Home Blog Page 1039

कश्मीर कमाने गया हरियाणा का संदीप, मालिक अनायत ने जबरन बना दिया मुस्लिम: हजरतबल दरगाह में धर्मांतरण, कलमा पढ़ने को किया मजबूर

जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में एक हिन्दू युवक को इस्लाम मजहब अपनाने के लिए मजबूर किया गया और साथ ही उससे कलमा भी पढ़वाया गया। घटना शुक्रवार (5 अप्रैल, 2024) की है। हरियाणा का रहने वाला संदीप नामक पीड़ित कश्मीरी परिवार के यहाँ काम करता है। उसने आरोप लगाया है कि दरगाह हज़रतबल पर जुमत-उल-विदा नामक की दुआ के दौरान शहादा देने (ये दोहराना कि अल्लाह के अलावा कोई और ईश्वर नहीं है) और कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया गया।

इस्लामी धर्मांतरण का वीडियो भी सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि हज़रतबल दरगाह का इमाम और खतीब कमाल फारूकी संदीप से पूछते दिख रहे हैं कि क्या वो स्वेच्छा से इस्लाम कबूल कर रहा है या फिर उसे मजबूर किया जा रहा है? इस पर हिन्दू युवक कहता है कि वो अपनी इच्छा से इस्लाम अपना रहा है। इसके बाद कमाल फारूकी कलमा पढ़ता है और संदीप इसे दोहराता है। दरगाह पर इस घटना के दौरान हजारों मुस्लिमों की भीड़ जुटी थी।

इसके बाद इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अगले ही दिन पुलिस ने इस घटना की जाँच शुरू की और पाया कि संदीप कुमार को नौहट्टा के रहने वाले अनायत मुन्तज़िर द्वारा मानसिक रूप से भ्रमित किया गया था। नौहट्टा मुन्तजिर वही व्यक्ति है, जिसके घर में संदीप काम कर रहा था। वही संदीप को लेकर दरगाह पर गया था। नागिन पुलिस थाने में इस संबंध में FIR दर्ज की गई है। इसमें IPC की धारा-188 (सरकारी निर्देशों का उल्लंघन), 298 (धार्मिक उन्माद भड़काने के लिए कुछ कहना), 153 (दंगे भड़काने की साजिश) और 153A (धर्म-नस्ल के आधार पर घृणा फलाना) लगाई गई है।

पुलिस ने FIR में लिखा है कि इस घटना को लेकर जम्मू कश्मीर के बाहर से भी प्रतिक्रियाएँ आई हैं। एक सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को इस मामले की जाँच की जिम्मेदारी दी गई है। उससे कहा गया है कि जाँच पूरी होने के बाद वो पुलिस अधीक्षक (SP) को रिपोर्ट भेजे। अनायत मुन्तज़िर को भी इसमें आरोपित बनाया गया है। पुलिस ने कहा है कि ये घटना सांप्रदायिक शांति और सहिष्णुता को लेकर सवाल उठाती है। लोगों के बीच इस वीडियो को लेकर तनाव फैला है।

YouTube पर आरोप लगाने वाले हर व्यक्ति की होगी गिरफ्तारी तो चुनाव से पहले कितने जेल में होंगे: तमिलनाडु सरकार से सुप्रीम कोर्ट का सवाल, CM स्टालिन पर कमेंट करने वाले को बेल

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर हर आरोप लगाने वाले यूट्यूबर को जेल में डालने लगे तो चुनाव से पहले कितने लोग जेल में होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से यह प्रश्न एक यूट्यूबर को जमानत देते हुए पूछा। कोर्ट ने एक ऐसे यूट्यूबर को जमानत दी जिस पर तमिलनाडु CM स्टालिन के खिलाफ अभद्र भाषा के उपयोग का आरोप है।

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां वाली बेंच ने इस मामले में कहा, “अगर चुनाव से पहले हम यूट्यूब पर आरोप लगाने वाले हर आदमी को जेल में डालना शुरू कर दें, तो जरा सोचिए कि कितने लोग जेल जाएँगे? और कौन इस बात का निर्णय करता है कि क्या गड़बड़ है? बड़ी तस्वीर देखिए।”

कोर्ट ने इसी के साथ दुरई मुरुगन ‘सत्तई’ नाम के एक यूट्यूबर को जमानत दे दी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मद्रास हाई कोर्ट का निर्णय पलट दिया। मद्रास हाई कोर्ट ने पहले सत्तई को जमानत दी थी लेकिन जून 2022 में जमानत खत्म कर दी थी। जमानत खत्म करने को लेकर मद्रास हाई कोर्ट कोर्ट में तमिलनाडु की स्टालिन सरकार ने याचिका दी थी।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार ने यह भी कहा कि मुरुगन को जमानत मिल गई है लेकिन उन्हें कुछ विषयों में आरोप लगाने से रोका जाना चाहिए। हालाँकि, कोर्ट ने इसकी इजाजत नहीं दी और उनकी जमानत बरकरार रखी।

