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पंजाब के हिंदू मंदिर में तोड़फोड़: हमलावरों ने 14 मूर्तियों को खंडित किया, सब्बल से शिवलिंग को भी उखाड़ा, हिन्दुओं में नाराजगी

पंजाब के लुधियाना में एक हिन्दू मंदिर में तोड़फोड़ की खबर है। महादेव के इस मंदिर पर तेज धार वाली हथायार से वार करके 14 मूर्तियाँ को खंडित कर दिया गया है। इसके साथ ही शिवलिंग को भी उखाड़ दिया गया है। मौके पर पहुँचकर पुलिस CCTV फुटेज आदि खंगाले रही है। इस घटना पर हिन्दू संगठनों ने नाराजगी जताई है। वहीं, प्रशासन ने लोगों से शाँति बनाए रखने की अपील की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लुधियाना के जुगियाना क्षेत्र में पड़ने वाले गाँव साहनेवाल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक शिव मंदिर है। यहाँ 26-27 फरवरी रात को उपद्रवियों ने इस घटना को अंजाम दिया। 27 फरवरी की सुबह जब पुजारी पूजा-पाठ के लिए आए तो उन्होंने मंदिर को अस्त-व्यस्त देखा। मंदिर के शीशे टूटे हुए थे। माता दुर्गा सहित अन्य 14 मूर्तियों पर तलवार से वार किए गए थे।

हमले की वजह से मूर्रियों के सिर और हाथ हिस्से टूट गए थे। शिवलिंग को सब्बल से मारकर उखाड़ दिया गया था। इसके अलावा, पूजा सामग्रियों को भी बिखेर दिया गया था। गेट पर लगे ताले भी टूटे हुए मिले। इसके बाद पुजारी ने इस घटना की सूचना मंदिर कमेटी के सदस्यों को दी। मंदिर कमेटी के सदस्यों ने घटना की सूचना फ़ौरन ही साहनेवाल पुलिस को दी।

मंदिर में कोई CCTV कैमरा नहीं लगा था। इस कारण आरोपितों की पहचान नहीं हो पाई। पुलिस आसपास की फैक्ट्रियों के फुटेज खँगाल कर हमलावरों तक पहुँचने का प्रयास कर रही है। घटनास्थल पर पहुँचे ACP गुरइकबाल सिंह ने आरोपितों को जल्द ही गिरफ्तार करने का भरोसा दिया है। इस बीच हिन्दू संगठन के सदस्य वहाँ पहुँच गए और पुलिस-प्रशासन पर ढिलाई बरतने का आरोप लगाया।

शिवसेना सेना नेता भानू प्रताप ने बताया कि कुछ ही दिन पहले गोवंश का कटा सिर मिला था, जिसमें अभी तक कोई पकड़ा नहीं गया है। वहीं, हिंदू नेता अमित कौंडल ने कहा कि पंजाब में मंदिरों पर हमले आम हो गई है। उन्होंने इस घटना को शिवरात्रि से पहले हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने वाला बताया। एक अन्य हिन्दू नेता रिषभ कन्नौजिया ने प्रशासन पर कुम्भकर्ण की नींद में सोने का आरोप लगाया।

अभी तक इस मामले में किसी भी हमलावर की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने आक्रोशित लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। हिन्दू संगठनों ने कार्रवाई के लिए प्रशासन को 72 घंटों का अल्टीमेटम दिया है। लगभग 5 माह पहले इस मंदिर पर एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी, तब मंदिर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। मंदिर कमेटी के सदस्यों ने अपनी तरफ से तब इसकी मरम्मत करवाई थी।

खालिस्तान और संगठित अपराध को लेकर NIA की पंजाब-राजस्थान में 16 ठिकानों पर रेड, 6 हिरासत में: AAP नेता से भी पूछताछ की खबर

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने खालिस्तान और संगठित अपराधियों के गठजोड़ के खिलाफ चल रही जाँच के तहत मंगलवार (27 फरवरी 2024) को पंजाब और राजस्थान में 16 स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने छह लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के एक नेता के यहाँ भी रेड डाली गई है।

इन 16 ठिकानों में 14 पंजाब में है, जबकि राजस्थान के दो ठिकाने शामिल हैं। एनआईए की जाँच जारी है। इसमें आतंकवादियों, गैंगस्टरों और ड्रग तस्करों के बीच साँठ-गाँठ को तोड़ने के प्रयास शामिल हैं। एनआईए का इनके फंडिंग चैनलों सहित नेक्सस के बुनियादी ढाँचे को नष्ट करना है।

