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गोमांस भरकर समोसा बेच रहा था वडोदरा का ‘हुसैनी समोसे वाला’, युसूफ शेख समेत 6 गिरफ्तार: पूछताछ में बोला- सस्ता मिलता है बीफ

गुजरात के वडोदरा में एक मशहूर समोसे वाला समोसों में स्टफिंग के नाम पर बीफ भरकर बेच रहा था। पुलिस ने उसकी दुकान पर रेड मारकर 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं समोसे की स्टफिंग के लिए तैयार किया गया सामान भी बोरी में जब्त किया गया।

जानकारी के मुताबिक, वडोदरा के चिपवाड़ स्थित इस समोसे की दुकान का नाम ‘हुसैनी समोसा वाला’ है। दुकान से कई सौ किलो (कुछ जगह मौजूद जानकारी के अनुसार 350 किलो) बीफ की स्टफिंग बरामद हुई, जिसके बाद पुलिस ने इसका सैंपल फॉरेंसिंक टेस्ट के लिए भेजा और रिपोर्ट आने पर स्पष्ट हुआ कि समोसे में गोमांस ही भरा जा रहा था।

सबूत जुटाने के बाद पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों की पहचान युसूफ शेख, नसीम शेख, हनीफ भाटियारा, दिलावर पठान मोइन हबदल और मोबिन शेख के तौर पर हुई है।

पुलिस ने कहा कि शहर में बीफ समोसे बेचे जा रहे थे और कुछ ग्राहक इसे ये सोचकर खरीद रहे थे कि ये मीट वाला समोसा है। इस मामले में डीसीपी पन्ना मोमाया ने बताया कि आरोपित बड़ी तादाद में कच्चा समोसा तैयार करते थे और फिर इन्हें दुकानों पर बेचा जाता था। वहाँ दुकानदार इसे तलकर ग्राहकों को देते थे।

डीसीपी ने बताया कि ये पूरा बिजनेस बिना लाइसेंस के 5 मंजिला बिल्डिंग में चल रहा था। पुलिस ये पता लगा रही है कि ये कबसे बीफ वाले समोसे बेच रहे थे और कहाँ से बीफ खरीदा जा रहा था। अब तक पूछताछ में युसूफ शेख ने बताया है कि उसके अब्बा इस काम को करते थे बाद में उसने भी इसे काम को शुरू कर दिया। उसने ये जानकारी भी दी कि वो लोग अपने समोसो में गोमांस इसलिए डालते थे क्योंकि वो भैंस या फिर गाय के मीट से ज्यादा सस्ता था और उसे इससे ज्यादा फायदा होता था।

बता दें कि एनिमल एक्टिविस्ट नेहा पटेल ने इस दुकान में चल रहे अवैध काम का खुलासा करने में पुलिस की मदद की। नेहा ने बताया कि ये शहर की मशहूर समोसा की दुकान है, लेकिन फिर भी दुकान पर कहीं नहीं लिखा हुआ कि ये मीट समोसा बेचते हैं। ऐसे में नेहा को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने लोगों से जानना चाहा कि क्या उन्हें इस बारे में पता है? जब नेहा को लगा कि ये काम लोगों की जानकारी के बिना हो रहा है तो उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस में की और माँग की कि ऐसी दुकानों को सील किया जाए। साथ ही खाने-पीने की दुकानों की चेकिंग नियमित होती रहे।

K कविता ने शराब घोटाले के सबूत मिटाए, बयान बदलने के लिए गवाहों को धमकाया: दिल्ली की कोर्ट को ED ने बताया, बेटे की परीक्षा के नाम पर नहीं मिली जमानत

दिल्ली के राउज अवेन्यु कोर्ट ने भारत राष्ट्र समिति (BRS) की नेत्री के कविता की जमानत देने से इनकार कर दिया। तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर की बेटी के कविता को दिल्ली शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया है। कोर्ट में ED ने उनकी जमानत का विरोध किया और कहा कि उन्होंने इस मामले में सबूत मिटाए हैं। कविता ने बेटे की परीक्षाओं को आधार बना कर जमानत माँगी थी।

के कविता की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई स्पेशल जज कावेरी बावेजा ने यह निर्णय सुनाया। यह निर्णय सोमवार (8 अप्रैल, 2024) को सुनाया गया। इसे 4 अप्रैल, 2024 को सुरक्षित रख लिया गया था। कविता अभी न्यायिक हिरासत में हैं। उन्हें 26 मार्च, 2024 को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। उनकी न्यायिक हिरासत मंगलवार (9 मार्च, 2024) को खत्म हो रही है। कविता की तरफ से उनके वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने यह याचिका लगाई थी।