मुरुगन पर तमिलनाडु सरकार ने आरोप लगाया था कि उन्होंने कोविड के दौरान एक वीडियो में CM स्टालिन के लिए अभद्र भाषा इस्तेमाल किया। तमिलनाडु सरकार ने आरोप लगाया था कि मुरुगन ने CM स्टालिन के लिए इस भाषा का इस्तेमाल तब किया जब उन्हें प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं दी गई। मुरुगन तमिलनाडु की पार्टी NTK के भी सदस्य हैं।

इसके बाद 2021 में मुरुगन को गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्होंने मद्रास हाई कोर्ट का रास्ता अपनाया था जिसने उन्हें जमानत दे दी थी। राज्य सरकार के विरोध के बाद जब उनकी जमानत खत्म हुई तो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई। इसके बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी है।

‘भ्रष्टाचार की छूट नहीं मिल रही, तो कॉन्ग्रेसी मेरा सर फोड़ने की दे रहे धमकी’: बस्तर की जमीन से PM मोदी ने ‘गुरु’ बलिराम कश्यप को किया याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने बस्तर की जमीन से कॉन्ग्रेस को निशाने पर लिया। बस्तर में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कॉन्ग्रेस नेता चरणदास महंत के लाठी से सर फोड़ने वाले बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ मोदी सरकार की मुहिम से कॉन्ग्रेस के नेता तिलमिला गये हैं, इसलिए अब उनके सर फोड़ने की धमकी दी जा रही है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि मोदी के कार्यकाल में भ्रष्टाचार की इन्हें छूट नहीं मिल रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस के ही प्रधानमंत्री ने कहा था कि वो 1 रुपये दिल्ली से भेजते हैं, लेकिन लोगों तक पहुँचते-पहुँचते ये 15 पैसा हो जाता है। लेकिन अब तक लोगों के खाते में अब पैसा सीधे पहुँच रहा है। बिचौलियों को पैसे खाने की इजाजत नहीं मिल रही है। भ्रष्टाचार नहीं करने की छूट की वजह से ही कॉन्ग्रेस के लोग नाराज हैं। अब तो कॉन्ग्रेस के नेता उन्हें धमकी देने लगे हैं और सर फोड़ने की बात कह रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा, “मोदी मेहनत करने के लिए ही बना है। मोदी आराम करने के लिए नहीं काम करने के लिए पैदा हुआ है। मेरा लक्ष्य देश को विकसित बनाना है मेरा लक्ष्य हर परिवार को समृद्ध बनाना है और इसलिए छत्तीसगढ़ के मेरे प्यारे भाइयों बहनों बस्तर और काँकेर में कमल छाप पर पढ़ने वाला आपका हर वोट मोदी की ताकत बढ़ाएगी।”

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत में बलिराम कश्यप को याद किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी कल्याण के लिए बलिराम जी हर पल जागरूक रहते थे। जितना हो सके उसे पूरा करने का प्रयास करते थे। बस्तर में हर साथी को अपना आशीर्वाद देने में कोई कमी नहीं रखते थे। पीएम मोदी ने कहा, “यहाँ का कोई क्षेत्र ऐसा नहीं है, जहाँ मैं और बलिराम जी ने दौरा नहीं किया है। ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जहाँ हम न गए हो। जो पुरुषार्थ हमने किया, उसका ही आज परिणाम है। आदिवासी कल्याण के लिए बलिराम जी के साथ हमेशा बहुत कुछ करने के लिए प्रयास करते रहते थे, कोई कमी नहीं रहने देते थे।”

उन्होंने आगे कहा कि आज भी दूर दूर से लोग यहाँ आशीर्वाद देने आए है। पिछले 10 साल में देश कहाँ से कहाँ पहुँचा है, देश ने कितने प्रगति की है। छत्तीसगढ़ वासियों ने मोदी की गारंटी पर मुहर लगाई है। आज उसी विश्वास से पूरा देश कह रहा है फिर एक बार मोदी सरकार।

पीएम मोदी ने कहा कि अनेक दशकों बाद देश ने बीजेपी की मजबूत सरकार देखी है। हमारी सरकार की प्राथमिकता गरीब कल्याण रही है। आजादी के बाद गरीबों को कॉन्ग्रेस सरकार ने नजरअंदाज किया। कॉन्ग्रेस ने गरीबो की परेशानी को कभी समझा नहीं, 2014 में गरीब में बेटे को देश की सेवा का अवसर दिया। कच्ची छत के पीछे रहने की तकलीफ क्या होती है मुझे पता है। खाने के लिए घर मे राशन नहीं होता तो माँ पर क्या बीतती है यह जानता हूं। जब तक गरीबों की चिंता दूर नहीं करूँगा तब तक चैन से नहीं बैठूँगा। देश में 25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर निकले है। गरीबों के लिए बीजेपी ने कैसे काम किया उसका बड़ा गवाह बस्तर है।

शराब घोटाले में CM केजरीवाल के PA से पूछताछ, AAP विधायक दुर्गेश पाठक ने भी ED के सामने लगाई हाजिरी: संजय सिंह को डिग्री मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं

प्रर्वतन निदेशालय (ED) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के निजी सचिव बिभव कुमार से पूछताछ की है। यह पूछताछ दिल्ली शराब घोटाला मामले में की जा रही है। इसी मामले में एजेंसी ने AAP विधायक दुर्गेश पाठक को भी समन भेजा है। AAP के राज्यसभा सांसद को सुप्रीम कोर्ट ने PM मोदी की डिग्री मामले में राहत देने से इनकार कर दिया है।

