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‘राहुल गाँधी की DNA की जाँच हो, नाम के साथ नहीं लगाना चाहिए गाँधी’: लेफ्ट के MLA अनवर की माँग, केरल CM विजयन ने भी किया समर्थन

केरल की सत्ताधारी पार्टी सीपीएम के समर्थक विधायक पीवी अनवर ने कहा है कि कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी को अपने नाम के साथ ‘गाँधी’ उपनाम का उपयोग नहीं करना चाहिए। अनवर ने कहा कि राहुल गाँधी का DNA टेस्ट करवाया जाना चाहिए। इंडी गठबंधन की पार्टी सीपीएम के विधायक के बयान का बचाव केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने किया है। उन्होंने राहुल गाँधी को चेताया भी है।

केरल के मलप्पुरम की नीलाम्बुर विधानसभा सीट से विधायक पीवी अनवर ने एक रैली में सोमवार (22 अप्रैल, 2024) को कहा, “कुछ दिनों से राहुल गाँधी चतुर्थ श्रेणी के नागरिक बन गए हैं। उनको अपने नाम में गाँधी नहीं लगाना चाहिए। क्या वह नेहरू परिवार का कोई आदमी ऐसा बयान सकता है। मुझे शक है, उनका DNA टेस्ट होना चाहिए।”

पीवी अनवर का यह बयान राहुल गाँधी के एक बयान के जवाब में था। राहुल गाँधी ने केरल में कॉन्ग्रेस के लिए प्रचार करते समय मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर प्रश्न उठाए थे। राहुल गाँधी ने कहा था कि देश के दो मुख्यमंत्रियों को गिरफ्तार किया गया है लेकिन विजयन अब भी बचे हुए हैं। उन्होंने कहा था कि मैं 24 घंटे भाजपा की आलोचना करता हूँ और विजयन 24 घंटे मेरी आलोचना करते हैं, यह समझ से बाहर है।

पीवी अनवर के इस DNA वाले बयान पर उनका बचाव मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी किया है। उन्होंने राहुल को सोच समझ कर बोलने की सलाह दी। विजयन ने राहुल गाँधी को चेताया कि वह जब केरल में नहीं होंगे तो इंडी गठबंधन को काफी गंभीर दिक्कतें होंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गाँधी स्थानीय नेताओं के आरोप दोहरा रहे हैं।

विजयन ने इससे पहले भी राहुल पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था, “राहुल को बोलते समय सावधान रहना चाहिए और यह जानना चाहिए कि उनको करारा जवाब मिलेगा। राहुल कोई ऐसे आदमी नहीं हैं जो आलोचना से परे हों। बातचीत में कॉन्ग्रेस नेता कहते हैं कि राहुल गाँधी अब बदल गए हैं। मैंने सोचा था कि देश भर में घूमने पर राहुल को कुछ मालूम हुआ होगा लेकिन उन्होंने हाल ही में केरल में जो कहा वह एक नेता के लिए अशोभनीय था।”

पीवी अनवर के DNA वाले इस बयान के बाद केरल में काफी हलचल मच गई है। कॉन्ग्रेस नेताओं ने सीपीएम नेताओं पर हमला बोला है। कॉन्ग्रेस ने इस मामले में चुनाव आयोग से शिकायत भी की है। कॉन्ग्रेस ने पीवी अनवर पर पुलिस कार्रवाई की माँग की है। कॉन्ग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अनवर का यह बयान CM विजयन की शह पर आया है।

गौरतलब है कि सीपीएम और कॉन्ग्रेस, दोनों ही इंडी गठबंधन के सदस्य हैं। केरल में दोनों अलग-अलग लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। राहुल गाँधी ने केरल में मुख्यमंत्री विजयन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। वह उन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं। उधर राहुल के लोकसभा क्षेत्र में भी सीपीएम ने अपने नेताओं को राहुल के विरुद्ध लगा दिया है। पीवी अनवर के इस बयान ने इस लड़ाई को और तेज कर दिया है।

रात में घर आओ, बिग बॉस में करवा दूँगा सिलेक्शन: मनीषा रानी ने साझा किया कास्टिंग काउच का अनुभव, बोलीं- ‘मैं मुंबई में अकेली रोई’

डांस शो ‘झलक दिखलाजा’ की विनर और बिग बॉस शो की मशहूर कंटेस्टेंट मनीषा रानी का कास्टिंग काउच पर आया बयान अब मीडिया में चर्चा में है। अपने बयान में उन्होंने बताया कि कैसे एक बार एक शख्स ने खुद को बिग बॉस टीम का हिस्सा बताकर उन्हें फोन करके 3 बजे अपने घर पर आने को कहा था।

मनीषा रानी ने गलाट्टा इंडिया से बातचीत में कास्टिंग काउच पर एक्सपीरियंस शेयर किया। उन्होंने बताया कि वो शुरू में हमेशा सबको कहती थीं कि उन्हें बिग बॉस में जाना ही जाना है। ऐसे में उनके किसी जानने वाले से उन्हें एक व्यक्ति का नंबर मिला, जिसकी उम्र 45 के आसपास थी। मनीषा ने बिग बॉस में जाने के लिए उस नंबर पर कॉन्टैक्ट किया और उसे अपनी वीडियोज भेजीं। इसके बाद उस व्यक्ति ने सारे वीडियोज देखे और उन्हें आश्वासन दिया कि उनका सिलेक्शन हो जाएगा

मनीषा आगे बताती हैं, “हम एक बार बिहार अपने घर गए थे 4-5 दिनों के लिए, लेकिन वो आदमी हमको उस समय फोन किया और बोला तुमको कलर्स पर नहीं जाना, तुमको बिग बॉस नहीं करना, घर जाके बैठ गई, तुम अभी आ जाओ मुंबई। उसके लिए हम स्पेशली टिकट लेकर मुंबई आए कि मेरा तो बिग बॉस होने वाला है। हमने इस बारे में घर में भी बता दिया। घरवालों ने बाहर सबको बता दिया। सब पूछने भी लगे। (लेकिन मुंबई आने पर कुछ हुआ नहीं)”

इंफ्लुएंसर मनीषा बताती हैं कि खुद को बिग बॉस टीम का बताने वाला व्यक्ति उन्हें अलग-अलग जगह पर बुलाता था। वो कहती हैं, “एक बार 3 बजे रात को फोन करके बोलता है कि आ जाओ मेरे घर। तो हम बोले कि हम घर तो नहीं आएँगे। तो वह चिल्लाया और बहुत रूडली बात करने लगा। उसकी बातें सुन मुझे रोना आया क्योंकि मैं मुंबई में अकेली थी। मैंने उसे कहा कि तुम घटिया हो, गंदे हो। तुम्हारी वजह से मैं अपने घर से मुंबई आ गई। उसने भी कहा कि तुम्हें इंडस्ट्री में काम करने नहीं दूँगा, तुमने मुझसे इस तरीके से कैसे बात की…।”

मनीषा कहती हैं कि इस घटना के बाद उनको एहसास हो गया था कि वो आदमी उन्हें काम दिलाने में कोई मदद नहीं करने वाला। वो उन्हें झूठी उम्मीद दे रहा था। इसलिए उन्होंने उसे तुरंत ब्लॉक कर दिया। मनीषा बताती हैं कि उन्हें उस दिन बहुत बुरा लगा था कि वो पता नहीं लोगों की बातों में क्यों आ जाती हैं। उन्होंने कहा कि जब उनका नंबर बिग बॉस में आया तब उन्हें समझ आया कि कोई किसी की मदद नहीं करता है ये सब अपने काम के बल पर खुद हो जाता है।

ब्यूटी पॉर्लर में फाँसी के फंदे से लटकी मिली हिन्दू लड़की: अरशद, वाहिद, मुजफर और अमजद के खिलाफ शिकायत दर्ज, ‘लव जिहाद’ बता चूरू की सड़कों पर उतरे हिन्दू संगठन

राजस्थान के चूरू जिले में एक ब्यूटी पार्लर में काम करने वाली एक महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। बुलबुल नाम की इस महिला का शव ब्यूटी पॉर्लर में ही फाँसी पर लटका मिला। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। मामले में अरशद, वाहिद, मुजफर और अमजद आरोपित किए गए हैं। इन सभी पर पीड़िता को मरने पर मजबूर करने का आरोप है। घटना शनिवार (20 अप्रैल, 2023) की बताई जा रही है। हिन्दू संगठनों ने इसे ‘लव जिहाद’ बताते हुए सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया है। मंगलवार (23 अप्रैल, 2024) को चूरू बंद का आह्वान भी किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना चूरू के होटल सन सिटी की है। यहाँ बने एक ब्यूटी पॉर्लर में वार्ड नंबर 27 की रहने वाली 24 वर्षीया बुलबुल रक्षक काम करती थी। शनिवार को बुलबुल हर दिन की तरह घर से काम करने के लिए निकली। शाम को जब वो लौट कर नहीं आई तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। अंत में ब्यूटी पॉर्लर के अंदर ही बुलबुल का फाँसी के फंदे पर लटकता शव मिला। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने केस दर्ज कर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मृतका के परिजनों का आरोप है कि जब वो बुलबुल की तलाश में होटल के अंदर जा रहे थे तब उन्हें होटल संचालक अरशद, वाहिद और मुजफर रोक रहे थे। हालाँकि, इन सभी को धकेल पर पीड़िता के ताऊ होटल में घुसे जहाँ बुलबुल की लाश लटक रही थी। मृतका के ताऊ का यह भी दावा है कि जब उन्होंने बुलबुल का शव देखा तो गले और हाथों पर चोट के निशान थे। पीड़िता के परिजनों ने अरशद, वाहिद, अमजद और मुजफर के खिलाफ बुलबुल को मरने पर मजबूर करने की शिकायत दी है।

होटल में चल रहे पॉर्लर को सील कर दिया गया है। बुलबुल अविवाहित थीं। मृतका के परिजनों का ये भी दावा है कि मौत से 2 दिन पहले बुलबुल ने अपना मोबाइल तोड़ दिया था। मोबाइल तोड़े जाने की वजह का भी अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। बुलबुल की संदिग्ध मौत कुछ ही देर में शहर में चर्चा का विषय बन गई। हिन्दू संगठनों ने इस घटना को ‘लव जिहाद’ बताते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। होटल, अस्पताल और उस मोर्चरी तक हंगामा चलता रहा जहाँ बुलबुल का पोस्टमार्टम हो रहा था।

पुलिस ने नाराज लोगों को समझा कर शांत किया साथ ही जाँच में सामने आने वाले दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया। हालाँकि पुलिस की मान-मनौव्वल का प्रदर्शनकारियों पर कोई असर नहीं पड़ा। 23 अप्रैल को सर्व हिन्दू समाज ने चूरू बंद का आह्वान किया है। चूरू से सामने आ रहे वीडियो फुटेज में लोगों को सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करते देखा जा सकता है। इन प्रदर्शनकारियों में युवाओं के साथ बच्चे, वृद्ध और महिलाएँ भी शामिल हैं।

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय थानेदार इस मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से भ्रामक बातें न करने की भी अपील की है।

मुस्लिम सहेली ने आफताब से करवाई हिन्दू लड़की की दोस्ती, रिश्ता खत्म करने पहुँची तो कर दिया हमला: नेहा हिरेमठ के अंजाम से डर गई थी युवती

कर्नाटक के हुबली में एक 21 वर्षीय हिन्दू लड़की पर फल बेचने वाले आफताब ने हमला कर दिया। लड़की किसी तरह जान बचा कर भागी। लड़की आफताब को पहले से जानती थी और नेहा हिरेमठ की फयाज के हत्या के बाद दोस्ती तोड़ने गई थी। आफताब को पुलिस ने गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, हुबली के केशवापुर थाना इलाके की रहने वाली एक 21 वर्षीय हिन्दू लड़की की आफताब नामक युवक से दो वर्षों से जान-पहचान थी। लड़की ने बताया कि उनका परिचय दोनों के जानने वाली एक मुस्लिम लड़की ने करवाया था।

लड़की ने बताया कि आफताब दो वर्षों से लगातार उसका पीछा करता था और इस दौरान उसने कुछ गिफ्ट भी दिए थे। लड़की ने बताया कि आफताब ने रमजान के महीने में भी उसे कुछ गिफ्ट दिए थे। यह गिफ्ट उस पर दबाव बना कर दिए गए थे।

