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शंख का नाद, घड़ियाल की ध्वनि, मंत्रोच्चार का वातावरण, प्रज्जवलित आरती… भगवान भास्कर ने अपने कुलभूषण का किया तिलक, रामनवमी पर अध्यात्म में एकाकार हुआ विज्ञान

रामनवमी के पुनीत अवसर पर बुधवार (17 अप्रैल, 2024) को अयोध्या के राम मंदिर में रामलला का ‘सूर्य तिलक’ किया गया। भगवान भास्कर की किरणों ने रामलला के मस्तक तक पहुँच कर उनके मुख को सुशोभित किया। इसे ‘सूर्य अभिषेक’ भी कहा जाता है। ऑप्टिक्स और मेकेनिक्स के माध्यम से भारत के वैज्ञानिकों ने ये कमाल किया है। इसके तहत सूर्य की किरणों को पाइप और दर्पण के माध्यम से सीधे राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला के मस्तक तक पहुँचाया गया।

बता दें कि ये कोई नई चीज नहीं है, बल्कि प्राचीन काल में ही कई मंदिरों में इस तरह का आर्किटेक्चर होता था कि सूर्य की किरणें देवता का अभिषेक करती थीं। अबकी IIT रूड़की के शोधकर्ताओं को ये जिम्मेदारी सौंपी गई थी। तिलक का आकार 58 mm का था और दोपहर 12 बजे ढाई मिनट तक अभिषेक चला। गर्भगृह की छत से सूर्य की किरणों को मंदिर में प्रवेश कराया गया, जिसके लिए IR फ़िल्टर से लैस अपर्चर का इस्तेमाल किया गया। दक्षिण दिशा से ये किरणें अंदर आईं।

इसके बाद 4 लेंस और 4 दर्पणों का एक नेटवर्क तैयार किया गया था, जिन्हें खास ऐंगल्स पर सेट किया गया ताकि रामलला के ललाट तक तिलक पहुँचे। पहले ही इसका ट्रायल कर लिया गया था। इसके लिए उच्च गुणवत्ता वाले लेंस और दर्पणों का इस्तेमाल किया गया है। इन्हें उक्त उपकरण के गियरबॉक्स में लगाया गया था। पीतल और कांस्य की धातु का उपयोग किया गया था। इस गियरबॉक्स को सूर्य पंचांग के हिसाब से सेट किया गया है, ताकि हर साल रामनवमी पर सटीक तरीके से ‘सूर्य तिलक’ का कार्यक्रम संपन्न हो सके।

बता दें कि भगवान राम सूर्यवंशी थे, अर्थात उनका जन्म सूर्य के कुल में ही हुआ था। रामनवमी के अवसर पर राम मंदिर को सजाया गया था, गर्भगृह को फूलों से सजाया गया था। रामलला का दुग्ध एवं चन्दन से अभिषेक हुआ, उनका विशेष शृंगार किया गया। शंख की ध्वनि, घड़ियाल की नाद, मंत्रोच्चार और आरती के बीच जब पर्दा हटा तो रामलला के मस्तक पर सूर्य तिलक देख कर लोगों ने प्रणाम किया। आध्यात्मिक और ऐतिहासिक रूप से भी ये एक महत्वपूर्ण दृश्य था, क्योंकि सन् 1527 के बाद पहली बार रामलला अयोध्या में भव्य मंदिर में विराजे हैं।

18 महीने में होती थी जितनी बारिश, उतना पानी 1 दिन में दुबई में बरसा: 75 साल का रिकॉर्ड टूटने से मध्य-पूर्व के रेगिस्तान में त्राहिमाम, ओमान में बाढ़ ने ली 19 की जान

संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और अन्य खाड़ी देशों में मंगलवार (16 अप्रैल, 2024) को एकाएक हुई रिकॉर्ड बारिश ने भारी तबाही मचाई है। UAE के दुबई में जहाँ जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया तो वहीं ओमान में 19 लोगों को जान गँवानी पड़ी है। दोनों देशों में सड़कों पर पानी भरा हुआ है जबकि हवाई यातायात ठप है।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार को दुबई में अचानक से हुई बारिश ने पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। रात 9 बजे तक पिछले 75 वर्ष में सबसे अधिक बारिश हुई। बताया गया कि दुबई में कुछ ही घंटों के दौरान 127 मिलीमीटर की बारिश हो गई। इतनी बारिश यहाँ लगभग डेढ़ साल में होती है।

दुबई में एकाएक हुई बारिश के कारण सड़कों पर काफी पानी भर गया। पानी निकासी की सारी व्यवस्थाएँ फेल हो गईं। रेगिस्तान में बसे होने के कारण दुबई में पानी निकासी की व्यवस्था कुछ हिस्सों में अच्छी नहीं है, इसके कारण और भी समस्या हुई। जन जीवन एकदम रुक गया।