के कविता ने यह कहते हुए अदालत से राहत की माँग की थी कि उनके बेटे की अगले माह से परीक्षाएँ शुरू हो रही हैं और उनका इस दौरान उसके साथ रहना जरुरी है। उन्होंने जमानत के लिए PMLA कानून के कुछ नियमों का भी सहारा लिया था। कविता ने कोर्ट में कहा कि उनके बेटे की तैयारी में उनकी जगह कोई नहीं ले सकता।

ED ने कोर्ट में उनकी जमानत का विरोध किया। ED की तरफ से पेश वकील जोहेब हसन ने कहा कि PMLA कानून में महिलाओं के लिए राहत का प्रावधान है लेकिन कविता को सामान्य महिला नहीं माना जा सकता। ED ने कहा कि वह कोई सामान्य महिला नहीं बल्कि बड़ी राजनेता हैं।

ED ने कहा, ”इस मामले में आरोपित (के कविता) रिश्वत देने के मामले में सबसे प्रमुख किरदार है। उन्होंने सिर्फ रिश्वत ही नहीं दी है, बल्कि इंडोस्पिरिट्स के माध्यम से इस मामले में फायदा भी लिया है। मैं सिर्फ बयानों पर विश्वास नहीं कर रहा। हमारे पास इस मामले में सबूत, व्हाट्सएप डॉक्यूमेंट सब हैं। इस मामले में उन खातों से लेनदेन हुआ और यह उनकी लाभार्थी हैं।”

ED ने यह भी कहा कि कविता ने उसे फ़ोन और अन्य डिजिटल डिवाइस देने से पहले सारा डाटा मिटा दिया। उन्होंने इस मामले में गवाहों पर दबाव डलवा कर बयान भी बदलवाए। के कविता वर्तमान में तिहाड़ जेल में बंद हैं, उन्हें 15 मार्च, 2024 को गिरफ्तार किया गया था। यहीं शराब घोटाले में गिरफ्तार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल भी बंद किए गए हैं।

के कविता को ED ने क्यों किया है गिरफ्तार?

बता दें कि ईडी ने शराब घोटाला मामले में जो चार्जशीट दायर की है, उसमें कहा है कि कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी और विधान परिषद की सदस्य (MLC) के कविता ने कुछ लोगों के साथ मिलकर AAP के संचार प्रभारी विजय नायर को 100 करोड़ रुपए की रिश्वत दी। रिश्वत देने का उद्देश्य शराब कारोबार में अनुचित लाभ हासिल करना था। उल्लेखनीय है कि इस साजिश में व्यवसायी समीर महेंद्रू, ओंगोल (आंध्र प्रदेश) से सांसद मगुनता श्रीनिवासुलु रेड्डी (एमएसआर), उनके बेटे राघव मगुनता और सरथ रेड्डी शामली थे।

आरोप-पत्र (Chargesheet) में कहा गया है कि दक्षिण भारत के इस समूह के साथ मिलकर महेंद्रू और नायर ने रिश्वत वसूलने के लिए बहुत चालाकी से एक ‘उत्पादक संघ’ बनाया। इस संघ में शराब बनाने वाली कंपनी पेरनोड रिकार्ड, बिनॉय बाबू, विजय नायर, अरुण पिल्लई, के कविता, मगुनता श्रीनिवासुलु रेड्डी और उनके बेटे राघव, सरथ रेड्डी, अभिषेक बोइनपल्ली और बुच्ची बाबू शामिल थे।

‘जिनकी बीवी सुंदर उनको ही मिलता है ममता सरकार से पैसा’: TMC कैंडिडेट को पब्लिक ने सुनाया, BJP बोली- बंगाल का हर गाँव बन रहा संदेशखाली

लोकसभा चुनाव से पहले बंगाल में एक बार फिर से लोगों में तृणमूल कॉन्ग्रेस और बंगाल सरकार के प्रति गुस्सा देखा गया। इस बार बीरभूम के रौताड़ा गाँव में तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद व टीएमसी की प्रत्याशी सताब्दी रॉय से जनता ने अपनी शिकायत की। उन्हें बताया गया कि बंगाल सरकार अपनी योजनाओं का लाभ उन लोगों को देती है जिनकी बीवियाँ सुंदर होती हैं।

मामला 6 अप्रैल 2024 का है। सताब्दी रॉय गाँव में अपने चुनावी प्रचार के लिए गईं थीं, तभी लोग उन्हें घेर वहाँ खड़े हो गए। इस दौरान एक शेख सैफुल नाम के शख्स ने उनसे कहा, “जिनकी बीवियाँ सुंदर होती हैं सिर्फ उन्हें ही सरकारी योजनाओं के तहत पैसा मिलता है। जिनकी बीवियाँ सुंदर नहीं होतीं उन्हें कोई लाभ नहीं मिलता। मुझे ये बात साफ कही गई है।”

