Home Blog Page 5396

दीपावली पर राम मंदिर के लिए मोदी ने कही ये बड़ी बात: 2010 हाईकोर्ट फैसले की दिलाई याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली के अवसर पर मन की बात कार्यक्रम के ज़रिए देश को सम्बोधित किया, इस दौरान उन्होंने अपने वक्तव्य में अयोध्या का भी ज़िक्र किया राम जन्‍मभूमि का भी जिक्र किया। उन्‍होंने बताया कि साल 2010 में जब राम जन्‍मभूमि पर फैसला आया था, उस समय सभी लोगों ने कोर्ट के फैसले का सम्‍मान करते हुए उसे स्‍वीकार किया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “सितंबर 2010 में जब राम जन्‍मभूमि पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। जरा उन दिनों को याद कीजिए, कैसा माहौल था। भाँति-भाँति के कितने लोग मैदान में आ गए थे। कैसे-कैसे ‘इंटरेस्‍ट ग्रुप’ उस माहौल का अपने-अपने तरीके से फायदा उठाने के लिए खेल खेल रहे थे। माहौल में गर्माहट पैदा करने के लिए किस-किस प्रकार की भाषा बोली जाती थी। भिन्‍न-भिन्‍न स्‍वरों में तीखापन भरने का भी प्रयास होता था।”

पीएम मोदी ने कहा कि एक तरफ दो हफ्ते की गर्माहट के लिए सब कुछ हुआ था, मगर जैसे ही राम मंदिर पर फैसला आया तब सरकार, राजनीतिक दलों, सिविल सोसायटी ने सभी संप्रदाय के प्रतिनिधियों ने बहुत ही संतुलित बयान दिए थे। उस माहौल में तनाव कम करने का प्रयास किया गया था। अपने सम्बोधन में वे बोले कि हमें याद रखना चाहिए कि यह बातें बहुत ताकत देती हैं, वह पल हम सबके लिए बड़ा कर्त्तव्यबोध का है। एकता का स्वर, देश को कितनी बड़ी ताकत देता है यह उसीका उदहारण है।

बयानबाज़ों और बड़बोले लोगों की इशारा करते हुए मोदी ने कहा कि कुछ लोगों ने खुद को चमकाने के इरादे से न जाने क्या-क्या नहीं कहा। उन्होंने कितनी ही गैर-ज़िम्मेदाराना बातें कीं। हमें सब याद है, लेकिन ऐसे लोग पाँच दिन, सात दिन तक चलता रहा मगर जब फैसला आया तो पूरे देश ने एक आनंददायक आश्‍चर्यजनक बदलाव महसूस किया।

असम में उल्फा-I के 8 उग्रवादियों ने किया आत्मसमर्पण: भारी मात्रा में हथियार बरामद

असम में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (आई) को हाल के दिनों में काफी बड़ा झटका लगा है। संगठन के काफी संख्या में कैडर आत्मसमर्पण कर राष्ट्र की मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। बता दें कि अर्धसैनिक बलों और भारतीय सेना के संयुक्त अभियान के बाद उल्फा (आई) के आठ उग्रवादियों ने असम के तिनसुकिया जिले में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। अधिकारियों ने शनिवार (अक्टूबर 26, 2019) को इसकी सूचना दी।

तिनसुकिया के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर काकोटी ने बताया कि उल्फा (आई) के आठ कैडरों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें से दो कैडरों ने गुरुवार (अक्टूबर 24, 2019) को आत्मसमर्पण किया, जबकि छ: ने शुक्रवार (अक्टूबर 25, 2019) को दो अलग-अलग अभियानों में आत्मसमर्पण किया।

आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों की पहचान फोमन मोरन, मिंटू मोरन, प्राणजीत मोरन, राजीब मोरन, मिलनज्योति महंता, कल्याण बैरवा, प्रांजल काकती और बिजित कांति बोरा के रूप में हुई है।

पुलिस के मुताबिक उनके पास से आठ एके सीरीज राइफलें, जिंदा गोला बारूद और दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए। पुलिस उप महानिरीक्षक पीके भुइयां ने कहा कि आने वाले दिनों में और भी उल्फा (आई) कैडरों के आत्मसमर्पण करने की उम्मीद है।

