चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव 2024 की घोषणा कर दी है, साथ ही बता दिया है कि पूरे देश में 7 चरणों में मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी। 19 अप्रैल से 1 जून के बीच मतदान कराया जाएगा और 4 जून को नतीजे घोषित किए जाएँगे। चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही एक संख्या तेजी से सबके दिमाग में कौंधी कि चुनाव आयोग ने 7 चरणों में जब चुनाव की घोषणा की है, तो बिना किसी नई सीट के जुड़े आँकड़ा 544 का कैसे आ रहा है, क्योंकि लोकसभा में सदस्यों की संख्या तो 543 ही होती है और लोकसभा की 543 सीटें ही अस्तित्व में है। बाद में मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि ऐसा मणिपुर की वजह से हो रहा है।
मणिपुर में दो चरणों में लोकसभा चुनाव कराए जाएँगे। मणिपुर में लोकसभा की 2 ही सीट हैं। लेकिन मणिपुर इनर लोकसभा सीट पर एक चरण में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी, तो मणिपुर आउटर लोकसभा सीट पर 2 चरणों में मतदान होगा। जी हाँ, मणिपुर आउटर लोकसभा सीट पर दो चरणों में मतदान होगा, ऐसा इसलिए, क्योंकि हिंसा की वजह से मणिपुर की बड़ी आबादी विस्थापन की समस्या झेल रही है। इनर मणिपुर में 19 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि आउटर मणिपुर में दो तारीखों 19 अप्रैल और 26 अप्रैल को मतदान होगा।
मणिपुर की आउटर लोकसभा सीट के तहत आने वाली चुराचांदपुर और चंदेल जिले में पहले चरण में मतदान कराया जाएगा। ये दोनों ही जिले हिंसा प्रभावित रहे हैं और यहाँ कुकी-मेईती समूहों के बीच हिंसा हुई थी। पहले चरण के लिए आउटर मणिपुर की 15 विधानसभा सीटों हेइरोक, वांगजिंग तेन्था, खांगबोक, वाबगई, काकचिंग, हियांगलाम, सुगनू, चंदेल (एसटी), सैकुल (एसटी), कांगपोकपी, सैतु (एसटी), हेंगलेप (एसटी), चुराचांदपुर (एसटी), सैकोट (एसटी) और सिंघाट (एसटी) में मतदान होगा।
इसके अलावा मणिपुर आउटर की बाकी की 13 विधानसभा क्षेत्रों में 26 अप्रैल को मतदान होगा। ये हैं जिरीबाम, तेंगनौपाल (एसटी), फुंगयार (एसटी), उखरुल (एसटी), चिंगाई (एसटी), करोंग (एसटी), माओ (एसटी), तडुबी (एसटी), तामेई (एसटी), तामेंगलोंग (एसटी), नुंगबा (एसटी), टिपाईमुख (एसटी) और थानलॉन (एसटी) सीट।
पहलीं, मणुपिर इनर लोकसभा सीट के लिए पहले चरण में ही 19 अप्रैल को मतदान की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। चुनाव आयोग ने कहा कि हिंसा से प्रभावित इलाकों से विस्थापित हुए लोगों की सहूलित को ध्यान में रखते हुए शरणार्थी कैंपों में ही मतदान की व्यवस्था की जाएगी। लोकसभा चुनाव के नतीजे पूरे देश में एक साथ 4 जून को आएँगे।
भारत की महत्वपूर्ण धार्मिक नगरी मथुरा में लव जिहाद का एक मामला सामने आया है। यहाँ राशिद नाम के एक मुस्लिम लड़के ने अपनी पहचान छिपाकर एक हिंदू युवती को प्रेमजाल में फँसा लिया। इसके बाद उससे शादी का वादा करके उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। जब लड़की गर्भवती हो गई तो राशिद उसे छोड़कर भाग गया।
मामला मथुरा के गोवर्धन इलाके का है। यहाँ की इंदिरा रसोई में राजस्थान के दौसां की एक हिंदू युवती काम करती थी। युवती का आरोप है कि यहीं पर राशिद नाम का मुस्लिम लड़का अपनी छिपाते हुए अमन बनकर काम करता था। काम करने के दौरान आरोपित राशिद ने उसे अपने प्रेमजाल में फँसा लिया। राशिद लड़की को शादी का झाँसा देता रहता था।
युवती का कहना है कि शादी का झाँसा देकर राशिद ने उससे कई बार शारीरिक संबंध बनाए। इसी बीच वह गर्भवती हो गई। उसने जब अमन बने राशिद पर शादी करने का दबाव बनाया तो अमन का असली रूप सामने आ गया। वह उससे शादी से इनकार कर दिया। राशिद का गोवर्धन का ही रहने वाला है।
इतना ही नहीं, युवती को गर्भवती देखकर राशिद वहाँ से फरार हो गया। युवती ने जब उसकी खोजबीन शुरू की तो पता चला कि जिसे वह अमन समझ रही थी, वह असल में राशिद है। इसके बाद युवती ने इलाके को हिंदूवादी संगठनों से संपर्क किया। हिंदू संगठनों ने युवती को लेकर जाकर गोवर्धन थाने में शिकायत दर्ज करवाई।
इसके अलावा, हिंदू संगठन के सदस्यों ने आरोपित राशिद के भाई को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। हालाँकि, आरोपित अभी फरार है और पुलिस उसकी खोजबीन कर रही है। गोवर्धन थाने के प्रभारी निरीक्षक विनोद बाबू मिश्रा ने बताया कि इस मामले की जाँच कर कार्रवाई की जा रही है।
बताते चलें कि देश भर से इस तरह के मामले सामने आते रहते हैं। अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश के आगरा से इसी तरह के लव जिहाद का एक मामला सामने आया था। यहाँ दिलशान नाम के एक मुस्लिम लड़के ने दीपक कुमार के नाम से एक नाबालिग हिंदू युवती को झाँसा देकर उससे दोस्ती की। उसके बाद उससे प्रेम के नाम पर शारीरिक संबंध बनाया।
