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हिंदू लड़के के साथ लिव-इन में थी मुस्लिम लड़की, बेटी भी पैदा हो गई… कर दिया रेप का केस: ₹5 लाख और शादी की बात पर मानी, इलाहाबाद HC ने दी बेल, कहा- ये मामूली विवाद

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक रेप मामले में अतुल गौतम नाम के आरोपित को इस शर्त पर बेल दे दी कि वो अपनी उसी मुस्लिम लिव इन पार्टनर के साथ शादी करे जिसने उसके ऊपर रेप का इल्जाम लगाया है। जमानत देने के साथ ही कोर्ट ने शर्त रखी कि अतुल को ये शादी ‘विशेष विवाह अधिनियम’ के तहत करनी होगी और लिव इन पार्टनर और उनके बच्चे की सुरक्षा के लिए 5 लाख रुपए की राशि जमा करनी होगी।

ये फैसला जस्टिस राजेश सिंह चौहान की बेंच ने सुनाया है। उन्होंने ये फैसला इस आधार पर दिया कि केस दर्ज कराने वाली महिला और आरोपित दोनों नवजात बच्चे के साथ पति-पत्नी के रूप में शांति से रहने को तैयार थे। कोर्ट ने माना कि यह मामला एक मामूली विवाद का परिणाम था, जब दोनों पक्षों ने साथ रहने की इच्छा को व्यक्त किया तो फैसला इसी तथ्य को आधार बनाकर सुनाया गया।

मामले में दोनों पक्ष व्यस्क हैं। दोनों का मजहब अलग है। कुछ समय तक ये लोग लिव-इन रिलेशन में थे। इस दौरान इनकी बेटी हुई (जो अभी 4-5 महीने की है)। बाद में महिला ने गंभीर आरोपों के तहत केस दर्ज करवा दिया।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 323, 504 और 506 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि आरोपित ने उससे शादी करने का अपना वादा तोड़ दिया। मामले में जमानत की माँग करते हुए अतुल ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और तर्क दिया कि प्राथमिकी एक छोटे विवाद के कारण दर्ज की गई थी। इस दौरान उन्होंने माना कि वही उस बच्ची के पिता हैं और वो अपनी लिव-इन पार्टनर से शादी करने और बच्चे का भरण-पोषण करने को तैयार हैं।

उनकी इस बात के बाद महिला मान गई, लेकिन साथ ही उसने आशंका जताई कि हो सकता है कि आरोपित अपनी बात से बात में पलट जाए। ऐसा में कोर्ट ने जमानत देने के साथ आरोपित के सामने कुछ शर्ते भी रखीं जैसे रिहाई के सात दिनों के भीतर उन्हें विशेष विवाह अधिनियम के तहत विवाह के लिए आवेदन करना होगा, विवाह के बाद उन्हें उसे जल्द से जल्द रजिस्टर कराना होगा, बच्चे की देखभाल के लिए पाँच लाख रुपए की सावधि जमा करनी होगी, अपना पासपोर्ट कोर्ट में जमा कराना होगा और कही भीं देश के बाहर बिना कोर्ट की अनुमति के नहीं जाएँगे आदि।

बता दें कि ये मामला पिछले साल कोर्ट ने 5 दिसंबर 2024 को सुनाया था। हालाँकि इसकी जानकारी अब सामने आई है। वहीं एफआईआर की बात करें तो वो जुलाई 2024 में दायर हुई थी और आरोपित सितंबर से ही कस्टडी में था।

सैफ अली खान पर चाकुओं से हमला, किए 6 वार, अस्पताल में चल रही सर्जरी: काला हिरण हत्या मामले में थे सलमान खान के साथ आरोपित

काला हिरण मारने के मामले में सलमान खान के साथ आरोपित रहे बॉलीवुड ऐक्टर सैफ अली खान पर बुधवार (15 जनवरी 2025) की रात चाकुओं से हमला कर दिया गया। हमलावर ने इस दौरान उनके साथ हाथापाई भी की। मुंबई के बांद्रा स्थित आवास में हमले के बाद घायल ऐक्टर को लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के समय सैफ अली खान के परिवार के कुछ सदस्य घर में मौजूद थे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सैफ अली खान को 6 बार चाकू मारा गया है। एक घाव गर्दन पर है और एक रीढ़ के पास लगी है। रीढ़ के पास जख्म थोड़ा गहरा है। उनकी सर्जरी की जा रही है। डॉक्टरों ने उन्हें खतरे से बाहर बताया है। इस हमले में सैफ अली खान के साथ-साथ उनकी नौकरानी भी घायल हुई है। हालाँकि, नौकरानी को मामूली चोट आई है।

मुंबई पुलिस के मुताबिक, यह घटना बीती रात लगभग 2 बजे के करीब हुई। एक अज्ञात शख्स उनके घर में घुस आया और फिर वहाँ मौजूद नौकरानी से बहस करने लगा। इसी दौरान वहाँ सैफ अली खान भी आ गए। उन्होंने उस अज्ञात शख्स को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन वह अभिनेता पर भड़क गया और गुस्से में सैफ अली खान पर चाकू से वार करने लगा। दोनों के बीच हाथापाई भी हुई।

दरअसल, सैफ अली खान के घर में एक पाइपलाइन है, जो उनके बेडरूम के पास तक जाता है। माना जा रहा है कि हमलावर इसी रास्ते में घर में घुसा होगा। हालाँकि, पुलिस इसकी जाँच कर रही है कि हमलावर घर में कैसे घुसा और वह कौन है। बताया जा रहा है कि जिस वक्त हमला हुआ था, उस समय करीना कपूर और उनके दोनों बच्चे भी घर में ही थे।

इस मामले में सैफ अली खान के पीआर का आधिकारिक बयान आया है। बयान में कहा गया है कि सैफ अली खान के घर में चोरी की कोशिश हुई है। वहीं, करीना कपूर की टीम ने कहा कि उनके घर में चोरी की कोशिश हुई है और सैफ को हाथ में चोट लगी है। बयान में कहा गया है कि इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लीलावती अस्पताल ने भी बयान जारी किया है 6 घाव बताए हैं।

