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‘कई मासूम लड़कियों की ज़िंदगी बर्बाद कर चुका है चंद्रशेखर रावण’: वाल्मीकि समाज की लड़की ने जारी किया ‘भीम आर्मी’ संस्थापक का वीडियो, कहा – शादी भी छिपा कर रखी

स्विट्जरलैंड में Ph.D कर रहीं रोहिणी घावरी ने उत्तर प्रदेश के नगीना से चुनाव लड़ रहे ‘भीम आर्मी’ के संस्थापक चंद्रशेखर आज़ाद ‘रावण’ पर बड़ा आरोप लगाया है। रोहिणी घावरी पहले ही खुलासा कर चुकी हैं वो कि वो चंद्रशेखर आज़ाद ‘रावण’ के साथ रिलेशनशिप में थीं और वहाँ उन्हें धोखा मिला। मध्य प्रदेश के इंदौर के सफाई कर्मचारी की बेटी रोहिणी ने चंद्रशेखर का एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें वो उनके साथ वीडियो कॉल पर हैं और रोते हुए दिखाई दे रहे हैं।

‘चंद्रशेखर आज़ाद रावण कई लड़कियों के साथ खेल चुका है’: रोहिणी घावरी

इस वीडियो को जारी करते हुए रोहिणी घावरी ने कहा कि उन्होंने झूठे आँसू दिखा-दिखा कर उन्हें उन पर विश्वास करने के लिए मजबूर कर दिया। बकौल रोहिणी, ये उनकी गलती है कि ‘रावण’ को उन्होंने सच्चा आंदोलनकारी इंसान मान कर उनके साथ खड़ी हो गईं। रोहिणी का आरोप है कि चंद्रशेखर ने उस समाज के सामने उन्हें झूठा साबित कर दिया, जिसके लिए वो विदेश में रह कर भी सोचती हैं। उनका कहना है कि उन्होंने सच्ची लड़की होने की सज़ा भुगती, अकेले रह कर जिस मानसिक पीड़ा से उन्होंने खुद को सँभाला उसके बारे में वो ही समझती हैं।

उन्होंने इस वीडियो के साथ लिखा, “अब कभी जीवन में किसी मर्द पर भरोसा नहीं कर पाऊँगी इसलिए शादी रिश्ते जैसी चीज़ो से बहुत दूर हो चुकी हूँ। अब मेरा बचा हुआ जीवन देश और समाज को समर्पित। मैं झूठे आरोप झेल झेल के थक गई हूँ अब जब भी कुछ अच्छा करती हूँ लोग मेरा चीरहरण करना शुरू कर देते है। एक लड़की होने की खूब सज़ा मिल रही है मुझे। जैसे पूरा समाज बेवक़ूफ़ बन रहा है में भी बन गई। मैंने तो पूरी ईमानदारी से दूसरे देश में रहकर भी साथ निभाया था यही सोच के त्याग था की समाज के लिए दोनों मिलकर कुछ अच्छा करेंगे।”

रोहिणी घावरी ने बड़ा आरोप लगाया है कि चंद्रशेखर आज़ाद ‘रावण’ अपनी शादी के बारे में छिपा कर कई बहन-बेटियों की इज्जत के साथ खेल चुके हैं। उन्होंने कहा कि ये ‘महिला’ भी इसमें उसका साथ देती रही, क्योंकि आंदोलन से करोड़ों रुपए आ रहे थे। उन्होंने कहा कि पहले पता होता तो कितनी मासूम लड़कियों की ज़िंदगी बर्बाद होने से बच जाती। उन्होंने ‘रावण’ को छल-कपट-षड्यंत्र वाला व्यक्ति करार देते हुए कहा कि वो कभी दलित समाज का नेता नहीं बन सकता।

कौन हैं स्विट्जरलैंड में Ph.D कर रही दलित रोहिणी घावरी

रोहिणी घावरी वाल्मीकि समाज से आती हैं और खुद को दलितों का ठेकेदार बताने वाले कुछ नेताओं द्वारा ब्राह्मणों के प्रति घृणा फैलाए जाने से ताल्लुक नहीं रखती। उलटा उन्होंने बताया है कि वो वाल्मीकि समाज से आती हैं और ब्राह्मणों का उनके जीवन में बहुत योगदान है। उन्होंने बताया कि उनके शिक्षक शर्मा सर ने उन्हें 1 करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप की जानकारी दी। स्विट्जरलैंड में जिस आभा ने उनका साथ दिया, वहाँ रहना सिखाया वो भी ब्राह्मण हैं।

रोहिणी घावरी संयुक्त राष्ट्र (UN) में भी संबोधन दे चुकी हैं। उन्होंने बताया था कि वहाँ भी जाने के लिए उनके एक पंडित अंकल ने उनका मार्गदर्शन किया। इसीलिए, वो कहती हैं कि वो ब्राह्मणों को गाली देकर एहसानफरामोशी नहीं कर सकतीं। बता दें कि वो UN में राम मंदिर को लेकर पाकिस्तान को खरी-खरी सुना चुकी हैं। उन्होंने ‘जय श्री राम’ का उद्घोष करते हुए कहा था कि दुनिया के हर हिन्दू के लिए राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा वाला दिन ऐतिहासिक है।

