्होंने इसके बैन की माँग की है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में एक्शन लेने की अपील की है।

क्यों हो रहा विवाद?

Ullu App के शो हाउस अरेस्ट की कुछ क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। ऐसी ही एक क्लिप में जज एजाज खान सामने बैठी लड़कियों से खुल्लम-खुल्ला सेक्स और उसके तरीके पर बात करता है। शो में एक लड़की उससे कहती है कि उसे इस विषय में ज्यादा जानाकारी नहीं है तो वह पूछता है, “तुमने एक्सपेरिमेंट नहीं किया कभी?”

इसके बाद वह वहीं मौजूद एक लड़के और एक लड़की को पोजीशंस दिखाने को कहते हैं। यहीं मौजूद एक और लड़की दूसरे लड़के को समझाती है कि उसे कैसे एक लड़की को उठा कर सेक्स की पोजीशन दिखानी है। इसके बाद यह लड़का और लड़की ऐसा करके भी दिखाते हैं।

इसके बाद दूसरे को सेक्स के बारे में समझाने वाला लड़का-लड़की खुद भी एक ऐसी ही भद्दी हरकत करके दिखाते हैं। इस दौरान वह काफी अश्लील इशारे करते हैं और इसे एकदम सॉफ्ट पोर्न की तरह प्रस्तुत कर करते हैं। जज बन कर बैठा एजाज खान इनकी तारीफ़ करता है।

इसी शो की एक और वीडियो वायरल हो रही है जो और अधिक आपत्तिजनक है। इसमें लड़कियों को उनके कपड़े उतारने का चैलेंज दिया गया है। इस क्लिप में लडकियाँ अपने कपड़े उतार रही हैं। इस दौरान अश्लील भाषा का इस्तेमाल भी हो रहा है। एजाज खान और बाकी इस दौरान ताली बजाते हैं।

ऐसे ही और भी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। इनमें भी अधिकांश बातचीत नग्नता, सेक्स और ऐसे ही फूहड़पने से जुड़ी हुई है। इसे रियल्टी शो का बस नाम दे दिया गया है।

लोगों ने की बैन करने की माँग

एजाज खान के इस अश्लील शो के वीडियो सामने आने के बाद लगातार लोग प्रश्न उठा रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय से इस शो पर बैन लगाने की माँग की है और कहा है कि इससे लोगों के दिमाग पर विपरीत असर पड़ रहा है। पत्रकार नबीला जमाल ने इसको लेकर लिखा, “मुझे लगा था कि भारत में पोर्न बैन है शायद।”

वहीं राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा, “मैंने स्थायी समिति में यह मुद्दा उठाया है कि उल्लू ऐप और ऑल्ट बालाजी जैसे ऐप अश्लील सामग्री के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा लगाए गए प्रतिबंध से बच निकलने में कामयाब रहे हैं। मैं अभी भी उनके जवाब का इंतजार कर रही हूँ।”

वहीं भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा है कि यह नहीं चलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनकी समिति इस मामले को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करेगी।

कई लोगों ने यह भी लिखा है कि इससे समाज के तानेबाने को गहरी क्षति पहुँच रही है। उन्होंने यह भी मुद्दा उठाया कि शो में शामिल होने वाली अधिकांश लड़कियां हिन्दू हैं जबकि जज एजाज खान मुस्लिम है। लोगों ने प्रश्न पूछा कि क्या इसके पीछे कोई अलग साजिश तो नहीं है। इसके अलावा समय रैना और रणवीर इलाहाबादिया का उदाहरण देकर भी प्रतिबंधों की माँग की गई है।

वाराणसी में गंगा आरती में मुस्लिम लड़के ने की युवती से छेड़खानी, लोगों ने पीटा तो खेला ‘विक्टिम कार्ड’: मामले की जाँच में निकली कई चौंकाने वाली जानकारी, अब ATS के पास पहुँची जाँच

वाराणसी के गंगा घाट पर एक नाबालिग मुस्लिम लड़के ने गंगा आरती में आई युवती से छेड़खानी की। उसने युवती को गलत तरीके से छुआ, इसके चलते उसका यहाँ मौजूद लोगों ने विरोध किया। उसकी कुछ लोगों ने पिटाई भी कर दी। मुस्लिम लड़के ने दावा किया पिटाई से पहले उसका धर्म पूछा गया। मामला जब पुलिस के पास पहुँचा तो उसे साजिश का शक हुआ। इसके बाद अब यह जाँच ATS को सौंप दी गई है। मुस्लिम लड़के की हिन्दू घाट पर मौजूदगी से कई प्रश्न उठे हैं।

