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‘मारना नहीं, डराना था मकसद’: भुज से धराए सलमान खान के घर के बाहर गोलीबारी करने वाले दोनों शूटर, 15 दिन किराए के घर में रुक कर की रेकी

बॉलीवुड अभिनेता सलमान के मुंबई स्थित अपार्टमेंट के आगे रविवार (14 अप्रैल, 2024) को गोलियाँ चली थीं। हमले की जिम्मेदारी गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई के भाई अनमोल ने ली थी। पुलिस ने इस गोलीकांड में आरोपित 2 शूटरों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान 24 साल के विक्की साहब गुप्ता और 21 वर्षीय श्रीजोगेंद्र पाल के तौर पर हुई हैं। दोनों को गुजरात के भुज के कच्छ से पकड़ा गया है। दोनों शूटर सलमान खान के घर के पास लगभग 15 दिनों तक रुके थे।

इस दौरान सलमान के घर और फार्म हाउस तक की रेकी की गई थी। विक्की और श्रीजोगेंद्र ने पुलिस को बताया कि उनका मकसद सलमान खान को मारना नहीं बल्कि चेतावनी देना था। अदालत ने दोनों शूटरों को 25 मार्च तक के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।

अब तक मिली जानकारी के मुताबिक सलमान खान के बांद्रा इलाके में बने गैलेक्सी आपर्टमेंट पर हमला करने वाले दोनों शूटर लगभग 15 दिनों तक मुंबई के पनवेल इलाके में किराये के मकान में रुके थे। इस किराये के मकान की दूरी सलमान के आवास से लगभग 10 किलोमीटर है। इस दौरान दोनों ने 4 बार सलमान के अपार्टमेंट की रेकी की थी। वो सलमान खान के फार्म हाउस भी गए थे। दोनों की मुलाक़ात लॉरेंस विश्नोई के ख़ास कहे जाने वाले रोहित गोदारा से भी हो चुकी थी। यहीं उन्हें सलमान खान के घर पर फायरिंग का टास्क मिला था। इन दोनों के कनेक्शन सीधे तौर पर लॉरेंस के भाई अनमोल विश्नोई से जुड़े बताए जा रहे हैं।

TOI ने पुलिस सूत्रों के माध्यम से बताया है कि दोनों शूटरों का मकसद सलमान खान को मारने के बजाय डराना था। ये दोनों सलमान के घर पर तब गोलियाँ चलाना चाह रहे थे जब ईद के 2 दिन बाद अभिनेता अपने घर के बालकनी से प्रसंशकों का अभिवादन स्वीकार करने वाला था। हालाँकि, तब पुलिस की कड़ी सुरक्षा को देखते हुए दोनों ने अपने प्लान को टाल दिया था। अगले दिन रविवार को सुबह 5 बजे इन दोनों सलमान के घर पर गोलियाँ बरसाईं। एक गोली का बालकनी की तरफ भी चलाई गई थी। गोली चलाने के लिए देसी पिस्टल प्रयोग में लाई गई थी।

सलमान के घर पर हमले में प्रयोग हुई बाइक को दोनों शूटरों ने 20 हजार रुपए में खरीदा था। बाइक बेचने वाला व्यक्ति उसका असल मालिक नहीं था। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बाइक के असल मालिक और उसको बिकवाने वाले ब्रोकर को खोज निकाला है। इन दोनों से सोमवार (15 अप्रैल, 2024) को पूछताछ की गई है। HT मीडिया के मुताबिक, सलमान के घर पर गोली चलाने के बाद दोनों हमलावर बाइक से वहाँ से फरार हुए थे। थोड़ी दूर जा कर उन्होंने बाइक छोड़ दी और ऑटो रिक्शा ले कर बांद्रा स्टेशन पहुँचे। यहाँ से दोनों लोकल ट्रेन पकड़ कर सांताक्रूज तक आए।

सांताक्रूज पूर्व स्टेशन से दोनों आरोपित पैदल ही बाहर निकले। पुलिस के पास आगे की मूवमेंट की वीडियो फुटेज नहीं है। हालाँकि, पुलिस को आशंका है कि सांताक्रूज से दोनों आरोपित फ्लाइट पकड़ कर कहीं फरार हुए थे। वहीं घटना की जिम्मेदारी लेते लॉरेंस विश्नोई के भाई अनमोल के नाम से वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट की सत्यता पर भी पुलिस अभी तक संदेह में है। पुलिस का मानना है कि कई बार ऐसी पोस्ट फर्जी हैंडलों द्वारा भी की जाती है।

‘कन्हैया लाल तेली का क्या?’: ‘मुस्लिमों की मॉब लिंचिंग’ पर याचिका लेकर पहुँचा वकील निजाम पाशा तो सुप्रीम कोर्ट ने दागा सवाल, कहा – सेलेक्टिव मत बनो

