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फिर से दुनिया के सामने आया ‘ब्लू व्हेल चैलेंज’ : अमेरिका में भारतीय छात्र बना ‘ऑनलाइन गेम’ का शिकार, जानें- क्या है ये खूनी खेल

अमेरिका में पिछले माह एक भारतीय छात्र की मौत हो गई थी। जाँच के बाद पता चला है कि भारतीय छात्र ‘ब्लू व्हेल चैलेंज’ नाम के ऑनलाइन गेम का शिकार हुआ था, जो काफी समय बाद फिर से चर्चा में आया है। इस गेम पर बैन लगाया जा चुका है। कुछ साल पहले भी ये गेम खूब चर्चा में आया था, जब दुनिया के कोने-कोने से इस गेम के शिकार बच्चों और किशोरों की मौत की खबरें आने लगी। इस गेम का नाम सामने आने के बाद अधिकारी छात्र की जान जाने की घटना को ‘स्पष्ट तौर पर आत्महत्या’ के मान रहे हैं।

क्या है ब्लू व्हेल गेम?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्लू व्हेल गेम को एक रूसी गेमर ने बनाया था। रूसी गेमर का नाम फिलिप बुडेकिन है, जिसने इसे साल 2013 में बनाया था। ब्लू व्हेल गेम को ‘सुसाइडल गेम’ या ब्लू व्हेल चैलेंज के नाम से भी जाना जाता है। बताया जाता है कि इस गेम की वजह से भारत, चीन, अमेरिका और दुनिया के अन्य देशों में 130 से ज्यादा जानें जा चुकी हैं, तो हत्या की वारदातों को भी गेम के चैलेंज की वजह से अंजाम दिया गया है।

यह ऑनलाइन चुनौती खिलाड़ियों पर 50 दिनों तक आत्महत्या करने का दबाव डालती है। प्रत्येक दिन में एक “साहस” शामिल होता है जिसे फिल्माया जाना होता है और “सबूत” के रूप में साझा किया जाता है। ये साहस आसान (डरावनी फिल्में) शुरू होते हैं लेकिन आत्म-विनाश तक बढ़ जाते हैं।

ब्लू व्हेल गेम के फेर में अधिकतर युवा या किशोर उम्र के लोग फंसते हैं। शुरू में उन्हें छोटे-मोटे टास्क दिए जाते हैं, जो बाद में नशे के रूप में बदल जाता है। इसके बाद इस गेम को खेलने वाले युवा पर मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ता जाता है। कुल 50 दिनों का ये गेम चैलेंज अक्सर आत्महत्या या हत्या जैसे चैलेंज पर जाकर रुकता है।

इस गेम में एक क्यूरेटर होता है, जो खिलाड़ियों को अपने हिसाब से चलाया है। इस गेम में ब्लैकमेलिंग और साइबर बुलिंग जैसी चीजें भी शामिल हैं, जो खिलाड़ियों को गेम से बाहर नहीं जाने देती।। इस मामले में बुडेकिन को जब गिरफ्तार किया गया, तब उसने कम से कम 16 किशोरों को इस गेम के जाल में फंसाकर हत्या या आत्महत्या जैसे काम करने को उकसाया था। उसे इस मामले में तीन साल की सजा सुनाई गई थी और जेल में ठूँस दिया गया था।

साल 2017 में आया था भारत में पहला मामला

भारत में ब्लू व्हेल गेम से मौत का पहला मामला जुलाई 2017 में सामने आया था। मुंबई में 14 साल के स्कूली छात्र मनप्रीत सिंह साहनी ने एक बिल्डिंग के सातवें फ्लोर से कूदकर अपनी जान दे दी थी। इसके बाद पश्चिम बंगाल में दसवीं कक्षा के छात्र की आत्महत्या का मामला सामने आया था, जिसमें छात्र के शव का चेहरा ब्लास्टिक बैग से ढंका हुआ था और रस्सी से बाँधा गया था। दिल्ली में एक पूर्व मंत्री के बेटे ने भी कूदकर जान दे दी थी, तो केरल में एक किशोर युवक ने ब्लू व्हेल चैलेंज पूरा करने के लिए फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने साल 2017 में एक एडवाइजरी जारी की थी और ब्लू व्हेल गेम को “आत्महत्या के लिए उकसाने वाला” करार देते हुए लोगों से इसे न खेलने की अपील की थी। अमेरिका में आए ताजे मामले से एक बार फिर से इस खौफनाक गेम की चर्चा शुरू हो गई है।

‘कॉन्ग्रेस का ध्यान भ्रष्टाचार पर’ : पीएम नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक में बोला जोरदार हमला, ‘टेक सिटी को टैंकर सिटी में बदल डाला’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि नादप्रभु कैम्पेगोड़ा ने बेंगलुरु को एक शानदार शहर बनाने का सपना देखा था लेकिन कॉन्ग्रेस सरकार ने कुछ ही समय में यहाँ की हालत बिगाड़ दी। कॉन्ग्रेस ने टेक सिटी को टैंकर सिटी में बदलकर उसे वॉटर माफिया के हवाले कर दिया… हर जगह बजट को काटा जा रहा है, कॉन्ग्रेस सरकार का ध्यान बेंगलुरु की लोगों की समस्या पर नहीं बल्कि भ्रष्टाचार पर है।

पीएम मोदी ने कहा कि आपने मुझे सुरक्षा कवच दिया है, जिससे मैं सभी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हूँ। 10 वर्षों में हमने 10 करोड़ महिलाओं को SHG से जोड़ा, 1 करोड़ महिलाएँ ‘लखपति दीदी’ बन गई हैं। अब मेरा अगला लक्ष्य 3 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाना है, जिनकी सालाना आय 1 लाख रुपये से ज्यादा होगी।

