Home Blog Page 1001

अखिलेश सरकार में थाने की जमीन पर बना दी मजार, योगी युग में गिरफ्तार हुआ तत्कालीन लेखपाल मोहम्मद सईद: सपा MLA रहे आरिफ अनवर हाशमी ने किया था कब्ज़ा

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में थाने की जमीन पर बनी मजार के मामले में ऑपइंडिया की खबर का बड़ा असर हुआ है। बलरामपुर पुलिस ने 11 साल पहले थाने की जमीन पर मजार बनाने में बड़ी भूमिका निभाने वाले तत्कालीन लेखपाल रहे मोहम्मद सईद को गिरफ्तार कर लिया है। रिटायर हो चुके मोहम्मद सईद पर समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान कागजातों में हेराफेरी करने और फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोप है। रिटायर्ड लेखपाल की गिरफ्तारी रविवार (21 अप्रैल, 2024) को हुई है।

बलरामपुर पुलिस ने मोहम्मद सईद की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक साल 2013 में सादुल्लानगर थाने की जमीन पर जबरन कब्ज़ा कर के मजार बनाने के मामले में केस दर्ज कर के जब जाँच की गई। इस जाँच में तत्कालीन लेखपाल मोहम्मद सईद का भी नाम सामने आया। मोहम्मद सईद ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए फर्जी कागजात तैयार करवाए थे। उसने सरकारी कागजों में हेराफेरी भी की। सईद को न्यायालय में पेश कर के जेल भेज दिया गया है।

सपा के पूर्व MLA का भाई पहले से है गिरफ्तार

बलरामपुर पुलिस ने सईद से पहले मारूफ अनवर हाशमी को गिरफ्तार किया था। मारूफ की गिरफ्तारी 1 अप्रैल, 2024 को FIR दर्ज होते ही कर ली गई थी। मारूफ थाने की जमीन कब्ज़ा कर बनी मजार का मुतव्वली था। वह समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक और अखिलेश यादव के करीबी आरिफ अनवर हाशमी का भाई है।

बाहर से बुलाए जाते थे मौलवी, होते थे उर्स

ऑपइंडिया ने 2 अप्रैल 2024 को इस मामले में अपनी खबर प्रकाशित की थी। खबर का शीर्षक ‘जहाँ बननी थी सिपाहियों की बैरकें वहाँ हो रहे थे उर्स’ सपा सरकार में पुलिस को धमका कर थाने की जमीन पर बना दी मजार, हिट्रीशीटर है पूर्व MLA आरिफ अनवर हाशमी’ था। इस खबर में हमने बताया था कि किस प्रकार से साल 2013 में पुलिस वालों को ही धौंस दिखा कर समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी ने थाने की ही जमीन कब्ज़ा ली थी। यहाँ पक्की मजार बना कर उसे ‘मजार शरीफ शहीद ए मिल्ल्त अब्दुल कुद्दूस शाह रहमतुल्लाह अलैह’ नाम दे दिया दिया गया था।

पुलिस स्टेशन की इस जमीन पर सिपाहियों के रहने के लिए बैरकें बनना प्रस्तावित था। लम्बे समय तक यह मामला कोर्ट और अन्य कारणों से लंबित रहा। बलरामपुर पुलिस के वर्तमान अधीक्षक IPS केशव कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लिया और अधीनस्थों को आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। आखिरकार इन सभी आरोपितों पर IPC की धारा 420, 468, 120 बी, 186, 434, 467 और 471 के साथ सार्वजनिक सम्पत्ति क्षति अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।

हैदराबाद में BJP प्रत्याशी माधवी लता को गले लगाने वाली ASI उमा देवी निलंबित, प्रचार के दौरान का वीडियो ओवैसी समर्थकों ने सोशल मीडिया पर किया था वायरल

हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर के. श्रीनिवास रेड्डी ने भाजपा की लोकसभा प्रत्याशी के. माधवी लता को गले लगाने वाली ASI को निलंबित कर दिया है। निलंबित की गई ASI सैदाबाद में तैनात थी और उनका नाम उमा देवी है। माधवी लता हैदराबाद लोकसबा सीट से भाजपा की उम्मीदवार हैं। उमा देवी का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह माधवी लता से हाथ मिलाते और गले लगते हुए दिख रही हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर ने इसका संज्ञान लिया है। पुलिस कमिश्नर ने इस आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए उन पर कार्रवाई की और उन्हें निलंबित कर दिया। दरअसल, माधवी लता सैदाबाद थाने की सीमा में चुनाव प्रचार कर रही थीं, तब उमा देवी वर्दी में ड्यूटी पर थीं। इसी दौरान उन्होंने भाजपा उम्मीदवार से मुलाकात की थी।

दरअसल, हैदराबाद के वर्तमान सांसद असदुद्दीन ओवैसी के समर्थकों और अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर करना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने हैदराबाद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी इसमें टैग करना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस कमिश्नर के जाँच के जाँच के आदेश दिए और आखिर में उन्हें निलंबित कर दिया।

