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कैसे होंगे ‘मोदी सरकार 3.0’ के पहले 100 दिन? PM मोदी का मंत्रियों को निर्देश – अभी से तैयार कीजिए पूरा खाका: मंत्रालयों में बैठक, बड़े फैसलों की आहट

देश में आम चुनावों के लिए तारीखों की घोषणा हो गई है। 7 चरण में लोकसभा चुनाव होंगे, जिनका परिणाम 4 जून, 2024 को जारी कर दिया जाएगा। भाजपा ने NDA गठबंधन के लिए ‘अबकी बार, 400 पार’ का नारा दिया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अकेले भाजपा के लिए 370 सीटों का लक्ष्य रखा है। विश्लेषक और तमाम ओपिनियन पोल भी मान कर चल रहे हैं कि मोदी सरकार का हैट्रिक लगना तय है। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तीसरा कार्यकाल कैसा होगा ये अभी से तय होने लगा है।

दरअसल, रविवार (17 मार्च, 2024) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें पीएम मोदी ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिया कि वो अगली सरकार के पहले 100 दिनों के कामकाज का खाका अभी से तैयार करना शुरू कर दें। उन्होंने मंत्रियों से यहाँ तक कहा कि अगले 5 साल के फैसलों के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी जाए। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि वो अपने-अपने मंत्रालयों के सचिवों और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक में।

इस बैठक में मोदी सरकार 3.0 के पहले 100 दिनों और अगले 5 वर्षों के एजेंडे को बेहतर तरीके से लागू किए जाने पर चर्चा करने का निदेश मंत्रियों को मिला है। बुधवार (20 मार्च, 2024) को ही 19 अप्रैल, 2024 को प्रथम चरण में 102 सीटों पर होने वाले चुनावों के लिए अधिसूचना जारी कर दी जाएगी, जिसके बाद नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। 1 जून को अंतिम चरण का चुनाव है। सबकी की नज़रें इस पर हैं कि मोदी सरकार को इस बार कितना बड़ा बहुमत मिलता है।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि अनिश्चितता से जूझ रही दुनिया में ये बात तय है कि भारत तेज़ी से विकास करता रहेगा। उन्होंने ‘इंडिया टुडे कन्क्लेव’ में ही साफ़ कर दिया था कि वो लोग ‘राष्ट्र प्रथम’ की सोच वाले हैं, जबकि विपक्ष ‘परिवार प्रथम’ को लेकर चलता है। उन्होंने पहले ही ऐलान कर दिया है कि अगले 5 वर्षों में कुछ बड़े फैसले होंगे, निर्णायक नीतियाँ बनेंगी। उन्होंने स्थिर, सक्षम एवं मजबूत भारत बनाने की गारंटी देते हुए कहा कि विकास नई ऊँचाइयों पर पहुँचेगा।

लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन ने DMK को दिया ₹509 करोड़ का इलेक्टोरल बॉन्ड, मेगा इन्फ्रा ने दिए ₹105 करोड़: कुल रकम मिली ₹656.5 करोड़, बाकी सिर्फ ₹42.5 करोड़ में सिमटे?

तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी DMK को क्या लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन ही चलाता है? उसने DMK को मिले कुल चंदे का 77 प्रतिशत से ज्यादा अकेले ही दिया है। इलेक्टोरल बॉन्ड के सार्वजनिक किए जाने के बाद ये जानकारी सामने आई है। इस जानकारी के मुताबिक, इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए डीएमके को कुल 656.5 करोड़ का चंदा मिला है, जिसमें अकेले 509 करोड़ रुपए लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन ने दिया है। हैरानी की बात है कि 1368 करोड़ रुपए का चंदा देने वाली सैंटियागो मार्टिन की कंपनी फ्यूचर गेमिंग ने अपना 37 प्रतिशत चंदा सिर्फ डीएमके को ही दे दिया है।

डीएमके उन पार्टियों में से एक है, जिसने चुनाव आयोग को अपने डोनर्स की भी जानकारी दी है। साल 2019 से 2023 तक डीएमके को कुल 656.5 करोड़ रुपए इलेक्टोरल बॉन्ड किए जरिए मिले है। इसमें से दो ग्रुपों ने सबसे ज्यादा चंदा दिया है। एक है लॉटरी किंग कहे जाने वाले सैंटियागो मार्टिन की कंपनी फ्यूचर गेमिंग ने 509 करोड़ का चंदा दिया है। ये कंपनी मूल रूप से तमिलनाडु के कोयंबटूर की ही है। वहीं मेगा इन्फ्रा ने 105 करोड़ रुपए के इलेक्टोरल बॉन्ड डीएमके को दिए हैं। ध्यान रहे कि ये आँकड़े साल 2023 तक के ही हैं, जो चुनाव आयोग ने सार्वजनिक किए हैं।

