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नितीश के विकल्प और भी बेकार हैं: बिहार चुनाव | Bihar Elections: Nitish bad, others worse

बिहार चुनावों से पहले ऑपइंडिया लगातार प्रदेश के कोने-कोने जाकर आप तक स्थानीय लोगों के मूड की सच्चाई को जस का तस पहुँचाने का काम कर रहा है। इसी चुनावी यात्रा में हमने शिवहर विधानसभा क्षेत्र के अम्बाकाला महुआवा गाँव में भी स्थानीय लोगों से बात की है।

इस ग्राम में चूँकि आबादी मिश्रित है इसलिए मत बेहद बँटे हुए हैं। कुछ लोगों का साफ कहना है कि नितिश कुमार खास अच्छे नहीं है लेकिन उनके विकल्प उससे भी ज्यादा खराब हैं। यहाँ आने का कारण यह भी है कि जदयू पार्टी के वर्तमान विधायक व एक बार फिर से पार्टी के प्रत्याशी इसी गाँव के हैं। इसके अलावा पप्पू यादव की पार्टी के प्रत्याशी भी इसी गाँव से हैं।

पूरी वीडियो इस लिंक पर क्लिक करके देखें।

बिहार चुनाव-2020: जानिए क्या है युवाओं की आशाएँ | Bihar: Youth wants job, education and governance

बिहार चुनावों की कवरेज करते-करते ऑपइंडिया पहुँचा है मोतिहारी के गाँधी मैदान में, सुबह-सुबह इस जगह आने का मकसद कोई चुनावी रैली या नेता का इंटरव्यू नहीं है, बल्कि यहाँ के वो युवा हैं, जो हर सुबह आपको कई आशाओं के साथ अपने अभ्यास करते यहाँ दिख जाएँगे।

हमारा मकसद इन युवाओं से यह जानने का है कि इन चुनावों में इनके लिए रोजगार कितना बड़ा मुद्दा है। क्या वह इस बार रोजगार के मसले पर अपना वोट देंगे? इसके अलावा हमारा प्रश्न यह भी है कि आखिर बिहार के युवाओं में सरकारी नौकरी को लेकर इतना क्रेज क्यों होता है?

पूरी ग्राउंड रिपोर्ट इस लिंक पर क्लिक करके देखें

बिहार चुनाव: संजय सरावगी से अजीत झा की बातचीत | BJP candidate Sanjay Saraogi talks to OpIndia

बिहार के दरभंगा के शहरी क्षेत्र को हमेशा से राजद का गढ़ कहा गया। मगर, पिछले कुछ समय से भाजपा नेता संजय सरावगी ने हर धारणा तोड़कर अपने व अपनी पार्टी के लिए वहाँ जगह बनाई और जीत हासिल करते रहे।

उनकी इसी प्रतिबद्धता के कारण एक बार फिर भाजपा ने उन्हें इस क्षेत्र से अपना प्रत्याक्षी चुना है। जाहिर है कि राजद के गढ़ में भाजपा के प्रति विश्वास पैदा करना और अपनी इतनी मजबूत जगह बनाना संजय सरावगी के लिए आसान काम नहीं रहा होगा। इसलिए उनकी इन्हीं चुनौतियों को जानने के लिए ऑपइंडिया के डेप्यूटी एडिटर अजीत झा ने उनका इंटरव्यू लिया और कई प्रमुख विषयों पर चर्चा की।

पूरा इंटरव्यू इस लिंक पर क्लिक करके देखें

सुशांत केस में गलत रिपोर्टिंग के लिए आजतक, ज़ी न्यूज़, इंडिया टीवी, न्यूज़ 24 को NBSA ने लताड़ा: चैनलों ने सार्वजनिक तौर पर माँगी माफी

न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड अथॉरिटी (NBSA) ने इंडिया टुडे समूह के हिंदी भाषा समाचार चैनल आजतक, ज़ी न्यूज़, न्यूज़ 24 और इंडिया टीवी को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की असंवेदनशील और सनसनीखेज रिपोर्टिंग के लिए माफी माँगने का आदेश दिया था जिसका अब चैनलों ने अनुपालन किया है।