बेंगलुरु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मोदी कहता है देश को ग्रीन एनर्जी हब, फार्मा हब, इलेक्ट्रॉनिक हब, ग्लोबल इनोवेशन हब बनाएँगे ताकि भारत ग्लोबल इकोनॉमी का हब बने लेकिन कॉन्ग्रेस और INDI गठबंधन कहती है ‘मोदी को हटाएंगे’… मोदी की गारंटी है 5G के बाद 6G लाएंगे, वे कहते हैं ‘मोदी को हटाएँगे’, मोदी की गारंटी है AI लाएँगे, वे कहते हैं ‘मोदी को हटाएँगे’…”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “2014 और 2019 में आपने रिकॉर्ड मतों से जिताकर जो मजबूत सरकार बनाई उसने देश को मजबूत बनाया। तब दुनिया भारत को ‘नाज़ुक’ देशों में गिनती थी। दुनिया सोचती थी कि भारत खुद को डूबेगा हमें भी ले डूबेगा… एक वह समय था, एक आज का समय है… आज सारे देश भारत से दोस्ती करना चाहते हैं, आज भारत में रिकॉर्ड निवेश हो रहा है…”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “गरीब और मध्यमवर्ग का बहुत बड़ा खर्च स्वास्थ्य संबंधित होता है लेकिन आयुष्मान भारत योजना के चलते आज करोड़ो लोगों को 5 लाख तक का मुफ्त इलाज संभव हुआ है… भाजपा ने जो घोषणापत्र जारी किया है उसमें इस योजना का और विस्तार किया गया है…”

बेंगलुरु में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “कल भारत की ब्रह्मोस मिसाइल की पहली खेप फिलीपींस के लिए रवाना कर दी गई है। इससे जमीनी स्तर पर बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। क्या यह सब कल्पना की जा सकती थी। कॉन्ग्रेस के शासन के दौरान?…कॉन्ग्रेस ने पूरे देश में मोदी और एचएएल को बुरा-भला कहा। उसी एचएएल के पास अब रिकॉर्ड कारोबार है, रिकॉर्ड लाभ है और एशिया की सबसे बड़ी हेलीकॉप्टर फैक्ट्री कर्नाटक में स्थापित की गई है। अमेरिका के बाद बोइंग की दूसरी सबसे बड़ी सुविधा कर्नाटक में स्थापित की गई है। यह तभी हो रहा है जब भारत में कारखानों की संख्या बढ़ रही है और उन कारखानों में काम करने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ रही है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “नादप्रभु कैम्पेगोड़ा ने बेंगलुरु को एक शानदार शहर बनाने का सपना देखा था लेकिन कॉन्ग्रेस सरकार ने कुछ ही समय में यहाँ की हालत बिगाड़ दी। कॉन्ग्रेस ने टेक सिटी को टैंकर सिटी में बदलकर उसे वॉटर माफिया के हवाले कर दिया… हर जगह बजट को काटा जा रहा है, कॉन्ग्रेस सरकार का ध्यान बेंगलुरु की लोगों की समस्या पर नहीं बल्कि भ्रष्टाचार पर है…”

‘हिन्दू बच्चों को पढ़ाई जा रही उर्दू की लाइनें, छात्राओं को बता रहा बुर्के ही अहमियत’: शिक्षक गफ्फार के खिलाफ शिकायत – पढ़ाई की आड़ में चला रहा धर्मांतरण की साजिश

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक सरकारी स्कूल के अंदर नाबालिग हिन्दू छात्रों को उर्दू भाषा के साथ इस्लामी तालीम देने का मामला सामने आया है। मामले की शिकायत बजरंग दल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित सहारनपुर के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से की है। आरोपित टीचर का नाम गफ्फार अहमद बताया जा रहा है। आरोप यह भी है कि गफ्फार हिन्दू बच्चियों को हिजाब और बुर्का की खूबियाँ भी गिनाता है। यह शिकायत बुधवार (17 अप्रैल, 2024) को ई-मेल के माध्यम से भेजी गई है।

सहरानपुर से बजरंग दल पदाधिकारी हरीश कौशिक ने यह शिकायती पत्र मुख्यमंत्री और अधिकारियों को भेजा है। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया है कि सहारनपुर के ब्लॉक सढौली कदीम क्षेत्र में आने वाले फैज़ाबाद इलाके में राजकीय प्राथमिक विद्यालय है। इसी स्कूल में गफ्फार अहमद बतौर टीचर तैनात है। गफ्फार पर आरोप है कि वह स्कूल में पढ़ने वाले हिन्दू बच्चों को जबरन अरबी किताबें पढ़ाता है। इसमें से कुक किताबें इस्लाम की मजहबी तालीम वाली बताई जा रहीं हैं।

हरीश कौशिक ने आरोप लगाया है कि हिन्दू छात्रों को पढ़ाई जा रही इन अरबी भाषा वाली किताबों का उनके कोर्स से कोई वास्ता नहीं है। इन किताबों को टीचर गफ्फार अहमद द्वारा खुद लाने की बात कही गई है। इसी पत्र में गफ्फार द्वारा हिन्दू बच्चियों को हिजाब और बुर्का की तारीफ भी सुनाए जाने का आरोप है। आरोप तो यह भी है कि गफ्फार की मजहबी तालीम का असर कुछ छात्र-छात्राओं के बात-व्यवहार में भी दिखने लगा है। गफ्फार से प्रभावित हो रहे छात्रों में अनुसूचित जाति (SC) की संख्या अधिक बताई गई है।

