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‘मुस्लिमों को शेर बनना होगा, ताकि कोई ‘चायवाला’ उनके सामने खड़ा न हो सके’

अपने जहरीले बोल के लिए कुख्यात छोटे ओवैसी ने एक बार फिर से जहर उगला है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (AIMIM) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी के छोटे भाई अकबरुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर से अपना 15 मिनट वाला बयान दोहराया है। तेलंगाना के करीमनगर में एक सभा को संबोधित करते हुए अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उन्हें अपनी पार्टी की हार से कोई दिक्कत नहीं है, मगर बीजेपी की जीत उन्हें मंजूर नहीं। 

छोटे ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी AIMIM को नहीं जिताना तो मत जिताओ, उन्हें अपनी पार्टी की हार मंजूर है, लेकिन बीजेपी की जीत बिल्कुल भी मंजूर नहीं है। यहाँ पर बीजेपी चुनाव न जीत पाए, इसको सुनिश्चित करना है। उसने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वो लोग उनके खून के प्यासे हैं, इसलिए सारे मुस्लिमों को उनके खिलाफ एक हो जाना चाहिए। साथ ही उसने वहाँ उपस्थित लोगों से कहा कि उन्हें बीजेपी, आरएसएस और बजरंग दल वालों से डरने की जरुरत नहीं है। उसने मॉब लिंचिंग पर समुदाय के लोगों को शेर बनने की सलाह देते हुए एक बार फिर अपनी 15 मिनट वाले बयान को दोहराया। उसने कहा कि दुनिया उसी को डराती है जो डरता है और दुनिया उसी से डरती है जो डराना जानता है।

अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनके 15 मिनट वाले बयान को लेकर लोग अभी तक दहशत में हैं। इसीलिए मॉब लिंचिंग करने वाले और आरएसएस वाले उनसे डरते हैं। उसने कहा कि समुदाय के लोगों को शेर बनना होगा, ताकि कोई ‘चायवाला’ उनके सामने खड़ा न हो सके। उसने वहाँ उपस्थित लोगों से मॉब लिंचिग को लेकर परेशान न होने की सलाह दी। उसने कहा कि वो इसको लेकर परेशान न हों।

छोटे ओवैसी ने कहा कि वो यहाँ पर जो कुछ भी करेंगे, उसके बदले में उन्हें जन्‍नत या जहन्‍नुम मिलेगी। उसने नौजवानों को संबोधित करते हुए कहा, “वो लोग चाहे कुछ भी नारा लगवाएँ, तुम सिर्फ अल्‍लाह का नाम लो।” उसने कहा कि शहादत का जज्‍बा आ जाएगा तो कोई मॉब लिंचिंग करने वाला या आरएसएस वाला उनका कुछ भी नहीं कर पाएगा। उसने बीजेपी, आरएसएस और बजरंग दल की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वो लोग अकबरुद्दीन से इसलिए नफरत करते हैं, क्योंकि वो उनसे डरते हैं।

गौरतलब है कि, अकबरुद्दीन ओवैसी ने साल 2013 में कहा था, “हम 25 करोड़ हैं और तुम (हिंदू) 100 करोड़ हो, 15 मिनट के लिए पुलिस हटा दो, देख लेंगे किसमें कितना दम है।” इनके विवादित और साम्प्रदायिक नफरत से भरे बयानों की लंबी फेहरिश्त है। वो अपने साम्प्रदायिक बयानों को लेकर गिरफ्तार भी हो चुके हैं, लेकिन फिर भी जहर उगलने से बाज नहीं आते।

लिबरल रोना भाग-2: अनुराग कश्यप सहित 49 ने PM को लिखी चिट्ठी, ‘जय श्री राम’ को बताया भड़काऊ वॉर क्राई

देश में जय श्री राम के नारे के ऊपर चल रही कथित बहस को लेकर बॉलीवुड एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बॉलीवुड के कुछ अभिनेता और डायरेक्टर्स, जिनमें श्याम बेनेगल और अनुराग कश्यप भी शामिल हैं, ने दलितों और अल्पसंख्यकों पर बढ़े कथित जुल्म, हेट क्राइम, मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है।