ब्रॉडकास्टिंग अथॉरिटी ने आजतक को 27 अक्टूबर को रात 8 बजे लाइव माफी माँगने का आदेश दिया था। हिंदी समाचार चैनल ने 28 अक्टूबर को रात 9 बजे के बाद अपनी माफी को प्रसारित किया। चैनल ने विशेष रूप से “ऐसे कैसे हिट विकेट हो गए सुशांत?” और “सुशांत जिंदगी की पिच पर हिट विकेट कैसे हो गए” जैसे टैगलाइन का उपयोग करने के लिए माफी माँगी।

चैनल ने कहा इन टैगलाइन से रिपोर्टिंग गाइडलाइन “किसी भी मृत व्यक्ति का सम्मान किया जाना चाहिए और उनकी मौत को सनसनीखेज नहीं बनाया जाना चाहिए” का उल्लंघन हुआ था। हालाँकि, उन्होंने ट्विट्स के लिए कोई माफ़ी नहीं माँगी, जो एनबीएसए के आदेश का हिस्सा था।

आजतक को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के खिलाफ फर्जी ट्वीट्स के लिए भी लताड़ा गया था। चैनल को तीन माफी माँगने और 1 लाख रुपए का जुर्माना देने का निर्देश दिया गया था।

अथॉरिटी ने कहा था,”ब्राडकॉस्टर को अपनी अनुमानित मेहनत और सत्यापन टेलकास्ट या ट्वीट अपलोड करने से पहले करनी चाहिए था, यह अनुमानित मेहनत पत्राकरिता की नैतिकता का मूल सिद्धांत व जरूरत है, वहीं बिना सत्यापन के ट्वीट को जनता के बीच टेलीकास्ट करना झूठी खबर फैलाने की प्रवृति है।”

इंडिया टुडे नेटवर्क के हिंदी न्यूज आउटलेट आजतक ने सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ी कई ऐसी फर्जी खबरों को हवा दी थी। इसने 16 जून को दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के ‘अंतिम ट्वीट’ पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जब अभिनेता मुंबई में अपने घर में मृत पाए गए थे।

आजतक ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से एक आर्टिकल भी ट्वीट किया था। रिपोर्ट में आजतक ने दावा किया था कि अभिनेता ने अपनी जान लेने पहले तीन बार ट्वीट किया था।

समाचार चैनल ने कुछ भावनात्मक ‘ट्वीट’ साझा किए थे, जिनमें दिवंगत अभिनेता को कथित तौर पर अपनी खुद की जान लेने की ओर इशारा किया गया था। लेकिन उन फर्जी ट्वीट्स को उनकी मृत्यु से पहले अभिनेता द्वारा पोस्ट नहीं किया गया था। आजतक ने बाद में बिना स्पष्टीकरण के अपनी रिपोर्ट को वापस ले लिया था।

ज़ी न्यूज़ ने माँगी माफ़ी

एनबीएसए कोड के अन्य उल्लंघनों के बीच ज़ी न्यूज़ को भी असंवेदनशील टैग लाइन जैसे: ‘पटना का सुशांत, मुंबई में फेल क्यों?’ चलाने के लिए लताड़ा गया था। एनबीएसए ने चैनल को 27 अक्टूबर को माफी माँगने के लिए कहा था।

ज़ी न्यूज़ ने स्वीकार किया था कि उन्होंने अभिनेता की मृत्यु पर अपनी रिपोर्ट को सनसनीखेज बनाकर विशिष्ट दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया। माफ़ीनामे में कहा गया कि ‘दर्शकों के बीच घबराहट, संकट, या अनुचित भय’ पैदा हुआ है। माफी एनबीएसए के निर्देशों के अनुसार रात 9 बजे प्रसारित की गई थी।

ज़ी न्यूज़ की माफी का वीडियो शिकायतकर्ताओं में से एक सौरव दास ने अपने ट्विटर एकाउंट पर पोस्ट किया।

