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हाइड्रोजन हब पोर्ट को ग्रीन सिग्नल, ₹17000 करोड़ के प्रोजेक्ट का लोकार्पण-शिलान्यास: तमिलनाडु से बोले PM मोदी- जो UPA को करना था वो मैं कर रहा हूँ

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने दो दिन के तमिलनाडु दौरे के दूसरे दिन आज (28 दिसम्बर, 2024) थूथुकोड़ी पहुँचे। यहाँ उन्होंने तमिलनाडु के विकास से सम्बंधित कई परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया है। पीएम मोदी ने इस दौरान पिछली सरकारों पर तमिलनाडु में विकास ना करने को लेकर भी हमला बोला।

पीएम मोदी ने यहाँ ₹17,000 करोड़ के प्रोजेक्ट का लोकार्पण और शिलान्यास किया है। पीएम मोदी ने यहाँ एक नई रेल लाइन, चार नए हाइवे प्रोजेक्ट और 75 समुद्रों को रास्ता दिखाने वाले टावर के सौन्दर्यीकरण का काम पूरा होने पर उनका लोकार्पण किया। इनमें रोड और रेल में लगभग ₹6100 करोड़ की लागत आई है। पीएम मोदी ने यहाँ VO चिदंबरमनार पोर्ट की क्षमता बढ़ाने के लिए ₹7000 करोड़ के प्रोजेक्ट का शिलान्यास भी किया।

पीएम मोदी ने इस दौरान कहा, “यह प्रोजेक्ट थूथुकोड़ी में चालू किए गए हैं लेकिन इनसे देश के विकास को बढ़ावा मिलेगा। आज देश विकसित भारत के लक्ष्य पर काम कर रहा है। इसमें तमिलनाडु की बड़ी भूमिका है। दो साल पहले मैंने तमिलनाडु में चिदम्बरनार पोर्ट की कार्गो क्षमता बढाने के लिए कई प्रोजेक्ट चालू किए थे। तब मैंने इसे शिपिंग का हब बनाने का वादा किया था। आज यह गारंटी पूरी हो रही है। वीओ चिदम्बरनार पोर्ट के लिए जिस आउटर कंटेनर हब का लम्बे समय से इन्तजार हो रहा था, आज उसका शिलान्यास हो गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “इन प्रोजेक्ट से तमिलनाडु के लाखों लोगों को फायदा होगा। उनके लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मुझे तमिलनाडु और देश की जनता को एक कड़वा सच बताना चाहता हूँ। मैं सीधा सीधा आरोप लगाना चाहता हूँ UPA सरकार पर, ये सारे प्रोजेक्ट जो मैं आज लेकर आया हूँ, ये दशकों से माँग थी। जो लोग आज यहाँ सत्ता में हैं, वह तब सरकार चलाते थे, लेकिन उनको आपके विकास की परवाह नहीं थी, बातें तमिलनाडु की करते हैं लेकिन उसके विकास के लिए काम नहीं किया।”

पीएम ने यहाँ हाइड्रोजन से चलने वाली नाव के चालू होने का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि यह हाइड्रोजन से चलने वाली यह नाव तमिलनाडु के लोगों का काशी के लोगों को गिफ्ट है। जब भी काशी के लोग इस पर बैठेंगे तो उन्हें तमिलनाडु भी अपना लगेगा। पीएम मोदी ने ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का भी उद्घाटन किया। यह देश का पहला ऐसा प्लांट है।

पीएम मोदी ने कहा, “नए रेल लाइन के काम दक्षिण तमिलनाडु और केरल के बीच की दूरी कम करेंगे। मैंने आज 4500 करोड़ के रोड प्रोजेक्ट का भी लोकार्पण किया है। इससे टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।” पीएम मोदी ने कहा कि हमारी मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी सोच तमिलनाडु के विकास में सहायता करेगी।

पीएम मोदी ने लाईट हाउस प्रोजेक्ट को लेकर कहा, “मैंने एक बार मन की बात कार्यक्रम में कहा था कि देश के अलग अलग प्रमुख लाईट हाउस को म्यूजियम में बदला जा सकता है। आज मुझे देश के 75 ऐसे लाईट हाउस का लोकार्पण करने का मौक़ा मिला है। ये नया भारत है। आने वाले समय में बड़े टूरिस्ट सेंटर बनेंगे।” पीएम मोदी ने यहाँ ISRO के नए लॉन्च सेंटर का भी उद्घाटन किया है। पीएम मोदी कल तमिलनाडु पहुँचे थे। जहाँ उन्होंने एक जनसभा में हिस्सा लिया था। पीएम मीनाक्षी अम्मन मंदिर भी गए थे।

10 बच्चे + 27 महिला + 22 पुरुष को ‘मुस्लिम’ भीड़ ने जलाकर मार डाला, लेकिन एकता कपूर के लिए यह केवल ‘ट्रेन बर्निंग इंसिडेंट’: हिपोक्रेसी पर लोगों ने दिखाया आइना

साल 2002 में गुजरात के गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस के भीतर 59 हिंदू कारसेवकों को जिंदा जलाकर मारा गया था। 22 साल बाद इस नरसंहार की कहानी को बड़े पर्दे पर लाने की तैयारी है। लेकिन जो एकता कपूर ऐसा करने जा रही हैं उन्होंने फिल्म के टीजर रिलीज के साथ इसे अपने एक ट्वीट में ‘दुर्घटना’ बता दिया है। इससे काफी लोग नाराज हैं।