बारिश का सबसे बुरा प्रभाव दुबई के एयरपोर्ट पर देखने को मिला जहाँ कई फीट पानी भर गया और जहाज तैरते नजर आए। इस कारण अधिकांश उड़ानें रद्द हो गईं। एयरपोर्ट को लम्बे समय के लिए बंद करना पड़ा। एयरपोर्ट को शहर से जोड़ने वाली सड़कें भी बंद हो गईं। दुबई एयरपोर्ट के बंद होने से विश्व के अन्य हिस्से भी प्रभावित हुए। दुबई विश्व का दूसरा सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है। अभी तक यातायात सामान्य नहीं हो सका है। दुबई में सड़क परिवहन के अलावा मेट्रो आदि को भी बंद करना पड़ा।

UAE के एक हिस्से में 287 मिलीमीटर तक की बारिश रिकॉर्ड की गई। एक व्यक्ति के बारिश के कारण बहने की भी सूचना है। दुबई के मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि आने वाले दिनों में बारिश और प्रचंड रूप धारण कर सकती है। दुबई के अलावा पड़ोसी देश ओमान में भी बारिश ने काफी कहर मचाया।

ओमान में लगातार तीन दिनों तक हुई बारिश के कारण 19 लोगों की मौत हो गई। इन मृतकों में बड़ी तादाद बच्चों की है। यह बच्चे स्कूल की एक गाड़ी बहने से मारे गए। ओमान के बड़े हिस्से में कामकाज को रोक दिया गया है और स्कूल भी बंद कर दिए गए हैं। ओमान में बारिश से प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगह पर लोगों को पहुँचाया जा रहा है।

भारत घुसकर मारेगा तो बचाने नहीं आएगा अमेरिका: PM मोदी की चेतावनी पर USA ने क्लियर किया स्टैंड, आतंकी निज्जर पर भी नहीं गली एजेंडाबाज पत्रकारों की दाल

नया भारत अब न सिर्फ आतंकियों को घर में घुस कर मारेगा, बल्कि उन्हें बचाने के लिए अमेरिका भी नहीं आएगा। USA के ताज़ा बयान से इतना तो साफ़ हो गया है। अमेरिका के डिपार्टमेंट स्पोक्सपर्सन मैथ्यू मिलर ने मंगलवार (16 अप्रैल, 2024) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई सवालों के जवाब दिए। इस दौरान भारत की चुनावी रैलियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान को लेकर भी सवाल किए गए।

एक पत्रकार ने कहा कि भारत के PM और रक्षा मंत्री ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा है कि भारत आतंकियों को मारने के लिए सीमा पार करने में संकोच नहीं करेगा। पत्रकार ने एक प्रोपेगंडा के तहत सवाल पूछते हुए ये तक दावा कर दिया कि इस तरह भारत ने कनाडा में खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या, अमेरिका के न्यूयॉर्क में गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या के प्रयास और पाकिस्तान में हत्याओं में संलिप्तता स्वीकार कर ली है। उक्त पत्रकार ने पूछा कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन के प्रशासन के लिए ये चिंता का विषय है?

इस पर जवाब देते हुए मैथ्यू मिलर ने कहा, “जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, संयुक्त राज्य अमेरिका इसके बीच में नहीं पड़ेगा। लेकिन, हम भारत और पाकिस्तान दोनों को तनाव से बचने और बातचीत के माध्यम से समाधान खोजने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।” इसके बाद अगला सवाल किया गया कि अमेरिका अपने देश में हत्या की साजिश में शामिल विदेशी आरोपितों पर पाबंदियाँ लगाता है, क्या भारत के खिलाफ भी ऐसी कार्रवाई होगी? एक बार फिर एजेंडे के तहत पूछा गया कि भारत को छूट दिए जाने का कारण क्या है।

इस पर अमेरिकी डिपार्टमेंट स्पोक्सपर्सन ने कहा, “मैं किसी भी कार्रवाई के संबंध में नहीं बताने जा रहा हूँ। इसका अर्थ ये नहीं है कि कोई प्रतिबंध लगाया जाने वाला है। अगर आप मुझसे प्रतिबंधों के बारे में पूछते हैं तो ये एक ऐसा विषय है जिस पर हम सार्वजनिक चर्चा नहीं करते।” बता दें कि बिहार के जमुई में पीएम मोदी ने कहा था कि आज का भारत घर में घुस कर मारता है। वहीं राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत की जमीन पर किसी वारदात को अंजाम दिया जाता है तो आतंकियों को मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा, अगर वो पाकिस्तान भागेंगे तो वहाँ भी उन्हें मारा जाएगा।

रामनवमी पर भी कॉन्ग्रेस ने दिखाई हिंदू घृणा: तेलंगाना में शोभायात्रा की नहीं दी अनुमति, राजस्थान में शिकायत कर हटवाए भगवा झंडे