इंडिया टीवी का माफीनामा

इसके अलावा इंडिया टीवी से कहा गया था कि वह राजपूत के नश्वर अवशेषों के चित्रों को बार-बार प्रसारित करने के लिए माफी माँगे और विस्तार से इसका वर्णन करें। यहाँ यह नोट करना उचित है कि ऑपइंडिया ने तब रिपोर्ट की थी कि कैसे इन वायरल छवियों को आत्महत्या के सिद्धांत को आगे बढ़ाने के लिए प्रसारित किया जा रहा है।

चैनल ने निर्धारित दिन 9 बजे यह स्वीकार करते हुए माफी माँगी कि उन्होंने विशिष्ट दिशानिर्देश कवरेज के खंड 3.6 का उल्लंघन किया है, जो बताते हैं कि,मृत का सम्मान के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए और मृत व्यक्ति के शव का
क्लोज़-अप या क्षत- विक्षत शव नहीं दिखाया जाना चाहिए।

न्यूज़ 24 को भी अथॉरिटी ने लताड़ा

इस बीच ऑथोरिटी ने न्यूज 24 को भी अभिनेता की मौत के असंवेदनशील और सनसनीखेज कवरेज के लिए 29 अक्टूबर को माफी माँगने का आदेश दिया है। अथॉरिटी ने कहा कि न्यूज 24 द्वारा चलाए गए टैगलाइन में यह संकेत देकर कि राजपूत ने अपनी फिल्म छिछोरे में उन्हीं के द्वारा दिए गए आत्महत्या विरोधी संदेश को भुला दिया, ‘आपत्तिजनक हैं और मृतक की गरिमा को प्रभावित करते हैं’

ऑथोरिटी ने अपने दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए किए गए कवरेज को लेकर चैनलों को दर्शकों से माफी माँगने के लिए कहा था। एनबीएसए ने 6 अक्टूबर को कहा था कि प्रसारणकर्ताओं को माफी का टेक्स्ट, तारीख और समय दिया जाएगा।

‘मैं मुसलमान जाति में आग लगा दूँगी मेरी लड़की मुझे वापस दो’: घर से लापता युवती की माँ ने रोते बिलखते भोपाल पुलिस से लगाई गुहार

मध्यप्रदेश के भोपाल में कथिततौर पर लव जिहाद का मामला सामने आया है। लड़की की माँ ने दूसरे समुदाय के युवक पर अपहरण का आरोप लगाया है। साथ ही पुलिस को लेकर कहा है कि वह शिकायत दर्ज करवाने जब थाने गईं तो उन्हें कह दिया गया कि लड़की खुद लड़के के साथ गई है।

लड़की की माँ का कहना है कि उनकी बेटी उस लड़के के साथ नहीं जा सकती। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में माँ को बयान देते सुना जा सकता है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी उनकी वीडियो सामने आई है। इसमें वह कहती हैं कि उन्हें थाने में आधे घंटे कर बिठाए रखा गया। उनसे लड़की को लेकर कहा गया कि वो तो उड़ गई है। अब उसको छोड़ो।

माँ यह भी बताती हैं कि अभी उनकी शिकायत पर एफआईआर नहीं हुई है। बस शिकायत में गुमशुदा लिखा गया है। उनके अनुसार दूसरे समुदाय का लड़का थाने में आता है और पुलिस उसके दिए बयानों पर सुनवाई करती है लेकिन उनकी बातों पर यकीन नहीं किया जाता।

लड़की की माँ वीडियो में कहती सुनी जा सकती हैं, “मैं दावे से कहती हूँ कि यही लड़का मेरी लड़की को लेकर गया है। न कि मेरी लड़की इसके साथ भाग कर गई है। वो बिलकुल इसके साथ नहीं गई है। उस लड़के की हर बात सुनी गई। उसने मेरी ही बेटी पर आरोप लगाया कि मेरी लड़की उससे कहती हैं कि ‘तुम मुझसे शादी कर लो, मैं मर जाऊँगी’ मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ।”