बता दें कि माधवी लता ने पिछले सप्ताह रामनवमी पर निकाले गए जुलूस में शामिल हुई थीं। इस दौरान उन्होंने सांकेतिक रूप से धनुष पर बाण रखकर छोड़ा था। जिस तरफ वह ऐसा कर रही थीं, उसी तरफ एक मस्जिद था। इसको लेकर विपक्षियों ने हंगामा कर दिया कि उन्होंने मस्जिद पर बाण चलाई है। शेख इमरान नाम के एक व्यक्ति ने उनके खिलाफ शिकायत भी दी।

पुलिस ने माधवी लता के खिलाफ अपने भड़काऊ हाव-भाव से एक समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का मामला दर्ज किया है। यह मामला बेगम बाजार थाने में दर्ज किया गया है। उन पर धारा 295A (जानबूझकर दुर्भावनापूर्ण कार्यों से किसी धर्म के विश्वासों का अपमान कर भावनाओं को ठेस पहुँचाना) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

दरअसल, माधवी लता का यहाँ मुकाबला AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से है। ओवैसी साल 2004 से यानी लगातार चार बार से यहाँ से सांसद हैं। पाँचवीं बार के लिए भी उन्होंने नामांकन करा लिया है। इसके पहले उनके अब्बा सुल्तान सलाहुद्दीन ओवैसी साल 1984 से 1999 तक यहाँ से सांसद रहे। इसके पहले वे यहाँ से विधायक थे।

बुजुर्गों से पैर पकड़वाए, महिलाओं से छेड़खानी, बच्चियों को पीटा… मस्जिद के सामने से गुजरी बरात तो मुस्लिम भीड़ ने किया हमला, बोले पीड़ित – DJ बजाने पर बनाया शिकार

राजस्थान के अलवर जिले में हिन्दू परिवार में आई एक बरात पर मुस्लिम भीड़ द्वारा हमले की खबर है। हमले की वजह मस्जिद के आगे DJ बजना बताया जा रहा है। हालाँकि कुछ लोग इसे बाइक टकराने से उठा विवाद भी मान रहे हैं। हमले में कई बाराती घायल हो गए हैं जिनका इलाज अस्पताल में करवाया जा रहा है। पुलिस ने केस दर्ज कर के 4 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। घटना रविवार (21 अप्रैल, 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला अलवर के थाना क्षेत्र नौगाँवा का है। यहाँ के गाँव मेडूबास में रविवार की शाम रामदास अपने पोते की बारात ले कर आए थे। पुलिस में दी गई शिकायत में उन्होंने बताया कि घटना के समय दूल्हा बग्घी पर सवार था। बरात में DJ बज रहा था। गाँव के रास्ते से होते हुए ये बारात मस्जिद के सामने से गुजरी। तभी मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग बाहर निकले और DJ को बंद करने के लिए कहा। बारातियों ने इंकार किया तो दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।

आरोप है कि इसी वाद-विवाद के बीच अचानक बारातियों पर पत्थर चलने लगे। जब तक बाराती बचने के लिए कोई ठिकाना खोजते उस से पहले ही एक भीड़ ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर लिया। इस भीड़ में पुरुषों के साथ महिलाएँ भी शामिल बताई जा रही हैं। इस हमले में पवन, किशनचंद, संदीप, सागर, राकेश, मनोज सहित लगभग 10 बाराती घायल हो गए। घायलों में 14 साल की एक बच्ची और महिलाएँ भी शामिल हैं। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस बल गाँव में पहुँचा। पुलिस को देखते ही हमलावर पहाड़ों में भाग गए।

पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्ष एक दूसरे पर हमले का आरोप लगा रहे हैं। जहाँ एक पक्ष मस्जिद के आगे DJ बजाने पर खुद को हमले का शिकार बता रहा है तो वहीं दूसरा पक्ष इसे बाइक टकराने से उठा विवाद कह रहा है। पुलिस दोनों पक्षों के बयानों के साथ हमले के असल कारणों की पड़ताल में जुटी है। अब तक कुल 4 लोगों को हिरासत में लिया गया है जिनसे पूछताछ की जा रही है। तनाव को देखते हुए गाँव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। फरार आरोपितों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

पीड़ितों ने ये भी बताया कि बुजुर्गों से पैर भी पकड़वाए गए। महिलाओं से भी छेड़छाड़ की गई। पीड़ितों माँग की है कि सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

हज करने के लिए पैदल पाकिस्तान सीमा पार कर रहा था सैयद मजीद, जैसलमेर में लोगों ने पकड़ा: बोला – ‘बजरंगी भाईजान’ देख कर आया आईडिया

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद का रहने वाला मजीद बिना वीसा के अवैध रूप से पाकिस्तान में घुसने की कोशिश कर रहा था। सुरक्षा बलों ने उसे हिरासत में ले लिया है। पूछताछ में उसने बताया कि वह हज करना चाहता था, इसलिए वह पाकिस्तान जाना चाह रहा था। राजस्थान के जैसलमेर से बॉर्डर पार करने की कोशिश के दौरान ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