एजेंसी ने राज्य पुलिस बलों के साथ मिलकर मंगलवार सुबह से ही तलाशी अभियान शुरू कर दिया। ये छापेमारी कुछ खास इनपुट के आधार पर की गई। जिन स्थानों की तलाशी ली जा रही है वे खालिस्तानी समर्थकों और आपराधिक साँठ-गाँठ में शामिल लोगों से संबंधित संदिग्धों के आवासीय एवं अन्य परिसर हैं।

एनआईए ने कहा, “एनआईए पंजाब में 14 स्थानों और राजस्थान में 2 स्थानों पर खालिस्तान और संगठित आपराधिक गठजोड़ के खिलाफ चल रही जाँच में तलाशी ले रही है। तलाशी के बाद आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने को लेकर छह लोगों की जाँच की जा रही है।”

NIA ने जिन छह लोगों को पकड़ा वे कथित तौर पर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल थे और सोशल मीडिया नेटवर्क एवं संचार के अन्य माध्यमों से कुछ भगोड़े खालिस्तानी आतंकवादियों के साथ संपर्क में थे। इनके संपर्क अमेरिका एवं कनाडा में बैठे खालिस्तान समर्थकों के साथ बताए जा रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जिन लोगों के घर NIA की छापेमरी की गई उनमें पंजाब के बठिंडा में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता गुरविंदर सिंह उर्फ नीटा भी शामिल हैं। NIA की टीम गाँव बलियांवाली, पथराला, डूमवाली और रामपुरा में की गई। एजेंसी उनके घर करीब 3 घंटे तक जाँच के बाद अपने साथ कुछ कागजात ले गई और 5 मार्च को दिल्ली NIA कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया।

इसके अलावा, गाँव पथराला में सोनू नाम के युवक से NIA ने कुछ समय पूछताछ की। सोनू के अलावा उसके परिवार से भी पूछताछ की गई। इसके अलावा, यहां इकबाल सिंह नाम के युवक से NIA की टीम ने पूछताछ की है। उन्हें एक क्रिमिनल नोटिस थमाया गया है और पूछताछ के लिए बुला लिया गया है। जानकारी के अनुसार, बालियांवाली गाँव के शेर बलवंत सिंह और कोटरा कोरा गाँव के जग्गी खान के यहाँ भी रेड डाली।

दरअसल, NIA का यह कदम इसके महानिदेशक दिनकर गुप्ता द्वारा दिसंबर 2023 में अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई के निदेशक क्रिस्टोफर ए रे के साथ बैठक के दो महीने बाद आया है। इस बैठक में आतंकवादी-संगठित आपराधिक नेटवर्क की गतिविधियों, सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले में अमेरिका में चल रही जाँच और साइबर-आतंकवाद का मुद्दा शामिल था।

बर्थडे पार्टी में गए TMC नेता की हत्या; सिर और कान में मारी गई गोलियाँ… घटना के पीछे जमीनी विवाद की आशंका

पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले में सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के एक नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। हत्या की वजह जमीनी विवाद बताया जा रहा है। मृतक की पहचान 49 वर्षीय बिजन दास के रूप में हुई है। बिजन दास अपने दोस्त के घर जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने गए थे। इसी दौरान हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी। पुलिस आरोपित की तलाश में छापेमारी कर रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना अशोक नगर थाना क्षेत्र की है। रविवार (25 फरवरी 2024) की रात लगभग 11 बजे बिजन दास अपने दोस्त के घर पार्टी में गए थे। इस पार्टी में बिजन की बहस गौतम दास नाम के एक जमीन कारोबारी से होने लगी। यही बहस बाद में नोक-झोंक में बदल गई। इसी दौरान पार्टी में ही शामिल एक अन्य व्यक्ति ने बिजन दास पर गोलियाँ बरसानी शुरू कर दीं।

बिजन दास को 2 गोलियाँ लगीं। पहली गोली उनके सिर में लगी और दूसरी गोली उनके कान के पास लगी। घायल बिजन दास को लोगों ने स्थानीय बारासात अस्पताल पहुँचाया। यहाँ पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद हमलावर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर के फरार आरोपित की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस का दावा है कि हमलावर की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बारासात की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बिजन दास की मौत पर दुःख प्रकट किया है। उन्होंने बताया कि मृतक बिजन दास छात्र राजनीति से ही तृणमूल कॉन्ग्रेस से जुड़े हुए थे। फ़िलहाल वह गुमा एक नंबर पंचायत के उपमुखिया थे।

कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बिजन दास का पहले से गौतम दास से जमीनी विवाद चल रहा था। कहा जा रहा है कि जन्मदिन की पार्टी में किसी बात पर बिजन और गौतम में विवाद हुआ था। इसके बाद इस घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

‘सबरीमाला मंदिर में मलयाली ब्राह्मण ही हो सकते हैं पुजारी’: भर्ती की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका को केरल हाई कोर्ट ने किया खारिज

केरल उच्च न्यायालय ने मंगलवार (27 फरवरी 2024) को त्रावणकोर देवासम बोर्ड की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया। इस अधिसूचना में कहा गया था कि सबरीमाला मंदिर के मेलशांति (सर्वोच्च पुजारी) के पद के लिए आवेदन करने वाला उम्मीदवार सिर्फ मलयाली ब्राह्मण समुदाय से ही होना चाहिए।

न्यायमूर्ति अनिल के नरेंद्रन और न्यायमूर्ति पीजी अजितकुमार की खंडपीठ ने उन याचिकाओं पर फैसला सुनाया। इस याचिका में दलील दी गई थी कि उच्च पुजारी पद के चयन को केवल मलयाली ब्राह्मण समुदाय के व्यक्तियों तक सीमित करना भारत के संविधान द्वारा गारंटीकृत अधिकारों का उल्लंघन है।

हाई कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया कि मलयाली ब्राह्मण की अनिवार्यता ‘अस्पृश्यता’ के बराबर है और यह संविधान के अनुच्छेद 17 का उल्लंघन करती है। हालाँकि, हाई कोर्ट ने याचिका में उचित दलील का अभाव बताकर इसे खारिज कर दिया।

कोर्ट ने कहा, “रिट याचिकाओं में तर्कों और आधारों का पूर्ण अभाव है। हालाँकि याचिकाकर्ताओं के वकील ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के प्रावधानों के संबंध में तर्कों को संबोधित किया, लेकिन इन रिट याचिकाओं में दी गई चुनौती वर्ष 1193 ई. और 1197 ई. के सबरीमाला और मलिकापुरम मंदिरों में मेलशान्तियों का चयन से संबंधित है।”

कोर्ट ने आगे कहा, “अनुच्छेद 25 और 26 पर उचित दलीलों के अभाव में हमारा विचार है कि इन रिट याचिकाओं को बड़ी पीठ के लिए खुला रखने की कोई आवश्यकता नहीं है। सुप्रीम कोर्ट को इस मुद्दे पर फैसला करना है। हालाँकि हम यह स्पष्ट करते हैं कि इस संबंध में दोनों पक्षों की दलीलों को उचित समय पर उचित कार्यवाही में उठाए जाने के लिए खुला रखा जाए।”

दरअसल, त्रावणकोर देवासम बोर्ड ने 27 मई 2021 की एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें मलयाली ब्राह्मण समुदाय के सदस्यों से सबरीमाला मंदिर और मलिकप्पुरम मंदिर में शांतिकरन (पुजारी) के पद के लिए आवेदन माँगे थे। इसके बाद जुलाई 2021 में वकील बीजी हरिंद्रनाथ के माध्यम से अधिसूचना को चुनौती दी गई थी।

याचिका में कहा गया था कि यह सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16, 17 और 21 की पूरी तरह से अवहेलना है। इसमें तर्क दिया गया था कि मेलशांति के पद पर नियुक्ति एक धर्मनिरपेक्ष कार्य है और इसे एक विशेष समुदाय तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, जबकि यह केरल सरकार द्वारा नियंत्रित संस्थान है।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें आगे यह तर्क दिया गया कि जाति की परवाह किए बिना ब्राह्मणों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति, जो इस कार्य के लिए पूरी तरह योग्य हो और अपने कर्तव्यों के पालन में समर्थ हो, उसे अनुच्छेद 25 (धर्म की स्वतंत्रता) और 26 (धार्मिक मामलों के प्रबंधन की स्वतंत्रता) का उल्लंघन नहीं कहा जा सकता।

याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट में पेश वकील गोपाल ने तर्क दिया कि मेलशांति भर्ती को मलयाली ब्राह्मण उम्मीदवारों तक सीमित करना अस्पृश्यता का अभ्यास करने के खिलाफ संवैधानिक रोक के उल्लंघन का सवाल है। उन्होंने बताया कि सबरीमाला मंदिर गैर-सांप्रदायिक है, यानी जातिगत बाधा के बिना इस मंदिर में पुजारी होने का अधिकार बिना किसी भेदभाव के मंदिर में प्रवेश करने और पूजा करने के अधिकार से जुड़ा हुआ है।

उनका प्राथमिक तर्क यह था कि एन आदिथायन बनाम त्रावणकोर देवासम बोर्ड और अन्य में सुप्रीम कोर्ट का फैसला उच्च न्यायालय पर बाध्यकारी है। एन आदिथायन मामले में शीर्ष अदालत ने त्रावणकोर देवासम बोर्ड के प्रशासन के अधीन एक शिव मंदिर के पुजारी के रूप में नियुक्त होने के लिए एक गैर-मलयाली ब्राह्मण के अधिकार को बरकरार रखा था। कोर्ट को बताया गया कि यही बोर्ड सबरीमाला मंदिर का प्रबंधन भी करता है।

‘नहीं पसंद था इस्लाम, हिंदू धर्म अच्छा लगता है’: रायबरेली की मंतशा ने की आशीष मौर्य से हनुमान मंदिर में शादी, लगे ‘जय श्रीराम’ के नारे

उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक मुस्लिम लड़की ने घर वापसी की है। लड़की का नाम मंतशा है जो अब मानसी मौर्य नाम से जानी जाएँगी। मानसी ने आशीष मौर्य नाम के हिंदू लड़के को अपने पति के तौर पर चुना। दोनों ने जिले के ही एक मंदिर में वैदिक विधि-विधान से शादी की। मंतशा ने बताया कि उन्हें शुरू से ही इस्लाम मजहब पसंद नहीं था। ऐसे में जब उनकी बात आशीष से होना शुरू हुई तो उन्हें हिन्दू धर्म को समझने का मौका मिला। धीरे-धीरे उन्हें सनातन संस्कार पसंद आने लगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह विवाह रविवार (25 फरवरी 2024) को रायबरेली जिले के थानाक्षेत्र सलोन में हुआ। यहीं के एक गाँव में मंतशा और आशीष अपने परिजनों के साथ रहते थे। बचपन से ही दोनों में बातचीत होती थी जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। जब यह बात मंतशा के परिजनों को पता चली तो उन्होंने तमाम पाबंदियाँ लगानी शुरू कर दीं। मंतशा ने अपने परिजनों को आशीष मौर्य से शादी के लिए मनाने की बहुत कोशिश की लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ। इस बीच आशीष मौर्य ने भी अपनी तरफ से मंतशा से शादी की कोशिशें शुरू कर दीं थीं।

बताया जा रहा है कि 25 फरवरी (रविवार) को मंतशा जैसे-तैसे अपने घर से निकलने पर कामयाब रही। रास्ते में उसे आशीष मौर्य मिले। दोनों सीधे रायबरेली के बेनी माधव हनुमान मंदिर पहुँचे। यहाँ आसपास के कुछ ग्रामीण और हिन्दू संगठन के कुछ सदस्य भी मौजूद थे। दोनों ने बजरंगबली की मूर्ति के आगे एक दूसरे को जयमाला पहनाई। इसके बाद आशीष ने मंदिर में ही मंतशा की माँग भरी। इस दौरान मंदिर में मौजूद अन्य लोगों ने जय श्री राम का उद्घोष किया और पति-पत्नी को सदा सुखी रहने का आशीर्वाद दिया।

शादी के बाद मंतशा बेहद खुश नजर आईं। उन्होंने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा- “हमें उनसे (आशीष) प्यार था इसलिए हमने शादी कर ली।” मंतशा ने यह भी दावा किया कि उनको इस्लाम नहीं बल्कि हिन्दू धर्म पसंद है। मंतशा ने कहा कि उनके घर वाले इस रिश्ते से खुश नहीं हैं। वह शादी के बाद आशीष मौर्य के साथ चली गईं हैं। आशीष ने भी मीडिया से बताया कि उनके परिजन भी इस शादी से खुश नहीं थे जिसकी वजह से उन्हें मंदिर में विवाह करना पड़ा।

राजस्थान की BJP सरकार ने 200 पुलिसकर्मियों को पीछे लगाया, तब पकड़े गए अलवर बीफ मंडी के सभी 22 ‘किरदार’: खुले में गाय काटकर करते थे होम डिलिवरी