जेनेवा में रह रही रोहिणी घावरी शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ-साथ दलित समाज के लिए भी आवाज़ उठाती रहती हैं। वो बाबासाहब भीमराव आंबेडकर में श्रद्धा रखती हैं। भारत सरकार से उन्हें 1 करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप प्राप्त हुई। रोहिणी घावरी ने भारत के ठेकेदारों की पोल खोलते हुए UN में बताया था कि भारत के प्रधानमंत्री OBC समाज से आते हैं, वहाँ के दलित ऑक्सफ़ोर्ड-हार्वर्ड में सरकारी सहायता से पढ़ते हैं, इसके बावजूद विदेशी संस्थाएँ भारत को गलत रूप में पेश करती हैं।

एक आँख की रोशनी गई, दूसरी से भी कम हुआ दिखना: गुना का ‘हैवान’ अयान पठान के घर पर चला बुलडोजर

मध्य प्रदेश के गुना जिले से 16 अप्रैल 2024 को रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया था। तब अयान पठान ने अपने द्वारा प्यार के जाल में फँसाई गई एक हिन्दू लड़की को बेरहमी से पीटा था। इस पिटाई के बाद पीड़िता की आँखों और होठों को फेवीक्विक से चिपका दिया गया था। लड़की के घावों पर लाल मिर्च डाल दी गई थी। अब पीड़िता के एक आँख की रोशनी चली गई है और दूसरी आँख से भी कम दिखने लगा है। वहीं प्रशासन ने आरोपित अयान पठान के घर को बुलडोजर चला कर गिरा दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शनिवार (20 अप्रैल 2024) को पीड़िता को बेहतर इलाज के लिए गुना जिला अस्पताल से ग्वालियर रेफर कर दिया गया है। यहाँ इलाज के दौरान पीड़िता की एक आँख की रोशनी चली गई है। लड़की की दूसरी आँख से भी कम दिख रहा है।

आरोप है कि लड़की की दोनों आँखों पर अयान पठान ने पहले झाड़ू के पिछले हिस्से और बाद में पत्थर से मारा था। हालाँकि डॉक्टर पीड़िता के इलाज में लगे हुए हैं। शनिवार को ही पीड़िता का अदालत में बयान दर्ज हुआ।

वहीं पीड़िता पर हमले के बाद जेल काट रहे आरोपित अयान पठान के घर पर प्रशासन ने बुलडोजर चलवा दिया है। 20 अप्रैल को जिला प्रशासन ने अपनी पड़ताल में पाया था कि अयान का घर सरकारी जमीन पर बना हुआ था। इस निर्माण पर तत्काल आरोपित के घर पर नोटिस चस्पा कर के 12 घंटों के भीतर जवाब माँगा गया था।

12 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अयान पठान के परिजनों की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। आखिरकार 21 अप्रैल को प्रशासन बुलडोजर के साथ अयान के घर पहुँचा। कुछ ही मिनटों के अंदर अयान का मकान जमींदोज कर दिया गया।

ताजा जानकारी के मुताबिक अयान पठान लड़की की पुश्तैनी प्रॉपर्टी पर कब्ज़ा करना चाहता था। पीड़िता के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। लड़की का कोई भाई भी नहीं है। ऐसे में अयान की नजर पीड़िता की जमीन-जायदाद पर थी। पीड़िता को पीटने के दौरान उसने घर का सारा सामान तोड़ डाला था।

मध्य प्रदेश के भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी आरोपित पर कठोर कार्रवाई की माँग उठाई है। अयान पठान की गिरफ्तारी के दौरान उसके पास लगभग 60 लीटर शराब भी बरामद हुई। यह शराब अयान अपनी बजाय पल्सर बाइक पर ले जा रहा था। बाइक को भी फिलहाल जब्त कर लिया गया है।

BJP को अकेले 350 सीट, जिस-जिस के लिए PM मोदी कर रहे प्रचार… सबको 5-7% अधिक वोट: अर्थशास्त्री का दावा- मजबूत नेतृत्व का अभाव विपक्ष की सबसे बड़ी समस्या

देश के नामी अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला ने लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर भविष्यवाणी की है। उन्होंने दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी अकेले अपने दम पर लगभग 350 सीटें जीत सकती है। इसी के साथ उन्होंने यह भी बताया कि तमिलनाडु में भाजपा को 5 सीटें मिल सकती हैं। सुरजीत भल्ला ने विपक्ष की सबसे बड़ी समस्या मजबूत नेतृत्व का न होना बताया है।

सुरजीत भल्ला ने कहा कि साल 2024 के लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी अकेले अपने दम पर 330 से 350 सीटों के बीच जीत सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिन भी पार्टियों के प्रचार में नरेंद्र मोदी शामिल हो रहे हैं, उनको साल 2019 के मुकाबले 2024 में 5 से 7 प्रतिशत अधिक वोटों का फायदा मिल सकता है।

अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला 20 अप्रैल को NDTV को दिए गए एक इंटरव्यू के दौरान कहीं। इस इंटरव्यू में एंकर ने उनके द्वारा लिखी गई किताब ‘हाउ वी वोट’ का जिक्र किया। इस किताब के एक चैप्टर में भारत की राजनीति का जिक्र है।

