सरकारी जमीन पर कब्जों, पुलिस पर हमले को लेकर कुख्यात उत्तराखंड के हल्द्वानी का जोशी विहार कॉलोनी हिंदुओं के पलायन को लेकर चर्चा में है। यह कॉलोनी उसी बनभूलपुरा के पास का इलाका, जहाँ पिछले दिनों अतिक्रमण हटाने गई पुलिस और नगर निगम की टीम पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने हमला किया था।
दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट बताती है कि जोशी विहार कॉलोनी से पिछले 6 साल में करीब 60 हिंदू परिवार पलायन कर चुके हैं। अब तीन हिंदू परिवार ही बचे हैं। इन्होंने भी अपने घरों का सौदा कर लिया है और अगले महीने इस कॉलोनी को छोड़ जाएँगे।
रिपोर्ट के अनुसार इस कॉलोनी की डेमोग्राफी मुस्लिमों के बसने के बाद तेजी से बदली है। रामपुर, पीलीभीत और स्वार जैसी जगहों से आकर मुस्लिम यहाँ बसे हैं। हिंदुओं के पलायन की खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने डेमोग्राफी चेंज के कारणों की पड़ताल का भरोसा दिलाया है।
दैनिक जागरण द्वारा सोमवार (26 फरवरी 2024) को प्रकाशित की गई रिपोर्ट में बताया गया है कि जोशी विहार साल 1954 में अल्मोड़ा से आए रामदत्त व देवीदत्त जोशी नाम के 2 भाइयों ने कई एकड़ जमीन खरीद कर बसाया था। बाद में दोनों भाई 5-5 बेटों के पिता बने। कालांतर में सभी बेटों में जमीनों का बँटवारा हुआ। बाद में इन्हीं में से कुछ ने जमीनें बाहरी लोगों को बेच दी।
बताया गया है कि 6 साल पहले रामपुर से आ कर मलिक नाम के एक व्यक्ति ने जोशी कॉलोनी में मकान खरीदा। इसके बाद यहाँ मुस्लिम आबादी और उनके परिवारों की संख्या लगातार बढ़ती चली गई। कथित तौर पर शुरुआत में जमीन लालच में बेची गई। तब भूस्वामियों को 1 लाख रुपए की जमीन के 1 करोड़ रुपए तक मिले। बाद में गंदगी और मुस्लिम बहुलता होने की वजह से कई हिन्दू औने-पौने कीमत पर अपनी जमीन और मकान बेचने लगे। ऑपइंडिया से बात करते हुए हल्द्वानी के बजरंग दल पदाधिकारी जोगिंदर राणा उर्फ़ जोगी ने भी इसकी पुष्टि की है।
फिलहाल जोशी विहार कॉलोनी में मुस्लिमों के लगभग 150 मकान हैं। पूर्व ग्राम प्रधान मनोज मठपाल के मुताबिक इस समय जोशी कॉलोनी में जमीनों का रेट 4500 रुपए स्क्वायर फ़ीट चल रहा है। जोशी कॉलोनी बसाने वाले रामदत्त के ही वंशज देवेंद्र जोशी ने दैनिक जागरण को बताया कि जब बरसात में नाला उफान मारता है तो उनके घरों में गंदगी और माँस बह कर आ जाता है। घर बेचने को मजबूरी बताते हुए देवेंद्र जोशी ने बताया कि वे खुद अपना पुश्तैनी मकान 50 लाख रुपए में बेच चुके हैं।
देवेंद्र जोशी ने इलाके में डेमोग्राफी बदलाव के लिए उन कथित जरूरतमंदों को जिम्मेदार बताया, जिन्हें उनके परदादा ने कभी जमीन सस्ते दामों में दे दी थी। देवेंद्र का आरोप है कि इन्हीं लोगो ने बाद में कुछ फायदे के लिए बहरी लोगों को ऊँचे दामों में जमीनें बेच दीं। साल 2018 में जोशी कॉलोनी नगर निगम में आ गई। पहले यहाँ ग्राम प्रधान मनोज मठपाल हुआ करते थे। बाद में यहीं से रईस अहमद भी पार्षद बने। मुस्लिमों की अधिकतर आबादी रामपुर, मुरादाबाद और बिजनौर आदि जिलों की बताई जा रही है। अब जोशी कॉलोनी के आगे ‘रज़ा गेट न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी’ का बोर्ड लग चुका है।