जाँच एजेंसी ED ने दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के निजी सचिव से दिल्ली स्थित दफ्तर में पूछताछ की है। एजेंसी का कहना है कि वह दिल्ली शराब घोटाला मामले में और भी जानकारियाँ जुटाना चाह रही है और साथ ही कुछ मामलों पर स्पष्टीकरण भी चाहती है। एजेंसी इससे पहले भी बिभव कुमार से पूछताछ कर चुकी है।

दिल्ली शराब घोटाला मामले में ही AAP के राजेन्द्र नगर से विधायक दुर्गेश पाठक को भी समन भेजा गया है। पाठक को सोमवार (8 अप्रैल, 2024) को ही पेश होने को कहा गया है। पाठक पूछताछ के लिए ED दफ्तर पहुँच चुके हैं। पाठक AAP की राजनीतिक मामलों पर निर्णय लेने वाली कमिटी के वरिष्ठ सदस्य हैं। दिल्ली शराब घोटाला मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल वर्तमान में तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत के अंतर्गत बंद हैं।

माना जा रहा है कि दुर्गेश पाठक से उनके पार्टी में महत्वपूर्ण कद के चलते पूछताछ की जा रही है। वह पार्टी संगठन में लम्बे समय से काम करते आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनके गोवा कनेक्शन की ED जाँच करेगी, वह गोवा चुनाव के दौरान पार्टी के इंचार्ज थे। एजेंसी का आरोप है कि दिल्ली शराब घोटाला का पैसा गोवा विधानसभा चुनावों में ही खपाया गया।

संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं

AAP के राज्यसभा संसद संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने गुजरात में अपने खिलाफ दायर मानहानि के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत माँगी थी। यह मामला PM नरेन्द्र मोदी के डिग्री पर प्रश्न उठाने से जुड़ा है।

संजय सिंह ने गुजरात में दायर मानहानि मामले में उन्हें जारी किए गए समन पर रोक लगाने की माँग की थी। यह समन गुजरात के एक न्यायालय ने जारी किए थे। इन पर रोक लगाने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (8 अप्रैल, 2024) को खारिज कर दिया।

इससे पहले यह याचिका गुजरात हाई कोर्ट और जिला न्यायालय से भी खारिज हो चुकी है। गौरतलब है कि AAP नेताओं ने गुजरात यूनिवर्सिटी ने पीएम मोदी की डिग्री के विषय में जानकारी माँगी थी। इसको लेकर केन्द्रीय सूचना आयोग ने भी एक आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ गुजरात यूनिवर्सिटी ने गुजरात हाई कोर्ट का रुख किया था।

हाई कोर्ट ने आयोग का आदेश निरस्त किया था और अरविन्द केजरीवाल पर ₹25000 का जुर्माना भी लगाया था। कोर्ट ने उन्हें फटकार भी लगाई थी। इसके बाद संजय सिंह और अरविन्द केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यूनिवर्सिटी पर सवाल उठाए थे। इसी को लेकर गुजरात यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने अहमदाबाद में उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज करवा दिया था। इसी मामले में उन्हें यह समन जारी हुए थे।

हाथ में त्रिशूल-शंख, पैरों में घुँघरू, बैकग्राउंड में महिषासुरमर्दिनी… ‘पुष्पा 2’ में भी एकदम फायर हैं अल्लू अर्जुन, रोंगटे खड़े करने वाला टीजर रिलीज

साल 2021 में रिलीज हुई पुष्पा का खुमार अब तक दर्शकों के जहन से नहीं उतरा कि अब ‘पुष्पा 2’ सिनेमा हॉल में धमाल मचाने को तैयार है। 8 अप्रैल 2024 को फिल्म मेकर्स ने इसका टीजर रिलीज कर दिया है।

मात्र 1 मिनट 8 सेकेंड के टीजर को देखने के बाद दर्शकों से अब इस फिल्म का इंतजार नहीं हो रहा। टीजर में ‘पुष्पा’ को पार्ट-1 से एकदम अलग अंदाज में दिखाया गया हैं। वीडियो में उन्होंने तन पर साड़ी पहनी हुई है। वहीं बैकग्राउंड में महिषासुरमर्दिनी का गीत चल रहा है। इसके अलावा पुष्पा के पाँव में घुँघरू और हाथ में त्रिशूल, शंख भी देखे जा सकते हैं।

टीजर देखने के बाद लोग कह रहे हैं कि इसे देख उनके रोंगटे खड़े हो गए। कुछ लोग इसके बैकग्राउंड म्यूजिक की तारीफ कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग इस फिल्म को साल 2024 की ब्लॉक बस्टर फिल्म बता रहे हैं।

इस टीजर को अल्लू अर्जुन के जन्मदिन के मौके पर रिलीज किया गया है जिसके कारण ज्यादा से ज्यादा लोग इसे शेयर करके अल्लू अर्जुन को हैप्पी बर्थडे कह रहे हैं।

अल्लू अर्जुन ने अपने जन्मदिन पर मिल रहे लोगों की बधाइयों के लिए उन्हें आभार व्यक्त किया है। साथ ही ये टीजर शेयर करते हुए लिखा- “जन्मदिन की शुभकामनाओं के लिए मैं आप सभी को धन्यवाद देता हूँ! मेरा हृदय कृतज्ञता से भरा है। कृपया इस टीज़र को धन्यवाद कहने के मेरे तरीके के रूप में लें!”