बजरंग दल पदाधिकारी के इस पत्र में छात्रों को मौखिक तौर पर काफिर, मोमिन और दोजख जैसी बातें बताए जाने का जिक्र है। आरोप है कि यहाँ पढ़ाने वाला टीचर गफ्फार अहमद मूलतः सहारनपुर के ही दारुल उलूम देवबंद से जुड़ा हुआ है जो वहाँ के तौर-तरीके सरकारी स्कूल में भी लागू करना चाहता है। हरीश कौशिक ने गफ्फार के खिलाफ जाँच करवा के कड़ी कार्रवाई की माँग की है। ऑपइंडिया से बात करते हुए हरीश कौशिक यह भी दावा करते हैं कि इस से पहले भी वो गफ्फार की शिकायत जिले के अधिकारियों से कर चुके हैं लेकिन उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।

हरीश कौशिक ने इस बार अपनी शिकायत सहारनपुर के जिलाधिकारी, यहाँ के एसएसपी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है। अपनी शिकायती ई-मेल में कौशिक ने उन किताबों के वीडियो और स्क्रीनशॉट भी अटैच किए है जिसके आधार पर उन्होंने गफ्फार पर मजहबी तालीम देने का आरोप लगाया है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी के साथ उन तमाम किताबों के वीडियो और तस्वीरें मौजूद हैं जिसके आधार पर हरीश कौशिक ने शासन और प्रशासन से शिकायत की है।

‘रेहान बीफ शॉप जिंदाबाद’ ‘काटते रहो’: असदुद्दीन ओवैसी का वीडियो वायरल, बीजेपी ने बोला हमला

AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो एक मीट शॉप पर पहुँचते हैं और ‘रेहान बीफ शॉप जिंदाबाद’ कहते हैं। इस वीडियो में वो माँस काटने वाले लोगों के साथ हाथ मिलाते हैं और फिर कहते हैं ‘काट ते रहो।’ ये वीडियो असदुद्दीन ओवैसी के चुनाव प्रचार के दौरान का है, जब वो हैदराबाद के अंदरुनी इलाकों में पैदल ही चुनाव प्रचार कर रहे थे और लोगों से मिल रहे थे। उनका ये वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी ने उन पर हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी की राजनीति का यही स्टाइल है।

ओवैसी का ‘काट ते रहो’ वीडियो वायरल

असदुद्दीन ओवैसी वायरल हो रहे वीडियो में कहते दिख रहे हैं, “रेहान बीफ शॉप जिंदाबाद, खैरियत है भाई? सलाम अलैकुम। काटते रहो।”

इस वीडियो को शेयर करते हुए विष्णु वर्धन रेड्डी नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “असदुद्दीन ओवैसी द्वारा विभाजनकारी बयानबाजी का एक खतरनाक पैटर्न सामने आया है। वो बेशर्मी से हिंदू भावनाओं को भड़काने और अपमानित करने वाले शब्दों और भाषा का इस्तेमाल करता है। इस वीडियों में वो ‘रेहान बीफ शॉप जिंदाबाद’ बोल कर बीफ का समर्थन कर रहा है और हिंसा की वकालत कर रहा है। इस तरह की जानबूझकर की गई हरकतें केवल नफरत को बढ़ावा देती हैं और हमारे समाज में खाईं को बढ़ाती हैं।”

इस वीडियो को शेयर करते हुए शीतल कुमार नेहरा ने लिखा, “रेहान बीफ शॉप जिंदाबाद. देखें-कैसे ओवैसी जानबूझकर हिंदुओं का मजाक उड़ा रहा है।”

इस घटना को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ओवैसी पर तंज कसा है। निर्मला सीतारमण ने अहमदाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “असदुद्दीन ओवैसी अभद्र राजनीतिक बयान देते हैं। उनके ऐसे बयानों से मुझे आश्चर्य नहीं होता। सांसद असदुद्दीन ओवैसी और विधायक व उनके छोटे भाई अकबरुद्दीन ओवैसी ऐसे ही एक्सट्रीम बयान देने में माहिर हैं। इसलिए मुझे ऐसे बयान पर आश्चर्य नहीं होता।”

बीजेपी कैंडिडेट माधवी लता ने ओवैसी पर जोरदार हमला। उन्होंने कहा, “असदुद्दीन जी पता नहीं कैसे बैरिस्टर बन गए। पर्सनल लॉ के बारे में बात करते रहते हैं। ‘फतवा’ एक ऐसी चीज है जिसका सभी को पालन करना चाहिए… जब एक फतवा है कि बीफ नहीं खाना चाहिए, तो वह फतवे के खिलाफ कैसे जा रहा है। इसका मतलब है कि वह अपने मजहब का सम्मान नहीं करते। क्या एक मुसलमान इतना छोटा है कि यह बीफ काटो, बीफ खाओ। आप इस पर वोट माँग रहे हैं? वो पहले भी कह चुके हैं कि एमआईएम को वोट नहीं दोगे, तो बीफ नहीं मिलेगा। क्या मुसलमानों की लाइफ इतनी छोटी है? उन्हें वोट के लिए बीफ के अलावा कुछ नहीं मिला? आप मुसलमान की जिंदगी इतनी छोटी बना दोगे, बीफ के लिए? ये तो ताज्जुब की बात है मेरे लिए।”

बीफ के नाम पर पहले भी वोट माँग चुके हैं ओवैसी

बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी पहले भी बीफ के नाम पर वोट माँग चुके हैं। साल 2016 में उन्होंने कहा था, “अगर ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसपल कॉरपोरेशन के आगामी चुनावों में एमआइएम हारी तो इस शहर में बीफ खाने और उसकी बिक्री पर पाबंदी लग जाएगी।”