रोती बिलखती माँ वीडियो में बताती है कि लड़के की हर बात को सिर्फ़ कह भर देने से सुना जा रहा है, लेकिन उनकी बातें नहीं सुनी जा रही। वह बेसुध अवस्था में कहती हैं, “मुझे मेरी लड़की वापस चाहिए नहीं तो मैं आग लगा दूँगी पूरी मुसलमान जाति में और थाने में। मुझे मेरी लड़की चाहिए बस। वो इसी के पास है।”

स्थानीय रिपोर्ट बताती है कि लड़की की माँ ने इसे लव जिहाद का भी मामला बताया है। साथ ही उनसे कहा गया है कि उसका (लड़की) सरनेम बदल दीजिए वह तो अब उड़ गई हैं। महिला के पति के साथ भी बदसलूकी हुई।

पुलिस कार्रवाई में लड़की को बरामद करने की बात

रिपोर्ट्स का कहना कि पुलिस ने बाद में मामले को दर्ज करके लड़की को ढूँढ निकाला है और लड़की को घरवालों के हवाले कर दिया है। थाना प्रभारी ने इस संबंध में लोकल चैनल को बताया कि लड़की का अफेयर लड़के से था और वह नाराज होकर घर से गई थी।

वहीं यदि वीडियो को देखें तो मालूम चलता है कि लड़की की माँ का कहना है कि लड़के से 5 मिनट पहले उनकी बेटी की बात हुई थी और वही उसे अपहरण करके ले कर गया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि लड़की को उसके ननिहाल भेजा गया है ताकि दो समुदाय से जुड़े इस मसले पर कोई विवाद उत्पन्न न हो।

ट्रोलिंग से बचने के लिए अक्षय की फ़िल्म ‘लक्ष्मी बॉम्ब’ का बदला गया नाम: विवादों में घिरने के बाद निर्माताओं ने लिया फैसला

सोशल मीडिया पर इन दिनों हिंदुओं को टारगेट करनी वाली फिल्मों का जमकर विरोध हो रहा है। वहीं अक्षय कुमार की नई फिल्म ‘लक्ष्मी बॉम्ब’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। फिल्म के निर्माताओं ने विवाद को शांत करने के लिए अब इस फिल्म का नाम बदलने का फैसला किया है।

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अगले महीने रिलीज होने जा रही इस फिल्म के टाइटल से बॉम्ब शब्द हटा दिया गया है। अब इस फिल्म का नया नाम सिर्फ ‘लक्ष्मी’ (Laxmii) होगा। अक्षय की इस फिल्म को पिछले कुछ समय में कई विवाद झेलने पड़े हैं।

बता दें इस फ़िल्म पर लवजिहाद को बढ़ावा देने, हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने जैसे कई संगीन आरोप लगाए गए थे। इसके अलावा करणी सेना द्वारा फिल्म के मेकर्स को एक लीगल नोटिस भी भेजा गया था। संगठन ने नोटिस के जरिए फिल्म के टाइटल को बदलने की डिमांड की थी।

इस लीगल नोटिस के मुताबिक, फिल्म का टाइटल ‘लक्ष्मी बॉम्ब’ माँ लक्ष्मी को लेकर काफी अपमानजनक है। इस नोटिस में कहा गया है कि लक्ष्मी का नाम बॉम्ब के साथ जोड़ने से हिंदू धर्म की भावनाएँ आहत हुई हैं। वही वरिष्ठ एक्टर मुकेश खन्ना ने भी इस फिल्म की आलोचना करते हुए कहा था कि क्या अल्लाह या जीसस के नाम को किसी फिल्म के टाइटल के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है?

गौरतलब है कि फ़िल्म ट्रेलर के रिलीज होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर #BoycottLaxmmiBomb ट्रेंड करने लगा था। बता दें कि इसके पीछे की वजह लव जिहाद और हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला बताया गया। हिन्दुओं का कहना था कि इस फिल्म को सिर्फ ‘लक्ष्मी बम’ ही क्यों नाम दिया गया ‘सकीना बम’ क्यों नहीं?