खबर लिखने तक यूट्यूब पर इस टीजर को मात्र 3 घंटे में 62 लाख से ज्यादा व्यूज मिल गए हैं और लगातार ये व्यूज बढ़ ही रहे हैं। दर्शक अल्लू अर्जुन की तारीफ करते हुए नहीं थक रहे हैं। कहा जा रहा है कि जैसा किरदार पुष्पा ने अल्लू अर्जुन का निभाया है, वैसा कोई नहीं निभा सकता।

बता दें कि ये फिल्म इस वर्ष 15 अगस्त को रिलीज होगी। अभी से इसे साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर बताया जा रहा है।

राम मंदिर से सुलग रहे मुस्लिम बाबा बागेश्वर के दरबार से पहले हिंसा पर उतरे, ‘अल्लाहु अकबर’ का नारा लगाते हुए किया हमला: नेपाल में कर्फ्यू, भारत में अलर्ट

नेपाल के सुनसरी जिले में सांप्रदायिक हिंसा के बाद सीमा से सटे भारतीय इलाकों में अलर्ट है। सुनसरी के रामनगर भुटाहा में कर्फ्यू लगाया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री के कार्यक्रम का प्रचार कर रहे हिंदू संगठन के सदस्यों पर हमले के बाद माहौल बिगड़ा है। इसके बाद जीवन मेहता नाम के एक हिंदू युवक की बुरी तरह पिटाई की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अयोध्या में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से ही कट्टरपंथी भड़के हुए थे। अभी तक इस मामले में मुस्लिम समुदाय के दो लोगों को गिरफ्तार किए जाने की सूचना है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बागेश्वर सरकार का कार्यक्रम 17 अप्रैल को सुनसरी के चतरा में होना है। इस कार्य्रकम का प्रचार कर रहे विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया, जिसके बाद हालत तनावपूर्ण हो गए। नेपाली प्रशासन ने पीस कमेटी की मीटिंग बुलाई थी, लेकिन उसमें मुस्लिम समुदाय के जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा नहीं लिया। नेपाल में तनाव को देखते भारत की सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है।

इस विवाद की शुरुआत 4 अप्रैल 2024 (गुरुवार) को हुई। जीवन मेहता नाम का युवक हरिनगर इलाके के रामनगर के एक स्कूल से अपनी बहन को घर ले जाने के लिए बाइक से गया था। यहाँ पर लगभग 150-200 की तादाद में मुस्लिमों की भीड़ जमा हो गई। इन सभी ने जीवन मेहता को बेरहमी से मारा। जान बचाने के लिए जीवन मेहता स्कूल में घुस गया, लेकिन भीड़ ने वहाँ भी उसे नहीं छोड़ा। हमलावरों में बच्चे, बूढ़े और जवान सभी उम्र के लोग शामिल थे।

घटना के एक चश्मदीद ने ऑपइंडिया को बताया कि भीड़ ने जीवन मेहता को स्कूल से निकाल कर रामनगर भुटहा बाजार में दौड़ा-दौड़ा कर मारा। आरोप है कि इस दौरान पुलिस-प्रशासन सब कुछ देखते हुए भी मूकदर्शक बना रहा। बताया जा रहा है कि भीड़ ने जीवन मेहता को पुलिस से छीनने का भी प्रयास किया। उसे अस्पताल ले जाने के दौरान भी रास्ते में रुकावट डाली गई। जीवन मेहता को सुनसरी जिले के सरकारी अस्पताल के ICU वार्ड में भर्ती करवाया गया। मारने वाली भीड़ का नेतृत्व फय्याज अंसारी कर रहा था।

फय्याज अंसारी के अब्बा गफ्फार हरिनगर गाँवपालिका का अध्यक्ष है। हरिनगर गाँवपालिका भारत से सटा हुआ मुस्लिम बाहुल्य इलाका है। इस घटना के विरोध में अगले दिन शुक्रवार (5 अप्रैल 2024) को हिंदुओं ने प्रदर्शन किया। सड़क जाम कर के हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पर भी मुस्लिम भीड़ ने हमला किया। हमलावरों की तादाद 500 के आसपास थी। हिंसक भीड़ ‘नारा ए तकबीर’ और ‘अल्लाहु अकबर’ के नारे लगा रही थी। दोनों पक्षों की भिड़ंत में दर्जनों लोग घायल हो गए।

