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लोकसभा चुनाव 2024: समाजवादी पार्टी ने घोषित की उम्मीदवारों की पाँचवीं लिस्ट, मिश्रिख सीट से प्रत्याशी भी बदला, आजमगढ़ से धर्मेंद्र यादव को उतारा

लोकसभा चुनाव 2024 की घोषणा के दिन समाजवादी पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की नई लिस्ट जारी कर दी है। समाजवादी पार्टी ने गौतमबुद्ध नगर से डॉक्टर महेंद्र नागर, मिश्रिख से मनोज कुमार राजवंशी, सुल्तानपुर से भीम निषाद, इटावा से जितेंद्र दोहरे, जालौन से नारायण दास अहिरवार और आजमगढ़ से धर्मेंद्र यादव को उम्मीदवार बनाया गया है। इस लिस्ट में 6 उम्मीदवारों के नाम हैं। वहीं, पार्टी ने मिश्रिख सीट से पार्टी उम्मीदवार को बदला है।

समाजवादी पार्टी ने मिश्रिख लोकसभा सीट से पूर्व मंत्री रामपाल राजवंशी का टिकट काट दिया है। पहले उनके नाम की घोषणा की गई थी, लेकिन अब उम्मीदवार को बदलते हुए मनोज कुमार राजवंशी को टिकट दे दिया है। समाजवादी पार्टी ने आजमगढ़ से धर्मेंद्र यादव को टिकट दिया है। यहाँ साल 2019 में अखिलेश यादव ने जीत दर्ज की थी, लेकिन उन्होंने विधानसभा चुनाव में करहल सीट जीतने के बाद ये सीट छोड़ दी थी। अखिलेश यादव ने यहाँ से धर्मेंद्र को उप-चुनाव में उतारा था, लेकिन भाजपा के दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ ने उन्हें हरा दिया था। इस बार फिर से सपा ने धर्मेंद्र यादव को मैदान में उतार दिया है।

गौतम बुद्ध नगर से समाजवादी पार्टी ने डॉक्टर महेंद्र नागर को चुनाव मैदान में उतारा है। साल 2019 में ये सीट सपा-बसपा गठबंधन के तहत बसपा के हिस्से में थी, तब बसपा प्रत्याशी सतवीर नागर को 3.30 लाख से अधिक वोटों से मात झेलनी पड़ी थी। इस बार भाजपा ने फिर से पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री महेश शर्मा को मैदान में उतारा है। महेंद्र नागर का मुकाबला महेश शर्मा से होगा।

सुल्तानपुर से समाजवादी पार्टी ने भीम निषाद को मैदान में उतारा है। सपा ने इटावा से जितेंद्र दोहरे और जालौन से नारायण दास अहिरवार को टिकट दिया है। इटावा सीट सपा की पारंपरिक सीट मानी जाती है, लेकिन इस पर मौजूदा समय में बीजेपी का कब्जा है। यहाँ से रामशंकर कठेरिया सांसद हैं। उन्हें ही फिर से भाजपा ने मैदान में उतारा है। कठेरिया के मुकाबले जितेंद्र दोहरे क्या कमाल दिखा पाते हैं, ये देखने वाली बात होगी।

लोकसभा चुनावों की तारीखों का हुआ ऐलान

चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए तारीखों की घोषणा कर दी है। लोकसभा चुनाव 7 चरणों में होंगे। 19 अप्रैल से पहले चरण की वोटिंग होगी और 4 जून को नतीजे आएंगे। दूसरे चरण की वोटिंग 26 अप्रैल, तीसरे चरण की वोटिंग 7 मई, चौथे चरण की वोटिंग 13 मई, पांचवें चरण की वोटिंग 20 मई, छठे चरण की वोटिंग 25 मई और सातवें चरण की वोटिंग 1 जून को होगी।

‘भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति का पता लगाने के लिए आगरा की बेगम मस्जिद का हो सर्वे’: मथुरा के संत ने ASI को लिखा पत्र, कहा- सीढ़ियों में दबाई गई है मूर्ति

उत्तर प्रदेश के मथुरा के संत एवं कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को पत्र लिखकर आगरा मस्जिद की सीढ़ियों का सर्वे करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इस मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा दबी है। उनका कहना है कि यह प्रतिमा वही है, जो श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर के मूल गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठित थी।

संत कौशल किशोर ठाकुर की ओर से सुप्रीम कोर्ट की वकील रीना एन. सिंह द्वारा लिखे गए इस पत्र में कहा गया है कि ASI जीपीआर/भूभौतिकीय सर्वेक्षण या किसी अन्य उपयुक्त विधि से सर्वे कराकर उस स्थान का सटीक पता लगाए कि जहाँ भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति को कहाँ दबाया गया है। उन्होंने कहा कि आगरा मस्जिद को छोटी मस्जिद या जहाँआरा बेगम मस्जिद के नाम से भी जाना है।

पत्र में रीना सिंह के माध्यम से कौशल किशोर ठाकुर ने कहा है, “मेरे ध्यान में आया है कि ऐसे ऐतिहासिक दस्तावेज, साहित्य और स्थानीय किंवदंतियाँ हैं जो भगवान कृष्ण की पवित्र मूर्तियों की उपस्थिति की बात करते हैं। इन्हें भगवान केशव देव के नाम से जाना जाता है। इस प्रतिमा को भगवान के मूल जन्म स्थान पर श्रीकृष्ण के परपोते महाराजा व्रजनाभ द्वारा प्रतिष्ठित किया गया था।”