गौतरलब है कि तेलंगाना की हैदराबाद लोकसभा सीट से 4 बार के सांसद असदुद्दीन ओवैसी चुनावी मैदान में हैं। उनके सामने बीजेपी ने सामाजिक कार्यकर्ता और हिंदू शेरनी के तौर पर पहचान रखने वालीं माधवी लता को टिकट दिया है। इन दोनों नेताओं के बीच लगातार जुबानी जंग छिड़ी हुई है। तेलंगाना की 17 लोकसभा सीटों पर 13 मई को चौथे चरण में वोटिंग होनी है।

ईंट-पत्थर, लाठी-डंडे, ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे… नेपाल में रामनवमी की शोभा यात्रा पर मुस्लिम भीड़ का हमला, मंदिर में घुस कर बच्चे के सिर पर मारी तलवार

अयोध्या में भगवान राम के मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के बाद बुधवार (17 अप्रैल, 2024) को दुनिया भर के हिन्दुओं ने रामनवमी का पर्व विशेष हर्षोल्लास से मनाया। इस अवसर पर भारत के अलग-अलग हिस्सों में शोभा यात्राओं पर हमले की खबरें आईं जिसमें पश्चिम बंगाल प्रमुख रहा। शोभा यात्राओं पर उन्मादी और नफरती हमलों की घटनाएँ भारत की सीमा के बाहर भी हुईं। नेपाल के मोरांग जिले में भी रामनवमी की शोभायात्रा पर हमले हुए।

इस दौरान कई हिन्दू घायल हो गए। घायलों में एक नाबालिग बच्चा भी है जिसके सिर पर तलवार मारी गई है। ऑपइंडिया ने घटना के चश्मदीदों से इस पूरे मामले की जानकारी ली।

यह घटना नेपाल के मोरांग जिले के विराट नगर इलाके में हुई। ऑपइंडिया ने हिंसा के चश्मदीद रहे विराटनगर के हिन्दू संगठन पदाधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी हासिल की। हमें बताया गया कि रामनवमी के अवसर पर हिन्दू समाज के सैकड़ों युवा शोभायात्रा निकाल रहे थे। शोभायात्रा का आयोजन राजन और रितेश नाम के 2 हिन्दुओं ने किया था। दोपहर के समय यह यात्रा विराटनगर के वार्ड नंबर 17 से गुजरने वाली थी। यह वार्ड मुस्लिम बाहुल्य माना जाता है। इस वार्ड में रहने वाला मजहर आलम आए दिन हिन्दुओं के खिलाफ कोई न कोई विवाद करने की वजह से चर्चा में रहता है।

मुस्लिम बाहुल्य वार्ड से हिंसा की शुरुआत

हमें बताया गया कि वार्ड नंबर 17 के पास मजहर आलम दर्जनों मुस्लिमों को ले कर खड़ा था। उसने हिन्दू संगठनों की रैली को रोक दिया और आगे न ले जाने की चेतावनी दी। इस बीच मौके पर पुलिस बल पहुँचा। आरोप है कि पुलिस ने भी मजहर आलम का ही साथ दिया। जब हिन्दू संगठन के सदस्यों ने खुद को रोक रहे मुस्लिमों की ज़िद का विरोध किया तो उन पर पत्थरबाज़ी शुरू हो गई। आरोप है कि मुस्लिमों ने पहले से हमले की तैयारी कर रखी थी।

घटनास्थल पर न सिर्फ ईंटें जमा कर के रखी गई थीं बल्कि भीड़ के हाथों में लाठी-डंडे और तलवारें भी लहरा रहीं थीं। ‘हिन्दू सम्राट सेना’ के एक पदाधिकारी ने ऑपइंडिया को बताया को हिंसक भीड़ हमले के दौरान ‘अल्लाह-हू-अकबर’ और ‘नारा ए तकबीर’ चिल्ला रही थी।

अचानक हुए इस हमले से अफरातफरी का माहौल हो गया। इसी अफरातफरी के बीच शोभा यात्रा में शामिल कुछ वाहनों में मुस्लिम भीड़ ने तोड़फोड़ की। पुलिस के आगे ही पत्थरबाजी हुई। पुलिस को बैकफुट पर देख कर दोनों तरफ से आमना-सामना होने जैसे हालात बन गए। इसी बीच कुछ कट्टरपंथियों की भीड़ पास के ही एक मंदिर में घुस गई। मंदिर में एक बच्चा डर कर बैठा हुआ था जिसके सिर पर तलवार मारी गई। तलवार के वार से बच्चे की खोपड़ी में गहरा घाव हो गया।ऑपइंडिया के पास अस्पताल में भर्ती पीड़ित बच्चे का वीडियो है। वीडियो में बच्चे की खोपड़ी खुल गई है।

हिन्दू पर ही हमला, हिन्दू ही गिरफ्तार

खून को रोकने की बहुत कोशिश की जा रही है। इस बीच हिंसक भीड़ कुछ देर हमले के बाद वार्ड नंबर 17 की तरफ भाग निकली। घायल श्रद्धालुओं को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहाँ उनका इलाज चल रहा है। हिन्दू संगठन के सदस्यों ने हमें बताया कि प्रशासन ने परमिशन न होने की बात कह कर शोभायात्रा के ही आयोजक रितेश और राजन को गिरफ्तार कर लिया था। राजन और रितेश को जेल भी भेजने की तैयारी हो चुकी थी।

