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उन्नाव: धार्मिक नारे और FIR के नाम निकले फर्जी, CCTV फुटेज से पुलिस ने किया झूठ का खुलासा

शुक्रवार (जुलाई 12, 2019) को उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले में क्रिकेट मैच को लेकर मदरसा दारुल उलूम फैज़ ए आम के छात्रों और कुछ स्थानीय युवकों के बीच आपसी झड़प की ख़बर सामने आई थी। मारपीट के बाद छात्र मदरसा पहुँचा और उसने मैच के दौरान हुई मारपीट की जानकारी काज़ी निसार अहमद मिस्बाही को दी, जिन्होंने पूरे मामले को मॉब लिंचिंग से जोड़ने और सांप्रदायिक रंग देने का भरसक प्रयास किया।

इस मामले में उन्नाव पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया है कि बच्चों से ‘जय श्री राम’ का नारा लगवाने की शिक़ायत की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। अब तक पुलिस द्वारा एक शख़्स को गिरफ़्तार किया गया है और आगे जाँच जारी है।

उन्नाव पुलिस ने एक प्रेस नोट जारी किया है। इसके अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में देखा गया है कि FIR में नामजद लोग मौक़े पर मौजूद ही नहीं थे। इस नोट में स्पष्ट लिखा गया है कि जय श्री राम का नारा लगवाने की बात इस पूरे प्रकरण में कहीं भी सामने नहीं आई है। इसका मतलब है कि जिस आधार पर उन चार लोगों को दोषी ठहराने की कोशिश की गई उन्हें ‘जय श्री राम’ के नारे के नाम पर बेवजह इस मामले में घसीटा गया था।

इस घटना के बाद कल (जुलाई 12, 2019) को पुलिस के बयान पर आधारित ऑपइंडिया की ही एक रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार पुलिस द्वारा इस मामले में जाँच के बाद यह बात सामने आई थी कि ‘जय श्री राम’ के धार्मिक नारे लगवाने के लिए मजबूर करने वाली बात एकदम मनगढ़ंत और झूठी थी। ADG (क़ानून-व्यस्था) उन्नाव ने क्रिकेट खेलने को लेकर दो पक्षों में हुई मारपीट की घटना के बारे में बताया था कि इस मामले की जाँच में पता चला है कि मदरसे के बच्चों से धार्मिक नारे नहीं लगवाए गए थे। ऐसे झूठे आरोप लगाकर मेरठ और आगरा में भी शांति भंग करने का प्रयास किया गया।

पुलिस ने बयान दिया कि प्रदेश में कहीं भी अफ़वाह और शांति भंग करने का प्रयास किया जाएगा तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना को लेकर लोकभवन में ADG LO, IG LO और प्रमुख सचिव सूचना की प्रदेश की क़ानून-व्यवस्था पर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की गई थी।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया था कि उन्नाव में क्रिकेट खेलने के चलते विवाद हुआ और क्रिकेट की वजह से ही बच्चों में झगड़ा हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों से कोई भी धार्मिक/मज़हबी नारे नहीं लगवाए गए थे। अधिकारियों ने बताया कि उन्नाव, मेरठ और आगरा में असामाजिक तत्वों को गिरफ़्तार किया गया और बिना भेदभाव के लोगों पर कार्रवाई की गई है।

मॉब लिंचिंग के लिए BJP, RSS नहीं, कॉन्ग्रेस ज़िम्मेदार: मौलाना सुहैब क़ासमी

इस्लामिक मदरसा जमात-ए-उलेमा हिंद ने देश भर में मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं के लिए कॉन्ग्रेस पार्टी को ज़िम्मेदार ठहराया है।

जमात-ए-उलेमा हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सुहैब क़ासमी ने आज (13 जुलाई 2019) गुवाहाटी में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि मॉब लिंचिंग की घटनाओं के लिए भाजपा या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) नहीं, बल्कि कॉन्ग्रेस ज़िम्मेदार है।

