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मस्जिदों के अंदर इफ्तार पार्टी नहीं, इमाम नहीं ले सकेंगे चन्दा; अजान की रिकॉर्डिंग पर भी रोक: रमजान के लिए सऊदी अरब ने बनाए नए नियम

इस्लामी राष्ट्र सऊदी अरब ने रमजान माह के दौरान मस्जिदों के अंदर इफ्तार आयोजित करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। सऊदी अरब सरकार ने कहा है कि कोई भी इमाम मस्जिद के भीतर इफ्तार आयोजित नहीं करेगा। इसके साथ ही इफ्तार के लिए चन्दा लेने पर भी रोक लगाई गई है।

सऊदी अरब सरकार के इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने हाल ही में एक आदेश जारी करके आगामी रमजान महीने के लिए निर्देश जारी किए हैं। सऊदी अरब की सारी मस्जिदों का नियंत्रण इसी मंत्रालय के पास है। मंत्रालय ने कहा है कि रोजा खत्म होने के बाद शाम को आयोजित किए जाने वाले इफ्तार से मस्जिदों की साफ़ सफाई पर फर्क पड़ता है, मस्जिदों को साफ़ रखने के लिए इन इफ्तारों को यहाँ नहीं बल्कि अन्य स्थानों पर आयोजित किया जाए। इफ्तार आयोजित करने के बाद तुरंत इस स्थान की सफाई करवा दी जाए।

मंत्रालय ने कहा है इन मस्जिदों में इफ्तार आयोजित करने के लिए यहाँ के इमाम किसी भी प्रकार का चन्दा ना इकट्ठा करें। मंत्रालय ने यह भी आदेश दिया है कि मस्जिदों के अंदर लगे कैमरे से अजान कर रहे मुस्लिमों और इमाम की रिकॉर्डिंग ना की जाए, ना ही उनका फोटो खींचा जाए। इसका प्रसारण भी अन्य किसी मीडिया माध्यम से ना हो। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि मस्जिदों के भीतर भिखारियों को भीख माँगने से भी रोका जाए। मंत्रालय ने पिछले वर्ष भी ऐसे ही आदेश जारी किए थे।

गौरतलब है कि आगामी 11 मार्च से रमजान का महीना चालू हो रहा है जिसमें मुस्लिम रोजा रखते हैं। इस दौरान मुस्लिम भोर में खाते पीते हैं और फिर शाम में इफ्तार करते हैं। दिन में वह कुछ नहीं खाते। इसके अलावा रोजे के दौरान और भी कुछ नियम मानने होते हैं।

सऊदी अरब से ही इस्लाम की शुरुआत हुई थी। हालाँकि, बीते कुछ समय से यहाँ काफी बड़े बदलाव हो रहे हैं। सऊदी के वर्तमान प्रधानमंत्री और क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान बड़े बदलाव कर रहे हैं। वह ऐसे कई नियम खत्म कर रहे हैं जो कि आधुनिक सोच से मेल नहीं खाते। इसमें महिलाओं को गाड़ी चलाने की अनुमति देने जैसे निर्णय शामिल हैं।

51 दिन फरार TMC नेता शेख शाहजहाँ पर HC की फटकार के बाद FIR, संदेशखाली में MLA नौशाद सिद्दीकी गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेता शेख शाहजहाँ के खिलाफ 70 से अधिक शिकायतें मिलने के बाद राज्य की बंगाल पुलिस ने इस मामले में आखिरकार प्राथमिकी दायर कर ली है।

बशीरहाट के पुलिस अधीक्षक एचएम रहमान ने बताया कि उन्होंने तृणमूल कॉन्ग्रेस के फरार नेता शेख शाहजहाँ के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली है। उन्होंने कहा कि पुलिस को शाहजहाँ के विरुद्ध जितनी शिकायत मिली थी, अब उसके ऊपर एक्शन लिया जाएगा, एफआईआर हो चुकी है।

इस बीच पीड़िताओं से मिलने जाते वक्त ISF विधायक नौशाद सिद्दीकी को गिरफ्तार किए जाने की भी खबर है। वहीं पुलिस अधीक्षक ने उन मीडिया खबरों को फर्जी बताया जिसमें कहा जा रहा है कि संदेशखाली मामले में बंगाल पुलिस केस नहीं दर्ज कर रही। उन्होंने कहा ये बिलकुल झूठ है, केस दर्ज हो चुका है। उन्होंने संदेशखाली के लोगों से अपील की है कि कोई भी शख्स अपने हाथ में कानून को न ले वरना कानूनी एक्शन लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि संदेशखाली में कुछ महिलाएँ टीएमसी नेता शंकर सरदार के घर में घुस गई थीं। पुलिस फौरन वहाँ पहुँचकर एक्शन लिया और कुछ लोगों को हिरासत में लिया। हम लोगों को बार बार बता रहे हैं कि संदेशखाली के लोग कुछ भी हो पर कानून हाथध में न लें वरना पुलिस को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी होगी।

बता दें कि शेख शाहजहाँ की गिरफ्तारी पर इससे पहले कोलकाता हाई कोर्ट ने टिप्पणी की थी। अदालत ने साफ किया था कि शाहजहाँ शेख की गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं है। एफआईआर में भी बतौर आरोपी शाहजहाँ शेख का नाम है। ऐसे में उसे गिरफ्तार करने की जरूरत है। वहीं पार्टी ने भी कहा था कि टीएमसी नेता जो पिछले एक माह से फरार है उसे एक हफ्ते में गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस संबंध में राज्य मंत्री ब्रत्या बासु और टीएमसी प्रवक्ता कुनाल घोष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि हाई कोर्ट ने शेख शाहजहाँ को पकड़ने का अधिकार दे दिया है। अब उसने हफ्ते भर में पकड़कर दिखाएँगे।

