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‘इंडिया गठबंधन का मंत्र- जहाँ सत्ता वहाँ मलाई खाओ’: महाराष्ट्र के चंद्रपुर में गरजे पीएम मोदी, कहा- ‘जनसमर्थन खो चुकी है कॉन्ग्रेस’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के चंद्रपुर में जनसभा को संबोधित किया। महाराष्ट्र के लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आगामी लोकसभा चुनावों में बीजेपी-एनडीए उम्मीदवारों के लिए समर्थन की अपील करते हुए देश की राजनीतिक स्थिरता और विकास के महत्व पर जोर दिया। उत्साही भीड़ को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने देश में बढ़ती राजनीतिक सरगर्मी को स्वीकार किया लेकिन लोगों के अटूट उत्साह और भावना की सराहना की। उन्होंने समर्थन के लिए चंद्रपुर के निवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया और नए भारत की एकता और प्रगति के प्रतीक, अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण में उनके योगदान को याद किया। इस दौरान उन्होंने कॉन्ग्रेस पर जोरदार हमला भी बोला।

पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि ये पार्टी खुद की समस्याओं की जननी है। देश का विभाजन हुआ मजहब के नाम पर, ये विभाजन किसने करवाया, कश्मीर में समस्या किसने पैदा की? हमारे साथ और दुनिया के कई देश आजाद हुए, लेकिन वो कहाँ से कहाँ चले गए पर हमारा भारत पिछड़ता है। दशकों तक देश आतंकवाद का शिकार रहा। आए दिन कहीं भी बम ब्लास्ट हो जाते थे।

पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के सात दशक बाद तक राम मंदिर का 500 साल पुराना विवाद बना हुआ था। अयोध्या में राम मंदिर विवाद पर अड़ंगा कौन लगाता था? कौन सी पार्टी के वकील के सुप्रीम कोर्ट में कहते थे अदालत इस पर फैसला न सुनाए? कॉन्ग्रेस पार्टी देश में अपना जनसमर्थन खो चुकी है। उसकी घोषणा पत्र में मुस्लिम लीग की भाषा लिखी गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ”इंडी गठबंधन ने हमेशा देश को अस्थिरता की ओर धकेला है। स्थिर सरकार कितनी महत्वपूर्ण और आवश्यक है, यह महाराष्ट्र से बेहतर कौन जानता होगा? जब तक केंद्र में इंडी गठबंधन सत्ता में था, महाराष्ट्र की लगातार उपेक्षा की गई। जब इन भारतीय गठबंधन के लोगों ने साजिश रचकर जनादेश छीन लिया और राज्य के शीर्ष पर पहुँच गए, तो उन्होंने केवल अपने विकास के लिए काम किया। पीएम मोदी ने कहा, “हमारी सरकार ने महाराष्ट्र और विदर्भ के विकास के लिए इन सभी योजनाओं को फिर से शुरू किया है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस और अजित पवार समेत पूरी सरकार दिन-रात मेहनत कर रही है। बड़े-बड़े विकास कार्य तेजी से पूरे किये जा रहे हैं। जब इरादा सही होता है तो नतीजे भी सही होते हैं।”

चंद्रपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “चंद्रपुर से इतना स्नेह मिलना मेरे लिए बहुत विशेष है। एक चंद्रपुर ही है जिसने अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए लकड़ी भेजी। संसद की नई इमारत में भी चंद्रपुर की लकड़ी लगी है। चंद्रपुर की प्रसिद्धि पूरे देश तक पहुंची है, मैं चंद्रपुर के लोगों को बधाई देता हूँ।”

पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस पार्टी के इतिहास की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए देश के विभाजन, तुष्टिकरण और उपेक्षा के उदाहरणों पर प्रकाश डाला, जो आजादी के बाद से उनके शासन की विशेषता है। उन्होंने कॉन्ग्रेस पर प्रगति में बाधा डालने और विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया और मतदाताओं से ऐसी विभाजनकारी विचारधाराओं को खारिज करने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा, “पिछले 10 साल से कॉन्ग्रेस सत्ता से बाहर है। आपने एनडीए को पूर्ण बहुमत दिया है। हमने देश की प्रमुख समस्याओं का स्थाई समाधान किया है। आज न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश में नक्सलवाद कमजोर हो गया है।”

पीएम मोदी ने कहा, “कॉन्ग्रेस ने अपना घोषणापत्र जारी किया है, और इसमें मुस्लिम लीग की भाषा भी शामिल है। उनके सांसद भारत के एक और विभाजन की बात कर रहे हैं। इंडी गठबंधन के लोग दक्षिण भारत को अलग करने की धमकी दे रहे हैं। INDI गठबंधन में DMK पार्टी इसे डेंगू मलेरिया कहकर सनातन को खत्म करने की बात करती है।” अपने संबोधन के आखिर में पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के लोगों से परिणाम देने और विकास को आगे बढ़ाने के उनके ट्रैक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए आगामी चुनावों में बीजेपी-एनडीए उम्मीदवारों का समर्थन करने का आग्रह किया। उन्होंने मतदाताओं से स्थिरता और प्रगति के लिए निर्णायक जनादेश सुनिश्चित करने के लिए 19 अप्रैल और 26 अप्रैल को बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करने का आह्वान किया।

महाराष्ट्र में पाँच चरणों में मतदान

चंद्रपुर लोकसभा सीट पर बीजेपी के सुधीर मुनगंटीवार का मुकाबला कॉन्ग्रेस उम्मीदवार प्रतिभा धानोरकर से है। 2019 के लोकसभा चुनाव में चंद्रपुर में कॉन्ग्रेस उम्मीदवार सुरेश धनोरकर जीत दर्ज की थी। हालाँकि, मई 2023 में सुरेश धनोरकर का 47 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। कॉन्ग्रेस ने इस बार उनकी पत्नी को इस सीट से उम्मीदवार बनाया है। महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव पाँच चरणों में 19 अप्रैल, 26 अप्रैल, 7 मई, 13 मई और 20 मई को होंगे।

अबू नसर, अवैज, शौक़ीन… मुस्लिम बहुल सब्ज़ी मंडी में ठेले वाले विकास सैनी को खौलते तेल से नहलाया, बचाने दौड़ा सुभाष भी झुलसा: दलित युवक की भी हुई थी पिटाई