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इन कलाकारों ने पत्र के माध्यम से पीएम से पूछा है कि उन्होंने अपराधियों के खिलाफ क्या एक्शन लिया है? इसके साथ ही पत्र में ‘जय श्री राम’ के नारे को उकसाने वाला ‘भड़काऊ’ वॉर क्राई बताया है। देशभर के सामाजिक कार्यकर्ता, फिल्म निर्माता और कलाकार पीएम को लिखे पत्र में इस पर रोक लगाने की माँग करते नजर आ रहे हैं।

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पत्र में जय श्रीराम का जिक्र

जुलाई 23, 2019 को लिखे गए इस पत्र में आरोप लगाया गया है कि राम के नाम पर देशभर में हिंसा हो रही है, ‘जय श्री राम’ का नारा युद्धघोष बन चुका है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि 1 जनवरी 2009 से 29 अक्टूबर 2018 के दौरान देश में 254 धर्म आधारित हेट क्राइम को अंजाम दिया गया। यही नहीं, 2016 में दलितों पर अत्याचार के 840 मामले सामने आए। प्रधानमंत्री से सवाल पूछते हुए इन कलाकारों ने लिखा है कि वो बताएँ कि अपराधियों के खिलाफ क्या एक्शन लिया गया?

इन 49 कथित सेलिब्रिटीज में दक्षिण भारतीय सिनेमा के भी कुछ फिल्म निर्देशक अदूर गोपालकृष्णन, मणि रत्नम के साथ ही फिल्मकार अनुराग कश्यप, बिनायक सेन, सौमित्रो चटर्जी, अभिनेत्री अपर्णा सेन, कोंकणा सेन शर्मा, रेवती, फिल्मकार श्याम बेनेगल, शुभम मुद्गल, रूपम इस्लाम, अनुपम रॉय, परमब्रता, रिद्धि सेन शामिल हैं।

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इस पत्र में ऐसे अपराध के लिए दोषी पाए जाने वालों के लिए गैर-जमानती और ऐसी कड़ी से कड़ी सजा की माँग की गई है, जो समाज में उदाहरण बन सके। पत्र पर बिनायक सेन, डायरेक्टर अंजना दत्ता और गौतम घोष ने भी हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर कुछ न कुछ हो रहा है। केंद्र में शामिल लोग किसी को भी ‘राष्ट्र विरोधी’ करार दे रहे हैं।

इस पत्र को आप इन तस्वीरों में पढ़ सकते हैं –

यहाँ पेशाब मत करो – इसी बात पर हितेश को जलाकर मार डाला: फिरोज, कुरैशी, शेख, लंगड़ा सहित 5 पर FIR

जगह महाराष्ट्र के पुणे की एक बार, नाम – कुणाल बार एवं रेस्तरां। समय रात के लगभग 2 बजे। हितेश मूलचंदानी अपने एक दोस्त के साथ इसी बार में होते हैं। तभी फिरोज खान नाम का शख्स शराब खरीदने इस बार में आता है। कुछ देर बाद खान बार के सामने ही पेशाब करने लगता है। उसकी इस बेहूदा हरकत पर हितेश मूलचंदानी, रोहित सुखेजा और कुछ अन्य दोस्त आपत्ति जताते हैं, और यह बहस से होते हुए झगड़े में बदल जाती है।

फिरोज खान के साथ 4 और भी लोग होते हैं। ये पाँचों साथ में मिलकर पहले तो हितेश मूलचंदानी के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। फिर पेशाब का विरोध कर रहे एक और शख्स साहिल ललवानी को गाली देते हैं, कैलाश पाटिल के सर पर बियर की बोतल से वार करते हैं। लेकिन जब पाँचों को अहसास होता कि मामला हाथ से निकल जाएगा तो ये हितेश मूलचंदानी को सफेद रंग की एक कार में जबरन डाल कर (अगवा) अपने साथ ले जाते हैं। पुलिस को इसके बाद हितेश का जला हुआ शव बरामद होता है।

कुणाल बार एवं रेस्तरां के मालिक रोहित सुखेजा के दोस्त थे हितेश मूलचंदानी। इन्हीं रोहित सुखेजा ने मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई और पूरा वाकया उन्हें बताया। शिकायत दर्ज करने के बाद पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने मूलचंदानी के जले हुए अवशेष को मंगलवार की सुबह पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम (पीसीएमसी) के पास एक खुले मैदान से बरामद किया।

पुलिस ने इस मामले में शामिल पाँच लोगों में से एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है। इन पाँचों की पहचान अमीन फिरोज खान, शाहबाज सेराज कुरैशी, अरबाज शेख, अक्षय संजय भोसले और लंगड़ा के रूप में हुई है। बाकी चार आरोपितों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।