चेन्नई सीमेंट्स ने भी दिया चंदा

डीएमके को चंदा देने वालों में इंडिया सीमेंट्स ने भी चंदा दिया है। इंडिया सीमेंट्स ने डीएमके को 2019-20 में 10 करोड़ का चंदा दिया। तो 2021-22 में 4 करोड़ का चंदा दिया। इंडिया सीमेंट्स वही कंपनी है, जो आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स टीम की मालिक है। इंडिया सीमेंट्स द्वारा दी गई 14 करोड़ की राशि उसी 42.5 करोड़ रुपए में से हैं, जो बाकी की कंपनियों ने डीएमके को दिए हैं। इन तीनों कंपनियों के दिए चंदे को जोड़ दिया जाए तो 628 करोड़ की राशि इन्हीं कंपनियों ने दी है, जबकि बाकी की कंपनियों ने कुल मिलाकर 28.5 करोड़ की ही फंडिंग की। इसमें भी 10 करोड़ रुपए सन नेटवर्क ने दिए हैं, जो डीएमके से ही जुड़ी मानी जाती है।

डीएमके कोषाध्यक्ष टीआर बालू ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड योजना में दानदाताओं की जानकारी गुप्त रखे जाने का प्रावधान है, फिर भी डीएमके अपने दानदाताओं की जानकारी सार्वजनिक कर रही है। इस जानकारी के मुताबिक, डीएमके को अप्रैल 2019 और मार्च 2020 के बीच इंडिया सीमेंट्स, MEIL, रैमको सीमेंट्स, अपोलो ग्रुप, LMW कंपनी, बिड़ला ग्रुप, त्रिवेणी ग्रुप और IRB जैसे कॉरपोरेट्स से 45.50 करोड़ रुपये मिले।

अक्टूबर 2020 में पार्टी को दो कंपनियों- फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और MEIL से 80 करोड़ रुपये मिले। अप्रैल 2021 और जनवरी 2022 के बीच डीएमके को ईबी के माध्यम से सबसे अधिक दान प्राप्त हुआ – 306 करोड़ रुपये। अप्रैल 2023 से नवंबर 2023 तक पार्टी को 65 करोड़ रुपये और मिले। इस तरह से फ्यूचर गेमिंग ने 1368 करोड़ में से 509 करोड़ रुपए डीएमके को दिए हैं, जबकि 859 करोड़ रुपए अन्य को दिए हैं। अभी ये जानकारी सामने नहीं आ पाई है।

चुनाव आयोग के आंकड़ों से पता चला है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कुल 6,986.5 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बांड भुनाए , जो 2019-20 में प्राप्त अधिकतम 2,555 करोड़ रुपए है। कॉन्ग्रेस को इलेक्टोरल बॉन्ड से 1,334.35 करोड़ रुपए मिले हैं लेकिन वो टीएमसी से पीछे है। बीजेपी के बाद सबसे ज्यादा इलेक्टोरल बॉन्ड टीएमसी को मिला है, जिसकी कुल कीमत ​​1,397 करोड़ रुपए है। भारतीय राष्ट्र समिति (बीआरएस) चुनावी बांड के माध्यम से चौथे सबसे बड़े प्राप्तकर्ता के रूप में उभरी है, जिसने 1,322 करोड़ रुपए के बांड भुनाए हैं।

अनजान लड़कियों के सामने कपड़े उतार देता है मोहम्मद रिजवान, महिला पुलिसकर्मियों को भी नहीं छोड़ता है: समंदर घूमने आने वाली लड़कियों को निशाना बनाने का आरोप

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसे महाराष्ट्र के मुंबई का बताया जा रहा। इस वीडियो में एक युवक रील बनाने के दौरान अपनी बॉडी का प्रदर्शन अनजान महिलाओं के आगे करता दिखाई दे रहा। युवक का नाम मोहम्मद रिज़वान है जिस पर रील के दौरान ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों को भी टारगेट करने का आरोप है। नेटिज़ेंस मुंबई पुलिस से रिज़वान पर कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

पाञ्चजन्य के पत्रकार शिवम दीक्षित ने रविवार (16 मार्च 2024) को मोहम्मद रिज़वान से जुड़े 4 वीडियो अपने X हैंडल पर शेयर किए हैं। अपने कैप्शन के तौर पर उन्होंने लिखा, “नाम – मोहम्मद रिजवान। निवासी – धारावी, मुम्बई। काम – पब्लिसिटी के लिए बार-बार महिला पुलिसकर्मी, और समुद्र किनारे घूमने आई हिंदू लड़कियों को साजिशन टारगेट बनाना और उसकी विडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करना। वहीं बुर्के और हिजाब वाली मुस्लिम लड़की के साथ विडियो सभ्यता और प्रेम का बनावटी परिचय देकर इस्लाम के प्रति आकर्षित करना।”