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक हिन्दू युवक पर जान से मार डालने की नीयत से खौलता तेल डालने का मामला सामने आया है। पीड़ित का नाम विकास सैनी है जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। विकास को बचाने के चक्कर में सुभाष नाम का एक अन्य युवक भी उबलते तेल की चपेट में आ गया। पुलिस ने इस मामले में अबू नसर, शौक़ीन और अजैब के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया है। मामले की जाँच की जा रही है। घटना रविवार (7 मार्च, 2024) की है। ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़ित परिवार ने हमलावरों को आए दिन हिन्दुओं को मारने-पीटने का आदी बताया है।

यह घटना बुलन्दशहर के थाना क्षेत्र गुलावठी की है। यहाँ आरोपितों की सब्जी की दुकान है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपित कुरैशी परिवार के नाम से जाने जाते हैं जिनका बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड है। इन पर एक ही लाइसेंस की आड़ में कई लोगों द्वारा अवैध तौर पर सब्ज़ी बेचने का भी आरोप है। पीड़ित विकास सैनी ठेले पर सब्जियाँ बेचता है। बताया जा रहा है कि आरोपित किसी और को बेची गई सब्ज़ी का तगादा पीड़ित विकास सैनी से कर रहे थे। वो आए दिन विकास को मारने-पीटने की भी धमकियाँ दे रहे थे।

रविवार की सुबह लगभग 7:30 पर विकास सैनी अपने रिश्तेदार से 13,800 रुपए ले कर गुलावठी की सब्ज़ी मंडी पहुँचा। यहाँ अबू नज़र और उसके भाई अवैज ने अपने चचाजान शौक़ीन के साथ मिल कर विकास को घेर लिया और पिटाई करने लगे। इन सभी ने विकास को गंदी-गंदी गालियाँ दीं और उसकी जेब में पड़ा पैसा छीनने लगे। विकास ने इस हरकत का विरोध किया तो तीनों ने मिल कर उसे उठा कर जमीन पर पटक दिया। जहाँ विकास की पिटाई हो रही थी वहीं एक ठेले पर खौलते तेल में पूरियाँ तली जा रहीं थीं।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, तीनों आरोपितों ने विकास को जान से मार डालने का फैसला किया और उसकी छाती पर कड़ाही में भरा खौलता तेल उड़ेल दिया। विकास को बचाने के लिए वहाँ मौजूद सुभाष नाम का युवक आगे बढ़ा तो वो भी खौलते तेल की चपेट में आ गया। इसके बाद अबू नज़र, अवैज और शौक़ीन वहाँ से भाग निकले। घायल हो कर बुरी तरह से छटपटाते विकास सैनी और सुभाष को कुछ स्थानीय लोगों ने अस्पताल पहुँचाया जहाँ उनका इलाज चल रहा है। जले हुए विकास की वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

पीड़ित परिवार ने आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने अबू नसर, अवैज और शौक़ीन के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। इन सभी पर IPC की धारा 394, 307, 504 और 511 के तहत कार्रवाई की गई है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। बुलंदशहर के एसपी सिटी के मुताबिक, मामले की जाँच कर के आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

दलित युवक को पीट चुके हैं आरोपित

ऑपइंडिया ने पीड़ित परिवार से बात की। शिकायतकर्ता राजू सैनी ने हमें बताया कि गुलावठी की जिस सब्ज़ी मंडी मे उनके भांजे विकास को जलाया गया है वो मुस्लिम बाहुल्य है। यहाँ लगभग 80% आढ़ती उन्होंने मुस्लिम समुदाय से बताए। राजू ने बताया कि जिन आरोपितों पर विकास सैनी को जला कर मार डालने की कोशिश का आरोप लगा है उन्होंने ही पिछले माह ऋतिक नाम के दलित युवक को भी बेरहमी से पीटा था। हालाँकि, बताया गया कि तब स्थानीय थाना पुलिस ने मात्र धारा 151 के तहत कार्रवाई की थी।

पीड़ित परिवार का कहना है कि अगर पुलिस ऋतिक के ही मामले में कड़े कदम उठा लेती तो शायद आज हमलावरों की हिम्मत विकास को ऐसे जलाने की न होती। फ़िलहाल अभी तक किसी भी हमलावर की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पीड़ित परिजनों ने ऑपइंडिया को अस्पताल में भर्ती विकास की कई तस्वीरें भी भेजीं। इन तस्वीरों में विकास के सीने और चेहरे पर मौजूद चमड़ी जलने की वजह से उधड़ी नजर आ रही है। विकास जिस स्ट्रेचर पर पड़े हैं उसमें खून लगा दिख रहा है।

इस मामले में दूसरे पक्ष ने भी थाने में तहरीर दी है। राजू सैनी की तहरीर के लगभग 13 घंटों के बाद आरोपित शौक़ीन के अब्बा हाजी मोदु ने भी राजू सैनी, ऋतिक, विशाल और 4 अन्य अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है। इस FIR में हाजी मोदु ने इन सभी पर आढ़त पर आ कर अपने रिश्तेदारों के साथ मारपीट करने और अपनी 2 पिकअप गाड़ियाँ तोड़ डालने का आरोप लगाया है। इस शिकायत पर पुलिस ने IPC की धारा 147, 323 व 427 के तहत FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

जिलेटिन की 1200 छड़ें, 6 पैकेट डेटोनेटर, तार के 7 बॉक्स.. कर्नाटक-आंध्र सीमा पर मिली विस्फोटक से भरी कार, शेख हजार शरीफ हिरासत में

कर्नाटक के कोलार जिले में पुलिस ने विस्फोटकों से भरी एक कार पकड़ी है। मारुति स्विफ्ट ब्रांड की इस कार से जिलेटिन की छड़ें, डेटोनेटर और तार बरामद हुए हैं। कार का ड्राइवर घटनास्थल से फरार हो गया है जिसकी तलाश की जा रही है। गाड़ी मालिक की भी छानबीन शुरू हो चुकी है। पुलिस ने शेख हजार शरीफ नाम के एक 30 वर्षीय युवक को हिरासत में ले कर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना सोमवार (8 अप्रैल, 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना आंध्र प्रदेश-कर्नाटक बॉर्डर की है। आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर कर्नाटक के कोलार में पुलिस टीमें संदिग्ध वाहनों की तलाश कर रहीं थीं। इसी बीच उन्हें एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार आती दिखी। कार रुकने के इशारा करते हुए ड्राइवर हड़बड़ा गया और भागने लगा। पुलिस ने पीछा किया तो थोड़ी दूर जा कर ड्राइवर ने गाड़ी सड़क के किनारे खड़ी कर दी और मौके से भाग निकला। पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसमें से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ।