सुरजीत भल्ला ने विपक्षी पार्टी कॉन्ग्रेस को लगभग 44 सीटें मिलने का अनुमान जताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालातों को देखते हुए कॉन्ग्रेस को 2014 के मुकाबले 2024 में लगभग 2% वोटों का नुकसान उठाना पड़ सकता है। सुरजीत ने विपक्ष की सबसे बड़ी समस्या मजबूत नेतृत्व न होना बताया है।

विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे बेरोजगारी और आर्थिक हालातों के मुद्दों पर सुरजीत ने कहा कि ये वोटरों के मन पर बहुत असर नहीं डाल पाएँगे। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया भर में विपक्ष चुनी सरकारों के खिलाफ ऐसे मुद्दे उठाता रहता है।

इंटरव्यू के दौरान सुरजीत ने दक्षिण भारत में भाजपा के प्रदर्शन पर भी अपने विचार रखे। सुरजीत ने कहा कि साल 2024 में भारतीय जनता पार्टी तमिलनाडु में लगभग 5 या उस से अधिक सीटें जीत सकती है। वहीं केरल में उनके अनुमान से भाजपा की झोली में 1 या 2 सीट मिलने का अनुमान जताया है।

वोटरों के मन की बात का जिक्र भी अर्थशास्त्री ने किया। उन्होंने कहा कि लोग इस बात के लिए वोट देते हैं कि उनके द्वारा चुनी सरकार ने उन के जीवन को कितना सुधारा। जाति या लिंग का फैक्टर उन्होंने चुनावों पर बहुत कम असर डालने वाला बताया।

‘700 मदरसे हम तीनों भाई खोलेंगे… लोकसभा चुनाव जीत हम संसद में आ रहे हैं’: असम के CM को चुनौती देकर कहा – डायरी में लिख लो

अपने विवादित बयानों के लिए कुख्यात ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल का एक और बयान सामने आया है। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा को 700 नए मदरसे खोलने की चुनौती दे डाली है। इन मदरसों को लोकसभा चुनाव 2024 में जीत के बाद खोलने का चैलेंज दिया गया है। बदरुद्दीन अजमल ने यह बयान शनिवार (20 अप्रैल 2024) को नगाँव में एक चुनावी रैली के दौरान दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल शनिवार को नगाँव से अपने उम्मीदवार अमीनुल इस्लाम का प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने लोगों के एक जमावड़े को सम्बोधित किया। सामने मौजूद भीड़ को देख कर बदरुद्दीन अजमल जोश में आ गए। इसी जोश में उन्होंने असम के मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा:

“लोकसभा चुनाव के बाद असम के करीमगंज और नगाँव के AIUDF सांसदों के साथ हम 700 नए मदरसे खोलेंगे। हिमंत बिस्व सरमा सुनिए, अपनी डायरी में लिखिए, बदरुद्दीन अजमल संसद में आ रहे हैं। 700 मदरसे हम तीनों भाई खोलेंगे।”

कुछ ही देर बाद बदरुद्दीन अजमल के स्थानीय प्रत्याशी अमीनुल इस्लाम ने भी चुनावी जनसभा को सम्बोधित किया। अमीनुल ने कॉन्ग्रेस प्रत्याशी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कॉन्ग्रेस को झूठी पार्टी करार दिया है। AIUDF प्रत्याशी ने कॉन्ग्रेस प्रत्याशी से उनके द्वारा मुस्लिमों के हितों में किए गए कामों को बताने के लिए कहा।

बदरुद्दीन अजमल ने भी भाजपा के साथ कॉन्ग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने कॉन्ग्रेस का मुस्लिमों के प्रति झुकाव और लगाव को महज दिखावा करार दिया। हालाँकि कॉन्ग्रेस प्रत्याशी पियूष हजारिका ने बदरूदीन अजमल पर पलटवार किया है। उन्होंने अजमल को भारतीय जनता पार्टी का समर्थक बताया है।

पियूष के मुताबिक बदरुद्दीन अजमल बीजेपी को फायदा पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं। बताते चलें कि असम में लोकसभा की कुल 14 सीटें हैं। इस पर 19 और 26 अप्रैल के अलावा 7 मई को वोट डाले जाएँगे। यहाँ भाजपा और INDI गठबंधन में सीधा मुकाबला है। बदरुद्दीन अजमल की पार्टी यहाँ कुछ सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय बना सकती है।

ज्ञात हो कि असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की सरकार ने मदरसों पर सख्त कार्रवाई करते हुए सैकड़ों की संख्या में उन्हें बंद करवाया। इन मदरसों की जगह असम राज्य सरकार ने अंग्रेजी स्कूल खोले ताकि बच्चों को आधुनिक शिक्षा मिल सके।

‘एक ही सिक्के के 2 पहलू हैं कॉन्ग्रेस और कम्युनिस्ट’: PM मोदी ने तमिल के बाद मलयालम चैनल को दिया इंटरव्यू, उठाया केरल में राजनीतिक हत्याओं का मुद्दा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव 2024 से पहले मलयालम चैनल ‘Asianet News’ को इंटरव्यू दिया है, जिसमें उन्होंने विभिन्न सवालों का खुल कर जवाब दिया। इससे पहले वो तमिल चैनल ‘Thanthi TV’ को इंटरव्यू दे चुके हैं। इस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान इस बार दक्षिण भारत क्षेत्रीय भाषाओं पर अधिक है। ताज़ा इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि 2014 उम्मीद का कालखंड था, लोगों के दिल में भी उम्मीद थी और उनके मन में भी उम्मीद थी कि हम उनकी उम्मीदों को पूरा करें।