अक्षय कुमार की 9 नवंबर को डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज होने वाली फिल्म ‘लक्ष्मी बम’ को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर बवाल मचा हुआ है। दरअसल ‘लक्ष्मी बम’ तमिल फिल्म ‘कंचना’ का हिंदी रीमेक है। फिल्म में अक्षय कुमार आसिफ की भूमिका निभा रहे हैंl वहीं कियारा आडवाणी प्रिया की भूमिका निभा रही है।

मलेशिया के पूर्व PM महातिर मोहम्मद ने ट्वीट करके फैलाई सांप्रदायिक घृणा, हत्या को ठहराया जायज: ट्विटर ने किया डिलीट

पेरिस में पैगंबर मोहम्मद का कैरिकेचर दिखाने के कारण शिक्षक की हत्या के बाद उपजे विवाद पर मुस्लिम देशों ने प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। ऐसे में मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने भी आज ट्विटर पर जमकर जहर उगला।

उन्होंने न केवल फ्रांसीसी राष्ट्रपति का विरोध किया बल्कि हत्या जैसे कृत्य को जायज ठहराया व आतंक को जस्टिफाई करने का प्रयास किया। अब इसी घृणा फैलाने वाले व मानवता के विरुद्ध किए गए ट्वीट को ट्विटर ने डिलीट किया है। ट्विटर ने इन ट्वीट को नियमों का उल्लंघन बताकर डिलीट किया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया के पत्रकार आदित्य राज कौल ने इस संबंध में ध्यान दिलवाते हुए ट्विट्स के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा,

“ट्विटर आखिरकार जग गया। उसने मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद के साम्प्रदायिक घृणा फैलाने वाले ट्विट्स को डिलीट कर दिया जो न केवल हत्या को जस्टिफाई कर रहे थे बल्कि मानवता के ख़िलाफ़ किए जाने वाले कृत्यों को उकसा रहे थे।”

बता दें कि मलेशिया के पूर्व पीएम मोहम्मद महातिर ने ट्विटर पर आज फ्रांस की घटना को केंद्र में रखककर 13 ट्वीट किए थे। इनकी शुरुआत में पहले तो महातिर ने ‘दूसरों का सम्मान करे’ संदेश के साथ ज्ञान देने की कोशिश की। लेकिन अपनी बात खत्म करते-करते उन्होंने यह लिख दिया कि मुस्लिमों को फ्रांसीसियों की हत्या का अधिकार है।

उन्होंने लिखा, “मैक्रों यह नहीं दिखा रहे हैं कि वह सभ्य हैं। वह अपमान करने वाले स्कूल टीचर की हत्या करने पर इस्लाम और मुस्लिमों पर आरोप लगाकर पुराने विचार दिखा रहे हैं। यह इस्लाम की सीख में नहीं है।”

उन्होंने आगे लिखा, “हालाँकि, धर्म से परे, गुस्साए लोग हत्या करते हैं। फ्रांस ने अपने इतिहास में लाखों लोगों की हत्या की है जिनमें से कई मुस्लिम थे। मुस्लिमों को गुस्सा होने और इतिहास में किए गए नरसंहारों के लिए फ्रांस के लाखों लोगों की हत्या करने का हक है।”

अपने ट्वीट में मलेशिया के पूर्व पीएम ने महिलाओं के पहनावे पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने लिखा, “पश्चिम में महिलाओं के कपड़ों पर एक वक्त में बहुत प्रतिबंध थे। चेहरे को छोड़कर शरीर का कोई हिस्सा खुला नहीं रहता है लेकिन धीरे-धीरे शरीर के कई अंग एक्सपोज किए जाने लगे। कई तटों पर बिलकुल कपड़े नहीं पहने जाते। पश्चिम में लोग इसे सामान्य मानते हैं लेकिन पश्चिम को दूसरों पर इसे बलपूर्वक नहीं थोपना चाहिए। ऐसा करने से इन लोगों की आजादी छीनी जाती है।”