लगभग 29 साल के मजीद ने बताया कि वह सरहद पर पहुँचकर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों से आग्रह करता और पाकिस्तानी सीमा में चला जाता। उसने बताया कि उसे यह आइडिया ‘बजरंगी भाईजान’ फिल्म देखकर आया था। बता दें कि बजरंगी भाईजान बॉलीवुड स्टार सलमान खान की फिल्म है, जो सीमा के दोनों तरफ जुड़े लोगों की कहानी है।

कोतवाली थाना के प्रभारी सवाई सिंह ने बताया कि युवक का नाम सैयद मजीद है। इसके अब्बा का नाम सैयद जहाँगीर है। यह हैदराबाद के किंग कोठी का रहने वाला है। यह हैदराबाद से रेल के जरिये जयपुर आया था। जयपुर से जैसलमेर आया था। इसे जैसलमेर शहर से 10 किलोमीटर दूर मूल सागर गाँव में रविवार (21 अप्रैल 2024) की सुबह ग्रामीणों ने पकड़ा।

रिपोर्ट के मुताबिक, मजीद 16 अप्रैल 2024 को हैदराबाद से जयपुर के लिए रवाना हुआ था। ट्रेन से पहले वह जयपुर पहुँचा और फिर जैसलमेर। रविवार (21 अप्रैल 2024) को वह जैसलमेर आकर रेलवे स्टेशन पर ही सोया। फिर, वहाँ से वह पाकिस्तानी सीमा की ओर पैदल ही चल पड़ा। शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर उसे पैदल जाता देखकर लोगों ने रोक कर पूछताछ की।

इस दौरान मजीद ने बताया कि वह सीमा पार करके पाकिस्तान जा रहा है और वहाँ से वह हज करने जाएगा। उसकी गतिविधियाँ संदिग्ध लगने पर लोगों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस को सूचित करके उसे पुलिस के हवाले कर दिया। मजीद आगे कोई अपराध ना करे, यह सोचकर पुलिस ने उसे धारा-151 के तहत हिरासत में ले लिया और अगले दिन कोर्ट में पेश किया।

सवाई सिंह का कहना है कि जाँच करने पर सैयद मजीद के पास से पासपोर्ट और आधार कार्ड मिला है। उसके पास वीसा नहीं था। पुलिस का कहना है कि मजीद के पास से कुछ भी संदिग्ध सामान या दस्तावेज बरामद नहीं हुआ है। उसने बताया कि वह पाकिस्तान के रास्ते हज करने जाना चाहता था। इसलिए उसने पैदल ही सीमा पार करने की सोची।

उसने कहा कि उसके पास वीजा नहीं है। उसने यूट्यूब पर ‘बजरंगी भाईजान’ फिल्म देखकर सीमा पर परमिशन लेने का विचार किया था। मजीद आगे कोई अपराध नहीं करे, इसलिए धारा-151 में पुलिस ने उसे पकड़ा। उसे सोमवार (22 अप्रैल 2024) को एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे छोड़ दिया गया। कोर्ट ने उसे घर भेजने के आदेश दिया है।

CM केजरीवाल को नहीं मिली रोज वीडियो कॉल की अनुमति, खाना-व्यायाम तय करेगा AIIMS का बोर्ड, कोर्ट से AAP मुखिया को झटका

दिल्ली शराब घोटाला मामले में जेल में बंद मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की इन्सुलिन और वीडियो कॉल सम्बन्धित याचिका एक कोर्ट ने खारिज कर दी है। उनकी इस याचिका का जाँच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विरोध किया था। केजरीवाल पर एजेंसी ने आरोप लगाया था कि वह जानबूझ कर मीठी चीजें खा रहे हैं जिससे उन्हें मेडिकल आधार पर जमानत मिल सके।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली के न्यायालय ने केजरीवाल की रोज 15 मिनट निजी डॉक्टर के साथ वीडियो कॉल की माँग वाली याचिका को खारिज किया। CM केजरीवाल ने कोर्ट से यह माँग कि थी कि उन्हें यह सुविधाएँ उपलब्ध करवाने के लिए तिहाड़ जेल प्रशासन को आदेश दिया जाए। हालाँकि, कोर्ट ने तिहाड़ प्रशासन को आदेश दिया है कि वह केजरीवाल को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध करवाए। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि AIIMS के डॉक्टरों से सलाह लेकर आगे की कार्रवाई की जाए।

कोर्ट ने यह भी कहा कि मेडिकल बोर्ड इस बात का निर्णय करेगा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल को इन्सुलिन दी जाए या नहीं। मेडिकल बोर्ड इस बात का निर्णय भी करेगा कि केजरीवाल को क्या खिलाया-पिलाया जाए और साथ ही उनके लिए व्यायाम का खाका भी तैयार करे।