एकता कपूर ने अपने एक्स पर इस फिल्म की जानकारी देते हुए कहा कि 22 साल पहले जिन 59 मासूम लोगों ने गोधरा ट्रेन दुर्घटना में अपनी जान गवा दी थी, उन्हें श्रद्धांजलि। साबरमती रिपोर्ट 3 मई 2024 को आएगी।

अजीब बात तो यह है कि एकता कपूर एक तरफ जहाँ साबरमती एक्सप्रेस में हुए नरसंहार को घटना-दुर्घटना बता रही हैं, वहीं उन्हीं की फिल्म के टीजर में दिखाया गया है कि कैसे विक्रांत मेसी का बतौर न्यूज रीडर मुख्य सीन ही यही है कि वो इस नरसंहार के दुर्घटना लिखे जाने पर आपत्ति जताते है और कहते हैं कि ये कोई दुर्घटना नहीं थी।

फिल्म के सीन और एकता कपूर के ट्वीट में विरोधाभास दिखने के बाद सोशल मीडिया यूजर अतुल माथुर ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा- “तुम्हारा मतलब क्या है कि ट्रेन जलना दुर्घटना थी। ओह तुम्हारा मतलब है कि ट्रेन अपने आप जली? ऐसा बस बोलकर दिखाओ एक बार अगर तुम में हिम्मत है।”

एक यूजर बोलता है- “ट्रेन जलने की दुर्घटना। मूर्ख ये हिंदुओं पर टारगेट हमला था।” इसी तरह पत्रकार निरवा मेहता लिखती हैं- “ये कोई ट्रेन जलने की दुर्घटना नहीं थी। मुस्लिमों ने अयोध्या से लौटते कारसेवकों को मारने के लिए ट्रेन में आग लगाई थी। कम से कम इतनी ईमानदारी रखो।”

एक यूजर ने कहा कि फिल्म आ तो रही है लेकिन बस इस फिल्म में इस्लामियों के कुकर्म न धोए-पोंछे जाएँ। मुस्लिम भीड़ ने ही इसमें आग लगाई थी और ट्रेन के दरवाजे बंद कर दिए थे कि कोई बच न पाए।

क्या हुआ था 27 फरवरी 2002 को साबरमती एक्सप्रेस में?

गौरतलब है कि गोधरा में 27 फरवरी 2002 की सुबह साबरमती एक्सप्रेस के कोच एस-6 को जला दिया गया था, जिसके बाद इस ट्रेन के कोच में बैठे 59 कारसेवकों की मृत्यु हो गई थी। ये सभी कारसेवक अयोध्या से विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित पूर्णाहुति महायज्ञ में भाग लेकर वापस लौट रहे थे। इनकी ट्रेन 27 फरवरी की सुबह 7:43 बजे गोधरा पहुँची थी। लेकिन जैसे ही ट्रेन गोधरा स्टेशन से रवाना होने लगी उसकी चेन खींच दी गई। ट्रेन पर 1000-2000 लोगों की भीड़ ने हमला किया। भीड़ ने पहले पत्थरबाजी की फिर पेट्रोल डालकर उसमें आग लगा दी। इसमें 27 महिलाओं, 22 पुरुषों और 10 बच्चों की जलने से मृत्यु हो गई थी।

जाँच के बाद इस नरंसहार को साजिश बताया गया था। प्रमुख साजिशकर्ता मौलवी हुसैन हाजी इब्राहिम उमर और ननूमियाँ थे। इन पर भीड़ को भड़काने का आरोप लगा। आरोपित रज्जाक कुरकुर के गेस्ट हाउस पर 140 लीटर पेट्रोल जमा किया गया था जिनका इस्तेमाल ट्रेन जलाने के लिए हुआ। जाँच के दौरान यह भी पता चला कि हिंसक भीड़ को उकसाने के लिए लाऊडस्पीकरों का प्रयोग किया गया था। अली मस्जिद यहीं पास में थी थी। इस दौरान ‘काफिरों को मार डालो, इस्लाम खतरे में है, काट दो, मार दो’ जैसे नारे लगाए गए। हमलावरों के हाथों में तलवारें और अन्य घातक हथियार थे। वो पत्थरबाजी भी कर रहे थे। ये सभी ट्रेन को घेरने की कोशिश कर रहे थे।”

कुछ कारसेवकों को घटना का पहले से अंदेशा हो गया था। वो स्टेशन छोड़ कर निकल गए थे। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने हालत को संभालने की बहुत कोशिश की लेकिन वो असफल रहे। घटना के लगभग 2 दशक बीत जाने के बाद भी तमाम वामपंथी और लिबरल इस हमले पर बात करने से कतराते है, जो बात करता है वो इसे दुर्घटना बताकर इसे हल्के में दिखाने का प्रयास करता है, जैसे एकता कपूर ने चाहे-अनचाहे किया।

3300 किलो ड्रग्स, ₹2000 करोड़ कीमत… गुजरात के समंदर से नौसेना+NCB ने पकड़ी सबसे बड़ी खेप, 5 ‘पाकिस्तानी’ भी धराए