दिलशान खुद को हिंदू दिखाने के लिए अपने हाथ में कलावा बाँधता था और माथे पर चंदन भी लगाता था। कुछ समय बाद जब लड़की को सच्चाई पता चली तो उसने विरोध करना शुरू कर दिया। नाबालिग के विरोध के बाद दिलशान उसे धमकाने लगा। इस तरह वह नाबालिग को लगातार प्रताड़ित करता था। आखिरकार उसकी प्रताड़ना से तंग आकर लड़की ने थाना ट्रांस यमुना में शिकायत दर्ज कराई।
दिलशान लगभग चार सालों तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा। उसने लड़की की अश्लील वीडियो भी बना ली। इस बीच लड़की के घरवालों ने उसकी शादी कहीं और जगह तय कर दी। इसके बाद नाबालिग ने हालात की जानकारी देते हुए दिलशान पर शादी का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इस आरोपित दिलशान ने घर से भागने के लिए नाबालिग से रुपए लाने के लिए कहा और पैसे लेकर भाग गया।
देश में लोकसभा चुनाव 2024 की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने राजनीतिक दलों से व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से दूर रहने की अपील की है। उन्होंने ईवीएम को लेकर उठ रहे सवालों पर कहा कि यह 100 प्रतिशत सुरक्षित है। उन्होंने आजकल सामने आ रहे एक्सपर्ट को भी लताड़ लगाई, जो ईवीएम हैक होने जैसे आरोप लगाते हैं। इस दौरान वे शेरो-शायरी वाले अंदाज में भी नजर आए।
मीडिया से बात करते हुए राजीव कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग एथिकल पॉलिटिकल डिस्कोर्स के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को अपने सार्वजनिक जीवन की मर्यादा एवं शालीनता को बनाए रखना चाहिए। उन्हें गाली-गलौच एवं बहुत व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो आज दुश्मन हैं, वे कल दोस्त भी हो सकते हैं।
इस दौरान राजीव कुमार ने शायर बशीर बद्र की शेर ‘दुश्मनी जमकर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे कि जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा ना हों’ को भी पढ़ा। राजीव कुमार ने कहा, “आजकल जल्दी-जल्दी दोस्त बनने और दुश्मन बनने की प्रक्रिया कुछ ज्यादा चल रही है। राजनीतिक दल ऐसा कुछ गंदा ना बोलें कि वे एक-दूसरे के दुश्मन बन जाएँ और फिर कुछ ना हो सके।”
इसके साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ने ईवीएम को राजनीतिक दलों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर भी उन्हें लताड़ लगाई। ईवीएम पर सवाल उठाने वालों में कॉन्ग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी सहित बहुत से विपक्षी दल हैं, जो अक्सर कहते रहते हैं कि ईवीएम में हेरफेर करके चुनाव परिणाम को बदला जा सकता है। इसे हैक करने या ईवीएम बदलने का भी आरोप लगाते रहे हैं।
राजीव कुमार ने कहा, “ईवीएम के बारे में मैं बहुत बार बता चुका हूँ। देश में एक ऐसा अभियान भी चल रहा है, जिसको बताना जरूरी है। इस देश की संवैधानिक कोर्ट- हाई कोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट मिलाकर, लगभग 40 बार ईवीएम की चुनौतियों को देख चुकी हैं। ये चुनौतियाँ थीं कि ईवीएम हैक हो सकती है, चोरी हो जाती है, 19 लाख गायब हैं, इसमें दिखाई नहीं देता है, ये कंप्यूटर से खराब हो जाती है, रिजल्ट बदल सकता है, मैन्युपुलेट हो सकता है। आदि आदि।”
ईवीएम पर उठाए गए सवालों को लेकर राजीव कुमार ने आगे कहा, “इन सवालों पर हर बार कोर्ट ने इसे रिजेक्ट किया है। कोर्ट ने कभी कहा- इसमें वायरस लग ही नहीं सकता। कभी कहा कि वोट बेकार नहीं हो सकते। कभी कहा कि हेराफेरी या छेड़छाड़ नहीं हो सकती है, कभी कहा कि ईवीएम एक फुलप्रूफ मशीन है और इसमें छेड़छाड़ की बात आधारहीन है। कभी कहा कि एक के बदले पाँच वीवीपैट गिनिए।”
ईवीएम को लेकर अक्सर कोर्ट जाने वाले लोगों की बात करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, “वीवीपैट को पाँच बार गिनना हमने शुरू कर दिया है। लेकिन, ईवीएम पर उठाते हुए कोर्ट जाने वालों पर जुर्माना लगना शुरू हो गया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। फिर सुप्रीम कोर्ट ने 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। अभी हाल ही में माननीय उच्चतम न्यायालय ने एक पिटीशन खत्म की है।”
उन्होंने कहा कि ईवीएम को लेकर बार-बार ‘विलाप’ क्यों करना? कोर्ट भी आखिर उनकी बात कब तक सुनेगा? ईवीएम की भ्रांतियों को दूर करते हुए राजीव कुमार ने कहा, “ईवीएम किसी सूरत में हैक नहीं हो सकती। जो परिणाम आते हैं, वही इसके प्रमाण हैं। कोई भी सोशल मीडिया पर ईवीएम लेकर बैठ जाता है। वो एक डिब्बा लेकर बैठ जाता है।”