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में रामनवमी की जुलूस की अनुमति रद्द कर दी गई है। गोशमहल से BJP के विधायक T राजा सिंह ने ये दावा किया है। उन्होंने बताया कि रामनवमी के 1 दिन पहले मंगलवार (16 अप्रैल, 2024) को रात साढ़े 8 बजे उन्हें तेलंगाना पुलिस ने एक पत्र भेज कर सूचित किया है कि इस वर्ष रामनवमी की शोभा-यात्रा की अनुमति रद्द की जाती है। उन्होंने बताया कि पत्र में 14 अप्रैल की तारीख़ लिखी है, अब इस मुद्दे को हल करने के लिए काफी कम समय बचा है। उधर राजस्थान के जयपुर से कॉन्ग्रेस की शिकायत पर भगवा झंडे हटाए जाने का मामला सामने आया है।

तेलंगाना: विधायक T राजा सिंह को रामनवमी शोभा-यात्रा की अनुमति नहीं

विधायक T राजा सिंह ने कहा कि वर्षों से हमारी रामनवमी की शोभा-यात्रा भक्ति का प्रतीक रही है, जिसमें सिर्फ तेलंगाना ही नहीं बल्कि देश भर से लाखों रामभक्त आते रहे हैं। उन्होंने इसे हिन्दुओं की स्वतंत्रता को अनुचित रूप से बाधा पहुँचाने जाने की कोशिश बताते हुए बेहद निराशाजनक करार दिया। उन्होंने कहा कि हमें कॉन्ग्रेस सरकार से इस तरह के फैसले की ही आशंका थी, जो KCR सरकार के नक्शेकदम पर ही चल रही है। उन्होंने ‘जय श्री राम’ लिख कर सोशल मीडिया पर वो पत्र भी शेयर किया।

बता दें कि ये शोभा-यात्रा आकाशपुरी हनुमान मंदिर से लेकर रामकोटी स्थित हनुमान व्यायामशाला तक जानी थी। इसे अनीता टॉवर, पुराना पुल, गाँधी प्रतिमा, जुम्मेरात बाजार, चूड़ी बाजार, बेगम बाजार चत्री, स्वस्तिक मिर्ची, सित्तम्बर बाजार मस्जिद, गौलीगुड़ा गुरुद्वारा, कोटी महिला कॉलेज और सुल्तान बाजार से होकर गुजरना था। इसके लिए सुबह 10 बजे से लेकर रात 10 बजे तक का समय माँगा गया था। हालाँकि, तेलंगाना पुलिस ने इस माँग को रद्द कर दिया है।

राजस्थान: कॉन्ग्रेस की शिकायत पर हटाए गए भगवा झंडे

उधर राजस्थान की राजधानी जयपुर में हिन्दू संगठन सड़क पर हैं। वहाँ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भले ही सरकार भाजपा की हो, लेकिन अभी लोकसभा चुनाव के कारण प्रशासन चुनाव आयोग के अंतर्गत है और कॉन्ग्रेस की शिकायत पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई ने हिन्दुओं को नाराज़ कर दिया है। जयपुर में जगह-जगह लगे भगवा ध्वज को हटाया गया है। ‘विश्व हिन्दू परिषद (VHP)’ के कार्यकर्ताओं ने कॉन्ग्रेस का पुतला फूँक कर इस कदम के खिलाफ विरोध जताया है। हिन्दू संगठनों ने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी को चुनाव और राम नाम से कोई लेना-देना नहीं है।

जयपुर शहर लोकसभा क्षेत्र से कॉन्ग्रेस उम्मीदवार प्रताप सिंह खाचरियावास ने वकील मंगल सिंह के माध्यम से जिला मजिस्ट्रेट में लिखित शिकायत दायर कर दावा किया कि परकोटा के बाजारों में लोकसभा चुनाव 2024 में एक विशेष पार्टी को फायदा पहुँचाने के लिए भगवा ध्वज लगाए गए हैं। उन्होंने इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया। इसके बाद रातोंरात नगर निगम ने झंडे उतरवा दिए। हवामहल से बिधायक बालमुकुंदाचार्य ने ने कलक्टर से शिकायत कर ये ध्वज वापस लगाने की माँग की है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस को भगवा ध्वज और राम नाम से आपत्ति है।

नाबालिग दलित लड़की को अगवा कर साबिर ने कबूल करवाया इस्लाम, रेप-जबरन निकाह: पीड़ित पिता ने दर्ज कराई FIR, राजस्थान के अलवर की घटना

राजस्थान के अलवर में एक नाबालिग दलित बालिका को एक मुस्लिम युवक जबरन अपहरण करके अपने साथ ले गया। मुस्लिम युवक ने इसके बाद नाबालिग को इस्लाम कबूल करवा कर उसके साथ निकाह कर लिया। नाबालिग के साथ जबरन दुष्कर्म भी किया गया। बालिका के परिजनों ने इस मामले में मुस्लिम युवक के विरुद्ध मामला दर्ज करवाया है।