इस मामले में धारा 302 (हत्या), 364 (अपहरण या हत्या के क्रम में अपहरण), 326 (स्वेच्छा से खतरनाक हथियारों से तकलीफ पहुँचाना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान करना), 201 (साक्ष्य को मिटाना) और 34 (आम मकसद) के तहत FIR दर्ज किया गया है।

‘हमारे नंबर 1 या 2 का आदेश हुआ तो 24 घंटे भी नहीं चलेगी आपकी सरकार’

कर्नाटक में 14 महीने पुरानी कॉन्ग्रेस-जदएस सरकार के गिरने के बाद से ही मध्य प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार के लिए भी कयासों का दौर शुरू हो गया है। मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव ने कहा है, “हमारे ऊपर वाले नंबर 1 या नंबर 2 का आदेश हुआ तो 24 घंटे भी आपकी सरकार नहीं चलेगी।”

नंबर 1 और नंबर 2 से भार्गव का आशय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री तथा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से है।

जवाब में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है, “आपके ऊपर वाले नंबर 1 और 2 समझदार हैं, इसलिए आदेश नहीं दे रहे। आप चाहें तो अविश्वास प्रस्ताव ले आएँ।”

गौरतलब है कि 230 सदस्यीय मध्यप्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के 114 और भाजपा के 109 विधायक हैं। कांग्रेस को बसपा के दो, सपा के एक और चार निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी हासिल है।

इससे पहले राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था, “हम यहां (मध्यप्रदेश) सरकार गिराने का कारण नहीं बनेंगे। कांग्रेस नेता खुद ही सरकार के पतन के लिए जिम्मेदार होंगे। कांग्रेस पार्टी के भीतर कलह है और उसे बसपा का समर्थन हासिल है, अगर कुछ होता है तो हम इसमें कुछ नहीं कर सकते।”

शिवराज के बयान पर कमलनाथ सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने कहा था, “भाजपा ने हमारे लिए समस्याएं पैदा करने के लिए सब कुछ किया है। लेकिन यह कमलनाथ की सरकार है, कुमारस्वामी की नहीं, उन्हें इस सरकार को हिलाने के लिए सात जन्म लेने होंगे।”

कश्मीर में लड़ चुके 40,000 आतंकी अब भी पाकिस्तान में मौजूद: इमरान खान का कबूलनामा

तीन दिन के अमेरिकी दौरे पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान एक के बाद एक सनसनीखेज कबूलनामे कर रहे हैं। पहले उन्होंने माना कि पाकिस्तान की जमीन पर करीब 40 आतंकी संगठन फल-फूल रहे थे। अब कहा है कि उनके देश में 30 से 40 हजार आतंकी मौजूद हैं, जो अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों और कश्मीर में दहशतगर्द को बढ़ावा देने में शामिल रहे हैं।

थिंक टैंक यूनाइटेड स्टेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ पीस को संबोधित करते हुए इमरान ने कहा कि उनकी पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ के सत्ता में आने से पहले की सरकारों ने पाकिस्तानी जमीन पर ​सक्रिय आतंकी गुटों पर शिकंजा कसने के लिए ‘राजनीतिक इच्छाशक्ति’ नहीं दिखाई।

उन्होंने कहा, “2014 में पाकिस्तान तालिबान ने आर्मी पब्लिक स्कूल पर हमला कर 150 बच्चों की हत्या कर दी। उस समय सभी राजनीतिक दलों ने नेशनल एक्शन प्लान पर हस्ताक्षर करते हुए तय किया था कि आतंकी गुटों को पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल नहीं करने देंगे। लेकिन पहले की सरकारों ने इस दिशा में राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं दिखाई।”

उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने इन गुटों पर शिकंजा कसना शुरू किया है और ऐसा पहली बार हो रहा है।

इससे पहले कैपिटल हिल में अमेरिकी सांसदों को उन्होंने बताया कि उनके देश में करीब 40 आतंकी समूह चल रहे थे। खान ने कहा, “हम आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका की लड़ाई लड़ रहे थे। पाकिस्तान का 9/11 से कुछ लेना-देना नहीं था। अल-कायदा अफगानिस्तान में था। पाकिस्तान में कोई तालिबानी आतंकवाद नहीं था। लेकिन हम अमेरिका की लड़ाई में शामिल हुए। दुर्भाग्यवश जब चीजें गलत हुई तो हमने अमेरिका को कभी जमीनी हकीकत से वाकिफ नहीं कराया। इसके लिए मैं अपनी सरकार को जिम्मेदार ठहराता हूँ।”

