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हिमाचल के CM ने इस्तीफे से किया इनकार, पर मंत्री विक्रमादित्य ने पद छोड़ बढ़ा दिया दर्द: बीजेपी के 15 MLA सस्पेंड

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने पद से इस्तीफा देने की खबरों को नकार दिया है। सुखविंदर सिंह के कॉन्ग्रेस विधायकों की नाराजगी के चलते इस्तीफ़ा देने की खबर पहले आई थी। इससे कुछ देर पहले हिमाचल प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही से नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर समेत 15 भाजपा विधायकों को निलंबित कर दिया गया। भाजपा ने विधानसभा में मतों के विभाजन की माँग की थी। स्पीकर ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया था। उन्हें मार्शलों ने घेर लिया जिसके बाद वह विधानसभा से निकाल दिए गए थे।

हिमाचल विधानसभा स्पीकर ने भाजपा विधायक जयराम ठाकुर,विपिन परमार, रणधीर शर्मा, लोकेन्द्र कुमार, विनोद कुमार, हंस राज, जनक राज, बलबीर वर्मा, त्रिलोक जमवाल, सुरेन्द्र शौरी, दीप राज, पूर्ण चन्द्र, इंद्र सिंह गाँधी, दलीप ठाकुर और रणवीर सिंह को निलंबित किया है।

CM सुक्खू के इस्तीफे की खबर से कुछ देर पहले ही हिमाचल कॉन्ग्रेस के बड़े नेता और पूर्व CM वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह ने भी सरकार से इस्तीफ़ा दे दिया था। उन्होंने सरकार में अनसुनी का आरोप लगाते हुए या इस्तीफ़ा पेश किया था। उनका कहना था कि विधायकों की बात नहीं सुनी जा रही और अब आगे का निर्णय पार्टी हाईकमान करेगा।

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में यह सियासी उथलपुथल कल (27 फरवरी, 2024) के राज्यसभा चुनाव के बाद चालू हुई है। कल सम्पन्न हुए चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत हुई थी। इस चुनाव में कॉन्ग्रेस के 6 और 3 निर्दलीय ने भी भाजपा का समर्थन किया था। यह 9 विधायक आज विधानसभा भी पहुँचे थे। इन्होने बाहर मीडिया से बताया कि वह भाजपा के साथ हैं।

भाजपा ने राज्यसभा वोटिंग के बाद कॉन्ग्रेस सरकार के अल्पमत में होने की बात कही थी और विधानसभा में चल रहे बजट सत्र में वोटिंग के दौरान मत विभाजन की माँग की थी। भाजपा विधायकों ने स्पीकर पर पक्षपातपूर्ण कार्यवाही करने का आरोप लगाया था। दिसम्बर 2022 में कॉन्ग्रेस हिमाचल प्रदेश में सत्ता में आई थी। कॉन्ग्रेस ने राज्य में 40 सीट जीती थी। 3 सीट निर्दलीय जबकि विपक्षी भाजपा ने 25 सीट पर विजय हासिल की थी।

हालाँकि अब 14 महीने बाद परिस्थितियाँ बदल गई हैं। हिमाचल कॉन्ग्रेस में CM सुक्खू के प्रति काफी नाराजगी थी, उनका इस्तीफा लिए जाने की बात हो रही थी। कल से चालू हुए राजनीतिक संकट के बाद स्थानीय कॉन्ग्रेस विधायकों ने सुक्खू की जगह पर किसी और को मुख्यमंत्री बनाने की माँग की है। अब उनका इस्तीफ़ा सामने आया है।

कॉन्ग्रेस ने यहाँ स्थिति संभालने के लिए कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा को भेजा है। वह यहाँ डैमेज कंट्रोल की कोशिश में जुटे हैं। दूसरी तरफ भाजपा के विजयी राज्यसभा उम्मीदवार हर्ष महाजन ने कहा है कि उनके सम्पर्क में कई कॉन्ग्रेस विधायक और हैं और जल्द ही राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी।

नुसरत जहाँ ने संदेशखाली की पीड़िताओं को छोड़ा बेसहारा, ‘धारा 174’ का बना रहीं बहाना: पार्टी-फोटो, सोशल मीडिया में बिजी हैं TMC की सांसद

पश्चिम बंगाल के बशीरहाट की तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) सांसद नुसरत जहाँ को संदेशखाली की पीड़िताओं के दर्द से कोई फर्क नहीं पड़ रहा। वह इस समय भी कोलकाता के फिल्म कार्यक्रमों को प्राथमिकता दे रही हैं न कि संदेशखाली को। उनसे जब अब तक संदेशखाली न जाने की वजह पूछी गई तो उन्होंने बड़ा अजीब जवाब दिया।

नुसरत जहाँ हाल में ‘बंगाल नेशनल प्राइड’ कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं। इस कार्यक्रम में वह लाल साड़ी और बड़े-बड़े ईयरिंग पहन पहुँचीं। वहाँ मीडिया से मुखातिब होते वक्त उनसे एक पत्रकार ने उनसे पूछ लिया कि वो अब तक संदेशखाली क्यों नहीं गईं, तो इस पर कोई संवेदनशील बयान देने की बजाय उन्होंने कहा कि अभी संदेशखाली में 174 धारा लागू है इसलिए वह वहाँ नहीं जा सकतीं।

दिसचस्प बात तो ये है कि जहाँ नुसरत जहाँ ऐसे बयान दे रही हैं। वहीं दूसरी ओर अन्य पार्टियों के नेता हर हाल में पीड़िताओं से मिलने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।