क़ासमी ने खुले तौर पर यह कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाली हिंसा के लिए कॉन्ग्रेस ज़िम्मेदार है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी से लिंचिंग से जुड़े हर उस मामले में सवाल पूछे जाने चाहिए जो उसके शासनकाल के दौरान घटित हुईं थीं।

हाल ही में सूरत नगर निगम (एसएमसी) के एक कॉन्ग्रेस पार्षद असलम साइकिलवाला को पुलिस ने गुजरात के सूरत शहर के अठवा लाइन्स इलाक़े में हुई एक भगदड़ की घटना में हिरासत में लिया था। इस घटना में झारखंड में तबरेज़ अंसारी की कथित रूप से हत्या के ख़िलाफ़ रैली निकाल रहे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया था। साइकिलवाला के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

तबरेज़ अंसारी की मौत के विरोध में एक हिंसक भीड़ द्वारा बस में आग लगाने की कोशिश के बाद एक अन्य कॉन्ग्रेसी नेता शमशेर आलम का नाम भी रांची की पुलिस ने FIR में दर्ज किया था।

कर्नाटक: विधानसभा स्पीकर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँचे कॉन्ग्रेस के 5 और बागी MLA

कर्नाटक में जारी सियासी उठापठक के बीच कॉन्ग्रेस के पांच और बागी विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इन विधायकों ने अपनी याचिका में कहा है कि विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार जान-बूझकर उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट पहुँचने वाले विधायकों में आनंद सिंह, डॉ. के सुधाकर, एन नागराज, मुनीरत्न और रोशन बेग शामिल हैं। इसी के साथ कर्नाटक में सियासी संकट शुरू होने के बाद से सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने वाले बागी विधायकों की कुल संख्या 15 हो चुकी है। 

दूसरी ओर, बगावत करने वाले विधायकों को पर्दे के पीछे से साधने की कोशिश में भी कॉन्ग्रेस और जनता दल(एस) लग गई है। कॉन्ग्रेस के संकटमोचक कहे जाने वाले राज्य के जल संसाधन मंत्री डीके शिवकुमार तड़के एन नागराज को मनाने के लिए उनके आवास पर पहुँचे। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर भी नागराज को मनाने उनके आवास पर गए। साथ ही उनसे इस्तीफ़ा वापस लेने का अनुरोध भी किया।

अन्य विधायकों जिनमें रामलिंगा रेड्डी, मणिरत्न और रोशन बेग शामिल हैं, को मनाने की भी कवायद जारी है। गौरतलब है कि विधायकों की बगावत के कारण एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व में चल रही कॉन्ग्रेस-जनता दल(एस) सरकार पर गिरने का खतरा मंडरा रहा है।

‘1984 का सिख दंगा RSS का रचा हुआ’ – The Caravan के संपादक का झूठ और लंदन में छीछालेदर

भारत की स्वघोषित “सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक-राजनीतिक पत्रिका” कारवाँ के सम्पादक विनोद के. होज़े को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। यह तब हुआ जब उनके एंटी-इंडिया प्रोपेगेंडा की प्रसार भारती के अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार ए. सूर्यप्रकाश ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर कलई खोल दी। और-तो-और, जिस सभा में वह (होज़े) यह सब बोल रहे थे, उसके सभाध्यक्ष ने भी तत्काल ही लोकतांत्रिक दुनिया में हिंदुस्तान के ओहदे को निर्विवाद बताया।

लंदन में झूठ बोलते पकड़े गए होज़े

लंदन में ब्रिटेन और कनाडा द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित मीडिया की आज़ादी पर वैश्विक कॉन्फ्रेंस (ग्लोबल कॉन्फ्रेंस फॉर मीडिया फ्रीडम) के दौरान ‘मीडिया एंड रिलिजन’ सत्र में कारवाँ के कार्यकारी सम्पादक विनोद के. होज़े ने भारत-विरोधी प्रेज़ेंटेशन दिया। बृहस्पतिवार (11 जुलाई, 2019) को हुए इस कार्यक्रम में उन्होंने दावा किया कि हिंदुस्तान के अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं। इस दौरान उन्होंने यह भी दावा किया कि “सैकड़ों ईसाईयों की हत्या हो रही है।” और “1984 का सिख हत्याकांड भी आरएसएस का रचा हुआ था।” अपने दावों के सबूत के तौर पर उन्होंने कथित अल्पसंख्यकों पर हमले के मीडिया द्वारा कवरेज के वीडियो भी दिखाए।