केजरीवाल की इस याचिका पर फैसला पिछले शुक्रवार को सुरक्षित रख लिया गया था। सोमवार (22 अप्रैल, 2024) को इस मामले में फैसला सुनाया गया। इस मामले में ED ने केजरीवाल को वीडियो कॉल सुविधा दिए जाने का विरोध किया था। ED ने कहा कि केजरीवाल जानबूझ कर आम खा रहे हैं ताकि उनका सुगर स्तर बढ़ जाए और वह इसका उपयोग मेडिकल आधार पर जमानत में कर सकें।

इस मामले में तिहाड़ जेल की तरफ से पेश हुए वकील ने कहा कि केजरीवाल के संबंध में AIIMS के डॉक्टरों की राय ली गई थी। तिहाड़ के वकील ने बताया कि AIIMS के डॉक्टरों ने राय दी कि डायबिटीज वाले रोगियों को आम नहीं खाने चाहिए और साथ ही केजरीवाल का डायबिटीज स्तर अभी नियंत्रण में है। उन्होंने यह भी बताया कि केजरीवाल को इन्सुलिन देने की कोई आवश्यकता नहीं है। इससे पहले सोमवार को ही केजरीवाल की जमानत सम्बंधित एक याचिका खारिज की गई थी।

गौरलतब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को 21 मार्च, 2024 को प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था। वह तब से न्यायिक हिरासत में हैं। उनकी न्यायिक हिरासत 23 अप्रैल, 2024 तक है। उन्होंने जमानत के लिए भी याचिका दाखिल की थी।

तेजस्वी यादव ने NDA के लिए माँगा वोट! जहाँ से निर्दलीय खड़े हैं पप्पू यादव, वहाँ की रैली का वीडियो वायरल

लोकसभा चुनावों के बीच राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने पूर्णिया में भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए गठबंधन के लिए वोट माँगने का काम किया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में तेजस्वी यादव जनता को संबोधित करते दिख रहे हैं।

इसमें वो जनता से कह रहे हैं कि या तो लोग इंडी गठनबंधन को वोट दे दें वरना एनडीए गठबंधन को। उन्होंने जनता से अनुरोध किया कि इन दो विकल्पों के अलावा और किसी को वोट न दिया जाए।

इस वीडियो में तेजस्वी यादव कहते हुए सुनाई पड़ते हैं- दुआ कीजिए आपका आशीर्वाद बना रहे। हमें एकजुट रहना है। किसी के धोखे में नहीं आना। ये किसी एक व्यक्ति का चुनाव नहीं है। ये दो धारा का चुनाव है। या तो इंडी गठबंधन या तो एनडीए की लड़ाई है।

आगे वो साफ-साफ पूर्णिया की जनता से कहते हैं- या तो आप इंडी गठबंधन को चुनो। और अगर आप इंडी गठबंधन की बीमा भारती को नहीं चुनते हो तो आप एनडीए को चुन लो। साफ बात। साफ बात…।

उनके रैली में ऐसा कहने के बाद अब उनकी वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हो रही है। कहा जा रहा है किये पूर्णिया में निर्दलीय चुनाव में खड़े पप्पू यादव की हवा है जो तेजस्वी यादव खुद कह रहे हैं कि या तो एनडीए को चुन लोग या फिर इंडी गठबंधन को। लोगों के मुताबिक राजद पप्पू यादव को मिल रहे जनसमर्थन से डर गई है।

गौरतलब है कि पप्पू यादव इस बार पूर्णिया से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने पिछले दिनों तेजस्वी पर निशाना साधते हुए बोला था कि तेजस्वीर दो बार उप-मुख्यमंत्री रहे हैं, उन्हें बताना चाहिए कि उन्होंने पूर्णिया के लिए क्या किया। पप्पू यादव ने कहा था कि वो यहाँ से चुनाव में नहीं खड़े हैं बल्कि पूरी जनता उनके लिए खड़ी हुई है।

नेहा जैसा न हो MBBS डॉक्टर का हश्र: जिसके पिता IAS अधिकारी, उसे दवा बेचने वाले अब्दुर्रहमान ने फँसा लिया… इकलौती बेटी को बचाने की गुहार

कर्नाटक में फैयाज द्वारा नेहा नाम की लड़की की निर्मम हत्या के बाद देश भर में ‘लव जिहाद’ की चर्चा जोरों पर है। इसी बीच ओडिशा के एक पूर्व IAS अधिकारी ने वीडियो जारी कर के अपनी बेटी को भी ‘लव जिहाद’ के चंगुल में फँसा बताया है। उन्होंने अब्दुर्रहमान नाम के युवक पर अपनी एकलौती बेटी को धोखे से जाल में फँसाने और ब्रेनवॉश करने का आरोप लगाया है। रविवार (21 अप्रैल, 2024) को ऑपइंडिया को भेजे गए वीडियो में रिटायर्ड अधिकारी ने अपनी बेटी के साथ भी किसी अनहोनी की आशंका जताते हुए सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