हिन्दू लड़की ने बताया कि जब उसने हुबली में ही फयाज के हाथों ने नेहा हिरेमठ के मारे जाने की खबर सुनी तो वह सशंकित हो गई और आफताब से दोस्ती खत्म करने की बात कही। आफताब ने इस पर हिन्दू लड़की को कहा कि वह सारे गिफ्ट लौटा दे। दोनों के बीच सार्वजनिक जगह पर मिलने की बात हुई थी।

लड़की आफताब के गिफ्ट लौटाने के लिए उसकी फलों की दुकान पर गई थी। यहाँ आफताब ने उसके साथ बदसलूकी की। आफताब ने लड़की के सर पर किसी भारी चीज से वार कर दिया। आफताब ने यहीं पर सारे गिफ्ट जला भी दिए। हिन्दू लड़की ने बताया कि आफताब ने बीच बाजार उस पर हमला किया और राहगीरों ने उसे बचाया।

बताया गया कि आफताब के पास हमले के दौरान चाकू भी था। इसके बाद लड़की पुलिस के पास पहुँची जहाँ उसने पूरी घटना के विषय में जानकारी दी। हिन्दू लड़की की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आफताब को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ धमकाने, हमला करने और महिला का शीलभंग करने सम्बन्धी अपराधों में मामला दर्ज किया है।

गौरतलब है कि कर्नाटक के हुबली में गुरुवार (18 अप्रैल, 2024) को फयाज नाम के एक युवक ने नेहा नाम की हिन्दू युवती की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी। वह नेहा का पहले इन्तजार कर रहा था और जब वह कॉलेज से बाहर आई तो उसने चाकुओं से हमला कर दिया। नेहा की इस हमले में मौत हो गई। फयाज को इस हमले के बाद पकड़ लिया गया था।

बताया जा रहा है कि फयाज युवती पर उसके साथ रिलेशनशिप में आने का दबाव बना रहा था और लड़की ने इससे इनकार कर दिया। ऐसे में फयाज उसका महीनों पीछा करता था। घटना वाले दिन जब नेहा उसके सामने आई तो उसने उसके गले पर वार किए, जो बताते हैं कि उसकी मंशा नेहा को जान से ही मारने की थी।

पुलिस की जाँच में भी सामने आया है कि फयाज अपने दोस्तों से बोलते हुए फिरता था कि जिस लड़की ने उसका ऑफर ठुकराया है वो उसे खत्म कर देगा। मामले के बारे में बताते हैं सिटी पुलिस कमिशनर रेणुका एस सुकुमार ने कहा वे दोनों (पिछले साल तक) बीसीए साथ में पढ़ रहे थे। लेकिन, बीसीए के बाद नेहा ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और फयाज ने छोड़ दी।

‘PM मोदी CCTV से 24 घंटे देखते रहते हैं अरविंद केजरीवाल को’: संजय सिंह का आरोप – यातना-गृह बन गया है तिहाड़ जेल

दिल्ली की सत्ताधारी ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह कुछ ही दिनों पहले जेल से निकले हैं, उसके बाद से वो लगातार अपने बयानों के कारण चर्चा में हैं। अब उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि वो एक ऐसा सच बताने जा रहे हैं, जिसे सुन कर कोई भी हैरान हो जाएगा। उन्होंने आगे इस ‘सच’ को बताते हुए कहा कि दिल्ली का तिहाड़ जेल अरविंद केजरीवाल के लिए यातना-गृह बन गया है। बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री शराब घोटाले में जेल में बंद हैं।

संजय सिंह ने इस दौरान जर्मनी के नाजी शासक हिटलर की याद दिलाते हुए कहा कि वो भी अपने विरोधियों के लिए यातना-गृह बनवाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल को 24 घंटे PMO (प्रधानमंत्री कार्यालय) और LG (उप-राज्यपाल) की निगरानी में रखा जा रहा है। बकौल संजय सिंह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनका कार्यालय 24 घंटे CCTV के जरिए उनका लिंक मँगा कर देखते हैं कि अरविंद केजरीवाल क्या कर रहे हैं और क्या नहीं।

संजय सिंह ने कहा, “आखिर इतनी निगरानी क्यों है? क्या देख रहे हैं मोदी जी? आप क्या देखना चाहते हैं प्रधानमंत्री जी? ये देखना चाहते हैं कि अरविंद केजरीवाल को दवा, खाना मिला या नहीं? वो कितना पढ़-लिख रहे हैं? वो कितना सो और जग रहे हैं? प्रधानमंत्री जी, आपको क्या देखना है? 24 घंटे आपके ऑफिस को CCTV का लिंक क्यों चाहिए? आप ये देखना चाहते हैं कि अरविंद केजरीवाल कितना बीमार हुए हैं, उनकी किडनी-लिवर ख़राब हुई या नहीं, उन्हें इन्सुलिन मिला या नहीं?”

संजय सिंह ने मीडिया से बात करते हुए ये भी कहा कि अरविंद केजरीवाल का स्वास्थ्य बिगड़ा या नहीं बिगड़ा, पीएम मोदी क्या ये देखना चाहते हैं कि उनका मनोबल कितना गिरा और वो कितना टूटे? संजय सिंह ने आरोप लगाया कि LG का ऑफिस भी इसी में लगे हुए हैं, दिल्ली के उप-राज्यपाल यहाँ का काम छोड़ कर ये देखने में लगे हुए हैं कि अरविंद केजरीवाल को कितनी प्रताड़ना और यातनाएँ दी जा रही हैं? बता दें कि अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका हाईकोर्ट ख़ारिज कर चुका है।

‘कॉन्ग्रेस सरकार में हनुमान चालीसा अपराध, दुश्मन काट कर ले जाते थे हमारे जवानों के सिर’: राजस्थान के टोंक-सवाई माधोपुर में बोले PM मोदी – वो SC/ST का हक़ मुस्लिमों को देना चाहते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (23 अप्रैल, 2024) को राजस्थान के टोंक और सवाई माधोपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। बता दें कि ये इलाका पूर्व उप-मुख्यमंत्री व कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे सचिन पायलट का गढ़ माना जाता है, लेकिन पीएम मोदी की जनसभा में भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजस्थान ने हर बार भाजपा को भरपूर आशीर्वाद दिया है। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि आज रामभक्त हनुमान जी की जयंती का पवित्र दिन है।