सूर्यप्रकाश का पलटवार

होज़े के प्रेज़ेंटेशन के बाद जब दर्शकदीर्घा के प्रति-प्रश्नों का समय आया तो सूर्यप्रकाश ने श्रोताओं को होज़े के दावों में गलतियों के प्रति आगाह करते हुए उनके कथनों को गलत बताया। उन्होंने याद दिलाया कि हिंदुस्तान न केवल (आबादी के लिहाज से) सबसे बड़ा, बल्कि सबसे जीवंत लोकतंत्र भी है। एक समाज के तौर पर हिंदुस्तानी समाज सबसे अधिक विभिन्नताओं वाला भी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दर्शक होज़े पर भरोसा कर (हिंदुस्तान की नकारात्मक छवि ले) वापस जाएँगे, तो यह वैश्विक लोकतान्त्रिक व्यवस्था के लिए आघात होगा।

‘एक्टिविस्टों को जनादेश से दिक्कत’

सूर्यप्रकाश ने यह भी कहा कि दुनिया के कुछ एक्टिविस्टों को हालिया लोकसभा के जनादेश से समस्या है। इसीलिए वे अपनी थ्योरियाँ चलाने के लिए ऐसे मंचों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने अमेरिका का उदाहरण दिया कि वहाँ हुए कुछ नस्लीय दंगों जैसी गिनी-चुनी घटनाओं से पूरा देश नस्लभेदी या लोकतंत्र-विरोधी नहीं हो जाता।

ब्रिटिश सांसद ने संभाली बात

सूर्यप्रकाश ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आयोजकों का ऐसे खुले तौर पर हिंदुस्तान-विरोधी प्रेज़ेंटेशन को मंच देना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि दुनिया के सबसे जीवंत लोकतंत्र पर हमला कर के लोकतंत्र के हितों की कोई हिमायत नहीं होती। सूर्यप्रकाश की नाराज़गी दूर करने के लिए उस सत्र के सभाध्यक्ष और ब्रिटिश सांसद लॉर्ड अहमद ने तुरंत उनकी टिप्पणी का संज्ञान लिया और लोकतान्त्रिक विश्व में भारत की साख की तारीफ की। लॉर्ड अहमद विंबलडन के सांसद होने के अतिरिक्त कॉमनवेल्थ और संयुक्त राष्ट्र मामलों के ब्रिटिश विदेश राज्य मंत्री भी हैं।

MP: सचिव की जगह सरपंच का तबादला, कमलनाथ सरकार की किरकिरी

मध्य प्रदेश की सत्ता पर जब से कॉन्ग्रेस काबिज़ हुई है ताबड़तोड़ तबादले हो रहे हैं। ये तबादले कमलनाथ सरकार की किरकिरी की भी वजह बन रहे हैं। लापरवाही का आलम यह है कि रीवा में सचिव की जगह सरपंच के तबादले का आदेश जारी कर दिया गया।  

इस मामले पर कमलनाथ सरकार के पंचायती राज मंत्री कमलेश्वर पटेल ने सफ़ाई देते हुए कहा है, “यह गलती सरकार के स्तर से नहीं हुई है। निचले स्तर पर ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। हमने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। जिसने भी यह गलती की होगी उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।”

रीवा में पिछले दिनों पंचायत सचिवों के तबादलों के आदेश जारी किए गए थे। इनमें एक नाम सरपंच का भी था। ज़िले की शिवपुरवा ग्राम पंचायत की प्रभारी विबा द्विवेदी की जगह गाँव के सरपंच बिहारीलाल पटेल का तबादला कर दिया गया। मॉनसून सत्र के दौरान सदन में इस गलती को उठाए जाने के बाद मामला सामने आया।