खैर, नुसरत जहाँ ने ऐसा पहली बार नहीं किया है। संदेशखाली का जब मामला ताजा-ताजा उठा था और पूरा देश महिलाओं के साथ हुए अत्याचारों की बात जानकर सन्न था, उस समय भी टीएमसी सांसद इस मुद्दे पर बोलने की बजाय इंस्टाग्राम पर एक्टिव थीं और अपने अलग-अलग इवेंट की फोटोज-वीडियो डाल रहीं थीं।

उनके इंस्टा अकॉउंट को खँगालने पर पता चलता है कि कुछ दिन पहले ही वो ‘कलकत्ता टाइम्स फूड गाइड पार्टी’ में कैमरे के आगे पोज दे रही थीं। उससे पहले भी वो किसी न किसी ब्रांड के लिए फोटोशूट करती बार-बार देखी गई थीं।

लेकिन, 8 फरवरी से लेकर अब तक एक भी बार उन्होंने संदेशखाली पर कुछ नहीं बोला। उनके सोशल मीडिया पर भी इस संबंध में कोई पोस्ट नहीं देखने को मिलता। उलटा जब विपक्षी नेताओं ने उनकी इस चुप्पी पर सवाल किया था तो इससे पहले उन्होंने जवाब दिया था कि वो लोग आग में घी डाल रहे हैं।

उन्होंने कहा था- “ऐसी गंभीर स्थिति में किसी को भी दूसरों को उकसाना नहीं चाहिए बल्कि एकजुट होकर राज्य प्रशासन का समर्थन करना चाहिए। राज्य सरकार वह कर रही है जिसकी जरूरत है और अधिकारी स्थानीय लोगों की अथक सहायता कर रहे हैं। इस घटना का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। हमारा काम आग बुझाना है। आग में घी डालना नहीं। एक जन प्रतिनिधि के तौर पर मैं लगातार अधिकारियों के संपर्क में हूँ।”

बंगाल पुलिस की ‘सेफ कस्टडी’ में है शाहजहाँ शेख, मोबाइल के साथ पंचसितारा इंतजाम भी मिला: ‘संदेशखाली के हैवान’ पर सुवेंदु अधिकारी का दावा

पश्चिम बंगाल के कुख्यात संदेशखाली मामले में वांछित सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) का नेता शाहजहाँ शेख को बंगाल पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। बंगाल पुलिस ने शाहजहाँ को मंगलवार-बुधवार (27-28 फरवरी 2024) की रात 12 बजे उसे हिरासत में ले लिया। बंगाल भाजपा के नेता सुवेंदु अधिकारी ने ये दावा किया है।

सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बंगाल पुलिस ने शाहजहाँ को अपनी सेफ कस्टडी में लिया है। इसके साथ ही प्रभावशाली मध्यस्थों के माध्यम से पुलिस के साथ समझौते के बाद उसे बरमजुर-2 ग्राम पंचायत से दूर ले जाया गया है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने ऐसा इसलिए किया, ताकि उसकी पुलिस और न्यायिक हिरासत के दौरान उचित देखभाल की जा सके।

सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया साइट X पर अपने पोस्ट में कहा, “संदेशखाली का बदमाश शेख शाहजहाँ कल रात 12 बजे से ममता पुलिस की सुरक्षित हिरासत में है। प्रभावशाली मध्यस्थों के माध्यम से ममता पुलिस के साथ एक समझौते के बाद, उसे बरमजुर-II ग्राम पंचायत क्षेत्र से दूर ले जाया गया, ताकि पुलिस और न्यायिक हिरासत में रहने के दौरान उनकी उचित देखभाल की जाएगी।”

अपने ट्वीट में उन्होंने आगे कहा, “सलाखों के पीछे रहने के दौरान उसे 5 सितारा सुविधाएँ दी जाएँगी और उसके पास एक मोबाइल फोन भी होगी। इसके माध्यम से वह ‘तोलामूल पार्टी’ का नेतृत्व करने में सक्षम होगा। यहाँ तक कि वुडबर्न वार्ड में एक बिस्तर भी उसके लिए तैयार और खाली रखा जाएगा, ताकि वह चाहे तो वहाँ कुछ समय बिता सके।”

बता दें कि दो दिन पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने कहा था कि संदेशखाली के आरोपित शाहजहाँ शेख को फरारी को लेकर कड़ा रूख अपनाया था और राज्य की ममता बनर्जी सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। हाई कोर्ट ने कहा कि शेख शाहजहाँ के खिलाफ 4 साल से शिकायतें आ रही हैं। अब तक 42 चार्जशीट दाखिल हो चुके हैं, इसके बावजूद उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? 

हाई कोर्ट ने कहा था कि आरोपित को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। हाई कोर्ट के सख्त रुख को देखते हुए टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने शेख शाहजहाँ की गिरफ्तारी को लेकर बात कही। उन्होंने कहा था कि शेख शाहजहाँ को 7 दिनों के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, हाई कोर्ट ने यह भी कहा था कि शाहजहाँ के खिलाफ कोई स्टे ऑर्डर नहीं है।

अदालत ने कहा कि यह लोगों में भ्रम फैलाया जा रहा है कि कोर्ट ने शाहजहाँ की गिरफ्तारी पर स्टे ऑर्डर दिया है। दरअसल, रविवार (25 फरवरी 2024) की शाम को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सांसद भतीजे अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि कोर्ट के ऑर्डर की वजह से शेख शाहजहाँ को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है।

इसके बाद मंगलवार (27 फरवरी 2024) को पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में पुलिस ने शाहजहाँ शेख के करीबी TMC नेता अजित मैती को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर जमीन हड़पने के आरोप हैं। 23 फरवरी को भीड़ ने अजीत मैती के घर हमला कर दिया था और उसे चप्पलों से पीटा था।