राजस्थान के अलवर जिले में पुलिस ने सघन अभियान चलाकर गोमांस की मंडी चलाने वाले सभी 22 नामजद आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें 9 आरोपित सोमवार (26 फरवरी) को गिरफ्तार किए गए। इनके नाम साहुन, हारुन, इब्राहिम, सलीम खान, मनान, खालिद खाँ, हब्बी, सलीम और कयूम हैं। इनमें से कयूम पुराना हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर पहले भी कई केस दर्ज हैं।

गिरफ्तार आरोपितों का रिमांड लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। 8 दिनों तक चले इस अभियान में लगभग 200 पुलिसकर्मी शामिल थे और उन्होंने दिन-रात दबिश देकर आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें से गिरफ्तार एक आरोपित कयूम 2 वर्षों से फरार चल रहा था। उस पर प्रशासन की तरफ से 2000 रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कयूम पर अलग-अलग थानों में पहले से ही 5 मुकदमे दर्ज हैं। किशनगढ़बास और कोटपूतली थाने में दर्ज में इन FIR में गोकशी, आबकारी एक्ट और हत्या जैसे संगीन अपराध शामिल हैं। उस पर पहला मुकदमा 11 साल पहले 2013 में दर्ज हुआ था। पकड़ा गया एक अन्य आरोपित मनान भी पुराना हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है। उस पर ततारपुर में FIR दर्ज है।

इसके अलावा, इब्राहिम पर अलवर सदर थाने में मामला दर्ज है, जबकि साहून और खालिद पर किशनगढ़बास थाने में पहले से ही केस दर्ज हैं। बाकी आरोपितों के भी आपराधिक रिकॉर्ड की पड़ताल करवाई जा रही है। ये सभी आरोपित इस इलाके में कई सालों से गोमांस की मंडी चला रहे थे।

बता दें कि सोमवार से पहले 13 आरोपित पकड़े गए थे। पुलिस उन सभी को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। अब सोमवार को पकड़े गए इन आरोपितों की रिमांड भी अदालत से माँग सकती है। इनसे पूछताछ में गोमांस की मंडी वाले रैकेट से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।

गोमांस मंडी के खुलासे के बाद किसनगढ़बास के एक थाने के 38 पुलिसकर्मियों के हटा दिया गया था। इसके अलावा सरकारी जमीन पर बिजली का कनेक्शन देने वाले AEN, गो-तस्करों द्वारा कब्जाई गई जमीन की रिपोर्ट नहीं देने वाले पटवारी और नायब तहसीलदार को हटाया जा चुका है। पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्री के अनुसार अब गोकशी की सूचना देने की जिम्मेदारी गाँवों के सरपंचों को दी गई है।

इस संबंध में सरपंचों से लिखित अंडरटेकिंग भी ली जा रही है। बता दें कि दैनिक भास्कर ने रविवार (18 फरवरी 2024) को अलवर के बास थाना क्षेत्र में चल रही इस बीफ मंडी का खुलासा किया था। खुलासे में ऐसे वीडियो सामने आए थे, जिसमें बिरसंगपुर के पास रुंध गिदवडा के बीहड़ों में गायों को बेरहमी से मार कर उनकी खाल उतारी जा रही थी।

गायों की हत्या के बाद यहाँ से व्हाट्सएप के जरिए मांस के ऑर्डर लेकर घरों तक सप्लाई की जाती थी। इस मंडी में सैकड़ों की तादाद में खरीदार भी आते थे। गोकशी की यह मंडी करीब 10 किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई बताई गई थी। इस खबर का भाजपा सरकार ने संज्ञान लिया और तब से गोकशी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई जारी है।

अरविंद केजरीवाल को ED ने भेजा 8वाँ समन, शराब घोटाले में पूछताछ के लिए 4 मार्च को बुलाया: 7 बार तारीख पर हाजिर नहीं हुए हैं दिल्ली के CM

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल को समन भेजा है। ED ने CM केजरीवाल को 4 मार्च, 2024 को पेश होने को कहा है। ED यह पूछताछ शराब घोटाला मामले में करना चाहती है।

ED इससे पहले 7 बार उन्हें समन भेज कर पूछताछ के लिए बुला चुकी है। हालाँकि, वह हर बार पूछताछ में जाने से इंकार कर देते हैं। उन्हें ED ने कल (26 फरवरी, 2024) भी पूछताछ के लिए बुलाया था। उन्होंने इस पूछताछ में भी जाने से मना कर दिया था। यह समन उन्हें 22 फरवरी को भेजा गया था।