पीएम मोदी ने कहा, “मैं शासन नहीं करता हूँ, मैं सेवा करता हूँ। मैं पद पर बैठकर मौज करने के पक्ष में नहीं हूँ। मैं लोगों के लिए एक सामान्य नागरिक से भी ज्यादा मेहनत करने का प्रयास करता हूँ। 2014 में उम्मीद का वातावरण था, 2019 में वो विश्वास में पलट गया। जन सामान्य के ​विश्वास ने मेरे भीतर एक नया आत्मविश्वास भर दिया, मुझे लगा हम सही दिशा में हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ का जो मंत्र लेकर चले हैं, उसे हम जमीन पर उतार पाए हैं।”

पीएम मोदी ने कहा कि 2024 का चुनाव मोदी नहीं लड़ रहा है, भाजपा नहीं लड़ रही है, ये देश की जनता की पहल है। उन्होंने कहा कि देश की जनता, 10 साल के अनुभव के अनुसार निर्णय कर चुकी है। हमने डिजिटल अप्रोच लिया, ह्यूमन इंटरवेंशन को हम कम से कम करने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम मोदी ने याद किया कि कैसे किसी प्रधानमंत्री (राजीव गाँधी) ने कहा था कि हम एक रुपया भेजते हैं, तो 15 पैसा ही पहुँचता है। पीएम मोदी ने कहा कि 85 पैसा बीच में कोई न कोई पंजा खा ही जाता था, जबकि अब हम ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (DBT) कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जितने मामले दर्ज किए हैं, उनमें से सिर्फ 3% लोग ही राजनीति से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने के लिए कोई संस्था बनाई गई है, वो काम न करे तो सवाल पूछना चाहिए। काम करे, इसलिए सवाल पूछा जाए, ये लॉजिक ही नहीं बनता है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश में एक नैरेटिव बना दिया गया कि भाजपा अपर कास्ट की पार्टी है, जबकि सच ये है कि भाजपा में सबसे ज्यादा एससी हैं, सबसे ज्यादा एसटी हैं, सबसे ज्यादा ओबीसी हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि फिर नैरेटिव बनाया गया कि भाजपा अर्बन पार्टी है, साथ ही जवाब दिया कि आज भाजपा में ग्रामीण लोग सबसे ज्यादा हैं। पीएम मोदी ने कहा कि फिर नैरेटिव बनाया गया कि भाजपा पुराणपंथी पार्टी है, नया सोच ही नहीं सकती है। आज दुनिया में डिजिटल मूवमेंट का नेतृत्व भाजपा शासित सरकार कर रही है। ये जो भ्रम फैलाए गए हैं, वो गलत हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश के नागरिकों के सामर्थ्य को कम नहीं आँकना चाहिए।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैंने एक बार लाल किले से कहा था कि जो लोग इसमें सक्षम हैं, वो गैस की सब्सिडी छोड़ दें। 1 करोड़ से ज्यादा लोगों ने गैस की सब्सिडी छोड़ दी। मेरे देश के लोग हमसे ज्यादा देश को प्यार करते हैं, हमसे ज्यादा देश के लिए करने को तैयार हैं। इन्हें कम न आँको। जनता का बोझ कम करना सरकार का दायित्व है, ये उपकार नहीं है। जनसंघ के जमाने से हम पूरे देश की सेवा करना चाहते हैं। देश के हर हिस्से की सेवा करना चाहते हैं। राजनीतिक फायदा देखकर काम करना हमारा सिद्धांत नहीं है।”

केरल के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे लिए केरल सत्ता पाने का एक मैदान नहीं है, बल्कि हमारे लिए केरल भी सेवा क्षेत्र है और हम उतनी ही लगन से सेवा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के राजनीति दल, भारत के संविधान को समर्पित होने चाहिए और भारत का संविधान हम सब को देश की एकता और अखंडता का दायित्व देता है। उन्होंने कहा कि अगर ​कोई देश को तोड़ने की बात करता है, तो उसे राजनीति दलों को गंभीरता से लेना चाहिए, तत्कालीन स्वार्थ के लिए ऐसी भाषा और ऐसे इरादों से बचना चाहिए।

पीएम नरेंद्र मोदी ने बताया कि वो जब गुजरात में थे, तब उनके साथ केंद्र सरकार द्वारा बहुत अन्याय होते थे, लेकिन उनका एक ही मंत्र होता था कि ‘भारत के विकास के लिए गुजरात का विकास’। पीएम मोदी ने कहा कि हम सबको मिलकर भारत को बहुत आगे बढ़ाना है और इसमें हमें कोई समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये देश का दुर्भाग्य रहा है कि वेस्ट एशिया के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने का काम पिछली सरकारों ने नहीं किया।

बकौल पीएम मोदी, आज हमारा रिश्ता पश्चिमी एशिया के साथ बहुत मजबूत है और हम Seller/Buyer से निकल कर व्यापक विकास की ओर जा रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरे देशों के लोग भी अगर एक बार तिरंगा लेकर चल पड़े और ‘भारत माता की जय’ बोले तो कोई पूछता नहीं है कि किस देश का नागरिक है, उसको जाने देते हैं। पीएम मोदी ने इस दौरान केरल में भाजपा कार्यकर्ताओं की राजनीतिक हत्यारों का मुद्दा भी कड़ाई से उठाया।