जानकारी के अनुसार, अलवर के बगड़ का तिराहा की रहने वाली एक 17 वर्षीय दलित बालिका 13 अप्रैल, 2024 को अपने घर से पास के बाजार के लिए गई थी। बालिका ने कहा था कि वह अपनी पायल सही करवाने के लिए बाजार जा रही है। हालाँकि, बालिका इसके बाद शाम तक नहीं लौटी। परिजनों ने इसके बाद उसकी तलाश चालू की।

परिजनों को तलाश करने पर पता चला कि पास के गाँव का साबिर बालिका को लेकर गया था। इस जानकारी के बाद बालिका के परिजन साबिर के घर पहुँचे। साबिर के परिजनों ने दलित परिवार को गुमराह किया और बताया कि बालिका को ढूँढने में उसकी मदद करेंगे।

इसके बाद भी परिजनों को बालिका का कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद वह एक बार फिर साबिर के घर पुलिस के साथ पहुँचे जहाँ उन्हें पता चला कि उनकी नाबालिग बेटी को इस्लाम कबूल करवा दिया गया है और जबरन उसका साबिर के साथ निकाह करवा दिया गया है।

दलित बालिका के परिजनों ने आरोप लगाया कि साबिर ने उनकी बच्ची के साथ दुष्कर्म भी किया है। इस मामले में दलित बालिका के परिजनों ने रामगढ़ थाने में FIR दर्ज करवाई है। पुलिस ने साबित के खिलाफ POCSO और अपहरण समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। साबिर के विरुद्ध SC/ST एक्ट में भी मामला दर्ज किया गया है।

पीड़ित परिवार के साथ उनके समाज के लोग भी काफी आक्रोशित हैं। पुलिस का कहना है कि वह अभी इस मामले में जाँच कर रही है। मामले की जाँच पुलिस उपाधीक्षक ओमप्रकाश विश्नोई को सौंपी गई है।

‘सूर्य तिलक’ से पहले भगवान रामलला का दुग्धाभिषेक, बोले PM मोदी- शताब्दियों की प्रतीक्षा के बाद आई है ये रामनवमी, राम भारत का आधार

रामनवमी को लेकर इस बार लोगों का उत्साह चरम पर है। सन् 1527 के बाद ये पहली बार है जब अयोध्या के भव्य मंदिर में रामलला विराज रहे हैं और रामनवमी मनाई जा रही है। ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ ने तस्वीरें जारी कर के जानकारी दी है कि श्रीरामनवमी की पावन बेला में राम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु श्री रामलला सरकार का दिव्य अभिषेक किया गया। इसमें देखा जा सकता है कि दुग्ध और चंदन समेत विभिन्न पदार्थों से रामलला का अभिषेक किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर देशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा, “यह पहली रामनवमी है, जब अयोध्या के भव्य और दिव्य राम मंदिर में हमारे राम लला विराजमान हो चुके हैं। रामनवमी के इस उत्सव में आज अयोध्या एक अप्रतिम आनंद में है। 5 शताब्दियों की प्रतीक्षा के बाद आज हमें ये रामनवमी अयोध्या में इस तरह मनाने का सौभाग्य मिला है। यह देशवासियों की इतने वर्षों की कठिन तपस्या, त्याग और बलिदान का सुफल है।”

साथ ही प्रधानमंत्री ने ‘राम काज कीन्हें बिनु मोहि कहाँ विश्राम’ वाली रामचरितमानस की चौपाई के साथ रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा वाली अपनी तस्वीर भी शेयर की। साथ ही पीएम मोदी ने भगवान श्रीराम को लेकर अपने वक्तव्य का वीडियो भी शेयर किया है। उन्होंने कहा कि राम भारत की आस्था है, राम भारत का आधार है। साथ ही वीडियो में सोनू निगम द्वारा गाया गया भजन भी है। पीएम मोदी कहते हैं कि ये पहली रामनवमी है जब अयोध्या में भव्य राम मंदिर में रामलला विराजमान हो चुके हैं।

उन्होंने बताया, “राम भारत की आस्था है, राम भारत का आधार है, राम भारत का विचार है, राम भारत का विधान है, राम भारत की चेतना है, राम भारत का चिंतन है, राम भारत की प्रतिष्ठा है, राम भारत का प्रताप है। राम प्रवाह है, राम प्रभाव है, राम नेति भी है, राम नीति भी है। राम नित्यता भी है, राम निरंतरता भी है। राम विभु है, विशद है, राम व्यापक है, विश्व है, विश्वात्मा है। राम विवाद नहीं, राम समाधान है।” उन्होंने प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान ये बातें कही थीं। रामनवमी पर दोपहर में रामलला का ‘सूर्य तिलक’ भी होना है।