इस शिकायत की वीडियो मीडिया में आने के बाद भाजपा ने यह मुद्दा उठाया। भाजपा प्रवक्ता ध्रुव साहा ने ममता बनर्जी पर गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, “टीएमसी सिर्फ लोगों का दिमाग असलियत से भटकाना चाहती हैं। ये सच है कि बंगाल का हर गाँव अब संदेशखाली बन रहा है।”

बता दें कि टीएमसी ने इस मुद्दे को हल्के में लेने का प्रयास किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वो लोग ये कह रहे हैं घर में सुंदर पत्नी नहीं हो सकती? वो क्या कहना चाहते हैं कि बदसूरत पत्नी वालों को सरकार कोई फायदा नहीं देगी? रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने कहा, “चाहे सुंदर हो या बदसूरत सरकार की स्कीम के तहत पैसे का फायदा सबको मिलेगा लेकिन हमें देखना पड़ता है कि कहीं पैसों का गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा। हम 100 फीसद नहीं कह सकते हैं कि हर जगह अच्छा काम ही हो रहा है।”

गौरतलब है कि ये केस संदेशखाली का मामला उजागर होने के बाद सामने आया है। शुरू में जैसे संदेशखाली का मुद्दा दबाने का प्रयास हुआ वैसे ही शेख सैफुल की कही बात भी दबाने की कोशिश हो रही है, लेकिन सैफुल शेख समेत अन्य लोगों की शिकायतों की वीडियो अब वायरल है। दावे में कितनी सच्चाई है ये तो नहीं पता, मगर पिछले दिनों जिस प्रकार की घटनाएँ बंगाल से सामने आई हैं वो ये सोचने पर मजबूर करती हैं कि वहाँ आखिर लोकल जनता के साथ हो क्या रहा है। संदेशखाली वाले मामले में भी स्थानीयों ने आरोप लगाए थे कि सुंदर महिलाओं को बुलाकर टीएमसी के गुंडे साथ ले जाते हैं।

खालिस्तानी अमृतपाल सिंह की माँ गिरफ्तार, बिना अनुमति निकालने वाले थे मार्च: चाहते हैं असम से पंजाब की जेल में शिफ्ट हो ‘वारिस पंजाब दे’ का सरगना

पंजाब पुलिस ने रविवार (7 अप्रैल, 2024) को पंजाब के अमृतसर से खालिस्तानी अमृतपाल सिंह की माँ बलविंदर कौर को गिरफ्तार कर लिया। अमृतपाल के चाचा सुखचैन सिंह समेत 4 अन्य को भी गिरफ्तार किया गया। यह सभी अमृतपाल के लिए एक मार्च का आयोजन करने बठिंडा जा रहे थे।

अमृतपाल के परिजन अन्य लोगों के साथ रविवार (8 अप्रैल, 2024) को बठिंडा में खालसा चेतना मार्च का आयोजन करने वाले थे। यह मार्च अमृतपाल को असम की डिब्रूगढ़ जेल से पंजाब की किसी जेल में लाए जाने की माँग को लेकर आयोजित किया जाना था। इस मार्च को बठिंडा के तलवंडी साबो में तख़्त दमदमा साहिब से शुरू होकर अमृतसर में तख़्त साहिब पर खत्म होना था। इस आयोजन में अमृतपाल के परिजनों के अलावा कई सिख संगठन भी शामिल थे।

बताया गया है कि सभी गिरफ्तार लोगों को चार दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह भी जानकारी सामने आई है कि बठिंडा प्रशासन ने इस मार्च को लेकर अनुमति नहीं दी थी। इसका आयोजन बिना अनुमति के किया जा रहा था। अनुमति कानून व्यवस्था को मद्देनजर रखते हुए नहीं दी गई थी।

पुलिस ने अमृतपाल की माँ बलविंदर कौर और बाकी गिरफ्तार हुए लोगों के विरुद्ध एक मुकदमा भी दर्ज किया है। गौरतलब है कि बलविंदर कौर ने 22 फरवरी, 2024 के बाद अमृतसर के अकाल तख़्त साहिब में ही भूख हड़ताल चालू की थी। यह भूख हड़ताल भी अमृतपाल को पंजाब लाए जाने को लेकर थी।