ईवीएम हैक होने का दावा करने वालों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, “आजकल एक नया ट्रेंड शुरू हुआ एक्सपर्ट बनने का। आजकल एक-दो एक्सपर्ट चल रहे हैं सोशल मीडिया पर। उनकी कहाँ की डिग्री है, कहाँ के एक्सपर्ट हैं, उसे भी थोड़ा देखना चाहिए। वो बताते हैं कि ये डिब्बा है। ये टूलबॉक्स जैसा डिब्बा होता है। उसके अंदर क्या है, ये पता नहीं है। उस गत्ते के डिब्बे में से एक स्लीप भी निकलती है। वो धारणा भी हो जाती है कि ये स्लीप बदल गई, क्योंकि मैंने यहाँ बटन दबाया था और यहाँ ये गलत निकल गई।”
राजीव कुमार ने कहा कि जो खुद को एक्सपर्ट बताकर सोशल मीडिया पर इस तरह का दिखावा करते हैं, क्या वे ये बताते हैं कि उन्होंने क्या दबाया था। उन्होंने कहा कि वे ये भी नहीं बताते हैं कि उस तथाकथित बटन को दबाने से क्या निकला। राजीव कुमार ने कहा कि ईवीएम आने की वजह से ही आज छोटी-छोटी राजनीतिक दलों का अस्तित्व है। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर के जमाने में उनका उतना अस्तित्व नहीं था।
ईवीएम परीक्षण को लेकर उन्होंने कहा, “सारे ईवीएम का तीन-तीन बार मॉक पोल होता है। ये सब कैंडिडेट्स के सामने में होता है। हमने ईवीएम पर एक किताब बनाई है। इसमें सारे सवालों के जवाब हैं। ये हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध है। थोड़ा पढ़ने का तो कष्ट कीजिए, खासकर जो एक्सपर्ट महोदय हैं वे देखें। आजकल कोई भी एक्सपर्ट बना जाता है। किसी पर कोई रोक नहीं है।”
माहौल को हल्का-फुल्का करते हुए राजीव कुमार ने कहा, “रात को मुझे लगा कि इस पर प्रश्न आएगा जरूर। फिर रात में मैंने अपने हाथ कुछ लिखा। आपको सुनाता हूँ। ये ईवीएम कह रही है- ‘अधूरी हसरतों का इल्जाम हर बार हम पर लगाना ठीक नहीं। वफा खुद से नहीं होती खता ईवीएम की बताते हो’। बाद में जब परिणाम आता है तो उस पर कायम भी नहीं रहते। आप ही पक्ष में रिजल्ट आ जाता है।”
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने मीडिया के सामने साफ शब्दों में कहा कि ईवीएम 100 प्रतिशत सुरक्षित हैं। इसमें किसी तरह छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा, “हमने पिछले दो सालों में इसमें कई और सुधार किए हैं। किस नंबर की ईवीएम किस बूथ पर जाएगी, वहाँ के कैंडिडेट को इसका नंबर दिया जाएगा। इसलिए इस पर संदेह की गुंजाइश नहीं है।”
पाकिस्तान के उत्तरी पश्चिमी इलाके वजीरिस्तान के मीर अली में पाकिस्तानी फौज की एक पोस्ट पर बम हमले की घटना सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, हमले के लिए विस्फोटकों से भरा वाहन पोस्ट में घुसा दिया गया। इससे इमारत का तो हिस्सा ढहा ही, साथ ही हमलावर भी उस रास्ते से अंदर घुस गए। हमले में 7 फौजियों की मौत हो गई। वहीं पाकिस्तानी फौज ने 6 हमलावरों को मार गिराने की जानकारी दी है।
रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि 16 मार्च की सुबह-सुबह यह घटना घटी। उत्तरी वजीरिस्तान जिले के मीर अली में सुरक्षा बलों की चौकी पर हमला बोला गया। पाकिस्तान सेना की मीडिया अफेयर विंग आईएसपीआर ने बताया कि ये एक आत्मघाती हमला था, जिसमें दो अधिकारियों समेत 7 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं। इनकी पहचान लेफ्टिनेंट कर्नल, एक कैप्टन और 5 फौजी के तौर पर हुई है।
पाकिस्तानी फौज ने कहा कि शुरुआत में उनकी फौज ने हमलावरों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया था। इसके बाद ही हमलावरों ने विस्फोटकों से भरा वाहन उनकी चौकी में घुसाया और एक के बाद एक धमाके हुए। इन धमाकों में बिल्डिंग का एक हिस्सा तो ढहा ही लेकिन साथ में 5 फौजी भी मारे गए।
हमले में हुए नुकसान को देखने के बाद लेफ्टिनेंट कर्नल सैयद काशिफ और कैप्टन मुहम्मद अहमद बदर के नेतृत्व में अन्य फौजियों ने वहाँ मोर्चा संभाला। जवाबी कार्रवाई में उन्होंने 6 हमलावरों को मार तो गिराया, मगर फिर लेफ्टिनेंट कर्नल काशिफ और कैप्टन बदर गोली का शिकार हुए और मारे गए। उनके अलावा 17 फौजी भी हमले में घायल हुए हैं। उनमें से 7 अस्पताल में हैं।
صدر مملکت کی شہداء کیلئے بلندی درجات ، اہل خانہ کیلئے صبر جمیل کی دعا
صدر مملکت کا شہداء کے اہل خانہ کے ساتھ اظہارِ ہمدردی
— The President of Pakistan (@PresOfPakistan) March 16, 2024
इस हमले के बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने मीर अली में हुए हमले की निंदा की। साथ ही मारे गए फौजियों को श्रद्धांजलि दी और मृतकों के परिवार को सांत्वना दी।
लोकसभा चुनाव 2024 की घोषणा की जा चुकी है। 19 अप्रैल से शुरू होने वाली मतदान की प्रक्रिया 1 जून 2024 तक चलेगी, तो 4 जून को नतीजों की घोषणा की जाएगी। इस लोकसभा चुनाव में तीन राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में सात चरणों में मतदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ने इसके पीछे की वजह राज्यों का बड़ा होना, सीटों की संख्या ज्यादा होना और राजनीतिक हिंसा को ध्यान में रखे जाने को बताया है। आइए जानते हैं कि किस चरण में कहाँ मतदान कराए जाएँगे।