भारतीय नौसेना ने गुजरात तट के पास एक नाव में लाई जा रही लगभग 3300 किलोग्राम ड्रग्स पकड़ी है। यह भारतीय उपमहाद्वीप में बीच समुद्र पकड़ी गई ड्रग्स की सबसे बड़ी खेप है। इस ड्रग की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग ₹2000 करोड़ बताई जा रही है। नौसेना ने यह ऑपरेशन गुजरात की एंटी टेरिरिस्ट स्क्वाड (ATS) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की सहायता से पूरा किया है। इस नाव से पाँच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, इनके पाकिस्तानी होने का शक है।

नौसेना ने एक्स (पहले ट्विटर) पर बताया, “नौसेना ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के साथ मिलकर 3272 किलो प्रतिबंधित ड्रग्स (3089 किलोग्राम चरस, 158 किलोग्राम मेथमफेटामाइन और 25 किलोग्राम मॉर्फीन) ला रही एक संदिग्ध नाव को पकड़ा है। हाल के दिनों में मात्रा के हिसाब से नशीले पदार्थों की यह सबसे बड़ी जब्ती है।”

नौसेना ने बताया कि इस नाव के विषय में उसके एक समुद्री टोही P8I विमान ने खुफिया जानकारी दी थी। इसके बाद इस इलाके में गश्त लगा रहे उसके एक जहाज को इस नाव की तरफ भेजा गया और जब नाव भारतीय समुद्री सीमा में घुसी तो इसे पकड़ लिया गया। नौसेना ने बताया कि इसे पकड़ने में NCB और ATS का सहयोग लिया गया। इनसे प्राप्त ड्रग्स को भारतीय बंदरगाह पर लाकर सुरक्षा एजेंसियों के हवाले कर दिया गया।

इस नाव से जब्त की गई ड्रग्स पर ‘पाकिस्तान में निर्मित’ लिखा हुआ था। ऐसे में माना जा रहा है कि यह नशे की खेप पड़ोसी देश ने ही समुद्र रास्ते यहाँ भेजने का प्रयास किया है। इसी के साथ ही इस नाव से पाँच लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। इनके भी पाकिस्तानी नागरिक ही होने का शक है। इन्हें गिरफ्तार करके 27 फरवरी, 2024 को पोरबंदर लाया गया है।

सुरक्षा एजेंसियाँ अब जाँच कर रही हैं इस ड्रग को किसने भेजा और भारत आने पर इनकी मदद कौन करने वाला था। सुरक्षा एजेंसियाँ इस नाव और इससे गिरफ्तार हुए पाँचों व्यक्तियों की जानकरियाँ जुटाने में भी लगी हुई हैं। देश गृह मंत्री अमित शाह ने नौसेना, NCB और गुजरात ATS की इस सफलता पर बधाई दी है।

उन्होंने एक्स पर लिखा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के के नशामुक्त भारत के सपने को साकार करने के प्रयासों के तहत आज हमारी सुरक्षा एजेंसियों ने देश में ड्रग्स की सबसे बड़ी खेप जब्त करने में सफलता हासिल की है। NCB, नौसेना और गुजरात पुलिस के साझा अभियान में 3132 किलोग्राम ड्रग्स की बड़ी खेप जब्त की गई है। यह सफलता हमारे देश को नशामुक्त करने के लिए हमारी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का सबूत है। मैं एनसीबी, नौसेना और गुजरात पुलिस को इस अवसर पर बधाई देता हूँ।”

राज्यसभा सीट तो गई, क्या हिमाचल में बची रहेगी कॉन्ग्रेस सरकार: BJP बोली- बजट पर ही हो बहुमत का फैसला, बागी MLA बोले- CM सुक्खू को बदलो

हिमाचल प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार संकट में है। यहाँ कल (27 फरवरी, 2024) संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा के हर्ष महाजन की जीत हुई है। बताया गया है कि कई कॉन्ग्रेस विधायकों ने उनका समर्थन किया है। भाजपा ने कहा है कि राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार अब अल्पमत में है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्यपाल से मिलकर वोटों के बंटवारे की माँग की है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष पर पक्षपात करने का आरोप भी लगाया है।

गौरतलब है कि राज्य में कल सम्पन्न हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा के हर्ष महाजन ने कॉन्ग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी को हरा दिया। हर्ष महाजन को भाजपा विधायकों के अलावा कॉन्ग्रेस के 6 विधायकों का समर्थन मिलने की बात कही जा रही है। भाजपा ने इसी आधार पर कहा है कि सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगुवाई वाली कॉन्ग्रेस सरकार अब अल्पमत में है।

इसी को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर आज सुबह राजभवन पहुँचे थे। उन्होंने यहाँ राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से मिल कर विधानसभा में वित्त विधेयकों पर वोटों के बँटवारे की अनुमति ना मिलने का मुद्दा उठाया है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष पर भाजपा विधायकों के साथ पक्षपात करने का लगाया है।

उन्होंने कहा है कि विधानसभा के सुरक्षाकर्मियों ने भाजपा विधायकों के साथ बदसलूकी की है। उन्होंने कहा है कि कॉन्ग्रेस सरकार अब अल्पमत में है और वह बजट पास करवाने के लिए कुछ भाजपा विधायकों को निलंबित करवा सकती है।