कोलार जिले के पुलिस अधीक्षक एम नारायणा ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया कि कार से जिलेटिन की 1200 छड़ें, डेटोनेटर के 6 पैकेट के साथ तारों के 7 बॉक्स बरामद किए गए हैं। फरार हुए ड्राइवर के साथ गाडी मालिक की भी पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है। पूछताछ के लिए पुलिस ने 30 वर्षीय शेख हजार शरीफ को हिरासत में लिया है। शेख हजार आंध्र प्रदेश की सीमा के पास कर्नाटक के मदनापल्ली का रहने वाला है। इस मामले की FIR नंगली पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है।

बरामद हुए विस्फोटकों की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं हैं। इसमें एक गत्ते के अंदर लायन (शेर) ब्रांड का विस्फोटक दिखाई दे रहा है। इसके अलावा गाड़ी में लाल रंग के तार भी बंडल में लपेट कर मिले हैं। सभी सामान को कार की डिग्गी में रखा गया था। बताते चलें कि इसी साल 17 मार्च को कर्नाटक के ही बेंगलुरु में बेलंदूर थाना पुलिस को ट्रैक्टर कंप्रेसर वाहन में जिलेटिन की छड़ें और अन्य विस्फोटक सामग्री मिली थी।

BSE में लिस्टेड कंपनियों की वैल्यू ₹400 लाख करोड़ के पार: 10 साल में 3 गुना बढ़ोतरी, बेहतर नीतियों के कारण चमक रहा भारत का बाजार

भारत के सभी शेयर बाजारों में सोमवार (08 अप्रैल 2024) को गजब की तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स हो या निफ्टी-फिफ्टी, सभी बाजारों में अच्छी खासी बढ़ती दिखी, तो बीएसई ने इस बीच बड़ा रिकॉर्ड बना दिया। बीएसई में लिस्टेड सभी कंपनियों के शेयर के दाम यानी बीएसई की मार्केट कैपिटलाइजेशन का पूरा वैल्यू 400 लाख करोड़ रुपए के आँकड़े को पार कर गया, जोकि एक रिकॉर्ड है। सोमवार के शुरुआती कारोबार में ही ब्लू-चिप, मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में शानदार तेजी के साथ टोटल मार्केट कैपिटलाइजेशन का ये आँकड़ा देश की बढ़ती आर्थिक हैसियत को भी दर्शाता है।

2007 में महज 50 लाख करोड़, 2014 में 100 लाख करोड़

भारत का मार्केट कैप 2007 में महज 50 लाख करोड़ रुपए था। 2014 में ये पहली बार 100 लाख करोड़ रुपये के पार पहुँचा था। इसके बाद 200 लाख करोड़ रुपए का स्तर छूने में इसे 7 साल लगे और फरवरी 2021 में इसने ये लेवल छुआ। जुलाई, 2023 में मार्केट कैप 300 लाख करोड़ रुपए को पार कर गया। यानी इस लेवल तक पहुँचने में सिर्फ 2 साल लगे। जुलाई, 2023 में मार्केट कैप 300 लाख करोड़ रुपए था, वहीं 400 लाख करोड़ पहुंचने में इसे सिर्फ 9 महीने का समय लगा। ये आंकड़ा बताता है कि विदेशी और घरेलू निवेशक भारत में इन्वेस्टमेंट को लेकर कितने पॉजिटिव हैं।

क्या है इस जबरदस्त तेजी का कारण?

बाजार में यह ग्रोथ तेजी से बदलाव वाले इंडिकेटर्स, मजबूत कॉरपोरेट अर्निंग्स, निवेशकों के पॉजिटिव सेंटीमेंट के साथ ही स्थिर नीतियों की वजह से देखने को मिली है। भारतीय शेयर बाजार में घरेलू और विदेशी इनफ्लो में भी मोमेंटम दिखा है। अप्रैल 2024 से बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों की मार्केट कैपिटलाइजेशन में ₹145 लाख करोड़ का इजाफा हुआ है, जोकि 57% की ग्रोथ है। पिछले एक साल में मिडकैप इंडेक्स में 60% और स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 64% की तेजी दिखी है। सेंसेक्स में इस मुकाबले 28.6% की ही तेजी दिखी है।

इस सप्ताह दमदार शुरुआत, सभी बाजारों में रिकॉर्ड तेजी

बता दें कि इस सप्ताह निफ्टी, सेंसेक्स और बैंक निफ्टी ने नए रिकॉर्ड स्तर को छुआ है। एक तरफ निफ्टी ने 22,697 का नया रिकॉर्ड बनाया। निफ्टी में पूरे 152 अंकों की उछाल देखी गई। वहीं, सेसेक्स 494 अंकों की बढ़त के साथ 74,869 अंक तक पहुँच गया। इसके साथ ही निफ्टी बैंक ने भी 48,716 का रिकॉर्ड स्तर छुआ है। इसमें 88 अंक की बढ़ोतरी दर्ज हुई।

समोसे में कंडोम, पत्थर, तंबाकू भर कर्मचारियों को खिलाया: कैंटीन कॉन्ट्रैक्ट रद्द होने से भड़का था कंपनी का मालिक रहीम शेख, पुणे का मामला

महाराष्ट्र के पुणे में एक कम्पनी की कैंटीन में समोसे के अंदर कंडोम, पत्थर और तम्बाकू जैसी चीजें मिलने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। 1 आरोपित को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। आरोपितों के नाम रहीम शेख, अजहर शेख, मजार शेख, अजर शेख और विक्की शेख हैं। बताया जा रहा है कि सभी आरोपितों ने कंपनी द्वारा अपना कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने से नाराज हो कर ऐसा कदम उठाया था। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना पुणे के पिंपरी चिंचवड इलाके की है। यहाँ के चिखली स्थित एक कम्पनी के अधिकारी कीर्तिकुमार शंकरराव देसाई ने रविवार (7 अप्रैल, 2024 ) को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। चिखली थाने में दी गई इस शिकायत में उन्होंने बताया है कि उनकी कम्पनी को चिखली की ही एक अन्य बड़ी कम्पनी से खाना सप्लाई का ऑर्डर मिला है। इसी ऑर्डर में समोसे की सप्लाई के लिए कीर्तिकुमार ने SRS एंटरप्राइजेज नाम की एक कम्पनी के साथ समझौता कर लिया।