पीके भुइयां का कहना है कि आत्मसमर्पण का एक बड़ा कारण यह है कि सेना द्वारा ऑपरेशन शुरू किए जाने के बाद उल्फा (आई) के कैडरों को अपने शिविरों से तितर-बितर होना पड़ा। क्योंकि इस दौरान उनके शिविरों को ध्वस्त कर दिया गया।

बता दें कि साल की शुरुआत में म्यांमार सेना ने एक ऑपरेशन को अंजाम दिया था, जिसमें उन्होंने उन शिविरों को निशाना बनाया था, जहाँ उल्फा (आई) समेत अन्य विद्रोहियों के संगठनों ने शरण ली थी।

असम पुलिस के खुफिया विंग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस साल 18 अक्टूबर तक 54 आतंकवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है, जिसमें से 42 उल्फा (आई) के थे।

जवानों के बीच दिवाली मनाने J&K के राजौरी पहुँचे PM मोदी: 370 हटने के बाद उनकी पहली कश्मीर यात्रा

हर बार की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जवानों संग दिवाली मनाएँगे। इसके लिए पीएम मोदी रविवार (अक्टूबर 27, 2019) को जम्मू कश्मीर के राजौरी सेक्टर पहुँचे। पीएम आर्टिकल-370 हटने के बाद पहली बार जम्मू कश्मीर पहुँचे हैं। पीएम मोदी यहाँ लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के पास जवानों संग दिवाली मनाएँगे। बता दें कि पीएम मोदी ने 2014 में प्रधानमंत्री का पदभार संभालने के बाद से अब तक हर बार जवानों संग ही दिवाली मनाई है। पीएम मोदी कह चुके हैं कि वह जवानों को ही अपना परिवार मानते हैं।

पीएम इससे पहले पाकिस्तान से लगे पंजाब बॉर्डर, सियाचिन ग्लेशियर और उत्तराखंड में भारत-चीन सीमा पर जवानों के साथ दिवाली के जश्न में शामिल हो चुके हैं। 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी तीसरी बार कश्मीर में जवानों के साथ दिवाली मनाएँगे। 

2014 में उन्होंने सियाचिन में जवानों के बीच मनाई थी। इसके बाद 2015 में वे दिवाली मनाने पंजाब बॉर्डर गए थे। उनका यह दौरा भारत-पाकिस्तान के बीच 1965 में लड़े गए युद्ध के 50वें साल के मौके पर था। 2016 में प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश से लगे चीन बॉर्डर के पास इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों के साथ दिवाली मनाई। प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी ने अपनी चौथी दिवाली का जश्न 2017 में जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में सैनिकों के साथ मनाया। 2018 में, उन्होंने उत्तराखंड में भारत-चीन सीमा के पास बर्फीले इलाके में सेना और आईटीबीपी के जवानों के साथ त्योहार मनाया।

संयोगवश प्रधानमंत्री इन्फैन्ट्री दिवस समारोह के दिन जम्मू कश्मीर पहुँचे। इन्फैन्ट्री दिवस समारोह 1947 में जम्मू और कश्मीर में पाकिस्तानी घुसपैठियों को मुँहतोड़ जवाब देने वाली पहले भारतीय सैनिकों की टुकड़ी को समर्पित दिवस है।

इससे पहले आज पीएम मोदी का मन की बात कार्यक्रम भी प्रसारित हुआ। इसमें मोदी ने दिवाली का जिक्र किया। पीएम ने देशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए स्थानीय लोगों, बुनकरों और कारीगरों से सामान खरीदने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने आगे कहा कि इस दिवाली प्रकाश को विस्तार देकर शत्रुता की भावना को समाप्त करना चाहिए।

पीएम नरेंद्र मोदी ने दिवाली के लिए ट्वीट कर शुभकामनाएँ दी। उन्होंने लिखा, “देशवासियों को दीपावली के पावन अवसर पर बहुत-बहुत शुभकामनाएँ। रोशनी का यह उत्सव हम सभी के जीवन में नया प्रकाश लेकर आए और हमारा देश सदा सुख, समृद्धि और सौभाग्य से आलोकित रहे।”