पहले इस कॉलोनी में जोशी, साहू, गुप्ता और नैनवाल परिवार रहते थे। फ़िलहाल अब यहाँ जोशी परिवार के महज 3 घर बचे हैं। डेमोग्राफी बदलाव की इन खबरों का नैनीताल जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने भी संज्ञान लिया है। SDM परितोष जोशी ने जागरण को बताया कि वो स्थानीय लोगों से बातचीत करेंगे और आबादी असंतुलन की जाँच करवाएँगे। वहीं नैनीताल जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद मीणा ने कहा कि जोशी कॉलोनी में रहने वाले लोगों का वेरफिकेशन करवाया जाएगा। एसएसपी ने पूरे जिले में सत्यापन अभियान जारी होने की भी जानकारी दी।
प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक पंकज उधास का आज (26 फरवरी,2024) को निधन हो गया। उनकी आयु 72 वर्ष थी और वह लम्बे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की जानकारी उनकी बेटी नायाब उधास ने दी है। उनका निधन आज सुबह 11 बजे हुआ। उनकी बेटी ने एक इन्स्टाग्राम पोस्ट में बताया, “भारी मन के साथ हमें आपको सूचित करना पड़ रहा है कि पद्मश्री पंकज उधास जी 26 फरवरी, 2024 को लम्बी बीमारी के कारण निधन हो गया है।” उनका निधन मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ।
पंकज उधास गुजरात से सम्बन्ध रखते थे। वह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके बाकी दोनों भाई भी गायक हैं। उन्हें संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए वर्ष 2006 में पद्मश्री पुरष्कार दिया गया था। उनकी प्रसिद्धि ‘चिट्ठी आई है’ ग़ज़ल के बाद काफी बढ़ गई थी। पंकज उधास की शराब पर गाई गईं गजलें ख़ासा प्रसिद्ध थी। इसके लावा वह सौन्दर्य पर भी काफी अच्छी गजलें गाते थे। उनके दो बेटियाँ हैं। एक बेटी का नाम नायाब और दूसरी बेटी का नाम रेवा है।
Deeply saddened the news of passing of Pankaj Udhas ji. His career, spanning more than 4 decades, enriched our music industry and gifted us with some of the most memorable and melodious renditions of gazals. His demise is an irreparable loss to our music world.
पंकज उधास के निधन पर केन्द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने दुख जताया है। उन्होंने लिखा, “पंकज उधास जी के निधन की खबर से काफी दुख हुआ। उनके 4 दशकों से अधिक के करियर ने हमारे संगीत क्षेत्र को काफी समृद्ध किया और हमें कुछ सबसे यादगार और मधुर गजलें दी। उनका निधन हमारे संगीत जगत के लिए एक अपूर्णीय क्षति है। इस कठिन समय में उनके परिवार, दोस्तों और चाहने वालों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।”
पीएम नरेन्द्र मोदी ने आज (26 फरवरी, 2024) ₹41,000 करोड़ की लागत से बनाए जाने वाले 2000 रेलवे प्रोजेक्ट का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने देश के 554 स्टेशनों के पुनर्विकास की योजना की भी शुरुआत की। प्रधानमंत्री मोदी ने रेलवे द्वारा बनाए गए 1500 से अधिक ब्रिज और अंडरपास का लोकार्पण भी देश की जनता को किया और साथ ही देश को संबोधित किया।