वीडियो में पूर्व IAS आर के सारंगी के साथ उनकी पत्नी भी मौजूद हैं। वीडियो की शुरुआत ‘जय जगन्नाथ’ से करने वाले पूर्व IAS रिटायरमेंट के बाद वर्तमान में उड़ीसा के भुवनेश्वर में अपनी पत्नी के साथ रह रहे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है। RK सारंगी ने बताया कि उनकी बेटी को अक्टूबर 2018 से ही ‘लव जिहाद’ के जाल में फँसा लिया गया है। पूर्व अधिकारी ने बताया कि उन्होंने अपनी तरफ से खोजबीन की तो उनकी बेटी की मौजूदगी मेरठ के मवाना इलाके में पाई गई है।

आगे की बात सारंगी की पत्नी ने पूरी की। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में नेहा नाम की लड़की की हत्या के बाद वो अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर बेहद डरी हुई हैं। अधिकारी की पत्नी ने आगे कहा कि जो बेटी ‘लव जिहाद’ की शिकार हुई है, वो उनकी इकलौती संतान है। उन्होंने यह भी कहा कि वो अपनी तरफ से अपनी बेटी को जिहादी के चंगुल से बचाने के लिए हर सम्भव प्रयास कर चुकी हैं लेकिन वो तमाम कोशिशें बेअसर रही हैं। अपनी कोशिशों के नाकाम होने की वजह सारंगी परिवार ने कुछ प्रशासनिक अधिकारियों का दबाव बताया है।

पीड़ित परिवार की यह भी माँग है कि सरकार बहन-बेटियों को जिहादियों के हाथों मरने से बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाए। सारंगी परिवार ने योगी आदित्यनाथ को ही अपनी अंतिम उम्मीद बताया है। पूर्व IAS ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन के 35 साल देश की सेवा में समर्पित किए हैं। ऑपइंडिया से बातचीत में सारंगी दम्पति ने यह भी बताया कि अगर उनकी इकलौती बेटी को कुछ हो जाता है तो सम्भवतः वो भी नहीं जी पाएँगे।

यूक्रेन से की डॉक्टरी की पढ़ाई

पूर्व IAS आर के सारंगी अपनी जिस बेटी को ‘लव जिहाद’ के चंगुल में फँसा बता रहे हैं, उसका नाम वर्षा (बदला हुआ नाम, पहचान उजागर होने से संभावित खतरा) है। वर्षा मूलतः ओडिशा की हैं, जिन्होंने प्रारंभिक शिक्षा भारत के अलग-अलग स्थानों से लेने के बाद यूक्रेन से डॉक्टरी की पढ़ाई की। वर्षा को मेडिकल की डिग्री रूसी संस्थान द्वारा जारी हुई है। साल 2016 में यूक्रेन से पढ़ाई करने के बाद वर्षा भारत लौट आईं। तब उनके पिता दिल्ली में तैनात थे। इस दौरान पूरा सारंगी परिवार नोएडा में रहता था। वर्षा नोएडा के एक प्राइवेट अस्पताल में इंटर्नशिप करने लगीं।

नोएडा के अस्पताल में मिला अब्दुर्रहमान

RK सारंगी हमें आगे बताते हैं कि नोएडा के एक अस्पताल में इंटर्नशिप करने के दौरान वर्षा को अब्दुर्रहमान मिला था। वह उसी अस्पताल में यूनानी दवाओं का कोई काम करता था। शुरुआत में वर्षा ने अपने माता-पिता से शिकायत की थी कि अब्दुर्रहमान जबरन उससे बातचीत की कोशिश करता है। इस शिकायत के बाद वर्षा को दूसरे अस्पताल में काम करने के लिए भेजा गया था। बाद में आर के सारंगी का ट्रांसफर गुजरात के राजकोट हो गया था। इसके बाद वर्षा ने अपनी डॉक्टरी का इंटर्नशिप जारी रखने की माँग की और नोएडा में ही कुछ और समय रहने की मोहलत माँगी।

घर में मिली थी जली हालत में

आर के सारंगी ऑपइंडिया को आगे बताते हैं कि एक दिन उन्हें राजकोट में कॉल आई कि उनकी बेटी नोएडा के अपने घर में जल गई है। आनन-फानन में वो नोएडा पहुँचे तो वर्षा एक अस्पताल में जली हालत में भर्ती मिलीं। यहाँ पर अब्दुर्रहमान भी मौजूद मिला, जिसने वर्षा के जलने के सवाल पर गोलमोल जवाब दिया। पुलिस जाँच में वर्षा ने बताया कि उन्हें बेहोशी की हालात में सम्भवतः जलाया गया। जब होश आया तो वो शॉवर के नीचे नग्न हालत में पड़ी थीं। RK सारंगी को अब्दुर्रहमान पर शक हुआ लेकिन उन्होंने पहले बेटी के स्वास्थ्य की चिंता की। इसके बाद वो वर्षा को लेकर राजकोट चले गए।