हालाँकि हिन्दू समाज ने एकजुट हो कर प्रदर्शन किया तो दोनों को रिहा कर दिया गया। स्थानीय हिन्दुओं ने हमसे बात करते हुए यह भी बताया है कि अभी तक मुस्लिम पक्ष के किसी भी आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया गया है। दावा है कि मुख्य आरोपित मजहर आलम के साथ इस हमले में असलम सैफी और शाजिद हुसैन भी शामिल थे।

2 देशों की नागरिकता का आरोप है मजहर पर

ऑपइंडिया द्वारा जुटाई गई जानकारी के मुताबिक, हिन्दुओं पर हुए हमले के मुख्य आरोपित मजहर आलम का नेपाल में बड़ा व्यापार है। उस पर नेपाल में 2 देशों की नागरिकता अवैध तौर पर लेने का केस भी चल चुका है। ऑपइंडिया को मजहर आलम के 2 पहचान पत्र मिले। पहला नेपाल का है तो दूसरे भारत का पैन कार्ड। हालाँकि, नेपाल के हिन्दू संगठनों को इस बात की जानकारी नहीं है कि अवैध तौर पर दो देशों की नागरिकता लेने वाले केस में मज़हर का क्या हुआ।

मजहर आलम पर है भारत और नेपाल दोनों की नागरिकता के आरोप

ख़ास बात ये है कि हिन्दुओं पर हमले का आरोपित मजहर आलम अब नेपाली प्रशासन के साथ मिल कर दोनों पक्षों में शांति वार्ता करवा रहा है।

ताजा जानकारी के मुताबिक प्रभावित इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घायल बच्चे का अस्पताल में इलाज चल रहा है जहाँ उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में हैं।

‘भारत बदल रहा है, आगे बढ़ रहा है, नई चुनौतियों के लिए तैयार’: मोदी सरकार के लाए कानूनों पर खुश हुए CJI चंद्रचूड़, कहा – पीड़ितों की होगी सुरक्षा, तकनीक का इस्तेमाल

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश DY चंद्रचूड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा लाए जा रहे नए कानूनों की तारीफ़ की है। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानून देश में तभी सकारात्मक बदलाव लाएँगे, जब बुनियादी ढाँचे के अलावा फॉरेंसिक विशेषज्ञों और जाँच अधिकारियों को क्षमतावान बनाने के लिए निवेश किया जाएगा। उन्होंने भारत की आपराधिक न्याय व्यवस्था में इंफ़्रास्ट्रक्चर के त्वरित निर्माण पर बल देते हुए कहा कि ऐसा होता है तो नए कानूनों से हुए बदलावों का देश को फायदा मिलेगा।

उन्होंने फॉरेंसिक विशेषज्ञों और जाँच अधिकारियों के अलावा न्यायिक व्यवस्था में भी प्रशिक्षण पर जोर दिया। उन्होंने ये स्वीकार किया कि नए आपराधिक कानून अभी के समय के हिसाब से हैं। उन्होंने बताया कि कैसे ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS)’ के तहत 3 साल के भीतर सुनवाई पूरी करने और फैसला सुरक्षित रखने के 45 मिनट के भीतर सुनाने का प्रावधान है। हालाँकि, उन्होंने आशंका भी जताई कि अदालत के बुनियादी ढाँचे के निर्माण के साथ-साथ अभियोजन पक्ष को तकनीक और भौतिक संसाधन भी मुहैया कराने होंगे।

केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय द्वारा ‘आपराधिक न्याय प्रणाली के प्रशासन में भारत का प्रगति पथ’ विषय पर आयोजित कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि हमारे समाज के लिए ये नए आपराधिक कानून एक ऐतिहासिक मोड़ हैं। बता दें कि भारत सरकार ‘भारतीय न्याय संहिता (BNS)’, BNSS और ‘भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)’ लेकर आई है। IPC और CrPc के अलावा इंडियन एविडेंस एक्ट अब बीते जमाने की बात होगा। उन्होंने कहा कि भारत अपनी न्याय प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि इन तीनों कानूनों का संसद के माध्यम से अस्तित्व में आना इसका स्पष्ट संकेत है कि भारत बदल रहा है, हमारा देश आगे बढ़ रहा है और हमें नई चुनौतियों और समाज के लिए आगे आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए नए उपकरणों की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि पीड़ितों के हित का बचाव करने के लिए नए प्रावधान लाए गए हैं, BNSS के तहत अपराध स्थलों पर तलाशी एवं जब्ती की प्रक्रिया की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य है, वो भी फॉरेंसिक विशेषज्ञों की उपस्थिति में।

उन्होंने कहा कि आयकर छापों के मामलों में अक्सर कोर्ट में कुछ का कुछ बताया जाता था, अब ये खत्म होगा। उन्होंने बताया कि BNS की धारा-532 के तहत सारी प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक रूप से पूरी करने को कहा गया है। हालाँकि, उन्होंने इस दौरान नागरिकों की प्राइवेसी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये कानून लागू होने के बाद इसकी खामियाँ पता चलेंगी जिन पर काम किया जाएगा। CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि हमारे कानून और उसे लागू करने की प्रक्रियाएँ, समय के साथ दोनों आगे बढ़ रहे हैं।

संगरूर जेल में भिड़े कैदियों के 2 गुट: 10 ने धारदार हथियारों के साथ 4 कैदियों पर बोला धावा, 2 की चली गई जान, तीन की हालत गंभीर