दरअसल, सुंदरबन के टापू पर बसे संदेशखाली में महिलाओं ने TMC नेता शाहजहाँ शेख पर यौन उत्पीड़न, जमीन हड़पने, मजदूरी छिनने और मारपीट सहित कई तरह के गंभीर आरोप लगाए थे। महिलाओं का कहना है कि शाहजहाँ शेख जिसे महिला को चाहे उसे अपनी हवस का शिकार बनाता था। इससे पहले शाहजहाँ शेख के घर पर ED ने राशन घोटाला मामले में रेड डाली थी। तब से वह फरार है।

हाइड्रोजन हब पोर्ट को ग्रीन सिग्नल, ₹17000 करोड़ के प्रोजेक्ट का लोकार्पण-शिलान्यास: तमिलनाडु से बोले PM मोदी- जो UPA को करना था वो मैं कर रहा हूँ

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने दो दिन के तमिलनाडु दौरे के दूसरे दिन आज (28 दिसम्बर, 2024) थूथुकोड़ी पहुँचे। यहाँ उन्होंने तमिलनाडु के विकास से सम्बंधित कई परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया है। पीएम मोदी ने इस दौरान पिछली सरकारों पर तमिलनाडु में विकास ना करने को लेकर भी हमला बोला।

पीएम मोदी ने यहाँ ₹17,000 करोड़ के प्रोजेक्ट का लोकार्पण और शिलान्यास किया है। पीएम मोदी ने यहाँ एक नई रेल लाइन, चार नए हाइवे प्रोजेक्ट और 75 समुद्रों को रास्ता दिखाने वाले टावर के सौन्दर्यीकरण का काम पूरा होने पर उनका लोकार्पण किया। इनमें रोड और रेल में लगभग ₹6100 करोड़ की लागत आई है। पीएम मोदी ने यहाँ VO चिदंबरमनार पोर्ट की क्षमता बढ़ाने के लिए ₹7000 करोड़ के प्रोजेक्ट का शिलान्यास भी किया।

पीएम मोदी ने इस दौरान कहा, “यह प्रोजेक्ट थूथुकोड़ी में चालू किए गए हैं लेकिन इनसे देश के विकास को बढ़ावा मिलेगा। आज देश विकसित भारत के लक्ष्य पर काम कर रहा है। इसमें तमिलनाडु की बड़ी भूमिका है। दो साल पहले मैंने तमिलनाडु में चिदम्बरनार पोर्ट की कार्गो क्षमता बढाने के लिए कई प्रोजेक्ट चालू किए थे। तब मैंने इसे शिपिंग का हब बनाने का वादा किया था। आज यह गारंटी पूरी हो रही है। वीओ चिदम्बरनार पोर्ट के लिए जिस आउटर कंटेनर हब का लम्बे समय से इन्तजार हो रहा था, आज उसका शिलान्यास हो गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “इन प्रोजेक्ट से तमिलनाडु के लाखों लोगों को फायदा होगा। उनके लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मुझे तमिलनाडु और देश की जनता को एक कड़वा सच बताना चाहता हूँ। मैं सीधा सीधा आरोप लगाना चाहता हूँ UPA सरकार पर, ये सारे प्रोजेक्ट जो मैं आज लेकर आया हूँ, ये दशकों से माँग थी। जो लोग आज यहाँ सत्ता में हैं, वह तब सरकार चलाते थे, लेकिन उनको आपके विकास की परवाह नहीं थी, बातें तमिलनाडु की करते हैं लेकिन उसके विकास के लिए काम नहीं किया।”

पीएम ने यहाँ हाइड्रोजन से चलने वाली नाव के चालू होने का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि यह हाइड्रोजन से चलने वाली यह नाव तमिलनाडु के लोगों का काशी के लोगों को गिफ्ट है। जब भी काशी के लोग इस पर बैठेंगे तो उन्हें तमिलनाडु भी अपना लगेगा। पीएम मोदी ने ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का भी उद्घाटन किया। यह देश का पहला ऐसा प्लांट है।

पीएम मोदी ने कहा, “नए रेल लाइन के काम दक्षिण तमिलनाडु और केरल के बीच की दूरी कम करेंगे। मैंने आज 4500 करोड़ के रोड प्रोजेक्ट का भी लोकार्पण किया है। इससे टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।” पीएम मोदी ने कहा कि हमारी मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी सोच तमिलनाडु के विकास में सहायता करेगी।

पीएम मोदी ने लाईट हाउस प्रोजेक्ट को लेकर कहा, “मैंने एक बार मन की बात कार्यक्रम में कहा था कि देश के अलग अलग प्रमुख लाईट हाउस को म्यूजियम में बदला जा सकता है। आज मुझे देश के 75 ऐसे लाईट हाउस का लोकार्पण करने का मौक़ा मिला है। ये नया भारत है। आने वाले समय में बड़े टूरिस्ट सेंटर बनेंगे।” पीएम मोदी ने यहाँ ISRO के नए लॉन्च सेंटर का भी उद्घाटन किया है। पीएम मोदी कल तमिलनाडु पहुँचे थे। जहाँ उन्होंने एक जनसभा में हिस्सा लिया था। पीएम मीनाक्षी अम्मन मंदिर भी गए थे।

10 बच्चे + 27 महिला + 22 पुरुष को ‘मुस्लिम’ भीड़ ने जलाकर मार डाला, लेकिन एकता कपूर के लिए यह केवल ‘ट्रेन बर्निंग इंसिडेंट’: हिपोक्रेसी पर लोगों ने दिखाया आइना

साल 2002 में गुजरात के गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस के भीतर 59 हिंदू कारसेवकों को जिंदा जलाकर मारा गया था। 22 साल बाद इस नरसंहार की कहानी को बड़े पर्दे पर लाने की तैयारी है। लेकिन जो एकता कपूर ऐसा करने जा रही हैं उन्होंने फिल्म के टीजर रिलीज के साथ इसे अपने एक ट्वीट में ‘दुर्घटना’ बता दिया है। इससे काफी लोग नाराज हैं।