बता दें कि काला हिरण मारने के मामले में सलमान खान के साथ सैफ अली खान भी आरोपित थे। हालाँकि, इस मामले के 20 साल बाद कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था। अभिनेता सलमान खान को 1998 में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान अपने साथी कलाकारों- सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम के साथ दो काले हिरणों को मारने का आरोपित बनाया गया था।

इस मामले में सलमान खान के साथ-साथ सैफ अली खान एवं आरोपित बरी हो गए हैं। इसको लेकर बिश्नोई समाज सलमान खान से आज भी खफा रहता है, क्योंकि इस कुकृत्य के लिए उन्होंने आज तक माफी नहीं माँगी है। इसको लेकर लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सलमान खान पर कई बार हमला भी किया है और उन्हें धमकी भी दी है। काला हिरण की हत्या समय की गई थी, तब फिल्म ‘हम साथ साथ हैं’ की शूटिंग के लिए राजस्थान गए थे।

अडानी को निशाना बनाने के 2 साल के भीतर ही बंद हुई हिंडनबर्ग, फाउंडर ने किया ऐलान: डोनाल्ड ट्रम्प के सत्ता संभालने से पहले ही बाँधा बोरिया-बिस्तर

भारतीय कारोबारी अडानी ग्रुप को लगातार निशाना बनाने वाले अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने अपना बोरिया-बिस्तर बाँध लिया है। इसके फाउंडर ने ऐलान किया है कि हिंडनबर्ग को अब बंद कर दिया गया है। इसके फाउंडर ने बताया है कि हिंडनबर्ग को बंद करने का प्लान लम्बे समय से चल रहा था।

बुधवार (15 जनवरी, 2025) को फाउंडर नेट एंडरसन ने यह घोषणा की। इसको लेकर उन्होंने हिंडनबर्ग की वेबसाइट पर पूरा बयान छापा है। इसमें उन्होंने लिखा, “मैंने पिछले साल के आखिर समय में ही अपने परिवार, दोस्तों और अपनी टीम के साथ हिंडनबर्ग को साझा करने की बात बताई थी। योजना यह थी कि हम जिन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे थे, उन्हें पूरा होने के बाद इसे बंद कर दिया जाएगा। और अब हमने पोंजी स्कीम वाला काम पूरा कर लिया है, ऐसे में वह दिन आज है।”

नेट ने इस बयान में हिंडनबर्ग पर ताला लगाने के पीछे कोई एक कारण होने से इनकार किया है। नेट ने कहा, “आखिर हम भी अपनी कम्पनी क्यों बंद कर रहे हैं? इसका कोई ख़ास एक कारण नहीं है, ना ही कोई खतरा है, ना कोई स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या है और ना ही कोई बड़ी व्यक्तिगत समस्या।” नेट ने हिंडनबर्ग को एक लव स्टोरी जैसा बताया है।

हिंडनबर्ग रिसर्च फर्म को नेट एंडरसन ने 2017 में शुरू किया था। यह फर्म बड़ी कंपनियों के विषय में महीनों तक रिसर्च करती थी। इस दौरान मिली गड़बड़ियों या फिर आरोपों को इकट्ठा करती थी और एक बड़ी रिपोर्ट तैयार करती थी।

इसी दौरान यह उस कम्पनी के शेयर स्टॉक मार्केट में शॉर्ट (किसी शेयर पर यह दांव लगाना कि इसका भाव गिरेगा) करती थी। सही मौका देख कर यह रिपोर्ट सनसनीखेज तरीके से जारी की जाती थी। इसके बाद जब उस कंपनी के शेयर का दाम गिरता तो यह लोग करोड़ों डॉलर कमाते थे।

भारत के अडानी समूह के मामले में हिंडनबर्ग ने यही किया था। इसके चलते भारतीय निवेशकों को लाखों करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा था। हालाँकि, अडानी पर हिंडनबर्ग ने जो आरोप लगाए उनमें से अधिकांश हवा हवाई थे और उनके बारे में पहले से ही जानकारी सार्वजनिक थी।

बाद में हुई जाँच में भी अडानी समूह के खिलाफ कोई अपराध सामने नहीं आए थे। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद भारत में सियासी बवाल भी हुआ था। हालाँकि, अडानी समूह वापस पटरी पर आ चुका है लेकिन हिंडनबर्ग को बंद करने की नौबत आ गई है।

हिंडनबर्ग को बंद करने का फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में निजाम बदल रहा है। नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 20 जनवरी, 2025 को पदभार संभालेंगे। ट्रम्प प्रशासन में टेस्ला और स्पेसएक्स जैसी कंपनियों के मालिक एलन मस्क काफी ताकतवर होंगे। हिंडनबर्ग बायडेन प्रशासन के दौरान एलन मस्क के भी पीछे पड़ गया था।

ट्विटर डील में मस्क के खिलाफ कार्रवाई होने के कयास लगाते हुए इसने ट्विटर पर पैसा लगाया था। अब जब मस्क के समर्थन वाली सरकार सत्ता में आ रही है, तो यह कामधाम समेट रहा है।एलन मस्क, जॉर्ज सोरोस के खिलाफ भी रहे हैं। जॉर्ज सोरोस की ही संस्थाएँ हिंडनबर्ग को फंडिंग दिया करती थी।

हेलिकॉप्टर से ‘प्रयागराज दर्शन’ के नाम पर महाकुंभ में ठगी, ‘पवन हंस’ के नाम पर चल रहा रैकेट: जानिए ऑपइंडिया की पड़ताल में क्या मिला, जालसाजों से कैसे बचे

प्रयागराज महाकुंभ की दिव्य और भव्य शुरुआत हो चुकी है। पहले 2 राजसी स्नानों में करोड़ों लोग श्रद्धा की डुबकी लगा चुके हैं। देश-दुनिया से प्रयागराज पहुँचने वाले श्रद्धालुओं का ताँता लगा हुआ है, तो इसमें ठग भी सक्रिय हो चुके हैं। महाकुंभ में सुविधाओं की बुकिंग के नाम पर ठग लोगों की गाढ़ी कमाई लेकर छू-मंतर हो रहे हैं। पुलिस लोगों को सावधान कर रही है, इसके बावजूद ठग बाज नहीं आ रहे हैं। वो नई-नई तरकीबें अपना रहे हैं, इसी में से एक है हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर ठगी।