आपको जून 2022 की घटना याद होगी, जब राजस्थान के उदयपुर में इस्लामी कट्टरपंथियों ने दर्जी कन्हैया लाल तेली का सिर कलम कर दिया। उनका अपराध सिर्फ इतना था कि उन्होंने नूपुर शर्मा का समर्थन किया था, वही नूपुर शर्मा जिन पर पैगंबर मुहम्मद के अपमान का आरोप लगाया गया और क़तर तक ने जिनके बयान पर आपत्ति जताई और भाजपा को अपने प्रवक्ता को निलंबित करना पड़ा। हालाँकि, नूपुर शर्मा शिवलिंग का अपमान किए जाने के बाद वही कह रही थीं जो इस्लामी किताबों में लिखा है।

अब सुप्रीम कोर्ट में उदयपुर के इस हत्याकांड के मामले का जिक्र आया है। असल में देश की सर्वोच्च अदालत मंगलवार (16 अप्रैल, 2024) को एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में अल्पसंख्यकों के खिलाफ मॉब लिंचिंग के अपराध बढ़ने का दावा करते हुए गोरक्षकों पर निशाना साधा गया था और तथाकथित पीड़ितों के लिए त्वरित वित्तीय मदद की व्यवस्था की माँग की गई थी। जस्टिस BR गवई, जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस संदीप मेहता ने कन्हैया लाल तेली हत्याकांड का जिक्र करते हुए याचिकाकर्ताओं को सलाह दी कि वो ऐसे मामलों को लेकर वो सेलेक्टिव न बनें।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “राजस्थान के टेलर का क्या? कन्हैया लाल, जिनकी हत्या कर दी गई।” अधिवक्ता निजाम पाशा ये याचिका लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुँचे थे। गुजरात सरकार की तरफ से पेश हुईं वकील अर्चना पाठक दवे ने कहा कि याचिका में सिर्फ मुस्लिमों की मॉब लिंचिंग की बात है, जबकि राज्य सरकार की जिम्मेदारी है सबको सुरक्षा देना। जस्टिस गवई ने पाशा से कहा कि आप कोर्ट में क्या कह रहे हैं इसे लेकर सतर्क रहें। याचिका में मुस्लिमों की भीड़ द्वारा हत्या की वारदातें बढ़ने का दावा किया गया था।

वकील निजाम पाशा ने इस दौरान मध्य प्रदेश और हरियाणा से भी एकाध मामले उठा-उठा कर कोर्ट का ध्यान खींचने की कोशिश की। ये वही वकील है, जो ‘लव जिहाद’ की कलई खोलने वाली फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ को ऑडियो-विजुअल प्रोपेगंडा बताते हुए इस पर बैन लगाने की माँग लेकर सुप्रीम कोर्ट गया था। इतना ही नहीं, बुर्का-हिजाब के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट में उसने कुरान का हवाला देते हुए कहा था कि इसे पहनने वाली महिलाओं से छेड़खानी करने वाले डरते हैं और ये समझते हैं कि ये एक मजबूत महिला है, इसका समुदाय इसके पीछे खड़ा है। निजाम पाशा ज्ञानवापी सर्वे के खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट गया था

₹200 करोड़ की प्रॉपर्टी कर दी दान, पत्नी के साथ बन गए संन्यासी: निकली 4 किमी लंबी शोभा यात्रा, दोनों बच्चे पहले ही ले चुके हैं दीक्षा

गुजरात के अरबपति व्यापारी और उनकी पत्नी ने अपनी जीवन भर की सारी कमाई (करीबन 200 करोड़ रुपयों) को दान करके जैन संन्यासी बनने का निर्णय लिया है। इस व्यापारी का नाम भावेश भंडारी है। वह गुजरात के हिम्मतनगर के रहने वाले हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भावेश भंडारी का जन्म एक समृद्ध परिवार में हुआ था। जब उन्होंने कारोबार की दुनिया में कदम रखा तो कंस्ट्रक्शन समेत कई क्षेत्रों में अपनी किस्मत आजमाई। धीरे-धीरे वह भारत के अरबपतियों की लिस्ट में शामिल हो गए। मगर, समय के साथ आगे बढ़ने की इच्छा की जगह उनका मन मोह-माया से उजड़ने लगा। नतीजतन उन्होंने खुद को अपने काम धंधे से दूर कर लिया और फिर जैन दीक्षा लेने का निर्णय लिया।

आपको जानकर शायद हैरानी हो कि भावेश भंडारी के साथ न केवल उनकी पत्नी ने संन्यासी होने का जीवन चुना है, बल्कि उनके 2 बच्चे भी उनसे पहले सांसरिक मोह-माया त्यागकर दीक्षा ले चुके हैं। हाल में दोनों पति-पत्नी ने 4 किलोमीटर की शोभा यात्रा भी निकाली थी जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे।