एकता कपूर ने अपने एक्स पर इस फिल्म की जानकारी देते हुए कहा कि 22 साल पहले जिन 59 मासूम लोगों ने गोधरा ट्रेन दुर्घटना में अपनी जान गवा दी थी, उन्हें श्रद्धांजलि। साबरमती रिपोर्ट 3 मई 2024 को आएगी।

अजीब बात तो यह है कि एकता कपूर एक तरफ जहाँ साबरमती एक्सप्रेस में हुए नरसंहार को घटना-दुर्घटना बता रही हैं, वहीं उन्हीं की फिल्म के टीजर में दिखाया गया है कि कैसे विक्रांत मेसी का बतौर न्यूज रीडर मुख्य सीन ही यही है कि वो इस नरसंहार के दुर्घटना लिखे जाने पर आपत्ति जताते है और कहते हैं कि ये कोई दुर्घटना नहीं थी।

फिल्म के सीन और एकता कपूर के ट्वीट में विरोधाभास दिखने के बाद सोशल मीडिया यूजर अतुल माथुर ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा- “तुम्हारा मतलब क्या है कि ट्रेन जलना दुर्घटना थी। ओह तुम्हारा मतलब है कि ट्रेन अपने आप जली? ऐसा बस बोलकर दिखाओ एक बार अगर तुम में हिम्मत है।”

एक यूजर बोलता है- “ट्रेन जलने की दुर्घटना। मूर्ख ये हिंदुओं पर टारगेट हमला था।” इसी तरह पत्रकार निरवा मेहता लिखती हैं- “ये कोई ट्रेन जलने की दुर्घटना नहीं थी। मुस्लिमों ने अयोध्या से लौटते कारसेवकों को मारने के लिए ट्रेन में आग लगाई थी। कम से कम इतनी ईमानदारी रखो।”

एक यूजर ने कहा कि फिल्म आ तो रही है लेकिन बस इस फिल्म में इस्लामियों के कुकर्म न धोए-पोंछे जाएँ। मुस्लिम भीड़ ने ही इसमें आग लगाई थी और ट्रेन के दरवाजे बंद कर दिए थे कि कोई बच न पाए।

क्या हुआ था 27 फरवरी 2002 को साबरमती एक्सप्रेस में?

गौरतलब है कि गोधरा में 27 फरवरी 2002 की सुबह साबरमती एक्सप्रेस के कोच एस-6 को जला दिया गया था, जिसके बाद इस ट्रेन के कोच में बैठे 59 कारसेवकों की मृत्यु हो गई थी। ये सभी कारसेवक अयोध्या से विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित पूर्णाहुति महायज्ञ में भाग लेकर वापस लौट रहे थे। इनकी ट्रेन 27 फरवरी की सुबह 7:43 बजे गोधरा पहुँची थी। लेकिन जैसे ही ट्रेन गोधरा स्टेशन से रवाना होने लगी उसकी चेन खींच दी गई। ट्रेन पर 1000-2000 लोगों की भीड़ ने हमला किया। भीड़ ने पहले पत्थरबाजी की फिर पेट्रोल डालकर उसमें आग लगा दी। इसमें 27 महिलाओं, 22 पुरुषों और 10 बच्चों की जलने से मृत्यु हो गई थी।

जाँच के बाद इस नरंसहार को साजिश बताया गया था। प्रमुख साजिशकर्ता मौलवी हुसैन हाजी इब्राहिम उमर और ननूमियाँ थे। इन पर भीड़ को भड़काने का आरोप लगा। आरोपित रज्जाक कुरकुर के गेस्ट हाउस पर 140 लीटर पेट्रोल जमा किया गया था जिनका इस्तेमाल ट्रेन जलाने के लिए हुआ। जाँच के दौरान यह भी पता चला कि हिंसक भीड़ को उकसाने के लिए लाऊडस्पीकरों का प्रयोग किया गया था। अली मस्जिद यहीं पास में थी थी। इस दौरान ‘काफिरों को मार डालो, इस्लाम खतरे में है, काट दो, मार दो’ जैसे नारे लगाए गए। हमलावरों के हाथों में तलवारें और अन्य घातक हथियार थे। वो पत्थरबाजी भी कर रहे थे। ये सभी ट्रेन को घेरने की कोशिश कर रहे थे।”

कुछ कारसेवकों को घटना का पहले से अंदेशा हो गया था। वो स्टेशन छोड़ कर निकल गए थे। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने हालत को संभालने की बहुत कोशिश की लेकिन वो असफल रहे। घटना के लगभग 2 दशक बीत जाने के बाद भी तमाम वामपंथी और लिबरल इस हमले पर बात करने से कतराते है, जो बात करता है वो इसे दुर्घटना बताकर इसे हल्के में दिखाने का प्रयास करता है, जैसे एकता कपूर ने चाहे-अनचाहे किया।

3300 किलो ड्रग्स, ₹2000 करोड़ कीमत… गुजरात के समंदर से नौसेना+NCB ने पकड़ी सबसे बड़ी खेप, 5 ‘पाकिस्तानी’ भी धराए

भारतीय नौसेना ने गुजरात तट के पास एक नाव में लाई जा रही लगभग 3300 किलोग्राम ड्रग्स पकड़ी है। यह भारतीय उपमहाद्वीप में बीच समुद्र पकड़ी गई ड्रग्स की सबसे बड़ी खेप है। इस ड्रग की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग ₹2000 करोड़ बताई जा रही है। नौसेना ने यह ऑपरेशन गुजरात की एंटी टेरिरिस्ट स्क्वाड (ATS) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की सहायता से पूरा किया है। इस नाव से पाँच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, इनके पाकिस्तानी होने का शक है।