उन्होंने पूरे देश को पूरे देश को हनुमान जयंती की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ देते हुए ‘बजरंग बली की जय’ का उद्घोष भी लगाया। पीएम मोदी ने कहा कि आज वो ये जो उत्साह देख रहे हैं, उसमें एक मजबूत भारत के लिए आशीर्वाद है। उन्होंने कहा कि इसीलिए हर तरफ यही गूँज है – फिर एक बार मोदी सरकार! प्रधानमंत्री ने कहा कि राजस्थान ये बखूबी जानता है कि सुरक्षित राष्ट्र और स्थायी सरकार कितनी जरूरी है, इसीलिए चाहे 2014 हो या 2019 हो, राजस्थान ने एकजुट होकर देश में भाजपा की ताकतवर सरकार बनाने के लिए अपना आशीर्वाद दिया था।

पीएम मोदी ने याद किया कि कैसे पिछले दोनों लोकसभा चुनावों में राजस्थान की जनता ने 25 की 25 सीटें भाजपा को दी थीं। बकौल पीएम मोदी, एकजुटता ही राजस्थान की सबसे बड़ी पूंजी है। याद रखिएगा, जब-जब हम बंटे हैं, तब-तब देश के दुश्मनों ने फायदा उठाया है। अब भी राजस्थान को बांटने की पूरी कोशिशें हो रही हैं। इससे राजस्थान को सावधान रहने की जरूरत है। पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में आपने मोदी को दिल्ली में सेवा का अवसर दिया, फिर देश ने वो फैसले लिए जिनकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

प्रधानमंत्री ने लोगों से ये सोचने को कहा कि 2014 के बाद भी और आज भी अगर दिल्ली में कॉन्ग्रेस की सरकार होती तो क्या क्या हुआ होता। फिर उन्होंने जवाब दिया कि होती, तो जम्मू कश्मीर में आज भी हमारी सेनाओं पर पत्थर चल रहे होते, सीमा पार से आकर दुश्मन आज भी हमारे जवानों के सिर काटकर ले जाते, न ही हमारे फौजियों के लिए वन रैंक-वन पेंशन (OROP) लागू होती और न ही हमारे पूर्व सैनिकों को 1 लाख करोड़ रुपए मिलते।

पीएम मोदी ने टोंक-सवाई माधोपुर में कहा, “राजस्थान के मेरे भाई-बहन तो कुछ महीने पहले ही कॉन्ग्रेस के पंजे से मुक्त हुए हैं। कॉन्ग्रेस पार्टी ने सत्ता में रहते हुए, जो जख्म दिए, वो राजस्थान के लोग कभी भी भूल नहीं सकते। कॉन्ग्रेस ने महिलाओं पर अत्याचार के मामले में राजस्थान को नंबर 1 बना दिया था और दुर्भाग्य देखिए कि कॉन्ग्रेस के लोग विधानसभा में बेशर्मी के साथ कहते थे कि ये तो राजस्थान की पहचान है। टोंक में किन असामाजिक तत्वों के कारण यहाँ की इंडस्ट्री बंद हो गई, ये भी आप जानते हैं। लेकिन, आपने हमारे भजनलाल शर्मा को सेवा करने का मौका दिया है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जबसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उनकी टीम काम पर लगी है, माफिया और अपराधी राजस्थान छोड़कर भागने पर मजबूर हैं। उन्होंने हनुमान जयंती पर याद दिलाया कि कुछ दिन पहले कॉन्ग्रेस के शासन वाले कर्नाटक में एक छोटे दुकानदार को केवल इसलिए बुरी तरह से पीटा गया, क्योंकि वो अपनी दुकान में बैठे-बैठे हनुमान चालीसा सुन रहा था। पीएम मोदी ने कहा कि आप कल्पना कर सकते हैं, कॉन्ग्रेस के राज में हनुमान चालीसा सुनना भी गुनाह हो जाता है।

पीएम मोदी ने राजस्थान के रोक-सवाई माधोपुर में कहा कि कॉन्ग्रेस ने तो राम-राम सा कहने वाले राजस्थान में रामनवमी पर प्रतिबंध लगा दिया था, ने शोभायात्रा पर पत्थरबाजी करने वालों को सरकारी संरक्षण दिया था, तुष्टिकरण के लिए मालपुरा, करौली, टोंक और जोधपुर को दंगों की आग में झोंक दिया था। उन्होंने गरजते हुए कहा कि अब भाजपा सरकार आने के बाद किसी की हिम्मत नहीं है कि लोगों की आस्था पर सवाल उठा दे, अब आप चैन से हनुमान चालीसा भी गाएँगे और रामनवमी भी मनाएँगे – ये भाजपा की गारंटी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान राजस्थान के बाँसवाड़ा में दिए गए अपने उस भाषण को भी याद किया, जिसमें उन्होंने याद दिलाया था कि कैसे प्रधानमंत्री रहते मनमोहन सिंह ने कहा था कि देश की संपत्ति पर पहला हक़ मुस्लिमों का। बकौल पीएम मोदी, उस बयान से पूरी कॉन्ग्रेस और INDI गठबंधन में भगदड़ मच गई है। पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने देश के सामने सत्य रखा था कि कांग्रेस आपकी संपत्ति छीनकर अपने खास लोगों को बाँटने की गहरी साजिश रचकर बैठी है।

उन्होंने कहा, “मैंने कॉन्ग्रेस की इस वोटबैंक और तुष्टिकरण की राजनीति का पर्दाफाश किया था। इससे कॉन्ग्रेस और उसके इकोसिस्टम को इतनी मिर्ची लगी है कि वो हर तरफ मुझे गालियाँ देने में जुटे हैं। मैं कॉन्ग्रेस से पूछना चाहता हूँ कि आखिर वो सच्चाई से इतना डरते क्यों हैं। कॉन्ग्रेस क्यों अपनी नीतियों को छिपाने में लगी है? कॉन्ग्रेस वोटबैंक पॉलिटिक्स के दलदल में इतना धँसी हुई है कि उसे बाबा साहेब के संविधान की भी परवाह नहीं है। उन्होंने अपने मेनिफेस्टो में लिखा है कि आपकी संपत्ति का सर्वे करेंगे, हमारी माताओं-बहनों के पास जो मंगलसूत्र होता है उसका सर्वे करेंगे।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान में याद दिलाया कि कॉन्ग्रेस के ही एक नेता ने तो यहाँ तक कहा कि एक्स-रे किया जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि 2011 में कॉन्ग्रेस ने इसे पूरे देश में लागू करने की कोशिश की। SC/ST और OBC को मिला हुआ अधिकार छीनकर, वोटबैंक की राजनीति के लिए औरों को देने का खेल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस ने इतने प्रयास ये जानते हुए किए कि ये सब संविधान की मूल भावना के खिलाफ था, लेकिन कॉन्ग्रेस ने संविधान की परवाह नहीं की।