मतदान के अगले दिन ही चल बसे मुरादाबाद के BJP प्रत्याशी कुँवर सर्वेश सिंह: वोटिंग वाले दिन ही आया था हार्ट अटैक, बीमार रहते ही लड़ा था चुनाव

लोकसभा चुनाव 2024 में मुरादाबाद लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी कुँवर सर्वेश सिंह का निधन हो गया। मतदान वाले दिन ही उनकी तबियत खराब हो गई थी और वो मतदान के बाद दिल्ली के एम्स में भर्ती हो गए थे, जहाँ शनिवार (20 अप्रैल 2024) को उनकी मौत हो गई। मुरादाबाद में 19 अप्रैल को ही मतदान हुआ था। वो मुरादाबाद से साल 2014-2019 में सांसद रह चुके थे और इस बार फिर से वो चुनाव मैदान में थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मार्च में उनके दाँत के ऑपरेशन के बाद से ही वो अस्वस्थ चल रहे थे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके समर्थन में जनसभाएँ की थी, लेकिन वो मंच पर रहने के बावजूद जनसभा को संबोधित नहीं कर सके थे, क्योंकि उनकी तबियत खराब थी। बताया जा रहा है कि वो कैंसर से भी पीड़ित थे।

एनबीटी की रिपोर्ट के मुताबिक, कुँवर सर्वेश सिंह का अंतिम संस्कार रविवार (20 अप्रैल 2024) को उनके पैतृक गाँव में होगा। उनकी मौत एम्स दिल्ली में हुई। शुक्रवार को मतदान के बाद वो दिल्ली चले आए थे और यहीं एम्स में उनका निधन हो गया।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनके निधन पर दुख जताया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “उत्तर प्रदेश के पूर्व सांसद, कुंवर सर्वेश सिंह जी के निधन से मुझे गहरा दुःख हुआ है। वे ज़मीन से जुड़े नेता थे और जनता के बीच वे काफ़ी लोकप्रिय थे। उन्होंने पार्टी को मज़बूत बनाने के लिए भी काफ़ी परिश्रम किया। जनता से जुड़े मुद्दों के लिए वे संघर्ष करने में विश्वास रखते थे। ईश्वर शोक संतप्त परिवार को दुःख की इस घड़ी में धैर्य और संबल प्रदान करे। ओम शान्ति!”

मुरादाबाद में कुँवर सर्वेश सिंह जीते, तो उप-चुनाव

मुरादाबाद में उप-चुनाव की तलवार भी लटक रही है। मुरादाबाद में बीजेपी प्रत्याशी कुँवर सर्वेश सिंह की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद 4 जून को यहाँ पर मतगणना होगी। अगर कुँवर सर्वेश सिंह जीत जाते हैं, तो यहाँ का चुनाव रद्द कर दिया जाएगा और उपचुनाव कराया जाएगा। अगर कोई अन्य उम्मीदवार जीतता है, तो उसे ही विजेता मान लिया जाएगा।

मुरादाबाद में बीजेपी का बड़ा चेहरा

बता दें कि सर्वेश सिंह 2014 के लोकसभा चुनाव में सपा के एसटी हसन को हराकर जीत हासिल की थी। इसके बाद फिर से भाजपा ने भरोसा जताते हुए 2019 में टिकट दिया, लेकिन इस बार सर्वेश सिंह को सपा उम्मीदवार एसटी हसन के हाथों हार मिली थी। 2009 में सर्वेश सिंह कांग्रेस के अजहरुद्दीन के हाथों चुनाव हार गए थे। हालाँकि इससे पहले वो 1991 से ही ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट से लगातार बीजेपी के विधायक रहे थे। वो पाँच बार विधायकी का चुनाव जीत चुके थे।

फिर से दुनिया के सामने आया ‘ब्लू व्हेल चैलेंज’ : अमेरिका में भारतीय छात्र बना ‘ऑनलाइन गेम’ का शिकार, जानें- क्या है ये खूनी खेल

अमेरिका में पिछले माह एक भारतीय छात्र की मौत हो गई थी। जाँच के बाद पता चला है कि भारतीय छात्र ‘ब्लू व्हेल चैलेंज’ नाम के ऑनलाइन गेम का शिकार हुआ था, जो काफी समय बाद फिर से चर्चा में आया है। इस गेम पर बैन लगाया जा चुका है। कुछ साल पहले भी ये गेम खूब चर्चा में आया था, जब दुनिया के कोने-कोने से इस गेम के शिकार बच्चों और किशोरों की मौत की खबरें आने लगी। इस गेम का नाम सामने आने के बाद अधिकारी छात्र की जान जाने की घटना को ‘स्पष्ट तौर पर आत्महत्या’ के मान रहे हैं।

क्या है ब्लू व्हेल गेम?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्लू व्हेल गेम को एक रूसी गेमर ने बनाया था। रूसी गेमर का नाम फिलिप बुडेकिन है, जिसने इसे साल 2013 में बनाया था। ब्लू व्हेल गेम को ‘सुसाइडल गेम’ या ब्लू व्हेल चैलेंज के नाम से भी जाना जाता है। बताया जाता है कि इस गेम की वजह से भारत, चीन, अमेरिका और दुनिया के अन्य देशों में 130 से ज्यादा जानें जा चुकी हैं, तो हत्या की वारदातों को भी गेम के चैलेंज की वजह से अंजाम दिया गया है।