लंदन में पढ़ाई, करोड़ों की नौकरी… सब छोड़ अबू धाबी के हिंदू मंदिर में सेवा कर रहे विशाल पटेल, रेगिस्तान में ढोए कंक्रीट: PM मोदी ने किया था उद्घाटन

खाड़ी देश संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबूधाबी में नवनिर्मित BAPS स्वामीनारायण मंदिर में सेवा करने के लिए एक व्यक्ति ने अपनी करोड़ों की नौकरी छोड़ दी। उन्होंने अपनी बैंकिंग क्षेत्र की नौकरी छोड़ यहाँ भगवान की सेवा करने का रास्ता चुना। उन्होंने मंदिर निर्माण में कारसेवा भी की।

स्वामीनारायण मंदिर में सेवा करने का रास्ता चुनने वाले इन व्यक्ति का नाम विशाल पटेल है। 43 वर्षीय विशाल पटेल का जन्म एक गुजराती परिवार में लंदन में हुआ था। वह 2016 में लंदन से UAE आकर बस गए थे। वह पहले लंदन में भी बैंकिंग क्षेत्र में काफी अच्छी नौकरी करते थे। इसके बाद वह UAE आकर दुबई इंटरनेशनल फाइनेंसियल सेंटर में काम करने लगे।

हालाँकि, जब वह लंदन में थे तब भी स्वामीनारायण मंदिर में सेवा करते थे। इसके बाद दुबई में जब उन्हें यह मौका मिला तो उन्होंने नौकरी छोड़ इसमें अपना पूरा समय देने का निर्णय लिया। उन्होंने मंदिर निर्माण के चालू होने के बाद यहाँ बन रही बाड़ लगाने का काम किया। उन्होंने यह कंक्रीट तक उठाया।

इसके बाद वह मंदिर में श्रद्धालुओं को प्रसाद बाँटने का काम करने लगे और जब मंदिर का उद्घाटन हुआ तो वह इसके मुख्य कम्युनिकेशन ऑफिसर बनाए गए। वह मंदिर का मीडिया सेल से जुड़ा हुआ काम देखते हैं। उनके आस और भी जिम्मेदारियाँ हैं।

विशाल ने खलीज टाइम्स को बताया, “2016 से ही मैं और मेरा परिवार UAE में रह रहे हैं। इससे पहले, मेरा फोकस मेरा करियर था क्योंकि मैं बड़ी इन्वेस्टमेंट बैंकों और हेज फंड में बड़े पदों पर था। हालाँकि, UAE में इस मंदिर में सेवा करने से मुझे समाज पर एक सकारात्मक प्रभाव डालने और ऐसे कामों में शामिल होने का मौक़ा मिला जो जिनसे समाज का भला होता है।”

विशाल ने बताया कि BAPS स्वामीनारायण के प्रमुख स्वामीजी ने उन पर बड़ा प्रभाव डाला है और वह लंदन के दिनों से ही स्वामीनारायण के बड़े भक्त हो चुके थे। उन्होंने बताया, “मैं लंदन के स्वामीनारायण मंदिर में फुटबॉल और क्रिकेट खेलता था। इस तरह मेरा मंदिर के साथ नाता बना। इसके बाद मैं यहाँ सेवा भी करने लगा और BAPS ने समाजसेवा को कैसे बढ़ाया, इसके विषय में मेरी समझ परिपक्व हुई। प्रमुख स्वामी महाराज जैसे धर्म गुरु की दूरदर्शिता ने मेरे जैसे बच्चों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है।”

विशाल ने बताया कि उनकी करियर में भी BAPS स्वामीनारायण मंदिर का बड़ा रोल है। उन्होंने कहा कि 2002 के आसपास जब वह नौकरी ढूंढ रहे थे तो उनके सामने अनेकों चुनौतियाँ थी। तब नौकरियों के बाजार में मंदी आई हुई थी। ऐसे में उन्हें मंदिर में सेवा करते समय एक बड़ी इन्वेस्टमेंट फर्म मेरिल लिंच के एक अधिकारी मिले जिन्होंने उन्हें करियर सम्बन्धी सलाह दी।

गौरतलब है कि अबूधाबी के इस मंदिर का उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 फरवरी को किया था। इस मंदिर को 7 शिखर के साथ निर्मित किया गया है। नागर शैली में बने इस मंदिर का अगला हिस्सा वैश्विक मूल्यों की ओर इंगित करता है, वहीं जहाँ विभिन्न संस्कृतियों में सद्भाव का संदेश है, हिन्दू ऋषि-मुनियों को दर्शाया गया है और अवतारों की गाथाएँ कही गई हैं। ये मंदिर परिसर 27 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें से 13.5 एकड़ में मुख्य मंदिर है।

आलम,अशरफ, इरफान, फुरकान… रामनवमी हिंसा में NIA ने 16 को पकड़ा, फुटेज से हुई पहचान: बंगाल में छतों से शोभा यात्रा पर बरसाए थे पत्थर

पश्चिम बंगाल में राम नवमी हिंसा मामले की जाँच के दौरान राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी NIA इंडिया ने अपने एक्स पर प्रेस रिलीज जारी करके साझा की है। इसमें एनआईए ने बताया कि राम नवमी के दिन जिस प्रकार से शोभा यात्रा पर साजिश के तहत सांप्रदायिक हमला हुआ उस बाबत 16 आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं।

ये गिरफ्तारी जाँच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर हुई। वीडियोज से जो फुटेज निकाले गए उनसे हुई। पूरा मामला 30 मार्च 2023 का है। उत्तर दिनाजपुर के दालखोला में राम नवमी के दिन शोभा यात्रा निकाली जा रही थी, तभी एक समुदाय के लोग वहाँ आए और शोभा यात्रा में शामिल लोगों पर हमला कर दिया।