हिंदू युवती से रेप, गोमांस खिलाया, मुस्लिम बना पढ़वाई कुरान… समीर पटेल बनकर मिला था ताहेर पठान: महाराष्ट्र में लव जिहाद

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से लव जिहाद का एक काफी गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ के सतारा पुलिस स्टेशन में ताहेर पठान, तैयब पठान, आयेशा पठान और लैलाबी पठान के खिलाफ एक 27 वर्षीय हिन्दू बालिका को जानबूझ कर फंसाने और उसे इस्लाम में धर्मान्तरित करने का मामला सामने आया है।

मुख्य आरोपित ताहेर पठान ने युवती से हिन्दू बन कर पहचान बढ़ाई और उसके साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाए। आरोपित ने हिन्दू युवती को बुर्का पहनने गोमांस खाने पर मजबूर किया। ताहेर ने लड़की को इस्लाम में भी परिवर्तित किया। पुलिस ने इस मामले में धारा 376, 376 (2), 377, 420, 323, 504, 506 और 34 के तहत मामला दर्ज किया है।

ऑपइंडिया ने इस मामले में दर्ज की गई FIR की कॉपी हासिल की है। FIR में दी गई जानकारी के अनुसार, हिन्दू युवती की मुलाक़ात ताहेर से एक शोरूम में 2020 में हुई थी। ताहेर ने यहाँ हिन्दू युवती से खुद को एक गुजराती हिन्दू बताया था। ताहेर ने हिन्दू युवती को बताया कि उसका नाम समर पटेल है और उसकी शादी भी नहीं हुई है। इसके बाद दोनों में जान पहचान बढ़ गई और आपस में शारीरिक सम्बन्ध भी बन गए।

लव जिहाद संभाजीनगर

FIR में बताया गया है कि ताहेर हिन्दू पीड़िता की मर्जी के बगैर लगातार उससे शारीरिक सम्बन्ध बनाता रहा। उसने हिन्दू युवती की अभद्र वीडियो भी बनाई और अपनी बात मनवाने के लिए धमकाता रहा। पूरे मामले के दो वर्षों के बाद हिन्दू पीड़िता को पता चला कि समीर पटेल असल में ताहेर पठान है।

जब हिन्दू पीड़िता ने ताहेर से रिश्ता खत्म करने की बात तो उसने धमकाया कि वह उसकी निजी फोटो इन्टरनेट पर लीक कर देगा। ताहेर ने हिन्दू युवती को धमका कर इस्लाम में धर्मान्तरित करवाया और निकाह करने का दबाव डाला। इस दौरान हिन्दू पीड़िता गर्भवती भी हो गई। ताहेर पठान ने हिन्दू युवती से मारपीट की, उसे प्रताड़ित किया और उसके बच्चे की कोख में ही हत्या कर दी। इसके बाद उसका धर्म परिवर्तन करवाया और उसे गोमांस खाने पर मजबूर किया और बुर्का पहनाया।

लव जिहाद संभाजीनगर

पीड़िता ने FIR में बताया, “मुझे एक मौलाना के पास ले जाया गया जहाँ मुझे एक महीने तक एक पेय पिलाया गया, इससे मुझे नशा आ जाता था। इसके बाद मुझे नमाज अदा करवाई जाती थी और कुरान पढ़वाई जाती थी।” पीड़िता को यह भी पता चला कि असल में ताहेर पठान पहले से ही शादीशुदा था और उसके 4 बच्चे थे। उसने हिन्दू पीड़िता को फंसाया और इस काम में उसके पिता तैयब पठान, उसकी माँ लैलाबी पठान और उसकी पहली बीवी आयेशा पठान ने भी साथ दिया और उसके साथ मारपीट की।

ऑपइंडिया द्वारा जुटाई जानकारी के अनुसार, पीड़िता शिकायत पहलेही दर्ज करवाना चाहती थी लेकिन उसका किसी ने साथ नहीं दिया। हिन्दू समुदाय के कुछ लोग और सुदर्शन टीवी का एक रिपोर्टर बाद में उसकी सहायता के लिए आगे आया और लव जिहाद के इस मामले में FIR दर्ज करवाई। अब इस मामले में पुलिस आगे जाँच कर रही है।

रोहिंग्या मुस्लिमों ने 1600 हिन्दुओं को बंधक बनाया: रिपोर्ट में खुलासा- म्यांमार की फ़ौज ही दे रही हथियार और प्रशिक्षण, 2017 में भी हुआ था महिलाओं-बच्चों तक का नरसंहार