यह ऑनलाइन चुनौती खिलाड़ियों पर 50 दिनों तक आत्महत्या करने का दबाव डालती है। प्रत्येक दिन में एक “साहस” शामिल होता है जिसे फिल्माया जाना होता है और “सबूत” के रूप में साझा किया जाता है। ये साहस आसान (डरावनी फिल्में) शुरू होते हैं लेकिन आत्म-विनाश तक बढ़ जाते हैं।

ब्लू व्हेल गेम के फेर में अधिकतर युवा या किशोर उम्र के लोग फंसते हैं। शुरू में उन्हें छोटे-मोटे टास्क दिए जाते हैं, जो बाद में नशे के रूप में बदल जाता है। इसके बाद इस गेम को खेलने वाले युवा पर मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ता जाता है। कुल 50 दिनों का ये गेम चैलेंज अक्सर आत्महत्या या हत्या जैसे चैलेंज पर जाकर रुकता है।

इस गेम में एक क्यूरेटर होता है, जो खिलाड़ियों को अपने हिसाब से चलाया है। इस गेम में ब्लैकमेलिंग और साइबर बुलिंग जैसी चीजें भी शामिल हैं, जो खिलाड़ियों को गेम से बाहर नहीं जाने देती।। इस मामले में बुडेकिन को जब गिरफ्तार किया गया, तब उसने कम से कम 16 किशोरों को इस गेम के जाल में फंसाकर हत्या या आत्महत्या जैसे काम करने को उकसाया था। उसे इस मामले में तीन साल की सजा सुनाई गई थी और जेल में ठूँस दिया गया था।

साल 2017 में आया था भारत में पहला मामला

भारत में ब्लू व्हेल गेम से मौत का पहला मामला जुलाई 2017 में सामने आया था। मुंबई में 14 साल के स्कूली छात्र मनप्रीत सिंह साहनी ने एक बिल्डिंग के सातवें फ्लोर से कूदकर अपनी जान दे दी थी। इसके बाद पश्चिम बंगाल में दसवीं कक्षा के छात्र की आत्महत्या का मामला सामने आया था, जिसमें छात्र के शव का चेहरा ब्लास्टिक बैग से ढंका हुआ था और रस्सी से बाँधा गया था। दिल्ली में एक पूर्व मंत्री के बेटे ने भी कूदकर जान दे दी थी, तो केरल में एक किशोर युवक ने ब्लू व्हेल चैलेंज पूरा करने के लिए फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने साल 2017 में एक एडवाइजरी जारी की थी और ब्लू व्हेल गेम को “आत्महत्या के लिए उकसाने वाला” करार देते हुए लोगों से इसे न खेलने की अपील की थी। अमेरिका में आए ताजे मामले से एक बार फिर से इस खौफनाक गेम की चर्चा शुरू हो गई है।

‘कॉन्ग्रेस का ध्यान भ्रष्टाचार पर’ : पीएम नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक में बोला जोरदार हमला, ‘टेक सिटी को टैंकर सिटी में बदल डाला’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि नादप्रभु कैम्पेगोड़ा ने बेंगलुरु को एक शानदार शहर बनाने का सपना देखा था लेकिन कॉन्ग्रेस सरकार ने कुछ ही समय में यहाँ की हालत बिगाड़ दी। कॉन्ग्रेस ने टेक सिटी को टैंकर सिटी में बदलकर उसे वॉटर माफिया के हवाले कर दिया… हर जगह बजट को काटा जा रहा है, कॉन्ग्रेस सरकार का ध्यान बेंगलुरु की लोगों की समस्या पर नहीं बल्कि भ्रष्टाचार पर है।

पीएम मोदी ने कहा कि आपने मुझे सुरक्षा कवच दिया है, जिससे मैं सभी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हूँ। 10 वर्षों में हमने 10 करोड़ महिलाओं को SHG से जोड़ा, 1 करोड़ महिलाएँ ‘लखपति दीदी’ बन गई हैं। अब मेरा अगला लक्ष्य 3 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाना है, जिनकी सालाना आय 1 लाख रुपये से ज्यादा होगी।

बेंगलुरु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मोदी कहता है देश को ग्रीन एनर्जी हब, फार्मा हब, इलेक्ट्रॉनिक हब, ग्लोबल इनोवेशन हब बनाएँगे ताकि भारत ग्लोबल इकोनॉमी का हब बने लेकिन कॉन्ग्रेस और INDI गठबंधन कहती है ‘मोदी को हटाएंगे’… मोदी की गारंटी है 5G के बाद 6G लाएंगे, वे कहते हैं ‘मोदी को हटाएँगे’, मोदी की गारंटी है AI लाएँगे, वे कहते हैं ‘मोदी को हटाएँगे’…”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “2014 और 2019 में आपने रिकॉर्ड मतों से जिताकर जो मजबूत सरकार बनाई उसने देश को मजबूत बनाया। तब दुनिया भारत को ‘नाज़ुक’ देशों में गिनती थी। दुनिया सोचती थी कि भारत खुद को डूबेगा हमें भी ले डूबेगा… एक वह समय था, एक आज का समय है… आज सारे देश भारत से दोस्ती करना चाहते हैं, आज भारत में रिकॉर्ड निवेश हो रहा है…”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “गरीब और मध्यमवर्ग का बहुत बड़ा खर्च स्वास्थ्य संबंधित होता है लेकिन आयुष्मान भारत योजना के चलते आज करोड़ो लोगों को 5 लाख तक का मुफ्त इलाज संभव हुआ है… भाजपा ने जो घोषणापत्र जारी किया है उसमें इस योजना का और विस्तार किया गया है…”