बता दें कि पूरे परिवार द्वारा भिक्षु बनने का निर्णय लिए जाने के बाद भावेश भंडारी ने अपनी 200 करोड़ रुपए की संपत्ति को दान कर दिया। हालाँकि अभी उन्होंने औपचारिक रूप से दीक्षा नहीं ली है। 22 अप्रैल को संभवत: वह जैन भिक्षु बनने के लिए दीक्षा लेंगे। उसके बाद उन्हें भिक्षुओं जैसा जीवन ही जीना होगा। जैसे अपनी प्रतिज्ञा लेने के बाद उन्हें पारिवारिक रिश्तों से दूर होगा होगा। किसी सांसरिक वस्तु का भोग करने की अनुमति नहीं होगी। वो सिर्फ नंगे पाँव चलेंगे और भिक्षा माँगेंगे। उन्हें सिर्फ सफेद वस्त्र पहनने होंगे, वस्तु के नाम पर एक कटोरा रखना होगा और राज्यारोहण। इसका प्रयोग वह कहीं बैठने से पहले जगह साफ करने के लिए करेंगे।

जिरोधा वाले निखिल कामत ने शुरू किया नया स्टार्टअप, को-फाउंडर हरनिध कौर निकली मोदी हेटर: PM की हत्या की कामना वाला ट्वीट हुआ वायरल

ऑनलाइन स्टॉक ट्रेडिंग फर्म जेरोधा के फाउंडर निखिल कामत ने युवा युद्यमियों के लिए WTFund लॉन्च करने की घोषणा की है। इस घोषणा के एक दिन बाद ही WTFund की को-फाउंडर बनाई गई हरनिध कौर के पुराने ट्वीट्स वायरल होने लगे, जिसमें वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की कामना कर चुकी हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कामत ने 25 साल या उससे कम उम्र के युवा उद्यमियों के लिए इस डब्ल्यूटीफंड को लॉन्च किया है। इसकी को-फाउंडर बनी हैं हरनिध कौर, जो अपने हिंदूफोबिया ट्वीट्स, ऑनलाइन गालीबाजी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की कामना जैसे ट्वीट्स को लेकर चर्चा में रही हैं। कुछ साल पहले उनका चैट शो आयोजित करने के लिए बुकमाईशो जैसी कंपनी को बायकॉट का सामना करना पड़ा था। अब उनका प्रधानमंत्री की हत्या की कामना करने वाला ट्वीट फिर से वायरल हो रहा है।

हरनिध कौर ने अप्रैल 2013 में भाजपा के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह के बयान को कोट करते हुए लिखा था, “राजनाथ सिंह: ‘मोदी महात्मा के नक्शेकदम पर चल रहे हैं।” इसका एकमात्र तरीका जो सही है, वह यह है कि कोई उनकी हत्या कर दे।” उनका ये ट्वीट अप्रैल 2020 में भी वायरल हुआ है।

हालाँकि हरनिध कौर द्वारा प्रधानमंत्री की हत्या की बात का अकेला ऐसा मामला नहीं है कि वो विवादित रही हों। वो पहले भी अपने ट्वीट्स में गाली-गलौच करती नजर आ चुकी हैं।

हरनिध कौर ने एक ट्उवीट में लिखा है, “सिद्धार्थ की माँ की ** में आटा, जिसको कुणाल ने चाटा”। हरनिध कौर को कई अन्य पोस्ट में ‘g*nd’ और ‘behench*d’, ‘gori ch**t’ ke pille’ जैसी बातें भी लिखी है। वो साल 2018 में वामपंथी ‘कार्यकर्ता’ शेखर गुप्ता के पोर्टल द प्रिंट के लिए भारत में अर्बन नक्सल पर सफाई लेख लिख चुकी थी। जिसके बाद लोगों ने शेखर गुप्ता से भी सफाई माँगी थी।

हरनिध कौर अपने कई ट्वीट डिलीट कर चुकी है, जिसमें वो भगवान राम और रामायण को भी अपशब्द कह चुकी थी। उसने अक्टूबर 2016 में लिखा था, “वह (भगवान राम) संदर्भ में एक भयानक व्यक्ति थे। बकवास पति, बकवास भाई, बकवास बेटा, अपने आप में इस हद तक डूबा हुआ।”

डिलीट किए गए ट्वीट का स्क्रीनशॉट

एक ट्वीट में उसने लिखा था, “मुझे रामायण से बहुत नफरत है। यह विशेषाधिकार, विषम हितधारक पैटर्न और इतिहास की एक संकीर्ण सुरंग दृष्टि का सबसे अच्छा उदाहरण है।”

एक और डिलीट ट्वीट का स्क्रीनशॉट

हरनिध कौर ‘डब्ल्यूटीफंड’ की महत्वपूर्ण टीम सदस्यों में से एक हैं। उनके लिंक्डइन बायो में लिखा है, “भारतीय उद्यमिता के भविष्य का वित्तपोषण @WTFund”

