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बांग्लादेश में हिंसा करते रहे इस्लामी कट्टरपंथी, UN ने बाँध रखे थे फौज के हाथ: जानिए एक्शन में आते ही कैसे रुक जाती सालाना ₹2600 करोड़ की फंडिंग

बांग्लादेश में शेख हसीना का तख्तापलट करने में बड़ा हाथ संयुक्त राष्ट्र (UN) था। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNCHR) के कमिश्नर ने खुद यह बात कबूली है। उन्होंने एक इंटरव्यू में यह बात स्वीकार की है कि उन्होंने बांग्लादेश में इस्लामी कट्टरपंथियों के प्रदर्शन के दौरान फ़ौज के हाथ बाँध दिए थे।

BBC के साथ एक इंटरव्यू में हाई कमिश्नर वोल्कर तुर्क ने यह बातें कहीं हैं। उन्होंने कहा है कि UN ने फ़ौज को ISIS, अल कायदा और हरकत उल अंसार जैसे इस्लामी कट्टरपंथियों पर एक्शन लेने से मना किया था। उन्होंने बांग्लादेशी फ़ौज को धमकाया भी था।

क्या कहा वोल्कर तुर्क ने?

5 मार्च, 2025 को BBC के हार्डटॉक कार्यक्रम में तुर्क से गाजा, सूडान, यूक्रेन समेत बाकी इलाकों पर बात की। इस दौरान BBC ने कहा कि इन सभी इलाकों में UN एकदम निष्प्रभावी रहा है। तुर्क ने इसके बाद बांग्लादेश का उदाहरण दिया।

वोल्कर तुर्क ने कहा, “मैं आपको पिछले साल बांग्लादेश का उदाहरण दे रहा हूँ। जुलाई-अगस्त के दौरान, छात्रों द्वारा वहाँ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुआ था। वह शेख हसीना सरकार से तंग आ चुके थे, वहाँ बड़े पैमाने पर दमन हो रहा था।”

उन्होंने आगे कहा, “उनके लिए (प्रदर्शनकारियों) सबसे बड़ी उम्मीद वास्तव में हमारी आवाज़, मेरी आवाज़ और हम जो कर पाए, वह थी। हमने स्थिति पर ध्यान दिया और फ़ौज को चेतावनी दी कि अगर उन्होंने प्रदर्शनकारियों को रोका, तो उन्हें शांति अभियानों में सैनिक नहीं भेजने दिए जाएँगे। इसके बाद फ़ौज के रुख में बदलाव आया।”

क्यों UN की धमकी से डरी बांग्लादेशी फ़ौज

गौरतलब है कि बांग्लादेश संयुक्त राष्ट्र के शान्ति मिशन में बड़ी संख्या में सैनिक भेजता है। वर्तमान में बांग्लादेश ने लगभग 5000 सैनिक UN मिशन में भेजे हुए हैं। UN मिशन में गए सैनिकों को औसत तनख्वाह से अधिक पैसा मिलता है और फ़ौज को भी इससे कमाई होती है।

बांग्लादेश को शान्ति मिशन से हर साल लगभग ₹2600 करोड़ की कमाई होती है। इनमें से आधा ही वह अपने सैनिकों को देता है। बाकी पैसा फ़ौज के हिस्से जाता है। इससे उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी बड़ी जगह मिलती है।

ऐसे में UN की यह धमकी फ़ौज पर काम कर गई और उन्होंने अंत समय में शेख हसीना के आदेश मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा और दंगाइयों ने हिंसा जारी रखी। मोहम्मद यूनुस ने इसके बाद सत्ता पर कब्जा कर लिया था।

यूनुस और UN किस तरह आपस में मिले हुए थे, इसकी सच्चाई भी तुर्क ने बता दी। उन्होंने बताया कि मोहम्मद यूनुस ने सत्ता संभालते ही UN से एक जाँच कमिशन बनवाया। इसके लिए उन्होंने तुर्क से सम्पर्क किया। तुर्क ने बताया कि उन्होंने यूनुस की पूरी मदद की।

उन्होंने यह भी बताया कि मोहम्मद यूनुस ने तुर्क से फ़ौज पर नियंत्रण करने को कहा था। UN अब शेख हसीना के शासन के दौरान हुए कथित दमन को लेकर रिपोर्ट तैयार कर रहा है। वहीं अभी तक UN की तरफ से यह नहीं पूछा गया हैकि बांग्लादेश में यूनुस किस हैसियत से सत्ता पर काबिज हैं।

आगरा में चैंपियंस ट्रॉफी मैच देख रहे युवक की चाकू घोंपकर हत्या: दोस्त बोले- इंडिया को लेकर हुई थी दोनों पक्षों में कमेंटबाजी, पुलिस जाँच में जुटी

उत्तर प्रदेश के आगरा में चैंपियंस ट्रॉफी का मैच देख रहे एक युवक की हत्या कर दी गई। बाइक पर आए कुछ लोगों ने उसकी चाकू गोदकर हत्या कर दी। हत्यारे इसके बाद फरार हो गए। पुलिस अब मामले की जाँच में जुटी है। वहीं हरियाणा के रोहतक में पुलिस ने चैंपियंस ट्रॉफी मैच के बाद जीत का जश्न मना रही भीड़ को तितर बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आगरा के आवास विकास कॉलोनी के रहने वाले सिद्धांत शर्मा की रविवार (9 मार्च, 2025) को हत्या की गई है। सिद्धांत इस दौरान अपने तीन दोस्तों के साथ एक जगह खड़े होकर चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल देख रहा था। उसके साथ मौजूद दोस्तों ने बताया कि मैच देखने के दौरान ही तीन युवक बाइक पर आए।