इसके बाद शिवम ने मुंबई पुलिस को अपने ट्वीट में टैग किया और लिखा, “ये मोहम्मद रिजवान वर्दी वाली देवियों को लक्ष्य बनाकर करोड़ों महिलाओं की रोल मॉडल की छवि को बट्टा लगा रहा है। और हाँ मोहम्मद रिजवान.. तुमसे कहीं ज्यादा सुंदर और हैंडसम लड़के पुलिस की वर्दी पहनकर इस देश की सेवा में लगे हैं। बच के रहना उनसे… किसी दिन सामना हो गया तो तुम्हारी हीरोपंती सेकेंड से पहले उतार देंगे।” शिवम ने रिज़वान की गिरफ्तारी होने तक लोगों से शेयरिंग जारी रखने की अपील की है।

वायरल कई वीडियो में कथित तौर पर मोहम्म्द रिज़वान कभी शहर के अंदर तो कभी समुद्र के किनारे छोटी-छोटी रील्स बनाता है। इन रील्स में वह लड़कियों को कभी स्लीवलेस टी शर्ट पहन कर तो कभी अपनी कमीज उतार कर अपने डौले दिखाता है। बाद में वह लड़कियों पर कैमरे ऐसे सेट करता है जैसे कि वो सभी उसे ही देख रहीं हो। इन रील्स में लड़कियों के तौर पर रिज़वान ने कई बार उन महिला पुलिसकर्मियों को दिखाया है जो अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं।

वीडियो को रोमांटिक रंग देने के लिए रिज़वान बैकग्राउंड म्यूजिक का सहारा लेता है। मोहम्मद रिजवान की इन करतूतों को कई अन्य X हैंडलों ने भी कार्रवाई की माँग के साथ शेयर किया है। ऑपइंडिया ने मोहम्मद रिज़वान की पड़ताल की तो हमें उसका फेसबुक हैंडल मिला। उसने अपनी प्रोफ़ाइल ‘रिज़वान लाइफस्टइल’ नाम से बनाई है। अपने परिचय के तौर पर रिज़वान फिटनेस मॉडल लिखता है। वह मुंबई के धारावी इलाके का रहने वाला है। शनिवार (16 मार्च) को ही रिज़वान ने ‘अल्हमदुल्लिल्लाह’ लिख्नते हुए अपनी सेल्फी शेयर की है जिसमें उसने अपनी लोकेशन मुंबई लिखी है।

जब हमने इस प्रोफ़ाइल को और खंगाला तो पाया गया कि एक ही नहीं बल्कि कई वीडियो में मोहम्मद रिज़वान अनजान लड़कियों को अपनी तरफ आकर्षित दिखाते हुए रील बना चुका है। कम से कम 3 ऐसे वीडियो भी हैं जिसमें उसने आम लड़कियों के बदले ड्यूटी पर तैनात मुमाई पुलिस की महिला स्टाफ को इसी तरह से दिखाने की कोशिश की है। रिज़वान की धारावी इलाके में एक दुकान भी है। हालाँकि, रिज़वान अपनी हरकतों खिलाफ सोशल मीडिया पर चल रहे मूवमेंट से बेपरवाह नजर आ रहा है। उसने अपनी 16 मार्च को ही बनाई गई रील में भी समंदर के किनारे बैठी कुछ लड़कियों के आगे टी शर्ट उतारी है।

हावभाव से तो यह भी लगता है कि कई महिला पुलिस स्टाफ और अन्य लड़कियों को यह भी नहीं पता रहता कि उनका इस्तेमाल कोई रिज़वान अपनी रील में कर रहा है। फिलहाल रिज़वान के खिलाफ लगातार उठ रही कार्रवाई की माँग पर अभी तक मुंबई पुलिस का कोई जवाब नहीं आया है। मुंबई पुलिस का आधिकारिक वर्जन या कोई अन्य अपडेट आने के बाद उसे खबर में अपडेट किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ के पूर्व CM भूपेश बघेल पर FIR, आर्थिक अपराध शाखा करेगी महादेव बेटिंग एप धोखाधड़ी की जाँच: नामांकन पर भी लटक सकती है तलवार

महादेव बेटिंग एप मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। रायपुर की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने उनके खिलाफ FIR दर्ज की है। इस FIR में भूपेश बघेल के अलावा 20 अन्य आरोपित भी शामिल हैं। इन सभी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित कई अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई है। यह केस सोमवार (4 मार्च 2024) को ED (प्रवर्तन निदेशालय) की जाँच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रायपुर की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने 4 मार्च को महादेव बेटिंग एप मामले में FIR दर्ज की है। इस FIR में पूर्व CM भूपेश बघेल सहित कुल 21 लोगों के नाम आरोपितों के तौर पर हैं। इन सभी पर जालसाजी, साजिश रचना, सम्पत्ति हड़पना, फर्जी कागजात लगाना जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। सभी पर IPC की धारा 467, 468, 471, 406, 120 बी, 34 और 420 के तहत कार्रवाई की गई है। EOW ने मामले की जाँच शुरू भी कर दी है।