हिन्दू सम्राट सेना के अध्यक्ष राजेश यादव ने ऑपइंडिया को बताया कि प्रशासन ने हवाई फायरिंग कर भीड़ को तितर-बितर किया। इस फायरिंग में 2 हिन्दू युवकों को गोली लग गई। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। फिलहाल दोनों की हालात खतरे से बाहर बताई जा रही है। हिंसक भीड़ ने ब्रह्मदेव मेहता नाम के एक नेपाली पत्रकार पर भी हमला किया। उन्हें पत्थरों और लाठियों से पीटा गया। ब्रह्मदेव का कैमरा छीन कर मोबाइल को तोड़ दिया गया। पत्रकार पर हमले का मास्टरमाइंड सज्जाद को बताया जा रहा है। सज्जाद अंसारी गाँवपालिका अध्यक्ष गफ्फार का दायाँ हाथ बताया जाता है।

इस हिंसा के बाद सुनसरी जिले के हिन्दू समुदाय एकजुट हो गए। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर हमलावरों को चिन्हित करने का काम कर रही है। हिंसा को काबू करते हुए 17 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। एक चश्मदीद ने ऑपइंडिया को बताया कि कुछ स्थानीय मुस्लिम पत्रकार अपने ही समुदाय को प्रताड़ित बताने का प्रोपेगेंडा चला रहे हैं।पीड़ित के तौर पर हिन्दुओं के बजाय मुस्लिमों को बता रहे हैं। इन पत्रकारों में ताबिल अंसारी, नसीम, अजमल नेपाली और मोहसीम अंसारी के नाम प्रमुख बताए गए। इन सभी पर हिन्दुओं के ही खिलाफ भ्रामक खबरें फैलाने का आरोप है।

घटना के एक चश्मदीद ने ऑपइंडिया को बताया कि मामले की शुरुआत अयोध्या में राममंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के समय से हुई थी। तब हरिनगर के ही गौतमपुर इलाके में वार्ड नंबर 3 में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने हिन्दू युवकों द्वारा लगाए गए भगवा ध्वज को नोंच कर फेंक दिया था। इस दौरान प्रशासन और ग्रामीणों ने दोनों पक्षों को समझा कर मामले को दबा दिया था। इस घटना के विरोध में जीवन मेहता ने एक वीडियो जारी किया था। वीडियो में जीवन मेहता ने भगवा झंडा के अपमान पर मुस्लिमों की आलोचना की थी। इसके बाद से ही वे मुस्लिमों के निशाने पर थे।

हिंदी पट्टी में बनी हुई है पकड़, दक्षिण में भी मिलेगी बढ़त, बंगाल-ओडिशा में सबसे बड़ी पार्टी होगी: प्रशांत किशोर ने बताया मोदी लहर कितनी प्रबल

राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने माना है कि बीजेपी लगातार तीसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आ रही है। प्रशांत किशोर का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी दक्षिण और पूर्वी भारत में जोरदार पकड़ बना चुकी है और दोनों ही क्षेत्रों से अपनी सीटों को काफी बढ़ाने में सक्षम होगी, यहाँ तक कि तमिलनाडु में बीजेपी का मत प्रतिशत दहाई अंक में पहुँच सकता है। प्रशांत किशोर ने कहा कि कॉन्ग्रेस और विपक्षी दलों को बीजेपी और नरेंद्र मोदी को रोकने के लिए कम से कम 3 बड़े मौके मिले थे, लेकिन विपक्षी दल इन मौकों को भुनाने में असफल रहे।

पीटीआई के संपादकों के साथ विशेष चर्चा में प्रशांत किशोर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी तेलंगाना में सबसे बड़ी या दूसरे नंबर की पार्टी हो सकती है, जबकि ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी। आप को भले ही ये बात अभी आश्चर्यजनक लग रही हो, लेकिन हकीकत में ऐसा होने जा रहा है। प्रशांत किशोर ने कहा कि दक्षिण के राज्यों में कर्नाटक में कॉन्ग्रेस मजबूत है, लेकिन बाकी राज्यों में बीजेपी अच्छा प्रदर्शन करने जा रही है।

प्रशांत किशोर ने एक आँकड़ा दिया। उन्होंने कहा कि तेलंगाना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, बिहार और केरल में कुल मिलाकर 543 लोकसभा सीटों में 204 सीटें हैं। इन राज्यों में बीजेपी न ही साल 2014 में और न ही 2029 में अच्छा प्रदर्शन कर पाई। बीजेपी 2024 सीटों में से 50 सीटें भी नहीं जीत पाई थी। साल 2014 में ये आँकड़ा 29 सीटों का था, तो 2019 में 47 सीटों का, लेकिन इस बार ये आँकड़ा बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना में बीजेपी बेहतरीन प्रदर्शन करने जा रही है।

इस दौरान उन्होंने कहा कि बीजेपी ने भले ही 370 से ज्यादा सीटों का लक्ष्य रखा है, लेकिन वो इसे पार नहीं कर पाएगी। हालाँकि इस बार भी वो 300 से अधिक सीटों पर जोरदार जीत दर्ज कर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने चल रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी को परेशानी तब होती, जब विपक्षी दल खासकर कॉन्ग्रेस उसे उत्तर और पश्चिम भारत में 100 से अधिक सीटों पर हराने की स्थिति में होती, लेकिन ऐसा नहीं होता दिख रहा है। बीजेपी की इन इलाकों पर मजबूत पकड़ है।

इस वजह से बीजेपी करेगी अच्छा प्रदर्शन

प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले कुछ सालों में दक्षिण और पूर्वी भारत में बीजेपी ने काफी मेहनत की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने इन राज्यों का लगातार दौरा किया है, जबकि विपक्ष के नेता अपने घरों में रहे। उन्होंने एक तुलनात्मक बात जोड़ते हुए राहुल गाँधी पर कटाक्ष भी किया। उन्होंने कहा, “पिछले 5 सालों में राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी कितनी बार तमिलनाडु गए? आपकी लड़ाई यूपी, बिहार और एमपी में है, लेकिन आप मणिपुर और मेघालय का दौरा कर रहे हैं, तो सफलता कैसे मिलेगी?”