पहले उन्होंने इन लोगों पर रौब जमाया और गालीगलौज की। इसके बाद उन्होने सिद्धांत से पैसे माँगे। इस बीच इंडिया टीम को लेकर भी कुछ टिप्पणियाँ हुईं। जब विवाद बढ़ा तो हमलावरों ने चाकू निकाल लिया और सिद्धांत की उससे गोद कर हत्या कर दी। उन्होंने बाकियों के साथ भी मारपीट की।

सिद्धांत के दोस्तों ने इसके बाद पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुँची और जाँच चालू की। सिद्धांत बीटेक का छात्र था और अपने पिता के साथ व्यापार में भी हाथ बटाता था। पुलिस को घटना स्थल से बीयर के कैन वगैरह मिले हैं। पुलिस पुरानी रंजिश के एंगल से भी जाँच कर रही है। अभी हमलावर पकड़ में नहीं आए हैं। पुलिस आसपास CCTV जाँच रही है।

वहीं हरियाणा के रोहतक में चैंपियंस ट्रॉफी में जीत के बा एक चौराहे पर इकट्ठा हुए युवकों पर पुलिस लाठियाँ चलाईं। मैच में जीत के बाद देर रात तक रोहतक में जीत का जश्न चल रहा था। इसी दौरान पुलिस भीड़ को हटाने पहुँची, यहाँ किसी बात पर तकरार हुई और पुलिस को भीड़ तितर करने के लिए लाठी चलानी पड़ी।

गुलमर्ग फैशन शो से आहत हो गया इस्लाम: हुर्रियत नेता मीरवाइज बोला- रमजान के पाक महीने में ऐसा अश्लील काम, CM उमर ने कहा- आपका गुस्सा पूरी तरह जायज…

जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में बर्फ के बीच फैशन शो आयोजित होने से इस्लामी कट्टरपंथी नाराज हैं। हाल में हुर्रियत नेता मीरवाइज उमर फारूक ने कहा कि पर्यटन के नाम पर अश्लीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं उमर अब्दुल्ला ने उन्हें तसल्ली देते हुए अपने ट्वीट में लिखा कि वो इस मामले पर लोगों का गुस्सा समझते हैं इसलिए उन्होंने स्थानीय प्रशासन से इस मामले पर रिपोर्ट तलब करने को कहा है।

बता दें कि ये फैशन शो लक्जरी ब्रांड Elle India की 15वीं वर्षगाँठ के अवसर पर शुक्रवार (7 मार्च) को गुलमर्ग के स्काइ रिसॉर्ट के पास खुले आसमान के नीचे आयोजित किया गया था। इसकी एक वीडियो सामने आई थी, जिसे देखने के बाद मीरवाइज उमर फारूक समेत कई मजहबी नेता भड़क उठे।

मीरवाइज उमर फारूक ने कहा, “बेहद शर्मनाक! रमज़ान के पाक महीने में गुलमर्ग में एक अश्लील फैशन शो आयोजित किया गया। इसकी तस्वीरें और वीडियो वायरल हो गए हैं, जिससे लोगों में गुस्सा है और वो सदमे में हैं।” फारूक ने आगे कहा कि सूफी-संत संस्कृति और लोगों की गहरी मजहबी आस्था वाली इस घाटी में ये सब कैसे बर्दाश्त किया जा सकता है?

फारूक के इसी ट्वीट पर उमर अब्दुल्ला का ट्वीट आया। उन्होंने मीरवाइज के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा, “आपका गुस्सा पूरी तरह जायज है। मैंने जो तस्वीरें देखी हैं उसमें स्थानीयों की पूरी तरह से उपेक्षा दिखाई देती है और वह भी इस पाक महीने में…। मेरा कार्यालय स्थानीय लोगों के संपर्क में है। अगले 24 घंटे के भीतर एक रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

बता दें कि मीरवाइज अकेला नहीं है जिसे इसे फैशन शो से समस्या हुई हो। आवामी इत्तेहाद पार्टी के विधायक खुर्शीद अहमद शेख ने भी गुलमर्ग में हुए फैशन शो की निंदा की। खुर्शीद ने पूछा, “रमज़ान के पाक महीने में गुलमर्ग में इस शर्मनाक फैशन शो की अनुमति किसने दी? बर्फ पर अर्धनग्न पुरुषों और महिलाओं के साथ, क्या पर्यटन विभाग और गुलमर्ग विकास प्राधिकरण (GDA) के सीईओ अपना पक्ष स्पष्ट करेंगे? आप हमारे नैतिक, सांस्कृतिक और मजहबी मूल्यों को नष्ट करने पर इतने क्यों तुले हुए हैं?”

चैंपियंस ट्रॉफी में जीत का मना रहे थे जश्न, हैदराबाद-करीमनगर में पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा: BJP ने पूछा- कॉन्ग्रेस शासित राज्यों का ये कैसा तरीका, कहाँ जश्न मनाएँ भारतीय?

भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर देश को जश्न का मौका दिया, लेकिन कॉन्ग्रेस शासित तेलंगाना में क्रिकेट प्रशंसकों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पूरे देश में लोग जीत की खुशी मना रहे थे, वहीं तेलंगाना के शहरों करीमनगर और हैदराबाद के दिलसुखनगर में तिरंगा लिए फैंस को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैदराबाद के दिलसुखनगर में भीड़ जश्न मना रही थी, लेकिन पुलिस ने लाठियाँ भाँजकर उन्हें खदेड़ दिया। करीमनगर में भी तिरंगे के साथ जश्न मनाने वालों को रोक दिया गया और झंडा लहराने तक की इजाजत नहीं दी। लोगों का गुस्सा इस बात पर है कि कॉन्ग्रेस सरकार भारत की जीत पर जश्न को क्यों रोक रही है, जबकि पाकिस्तान की जीत पर कुछ नहीं कहती। केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने इस मुद्दे पर तेलंगाना की कॉन्ग्रेस सरकार को घेरा।

बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। उन्होंने लिखा, “हैदराबाद पुलिस ने दिलसुखनगर में लाठीचार्ज किया। लोग भारतीय टीम की जीत का जश्न मना रहे थे। करीमनगर में भी ऐसा ही हुआ। कॉन्ग्रेस शासित राज्यों का ये नया तरीका है? वे किसे खुश करना चाहते हैं? भारतीय कहाँ जश्न मनाएँ?”

करीमनगर के बीजेपी सांसद बंदी संजय कुमार ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “तेलंगाना के गृह मंत्री रेवंत रेड्डी बताएं- करीमनगर पुलिस किस देश का समर्थन कर रही है? भारत की जीत का जश्न नहीं मना सकते, लेकिन पाकिस्तान का नाम लिखी फ्लेक्सी हटाई जाएगी? जीत का उत्सव सांप्रदायिक कैसे हो गया? तेलंगाना डीजीपी और खुफिया विभाग बताएँ कि पुलिस कानून-व्यवस्था क्यों बिगाड़ना चाहती है? युवा कॉन्ग्रेस को इसका जवाब देंगे।”

लोगों में नाराजगी है कि अपनी ही जीत पर खुशी मनाने की आजादी छीनी जा रही है। सोशल मीडिया पर भी सवाल उठ रहे हैं कि कॉन्ग्रेस की ऐसी मानसिकता क्यों है।

बता दें कि दिलसुखनगर वही इलाका है, जो 2 बार आतंकी हमलों का शिकार रहा है। साल 2002 में सिमी आतंकियों ने टाइम बॉम्ब का इस्तेमाल करके धमाका किया था, तो साल 2013 में इंडियन मुजाहिद्दीन के दोहरे धम धमाकों में 17 लोग मारे गए और 80 से ज्यादा घायल हुए। इस मामले में इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकियों को सजा भी सुनाई गई थी।

चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की जीत का जश्न मना रहे थे लोग, अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाती भीड़ ने कर दिया हमला: महू में आगजनी-पत्थरबाजी के बाद बुलानी पड़ी सेना

मध्य प्रदेश के इंदौर में चैंपियंस ट्रॉफी का जश्न मनाते लोगों पर मस्जिद से निकली मुस्लिम भीड़ ने हमला कर दिया। रमजान में मस्जिद में मौजूद लोगों ने चैंपियंस ट्रॉफी का जश्न मनाने वालों पर पथराव किया। इंदौर के कुछ इलाकों में कई गाड़ियों में आग लगाई गई। इस घटना के कई वीडियो भी वायरल हुए हैं।

रविवार (9 मार्च, 2025) को भारत ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराया था और चैंपियंस ट्रॉफी जीत ली थी। इसके बाद पूरे देश में जश्न का माहौल था। इंदौर में भी युवा इसका जश्न मना रहे थे। उन्होंने बाइक पर बैठ कर इंदौर के अलग-अलग इलाकों में जुलूस निकाला।

जब यह सभी इंदौर के महू शहर में जामा मस्जिद रोड पर पहुँचे तो मस्जिद के सामने विवाद हो गया। एक वायरल वीडियो में दिखता है कि जुलूस के यहाँ पहुँचते ही मस्जिद से मुस्लिम भीड़ निकल आती है। इसके बाद शोर मचने लगता है। इस दौरान जुलूस में शामिल लोग टीम की जीत पर नारे लगा रहे होते हैं।

कुछ ही देर में यहाँ जुलूस पर हमला हो जाता है। वायरल वीडियो में अल्लाह-हू-अकबर और नारा-ए-तकबीर के शोर भी सुनाई पड़ते हैं। इसके बाद लोग इधर उधर भागते हैं और पथराव होने लगता है। एक और वीडियो में दिखाई पड़ता है कि अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाती भीड़ एक स्कूटी तोड़ रही है।

इसके बाद यह पथराव जामा मस्जिद के अलावा पत्ती बाजार, सब्जी मार्केट, गफ्फार होटल समेत कई इलाके हिंसा की चपेट में आ गए। यहाँ भारतीय क्रिकेट टीम के फैन्स पर जम कर पथराव हुआ। इस पथराव के बाद दंगाई भीड़ ने कई गाड़ियों में आग भी लगा दी।