नौसेना ने एक्स (पहले ट्विटर) पर बताया, “नौसेना ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के साथ मिलकर 3272 किलो प्रतिबंधित ड्रग्स (3089 किलोग्राम चरस, 158 किलोग्राम मेथमफेटामाइन और 25 किलोग्राम मॉर्फीन) ला रही एक संदिग्ध नाव को पकड़ा है। हाल के दिनों में मात्रा के हिसाब से नशीले पदार्थों की यह सबसे बड़ी जब्ती है।”

नौसेना ने बताया कि इस नाव के विषय में उसके एक समुद्री टोही P8I विमान ने खुफिया जानकारी दी थी। इसके बाद इस इलाके में गश्त लगा रहे उसके एक जहाज को इस नाव की तरफ भेजा गया और जब नाव भारतीय समुद्री सीमा में घुसी तो इसे पकड़ लिया गया। नौसेना ने बताया कि इसे पकड़ने में NCB और ATS का सहयोग लिया गया। इनसे प्राप्त ड्रग्स को भारतीय बंदरगाह पर लाकर सुरक्षा एजेंसियों के हवाले कर दिया गया।

इस नाव से जब्त की गई ड्रग्स पर ‘पाकिस्तान में निर्मित’ लिखा हुआ था। ऐसे में माना जा रहा है कि यह नशे की खेप पड़ोसी देश ने ही समुद्र रास्ते यहाँ भेजने का प्रयास किया है। इसी के साथ ही इस नाव से पाँच लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। इनके भी पाकिस्तानी नागरिक ही होने का शक है। इन्हें गिरफ्तार करके 27 फरवरी, 2024 को पोरबंदर लाया गया है।

सुरक्षा एजेंसियाँ अब जाँच कर रही हैं इस ड्रग को किसने भेजा और भारत आने पर इनकी मदद कौन करने वाला था। सुरक्षा एजेंसियाँ इस नाव और इससे गिरफ्तार हुए पाँचों व्यक्तियों की जानकरियाँ जुटाने में भी लगी हुई हैं। देश गृह मंत्री अमित शाह ने नौसेना, NCB और गुजरात ATS की इस सफलता पर बधाई दी है।

उन्होंने एक्स पर लिखा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के के नशामुक्त भारत के सपने को साकार करने के प्रयासों के तहत आज हमारी सुरक्षा एजेंसियों ने देश में ड्रग्स की सबसे बड़ी खेप जब्त करने में सफलता हासिल की है। NCB, नौसेना और गुजरात पुलिस के साझा अभियान में 3132 किलोग्राम ड्रग्स की बड़ी खेप जब्त की गई है। यह सफलता हमारे देश को नशामुक्त करने के लिए हमारी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का सबूत है। मैं एनसीबी, नौसेना और गुजरात पुलिस को इस अवसर पर बधाई देता हूँ।”

राज्यसभा सीट तो गई, क्या हिमाचल में बची रहेगी कॉन्ग्रेस सरकार: BJP बोली- बजट पर ही हो बहुमत का फैसला, बागी MLA बोले- CM सुक्खू को बदलो

हिमाचल प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार संकट में है। यहाँ कल (27 फरवरी, 2024) संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा के हर्ष महाजन की जीत हुई है। बताया गया है कि कई कॉन्ग्रेस विधायकों ने उनका समर्थन किया है। भाजपा ने कहा है कि राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार अब अल्पमत में है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्यपाल से मिलकर वोटों के बंटवारे की माँग की है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष पर पक्षपात करने का आरोप भी लगाया है।

गौरतलब है कि राज्य में कल सम्पन्न हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा के हर्ष महाजन ने कॉन्ग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी को हरा दिया। हर्ष महाजन को भाजपा विधायकों के अलावा कॉन्ग्रेस के 6 विधायकों का समर्थन मिलने की बात कही जा रही है। भाजपा ने इसी आधार पर कहा है कि सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगुवाई वाली कॉन्ग्रेस सरकार अब अल्पमत में है।

इसी को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर आज सुबह राजभवन पहुँचे थे। उन्होंने यहाँ राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से मिल कर विधानसभा में वित्त विधेयकों पर वोटों के बँटवारे की अनुमति ना मिलने का मुद्दा उठाया है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष पर भाजपा विधायकों के साथ पक्षपात करने का लगाया है।

उन्होंने कहा है कि विधानसभा के सुरक्षाकर्मियों ने भाजपा विधायकों के साथ बदसलूकी की है। उन्होंने कहा है कि कॉन्ग्रेस सरकार अब अल्पमत में है और वह बजट पास करवाने के लिए कुछ भाजपा विधायकों को निलंबित करवा सकती है।

जयराम ठाकुर ने कहा है कि कॉन्ग्रेस हिमाचल प्रदेश में सत्ता में बने रहने का अधिकार खो चुकी है। गौरतलब है हिमाचल प्रदेश की विधानसभा में 68 सदस्य हैं। यहाँ बहुमत का आँकड़ा 35 है। वर्तमान में यहाँ 40 विधायक कॉन्ग्रेस, 25 भाजपा और 3 निर्दलीय हैं। हालाँकि, कल चुनाव के परिस्थितियाँ बदल गई हैं। 3 निर्दलीय और 6 कॉन्ग्रेस विधायक भाजपा के समर्थन में बताए जा रहे हैं। कल राज्यसभा चुनाव के लिए हुई वोटिंग से भी यह बात स्पष्ट हो गई। भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन और कॉन्ग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी, दोनों को 34-34 वोट मिले।