साधना न्यूज़ के मुताबिक भूपेश बघेल के अलावा इस FIR में रवि उप्पल, शुभम सोनी, चंद्रभूषण वर्मा, असीम दास, सतीश चंद्राकर, नीतीश दीवान, सौरभ चंद्राकर, अनिल कुमार अग्रवाल, विकास छापरिया, रोहित गुलाटी, विशाल आहूजा, धीरज, अनिल कुमार दमबानी, भीम सिंह यादव, सुनील कुमार, हरिशंकर, सुरेंद्र बागड़ी और सुरेश चोखानी आदि के नाम हैं। वहीं आरोपितों की लिस्ट में 20वें नंबर पर संबंधित ब्यूरोक्रेट्स व पुलिस अधिकारी का जिक्र है। 21वें नंबर पर अज्ञात निजी व्यक्ति लिखा गया है। पूर्व CM भूपेश बघेल का नाम आरोपितों की लिस्ट में 6वे नंबर पर है।

बताते चलें कि भूपेश बघेल को कॉन्ग्रेस ने राजनादगांव से लोकसभा प्रत्याशी के तौर पर टिकट दिया है। कुछ रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि अब ED भूपेश बघेल को चुनाव में नामांकन करने से रोक सकती है। चुनाव आयोग की नियमावली के मुताबिक यदि किसी प्रत्याशी पर FIR दर्ज है तो उसे केस की जानकारी सार्वजानिक करनी होगी। साथ ही दागी प्रत्याशी को टिकट देने वाली पार्टी को भी ऐसे उम्मीदव्वार को चुनाव लड़ाने की वजह को स्पष्ट करना पड़ता है।

महादेव बेटिंग एप से हो रहे गैरकानूनी काम और उसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कनेक्शन की पूरी क्रोनोलॉजी समझने के लिए हमारी इस रिपोर्ट पर क्लिक करें।

दीवार पर ‘बिस्मिल्लाह अल-रहमान अल-रहीम’ लिख बना दी खुली मस्जिद, 5 बार होने लगी नमाज: लोगों ने पूछा तो अफगान छात्र ने मारा थप्पड़, गुजरात यूनिवर्सिटी में बवाल

गुजरात विश्वविद्यालय के छात्रावास में शनिवार (16 मार्च) को विदेशी और स्थानीय छात्रों के बीच टकराव हो गया। इसके चलते ‘ए’ ब्लॉक के कमरा नंबर 23 में लैपटॉप, एसी यूनिट और अन्य सामान को नुकसान पहुँचा। इसके साथ ही बाहर पार्क किए गए वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। इसको लेकर छात्रावास के सुरक्षाकर्मियों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

विश्वविद्यालय के छात्रावास में अफगानिस्तान, अफ्रीका, श्रीलंका और अन्य देशों के लगभग 300 विद्यार्थी रहते हैं। इनमें से 75 को ‘ए’ ब्लॉक में रखा गया है। 16 मार्च 2024 को इनमें से कुछ छात्र हॉस्टल के मैदान में खुली जगह पर नमाज पढ़ रहे थे। इसी दौरान लगभग 25 हिंदू छात्रों ने सवाल उठाया और किसी सार्वजनिक स्थान, मस्जिद और मदरसा में जाने के लिए कहा।

इसके जवाब में हारून अफगानी नाम का एक अफगान छात्र आगे बढ़कर एक हिंदू युवक को थप्पड़ मार दिया। देखते ही देखते यह विवाद झड़प में तब्दील हो गया। झड़प के दौरान पथराव किया गया और कमरों में तोड़फोड़ की गई। इस झड़प में कुछ छात्र घायल भी हुए हैं। घटना रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है।

पुलिस ने बताया कि दो विदेशी छात्र – एक श्रीलंका से और दूसरा कजाकिस्तान से – विवाद में घायल हो गए हैं। सिटी पुलिस कमिश्नर ने बताया कि घटना के दस मिनट के भीतर कानून प्रवर्तन घटनास्थल पर पहुंँच गया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि निर्णायक थप्पड़ समेत झड़प को कैद करने वाले विभिन्न वीडियो फिलहाल जाँच के दायरे में हैं।

अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त जीएस मलिक ने कहा, ”गुजरात विश्वविद्यालय में लगभग 300 विदेशी छात्र पढ़ते हैं और लगभग 75 विदेशी छात्र ए ब्लॉक (छात्रावास) में रहते हैं। कल रात करीब साढ़े दस बजे छात्रों का एक समूह नमाज पढ़ रहा था। लगभग 20-25 लोग आए और उनसे पूछा कि वे यहाँ नमाज क्यों पढ़ रहे हैं, उन्हें मस्जिद में जाकर पढ़ना चाहिए। इसके बाद उनके बीच बहस छिड़ गई।”

उन्होंने कहा, “बहस झड़प में बदल गई, पथराव हुआ और बाहर से आए लोगों ने उनके कमरों में तोड़फोड़ की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और 20-25 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक व्यक्ति की पहचान कर ली गई है। कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है। दोनों छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।”