म्यांमार में कैसे रोहिंग्या मुस्लिमों ने 2017 में बड़ी संख्या में हिन्दुओं और बौद्धों का नरसंहार किया था। अब एक बार फिर से रखाइन प्रान्त में हुई उस घटना को इस्लामी आतंकी दोहराने की कोशिश कर रहे हैं। म्यांमार के आरकान प्रांत में 1600 से भी अधिक हिन्दुओं एवं 120 बौद्ध समाज के लोगों को बंधक बनाया गया है। मामला बुथिडुआंग का है। इलाके में अराजकता और अस्थिरता का माहौल है। अब सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि फ़ौज ही ये सब करवा रही है।

‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि म्यांमार की फ़ौज की तरफ से इस्लामी कट्टरपंथियों को ये काम सौंपा गया है कि वो मुल्क के स्थानीय समुदायों को आतंकित करें। धर्म को आधार बना कर नरसंहार की साजिश रची जा रही है। इसी क्रम में 1600 से अधिक हिन्दुओं और 120 से अधिक बौद्धों को बंधक बनाया गया है। अब इनकी रिहाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इलाके में मजहबी एवं नस्लीय दंगों के कारण लोगों को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ रहा है।

गुरुवार (11 अप्रैल, 2024) को 2 युवकों की लाश पड़ी मिली, जिनकी हत्या गला रेत कर की गई थी। नवंबर 2023 से ही म्यांमार की फ़ौज आराकान आर्मी से लड़ रही है और उसके बाद ये पहली इस तरह की घटना थी। म्यांमार की फ़ौज ने ‘आराकान रोहिंग्या साल्वेशन आर्मी (ARSA)’ और ‘आराकान रोहिंग्या आर्मी (ARA)’ को ‘आराकान आर्मी (AA)’ के खिलाफ लड़ने के लिए हथियार से लेकर सैन्य प्रशिक्षण तक दिया है। रोहिंग्या आतंकी न सिर्फ घरों को लूट रहे हैं, बल्कि लोगों का अपहरण कर रहे हैं और उनके घर को आग के हवाले भी कर दे रहे हैं।

बागी समूहों ने रोहिंग्या संगठनों से अपील की है कि वो धार्मिक विभाजन का शिकार न बनें, साथ ही बिना जाति-धर्म का भेदभाव किए बिना सभी नागरिकों की रक्षा के लिए खुद को प्रतिबद्ध भी बताया है। 2017 में रखाइन में 100 से अधिक हिन्दुओं का बेरहमी से क़त्ल कर दिया गया था। इनमें कई महिलाएँ और बच्चे भी थे। म्यांमार की फ़ौज ने AA के खिलाफ रोहिंग्या जनसमूह का विरोध प्रदर्शन भी करवाया था। अब मौक़ा पाकर यही रोहिंग्या हिन्दुओं एवं बौद्धों का दमन कर रहे हैं।

स्कूल में नमाज बैन के खिलाफ हाई कोर्ट ने खारिज की मुस्लिम छात्रा की याचिका, स्कूल के नियम नहीं पसंद तो छोड़ दो जाना : भारत में मचा था बड़ा बवाल

ब्रिटेन में एक स्कूल की मुस्लिम छात्रा ने स्कूल परिसर में नमाज बैन के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की, जिस पर उसे झटका लगा है। हाई कोर्ट ने छात्रा की अपील की खारिज कर दिया और साफ कहा कि अगर स्कूल में पढ़ना है तो स्कूल के नियमों के हिसाब से ही चलना होगा। अगर स्कूल का कोई भी नियम छात्रा या उसके माता-पिता को नहीं पसंद तो वो स्कूल छोड़ने के लिए आजाद हैं।

ये मामला ब्रिटेन के सबसे सख्त स्कूलों में से एक ब्रेंट में स्थिल मिशेला कम्यूनिटी स्कूल से जुड़ा है। इस स्कूल में धार्मिक शिक्षा पर सख्ती से रोक है। इस स्कूल के कंपाउंड में किसी भी तरह के धार्मिक कार्य करने पर रोक है। इस स्कूल में 700 बच्चे पढ़ते हैं, जिसमें आधे से अधिक मुस्लिम हैं। इस स्कूल में नमाज पर बैन लगाने के बावजूद मार्च 2023 में 30 स्कूली बच्चों ने अपना स्वेटर बिछाया और उसपर नमाज पढ़ी। इसके बाद स्कूल ने कड़ा कदम उठाया और सभी को चेतावनी दी। इसी के बाद स्कूली छात्रा ने हाई कोर्ट में अपील की थी।

इस मामले में हाई कोर्ट की जस्टिस लिंडेन ने 83 पेजों के फैसले में कहा कि इस स्कूल में एडमिशन से पहले सभी बच्चों और उनके माता-पिता को बताया जाता है कि इस स्कूल में धार्मिक क्रिया कलापों की कोई जगह नहीं है। इस स्कूल को गैर आस्था स्कूल के तौर पर बनाया गया है। हाई कोर्ट के फैसले के बाद संस्थापक और मुख्य शिक्षक कैथरीन बीरबलसिंह ने कहा कि यह फैसला “सभी स्कूलों की जीत” है।

हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान स्कूल ने कहा, “स्कूलों को एक बच्चे और उसकी माँ को अपना दृष्टिकोण बदलने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए क्योंकि उन्होंने फैसला किया है कि उन्हें स्कूल में कुछ पसंद नहीं है। अगर माता-पिता को मिशेला जैसी चीज़ पसंद नहीं है, तो उन्हें अपने बच्चों को हमारे पास भेजने की ज़रूरत नहीं है।”

भारत में हिजाब को लेकर हुआ था जबरदस्त बवाल

बता दें कि फरवरी 2022 में कर्नाटक के उडुपी में एक सरकारी कॉलेज में क्लासरूम में हिजाब पहनने पर बैन लगाने के बाद विवाद शुरू हुआ था। इस नियम को और भी कई संस्थानों ने लागू कर दिया और बाद में उस समय की बसवराज बोम्मई सरकार ने एक आदेश जारी किया। इस आदेश में शैक्षिक संस्थानों के अंदर हिजाब पहनने पर बैन लगा दिया गया था। आदेश में कहा गया कि ऐसी ड्रेसिंग को अनुमति नहीं दी जाएगी, जो समानता, अखंडता और सार्वजनिक कानून व्यवस्था को खराब करे। आदेश को लेकर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए, जिसके चलते कुछ दिनों के लिए शैक्षिक संस्थानों को बंद करना पड़ा।

फिर यह मामला हाईकोर्ट पहुँचा और 15 मार्च, 2022 को फैसला आया। हाई कोर्ट ने कहा कि हिजाब पहनना इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ऋतुराज अवस्थी ने राज्य सरकार के इस आदेश को भी सही ठहराया कि स्कूल-कॉलेज में यूनिफॉर्म का पूरी तरह से पालन होना चाहिए। ये मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुँचा था और सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था। हालाँकि 2023 में विधानसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस की जीत हुई सिद्धारमैया मुख्यमंत्री बने। मुख्यमंत्री बनने के बाद सिद्धारमैया ने स्कूल-कॉलेज में हिजाब पहनने पर लगे बैन को हटा दिया।

‘क्षत्रिय न दें BJP को वोट’ – जो घूम-घूम कर दिला रहा शपथ, उस पर दर्ज है हाजी अली के साथ मिल कर एक राजपूत को ही गोली मारने की FIR: अब वही ठाकुर पूरन सिंह कर रहा जाति महापंचायत

जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव 2024 की तारीख़ें नज़दीक आ रहीं हैं वैसे ही चुनावी सरगर्मी भी अपने चरम पर जा रहीं हैं। जहाँ कुछ दल देश और विकास को अपना मुद्दा बना चल रहे हैं तो कुछ लोगों की राजनीति महज अपनी जाति के ही इर्द-गिर्द घूम रही है। जातिगत जनगणना जैसी माँगों के बीच जातिवादी राजनीति में ठाकुर पूरन सिंह का नाम हाल ही में उभर कर सामने आया है। पूरन सिंह पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में राजपूतों (क्षत्रियों) के सम्मेलन करवा रहे हैं। इन सभी सम्मेलनों में जो एक चीज कॉमन है वो है भारतीय जनता पार्टी का विरोध।

ऑपइंडिया ने जब पूरन सिंह के पुराने जीवन के बारे में पड़ताल की तो पता चला कि उन पर खुद ही एक राजपूत (क्षत्रिय) को गोली मारने का केस दर्ज है। 6 साल पहले एक क्षत्रिय पर हुए इस हमले में पूरन सिंह का साथ एक मुस्लिम व्यक्ति ने दिया था। ठाकुर पूरन सिंह के नेतृत्व में सहारनपुर, मेरठ और मुजफ्फरनगर आदि जिलों में ‘स्वाभिमान महापंचायत’ नाम से कई सम्मेलन आयोजित किए गए। इन सम्मेलनों में उन्होंने उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों से भी क्षत्रिय समाज के लोगों के शिरकत करने का दावा किया।

सबसे हालिया पंचायत मंगलवार (16 अप्रैल, 2024) को मेरठ के खेड़ा गाँव में हुई। इन सभी पंचायतों में ठाकुर पूरन सिंह ने तमाम लोगों के आगे खुद को क्षत्रिय समाज का हमदर्द साबित करने की कोशिश करते हुए भारतीय जनता पार्टी को वोट न देने की अपील की। खेड़ा की पंचायत में तो पूरन सिंह ने कुछ अन्य मंचासीन लोगों के साथ लोटे में नमक डाल कर शपथ भी ली। इन BJP विरोध स्वरूपी पंचायतों की वीडियो और खबरें फैक्ट चेक के नाम पर मजहबी एजेंडा चलाने वाले मोहम्मद जुबैर जैसे लोग सबसे ज्यादा शेयर कर रहे हैं।