SRS कम्पनी के मालिक का नाम रही शेख है। कीर्तिकुमार के अनुसार, SRS कम्पनी से सप्लाई हो रहे समोसे में एक दिन घावों पर लगाने वाली पट्टी निकली। इसकी शिकायत मिलने के बाद कीर्तिकुमार की कम्पनी ने रहीम खान की कम्पनी SRS से अपना अनुबंध समाप्त कर लिया और समोसे सप्लाई करने का ऑर्डर पुणे की एक अन्य कम्पनी मनोहर इंटरप्राइजेज को दे दिया। SRS का मालिक रहीम खान इस बात से नाराज हो गया। उसने अपने साथियों अज़हर शेख और मजार शेख के साथ मिल कर बड़ी साजिश रच डाली।

27 मार्च, 2024 को रहीम खान ने अपने मजदूरों को ऑर्डर दे कर समोसे में कंडोम, गुटखा और पत्थर भरवा दिए। इस समोसे को रहीम ने सुबह साढ़े 7 से 9 बजे के बीच चिखली स्थित उसी कम्पनी में बँटवा दिए जहाँ से उसका कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने वाला था। जब कम्पनी के स्टाफ ने इसकी शिकायत की तो कीर्तिकुमार ने 7 मार्च को इसकी शिकायत पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाई। पुलिस ने रहीम शेख, फ़िरोज़ शेख, विक्की शेख, अजर शेख और मजार शेख के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।

इन सभी पर IPC की धारा 328, 120- बी और 34 के तहत कार्रवाई की गई है। अब तक 1 आरोपित को गिरफ्तार किए जाने की खबर है। मामले की जाँच की जा रही है।

गौरतलब है कि हाल ही में गुजरात के वडोदरा से भी इसी प्रकार का मामला सामने आया था। तब चिपवाड इलाके में मौजूद ‘हुसैनी समोसे वाला’ की दुकान से उठाए गए सैम्पल में गोमांस मिलने की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने केस दर्ज कर के 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है जिनकी पहचान युसूफ शेख, नसीम शेख, हनीफ भाटियारा, दिलावर पठान मोइन हबदल और मोबिन शेख के तौर पर हुई है। यह धंधा बिना लाइसेंस के एक बिल्डिंग के 5वें फ्लोर पर चल रहा था। ‘हुसैन समोसे वाला’ वडोदरा की कई दुकानों पर कच्चे समोसे सप्लाई करता था जहाँ दुकानदार इसे तलकर ग्राहकों को बेचते थे।

‘बंगाल में NRC लागू हुआ तो पूरा भारत जलेगा’: केंद्रीय मंत्री को ‘लश्कर’ के नाम से धमकी, चिट्ठी लिखने वाले नजरुल इस्लाम और फैज अली

पश्चिम बंगाल में एनआरसी के मुद्दे को लेकर आतंकी संगठन ‘लश्कर-ए-तैयबा’ ने केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर को धमकी भरा पत्र भेजा है। शांतनु ने दावा किया कि पत्र उन्हें सोमवार (08 अप्रैल 2024) को डाक से भेजा गया था। केंद्रीय मंत्री ने राज्य की सत्ताधारी पार्टी पर भी तीखे शब्दों में हमला बोला। ये पत्र नजरुल इस्लाम साहिब अली और फैज अली नाम के व्यक्तियों ने भेजा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शांतनु ठाकुर को कथित तौर पर लश्कर के नाम से भेजा गया पत्र बांग्ला भाषा में लिखा गया है। पत्र में लिखा है, “शांतनु बाबू मुझे आशा है कि आप ठीक हैं। मैं आपको बता दूँ कि अगर पश्चिम बंगाल में एनआरसी हुआ और एनआरसी के कारण मुसलमानों पर कोई अत्याचार हुआ तो पश्चिम बंगाल और पूरा भारत जल उठेगा। आपका टैगोर हाउस उड़ा दिया जाएगा। ठाकुरबाड़ी में किसी भी व्यक्ति को रहने नहीं दिया जायेगा। क्या आपने लश्कर-ए-तैयबा का नाम सुना है? हम लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य हैं।”

शांतनु ठाकुर को भेजा गया पत्र

केंद्रीय मंत्री ने लश्कर द्वारा धमकी भरे पत्र भेजे जाने को लेकर राज्य की तृणमूल सरकार पर हमला बोला है। शांतनु ने कहा, मैं इस राज्य के मुख्यमंत्री और सरकार को सूचित करना चाहता हूं कि सोमवार को दोपहर 2:10 बजे आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने मुझे एक धमकी भरा पत्र भेजा। उसमें लिखा है कि एनआरसी पर कुछ भी ज्यादती की तो ठाकुरबाड़ी को उड़ा दिया जाएगा। मैं मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूँ कि कोई आतंकवादी संगठन राज्य के सांसद और मंत्री को इस तरह से धमकी नहीं दे सकता। बंगाल में अलोकतांत्रिक स्थिति पैदा हो गई है। ऐसे उग्रवादी समूह तृणमूल के समर्थन से पोषित हो रहे हैं और हमें धमकी दे रहे हैं। मैं गृह मंत्री को बताऊँगा। मुझे इंसाफ चाहिए, यह घटना बंगाल के लिए बेहद शर्मनाक है।

केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर को धमकी भरा पत्र उत्तर 24 परगना के देगंगा के हादीपुर गाँव से भेजा गया है। बता दें कि कुछ समय पहले शांतनु ठाकुर ने एक बयान दिया था, जिसपर काफी बवाल भी हुआ था। उन्‍होंने एक जनसभा के दौरान कहा था, “तृणमूल कॉन्ग्रेस की आप मत सुनो। आप में से कोई भी अपनी जॉब व प्रॉपर्टी नहीं खोएगा। अपने साथ तृणमूल कॉन्ग्रेस के लोगों को साथ लेकर मत चलो। हम किसी भी तृणमूल के सदस्‍य को नागरिकता प्रदान नहीं करेंगे।’