राजकोट में हुआ इलाज

सारंगी दम्पति हमें आगे बताते हैं कि राजकोट के अस्पताल में इलाज के दौरान पाया गया कि वर्षा के चेहरे पर और सीने पर जले के निशान थे। उन्होंने अपनी बेटी का महँगे से महँगा इलाज करवाया। थोड़ा ठीक होने के बाद वर्षा फिर से इंटर्नशिप पूरा करने के नाम पर नोएडा जाने की जिद करने लगीं। सारंगी दम्पति को आशंका है कि अब्दुर्रहमान छिप कर राजकोट आया था। उसने घायल अवस्था में नग्न पड़ी वर्षा की कई आपत्तिजनक तस्वीरें खींच ली थी, जिसके सहारे पीड़िता को ब्लैकमेल किया गया।

गाजियाबाद में हिन्दू बन कर फर्जी शादी की साजिश

आर के सारंगी ने हमें बताया कि उनकी बेटी को राजकोट से नोएडा लाकर अब्दुर्रहमान गाजियाबाद ले गया। आरोप है कि अप्रैल 2022 में यहाँ एक ‘आर्य समाज सेवा ट्रस्ट’ नाम से बनी संस्था में उसने वर्षा से शादी का नाटक किया। उक्त संस्था पहले से ही विवादित रही है और दयानद सरस्वती वाला ‘आर्य समाज’ से इसका कोई संबंध नहीं है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय भी उक्त संस्था पर टिप्पणी करते हुए फटकार लगा चुका है। आरोप है कि अब्दुर्रहमान ने इस शादी में खुद के हिन्दू धर्म में ‘घर वापसी’ का दावा किया था।

हालाँकि, गाजियाबाद पुलिस ने इस केस में IPC की धारा 420 के तहत FIR दर्ज कर ली थी। पूर्व अधिकारी की पत्नी का दावा है कि जिस शादी के नाम पर अब्दुर्रहमान उनकी बेटी को अपनी बीवी बताने का दावा करता है, वो कानूनन अवैध है।

बना रहा है केस वापसी का दबाव

हमसे बातचीत में आर के सारंगी की पत्नी ने बताया कि अब्दुर्रहमान उनकी बेटी को तनाव देकर उन सभी पर केस वापसी का दबाव बना रहा है। केस वापसी से इनकार करने पर लम्बे समय तक वर्षा से बात नहीं करवाई जाती है। बकौल पीड़ित दम्पति, उन्हें यह भी बताया गया कि अब्दुर्रहमान ने कई बार वर्षा की निर्ममता से पिटाई की है। अब वर्षा एक बच्चे की माँ है। आरोप है कि अक्सर अब्दुर्रहमान बच्चे की फोटो स्टेटस पर डाल कर सारंगी दम्पति को चिढ़ाने का भी काम करता है।

सम्पत्ति पर है नजर और ‘लव जिहाद’ का टास्क

सारंगी दम्पति ने आशंका जताई है कि अब्दुर्रहमान की नजर उनकी सम्पत्ति पर है। उन्होंने बताया कि अब्दुर्रहमान यह जानता है कि वर्षा अपने परिवार की इकलौती संतान है। हमें यह भी बताया गया कि मानसिक तनाव के चलते अक्सर आर के सारंगी की तबीयत खराब ही रहने लगी है। सारंगी की पत्नी ने बताया कि उनके परिवार को बर्बाद कर के अब्दुर्रहमान ने न सिर्फ अपने ‘लव जिहाद’ का टास्क पूरा किया है बल्कि सारी चल-अचल सम्पत्ति का मालिक भी बनना चाह रहा है।

‘नहीं मिला साथ तो मार डाली जाएगी बेटी’

सारंगी परिवार ने हमें आगे बताया कि केस वापसी का दबाव सिर्फ इसलिए बनाया जा रहा है, जिससे अब्दुर्रहमान उनकी बेटी को बाद में मार भी डाले तो कोई कानूनी अड़चन न आए। अपनी बेटी को पूरी तरह से ब्रेनवॉश बताते हुए सारंगी परिवार मामले की जाँच CBI या NIA से करवाने की माँग कर हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसी अधिकारी के आगे बयान दिलाने से पहले अब्दुर्रहमान उनकी बेटी को ड्रग्स देता है और साथ ही मुँह खोलने पर बेटे को मार डालने के लिए धमकाता है।

पीड़ित परिवार ने कम से कम 1 महीने वर्षा को अपने साथ रखने की गुहार लगाई है। प्रशासन के अलावा सारंगी परिवार ने हिन्दू संगठनों से भी मदद की अपील की है।

‘जय भीम’ में जिस याचिका के बारे में बताया, महिला ने गाय-भैंस-मुर्गा को ढूँढने के लिए वही लगाया: हाईकोर्ट बोला – ये कानून इसके लिए नहीं

गुजरात हाई कोर्ट में एक महिला ने अपनी बेटी और जानवरों को ढूँढने के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका लगा दी। महिला ने कोर्ट के सामने लगाई गई याचिका में कहा कि उसकी बेटी के साथ ही उसके जानवरों का अपहरण हुआ है जिनको ढूढ़ने के लिए वह यह याचिका लगा रही है। गुजरात हाई कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि वह जानवरों को मानव के तौर पर नहीं मान सकते और ना ही उनके लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण के आदेश दे सकते हैं।