चरण के हिसाब से लोकसभा सीटों पर मतदान की तारीख
पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान होगा। इसमें 21 राज्यों की 102 सीटों पर वोटिंग होगी।
दूसरे चरण में 26 अप्रैल को वोटिंग होगी। इसमें 13 राज्यों की 89 सीटों पर वोटिंग होगी।
तीसरे चरण में 7 मई को वोटिंग होगी। 12 राज्यों की 94 सीटों पर वोटिंग होगी।
चौथे चरण में 13 मई को वोटिंग होगी। 10 राज्यों की 96 सीटों पर वोटिंग होगी।
पाँचवें चरण में 20 मई को वोटिंग होगी। 8 राज्यों की 49 सीटों पर वोटिंग होगी।
छठें चरण में 25 मई को वोटिंग होगी। 7 राज्यों की 57 सीटों पर वोटिंग होगी।
सातवें चरण में 1 जून को वोटिंग होगी। 8 राज्यों की 57 सीटों पर वोटिंग होगी।
— Election Commission of India (@ECISVEEP) March 16, 2024
22 राज्यों में एक ही चरण में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान
लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान 22 राज्यों में एक चरण में ही मतदान की प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। इन 22 राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, आँध्र प्रदेश, चंडीगढ़, दमन दीव नागर हवेली, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, केरल, लक्षद्वीप, लद्दाख, मिजोरम, मेघालय, नागालैंड, पुडुचेरी, सिक्किम, तमिल नाडु, पंजाब, तेलंगाना और उत्तराखंड हैं।
इन राज्यों में कई चरणों कराए जाएँगे लोकसभा चुनाव
लोकसभा चुनाव 2024 में 4 राज्यों कर्नाटक, राजस्थान, त्रिपुरा और मणिपुर में दो चरणों में चुनाव कराए जाएँगे। छत्तीसगढ़ और असम में तीन चरणों में लोकसभा चुनाव कराए जाएँगे। तो 3 राज्यों ओडिशा, मध्य प्रदेश और झारखंड में 4 चरणों में लोकसभा चुनाव आयोजित होंगे। महाराष्ट्र और जम्मू कश्मीर में 5 चरणों में लोकसभा चुनाव कराए जाएँगे तो उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में 7 चरणों में लोकसभा चुनाव कराए जाएँगे।
चुनाव आयोग द्वारा जारी
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, ‘चुनाव आयोग इस लोकसभा चुनाव के लिए 2 साल से तैयारी कर रहा था। दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक चुनाव में कई चुनातियाँ होती हैं। भारत में इस बार 96.8 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। पूरे देश में 10.48 लाख मतदान केंद्र बनाए जाएँगे। इस चुनाव में 1.5 करोड़ मतदान कर्मी ड्यूटी करेंगे।’ चुनाव आयुक्त ने बताया कि इस साल देश में 96.8 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे। इसमें 49.7 करोड़ पुरुष मतदाता हैं, तो 47.1 करोड़ महिला मतदाता। इस चुनाव में 1.8 करोड़ नए मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, तो इस बार 20 से 29 वर्ष के 19.74 करोड़ मतदाता देश के भविष्य का फैसला करेंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कुछ राज्यों में लोकसभा चुनाव सात चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं, इसके पीछे कई कारण है। इस बार चुनाव आयोग किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। चुनाव आयोग धन बल, बाहुबल, गलत सूचनाओं के प्रसार पर रोक के साथ ही और आदर्श आचार संहिता के पालन कराने के लिए दृढ़संकल्पित है।
थाइलैंड की महिलाएँ आजकल चौकन्ना हैं। उन्हें डर है कि कोई उनकी ब्रा और पैंटी को चुरा ले जाएगा। ये डर ऐसे ही नहीं फैला है। पिछले कुछ दिन से सूखने के लिए डाली गईं महिलाओं की ब्रा और पैंटी लगातार गायब हो रहे हैं। ऐसी शिकायतों के साथ कई महिलाएँ पुलिस के पास गईं। पता चला है कि एक चोरी है जो कीमती सामान नहीं, बल्कि महिलाओं की ब्रा और पैंटी चुरा ले जा रहा है।
सीसीटीवी फुटेज की जाँच करने के बाद उस चोर की करतूत के वीडियो भी सामने आए हैं। ऐसे में पुलिस ने उस चोर की तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय रिपोर्ट मुताबिक, घटना थाइलैंड के फुकेत के पातोंग की है। इसकी शुरुआत इस महीने के शुरू में हुई थी। हालाँकि, इसी सप्ताह यह मामला लोगों के संज्ञान में आया। चोर की इस बेशर्मी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
‘मिस जा’ (बदला हुआ नाम) के रूप में सामने आई एक महिला ने बताया कि उसके इनरवेयर चुराने की घटना 3 मार्च 2024 को रात लगभग 11.20 बजे हुई। महिला ने कहा कि नीले रंग की टी-शर्ट और काले रंग का शॉर्ट्स पहना एक व्यक्ति आया और उसके लगभग 18 जोड़ी ब्रा और पैंटी चुरा ले गया।
लगभग 42 साल की इस महिला का कहना है कि वह किराए के कमरे में रहती है और उसने कमरे के सामने ही ब्रा-पैंटी को सूखने के लिए टाँगा था। महिला का कहना है कि उस शख्स ने लगभग 7.50 पाउंड (1,846 रुपए) मूल्य की लगभग सात ब्रा और लगभग 22 पाउंड (2,321 रुपए) मूल्य की 15 जोड़ी पैंटी चुरा ली।