गौरतलब है कि मोहम्मद महातिर का ट्वीट उस समय आया है जब फ्रांस के नीस में एक महिला समेत कम से कम तीन लोगों पर हमला करके हत्या कर दी गई। राष्ट्रपति मैक्रो ने इसे इस्लामी आतंकवादी हमला बताया है।

अब मुंबई पुलिस को चाहिए एडिटोरियल एक्सेस, परमबीर सिंह ने माँगी चैनल के हर पत्रकार की जानकारी: रिपब्लिक TV

रिपब्लिक टीवी ने अभी हाल में मुंबई पुलिस द्वारा जारी किए गए समन की निंदा करने के बाद अब मुंबई पुलिस की नई माँग को लेकर अपना बयान जारी किया है। इस बयान में उन्होंने बताया कि मुंबई पुलिस अब चैनल के न्यूजरूम में एडिटोरियल एक्सेस की माँग कर रही है।

मुंबई पुलिस के इस कदम को भारतीय मीडिया के इतिहास में ‘अभूतपूर्व’ कदम बताते हुए मीडिया चैनल ने कहा कि परमबीर सिंह चैनल में काम करने वाले हर पत्रकार की जानकारी, उनका पता और लॉग इन आइडी की माँग कर रहे हैं।

इसके अलावा मुंबई पुलिस ने न्यूजरूम में इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर डिटेल्स, ब्रॉडकास्ट रनडाउन डिटेल, शिफ्ट इंचार्ज की जानकारी, न्यूज डेस्क के वीकली शेड्यूल की कॉपी और उन टेक्निशियन की जानकारी भी माँग रही है जिन्हें न्यूजरूम सॉफ्टवेयर के बारे में ज्ञान हो। कानूनी रूप से जाँच में सहयोग करने की बात मानते हुए, चैनल ने न्यूजरूम सॉफ्टवेयर व अन्य जानकारियाँ मुंबई पुलिस को देने से इंकार कर दिया है।

चैनल ने इस संबंध में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय प्रकाश जावड़ेकर से अपील की है कि वह मामले पर संज्ञान लें और मुंबई पुलिस को प्रेस की आजादी का दमन करने से रोकें।

रिपब्लिक टीवी पर प्रकाश जावड़ेकर का बयान

गौरतलब है कि ऑपइंडिया एडिटर अजीत भारती को हाल में दिए अपने इंटरव्यू में सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने रिपब्लिक टीवी पर हो रहे हमलों पर स्पष्ट हो कर बयान दिया था।

उन्होंने कहा था, “एक कंप्लेन में किसी का नाम आता है, चार्ज दूसरे पर लगता है। ये मुंबई पुलिस जो कर रही है, मुझे लगता है कि इस तरह से पत्रकारों का दमन अपने राजनीतिक हितों के लिए करना गलत है।”

‘पुलवामा आतंकवादी हमला इमरान खान सरकार की उपलब्धि’: मंत्री फवाद चौधरी ने खुलकर स्वीकारा पाकिस्तानी कारस्तानी को

पाकिस्तान जैसे आतंक को प्रश्रय देने वाले देश ने बुधवार को एक चौकाने वाला खुलासा किया है। पूरे देश को सदमे में डाल देने वाले पुलवामा हमले में पाकिस्तान का हाथ था। पाकिस्तान सरकार के मंत्री फवाद चौधरी ने स्वीकार किया है कि पुलवामा हमले में पाकिस्तान का ही हाथ था।

बता दें कि 14 फरवरी, 2019 कश्मीर के पुलवामा में बड़ा आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में भारत के करीब 40 जवानों की जान चली गई थी। कई जवान घायल भी हुए थे। इस हमले के बाद भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज की थी और एयर स्ट्राइक कर इस दुस्साहस का जवाब दिया था।

पाकिस्तान के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी ने पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में बर्बर 2019 पुलवामा आतंकी हमले में पाकिस्तान की भूमिका स्वीकार करते हुए कहा कि पुलवामा हमला पाकिस्तान के लिए बड़ी उपलब्धि थी और इमरान खान सरकार के नेतृत्व में ये बड़ी कामयाबी थी।