‘वारिस पंजाब दे’ के मुखिया खालिस्तानी अमृतपाल सिंह को अप्रैल 2023 में गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले फरवरी में उसने अमृतसर के निकट अजनाला में अपने साथियों के साथ मिलकर थाने पर हमला बोल दिया था। उसने साथियों के साथ मिलकर खूब उत्पात मचाया था। यह पूरा बवाल अमृतपाल के एक चेले की गिरफ्तारी को लेकर चालू हुआ था।

इसके बाद अमृतपाल के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था। अमृतपाल कार्रवाई होते देख फरार हो गया था। वह लगभग एक महीने तक यहाँ वहाँ छुपता रहा था। उसे सुरक्षा एजेंसियों ने अप्रैल, 2023 में एक गुरुद्वारे से गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उससे असम के डिब्रूगढ़ जेल में भेज दिया गया था। उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) भी लगाया गया था।

‘बाला साहेब के लिए कार्यकर्ता दोस्त थे, उद्धव ठाकरे हमें नौकर समझने लगे’: महाराष्ट्र के CM ने बताया क्यों टूटी शिवसेना, कहा- हमारी पार्टी में कोई मालिक नहीं

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (उद्धव) के मुखिया उद्धव ठाकरे पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि उद्धव पार्टी कार्यकर्ताओं को घर में काम करने नौकर की तरह देखते थे जबकि बालासाहेब ठाकरे कार्यकर्ताओं को सहकर्मी और दोस्त मानते थे। शिंदे ने यह भी बताया कि उन्होंने शिवसेना क्यों तोड़ी।

महाराष्ट्र CM एकनाथ शिंदे ने यह बयान रविवार (7 अप्रैल, 2024) को नागपुर में आयोजित एक कार्यकर्ता सम्मेलन में दिया। यहाँ वह भाजपा प्रत्याशी और केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी के लिए वोट माँग रहे थे। CM शिंदे ने कहा, “बालासाहेब ठाकरे अपने कार्यकर्ताओं को दोस्त मानते थे, लेकिन उद्धव ने हमें घरेलू नौकर माना। किसी भी पार्टी या राज्य को कभी घर बैठकर नहीं चलाया जा सकता।”

उन्होंने कहा, “मैं मुख्यमंत्री हूँ लेकिन फिर भी एक कार्यकर्ता के जैसे काम करता हूँ। हमारी पार्टी में कोई मालिक या नौकर नहीं है। हम सभी एक-दूसरे के सहयोग से काम कर करते हैं। हमारी पार्टी में सिर्फ राजा का बेटा राजा नहीं बनेगा। जो काम करेगा वही राजा बनेगा।”

CM शिंदे ने उद्धव से अलग होने को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि उद्धव के नेतृत्व में बालासाहेब की विचारधारा से समझौता हो रहा था इसीलिए उन्होंने उद्धव से अलग होने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि वह कोई डॉक्टर नहीं है लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कई सफल ऑपरेशन किए हैं।

CM शिंदे ने नागपुर में नितिन गडकरी की भी जम कर तारीफ की। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे नितिन गडकरी को इन्फ्रा बनाने के कारण ‘रोडकरी’ और ‘पुलकरी’ जैसे नाम देते थे। गौरतलब है कि नितिन गडकरी 1990 के दशक में महाराष्ट्र में PWD मंत्री थे और उन्होंने राज्य के इन्फ्रा पर काफी काम किया था।

महाराष्ट्र में भाजपा, शिवसेना और एनसीपी (अजित पवार) मिल कर चुनाव लड़ रहे हैं। महाराष्ट्र में तीनों पार्टियों के अंतिम सीट समझौते पर अब भी बात चल रही है। CM शिंदे ने कहा कि जल्द ही इस पर बातचीत को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

गौरतलब है कि एकनाथ शिंदे ने बालासाहेब के विचारों से दुराव और कार्यकर्ताओं की ना सुने जाने को लेकर महाराष्ट्र तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से अलग होने का निर्णय लिया था। इस कारण से राज्य में महा विकास अघाड़ी (कॉन्ग्रेस, शिव सेना और एनसीपी) की सरकार गिर गई थी। शिंदे जून 2022 में मुख्यमंत्री बने थे।

बिहार में ईद पर नहीं मिलेगी टीचरों को छुट्टी, मिलेगी ट्रेनिंग: KK पाठक ने जारी किया आदेश, इमारत शरिया बोला- तारीख बदलो

बिहार के शिक्षा विभाग के आदेश के बाद इस बार टीचरों को होली की तरह ईद की छुट्टियाँ भी नहीं मिलेंगी। विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक द्वारा जारी आदेश में 8 अप्रैल से 13 अप्रैल तक आवासीय प्रशिक्षण देने की बात है जबकि ईद इसी बीच 11 अप्रैल को पड़ रही है।