अयोध्या का दीपोत्सव कार्यक्रम गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज: 5 लाख 51 हज़ार दीप जलाकर तोड़ा पुराना रिकॉर्ड

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में लगातार तीसरे साल भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया। इस बार भी सरयू के तट पर 5 लाख 51 हजार दीप जलाकर योगी सरकार ने अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया। यह रिकॉर्ड योगी सरकार के पर्यटन विभाग और डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के सहयोग से बना है। पिछले साल दीपोत्सव कार्यक्रम में 3 लाख 10 हज़ार दीप जलाए गए थे, वो भी रिकॉर्ड था।

इससे पहले, राम की पौड़ी पर अवध विश्वविद्यालय के 6 हज़ार वॉलिंटियर्स ने इस बार 4,04,026 लाख दीप जलाए, जबकि 1 लाख 51 हजार दीपक अयोध्या के सभी प्रमुख मंदिरों में स्कूली छात्रों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने जलाए। इस तरह से योगी सरकार के इस आयोजन में 5 लाख 51 हजार दीये जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड की टीम मौके पर मौजूद रही। गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम ने प्रमाण पत्र देकर योगी सरकार को सम्मानित किया।

इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या पहुंँकर राम-सीता की आरती उतारी। दीपोत्सव कार्यक्रम में भाग लेने पहुँचे सीएम योगी ने कहा, “पीएम नरेंद्र मोदी ने जाति-धर्म न देखकर सभी को बराबर का हक़ दिया और रामराज्य स्थापित किया, जब हम अयोध्या की बात करते हैं तो मस्तिष्क में राम सिया आता है। शासन की योजना जिस प्रतिबद्धता के साथ देश में लागू की गई है, ये आधुनिक राम की अवधारण है, जिसमें सभी को समान रूप से सभी तक विकास पहुँचे।”

इसके आगे उन्होंने कहा,

“मोदी सरकार में बिना किसी भेदभाव के सबका विकास हो रहा है। पिछली सरकारें अयोध्या के नाम से डरती थीं। पीएम मोदी ने राम राज्य की धारणा को साकार किया है। मोदी ने भारत की परम्परा को विश्व पटल पर रखा। भारत दुनिया में विश्वगुरू के रूप में स्थापित हो रहा है।”

बता दें कि दीपोत्सव कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि के तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी मौजूद थीं। अयोध्या में दीपोत्सव के बीच भव्य आतिशबाज़ी भी जारी रही, इस दौरान आसमान का नज़़ारा भी अद्भुत ही था। अयोध्या घाटों पर दीप जलाने का कार्यक्रम चला, लाखों दीपो के जलने से अयोध्या नगरी का दृश्य अद्भुत होने के साथ-साथ बेहद मनमोहक भी था।

‘नेहरू ने अलोकतांत्रिक तरीके से जोड़ा था 370, मोदी सरकार ने लोकतांत्रिक तरीके से हटाने का साहस दिखाया’

देश में कश्मीर को लेकर बहस नई नहीं है, पहले भी इस बहस को लेकर काफी गरमा-गर्मी हो चुकी है, वही कॉन्ग्रेस पार्टी जिसने संसद में सत्तारूढ़ भाजपा और उसका साथ देने वाले दलों पर अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सम्बन्ध में इस विषय पर विस्तृत चर्चा या बातचीत नहीं की, उसने एक समय खुद इस बात पर ध्यान नहीं दिया था कि कैसे कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए संसद में अन्य दलों को अनसुना कर इसके लिए कानून पारित कर दिया था। शनिवार को जम्मू क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने कॉन्ग्रेस पार्टी पर संविधान में अलोकतांत्रिक तरीके से अनुच्छेद 370 जोड़ने का आरोप लगाया।

शनिवार को जम्मू क्लब में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी न्यास की ओर से विलय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राम माधव ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू ने अलोकतांत्रिक तरीके से जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू करवाया था। मोदी सरकार ने लोकतांत्रिक तरीके से अनुच्छेद 370 और 35 ए हटाने का साहस दिखाया।