भारत को जवाब देने में अपनी विफलता पर इमरान ‘तालिबान‘ के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए, फवाद चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान ने उनके क्षेत्र में प्रवेश करके और पुलवामा में हमला करके भारत को करारा जवाब दिया।

फवाद चौधरी ने नेशनल असेम्बली में कहा, “पाकिस्तान ने भारत को घुसकर मारा है। पुलवामा में जो हमारी कामयाबी है, वह इमरान खान के नेतृत्व में पूरे देश की कामयाबी है। उसके हिस्सेदार आप भी हैं।”

फवाद चौधरी ने कहा, “हमें गर्व है कि हमारे बहादुर बेटों (आतंकवादियों) ने उनके क्षेत्र में प्रवेश किया और पुलवामा में उन पर हमला किया। पुलवामा की घटना के बारे में रिपोर्ट करने में भी भारतीय मीडिया को शर्म आती है।” पाकिस्तान मंत्री को 14 फरवरी, 2019 को पुलवामा, जम्मू और कश्मीर में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए घातक आतंकवादी हमले में पाकिस्तान की सीधी भागीदारी को लेकर बहुत गर्व है।

गौरतलब है कि पाकिस्तानी मंत्री सीआरपीएफ सैनिकों के काफिले पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद द्वारा आत्मघाती हमले का जिक्र कर रहे थे। भारत ने हमेशा भारत की धरती पर हुए इस हमले के लिए पाकिस्तान को दोषी ठहराया था। लेकिन पाकिस्तान अब तक अपनी भागीदारी से इनकार कर रही थी। इसके बजाय भारत में घरेलू आतंकवादियों को हमले के लिए दोषी ठहरा रही थी। लेकिन पाकिस्तान के एक निवर्तमान मंत्री द्वारा चौंकाने वाले खुलासे ने अब इस्लामिक आतंकवादी समूहों के लिए पाकिस्तान के प्रत्यक्ष समर्थन को उजागर कर दिया है।

पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद ने शुरूआत में पुलवामा में हमला करने की बात स्वीकार की थी। आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार नाम के एक कश्मीरी आतंकवादी ने पुलवामा में 40 सीआरपीएफ जवानों की हत्या का नेतृत्व किया था, जिसने 14 फरवरी, 2019 को सीआरपीएफ की बस में 100 किलो विस्फोटक से भरी अपनी कार को रौंदकर हत्या कर दी।

फवाद चौधरी के खुलासे से यह स्पष्ट है कि पाकिस्तान ने सक्रिय रूप से इन आतंकवादियों को भारत में प्रवेश करने और ऐसे घातक आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए सक्रिय रूप से समर्थन किया।

पाकिस्तानी सांसद ने खोली थी अपने विदेश मंत्री के ‘डर से काँपने’ वाली बात

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विपक्षी सदस्यों के जुबानी जंग और अभिनंदन वर्धमान की रिहाई को लेकर अयाज सादिक के खुलासे के बाद यह सनसनीखेज खुलासा हुआ।

पीएमएल-एन के नेता अयाज सादिक ने पाकिस्तान की संसद नेशनल असेंबली में कहा, “विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एक अहम बैठक में कहा था कि अगर हम विंग कमांडर अभिनंदन को नहीं छोड़ते हैं तो भारत 9 बजे तक हम पर हमला कर देगा।” पाकिस्तानी सांसद के इस बयान का वीडियो फ़िलहाल पूरे सोशल मीडिया पर चर्चा में बना हुआ है, जिसमें देखा जा सकता है कि वह पाकिस्तानी सरकार और सेना के भय की वास्तविकता बता रहे हैं।