अपने त्योहार को देखते हुए मुस्लिम लोग माँग कर रहे थे कि आवासीय प्रशिक्षण की तारीख बदल दी जाए। इस संबंध में इमारत शरिया के महासचिव मोहम्मद शिब्ली अल कासमी ने पत्र लिखकर माँग भी की है कि 8 अप्रैल से शुरू हो रहे आवासीय प्रशिक्षण की तारीख बदली जाए।

उन्होंने अपने पत्र में कहा कि मुसलमानों के सबसे बड़े त्योहार के मौके पर देशभर में छुट्टी का ऐलान किया गया है लेकिन आवासीय प्रशिक्षण की तारीख के चलते मुसलमान टीचर ईद नहीं मना पाएँगे। ऐसे में ये तारीख बदलने पर विचार हो। हालाँकि, ऐसा हो पाएगा, ये नहीं लगता। पिछले दिनों होली-दिवाली के मौके पर भी छुट्टियाँ कैंसिल हुईं थीं। माँग करने पर भी छुट्टी नहीं दी गई थी। उन फैसलों को भी केके पाठक द्वारा जारी किया गया था।

गौरतलब है कि 8 अप्रैल से 13 अप्रैल के बीच होने वाले आवासीय प्रशिक्षण में शिक्षकों की आवासीय ट्रेनिंग रखी गई है। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को क्लास संभालने और बच्चों से कॉर्डिनेशन बनाकर रखने के साथ ही बच्चों में कौशल विकास को विकसित करने का गुर सिखाया जाता है। इस प्रशिक्षण में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक होते हैं।

जानकारी के मुताबिक, वैसे तो राज्य में कुल 6 लाख टीचरों को ट्रेनिंग दी जानी है लेकिन 6 प्रशिक्षण केंद्र कम होने के कारण 6 दिन की ट्रेनिंग में 19000 के करीब टीचरों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इन शिक्षकों को 7 अप्रैल की शाम तक ट्रेनिंग सेंटरों में योगदान करने का आदेश दिया गया है। प्रशिक्षण के लिए 8 अप्रैल को अपराह्न 5 बजे से रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा।

मालदीव की जिस मुस्लिम महिला मंत्री ने PM मोदी को दी थी गाली, उसने अब हमारे तिरंगे का किया अपमान: विरोध के बाद पोस्ट डिलीट कर भागी

मालदीव की सरकार में मंत्री मरियम शिउना ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला है। शिउना ने मालदीव की विपक्षी पार्टी, भारत और भाजपा को निशाना बनाने के लिए एक फर्जी पोस्टर पोस्ट किया। इस पोस्टर में भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा में शामिल अशोक चक्र का अपमान किया गया।

शिउना ने शनिवार (6 अप्रैल, 2024) की रात्रि को अपनी पार्टी PPM के लिए समर्थन जुटाने वाला एक पोस्ट किया। इसमें विपक्षी पार्टी PPM को निशाना बनाते हुए अशोक चक्र को शामिल करके पोस्टर बनाया गया था और इस पर लिखा था, “MDP उनके (भारत) जाल में फंस रही है, हमें (मालदीव) उनके जाल में दोबारा फँसने की जरूरत नहीं है।”

मालदीव की मंत्री ने किया अपमान

इस पोस्टर को विपक्ष की पार्टी मालदीव डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) के संसदीय चुनावी अभियान के लिए जारी किए गए पोस्टर को बिगाड़ करके बनाया गया था। जहाँ MDP के पोस्टर में एक कम्पास था, तो मंत्री शिउना के फर्जी पोस्टर में कम्पास की जगह पर भारत के तिरंगा में शामिल अशोक चक्र लगा दिया गया था। यह भारतीय ध्वज का अपमान करके के उद्देश्य से किया गया।

इस फर्जी पोस्टर में मात्र अशोक चक्र ही नहीं बल्कि भाजपा का चुनाव चिन्ह कमल भी शामिल किया गया है। यह चुनाव चिन्ह MDP के चुनाव चिन्ह के साथ उपयोग किया गया है और दोनों पार्टियों के बीच किसी गठबंधन का इशारा किया गया है। गौरतलब है कि MDP मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की भारत विरोधी नीतियों का विरोध करती रही है।

यह पोस्ट शिउना ने हटा दिया है। शिउना की करतूत का काफी विरोध हुआ है। सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा कि जहाँ एक तरफ मालदीव भारत से मदद माँगता है वहीं दूसरी तरफ उसके मंत्री भारत का अपमान करते हैं और भारत के खिलाफ विषवमन करते हैं।