दरअसल, महाकुंभ मेले में हेलीकॉप्टर द्वारा प्रयागराज के हवाई दर्शन की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके लिए महज 1296 रुपए प्रति व्यक्ति का रेट तय हुआ है। चूँकि सेवा का लाभ लेने वालों की भीड़ बहुत ज्यादा है, ऐसे में अब हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर ठगी भी हो रही है। इसी कड़ी में असम के प्रसिद्ध मंदिर कनकधारा लक्ष्मी मंदिर के ज्योतिषाचार्य पंडित विष्णु प्रसाद उपाध्याय के साथ भी ठगी हो गई। उनसे प्रयागराज में हेलीकॉप्टर से महाकुंभ दर्शन के नाम पर 5184 रुपए ठग लिए गए।

अपने साथ ठगी का ब्यौरा देते हुए ज्योतिषाचार्य ने बताया कि वो कुंभ मेला क्षेत्र के सेक्टर-24 स्थित अपने कैंप में थे। जहाँ एक व्यक्ति आया, उसने कहा कि हेलीकॉप्टर से कुंभ के दर्शन हो सकते हैं। इसके बाद उसने अपने नेटवर्क के अंकित वर्मा नाम के व्यक्ति का नंबर दिया। उस नंबर पर चैट के माध्यम से संपर्क किया गया, तो उसने उनके डॉक्यूमेंट्स मंगाए। इसके बाद उसने उसके बाद ठग ने उनसे ऑनलाइन पेमेंट भेजने की बात कही। उन्होंने 2 लोगों की बुकिंग के लिए उसके दिए नंबर पर 5184 रुपए भेज दिए। ये खाता नंबर राजीब मल्ला के नाम पर था।

इसके बाद ठग ने उनसे इंतजार करने के लिए कहा। उन्हें ठग ने मीठी बातों में फंसाकर भरोसे में ले लिया था, ऐसे में उन्हें कोई शक नहीं हुआ, लेकिन थोड़ी देर बाद ठगों का नंबर बंद जाने लगा, जिसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। तब जाकर उन्हें अपने साथ हुई ठगी का पता चला। उन्होंने लोगों से भी सावधान रहने की अपील की है।

इस मामले में पीड़ित की ओर से पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। शिकायत ऑनलाइन दर्ज कराई गई है, जिसपर पुलिस एक्शन ले रही है। बहरहाल, जब इस मामले में ऑपइंडिया ने पड़ताल की, तो कुछ तथ्य निकल कर सामने आए।

1- ठग पवन हंस नाम की कंपनी का नाम ठगी में इस्तेमाल कर रहे हैं।

2- निजी नंबरों-यूपीआई आईडी पर पेमेंट ले रहे हैं।

3- पेमेंट लेने के बाद वो ठगी के शिकार लोगों को ब्लॉक कर गायब हो जा रहे हैं।

ज्योतिषाचार्य पंडित विष्णु प्रसाद उपाध्याय ठगी मामले में पीड़ित की तरफ से ठगों के 2 नंबर 7042796908 और 8336871326 उपलब्ध कराए गए। उनके द्वारा साझा किए गए नंबरों पर वॉट्सऐप कॉलिंग हो रही थी। ऑपइंडिया ने जब ठग से संपर्क किया, तो उसने बेहद सधी आवाज में प्रतिक्रिया दी। ठग से हेलीकॉप्टर बुकिंग के बारे में सवाल किया गया, तो उसने खुद को पवन हंस प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा बताया।

ठग ने बुकिंग के पैसों के बारे में पूछने पर सरकारी रेट यानी कि 1296 रुपये प्रति व्यक्ति बताए और बुकिंग के लिए पैसे ऑनलाइन भेजने के लिए कहा। हालाँकि जब हमने उससे ज्योतिषाचार्य से पैसे लेने की बात कही, और बदले में सेवा देने की जगह फोन बंद करने करने की बात कही, वैसे ही ठग ने फोन तुरंत काट दिया और नंबर को ब्लॉक कर दिया। ठग की वॉट्सऐप प्रोफाइल पर पवन हंस के हेलीकॉप्टर का फोटो लगा हुआ है और नीचे प्रोफाइल में कंपनी का नाम (पवन हंस प्रा.लि.) भी दिया गया है।

आपको बता दें कि पवन हंस नाम की कंपनी अभी कोई सेवा नहीं दे रही है। उसकी हेलीकॉप्टर सेवा की बुकिंग भी अभी नहीं शुरू हुई है, बल्कि ये 16 जनवरी से शुरू होनी है। पवन हंस अपनी सेवाओं की शुरुआत 20 जनवरी से करेगी, ऐसा उसके आधिकारिक वेबसाइट पर बताया गया है। ऐसे में साफ है कि पवन हंस की सेवा शुरू होने से पहले ही ठग उसके नाम पर ठगी पर उतर चुके हैं।

साइबर ठग की वॉट्सऐप प्रोफाइल

प्रयागराज महाकुंभ में साइबर फ्रॉड से ऐसे बच सकते हैं आप

रिपोर्ट्स के मुताबिक, साइबर क्रिमिनल्स की ओर से सस्ते दामों पर होटल, धर्मशाला, टेंट सिटी और कॉटेज बुकिंग जैसी सुविधाओं के नाम पर ठगने की कोशिश हो रही है। ऐसे में आप भी महाकुंभ आ रहे हैं, तो कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें। इसके लिए साइबर क्राइम मुख्यालय की ओर से एडवाइजरी भी जारी की गई है। श्रद्धालुओं के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ ऑनलाइन भी दी जा रही हैं। कुंभ के लिए विशेष वेबसाइट www.Kumbh.gov.in का भी निर्माण किया गया है, तो चैटबॉक्स व अन्य माध्यमों से भी उनकी मदद की जा रही है।

मेले में किसी भी तरह के फर्जीवाड़े से बचे रहने के लिए महाकुंभ पुलिस ऐप को डाउनलोड कर लें। किसी भी संभावित खतरे से बचे रहने के लिए समाचार और अलर्ट पर ध्यान दें। अगर मेले में किसी फर्जी वेबसाइट, ऐप या सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी मिले तो तुरंत इसकी शिकायत करें। पुलिस ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति साइबर क्राइम का शिकार होता है, तो वो नेशनल हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम की रिपोर्ट के लिए अधिकृत वेबसाइट www.cybercime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अलावा यूपी पुलिस की यूपीकॉप ऐप के जरिए भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