पंजाब की संगरूर जेल में कैदियों के दो गुटों खूनी झड़प हो गई, जिसमें दो कैदियों की मौत हो गई। ये घटना शुक्रवार (19 अप्रैल 2024) की रात करीब 8.30 बजे की है। उस समय सभी कैदी सोने के लिए अपनी बैरकों में जा रहे थे, तभी करीब 10 की संख्या में कैदियों के गुट ने 4 कैदियों के गुट पर हमला बोल दिया। उनके हाथों में धारदार चीजें थी। इस हमले के दौरान चीख-पुकार सुनकर जेल प्रशासन ने उन्हें बचाने की कोशिश की, और घायलों को लेकर पटियाला के अस्पताल ले गए, जहाँ 2 कैदियों को मृत घोषित कर दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संगरूर जेल में कैदियों के कई गुट हैं। इन्हीं में से दो गुट आपस में भिड़ गए। हमलावर गैंग का मुखिया सिमरनजीत जुझार है। वो अमृतसर का रहने वाला है। उस पर हत्या सहित 18 मुकदमे दर्ज हैं। जुझार करीब 6 साल से जेल में बंद है। उसके गुट ने मोहम्मद शाहबाज और उसके गुट के कैदियों पर हमला कर दिया। इस हमले में हर्ष और धर्मेंद्र नाम के कैदियों की मौत हो गई, तो गगनदीप सिंह, मोहम्मद हारिश और सिमरन घायल हो गए। घायल कैदियों को पटियाला के राजेंद्र मेडिकल हॉस्पिटल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

डॉ. कर्मदीप सिंह काहल ने बताया कि शाम साढ़े सात बजे जेल से चार लोगों को अस्पताल लाया गया था, जिनमें दो की पहले ही मौत हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि सभी के शरीर पर तेजधार व नुकीली चीज से मारे जाने के कई निशान थे। झगड़ा का कारण पता नहीं चल पाया है। पुलिस विभाग के सूत्रों के मुताबिक जेल में ये झड़प किसी गैंग के आदेश पर हर्ष और धर्मेंद्र को जान से मारने के मकसद से ही हुई।

बताया जा रहा है कि जेल में करीब रात 8.30 बजे सिमरनजीत सिंह जुझार ने 8-10 कैदियों के साथ हमला कर दिया। जिन दो कैदियों की मौत हुई है, उनकी गर्दन, मुँह, छाती और शरीर के अन्य हिस्सों में मेडिकल जाँच के दौरान घाव के निशान पाए गए हैं। इस हिंसक झड़प के बाद संगरूर जेल प्रबंधन ने दोनों गुटों के कैदियों को अलग-अलग बैरकों डाल दिया।

गिफ्ट पैक से चॉकलेट निकालकर खाते ही होने लगी खून की उल्टी, 1.5 साल की बच्ची की मौत: पटियाला में ही केक खाने से 10 साल की बच्ची की हो गई थी मौत

पंजाब के लुधियाना में चॉकलेट खाने से डेढ़ साल की बच्ची को खून की उल्टियाँ हुईं और आखिरकार उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलते ही अधिकारी उस दुकान पर पहुँचे, जहाँ से चॉकलेट खरीदी गई थी। जाँच में पता चला कि बच्ची को दी गई चॉकलेट एक्सपायरी डेट की थी। इसके पहले पटियाला में केक खाने से 10 साल की एक बच्ची की मौत हो गई थी।

बच्ची का नाम राबिया था। उसकी दादी अंजू देवी ने बताया कि राबिया और उसकी 22 साल की बुआ ने चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक और कुरकुरे खाए थे। पहले बुआ की तबीयत खराब हुई, लेकिन उसने दवाई खाई और वह ठीक हो गई। इस बीच राविया का पेट खराब हो गया और नाक से खून बहने लगा। उसे खून की उल्टियाँ होने लगी। आखिरकार लुधियाना के सीएमसी अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

बच्ची के रिश्तेदार विक्की का कहना है कि राबिया लुधियाना से कुछ दिन पहले पटियाला में उनके घर आई थी। जब बच्ची वापस लुधियाना जाने लगी तो उन्होंने एक दुकान से गिफ्ट पैक लिया, जिसमें कुरकुरे, जूस और चॉकलेट थे। लुधियाना पहुँचकर बच्ची ने चॉकलेट खा लिया। इसके बाद उसे खून की उल्टियाँ होने लगीं। बच्ची की हालत बिगड़ती गई तो परिजन उसे डॉक्टर के पास ले गए।

इस घटना के बारे में जब विक्की को पता चला तो उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से इसकी शिकायत की। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की टीम के साथ वे उस दुकान पर गए, जहाँ से बच्ची के लिए गिफ्ट की पैक खरीदी गई थी। जब अधिकारियों ने जाँच-पड़ताल की तो पता चला कि जो चॉकलेट दी गई थी, वह एक्सपायरी डेट की थी। विभाग ने एक्सपायरी डेट वाले अन्य सामान को भी जब्त कर लिया।

स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस को भी बुला लिया। पुलिस ने परिवार के लोगों के बयान दर्ज करके मामले की जाँच शुरू कर दी है। वहीं सेहत विभाग ने एक्सपायरी डेट का सामान बेचने की जाँच शुरू कर दी है। वहीं, इस घटना के बच्ची के परिजनों में गुस्सा है। उन्होंने उस डिपार्टमेंटल स्टोर को सील करने की माँग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस दुकान में 90 प्रतिशत माल पुराना होता है।

बता दें कि इसी साल मार्च के अंतिम सप्ताह में पटियाला में ही एक दुकान से खरीदकर लाए गए केक को खाने से 10 साल की लड़की मानवी की मौत हो गई थी। केक खाने से पूरे परिवार की तबीयत ख़राब हो गई थी। यह केक उसके जन्मदिन 24 मार्च पर काटा गया था। अदालत बाजार के ‘कान्हा केक’ दुकान से मँगाकर केक शाम के 7 बजे काटा गया था।