गौरतलब है कि शिउना का यह भारत विरोधी पोस्ट तब आया है जब भारत ने हाल ही में मालदीव को भेजी जाने वाली सामग्रियों का कोटा बढ़ाया है। भारत ने चावल, दाल और अन्य खाद्य सामग्रियों से सम्बन्धित कोटा को मालदीव के आग्रह के बाद बढाया था। इसको लेकर मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर ने भारत का धन्यवाद किया था।

भारत और मालदीव के रिश्ते बीते वर्ष के अंत से ही ठीक नहीं है। मालदीव में 2023 में मोहम्मद मुइज्जू चुनाव जीते थे। मुइज्जू ने भारत के खिलाफ अभियान चला कर यह चुनाव जीता था। इसके बाद भारत और मालदीव के बीच काफी बड़ा राजनयिक विवाद भी हुआ था। अब मालदीव में संसदीय चुनाव होने जा रहे हैं तो मुइज्जू की पार्टी फिर से उसी हथकंडे को अपना रही है।

मालदीव के मंत्रियों की वजह से हुआ था राजनयिक विवाद

पीएम मोदी के लक्षद्वीप दौरे के बाद एक्स (पहले ट्विटर) पर रौशन सिन्हा ने पीएम मोदी का ‘लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ावा देने वाला’ वीडियो शेयर किया था। सिन्हा ने कहा था कि यह “मालदीव की नई चीनी कठपुतली सरकार के लिए एक बड़ा झटका” है।

इस पोस्ट से मालदीव की युवा, सूचना और कला मामलों उप मंत्री मरियम शिउना चिढ़ गई। शिउना ने मिस्टर सिन्हा की पोस्ट का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘जोकर’ और ‘इजरायल की कठपुतली’ कहा। यह पोस्ट बाद में हटा दिया गया। गौरतलब है कि पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में कहीं भी मालदीव का जिक्र नहीं किया था।

भारत सरकार ने मरियम शिउना की टिप्पणी को लेकर मालदीव से कड़ी आपत्ति जताई थी। शिउना को मालदीव की सत्तारूढ़ पार्टी के दो अन्य नेताओं के साथ बाद में निलंबित कर दिया गया था। इस पूरे विवाद के बाद बड़ी सँख्या में भारतीयों ने मालदीव की यात्रा ना करने को लेकर अभियान चलाया था।

इन सभी विवादों के बाद भी मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारत को ‘निकटतम सहयोगी’ बताया था। उन्होंने इसके बाद भारत से कर्ज में राहत देने की माँग की थी। अब शिउना के भारतीय ध्वज के अपमान के बाद दोंनो देशों के बीच राजनयिक तनाव फिर बढ़ सकता है।

डिब्बे में ‘मीट’ लेकर मेट्रो में घुसा रोजेदार, रोकने पर जवानों से भिड़ा: वीडियो वायरल, दिल्ली के सीलमपुर का मामला

रमजान के महीने के बीच दिल्ली के सीलमपुर मेट्रो स्टेशन से एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में एक इस्लामी टोपी पहना शख्स मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षा में तैनात जवानों से उलझता दिख रहा है। इसके बाद उसकी स्टेशन के बाहर जवानों से झड़प करने की वीडियो भी सामने आई है।

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि युवक अपने बस्ते में भरकर मीट ले जा रहा था। सुरक्षाकर्मियों ने जब जाँच में इसे पकड़ा तो वो उनसे बहस करने लगा। इस दौरान उसके हाथ में खाने का टिफिन दिखाई देता है। बाहर जो वीडियो रिकॉर्ड की गई उसमें सुरक्षाकर्मियों को कहते सुना गया- ‘गाली क्यों दे रहा है।’ यानी युवक ने सुरक्षाकर्मियों से गाली-गलौच भी की, जिसके बाद सुरक्षाकर्मी उसे पकड़कर अंदर ले गए।

घटना की वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है। मुस्लिम इस युवक को सपोर्ट करते हुए कह रहे हैं कि जवानों ने इफ्तार का खाना ले जाते शख्स के साथ गलत किया। उनके मुताबिक उस डिब्बे में सिर्फ खाना था। मगर, सवाल ये है कि रोजाना मेट्रो से आने-जाने वाली भीड़ के टिफिन में भी खाना होता ही है, फिर जवान उन्हें क्यों नहीं रोकते। कुछ आपत्तिजनक होने पर ही किसी को टोंका जाता है। ऐसे में अगर सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा सही है कि उसके डिब्बे में मीट था, तो सुरक्षाकर्मियों का उसे रोकना गलत नहीं था।