पेट्रोल बम भी चलाए जाने की सूचना है। दंगाई भीड़ ने कई जगह काफी गाड़ियाँ तोड़ी भी हैं। पथराव-आगजनी के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। दंगे की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस के साथ ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ भी शहर में अलग-अलग जगह भेजी गईं।

इंदौर ग्रामीण एसपी हितिका वत्सल ने इस घटना के बारे में कहा, “इंडिया न्यूजीलैंड मैच के बाद जुलूस निकल रहे थे, इसमें मस्जिद के बाहर पटाखे चले तो विवाद हो गया। इसके बाद दो पक्षों के बीच पथराव हो गया। पुलिस बल अब मौजूद है। स्थिति नियंत्रण में है। अभी कुछ लोगों को चिन्हित किया गया है। रात को ही उनको पकड़ा गया है।”

एसपी ने अपील की कि लोग अफवाह ना फैलाएँ और उन पर विश्वास भी करें। एसपी वत्सल के अनुसार, 3 लोग इस पथराव में घायल हुए हैं। पुलिस ने घटना के बाद महू में लाठीचार्ज भी किया है। 300 से अधिक पुलिसवाले यहाँ तैनात किए गए हैं।

महू, भारतीय सेना का भी एक प्रमुख केंद्र है। इसके चलते प्रशासन ने सेना की भी त्वरित कार्यवाही बल (QRT) की 8 टुकडियां भी बुला लीं। सेना ने भी शहर में फ्लैग मार्च किया। पथराव करने वालों कड़ी कार्रवाई की माँग कई संगठनों ने की है।

चैंपियंस ट्रॉफी का चैंपियन बना भारत, न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराया: जिस रोहित की कॉन्ग्रेसी कर रहे थे बुराई, तूफानी पारी खेलकर दिलाई जीत, स्पिनरों का शानदार प्रदर्शन

भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर ICC चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 जीत ली है। 9 मार्च को दुबई में खेले गए फाइनल में भारत ने चार विकेट से जीत हासिल की। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 251 रन बनाए, जिसे भारत ने 49वें ओवर की आखिरी गेंद पर चेज कर लिया। रोहित शर्मा फाइनल मुकाबले में ‘मैन ऑफ द मैच’ बने।

बता दें कि चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान ही कॉन्ग्रेस पार्टी की प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने बॉडी शेमिंग करते हुए रोहित शर्मा को निशाने पर लिया था। शमा मोहम्मद ने रोहित शर्मा को ‘मोटा’ और ‘भारत का सबसे बेकार कप्तान’ कहकर तंज कसा था।

ऐसा रहा फाइनल मुकाबले का हाल

भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने 76 रनों की तूफानी पारी खेली और शुभमन गिल के साथ 105 रनों की ओपनिंग साझेदारी की। गिल ने 31 रन बनाए, लेकिन मिचेल सेंटनर ने उन्हें आउट किया। इसके बाद विराट कोहली (1) और रोहित आउट हुए, फिर श्रेयस अय्यर (48) और अक्षर पटेल (29) ने पारी संभाली। आखिर में केएल राहुल और रवींद्र जडेजा ने भारत को जीत दिलाई। जडेजा ने चौका मारकर मैच खत्म किया। यह भारत की तीसरी चैम्पियंस ट्रॉफी है- 2002, 2013 के बाद अब 2025।

न्यूजीलैंड के लिए डेरिल मिचेल (63) और माइकल ब्रेसवेल (53*) ने अर्धशतक जड़े। रचिन रवींद्र (37) और विल यंग (15) ने अच्छी शुरुआत दी, लेकिन वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव ने दो-दो विकेट लेकर कीवी टीम को रोका। मोहम्मद शमी और जडेजा को एक-एक विकेट मिला।

खिलाड़ियों ने भी जीत पर खुशी जाहिर की। हार्दिक पांड्या ने कहा, “ICC इवेंट जीतना हमेशा खास होता है। 2017 में हार याद है, इस बार खुशी है। केएल ने शानदार खेल दिखाया।” जडेजा बोले, “कभी हीरो, कभी जीरो। विकेट मुश्किल था, लेकिन हार्दिक और केएल ने कमाल किया।” केएल राहुल ने हँसते हुए कहा, “डर लग रहा था, पर संयम रखा। टीम में स्किल है, BCCI ने हमें तैयार किया।”

रोहित शर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच मिला। उन्होंने कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है। हमने पूरे टूर्नामेंट में शानदार क्रिकेट खेला। नतीजा हमारे हक में आना कमाल का अहसास है।”

आक्रामक खेल पर पूछे सवाल पर उन्होंने कहा, “ये मेरा नेचुरल स्टाइल नहीं है, पर मैं ऐसा करना चाहता था। जब कुछ अलग करते हो, तो टीम और मैनेजमेंट का साथ चाहिए। मैंने पहले राहुल भाई से बात की, अब गौती भाई से भी। ये मेरा मन था। मैंने सालों तक अलग तरीके से खेला, अब इस स्टाइल से नतीजे मिल रहे हैं। हमें पिच को समझना पड़ता है। मैं शुरू के पाँच-छह ओवर कैसे खेलना चाहता हूँ, ये मेरे दिमाग में साफ था। पहले आउट भी हुआ, पर सही तरीके से खेलना जरूरी है। टीम में गहराई होने से आजादी मिलती है। जडेजा जैसे खिलाड़ी 8 नंबर पर हों, तो ऊपर से तेज खेलने का भरोसा रहता है। जब तक मेरा दिमाग साफ है, सब बढ़िया है।”