महिला का कहना है कि यह बेहद डराने वाला वाकया है। उसका कहना है कि वह अपने अंडरवियर को दोबारा कमरे के सामने लटकाने की इस डर से हिम्मत नहीं करती है कि वे फिर से चोरी हो जाएँगे। महिला का कहना है कि उसने पुलिस को इस चोरी की जानकारी दे दी। इसके बाद कई अन्य महिलाएँ भी सामने आईं और इसी तरह की शिकायत दर्ज कराईं।
महिला का कहना है, “हम चाहते हैं कि पुलिस अपराधी को पकड़े, क्योंकि इससे यहाँ रहने वाले सभी लोगों के लिए बहुत चिंता और परेशानी पैदा हो गई है।” वहीं, पुलिस ने पुष्टि की कि वह इस विकृत अपराधी को पकड़ने के लिए आस-पड़ोस के सीसीटीवी फुटेज की जाँच कर रही है।
इसी तरह की एक घटना सितंबर 2021 में जापान से सामने आई थी। यहाँ एक बुजुर्ग धुलाई मशीनों से महिलाओं के अंडरगार्मेट चुरा लेता था। उसके घर से ऐसे 730 अंडरगार्मेंट बरामद हुए थे। दरअसल, ओइता के दक्षिणी जापानी प्रान्त में 56 वर्षीय टेटसुओ उराता को एक लॉन्ड्री शॉप में 21 वर्षीया छात्रा से 6 जोड़ी पैंटी चुराते हुए पकड़ा गया था।
साल 2021 की गर्मियों के दौरान अमेरिका के केंटकी प्रांत के फ्रैंकलिन काउंटी में महिलाओं की अंडरवियर चुराने की कई घटनाएँ सामने आई थीं। आखिरकार पुलिस ने 22 जनवरी 2022 को 36 वर्षीय जॉन हॉकिन्स III को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके घर से लगभग महिलाओं की लगभग 100 जोड़ी ब्रा और पैंटी बरामद किए थे।
भारत में भी इस तरह की कई घटनाएँ
यह दुनिया की अकेली घटना नहीं है। इस तरह की मनोविकृति वाली घटनाएँ देश-दुनिया भर से आती रहती हैं। भारत में इस तरह की कई घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। सितंबर 2022 में मध्य प्रदेश के ग्वालियर से ऐसा ही मामला सामने आया था। एक चोर छत पर सूख रही महिलाओं की पैंटी और ब्रा की चोरी किया करता था।
इसी तरह मार्च 2021 में उत्तर प्रदेश के मेरठ में लड़कियों के अंडरगारमेंट्स चुराने वाले आरोपित रोमिन अब्बासी और मोहम्मद अक्कास को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उनके पास से चोरी के अंडरगार्मेंट्स भी बरामद हुए थे। उसने कहा कि अभी तक उसने अपने साथियों के साथ 30 से ज्यादा घरों से महिलाओं के अंडरगार्मेंट चोरी किए हैं।
मोहम्मद अक्कास ने बताया कि वह पहले अपने दोस्तों के साथ ऐसी महिलाओं के घर को तलाशता था, जो बाहर कपड़े सुखाती हों। फिर मौका देख कर वहाँ से उनके कपड़े चुरा लेता था। इसके बाद से महिलाओं ने अपने अंडरगार्मेंट बाहर सुखाने बंद कर दिए थे। उसका एक वीडियो भी सामने आया था, जिमें वह स्कूटी से आकर एक घर के बाहर सूख रहे महिलाओं के अंडरगार्मेंट्स चुराते दिख रहा था।
गुजरात के अहमदाबाद से जुलाई 2023 में ब्रा-पैंटी की चोरी को लेकर मारपीट का मामला सामने आया था। दरअसल, ग्रामीण इलाके में सुखाने के लिए डाली गईं महिलाओं के ब्रा-पैंटी गायब हो रहे थे। एक महिला ने चोर को पकड़ने के लिए मोबाइल से रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। इससे पता चला कि यह चोरी कोई और नहीं, बल्कि उसका पड़ोसी पुरुष ही करता है। इसके बाद दोनों परिवारों में जमकर मारपीट हुई।
‘द केरल स्टोरी’ फिल्म के जरिए अपनी एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीतने वाली एक्ट्रेस अदा शर्मा की नई फिल्म ‘द नक्सल स्टोरी-बस्तर’ रिलीज होते ही विवादों में आ गई। मीडिया खबरों में बताया जा रहा है कि कर्नाटक और अन्य भारतीय राज्यों में फिल्म की स्क्रीनिंग को रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा अदा शर्मा के पास इस संबंध में अदालती समन भेजने की तैयारी भी चल रही है। साथ ही फिल्म में दिखाए गए सीन्स पर प्रतिबंध लगाने की माँग उठने की भी चर्चा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार दो घंटे और चार मिनट की इस फिल्म की कथित तौर पर कुछ संवादों के चलते आलोचना हो रही है। साथ ही कहा जा रहा है कि इसमें कुछ राजनेताओं को बदनाम किया गया है। अब ये संवाद और राजनेता कौन हैं अभी इसका पता नहीं चल पाया है। दर्शकों ने जो सीन उन्हें आपत्तिजनक लगे उसे हटाने की माँग की है।
बस्तर फिल्म की कहानी
बस्तर फिल्म की कहानी में भी माओवादी द्वारा की गई हिंसा को दिखाया गया है। कहानी में अदा शर्मा को आईपीएस के तौर पर दिखाया गया है जिन पर निर्दोष जनजातियों के एनकाउंटर करने का मामला चलता दिखाया जाता है। सोशल मीडिया पर मौजूद प्रतिक्रिया बताती है कि अदा शर्मा की एक्टिंग लोगों को बहुत पसंद आई। वहीं फिल्म को लेकर ओपिनियन मिक्स हैं।
बता दें कि अदा शर्मा की इस फिल्म को ‘द केरल स्टोरी’ के फिल्म निर्माता, सुदीप्तो सेन द्वारा निर्देशित किया गया है। 15 मार्च 2024 को ये सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी। फिल्म में अदा शर्मा मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म में उनके अलावा यशपाल शर्मा, नमन जैन, इंदिरा तिवारी और शिल्पा शुक्ला भी हैं।