मेट्रो में प्रतिबंधित चीजें

मेट्रो के कुछ अपने नियम हैं और कुछ चीजें मेट्रो के भीतर निषेध हैं। इन चीजों में कच्चा मांस भी आता है। मेट्रो में बैन चीजों की लिस्ट में कच्चा मांस, मछलियाँ, मानव कंकाल, किसी जानवर का कंकाल, खून, हड्डियाँ, मानव शरीर के अंग भी आते हैं। इसके अलावा कोई भी विस्फोटक सामग्री- जैसे हेंडग्रेनेड, गनपाउडर, पटाखे, प्लास्टिक विस्फोटक, ज्वलनशील पदार्थ जैसे कुकिंग गैस, पेट्रोलियम ले जाना मना है। इसी तरह पालतू जानवरों का भी मेट्रो में ले जाना मना है चाहे वो कुत्ता हो, बिल्ली हो, बंदर हो, चूहा हो, मछली हो या कोई बी। एक्वेरियम और कोई भी पक्षी चाहे चिड़िया तोता ले जाना पूरी तरह बैन है। इसके अलावा मेट्रो में शराब, धारदार हथियार और भारी सामान ले जाना भी मेट्रो में पूरी तरह बैन है।

पश्चिम बंगाल में महिलाओं से बदसलूकी के आरोपों को NIA ने नकारा, कहा – लोगों ने बिना उकसावे के किया हंगामा: ममता बनर्जी ने लगाए थे गंभीर आरोप

पश्चिम बंगाल के भूपतिनगर में एनआईए की टीम ने छापेमारी की थी, उस पर हमला हुआ था। एनआईए की टीम पर हमले के मामले में एफआईआर दर्ज कराने के बाद गिरफ्तार टीएमसी नेता मनोब्रत जना की पत्नी ने एनआईए अधिकारियों के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज करा दी है। ये एफआईआर महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने के आरोपों में दर्ज कराई गई है। हालाँकि एनआईए ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। एनआईए ने कहा कि उनकी टीम की तरफ से कोई भी गैर-कानूनी काम नहीं किया गया, बल्कि एनआईए की टीम बम धमाके की जाँच के लिए पहुँची थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीएमसी के गिरफ्तार नेता मनोब्रत जना की पत्नी मोनी ने एनआई के अधिकारियों के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें मोनी जना ने कहा है कि एनआईए अधिकारियों ने जाँच के बहाने भूपतिनगर स्थित उनके आवास में जबरन घुसकर उनकी गरिमा को ठेस पहुँचाने की कोशिश की। इस मामले में पुलिस ने एनआईए अधिकारियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 354बी समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। अब एनआईए की तरफ से इन आरोपों को खारिज किया गया है। एनआईए ने कहा कि उसके ऊपर लग रहे आरोप दुर्भाग्यपूर्ण हैं।

एनआईए की टीम ने शनिवार (06 अप्रैल 2024) को पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में 2022 में हुए विस्फोट के मामले में दो प्रमुख साजिशकर्ता मनोब्रत जना और बलाई चरण मेइती को गिरफ्तार किया था। विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई थी।

पूर्वी मिदनापुर पुलिस ने NIA अधिकारियों के खिलाफ IPC की धारा-354 (शोषण) और 441 (बिना अधिकार प्रवेश) लगाते हुए FIR दर्ज की है। शनिवार (6 अप्रैल, 2024) की सुबह को ये हमला हुआ, रात को FIR दर्ज की गई। पुलिस का कहना है कि NIA द्वारा गिरफ्तार किए गए TMC कार्यकर्ता मनोव्रत जैन के परिजनों की शिकायत पर ये केस दर्ज किया गया है।

उनका कहना है कि देर रात के समय दरवाजा तोड़ कर NIA के अधिकारियों ने महिलाओं का शोषण किया। हालाँकि, NIA ने अधिकारियों पर हमले को लेकर जो शिकायत भूपतिनगर थाने में ही दर्ज कराई है उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। 3 दिसंबर, 2022 को हुए एक ब्लास्ट के केस में NIA बलाई मैती और मनोव्रत जैन को गिरफ्तार करने गई थी, इसी दौरान उन पर हमला हुआ। इस ब्लास्ट में 3 लोग मारे गए थे।

भाजपा ने इस हमले की तुलना 5 जनवरी, 2024 को संदेशखाली में TMC नेता शाहजहाँ शेख को गिरफ्तार करने गई ED की टीम पर हमले से की है। उसी हमले के बाद जनजातीय समाज की कई महिलाओं ने आगे आकर शाहजहाँ शेख व उसके गुर्गों पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। NIA अधिकारियों पर FIR किए जाने को भाजपा के राज्यसभा सांसद समीक भट्टाचार्य ने भारतीय संविधान के विरुद्ध युद्ध की घोषणा करार दिया