उन्होंने कहा कि कटरा केशवदेव मथुरा स्थित श्रीकृष्ण मंदिर को वर्तमान में शाही ईदगाह के नाम से जाना जाता है। संत कौशल किशोर ठाकुर का दावा है कि इस मूर्ति को राधा रानी एवं अन्य हिंदू देवी-देवताओं की प्रतिष्ठित मूर्तियों के साथ दफनाया गया है। पहले इन प्रतिमाओं की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती थी। उन्हें आगरा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दफनाया गया है।

पत्र में संत कौशल किशोर ने ASI से कहा है, “मैं विनम्रतापूर्वक आपके विभाग/संगठन/प्राधिकरण से मस्जिद के परिसर के भीतर मूर्तियों या किसी अन्य महत्वपूर्ण कलाकृतियों के अस्तित्व का पता लगाने और उसे सत्यापित करने के लिए जीपीआर तकनीक का उपयोग करके एक गैर-आक्रामक भूमिगत सर्वेक्षण करने का अनुरोध करता हूँ।”

ऑपइंडिया के पास उपलब्ध उस पत्र में आगे कहा गया है कि इस स्थल का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व है और इसे संरक्षित किया जाना चाहिए। इसलिए उन मूर्तियों का पता लगाकर उन्हें उनके उचित स्थान पर पुनः स्थापित करके भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति की खोई हुई महिमा को बहाल की जाए। इसके लिए जरूरी है कि उन मूर्तियों को मस्जिद की सीढ़ियों से निकाला जाए।

पत्र में आगे कहा गया है कि अगर ASI को जरूरी हुआ तो वे दस्तावेजी साक्ष्य देने को तैयार हैं, जो उन प्रतिमाओं के अस्तित्व और उनकी उपस्थिति की पुष्टि करते हैं। उन्होंने कहा कि इस सर्वे के नतीजे न केवल हिंदू समुदाय को भगवान कृष्ण की मूर्ति को वापस पाने में मदद करेंगे, बल्कि उन ऐतिहासिक कारणों पर भी प्रकाश डालेंगे जिनके कारण हिंदू देवता की मूर्ति को दफनाया गया था।

बताते चलें कि इससे पहले सितंबर 2022 में अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने मथुरा सिविल कोर्ट में एक याचिका दायर कहा था कि आगरा किले के अंदर दीवान-ए-खास के पास स्थित बेगम साहिबा की मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे केशव देव की पौराणिक और रत्न जड़ित प्रतिमा दबाई गई है। याचिका में आग्रह किया गया था कि पुरातत्व विभाग (ASI) से खुदाई करवाकर प्रतिमा को बाहर निकलवाई जाए।

याचिका में अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा था कि मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे मूर्ति के दबे होने और उन पर मुस्लिमों के चलने के कारण हिंदुओं की भावनाएँ आहत हो रही हैं। इसलिए इस पर तत्काल कार्रवाई की जाए। याचिका में उन्होंने ASI के डायरेक्टर जरनल (DG), आगरा ASI के अधीक्षक, ASI के निदेशक और केंद्रीय सचिव को पार्टी बनाया है।

महेंद्र प्रताप सिंह ने दावा किया था कि मुगल आक्रांता औरंगजेब (Aurangzeb) के मुख्य दरबारी साखी मुस्तेक खान द्वारा लिखित पुस्तक ‘मासर-ए-आलमगिरी’ का हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने मूर्ति को तोड़वा कर आगरा के लाल किले में मौजूद बेगम साहिबा मस्जिद की सीढ़ियों में चुनवा दिया था।

इस जगह पर हो रही है भारत के सबसे पुराने मंदिर की खोज, पास में ही मिल चुका है गुप्त कालीन पार्वती मंदिर: एएसआई ने कही ये बात

मध्य प्रदेश के कटनी में भारत के स्वर्ण युग कहे जाने वाले ‘गुप्त साम्राज्य’ से जुड़े अतीत की खोज हुई है। माना जा रहा है कि कटनी में मिली ये साइट भारत के सबसे पुराने मंदिरों में से एक की हो सकती है। कटनी के नचने गाँव की इस साइट की खुदाई एएसआई कर रही है। यहाँ पहले से ही गुप्त कालीन पार्वती मंदिर का पता चल चुका है, तो इसके साथ ही सटी एक साइट को छठीं-सातवीं शताब्दी के दौरान आबाद रहे कलचुरी क्षत्रिय राजवंश द्वारा निर्मित चौमुखी मंदिर मिला है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्य प्रदेश के कटनी जिले में स्थित नचने गाँव की इस साइट पर 4 मार्च से खुदाई शुरू की गई है। ये खुदाई 2 टीलों की हो रही है, ये टीले गुप्त कालीन पार्वती मंदिर और दूसरे को कलचुरी राजवंश द्वार बनवाया गया चौमुखी मंदिर से महज 30 मीटर की दूरी पर हैं। एएसआई द्वारा उत्खनित ये साइट विश्व प्रसिद्ध खजुराहो मंदिरों से 100 किमी से भी कम दूरी पर स्थित हैं।