‘द केरल स्टोरी’ पर भी उठी थी बैन की माँग
गौरतलब है कि पिछले साल जब अदा शर्मा की द केरल स्टोरी फिल्म आई थी उस समय भी कई राज्यों में इसे न चलाने की बात उठी थी। बंगाल सरकार ने तो फिल्म को तथ्यहीन और समाज में वैमनस्यता फैलाने का हवाला देकर उसपर प्रतिबंध लगवा दिया था। लेकिन बाद में जब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा तो उच्चतम न्यायालय ने यह फैसला पलट दिया।
भारतीय चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव 2024 की घोषणा कर दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) राजीव कुमार ने दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की। इसी के साथ पूरे देश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। 18वीं लोकसभा के लिए मतदान 7 चरणों में कराए जाएँगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एनडीए की दूसरी सरकार यानी देश की 17वीं लोकसभा का कार्यकाल 16 जून 2024 को समाप्त हो रहा है, उससे पहले ही पूरी चुनावी प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी। पहले चरण के लिए 19 अप्रैल 2024 को मतदान कराए जाएँगे, जो 1 जून तक चलेंगे। लोकसभा चुनाव 2024 के लिए मतगणना 4 जून को होगी।
लोकसभा चुनाव 2024 से जुड़ी अहम तारीखें
पहले चरण का मतदान 19 अप्रैल 2024 को कराया जाएगा।
दूसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल को कराया जाएगा।
तीसरे चरण का मतदान 7 मई को मतदान कराया जाएगा।
चौथे चरण में 13 मई को मतदान कराया जाएगा।
पाँचवें चरण में 20 मई को मतदान कराया जाएगा।
छठें चरण में 25 मई को मतदान कराया जाएगा
सातवें और आखिरी चरण में मतदान 1 जून को कराया जाएगा।
चुनाव आयोग 4 जून को मतगणना करेगी और नतीजों की घोषणा कर दी जाएगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, ‘चुनाव आयोग इस लोकसभा चुनाव के लिए 2 साल से तैयारी कर रहा था। दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक चुनाव में कई चुनातियाँ होती हैं। भारत में इस बार 96.8 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। पूरे देश में 10.48 लाख मतदान केंद्र बनाए जाएँगे। इस चुनाव में 1.5 करोड़ मतदान कर्मी ड्यूटी करेंगे।’ चुनाव आयुक्त ने बताया कि इस साल देश में 96.8 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे। इसमें 49.7 करोड़ पुरुष मतदाता हैं, तो 47.1 करोड़ महिला मतदाता। इस चुनाव में 1.8 करोड़ नए मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, तो इस बार 20 से 29 वर्ष के 19.74 करोड़ मतदाता देश के भविष्य का फैसला करेंगे।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग ने ‘Know You Candidate’ ऐप के बारे में भी जानकारी दी है। चुनाव आयोग ने कहा कि आपराधिक इतिहास वाले उम्मीदवारों को तीन बार अखबार में अपने केस के बारे में बताना पड़ेगा, साथ ही राजनीतिक पार्टियों को भी बताना पड़ेगा कि उन्होंने क्यों आपराधिक रिकॉर्ड वाले उम्मीदवार को टिकट दिया। चुनाव आयोग ने किसी भी धाँधली को रोकने के लिए विजिल ऐप भी लॉन्च किया है, जिसमें शिकायत मिलते ही 100 मिनट के अंदर कार्रवाई की जाएगी।
चुनावी हिंसा से सख्ती से निपटेगा चुनाव आयोग
लोकसभा चुनाव में हिंसा को रोकने के लिए चुनाव आयोग ने कड़े कदम उठाने की घोषणा की है। चुनाव आयोग इसके लिए हर जिले में एक कंट्रोल रूम बना रही है। इसमें टीवी, सोशल मीडिया, वेब कास्टिंग, पुलिस की 1090 की लाइन और ग्रीवेंस पोर्टल पर नजर रखी जाएगी। अगर कहीं से भी कोई शिकायत मिलती है, तो तुरंत उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसा पूरे देश में किया जाएगा। हमनें सभी डीएम, एसएसपी को कड़ी कार्रवाई के लिए कहा है। चुनाव आयोग ने तीन साल से जमे अधिकारियों को बदलने के निर्देश दिए हैं।
धन बल पर सख्त हुई चुनाव आयोग
धन बल पर रोक लगाने के लिए चुनाव आयोग कड़े कदम उठा रहा है। इसके लिए केंद्रीय एजेंसियों की मदद ली जाएगी। चुनाव आयोग ने मुफ्त का सामान बाँटने वाली शिकायतों पर कार्रवाई के लिए कहा है। इसके लिए, जीएसटी, एक्साइज, कस्टम, पुलिस, नॉरकोटिक्स, इनकम टैक्स, सभी विभाग को काम पर लगाया गया है। बैंकों को धन की आवाजाही पर नजर रखने के लिए कहा गया है। यही नहीं, हरेक हवाई जहाज और हेलीकॉप्टर की भी जाँच की जाएगी। सड़क से लेकर पानी और हवा के रास्ते पैसों के प्रसार को रोका जाएगा। ताकि धन बल से चुनाव को प्रभावित न किया जा सके।
फेक न्यूज से निपटने की तैयारी
चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है। चुनाव आयुक्त ने बताया कि आप किसी की भी निंदा कर सकते हैं, खुद चुनाव आयोग की भी, लेकिन गलत जानकारी नहीं फैला पाएँगे, इसके लिए लगातार नजर रखी जाएगी। गलत सूचना फैलाने वाले लोगों के खिलाफ सेक्शन 79 (3)(बी) के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए ‘मिथ वर्सेज रियलिटी’ नाम से फैक्ट चेक वेबसाइट भी चुनाव आयोग शुरू करेगी।
आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि इस बार आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। झूठा चुनाव प्रचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मीडिया के लिए भी गाइडलाइन्स जारी की गई हैं। मुख्य चुनाव आयोग ने कहा कि इस बार राजनीतिक पार्टियों के स्टार प्रचारकों को पहले ही चुनाव आयोग की गाइडलाइन थमा दी जाएगी, ताकि वो आचार संहिता का उल्लंघन न करें। इसकी जिम्मेदारी भी राजनीतिक दलों को दी गई है। यही नहीं, चुनावी सभाओं के दौरान भड़काऊँ भाषण देने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। चुनाव आयोग ने देश भर में 2100 ऑब्जर्वर्स को भी तैनात किया है।
चार राज्यों में विधानसभा चुनाव का ऐलान
लोकसभा चुनाव के साथ ही 4 राज्यों में विधानसभा चुनाव की भी घोषणा कर दी गई है। देश के चार राज्यों ओडिशा, आंध्र प्रदेश, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव भी कराए जाएँगे। इन राज्यों में विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इनमें से ओडिशा राज्य में बीजेडी लंबे समय से सत्ता में है, तो आँध्र प्रदेश में वाईएसआरसीपी पार्टी सत्ता में है। अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में एनडीए की सरकार है। वहीं, देश के कई राज्यों में खाली 26 विधानसभा सीटों पर भी उप-चुनाव कराए जाएंगे।
लोकसभा चुनाव की तारीख 2024 की घोषणा दो नए चुनाव आयुक्तों- ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू की नियुक्ति के दो दिन बाद हुई है। इन दोनों चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पिछले हफ्ते अरुण गोयल के आश्चर्यजनक इस्तीफे और 14 फरवरी को अनूप चंद्र पांडे के रिटायरमेंट के बाद की गई है। लोकसभा चुनाव की तारीखों 2024 की घोषणा के बाद अब आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) लागू हो गई है।
पिछले चुनाव में एनडीए को मिला था पूर्ण बहुमत
भारत के संविधान के आर्टिकल 83 के तहत हर पाँच साल में लोकसभा का चुनाव कराया जाता है। देश की 543 लोकसभा सीटों के लिए ये चुनाव होते हैं। देश में सबसे ज्यादा 80 लोकसभा सीटें उत्तर प्रदेश में हैं, तो महाराष्ट्र 48 लोकसभा सीटों के साथ दूसरे स्थान पर है। पश्चिम बंगाल में 42 सीटें हैं, तो बिहार में 40, वहीं तमिलनाडु में 39 लोकसभा सीटें हैं। बता दें कि पिछले संसदीय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 303 सीटें जीती थी, जबकि कॉन्ग्रेस महज 52 सीटें ही जीत पाई थी।
बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के छोटे भाई अरबाज खान का निकाह हुए 3 महीने से ज्यादा होने के बाद मीडिया में एक नई जानकारी सामने आना शुरू हुई है। दरअसल, खबरों में बताया जा रहा है कि अरबाज खान ने जब शूरा खान से निकाह करने की अपने घर में बताई तो उन्हें इस बारे में दोबारा सोचने को कहा गया। वहीं ये भी दावा है कि अरबाज की दोनों बहनों को तो शूरा पसंद ही नहीं थीं।
जूम पर प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, अरबाज के परिवार का ऐसा रवैया इसलिए था क्योंकि शूरा की पहले शादी हुई थी और उस शादी से उनकी एक 8 साल की बेटी भी है। रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि शौहर से अलग होने के बाद शूरा ने अपनी बच्ची को अपने साथ रखा और कभी उसे उसके अब्बा से नहीं मिलने दिया।
ऐसे में जब अर्पिता और अलवीरा को इसके बारे में जानकारी हुई तो उन्हें ये सब बहुत अजीब लगा। उन्हें शुरू में अरबाज की पसंद ही नहीं पसंद आई। सलमान खान ने तो अरबाज को निकाह से पहले दोबारा सोचने को भी कहा था। हालाँकि, अरबाज इस बारे में पहले ही फैसला ले चुके थे… जब उन्होंने किसी की कोई बात नहीं सुनी तो निकाह का कार्यक्रम अर्पिता खान के घर पर हुआ और दोनों ने इस्लामी रीति रिवाज से निकाह पढ़ा। इस दौरान उनका और मलाइका अरोड़ा खान का बेटा भी उनके साथ था।
जूम की ही रिपोर्ट ये भी बताती है अरबाज खान और शूरा खान को लेकर किए जा रहे दावों को अरबाज ने पूरी तरह निराधार और फर्जी बताया है। उनके मुताबिक किसी को कोई परेशानी नहीं थी कि वो शूरा से निकाह करें। उन्होंने कहा कि मीडिया में आई ये खबर बहुत ज्यादा निराश करने वाली है। जिस भी सूत्र ने इसकी जानकारी दी है उसका मेरे परिवार से कोई कनेक्शन ही नहीं है।
गौरतलब है कि एक ओर अरबाज खान ने इस खबरों को झूठा बताया है वहीं उनके बड़े भाई सलमान खान का बिग बॉस में दिया एक रिएक्शन भी चर्चा में है। जब फिनाले में अरबाज को सलाह देने की बात हुई और सलमान ने कहा- “नहीं ये मेरी सुनते ही नहीं है, अगर सुनते तो…।” इसके बाद सलमान खान चुप हो जाते हैं और सब हँसने लगते हैं।