चीन से आई बीमारी, मोदी सरकार ने की नसबंदी, फिर भी रिश्ते तक को रहा लील: जिंदगी छीन रहा मनोरंजन का यह ट्रेंड

बेगूसराय में पति अपनी पत्नी को रील बनाने से मना करता था, पत्नी नहीं मानी तो उसने तंग आकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।

अलवर में एक महिला रील्स बनाती थी, लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स उस पर भद्दे कमेंट करते थे, पति को अच्छा नहीं लगा तो उसने खुद आत्महत्या कर ली।

बिलासपुर में 22 साल का लड़का रील बनाने के लिए छज्जे पर चढ़ा, रील तो बन गई, लेकिन इसकी कीमत उस लड़के को जान गँवा कर चुकानी पड़ी

गाजीपुर में एक लड़का रील बनाने के लिए रेलवे स्टेशन पर गया और किनारे खड़े होकर अपनी रील बनाने लगा। मनचाही रील तो उसके कैमरे में रिकॉर्ड नहीं हो सकी लेकिन ट्रेन से भिड़ने के कारण मौके पर उसकी मौत जरूर हो गई।

तकनीक के साथ बढ़ती दुनिया में आज रील्स का खुमार फैलता जा रहा है। लोगों के दिमाग में इसका बुखार इस कदर चढ़ा हुआ है कि वो भूल गए हैं कि ये प्लेटफॉर्म लोगों के मनोरंजन के लिए अस्तित्व में आया था। आज इस पर वीडियो बनाने के लिए लोग कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं।

ऊपर जो उदाहरण दिए गए हैं वो केवल चंद हैं। आप आए दिन मीडिया में ऐसी खबरें पढ़ सकते हैं जब रील के चक्कर में लोगों ने अपनी जान गँवाई या किसी ने अपना घर तोड़ लिया या किसी ने अपनों को छोड़ दिया… धीरे-धीरे ये हालात और बद्तर हो रहे हैं।

टिकटॉक का असर

कुछ लोगों को लगता होगा कि शायद ऐसा इंस्टाग्राम द्वारा लाए गए रील्स सेक्शन के कारण शुरू हुआ, लेकिन हकीकत यह है वीडियो कंटेंट के नाम पर आसक्त होने का चलन 2015-16 के बाद से शुरू हो गया था, जब एक चीनी एप्लीकेशन ने भारतीय बाजार में अपनी जगह बनाई। नाम था- म्यूजिकली। बाद में इस एप्लीकेशन का नाम आगे चलकर टिकटॉक हुआ।

2020 में LAC पर हुए चीन के साथ विवाद के बाद इस एप्लीकेशन को बैन कर दिया गया मगर तब तक इसका असर शहर के छोटे बच्चों से लेकर गाँव में रहने वाली महिलाओं पर हो चुका था। हर वर्ग के लोग इस पर अलग-अलग तरीके की वीडियो बनाते थे। मकसद सिर्फ फेमस होना था। शुरू में ये सब फिल्मों के डायलॉग या गानों पर लिप सिंक करने से शुरू हुआ मगर लोगों को जैसे जैसे इन प्लैटफॉर्म में संभावनाएँ दिखीं वो कंटेंट में अपनी विविधता लाते गए।

कुछ लोगों ने इन एप्लीकेशन का प्रयोग अपने टैलेंट को दुनिया के बीच पहुँचाने के लिए प्रयोग किया और नए मुकाम तक पहुँचे। वहीं कुछ लोग इस ऐप्लीकेशन का इस्तेमाल सिर्फ फॉलोवर बढ़ाकर फेमस होना समझ बैठे। अब इन फॉलोवर्स को बढ़ाने के लिए चाहे कुछ भी करना पड़े… यूजर्स ने सब शुरू करना किया। नतीजतन, ऐसी अश्लील सामग्रियों की संख्या अचानक से इन प्लेटफॉर्म पर बढ़ी जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता था।

संस्कृति को तारतार होते देख कई लोगों ने समय-समय पर इसकी शिकायतें हुई, लेकिन इसका हल कुछ नहीं निकला उलटा इसका प्रभाव इतना व्यापक होता गया कि बाकी सोशल मीडिया ऐप्लीकेशन को अपने आप का अस्तित्व बचाने के लिए ऐसी तकनीक लानी पड़ी।

टिकटॉक बैन होने पर डिप्रेशन और आत्महत्या

खबरें पढ़ें तो पता चलेगा 2020 में जब चीनी एप्लीकेशन पर भारत सरकार ने बैन लगाया तो वीडियो बनाने वाले वर्ग में इतनी हताशा हुई कि कई जगह से सुसाइड और डिप्रेशन में जाने तक की खबरें आईं।

उस समय इंस्टाग्राम ने अपनी टारगेट ऑडियंस की जरूरत को समझा और अगस्त 2020 में मौका देखते हुए उस प्लैटफॉर्म को वीडियो प्लैटफॉर्म में कन्वर्ट कर दिया जिसे लोग 2020 से पहले पहले सिर्फ फोटो के लिए इस्तेमाल करते थे। टिकटॉक के बैन होने से जो वर्ग सोच में था कि वो अब क्या करेगा, वो फौरन इंस्टाग्राम पर शिफ्ट हो गया। उन्होंने अपनी टिकटॉक वाले कंटेंट को यहाँ पोस्ट करना शुरू किया।

इसके बाद यूट्यूब को भी समझ आ गया कि शॉर्ट वीडियो अपने प्लेटफॉर्म पर लाए बिना वो एक निश्चित वर्ग को अपनी ओर नहीं खींच सकते। नतीजतन वह बिन देरी किए सिंतबर 2020 तक अपना यूट्यूब शॉर्ट्स का सेक्शन मार्केट में ले आए। फिर, फेसबुक को भी नए यूजर्स की जरूरत देखते हुए मार्च 2021 तक फेसबुक रील का सेक्शन बाजार में लाना पड़ा और लोगों को विकल्प पर विकल्प मिलता गया।

दूसरों के जीवन से प्रभावित हो रहे लोग

इन प्लेटफॉर्मों पर फेमस होने वाले लोगों को आज के समय में इन्फ्लुएंसर कहा जाता है। इन्फ्लुएंसर यानी जो दूसरे व्यक्ति को अपने जीवन जीने के ढंग से प्रभावित करें, लेकिन सोचने वाली बात है कि क्या सच में सोशल मीडिया के ये इन्फ्लुएंसर सामान्य लोगों पर सकारात्मक असर छोड़ रहे हैं या लोगों को नए तरह से बीमार बना रहे हैं?