जाँच के दौरान पता चला है कि हाल ही में विदेशी छात्रों द्वारा एक दीवार और मंच का खुली मस्जिद के रूप में अवैध रूप से उपयोग किया जा रहा था। दीवार पर अरबी लिपि में ‘बिस्मिल्लाह अल-रहमान अल-रहीम’ लिखा हुआ था। यहाँ विदेशी मुस्लिमों छात्रों द्वारा समूहों में दिन में पाँच बार नमाज अता की जाती थी।

कॉन्ग्रेस और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने घटना में शामिल विदेशी मुस्लिम छात्रों को अपना समर्थन दिया है। ओवैसी ने विदेशी छात्रों के नजरिए से वीडियो साझा किया है, जिससे सांप्रदायिक माहौल गरमा गया है। कॉन्ग्रेस के पूर्व विधायक गयासुद्दीन शेख भी विदेशी मुस्लिम छात्रों के पक्ष में बोल चुके हैं।

घटना के बाद विश्वविद्यालय के कुलपति के साथ एसीपी और डीसीपी स्तर के अधिकारी गुजरात विश्वविद्यालय के छात्रावास पहुँचे। इसके अतिरिक्त, घटना की जाँच के लिए नौ जाँच टीमों का गठन किया गया है। गुजरात के गृह राज्यमंत्री ने इस मामले को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सर्किट हाउस में पुलिस आयुक्त के साथ एक बैठक बुलाई।

छात्र संगठन ABVP ने कहा, “गुजरात विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों के साथ कल देर रात हुई घटना पर एबीवीपी गुजरात सरकार और पुलिस से सख्त कार्रवाई की माँग करती है। कैंपस में इस तरह की घटनाएँ कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। हम विश्वविद्यालय प्रशासन से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की माँग करते हैं।”

बजरंग दल की गुजरात इकाई ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट किया, “पहले गुजरात यूनिवर्सिटी में हुई घटना की सच्चाई देखनी चाहिए। कैडरों के साथ गार्ड (कैंपस का सुरक्षा गार्ड) भी थे और उन्होंने नमाजियों को सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने से रोकने का प्रयास किया। नमाजियों ने उग्र होकर हमला किया तो हिंदू समाज ने अपनी प्रतिक्रिया दी और आगे भी देते रहेंगे।”

बिग बॉस OTT 2 का विनर Elvish Yadav गिरफ्तार, साँपों के जहर की तस्करी मामले में नोएडा पुलिस ने पूछताछ के बाद की कार्रवाई

बिग बॉस ओटीटी 2 के विजेता यूट्यूबर एल्विश यादव को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें साँप के जहर मामले में गिरफ्तार किया गया है। एल्विश से पूछताछ चल रही है, जिसके बाद उन्हे कोर्ट में पेश किया जाएगा। बता दें कि एल्विश यादव पर पार्टी में साँपों के जहर के इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। फॉरेंसिक रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई थी कि जिस जहर का नमूना लैब गया था वह कोबरा का ही था।

दरअसल नोएडा पुलिस ने रेव पार्टी में साँप के जहर के इस्तेमाल के मामले में एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें पाँच लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था। उस मामले में एल्विश ने खुद को बेगुनाह बताया था, लेकिन फॉरेंसिक लैब, कॉल डिटेल्स व अन्य सबूतों के आधार पर नोएडा पुलिस ने उनसे जाँच में शामिल होने के लिए कहा था। एल्विश यादव इसी मामले में पुलिस के पास पहुँचे थे। उनसे पुलिस ने पूछताछ की और सवालों के संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

नोएडा पुलिस एल्विश को गिरफ्तार करने के बाद जिला अस्पताल लेकर गई और उनका मेडिकल चेकअप कराया। इसके बाद वो एल्विश को अपने साथ ले गई। अब नोएडा पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश करेगी। हालाँकि रविवार होने के चलते अभी ये साफ नहीं हो पाया है कि उन्हें सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा, या जज के घर पर उन्हें पेश किया जाएगा।

ये है पूरा मामला

बता दें कि बीते साल यानी 8 नवंबर 2023 को नोएडा पुलिस ने रेव पार्टी में साँप के जहर के इस्तेमाल के मामले में एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले में नोएडा पुलिस ने राहुल, टीटूनाथ, जयकरन, नारायण और रविनाथ को गिरफ्तार किया था। नोएडा पुलिस ने राहुल नाम के शख्स के पास से साँप का जहर भी बरामद किया था और बाद में इनके ठिकानों से छापेमारी कर कुछ जिंदा साँप भी पकड़े थे। इस मामले में बीजेपी सांसद मेनका गाँधी के संगठन ने भी दखल दिया था और एल्विश के खिलाफ केस दर्ज कराया था।

नोएडा पुलिस ने फार्म हाउसों में चलने वाली पार्टियों में इस जहर के इस्तेमाल की बात कही थी। इस मामले में एल्विश यादव का नाम सामने आया था। बताया गया कि एल्विश यादव पार्टी के आयोजक एल्विश से ही संपर्क करते थे। हालाँकि मामला सामने आने के बाद एल्विश ने सफाई देते हुए इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया था।