हरनिध की लिंक्डइड प्रोफाइल

उसकी इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल पर लिखा है, “हेडलिंग @thewtfund”।

इंस्टाग्राम अकाउंट का स्क्रीनशॉट

बता दें कि अप्रैल 2020 में भारतीय ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म बुकमायशो ने अपने प्लेटफॉर्म पर हरनिध कौर को प्रोमोट करने के लिए बुलाया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा कर हो गया था।

‘भइया चिराग पासवान के बहिन के चो$*’: मंच पर थे तेजस्वी यादव और अर्चना रविदास, नीचे से कार्यकर्ता LJP (रामविलास) प्रमुख की माँ-बहन को दे रहे थे गाली, Video वायरल

बिहार में लोकसभा चुनाव की सरगर्मियाँ तेज़ हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवादा, जमुई, गया और पूर्णिया में रैली कर चुके हैं। पार्टी ने इस बार गठबंधन के तहत चिराग पासवान की LJP (रामविलास) को 5 सीटें दी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस चुनाव में अपनी पहली रैली जमुई में की, जो LJP(R) की ही सीट है और यहाँ से चिराग पासवान ने अपने बहनोई अरुण भारती को टिकट दिया है। अब वहाँ पर RJD नेता तेजस्वी यादव के मंच से खुलेआम चिराग पासवान की माँ व बहन को गाली बकने का वीडियो सामने आया है।

जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें मंच पर पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भाषण देते हुए दिख रहे हैं। उनके बगल में जमुई से राजद की उम्मीदवार अर्चना रविदास खड़ी हैं। वही मंच पर एक और नेता मौजूद है, जिसे संबोधित करते हुए पार्टी के कार्यकर्ता नीचे से भोजपुरी में कहते हैं, “ऐ विजय भइया, तेजस्वी यादव के मइया चो% द।” फिर बार-बार चिराग पासवान की माँ को गाली दी जाती है। इतना ही नहीं, चिराग पासवान की बहन को भी इसी तरह की गालियाँ बकी जाती है। हालाँकि, हम इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करते हैं और अब तक ये पता नहीं चल पाया है कि ये कब का है।

सोशल मीडिया में लोगों ने इस वीडियो को शेयर करते हुए कहा कि अभी अर्चना रविदास जीती नहीं हैं तो ये हाल है, अगर वो जीत गईं तब क्या होगा। राजद पर महिला विरोधी होने के आरोप लग रहे हैं। अर्चना रविदास रील्स बनाने के लिए भी जानी जाती हैं। बॉलीवुड गानों पर उनके कई रील वायरल हुए थे। बता दें कि तेजस्वी यादव शुक्रवार (12 अप्रैल, 2024) को अर्चना रविदास के लिए चुनाव प्रचार करने जमुई पहुँचे थे। वहीं इसके 4 दिन बाद मंगलवार को फिर से तेजस्वी यादव अपने गठबंधन साथी VIP के मुकेश सहनी के साथ जमुई पहुँचे।

जमुई के चकई से निर्दलीय विधायक सुमित सिंह, जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री हैं, वो भी अरुण भारती के समर्थन में हैं। अरुण भारती की माँ डॉ ज्योति बिहार में कॉन्ग्रेस के ज़माने में मंत्री रह चुकी हैं। वो भोजपुर के सहार से 2 बार विधायक बनीं, वहीं 2 बार विधान पार्षद भी रहीं। DU के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से पढ़े अरुण भारती इंग्लैंड के यूनिवर्सिटी ऑफ स्ट्रेथक्लाइड से MBA किया है। वो स्टैण्डर्ड चार्टर्ड बैंक और टाटा मोटर्स के साथ काम कर चुके हैं। युवाओं को रोजगार देने के लिए भी वो खासे सक्रिय रहे हैं।

रामनवमी जुलूस से पहले राँची में पुलिस ने किया निरीक्षण, ड्रोन ने पकड़े छतों पर जमा किए गए पत्थर: मस्जिदों-मदरसों पर भी नजर

झारखंड की राजधानी रांची में रामनवमी से पहले प्रशासन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने में जुटा हुआ है। जुलूस में कोई व्यवधान न पड़े इसके लिए प्रशासन ने 1 दिन पहले ड्रोन कैमरे से तमाम छतों का निरीक्षण करवाया। जिन छतों पर ईंट या पत्थर रखे गए थे उनके मालिकों को नोटिस जारी करके फौरन उन्हें हटाने के लिए कहा गया है। इसी के साथ निर्माणाधीन मकानों के भी मालिकों से यह बॉन्ड भरवाया गया है कि उनकी निर्माण साग्रमी का उपयोग हिंसक गतिविधियों में प्रयोग नहीं किया जाएगा। सोमवार (15 अप्रैल 2024) को पुलिस ने दंगा नियंत्रण का अभ्यास भी किया है।