इसके बाद दोनों में नतीजे के लिए पर्ची निकाली गई, जिसमें हर्ष महाजन जीते। इन सब बदलावों के बाद सुक्खू सरकार संकट में है। वर्तमान में हिमाचल विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है। भाजपा की माँग है कि इस दौरान पेश किए गए वोट विधेयकों पर विधानसभा के भीतर वोटों का स्पष्ट बँटवारा किया जाए। गौरतलब है कि यदि कोई सरकार अपने वित्त विधेयकों को सदन में पास करवाने में विफल होती है तो यह विश्वास मत खोने का सूचक माना जाता है।

बताया जा रहा है कि जिन 6 कॉन्ग्रेस विधायकों ने कल के चुनाव में भाजपा उमीदवार को वोट दिया, वह शिमला से हरियाणा के लिए निकल गए। इसके अलावा बड़ी संख्या में विधायक CM सुक्खू से नाराज बताए जा रहे हैं। यह विधायक CM सुक्खू की कार्यशैली से नाराज बताए जा रहे हैं। दूसरी तरफ अब कॉन्ग्रेस भी बचाव मोड में आ गई है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को यहाँ नाराज विधायकों को मनाने के लिए भेजा गया है।

बताया जा रहा है कि नाराज विधायकों का कहना है कि वह तभी वापस आने के विषय में सोचेंगे जब CM सुक्खू को आलाकमान हटा दे। सुखविंदर सिंह सुक्खू 14 माह पहले दिसम्बर 2022 में राज्य चुनाव में कॉन्ग्रेस की जीत के बाद आलाकमान के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री बने थे। उनके साथ ही मुकेश अग्निहोत्री को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। सुक्खू के सीएम बनाए जाने को लेकर लम्बे समय से सब कुछ ठीक ना होने की खबरें आ रही थीं। उनसे दूसरे धड़े नाराज बताए जा रहे थे।

राज्यसभा चुनाव में हुई हार ने अब कॉन्ग्रेस के अंदर की दरार को जाहिर कर दिया और उत्तर भारत में उसकी अकेली सरकार पर भी संकट ला दिया है।

‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के दावों पर कर्नाटक पुलिस ने दर्ज की शिकायत, प्रियांक खड़गे ने बताया ‘BJP की साजिश’: बोले- फॉरेंसिक जाँच में कुछ नहीं मिला

कर्नाटक की 4 सीटों पर हुए राज्यसभा चुनाव में 3 सीटों पर कॉन्ग्रेस की जीत के बाद एक नया बवाल सामने आया। कॉन्ग्रेस उम्मीदवार नासिर हुसैन की जीत का जश्न मनाते हुए विधानसभा में कुछ नारे लगे, जिसकी वीडियो शेयर करके कहा गया कि ये नारे ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे थे। वहीं मोहम्मद जुबैर जैसे लोगों ने कहा कि पाकिस्तान जिंदाबाद नहीं ‘नासिर साहब जिंदाबाद’ कहा जा रहा है। इस पूरे विवाद के बीच बेंगलुरु पुलिस ने मामले में अज्ञातों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और कहा गया कि वीडियो की जाँच करके आगे कार्रवाई की जाएगी।

अब कर्नाटक में कॉन्ग्रेस मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा- “ये बहुत स्पष्ट है कि ऑडियो में नासिर हुसैन और सैयद साहब जिंदाबाद कहा जा रहा है। ये सिर्फ भाजपा की साजिश है और कुछ नहीं। पार्टी ने ऑडियो की फॉरेंसिंक चेकिंग भी करवाई है। उसमें यही आया है कि ऐसा कुछ नहीं है। सरकारी रिपोर्ट आने वाली है।”

बता दें कि कर्नाटक की 4 राज्यसभा सीटों में से 3 पर कॉन्ग्रेस ने जीत हासिल की। इन तीन सीटों पर जीतने वाले नेताओं के नाम अजय माकन, डॉ सैयद नसीर हुसैन और जीसी चंद्रशेखर है। इनकी जीत के बाद कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं में जीत का माहौल था। इसी दौरान नासिर हुसैन को उठाकर नारेबाजी हुई। बाद में इसकी वीडियो भाजपा नेताओं ने शेयर की और कहा कि विधानसभा में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगे हैं।

वहीं कॉन्ग्रेस नेताओं ने कहा कि ये नारे नासिर हुसैन के लिए थे, पाकिस्तान समर्थन में नहीं। मोहम्मद जुबैर ने भी इस वीडियो को लेकर यही दावा किया है कि नासिर हुसैन के समर्थक ‘नासिर साहब जिंदाबाद’ बोल रहे हैं वो पाकिस्तान जिंदाबाद नहीं कह रहे।

बीजेपी और कॉन्ग्रेस के बीच चल रही इस मामले पर बहस के बीच खबर आई थी कि बेंगलुरु पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। जाँच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

कर्नाटक बीजेपी ने इस पर शिकायत दी थी और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा था, “विधान सौध में कॉन्ग्रेस पार्टी से राज्यसभा चुनाव में नसीर हुसैन की जीत के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा पाकिस्तान समर्थक नारे लगाए गए हैं। इसकी निंदा करने के बजाय, नसीर हुसैन गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं और कह रहे हैं कि कोई झूठी खबर फैला रहा है, जो अधिक खतरनाक है। कॉन्ग्रेस पार्टी जब सत्ता में थी, तो पाकिस्तान के साथ दोस्ती करती थी। अब वे सीधे तौर पर पाकिस्तान का समर्थन कर रहे…।”