पुलिस ने शुरू में इस मामले में 162 लोगों के विरुद्ध केस को दर्ज किया था। बाद में ये केस 27 अप्रैल 2023 को हाई कोर्ट के ऑर्डर पर एनआईए को ट्रांसफर किया गया। एनआईए ने इस मामले की जाँच पड़ताल के बाद बताया कि उन्होंने अब 16 लोगों को गिरफ्तार किया।

इन लोगों के नाम अफरोज आलम, मोहम्मद अशरफ, मोहम्मद इम्तियाज आलम, मोहम्मद इरफान आलम, कैसर, मोहम्मद फरीद आलम, मोहम्मद फुरकान आलम, मोहम्मद पप्पू, मोहम्मद सुलेमान, मोहम्मद सरजान, मोहम्मद नुरूल हुडा, वसीम आर्या, मोहम्मद सलाऊद्दीन, मोहम्मद जन्नथ, वसीम अकरम, मोहम्मद तनवीर आलम है। ये सारे लोग दारखोला के रहने वाले हैं।

HC ने भी माना कि हिंसा की तैयारी पहले से थी

गौरतलब है कि बंगाल में पिछले साल राम नवमी पर जो हिंसा हुई थी उसके बाद कोर्ट ने भी रिपोर्ट देख कहा था हिंसा के लिए पहले से तैयारी की गई थी। हाई कोर्ट ने कहा था– “आरोप है कि छतों से पत्थर फेंके थे। जाहिर है कि पत्थर 10-15 मिनट में छत पर नहीं ले जाया जा सकता। यह खुफिया तंत्र की विफलता है। यहाँ समस्या दो समस्याएँ हैं। पहली यह है कि हिंसा दो समूहों के बीच हुई है। दूसरी समस्या यह है कि एक तीसरा समूह इस हिंसा का लाभ उठा सकता है। ऐसी स्थिति में इसकी जाँच केंद्रीय जाँच एजेंसी द्वारा की जानी चाहिए। यदि राज्य पुलिस इस मामले की जाँच करती है तो उसके लिए यह पता लगाना मुश्किल होगा कि इस हिंसा से किसको लाभ हो रहा।”

ममता बनर्जी ने हिंदुओं को दी थी मुस्लिम इलाके में न जाने की सलाह

इसी हिंसा मामले से पहले ममता बनर्जी ने रामनवमी के अवसर पर हिंदुओं को मुस्लिम इलाकों में न जाने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि ये रमजान का महीना है। ऐसे में मुस्लिम इलाकों में राम नवमी का जुलूस न निकालें। उन्होंने ये भी कहा था कि अगर ऐसा हुआ तो फिर आरोपितों को कोर्ट छोड़ेगा नहीं।

आर्टिकल 370 ने बॉक्स ऑफिस पर गाड़ा झंडा, लेकिन खाड़ी के मुस्लिम देशों में लग गया बैन, जानिए क्या है पूरा मामला

भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल-370 को हटाया था, तो पाकिस्तान ने दुनिया भर में जमकर हल्ला मचाया। हालाँकि उसके हल्ले के बावजूद उसे कुछ खास समर्थन नहीं मिला। अब इस पूरे मुद्दे पर आर्टिकल-370 नाम की फिल्म आई है, जो बॉक्स ऑफिस पर झंडे गाड़ रही है। इस फिल्म ने शुरुआती तीन दिनों में ही करीब 26 करोड़ का बिजनेस कर लिया। इस बीच, खबर सामने आ रही है कि खाड़ी देशों के 6 देशों में से 5 देशों ने आर्टिकल 370 फिल्म पर बैन लगा दिया है।

न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, आर्टिकल 370 फिल्म सिनेमा घरों में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। घरेलू बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म ने शुक्रवार, शनिवार और रविवार को कुल मिलाकर 25.45 करोड़ की कमाई कर डाली है। वर्ल्ड वाइड ये कलेक्शन 35-36 करोड़ का बताया जा रहा है। खुद पीएम मोदी ने अपने भाषण में इस फिल्म की तारीफ करते हुए इसका उल्लेख किया था। इस बीच, ये फिल्म मुस्लिम देशों की आँख में खटकने लगी है। खाड़ी देशों के 6 में से 5 देशों कुवैत, ओमान, सऊदी अरब, कतर और बहरीन में इस फिल्म पर बैन लगा दिया गया है। हालाँकि मुख्य देश संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है।

आर्टिकल 370 हटाना आजादी के बाद किसी भी सरकार का सबसे बड़ा फैसला

आर्टिकल 370 की सफलता पर आदित्य धर ने एएनआई से बातचीत में कहा, “हम केवल कड़ी मेहनत कर सकते थे, जो हमने पूरे दिल से किया। एक बार फिल्म रिलीज होने के बाद, हम वास्तव में कुछ नहीं कर सकते। हम बस अपना काम सौंप देते हैं। दर्शक ही इसे सारा प्यार और सम्मान देते हैं। इस फिल्म में हमने कई वास्तविक जीवन के लोगों का प्रतिनिधित्व किया है जिन्होंने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के लिए बहुत मेहनत की है। हमारा मुख्य उद्देश्य वास्तविक जीवन के संघर्ष को उपयुक्त रूप से दिखाना था।”

उन्होंने आगे कहा, “हमने इस तरह की प्रतिक्रिया और हमारी फिल्म को मिलने वाले भारी प्यार की कल्पना नहीं की थी। जिन लोगों ने हमारी फिल्म को एजेंडा या प्रचार के रूप में देखा, हमने उनसे ही पूछा था इस पर निर्णय लेने से पहले फिल्म देखें। अनुच्छेद 370 को हटाना आजादी के बाद किसी भी सरकार द्वारा लिया गया सबसे बड़ा फैसला था।”

इस फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर जोरदार प्रदर्शन के बीच यानी गौतम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके बताया है कि जब हम इस फिल्म को बना रहे थे, तब काफी लोगों ने कहा कि फिल्म नहीं चलेगी, लेकिन हम अपने इरादे से डिगे नहीं और नतीजा सामने है।

यामी गौतम ने एक्स पर लिखा, “जब हम ‘आर्टिकल 370’ बना रहे थे, तो कई लोगों ने हमसे कहा कि यह फिल्म दर्शकों के बीच नहीं चलेगी। ये फिल्म बहुत टेक्निकल और पॉलिटिकल है, लेकिन हम साहस के साथ आगे बढ़े क्योंकि हम जानते थे कि विरोध करने वाले हमारे दर्शकों को कम आँक रहे थे। उन्हें बिल्कुल ग़लत साबित करने के लिए आप सभी का धन्यवाद। हमारी छोटी सी फिल्म को इतना प्यार देने के लिए बड़े दिल से बहुत-बहुत धन्यवाद। हम विनम्र हैं और आप सभी के सदैव आभारी रहेंगे। धन्यवाद! जय हिन्द!”