बकौल पीएम मोदी, सच्चाई ये है कि कॉन्ग्रेस और I.N.D.I. अलायंस जब सत्ता में था, तो ये लोग दलितों-पिछड़ों के आरक्षण में सेंधमारी करके अपने खास वोटबैंक को अलग से आरक्षण देना चाहते थे, जबकि संविधान इसके बिल्कुल खिलाफ है। पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि आरक्षण का जो हक बाबासाहेब ने दलित, पिछड़ों और जनजातीय समाज को दिया, कॉन्ग्रेस और I.N.D.I. अलायंस वाले उसे मजहब के आधार पर मुस्लिमों को देना चाहते थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि कॉन्ग्रेस की इन साजिशों के बीच मोदी आज आपको खुले मंच से गारंटी दे रहा है कि दलितों, पिछड़ों और जनजातीय समाज का आरक्षण न खत्म होगा और न ही उसे धर्म के नाम पर बाँटने दिया जाएगा। उन्होंने दोहराया – ये मोदी की गारंटी है। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस की सोच हमेशा से तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति की रही है, 2004 में जैसे ही केंद्र में कॉन्ग्रेस की सरकार बनी, उसका सबसे पहला काम था – आंध्र प्रदेश में SC/ST के आरक्षण में से कमी करके मुस्लिमों को देने का प्रयास।

आतंक की फैक्ट्री में काम कर लो, लेकिन मंदिर निर्माण मत करो: जाकिर नाइक का वीडियो वायरल, बोला- जिसमें हजारों लोगों की जान जाए वो कार्य इससे ठीक

दुबई में हुई भारी बारिश के लिए वहाँ बने हिंदू मंदिर को जिम्मेदार ठहराने के ट्रेंड के बीच इस्लामी कट्टरपंथी जाकिर नाइक का एक पुराना वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वो बता रहा है कि मंदिर निर्माण का कार्य मुस्लिमों के लिए सबसे बड़ा गुनाह है।

वीडियो में एक शख्स उससे पूछता है कि उसे अबू धाबी में हिंदू मंदिर बनाने का काम मिला है लेकिन उसे ये पता चला है कि ये काम इस्लामी सिद्धांतों के खिलाफ है। जाकिर नाइक उस मुस्लिम युवक का ये सवाल सुनकर उसे मंदिर निर्माण का काम स्वीकारने से मना करता है। वो कहता है ऐसा करना इस्लामी सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन है, अगर कोई ऐसा करता है तो उसे सबसे बड़े शिर्क में गिना जाएगा।

नाइक इस वीडियो में ये भी सलाह दता है कि मंदिर या चर्च को बनाने का काम अपराध की दृष्टि से शराब या कोकीन के कारखानों में काम करने से भी बड़ा अपराध है। नाइक कहता है, “ये बिलकुल ऐसा है जैसे आप पूछें कि क्या शराब बनाने वाली कंपनी में काम करना ठीक है… जो कि एक बड़ा गुनाह है। इसके अलावा कोकेन या मारिजुआना बनाने की फैक्ट्री में काम करना… जो कि हजारों लोगों को मारती है… लेकिन एक मंदिर निर्माण में काम करना एक सबसे बड़ा शिर्क है।”

इतना ही नहीं, नाइक ने कहा कि अगर कोई मुस्लिम राजनेता एक आतंक की फैक्ट्री खोलता है। उसमें वो आतंकियों के लिए हथियार बनाता है जिससे हजारों मासूमों की जान जाए, वो भी स्वीकार्य है, लेकिन मंदिर या चर्च बनाने का कार्य बिलकुल स्वीकार्य नहीं है।

अपनी वीडियो में जाकिर नाइक ने सेकुलर मुस्लिमों को भी नहीं बख्शा। उसने कहा, “दुर्भाग्य से, बहुत सारे मुस्लिम राजनेता हैं जिन्हें चर्च और मंदिर के उद्घाटनों में जाना होता है ताकि वो अपने आप को सेकुलर साबित कर सकें। ये सहिष्णुता या फिर सेकुलरिज्म नहीं है। आप लोग सिर्फ एक दूसरे को गुनाह करने में मदद कर रहे हैं।”

बता दें कि जाकिर नाइक की वायरल होती वीडियो हुडा टीवी पर 8 माह पहले अपलोड की गई थी। इसमें शुरू में ही नाइक को ये सवाल पढ़ते देखा जा रहा है जिसके जवाब में नाइक ने ये सारी बात कही है। इससे पहले नाइक पाकिस्तान में हिंदू मंदिरों को तोड़े जाने का भी खुलेआम समर्थन कर चुका है।

‘गोवा पर जबरन थोपा गया भारत का संविधान’ : कॉन्ग्रेस प्रत्याशी फर्नांडिस की वीडियो वायरल, BJP ने कहा- भारत तोड़ने की हो रही कोशिश

कॉन्ग्रेस के उम्मीदवार कैप्टन विरिआटो फर्नांडिस ने विवादित बयान देते हुए कहा है कि गोवा वासियों पर भारत का संविधान जबरदस्ती लादा गया था। उन्होंने राज्य के निवासियों के लिए दोहरी नागरिकता की माँग भी की है जिससे वह भारत के साथ ही पुर्तगाल के नागरिक भी बन सकें। उन्होंने अपनी यह माँगे कॉन्ग्रेस सांसद राहुल गाँधी के समक्ष रखीं थी। फर्नांडिस से राहुल गाँधी ने इन पर विचार करने की बात कही थी। भाजपा ने उनके बयान को देश तोड़ने वाला कहा है।

दक्षिण गोवा से उम्मीदवार बनाए गए विरिआटो फर्नांडिस ने एक जनसभा के दौरान यह विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा, “10 मार्च, 2019 को पिछले लोकसभा चुनावों के समय तत्कालीन कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी गोवा आए थे, तब मैंने दोहरी नागरिकता समेत 12 माँगे उनके सामने रखी थी।”