बाबरी मस्जिद फिर बनाएँगे… पाकिस्तान में बैठ ‘फिदायीन जंग’ के लिए उकसा रहा फरहतुल्लाह गोरी, रिपोर्ट में दावा- वेबसाइट से हो रही आतंकियों की भर्ती

पाकिस्तान में बैठे आतंकी फिर से भारत को दहलाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। वह नए आतंकियों की भर्ती कर रहे हैं। इसके लिए वह बाबरी के नाम पर मुस्लिम युवाओं को भड़का रहे हैं।आतंकियों को भर्ती करने का यह काम वह आतंकी सरगना ही कर रहा है, जिसने कुछ महीने पहले भारत में इन्फ्रा को निशाना बनाने की बात कही थी।

आतंकियों की साजिश की यह खबर इंडिया टुडे ने दी है। इंडिया टुडे ने अपनी ओपन सोर्स इंटेलिजेंस से पता लगाया है कि पाकिस्तानी आतंकियों ने एक ऑनलाइन नेटवर्क बनाया है। इस नेटवर्क में एक वेबसाइट भी है। इस पर मुस्लिमों से बाबरी को दोबारा खड़ा करने के लिए जिहाद छेड़ने, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निशाना बनाने और आतंक फ़ैलाने की अपील की गई थी। वेबसाइट के साथ ही यह नेटवर्क फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और बाकी सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल कर रहा है।

यह आतंकी नेटवर्क सिग्नल एप का भी इस्तेमाल कर रहा है, इसको ट्रैक करना कठिन होता है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के मुस्लिमों को आतंक से जोड़ने की अपील करने वाली यह वेबसाइट 3 दिसम्बर, 2025 को बनाई गई थी। इस पर बाबरी मस्जिद को दोबारा बनाने के संदेश के साथ ही फरहतुल्लाह गोरी के वीडियो भी डाले गए हैं।

इसी वेबसाइट पर पड़े एक वीडियो में फरहतुल्लाह गोरी राम मंदिर को मलबे में बदलने की बात करता है। इसमें वह कहता है कि, “एक दिन, अल्लाह की रजा से राम मंदिर मलबे में बदल जाएगा। मुसलमान कुरान से शिक्षा लेकर भारत में आतंकवादी हमले करने का ऐलान करें। सिर्फ सोशल मीडिया पर भड़काऊ कंटेंट पोस्ट करने से कुछ नहीं बदलेगा।”

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इसी वेबसाइट पर एक और वीडियो में फरहतुल्लाह गोरी ने उस आतंकी की तारीफ़ भी कि जिसने बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में धमाका किया था। गोरी दावा करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब से सत्ता संभाली है, तब से आतंकी हमला करना मुश्किल हो गया है।

वेबसाइट पर 2024 में 19 वीडियो जारी किए गए, जिसके जरिए आतंकी भर्ती करने की कोशिश की गई। इसी वेबसाइट के माध्यम से लोगों को सिग्नल एप पर एक ग्रुप में जोड़ा जा रहा है। इसका नाम सौत-अल-हक़ है। इसमें 63 सदस्य थे। इस ग्रुप में भी आतंक से जुड़ने की अपील की जाती है।

आतंकी सरगना फरहतुल्लाह गोरी ने कुछ महीने पहले एक वीडियो जारी कर ट्रेनों में हमला करने की बात कही थी। उसने कहा था कि मुस्लिम भारत के इन्फ्रा को निशाना बनाएँ। यह वीडियो सुरक्षा एजेंसियों को मिला था।

सुरक्षा एजेंसियों को मिले वीडियो में गोरी ने बताया था कि कैसे ट्रेनों में अलग-अलग तरीके से धमाके किए जा सकते हैं। वह इसके लिए प्रेशर कुकर जैसी चीजों से बम बनाने का भी आईडिया दे रहा था। गोरी अभी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की शह पर वहीं रह रहा है और भारत के खिलाफ साजिश रच रहा है। फरहतुल्लाह गोरी रामेश्वरम कैफे में हुए हमले और गुजरात के अक्षरधाम मंदिर में हुए हमले का मास्टरमाइंड है।

भुवनेश्वर के लिंगराज मंदिर में 3 दिनों से भगवान हैं भूखे, न लग रहा भोग-न हो रही पूजा: मकर संक्रांति के अनुष्ठान भी नहीं हुए पूरे, जानिए क्यों?

ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित लिंगराज मंदिर में सेवादारों के दो समूहों के बीच हुए विवाद के बाद सोमवार (13 जनवरी, 2025) से भगवान को भोग नहीं लगाया जा रहा है। सेवादारों के दो समूहों में आपसी मतभेद के चलते मकर संक्रांति के अनुष्ठान भी नहीं हो पाए हैं।

यह विवाद बादु निजोग और महासूरा निजोग सेवादारों के बीच में चल रहा है। यह विवाद मकर संक्रांति को ही लेकर चालू हुआ है। मकर संक्रांति के दौरान लिंगराज मंदिर में तीन दिनों तक विशेष अनुष्ठान होते हैं। लिंगराज मंदिर में मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर ‘पुष्यभिषेक संध्या धूप’ के साथ सारे अनुष्ठान शुरू होते हैं।

इस दौरान मंदिर में स्थापित देव को गर्भगृह से बाहर लाकर लिंगराज मंदिर के परिसर में स्थित ‘मकर मंडप’ के ऊपर बैठाया जाता है। मकर संक्रांति के दिन, ‘मकर घी’ या ‘घृत कमला’ को ‘घृत कमला लगी’ अनुष्ठान में देवता को चढ़ाया जाता है। यह मकर घी, बडू साही के कुछ विशिष्ट परिवारों से एकत्र किए गए दूध से तैयार किया जाता है।

विश्वास है कि ‘घृत कमला’ देवता को सर्दियों के सूखेपन से राहत दिलाने के लिए लगाया जाता है। बादु निजोग सेवादार इस दूध को उबालते हैं और घी तैयार करते हैं। इसके बाद जब घी निकलता है तो उसे घृत कमला रूप में बादु निजोग और महासूरा निजोग सेवकों द्वारा चढ़ाया जाता है।