ड्रोन से हो रही निगरानी पर रांची कोतवाली के डिप्टी एसपी प्रकाश सोय ने मीडिया से बात की। उन्होंने बताया कि ड्रोन और अन्य स्तरों पर हो रही निगरानी की मुख्य वजह 2 दिनों तक चलने वाला रामनवमी का पर्व है। उन क्षेत्रों में विशेष निगरानी बताई गई जहाँ से शोभायात्रा का रूट तय हुआ अथवा संवेदनशील इलाके के तौर पर चिन्हित है। उन्होंने कहा कि किसी के द्वारा बदमाशी न होने पाए इसके लिए प्रशासन मुस्तैद है।

अपने बयान में डिप्टी एसपी ने यह बताया है कि ड्रोन की निगरानी में कुछ छतों पर ईंट-पत्थर पाए गए हैं जिनको तुरंत हटाने के आदेश दिए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिन घरों की छतों पर ईंट-पत्थर पाए गए हैं उनकी संख्या 10 है। ये घर मेन रोड, लेक रोड और हिन्द पीढ़ी इलाके में हैं। जिन घरों में एक जगह जमा पत्थर पाए गए हैं उनकी जाँच पुलिस गहनता से कर रही है। सभी मकान मालिकों को नोटिस जारी कर के ईंट-पत्थरों को फ़ौरन हटाने के लिए कहा गया है। इन सभी से यह भी लिखित तौर पर लिया गया है कि किसी हिंसक गतिविधियों उनके पत्थर प्रयोग होने पर उन्हें जिम्मेदार माना जाएगा।

डिप्टी एसपी ने यह भी बताया कि आदेश की परिधि में वो मकान भी हैं जो निर्माणाधीन हैं। उनके निर्माण में प्रयोग हो रही सामग्री की भी लिस्ट तैयार की गई है। ऐसे मकान मालिकों को भी सख्त हिदायत दी गई है। निर्माणाधीन मकानों की छतों को भी रामनवमी तक साफ़ रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के साथ कुछ संवेदनशील बिल्डिंगों पर पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की जा सकती है। इसके अलावा पुलिस ने दंगा नियंत्रण का भी रिहर्सल किया है। इस रिहर्सल में पुलिस वालों ने ही दंगाइयों का रोल निभाया। रिहर्सल के दौरान पुलिस को नारेबाजी के साथ पत्थरबाजी कर रही भीड़ को काबू करने की ट्रेनिंग दी गई है।

रांची पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए सोशल मीडिया पर भी कोई भ्रामक खबर शेयर न करने की अपील की है। पुलिस ने एक नंबर भी जारी किया है जिसमें अफवाह उड़ाने या किसी भी प्रकार की आपराधिक सूचना को साझा करने के लिए कहा गया है। जुलूस में अस्त्र लहराना या किसी अन्य समुदाय को आहत करने वाला नारा अथवा गाना न बजाने के भी निर्देश हैं।

शहरी इलाकों के अलावा पुलिस ने रांची के ग्रामीण क्षेत्रों में भी कड़ी निगरानी की। इस दौरान पुलिस टीमें मस्जिदों और मदरसों की भी निगरानी में जुटी रहीं। सीनियर अधिकारियों ने किसी भी प्रकार की हिंसा होने पर थानेदारों को भी जिम्मेदार मानते हुए उन पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।

बताते चलें की रामनवमी के पर्व पर झारखंड के अलग-अलग जिलों में शोभायात्राओं पर हमले की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। अप्रैल 2022 में झारखंड के लोहरदगा और बोकारो में शोभायात्राओं पर हिंसक भीड़ ने हमला बोल दिया था। इस दौरान कई श्रद्धालु घायल हो गए थे। तब पत्थरबाजों ने एक मेले के अलावा राजधानी एक्सप्रेस पर भी हमला किया था।

‘आपके ₹15 लाख कहाँ गए? जुमलेबाजों से सावधान रहें’: वीडियो में आमिर खान को कॉन्ग्रेस का प्रचार करते दिखाया, अभिनेता ने दर्ज कराई FIR, कहा – कभी नहीं किया किसी पार्टी का समर्थन

एक वायरल बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने उनके नाम पर चल रहे भ्रामक विज्ञापन के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। एक वीडियो के आधार पर दावा किया जा रहा था कि ‘3 इडियट्स’ (2009) और ‘दंगल’ (2016) अभिनेता ने कॉन्ग्रेस को अपना समर्थन दिया है। अब उन्होंने स्पष्टीकरण जारी किया है। आमिर खान ने वायरल वीडियो के खिलाफ एक्शन लेने की बात करते हुए कहा कि उन्होंने आजीवन किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं किया है।