ख़बरों के अनुसार, बजट पर चर्चा के दौरान सदन में देवतालाब से बीजेपी विधायक गिरीश गौतम ने तबादलों में हुई गड़बड़ियों का ख़ुलासा करते हुए कमलनाथ सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्री तबादले करने में इतने व्यस्त हैं कि सचिव के बदले सरपंच का ही तबादला कर दिया।

तबरेज का बदला लेगा उसका आतंकवादी बेटा! एजाज़ खान ने TikTok वीडियो में दिया आरोपितों का साथ

हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा फैलाने की धमकी देने वाले विवादास्पद अभिनेता एजाज़ खान का एक और आपत्तिजनक वीडियो सामने आया है। उन्होंने उस TikTok ‘सेलिब्रिटी’ के साथ यह विवादस्पद वीडियो बनाया है जिसके खिलाफ तबरेज़ अंसारी की मौत के बदले में हिंसा भड़काने के आह्वान को लेकर FIR दर्ज की गई है।

डायलॉग की नकल के बहाने पुलिस का मखौल

एजाज़ खान की TikTok प्रोफाइल पर शेयर किए गए इस वीडियो में वह मुंबई पुलिस का मज़ाक उड़ाते नज़र आते हैं। यह एक बॉलीवुड फिल्म के डायलॉग की मिमिक्री है। इसमें उनके साथ Team07 का एक सदस्य नज़र आता है। डायलॉग में जब पुलिस अफसर का किरदार कुछ अपराधियों को पुलिस की गाड़ी में बैठने को कहता है तो अपराधियों में से एक पुलिस वाले पर धौंस जमाता है।

हालाँकि यह वीडियो पुराना है, पर इसे हाल ही में एजाज़ खान द्वारा उनकी TikTok प्रोफाइल पर शेयर किया गया है। इसमें उक्त मामले में FIR कराने वाले शिवसेना कार्यकर्ता रमेश सोलंकी पर तंज कसते हुए “वारंट लाया है? रमेश सोलंकी” का कैप्शन भी लिखा गया है।

अजाज़ खान की प्रोफाइल पर शेयर वीडियो का स्क्रीनशॉट

‘तबरेज़ का बदला’ के मामले में हुई थी FIR

गत 9 जुलाई को मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने शिव सेना कार्यकर्ता सोलंकी की शिकायत पर TikTok दर्शकों में खासे लोकप्रिय युवकों फैसल शेख, हसनैन खान, फैज़ बलोच, अदनान शेख और सधन फ़ारूक़ी के खिलाफ FIR दर्ज की थी। सोलंकी का आरोप है कि इन युवकों का TikTok पर जारी वीडियो, जिसमें 22-वर्षीय तबरेज़ अंसारी की झारखण्ड में भीड़ द्वारा पीट-पीट कर की गई कथित हत्या का बदला उसकी औलाद द्वारा आतंकवाद से करने की बात करते हैं, अन्य लोगों को हिंसा करने के लिए भड़काता है। उन्होंने उक्त Team07 द्वारा वीडियो हटा लेने और माफ़ी माँग लेने को भी नाकाफी बताते हुए इन लोगों को प्रतिबंधित करने और इनके अकाउंट ससपेंड करने की माँग की थी।

एजाज़ खान के विवादस्पद वीडियो का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी वह पायल रोहतगी को खरी-खोटी सुनाने में सारी दुनिया के एक दिन इस्लाम अपनाने की बात कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने एक दूसरे वीडियो में मजहब विशेष के 40 करोड़ वैध-अवैध के सड़क पर उतर कर समूचे देश को बंद कर देने की बात भी कही थी। उन्होंने एक बार यह भी ट्वीट किया था कि वे संविधान के ऊपर कुरान चुनेंगे। इसके अलावा ड्रग्स रखने के मामले में वह नवी मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल द्वारा भी हिरासत में लिए जा चुके हैं।