जयराम ठाकुर ने कहा है कि कॉन्ग्रेस हिमाचल प्रदेश में सत्ता में बने रहने का अधिकार खो चुकी है। गौरतलब है हिमाचल प्रदेश की विधानसभा में 68 सदस्य हैं। यहाँ बहुमत का आँकड़ा 35 है। वर्तमान में यहाँ 40 विधायक कॉन्ग्रेस, 25 भाजपा और 3 निर्दलीय हैं। हालाँकि, कल चुनाव के परिस्थितियाँ बदल गई हैं। 3 निर्दलीय और 6 कॉन्ग्रेस विधायक भाजपा के समर्थन में बताए जा रहे हैं। कल राज्यसभा चुनाव के लिए हुई वोटिंग से भी यह बात स्पष्ट हो गई। भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन और कॉन्ग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी, दोनों को 34-34 वोट मिले।

इसके बाद दोनों में नतीजे के लिए पर्ची निकाली गई, जिसमें हर्ष महाजन जीते। इन सब बदलावों के बाद सुक्खू सरकार संकट में है। वर्तमान में हिमाचल विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है। भाजपा की माँग है कि इस दौरान पेश किए गए वोट विधेयकों पर विधानसभा के भीतर वोटों का स्पष्ट बँटवारा किया जाए। गौरतलब है कि यदि कोई सरकार अपने वित्त विधेयकों को सदन में पास करवाने में विफल होती है तो यह विश्वास मत खोने का सूचक माना जाता है।

बताया जा रहा है कि जिन 6 कॉन्ग्रेस विधायकों ने कल के चुनाव में भाजपा उमीदवार को वोट दिया, वह शिमला से हरियाणा के लिए निकल गए। इसके अलावा बड़ी संख्या में विधायक CM सुक्खू से नाराज बताए जा रहे हैं। यह विधायक CM सुक्खू की कार्यशैली से नाराज बताए जा रहे हैं। दूसरी तरफ अब कॉन्ग्रेस भी बचाव मोड में आ गई है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को यहाँ नाराज विधायकों को मनाने के लिए भेजा गया है।

बताया जा रहा है कि नाराज विधायकों का कहना है कि वह तभी वापस आने के विषय में सोचेंगे जब CM सुक्खू को आलाकमान हटा दे। सुखविंदर सिंह सुक्खू 14 माह पहले दिसम्बर 2022 में राज्य चुनाव में कॉन्ग्रेस की जीत के बाद आलाकमान के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री बने थे। उनके साथ ही मुकेश अग्निहोत्री को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। सुक्खू के सीएम बनाए जाने को लेकर लम्बे समय से सब कुछ ठीक ना होने की खबरें आ रही थीं। उनसे दूसरे धड़े नाराज बताए जा रहे थे।

राज्यसभा चुनाव में हुई हार ने अब कॉन्ग्रेस के अंदर की दरार को जाहिर कर दिया और उत्तर भारत में उसकी अकेली सरकार पर भी संकट ला दिया है।

‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के दावों पर कर्नाटक पुलिस ने दर्ज की शिकायत, प्रियांक खड़गे ने बताया ‘BJP की साजिश’: बोले- फॉरेंसिक जाँच में कुछ नहीं मिला

कर्नाटक की 4 सीटों पर हुए राज्यसभा चुनाव में 3 सीटों पर कॉन्ग्रेस की जीत के बाद एक नया बवाल सामने आया। कॉन्ग्रेस उम्मीदवार नासिर हुसैन की जीत का जश्न मनाते हुए विधानसभा में कुछ नारे लगे, जिसकी वीडियो शेयर करके कहा गया कि ये नारे ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे थे। वहीं मोहम्मद जुबैर जैसे लोगों ने कहा कि पाकिस्तान जिंदाबाद नहीं ‘नासिर साहब जिंदाबाद’ कहा जा रहा है। इस पूरे विवाद के बीच बेंगलुरु पुलिस ने मामले में अज्ञातों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और कहा गया कि वीडियो की जाँच करके आगे कार्रवाई की जाएगी।

अब कर्नाटक में कॉन्ग्रेस मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा- “ये बहुत स्पष्ट है कि ऑडियो में नासिर हुसैन और सैयद साहब जिंदाबाद कहा जा रहा है। ये सिर्फ भाजपा की साजिश है और कुछ नहीं। पार्टी ने ऑडियो की फॉरेंसिंक चेकिंग भी करवाई है। उसमें यही आया है कि ऐसा कुछ नहीं है। सरकारी रिपोर्ट आने वाली है।”

बता दें कि कर्नाटक की 4 राज्यसभा सीटों में से 3 पर कॉन्ग्रेस ने जीत हासिल की। इन तीन सीटों पर जीतने वाले नेताओं के नाम अजय माकन, डॉ सैयद नसीर हुसैन और जीसी चंद्रशेखर है। इनकी जीत के बाद कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं में जीत का माहौल था। इसी दौरान नासिर हुसैन को उठाकर नारेबाजी हुई। बाद में इसकी वीडियो भाजपा नेताओं ने शेयर की और कहा कि विधानसभा में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगे हैं।

वहीं कॉन्ग्रेस नेताओं ने कहा कि ये नारे नासिर हुसैन के लिए थे, पाकिस्तान समर्थन में नहीं। मोहम्मद जुबैर ने भी इस वीडियो को लेकर यही दावा किया है कि नासिर हुसैन के समर्थक ‘नासिर साहब जिंदाबाद’ बोल रहे हैं वो पाकिस्तान जिंदाबाद नहीं कह रहे।

बीजेपी और कॉन्ग्रेस के बीच चल रही इस मामले पर बहस के बीच खबर आई थी कि बेंगलुरु पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। जाँच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