जानकारी के अनुसार, गुजरात के सूरत की एक महिला ने गुजरात हाई कोर्ट के सामने लगाई याचिका में बताया कि गुंडों ने दो वर्ष पहले उसके घर में आग लगा दी थी और उसकी बेटी का अपहरण कर लिया था। यह लोग उसकी बेटी के साथ ही उसकी गाय, भैंस और मुर्गियों को भी ले गए थे। महिला ने इस सम्बन्ध में दो बार FIR भी दर्ज करवाई लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। महिला ने आरोप लगाया कि स्थानीय भूमाफिया के शह पर उसकी झोपडी भी बाद में गिरा दी गई।

जब पुलिस ने महिला की बेटी और मवेशियों को नहीं ढूँढा तो उसने कोर्ट के सामने बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका डाली। महिला के वकील ने हाई कोर्ट को बताया कि वह इन मवेशियों के माँ जैसी है, और उन्हें महिला को लौटाया जाना चाहिए ताकि उनकी जान की रक्षा हो सके।

हाई कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि वह पक्षियों और जानवरों के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण का कानून उपयोग नहीं कर सकता। गुजरात हाई कोर्ट की एक बेंच ने महिला के वकील से कहा कि वह बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका से जानवरों को हटा कर आए तब इस पर दोबारा से सुनवाई होगी। हाई कोर्ट ने महिला के वकील से पूछा कि क्या उसने यह कानून है। कोर्ट ने महिला की बेटी की स्थिति के विषय में रिपोर्ट माँगी है।

गौरतलब है कि बंदी प्रत्यक्षीकरण के तहत याचिका विशेषतः ऐसे मामले में लगाई जाती है जब यह शक हो कि किसी व्यक्ति को पुलिस ने बिना वारंट और कोर्ट के आदेश के बंद कर रखा है। बंदी प्रत्यक्षीकरण के तहत कोर्ट ऐसे किसी व्यक्ति को अपने समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश देता है। हालाँकि, इस मामले में महिला ने जानवरों के विषय में कोर्ट से सहायता माँगी थी, जो नियम के अनुरूप नहीं था। कोर्ट ने आदेश दिया कि वकील इस याचिका में संशोधन करे।

17 साल के ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने तोड़ा 40 साल पुराना रिकॉर्ड: चेस में बने सबसे युवा चैलेंजर, इनाम में ₹78.5 लाख, PM मोदी ने भी बधाई दी

भारत के डी गुकेश ने मात्र 17 साल की उम्र में कैंडीडेट्स शतरंज टूर्नामेंट जीतकर इतिहास रच दिया। उनकी इस जीत ने 40 वर्ष पुराना गैरी कास्पोरोव का रिकॉर्ड तोड़ा है। उन्होंने 14वें और आखिरी दौर में अमेरिका के हिकारू नाकामुरा से ड्रॉ खेलकर टूर्नामेंट अपने नाम किया और इसी के साथ वो विश्व चैंपियनशिप खिताब के सबसे युवा चैलेंजर बने।

कनाडा के टोरंटो में 3 अप्रैल से 22 अप्रैल 2024 तक चले टूर्नामेंट में गुकेश ने 14 में से 9 प्वाइंट जीतकर चैंपियनशिप पर कब्जा किया। अपनी जीत पर बात करते हुए गुकेश ने कहा कि उन्हें टूर्नामेंट के दौरान दुनिया की परवाह नहीं थी। वह कुछ तनाव भरे क्षणों के बाद अब तनावमुक्त और खुश हैं। उन्होंने कहा कि वो हर किसी का आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने भी इस सफलता तक उनका साथ दिया।

जानकारी के मुताबिक, इस वर्ष के आखिर तक अब गुकेश विश्व चैंपियन चीन के डिंग लिरेन को चुनौती देंगे। अगर वह उस मैच को भी जीत जाएँगे तो दुनिया के सबसे युवा वर्ल्ड चैंपियन बन जाएँगे। इससे पहले मैगन्स कार्लसेन और गैरी कास्पोरव 22 साल के थे जब उन्होंने विश्व चैंपियनशिप जीती थी। इनका रिकॉर्ड तोड़ने के बाद गुकेश कहते हैं उन्हें देश को रिप्रेजेंट करने का मौका मिला यही उनके लिए बहुत बड़ी चीज है।

गुकेश को इस जीत के बाद 88500 यूरो (78.5 लाख रुपए) इनाम में मिले। इस टूर्नामेंट की कुल ईनामी राशि 5 लाख यूरो थी। इससे पहले इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप को विश्वनाथन आनंद ने जीता था। पाँच बार विश्व चैंपियन रहे आनंद ने 2014 में ये खिताब जीता था।