जिन लोगों के जीवन जीने की क्वालिटी सोशल मीडिया के कारण सुधरी, उन्होंने अपना प्रचार इतने जोर शोर से किया कि लोग उस जिंदगी की ओर आकर्षित हो गए। उनके दिमाग में घर कर गया कि इन प्लेटफॉर्म पर कैसे भी फेमस होने पर पैसा मिलता है… इस सोच का असर क्या हुआ, नतीजा सामने है। आज लोग प्राइवेट मोमेंट्स को कंटेंट बनाकर परोस रहे हैं। उनके लिए छोटे कपड़े पहनना आधुनिकता हो गई है और पूजा पाठ करने की जगह उन कपड़ों को पहनकर शूटिंग करवाने की लोकेशन।

शुरू में इस पर विवाद कम हुआ क्योंकि लोगों को जानकारी ही नहीं खी कि आखिर लोग इस तरह की हरकत क्यों करते हैं, लेकिन धीरे-धीरे धार्मिक स्थल ऐसी हरकतों के खिलाफ सख्त हो रहे हैं। हाल का मामला है महाकाल मंदिर में लड़कियाँ रील बनाने पहुँच गईं, जब वहाँ मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने ऐसा करने से मना किया तो उन लड़कियों ने उन्हीं सुरक्षाकर्मियों की पिटाई कर दी।

मामले में FIR हो गई है। शायद कार्रवाई भी जल्द हो लड़कियों पर, लेकिन हमारे लिए चिंता की बात ये नहीं हैं कि इन लड़कियाँ ने ऐसा कैसे कर दिया, हमारे लिए चिंता का विषय यह है कि ऐसी तकनीकें हमारे अपने मानसिक संतुलन को किस हद तक बिगाड़ रही हैं कि हम न अपनों पर चिल्लाने से गुरेज कर रहे हैं न सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों पर हाथ उठाने से। हमारे लिए आसपास मौजूद लोगों से ज्यादा जरूरी रील पर आने वाले लाइक, कमेंट हो गए हैं। सबसे अलग दिखने की चाह में वो हरकत कर रहे हैं जो जानलेवा साबित हो सकती है। उन लोगों से इन्फ्लुेंस हो रहे हैं जिनके जीवन शैली और हमारे जीवन शैली में जमीन आसमान का फर्क हैं।

टिकटॉक ने बनाया मानसिक गुलाम

टिकटॉक भले ही अब भारत से जा चुका है, लेकिन इसने बाजार को चुनौती देने के साथ भारतीय समाज, यहाँ की संस्कृति के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है जिससे उभरना नमुमकिन सा लगता है। सरकार से लेकर बड़ी बड़ी कंपनियाँ जान चुकी हैं अगर सामान्य वर्ग तक अपनी पहुँच बनानी हैं तो माध्यम यही सबसे ज्यादा काम आएगा। यही वजह है कि प्रचार के तरीके बदल गए हैं। लोग अखबार या टेलीविजन पर आने वाले विज्ञापनों से इतना प्रभावित नहीं होते जितना एक रील उनपर अपनी छाप छोड़ती है। कोई न्यूज, न्यूज चैनल के माध्यम से इतनी नहीं वायरल होती जितनी मीम कंटेंट से लोगों तक पहुँच जाती है इसलिए ये तो जाहिर है कि इन प्लेटफॉर्म पर बंदिश लगाना लोगों को वर्चुअली गुलाम बनने का कोई ठोस उपाय नहीं है।

अगर तकनीक के साथ लोगों को बढ़ते हुए देखना है तो उनमें ऐसे प्लेटफॉर्म के प्रति जागरूकता लानी होगी। उन इन्फ्लुएंसर को ये बीड़ा उठाना होगा जिनके पास इतने फॉलोवर हैं कि वो अपनी बात दूर तक पहुँचा सकें। अपने कपड़ों, गाड़ियों को दिखाने से ज्यादा उन्हें समय-समय पर आम यूजर्स को समझाना होगा कि जितना इस रील सेक्शन का फायदा है उसे गलत ढंग से लेने पर नुकसान भी है। लोगों को खुद भी यह समझना होगा कि ये सब तकनीक का मायाजाल है- जो आज हैं, कल नहीं। इनपर आश्रित होकर जीवन में सब छोड़ देना हमें गर्त में ले जाएगा। जैसे टिकटॉक बैन हुआ अगर वैसे ही इन ऐप्लीकेशन पर कोई कसनी होती है तो सोचा है हम निजी जिंदगी में खुद के पास कितने लोगों को पाएँगे?

जिस अनस कुरैशी ने काटा गला, उससे 4 साल से चल रही थी एकता की लव स्टोरी: पीड़ित भाई ने बताया- हम घर लौटे तो वह खून से लथपथ पड़ी थी, FIR की डिटेल

पंजाब के SAS नगर (मोहाली) में शनिवार (6 अप्रैल, 2024) को खराड़ इलाके में अनस ने एकता की कथित तौर पर चाकू मार कर हत्या कर दी। अनस बाद में यहाँ से गाड़ी से भागा लेकिन 80 किलोमीटर दूर उसकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह दुर्घटना मोहाली से 80 किलोमीटर दूर हरियाणा के शाहाबाद के पास हुई। इस मामले में ऑपइंडिया ने खराड़ पुलिस को दर्ज करवाई गई FIR की जानकारी हासिल की है।

एकता की हत्या के मामले में छोटे भाई रोहित ने खराड़ पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई है। अनस कुरैशी के खिलाफ पुलिस ने धारा 302 (हत्या) का मामला दर्ज किया है। पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में रोहित ने बताया है कि वह सनी एन्क्लेव इलाके का रहने वाला है और यहाँ अपने परिवार के साथ रहता है।

एकता की हत्या के मामले में दर्ज करवाई गई FIR (स्रोत: पंजाब पुलिस)

यहाँ उसका बड़ा भाई सुखचैन, मृतका एकता, उसकी माँ और वह स्वयं साथ रहते थे। एकता की आयु 27 वर्ष की थी। एकता पिछले 3-4 साल से प्राइवेट नौकरी कर रही है। कुछ रिपोर्ट्स में यह बताया गया था कि वह एक मल्टीनेशनल कंपनी में जनरल मैनेजर थी।