एएसआई के जबलपुर सर्कल के अधीक्षण पुरातत्वविद् शिव कांत बाजपेयी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस खुदाई का उद्देश्य भारत के सबसे पुराने मंदिर की खोज करनी है। इस पूरी प्रक्रिया में तीन से चार माह लगने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ये मंदिर भारत में ज्ञात अब तक का सबसे पुराना मंदिर हो सकता है। मध्य प्रदेश में गुप्त कालीन कई मंदिर पहले ही मिल चुके हैं, जिसमें नचने पार्वती मंदिर, तिगवा का विष्णु मंदिर और भुमरा का शिव मंदिर शामिल हैं। इस खुदाई का उद्देश्य गुप्त काल से भी पहले के मंदिर की खोज करनी है।

नचने साइट की खोज जिन 8 टीलों को केंद्र में रखकर की जा रही है, उसको शुरुआत में साल 1883-84 में प्रसिद्ध ब्रिटिश सैन्य इंजीनियर अलेक्जेंडर कनिंघम ने खोजा था। उन्होंने पार्वती मंदिर की खोज की थी। इस साइट के पास ही साल 1919 में भारतीय पुरातत्वविद् आरडी बनर्जी ने भी इसका जिक्र किया है।

लोकसभा चुनाव 2024: मणिपुर की एक लोकसभा सीट पर दो चरणों में चुनाव, यहाँ मतदाताओं के लिए इलेक्शन कमीशन ने किया खास प्रावधान

चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव 2024 की घोषणा कर दी है, साथ ही बता दिया है कि पूरे देश में 7 चरणों में मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी। 19 अप्रैल से 1 जून के बीच मतदान कराया जाएगा और 4 जून को नतीजे घोषित किए जाएँगे। चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही एक संख्या तेजी से सबके दिमाग में कौंधी कि चुनाव आयोग ने 7 चरणों में जब चुनाव की घोषणा की है, तो बिना किसी नई सीट के जुड़े आँकड़ा 544 का कैसे आ रहा है, क्योंकि लोकसभा में सदस्यों की संख्या तो 543 ही होती है और लोकसभा की 543 सीटें ही अस्तित्व में है। बाद में मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि ऐसा मणिपुर की वजह से हो रहा है।

मणिपुर में दो चरणों में लोकसभा चुनाव कराए जाएँगे। मणिपुर में लोकसभा की 2 ही सीट हैं। लेकिन मणिपुर इनर लोकसभा सीट पर एक चरण में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी, तो मणिपुर आउटर लोकसभा सीट पर 2 चरणों में मतदान होगा। जी हाँ, मणिपुर आउटर लोकसभा सीट पर दो चरणों में मतदान होगा, ऐसा इसलिए, क्योंकि हिंसा की वजह से मणिपुर की बड़ी आबादी विस्थापन की समस्या झेल रही है। इनर मणिपुर में 19 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि आउटर मणिपुर में दो तारीखों 19 अप्रैल और 26 अप्रैल को मतदान होगा।

मणिपुर की आउटर लोकसभा सीट के तहत आने वाली चुराचांदपुर और चंदेल जिले में पहले चरण में मतदान कराया जाएगा। ये दोनों ही जिले हिंसा प्रभावित रहे हैं और यहाँ कुकी-मेईती समूहों के बीच हिंसा हुई थी। पहले चरण के लिए आउटर मणिपुर की 15 विधानसभा सीटों हेइरोक, वांगजिंग तेन्था, खांगबोक, वाबगई, काकचिंग, हियांगलाम, सुगनू, चंदेल (एसटी), सैकुल (एसटी), कांगपोकपी, सैतु (एसटी), हेंगलेप (एसटी), चुराचांदपुर (एसटी), सैकोट (एसटी) और सिंघाट (एसटी) में मतदान होगा।

इसके अलावा मणिपुर आउटर की बाकी की 13 विधानसभा क्षेत्रों में 26 अप्रैल को मतदान होगा। ये हैं जिरीबाम, तेंगनौपाल (एसटी), फुंगयार (एसटी), उखरुल (एसटी), चिंगाई (एसटी), करोंग (एसटी), माओ (एसटी), तडुबी (एसटी), तामेई (एसटी), तामेंगलोंग (एसटी), नुंगबा (एसटी), टिपाईमुख (एसटी) और थानलॉन (एसटी) सीट।

पहलीं, मणुपिर इनर लोकसभा सीट के लिए पहले चरण में ही 19 अप्रैल को मतदान की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। चुनाव आयोग ने कहा कि हिंसा से प्रभावित इलाकों से विस्थापित हुए लोगों की सहूलित को ध्यान में रखते हुए शरणार्थी कैंपों में ही मतदान की व्यवस्था की जाएगी। लोकसभा चुनाव के नतीजे पूरे देश में एक साथ 4 जून को आएँगे।

अमन बनकर राशिद ने हिंदू लड़की को फँसाया, बनाए शारीरिक संबंध: गर्भवती हुई तो छोड़कर भागा, मथुरा में लव जिहाद

भारत की महत्वपूर्ण धार्मिक नगरी मथुरा में लव जिहाद का एक मामला सामने आया है। यहाँ राशिद नाम के एक मुस्लिम लड़के ने अपनी पहचान छिपाकर एक हिंदू युवती को प्रेमजाल में फँसा लिया। इसके बाद उससे शादी का वादा करके उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। जब लड़की गर्भवती हो गई तो राशिद उसे छोड़कर भाग गया।