अपनी सफाई में एल्विश यादव ने कहा था, “मैं सुबह उठा, मैंने मीडिया में न्यूज देखी कि एल्विश नशीले पदार्थ के बिजनेस में शामिल हैं। मैं बता दूँ कि मेरे खिलाफ जितने भी चीजें चल रही हैं वो फेक हैं। मेरा इससे कोई लेना देना नहीं है।” हालाँकि नोएडा पुलिस ने फॉरेंसिक रिपोर्ट, कॉल डिटेल्स और बयानों के आधार पर अब एल्विश को गिरफ्तार कर लिया है।

मानसिक दिव्यांग युवक का अपहरण, कुकर्म की वजह से गुप्तांग से आ गया खून; पहले भी नाबालिग बच्चे को हवस का शिकार बना चुका मोहम्मद अयूब खाँ धराया

राजस्थान के पाली जिले में एक 21 वर्षीय युवक से कुकर्म का मामला सामने आया है। पीड़ित मानसिक तौर पर दिव्यांग बताया जा रहा है। अप्राकृतिक सेक्स का आरोप मोहम्मद अयूब खाँ नाम के एक व्यक्ति पर लगा है जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना 10 मार्च 2024 की है। अयूब पर पूर्व में भी एक नाबालिग बच्चे से कुकर्म करने का आरोप लग चुका है। पुलिस अयूब को रिमांड पर ले कर उसकी अन्य करतूतों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना पाली जिले के थाना क्षेत्र सुमेरपुर की है। यहाँ मस्जिद गली के पास रहने वाला अयूब एक ढाबे पर काम करता है। 10 मार्च को मानसिक तौर पर दिव्यांग युवक भटकते हुए उसकी गली के पास पहुँच गया। यहाँ रास्ते में उसे अयूब मिला। उसने युवक को डराया-धमकाया और जबरन एक ऑटो में बिठा लिया। यहाँ से वो पीड़ित को अपने साथ शिवगंज और फालना नाम की 2 जगहों पर ले गया। आरोप है कि इन दोनों स्थानों पर उसने पीड़ित से कुकर्म किया।

कुकर्म के बाद अयूब पीड़ित को ऑटो से सुमेरपुर इलाके में छोड़ दिया और खुद भाग निकला। अयूब की करतूत से पीड़ित के प्राइवेट पार्ट में घाव हो गया था। वह जैसे-तैसे अपने घर पहुँचा तो परिजनों ने घाव देख कर इसकी वजह पूछी। अयूब का नाम सामने आने पर उसके खिलाफ पुलिस में तहरीर दी गई। पीड़ित को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने मोहम्मद अयूब खाँ को गिरफ्तार कर लिया है। अपहरण और अप्राकृतिक सेक्स की धाराओं में FIR दर्ज की गई है।

शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि कुकर्म को ले कर अयूब का इतिहास भी कलंकित रहा है। उस पर साल 2005 में भी एक नाबालिग बच्चे से कुकर्म करने का आरोप लगा था। इस्माइल खान के बेटे अयूब पर आरोप है कि वो नाबालिग बच्चों को अपना शिकार बनाता है। बाद में वो मासूमों को डरा धमका कर मुँह बंद रखने की धमकी भी देता है। पुलिस ने अयूब का काला इतिहास खँगालने के लिए अदालत से उसका कस्टडी रिमांड लिया है। माना जा रहा है कि अभी अयूब की कई और करतूतों से पर्दा उठ सकता है।

बाराबंकी में काशी विश्वनाथ की तर्ज पर ‘महादेवा कॉरिडोर’: लोध्रेश्वर मंदिर क्षेत्र की 15 एकड़ जमीन परियोजना में शामिल, यूपी सरकार ने जारी किया बजट

लोकसभा चुनाव 2024 की अधिसूचना जारी होने से ठीक पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने बाराबंकी में लोध्रेश्वर महादेवा मंदिर के क्षेत्र को कॉरिडोर में बदलने के लिए निर्णायक कदम उठाया और लोध्रेश्वर मंदिर के आसपास की 15 एकड़ जमीन पर काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर महादेवा कॉरिडोर बनाने के लिए बजट पास कर दिया। ये बजट आसपास की जमीनों के अधिग्रहण के लिए जारी किया गया है, जिसकी कुल रकम 48.70 करोड़ रुपए है। इसमें से सरकार ने पहली किस्त के लिए करीब 7 करोड़ रुपए की पहली किस्त भी जारी कर दी।