आनंद ने भी सोशल मीडिया पर गुकेश को बधाई दी है। उन्होंने कहा, “सबसे कम उम्र के चैलेंजर बनने के लिए गुकेश को बधाई। आपने जो किया है उस पर वाका चेस परिवार को बहुत गर्व है। आपने जिस तरह से खेला और कठिन तरीके से संभाला, मुझे निजी तौर पर बहुत गर्व है कि आपने किस तरह खेला और मुश्किल स्थिति को संभाला। इस पल का आनंद उठाएँ।”

इसके अलावा गुकेश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन समेत कई हस्तियों ने बधाई दी है। ऐसे में गुकेश ने कहा है कि वो बधाई संदेश भेजने वालों से अभी बात नहीं कर पाएँ हैं लेकिन जल्द ही वह सबसे बातें करेंगे। उन्होंने बताया कि लगातार जीत के बाद वह काफी खुश थे लेकिन सातवें दौर में अलीरजा से हारने के बाद निराश हो गए थे। हालाँकि उसी मैच से उन्हें दोबारा से ताकत मिली।

पारिवारिक बैकग्राउंड की बात करें तो गुकेश के पिता ईएनटी सर्जन हैं और माँ माइक्रो बायोलॉजिस्ट हैं। गुकेश का जन्म 29 मई 2006 को चेन्नई में हुआ था। वह साल 2015 में अंडर 9 लेवल पर एशियन स्कूल शतरंज चैंपियनशिप जीतने के बाद सुर्खियों में आए। साल 2018 में गुकेश ने एशियन यूथ शतरंज चैंपियनशिप में 5 गोल्ड जीते। 2019 में वह ग्रैंडमास्टर बने। उस समय उनकी उम्र 12 साल 7 महीने और 17 दिन थी।

नेहा पर 30 सेकेंड में 14 बार चाकू से वार, काट डाली गले की नसें: फैयाज ने की थी ‘सर तन से जुदा’ की कोशिश, जानें पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में और क्या-क्या

कर्नाटक के हुबली में चाकू गोदकर नेहा हिरेमठ को फयाज ने मार दिया था। नेहा की दिनदहाड़े बेरहमी से हत्या हुई थी। अब इस मामले में नेहा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है जिसमें इस हत्या की क्रूरता का खुलासा हुआ है। इसमें बताया गया है कि ऐसे नेहा की फयाज ने हत्या की।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि नेहा हिरेमठ पर फयाज ने 30 सेकेण्ड के भीतर 14 बार चाकू से वार किए। फयाज लगातार विरोध के बाद भी वार करता रहा। रिपोर्ट में बताया गया है कि फयाज ने नेहा की छाती और पीठ में चाकू मारा। नेहा के सीने में चाकू के वार के कारण वह गिर गई थी।

रिपोर्ट में बताया गया है कि फयाज के चाकुओं के वार से नेहा की नसें कट गईं थी। इनसे तेजी से खून बहने लगा था। नेहा के गले में भी चाकू के कई वार हुए थे और उसकी गले की नसें भी कटी थीं। यह भी बताया गया है की फयाज ने नेहा का गला रेतने की भी कोशिश की लेकिन इसमें सफल नहीं हो सका।

फयाज के नेहा को चाकू से मारने का एक वीडियो भी सामने आया था। इसमें दिखा था कि वह नेहा का पहले से इन्तजार कर रहा था और जब नेहा बाहर आई तो उसने ताबड़तोड़ वार करके उसे मार दिया। इसके बाद उसे लोगों ने पकड़ लिया थ। हालाँकि, नेहा को इस हमले में नहीं बचाया जा सका था।

गौरतलब है कि कर्नाटक के हुबली में गुरुवार (18 अप्रैल, 2024) को फयाज नाम के एक युवक ने नेहा नाम की हिन्दू युवती की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी। वह नेहा का पहले इन्तजार कर रहा था और जब वह कॉलेज से बाहर आई तो उसने चाकुओं से हमला कर दिया। नेहा की इस हमले में मौत हो गई। फयाज को इस हमले के बाद पकड़ लिया गया था।

बताया जा रहा है कि फयाज युवती पर उसके साथ रिलेशनशिप में आने का दबाव बना रहा था और लड़की ने इससे इनकार कर दिया। ऐसे में फयाज उसका महीनों पीछा करता था। घटना वाले दिन जब नेहा उसके सामने आई तो उसने उसके गले पर वार किए, जो बताते हैं कि उसकी मंशा नेहा को जान से ही मारने की थी।

पुलिस की जाँच में भी सामने आया है कि फयाज अपने दोस्तों से बोलते हुए फिरता था कि जिस लड़की ने उसका ऑफर ठुकराया है वो उसे खत्म कर देगा। मामले के बारे में बताते हैं सिटी पुलिस कमिशनर रेणुका एस सुकुमार ने कहा वे दोनों (पिछले साल तक) बीसीए साथ में पढ़ रहे थे। लेकिन, बीसीए के बाद नेहा ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और फयाज ने छोड़ दी।