मामला मथुरा के गोवर्धन इलाके का है। यहाँ की इंदिरा रसोई में राजस्थान के दौसां की एक हिंदू युवती काम करती थी। युवती का आरोप है कि यहीं पर राशिद नाम का मुस्लिम लड़का अपनी छिपाते हुए अमन बनकर काम करता था। काम करने के दौरान आरोपित राशिद ने उसे अपने प्रेमजाल में फँसा लिया। राशिद लड़की को शादी का झाँसा देता रहता था।

युवती का कहना है कि शादी का झाँसा देकर राशिद ने उससे कई बार शारीरिक संबंध बनाए। इसी बीच वह गर्भवती हो गई। उसने जब अमन बने राशिद पर शादी करने का दबाव बनाया तो अमन का असली रूप सामने आ गया। वह उससे शादी से इनकार कर दिया। राशिद का गोवर्धन का ही रहने वाला है।

इतना ही नहीं, युवती को गर्भवती देखकर राशिद वहाँ से फरार हो गया। युवती ने जब उसकी खोजबीन शुरू की तो पता चला कि जिसे वह अमन समझ रही थी, वह असल में राशिद है। इसके बाद युवती ने इलाके को हिंदूवादी संगठनों से संपर्क किया। हिंदू संगठनों ने युवती को लेकर जाकर गोवर्धन थाने में शिकायत दर्ज करवाई।

इसके अलावा, हिंदू संगठन के सदस्यों ने आरोपित राशिद के भाई को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। हालाँकि, आरोपित अभी फरार है और पुलिस उसकी खोजबीन कर रही है। गोवर्धन थाने के प्रभारी निरीक्षक विनोद बाबू मिश्रा ने बताया कि इस मामले की जाँच कर कार्रवाई की जा रही है।

बताते चलें कि देश भर से इस तरह के मामले सामने आते रहते हैं। अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश के आगरा से इसी तरह के लव जिहाद का एक मामला सामने आया था। यहाँ दिलशान नाम के एक मुस्लिम लड़के ने दीपक कुमार के नाम से एक नाबालिग हिंदू युवती को झाँसा देकर उससे दोस्ती की। उसके बाद उससे प्रेम के नाम पर शारीरिक संबंध बनाया।

दिलशान खुद को हिंदू दिखाने के लिए अपने हाथ में कलावा बाँधता था और माथे पर चंदन भी लगाता था। कुछ समय बाद जब लड़की को सच्चाई पता चली तो उसने विरोध करना शुरू कर दिया। नाबालिग के विरोध के बाद दिलशान उसे धमकाने लगा। इस तरह वह नाबालिग को लगातार प्रताड़ित करता था। आखिरकार उसकी प्रताड़ना से तंग आकर लड़की ने थाना ट्रांस यमुना में शिकायत दर्ज कराई।

दिलशान लगभग चार सालों तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा। उसने लड़की की अश्लील वीडियो भी बना ली। इस बीच लड़की के घरवालों ने उसकी शादी कहीं और जगह तय कर दी। इसके बाद नाबालिग ने हालात की जानकारी देते हुए दिलशान पर शादी का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इस आरोपित दिलशान ने घर से भागने के लिए नाबालिग से रुपए लाने के लिए कहा और पैसे लेकर भाग गया।

‘अधूरी हसरतों का इलजाम, हम पर लगाना ठीक नहीं’: EVM पर सवाल उठाने वालों पर CEC ने कसा तंज, कहा- आजकल मार्केट में बहुत एक्सपर्ट

देश में लोकसभा चुनाव 2024 की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने राजनीतिक दलों से व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से दूर रहने की अपील की है। उन्होंने ईवीएम को लेकर उठ रहे सवालों पर कहा कि यह 100 प्रतिशत सुरक्षित है। उन्होंने आजकल सामने आ रहे एक्सपर्ट को भी लताड़ लगाई, जो ईवीएम हैक होने जैसे आरोप लगाते हैं। इस दौरान वे शेरो-शायरी वाले अंदाज में भी नजर आए।

मीडिया से बात करते हुए राजीव कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग एथिकल पॉलिटिकल डिस्कोर्स के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को अपने सार्वजनिक जीवन की मर्यादा एवं शालीनता को बनाए रखना चाहिए। उन्हें गाली-गलौच एवं बहुत व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो आज दुश्मन हैं, वे कल दोस्त भी हो सकते हैं।

इस दौरान राजीव कुमार ने शायर बशीर बद्र की शेर ‘दुश्मनी जमकर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे कि जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा ना हों’ को भी पढ़ा। राजीव कुमार ने कहा, “आजकल जल्दी-जल्दी दोस्त बनने और दुश्मन बनने की प्रक्रिया कुछ ज्यादा चल रही है। राजनीतिक दल ऐसा कुछ गंदा ना बोलें कि वे एक-दूसरे के दुश्मन बन जाएँ और फिर कुछ ना हो सके।”

इसके साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ने ईवीएम को राजनीतिक दलों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर भी उन्हें लताड़ लगाई। ईवीएम पर सवाल उठाने वालों में कॉन्ग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी सहित बहुत से विपक्षी दल हैं, जो अक्सर कहते रहते हैं कि ईवीएम में हेरफेर करके चुनाव परिणाम को बदला जा सकता है। इसे हैक करने या ईवीएम बदलने का भी आरोप लगाते रहे हैं।