बेंगलुरु में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “कल भारत की ब्रह्मोस मिसाइल की पहली खेप फिलीपींस के लिए रवाना कर दी गई है। इससे जमीनी स्तर पर बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। क्या यह सब कल्पना की जा सकती थी। कॉन्ग्रेस के शासन के दौरान?…कॉन्ग्रेस ने पूरे देश में मोदी और एचएएल को बुरा-भला कहा। उसी एचएएल के पास अब रिकॉर्ड कारोबार है, रिकॉर्ड लाभ है और एशिया की सबसे बड़ी हेलीकॉप्टर फैक्ट्री कर्नाटक में स्थापित की गई है। अमेरिका के बाद बोइंग की दूसरी सबसे बड़ी सुविधा कर्नाटक में स्थापित की गई है। यह तभी हो रहा है जब भारत में कारखानों की संख्या बढ़ रही है और उन कारखानों में काम करने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ रही है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “नादप्रभु कैम्पेगोड़ा ने बेंगलुरु को एक शानदार शहर बनाने का सपना देखा था लेकिन कॉन्ग्रेस सरकार ने कुछ ही समय में यहाँ की हालत बिगाड़ दी। कॉन्ग्रेस ने टेक सिटी को टैंकर सिटी में बदलकर उसे वॉटर माफिया के हवाले कर दिया… हर जगह बजट को काटा जा रहा है, कॉन्ग्रेस सरकार का ध्यान बेंगलुरु की लोगों की समस्या पर नहीं बल्कि भ्रष्टाचार पर है…”

‘हिन्दू बच्चों को पढ़ाई जा रही उर्दू की लाइनें, छात्राओं को बता रहा बुर्के ही अहमियत’: शिक्षक गफ्फार के खिलाफ शिकायत – पढ़ाई की आड़ में चला रहा धर्मांतरण की साजिश

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक सरकारी स्कूल के अंदर नाबालिग हिन्दू छात्रों को उर्दू भाषा के साथ इस्लामी तालीम देने का मामला सामने आया है। मामले की शिकायत बजरंग दल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित सहारनपुर के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से की है। आरोपित टीचर का नाम गफ्फार अहमद बताया जा रहा है। आरोप यह भी है कि गफ्फार हिन्दू बच्चियों को हिजाब और बुर्का की खूबियाँ भी गिनाता है। यह शिकायत बुधवार (17 अप्रैल, 2024) को ई-मेल के माध्यम से भेजी गई है।

सहरानपुर से बजरंग दल पदाधिकारी हरीश कौशिक ने यह शिकायती पत्र मुख्यमंत्री और अधिकारियों को भेजा है। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया है कि सहारनपुर के ब्लॉक सढौली कदीम क्षेत्र में आने वाले फैज़ाबाद इलाके में राजकीय प्राथमिक विद्यालय है। इसी स्कूल में गफ्फार अहमद बतौर टीचर तैनात है। गफ्फार पर आरोप है कि वह स्कूल में पढ़ने वाले हिन्दू बच्चों को जबरन अरबी किताबें पढ़ाता है। इसमें से कुक किताबें इस्लाम की मजहबी तालीम वाली बताई जा रहीं हैं।

हरीश कौशिक ने आरोप लगाया है कि हिन्दू छात्रों को पढ़ाई जा रही इन अरबी भाषा वाली किताबों का उनके कोर्स से कोई वास्ता नहीं है। इन किताबों को टीचर गफ्फार अहमद द्वारा खुद लाने की बात कही गई है। इसी पत्र में गफ्फार द्वारा हिन्दू बच्चियों को हिजाब और बुर्का की तारीफ भी सुनाए जाने का आरोप है। आरोप तो यह भी है कि गफ्फार की मजहबी तालीम का असर कुछ छात्र-छात्राओं के बात-व्यवहार में भी दिखने लगा है। गफ्फार से प्रभावित हो रहे छात्रों में अनुसूचित जाति (SC) की संख्या अधिक बताई गई है।

बजरंग दल पदाधिकारी के इस पत्र में छात्रों को मौखिक तौर पर काफिर, मोमिन और दोजख जैसी बातें बताए जाने का जिक्र है। आरोप है कि यहाँ पढ़ाने वाला टीचर गफ्फार अहमद मूलतः सहारनपुर के ही दारुल उलूम देवबंद से जुड़ा हुआ है जो वहाँ के तौर-तरीके सरकारी स्कूल में भी लागू करना चाहता है। हरीश कौशिक ने गफ्फार के खिलाफ जाँच करवा के कड़ी कार्रवाई की माँग की है। ऑपइंडिया से बात करते हुए हरीश कौशिक यह भी दावा करते हैं कि इस से पहले भी वो गफ्फार की शिकायत जिले के अधिकारियों से कर चुके हैं लेकिन उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।