पीएम मोदी ने इसी के साथ ही उत्तर प्रदेश के लखनऊ में अमृत भारत योजना के तहत विकसित किए गए गोमतीनगर रेलवे स्टेशन का भी लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह स्टेशन सही में काफी सुंदर दिखता है। पीएम ने जिन 554 स्टेशनों के कायाकल्प के लिए शिलान्यास किया है, उसकी लागत ₹19,000 करोड़ होगी।
इन्हें अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने जिन 1500 रोड ओवेरब्रिज और अंडरपास का लोकार्पण किया है, उन्हें बनाने में ₹21520 करोड़ की लागत आई है। जिन स्टेशनों का कायाकल्प किया जाने वाला है, उनमें श्री वैष्णो देवी धाम कटरा भी शामिल है।
पीएम द्वारा शिलान्यास किए जाने वाले स्टेशनों में से बिहार में 33, छत्तीसगढ़ में 21, गोवा में 2, झारखंड में 27, हरियाणा में 15, गुजरात में 46, कर्नाटक में 31 और केरल में 10 रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया जाएगा। महाराष्ट्र में 56 स्टेशन का पुनर्विकास होगा। यहाँ ट्रेन की आवाजाही से रोड पर चलने वालों को कोई समस्या ना हो, इसके लिए यह 1500 ओवेरब्रिज और अंडरपास बनाए गए हैं। यह बन कर तैयार भी हो गए हैं।
पीएम ने इस शिलान्यास और लोकार्पण के मौके पर कहा, “आज का ये कार्यक्रम, नए भारत की नई कार्य संस्कृति का प्रतीक है। आज भारत जो करता है, अभूतपूर्व स्पीड से करता है। आज भारत जो करता है, अभूतपूर्व स्केल से करता है। आज के भारत ने छोटे-छोटे सपने देखना छोड़ दिया है। हम बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए दिन रात एक कर देते हैं।”
प्रधानमंत्री ने लगातार विकास परियोजनाओं के लोकार्पण को लेकर कहा, “कुछ दिन पहले मैंने जम्मू से एक साथ IIT-IIM जैसे दर्जनों बड़े शिक्षा संस्थानों का लोकार्पण किया। कल ही मैंने राजकोट से एक साथ 5 AIIMS और अनेक मेडिकल संस्थानों का लोकार्पण किया। और अब आज का ये कार्यक्रम है, आज 27 राज्यों के, करीब 300 से अधिक जिलों में, 550 से ज्यादा रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प का शिलान्यास हुआ है। आज यूपी के जिस गोमतीनगर रेलवे स्टेशन का लोकार्पण हुआ है, वो वाकई कमाल का दिखता है।”
प्रधानमंत्री ने स्टेशनों को विशेष थीम के आधार पर डिजाइन किए जाने को लेकर कहा, “ओडिशा के बालेश्वर रेलवे स्टेशन को भगवान जगन्नाथ मंदिर की थीम पर डिजाइन किया गया है। सिक्किम के रंगपो रेलवे स्टेशन पर आप लोगों को स्थानीय वास्तुकला का प्रभाव दिखेगा। राजस्थान का सांगानेर रेलवे स्टेशन, 16वीं शताब्दी की हैंड-ब्लॉक प्रिंटिंग को दर्शाता है। तमिलनाडु के कुंभकोणम स्टेशन का डिजाइन चोल काल की वास्तुकला पर आधारित है।”
पीएम मोदी ने कहा कि देश का रेलवे क्षेत्र आज बड़े बदलाव से गुजर रहा है जबकि पहले इसके लिए फंड्स का रोना रोया जाता था। उन्होंने रेलवे बजट के विषय में बताया। उन्होंने कहा कि पहले जहाँ ₹45,000 करोड़ रेलवे को मिलते थे तो वहीं अब ₹2 लाख करोड़ से अधिक इसका बजट है। पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार में भ्रष्टाचार नहीं है इसलिए सारे काम तेजी से हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर में लगाए गए पैसे से देश को और भी लाभ मिलेगा।