राजीव कुमार ने कहा, “ईवीएम के बारे में मैं बहुत बार बता चुका हूँ। देश में एक ऐसा अभियान भी चल रहा है, जिसको बताना जरूरी है। इस देश की संवैधानिक कोर्ट- हाई कोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट मिलाकर, लगभग 40 बार ईवीएम की चुनौतियों को देख चुकी हैं। ये चुनौतियाँ थीं कि ईवीएम हैक हो सकती है, चोरी हो जाती है, 19 लाख गायब हैं, इसमें दिखाई नहीं देता है, ये कंप्यूटर से खराब हो जाती है, रिजल्ट बदल सकता है, मैन्युपुलेट हो सकता है। आदि आदि।”

ईवीएम पर उठाए गए सवालों को लेकर राजीव कुमार ने आगे कहा, “इन सवालों पर हर बार कोर्ट ने इसे रिजेक्ट किया है। कोर्ट ने कभी कहा- इसमें वायरस लग ही नहीं सकता। कभी कहा कि वोट बेकार नहीं हो सकते। कभी कहा कि हेराफेरी या छेड़छाड़ नहीं हो सकती है, कभी कहा कि ईवीएम एक फुलप्रूफ मशीन है और इसमें छेड़छाड़ की बात आधारहीन है। कभी कहा कि एक के बदले पाँच वीवीपैट गिनिए।”

ईवीएम को लेकर अक्सर कोर्ट जाने वाले लोगों की बात करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, “वीवीपैट को पाँच बार गिनना हमने शुरू कर दिया है। लेकिन, ईवीएम पर उठाते हुए कोर्ट जाने वालों पर जुर्माना लगना शुरू हो गया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। फिर सुप्रीम कोर्ट ने 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। अभी हाल ही में माननीय उच्चतम न्यायालय ने एक पिटीशन खत्म की है।”

उन्होंने कहा कि ईवीएम को लेकर बार-बार ‘विलाप’ क्यों करना? कोर्ट भी आखिर उनकी बात कब तक सुनेगा? ईवीएम की भ्रांतियों को दूर करते हुए राजीव कुमार ने कहा, “ईवीएम किसी सूरत में हैक नहीं हो सकती। जो परिणाम आते हैं, वही इसके प्रमाण हैं। कोई भी सोशल मीडिया पर ईवीएम लेकर बैठ जाता है। वो एक डिब्बा लेकर बैठ जाता है।”

ईवीएम हैक होने का दावा करने वालों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, “आजकल एक नया ट्रेंड शुरू हुआ एक्सपर्ट बनने का। आजकल एक-दो एक्सपर्ट चल रहे हैं सोशल मीडिया पर। उनकी कहाँ की डिग्री है, कहाँ के एक्सपर्ट हैं, उसे भी थोड़ा देखना चाहिए। वो बताते हैं कि ये डिब्बा है। ये टूलबॉक्स जैसा डिब्बा होता है। उसके अंदर क्या है, ये पता नहीं है। उस गत्ते के डिब्बे में से एक स्लीप भी निकलती है। वो धारणा भी हो जाती है कि ये स्लीप बदल गई, क्योंकि मैंने यहाँ बटन दबाया था और यहाँ ये गलत निकल गई।”

राजीव कुमार ने कहा कि जो खुद को एक्सपर्ट बताकर सोशल मीडिया पर इस तरह का दिखावा करते हैं, क्या वे ये बताते हैं कि उन्होंने क्या दबाया था। उन्होंने कहा कि वे ये भी नहीं बताते हैं कि उस तथाकथित बटन को दबाने से क्या निकला। राजीव कुमार ने कहा कि ईवीएम आने की वजह से ही आज छोटी-छोटी राजनीतिक दलों का अस्तित्व है। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर के जमाने में उनका उतना अस्तित्व नहीं था।

ईवीएम परीक्षण को लेकर उन्होंने कहा, “सारे ईवीएम का तीन-तीन बार मॉक पोल होता है। ये सब कैंडिडेट्स के सामने में होता है। हमने ईवीएम पर एक किताब बनाई है। इसमें सारे सवालों के जवाब हैं। ये हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध है। थोड़ा पढ़ने का तो कष्ट कीजिए, खासकर जो एक्सपर्ट महोदय हैं वे देखें। आजकल कोई भी एक्सपर्ट बना जाता है। किसी पर कोई रोक नहीं है।”

माहौल को हल्का-फुल्का करते हुए राजीव कुमार ने कहा, “रात को मुझे लगा कि इस पर प्रश्न आएगा जरूर। फिर रात में मैंने अपने हाथ कुछ लिखा। आपको सुनाता हूँ। ये ईवीएम कह रही है- ‘अधूरी हसरतों का इल्जाम हर बार हम पर लगाना ठीक नहीं। वफा खुद से नहीं होती खता ईवीएम की बताते हो’। बाद में जब परिणाम आता है तो उस पर कायम भी नहीं रहते। आप ही पक्ष में रिजल्ट आ जाता है।”

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने मीडिया के सामने साफ शब्दों में कहा कि ईवीएम 100 प्रतिशत सुरक्षित हैं। इसमें किसी तरह छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा, “हमने पिछले दो सालों में इसमें कई और सुधार किए हैं। किस नंबर की ईवीएम किस बूथ पर जाएगी, वहाँ के कैंडिडेट को इसका नंबर दिया जाएगा। इसलिए इस पर संदेह की गुंजाइश नहीं है।”

पाकिस्तानी फौज की चौकी में घुसा बम से लदा वाहन, एक के बाद एक लगातार हुए धमाके: लेफ्टिनेंट कर्नल, कैप्टन समेत 7 की मौत, 17 घायल