उन्होंने इस सुनवाई पर एजेंसी से कहा था कि उन्हें बार बार समन ना भेजे जाएँ। केजरीवाल ने कहा था कि यह मामला कोर्ट में है इसलिए उसके निर्णय के बाद ही आगे बढ़ा जाए। उन्होंने कहा कि अगर कोर्ट का आदेश आएगा तो वह ED के सामने पेश हो जाएँगे। गौरतलब है कि इस विषय में अगली सुनवाई 16 मार्च को होनी है।

दिल्ली सीएम पहले भी 7 बार अलग-अलग कारण देकर ED की पूछताछ से बचते रहे हैं। ED ने 14 फरवरी को समन जारी करके केजरीवाल से 19 फरवरी को पेश होने के लिए कहा था। लेकिन उस दिन केजरीवाल विधानसभा में विश्वास मत ले आए।

उससे पहले ED ने 3 फरवरी, 2024 को कोर्ट का रास्ता अरविंद केजरीवाल के कई बार पेश ना होने से आजिज आकर अपनाया था। केंद्रीय एजेंसी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आम जनता के समक्ष गलत उदहारण पेश करने का आरोप लगाया था।

ED ने नवम्बर 2023 में जब केजरीवाल को समन भेजा गया था तो उन्होंने कहा था कि वह मध्य प्रदेश चुनाव प्रचार के लिए जा रहे हैं। हालाँकि, उनकी पार्टी मध्य प्रदेश में 90% सीट पर अपनी जमानत नहीं बचा पाई थी। इसके बाद दिसम्बर में जब उन्हें जाँच एजेंसी ने बुलाया तो उन्होंने कहा कि वे विपश्यना के लिए पंजाब जा रहे हैं। इसलिए वे नहीं आ सकते।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ED द्वारा भेजे गए समन को राजनीतिक साजिश बताते आए हैं। वह यह भी सवाल करते रहे हैं कि एक मुख्यमंत्री को ED किस हैसियत से पूछताछ के लिए बुला रही है। अरविंद केजरीवाल कहते रहे हैं कि उन्हें गिरफ्तार करने की साजिश की जा रही है, ताकि वे लोकसभा चुनावों में अपनी पार्टी AAP के लिए चुनाव प्रचार ना कर सकें।

गौरतलब है कि केजरीवाल से पहले झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी ED से बचते आए थे। ED उन्हें 10 बार पूछताछ के लिए बुला चुकी थी। वह भी इन समन के पीछे राजनीतिक साजिश बता रहे थे। हालाँकि, 31 जनवरी को जब उनसे ED ने पूछताछ की तो उन्होंने इसके बाद इस्तीफ़ा दे दिया। ED ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।

कब-कहाँ-कैसे करें सेक्स, चर्च में शादी के बाद थमाया नोट: चाहते थे अच्छा-गोरा-बुद्धिमान बच्चा, महिला की आपबीती सुन हाई कोर्ट भी हैरान

2012 में केरल के एक चर्च में उसकी शादी हुई। पहली ही रात ससुरालवालों ने उसे एक नोट थमाया। इसमें बताया गया था कि वह कब, कहाँ और कैसे सेक्स करे, जिससे वह एक ‘संस्कारी बच्चा’ पैदा कर सके। इस महिला की आपबीती सुनकर केरल हाई कोर्ट के जस्टिस भी हैरान रह गए।

हाई कोर्ट में याचिका दायर कर पीड़ित महिला ने ससुराल वालों पर कार्रवाई की माँग की है। उसका कहना है कि ससुराल के लोग उसे लड़का पैदा करने के लिए अलग-अलग तरीके बताते थे। इसके लिए नोट देते थे। एक पाउडर भी दिया गया था।

केरल का है मामला

39 वर्षीय पीड़ित महिला केरल के कोल्लम जिले की रहने वाली है। उसने न्याय पाने के लिए केरल हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। महिला ने बताया है कि उसकी 12 अप्रैल 2012 को मुवात्तुपूजा के होली मैगी चर्च में शादी हुई थी। शादी की रात पति ने उसे एक नोट दिया। इस नोट में इस बात को लेकर जानकारी दी गई थी कि वह कैसे एक लड़के को जन्म देने के लिए गर्भधारण कर सकती है।