मैच के बाद भारतीय खिलाड़ी जश्न में डूबे। जडेजा, हर्षित राणा और अर्शदीप ने गंगनम डांस किया, तो रोहित-कोहली ने डांडिया। वरुण चक्रवर्ती की तारीफ हुई, जिन्होंने टूर्नामेंट में कमाल किया। भारत पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहा और लगातार दूसरा ICC खिताब जीता।

बता दें कि रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने लगातार दूसरी आईसीसी ट्रॉफी जीती है। वो दुनिया के इकलौते कप्तान हैं, जिन्होंने बतौर कप्तान आईसीसी के सभी टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला खेला है। बतौर कप्तान उन्होंने 2 आईसीसी ट्रॉफी जीती है।

₹55 लाख देकर ‘डंकी रूट’ से अमेरिका गया ‘गरीब’ सतपाल सिंह, इंडिया टुडे के मंच से उसे ‘बेचारा’ दिखा रहे थे राजदीप सरदेसाई: नेटिजन्स ने रगड़ कर ‘इमोशन’ का भूत उतारा

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने सतपाल सिंह नाम के एक शख्स को बुलाया, जो अमेरिका से डिपोर्ट हुआ था। सतपाल ने 55 लाख रुपये खर्च कर गैरकानूनी तरीके से अमेरिका जाने की कोशिश की थी, लेकिन उसे वापस भेज दिया गया। इस इंटरव्यू ने सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया। लोग राजदीप पर गैरकानूनी इमिग्रेशन को बढ़ावा देने का आरोप लगा रहे हैं।

सतपाल ने बताया कि उसने पंजाब के फिरोजपुर से अमेरिका जाने के लिए अपनी जमीन बेची। उसका कहना था कि गरीबी की वजह से ऐसा किया, क्योंकि पिता की किडनी फेल हो गई थी और माँ की हार्ट सर्जरी हुई थी। उसने ट्रैवल एजेंट को 55 लाख दिए, जो उसे सूरीनाम ले गया। एजेंट ने वादा किया था कि वो फ्लाइट से अमेरिका जाएगा, लेकिन बाद में गैरकानूनी रास्ता अपनाने को कहा। सतपाल ने कहा, “मैं ऐसा नहीं करना चाहता था, लेकिन मजबूरी थी।”

सतपाल ने अपनी आपबीती सुनाई कि अमेरिका में उसे ठंडे कमरों में रखा गया, बीमार होने पर दवा नहीं दी गई और डिपोर्टेशन के दौरान 15 दिन पनामा और 5 दिन सैन डिएगो में हथकड़ियों में रखा गया। उसने कहा, “हमें जानवरों की तरह ट्रीट किया गया।” उसने पंजाब सरकार से फर्जी एजेंट्स पर कार्रवाई और नौकरी देने की गुहार भी लगाई। लेकिन सोशल मीडिया पर लोगों ने सतपाल को ही कटघरे में खड़ा किया।

पॉपुलर एक्स यूजर @GabbbarSingh ने ट्वीट कर पूछा कि 55 लाख खर्च करने वाला शख्स पीड़ित कैसे हो सकता है? उन्होंने तंज कसा कि क्या इंडिया टुडे अब ‘डंकी विकास योजना’ शुरू करेगा?

पद्मश्री से सम्मानित मोहनदास पई ने भी राजदीप को लताड़ा और कहा, “आप गैरकानूनी काम को ग्लोरिफाई क्यों कर रहे हैं? ये लोग जानते थे कि ये गलत है, फिर भी 55 लाख खर्च किए। इसे यहाँ इन्वेस्ट करते तो बेहतर जिंदगी होती।”

राजदीप ने जवाब में कहा, “मैं किसी को ग्लोरिफाई नहीं कर रहा। डंकी रूट लेने वालों की कहानी सुनना जरूरी है। ये एजेंट्स के शिकार हैं, विलेन नहीं। सवाल ये है कि लोग जमीन बेचकर विदेश क्यों जाना चाहते हैं? हम अपने आरामदायक जीवन से गरीबों को निशाना बनाना बंद करें। इन्हें रिहैबिलिटेट करें, जज न करें।” लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं। उनका कहना है कि 55 लाख रुपये वाला शख्स ‘गरीब’ कैसे हो सकता है? कुछ ने सतपाल को ‘भोला’ नहीं, बल्कि ‘दिल से पागल’ बताया, जो अमेरिकी सपने के पीछे सब कुछ दाँव पर लगा बैठा।

ये विवाद तब और बढ़ा, जब हाल ही में अमेरिका से कई भारतीयों को हथकड़ियों में डिपोर्ट किया गया। सतपाल की कहानी ने इस बहस को हवा दी। पहले भी अमेरिका गैरकानूनी इमिग्रेंट्स को वापस भेजता था, लेकिन इस बार तस्वीरों ने सनसनी मचा दी। कुछ लोगों ने इसे मोदी सरकार पर निशाना साधने की कोशिश माना। कुल मिलाकर सतपाल की कहानी और राजदीप का उसे मंच देना लोगों को पसंद नहीं आया। लोग कह रहे हैं कि गैरकानूनी काम को जायज ठहराना गलत है, चाहे मजबूरी हो या एजेंट की धोखेबाजी।