इसके बाद पाकिस्तानी सांसद अयाज सादिक ने कहा कि इस घटना के ठीक बाद विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने पीएमएल-एन, पीपीपी और पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के अलावा अन्य नेताओं और अधिकारियों के साथ एक बैठक बुलाई थी। इस बैठक के बारे में बात करते हुए अयाज सादिक ने कहा, “मुझे बहुत अच्छे से याद है कि बैठक के दौरान सेना प्रमुख बाजवा कमरे में दाखिल हुए थे। उस दौरान बेहद घबराए हुए थे, वह पसीना-पसीना थे और उनके पैर तक काँप रहे थे।”

अघोरी बाबाओं और ब्रह्म कुमारियों को खौफ पैदा करने वाला संगठन बताने पर HBO इंडिया ने माँगी माफ़ी: ट्वीट डिलीट

होम बॉक्स ऑफिस (HBO) इंडिया ने गुरुवार (29 अक्टूबर,2020) को अपने एक ट्वीट में ख़ौफ़ पैदा करने वाले भारतीय परंपराओं में अघोरी बाबाओं और ब्रह्म कुमारियों को गलत तरीके से संदर्भित करने के लिए माफी माँगी है। लोगों के विरोध को झेलने के बाद एचबीओ ने उस पोस्ट को डिलीट भी कर दिया है।

डिलीट किए गए पोस्ट में एचबीओ इंडिया ने ट्वीट किया था, “अघोरी बाबाओं से लेकर ब्रह्म कुमारियों तक, कौन सी ऐसी भारतीय परंपराएँ है जो आपको भीतर तक हिला सकती हैं, खौफ पैदा कर सकती हैं?”

HBO India का डिलीट किया अपना पोस्ट

बता दे एचबीओ इंडिया का पोस्ट चैनल पर 2019 की फिल्म डॉक्टर स्लीप के आगामी प्रीमियर के प्रचार के लिए थी।

एचबीओ इंडिया द्वारा किए गए इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर भारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। वहीं जिस ‘डॉक्टर स्लीप’ फ़िल्म के लिए यह पोस्ट किया गया था उसका भारत या हिंदू धर्म से कोई लेना-देना भी नहीं है। कई यूज़र्स ने यह भी उल्लेख किया कि पोस्ट हिंदू धर्म को बदनाम करने का एक प्रयास है।

वहीं इस पोस्ट पर नाराजगी व्यक्त करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक ट्वीट करते हुए चैनल से पूछा कि क्या फ्रांस में सरेआम गला काटने वाली घटना के बाद भी आपको संदेह है, “कौन सा पंथ आपको भीतर तक हिला सकता हैं या खौफ पैदा कर सकता हैं?” उन्होंने आगे कहा कि, क्या चैनल को खौफ है ‘जिहादियों’ का नाम सरेआम लेने से।

वहीं कई लोगों ने यह भी कहा कैसे कुछ धर्मों में, ‘ईश निन्दा’ की वजह से लोगों का सर कलम कर दिया जाता है।

गौरतलब है कि इंडस्ट्री के अंदरूनी सूत्रों के साथ हाल ही में एक बातचीत में पता चला था कि ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म कैसे हिंदोफोबिक सोशल मीडिया पोस्ट और कंटेंट के जरिए हिंदुओ को बदनाम करने और नफरत फैलाने का काम करते है। अल्ट बालाजी, नेटफ्लिक्स, अमेज़ॅन प्राइम, एमएक्स प्लेयर और अन्य प्लेटफार्म के जरिए स्ट्रीम किए गए पाताल लोक, आश्रम, आदि वेब सीरीज को अपने हिंदूफोबिक कंटेंट के लिए काफी विरोध का सामना करना पड़ा था।

पिछले महीने नेटफ्लिक्स ने ‘रवींद्रनाथ टैगोर की क्लासिक’ ‘काबुलीवाला‘ को’ धर्मनिरपेक्षता’ के प्रयास में एक हिंदू लड़की को नमाज़ अदा करते हुए दिखाया गया था। वहीं सफदर रहमान की सीरीज ‘छीपा’ में हिंदू देवता भगवान हनुमान का मजाक उड़ाने के लिए नेटीज़न्स ने नेटफ्लिक्स को जमकर लताड़ा था।