उन्होंने कहा, “राहुल गाँधी ने कहा था कि अगर दोहरी नागरिकता संवैधानिक नहीं है तो उस पर बात नहीं होगी। लेकिन मैंने उन्हें समझाया कि संविधान 1950 में लागू हुआ जबकि गोवा 1961 में भारत में शामिल हुआ था, ऐसे में भारत का संविधान गोवा पर जबरदस्ती लादा गया था।”

फर्नांडिस इसके बाद भी संविधान को लेकर बयानबाजी करते रहे। उन्होंने कहा कि हमारे भाग्य का निर्धारण किसी और ने किया था और संविधान बनने तथा लागू होने के समय गोवा भारत का हिस्सा नहीं था। कश्मीर के लिए अनुच्छेद 370 लागू किया गया जबकि गोवा के लिए ऐसा कुछ नहीं हुआ।

फर्नांडिस के इस बयान पर भाजपा ने आरोप लगाया है कि कॉन्ग्रेस भारत तोड़ो अभियान चला रही है। गोवा के मुख्यमंत्री डॉक्टर प्रमोद सावंत ने फर्नांडिस के इस बयान पर गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “मैं कॉन्ग्रेस के दक्षिण गोवा उम्मीदवार के बयान पर हैरान हूँ, जिसमें कहा गया है कि भारत का संविधान को गोवावासियों पर जबरदस्ती थोपा गया है। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का स्पष्ट तौर पर मानना था कि गोवा भारत का अभिन्न अंग है।”

उन्होंने कॉन्ग्रेस पर हमला बोलते हुए लिखा, “कॉन्ग्रेस ने गोवा को आजाद करवाने में में 14 वर्ष की देरी की। अब, उनके उम्मीदवार ने भारत के संविधान को नीचा दिखा रहे हैं। कॉन्ग्रेस को अपनी इस लापरवाह भारत तोड़ो वाली राजनीति को तुरंत बंद करना चाहिए। कॉन्ग्रेस हमारे लोकतंत्र के लिए संकट है।”

गौरतलब है कि 1961 में भारत ने सैन्य ऑपरेशन के जरिए गोवा को पुर्तगाल के कब्जे से आजाद करवाया था। इसके बाद गोवा भारत का हिस्सा बना थ। पुर्तगाल अभी भी गोवा के निवासियों को नागरिकता का अधिकार देता है। कानूनन यदि कोई व्यक्ति 1961 या उससे पहले गोवा का नागरिक था तो वह पुर्तगाल की नागरिकता ले सकता है।

उसके दो पीढ़ी तक के वंशज भी नागरिकता ले सकते हैं। हालाँकि, यदि कोई व्यक्ति पुर्तगाल की नागरिकता लेता है तो उसकी भारतीय नागरिकता खत्म हो जाती है। भारत में एकल नागरिकता का प्रवाधान है, जिसके अंतर्गत उसके नागरिक किसी और देश के नागरिक नहीं बन सकते। ऐसा करने पर उनकी नागरिकता स्वतः समाप्त मानी जाती है।

सो सब तव प्रताप रघुराई, नाथ न कछू मोरि प्रभुताई: 2047 तक विकसित भारत की लक्ष्य प्राप्ति के लिए युवाओं को हनुमान जी का संदेश

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के सर्वोत्तम सेवक, सखा, सचिव और भक्त हनुमान जी थे। प्रभु राम की भारतीय जनमानस में जिस प्रकार पूजा की जाती है, ठीक उसी प्रकार उनके प्रिय सेवक हनुमान जी की भी पूजा की जाती है। हनुमान जी को रुद्रावतार भी माना जाता है। इनकी पूजा पूरे भारत और दुनिया के अनेक देशों में इतने अलग-अलग तरीकों से की जाती है तथापि इन्हें ‘जन देवता’ की संज्ञा दी जा सकती है।

गोस्वामी तुलसीदास जी तो हनुमान जी के लिए कहते हैं:

अर्थात अतुल बल के धाम, सोने के पर्वत के समान कांतियुक्त शरीर वाले, दैत्यरूपी वन के लिए अग्नि रूप, ज्ञानियों में अग्रगण्य, संपूर्ण गुणों के निधान, वानरों के स्वामी, श्री रघुनाथ जी के प्रिय भक्त पवनपुत्र हनुमान जी को मैं प्रणाम करता हूँ।

हनुमान जी अतुल बल के स्वामी थे। उनके अंग वज्र के समान शक्तिशाली थे। अत: उन्हें ‘वज्रांग’ नाम दिया गया, जो बोलचाल में बजरंग बन गया। यह बजरंग केवल गदाधारी महाबली ही नहीं हैं, बल्कि विलक्षण और बहुआयामी मानसिक और प्रखर बौद्धिक गुणों के अद्भुत धनी भी हैं। यदि कोई उनसे विश्राम की बात करता तो उनका उत्तर होता था- मैंने श्रम ही कहाँ किया, जो मैं विश्राम करूं? उनके चित्र व्यायामशालाओं में जिस भक्तिभाव के साथ लगाए जाते हैं, उतनी ही श्रद्धा के साथ प्रत्येक शिक्षा और सेवा संस्थान में भी लगाए जाने चाहिए।

छत्रपति शिवाजी महाराज के स्वराज्य निर्माण की विस्तृत लेकिन गहरी नींव रखने के लिए उनके गुरु समर्थ श्री रामदास द्वारा गाँव-गाँव में अनगढ़े पत्थरों को सिन्दूर लगाकर हनुमान जी के रूप में उनकी प्राण-प्रतिष्ठा की गई। आज से लगभग 300 वर्षों से अधिक पहले यह महान राष्ट्रीय उपक्रम हुआ।

केवल भारत ही नहीं, सारे संसार के लिए किसी आदर्श व्यक्तित्व के चयन की समस्या आ जाए तो हनुमान जी का जीवन निश्चित रूप से सर्वाधिक प्रेरक सिद्ध हो सकता है। वे राम-सेवा अर्थात सात्विक सेवा के शिखर पुरुष ही नहीं थे बल्कि अनंतआयामी व्यक्तित्व विकास के महाआकाश थे।