सोमवार को बादु निजोग सेवादारों ने इस बात कि जिद की कि वह महासूरा सेवादारों को बिना साथ लिए घी चढ़ाएँगे। महासूरा सेवादारों ने इसका विरोध किया। इसके चलते ‘पुष्यभिषेक संध्या धूप’ के बाद घृत कमला नहीं चढ़ाया गया। देवता को केवल दो दिनों के लिए मकर मंडप में बैठाया गया है। मंदिर भक्तों के लिए खुला है लेकिन अनुष्ठान निलंबित हैं।

बादु निजोग समूह के एक सेवादार ने कहा, “हम हर साल यह अनुष्ठान करते आ रहे हैं और मंदिर प्रशासन को भी इसकी जानकारी है। दरअसल, भगवान को चढ़ाए जाने वाले घी को बादु निजोग परिवारों में बाँटा जाता है। महासुआरा निजोग के सदस्य अगर सिर्फ घी पकाने के आधार पर अनुष्ठान का दावा करते हैं तो इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी।”

मंदिर प्रशासन विवाद को शांत करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन कोई भी पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं है। ब्राह्मण निजोग के सचिव बिरंची नारायण ने घृत कमला अनुष्ठान के बारे में बात करते हुए कहा कि घृत कमला लागी का पहला दौर महसूरा सेवादारों द्वारा किया जाता है और फिर बादु सेवादार इसे संभालते हैं।

विवाद को निपटाने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक भी की गई है। इस बैठक में कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, आयुक्त, खुर्दा कलेक्टर, कानून विभाग के सचिव, स्थानीय विधायक और बादु निजोगों के सेवक मौजूद थे। बैठक में भी कोई हल नहीं निकला।

दोबारा बैठक ‘ब्राह्मण निजोगों’ की मौजूदगी में होगी क्योंकि पहले की बैठक में नहीं थे और फैसला रुक गया था। कानून मंत्री ने मामले की जाँच की भी घोषणा की और कहा कि राज्य सरकार हाई कोर्ट के एक रिटायर्ड जज के माध्यम से जाँच करवाएगी। कानून मंत्री ने ट्रस्ट बोर्ड की बैठक बुलाकर भोग प्रसाद वापस चालू करने का प्रयास किया जाएगा।

कानून मंत्री ने दोनों पक्षों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर विवाद नहीं निपटाया गया तो सख्त कदम उठाए जाएँगे। कानून मंत्री हरिचंदन ने कहा, “यह मामला बेहद निंदनीय है। अगर वाकई कोई समस्या थी तो वे मिल-बैठकर इसका समाधान निकाल सकते थे। भगवान लिंगराज के अनुष्ठान को रोकना बेहद निंदनीय है।”

इस गतिरोध गतिरोध से भक्तों में गुस्सा है और उन्होंने दोनों समूहों की निंदा भी की है तथा उनके खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। एक नाराज भक्त ने कहा, “भगवान लिंगराज पिछले तीन दिनों से भूखे हैं। सेवायतों की वजह से ही भगवान लिंगराज को भूखे रहना पड़ रहा है। यह बेहद निंदनीय है।”

PM मोदी की विदाई करवा रहा था मार्क जुकरबर्ग, लताड़ पड़ते ही META लगा गिड़गिड़ाने: कहा- अनजाने में हुई गलती के लिए माफ करें, भारत हमारे लिए महत्वपूर्ण देश

फेसबुक और इंस्टाग्राम के स्वामित्व वाली कंपनी मेटा ने भारत से माफी माँगी है। मेटा ने अपने सीईओ मार्क जुकरबर्ग के बयान पर सार्वजनिक रूप से यह माफी माँगी है। मेटा ने कहा है कि भारत उसके लिए काफी महत्वपूर्ण है। मेटा की यह माफी उसे आईटी मामलों की संसदीय समिति द्वारा तलब किए जाने के ऐलान के बाद आई है।

मेटा की तरफ से उसके भारत के पब्लिक पॉलिसी के मुखिया शिवनाथ ठुकराल ने यह माफी एक्स (पहले ट्विटर) पर माँगी। उन्होंने अश्विनी वैष्णव के जुकरबर्ग की आलोचना वाले ट्वीट के नीचे इससे सम्बन्धित जवाब दिया है। उन्होंने मार्क जुकरबर्ग के बयान को लापरवाह और अनजाने में दिया गया बताया है।

शिवनाथ ठुकराल ने लिखा, “माननीय मंत्री अश्विनी वैष्णव जी, मार्क का यह कहना कि 2024 के चुनावों में कई मौजूदा पार्टियाँ दोबारा सरकार में नहीं लौटीं, कई देशों के संदर्भ में ठीक है लेकिन भारत के लिए नहीं। हम अनजाने और लापरवाही के चलते हुई इस गलती के लिए माफ़ी चाहते हैं। भारत मेटा के लिए महत्वपूर्ण है और हम इसके इनोवेटिव भविष्य के केंद्र में होने की आशा करते हैं।”

इससे पहले संचार और आईटी मामलों की स्थायी संसदीय समिति के मुखिया निशिकांत दुबे ने इस मामले में मंगलवार (14 जनवरी, 2025) को मेटा को तलब करने का ऐलान किया था। निशिकांत दुबे ने लिखा था, “मेरी कमिटी ग़लत जानकारी फ़ैलाने के लिए मेटा को बुलाएगी। किसी भी लोकतांत्रिक देश की ग़लत जानकारी उसकी छवि को धूमिल करती है। इस गलती के लिए भारतीय संसद से तथा यहाँ की जनता से उस संस्था को माफ़ी माँगनी पड़ेगी।”

इस मामले को लेकर आईटी मामलों के केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी आपत्ति जताई थी। उन्होंने एक ट्वीट में भारत में हुए चुनावों की कुछ जानकारी देते हुए जुकरबर्ग के बयान पर निराशा जताई थी। अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि मेटा के मुखिया का ही गलत जानकारी देते हुए देखना एकदम निराशाजनक है। 