इस नोट में बताया गया था कि किस समय, किस जगह और किस तरीके से संभोग करने पर 95% संभावना एक अच्छे, गोरे और बुद्धिमान लड़के को पैदा करने की है। महिला ने बताया कि उसके ससुराल वालों ने दावा किया यही विधि अमेरिका में रहने वाले उनके एक रिश्तेदार भी आजमा चुके हैं।

महिला ने बताया कि उसकी सास ने उसे कुछ पाउडर खिलाए और कहा कि इससे गोरा लड़का पैदा होगा। जो नोट महिला को दिया गया था, उसमें उससे गर्भ के दौरान महान व्यक्तित्वों के विषय में सोचने को कहा गया था। जब महिला ने सास से इस विषय में पूछा तो उनका जवाब सन्न करने वाला था। महिला से उसकी सास ने कहा कि ‘लड़कियाँ आर्थिक बोझ’ होती हैं, इसलिए वह अपने घर में लड़की नहीं पैदा होते देखना चाहती। महिला का कहना था कि लड़कियाँ पैसे ले जाती हैं, जबकि लड़के पैसे लाते हैं। महिला ने कहा है कि यह बहुत ही अपमानजनक था।

महिला ने बताया कि वह 2014 में अपने पति के साथ ब्रिटेन चली गई थी। यहाँ जब वह गर्भवती हो गई तो उसके पति ने उसके साथ बदसलूकी की। उसके पति ने आरोप लगाया कि वह गलत समय पर गर्भवती हुई है। पति ने उसके साथ अत्याचार करते हुए तीन माह बाद उसे घर भेज दिया, जहाँ कुछ समय बाद उसने एक लड़की को जन्म दिया।

महिला ने बताया कि बेटी के पैदा होने के बाद पति उससे और भी खिन्न हो गया। वह बेटी और उससे मिलने भी नहीं आता था और ना ही बेटी के लालन-पालन में कोई रूचि दिखाता था। महिला ने बताया कि वह अपनी बेटी को लेकर इस दौरान एक माह के लिए ब्रिटेन भी गई। लेकिन एक माह तक उसका पति अपनी बच्ची को देखने भी नहीं आया।

तलाक के बाद भी पीड़ा

महिला ने बताया कि वह इन सब चीजों से परेशान हो गई थी। बीते कुछ समय से तलाक की कार्यवाही चल रही थी। इसके अंतर्गत 2022 में अदालत ने निर्णय दिया कि उसके पति को हर महीने भरण-पोषण की धनराशि देनी होगी। इसके विरुद्ध भी उसके पति ने एक याचिका डाल दी। महिला ने बताया कि इसके बाद उसने कानूनी बारीकियों के विषय में जानकारी इकट्ठा की और अपने पति तथा ससुराल पक्ष के विरुद्ध मुकदमा दायर करने का निर्णय लिया।

महिला ने गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीक अधिनियम, 1994 के तहत अपने ससुराल पक्ष के विरुद्ध मुकदमा दायर किया है। यह किसी महिला के गर्भधारण के दौरान बच्चे के लिंग की जाँच या निर्धारण सम्बन्धी कार्यों पर रोक लगाता है। यह क़ानून देश में बच्चियों को कोख में ही मार दिए जाने से रोकने के लिए लाया गया था। केरल हाई कोर्ट ने इस मामले में महिला के पति और उसके परिजनों से जवाब माँगा है। अगली सुनवाई 29 फरवरी को है।

सिद्धू मूसेवाला की हत्या के 2 साल बाद 58 साल की माँ हुईं प्रेग्नेंट, IVF का लिया सहारा: रिपोर्ट्स में दावा- मार्च में होगा बच्चे का जन्म

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद खबर है कि उनकी माँ चरण कौल दोबारा से माँ बनने वाली है। रिपोर्ट्स बता रही हैं कि इस खबर को मूसेवाला के ताया/चाचा ने कन्फर्म किया है कि उनके घर जल्द ही खुशखबरी सुनाई देने वाली है।

बता दें कि चरण कौल की उम्र 58 साल है और उनके पति की उम्र 60 वर्ष की है। इस उम्र में माता-पिता बनने के लिए दोनों ने IVF का सहारा लिया है। ये भी बताया जा रहा है कि चरण कौर ने पिछले तीन-चार महीनों से घर के बाहर कदम भी नहीं रखा है। ऐसे में अनुमान है कि शायद उनकी डिलीवरी मार्च महीने में ही हो।