कर्नाटक बीजेपी ने इस पर शिकायत दी थी और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा था, “विधान सौध में कॉन्ग्रेस पार्टी से राज्यसभा चुनाव में नसीर हुसैन की जीत के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा पाकिस्तान समर्थक नारे लगाए गए हैं। इसकी निंदा करने के बजाय, नसीर हुसैन गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं और कह रहे हैं कि कोई झूठी खबर फैला रहा है, जो अधिक खतरनाक है। कॉन्ग्रेस पार्टी जब सत्ता में थी, तो पाकिस्तान के साथ दोस्ती करती थी। अब वे सीधे तौर पर पाकिस्तान का समर्थन कर रहे…।”

ऐसे दावे वायरल होने पर नासिर हुसैन का भी बयान आया था। उन्होंने कहा था, “आज, जब हमारे कार्यकर्ता, समर्थक और कुछ लोग तीन उम्मीदवारों की जीत का जश्न मना रहे थे, मैं उनके बीच में था और तब नसीर हुसैन, जिंदाबाद… कॉन्ग्रेस पार्टी जिंदाबाद जैसे बहुत सारे नारे लगाए जा रहे थे। लेकिन जब मैं जाने लगा तो मुझे मीडिया से फोन आया कि किसी ने पाकिस्तान समर्थक नारे लगाए हैं। मैं यहाँ यह कहना चाहूँगा कि जब मैं वहाँ लोगों के बीच में था तो वहाँ खूब नारे लग रहे थे। लेकिन मैंने वहाँ खुद से पाकिस्तान जिंदाबाद नाम का नारा नहीं सुना। लेकिन जो भी हो, हमने पहले ही पुलिस से पूछ लिया है और पुलिस को इसकी जाँच कर रही है। अगर किसी ने इस तरह का नारा लगाया है तो उसके साथ कानून के मुताबिक सख्ती से निपटना होगा।”

नासिर हुसैन बोले थे, “मामले में जाँच होनी चाहिए, और अगर किसी ने वीडियो से छेड़छाड़ करके शरारत की है, तो उसकी भी जाँच होनी चाहिए। या ये पता चलना चाहिए कि अगर किसी ने नारा दिया है तो वो कौन है? वह कहाँ से आया और वहाँ परिसर में कैसे दाखिल हुआ? नारा लगाने के पीछे उनकी मंशा और मकसद क्या था, यह भी देखा जाना चाहिए। लेकिन जहाँ तक ​​मेरा सवाल है, जब मैं वहाँ था, तो वहाँ कोई नारा नहीं लगाया गया था… इसलिए हमें जाँच का इंतजार करना चाहिए और जो भी सामने आएगा वह सार्वजनिक होगा।”

नोट: प्रियांक खड़गे का बयान आने के बाद इस कॉपी को अपडेट किया गया है।

राज्यसभा चुनावों में BJP ने गाड़े झंडे: सभी 8 सीटें जीत UP में सपा को दिया झटका, हिमाचल में बहुमत के बावजूद कॉन्ग्रेस की इकलौती सीट भी छिनी

उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में आज मंगलवार (27 फरवरी 2024) को राज्यसभा के 15 सीटों पर हुए मतदान में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और हिमाचल प्रदेश में कॉन्ग्रेस के कई विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। इसके कारण कुछ उम्मीदवारों के राज्यसभा पहुँचने की लालसा पूरी नहीं हो पाई। अब तक सामने आए परिणामों में भाजपा बाजी मार गई। दरअसल, 15 राज्यों में राज्यसभा की 56 सीटें खाली हुई थीं। इनमें से 12 राज्यों की 41 राज्यसभा सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए, जबकि बाकी सीटों के लिए मतदान हुआ।

यूपी में भाजपा की बंपर जीत

यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए भाजपा के 8 और समाजवादी पार्टी के 3 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसमें भाजपा के 7 और सपा के 3 उम्मीदवारों की जीत माना जा रहा था। इस बीच भाजपा ने अपना आठवाँ उम्मीदवार खड़ा करके चुनाव को दिलचस्प बना दिया। भाजपा के आठवें उम्मीदवारों को जिताने के लिए समाजवादी पार्टी के 9 विधायकों ने ही क्रॉस वोटिंग कर दी।

सपा के जिन विधायकों ने भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की, उनमें मनोज पांडेय, पवन पांडेय, आशुतोष मौर्य, राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह सहित 7 विधायक बताए जाते हैं। वहीं, अखिलेश यादव की डिनर में शामिल नहीं होने वाले सपा विधायक मुकेश वर्मा, महाराजी प्रजापति, पूजा पाल, विनोद चतुर्वेदी हैं। इसके माना जा रहा था क्रॉस वोटिंग होगी और भाजपा की जीत होगी।

इस चुनाव में बीजेपी के सभी 8 उम्मीदवार चुनाव जीत गए हैं। सुधांशु त्रिवेदी 38 वोट पाकर राज्यसभा चुनाव जीत गए हैं। भाजपा के जो उम्मीदवार जीते हैं, उनके नाम हैं- अमरपाल मौर्य, RPN सिंह, साधना सिंह, संजय सेठ, संगीता बलवंत बिंद, सुधांशु त्रिवेदी, तेज वीर सिंह और नवीन जैन। वहीं, सपा के जया बच्चन और रामजी लाल सुमन चुनाव जीते हैं।