उन्होंने कहा, “पाकिस्तान ऐसे दौर से गुजरा है जहां हमारे जैसे लोग चिंतित थे कि क्या हम (पाकिस्तान) इससे सुरक्षित निकल पाएंगे। इसलिए जब अमेरिका हमसे आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जीतने में और सहयोग की आस लगाए था, उसी वक्त पाकिस्तान अपना अस्तित्व बचाने के लिए लड़ रहा था। ”

गुजरात: 2000 किलो नमकीन चट कर गए कॉन्ग्रेस विधायक-समर्थक, अब दुकानदार को नहीं दे रहे पैसा

लाखों की कार खरीदने के लिए चंदा मॉंगने वाली कॉन्ग्रेस सांसद के बाद अब गुजरात से पार्टी के एक विधायक 2,000 किलो नमकीन का भुगतान नहीं करने को लेकर चर्चा में हैं। कॉन्ग्रेस विधायक पूनम भाई परमार ने 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान आनंद के दुकानदार अमित भाई राना से नमकीन लिया था। लेकिन, डेढ़ साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी दुकानदार का 4,75,000 रुपए का भुगतान नहीं किया है।

पत्रकार जनक दवे ने एक पत्र ट्वीट कर यह जानकारी सार्वजनिक की है। माना जा रहा है कि बकाए के भुगतान के लिए दुकानदार ने यह चिट्ठी कॉन्ग्रेस विधायक को लिखी है।

पत्र के मुताबिक परमार ने 2,000 किलो चावना (एक तरह का गुजराती नमकीन) 65 रुपए प्रति किलो के भाव से खरीदा था। दुकानदार के मुताबिक इसका 4,75,020 रुपए अभी भी बकाया है। 29 नवंबर 2017 के इस बिल का नंबर 507 है।

दुकानदार के मुताबिक पैसा मॉंगने पर परमार ने 20 दिसंबर 2017 को उसे एक चेक दिया, लेकिन बैंक में जमा नहीं करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वे नकद भुगतान कर देंगे। चुनाव खत्म होने के बाद उसने कई बार अपने पैसे मॉंगे।

अमित भाई ने कहा है, “आपने अप्रैल 2019 में मुझे दो लाख रुपए दिए और बकाया रुपए दो-तीन महीने में देने का भरोसा दिलाया। मैंने आपको कई बार बताया है कि मेरी आर्थिक स्थिति फिलहाल कमजोर है। मैं अपने बच्चों का स्कूल फी देने में भी सक्षम नहीं हूॅं।”

दुकानदार का कहना है कि यदि उसे बकाया पैसा नहीं मिला तो वह कॉन्ग्रेस विधायक के घर के बाहर परिवार के साथ उपवास पर बैठ जाएगा।

VIDEO वायरल: बुजुर्ग यात्री से पैसे ले रहा था TTE, रेलवे ने किया सस्पेंड

चलती ट्रेन में बुजुर्ग गरीब यात्री से कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए एक टीटीई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में टीटीई टिकट चेकिंग के दौरान सीट देने के लिए यात्री से पैसे की माँग करता है और जैसे ही वो उसे देने के लिए पैसे जेब से निकालता है, टीटीई बिना गिने सारे पैसे लपक लेता है। इसके बाद बुजुर्ग आदमी उसके सामने गिड़गिड़ाता हुआ हाथ जोड़कर पैसे वापस करने की विनती करते नज़र आता है। यात्री के काफी गिड़गिड़ाने पर टीटीई उसे एक-दो नोट वापस कर देता है और बाकी सारा नोट अपने पास रख लेता है।

वीडियो वायरल होने के बाद, कई लोगों ने रेल मंत्री, पीयूष गोयल और रेल मंत्री के आधिकारिक हैंडल को टैग किया ताकि वो उन पर संज्ञान लें और टीटीई पर उचित कार्रवाई करें।  