रोहित ने शिकायत में बताया कि एकता का पिछले 3-4 वर्ष से जमीरुद्दीन के बेटे अनस कुरेशी के साथ प्रेम सम्बन्ध था। अनस मुरादाबाद का रहने वाला था। चंडीगढ़ में वह दद्दू माजरा गाँव में रहता था और चंडीगढ़ के सेक्टर 38 में एक ढाबा चलाता था। अनस और एकता कभी-कभार साथ भी रहते थे। कुछ महीने पहले एकता ने रोहित को बताया था कि अनस के साथ उसके रिश्ते ठीक नहीं चल रहे हैं। यह बताने के कारण अनस नाराज था। रोहित ने बताया कि एकता अपनी रिलेशनशिप में समस्याओं के कारण परेशान थी।

रोहित ने बताया कि 5 अप्रैल की रात उसके ससुर के गाँव में पास ही एक पारिवारिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। रोहित ने एकता से साथ चलने को कहा था, लेकिन उसने यह कहकर मना कर दिया कि अनस उससे मिलने आ रहा है। इसके बाद एकता को छोड़ कर परिवार समारोह में चला गया। 6 अप्रैल की सुबह जब सब वापस घर लौटे तो उन्होंने देखा कि एकता की कार बाहर खड़ी नहीं थी और दरवाजा हुआ खुला था। उन्होंने एकता को फ़ोन किया तब भी उसने कोई जवाब नहीं दिया।

रोहित ने इसके बाद जब अंदर जाकर देखा तो एकता की लाश उसके बेडरूम में खून से लथपथ पड़ी हुई है। एकता के गले पर गहरे घाव का निशान था। रोहित ने शिकायत में कहा, ”मुझे पूरा यकीन है कि अनस कुरेशी ने मेरी बहन एकता की हत्या की है।”

एकता मर्डर केस

5-6 अप्रैल की रात को अनस कुरैशी ने कथित तौर पर एकता की हत्या कर दी और उसकी गाड़ी लेकर भागने की भी कोशिश की। रिपोर्ट्स के अनुसार, रात करीब 2:30 बजे अनस एकता के घर अंदर जाते हुए देखा गया। इसके तीन घंटे बाद अनस अलग कपड़ों में घर से निकला और और एकता की गाड़ी लेकर चला गया। कुछ देर बाद में हरियाणा के शाहबाद में उसकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस मामले में परिवार को गाड़ी के बारे में बताते हुए अनस को सेक्टर 32 के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

पुलिस ने बताया है कि अनस की हालत अभी गंभीर है और हत्या के पीछे का मकसद स्पष्ट नहीं है। अनस के ठीक होने के बाद पुलिस उसे हिरासत में लेकर आगे की जाँच करेगी।

‘जवानों ने मुस्लिम युवक को पीटा, खाना छीन कर थाने में डाला’: खुद आदिल ने खोल दी इस्लामी हैंडल से वायरल दावों की पोल, दिल्ली मेट्रो का वीडियो शेयर कर हो रहा था प्रोपेगंडा

दिल्ली मेट्रो में एक मुस्लिम युवक व सुरक्षाकर्मियों के बीच हो रहे विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में नमाज़ी टोपी पहने एक युवक एक साथ कई जवानों से उलझता दिख रहा है। माह-ए-रमजान के इस वीडियो को शेयर करते हुए इस्लामी हैंडल CISF जवानों पर आदिल नाम के मुस्लिम युवक की टोपी उछालने, पिटाई करने, खाना छीन लेने और इफ्तारी से मना करने जैसे आरोप लगा रहे हैं। ऑपइंडिया ने इन तमाम आरोपों की पड़ताल की।

क्या है वायरल वीडियो में

आए दिन हिन्दू विरोधी और भ्रामक ट्वीट करने वाले वाजिद खान ने रविवार (7 अप्रैल, 2024) को 57 सेकेंड के इस वीडियो को शेयर किया है। वीडियो में पहले सुरक्षा जाँच बैरियर पर मुस्लिम युवक को जवानों से उलझते देखा जा सकता है। कुछ ही सेकेंड बाद वही युवक मेट्रो के बाहर 3 जवानों से विवाद करता दिखाई दे रहा है। उसने CISF जवानों को गालियाँ भी दीं। आखिरकार जवानों ने उस युवक को काबू किया और अपने साथ ले कर अंदर गए। मेट्रो स्टेशन में ही मौजूद किसी यात्री ने इस वीडियो को शूट किया जो बाद में वायरल हो गया।

वाजिद खान ने X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर शेयर कर इस वीडियो के कैप्शन में लिखा, “लंचबॉक्स में केवल खाने-पीने की चीजें जैसे फल होते हैं बम नहीं। दिल्ली-सीलमपुर मेट्रो स्टेशन पर लंचबॉक्स में ‘इफ्तारी’ लेकर जा रहे एक मुस्लिम युवक को BSF के जवानों ने रोका और जब उसने विरोध किया तो उसकी पिटाई कर दी। आखिर मुसलमानों से इतनी दिक्कत क्यों है।” नदीम अहमद नाम के एक अन्य यूजर ने तो सुरक्षाकर्मियों पर मुस्लिम युवक का खाना तक छीन लेने का आरोप लगा डाला।

चित्र साभार- X/@IamNadeem_A

आए दिन विवादित ट्वीट करने वाले शादाब चौहान ने तो CISF जवानों पर कार्रवाई की माँग कर डाली। उन्होंने आरोप लगाया है कि मुस्लिम व्यक्ति को इफ्तारी के लिए मेट्रो में खाना ले कर नहीं जाने दिया गया।

चित्र साभार- X/@shadab_chouhan1

आयशा राजपूत नाम के X हैंडल से तो यह भी दावा किया गया है कि यात्री के साथ CISF जवानों के महज इसलिए अभद्रता की थी क्योंकि वो मुस्लिम था।

चित्र साभार- X/@ahana_00

उकसाया जा रहा मुस्लिमों को

आदिल का वीडियो ‘हिंदुस्तान लाइव फरहान याहिया’ नाम के यूट्यूब चैनल पर भी शेयर हुआ है। इस चैनल के नीचे तमाम लोग CISF जवानों के खिलाफ मुस्लिमों क उकसाते दिखे। वकील अहमद ने लिखा, “गलत को जवाब देना बेहद जरूरी थी। चाहे वो देश का बादशाह ही क्यों न हो।” वहीं AKCreative0837 नाम के यूजर ने लिखा, “तमाशाई देख रहें हैं और उसमें अच्छे-खासे मुस्लिम हैं।”