इस फिल्म के डोमेस्टिक कलेक्शन को लेकर फिल्म समीक्षक और ट्रेड एनलिस्ट तरन आदर्श ने कहा है कि ये फिल्म शानदार कमाई कर रही है। उन्होंने बताया कि फिल्म ने अपने पहले वीकेंड में झंडे गाड़ दिए हैं।

यामी गौतम की लीड रोड वाली आर्टिकल 370 फिल्म को आदित्य सुहाष जांभाले ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म की यामी गौतम के पति आदित्य धर, अर्जुन धवन और डायरेक्टर आदित्य ने मिल कर लिखी है। आदित्य धर ही इस फिल्म के प्रोड्यूसर भी हैं। इस फिल्म में अरुण गोविल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का किरदार निभाया है। इस फिल्म को भले ही खाड़ी के 5 देशों में बैन कर दिया गया हो, लेकिन इसकी कमाई की रफ्तार को देखकर ये साफ लग रहा है कि ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बेहद सफल होने जा रही है।

‘हालेलुइया… मैं गरीब थी अब MLA बन गई हूँ’: जो पादरी रेप के आरोप में हुआ था गिरफ्तार, उसके पैरों में झुकी कॉन्ग्रेस की महिला विधायक; Video वायरल

छत्तीसगढ़ में जब भूपेश बघेल के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस की सरकार चल रही थी तो उस पर ईसाई धर्मांतरण को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहते थे। अब बीजेपी ने एक वीडियो जारी कर इसे उस सरकार की करतूतों का प्रमाण बताया है। इस वीडियो में कॉन्ग्रेस की महिला विधायक रेप के आरोप में गिरफ्तार हो चुके पादरी बजिंदर सिंह के पैरों में झुकती दिखाई पड़ रही हैं। साथ ही मंच से कह रही हैं कि पादरी बजिंदर की कृपा से ही वह विधायक बनी हैं।

यह वायरल वीडियो किसी चंगाई सभा का बताया जा रहा है। इसमें MLA कविता प्राण लहरे हालेलुइया कहते हुए पादरी बजिंदर सिंह के पैर छूती दिखाई दे रहीं हैं। सफाई में कॉन्ग्रेस विधायक ने कहा है कि यह वीडियो जालंधर का है और भाजपा उनके खिलाफ साजिश रच रही है।

वायरल वीडियो 5 मिनट का है। इसमें पादरी बजिंदर सिंह मंच पर छत्तीसगढ़ की बिलाईगढ़ विधानसभा से विधायक कविता प्राण लहरे को ‘शाबाश’ कह कर बुलवाता है। तभी भीड़ से हालेलुइया के नारे लगने लगते हैं। बजिंदर सिंह ने कविता का परिचय करवाते हुए कहा कि परमेश्वर ने उनका आदर बढ़ाया है। कविता ने मंच पर आकर बजिंदर सिंह के पैर छुए। बजिंदर ने यह भी दावा किया कि उसने कविता के विधायक बनने की भविष्यवाणी पहले ही कर दी थी।

कविता प्राण लहरे ने मंच पर अपने सम्बोधन की शुरुआत भी हालेलुइया शब्द से की। फिर उन्होंने जय मसीह और यीशु मसीह की जयकार की। कविता ने बताया कि वो 11 दिसंबर 2022 को पादरी बजिंदर के पास गईं थीं। कविता बजिंदर सिंह को प्रभु का दास बताती हैं। उन्होंने ऑटो वालों से भी सिर्फ बजिंदर सिंह के पास छोड़ कर आने की अपील की थी। कविता ने खुद को बेहद गरीब परिवार की बेटी बताते हुए कहा, “तब पप्पा जी (बजिंदर सिंह) ने कहा कि बेटी तू चिंता मत कर। 2023 में प्रभु तुझे बहुत बड़ा पद देने जा रहे हैं।”

बजिंदर सिंह को पप्पा जी कहते हुए कविता ने आगे खुद को उनकी बेटी बताया और कहा कि उनके ही आशीर्वाद से आगे सब ठीक होता चला गया। इस दौरान बजिंदर ने कविता लहरे के सिर पर हाथ फेरा और भीड़ ने जोर-जोर से फिर से हालेलूइया का नारा लगाया। कविता ने भविष्य में भी पादरी बजिंदर का आशीर्वाद खुद पर बने रहने की इच्छा जताई। फिर कविता ने सबके आगे बजिंदर सिंह के पैरों पर अपना सिर रख कर उन्हें प्रणाम दिया। महिला विधायक का उदाहरण देते हुए बजिंदर सिंह ने बाकी लोगों से भी उनकी ही तरह परमेश्वर पर विश्वास रखने की अपील की।

बजिंदर ने 2022 की वो वीडियो भी लोगों को दिखाई जब कविता प्राण लहरे पहली बार उनके पास आईं थीं। तब मास्क पहने बजिंदर ने उनके सिर पर हाथ फेरा था और किस्मत बदलने का श्रेय खुद को दिया। इस दौरान भीड़ ने आमीन, आमीन का नारा लगाया। अंत में पीछे से गाने की आवाज आने लगती है और कविता लहरे अपने पति सहित पादरी का आशीर्वाद ले कर मंच से उतर जाती हैं।