गौरतलब है कि मेटा मुखिया जुकरबर्ग हाल ही में जो रोगन के पॉडकास्ट में गए थे। उनका यह पॉडकास्ट 10 जनवरी, 2025 को रिलीज हुआ था। इस पॉडकास्ट के दौरान ही उन्होंने कंटेंट मॉडरेशन, सरकार पर भरोसा, COVID-19, एल्गोरिदम, सरकारी प्रभाव जैसे मुद्दों पर बात की थी। इसी बीच उन्होंने दावा किया था कि कोविड महामारी के बाद कई देशों की सरकारे गईं और इसी में भारत का उदाहरण दिया। जुकरबर्ग की गलत बयानी के ऊपर भारत में काफी आलोचना हुई थी।

वागशीर, नीलगिरी, सूरत… एक ही दिन में PM मोदी ने भारतीय नौसेना को दिया ट्रिपल फोर्स: जानिए ‘मेक इन इंडिया’ जहाज-पनडुब्बी की ताकत, खामोशी से निपट जाएँगे चीन-पाकिस्तान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुंबई में नौसेना के तीन नए युद्धपोत-पनडुब्बियों को देश को लोकार्पित किया है। इनमें से एक फ्रिगेट, एक डिस्ट्रॉयर और एक पनडुब्बी है। यह तीनों भारत में बनाए गए हैं। पीएम मोदी ने इस मौके को आत्मनिर्भर भारत के लिए महत्वपूर्ण दिन बताया है और साथ ही देश की नौसैनिक विरासत को भी याद किया है।

बुधवार (15 जनवरी, 2025) को पीएम मोदी मुंबई के डॉकयार्ड में पहुँचे। यहाँ उन्होंने फ्रिगेट INS नीलगिरी, डिस्ट्रॉयर INS सूरत और पनडुब्बी INS वागशीर को लोकार्पित किया और देश को संबोधित भी किया। पीएम मोदी ने इस दौरान छत्रपति शिवाजी महाराज के नौसेना के योगदान का जिक्र किया।

पीएम मोदी ने कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज ने नौसेना को नया सामर्थ्य और विजन दिया था। आज उनकी इस पावन धरती पर 21वीं सदी की नेवी को सशक्त करने की तरफ हम एक बड़ा कदम उठा रहे हैं।” उन्होंने इन युद्धपोतों के निर्माण से मेक इन इंडिया को मिले बल को भी सराहा। उन्होंने भारत को एक भरोसेमंद साथी करार दिया है।

उन्होंने कहा, “ये पहली बार हो रहा है, जब एक डिस्ट्रॉयर, एक फ्रिगेट और एक सबमरीन को एक साथ कमीशन किया जा रहा है। गर्व की बात कि ये तीनों मेड इन इंडिया हैं… मेक इन इंडिया पहल न केवल भारत की सेनाओं की क्षमता को बढ़ा रही है बल्कि आर्थिक तरक्की के नए रास्ते भी खोल रही है।

पीएम मोदी ने जो युद्धपोत देश को सौंपे हैं, इनसे अब भारत की समुद्र में ताकत बढ़ेगी। यह तीनों ही युद्धपोत नई तकनीक से बनाए गए हैं और इनमें लगाए गए अधिकांश सिस्टम भारतीय हैं। इन तीनों युद्धपोत के लिए अलग-अलग प्रोजेक्ट चल रहे हैं।

INS वागशीर

पीएम मोदी ने स्कॉर्पीन क्लास की छठी और अंतिम पनडुब्बी INS वागशीर को देश को सौंपा। यह पनडुब्बी प्रोजेक्ट-75 के तहत बनाई गई है और डीजल-इलेक्ट्रिक तकनीक पर चलती है। INS वागशीर कलवरी क्लास की पनडुब्बी है। INS वागशीर वाले पूरे प्रोजेक्ट की लागत ₹28 हजार करोड़ से अधिक की है। इस पनडुब्बी को मुंबई के मझगाँव डॉकयार्ड में ही बनाया गया है।

यह पनडुब्बी फ्रांसीसी कंपनी नवल ग्रुप के साथ मिलकर बनाई गई हैं। 67 मीटर लंबी इस पनडुब्बी का पानी के भीतर पता लगाना काफी मुश्किल काम है। 2000 टन डिस्प्लेसमेंट वाली यह पनडुब्बी 18 मिसाइल या फिर टारपीडो साथ लेकर चलती है। इस पनडुब्बी में 6 लॉन्चिंग ट्यूब्स हैं, जिनसे यह मिसाइल या टारपीडो दागे जा सकते हैं।

इस पनडुब्बी पर अत्याधुनिक राडार और सेंसर भी लगे हैं। इससे पहले इसी क्लास की पाँच और पनडुब्बी भारतीय नौसेना को मिल चुकी हैं। भारत सरकार ने ऐसी ही तीन और पनडुब्बी खरीदने का निर्णय लिया है। यह तीनों भी भारत में ही बनाई जाएँगी। इनके लिए मार्च, 2025 तक सौदे को अंतिम रूप दिए जाने का कयास है।

INS नीलगिरी

पीएम मोदी ने नीलगिरी क्लास के पहले फ्रिगेट युद्धपोत को भी देश को सौंपा है। यह लगभग 6500 टन विस्थापन वाली और 150 मीटर लंबी पहली नीलगिरी क्लास फ्रिगेट है। यह प्रोजेक्ट-17A के तहत बनाई गई है। इसे भारतीय नौसेना ने ही डिजाइन किया है। यह प्रोजेक्ट ₹45000 करोड़ की लागत से बनाया जाना है।

इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत 6 फ्रिगेट बनाई जाएँगी। 60 किलोमीटर/घंटे की रफ़्तार वाली फ्रिगेट नीलगिरी अपने साथ 32 बराक और 8 ब्रह्मोस मिसाइल लेकर चल सकती है। इसके अलावा यह 72 रॉकेट, कई तोपों और 1 हेलिकॉप्टर से भी लैस होगी। इसे भी मझगाँव डॉकयार्ड ही बना रहा है। इस प्रोजेक्ट में लगभग 75% सिस्टम भारतीय लग रहे हैं।

INS सूरत

पीएम मोदी ने INS सूरत को भी नौसेना को सौंपा है। यह विशाखापत्तनम क्लास का चौथा डिस्ट्रॉयर युद्धपोत है। INS सूरत को लगभग ₹9000 करोड़ की लागत से बनाया गया है। इसे भी नौसेना ने खुद ही डिजाइन किया है। इसके प्रोजेक्ट को P15B का नाम दिया गया है।