CPI(M) नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि पुलिस ने NIA पर हमले में आरोपितों को गिरफ्तार करने की बजाए अधिकारियों पर ही FIR दर्ज कर ली, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद यह सन्देश दे रही हैं कि केंद्रीय एजेंसी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकती। ममता बनर्जी ने भाजपा पर तृणमूल कॉन्ग्रेस के सभी बूथ अध्यक्षों को गिरफ्तार करने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि NIA को राज्य में आतंक फैलाने के लिए भेजा गया है।

वहीं, इस मामले में ममता बनर्जी ने एनआईए की टीम पर ही हमला बोला था। उन्होंने सवाल पूछा, “उन्होंने आधी रात को छापा क्यों मारा? उनके पास पुलिस की अनुमति थी? स्थानीय लोगों ने वही किया, जो किसी अजनबी के आधी रात में जाने पर किया जाता है। क्या वे चुनाव से ठीक पहले लोगों को गिरफ्तार कर रहे हैं? बीजेपी क्या सोचती है कि वे हर बूथ एजेंट को गिरफ्तार करेंगे? NIA को क्या अधिकार है, जो वे बीजेपी के समर्थन में ये सब कर रहे हैं।”

रील बनाने वाली पत्नी के वीडियो पर आते थे अश्लील कमेंट, भाई के खिलाफ दर्ज कराया केस, तो सरकारी नौकरी करने वाले पति ने की आत्महत्या: ‘परिवार को नहीं छोड़ सकता’

राजस्थान के अलवर में पत्नी के बार-बार रील बनाने से परेशान स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड से पहले युवक ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर मरने की धमकी दी। इसके अगले दिन फाँसी का फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।

ये मामला अलवर के रैणी थाने के नांगलबास गाँव का है। शनिवार देर रात सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में पत्नी की रील्स पर अश्लील कमेंट्स को लेकर पति कह रहा है कि जो लोग गंदे कमेंट्स करते हैं न, उनके परिवार में जब ऐसा होगा तब उन्हें मालूम चलेगा। परिजन का दावा है कि यह वीडियो सुसाइड करने से एक दिन पहले बनाया है। पुलिस का कहना है कि यह वीडियो पुराना है। युवक ने मौत का जिम्मेदार अपनी पत्नी और उसके साथी को बताया है।

पति-पत्नी में होता था झगड़ा

पुलिस के मुताबिक, सिद्धार्थ मीणा (31) दौसा में स्वास्थ्य विभाग में एलडीसी के पद पर कार्यरत था। सिद्धार्थ और उसकी पत्नी माया के बीच झगड़ा चल रहा था। पहले भी एक दूसरे के खिलाफ शिकायत दे चुके थे। सिद्धार्थ इंस्टाग्राम और फेसबुक पर पत्नी के रील्स बनाने की वजह से परेशान परेशान था। लोग रील्स पर अश्लील कमेंट करके उसे चिढ़ाते थे। पत्नी के सोशल मीडिया पर रील्स बनाने और गंदे कमेंट करने वालों से परेशान होकर युवक और उसकी में झगड़ा होता था। पत्नी की इन हरकतों से परेशान पति ने आत्महत्या कर ली

मृतक की पत्नी के 56के फॉलोअर्स थे। आए दिन पति और पत्नी में सोशल मीडिया को लेकर कलह होता रहता था। कुछ दिन पूर्व भी घर में कलह हुआ था, जिसे लेकर पुलिस में भी पत्नी माया की ओर से परिवाद दिया गया था।

सिद्धार्थ का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में सिद्धार्थ कह रहा है कि मैंने आज तक कभी रील नहीं बनाई। आज मजबूरी में बना रहा हूँ। मेरा माया से कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं है। वो मेरे भाई को फंसाना चाह रही है। बस यही मेरी लड़ाई है। मैं अपने भाई के साथ हूं। जो समझदार आदमी होगा वो समझ जाएगा। ऐसी लड़कियाँ तो बहुत मिल जाएंगी, लेकिन परिवार नहीं मिलेगा। सिद्धार्थ ने आगे कहा कि कुछ लोग गंदे कमेंट कर रहे हैं। जब तुम्हारे घर में ऐसा होगा न तब समझ आएगा। मैं अपने परिवार को टूटने नहीं दूंगा। इसके लिए मैं जान दे सकता हूं।