ऐसे दावे वायरल होने पर नासिर हुसैन का भी बयान आया था। उन्होंने कहा था, “आज, जब हमारे कार्यकर्ता, समर्थक और कुछ लोग तीन उम्मीदवारों की जीत का जश्न मना रहे थे, मैं उनके बीच में था और तब नसीर हुसैन, जिंदाबाद… कॉन्ग्रेस पार्टी जिंदाबाद जैसे बहुत सारे नारे लगाए जा रहे थे। लेकिन जब मैं जाने लगा तो मुझे मीडिया से फोन आया कि किसी ने पाकिस्तान समर्थक नारे लगाए हैं। मैं यहाँ यह कहना चाहूँगा कि जब मैं वहाँ लोगों के बीच में था तो वहाँ खूब नारे लग रहे थे। लेकिन मैंने वहाँ खुद से पाकिस्तान जिंदाबाद नाम का नारा नहीं सुना। लेकिन जो भी हो, हमने पहले ही पुलिस से पूछ लिया है और पुलिस को इसकी जाँच कर रही है। अगर किसी ने इस तरह का नारा लगाया है तो उसके साथ कानून के मुताबिक सख्ती से निपटना होगा।”

नासिर हुसैन बोले थे, “मामले में जाँच होनी चाहिए, और अगर किसी ने वीडियो से छेड़छाड़ करके शरारत की है, तो उसकी भी जाँच होनी चाहिए। या ये पता चलना चाहिए कि अगर किसी ने नारा दिया है तो वो कौन है? वह कहाँ से आया और वहाँ परिसर में कैसे दाखिल हुआ? नारा लगाने के पीछे उनकी मंशा और मकसद क्या था, यह भी देखा जाना चाहिए। लेकिन जहाँ तक ​​मेरा सवाल है, जब मैं वहाँ था, तो वहाँ कोई नारा नहीं लगाया गया था… इसलिए हमें जाँच का इंतजार करना चाहिए और जो भी सामने आएगा वह सार्वजनिक होगा।”

नोट: प्रियांक खड़गे का बयान आने के बाद इस कॉपी को अपडेट किया गया है।

राज्यसभा चुनावों में BJP ने गाड़े झंडे: सभी 8 सीटें जीत UP में सपा को दिया झटका, हिमाचल में बहुमत के बावजूद कॉन्ग्रेस की इकलौती सीट भी छिनी

उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में आज मंगलवार (27 फरवरी 2024) को राज्यसभा के 15 सीटों पर हुए मतदान में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और हिमाचल प्रदेश में कॉन्ग्रेस के कई विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। इसके कारण कुछ उम्मीदवारों के राज्यसभा पहुँचने की लालसा पूरी नहीं हो पाई। अब तक सामने आए परिणामों में भाजपा बाजी मार गई। दरअसल, 15 राज्यों में राज्यसभा की 56 सीटें खाली हुई थीं। इनमें से 12 राज्यों की 41 राज्यसभा सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए, जबकि बाकी सीटों के लिए मतदान हुआ।

यूपी में भाजपा की बंपर जीत

यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए भाजपा के 8 और समाजवादी पार्टी के 3 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसमें भाजपा के 7 और सपा के 3 उम्मीदवारों की जीत माना जा रहा था। इस बीच भाजपा ने अपना आठवाँ उम्मीदवार खड़ा करके चुनाव को दिलचस्प बना दिया। भाजपा के आठवें उम्मीदवारों को जिताने के लिए समाजवादी पार्टी के 9 विधायकों ने ही क्रॉस वोटिंग कर दी।

सपा के जिन विधायकों ने भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की, उनमें मनोज पांडेय, पवन पांडेय, आशुतोष मौर्य, राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह सहित 7 विधायक बताए जाते हैं। वहीं, अखिलेश यादव की डिनर में शामिल नहीं होने वाले सपा विधायक मुकेश वर्मा, महाराजी प्रजापति, पूजा पाल, विनोद चतुर्वेदी हैं। इसके माना जा रहा था क्रॉस वोटिंग होगी और भाजपा की जीत होगी।

इस चुनाव में बीजेपी के सभी 8 उम्मीदवार चुनाव जीत गए हैं। सुधांशु त्रिवेदी 38 वोट पाकर राज्यसभा चुनाव जीत गए हैं। भाजपा के जो उम्मीदवार जीते हैं, उनके नाम हैं- अमरपाल मौर्य, RPN सिंह, साधना सिंह, संजय सेठ, संगीता बलवंत बिंद, सुधांशु त्रिवेदी, तेज वीर सिंह और नवीन जैन। वहीं, सपा के जया बच्चन और रामजी लाल सुमन चुनाव जीते हैं।

बता दें कि उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए कुल 11 उम्मीदवार मैदान में थे। इससे पहले 10 सीटों के लिए 10 ही उम्मीदवार थे, जिसमें भाजपा की ओर से 7 और समाजवादी पार्टी के 3 उम्मीदवार थे। दो-तीन वोटों के इधर-उधर से इन 10 उम्मीदवारों की जीत तय मानी जा रही थी। इस बीच भाजपा ने 8वाँ उम्मदीवार उतार दिया और सपा के विधायकों के क्रॉस वोटिंग से यह उम्मदीवार भी जीत गया।

हिमाचल प्रदेश में भाजपा ने मारी बाजी

हिमाचल प्रदेश में हुए एक सीटों के राज्यसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हर्ष महाजन को जीत मिली है। उनके सामने कॉन्ग्रेस के नेता एवं सुप्रीम कोर्ट के वकील अभिषेक मनु सिंघवी थे। बहुमत होने के बावजूद हिमाचल प्रदेश कॉन्ग्रेस पर उनके बागी नेताओं की बगावत भारी पड़ी। यहाँ कॉन्ग्रेस के 9 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की।

कॉन्ग्रेस और भाजपा को यहाँ 34-34 वोट मिले। अंतिम फैसला टॉस से हुआ जिसमें भाजपा प्रत्याशी को जीत हासिल हुई। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी कॉन्ग्रेस का एक वोट रद्द करवाने के लिए चुनाव आयोग पहुँच गई है। यह वोट बीमार बताकर हेलीकॉप्टर से लाए गए कॉन्ग्रेस विधायक सुदर्शन बबलू का है। भाजपा ने हेलीकॉप्टर का प्रयोग आचार संहिता का उल्लंघन बताया है।

दरअसल, हिमाचल प्रदेश विधानसभा की में कुल 68 सीटें हैं। इनमें से कॉन्ग्रेस के पास 40 और बीजेपी के 25 विधायक हैं, जबकि दो निर्दलीय है एक अन्य पार्टी का है। प्रदेश के सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार को कुल 43 विधायक का समर्थन है। कॉन्ग्रेस के 9 विधायकों के क्रॉस वोटिंग के बाद दोनों पक्षों की ओर से 34-34 वोट पड़े थे।

क्रॉस वोटिंग पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बागी विधायकों को ईमान बेचने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस के कई विधायकों का हरियाणा पुलिस ने अपहरण करके पंचकुला के एक गेस्ट हाउस में रखा है। फिलहाल यह गेस्ट हाउस आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है। क्रॉस वोटिंग के बाद अब हिमाचल सरकार के भविष्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

कर्नाटक में कॉन्ग्रेस को राहत

कर्नाटक में राज्यसभा की 4 सीटों पर हुए चुनावों में कॉन्ग्रेस को तीन सीटें मिली हैं। वहीं, भाजपा को एक सीट पर संतोष करना पड़ा है। कॉन्ग्रेस के जीतने वाले उम्मीदवारों में अजय माकन, नासिर हुसैन और जीसी चंद्रशेखर हैं। अजय माकन को 47, नासिर हुसैन को 46 और जीसी चंद्रशेखर को 46 वोट मिले।

वहीं, भाजपा की ओर से नारायण बंदिगे ने जीत हासिल की है। वहीं, जनता दल सेक्युलर (JDS) के कुपेंद्र रेड्डी को हार का सामना करना पड़ा है। यहाँ पर भाजपा विधायक एसटी सोमशेखर ने क्रॉस वोटिंग की, जबकि एक अन्य विधायक शिवराम हब्बार ने मत नहीं डाला। इस तरह भाजपा को 48, जेडीएस को 35 और कॉन्ग्रेस को 139 वोट मिले।

8 दिनों से गायब है मंगलुरु की PhD छात्रा, मिलने आता था ‘ड्रग तस्कर’ शाहरुख: लड़की की एक्टिवा बरामद, हिंदू संगठनों ने बताया लव जिहाद

कर्नाटक के मंगलुरु में एक शोध (पीएचडी) छात्रा के 8 दिनों से गायब होने की खबर है। हिंदू संगठनों ने इसे लव जिहाद का मामला बताया है। 27 वर्षीया छात्रा की अंतिम लोकेशन मंगलुरु के बाहरी इलाके के डेरलकट्टे बताई जा रही है। पुलिस को छात्रा एक्टिवा स्कूटर मिला है। 17 फरवरी 2024 को चित्रा नाम की इस छात्रा को अपने हॉस्टल से निकलते देखा गया था।

अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, पुत्तूर का शाहरुख नाम का एक मुस्लिम व्यक्ति कभी-कभार छात्रा के पेइंग गेस्ट हाउस में आता-जाता था। कहा जा रहा है कि दोनों रिलेशनशिप में थे। वहीं, कुछ लोग शाहरुख को ड्रग्स तस्कर भी बता रहे हैं। बजरंग दल ने इसे लव जिहाद का मामला बताते हुए इस मामले की पुलिस में शिकायत करके जाँच की माँग उठाई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला मंगलुरु के उल्लाल पुलिस थाना क्षेत्र का है। लापता लड़की के पिता ने यहाँ अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई है। लड़की मंगलुरु में अपने एक परिचित चाचा की देखरेख में रहकर एक प्राइवेट संस्थान से PhD कर रही थी। वह पढ़ने में काफी तेज थी। उसे हर माह 40 हजार रुपए की स्कॉलरशिप मिल रही थी।

पेइंग गेस्ट हाउस में चित्रा के साथ उसकी एक रूममेट भी रहती थी। रूममेट ने ही बताया कि चित्रा लापता है। सामने आए तथ्यों के मुताबिक, 17 फरवरी को चैत्रा ATM से पैसे निकालने के लिए सूरतकल इलाके में गई थी। एटीएम से 10 हजार रुपए चार बार यानी 40 हजार रुपए निकाले भी गए। चित्रा के माता-पिता नहीं हैं और वह अपने अंकल के घर रहकर पढ़ाई पूरी की थी।

पुलिस का अनुमान है कि पैसे निकालने के बाद चित्रा बस पकड़कर किसी और जिले में गई है। पुलिस ने चित्रा की स्कूटी एटीएम के पास से बरामद कर ली है। पुलिस की टीमें चित्रा के रिश्तेदारों के यहाँ भी पूछताछ के लिए गई हैं। अपुष्ट जानकारी के मुताबिक चित्रा ने बेंगलुरु में किसी व्यक्ति को फोन पर सम्पर्क भी किया था।

पुलिस को आशा है कि वो जल्द ही चित्रा का पता लगा लेगी। इधर मामले की जानकारी होते ही इस मामले में बजरंग दल सक्रिय हो गया है। हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने इस घटना को लव जिहाद करार दिया है। हालाँकि, कुछ लोग उसे ड्रग्स तस्कर भी बता रहे हैं। आशंका है कि शाहरुख़ चित्रा को ड्रग्स देने आया करता था। फ़िलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जाँच कर रही है।