पाकिस्तान के उत्तरी पश्चिमी इलाके वजीरिस्तान के मीर अली में पाकिस्तानी फौज की एक पोस्ट पर बम हमले की घटना सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, हमले के लिए विस्फोटकों से भरा वाहन पोस्ट में घुसा दिया गया। इससे इमारत का तो हिस्सा ढहा ही, साथ ही हमलावर भी उस रास्ते से अंदर घुस गए। हमले में 7 फौजियों की मौत हो गई। वहीं पाकिस्तानी फौज ने 6 हमलावरों को मार गिराने की जानकारी दी है।

रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि 16 मार्च की सुबह-सुबह यह घटना घटी। उत्तरी वजीरिस्तान जिले के मीर अली में सुरक्षा बलों की चौकी पर हमला बोला गया। पाकिस्तान सेना की मीडिया अफेयर विंग आईएसपीआर ने बताया कि ये एक आत्मघाती हमला था, जिसमें दो अधिकारियों समेत 7 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं। इनकी पहचान लेफ्टिनेंट कर्नल, एक कैप्टन और 5 फौजी के तौर पर हुई है।

पाकिस्तानी फौज ने कहा कि शुरुआत में उनकी फौज ने हमलावरों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया था। इसके बाद ही हमलावरों ने विस्फोटकों से भरा वाहन उनकी चौकी में घुसाया और एक के बाद एक धमाके हुए। इन धमाकों में बिल्डिंग का एक हिस्सा तो ढहा ही लेकिन साथ में 5 फौजी भी मारे गए।

हमले में हुए नुकसान को देखने के बाद लेफ्टिनेंट कर्नल सैयद काशिफ और कैप्टन मुहम्मद अहमद बदर के नेतृत्व में अन्य फौजियों ने वहाँ मोर्चा संभाला। जवाबी कार्रवाई में उन्होंने 6 हमलावरों को मार तो गिराया, मगर फिर लेफ्टिनेंट कर्नल काशिफ और कैप्टन बदर गोली का शिकार हुए और मारे गए। उनके अलावा 17 फौजी भी हमले में घायल हुए हैं। उनमें से 7 अस्पताल में हैं।

इस हमले के बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने मीर अली में हुए हमले की निंदा की। साथ ही मारे गए फौजियों को श्रद्धांजलि दी और मृतकों के परिवार को सांत्वना दी।

सात चरण में होंगे लोकसभा चुनाव, चार जून को नतीजे: जानें -आपके राज्य में कब होगा मतदान, तीन राज्यों में क्यों कराई जा रही 7 चरणों में वोटिंग

लोकसभा चुनाव 2024 की घोषणा की जा चुकी है। 19 अप्रैल से शुरू होने वाली मतदान की प्रक्रिया 1 जून 2024 तक चलेगी, तो 4 जून को नतीजों की घोषणा की जाएगी। इस लोकसभा चुनाव में तीन राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में सात चरणों में मतदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ने इसके पीछे की वजह राज्यों का बड़ा होना, सीटों की संख्या ज्यादा होना और राजनीतिक हिंसा को ध्यान में रखे जाने को बताया है। आइए जानते हैं कि किस चरण में कहाँ मतदान कराए जाएँगे।

चरण के हिसाब से लोकसभा सीटों पर मतदान की तारीख

पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान होगा। इसमें 21 राज्यों की 102 सीटों पर वोटिंग होगी।

दूसरे चरण में 26 अप्रैल को वोटिंग होगी। इसमें 13 राज्यों की 89 सीटों पर वोटिंग होगी। 

तीसरे चरण में 7 मई को वोटिंग होगी। 12 राज्यों की 94 सीटों पर वोटिंग होगी। 

चौथे चरण में 13 मई को वोटिंग होगी। 10 राज्यों की 96 सीटों पर वोटिंग होगी। 

पाँचवें चरण में 20 मई को वोटिंग होगी। 8 राज्यों की 49 सीटों पर वोटिंग होगी।

छठें चरण में 25 मई को वोटिंग होगी। 7 राज्यों की 57 सीटों पर वोटिंग होगी।

सातवें चरण में 1 जून को वोटिंग होगी। 8 राज्यों की 57 सीटों पर वोटिंग होगी।

लोकसभा चुनाव के नतीजे 4 जून को आएँगे।

22 राज्यों में एक ही चरण में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान

लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान 22 राज्यों में एक चरण में ही मतदान की प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। इन 22 राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, आँध्र प्रदेश, चंडीगढ़, दमन दीव नागर हवेली, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, केरल, लक्षद्वीप, लद्दाख, मिजोरम, मेघालय, नागालैंड, पुडुचेरी, सिक्किम, तमिल नाडु, पंजाब, तेलंगाना और उत्तराखंड हैं।

इन राज्यों में कई चरणों कराए जाएँगे लोकसभा चुनाव

लोकसभा चुनाव 2024 में 4 राज्यों कर्नाटक, राजस्थान, त्रिपुरा और मणिपुर में दो चरणों में चुनाव कराए जाएँगे। छत्तीसगढ़ और असम में तीन चरणों में लोकसभा चुनाव कराए जाएँगे। तो 3 राज्यों ओडिशा, मध्य प्रदेश और झारखंड में 4 चरणों में लोकसभा चुनाव आयोजित होंगे। महाराष्ट्र और जम्मू कश्मीर में 5 चरणों में लोकसभा चुनाव कराए जाएँगे तो उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में 7 चरणों में लोकसभा चुनाव कराए जाएँगे।