साल 2019 में अमेठी से हार के बाद राहुल गाँधी ने वायनाड पर ध्यान केंद्रित किया। वो अकेले केरल में पार्टी को जिता भी लेंगे, तो भी पूरे देश में उनकी हालत खराब रहेगी। अमेठी से भागने का मतलब है पूरे देश में गलत संदेश जाना, जबकि अभी तक कॉन्ग्रेस रायबरेली और अमेठी से अपने उम्मीदवार तक तय नहीं कर सकी है और न ही राहुल गाँधी अमेठी को लेकर बहुत ज्यादा इच्छाशक्ति ही रखते हैं।

प्रशांत किशोर ने कहा कि दिल्ली का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है, लेकिन राहुल गाँधी वायनाड में जोर लगा रहे हैं। वहीं, नरेंद्र मोदी ने गुजरात छोड़कर उत्तर प्रदेश को चुना, क्योंकि अगर आप हिंदी पट्टी को नहीं जीतेंगे, तो फिर आप लड़ाई में ही नहीं होंगे। नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बीजेपी ने हिंदी पट्टी में अपनी पकड़ बनाकर रखी है।

इंडी गठबंधन प्रभावी नहीं

प्रशांत किशोर ने कहा कि बीजेपी से मुकाबले के लिए विपक्षी दलों का जो गठबंधन बना है, न तो उसकी जरूरत थी और न ही वो प्रभावी है। उन्होंने कहा कि देश की 350 लोकसभा सीटों पर तो बीजेपी और किसी अन्य दल की सीधी टक्कर है। ऐसे में गठबंधन का यहाँ कोई मतलब नहीं बनता। वैसे भी बीजेपी इसलिए जीत रही है, क्योंकि गठबंधन की पार्टियाँ कॉन्ग्रेस, सपा, आरजेडी, एनसीपी और टीएमसी अपने ही इलाकों में बीजेपी का मुकाबला करने में सक्षम नहीं हैं। इस पार्टियों के पास ही कोई नैरेटिव है, न ही कोई मजबूत चेहरा और न ही कोई ढंग का एजेंडा।

विपक्षी दलों खासकर कॉन्ग्रेस को मिले थे तीन बड़े मौके

प्रशांत किशोर ने कहा कि कॉन्ग्रेस और विपक्षी दलों को बीजेपी को रोकने के तीन बड़े मौके मिले थे, लेकिन हर बार वो चूक गए। उन्होंने कहा कि साल 2014 के बाद जब भी बीजेपी बैकफुट पर गई, विपक्षी दल उस मौके को भुनाने में असफल रहे। साल 2015 और 2016 में बीजेपी लगातार चुनाव हारी, असम को छोड़कर, लेकिन विपक्ष ने बीजेपी को वापसी करने का मौका दिया। इसी तरह से साल 2017 में नोटबंदी के बाद यूपी में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद बीजेपी एक बार फिर से हारने लगी थी। वो गुजरात में लगभग हार गई थी, एमपी-राजस्थान-छत्तीसगढ़ में बुरी पराजय हुआ, लेकिन बीजेपी ने 2019 में वापसी कर ली।

किशोर ने आगे कहा कि इसी तरह से कोरोना के समय बीजेपी की हालत खराब हुई। बीजेपी पश्चिम बंगाल में बुरी तरह से हारी, लेकिन विपक्ष के नेता नरेंद्र मोदी की चुनौती का सामना करने की जगह अपने घरों में बैठ गए और नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बीजेपी फिर से वापसी करने में सफल रही। उन्होंने कहा, “अगर आप किसी बल्लेबाज का कैच बार-बार छोड़ते रहेंगे, तो वो शतक बनाएगा, खासकर जब वो नरेंद्र मोदी जैसा अच्छा बल्लेबाज हो।”

मालदीव की मुस्लिम महिला मंत्री ने अपना ही थूका चाटा, तिरंगे के अपमान पर माँगी माफी: PM मोदी को गाली के बाद हुई थी निलंबित

सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल कर भारतीय ध्वज तिरंगा का अपमान करने वाली मालदीव की मंत्री मरियम शिउना ने माफी माँग ली है। शिउना ने कहा है कि उसने जानबूझ कर यह नहीं किया है। शिउना ने इससे पहले मालदीव के विपक्षी दल मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी को निशाना बनाने के साथ ही भारतीय झंडे का भी अपमान किया था।