Muslim actor from India says he will choose Quran over Constitution of India

हनीट्रैप: जवान ने फेसबुक पर शेयर की खुफिया जानकारी, गिरफ्तार

सेना की खुफिया और संवेदनशील जानकारी एक विदेशी महिला के साथ साझा करने के आरोप में भारतीय सेना के एक जवान को गिरफ्तार किया गया है। 21 वर्षीय जवान रविंद्र कुमार के पास से 7 जिंदा कारतूस, दो मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड मिले हैं। बताया जाता है कि बीते दो साल से वह एक विदेशी महिला से गुप्त सूचनाएँ साझा कर रहा था।

रिपोर्टों के मुताबिक, सोशल मीडिया से रविंद्र विदेशी महिला के संपर्क में आया था। आरोप है कि सूचना देने के एवज में महिला ने रविंद्र के खाते में 5,000 रुपए भी डलवाए थे। फेसबुक पर महिला के साथ चैट करते समय रविंद्र ने सैन्य हथियारों की तस्वीरें साझा की थी। पुलिस उसे 2 दिन की रिमांड पर लेकर जाँच कर रही है।

हरियाणा के नारनौल के एसपी चंदर मोहन ने बताया कि आरोपित जवान महेंद्रगढ़ जिले के बसई गाँव का रहने वाला है। उसकी पोस्टिंग अरुणाचल प्रदेश में है और वह 10 जुलाई को 5 दिनों की छुट्टी लेकर घर आया हुआ था। उसे 10 जुलाई को नारनौल रेलवे स्टेशन के पास एक ढाबे पर चाय पीते वक़्त पकड़ा गया। गुरुवार (जुलाई 11, 2019) को उसे लोकल कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

रविंद्र की नियुक्ति साल 2017 में 5 कुमाऊँ रेजीमेंट में हुई थी। उसकी पोस्टिंग 2018 में अमृतसर में हुई। इस दौरान वह विदेशी महिला के संपर्क में आया। नारनौल पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि यादव महिला से फेसबुक पर चैट करने लगा और कुछ दिन बाद उसने महिला को बताया कि वह सेना में काम करता है। इसके बाद दोनों के बीच वीडियो कॉल पर बात होने लगी। इस दौरान जवान ने महिला को आर्मी यूनिट और हथियारों की लोकेशन भेजी। इसके अलावा उसने महिला को अमृतसर से अरुणाचल प्रदेश में हो रहे अपने ट्रांसफर की जानकारी भी दी।

उन्होंने बताया कि रविंद्र व्हाट्सएप के लिए कई नंबरों का इस्तेमाल कर रहा था। अभी तक महिला और उसकी राष्ट्रीयता की पहचान का पता नहीं चल पाया है। महिला के पाकिस्तानी होने की आशंका जताई जा रही है। रविंद्र के फेसबुक रिकॉर्ड के अनुसार, वह अनिका नाम की महिला के संपर्क में आया था। अनिका ने रविंद्र के सामने खुद को कैप्टन अनु बताया। उस महिला ने कभी भी रविंद्र का फोन कॉल कभी नहीं उठया। वह हमेशा उसे केवल व्हाट्सएप के जरिए कॉल करती थी।

UP: बस में पति की मौत, ड्राइवर जुनैद और कंडक्टर सलमान ने शव समेत पत्नी को बीच रास्ते उतारा

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग की बस से यात्रा कर रहे एक व्यक्ति की मौत के बाद बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने बीच रास्ते उसकी पत्नी को शव के साथ उतार दिया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक बहराइच से लखनऊ जा रही बस में 37 वर्षीय राजू मिश्रा अपनी पत्नी के साथ सवार हुए थे। रास्ते में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई।

ख़बरों के मुताबिक इसके बाद बस ड्राइवर जुनैद और कंडक्टर सलमान ने उनकी पत्नी से टिकट छीन लिया और पति के शव के साथ नीचे उतार दिया। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।