चुनाव आयोग द्वारा जारी

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, ‘चुनाव आयोग इस लोकसभा चुनाव के लिए 2 साल से तैयारी कर रहा था। दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक चुनाव में कई चुनातियाँ होती हैं। भारत में इस बार 96.8 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। पूरे देश में 10.48 लाख मतदान केंद्र बनाए जाएँगे। इस चुनाव में 1.5 करोड़ मतदान कर्मी ड्यूटी करेंगे।’ चुनाव आयुक्त ने बताया कि इस साल देश में 96.8 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे। इसमें 49.7 करोड़ पुरुष मतदाता हैं, तो 47.1 करोड़ महिला मतदाता। इस चुनाव में 1.8 करोड़ नए मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, तो इस बार 20 से 29 वर्ष के 19.74 करोड़ मतदाता देश के भविष्य का फैसला करेंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कुछ राज्यों में लोकसभा चुनाव सात चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं, इसके पीछे कई कारण है। इस बार चुनाव आयोग किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। चुनाव आयोग धन बल, बाहुबल, गलत सूचनाओं के प्रसार पर रोक के साथ ही और आदर्श आचार संहिता के पालन कराने के लिए दृढ़संकल्पित है।

ब्रा-पैंटी चुराकर भागता है शख्स, वीडियो वायरल: महिला बोली- उसके 18 जोड़ी इनरवियर गायब, मेरठ में मोहम्मद अक्कास को पकड़ी थी पुलिस

थाइलैंड की महिलाएँ आजकल चौकन्ना हैं। उन्हें डर है कि कोई उनकी ब्रा और पैंटी को चुरा ले जाएगा। ये डर ऐसे ही नहीं फैला है। पिछले कुछ दिन से सूखने के लिए डाली गईं महिलाओं की ब्रा और पैंटी लगातार गायब हो रहे हैं। ऐसी शिकायतों के साथ कई महिलाएँ पुलिस के पास गईं। पता चला है कि एक चोरी है जो कीमती सामान नहीं, बल्कि महिलाओं की ब्रा और पैंटी चुरा ले जा रहा है।

सीसीटीवी फुटेज की जाँच करने के बाद उस चोर की करतूत के वीडियो भी सामने आए हैं। ऐसे में पुलिस ने उस चोर की तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय रिपोर्ट मुताबिक, घटना थाइलैंड के फुकेत के पातोंग की है। इसकी शुरुआत इस महीने के शुरू में हुई थी। हालाँकि, इसी सप्ताह यह मामला लोगों के संज्ञान में आया। चोर की इस बेशर्मी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

‘मिस जा’ (बदला हुआ नाम) के रूप में सामने आई एक महिला ने बताया कि उसके इनरवेयर चुराने की घटना 3 मार्च 2024 को रात लगभग 11.20 बजे हुई। महिला ने कहा कि नीले रंग की टी-शर्ट और काले रंग का शॉर्ट्स पहना एक व्यक्ति आया और उसके लगभग 18 जोड़ी ब्रा और पैंटी चुरा ले गया।

लगभग 42 साल की इस महिला का कहना है कि वह किराए के कमरे में रहती है और उसने कमरे के सामने ही ब्रा-पैंटी को सूखने के लिए टाँगा था। महिला का कहना है कि उस शख्स ने लगभग 7.50 पाउंड (1,846 रुपए) मूल्य की लगभग सात ब्रा और लगभग 22 पाउंड (2,321 रुपए) मूल्य की 15 जोड़ी पैंटी चुरा ली।

महिला का कहना है कि यह बेहद डराने वाला वाकया है। उसका कहना है कि वह अपने अंडरवियर को दोबारा कमरे के सामने लटकाने की इस डर से हिम्मत नहीं करती है कि वे फिर से चोरी हो जाएँगे। महिला का कहना है कि उसने पुलिस को इस चोरी की जानकारी दे दी। इसके बाद कई अन्य महिलाएँ भी सामने आईं और इसी तरह की शिकायत दर्ज कराईं।

महिला का कहना है, “हम चाहते हैं कि पुलिस अपराधी को पकड़े, क्योंकि इससे यहाँ रहने वाले सभी लोगों के लिए बहुत चिंता और परेशानी पैदा हो गई है।” वहीं, पुलिस ने पुष्टि की कि वह इस विकृत अपराधी को पकड़ने के लिए आस-पड़ोस के सीसीटीवी फुटेज की जाँच कर रही है।

इसी तरह की एक घटना सितंबर 2021 में जापान से सामने आई थी। यहाँ एक बुजुर्ग धुलाई मशीनों से महिलाओं के अंडरगार्मेट चुरा लेता था। उसके घर से ऐसे 730 अंडरगार्मेंट बरामद हुए थे। दरअसल, ओइता के दक्षिणी जापानी प्रान्त में 56 वर्षीय टेटसुओ उराता को एक लॉन्ड्री शॉप में 21 वर्षीया छात्रा से 6 जोड़ी पैंटी चुराते हुए पकड़ा गया था।