यह घटना 28 अप्रैल, 2025 को वाराणसी के दशाश्वमेव घाट पर हुई। बताया गया कि मुस्लिम युवक ने आरती के बाद प्रसाद लेने की आड़ में लड़की का पीछा किया। इसके बाद लड़की चिल्लाने लगी और भीड़ ने उसे पकड़ लिया और पीटने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। घाट पर आरती समिति के सदस्यों ने भी इस घटना की पुष्टि की है।

पुलिस ने इस मामले में शुरूआती जाँच के तौर पर घाट का CCTV फुटेज निकाला और मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे ATS को दे दिया। पुलिस को यह भी शक है कि जानबूझकर इस मामले को धार्मिक विवाद का एंगल देने का प्रयास किया गया।

ATS ने इस मामले में घाट पर जाँच की है और CCTV फुटेज जब्त की है। उन्होंने अस्पताल में मुस्लिम लड़के से बात करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी। ATS उससे कुछ मुद्दों पर सवाल पूछना चाहती है। ATS जानना चाहती है कि जब मुस्लिम लड़के का घर चौराहा पड़ाव में है, जो कि दशाश्वमेध घाट से करीब 12 किलोमीटर दूर है। वह इतनी दूर क्या करने आया?

इसके अलावा ATS इस बात को लेकर भी जाँच करेगी कि शुरू में इस घटना को एक लड़की के साथ छेड़छाड़ की बात सामने आई थी, बाद ये कई लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें मिली। ATS को शक है कि मुस्लिम लड़का संदिग्ध तौर पर घात पर मौजूद था।

ATS इस बात की भी जाँच करेगी कि गंगा आरती के दौरान घाट पर उसकी मौजूदगी क्यों थी और क्या वह रोज आता-जाता था। इस बात का भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि वह अपने मोबाइल डिवाइस पर किसका वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था?

क्या ISI का कोई कनेक्शन?

ATS को एक और एंगल इस मामले में मिला है। दरअसल, आरोपित मुस्लिम युवक चौरहट इलाके का रहने वाला है। जनवरी 2020 में राशिद अहमद को ATS ने वाराणसी के चित्तुपुर इलाके से पकड़ा था। पति से अलग होने के बाद उसकी माँ चंदौली के चौरहट पड़ाव स्थित अपने मायके में रहती थी। राशिद भी उन्हीं के साथ रहता था और पोस्टर बनाने का काम करता था।

वह दो बार पाकिस्तान में अपनी खाला के घर गया था। राशिद को अपनी खाला की बेटी से प्यार हो गया था और उसके रिश्तेदारों ने उसे ISI में नौकरी करने के लिए प्रोत्साहित किया। वह 2018 में कराची में अपनी मौसी के घर गया और उसके बाद ISI से संपर्क स्थापित किया।

2019 से उसने अपने फोन से चंदौली में सैन्य और CRPF प्रतिष्ठानों की तस्वीरें खींचनी शुरू कीं और उन्हें एजेंसी को भेजना शुरू किया। 5 मार्च को लखनऊ की विशेष NIA की अदालत ने मोहम्मद राशिद को जासूसी मामले में दोषी पाया था।

बयान भी बदल रहा मुस्लिम लड़का

जनवरी 2022 में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की ओर से वाराणसी के पंचगंगा, मणिकर्णिका, दशाश्वमेध, रामघाट से लेकर अस्सी घाट तक के रास्तों पर कई पोस्टर लगाए गए थे। इनमें साफ तौर पर लिखा था कि यहाँ गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है।

यह स्पष्ट तौर पर कहा गया था कि गंगा घाट कोई मजे का अड्डा नहीं हैं। यह भी स्पष्ट कहा गया था कि जबरदस्ती घुसने वाले किसी गैर हिन्दू को पुलिस को दिया जाएगा। इस मामले में पुलिस का एक बयान भी सामने आया है।

काशी जोन के DCP गौरव बंसल ने बताया है कि जाँच की शुरुआत में यह सिर्फ छेड़छाड़ का मामला लग रहा था। उन्होंने बताया कि पुलिस की पूछताछ और घाट से CCTV फुटेज की समीक्षा के बाद युवक की संलिप्तता संदिग्ध लगने लगी।

उन्होंने कहा कि उसका घर भी घाट से काफी दूर है, जिससे उसके वहाँ होने और आरती में शामिल होने के कारणों के बारे में पूछताछ की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, पूछताछ के दौरान रेहान ने अपना बयान भी बदल दिया।

बेसमेंट में सालों तक रखा कैद, कई मर्दों से करवाया रेप… सगी बहनों के साथ हुई बर्बरता: जंजीरों से बाँधकर रखता था डेविड, पीने को देता था फर्श का गंदा पानी