हरीश कौशिक ने इस बार अपनी शिकायत सहारनपुर के जिलाधिकारी, यहाँ के एसएसपी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है। अपनी शिकायती ई-मेल में कौशिक ने उन किताबों के वीडियो और स्क्रीनशॉट भी अटैच किए है जिसके आधार पर उन्होंने गफ्फार पर मजहबी तालीम देने का आरोप लगाया है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी के साथ उन तमाम किताबों के वीडियो और तस्वीरें मौजूद हैं जिसके आधार पर हरीश कौशिक ने शासन और प्रशासन से शिकायत की है।

‘रेहान बीफ शॉप जिंदाबाद’ ‘काटते रहो’: असदुद्दीन ओवैसी का वीडियो वायरल, बीजेपी ने बोला हमला

AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो एक मीट शॉप पर पहुँचते हैं और ‘रेहान बीफ शॉप जिंदाबाद’ कहते हैं। इस वीडियो में वो माँस काटने वाले लोगों के साथ हाथ मिलाते हैं और फिर कहते हैं ‘काट ते रहो।’ ये वीडियो असदुद्दीन ओवैसी के चुनाव प्रचार के दौरान का है, जब वो हैदराबाद के अंदरुनी इलाकों में पैदल ही चुनाव प्रचार कर रहे थे और लोगों से मिल रहे थे। उनका ये वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी ने उन पर हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी की राजनीति का यही स्टाइल है।

ओवैसी का ‘काट ते रहो’ वीडियो वायरल

असदुद्दीन ओवैसी वायरल हो रहे वीडियो में कहते दिख रहे हैं, “रेहान बीफ शॉप जिंदाबाद, खैरियत है भाई? सलाम अलैकुम। काटते रहो।”

इस वीडियो को शेयर करते हुए विष्णु वर्धन रेड्डी नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “असदुद्दीन ओवैसी द्वारा विभाजनकारी बयानबाजी का एक खतरनाक पैटर्न सामने आया है। वो बेशर्मी से हिंदू भावनाओं को भड़काने और अपमानित करने वाले शब्दों और भाषा का इस्तेमाल करता है। इस वीडियों में वो ‘रेहान बीफ शॉप जिंदाबाद’ बोल कर बीफ का समर्थन कर रहा है और हिंसा की वकालत कर रहा है। इस तरह की जानबूझकर की गई हरकतें केवल नफरत को बढ़ावा देती हैं और हमारे समाज में खाईं को बढ़ाती हैं।”

इस वीडियो को शेयर करते हुए शीतल कुमार नेहरा ने लिखा, “रेहान बीफ शॉप जिंदाबाद. देखें-कैसे ओवैसी जानबूझकर हिंदुओं का मजाक उड़ा रहा है।”

इस घटना को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ओवैसी पर तंज कसा है। निर्मला सीतारमण ने अहमदाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “असदुद्दीन ओवैसी अभद्र राजनीतिक बयान देते हैं। उनके ऐसे बयानों से मुझे आश्चर्य नहीं होता। सांसद असदुद्दीन ओवैसी और विधायक व उनके छोटे भाई अकबरुद्दीन ओवैसी ऐसे ही एक्सट्रीम बयान देने में माहिर हैं। इसलिए मुझे ऐसे बयान पर आश्चर्य नहीं होता।”

बीजेपी कैंडिडेट माधवी लता ने ओवैसी पर जोरदार हमला। उन्होंने कहा, “असदुद्दीन जी पता नहीं कैसे बैरिस्टर बन गए। पर्सनल लॉ के बारे में बात करते रहते हैं। ‘फतवा’ एक ऐसी चीज है जिसका सभी को पालन करना चाहिए… जब एक फतवा है कि बीफ नहीं खाना चाहिए, तो वह फतवे के खिलाफ कैसे जा रहा है। इसका मतलब है कि वह अपने मजहब का सम्मान नहीं करते। क्या एक मुसलमान इतना छोटा है कि यह बीफ काटो, बीफ खाओ। आप इस पर वोट माँग रहे हैं? वो पहले भी कह चुके हैं कि एमआईएम को वोट नहीं दोगे, तो बीफ नहीं मिलेगा। क्या मुसलमानों की लाइफ इतनी छोटी है? उन्हें वोट के लिए बीफ के अलावा कुछ नहीं मिला? आप मुसलमान की जिंदगी इतनी छोटी बना दोगे, बीफ के लिए? ये तो ताज्जुब की बात है मेरे लिए।”

बीफ के नाम पर पहले भी वोट माँग चुके हैं ओवैसी

बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी पहले भी बीफ के नाम पर वोट माँग चुके हैं। साल 2016 में उन्होंने कहा था, “अगर ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसपल कॉरपोरेशन के आगामी चुनावों में एमआइएम हारी तो इस शहर में बीफ खाने और उसकी बिक्री पर पाबंदी लग जाएगी।”

गौतरलब है कि तेलंगाना की हैदराबाद लोकसभा सीट से 4 बार के सांसद असदुद्दीन ओवैसी चुनावी मैदान में हैं। उनके सामने बीजेपी ने सामाजिक कार्यकर्ता और हिंदू शेरनी के तौर पर पहचान रखने वालीं माधवी लता को टिकट दिया है। इन दोनों नेताओं के बीच लगातार जुबानी जंग छिड़ी हुई है। तेलंगाना की 17 लोकसभा सीटों पर 13 मई को चौथे चरण में वोटिंग होनी है।