इस वीडियो को शेयर करते हुए छत्तीसगढ़ भाजपा ने लिखा, “ये हैं बिलाईगढ़ की विधायक कविता प्राण लहरे। एक समुदाय ने इनका ही माइंड वॉश कर दिया। कह रही पप्पा ने मेरा सब कुछ किया है। 5 साल के शासनकाल में कॉन्ग्रेस की सरकार ने एक समुदाय और धर्मांतरण को इतना बढ़ावा दिया ये उसका साक्षात उदाहरण है। ऐसी कृत्यों की कड़ी भर्त्सना करनी चाहिए। बिलाईगढ़ की जागरूक जनता, देख लीजिए अपने विधायक को।”

कॉन्ग्रेस विधायक ने वीडियो को माना सही

वायरल वीडियो कब का है, इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। वीडियो सामने आने के बाद कॉन्ग्रेस विधायक ने भारतीय जनता पार्टी पर खुद के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे जालंधर में पादरी बजिंदर सिंह के कार्यक्रम का वीडियो बताते हुए चुनाव जीतने के बाद वहाँ जाना स्वीकार किया है। कविता ने वीडियो सामने लाने पर भाजपा को धन्यवाद दिया। हालाँकि उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि उन्होंने उनकी वो वीडियो क्यों नहीं दिखाई जिसमें वो कई हिन्दू मंदिरों में पूजा करती दिख रही हैं।

रेप केस में गिरफ्तार हुआ था बजिंदर

गौरतलब है कि सूट-बूट वाला पादरी कहा जाने वाला बजिंदर सिंह रेप का आरोपित भी रह चुका है। साल 2017 में यह आरोप उसकी ही अनुयायी ने लगाया था। तब पुलिस ने पादरी बजिंदर सिंह पर रेप करने की धारा 376, 420, 354, 294, 323, 506, 147, 149 व 67 आईटी एक्ट की धारा के तहत केस दर्ज किया था। वह 21 जुलाई 2018 को दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से लंदन भागने की फिराक में था, तभी पुलिस ने उसे धर दबोचा था।

बजिंदर सिंह कॉन्ग्रेस विधायक कविता की तरह सलमान खान जैसे तमाम अन्य नामचीन लोगों के बारे में भी भविष्यवाणी करने का दावा करता है। चंगाई सभाओं के दौरान उसकी नजर सुंदर लड़कियों पर होती है जिन्हे वो अपनी स्पेशल टीम में शामिल करने की कोशिश करता है। मूलतः बजिंदर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का निवासी बताया जाता है, लेकिन उसका पासपोर्ट राजस्थान से बना हुआ है।

‘नेता के क्रिकेटर बेटे पर चिल्लाया तो छिन गई कप्तानी’: जिस क्रिकेटर ने ऑस्ट्रेलिया में गाड़ दिया था खूँटा, जानिए आंध्र प्रदेश में किसके कारण उड़ी उनकी गिल्ली

इंटरनेशनल क्रिकेट स्टार हनुमा विहारी को इस रणजी ट्रॉफी के पहले मैच के बाद ही आंध्र प्रदेश टीम की कप्तानी से हटा दिया गया। अब इसकी वजह सामने आई है। हनुमा विहारी ने सोशल मीडिया पर इस राज को खोला है कि उन्हें क्यों आंध्र प्रदेश की रणजी टीम की कप्तानी से हटाया गया। उन्होंने बताया है कि एक टीम मेट को डाँट लगाने की वजह से उन्हें कप्तानी छोड़नी पड़ी, क्योंकि उस खिलाड़ी के पिता एक नेता हैं और उनकी शिकायत पर बिना किसी ‘खास’ गलती के कप्तानी से हटा दिया गया।

इसके साथ ही हनुमा विहारी ने ऐलान कर दिया है कि वो फिर कभी आंध्र प्रदेश की टीम के लिए क्रिकेट नहीं खेलेंगे। उन्होंने कहा कि आखिरी के 7 सत्र में से 5 में जिस टीम को उन्होंने नॉक-आउट में पहुँचाया, उस टीम को उन्होंने छोड़ दिया है।

हनुमा विहारी ने सोशल मीडिया पर बताया, “बंगाल के खिलाफ पहले गेम में मैं कप्तान था। उस मैच के दौरान मैं 17वें खिलाड़ी पर चिल्लाया और उसने अपने पिता (जो एक राजनेता हैं) से शिकायत कर दी। बदले में उसके पिता ने एसोसिएशन से मेरे खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा। हालाँकि, हमने पिछले साल के फाइनलिस्ट बंगाल के खिलाफ 410 रनों का पीछा किया था, लेकिन मुझे बिना किसी गलती के कप्तानी से इस्तीफा देने के लिए कहा गया था।”

हनुमा ने आगे लिखा, “मैंने खिलाड़ी को व्यक्तिगत रूप से कभी कुछ नहीं कहा लेकिन संघ ने सोचा कि वह खिलाड़ी उस व्यक्ति से अधिक महत्वपूर्ण है जिसने पिछले साल अपना शरीर दाँव पर लगा दिया और बाएँ हाथ से बल्लेबाजी की। पिछले सात साल में पाँच बार आंध्र को नॉकआउट में जगह दिलाई और भारत के लिए 16 टेस्ट खेले। दुखद बात यह है कि संघ का मानना है कि वे जो भी कहें खिलाड़ी को वह सुनना होगा और खिलाड़ी उनकी वजह से ही वहाँ हैं। मैंने फैसला किया है कि मैं आंध्र प्रदेश के लिए कभी नहीं खेलूँगा, जहाँ मैंने अपना आत्मसम्मान खो दिया है। मैं टीम से प्यार करता हूं, जिस तरह से हम हर सत्र में प्रगति कर रहे थे वह मुझे पसंद है, लेकिन संघ नहीं चाहता कि हम आगे बढ़ें।”