बता दें कि अरबाज खान और शूरा खान का निकाह 24 दिसंबर 2023 को हुआ था। दोनों की निकाह सेरेमनी में घर के सभी लोग शामिल हुए थे। तभी, मीडिया ने बताया था कि 41 साल की शूरा की 56 वर्ष के अरबाज से मुलाकात पटना शुक्ला के सेट पर हुई थी जिसमें रवीना टंडन लीड रोल में थी और शूरा उन्हीं की मेकअप आर्टिस्ट थीं। इसी दौरान अरबाज और शूरा की बातचीत बढ़ी और दोनों डेट करने लगे।
कहा जाता है कि भारत की राजधानी दिल्ली ही वह जगह है, जहाँ महाभारत कालीन इंद्रप्रस्थ स्थित था। इसके साक्ष्य जुटाने के लिए समय-समय पर प्रयास होते रहे हैं। अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने इंद्रप्रस्थ को खोज निकालने के लिए अंतिम प्रयास के तहत खुदाई का काम शुरू करने जा रहा है। यह खुदाई दिल्ली के पुराना किला में किया जाएगा। इसे पांडवों का किला माना जाता है।
बताते चलें कि पुराना किला की इससे पहले भी खुदाई हो चुकी है। 15 अगस्त 1947 में देश की आजादी के बाद से इस किले की पाँच बार खुदाई हो चुकी है। यह छठी बार खुदाई होगी। पिछली खुदाई में यहाँ से भगवान विष्णु, गणेश और लक्ष्मी की मूर्तियों के साथ-साथ मौर्यकाल से लेकर विभिन्न कालों के अवशेष मिल चुके हैं। यहाँ मिले अवशेष लगभग 2500 वर्ष तक पुराने हैं।
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम प्रयास के तहत इस किले की खुदाई अगले महीने से शुरू हो सकती है। भारत सरकार के सुझाव के बाद इस बार खुदाई में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किए जाने की उम्मीद है। नवीनतम तकनीक के तहत उत्खनन से पहले ASI लिडार सर्वेक्षण की योजना बना रहा है। इसके माध्यम से जमीन के अंदर दबे अवशेषों के बारे में पता लगाया जाता है।
इसकी जिम्मेदारी ASI के वरिष्ठ अधिकारी वसंत स्वर्णकार के हाथ में दी गई है। वे पुराना किला की तीन बार खुदाई करा चुके हैं। पहले हाे चुकी खोदाई में काफी कुछ मिला है। हालाँकि, इससे पांडवों की राजधानी इंद्रप्रस्थ पुराना किला में थी, इसकी स्पष्ट सबूत नहीं मिले हैं। शास्त्रों के तहत दी जानकारी के बारे में पुराना किला ही वह स्थान है, जहाँ पांडवों की राजधानी इंद्रप्रस्थ होने की बात प्रतीत होती है।
कहा जाता है कि पांडवों ने ईसा पूर्व 1400 वर्ष सबसे पहले दिल्ली को अपनी राजधानी इन्द्रप्रस्थ के रूप में बसाया था। ASI के अधिकारिक रेकॉर्ड के अनुसार, शेरशाह सूरी (1538-45) ने दीनपनाह नगर में तोड़फोड़ पुराना किला बनाने का काम शुरू किया था, लेकिन वह बनवा नहीं पाया। इसे मुगल हुमायूँ मुगल ने पूरा करवाया। उस दौरान यह किला यमुना नदी के किनारे था।
साल 1954-55 में पहली बार यहाँ पर खुदाई ASI के पूर्व महानिदेशक प्रोफेसर बीबी लाल की देखरेख में कराई गई थी। इसके बाद यह खुदाई 1969-1973 में कराई गई। इसके 41 साल बाद 2013-14 में, फिर 2017-2018 में और आखिर में 2022-23 में यहाँ खुदाई हुई। हर बार की खुदाई में यहाँ कई प्रकार के अवशेष मिले हैं। यह व्यापार का केंद्र भी रहा है। इसके भी अवशेष मिले हैं।
अब तक खुदाई में यहाँ टेराकोटा के खिलौने और भूरे रंग के चित्रित मिट्टी के बर्तनों के टुकड़े मिले। ये बर्तन ईसा से 1000 वर्ष पूर्व के हैं। ऐसे प्रमाण वाले बर्तन महाभारत से संबंधित अनेक स्थलों पर पाए जा चुके हैं। इनका काल 1000 ईसा पूर्व निर्धारित किया गया था। इसके अलावा 2500 वर्ष पुराने अवशेषों में चूड़ी, सिक्के, राजमुद्रा, पानी निकासी के लिए नालियाँ समेत कई चीजें मिली हैं।
हालाँकि, अब तक की खुदाई में यहाँ कोई स्ट्रक्चर नहीं मिला है। लेकिन साल 2023 में हुई खुदाई में यहाँ से मौर्य काल, शुंग काल, कुषाण काल, गुप्त गुप्त, राजपूत काल, सल्तनत काल और फिर मुगल काल के अवशेष मिलते रहे हैं। इनमें मौर्यकालीन कुआँ मिला है, जो करीब 2,000 साल पुराना पुराना बताया जाता है। गुप्त काल के घरों की निशानी भी यहाँ मिली।
पांडवों की इस राजधानी का पता लगाने के लिए पुराना किला के अलावा, अन्य कई जगहों पर खुदाई हो चुकी है। हालाँकि, साल 1955 में पुराने किले के दक्षिण-पूर्वी भाग में हुई खुदाई में मिट्टी के पात्रों के टुकड़े पाए गए जो कि महाभारत काल की वस्तुओं से मेल खाते हैं। हालाँकि, ASI अभी भी एक मजबूत प्रमाण की तलाश कर रही है, जिसको लेकर बार-बार खुदाई कराई जा रही है।
दिल्ली के लालकोट और किला राय पिथौरागढ़ किले की साल 1957-58 में, लालकोट किले की 1958-60 में, मकदूम साहेब दरगाह की साल 1973-74 में, सीरी फोर्ट की साल 1976-77 में, सीरी फोर्ट दीवार की 2003 में, लाल काेट और अनंगताल किले की 1992 से 95 में, सलीमगढ़ किला की साल 2007-8 में और तुगलकाबाद किला की साल 2000-2005 में खुदाई हो चुकी है।