अमेरिका के मिल्वॉकी शहर से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक 64 साल के व्यक्ति ने दो नाबालिग लड़कियों के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी। तहखाने में बंद कर जंजीरों से बाँधकर रखा। पीड़िता को खाने के नाम पर ब्रेड के टुकड़े दिए गए। यहाँ तक की प्यास लगने पर जमीन पर पड़ा गंदा पानी पीने को मजबूर कर दिया गया। पुलिस ने मामले में आरोपित डेविड बॉयड को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

तहखाने में बड़ा हुक की तस्वीर (साभार : INDEPENDENT)

ये मामला 7 जनवरी 2025 को सामने आया। जब इनमें से एक पीड़िता ने अपने माता-पिता को उसके साथ बीती घटना की जानकारी दी। परिजन ने पुलिस में शिकायत की। शिकायत के अनुसार, 2024 तक पीड़िता के साथ यौन शोषण किया गया। आरोपित उसकी सगी दादी का बॉयफ्रेंड है।

पीड़िता ने बताया कि आरोपित उसका 8 साल की उम्र से शोषण कर रहा है। दादी के घर पर न होने पर बॉयड उसके साथ गलत हरकत करता था। फिर एक दिन वो बच्ची को अपने घर ले आया। वहाँ काफी समय बेसमेंट में बुरी हालत में रखा और बदसलूकी की। पीड़िता के अनुसार, बॉयड ने कथित तौर पर एक बार बॉक्स कटर का उपयोग करके उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों को काटा, जिसमें उसके निजी अंग भी शामिल थे।

तहखाने में जमीन पर पड़ा ब्रेड का टुकड़ा (साभार: INDEPENDENT)

पुलिस ने बताया कि आरोपित की पहली शिकार पीड़िता की बड़ी बहन थी। साल 2015 से वह उसके साथ दरिंदगी कर रहा था, जब पीड़िता महज 5 साल की थी और 12 साल की उम्र तक ऐसा करता रहा। पुलिस को पीड़िता की छोटे बहन ने शिकायत की, जो बॉयड के चंगुल से भागकर पुलिस तक पहुँची।

पीड़िता ने तहखाने का नक्शा बनाया

पीड़िता ने पुलिस को तहखाने का नक्शा बनाकर दिखाया। उसके साथ हुई बदसलूकी को चित्रों में उकेरा। चित्र में एक वॉशर और ड्रायर के बगल में एक पोल दिखाया गया है, जिसमें एक छड़ी की आकृति की गर्दन से एक ‘चेन’ जुड़ी हुई है, जिसे लड़की ने ‘मैं’ के रूप में लेबल किया है। आकृति के पैर में रोटी का एक टुकड़ा है, जिसके नीचे झरने का एक स्केच है, जिस पर ‘पानी” लेबल है।

पीड़िता द्वारा बनाया गया तहखाने का नक्शा (साभार: Independent)

इसी के आधार पर पुलिस ने आरोपित डेविड बॉयड के मिलवॉकी स्थित घर पर 26 अप्रैल, 2025 को छापा मारा। जहाँ से जुर्म के कई सबूत मिले। घर के तहखाने में जंजीरें, छत से लटकता एक बड़ा हुक, फर्श पर पानी का गड्ढा और सीढ़ियों पर ब्रेड के टुकड़े बरामद हुए। इसके अलावा चाकू और धारदार हथियार भी मिले।

पुलिस ने बताया कि डेविड ने पहले उस पर लगे यौन शोषण के आरोपों को निराधार बताया। लेकिन जब पीड़िता द्वारा बनाया गया नक्शा दिखाया गया। तो वह घबरा गया और बहाना बनाकर भागने की कोशिश करने लगा।

यौन तस्करी का भी आरोप

पीड़िता ने आरोपित बॉयड पर लड़की को कई लोगों के पास तस्करी करने का भी आरोप लगाया है। बताया कि एक बार कई आदमी एक साथ उसके सामने खड़े थे। बॉयड ने उनसे पूछा कि उनमें से पहले कौन लड़की के साथ सोना चाहता है। लेकिन, अचानक बॉयड की बेटी ने उसे आवाज़ लगाई और ये चीज़ वहीं रुक गई।

मिल्वॉकी और ब्राउन डियर पुलिस मामले की गहनता से जाँच कर रही है। बॉयड पर यौन शोषण, तस्करी, शारीरिक उत्पीड़न और गैरकानूनी कैद जैसे संगीन आरोप लगाए गए हैं। उसे जेल भेज दिया गया है। उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई चल रही है।