हालाँकि हनुमा विहारी ने किसी खिलाड़ी के नाम का जिक्र नहीं किया था, लेकिन आंध्र के विकेटकीपर बल्लेबाज केएन पृथ्वी राज ने सामने आकर खुद ही जवाब दिया। अभी तक सिर्फ एक ही फर्स्ट क्लास मैच खेलने वाले पृथ्वी ने इंटाग्राम पर ही लिखा, “सभी को नमस्कार… मैं वही आदमी हूं जिसे आप लोग कमेंट बॉक्स में खोज रहे हैं। आप लोगों ने जो भी सुना वह बिल्कुल झूठ है। खेल से बड़ा कोई नहीं है और मेरा स्वाभिमान किसी भी चीज से कहीं ज्यादा बड़ा है। व्यक्तिगत हमले और अभद्र भाषा किसी भी तरह से अस्वीकार्य हैं। टीम में हर कोई जानता है कि उस दिन क्या हुआ था। इस सहानुभूति के खेल को आप जैसे चाहें खेलें।”

इस पूरे मामले के सामने आ जाने के बाद हनुमा विहारी ने एक और पोस्ट किया। इसमें उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों पर पूरी टीम के सिग्नेचर वाला एक लेटर पोस्ट किया है। इसमें खिलाड़ियों ने बताया है कि आखिर उस दिन हुआ क्या था और जिस बात को पृथ्वी पर्सनल लेकर गए, वो हमेशा टीम में होता रहता है ताकि खिलाड़ियों का मनोबल बढ़े। इस लेटर पर हनुमा विहारी और पृथ्वी के अलावा बाकी सभी 15 खिलाड़ियों के सिग्नेचर हैं।

इस चिट्ठी में लिखा है, “एक खिलाड़ी ने शिकायत की है कि विहारी ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और आक्रामक रवैया दिखाया, लेकिन ये सच नहीं है। टीम में इस तरह की भाषा बहुत सामान्य है। ऐसा टीम और खिलाड़ियों से बेस्ट निकालने के लिए किया जाता है, जो ड्रेसिंग रूम में लंबे समय से इस्तेमाल हो रहा है। लेकिन एक खिलाड़ी ने इसे पर्सनली ले लिया, जिसके सभी खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ गवाह हैं। हम चाहते हैं कि विहारी ही हमारे कप्तान बने रहें।”

कौन हैं पृथ्वी और उनके पिता?

इस पूरे मामले में केएन पृथ्वी राज नाम के जिस खिलाड़ी का नाम आ रहा है और उनके पिता का नाम आ रहा है, उनका नाम है कुंत्रापकम नरसिम्हा। बताया जा रहा है कि वो तिरुपति वार्ड नंबर 25 से वाईएसआरसीपी पार्टी के पार्षद हैं।

गौरतलब है कि हनुमा विहारी लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर हैं। उन्होंने 16 टेस्ट मैच खेले हैं। उन्होंने 33 के औसत से 839 रन बनाए हैं, जिसमें पाँच अर्धशतक और 1 शतक भी शामिल है। विहारी ने भारत के लिए पहला टेस्ट मैच 2018 में और आखिरी टेस्ट 2022 में खेला था। उनके करियर के 16 मैचों में से 10 में विराट कोहली कप्तान रहे हैं।

शब-ए-बारात की रात 5 मंदिरों में तोड़फोड़, CCTV में इस्लामी टोपी में दिखे हमलावर: पश्चिम बंगाल के हावड़ा की घटना, विरोध में हिंदुओं का प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में कई हिन्दू मंदिरों में तोड़फोड़ की खबर है। क्षतिग्रस्त मंदिरों की तादाद 5 बताई जा रही है। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने एक्स/ट्विटर पर तोड़फोड़ से प्रभावित मंदिरों की तस्वीरें और वीडियो साझा की है। फुटेज में टोपी पहने कुछ लोगों को मंदिरों को नुकसान पहुँचाते देखा जा सकता है। रविवार (25 फरवरी 2024) की इस घटना से नाराज हिन्दू संगठनों ने अगले दिन विरोध प्रदर्शन किया है। उन्होंने हमलावरों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की माँग उठाई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक रविवार को घटी यह घटना हावड़ा जिले के बांकरा शहर की है। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस हरकत की निंदा करते हुए अपने X हैंडल पर लिखा, “पिछली रात उपद्रवियों ने बाँकड़ा में 5 सनातनी मंदिरों में तोड़फोड़ की है। विरोध स्वरूप स्थानीय लोग रेल यातायात रोक रहे हैं। मैं हावड़ा के पुलिस कमिश्नर IPS प्रवीण कुमार त्रिपाठी और DGP पश्चिम बंगाल से इस घटना के दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का अनुरोध करता हूँ।”

सुवेंदु द्वारा शेयर की गई तस्वीरों में मूर्तियाँ अस्त-व्यस्त हालात में दिखाई दे रहीं हैं। चंदन और फूल आदि बेतरबीब तरीके से बिखरे हैं। दूसरी तस्वीर में लोगों को रेलवे ट्रैक पर भगवा झंडों के साथ खड़े देखा जा सकता है। विरोध कर रहे इन लोगों में महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं। तीसरे 1 मिनट 45 सेकेंड के वीडियो में टोपी पहने लोगों का एक पूरा ग्रुप दिख रहा है। इन सभी को रात में मंदिरों को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करते देखा जा सकता है। माना जा रहा है कि तोड़फोड़ की यह घटना शब-ए-बारात के दौरान की है।