लगभग 7500 टन विस्थापन वाले INS सूरत में 32 बराक और 16 ब्रह्मोस मिसाइल होंगी। इस पर 300 नौसैनिकों के तैनात रहने की व्यवस्था है। इस पर भारतीय और इजरायली राडार लगाए गए हैं। इसके साथ ही इस जहाज पर 2 INS ध्रुव हेलिकॉप्टर भी तैनात किए जा सकेंगे। यह युद्धपोत कोलकाता क्लास के युद्धपोतों का नया रूप हैं।

इन सभी युद्धपोतों के आने से भारतीय नौसेना का अरब और हिन्द सागर समेत भारतीय समुद्र की रक्षा आसान हो सकेगा। नौसेना लम्बे समय से युद्धपोतों की कमी से जूझ रही है। नौसेना को हाल के कुछ वर्षों में चीन और पाकिस्तान के साथ ही समुद्री डाकुओं और लुटेरों के खतरों से लड़ना पड़ा है। यह युद्धपोत चीन और पाकिस्तान पर हमला कर उनको भारी नुकसान पहुँचा सकते हैं।

भारत के नक्शे से गायब कर दिया POK-अक्साई चिन, मोइनुद्दीन चिश्ती को बताया ‘हिंदुस्तान का बादशाह’: ठाणे में इस्लामी कमेटी ने उर्स पर की ‘बदमाशी’

महाराष्ट्र के ठाणे शहर में ‘गरीब नवाज मोइनुद्दीन चिश्ती कमेटी’ के खिलाफ एक गंभीर मामला सामने आया है। इस्लामिक कमेटी ने एक बड़ा पोस्टर लगाया, जिसमें भारत के नक्शे से छेड़छाड़ की गई है और विकृत नक्शे को लगाया गया था। पोस्टर में जानबूझकर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन को भारत के नक्शे से हटा दिया गया। ये दोनों क्षेत्र भारत के अभिन्न हिस्से हैं और इस तरह की हरकत देश की संप्रभुता और एकता पर सीधा हमला है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, थाणे पुलिस में स्थानीय संगठन ‘स्वाभिमान संगठन’ ने ये शिकायत दर्ज कराई है। संस्था के सचिव ने ठाणे पश्चिम के पदवाल नगर इलाके में स्थित राजितराम तिवारी बीजेपी जनसंपर्क कार्यालय के पास एक बड़े फ्लेक्स बोर्ड को देखा। इस बोर्ड पर मोइनुद्दीन चिश्ती को ‘हिंदुस्तान का बादशाह’ बताया गया था। साथ ही, इस पर एक मस्जिद की तस्वीर और भारतीय झंडा भी दिखाया गया। उन्होंने कहा कि यह पोस्टर न केवल भारत की एकता और अखंडता के खिलाफ है, बल्कि यह इस्लामिक शासन की अवधारणा को भी बढ़ावा देने की कोशिश करता है।

जानकारी के मुताबिक, ये फ्लेक्स बोर्ड 5 जनवरी 2025 को कथित ‘सरकार गरीब नवाज और सरकार मुलान वाले बाबा’ के उर्स के मौके पर लगाया गया था। कमेटी ने इस बैनर की तस्वीरें अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी पोस्ट की थीं। हालाँकि, विवाद बढ़ने के बाद पोस्ट को डिलीट कर दिया गया। लेकिन इससे संबंधित अन्य पोस्ट्स से पुष्टि होती है कि विवादित बैनर इलाके में लगाए गए थे।

इसी तरह के पोस्टर्स शहर के अन्य हिस्सों में भी लगाए गए थे। ऑपइंडिया के पास ऐसे बैनरों की तस्वीरें भी हैं। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, यह कार्रवाई जानबूझकर की गई और इससे देश के नागरिकों को अपमानित किया जा रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह घटना राष्ट्र की संप्रभुता, एकता और अखंडता के लिए खतरा है।

पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए श्रीनगर पुलिस स्टेशन, ठाणे में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अब इस्लामिक कमेटी के सदस्यों के खिलाफ जाँच कर रही है। इस घटना ने स्थानीय नागरिकों और राष्ट्रप्रेमी संगठनों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।

महिलाओं के लिए ‘जंगलराज’ से कम नहीं वामपंथियों का केरल मॉडल: 29000+ बच्चे यौन उत्पीड़न का शिकार, रेप 62% बढ़ा, बाल आयोग बोला- रिपोर्टिंग से बढ़े नंबर

केरल मॉडल का ढिंढोरा पीटने वाले वामपंथियों के राज में बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। केरल में हर साल बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न के हजारों मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही में केरल की एक दलित लड़की का मामला सामने आया, जिससे पाँच साल के भीतर 60 से अधिक लोगों ने रेप किया। यह राज्य में यौन शोषण जैसी घटनाओं की भयावहता का केवल एक उदाहरण है। सरकारी आँकड़े ही बता रहे हैं कि 2016 से 2024 के बीच केरल में 29000 से अधिक बच्चे यौन उत्पीड़न का शिकार हो चुके हैं। छेड़छाड़ के मामलों की संख्या कहीं बड़ी है।

POCSO के 8 साल में 29 हजार से ज्यादा मामले

बच्चों को यौन उत्पीड़न से बचाने के लिए लाए गए कानून के तहत दर्ज किए गए मामलों में केरल 2016 के बाद से खुद के ही रिकॉर्ड तोड़ रहा है। 2016 ही वह साल है जब राज्य में वामपंथियों को सत्ता वापस मिली थी। केरल के स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (SCRB) के अनुसार, 2016 में केरल में POCSO के मामले 2131 थे जो 2023 में बढ़ कर 4641 हो गए।

साल 2024 के 11 महीनों में ही यह आँकड़ा 4100 के पार पहुँच चुका था। अंतिम आँकड़े में केरल के नया शर्मनाक रिकॉर्ड बनाने की आशंका है। चिंता जताई गई है कि यह संख्या 4500 के पार होगी। नीचे ग्राफ से समझा सा सकता है कि स्थिति कितनी भयावह है।

केरल रेप यौन उत्पीड़न
केरल में बढ़ते POCSO मामले (2024 का आँकड़ा नवम्बर तक का है)