ये घटना किस जगह की और किस तारीख की है, इसका वीडियो में कहीं उल्लेख नहीं है। लोगों का कहना है कि ट्रेन में इस तरह की घटनाएँ अक्सर ही होती हैं। टीटीई यात्रियों को टिकट देने के लिए मनमानी रकम वसूल करते हैं और इसका सबसे अधिक शिकार ट्रेन में सफर करने वाले गरीब लोग होते हैं।  

वायरल हो रहे वीडियो पर रेल मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है और एक ट्वीट करके वीडियो का विवरण माँगा ताकि मामले की जाँच की जा सके। रेल मंत्रालय के ट्वीट का जवाब देते हुए मुगलसराय स्टेशन के डीआरएम ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि सम्बंधित कर्मचारी से विडियो क्लिप के सम्बन्ध में स्पष्टीकरण लिया गया है। यह घटना 3 से 4 महीने पुरानी है। रेलवे कर्मचारी (टीटीई) ने बताया कि वो टिकट बनाने के लिए पैसे ले रहे थे और उन्होंने टिकट भी बनाया था। डीआरएम का कहना है कि सम्बंधित कर्मचारी को विस्तृत जाँच होने तक निलंबित कर दिया गया है।

समलैंगिक सूअर से भी नापाक, जाकिर नाइक का पीस टीवी ब्रिटेन में प्रतिबंधित

कट्टरपंथी इस्लामी प्रचारक जाकिर नाइक के पीस टीवी पर ब्रिटेन में प्रतिबंध लगा दिया गया है। कार्यक्रमों के जरिए दर्शकों को अपराध के लिए उकसाने, घृणा को बढ़ावा देने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के कारण पीस टीवी पर यह कार्रवाई की गई है।

मीडिया रेगुलेटर ऑफकॉम के मुताबिक पीस टीवी ने अपने चार कार्यक्रमों में ब्रॉडकास्टिंग कानूनों का उल्लंघन किया है। इनमें से एक कार्यक्रम ‘वैली ऑफ होमोसेक्सुअल्स’ में समलैंगिकों को पशुओं से भी बदतर बताते हुए कहा गया कि वे सूअर से भी नापाक हैं। एचआईवी का हवाला देते हुए एलजीबीटी समुदाय के लोगों को बीमारियों का वाहक बताया गया।

कार्यक्रम के प्रस्तोता कासिम खान ने कहा, “मर्द टीवी पर हमारे बच्चों के सामने मर्द से शादी करता है। एक-दूसरे का चुंबन लेता है। हाथ में हाथ डाले सड़कों पर चलता है। ऐसा लगता है कि समाज पागल हो गया है।”

मीडिया रिपोर्टों मुताबिक मार्च 2018 में प्रसारित इस कार्यक्रम में कहा गया था कि समलैंगिकता अस्वभाविक प्रेम है और लोग ऐसा शैतान के प्रभाव में करते हैं।

पीस टीवी ने अपने कार्यक्रमों में जादूगरों की हत्या और लड़कियों की कम उम्र में शादी की पैरोकारी भी की थी।

हिंदू लड़की को बहला-फुसला ले भागा शाबिर: ग्रामीणों ने रुकवाई मस्जिद की नमाज, बढ़ा साम्प्रदायिक तनाव

साम्प्रदायिक तनाव की बढ़ती खबरों के बीच ताजा मामला हरियाणा से पानीपत का है। पानीपत के हथवाला गाँव में 18 जुलाई को शाबिर नामक युवक और एक हिंदू लड़की रात को गायब हो गई। लड़की के पिता ने इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने आरोपित शाबिर के खिलाफ शिकायत तो दर्ज कर ली, लेकिन 5 दिन बीत जाने के बाद भी जब आरोपित को पुलिस पकड़ नहीं पाई तो मंगलवार (जुलाई 23, 2019) को गाँव का माहौल बिगड़ गया। लड़की के परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए, जिससे गाँव में साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न हो गया।

लड़की के परिजनों ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया और ग्रामीणों ने भी पुलिस पर आरोपित के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए और स्थिति बेकाबू हो गई। कुछ आक्रोशित लोगों ने गाँव की मस्जिद में नमाज रुकवा दिया, कुछ ने आरोपित शाबिर के घर पर हमला भी बोला।