अखंड ब्रह्मचर्य और संयम की साधना से जो तेजस् और ओजस् उन्होंने अर्जित किया था, वह अवर्णनीय है। बालपन से ही वे सूर्य साधक बन गए थे। सूर्य को उन्होंने अपना गुरु स्वीकार किया था। उनकी दिनचर्या सूर्य की गति के साथ संचालित होती थी। आगे जाकर सौर-अध्ययन के कारण वे एक अच्छे खगोलविद् और ज्योतिषी भी बने। एक शिशु के रूप में वे ज्यादा ही चंचल तथा उधमी थे। किसी शीलाखंड पर गिरने से उनकी ठुड्डी (हनु) कट गई गई थी, जिससे उनका हनुमान नाम पड़ गया। एक जैन मान्यता के अनुसार वे एक ऐसी जाति और वंश में पैदा हुए थे, जिसके ध्वज में वानर की आकृति बनी रहती थी।

धर्मशास्त्रों में आत्मज्ञान की साधना के लिए तीन गुणों की अनिवार्यता बताई गई है- बल, बुद्धि और विद्या। यदि इनमें से किसी एक गुण की भी कमी हो, तो साधना का उद्देश्य सफल नहीं हो सकता है। सबसे पहले तो साधना के लिए बल जरूरी है। निर्बल व कायर व्यक्ति साधना का अधिकारी नहीं हो सकता है। दूसरा, साधक में बुद्धि और विचार शक्ति होनी चाहिए। इसके बिना साधक पात्रता विकसित नहीं कर पाता है। तीसरा अनिवार्य गुण विद्या है। विद्यावान व्यक्ति ही आत्मज्ञान प्राप्त कर सकता है।

हनुमान जी के जीवन में इन तीनों गुणों का अद्भुत समन्वय मिलता है। इन्हीं गुणों के बल पर वे जीवन की प्रत्येक कसौटी पर खरे उतरते हैं। रामकथा में हनुमान जी का चरित्र अत्यंत प्रभावशाली है। प्रभु श्रीराम के आदर्शों को मूर्त रूप देने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

रामायण में सुंदरकांड की कथा सबसे अलग है। संपूर्ण रामायण कथा श्रीराम के गुणों और उनके पुरुषार्थ को दर्शाती है किन्तु सुंदरकांड एकमात्र ऐसा अध्याय है, जो सिर्फ हनुमान जी की शक्ति और विजय का कांड है। यह अतिसुंदर है, इसलिए सुंदरकांड नाम पड़ा। इस कांड में हनुमान जी का लंका प्रस्थान, लंका दहन और लंका से वापसी तक के घटनाक्रम आते हैं। इस सोपान के मुख्य घटनाक्रम हैं: हनुमान जी का लंका की ओर प्रस्थान, विभीषण से भेंट, सीता से भेंट करके उन्हें श्री राम की मुद्रिका देना, अक्षय कुमार का वध, लंका दहन और लंका से वापसी।

हनुमान जी का संवाद कौशल विलक्षण है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण अशोक वाटिका में जब वे पहली बार माता सीता से मिलते हैं, तब दिखाई देता है। यह कौशल आज के युवा उनसे सीख सकते हैं। वे अपनी बातचीत से न सिर्फ उन्हें भयमुक्त करते हैं, बल्कि उन्हें यह भी भरोसा दिलाते हैं कि वे श्रीराम के ही दूत हैं:

इसी तरह समुद्र लाँघते वक्त देवताओं के कहने पर जब सुरसा ने उनकी परीक्षा लेनी चाही, तो उन्होंने अतिशय विनम्रता का परिचय देते हुए उस राक्षसी का भी दिल जीत लिया। वह हनुमान जी का बुद्धि कौशल व विनम्रता देख दंग रह गई और उसने उन्हें कार्य में सफल होने का आशीर्वाद देकर विदा कर दिया। यह प्रसंग सीख देता है कि केवल साम‌र्थ्य से ही जीत नहीं मिलती है, विनम्रता से समस्त कार्य सुगमतापूर्वक पूर्ण किए जा सकते हैं।

महावीर हनुमान ने अपने जीवन में आदर्शों से कोई समझौता नहीं किया। लंका में रावण के उपवन में हनुमान जी और मेघनाथ के मध्य हुए युद्ध में मेघनाथ ने ‘ब्रह्मास्त्र’ का प्रयोग किया। हनुमान जी चाहते तो वे इसका तोड़ निकाल सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, क्योंकि वे उसका महत्व कम नहीं करना चाहते थे। इसी कारण उन्होंने ब्रह्मास्त्र का तीव्र आघात सह लिया।

हनुमान जी के जीवन से हम शक्ति व साम‌र्थ्य के अवसर के अनुकूल उचित प्रदर्शन का गुण भी सीख सकते हैं। तुलसीदास जी हनुमान चालीसा में लिखते हैं- ‘सूक्ष्म रूप धरी सियहिं दिखावा, विकट रूप धरि लंक जरावा।’ सीता माता के सामने उन्होंने स्वयं को लघु रूप में रखा, क्योंकि यहाँ वह पुत्र की भूमिका में थे, लेकिन संहारक के रूप में वे राक्षसों के लिए काल बन गए।

अवसर के अनुसार स्वयं को ढाल लेने की हनुमान जी की प्रवृत्ति अद्भुत है। जिस वक्त लक्ष्मण रणभूमि में मूर्छित हो गए, उनके प्राणों की रक्षा के लिए वे पूरा पर्वत ही उठा लाए, क्योंकि वे संजीवनी बूटी नहीं पहचानते थे। अपने इस गुण के माध्यम से वे हमें तात्कालिक विषम स्थिति में विवेकानुसार निर्णय लेने की प्रेरणा देते हैं।

हनुमान जी हमें भावनाओं का संतुलन भी सिखाते हैं। उनका व्यक्तित्व आत्ममुग्धता से कोसों दूर है। सीता माँ का समाचार लेकर सकुशल वापस पहुँचे हनुमान जी की हर तरफ प्रशंसा हुई, लेकिन उन्होंने अपने पराक्रम का कोई किस्सा प्रभु राम को नहीं सुनाया। जब श्रीराम ने उनसे पूछा- “हनुमान! त्रिभुवनविजयी रावण की लंका को तुमने कैसे जला दिया?” तब प्रत्युत्तर में हनुमानजी ने जो कहा, उससे भगवान राम भी हनुमान जी के आत्ममुग्धताविहीन व्यक्तित्व के कायल हो गए।