राजू मिश्रा कैंसर पीड़ित रिश्तेदार को लखनऊ देखने जा रहे था। राजू के बड़े भाई मुरली मिश्रा ने बताया कि बस कंडक्टर मोहम्मद सलमान और ड्राइवर जुनैद अहमद ने उनके भाई के शव और उनकी पत्नी को जबरन बस से उतार दिया। इसके बाद उन्होंने महिला से बस के टिकट भी छीन लिए ताकि बस यात्रा का कोई सबूत न बचे। वह शव के साथ महिला को अकेला छोड़कर भाग गए।

बाराबंकी डिपो केन्द्र के प्रभारी मनोज कुमार का कहना है कि उनके संज्ञान में यह प्रकरण नहीं है, लेकिन इसकी जाँच करवाकर ड्राइवर एवं कंडक्टर के ख़िलाफ़ आवश्यक कार्रवाई होगी।

कुछ अन्य खबरों के मुताबिक मोहम्मद सलमान ने कहा है कि राजू के सीने में दर्द होने पर उसने रामपुर में बस रोकी थी और पास के क्लीनिक से डी.पी सिंह को भी बुलाया था। लेकिन उससे पहले ही राजू की मौत हो चुकी थी।

वहीं, कंडक्टर का कहना है कि उसने यूपी पुलिस के 100 नंबर पर फोन किया, लेकिन वहाँ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद एसओ को फोन किया, जिन्होंने शव बाराबंकी अस्पताल ले जाने को कहा। सलमान के मुताबिक उसने मृतक के रिश्तेदारों को फोन किया और उनके कहने पर ही महिला को शव के साथ उतारा।

BREAKING: पश्चिम बंगाल के 107 विधायक BJP में होंगे शामिल – मुकुल रॉय का दावा

पश्चिम बंगाल से इस समय एक बड़ी ख़बर सामने आ रही है। खबर के अनुसार राज्य से 107 विधायकों के बीजेपी में शामिल होने का दावा किया गया है। बीजेपी नेता मुकुल रॉय ने बयान दिया है कि पश्चिम बंगाल के 107 विधायक भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे।

तृणमूल कॉन्ग्रेस का दामन छोड़ बीजेपी में शामिल होने वाले मुकुल रॉय ने इस बात का दावा किया कि बीजेपी में शामिल होने वाले ये 107 विधायक मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (माकपा), कॉन्ग्रेस और तृणमूल कॉन्ग्रेस पार्टी (TMC) से हैं। मुकुल रॉय के मुताबिक़, “हमारे पास उनकी लिस्ट तैयार है और वे हमारे सम्पर्क में हैं।”

इससे पहले गोवा में 10 कॉन्ग्रेस विधायक बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा की उपस्थिति में बीजेपी में शामिल हुए थे। ठीक इसके दो दिन बाद अब पश्चिम बंगाल से 107 विधायकों के बीजेपी में शामिल होने की ख़बर सामने आई है।

पंजाब: स्वच्छता अभियान के दौरान बेहोश हुईं कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी

पटियाला की सांसद और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में आयोजित स्वच्छता अभियान के दौरान बेहोश हो गईं। वे पटियाला को पॉलीथिन मुक्त बनाने के अभियान का शुरुआत करने पहुँची थीं।

कार्यक्रम के दौरान कॉन्ग्रेस सांसद 75 वर्षीय परनीत कौर अचानक बेहोश हो गईं। वे प्लास्टिक कचरे की सफाई के लिए स्वच्छता अभियान को हरी झंडी दिखाने पहुँची थीं। एक डॉक्टर ने बताया कि उनके ब्लड प्रेशर की जाँच की गई है जो ठीक पाया गया। उन्होंने बताया की सांसद अब बिल्कुल ठीक हैं।

इसके बाद परनीत कौर ने ट्वीट कर बताया कि पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्वच्छता श्रमदान की सफलतापूर्वक शुरुआत उन्होंने की। उन्होंने लिखा है कि इस पहल के तहत पटियाला को प्लास्टिक मुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने लोगों से इस अभियान में शामिल होने और परिवेश को साफ़-सुथरा रखने की अपील की।

इधर, बीजेपी सांसद हेमा मालिनी और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत संसद भवन परिसर में झाड़ू लगते दिखे।