राम माधव बोले कि तत्कालीन कॉन्ग्रेस वर्किंग कमेटी के लोगों ने भी पंडित नेहरू के फैसले का विरोध किया था। मगर सरदार पटेल पर नेहरू ने दबाव बनाया और दूसरी बार कॉन्ग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाई गई। अनुच्छेद 370 का प्रस्ताव पास करवाया गया। माधव बोले, नेहरू ने शेख अब्दुल्ला से मित्रता के चलते अलोकतांत्रिक तरीके से अनुच्छेद 370 को लागू करवाया था। इस फैसले से जम्मू-कश्मीर के लोग सात दशक तक दोहरी नागरिकता में रहे।

राम माधव ने कहा, मोदी सरकार ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित प्रेम नाथ डोगरा के सपनों को साकार किया है। महाराजा हरि सिंह की कल्पना में 370 और 35 ए कतई नहीं थे। महाराजा ने देश की अन्य 560 रियासतों की तर्ज और शर्तों पर ही देश के साथ विलय किया था।

अपने सम्बोधन में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि कश्मीरियत इंसानियत हिन्दोस्तानियत से अलग नहीं है। इस दौरान उन्होंने अपने सम्बोधन में सवाल खड़ा करते हुए पूछा कि क्या घाटी के लाखों कश्मीरी पंडितों को उनके घर से बाहर निकालना कश्मीरियत है। माधव बोले कि क्या डोगरा समुदाय की उपेक्षा और एससी- एसटी और महिलाओं को उनके अधिकार नहीं देना क्या कश्मीरियत है।

दीपावली पर भारत की नारी शक्ति और उनकी उपलब्धियों को सेलिब्रेट करें: PM मोदी

आज दीपावली के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों से ‘मन की बात’ कर रहे हैं, यह ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 58वाँ एपिसोड है। आज सुबह 11 बजे से इस कार्यक्रम का आकाशवाणी के माध्यम से प्रसारण हुआ। इस कार्यक्रम के ज़रिए पीएम मोदी ने एक बार फिर अपने विचारों को देश के लोगों के साथ साझा किया। बता दें कि पीएम मोदी द्वारा साल 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही ‘मन की बात’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के इस संस्करण में देशवासियों को दीप-पर्व की बधाई देते हुए कहा है कि आजकल दुनिया के अनेक देशों में दिवाली मनाई जाती है। इसमें सिर्फ़ भारतीय समुदाय शामिल होता है, ऐसा नहीं है बल्कि अब कई देशों की सरकारें, वहाँ के नागरिक दिवाली को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। एक प्रकार से वहाँ ‘भारत’ खड़ा कर देते हैं।

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि पिछली मन की बात में हमने तय किया था कि इस दीपावली पर कुछ अलग करेंगे। मैंने कहा था आइए, हम सभी इस दीपावली पर भारत की नारी शक्ति और उनकी उपलब्धियों को सेलिब्रेट करें, यानी भारत की लक्ष्मी का सम्मान करें।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया भर में फेस्टिवल टूरिज्म का अपना ही आकर्षण है। हमारा भारत जो त्योहारों का देश है, उसमें फेस्टिवल टूरिज्म की भी अपार संभावनाएँ हैं। हमारा प्रयास होना चाहिए कि होली हो, दिवाली हो, ओणम हो, पोंगल हो, बिहु हो इन जैसे त्योहारों का प्रसार करें और त्योहारों की खुशियों में अन्य राज्यों व देशों के लोगों को भी शामिल करें।

पीएम मोदी ने कहा कि गुरु नानक जी ने निस्वार्थ भाव से सेवा की। उनके इस सेवाभाव से कई सारे संत भी प्रभावित हुए। गुरुनानक देव जी ने अपना संदेश दुनिया में दूर-दूर तक पहुँचाया। वे अपने समय में सबसे अधिक यात्रा करने वालों में से थे। गुरुनानक देव जी छुआछूत जैसी सामाजिक बुराई के ख़िलाफ़ मज़बूती के साथ खड़े रहे।

उन्होंने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही, करीब 85 देशों के राजदूत, दिल्ली से अमृतसर गए थे। वहाँ राजदूतों ने स्वर्ण मंदिर के दर्शन तो किए ही, उन्हें सिख परम्परा और संस्कृति के बारे में भी जानने का अवसर मिला। इसके बाद कई राजदूतों ने सोशल मीडिया पर वहाँ की तस्वीरें साझा की।