केरल में बच्चों के यौन उत्पीड़न में कई मामलों में उनके घरवाले ही अपराधी हैं। हाल ही केरल की एक अदालत ने एक ऐसे मामले में सजा सुनाई जहाँ एक अब्बा ने ही अपनी 13 साल की बच्ची का जबरन कई महीने तक रेप किया और उसे गर्भवती करके खाड़ी देश को भाग गया।

बच्ची की अम्मी ने पहले उसका साथ दिया लेकिन बाद में वह भी अपने शौहर के साथ हो गई। इस पीड़िता को गर्भपात और मानसिक तनाव से भी गुजरना पड़ा। इस मामले में अदालत ने दोषी पिता को उम्रकैद की दो सजा सुनाई और लाखों का जुर्माना भी लगाया।

कई मामलों में ट्यूशन, कॉलेज और बाकी शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से भी नाबालिगों के साथ यौन उत्पीड़न और रेप की घटनाएँ सामने आती हैं। वामपंथी सरकार में कानून व्यवस्था लगातार बिगड़ती गई है। एक रिपोर्ट बताती है कि सिर्फ नाबालिग लड़कियाँ ही नहीं बल्कि लड़के भी यौन उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं।

केरल में प्रवासियों के बच्चों के साथ भी ऐसी घटनाएँ हो रही हैं। जुलाई, 2023 में ऐसे ही एक मामले में अशफाक आलम नाम के एक युवक ने एक बच्ची का अपहरण करके उसका रेप किया था और हत्या करके शव नाले में फेंक दिया था।

बच्चों के खिलाफ बाकी अपराधों में भी बढ़ोतरी

केरल में बच्चों के साथ सिर्फ यौन उत्पीड़न ही नहीं बाकी अपराधों में भी बढ़त हुई है। SCRB के आँकड़ों के अनुसार, 2016 में बच्चों के खिलाफ केरल में कुल 2879 अपराध हुए थे। 2024 आते-आते इनकी संख्या 4727 हो चुकी थी।

2016 में केरल के भीतर नाबालिगों के अगवा किए जाने या फिर अपहरण होने की 154 घटनाएँ हुई थीं। यह संख्या 2019 तक 260 पहुँच गई। 2024 में यह आँकड़ा कुछ नीचे आया है। 2016-24 के बीच राज्य में 1793 बच्चों के अपहरण के मामले सामने आ चुके हैं।

छेड़खानी-रेप के मामले भी बढ़ना जारी

केरल में सिर्फ बच्चे ही नहीं बल्कि महिलाएँ भी नहीं सुरक्षित हैं। इसकी गवाही भी SCRB आँकड़े दे रहे हैं। 2016 से 2024 के बीच केरल में रेप के मामलों में 62% की बढ़ोत्तरी हुई है। 2016 में केरल में रेप के 1656 मामले सामने आए थे।

यह संख्या 2024 के 11 महीनों में ही 2636 हो चुकी है। साल दर साल इन मामलों में होती बढ़ोतरी ये दिखाती है कि राज्य में महिला सुरक्षा की क्या स्थिति है और अपराधियों में पुलिस का कितना इकबाल है।

केरल रेप यौन उत्पीड़न
केरल में रेप के मामले भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं

केरल में रेप की समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि हाल ही में यहाँ की फिल्म इंडस्ट्री को लेकर भी एक रिपोर्ट ने सबको चौंकाया था। इस रिपोर्ट के बाद मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के नामों पर यौन शोषण के आरोप लगे थे। इनमें डायरेक्टर, एक्टर और फिल्म प्रोड्यूसर समेत तमाम लोग बेनकाब हुए थे।

यह समस्या केरल में सिर्फ एक वर्ग की नहीं है। कुछ मामले ऐसे भी हुए हैं, जहाँ सत्ताधारी पार्टी से जुड़े लोगों ने ही बलात्कार जैसी घटनाओं को अंजाम दिया। केरल में सिर्फ यही एक समस्या नहीं है। आँकड़े के अनुसार, 2016-2024 के बीच छेड़खानी के भी 39 हजार से अधिक मामले राज्य में सामने आए।

केरल बाल संरक्षण आयोग क्या बोला?

केरल बाल अधिकार संरक्षण आयोग (KESCPCR) बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न के बढ़ते मामलों को दूसरे नजरिये से देखता है। आयोग की सदस्य N सुनंदा ने ऑपइंडिया से बातचीत में दावा किया कि राज्य में POCSO के मामलों की रिपोर्टिंग तेजी से बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि POCSO के मामले को रिपोर्ट करना जरूरी है और हम यह लागू कर रहे हैं, इसलिए ही मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि घर से नाबालिगों के भागने के मामले भी POCSO में आते हैं, ऐसे में यह भी आँकड़ा बढ़ाते हैं।

N सुनंदा ने कहा कि आजकल लोग परिवार के झगड़ों में भी इस कानून का इस्तेमाल कर रहे हैं, यह भी एक कारण आँकड़ा बढ़ने का हो सकता है। आयोग यह मामले कम करने के लिए क्या कर रहा है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि वह लोग ऐसे बच्चों और परिवारों का एक डाटाबेस तैयार कर रहे हैं, जो यौन अपराधों का शिकार हो सकते हैं।

उनके इस रुख का समर्थन राज्य की विपक्षी पार्टी भाजपा की प्रदेश महिला मोर्चा की मुखिया निवेदिता सुब्रमण्यम नहीं करती। ऑपइंडिया से बात करते हुए सुब्रमण्यम ने कहा कि अगर व्यवस्थाएँ इतनी ही ठीक हैं तो लगातार जघन्य मामले क्यों आते जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में उन्हीं लोगों की सुनवाई होती है, जो सत्ताधारी कम्युनिस्टों के नजदीकी हैं।

उन्होंने यह भी प्रश्न उठाया कि अगर ज्यादा मामले अच्छी रिपोर्टिंग की वजह से सामने आ रहे हैं, तो फिर उनमें कार्रवाई क्या हो रही है और कितने लोग जेल भेजे जा रहे हैं। निवेदिता सुब्रमण्यम ने यह भी आरोप लगाया कि जिन मामलों में कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े लोग आरोपित होते हैं, उनमें समझौते का दबाव बनाया जाता है।