हिंदुओं द्वारा विरोध-प्रदर्शन सोमवार (26 फरवरी 2024) को हुआ। सुवेंदु अधिकारी ने अपने एक अन्य ट्वीट में लोगों से हालात सामान्य करने और सार्वजनिक परिवहन के माध्यमों को न रोकने की अपील की है। उन्होंने उचित तरीके से विरोध की अपील करते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस पर उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में हीलाहवाली करने का भी आरोप लगाया है। सुवेंदु ने कहा कि पश्चिम बंगाल पुलिस की इसी कार्यशैली की वजह से बार-बार हिन्दुओं को निशाना बनाया जा रहा है। हालात तनावपूर्ण देखते हुए प्रभावित क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

7 दिन में गिरफ्तार कर लिया जाएगा शाहजहाँ शेख: संदेशखाली पर हाई कोर्ट की फटकार के बाद TMC ने बताया टाइमलाइन, ममता से लेकर अभिषेक बनर्जी तक कर चुके हैं बचाव

संदेशखाली के ‘हैवान’ शेख शाहजहाँ को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उसके खिलाफ कोई स्टे ऑर्डर नहीं है। लोगों में भ्रम फैलाया जा रहा है कि कोर्ट ने शेख शाहजहाँ की गिरफ्तारी पर स्टे ऑर्डर दिया है, लेकिन ऐसा कोई ऑर्डर ऑन रिकॉर्ड नहीं है। कुछ यही कहा कलकत्ता हाई कोर्ट ने, जिसने संदेशखाली में हुई हैवानियत के मामले को स्वत: संज्ञान में लिया है। दरअसल, रविवार की शाम को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सांसद भतीजे अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि कोर्ट के ऑर्डर की वजह से शेख शाहजहाँ को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है। हालाँकि अब टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा है कि शेख शाहजहाँ को 7 दिनों के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ये बात अलग है कि उन्होंने अब भी कोर्ट के स्टे की बात को बहाना बनाते हुए 7 दिनों के वक्त की बात कही है।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस बयान का भी संज्ञान लिया है। इस मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि क्यों शेख शाहजहाँ के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं हो रही है, क्या उस पर कोई रोक है? हाई कोर्ट ने कहा कि शेख शाहजहाँ के खिलाफ एफआईआर दर्ज है और वो मुख्य आरोपित है। ऐसे में उसे तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए। हाई कोर्ट ने कहा, “एक गलत धारणा बनाई गई है कि शाहजहाँ शेख की गिरफ्तारी पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश दिया गया है जबकि इस तरह की कोई भी रोक नहीं लगाई गई है, इसलिए उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए।”

बता दें कि टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने रविवार की रात एक बयान में कहा कि बंगाल सरकार कोर्ट के आदेश की वजह से शाहजहाँ शेख को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। कोर्ट के आदेश से पुलिस के हाथ बंधे हुए हैं। कोर्ट मे उनके इसी बयान को स्वत: संज्ञान में लिया है।

हाई कोर्ट ने कहा कि शेख शाहजहाँ के खिलाफ 4 साल से मामले शिकायतें आ रही हैं। अब तक 42 चार्जशीट दाखिल हो चुके हैं, इसके बावजूद उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? एक माहौल बनाया गया है कि उसकी गिरफ्तारी पर कोर्ट ने स्टे दिया है, जबकि हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं है। ऑन रिकॉर्ड उसकी गिरफ्तारी पर रोक का कोई ऑर्डर नहीं है। सैकड़ों लोग सड़कों पर है, फिर भी कार्रवाई न होना हैरानी भरी बात है। हाई कोर्ट ने अधिकारियों को कार्रवाई न करने के लिए फटकार भी लगाई।

सिर्फ अभिषेक बनर्जी ही नहीं, बल्कि ममता बनर्जी भी शेख शाहजहाँ का बचाव कर चुकी हैं। ममता बनर्जी ने कहा था कि संदेशखाली में आरएसएस का बेस है। पश्चिम बंगाल की विधानसभा में ममता बनर्जी ने कहा कि संदेशखाली में बाहर से आकर बीजेपी के कार्यकर्ता मास्क पहनकर बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वहाँ टारगेट शाहजहाँ शेख था। ED ने सबसे पहले उसे निशाने पर लिया और अब बीजेपी बाहर से लोगों को ला रही है। शाहजहाँ को एक तरह से क्लिनचिट देते हुए ममता ने कहा, “इस मामले में हमने एक्शन लेते हुए एक कमेटी बनाई है।”

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले में कहा है कि तिल को ताड़ बनाया जा रहा है। वह बोलीं कि कुछ समय पहले संदेशखाली में एक घटना घटी। पहले ईडी की टीम को यहाँ भेजा गया। इसके बाद उनके मित्र भाजपा के लोग यहाँ घुसे। फिर तिल का ताड़ बनाया गया। ममता बनर्जी ने कहा, “मैं अफसरों को भेजूँगी, जिनकी जो शिकायत हो बताएँ। अगर किसी ने कुछ लिया है, तो सब कुछ वापस किया जाएगा।”

इस बीच, टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने एक्स पर लिखा, “शेख शाहजहाँ को गिरफ्तार किया जाएगा। अभिषेक बनर्जी ने सही कहा है कि ये मामला कोर्ट में था। विपक्ष सिर्फ राजनीतिक फायदा देख रहा था। हाई कोर्ट को शुक्रिया, कि उसने इस मामले में सच्चाई सामने रख दी है और पुलिस को कार्रवाई की अनुमति दी है। शाहजहाँ अगले 7 दिनों के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”

महिलाओं का हल्लाबोल, टीएमसी नेता के घर पर हमला

इस बीच, संदेशखाली के पोलपारा में महिलाओं ने टीएमसी नेता शंकर सरदार के घर पर हमला बोल दिया। उन्होंने उसके घर पर तोड़फोड़ की, जिसके बाद भारी संख्या में पुलिस को तैनात किया गया है। शंकर सरकार की पत्नी की शिकायत के बाद मौके पर पहुँची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहाँ से हटाया। शंकर सरदार का घर संदेशखाली के पोलपारा गाँव में है। मौके पर पुलिस के साथ ही आरएएफ की भी तैनाती की गई है।