बाराबंकी के डीएम सत्येंद्र कुमार ने बीते दिनों महादेवा कॉरिडोर के लिए लोध्रेश्वर महादेव मंदिर के आसपास की 4.7 हेक्टेअर जमीन की खरीद के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा था। इसके साथ ही पास की .372 हेक्टेअर सरकारी जमीन को भी खाली कराया जाना है। इस जमीन के अधिग्रहण में 127 घर और दुकानें आ रही हैं, जिसका अधिग्रहण किया जाना जरूरी हो गया था। हालाँकि अब सारे रास्ते खुल चुके हैं और प्रशासन जल्द ही महादेवा कॉरिडोर क्षेत्र में आने वाले घरों और मंदिरों का अधिग्रहण कार्य शुरू कर बैनामे की कार्रवाई पूरी कराएगी।

बाराबंकी के डीएम सत्येंद्र कुमार ने बताया कि सरकार ने बजट की पहली किस्त पास कर दी है, जिसके बाद अब कॉरिडोर के दायरे में आने वाली जमीनों का बैनामा कराया जाएगा। महादेवा कॉरिडोर के तहत कुल 15 एकड़ जमीन की पहचान की गई है, जो मंदिर क्षेत्र में है। इसके इलावा इस कॉरिडोर के आसपास भी करीब 25 करोड़ रुपए की लागत से विकास कार्य कराए जाएँगे।

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाराबंकी में बाढ़ के दौरान राहत सामग्री के वितरण के लिए रामनगर पहुँचे थे, तो उन्होंने लोध्रेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक भी किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोध्रेश्वर महादेव मंदिर को काशी विश्वनाम कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने की इच्छा जताई थी, और प्रशासन से इस परियोजना को तैयार करने के लिए कहा था। इस पर छह माह से काम चल रहा था और पैमाइश के बाद कार्ययोजना शासन को भेज दी गई थी, जिसे कैबिनेट की मंजूरी भी मिल गई। इसके लिए बजट जारी होने के साथ ही अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इच्छा तेजी से पूरी होती दिख रही है।

स्वामी प्रसाद मौर्या के खिलाफ केस दर्ज करो: कोर्ट ने पुलिस को दिया आदेश, हिंदुओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर दी गई थी याचिका

हिंदू देवी-देवता को लेकर सवाल उठाने वाले उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या के खिलाफ कोर्ट ने FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने लखनऊ की वजीरगंज थाना पुलिस को मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। स्वामी प्रसाद पर हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने का आरोप है।

रिपोर्ट के मुताबिक, विशेष अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंबरीश कुमार श्रीवास्तव ने समाजवादी पार्टी के पूर्व महासचिव मौर्या के खिलाफ विवादित बयान की जाँच के आदेश दिए हैं। मौर्या के खिलाफ मामला दर्ज करने का आग्रह रागिनी रस्तोगी ने किया था। रागिनी का आरोप है कि पिछले साल 15 नवंबर को अखबारों में छपे उनके एक बयान से करोड़ों हिंदुओं की भावनाएँ आहत हुई हैं।

शिकायत के अनुसार, स्वामी प्रसाद मौर्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा था कि जब विभिन्न धर्मों के लोग दो हाथ और दो पैरों के साथ पैदा हुए थे, तो एक हिंदू देवी चार हाथों के साथ कैसे पैदा हो सकती है। रागिनी ने कहा कि मौर्या ने कई मौकों पर इस तरह के बयान देकर हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाई है।

बता दें कि अगस्त 2023 में स्वामी प्रसाद एक वीडियो X पर पोस्ट किया था। इस वीडियो में वे कहते दिखे, “ब्राह्मणवाद की जड़ें बहुत गहरी हैं और सारी विषमताओं का कारण ब्राह्मणवाद है। हिंदू नाम का कोई धर्म है ही नहीं। यह केवल धोखा है।” उन्होंने कहा था कि जो ब्राह्मण धर्म है, उसी को हिंदू धर्म कहकर देश के दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों को अपने धर्म के मकड़जाल में फँसाने की एक साजिश है।

नवंबर 2023 में उन्होंने दिवाली त्योहार और माँ लक्ष्मी का मजाक बनाया था। अब स्वामी प्रसाद मौर्य ने दिवाली पर अपनी पत्नी की पूजा करते हुए तस्वीरें शेयर की हैं। उन्होंने माँ लक्ष्मी पर भी सवाल खड़ा किए। बता दें कि दिवाली में माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है, जिन्हें धन-धान्य एवं समृद्धि की देवी माना गया है। इससे पहले उन्होंने रामचरितमानस को भी भला-बुरा कहा था।

बता दें कि मौर्या के खिलाफ उत्तर प्रदेश में रामचरितमानस पर विवादित बयान देने के कारण कई मामले दर्ज किए गए थे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 25 जनवरी 2024 को समाजवादी पार्टी के निवर्तमान नेता एवं उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य स्वामी प्रसाद मौर्या के ऊपर चल रही कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।

मौर्या ने रामचरितमानस का नाम लेते हुए था कहा कि अब करोड़ों लोग इस किताब को नहीं पढ़ते हैं, क्योंकि इसमें सब बकवास लिखा गया है। स्वामी प्रसाद ने रामचरितमानस के कुछ हिस्से को आपत्तिजनक बताते हुए सरकार से उसे हटाने की माँग की थी। उन्होंने आगे कहा था कि अगर वो अंश ना हट पाए तो पूरी किताब को ही बैन कर देना चाहिए।