कमरे में कैद कर रेप करता था अब्दुल, बाहर पहरा देती थी उसकी बीवी: अजमेर दरगाह ले जाकर मुस्लिम बनाने की कोशिश, रिश्तेदारों-दोस्तों से भी करवाया बलात्कार

राजस्थान में रेप और धर्मांतरण के दबाव की खबरें लगातार आ रही हैं। ब्यावर के बाद भीलवाड़ा के कोतवाली थाना और बिजयनगर के बाद प्रताप नगर से मुस्लिमों द्वारा हिंदू नाबालिग के साथ गैंगरेप की खबर आई है। नाबालिग के साथ 5 मुस्लिमों गैंगरेप किया और अश्लील वीडियो बनाकर दूसरों से भी रेप करवाया। इतना ही नहीं, लड़की पर धर्मांतरण का दबाव भी बनाया और उसे अजमेर दरगाह भी लेकर गए।

पीड़ित लड़की के पिता ने अब्दुल कादिर, उसकी बीवी सोनिया उर्फ सोनू, साले आदिल उर्फ गोविंदा और तीन उसके दोस्त समीर, आशिक और इमरान के खिलाफ केस दर्ज कराया है। यह केस 8 मार्च को प्रताप नगर थाने में दर्ज कराई गई है। SHO सुरजीत ठोलिया ने बताया कि आरोपितों ने अश्लील फोटो-वीडियो वायरल और माता-पिता की हत्या की धमकी देकर लड़की से कई बार गैंगरेप किया।

पीड़िता के पिता ने अपनी शिकायत में कहा कि वह भीलवाड़ा के प्रताप नगर के एक इलाके में पिछले 7 वर्षों से अपने परिवार के साथ रह रहे थे। परिवार में उनकी पत्नी और एक नाबालिग बेटी भी है। पीड़ित पिता का कहना है कि किराए के उस मकान में एक मुस्लिम भी अपनी बीवी और साले के साथ किराए पर रह रहा था। वह अपनी बीवी के माध्यम से उनकी पत्नी और बेटी से दोस्ती कर लिया।

पिता का आरोप है कि मार्च 2021 में अब्दुल कादिर और उसकी बीवी सोनिया उसकी बेटी को जबरन अपने कमरे में ले गए। वहाँ अब्दुल ने उसकी बेटी से अश्लील हरकत की और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान उस सोनिया बाहर निगरानी करती रही। पीड़ित पिता का आरोप है कि उसकी बेटी जब 14 साल की थी तब अप्रैल 2022 में पहली बार अब्दुल ने उसका रेप किया।

उस दौरान अब्दुल कादिर और उसकी बीवी सोनिया पीड़िता को जबरन अपने कमरे में ले गए और रेप किया। उस दौरान अब्दुल ने पीड़िता की अश्लील फोटो और वीडियो बना लिए। वहीं, सोनिया बाहर निगरानी करती थी। इस अश्लील फोटो-वीडियो का डर दिखाकर अब्दुल पीड़िता को जबरन बुलाकर रेप करता। अगली बार उसने मई 2022 में फिर पीड़िता को जबरन कमरे में बुलाया और रेप किया।

अब सोनिया अपने भाई आदिल के साथ दोस्ती करने का नाबालिग लड़की पर दबाव बनाने लगी। उसे बदनाम करने का डर दिखाया गया। आखिरकार बार-बार की धमकी से नाबालिग डर गई। इसके बाद अक्टूबर 2023 में अब्दुल के साले आदिल ने नाबालिग लड़की से रेप किया। फिर दिसंबर में भी रेप किया। इसके बाद अब्दुल और आदिल नाबालिग पर अपने जानकार से संबंध बनाने का दबाव बनाने लगे।

जनवरी 2024 में अब्दुल और आदिल अपने जानकार को घर लेकर आए। उसके बाद नाबालिग लड़की को जबरन घर में बुलाया और अपने दोस्त समीर से उसका रेप करवाया। इस दोनों ने भी उसके साथ गैंगरेप किया। इस तरह अब्दुल, आदिल और उसके दोस्त समीर आए दिन नाबालिग लड़की को अपने कमरे में लेकर उसका रेप करते थे। अब इनका दोस्त अपने दूसरे दोस्त इमरान को लेकर आता और रेप करवाता था।

इमरान अब अपने दोस्तों को लेकर भी आने लगा। वह नाबालिग को देखकर गंदे-गंदे इशारे करता और फब्तियाँ कसता। उसके दोस्त भी नाबालिग लड़की को देखकर गंदे इशारे करते। आते-जाते हुए नाबालिग लड़की से गंदे इशारे करते और कमेंट करते थे। नाबालिग विरोध करती तो उसके माता-पिता और भाइयों को जान से मारने की ये लोग धमकी देते थे।

पीड़ित नाबालिग के पिता ने बताया कि नवंबर 2024 में भी उसकी नाबालिग बेटी के साथ गैंगरेप किया गया। पीड़ित पिता ने बताया कि आरोपित उसकी बेटी को जबरन अजमेर दरगाह लेकर गए और वहाँ उस पर धर्म परिवर्तन करके इस्लाम अपनाने का दबाव डाला। इसके बाद 4 मार्च को आरोपित अब्दुल ने उसकी बेटी को अपने कमरे में ले जाने की कोशिश की, लेकिन वह हाथ छुड़ाकर भाग गई।