इस खबर के आने के बाद सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कोई हैरान हो रहा है खबर सुनकर तो कोई मजाक भी उड़ा रहा है। लेकिन कई सोशल मीडिया यूजर्स ऐसे हैं जो सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता की व्यथा को समझ कह रहे हैं उन्हें उम्मीद है बच्चा आने से चरण कौल और बलकौर सिंह का अकेलापन खत्म हो सकेगा।

गौरतलब है कि 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा गाँव में सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एक्टर की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मेंबर गोल्डी बराड़ ने ली थी। हमले के समय सिंगर पर ताबड़तोड़ 30 गोलियाँ चलाई गई थीं। जिस बंदूक से उन्हें मारा गया था वो ‘AN 94 Russian Assault Rifle’  थी। यह हथियार कितना घातक था, इसका अंदाजा इससे लगता है कि ये बंदूक बर्स्ट मोड में इससे 1800 गोलियाँ दागती है। वहीं फुल ऑटोमैटिक मोड में इससे हर मिनट 600 राउंड गोलियाँ निकलती हैं।

‘आक्रांता और बलात्कारी था अकबर, मीना बाजार से महिलाओं को उठाकर करता था रेप’: राजस्थान के शिक्षा मंत्री बोले- उसे महान कहना पाप

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा है कि मुग़ल शासक अकबर महान नहीं, बल्कि आक्रांता और बलात्कारी था। वह सुंदर-सुंदर महिलाओं और लड़कियों को उठाकर ले जाता था और उनके साथ दुष्कर्म करता था। उन्होंने कहा कि अकबर को महान करना मूर्खता है। उन्होंने अकबर को महान बताने वालों को गुलामी की मानसिकता से ग्रसित बताया और समीक्षा करवाने की बात कही।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर हाल ही में बालोतरा जिले में एक कार्यक्रम में पहुँचे थे। उनसे राज्य के शिक्षा पाठ्यक्रम में अकबर को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा, “अकबर महान बिलकुल भी नहीं था। अकबर एक आक्रांता था, जो मीना बाजार लगाकर सुंदर महिलाओं और लड़कियों को उठाकर ले जाता था और फिर उनके साथ दुष्कर्म करता था। ऐसे बलात्कारियों को किताबों में पढ़ाए जाने की कोई आवश्यकता नहीं है।”

उन्होंने कहा, “अकबर एक बलात्कारी था और कोई बलात्कारी कभी भी महान नहीं हो सकता। जिन लोगों ने पूर्व में पुस्तकें लिखी और अकबर को महान, उनकी मानसिकता गुलामी की रही होगी। उन्होंने गुलामी के कारण ही अकबर को पाठ्यक्रम में शामिल कर दिया। मैं इन पुस्तकों की समीक्षा करवा रहा हूँ। इसके लिए एक कमिटी बनाई जाएगी। यह बताएगी कि कौन सी पुस्तक में इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है।”

मदन दिलावर ने कहा, “आपने और हमने पढ़ा है कि अकबर महान था। मैंने कई जगह यह भी पढ़ा है कि अकबर महान था, परंतु वह मीना बाजार लगा करके सुंदर महिला और लड़कियों को उठाकर ले जाता था और जबरदस्ती उनके साथ बलात्कार करता था। पहली बात तो ये कि अकबर आक्रांता था। हमारे देशवासियों से उसका कोई नाता नहीं और फिर महिलाओं के साथ बलात्कार करने वाला कैसे महान हो सकता है। वो तो एक बलात्कारी था, जिसका नाम लेना भी हिंदुस्तान में पाप है।”

उनसे जब यह पूछा गया कि क्या वह स्कूली पाठ्यक्रम से किताबों को हटाएँगे तो उन्होंने कहा कि किताबों को हटाने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन जहाँ-जहाँ गलती है उसमें जरूर सुधार किया जाएगा। मंत्री मदन दिलावर का यह बयान अब चर्चा में है।

मदन दिलावर के बयान का समर्थन भाजपा नेता और केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी किया है। उन्होंने कहा है कि शिक्षा मंत्री ने कोई गलत बात नहीं बोली है। केद्रीय मंत्री सिंह ने कहा है कि महापुरुष महाराणा प्रताप, रानी लक्ष्मी बाई और शिवाजी जैसे वीरों को कॉन्ग्रेस ने इतिहास में उचित स्थान नहीं दिया।

Moghul Akbar was a rapist says rajasthan education minister madan dilawar