मौर्या ने यहाँ तक कहा था कि वह रामचरितमानस को धर्मग्रंथ मानते ही नहीं हैं, क्योंकि इस किताब को तुलसीदास ने अपनी खुद की ख़ुशी के लिए लिखा था। स्वामी प्रसाद ने आरोप लगाया था कि रामचरितमानस में कुछ ऐसी चौपाइयाँ हैं, जिनमें शूद्रों को अधम होने का सर्टिफिकेट दिया गया है। उन्होंने उन चौपाइयों को एक वर्ग के लिए गाली जैसे बताया था।

मौर्या ने करीब एक महीने पहले समाजवादी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले उन्होंने पार्टी के महासचिव के पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता भी छोड़ दी थी। मौर्या ने अपनी नई पार्टी का गठन कर लिया था, जिसका नाम राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी रखा है।

हिन्दू लड़की को भगा ले गया इम्तियाज, ग्राम प्रधान नरगिस खातून ने घोषित कर दिया मुस्लिम: कोचिंग के नाम पर धर्मांतरण की क्लास का ‘जय श्री राम’ के नारों से विरोध

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में धर्मांतरण का मामला सामने आया है। यहाँ की एक महिला ग्राम प्रधान पर एक हिन्दू लड़की को इस्लाम कबूल कराने का आरोप लगा है। पीड़िता दिल्ली की रहने वाली बताई जा रही है। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। हिन्दू संगठनों ने इस मामले की जड़ में ‘लव जिहाद’ होने का दावा किया है। वहीं एक अन्य घटनाक्रम में राजस्थान के उदयपुर में ईसाई धर्म परिवर्तन का आरोप लगा कर एक इंस्टिट्यूट के बाहर प्रदर्शन हुआ है। पुलिस इस केस में भी जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहला मामला बरेली जिले के थाना क्षेत्र हाफिजगंज का है। यहाँ शिवसागर नाम के ‘बजरंग दल’ पदाधिकारी ने गुरुवार (14 मार्च, 2024) को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में उन्होंने बताया है कि गाँव लाडपुर उस्मानपुर निवासी इम्तियाज अंसारी दिल्ली से बहला-फुसला कर एक हिन्दू लड़की को भगा कर लाया है। गाँव में पीड़िता को इस्लाम कबूल करवाने की तैयारियों की आशंका जताई गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगा है कि गाँव की महिला प्रधान नरगिस खातून और उनके शौहर तस्लीम ने पीड़िता का फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवाया है।

शिकायत में आगे बताया गया है कि इम्तियाज अंसारी ने 10 मार्च, 2024 में जारी हुए इस प्रमाण पत्र में लड़की का नाम कुमकुम बानो और जाति व धर्म मुस्लिम कर दिया है। लड़की का दिल्ली वाला पता भी छिपा कर उसे लाडपुर उस्मानपुर कर दिया गया है। इन कागजातों के आधार पर पीड़िता के अन्य दस्तावेज ब्लॉक से बनवाने की शिकायत हुई है। X हैंडल पर हुई शिकायत के बाद बरेली पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

ईसाई धर्मांतरण की साजिश के आरोप में प्रदर्शन

दूसरा मामला राजस्थान के उदयपुर जिले का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहाँ के थानाक्षेत्र सुखेर में शनिवार (16 मार्च 2024) को एक इंस्टिट्यूट के अंदर ईसाई धर्म परिवर्तन का आरोप लगा कर स्थानीय निवासियों ने प्रदर्शन किया है। यह इंस्टिट्यूट पन्ना विहार इलाके में चलता है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि किराए के मकान में चलने वाले ‘द पिक्सल्स एरा’ नाम के इस इंस्टिट्यूट में पढ़ने वाले छात्रों को बाइबिल आदि बाँटी जाती हैं। इंस्टिट्यूट में कुछ बाहरी लोगों के भी आने-जाने की बात कही गई है। प्रदर्शनकारी यहाँ जय श्री राम के नारे लगा रहे थे।

जब स्थानीय लोग यहाँ प्रदर्शन कर रहे थे तभी इंस्टिट्यूट चलाने वाले बाहर निकल आए। उनकी प्रदर्शनकारियों से नोकझोंक भी हुई। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस फ़ौरन मौके पर पहुँची। कुछ लोगों को हिरासत में ले कर पूछताछ की जा रही है। हिरासत में लिए गए लोगों में महिलाएँ भी शामिल हैं। इंस्टिट्यूट के अंदर मिले लैपटॉप आदि की भी जाँच करवाई जा रही है। बताया जा रहा है कि अंदर कुछ ईसाई मजहब की पुस्तकें भी बरामद हुई हैं। क्षेत्रवासियों ने आरोपितों पर धर्मान्तरण को बढ़ावा देने का आरोप लगा कर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।