मालदीव की मंत्री मरियम शिउना ने अपने एक्स (पहले ट्विट्टर) पर लिखा, “मैं अपनी एक हालिया सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में बात करना चाहती हूँ जिस पर काफी बवाल और आलोचना हुई है। मैंने अपनी इस पोस्ट द्वारा पैदा हुई भ्रम की स्थिति या आहत होने को लेकर माफी माँगती हूँ। यह मेरे ध्यान में लाया गया है कि MDP के जवाब में उपयोग की तस्वीर भारतीय झंडे तिरंगा से मिलती जुलती है। मैं यह साफ़ करना चाहती हूँ कि यह जानबूझकर नहीं किया गया था और मुझे इसका अफ़सोस है।

आगे शिउना ने लिखा, “मालदीव भारत के साथ अपने रिश्ते और आपसी सम्मान को काफी महत्व देता है। मैं आगे भविष्य में अपने द्वारा साझा किए जाने वाले कंटेंट को वेरीफाई करुँगी ताकि ऐसी गड़बड़ी ना हो।” शिउना ने भारत का का अपमान करने वाली पोस्ट पहले ही हटा दी थी।

शिउना ने क्या किया था?

शिउना ने शनिवार (6 अप्रैल, 2024) की रात्रि को अपनी पार्टी PPM के लिए समर्थन जुटाने वाला एक पोस्ट किया था। इसमें विपक्षी पार्टी PPM को निशाना बनाते हुए अशोक चक्र को शामिल करके पोस्टर बनाया गया था और इस पर लिखा था, “MDP उनके (भारत) जाल में फंस रही है, हमें (मालदीव) उनके जाल में दोबारा फँसने की जरूरत नहीं है।”

इस पोस्टर को विपक्ष की पार्टी मालदीव डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) के संसदीय चुनावी अभियान के लिए जारी किए गए पोस्टर को बिगाड़ करके बनाया गया था। जहाँ MDP के पोस्टर में एक कम्पास था, तो मंत्री शिउना के फर्जी पोस्टर में कम्पास की जगह पर भारत के तिरंगा में शामिल अशोक चक्र लगा दिया गया था। यह भारतीय ध्वज का अपमान करके के उद्देश्य से किया गया।

मालदीव मंत्री तिंरगा

इस फर्जी पोस्टर में मात्र अशोक चक्र ही नहीं बल्कि भाजपा का चुनाव चिन्ह कमल भी शामिल किया गया था। यह चुनाव चिन्ह MDP के चुनाव चिन्ह के साथ उपयोग किया गया था और दोनों पार्टियों के बीच किसी गठबंधन का इशारा किया गया था। गौरतलब है कि MDP मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की भारत विरोधी नीतियों का विरोध करती रही है।

मालदीव मंत्री तिंरगा

यह पोस्ट शिउना ने हटा दिया था। शिउना की करतूत का काफी विरोध हुआ है। सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा कि जहाँ एक तरफ मालदीव भारत से मदद माँगता है वहीं दूसरी तरफ उसके मंत्री भारत का अपमान करते हैं और भारत के खिलाफ विषवमन करते हैं। शिउना ने इससे पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। शिउना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘जोकर’ और ‘इजरायल की कठपुतली’ कहा था। यह पोस्ट बाद में हटा दिया गया था।

भारत सरकार ने मरियम शिउना की टिप्पणी को लेकर मालदीव से कड़ी आपत्ति जताई थी। शिउना को मालदीव की सत्तारूढ़ पार्टी के दो अन्य नेताओं के साथ बाद में निलंबित कर दिया गया था। इस पूरे विवाद के बाद बड़ी सँख्या में भारतीयों ने मालदीव की यात्रा ना करने को लेकर अभियान चलाया था। इन सभी विवादों के बाद भी मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारत को ‘निकटतम सहयोगी’ बताया था। उन्होंने इसके बाद भारत से कर्ज में राहत देने की माँग की थी। अब शिउना ने भारतीय ध्वज के अपमान के विवाद पर भी माफ़ी माँग ली है।

‘नहीं खाती गोमांस, मैं एक गौरवान्वित हिंदू हूँ’ : कंगना रनौत ने बीफ विवाद पर तोड़ी चुप्पी, कहा- दशकों से यौगिक जीवन जी रही हूँ

हिमाचल प्रदेश के मंडी में भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी कंगना रनौत को उनके विरोधी अब बीफ मुद्दे पर घेरकर बदनाम करना चाहते हैं। इस क्रम में उनके पुराने ट्वीट भी वायरल हो रहे हैं जहाँ दावा हो रहा है कि वो बीफ खाती हैं। इसी विवाद पर जवाब देते हुए कंगना रनौत ने भी अपना ट्वीट किया है। इसमें उन्होंने साफ कहा है कि उनके बारे में हो रही बातें सिर्फ अफवाह हैं।

कंगना रनौत ने एक्स पर लिखे अपने बयान में कहा, “मैं गोमांस या किसी अन्य प्रकार के लाल मांस का सेवन नहीं करती। यह शर्मनाक है कि मेरे बारे में पूरी तरह से आधारहीन अफवाहें फैलाई जा रही हैं। मैं दशकों से यौगिक और आयुर्वेदिक जीवन शैली की वकालत और प्रचार कर रही हूँ। इस तरह की अफवाहें मेरी छवि खराब नहीं कर सकती। मेरे लोग मुझे जानते हैं और वो जानते हैं कि मैं एक गौरवान्वित हिंदू हूँ और कोई भी चीज़ उन्हें कभी गुमराह नहीं कर सकती। जय श्री राम!”