केक खाने के बाद मानवी को उल्टियाँ होने लगीं। पूरे परिवार की तबीयत बिगड़ गई। मानवी रात को उल्टी करके सो गई। तड़के सुबह 4 बजे उसका शरीर ठंडा पड़ गया था। आनन-फानन में परिजन उसे अस्पताल लेकर भागे, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस इस पूरे मामले की जाँच कर रही है।

परिवार ने केक ऑनलाइन ऑर्डर करके मँगवाया था। इसके लिए फ़ूड एग्रीगेटर एप Zomato का इस्तेमाल किया गया था। परिवार का कहना था कि बेकरी शॉप वाले ने गड़बड़ी की है और उसके प्रोडक्ट्स की जाँच कर के कार्रवाई की जाए। इस मामले में पुलिस ने IPC की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी थी।

हनुमान मंदिर को बना दिया कूड़ेदान, साफ़-सफाई कर पीड़ा दिखाई तो पत्रकार पर ही FIR: हैदराबाद के अक्सा मस्जिद के पास स्थित है धर्मस्थल, माधवी लता बोलीं – ज़रूरत पड़ी तो…

तेलंगाना के हैदराबाद में एक पत्रकार पर पुलिस ने FIR दर्ज की है। ‘जर्नलिस्ट सिद्धू’ नाम से सोशल मीडिया पर सक्रिय पत्रकार श्रीधरन सिद्धू ने बताया कि एक मंदिर की दुर्दशा दिखाने के कारण उन पर मामला दर्ज कर लिया गया है। ये पूरा मामला पुराने हैदराबाद शहर के काला पत्थर स्थित एक हनुमान मंदिर का है, जो 70 साल पुराना बताया जा रहा है। सिद्धू का कहना है कि हिन्दुओं के लगातार पलायन के कारण वो मंदिर वीरान पड़ा हुआ था, साथ ही वहाँ आसपास मुस्लिमों की जनसंख्या अधिक है।

सिद्धू ने ऑपइंडिया से बात करते हुए बताया कि हनुमान जी की उक्त प्रतिमा शंख-चक्र के साथ वहाँ विद्यमान है। मूर्ति एक पत्थर पर उकेरी गई है। बकौल सिद्धू, वहाँ से हिन्दुओं के जाने के बाद वहाँ आसपास कई मस्जिदें बन गईं, वहीं हनुमान मंदिर में कोई पूजा करने नहीं जाता था। उन्होंने बताया कि वहाँ के स्थानीय लोगों ने मंदिर को कूड़ेदान बना दिया था, इससे हनुमान जी की प्रतिमा नीचे चली गई थी और उसके ऊपर 4 फ़ीट कूड़ा जमा हो गया था। प्रतिमा दब गई थी।

हालाँकि, हिन्दू कार्यकर्ताओं ने मिल कर इस मंदिर की साफ़-सफाई का बीड़ा उठाया। गुड़ी-बड़ी नाम की एक संस्था ने इसकी साफ़-सफाई की। बता दें कि तेलुगु में ‘गुड़ी’ का अर्थ होता है मंदिर और ‘बड़ी’ अर्थात विद्यालय। सिद्धू ने बताया कि साफ़-सफाई होने के बाद फिर से वहाँ कूड़ा डालना शुरू कर दिया गया। रामनवमी के दिन बुधवार (17 अप्रैल, 2024) को पत्रकार सिद्धू अपनी टीम के साथ वहाँ पहुँचे, फिर से कूड़ा-कचरा हटाया। उनके कैमरामैन ने वीडियो भी बनाया।

सिद्धू लंबे समय तक ‘महा न्यूज़’ नामक चैनल के साथ जुड़े रहे हैं, अब वो खुद के नाम से ही सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। बकौल सिद्धू, लोगों ने कहा कि इस मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए पहल होनी चाहिए। यही बात वो अपने वीडियो में बता रहे थे। इसके बाद काला पत्थर पुलिस थाने से उन्हें फोन कॉल कर के तलब किया गया। FIR दायर की जा चुकी हैं। बता दें कि सिद्धू तेलंगाना के भैंसा में हुए दंगों के दौरान भी सक्रियता से सच्चाई को सामने लाने के लिए काम कर चुके हैं।

सिद्धू ने कहा कि काला पत्थर क्षेत्र AIMIM के प्रभाव वाला है और पुलिसकर्मी भी उनकी बात मानते होंगे, लेकिन फ़िलहाल असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी का कोई हाथ इस प्रकरण में सामने नहीं आया है। सिद्धू ने हैदराबाद लोकसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार माधवी लता से बात की है। माधवी लता ने उन्हें आश्वासन दिया है कि जब भी आवश्यक होता वो उपस्थित रहेंगी और वो इस मामले में उनके साथ हैं। गोशमहल से भाजपा विधायक T राजा सिंह ने भी साथ देने का आश्वासन दिया है।

पत्रकार सिद्धू ने बताया कि वहाँ रमेश नाम के स्थानीय लड़के की उन्होंने बाइट ली थी, उस पर भी केस कर दिया गया है। रमेश ने ही मंदिर की इस हालत को लेकर सिद्धू को बताया था। यही कारण है कि मंदिर की साफ़-सफाई करने वाले भी मीडिया से बात करने के लिए तैयार नहीं हो रहे, क्योंकि डर का माहौल है। तेलंगाना में फ़िलहाल कॉन्ग्रेस की सरकार है और रेवंत रेड्डी मुख्यमंत्री हैं। हालाँकि, हैदराबाद में AIMIM का ही समांनातर प्रशासन चलता रहा है।