बता दें कि उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए कुल 11 उम्मीदवार मैदान में थे। इससे पहले 10 सीटों के लिए 10 ही उम्मीदवार थे, जिसमें भाजपा की ओर से 7 और समाजवादी पार्टी के 3 उम्मीदवार थे। दो-तीन वोटों के इधर-उधर से इन 10 उम्मीदवारों की जीत तय मानी जा रही थी। इस बीच भाजपा ने 8वाँ उम्मदीवार उतार दिया और सपा के विधायकों के क्रॉस वोटिंग से यह उम्मदीवार भी जीत गया।

हिमाचल प्रदेश में भाजपा ने मारी बाजी

हिमाचल प्रदेश में हुए एक सीटों के राज्यसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हर्ष महाजन को जीत मिली है। उनके सामने कॉन्ग्रेस के नेता एवं सुप्रीम कोर्ट के वकील अभिषेक मनु सिंघवी थे। बहुमत होने के बावजूद हिमाचल प्रदेश कॉन्ग्रेस पर उनके बागी नेताओं की बगावत भारी पड़ी। यहाँ कॉन्ग्रेस के 9 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की।

कॉन्ग्रेस और भाजपा को यहाँ 34-34 वोट मिले। अंतिम फैसला टॉस से हुआ जिसमें भाजपा प्रत्याशी को जीत हासिल हुई। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी कॉन्ग्रेस का एक वोट रद्द करवाने के लिए चुनाव आयोग पहुँच गई है। यह वोट बीमार बताकर हेलीकॉप्टर से लाए गए कॉन्ग्रेस विधायक सुदर्शन बबलू का है। भाजपा ने हेलीकॉप्टर का प्रयोग आचार संहिता का उल्लंघन बताया है।

दरअसल, हिमाचल प्रदेश विधानसभा की में कुल 68 सीटें हैं। इनमें से कॉन्ग्रेस के पास 40 और बीजेपी के 25 विधायक हैं, जबकि दो निर्दलीय है एक अन्य पार्टी का है। प्रदेश के सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार को कुल 43 विधायक का समर्थन है। कॉन्ग्रेस के 9 विधायकों के क्रॉस वोटिंग के बाद दोनों पक्षों की ओर से 34-34 वोट पड़े थे।

क्रॉस वोटिंग पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बागी विधायकों को ईमान बेचने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस के कई विधायकों का हरियाणा पुलिस ने अपहरण करके पंचकुला के एक गेस्ट हाउस में रखा है। फिलहाल यह गेस्ट हाउस आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है। क्रॉस वोटिंग के बाद अब हिमाचल सरकार के भविष्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

कर्नाटक में कॉन्ग्रेस को राहत

कर्नाटक में राज्यसभा की 4 सीटों पर हुए चुनावों में कॉन्ग्रेस को तीन सीटें मिली हैं। वहीं, भाजपा को एक सीट पर संतोष करना पड़ा है। कॉन्ग्रेस के जीतने वाले उम्मीदवारों में अजय माकन, नासिर हुसैन और जीसी चंद्रशेखर हैं। अजय माकन को 47, नासिर हुसैन को 46 और जीसी चंद्रशेखर को 46 वोट मिले।

वहीं, भाजपा की ओर से नारायण बंदिगे ने जीत हासिल की है। वहीं, जनता दल सेक्युलर (JDS) के कुपेंद्र रेड्डी को हार का सामना करना पड़ा है। यहाँ पर भाजपा विधायक एसटी सोमशेखर ने क्रॉस वोटिंग की, जबकि एक अन्य विधायक शिवराम हब्बार ने मत नहीं डाला। इस तरह भाजपा को 48, जेडीएस को 35 और कॉन्ग्रेस को 139 वोट मिले।

8 दिनों से गायब है मंगलुरु की PhD छात्रा, मिलने आता था ‘ड्रग तस्कर’ शाहरुख: लड़की की एक्टिवा बरामद, हिंदू संगठनों ने बताया लव जिहाद

कर्नाटक के मंगलुरु में एक शोध (पीएचडी) छात्रा के 8 दिनों से गायब होने की खबर है। हिंदू संगठनों ने इसे लव जिहाद का मामला बताया है। 27 वर्षीया छात्रा की अंतिम लोकेशन मंगलुरु के बाहरी इलाके के डेरलकट्टे बताई जा रही है। पुलिस को छात्रा एक्टिवा स्कूटर मिला है। 17 फरवरी 2024 को चित्रा नाम की इस छात्रा को अपने हॉस्टल से निकलते देखा गया था।

अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, पुत्तूर का शाहरुख नाम का एक मुस्लिम व्यक्ति कभी-कभार छात्रा के पेइंग गेस्ट हाउस में आता-जाता था। कहा जा रहा है कि दोनों रिलेशनशिप में थे। वहीं, कुछ लोग शाहरुख को ड्रग्स तस्कर भी बता रहे हैं। बजरंग दल ने इसे लव जिहाद का मामला बताते हुए इस मामले की पुलिस में शिकायत करके जाँच की माँग उठाई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला मंगलुरु के उल्लाल पुलिस थाना क्षेत्र का है। लापता लड़की के पिता ने यहाँ अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई है। लड़की मंगलुरु में अपने एक परिचित चाचा की देखरेख में रहकर एक प्राइवेट संस्थान से PhD कर रही थी। वह पढ़ने में काफी तेज थी। उसे हर माह 40 हजार रुपए की स्कॉलरशिप मिल रही थी।