क्षत्रिय पर ही गोली चलाने के हैं आरोप

भले ही आज ठाकुर पूरन सिंह घूम-घूम कर क्षत्रिय स्वाभिमान पंचायत कर रहे हैं लेकिन पूर्व में उन पर साथियों सहित राजपूत समाज के ही एक व्यक्ति पर गोली चलाने की FIR दर्ज हो चुकी है। यह घटना 13 जनवरी, 2018 की है। तब उत्तर प्रदेश के शामली जिले में पड़ने वाले थाना क्षेत्र थाना भवन में क्षत्रिय वर्ण के सतीश कुमार पुंडीर ने शिकायत दर्ज करवाई थी। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया था कि 13 जनवरी, 2018 को ही शाम लगभग 5 बजे खुद को भारतीय किसान संगठन का अध्यक्ष बताने वाले ठाकुर पूरन सिंह और राजू सिंह 4-5 वाहनों में भर कर उनके पास आए थे।

पूरन ने सतीश सिंह पुंडीर से नाराजगी जताते हुए पूछा कि उन्होंने राजू सिंह के खिलाफ थाने में शिकायत क्यों दी। सतीश सिंह ने ठाकुर पूरन सिंह को बैठ कर बातचीत का प्रस्ताव दिया। थोड़ी देर गन्ना विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में बातचीत हुई थी लेकिन पूरन सिंह के साथी राजू सिंह नाम के व्यक्ति ने बीच में विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि राजू सिंह द्वारा जब गाली-गलौज दी जाने लगी तो सतीश सिंह पुंडीर उठ कर वहाँ से चले गए।

सतीश सिंह को जाता देख कर राजू सिंह अपने साथियों के साथ मिल कर उनकी तरफ मारने दौड़ा। इस दौरान हमलावरों ने सतीश की तरफ बंदूक तान कर जान से मारने की नीयत से गोली भी चला दी थी।

सतीश सिंह पर गोली चलाने वालों में हाजी अफसर भी

सतीश सिंह ने अपनी शिकायत में बताया था कि उन पर गोली चलाने वालों में पूरन सिंह का साथी और सहयोगी हाजी अफसर अली भी शामिल था। हाजी अफसर अली मूल रूप से शामिल के गाँव भैंसानी का निवासी है। पूरन सिंह, राजू और हाजी अफसर के साथ मुजफ्फरनगर जिले के अंकुर राणा और रोहित को भी हमले में नामजद किया गया था। इनके अतिरिक्त 20-25 अन्य अज्ञात हमलावरों का भी FIR में जिक्र है। माना जा रहा है कि इस अज्ञात भीड़ में ज्यादातर पूरन सिंह के साथी हाजी अफसर अली के गुर्गे थे। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

FIR कॉपी

तब शामली पुलिस ने ठाकुर सतीश सिंह पुंडीर पर जानलेवा हमले के आरोप में पूरन सिंह, राजू सिंह, अंकुर राणा, रोहित और हाजी अफसर को नामजद करते हुए 20-25 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इन सभी पर IPC की धारा 147, 148, 149, 307, 323, 504 और 452 के तहत कार्रवाई की गई थी। 16 मई, 2018 को पुलिस ने इस केस में अपनी जाँच पूरी कर के चार्जशीट दाखिल कर दी थी। पुलिस ने अपनी जाँच में सतीश सिंह पुंडीर द्वारा ठाकुर पूरन सिंह और उनके साथी अफसर अली सहित अन्य नामजदों पर लगाए गए आरोप सही पाए थे।

बवाल की आशंका से नहीं हुई गिरफ्तारी, सजा देने की माँग

16 मई को शामली की कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने के दौरान पुलिस ने पाँचों नामजद आरोपितों की गिरफ्तार न किए जाने का कारण भी बताया था। पुलिस ने बताया कि हमलावर पूरन सिंह व अन्य आरोपित किसान संगठन से जुड़े हुए हैं इसलिए उनकी गिरफ्तारी से समाज में शांति व्यवस्था प्रभावित होती। इसी के साथ पुलिस ने उस समय लोकसभा उपचुनाव भी पास होने की दलील दी थी। पुलिस ने अदालत से पूरन सिंह, हाजी अफसर अली, अंकुर राणा, रोहित, और राजू सिंह को दंडित करने की भी गुजारिश की है।

अपनी शिकायत में पीड़ित ठाकुर सतीश सिंह पुंडीर ने पूरन सिंह व हाजी अफसर अली सहित अन्य आरोपितों द्वारा खुद पर दोबारा हमले की भी आशंका जताई थी। उन्होंने बताया था कि चीनी मिल के गार्डों के अलावा उत्तर प्रदेश पुलिस ने मौके पर पहुँच कर उनकी जान बचाई थी। सतीश सिंह ने भी आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की थी।