साल 2021 की गर्मियों के दौरान अमेरिका के केंटकी प्रांत के फ्रैंकलिन काउंटी में महिलाओं की अंडरवियर चुराने की कई घटनाएँ सामने आई थीं। आखिरकार पुलिस ने 22 जनवरी 2022 को 36 वर्षीय जॉन हॉकिन्स III को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके घर से लगभग महिलाओं की लगभग 100 जोड़ी ब्रा और पैंटी बरामद किए थे। 

भारत में भी इस तरह की कई घटनाएँ

यह दुनिया की अकेली घटना नहीं है। इस तरह की मनोविकृति वाली घटनाएँ देश-दुनिया भर से आती रहती हैं। भारत में इस तरह की कई घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। सितंबर 2022 में मध्य प्रदेश के ग्वालियर से ऐसा ही मामला सामने आया था। एक चोर छत पर सूख रही महिलाओं की पैंटी और ब्रा की चोरी किया करता था। 

इसी तरह मार्च 2021 में उत्तर प्रदेश के मेरठ में लड़कियों के अंडरगारमेंट्स चुराने वाले आरोपित रोमिन अब्बासी और मोहम्मद अक्कास को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उनके पास से चोरी के अंडरगार्मेंट्स भी बरामद हुए थे। उसने कहा कि अभी तक उसने अपने साथियों के साथ 30 से ज्यादा घरों से महिलाओं के अंडरगार्मेंट चोरी किए हैं।

मोहम्मद अक्कास ने बताया कि वह पहले अपने दोस्तों के साथ ऐसी महिलाओं के घर को तलाशता था, जो बाहर कपड़े सुखाती हों। फिर मौका देख कर वहाँ से उनके कपड़े चुरा लेता था। इसके बाद से महिलाओं ने अपने अंडरगार्मेंट बाहर सुखाने बंद कर दिए थे। उसका एक वीडियो भी सामने आया था, जिमें वह स्कूटी से आकर एक घर के बाहर सूख रहे महिलाओं के अंडरगार्मेंट्स चुराते दिख रहा था। 

गुजरात के अहमदाबाद से जुलाई 2023 में ब्रा-पैंटी की चोरी को लेकर मारपीट का मामला सामने आया था। दरअसल, ग्रामीण इलाके में सुखाने के लिए डाली गईं महिलाओं के ब्रा-पैंटी गायब हो रहे थे। एक महिला ने चोर को पकड़ने के लिए मोबाइल से रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। इससे पता चला कि यह चोरी कोई और नहीं, बल्कि उसका पड़ोसी पुरुष ही करता है। इसके बाद दोनों परिवारों में जमकर मारपीट हुई।

‘द केरल स्टोरी’ की तरह खटकने लगी अदा शर्मा की ‘बस्तर’ फिल्म…: रिपोर्ट्स में दावा- स्क्रीनिंग हो रहीं रद्द, एक्ट्रेस को भेजा जा सकता है समन

‘द केरल स्टोरी’ फिल्म के जरिए अपनी एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीतने वाली एक्ट्रेस अदा शर्मा की नई फिल्म ‘द नक्सल स्टोरी-बस्तर’ रिलीज होते ही विवादों में आ गई। मीडिया खबरों में बताया जा रहा है कि कर्नाटक और अन्य भारतीय राज्यों में फिल्म की स्क्रीनिंग को रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा अदा शर्मा के पास इस संबंध में अदालती समन भेजने की तैयारी भी चल रही है। साथ ही फिल्म में दिखाए गए सीन्स पर प्रतिबंध लगाने की माँग उठने की भी चर्चा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार दो घंटे और चार मिनट की इस फिल्म की कथित तौर पर कुछ संवादों के चलते आलोचना हो रही है। साथ ही कहा जा रहा है कि इसमें कुछ राजनेताओं को बदनाम किया गया है। अब ये संवाद और राजनेता कौन हैं अभी इसका पता नहीं चल पाया है। दर्शकों ने जो सीन उन्हें आपत्तिजनक लगे उसे हटाने की माँग की है।

बस्तर फिल्म की कहानी

बस्तर फिल्म की कहानी में भी माओवादी द्वारा की गई हिंसा को दिखाया गया है। कहानी में अदा शर्मा को आईपीएस के तौर पर दिखाया गया है जिन पर निर्दोष जनजातियों के एनकाउंटर करने का मामला चलता दिखाया जाता है। सोशल मीडिया पर मौजूद प्रतिक्रिया बताती है कि अदा शर्मा की एक्टिंग लोगों को बहुत पसंद आई। वहीं फिल्म को लेकर ओपिनियन मिक्स हैं।

बता दें कि अदा शर्मा की इस फिल्म को ‘द केरल स्टोरी’ के फिल्म निर्माता, सुदीप्तो सेन द्वारा निर्देशित किया गया है। 15 मार्च 2024 को ये सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी। फिल्म में अदा शर्मा मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म में उनके अलावा यशपाल शर्मा, नमन जैन, इंदिरा तिवारी और शिल्पा शुक्ला भी हैं।

‘द केरल स्टोरी’ पर भी उठी थी बैन की माँग

गौरतलब है कि पिछले साल जब अदा शर्मा की द केरल स्टोरी फिल्म आई थी उस समय भी कई राज्यों में इसे न चलाने की बात उठी थी। बंगाल सरकार ने तो फिल्म को तथ्यहीन और समाज में वैमनस्यता फैलाने का हवाला देकर उसपर प्रतिबंध लगवा दिया था। लेकिन बाद में जब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा तो उच्चतम न्यायालय ने यह फैसला पलट दिया।