पेइंग गेस्ट हाउस में चित्रा के साथ उसकी एक रूममेट भी रहती थी। रूममेट ने ही बताया कि चित्रा लापता है। सामने आए तथ्यों के मुताबिक, 17 फरवरी को चैत्रा ATM से पैसे निकालने के लिए सूरतकल इलाके में गई थी। एटीएम से 10 हजार रुपए चार बार यानी 40 हजार रुपए निकाले भी गए। चित्रा के माता-पिता नहीं हैं और वह अपने अंकल के घर रहकर पढ़ाई पूरी की थी।

पुलिस का अनुमान है कि पैसे निकालने के बाद चित्रा बस पकड़कर किसी और जिले में गई है। पुलिस ने चित्रा की स्कूटी एटीएम के पास से बरामद कर ली है। पुलिस की टीमें चित्रा के रिश्तेदारों के यहाँ भी पूछताछ के लिए गई हैं। अपुष्ट जानकारी के मुताबिक चित्रा ने बेंगलुरु में किसी व्यक्ति को फोन पर सम्पर्क भी किया था।

पुलिस को आशा है कि वो जल्द ही चित्रा का पता लगा लेगी। इधर मामले की जानकारी होते ही इस मामले में बजरंग दल सक्रिय हो गया है। हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने इस घटना को लव जिहाद करार दिया है। हालाँकि, कुछ लोग उसे ड्रग्स तस्कर भी बता रहे हैं। आशंका है कि शाहरुख़ चित्रा को ड्रग्स देने आया करता था। फ़िलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जाँच कर रही है।

पंजाब के हिंदू मंदिर में तोड़फोड़: हमलावरों ने 14 मूर्तियों को खंडित किया, सब्बल से शिवलिंग को भी उखाड़ा, हिन्दुओं में नाराजगी

पंजाब के लुधियाना में एक हिन्दू मंदिर में तोड़फोड़ की खबर है। महादेव के इस मंदिर पर तेज धार वाली हथायार से वार करके 14 मूर्तियाँ को खंडित कर दिया गया है। इसके साथ ही शिवलिंग को भी उखाड़ दिया गया है। मौके पर पहुँचकर पुलिस CCTV फुटेज आदि खंगाले रही है। इस घटना पर हिन्दू संगठनों ने नाराजगी जताई है। वहीं, प्रशासन ने लोगों से शाँति बनाए रखने की अपील की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लुधियाना के जुगियाना क्षेत्र में पड़ने वाले गाँव साहनेवाल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक शिव मंदिर है। यहाँ 26-27 फरवरी रात को उपद्रवियों ने इस घटना को अंजाम दिया। 27 फरवरी की सुबह जब पुजारी पूजा-पाठ के लिए आए तो उन्होंने मंदिर को अस्त-व्यस्त देखा। मंदिर के शीशे टूटे हुए थे। माता दुर्गा सहित अन्य 14 मूर्तियों पर तलवार से वार किए गए थे।

हमले की वजह से मूर्रियों के सिर और हाथ हिस्से टूट गए थे। शिवलिंग को सब्बल से मारकर उखाड़ दिया गया था। इसके अलावा, पूजा सामग्रियों को भी बिखेर दिया गया था। गेट पर लगे ताले भी टूटे हुए मिले। इसके बाद पुजारी ने इस घटना की सूचना मंदिर कमेटी के सदस्यों को दी। मंदिर कमेटी के सदस्यों ने घटना की सूचना फ़ौरन ही साहनेवाल पुलिस को दी।

मंदिर में कोई CCTV कैमरा नहीं लगा था। इस कारण आरोपितों की पहचान नहीं हो पाई। पुलिस आसपास की फैक्ट्रियों के फुटेज खँगाल कर हमलावरों तक पहुँचने का प्रयास कर रही है। घटनास्थल पर पहुँचे ACP गुरइकबाल सिंह ने आरोपितों को जल्द ही गिरफ्तार करने का भरोसा दिया है। इस बीच हिन्दू संगठन के सदस्य वहाँ पहुँच गए और पुलिस-प्रशासन पर ढिलाई बरतने का आरोप लगाया।

शिवसेना सेना नेता भानू प्रताप ने बताया कि कुछ ही दिन पहले गोवंश का कटा सिर मिला था, जिसमें अभी तक कोई पकड़ा नहीं गया है। वहीं, हिंदू नेता अमित कौंडल ने कहा कि पंजाब में मंदिरों पर हमले आम हो गई है। उन्होंने इस घटना को शिवरात्रि से पहले हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने वाला बताया। एक अन्य हिन्दू नेता रिषभ कन्नौजिया ने प्रशासन पर कुम्भकर्ण की नींद में सोने का आरोप लगाया।

अभी तक इस मामले में किसी भी हमलावर की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने आक्रोशित लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। हिन्दू संगठनों ने कार्रवाई के लिए प्रशासन को 72 घंटों का अल्टीमेटम दिया है। लगभग 5 माह पहले इस मंदिर पर एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी, तब मंदिर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। मंदिर कमेटी के सदस्यों ने अपनी तरफ से तब इसकी मरम्मत करवाई थी।

खालिस्तान और संगठित अपराध को लेकर NIA की पंजाब-राजस्थान में 16 ठिकानों पर रेड, 6 हिरासत में: AAP नेता से भी पूछताछ की खबर