गौरतलब है कि 8 फरवरी 2024 से संदेशखाली में महिलाओं और प्रदर्शनकारियों द्वारा शेख शाहजहाँ पर यौन उत्पीड़न और जमीनों को हड़पने के खिलाफ लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने कहा कि उसे टीएमसी नेता और उनके सहयोगियों के खिलाफ आदिवासी परिवारों से “यौन शोषण और भूमि हड़पने” की 70 शिकायतें मिली हैं। राज्य सरकार के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें अशांत क्षेत्र से लगभग 1,250 शिकायतें मिली हैं, जिनमें 400 भूमि मुद्दों से संबंधित हैं। लेकिन अब तक शेख शाहजहाँ को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है।

फरीदा के प्यार में खुद तोड़ी मजहब की दीवार, पर गायकी से फैन का करवा दिया ब्रेकअप: जब फरमाइशी गजल के लिए पंकज उधास पर तान दी गई थी पिस्टल

प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक पंकज उधास का आज (26 फरवरी,2024) को निधन हो गया। उनकी आयु 72 वर्ष थी और वह लम्बे समय से बीमार चल रहे थे। पंकज उधास के निधन की जानकारी उनकी बेटी नायाब उधास ने दी है। उनका निधन आज सुबह 11 बजे हुआ। उनका कल (27 फरवरी, 2024) को मुंबई में ही अंतिम संस्कार होगा।

उनकी बेटी ने एक इन्स्टाग्राम पोस्ट में बताया, “भारी मन के साथ हमें आपको सूचित करना पड़ रहा है कि पद्मश्री पंकज उधास जी 26 फरवरी, 2024 को लम्बी बीमारी के कारण निधन हो गया है।” उनका निधन मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ।

उनके निधन के बाद अब कई पुराने किस्से सामने आ रहे हैं। इनमें उनके द्वारा कॉमेडियन कपिल शर्मा के शो में सुनाए गए किस्से काफी रोचक हैं। उनके विवाह के बारे में भी कहानी सामने आई है कि कैसे उन्होंने दूसरे धर्म की अपनी गर्लफ्रेंड से शादी की।

पड़ोसी ने पंकज उधास की फरीदा से करवाई पहचान

पंकज उधास ने एयर होस्टेस रहीं फरीदा से विवाह किया था। उनकी फरीदा से मुलाक़ात उनके ही एक पड़ोसी ने करवाई थी। जब पंकज की मुलाक़ात फरीदा से हुई थी तब वह छात्र थे जबकि फरीदा एक एयरलाइन में एयरहोस्टेस थीं। उन्होंने जब कुछ समय के बाद शादी निर्णय लिया तो उनके परिवार राजी नहीं हुए क्योंकि फरीदा पारसी थीं और वह हिन्दू थे। दूसरी तरफ फरीदा का कहना था कि वह तभी शादी करेंगी जब दोनों परिवार राजी होंगे। फरीदा के परिवार के राजी होने के बाद उन्होंने उनसे शादी की थी।

गजल के लिए तन गई पिस्टल

उन्होंने कॉमेडियन कपिल शर्मा के शो पर बताया था कि एक गजल की फरमाइश को लेकर एक व्यक्ति ने उन्हें रिवॉल्वर दिखा दिया था। कपिल ने उनसे और गायक हरिहरन से प्रश्न पूछा कि क्या उनकी इच्छा के विपरीत किसी ने कभी गाने की कोई फरमाइश की है। उस पर उन्होंने बताया, “मेरे साथ ऐसा हुआ है, ये लगभग 25 साल पहले की बात है। मैं एक पब्लिक शो में गा रहा था, ये एक ओपन एयर शो था। मैंने दो तीन गजलें गई होंगी, इस बीच आयोजकों में से एक साहब आए और कान में कह गए कि फलाँ फलाँ गजल है, सुना दो।”

आगे उन्होंने बताया, “मेरा मूड अलग था, मैंने कहा कि क्यूँ मैं ये गजल सुनाऊँ, मैं किसी का गुलाम नहीं हूँ। फिर मैंने कहा कि मैं सुनाता हूँ। इसके थोड़ी देर बाद वह फिर आए और बोले कि सामने बैठे एक साहब की यह फरमाइश है। मैंने देखा कि एक साहब बैठे हैं, उनकी बड़ी बड़ी आँखे थी। मुझे थोड़ा गुस्सा या कि उन्हें इतनी जल्दी किया है। थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि उन्होंने अपनी जेब से एक रिवॉल्वर निकाला और उसको दिखाने लगे, इसके बाद मेरी वो हालत हुई।” आप यह बातचीत इस वीडियो में 11 मिनट 40 सेकंड के बाद देख सकते हैं।

फैन ने बताया, आपके गाने के चक्कर में हो गया ब्रेकअप

कपिल शर्मा के एक दूसरे शो में उनके एक फैन ने बताया था कि उनके एक गाने के चक्कर में उसका ब्रेकअप हो गया। फैन ने बताया कि उसका स्कूल के दिनों में एक पास में रहने वाली लड़की से प्रेम संबध था। उस दौरान पंकज उधास का ‘और आहिस्ता कीजिए बातें’ गाना काफी फेमस था।

फैन ने बताया कि जब उसने अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने के लिए कहा तो उसने इस गाने की कुछ लाइन सुनाने की फरमाइश की। फैन ने बताया कि वह यह सही से नहीं सुना पाया और इसके कारण उसका ब्रेकअप हो गया। उसके बाद उसने पंकज उधास कुछ लाइन गाने की अपील की और स्वयं भी साथ में गाया। यह बातचीत आप ऊपर लगी वीडियो में शुरुआत से ही सुन सकते हैं।