ऑपइंडिया के पास इस मामले की FIR कॉपी मौजूद है, जो सेक्शन इंचार्ज A सत्यनारायण की शिकायत पर दर्ज की गई है। बताया गया है कि सिद्धू और रमेश बिलाल नगर स्थित अक्सा मस्जिद के पास स्थित हनुमान मंदिर की शूटिंग कर रहे थे। FIR में कहा गया है कि इस तेलुगु वीडियो में मुस्लिम समुदाय पर जानबूझकर मंदिर में कूड़ा-कचरा फेंकने और एक साजिश के तहत इस पर कब्ज़ा करने का आरोप लगाया गया है। FIR के अनुसार, हिन्दू-मुस्लिम सद्भाव भंग करने और सांप्रदायिक तनाव भड़काने के लिए ये वीडियो बनाया गया है।

उक्त पुलिस स्टेशन का इंचार्ज SI शेख सलीम है। ये FIR रामनवमी के 1 दिन बाद दर्ज की गई। ऑपइंडिया ने जब सत्यनारायण से इस बाबत बात की तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वो फ़िलहाल ड्यूटी पर नहीं हैं, इंस्पेक्टर से बात कीजिए। वो बात का जवाब नहीं दे पाए कि क्या किसी मंदिर की पीड़ा दिखाना अपराध है? हैदराबाद में इस लोकसभा चुनाव में भाजपा आक्रामकता से हिन्दुओं के मुद्दे उठा रही है। जब हमने SI सलीम शेख से बात की तो उन्होंने कहा कि उनके सीनियर इस मामले को देख रहे हैं, वही कुछ बता पाएँगे।

पत्रकार सिद्धू के बारे में बता दें कि पूर्व की KCR सरकार ने भी उन्हें खासा प्रताड़ित किया था। आदिलाबाद के भैंसा में दंगों के बाद सच्चाई दिखाने पर उन पर FIR दर्ज कर लिया गया था। जनवरी 2020 में उन्होंने 27 मिनट की वीडियो रिपोर्ट के जरिए दंगा पीड़ितों से बात की थी। सिद्धू ने सरकार से पीड़ितों की मदद की अपील की थी। तब ASI S सुदर्शन की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ था। उसके बाद उन्हें तेलंगाना छोड़ना पड़ा था। अब सरकार BRS नहीं बल्कि कॉन्ग्रेस की है, लेकिन हालात वही हैं।

‘परशोत्तम रुपाला चुनाव जीत भी गया, तब भी जिंदा नहीं बचेगा’: राजपूतों के प्रदर्शन के बाद महिला नेता ने दी जान से मारने की धमकी

केंद्रीय मंत्री एवं बीजेपी नेता परशोत्तम रुपाला के एक बयान के बाद शुरु हुआ आंदोलन अब जान से मारने की धमकी तक पहुँच चुका है। उनके खिलाफ आंदोलन करने वालों में से एक महिला नेता ने उन्हें लेकर विवादित बयान तो दिया ही, साथ ही जान से मारने की धमकी भी दे दी। इन महिलाओं में से एक प्रजना बा ने कहा कि ‘अगर वो चुनाव जीत भी गए, तो भी जिंदा नहीं बचेगा। एक यूट्यूब चैनल से बातचीत में उन्होंने रुपाला को लेकर ये बातें कही।

यूट्यूब चैनल ‘जमावत’ से प्रजना की बातचीत का वीडियो शनिवार (20 अप्रैल 2024) को चैनल के फेसबुक पेज पर अपलोड किया गया। इस बातचीत में वह पत्रकार के सवालों का जवाब देते हुए कहती हैं कि हमारे पास बहुत से लोग हैं, जो एक इशारे पर रुपाला को उड़ा देंगे।

उन्होंने कहा, “अगर रुपाला जिंदा रहना चाहते हैं, तो टिकट वापस लेने के बारे में विचार करें।” उन्हें राजनीति में रहने और न रहने पर भी विचार करना चाहिए. उन्होंने आगे कहा, “अगर रुपाला के लोगों ने उसे बचा भी लिया, तो भी वो ज्यादा दिनों तक जिंदा नहीं रह पाएगा।” इस बात को वीडियो में 2.48 मिनट पर सुना जा सकता है।

प्रजना बा ने इस चैनल से 19 अप्रैल 2024 को बातचीत की, जब वो राजपूत संगठनों के कोर्डिनेशन कमेटी की बैठक से बीच में निकल आईं। राजपूत संगठनों के 19वें अल्टीमेटम के बाद राजपूत संगठनों ने एक और मीटिंग की और ये तय किया गया कि बीजेपी उम्मीदवारों का सभी सीटों पर विरोध किया जाएगा।

मीटिंग से बाहर निकले के बाद उन्होंने कहा, “मुझे ठीक नहीं लग रहा था, इसलिए बीच में निकल आई। अंदर बैठकर दिमाग नहीं खराब करना था, तो निकल आई। मैं फालतू जगहों पर अपनी उर्जा व्यर्थ नहीं करती। हम रुपाला को हटाने आए हैं, तो हम उसे हटाकर रहेंगे।”

आखिर में उन्होंने फिर से अपनी धमकी को दोहराया और कहा, ‘रुपाला चुनाव जीत भी जाएगा और राजनीति करता रहेगा फिर भी वो राजपूतों की नजरों में गिर जाएगा। अब रुपाला ज्यादा दिन जिंदा नहीं रहेगा।’

ये समाचार मूल रूप से गुजराती भाषा में लिखा गया है। मूल खबर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।