तनावग्रस्त मौके पर पहुँची पुलिस को लोगों की बेकाबू भीड़ को शांत कराने में काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। गाँव की स्थिति काफी बिगड़ रही थी, लोग लगातार लापता लड़की की बरामदगी और शाबिर की गिरफ्तारी की माँग कर रहे थे। स्थानीय लोगों के दबाव के बाद पुलिस ने आरोपित युवक शाबिर के परिजनों एवं उनके कुनबे के कुछ अन्य सदस्यों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। साथ ही पुलिस ने ग्रामीणों को इस मामले में ठोस कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया।

जानकारी के मुताबिक, लापता लड़की बीएड द्वितीय वर्ष की छात्रा है। 18 जुलाई की रात वो अपनी दादी के साथ सो रही थी और रात में ही वो लापता हो गई। बताया जा रहा है कि शाबिर उसे बहला-फुसला कर अपने साथ ले गया है। इसके बाद परिजन और ग्रामीण लगातार पुलिस पर कार्रवाई करने का दबाव बना रहे थे और दो दिन पहले से ही गाँव के अड्डे पर इकट्ठा होने का मैसेज सोशल साइट्स पर फैलाया जा रहा था।

जब पुलिस 5 दिनों में शाबिर को नहीं पकड़ पाई तो लोगों ने वहाँ पर इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन किया। खबर के अनुसार तकरीबन 20 साल पहले भी इसी गाँव में इसी तरह की घटना हुई थी। जिसमें एक समुदाय का युवक दूसरे समुदाय की युवती को लेकर फरार हो गया था और उस युवती का आज तक पता नहीं चल पाया है। मगर ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में वो चुप नहीं बैठेंगे।

गौरतलब है कि पानीपत में 2 जनवरी को भी ऐसी ही एक घटना घटित हुई थी, जब बिलाल नामक युवक नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा को बहल-फुसला कर भगाकर ले गया था। हालाँकि, इस मामले में पुलिस ने आरोपित बिलाल को गिरफ्तार कर लिया था और छात्रा को परिजनों के हवाले कर दिया था।

संपादकीय नोट: ऑपइंडिया मस्जिद में नमाज रुकवाने या आरोपित व उसके परिवार (फिर चाहे वो किसी भी धर्म/जाति/लिंग का क्यों न हो) पर हमले की निंदा करता है। ऐसा करने से माहौल बिगड़ता है, साम्प्रदायिक तनाव पैदा होता है। देश में कानून-व्यवस्था है और किसी भी घटना की जाँच कानूनी दायरे में रहकर ही होनी चाहिए।

कमलनाथ का चुनावी वादा फुस्स: युवाओं को ₹4000 बेरोजगारी भत्ता देने की योजना से किया इनकार

मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार पिछले साल विधान सभा चुनाव से पहले किए गए वादों को लेकर लगातार यू-टर्न ले रही है। कॉन्ग्रेस ने चुनाव प्रचार के दौरान अपने घोषणापत्र में प्रदेश के युवाओं को 4000 हजार रुपए तक का बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था। मगर मंगलवार (जुलाई 23, 2019) को कमलनाथ सरकार इस वादे से मुकर गई। मध्य प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार ने कहा कि राज्य में बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने की कोई योजना नहीं है। मुख्यमंत्री ने ये जानकारी कॉन्ग्रेस विधायक मुन्नालाल गोयल के प्रश्र के लिखित जवाब में दी। जब मुन्नालाल गोयल ने कमलनाथ से बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने या उन्हें बेरोजगारी भत्ता देने की नीति के बारे में पूछा तो उन्होंने इसका जवाब ‘नहीं’ में दिया।

सरकार का कहना है कि प्रदेश में युवा स्वाभिमान योजना, मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना, मुख्यमंत्री कौशल्या योजना एवं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना तथा आईटीआई एवं पॉलीटेक्निक के माध्यम से कौशल संवर्धन का कार्य किया जा रहा है, जिससे उन्हें रोजगार प्राप्त हो सके। इसके अतिरिक्त जॉब फेयर योजना के तहत रोजगार मेलों का आयोजन किया जाता है, जहाँ उन्हें निजी क्षेत्र द्वारा रोजगार के लिए चयनित किया जाता है।

बता दें कि इससे पहले नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने भी बेरोजगारी भत्ता को लेकर कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि सरकार ने झूठे वादे करके युवाओं के साथ धोखा किया है। सरकार को मावा बाटी, जलेबी और चिरौंजी बर्फी की ब्रांडिंग करने की जगह युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए ठोस नीति बनाने की जरूरत है।