आमिर खान के आधिकारिक प्रवक्ता ने मंगलवार (16 अप्रैल, 2024) को बयान जारी कर कहा, “हम एक ताज़ा वीडियो को लेकर सचेत हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि आमिर खान एक खास राजनीतिक दल का समर्थन कर रहे हैं। हम स्पष्ट करना चाहेंगे कि ये एक फर्जी वीडियो है, ये पूरी तरह असत्य है। उन्होंने कई प्रशासनिक स्तरों पर इसकी शिकायत की है। मुंबई पुलिस के साइबर क्राइम सेल में FIR भी दर्ज कराई गई है। आमिर खान ने अपने 35 वर्षों के फ़िल्मी करियर में किसी भी पार्टी का समर्थन नहीं किया है।”

हालाँकि, 1988 में ‘क़यामत से क़यामत तक’ फिल्म से बॉलीवुड में लीड रोल में डेब्यू करने वाले आमिर खान ने इस बयान के माध्यम से देशवासियों से ये अपील ज़रूर की है कि वो अधिक से अधिक संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करें। उन्होंने बताया है कि मतदान को लेकर जागरूकता फैलाने के चुनाव आयोग के पिछले कई अभियानों का वो हिस्सा रहे हैं। वो अपने टीवी शो ‘सत्यमेव जयते’ के माध्यम से भी वोटिंग को लेकर जागरूकता फैला चुके हैं।

आमिर खान की तस्वीर लगा कर सोशल मीडिया में कॉन्ग्रेस से जुड़े हैंडलों ने लिखा था, “आपने अकाउंट में 15 लाख रुपए नहीं हैं? ये गए कहाँ? ऐसे जुमलेबाजों से सावधान रहें। नहीं तो आपका नुकसान हो जाएगा।” वीडियो बना कर आमिर खान से भी यही कहलवाया गया है। ये वीडियो डीपफेक है। ‘सितारे जमीं पर’ फिल्म को लेकर इन दिनों व्यस्त आमिर खान की पिछली फ़िल्में फ्लॉप रही हैं। ऐसे में उन पर खासा दबाव है। वो ‘लाहौर 1947’ फिल्म का भी निर्माण कर रहे हैं, जिसमें ‘ग़दर 2’ के जरिए बॉलीवुड में धमाकेदार कमबैक करने वाले सनी देओल मुख्य अभिनेता हैं।

कोई आतंकी साजिश में शामिल, कोई चाइल्ड पोर्नोग्राफी में… भारत के 2.13 लाख अकाउंट X ने हटाए: एलन मस्क अब नए यूजर्स से लाइक-ट्वीट का भी लेंगे पैसा

दुनिया भर में पॉपुलर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर अगर आपका अकाउंट है, तो कोई समस्या नहीं है, लेकिन अगर आप नया अकाउंट बनाना चाहते हैं, तो फिर आपको पैसे देने पड़ सकते हैं। जी हाँ, अभी तक फ्री में एक्सेस हो रहे एक्स पर नया अकाउंट बनाने वाले लोगों को लाइक, ट्वीट, रीट्वीट करने के लिए भी पैसे देने की जरूरत पड़ेगी, इसके साथ ही उस यूजर को ये भी साबित करना होगा कि वो ‘इंसान’ ही है, कोई बोट नहीं।

इस बदलाव के बारे में X डेली न्यूज नाम के यूजर ने जानकारी दी है। एक्स डेली न्यूज नाम के इस अकाउंड पर एक्स से जुड़े तमाम अपडेट्स मिलते हैं। इस अकाउंट ने बताया कि पॉपुलर सोशल मीडिया साइट को स्पैम और फेक अकाउंट्स से बचाने के लिए ये योजना लाई गई है। एलन मस्क की कोशिश है कि एक्स पर सिर्फ असली अकाउंट ही रहें। इसके लिए नए यूजर्स से पैसे लिए जा रहे हैं। यही नहीं, फिलीपींस और न्यूजीलैंड जैसे दो देशों में इस काम को शुरू भी कर दिया गया है।

X डेली न्यूज नाम के अकाउंट के मुताबिक, ये पेमेंट वाला नियम पहले न्यूजीलैंड और फिलीपींस में चल चुका है। पेमेंट वाला नियम शुरू में ट्राई किया गया था ताकि स्पैम कम हो और कुल मिलाकर यूजर्स का अनुभव बेहतर हो। इस ट्वीट के जवाब में एलन मस्क ने कहा कि ‘नए यूजर्स को कुछ पैसे देने का नियम ही बॉट्स (नकली अकाउंट) को रोकने का एकमात्र तरीका है। आजकल की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (और फेक अकाउंट बनाने वाले ग्रुप) आसानी से ये बता सकते हैं कि वो बॉट नहीं हैं।’