पीएम मोदी ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि भारत के प्रथम गृह मंत्री के रूप में सरदार वल्लभभाई पटेल ने रियासतों को एक करने का एक बहुत बड़ा भगीरथ और ऐतिहासिक काम किया। सरदार वल्लभभाई पटेल की ये ही विशेषता थी जिनकी नज़र हर घटना पर टिकी थी। एक तरफ उनकी नजर हैदराबाद, जूनागढ़ और अन्य राज्यों पर केंद्रित थी, तो वहीं दूसरी तरफ उनका ध्यान सुदूर दक्षिण में लक्षद्वीप पर भी थी।

उन्होंने बताया कि 31 अक्टूबर को हर बार की तरह रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया जा रहा है जिसमें समाज के हर वर्ग और हर तबके के लोग शामिल होंगे। ‘रन फॉर यूनिटी’ इस बात का प्रतीक है कि यह देश एक है। एक दिशा में चल रहा है और एक लक्ष्य को प्राप्त करना चाहता है। एक लक्ष्य- एक भारत श्रेष्ठ भारत। उन्होंने दिवाली के मौक़े पर देशवासियों से स्थानीय लोगों, बुनकरों और कारीगरों से सामान ख़रीदने का आग्रह किया।

अयोध्या दीपोत्सव: फिजी की मंत्री ने गाया- मंगल भवन अमंगल हारी, कहा- वहाँ के हर नागरिक का भारत आने का सपना

राम की नगरी अयोध्या में शनिवार (अक्टूबर 26, 2019) को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आयोजित दीपोत्सव में मुख्य अतिथि बनकर आई फिजी की मिनिस्टर वीणा कुमार भटनागर ने कार्यक्रम के संबोधन के दौरान रामचरित मानस की चौपाई ‘मंगल भवन अमंगल हारी’ गाया। वीणा ने जब सुरीली आवाज में चौपाई गायन शुरु किया तो उनके साथ कार्यक्रम में उपस्थिति भक्तजनों ने भी सुर में सुर मिलाते हुए चौपाई का गायन किया।

इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। बता दें कि अयोध्या में आयोजित हुए इस बार के दीपोत्सव को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हो गया। दीपोत्सव में इस बार 5 लाख 51 हजार दीप जलाकर विश्व रिकार्ड बनाया गया। राम की पैड़ी के घाटों पर 4 लाख 10 हजार और अन्य 11 चुनिंदा स्थलों पर 1 लाख 51 हजार दीप जलाए गए।

फिजी की मंत्री और डिप्टी स्पीकर वीणा भटनागर सभा को संबोधित करते हुए ने कहा कि उन्हें भगवान राम के शहर में आने का अवसर मिला। इसके लिए वह खुद को भाग्यशाली मानती हैं। उन्होंने कहा कि वो बचपन से अयोध्या के बारे में सुनती आ रही हैं आज वो अयोध्या में हैं। भटनागर ने कहा कि वो यहाँ आकर धन्य हो गई। भटनागर ने यह विश्वास भी दिलाया कि अयोध्या में एक दिन भगवान राम के शासन में प्रचलित शासन की पौराणिक अवधारणा रामराज्य स्थापित होगी।

वहीं अपने भारत कनेक्शन के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वो भले ही फिजी में रह रही हैं, लेकिन वो यहाँ भी हैं। उन्होंने कहा कि उनके पूर्वज भारत से फिजी चले गए, लेकिन वहाँ भी उनलोगों ने भारतीय मूल्यों, परंपराओं और संस्कृति को सहेज कर रखा है। वहाँ भी वो लोग भारतीय संस्कृति के साथ ही रहते हैं। उन्होंने कहा, “फिजी एक छोटा सा द्वीप है, लेकिन हमने भारतीय संस्कृति और भाषा को संरक्षित रखा है। हम दिवाली, दशहरा और अन्य भारतीय त्योहार मनाते हैं।”