पीड़िता के पिता का कहना है कि वह अपने कमरे में आकर काफी देर तक रोती रही। जब उससे काफी पूछताछ की गई तो उसने सारी कहानी परिजनों को बता दी। उसने बता दिया कि पिछले चार सालों से उसके साथ किस तरह की हैवानियत की जा रही है। आखिरकार पीड़ित पिता ने शनिवार (8 मार्च) को थाने में जाकर किराए अब्दुल कादिर, उसकी बीवी सोनिया, साले आदिल और 3 दोस्तों के खिलाफ FIR दर्ज कराई।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है। इस मामले में अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि पुलिस आरोपितों से जल्दी ही पूछताछ कर सकती है। इस घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठन आक्रोश हो गए हैं। लगातार आ रहे इस तरह मामलों के खिलाफ हिंदू संगठन और संत समाज ने 10 मार्च को भीलवाड़ा बंद रखने का आह्वान किया है।

बता दें कि ऐसा ही मामला भीलवाड़ा के कोतवाली थाना क्षेत्र से सामने आया था। इस मामले में 2 मार्च 2025 को थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई है। एक युवती के साथ मुस्लिम लड़कों के एक गैंग ने एक साल तक रेप किया। युवती पर अश्लील फोटो-वीडियो से दबाव बनाया जाता था। उसे लगातार ब्लैकमेल करके एक कैफे में ले जाकर रेप किया गया।

पीड़िता को अपनी सहेलियों से दोस्ती करवाने को कहा गया। सभी आरोपितों को इस मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लड़की से रेप करने वालों में मिस्त्री से लेकर मजदूर तक शामिल हैं। वहीं, बिजयनगर से भी ऐसी ही एक खबर सामने आई थी। इससे पहले राजस्थान के ब्यावर से हिंदू लड़कियों से रेप एवं गैंगरेप की ऐसी ही घटना सामने आई थी।

‘लाउडस्पीकर बजा तो हिंदुओं को गाँव से निकाल देंगे’: रामपुर में शिव भजन बजाने पर मुस्लिम भीड़ ने पुजारी को मंदिर से खींचकर पीटा, ग्राम प्रधान अफसर अली की दिखाई धौंस

रामपुर के टांडा थाना इलाके में सिकंदराबाद गाँव के शिव मंदिर में लाउडस्पीकर पर भजन बजाने को लेकर बड़ा बवाल हो गया। गाँव के मुस्लिमों ने पुजारी प्रेम सिंह को मंदिर से खींचकर बाहर निकाला और जमकर पीटा। आरोपितों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। इनमें भूरी, तौफीक, इकबाल, छिद्दा, इजराइल, शायदा, शकील, मुनसा अली, गुलनाज और अनीस जैसे नाम शामिल हैं।

पुजारी का कहना है कि मुस्लिमों ने ग्राम प्रधान अफसर अली का हवाला देते हुए कहा कि गाँव में उनकी चलती है और लाउडस्पीकर दोबारा बजा तो हिंदुओं को गाँव से निकाल देंगे। उनकी जमीन पर कब्जा करने की भी धमकी दी गई। इस घटना के बाद से गाँव में तनाव है और पुलिस ने वहाँ फोर्स तैनात कर दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार (7 मार्च 2025) शाम को ये हंगामा हुआ। पुजारी प्रेम सिंह रोज की तरह मंदिर में आरती के लिए लाउडस्पीकर पर भजन बजा रहे थे। तभी भूरी, तौफीक, इकबाल और बाकी लोग मंदिर में घुस आए। उन्होंने पहले भजन बंद करने को कहा, लेकिन पुजारी ने मना किया तो गाली-गलौज शुरू कर दी। फिर इजराइल, शायदा और शकील ने उन्हें मंदिर से बाहर खींच लिया। बाहर छिद्दा, मुनसा अली और अनीस ने मिलकर उनकी पिटाई की। गुलनाज और दूसरी महिलाएँ भी भीड़ में थीं और चिल्लाकर धमकी दे रही थीं। गाँव वालों के आने पर ये लोग भागे, लेकिन जाते-जाते कह गए कि अगली बार भजन बजा तो जान ले लेंगे।

पुजारी का कहना है कि गाँव में मुस्लिम आबादी ज्यादा है और हिंदुओं की संख्या कम होने की वजह से वो लोग डरे हुए हैं। उनका आरोप है कि ग्राम प्रधान अफसर अली भी आरोपितों के साथ है, जिससे उनकी हिम्मत बढ़ी हुई है। रात में ग्रामीण पुजारी को लेकर थाने पहुँचे और तहरीर दी। पुलिस ने भूरी, तौफीक, इकबाल, छिद्दा, इजराइल, शायदा, शकील, मुनसा अली, गुलनाज, अनीस समेत 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

कोतवाली प्रभारी ओमकार सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और बाकी आरोपितों की तलाश चल रही है। गाँव में हालात काबू में रखने के लिए पुलिस तैनात है। हालाँकि, पुलिस का ये भी कहना है कि मामला इतना बड़ा नहीं था।