एलन मस्क का कहना है कि फेक अकाउंट्स की वजह से अच्छे यूजरनेम भी भर चुके हैं। इसलिए वो एक्स को पेमेंट वाला बनाकर स्पैम बॉट्स को रोकना चाहते हैं। अभी न्यूज़ीलैंड और फिलीपींस में ये व्यवस्था की गई है, जहाँ 1 डॉलर (अमेरिकी डॉलर) का चार्ज लिया जा रहा है। न्यूज़ीलैंड के हिसाब से ये करीब 1.75 न्यूज़ीलैंड डॉलर के बराबर होता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये व्यवस्था शुरुआती तीन महीनों के लिए है।

बता दें कि एलन मस्क ने पिछले साल एक्स को लेकर बड़ी घोषणा की थी, जिसमें एक्स की प्रीमियम सर्विस शुरू की गई थी और पैसे देकर कोई भी ब्लू टिक खरीद सकता था। इसके लिए मासिक और सालाना तौर पर पैसे लगते हैं। हालाँकि बाद में एक्स ने कहा कि जिन लोगों के 1 मिलियन फॉलोवर हैं, उन्हें प्रीमियम सर्विस मुफ्त मिलेगी। हाल ही में एक्स ने 500 वेरिफाइड सब्सक्राइबर वाले अकाउंट्स को भी प्रीमियम सर्विस का मुफ्त एक्सेस देने की घोषणा की थी।

भारत में 2 लाख से ज्यादा अकाउंट सस्पेंड

इस बीच, भारत में एक महीने के अंदर 2.12 लाख से अधिक एक्स हैंडल सस्पेंड कर दिए गए हैं। एक्स ने अपने मासिक रिपोर्ट में ये बात कही है। एक्स ने बताया है कि इस साल 26 फरवरी से 25 मार्च के बीच चाइल्ड पोर्नोग्राफी, चाइल्ड सेक्सुअल अव्यूज और न्यूडिटी के साथ आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले 2,12,627 एक्स अकाउंट्स को बंद कर दिया गया है। इसमें से 1235 अकाउंट्स पर आतंकवाद का समर्थन करने के आरोप हैं।

पिता ने कबूला इस्लाम, पढ़ने लगा नमाज… परेशान होकर जवान बेटे ने जहर खाकर दे दी जान : परिजन बोले- मौलाना का था घर पर आना-जाना

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना चर्चा में है। बताया जा रहा है कि युवक अपने पिता द्वारा इस्लाम कबूल किए जाने से काफी परेशान था। 25 वर्षीय मृतक का नाम श्री कृष्णा है। मृतक के पिता के धर्म परिवर्तन के पीछे उनके घर में अक्सर आने वाले एक मौलाना को जिम्मेदार बताया जा रहा है। पुलिस मामले की जाँच में जुटी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना शनिवार (13 अप्रैल 2024) को बरेली जिले के थानाक्षेत्र बारादरी की है। यहाँ बैंक में काम करने वाले हरिशंकर अपने परिवार के साथ रहते थे। हरिशंकर के परिजनों ने बताया कि उनके घर अक्सर एक मौलाना आया करता था। मौलाना बरेली के ही एजाज नगर गौटिया का निवासी बताया जा रहा है। वह हरिशंकर से काफी घुल-मिल गया था। आरोप है कि कुछ दिनों बाद मौलाना ने हरिशंकर का धर्मान्तरण करवा दिया। इस्लाम कबूलने के बाद हरिशंकर के हाव-भाव में काफी बदलाव आ गया।

पीड़ित परिजनों ने आरोप लगाया है कि हरिशंकर ने चोरी -छिपे नमाज पढ़नी भी शुरू कर दी थी। जब उनके घर वालों के आगे धर्म परिवर्तन का भेद खुला तो सबने उनका विरोध किया। बताया जा रहा है कि धर्मान्तरण के मुद्दे पर हरिशंकर का अक्सर उनके परिजनों से झगड़ा हो रहा था। 13 अप्रैल (शनिवार) को हरिशंकर और उनके बेटे श्री कृष्णा के बीच इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इसी गुस्से में श्री कृष्णा ने जहर खा लिया। तबियत बिगड़ने पर श्री कृष्णा को उसके परिजन अस्पताल ले गए।

डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद श्री कृष्णा को बचाया नहीं जा सका। शनिवार को ही उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक युवक एक प्राइवेट कम्पनी में काम करता था। बारादरी थाना प्रभारी अमित पांडेय से मीडिया से बात करते हुए बताया है कि मामले की जाँच और अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उनका यह भी कहना है कि पीड़ित के परिजनों द्वारा लिखित शिकायत अभी तक नहीं मिली है।