वीणा भटनागर ने 1879 में फिजी में भारतीय प्रवास को याद करते हुए कहा कि वे उन्हें बाहरी न समझें। उन्होंने कहा, “मैं आप में से एक हूँ। मेरे पूर्वज यहीं के यूपी और बिहार से थे। भारतीय संस्कृति इतनी समृद्ध है कि हमने इसे सहेज कर रखा है। फिजी का हर नागरिक मरने से पहले कम से कम एक बार भारत आने का सपना देखता है।”

ISIS आतंकी सरगना बगदादी की मौत की खबर पर: ट्रंप ने कहा- कुछ बड़ा हुआ है, इस्लामिक आतंकवाद पर बड़ा कदम

इस्लामिक आतंकी संगठनों के खिलाफ हमेशा मुखर होकर कार्रवाई करने के पक्ष में रहने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर इस्लामिक आतंकवाद को निशाना बनाया है। 27 अक्टूबर की सुबह इस ओर इशारा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्वीट किया। ट्रम्प के इस बयान के आने के बाद से ही अंतर्राष्ट्रीय जगत में खलबली मची हुई है। इस्लामिक चरमपंथ को बढ़ावा देने वाले देश भी इस कार्रवाई के बाद से हक्का-बक्का बैठे हैं।

बता दें कि आतंकवाद पर नकेल कसने के लिए अमेरिका लम्बे समय से प्रयास करता आ रहा है, पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के वक़्त भी इस्लामिक आतंकवाद को लेकर उठने वाली चिंताओं के चलते यूएस ने पाकिस्तान और खाड़ी देशों में पलने वाले इस्लामिक आतंक के नासूर से निपटने के लिए ड्रोन हमले का रास्ता अख्तियार किया।

ट्रम्प ने सुबह-सुबह ट्वीट किया “अभी कुछ बड़ी घटना हुई है”। उनके इस बयान के बाद पूरी दुनिया की निगाहें उनके ऊपर टिक गई हैं। हमेशा ही अपने बयानों और अप्रत्याशित फैसलो के लिए मशहूर ट्रम्प इस बार क्या करेंगे या उन्होंने इस बार उनकी कार्रवाई का क्या परिणाम होगा। एक न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक अमेरिका ने इस्लामिक आतंकवाद को पनाह देने वाले इस्लामिक स्टेट के सरगना अबू बक्र अल बगदादी को निशाना बनाने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया है। जिसमें बगदादी के मारे जाने की खबर है। इसकी सूचना खुद ट्रम्प ने ‘कुछ बड़ा हुआ है…’ लिखकर बताया।

बता दें कि यह जिहादी संगठन पूरी दुनिया में इस्लाम के प्रचार के बहाने आतंक और खून-खराबा फ़ैलाने के लिए कुख्यात है। इसी साल एक अप्रैल को जारी एक वीडियो में बगदादी को देखा गया था। यद्यपि यह स्पष्ट नहीं है कि यह वीडियो कब फिल्माया गया है मगर यह तय है कि पाँच साल में पहली बार बगदादी किसी वीडियो के ज़रिए नज़र आया है। अपने इस वीडियो में वह पूर्वी सीरिया के बगूज़ में चल रहे संघर्ष ख़त्म होने की बात कहता नज़र आ रहा है। साथ ही बता दें कि कुछ समय पहले श्रीलंका में हुए आतंकी हमले में भी इसी संगठन के संलिप्त होने की बात कही जा रही है। श्रीलंका में तीन अलग अलग शहरों में सीरियल बम धमाके हुए थे। इस दौरान करीब 500 से अधिक लोग घायल हो गए थे तो वहीं 300 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था।

उन्नाव रेप आरोपित कुलदीप सिंह सेंगर के भाई मनोज सेंगर की हार्ट अटैक से मौत: रेप, हत्या सहित कई थे आरोप

उन्नाव दुष्कर्म मामले के आरोपित और भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई की मौत की ख़बर सामने आई है। पता चला है कि कुलदीप सेंगर के भाई और पूर्व ब्लॉक प्रमुख मनोज सेंगर को दिल्ली में हार्ट अटैक आया था, जिसकी वजह से देर रात उसकी अचानक मौत हो गई।