“सो सब तव प्रताप रघुराई। नाथ न कछू मोरि प्रभुताई।।”

भारतीय-दर्शन में सेवाभाव को अत्यधिक महत्व दिया गया है। यह सेवाभाव ही हमें निष्काम कर्म के लिए प्रेरित करता है। अष्ट चिरंजीवियों में से एक महाबली हनुमान अपने इन्हीं सद्गुणों के कारण देवरूप में पूजे जाते हैं और उनके ऊपर ‘राम से अधिक राम के दास’ की उक्ति चरितार्थ होती है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम स्वयं कहते हैं- जब लोक पर कोई विपत्ति आती है, तब वह त्राण पाने के लिए मेरी अभ्यर्थना करता है, लेकिन जब मुझ पर कोई संकट आता है तब मैं उसके निवारण के लिए पवनपुत्र का स्मरण करता हूँ। हनुमान जी के जीवन का एक ही मंत्र था:

जिस प्रकार हनुमान जी श्रीराम के भक्त हैं, उसी प्रकार हम सभी को भारत माता का सेवक बनना होगा। आज यह समस्त संसार आशा भरी दृष्टि से हमारे भारतवर्ष की ओर देख रहा है। ऐसे में भारत जैसे युवा देश में युवाओं की ज़िम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। हनुमान जी की भाँति ही हमें भी समाज के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना चाहिए। युवा शक्ति को हनुमान जी की पूजा से अधिक उनके चरित्र को आत्मसात करने की आवश्यकता है, जिससे भारत को उच्चतम नैतिक मूल्यों वाले देश के साथ- साथ ‘कौशल युक्त’ भी बनाया जा सके।

मेघालय में 1 नाबालिग का रेप, 3 का यौन शोषण: आरोपितों में 10-15 मुस्लिमों के नाम, पुलिस नकार रही सांप्रदायिक एंगल

मेघालय के पश्चिम गारो हिल्स जिले के गाँधीपारा गाँव में लगे वार्षिक मेले ‘चेंगा बेंगा’ के दौरान 4 हिंदू नाबालिगों के साथ कथिततौर पर बलात्कार की खबर सोशल मीडिया पर वायरल है।

इसके बारे में जानकारी लीगल राइट्स ऑब्जरवेट्री ने अपने एक्स अकॉउंट के जरिए दी है। ट्वीट में लिखा गया- “मेघालय के गारो हिल्स की 4 नाबालिग हिंदू लड़कियों के साथ 25 जिहादियों द्वारा सामूहिक बलात्कार की दिल दहला देने वाली खबर आ रही है।”

एलआरओ के ट्वीट में कहा गया, “असम-मेघालय सीमा पर लगने वाले वार्षिक मेले के दौरान; बांग्लादेश की सीमा से लगे दक्षिण सलमारा-मनकाचार जिले के जिहादियों द्वारा 4 नाबालिग हिंदू नाबालिगों का अपहरण किया गया, फिर बंधक बनाकर उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया और उनका शारीरिक उत्पीड़न किया गया। इस संबंध में गारोबाधा थाने में पुलिस शिकायत दर्ज हुई लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।”

LSO के ट्वीट सोशल मीडिया पर जब वायरल हुआ तो इस पर चर्चा तेज हो गई। सच्चाई जानने के लिए इंडिया टुडे NE ने एसपी (दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स) विकास कुमार से संपर्क किया।

इंडिया टुडे NE से बातचीत में कुमार ने बताया कि पीड़ितों में दो नाबालिग लड़के और दो नाबालिग लड़कियाँ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि घटना इस साल 16 अप्रैल को हुई थी लेकिन इसकी सूचना दो दिन बाद 18 अप्रैल को दी गई।

3 का शारीरिक शोषण, 1 का गैंगरेप: रिपोर्ट

सोशल मीडिया पर वायरल दावे से हटकर इंडिया टुडे NE की रिपोर्ट (अर्काइव लिंक) में बताया गया कि, दो नाबालिग लड़के और दो लड़की एक स्थान पर गए थे, जो ‘चेंगा बेंगा मेला’ स्थल से लगभग 250 मीटर दूर था। इसके बाद वहाँ उन्हें कुछ लोगों ने पकड़कर कैद कर लिया, फिर, उन पर शारीरिक हमले हुए और एक लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले के संबंध में हुई एफआईआर भी हुई है जिसमें इस बात का उल्लेख है कि घटना में 10-15 मुस्लिम पुरुष शामिल थे।

एसपी विकास कुमार ने बताया, “कैद में रखी गई एक लड़की ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि उसे शारीरिक रूप से तंग किया गया और दुर्व्यवहार हुआ तो दूसरी लड़की की मेडिकल रिपोर्ट बताती है कि उसके साथ गैंगरेप हुआ, जिसके बाद वो सदमे में थी, दर्द में थी। ऐसे में उन्होंने इस घटना की जानकारी होने के बाद बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) से संपर्क किया और सुनिश्चित किया कि बच्ची को उचित इलाज और परामर्श दिया जाए।

LRO के पोस्ट को फर्जी या सच्चा नहीं कहा जा सकता: एसपी विकास कुमार

इंडिया टुडे NE ने विकास कुमार के बयान के आधार पर बताया है कि इस मामले में कोई भी सांप्रदायिक एंगल नहीं हैं। आरोपितों की पहचान होना अभी बाकी है। हालाँकि जब उनसे एलआरओ के पोस्ट के बारे में कहा गया तो उन्होंने कहा कि वो फिलहाल उस पोस्ट को न नकार सकते हैं और न इसकी पुष्टि कर सकते हैं, क्योंकि अभी जाँच चल ही रही है।

उन्होंने कहा, “हो सकता है पोस्ट में कही कुछ बातें सही भी हों, पूरे मामले में फाइनल रिपोर्ट आना अभी शेष है। ये रिपोर्ट जाँच पूरी होने के बाद और आरोपितों के पकड़े जाने के बाद ही सामने आएगी। हमारी टीम बहुत सावधानी से इस मामले की जाँच में जुटी है ताकि पीड़ितों को न्याय मिले। हमारी रिपोर्ट मामले को सनसनीखेज बनाने से ज्यादा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए होगी।”