सोशल मीडिया में यह घटना तूल पकड़ रही है। बरेली के एक स्थानीय हिंदूवादी कार्यकर्ता ने पुलिस से जाँच के साथ आरोपितों पर NSA के तहत कार्रवाई की माँग की है। ऑपइंडिया से बात करते हुए एक स्थानीय हिंदूवादी नेता हिमांशु पटेल ने कहा कि वो मामले का जमीनी स्तर पर पता कर रहे हैं। हिमांशु ने बताया कि वो इस मामले में बरेली पुलिस से जाँच और कड़ी कार्रवाई की माँग करेंगे।

‘आतंकी हमले’ से ऑस्ट्रेलिया में भड़का दंगा, जख्मी बिशप बोले – हमलावर के लिए प्रार्थना करो: अरबी बोलने वाले ने चर्च में घुसकर घोंप दिया था चाकू

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में सोमवार (15 अप्रैल, 2024) को चर्च में हमले में 4 लोग घायल हो गए, जिसमें एक पादरी भी शामिल है। उक्त पादरी लोकप्रिय है और दुनिया भर में उसके अनुयायी हैं। चाकूबाजी की इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस में बहस भी हुई। सिडनी के डाउनडाउन से 30 किलोमीटर पश्चिम में स्थित सबअर्ब वेकले में हुए इस हमले के मामले में एक 15 वर्षीय किशोर को गिरफ्तार किया गया है। उसे एक चर्च में छिपाया गया, क्योंकि भीड़ उसे बाहर निकालने की माँग कर रही थी।

बोंडी क्षेत्र में बीचसाइड मॉल में हुए हमले की वारदात के बाद ये 3 दिनों में ऑस्ट्रेलिया में चाकूबाजी की दूसरी बड़ी वारदात थी। चर्च के सोशल मीडिया पेज पर लाइवस्ट्रीम से कैप्चर किए गए घटना के वीडियो में देखा जा सकता है कि ‘असीरियन क्राइस्ट द गुड शेफर्ड चर्च’ के बिशप मार मारी इमैनुएल सोमवार को एक शाम के परयर के दौरान बोल रहे थे, तभी एक व्यक्ति उनकी ओर आया और चाकू से हमला कर दिया। उसने पादरी के सिर और छाती में कई बार वार किया।

इस घटना से वहाँ मौजूद लोग चिल्लाने लगे। एक वीडियो में हमलावर को अरबी में चिल्लाते हुए सुना जा सकता है, जिसमें वो कह रहा है – “अगर वो हमारे पैगंबर का अपमान नहीं करते, तो मैं यहाँ नहीं आता। अगर वो हमारे मजहब में दखल नहीं देते, मैं यहाँ नहीं आता।” अब तक इस आतंकी वारदात के पीछे की मंशा का पता नहीं लगाया जा सका है। नाराज़ लोगों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की। 100 से अधिक पुलिस अधिकारियों को मामले को सँभालने के लिए बुलाया गया, जिनमें 2 घायल हुए। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।”

2 लोगों ने तो मिर्च पाउडर भी स्प्रे किया। चूँकि घायल बिशप के अनुयायियों की संख्या काफी है, इसीलिए लोग गुस्से में थे। कैनी नाम के एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि वो उक्त बिशप से प्यार करता है, क्योंकि वो लॉर्ड के बारे में बताते हैं। हमलावर को एक गुप्त स्थान पर ले जाया गया है। घायलों में फादर आइजैक रॉयल भी शामिल हैं। चर्च ने अपने एक पोस्ट में कहा है कि ये प्रार्थनाओं का समय है, बिशप और फादर की इच्छा है कि आप सब हमलावर के लिए भी प्रार्थना करें।

इमैनुएल को 2009 में प्रीस्ट और 2011 में बिशप की पदवी मिली थी। YouTube और TikTok पर उनके वीडियो क्लिप्स को लाखों व्यूज मिलते हैं। कोरोना के दौरान लॉकडाउन को उन्होंने ‘सामूहिक दासता’ करार दिया था। वो कह चुके हैं कि UN (संयुक्त राष्ट्र) की स्थापना शैतान ने की थी। न्यू साउथ वेल्स में इन हमलों को लेकर बैठक भी हुई है, जिसमें कई मजहबी नेता शामिल रहे। ऑस्ट्रेलिया के यहूदी संगठनों ने भी सिडनी पर चर्च के हमले की निंदा की है।

वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि हमलावर ने ‘अल्लाह-हू-अकबर’ भी बोला और पुलिस ने इसे आतंकी हमला घोषित किया है। NSW के पुलिस कमिश्नर करेन वेब्ब ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है। उन्होंने कहा कि इस हमले के बाद अगर बदले में हमले होते हैं तो कानून इससे निपटेगा। घटना के बाद हुई हिंसा में पुलिस की 20 कार क्षतिग्रस्त हुई है। भीड़ रोकने के लिए पुलिस को हेलीकॉप्टर तक लगाने पड़े।