ख़बर के अनुसार, रविवार सुबह 3 बजे मनोज की तबीयत ख़राब हो गई थी। इसके बाद उन्हें हॉस्पिटल लेकर जाया गया। उसके बाद उनकी मौत हो गई। मनोज दिल्ली रहकर बड़े भाई कुलदीप सिंह सेंगर के मुक़दमों की पैरवी कर रहे थे। इसके अलावा, मृतक मनोज सेंगर के ख़िलाफ़ पीड़िता के सड़क हादसे की घटना में सीबीआई में मुक़दमा दर्ज है। जबकि उन्नाव दुष्कर्म कांड के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर इस समय जेल में बंद है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मामले की सुनवाई अब दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में हो रही है।

जुलाई महीने जब दुष्कर्म पीड़िता रायबरेली में अपने चाचा से मिलकर वापस उन्नाव जा रही थी, तभी उसकी कार को एक ट्रक ने टक्कर मारी थी। जिसमें उसकी मौसी और चाची की मौत हो गई थी, जबकि पीड़िता और उसके वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

इस हादसे को लेकर कुलदीप सेंगर, उनके भाई मनोज सेंगर और आठ अन्य के ख़िलाफ़ सड़क दुर्घटना के एक मामले में पुलिस ने एक FIR दर्ज की थी। इन सभी के ख़िलाफ़ आईपीसी की कई धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई थी, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, आपराधिक धमकी और आपराधिक साज़िश शामिल हैं। रायबरेली में कार से टकराया यह ट्रक फतेहपुर के एक सपा नेता का था।

बता दें कि ‘सेंगर बंधुओं’ के हाथों हुए जघन्य अपराधों की फेहरिश्त उन्नाव दुष्कर्म मामले पर आकर नहीं ख़त्म होती। अपने लिए न्याय की गुहार लगा रहे डीआईजी रैंक के उत्तर प्रदेश कैडर के एक आईपीएस अधिकारी राम लाल वर्मा पर ‘सेंगर बंधुओं’ ने चार गोलियाँ दागी थी, जो उनके सीने और पेट में लगी थीं। उत्तर प्रदेश में ख़ासा रसूख रखने वाले सेंगर बंधुओं ने आईपीएस अफसर वर्मा पर जानलेवा हमले के अहम दस्तावेज़ न सिर्फ़ ग़ायब करवाए थे, बल्कि मामले की सुनवाई भी वर्षों तक टलवा दी थी।

इस महीने की शुरुआत में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने गैंगरेप के एक दूसरे मामले में एक और चार्जशीट दाखिल की थी। इस चार्जशीट में कुलदीप सिंह सेंगर की क़रीबी शशि सिंह के बेटे शुभम सिंह का भी नाम शामिल थे। चार्जशीट के मुताबिक़, तीनों आरोपितों ने 4 जून की घटना के एक सप्ताह बाद कथित रूप से पीड़िता का अपहरण और सामूहिक बलात्कार किया था।

ग़ौरतलब है कि 4 जून 2017 को आरोपित कुलदीप सिंह सेंगर पर एक नाबालिग ने रेप का आरोप लगाया था और 11 जून को पीड़िता अचानक गायब हो गई। पुलिस ने नाबालिग को 20 जून को ओरैया से बरामद किया और अगले दिन उसे उन्नाव लाया गया। इस मामले की पूरी A से Z तक की कहानी जानने के लिए यहाँ क्लिक करें।

900 बच्चों के टेस्ट HIV पॉजिटिव: शहर में दहशत, आरोपित डॉ. मुजफ़्फर घनघोरो गिरफ़्तार

पाकिस्तान के छोटे शहर राटोडेरो में लगभग 900 बच्चे इस साल की शुरुआत में तेज़ बुखार से पीड़ित थे और उन्होंने इसके इलाज भी किया। लेकिन, बच्चों की बीमार दशा से माता-पिता काफ़ी चिंतित थे।

दरअसल, अप्रैल में, तेज़ बुखार का उपचार बेहद विनाशकारी साबित हुआ था। पूरा शहर HIV की चपेट में आ गया था और इससे सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित थे। शुरूआत जाँच में, स्वास्थ्य अधिकारियों ने एक बाल रोग विशेषज्ञ को इस समस्या का दोषी ठहराया, क्योंकि उसने बच्चों को इंजेक्शन लगाने के दौरान एक ही सीरिंज का उपयोग बार-बार किया था।