प्रभारी निरीक्षक ओमकार सिंह ने बताया कि एक महिला ने पुजारी से लाउडस्पीकर की आवाज कम करने को कहा था, क्योंकि रमजान में नमाज की आवाज सुनाई नहीं दे रही थी। इसी बात पर कहासुनी हुई, लेकिन मारपीट जैसी बड़ी बात नहीं हुई। फिर भी पुजारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। सभी आरोपितों को शांतिभंग में चालान कर कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जमानत मिल गई।

सीओ कीर्तिनिधि आनंद ने कहा कि गाँव में शांति के लिए पीस कमेटी की बैठक भी हुई है। फिलहाल गाँव में तनाव बना हुआ है। मुस्लिम आबादी के दबदबे और ग्राम प्रधान के समर्थन की बात से हिंदू डरे हुए हैं।

कप्तान रोहित शर्मा, पर मीडिया से बात करने आए शुभमन गिल… क्या चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल ‘हिटमैन’ के करियर का होगा आखिरी वनडे? जानिए संन्यास की क्यों लग रही अटकलें

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा के संन्यास को लेकर इन दिनों मीडिया और क्रिकेट फैंस के बीच खूब चर्चा हो रही है। ये बातें खासतौर पर तब तेज हुईं जब भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का फाइनल खेल रही है। 37 साल के रोहित की उम्र और हाल के कुछ मैचों में उनका फॉर्म देखकर लोग कयास लगा रहे हैं कि क्या ये उनका आखिरी वनडे टूर्नामेंट होगा। रोहित ने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले लिया था, तो अब सवाल उठ रहा है कि क्या वनडे से भी वो रिटायरमेंट ले लेंगे।

ये अटकलें क्यों लग रही हैं? दरअसल, रोहित का टेस्ट में हालिया प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और सिडनी टेस्ट से वो बाहर भी रहे। उधर शुभमन गिल और हार्दिक पंड्या जैसे युवा खिलाड़ी कप्तानी के दावेदार माने जा रहे हैं। मीडिया को लगता है कि रोहित अब नए खिलाड़ियों के लिए रास्ता खोल सकते हैं। लेकिन इन सबके बीच टीम का फोकस अभी ट्रॉफी जीतने पर है।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सूत्रों के अनुसार चैंपियंस ट्रॉफी के बाद रोहित वनडे में अपने भविष्य को लेकर चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर के साथ चर्चा की बात सामने आ रही है। और फिर चैंपियंस ट्रॉफी में उनका स्कोर (41, 20, 15, 28) भी कुछ खास नहीं रहा, लेकिन उनकी कप्तानी में टीम फाइनल तक पहुँची है। वो इकलौते कप्तान हैं, जो आईसीसी के हर टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला खेल चुके हैं। अब अगर भारत चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब भी जीतता है, तो कईयों को लगता है कि रोहित शर्मा इसे अपने करियर का शानदार अंत मान सकते हैं।

दरअसल, संन्यास की अटकलों के बीच ही रोहित शर्मा ने महत्वपूर्ण प्रेस-कॉन्फ्रेंस से दूरी बना ली। शायद उन्हें ये पता था कि उनके संन्यास पर सवाल होंगे। ऐसे में उन्होंने अपनी जगह शुभमन गिल को मीडिया के सामने भेजा। हालाँकि शुभमन गिल से प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित शर्मा के संन्यास पर सवाल पूछ ही लिया गया।

रोहित शर्मा पर पूछे गए सवाल के जवाब में गिल ने कहा, “अभी तक ड्रेसिंग रूम में या मेरे साथ इस बारे में कोई बात नहीं हुई है। रोहित भाई का पूरा ध्यान कल के मैच पर है। वो मैच के बाद फैसला लेंगे। अभी हम सिर्फ चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बारे में सोच रहे हैं।” गिल का जवाब सुनकर साफ है कि टीम में अभी ये मसला चर्चा का विषय नहीं है, और रोहित खुद भी फाइनल पर फोकस्ड हैं।

वैसे, कोच गौतम गंभीर पहले ही कह चुके हैं कि वो खिलाड़ी के आँकड़े नहीं, बल्कि मैच पर उसके असर को देखते हैं, जिसमें रोहित कामयाब रहे हैं। वो लंबे समय से टीम को तेज शुरुआत दिलाते हैं, जो ये बताता है कि वो टीम हित को देखने वाले कप्तान हैं। वैसे, रोहित के खिलाफ एक बात जो जाती है, वो है बढ़ती उम्र। वो 37 साल से अधिक के हो चुके हैं। 50 ओवरों का अगला आईसीसी इवेंट यानी क्रिकेट विश्वकप 2027 में होना है और तब तक वो 39 साल के हो जाएँगे। ऐसे में संभव है कि वो चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर बतौर विजेता कप्तान ही ओडीआई क्रिकेट को अलविदा कह दें।

हालाँकि इस समय रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर अटकले भले ही चल रही हैं, तो मामला कुछ साफ नहीं है। वैसे, रोहित का फैसला चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल के बाद पता चल ही जाएगा। बहरहाल, क्रिकेट फैंस को तो यही उम्मीद रहेगी कि ‘हिटमैन’ अभी क्रिकेट खेलते रहें, क्योंकि उनका बल्ला और कप्तानी दोनों कमाल के हैं।