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने खालिस्तान और संगठित अपराधियों के गठजोड़ के खिलाफ चल रही जाँच के तहत मंगलवार (27 फरवरी 2024) को पंजाब और राजस्थान में 16 स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने छह लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के एक नेता के यहाँ भी रेड डाली गई है।

इन 16 ठिकानों में 14 पंजाब में है, जबकि राजस्थान के दो ठिकाने शामिल हैं। एनआईए की जाँच जारी है। इसमें आतंकवादियों, गैंगस्टरों और ड्रग तस्करों के बीच साँठ-गाँठ को तोड़ने के प्रयास शामिल हैं। एनआईए का इनके फंडिंग चैनलों सहित नेक्सस के बुनियादी ढाँचे को नष्ट करना है।

एजेंसी ने राज्य पुलिस बलों के साथ मिलकर मंगलवार सुबह से ही तलाशी अभियान शुरू कर दिया। ये छापेमारी कुछ खास इनपुट के आधार पर की गई। जिन स्थानों की तलाशी ली जा रही है वे खालिस्तानी समर्थकों और आपराधिक साँठ-गाँठ में शामिल लोगों से संबंधित संदिग्धों के आवासीय एवं अन्य परिसर हैं।

एनआईए ने कहा, “एनआईए पंजाब में 14 स्थानों और राजस्थान में 2 स्थानों पर खालिस्तान और संगठित आपराधिक गठजोड़ के खिलाफ चल रही जाँच में तलाशी ले रही है। तलाशी के बाद आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने को लेकर छह लोगों की जाँच की जा रही है।”

NIA ने जिन छह लोगों को पकड़ा वे कथित तौर पर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल थे और सोशल मीडिया नेटवर्क एवं संचार के अन्य माध्यमों से कुछ भगोड़े खालिस्तानी आतंकवादियों के साथ संपर्क में थे। इनके संपर्क अमेरिका एवं कनाडा में बैठे खालिस्तान समर्थकों के साथ बताए जा रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जिन लोगों के घर NIA की छापेमरी की गई उनमें पंजाब के बठिंडा में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता गुरविंदर सिंह उर्फ नीटा भी शामिल हैं। NIA की टीम गाँव बलियांवाली, पथराला, डूमवाली और रामपुरा में की गई। एजेंसी उनके घर करीब 3 घंटे तक जाँच के बाद अपने साथ कुछ कागजात ले गई और 5 मार्च को दिल्ली NIA कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया।

इसके अलावा, गाँव पथराला में सोनू नाम के युवक से NIA ने कुछ समय पूछताछ की। सोनू के अलावा उसके परिवार से भी पूछताछ की गई। इसके अलावा, यहां इकबाल सिंह नाम के युवक से NIA की टीम ने पूछताछ की है। उन्हें एक क्रिमिनल नोटिस थमाया गया है और पूछताछ के लिए बुला लिया गया है। जानकारी के अनुसार, बालियांवाली गाँव के शेर बलवंत सिंह और कोटरा कोरा गाँव के जग्गी खान के यहाँ भी रेड डाली।

दरअसल, NIA का यह कदम इसके महानिदेशक दिनकर गुप्ता द्वारा दिसंबर 2023 में अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई के निदेशक क्रिस्टोफर ए रे के साथ बैठक के दो महीने बाद आया है। इस बैठक में आतंकवादी-संगठित आपराधिक नेटवर्क की गतिविधियों, सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले में अमेरिका में चल रही जाँच और साइबर-आतंकवाद का मुद्दा शामिल था।

बर्थडे पार्टी में गए TMC नेता की हत्या; सिर और कान में मारी गई गोलियाँ… घटना के पीछे जमीनी विवाद की आशंका

पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले में सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के एक नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। हत्या की वजह जमीनी विवाद बताया जा रहा है। मृतक की पहचान 49 वर्षीय बिजन दास के रूप में हुई है। बिजन दास अपने दोस्त के घर जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने गए थे। इसी दौरान हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी। पुलिस आरोपित की तलाश में छापेमारी कर रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना अशोक नगर थाना क्षेत्र की है। रविवार (25 फरवरी 2024) की रात लगभग 11 बजे बिजन दास अपने दोस्त के घर पार्टी में गए थे। इस पार्टी में बिजन की बहस गौतम दास नाम के एक जमीन कारोबारी से होने लगी। यही बहस बाद में नोक-झोंक में बदल गई। इसी दौरान पार्टी में ही शामिल एक अन्य व्यक्ति ने बिजन दास पर गोलियाँ बरसानी शुरू कर दीं।

बिजन दास को 2 गोलियाँ लगीं। पहली गोली उनके सिर में लगी और दूसरी गोली उनके कान के पास लगी। घायल बिजन दास को लोगों ने स्थानीय बारासात अस्पताल पहुँचाया। यहाँ पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद हमलावर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर के फरार आरोपित की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस का दावा है कि हमलावर की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बारासात की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बिजन दास की मौत पर दुःख प्रकट किया है। उन्होंने बताया कि मृतक बिजन दास छात्र राजनीति से ही तृणमूल कॉन्ग्रेस से जुड़े हुए थे। फ़िलहाल वह गुमा एक नंबर पंचायत के उपमुखिया थे।

कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बिजन दास का पहले से गौतम दास से जमीनी विवाद चल रहा था। कहा जा रहा है कि जन्मदिन की पार्टी में किसी बात पर बिजन और गौतम में विवाद हुआ था। इसके बाद इस घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।