Friday, July 19, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय'EVM होता तो पाकिस्तान चुनाव में नहीं होती धाँधली, 1 घंटे में हो जाता...

‘EVM होता तो पाकिस्तान चुनाव में नहीं होती धाँधली, 1 घंटे में हो जाता सारी समस्याओं का समाधान’: बोले पूर्व PM इमरान खान, भारत में विपक्षी दल रोते हैं रोना

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि अगर EVM से चुनाव होते तो फिर चुनाव की सारी गड़बड़ियों का समाधान मात्र एक घंटे में हो जाता।

जहाँ भारत में विपक्षी दल अक्सर हार के बाद EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) पर ठीकरा फोड़ते रहे हैं, वहीं पाकिस्तान में आवाज़ उठ रही है कि अगर वहाँ EVM से चुनाव होते तो इतनी धाँधली नहीं होती। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि अगर EVM से चुनाव होते तो फिर चुनाव की सारी गड़बड़ियों का समाधान मात्र एक घंटे में हो जाता। इमरान खान फ़िलहाल जेल में बंद हैं। वो ‘पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI)’ राजनीतिक पार्टी के संस्थापक हैं।

अदियाला जेल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने ये बातें कही। वो अल-कादिर ट्रस्ट केस में फँसे हुए हैं, जिसमें उनकी बीवी बुशरा भी आरोपित हैं। PTI ने भी सोशल मीडिया पर इमरान खान का ये बयान प्रकाशित किया गया, जिसमें उन्होंने कहा है कि चुनाव में EVM का इस्तेमाल किया गया होता तो एक घंटे में धाँधली की सारी समस्याओं का समाधान आसानी से हो जाता। उन्होंने इस दौरान पाकिस्तान के चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए।

इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने कुछ राजनीतिक दलों और ‘व्यवस्था’ के साथ मिल कर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग को चुनाव में इस्तेमाल नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि उन अधिकारियों पर देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए, जिन्होंने आम चुनावों में जनमत की चोरी की। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी को 3 करोड़ वोट्स मिले, जबकि बाकी की 17 राजनीतिक पार्टियों को मिला कर इतने ही वोट मिले। पाकिस्तान में अब PTI समर्थक EVM से चुनाव कराए जाने की माँग कर रहे हैं।

वहीं भारत में कई राज्यों में विपक्षी दलों की सरकारें हैं, फिर भी वो EVM को भला-बुरा कहते हैं। लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का ऐलान करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने शायराना अंदाज़ में इसका जवाब देते हुए कहा, “अधूरी हसरतों को इल्जाम हर बार हम पर ही लगाना ठीक नहीं, बफर खुद से नहीं होती और खता ईवीएम की कहते हो। और बाद में जब परिणाम आता है तो उसपे कायम भी नहीं रहते हो।” उन्होंने बताया कि अब तक 40 बार सुप्रीम कोर्ट इससे संबंधित याचिकाओं को ख़ारिज कर चुका है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मुस्लिम फल विक्रेताओं एवं काँवड़ियों वाले विवाद में ‘थूक’ व ‘हलाल’ के अलावा एक और पहलू: समझिए सच्चर कमिटी की रिपोर्ट और असंगठित क्षेत्र...

काँवड़ियों के पास ये विकल्प क्यों नहीं होना चाहिए, अगर वो सिर्फ हिन्दू विक्रेताओं से ही सामान खरीदना चाहते हैं तो? मुस्लिम भी तो लेते हैं हलाल?

पुरी के जगन्नाथ मंदिर का 46 साल बाद खुला रत्न भंडार: 7 अलमारी-संदूकों में भरे मिले सोने-चाँदी, जानिए कहाँ से आए इतने रत्न एवं...

ओडिशा के पुरी स्थित महाप्रभु जगन्नाथ मंदिर के भीतरी रत्न भंडार में रखा खजाना गुरुवार (18 जुलाई) को महाराजा गजपति की निगरानी में निकाल गया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -