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‘सबरीमाला मंदिर में मलयाली ब्राह्मण ही हो सकते हैं पुजारी’: भर्ती की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका को केरल हाई कोर्ट ने किया खारिज

केरल उच्च न्यायालय ने मंगलवार (27 फरवरी 2024) को त्रावणकोर देवासम बोर्ड की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया। इस अधिसूचना में कहा गया था कि सबरीमाला मंदिर के मेलशांति (सर्वोच्च पुजारी) के पद के लिए आवेदन करने वाला उम्मीदवार सिर्फ मलयाली ब्राह्मण समुदाय से ही होना चाहिए।

न्यायमूर्ति अनिल के नरेंद्रन और न्यायमूर्ति पीजी अजितकुमार की खंडपीठ ने उन याचिकाओं पर फैसला सुनाया। इस याचिका में दलील दी गई थी कि उच्च पुजारी पद के चयन को केवल मलयाली ब्राह्मण समुदाय के व्यक्तियों तक सीमित करना भारत के संविधान द्वारा गारंटीकृत अधिकारों का उल्लंघन है।

हाई कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया कि मलयाली ब्राह्मण की अनिवार्यता ‘अस्पृश्यता’ के बराबर है और यह संविधान के अनुच्छेद 17 का उल्लंघन करती है। हालाँकि, हाई कोर्ट ने याचिका में उचित दलील का अभाव बताकर इसे खारिज कर दिया।

कोर्ट ने कहा, “रिट याचिकाओं में तर्कों और आधारों का पूर्ण अभाव है। हालाँकि याचिकाकर्ताओं के वकील ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के प्रावधानों के संबंध में तर्कों को संबोधित किया, लेकिन इन रिट याचिकाओं में दी गई चुनौती वर्ष 1193 ई. और 1197 ई. के सबरीमाला और मलिकापुरम मंदिरों में मेलशान्तियों का चयन से संबंधित है।”

कोर्ट ने आगे कहा, “अनुच्छेद 25 और 26 पर उचित दलीलों के अभाव में हमारा विचार है कि इन रिट याचिकाओं को बड़ी पीठ के लिए खुला रखने की कोई आवश्यकता नहीं है। सुप्रीम कोर्ट को इस मुद्दे पर फैसला करना है। हालाँकि हम यह स्पष्ट करते हैं कि इस संबंध में दोनों पक्षों की दलीलों को उचित समय पर उचित कार्यवाही में उठाए जाने के लिए खुला रखा जाए।”

दरअसल, त्रावणकोर देवासम बोर्ड ने 27 मई 2021 की एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें मलयाली ब्राह्मण समुदाय के सदस्यों से सबरीमाला मंदिर और मलिकप्पुरम मंदिर में शांतिकरन (पुजारी) के पद के लिए आवेदन माँगे थे। इसके बाद जुलाई 2021 में वकील बीजी हरिंद्रनाथ के माध्यम से अधिसूचना को चुनौती दी गई थी।

याचिका में कहा गया था कि यह सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16, 17 और 21 की पूरी तरह से अवहेलना है। इसमें तर्क दिया गया था कि मेलशांति के पद पर नियुक्ति एक धर्मनिरपेक्ष कार्य है और इसे एक विशेष समुदाय तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, जबकि यह केरल सरकार द्वारा नियंत्रित संस्थान है।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें आगे यह तर्क दिया गया कि जाति की परवाह किए बिना ब्राह्मणों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति, जो इस कार्य के लिए पूरी तरह योग्य हो और अपने कर्तव्यों के पालन में समर्थ हो, उसे अनुच्छेद 25 (धर्म की स्वतंत्रता) और 26 (धार्मिक मामलों के प्रबंधन की स्वतंत्रता) का उल्लंघन नहीं कहा जा सकता।

याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट में पेश वकील गोपाल ने तर्क दिया कि मेलशांति भर्ती को मलयाली ब्राह्मण उम्मीदवारों तक सीमित करना अस्पृश्यता का अभ्यास करने के खिलाफ संवैधानिक रोक के उल्लंघन का सवाल है। उन्होंने बताया कि सबरीमाला मंदिर गैर-सांप्रदायिक है, यानी जातिगत बाधा के बिना इस मंदिर में पुजारी होने का अधिकार बिना किसी भेदभाव के मंदिर में प्रवेश करने और पूजा करने के अधिकार से जुड़ा हुआ है।

उनका प्राथमिक तर्क यह था कि एन आदिथायन बनाम त्रावणकोर देवासम बोर्ड और अन्य में सुप्रीम कोर्ट का फैसला उच्च न्यायालय पर बाध्यकारी है। एन आदिथायन मामले में शीर्ष अदालत ने त्रावणकोर देवासम बोर्ड के प्रशासन के अधीन एक शिव मंदिर के पुजारी के रूप में नियुक्त होने के लिए एक गैर-मलयाली ब्राह्मण के अधिकार को बरकरार रखा था। कोर्ट को बताया गया कि यही बोर्ड सबरीमाला मंदिर का प्रबंधन भी करता है।

‘नहीं पसंद था इस्लाम, हिंदू धर्म अच्छा लगता है’: रायबरेली की मंतशा ने की आशीष मौर्य से हनुमान मंदिर में शादी, लगे ‘जय श्रीराम’ के नारे

उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक मुस्लिम लड़की ने घर वापसी की है। लड़की का नाम मंतशा है जो अब मानसी मौर्य नाम से जानी जाएँगी। मानसी ने आशीष मौर्य नाम के हिंदू लड़के को अपने पति के तौर पर चुना। दोनों ने जिले के ही एक मंदिर में वैदिक विधि-विधान से शादी की। मंतशा ने बताया कि उन्हें शुरू से ही इस्लाम मजहब पसंद नहीं था। ऐसे में जब उनकी बात आशीष से होना शुरू हुई तो उन्हें हिन्दू धर्म को समझने का मौका मिला। धीरे-धीरे उन्हें सनातन संस्कार पसंद आने लगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह विवाह रविवार (25 फरवरी 2024) को रायबरेली जिले के थानाक्षेत्र सलोन में हुआ। यहीं के एक गाँव में मंतशा और आशीष अपने परिजनों के साथ रहते थे। बचपन से ही दोनों में बातचीत होती थी जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। जब यह बात मंतशा के परिजनों को पता चली तो उन्होंने तमाम पाबंदियाँ लगानी शुरू कर दीं। मंतशा ने अपने परिजनों को आशीष मौर्य से शादी के लिए मनाने की बहुत कोशिश की लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ। इस बीच आशीष मौर्य ने भी अपनी तरफ से मंतशा से शादी की कोशिशें शुरू कर दीं थीं।

बताया जा रहा है कि 25 फरवरी (रविवार) को मंतशा जैसे-तैसे अपने घर से निकलने पर कामयाब रही। रास्ते में उसे आशीष मौर्य मिले। दोनों सीधे रायबरेली के बेनी माधव हनुमान मंदिर पहुँचे। यहाँ आसपास के कुछ ग्रामीण और हिन्दू संगठन के कुछ सदस्य भी मौजूद थे। दोनों ने बजरंगबली की मूर्ति के आगे एक दूसरे को जयमाला पहनाई। इसके बाद आशीष ने मंदिर में ही मंतशा की माँग भरी। इस दौरान मंदिर में मौजूद अन्य लोगों ने जय श्री राम का उद्घोष किया और पति-पत्नी को सदा सुखी रहने का आशीर्वाद दिया।

शादी के बाद मंतशा बेहद खुश नजर आईं। उन्होंने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा- “हमें उनसे (आशीष) प्यार था इसलिए हमने शादी कर ली।” मंतशा ने यह भी दावा किया कि उनको इस्लाम नहीं बल्कि हिन्दू धर्म पसंद है। मंतशा ने कहा कि उनके घर वाले इस रिश्ते से खुश नहीं हैं। वह शादी के बाद आशीष मौर्य के साथ चली गईं हैं। आशीष ने भी मीडिया से बताया कि उनके परिजन भी इस शादी से खुश नहीं थे जिसकी वजह से उन्हें मंदिर में विवाह करना पड़ा।

राजस्थान की BJP सरकार ने 200 पुलिसकर्मियों को पीछे लगाया, तब पकड़े गए अलवर बीफ मंडी के सभी 22 ‘किरदार’: खुले में गाय काटकर करते थे होम डिलिवरी

राजस्थान के अलवर जिले में पुलिस ने सघन अभियान चलाकर गोमांस की मंडी चलाने वाले सभी 22 नामजद आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें 9 आरोपित सोमवार (26 फरवरी) को गिरफ्तार किए गए। इनके नाम साहुन, हारुन, इब्राहिम, सलीम खान, मनान, खालिद खाँ, हब्बी, सलीम और कयूम हैं। इनमें से कयूम पुराना हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर पहले भी कई केस दर्ज हैं।

गिरफ्तार आरोपितों का रिमांड लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। 8 दिनों तक चले इस अभियान में लगभग 200 पुलिसकर्मी शामिल थे और उन्होंने दिन-रात दबिश देकर आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें से गिरफ्तार एक आरोपित कयूम 2 वर्षों से फरार चल रहा था। उस पर प्रशासन की तरफ से 2000 रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कयूम पर अलग-अलग थानों में पहले से ही 5 मुकदमे दर्ज हैं। किशनगढ़बास और कोटपूतली थाने में दर्ज में इन FIR में गोकशी, आबकारी एक्ट और हत्या जैसे संगीन अपराध शामिल हैं। उस पर पहला मुकदमा 11 साल पहले 2013 में दर्ज हुआ था। पकड़ा गया एक अन्य आरोपित मनान भी पुराना हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है। उस पर ततारपुर में FIR दर्ज है।

इसके अलावा, इब्राहिम पर अलवर सदर थाने में मामला दर्ज है, जबकि साहून और खालिद पर किशनगढ़बास थाने में पहले से ही केस दर्ज हैं। बाकी आरोपितों के भी आपराधिक रिकॉर्ड की पड़ताल करवाई जा रही है। ये सभी आरोपित इस इलाके में कई सालों से गोमांस की मंडी चला रहे थे।

बता दें कि सोमवार से पहले 13 आरोपित पकड़े गए थे। पुलिस उन सभी को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। अब सोमवार को पकड़े गए इन आरोपितों की रिमांड भी अदालत से माँग सकती है। इनसे पूछताछ में गोमांस की मंडी वाले रैकेट से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।

गोमांस मंडी के खुलासे के बाद किसनगढ़बास के एक थाने के 38 पुलिसकर्मियों के हटा दिया गया था। इसके अलावा सरकारी जमीन पर बिजली का कनेक्शन देने वाले AEN, गो-तस्करों द्वारा कब्जाई गई जमीन की रिपोर्ट नहीं देने वाले पटवारी और नायब तहसीलदार को हटाया जा चुका है। पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्री के अनुसार अब गोकशी की सूचना देने की जिम्मेदारी गाँवों के सरपंचों को दी गई है।

इस संबंध में सरपंचों से लिखित अंडरटेकिंग भी ली जा रही है। बता दें कि दैनिक भास्कर ने रविवार (18 फरवरी 2024) को अलवर के बास थाना क्षेत्र में चल रही इस बीफ मंडी का खुलासा किया था। खुलासे में ऐसे वीडियो सामने आए थे, जिसमें बिरसंगपुर के पास रुंध गिदवडा के बीहड़ों में गायों को बेरहमी से मार कर उनकी खाल उतारी जा रही थी।

गायों की हत्या के बाद यहाँ से व्हाट्सएप के जरिए मांस के ऑर्डर लेकर घरों तक सप्लाई की जाती थी। इस मंडी में सैकड़ों की तादाद में खरीदार भी आते थे। गोकशी की यह मंडी करीब 10 किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई बताई गई थी। इस खबर का भाजपा सरकार ने संज्ञान लिया और तब से गोकशी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई जारी है।

अरविंद केजरीवाल को ED ने भेजा 8वाँ समन, शराब घोटाले में पूछताछ के लिए 4 मार्च को बुलाया: 7 बार तारीख पर हाजिर नहीं हुए हैं दिल्ली के CM

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल को समन भेजा है। ED ने CM केजरीवाल को 4 मार्च, 2024 को पेश होने को कहा है। ED यह पूछताछ शराब घोटाला मामले में करना चाहती है।

ED इससे पहले 7 बार उन्हें समन भेज कर पूछताछ के लिए बुला चुकी है। हालाँकि, वह हर बार पूछताछ में जाने से इंकार कर देते हैं। उन्हें ED ने कल (26 फरवरी, 2024) भी पूछताछ के लिए बुलाया था। उन्होंने इस पूछताछ में भी जाने से मना कर दिया था। यह समन उन्हें 22 फरवरी को भेजा गया था।

उन्होंने इस सुनवाई पर एजेंसी से कहा था कि उन्हें बार बार समन ना भेजे जाएँ। केजरीवाल ने कहा था कि यह मामला कोर्ट में है इसलिए उसके निर्णय के बाद ही आगे बढ़ा जाए। उन्होंने कहा कि अगर कोर्ट का आदेश आएगा तो वह ED के सामने पेश हो जाएँगे। गौरतलब है कि इस विषय में अगली सुनवाई 16 मार्च को होनी है।

दिल्ली सीएम पहले भी 7 बार अलग-अलग कारण देकर ED की पूछताछ से बचते रहे हैं। ED ने 14 फरवरी को समन जारी करके केजरीवाल से 19 फरवरी को पेश होने के लिए कहा था। लेकिन उस दिन केजरीवाल विधानसभा में विश्वास मत ले आए।

उससे पहले ED ने 3 फरवरी, 2024 को कोर्ट का रास्ता अरविंद केजरीवाल के कई बार पेश ना होने से आजिज आकर अपनाया था। केंद्रीय एजेंसी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आम जनता के समक्ष गलत उदहारण पेश करने का आरोप लगाया था।

ED ने नवम्बर 2023 में जब केजरीवाल को समन भेजा गया था तो उन्होंने कहा था कि वह मध्य प्रदेश चुनाव प्रचार के लिए जा रहे हैं। हालाँकि, उनकी पार्टी मध्य प्रदेश में 90% सीट पर अपनी जमानत नहीं बचा पाई थी। इसके बाद दिसम्बर में जब उन्हें जाँच एजेंसी ने बुलाया तो उन्होंने कहा कि वे विपश्यना के लिए पंजाब जा रहे हैं। इसलिए वे नहीं आ सकते।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ED द्वारा भेजे गए समन को राजनीतिक साजिश बताते आए हैं। वह यह भी सवाल करते रहे हैं कि एक मुख्यमंत्री को ED किस हैसियत से पूछताछ के लिए बुला रही है। अरविंद केजरीवाल कहते रहे हैं कि उन्हें गिरफ्तार करने की साजिश की जा रही है, ताकि वे लोकसभा चुनावों में अपनी पार्टी AAP के लिए चुनाव प्रचार ना कर सकें।

गौरतलब है कि केजरीवाल से पहले झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी ED से बचते आए थे। ED उन्हें 10 बार पूछताछ के लिए बुला चुकी थी। वह भी इन समन के पीछे राजनीतिक साजिश बता रहे थे। हालाँकि, 31 जनवरी को जब उनसे ED ने पूछताछ की तो उन्होंने इसके बाद इस्तीफ़ा दे दिया। ED ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।

कब-कहाँ-कैसे करें सेक्स, चर्च में शादी के बाद थमाया नोट: चाहते थे अच्छा-गोरा-बुद्धिमान बच्चा, महिला की आपबीती सुन हाई कोर्ट भी हैरान

2012 में केरल के एक चर्च में उसकी शादी हुई। पहली ही रात ससुरालवालों ने उसे एक नोट थमाया। इसमें बताया गया था कि वह कब, कहाँ और कैसे सेक्स करे, जिससे वह एक ‘संस्कारी बच्चा’ पैदा कर सके। इस महिला की आपबीती सुनकर केरल हाई कोर्ट के जस्टिस भी हैरान रह गए।

हाई कोर्ट में याचिका दायर कर पीड़ित महिला ने ससुराल वालों पर कार्रवाई की माँग की है। उसका कहना है कि ससुराल के लोग उसे लड़का पैदा करने के लिए अलग-अलग तरीके बताते थे। इसके लिए नोट देते थे। एक पाउडर भी दिया गया था।

केरल का है मामला

39 वर्षीय पीड़ित महिला केरल के कोल्लम जिले की रहने वाली है। उसने न्याय पाने के लिए केरल हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। महिला ने बताया है कि उसकी 12 अप्रैल 2012 को मुवात्तुपूजा के होली मैगी चर्च में शादी हुई थी। शादी की रात पति ने उसे एक नोट दिया। इस नोट में इस बात को लेकर जानकारी दी गई थी कि वह कैसे एक लड़के को जन्म देने के लिए गर्भधारण कर सकती है।

इस नोट में बताया गया था कि किस समय, किस जगह और किस तरीके से संभोग करने पर 95% संभावना एक अच्छे, गोरे और बुद्धिमान लड़के को पैदा करने की है। महिला ने बताया कि उसके ससुराल वालों ने दावा किया यही विधि अमेरिका में रहने वाले उनके एक रिश्तेदार भी आजमा चुके हैं।

महिला ने बताया कि उसकी सास ने उसे कुछ पाउडर खिलाए और कहा कि इससे गोरा लड़का पैदा होगा। जो नोट महिला को दिया गया था, उसमें उससे गर्भ के दौरान महान व्यक्तित्वों के विषय में सोचने को कहा गया था। जब महिला ने सास से इस विषय में पूछा तो उनका जवाब सन्न करने वाला था। महिला से उसकी सास ने कहा कि ‘लड़कियाँ आर्थिक बोझ’ होती हैं, इसलिए वह अपने घर में लड़की नहीं पैदा होते देखना चाहती। महिला का कहना था कि लड़कियाँ पैसे ले जाती हैं, जबकि लड़के पैसे लाते हैं। महिला ने कहा है कि यह बहुत ही अपमानजनक था।

महिला ने बताया कि वह 2014 में अपने पति के साथ ब्रिटेन चली गई थी। यहाँ जब वह गर्भवती हो गई तो उसके पति ने उसके साथ बदसलूकी की। उसके पति ने आरोप लगाया कि वह गलत समय पर गर्भवती हुई है। पति ने उसके साथ अत्याचार करते हुए तीन माह बाद उसे घर भेज दिया, जहाँ कुछ समय बाद उसने एक लड़की को जन्म दिया।

महिला ने बताया कि बेटी के पैदा होने के बाद पति उससे और भी खिन्न हो गया। वह बेटी और उससे मिलने भी नहीं आता था और ना ही बेटी के लालन-पालन में कोई रूचि दिखाता था। महिला ने बताया कि वह अपनी बेटी को लेकर इस दौरान एक माह के लिए ब्रिटेन भी गई। लेकिन एक माह तक उसका पति अपनी बच्ची को देखने भी नहीं आया।

तलाक के बाद भी पीड़ा

महिला ने बताया कि वह इन सब चीजों से परेशान हो गई थी। बीते कुछ समय से तलाक की कार्यवाही चल रही थी। इसके अंतर्गत 2022 में अदालत ने निर्णय दिया कि उसके पति को हर महीने भरण-पोषण की धनराशि देनी होगी। इसके विरुद्ध भी उसके पति ने एक याचिका डाल दी। महिला ने बताया कि इसके बाद उसने कानूनी बारीकियों के विषय में जानकारी इकट्ठा की और अपने पति तथा ससुराल पक्ष के विरुद्ध मुकदमा दायर करने का निर्णय लिया।

महिला ने गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीक अधिनियम, 1994 के तहत अपने ससुराल पक्ष के विरुद्ध मुकदमा दायर किया है। यह किसी महिला के गर्भधारण के दौरान बच्चे के लिंग की जाँच या निर्धारण सम्बन्धी कार्यों पर रोक लगाता है। यह क़ानून देश में बच्चियों को कोख में ही मार दिए जाने से रोकने के लिए लाया गया था। केरल हाई कोर्ट ने इस मामले में महिला के पति और उसके परिजनों से जवाब माँगा है। अगली सुनवाई 29 फरवरी को है।

सिद्धू मूसेवाला की हत्या के 2 साल बाद 58 साल की माँ हुईं प्रेग्नेंट, IVF का लिया सहारा: रिपोर्ट्स में दावा- मार्च में होगा बच्चे का जन्म

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद खबर है कि उनकी माँ चरण कौल दोबारा से माँ बनने वाली है। रिपोर्ट्स बता रही हैं कि इस खबर को मूसेवाला के ताया/चाचा ने कन्फर्म किया है कि उनके घर जल्द ही खुशखबरी सुनाई देने वाली है।

बता दें कि चरण कौल की उम्र 58 साल है और उनके पति की उम्र 60 वर्ष की है। इस उम्र में माता-पिता बनने के लिए दोनों ने IVF का सहारा लिया है। ये भी बताया जा रहा है कि चरण कौर ने पिछले तीन-चार महीनों से घर के बाहर कदम भी नहीं रखा है। ऐसे में अनुमान है कि शायद उनकी डिलीवरी मार्च महीने में ही हो।

इस खबर के आने के बाद सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कोई हैरान हो रहा है खबर सुनकर तो कोई मजाक भी उड़ा रहा है। लेकिन कई सोशल मीडिया यूजर्स ऐसे हैं जो सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता की व्यथा को समझ कह रहे हैं उन्हें उम्मीद है बच्चा आने से चरण कौल और बलकौर सिंह का अकेलापन खत्म हो सकेगा।

गौरतलब है कि 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा गाँव में सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एक्टर की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मेंबर गोल्डी बराड़ ने ली थी। हमले के समय सिंगर पर ताबड़तोड़ 30 गोलियाँ चलाई गई थीं। जिस बंदूक से उन्हें मारा गया था वो ‘AN 94 Russian Assault Rifle’  थी। यह हथियार कितना घातक था, इसका अंदाजा इससे लगता है कि ये बंदूक बर्स्ट मोड में इससे 1800 गोलियाँ दागती है। वहीं फुल ऑटोमैटिक मोड में इससे हर मिनट 600 राउंड गोलियाँ निकलती हैं।

‘आक्रांता और बलात्कारी था अकबर, मीना बाजार से महिलाओं को उठाकर करता था रेप’: राजस्थान के शिक्षा मंत्री बोले- उसे महान कहना पाप

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा है कि मुग़ल शासक अकबर महान नहीं, बल्कि आक्रांता और बलात्कारी था। वह सुंदर-सुंदर महिलाओं और लड़कियों को उठाकर ले जाता था और उनके साथ दुष्कर्म करता था। उन्होंने कहा कि अकबर को महान करना मूर्खता है। उन्होंने अकबर को महान बताने वालों को गुलामी की मानसिकता से ग्रसित बताया और समीक्षा करवाने की बात कही।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर हाल ही में बालोतरा जिले में एक कार्यक्रम में पहुँचे थे। उनसे राज्य के शिक्षा पाठ्यक्रम में अकबर को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा, “अकबर महान बिलकुल भी नहीं था। अकबर एक आक्रांता था, जो मीना बाजार लगाकर सुंदर महिलाओं और लड़कियों को उठाकर ले जाता था और फिर उनके साथ दुष्कर्म करता था। ऐसे बलात्कारियों को किताबों में पढ़ाए जाने की कोई आवश्यकता नहीं है।”

उन्होंने कहा, “अकबर एक बलात्कारी था और कोई बलात्कारी कभी भी महान नहीं हो सकता। जिन लोगों ने पूर्व में पुस्तकें लिखी और अकबर को महान, उनकी मानसिकता गुलामी की रही होगी। उन्होंने गुलामी के कारण ही अकबर को पाठ्यक्रम में शामिल कर दिया। मैं इन पुस्तकों की समीक्षा करवा रहा हूँ। इसके लिए एक कमिटी बनाई जाएगी। यह बताएगी कि कौन सी पुस्तक में इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है।”

मदन दिलावर ने कहा, “आपने और हमने पढ़ा है कि अकबर महान था। मैंने कई जगह यह भी पढ़ा है कि अकबर महान था, परंतु वह मीना बाजार लगा करके सुंदर महिला और लड़कियों को उठाकर ले जाता था और जबरदस्ती उनके साथ बलात्कार करता था। पहली बात तो ये कि अकबर आक्रांता था। हमारे देशवासियों से उसका कोई नाता नहीं और फिर महिलाओं के साथ बलात्कार करने वाला कैसे महान हो सकता है। वो तो एक बलात्कारी था, जिसका नाम लेना भी हिंदुस्तान में पाप है।”

उनसे जब यह पूछा गया कि क्या वह स्कूली पाठ्यक्रम से किताबों को हटाएँगे तो उन्होंने कहा कि किताबों को हटाने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन जहाँ-जहाँ गलती है उसमें जरूर सुधार किया जाएगा। मंत्री मदन दिलावर का यह बयान अब चर्चा में है।

मदन दिलावर के बयान का समर्थन भाजपा नेता और केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी किया है। उन्होंने कहा है कि शिक्षा मंत्री ने कोई गलत बात नहीं बोली है। केद्रीय मंत्री सिंह ने कहा है कि महापुरुष महाराणा प्रताप, रानी लक्ष्मी बाई और शिवाजी जैसे वीरों को कॉन्ग्रेस ने इतिहास में उचित स्थान नहीं दिया।

Moghul Akbar was a rapist says rajasthan education minister madan dilawar

सुशांत जैसे ख्याल मुझे भी आए थे… सुसाइड करना चाहते थे विवेक ओबेरॉय: बताया- माँ की गोद में सिर रख 40 मिनट तक रोया था

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबेरॉय उन 20 लोगों में से थे जो सुशांत के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे। आज जब उनकी इंडियन पुलिस फोर्स सीरीज से स्क्रीन पर वापसी हो गई है और उनके परफॉरमेंस से उनके फैंस खुश हैं। इस बीच उन्होंने खुलासा किया है कि सुशांत के अंतिम संस्कार वाले दिन उनके दिमाग में क्या चल रहा था।

उन्होंने बताया, “सुशांत के अंतिम संस्कार में सिर्फ 20 लोगों को ही आने की इजाजत थी और मैं उन लोगों में से एक था। वहाँ मैंने उनके पिता की आँखें देखी। मैं सुशांत को देखकर सिर्फ यही सोच रहा था कि दोस्त, अगर तुम देख पाते कि तुम्हारे जाने से क्या हुआ है, तुमसे प्यार करने वाले लोगों का क्या हाल है, तो तुम कभी ये कदम नहीं उठाते।”

उन्होंने कहा, “सोचो तुम अपना जीवन खत्म करके उन लोगों के लिए क्या कर रहे हो जो तुम्हें वाकई प्यार करते हैं। तुम उन्हें दर्द नहीं देना चाहते तो जाओ प्यार और रौशनी की तरफ जाओ। तुम उनके पास जाओगे, टूटोगे तो सब बाहर आ जाएगा”

विवेक ने कहा, “मैं भाग्यशाली था कि मुझपर घर था, परिवार था, जिन्होंने मुझे ऐसे मौकों पर संभाला। मैं जमीन पर बैठ गया था और अपनी माँ की गोद में सिर रख दिया था। बच्चों की तरह रोते हुए मैंने उनसे पूछा था कि मेरे साथ ऐसे क्यों हुआ। करीबन 40 मिनट तक मेरे रोने के बाद उन्होंने मुझे कहा कि जब तुम अवार्ड जीत रहे थे, सारी प्रसिद्धि मिली तब तुमने ऐसा पूछा था क्या कि ये सब तुम्हें ही क्यों मिल रहा है।”

विवेक ने ये भी जानकारी दी कि उनके मन में सुशांत जैसे ख्याल आने लगे थे। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि अंधकार में जाकर मेरे दिमाग में वो ख्याल नहीं आए जो सुशांत के दिमाग में आए थे।

बता दें कि साल 2003 में सलमान खान से हुए झगड़े के बाद विवेक ओबरॉय को फिल्में मिलना कम हो गई थी। बॉलीवुड के एक पूरे सेक्शन ने उनका बॉयकॉट कर दिया था, जिसके बाद वो डिप्रेशन में आ गए थे। उन्होंने मिर्ची प्लस को दिए गए इंटरव्यू में बताया था कि वह उस समय अच्छी फिल्में कर रहे थे जो बॉक्स ऑफिस पर सफल हो रही थी, उन्हें अवॉर्ड्स भी मिल रहे थे, लेकिन उन्हें कोई अच्छा काम नहीं मिल रहा था।

‘UP के लड़कों’ की साइकिल अपनों ने ही छीनी: राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग, हिमाचल की कॉन्ग्रेस सरकार पर खतरा-सपा के सचेतक ने दिया इस्तीफा

राज्यसभा चुनाव के लिए जारी मतदान के बीच उत्तर प्रदेश से लेकर हिमाचल प्रदेश तक क्रॉस वोटिंग की खबरें आ रही हैं। इतना ही नहीं, उत्तर प्रदेश विधानसभा में समाजवादी पार्टी के मुख्य सचेतक मनोज पांडेय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में क्रॉस वोटिंग के बाद अब वहाँ कॉन्ग्रेस सरकार गिरने की नौबत आ गई है। बता दें यूपी के साथ-साथ हिमाचल के एक और कर्नाटक में 4 सीटों के लिए मतदान हुआ है।

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के मतदान में समाजवादी पार्टी (सपा) को तगड़ा झटका लगा है। पार्टी के मुख्य सचेतक रहे मनोज पांडेय, पवन पांडेय, आशुतोष मौर्य, राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह, समेत सात विधायकों ने भाजपा के उम्मीदवार के पक्ष में वोट डाला या फिर मतदान से दूरी बना ली। क्रॉस वोटिंग करने वाले सपा विधायकों ने बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की।

बता दें कि राज्यसभा चुनाव के मतदान से एक दिन पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने डिनर दिया था। इस डिनर में सपा के चीफ व्हिप पांडेय समेत आठ विधायक नहीं पहुँचे थे। इसके अलावा इस डिनर में मुकेश वर्मा, महाराजी प्रजापति, पूजा पाल, विनोद चतुर्वेदी भी नहीं पहुँचे थे। तभी से भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की अटकलें लगाई जाने लगी थीं।

वहीं, भाजपा ने दावा किया था कि समाजवादी पार्टी के कम-से-कम 10 विधायक उसके पक्ष में क्रॉस वोटिंग करेंगे। हालाँकि, बाद में वह रायबरेली की ऊँचाहार विधासभा सीट से विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया और भाजपा के पक्ष में वोटिंग की। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि जिन लोगों ने क्रॉस वोटिंग की है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, खबर है कि हिमाचल प्रदेश की एक राज्यसभा सीट के लिए हुए मतदान में सत्ताधारी कॉन्ग्रेस के 9 विधायकों के क्रॉस वोटिंग करने की है। मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि कॉन्ग्रेस की ओर से जारी व्हिप से अलग जाकर इन विधायकों ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया है।

मतदान से एक दिन पहले कॉन्ग्रेस की विधायक दल की बैठक में सभी विधायकों से पार्टी लाइन पर रहकर मतदान करने के लिए कहा गया था। कॉन्ग्रेस ने व्हिप जारी कर ये भी कहा था कि उसके विधायक किसको वोट दे रहे हैं, ये पोलिंग एजेंट को दिखाना होगा। इसके बावजूद कॉन्ग्रेस विधायकों ने भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में वोट किया।

हिमाचल प्रदेश में बदले इस घटना क्रम में अब कहा जा रहा है कि वहाँ की सरकार भी गिर सकती है। दरअसल, हिमाचल प्रदेश विधानसभा की में कुल 68 सीटें हैं। इनमें से कॉन्ग्रेस के पास 40 और बीजेपी के 25 हैं, जबकि दो निर्दलीय है एक अन्य पार्टी का है। प्रदेश के सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार को कुल 43 विधायक क समर्थन है।

अब जबकि राज्यसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस के 9 विधायकों ने कॉन्ग्रेस के उम्मीदवार को छोड़कर भाजपा के पक्ष में वोटिंग की है तो माना जा रहा है कि ये लोग पार्टी से नाराज हैं। अगर ये नौ लोग कॉन्ग्रेस का साथ छोड़ते हैं और भाजपा के पक्ष में आते हैं तो सदन में भाजपा की संख्या 34 पहुँच जाएगी। वहीं, कॉन्ग्रेस 34 पर आ जाएगी, जबकि बहुमत के लिए 35 का आँकड़ा चाहिए।

दरअसल, विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने कहा था कि कॉन्ग्रेस के कई विधायक उनके संपर्क में हैं। वहीं, सुजानपुर विधानसभा सीट से 2017 के चुनाव में प्रेम कुमार धूमल को हराने वाले कॉन्ग्रेस विधायक राजेंद्र राणा भी पार्टी से नाराज हैं। उन्हें मंत्री नहीं बनाए जाने पर उन्होंने सुजानपुर की जनता का अपमान बताया था।

ATM से पैसे निकाल रही थी गर्भवती आलिया, शौहर जीशान ने कर दी हत्या: घर लौट छोटे भाई को भी मारी गोली, अवैध संबंधों का था शक

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में जीशान सिद्दीकी ने अपनी गर्भवती बीवी और भाई को गोली मार दी। गोली लगने से जीशान की 35 वर्षीया बीवी आलिया की मौत हो गई है, जबकि उसके भाई रिहान का अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रारम्भिक पूछताछ में पता चला है कि जीशान को अपनी बीवी और भाई के बीच अवैध संबंधों का शक था।

जीशान को यह भी लगता था कि उसकी बीवी के पेट में पल रहा बच्चा उसके भाई का ही है। फिलहाल आरोपित फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। सहारनपुर के मंडी कोतवाली थाना क्षेत्र की यह घटना मंगलवार (27 फरवरी 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 5 साल पहले आलिया का निकाह जीशान सिद्दीकी से हुआ था। कुछ समय तक सब सही रहा, लेकिन बाद में मियाँ-बीवी में झगड़े होने लगे। झगड़े की वजह जीशान का अपनी बीवी के चरित्र पर शक बताया जा रहा है। जीशान को लगता था कि उसकी बीवी आलिया का अपने ही देवर रिहान सिद्दीकी से अवैध संबंध है। इस बीच आलिया गर्भवती हुई। जीशान का मानना था कि आलिया के पेट में पल रहा बच्चा उसका नहीं, बल्कि उसके भाई रिहान का है।

बताया जा रहा है कि लगभग 1 माह पहले जीशान और आलिया के बीच झगड़ा हुआ। इससे गुस्सा हो कर आलिया अपने मायके चली गई। मंगलवार (27 फरवरी) को जीशान अपनी ससुराल पहुँचा। उसने ATM से पैसे निकालने के बहाने आलिया को साथ लिया और मंडी समिति रोड स्थित HDFC बैंक के ATM पर ले गया। जब आलिया ATM से पैसे निकालने लगी तभी जीशान ने उसे गोली मार दी और मौके से फरार हो गया। गंभीर अवस्था में आलिया को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसने दम तोड़ दिया।

आलिया को गोली मारने के बाद जीशान सीधे कोतवाली देहात थाना क्षेत्र स्थित अपने घर पहुँचा। यहाँ उसने अपने सगे भाई रिहान को गोली मारी। गोली रिहान की गर्दन पर लगी और वो गिर कर छटपटाने लगा। इसके बाद जीशान सिद्दीकी फरार हो गया। रिहान को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने आलिया का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। FIR दर्ज कर आरोपित जीशान की तलाश शुरू कर दी गई है। फ़िलहाल उसकी लोकेशन हरियाणा में मिलनी बताई जा रही है। पुलिस ने जीशान को जल्द गिरफ्तार कर लेने की बात कही है।