उसके बाद लगभग 1,100 नागरिकों का टेस्ट किया गया जो HIV पॉजिटिव पाए गए। इसका मतलब यह हुआ कि प्रत्येक 200 निवासियों में से एक HIV से ग्रसित था। स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना ​​है कि पीड़ितों की संख्या इससे अधिक हो सकती है क्योंकि फ़िलहाल जिन लोगों का टेस्ट किया गया है वो कुल आबादी का एक छोटा सा हिस्सा हैं। 

अप्रैल में, एक स्थानीय पत्रकार गुलबहार शेख ने शहर में फैले इस प्रकोप की ख़बर ब्रेक की थी, उन्होंने देखा कि उनके पड़ोसी और रिश्तेदार इस वायरस के टेस्ट के लिए क्लीनिक के चक्कर लगा रहे हैं।

ख़बर के अनुसार, इस मामले की जाँच के लिए जब अधिकारियों ने राटोडेरो शहर का दौरा किया तो उन्होंने पाया कि अधिकतर संक्रमित बच्चे एक ही बाल रोग विशेषज्ञ मुजफ़्फर घनघोरो के पास गए थे, जो शहर के सबसे ग़रीब परिवारों की सेवा करते थे।

इस बात से पत्रकार शेख घबरा गए क्योंकि डॉ मुजफ़्फर घनघोरो उनके बच्चों के भी बाल रोग विशेषज्ञ थे। उन्होंने तुरंत अपने परिवार का भी टेस्ट करवाया और तब उन्हें पता चला कि उनकी 2 वर्षीय बेटी भी इस HIV वायरस से ग्रसित थी।

44 वर्षीय टीवी पत्रकार शेख का कहना है कि इस शहर की कुल आबादी 200,000 है। यहाँ के लोग पाकिस्तान के सबसे ग़रीब लोग हैं, साथ ही शिक्षा का स्तर भी बहुत गिरा हुआ है। ऐसे हालत में यहाँ के लोगों पास केवल डॉ मुजफ़्फर घनघोरो ही एकमात्र विकल्प हैं। उनके इलाज की फीस 20 सेंट थी यानि महीने भर में वो 60 डॉलर से कम कमाते थे।

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ मुजफ़्फर घनघोरो ने इम्तियाज जलबानी के सभी छ: बच्चों का इलाज किया, जिनमें से चार HIV से ग्रसित थे और उनके दो सबसे छोटे बच्चे, जिनमें 14 महीने की रिदा और 3 साल की समीना की मौत हो गई।

मजदूर जलबनी के अनुसार, जब वो अपने 6 वर्षीय बेटे का इलाज कराने डॉ मुजफ़्फर घनघोरो के पास पहुँचा तो उसने देखा कि उन्होंने एक अन्य बीमार व्यक्ति अली के इंजेक्शन लगाने के लिए कचरे में से सिरिंज निकाली। यह देखकर वो सहम गया और उसने डॉ घनघोरो से इसका विरोध किया। इस विरोध पर डॉ मुजफ़्फर घनघोरो ने भड़कते हुए कहा वो एक पुरानी सिरिंज का उपयोग कर रहा है क्योंकि वो नई सिरिंज ख़रीदने में सक्षम नहीं है।

इसके आगे उन्होंने कहा, “अगर आप मुझसे इलाज नहीं कराना चाहते, तो किसी अन्य डॉक्टर के पास जाएँ।” इस पर जलबानी ने कहा, “मुझे और मेरी पत्नी को दवा की फीस देने के लिए भूखा रहना पड़ा है।”

डॉ मुजफ़्फर घनघोरो को पुलिस ने लापरवाही, हत्या और ग़ैर-क़ानूनी तरीके से नुकसान पहुँचाने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया है। लेकिन उन्हें अभी तक दोषी नहीं ठहराया गया है। द न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए साक्षात्कार में, उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा वो निर्दोष हैं और उन्होंने कभी भी सीरिंज का दोबारा इस्तेमाल नहीं किया।