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर साल 2019 में एक यूजर ने कंगना पर पुराने इंटरव्यू को आधार बनाकर आरोप लगाया था कि वह गोमांस खाती हैं। हालाँकि उस समय भी उनकी पीआर टीम ने साफ किया था कि कंगना रनौत 8 साल से शाकाहारी हैं और योगी की तरह जीवन जी रही हैं, लेकिन अब 5 साल बाद ये मुद्दा फिर उठा है क्योंकि वो चुनावी मैदान में हैं।

कुछ दिन पहले हिमाचल के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने अपने पोस्ट में कंगना का नाम लिए बिना कहा था, “हिमाचल प्रदेश देवी-देवताओं का पवित्र स्थल है। यह देवभूमि है, जहाँ गोमांस का सेवन करने वाले चुनाव लड़ें, यह हमारी संस्कृति के लिए चिंता का विषय है, जिसका राजनीति से कोई सरोकार नहीं है।”

इसके अलावा कुछ दिन पहले महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस के नेता विजय वडेट्टीवार ने भी कंगना रनौत पर आरोप लगाया था है कि हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से BJP की लोकसभा उम्मीदवार और बॉलीवुड अभिनेत्रीकंगना रनौत ने पिछले दिनों कहा था कि वह बीफ खाती हैं।

इन सभी टिप्पणियों पर ही कंगना ने जवाब दिया है। वहीं भाजपा के कई समर्थक भी अपनी प्रत्याशी के खिलाफ फैलाई जा रही अफवाहों के विरोध में आवाज उठा रहे हैं। मालूम हो कि पहली बार नहीं है जब कंगना के चुनावी मैदान में उतरने के बाद उन्हें बदनाम करने का प्रयास शुरू हुआ हो। इससे पहले सुप्रिया श्रीनेत की आईडी से आए भद्दे कमेंट पर काफी बवाल हो चुका है।

4 बेटियों के पिता की चाकुओं से गोदकर हत्या, पान दुकान पर सिगरेट के छल्ले उड़ाती युवतियों से हुआ था विवाद: CCTV में वार करती दिखी युवती

नागपुर में एक 24 साल की लड़की ने 28 साल के युवक को मार डाला। आरोप है कि वो सिगरेट पीती लड़की को घूरकर कमेंट कर रहा था। इसके बाद वो वहाँ से चला गया था, लेकिन रास्ते में वो लड़की और उसके दोस्तों के हत्थे चढ़ गया। इस बीच लड़की ने चाकू से युवक की गर्दन पर वार किए, जिसमें उसकी जान चली गई।

ये वारदात शनिवार (06 अप्रैल 2024) की है, जहाँ नागपुर के मानेवाड़ा सीमेंट रोड पर एक पान की दुकान पर स्मोकिंग कर रही जयश्री पंधारे (24 साल) को रंजीत राठौड़ (28 साल) घूर रहा था। जो कि महिला को पसंद नहीं आया। राठौड़ ने अपने सेलफोन पर एक वीडियो क्लिप रिकॉर्ड किया था। जिसमें जयश्री उसकी ओर धुएँ का गोला उड़ा रही थी, साथ ही राठौड़ को गालियाँ भी दे रही थी।

इस वीडियो में राठौड़ भी जयश्री को जवाब में गालियाँ देता दिख रहा है। जयश्री के साथ उसकी दोस्त सविता सयारे भी थी। इस घटना के बाद जयश्री पंधारे ने अपने दोस्तों आकाश राउत और जीतू जाधव को भी बुला लिया। हालाँकि यहाँ से झगड़े के बाद राठौड़ अपने घर के लिए निकल गया, लेकिन वो रास्ते में महालक्ष्मी नगर में बीयर पीने के लिए रुक गया। यहाँ पर हमलावरों ने उसे पकड़ लिया और चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को मिला है, जिसमें राठौड़ पर जयश्री चाकुओं से वार करती दिख रही है। राठौड़ को बुरी तरह से घायल करने के बाद चारों लोग भाग निकले और हत्तवाड़ी में छिप गए, जहाँ से पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पुलिस ने बताया है कि एक आरोपित के फोन से ड्रग्स की तस्वीरें समेत कई आपत्तिजनक चीजें मिली है।

पुलिस ने बताया है कि पीड़ित रंजीत राठौड़ नागपुर शहर के हुड़केश्वर पुलिस थाना इलाके के ज्ञानेश्वर नगर का रहने वाला है। वो 4 बच्चियों का पिता था। लेकिन अब उसकी चारों बच्चियाँ अनाथ हो चुकी हैं। सीनियर इंस्पेक्टर कैलाश देशमाने ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने जयश्री पंधारे के साथ ही सविता सयारे और आकाश रावत को गिरफ्तार किया गया है और सीसीटीवी फुटेज की जाँच की जा रही है। आरोपित के फोन से जो आपत्तिजनक चीजें मिली हैं, उन पहलुओं पर भी जाँच की जा रही है।