चित्र साभार- हिंदुस्तान लाइव फरमान याहिया यूट्यूब

न हुई मारपीट, न ही ले जाया गया थाने

अधिकतर इस्लामी हैंडलों ने अज्ञानतावश कॉपी पेस्ट के चक्कर में जवानों को BSF का बताया है। असल में जवान पैरामिलिट्री CISF के हैं जो दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा में अधिकृत रूप से तैनात हैं। ऑपइंडिया की पड़ताल में वीडियो में दिख रहा युवक ‘हिंदुस्तान लाइव फरहान याहिया’ नाम के यूट्यूब चैनल पर इंटरव्यू देता मिला। इस इंटरव्यू में युवक ने अपना नाम आदिल बताया। आदिल ने CISF जवानों द्वारा अपने साथ मारपीट करने और खुद को थाने भिजवाने जैसे खबरों को झूठा और निराधार बताया है।

आदिल का दावा है कि यह कुछ देर की आपसी तू-तू, मैं-मैं थी जिसके बाद जवानों ने उसे बिना पुलिस के हवाले किए घर जाने के लिए छोड़ दिया था।

चेकिंग बनी झगड़े की वजह, आदिल ने दी गालियाँ

मुस्लिम होने के नाते प्रताड़ित करने जैसे आरोपों को सिरे से नकारते हुए आदिल ने झगड़े की वजह को चेकिंग के दौरान हुई कहासुनी को बताया। आदिल ने अपने इंटरव्यू में बताया है कि एक बार चेकिंग में बाद जिस डिब्बे में इफ्तारी का सामान रखा था उसे CISF के जवानों ने दोबारा खोल कर दिखाने के लिए कहा। आदिल ने इस माँग पर अकड़ दिखाई और वहीं से यह विवाद शुरू हो गया। बाद में CISF के जवान आदिल की सख्त तलाशी लेने लगे जिसमें कपड़े और टोपी भी शामिल थीं।

इसी बात पर थोड़ी देर तक झगड़ने के बाद आदिल ने सुरक्षाकर्मियों को गालियाँ भी दीं। चेकिंग के बाद खाने डिब्बा आदिल को वापस भी कर दिया गया था।

दोनों तरफ से कोई कार्रवाई नहीं

इस मामले को अपने-अपने एंगल से तूल दे रहे लोगों को भी आदिल ने जवाब दिया है। एक अन्य वीडियो में उन्होंने कहा कि न तो उन पर कोई कार्रवाई हुई और न ही उन्हें किसी पर करनी है। दोनों तरफ से कोई शिकायत नहीं दी गई है।

जंगल में 8 किमी पैदल चले जवान, फिर मिली वह गुफा जिसमें नक्सलियों ने छिपा रखा था हथियार और विस्फोटकों का जखीरा: छत्तीसगढ़ में बड़ी साजिश विफल

लोकसभा चुनाव 2024 में गड़बड़ी फैलाने में जुटे नक्सलियों को बड़ा झटका लगा। नक्सलियों के ठिकाने से भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ है। सुरक्षा बलों ने विशेष अभियान चलाकर सुकमा की एक गुफा में छिपाकर रखे गए बैरल ब्रेनेड लॉन्टर और ग्रेनेड्स समेत भारी मात्रा में हथियारों को जब्त कर लिया। इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए सुरक्षा बलों को करीब 8 किमी दूर जंगल में ऑपरेशन चलाना पड़ा। जो कि पूरी तरह से सफल रहा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुकमा के तोंडामरका व डब्बामरका इलाकों में नक्सलियों के मूवमेंट की सूचना मिल रही थी, साथ ही भारी मात्रा में हथियारों की भी जानकारी मिल रही थी। इसके बाद पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन ने ये ऑपरेशन चलाया और नक्सलियों के हथियार डिपो नुमा ठिकाने से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए। ये गुफा एक पहाड़ी के नीचे थी, जो नक्सलियों के कब्जे में थी। सुकमा के एसपी किरण चव्हाण ने इस ऑपरेशन की पुष्टि की और कहा कि नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम कर दी गई और आगामी दिनों में आपरेशन और तेज किए जाएँगे।

बरामद हथियारों में बीजीएल लांचर एक, बीजीएल प्रोजेक्टर 22, बीजीएल राउंड 4, बीजीएल राउंड नॉर्मल 57, बीजीएल राउंड स्मॉल 12, बीजीएल कार्टेज 4, बीजीएल नट 7, वायरलेस सेट 5, वायरलेस संट चार्जर 3, वोल्ट मीटर 3, सेफ्टी फ्यूज ग्रीन 10 मीटर, सेफ्टी फ्यूज ब्लैक 5 मीटर, नॉन इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर 105, जिलेटिन 200, गन पाउडर 30 किलोग्राम और विसल कोर्ड 10 सहित 60 आइटम बरामद हुए हैं।

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को नुकसान पहुँचाने के लिए बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (बीजीएल) बनाया है। वो इससे सुरक्षाबलों के कैंप पर ताबड़तोड़ हमले करते हैं। इसे स्थानीय स्तर पर तैयार करने में भी नक्सलियों को सफलता मिल गई थी।

पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने कहा कि सीआरपीएफ के साथ अन्य सुरक्षा बलों ने सात अप्रैल को सर्च अभियान शुरू किया था। डुब्बा मरका सीआरपीएफ कैंप से एफ 208 कोबरा, ई 212 एवं डी 241 कंपनियाँ, डुब्बा मरका और बीरम के जंगलों की तरफ रवाना हुई थीं। सुरक्षा बलों के पास ऐसा इनपुट भी था कि नक्सली घने जंगल में घात लगाकर हमला कर सकते हैं।

बता दें कि इस ऑपरेशन के दूसरे ही दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर में बड़ी जनसभा को संबोधित किया है। माना जा रहा है कि नक्सली लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान हिंसा फैलाने की तैयारी कर रहे थे। सुकमा में सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता से उनके मंसूबों पर पानी फिर गया है।