मुंबई के मीरा रोड पर कल (25 फरवरी 2024) सकल हिंदू समाज द्वारा भाजपा नेता टीराजा सिंह की रैली निकाली गई। इस रैली में सैंकड़ों हिंदू युवा शामिल हुए। रैली का रास्ता उसी मीरा भयंदर इलाके हुए गुजरा जहाँ पिछले महीने हिंदू लड़के पर हमला हुआ था।
रैली के दौरान टी राजा सिंह ने हिंदू राष्ट्र की बात की और अपने भाषण के अंत में लोगों को शपथ दिलवाई कि रैली में शामिल लोग हिंदू राष्ट्र के लिए, लव जिहाद, धर्मांतरण और गौकशी के खिलाफ लड़ेंगे। इस रैली में शामिल हिंदू युवकों ने कहा कि ऐसे इलाके में ये रैली का होना बहुत ज्यादा जरूरी थी। हिंदुओं को शक्ति प्रदर्शन दिखाना जरूरी था।
इन हिंदू युवकों ने ऐसा क्यों कहा इसे आप ऑपइंडिया पर प्रकाशित सिद्धि सोमानी की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से समझ सकते हैं जो बताती है कि मुंबई के मीरा भयंदर इलाके में हालात क्या हैं। वहाँ क्यों हिंदुओं को एकजुटता के साथ रहना जरूरी है। इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में पूरे 15 मामले है जिन्हें हम आपको सक्षिप्त में बताने जा रहे हैं-
मामला-1: 22 साल की युवती के साथ लव जिहाद, धर्मांतरण और प्रताड़ना
16 जुलाई 2023 को 22 साल की हिंदू युवती ने अपने शौहर अमीन के खिलाफ उसे उत्पीड़ित करने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने बताया था कि 2022 में कम्प्युटर क्लास के दौरान उसके दोस्त शहबाज ने उसकी मुलाकात अमीन शेख से कराई थी। बाद में अमीन ने उसे प्रपोज किया लेकिन जब उसने इस रिश्ते से मना कर दिया तो उसे धमकियाँ देनी शुरू की गईं, उसे सुसाइड की धमकी देकर इमोशनल ब्लैकमेल किया गया। इसके बाद उसने लड़की को अपने घर पर ले जाकर यौन शोषण भी किया और फिर फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे निकाह कर लिया।
निकाह का प्रमाण जो ऑपइंडिया को मिले
इसके बाद उसने युवती से इस्लाम को मानने और इस्लाम के हिसाब से रहने का दबाव बनाया। उसे गाय का मांस खाने को कहा। वहीं उसकी अम्मी रेशमा ने भी युवती को शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया और जबरन उसे नमाज पढ़ने को कहा। बाद में महिला को पता चला कि अमीन तो पहले से शादीशुदा है और उसकी एक बेटी भी है। वह उसे सिर्फ दुबई ले जाकर बेचना चाहता था। इसके लिए उसने उसे उसने एक बिल्डिंग में बंद कर दिया था। वह वहाँ पड़े-पड़े बस चिल्लाती रहती थी।
एक दिन पडोसियों ने जब इस संबंध में सूचना पुलिस को दी तब जाकर लड़की बच सकी। वहीं अमीन की, उसकी अम्मी की, काजी मुफ्ती की और दो अन्य लोगों की मामले में गिरफ्तारी हो पाई। पीड़िता के पिता ने माँग की है कि बहुत सारी लड़कियों को अमीन जैसे लोग फाँसते हैं। इन पर कार्रवाई होनी जरूरी है।
मामला-2: 24 साल की युवती को नसीर खान ने फाँसा प्रेम जाल में
19 मई 2023 को कश्मीरा पुलिस थाने में दर्ज शिकायत में महिला ने बताया था कि उसे नसीर खान ने इस्लाम में जबरन परिवर्तित करवा दिया है। महिला के मुताबिक, नसीर से उसकी मुलाकात उसके दफ्तर में हुई थी। धीरे-धीरे दोनों में दोस्ती बढ़ी और कुछ दिन बाद नसीर उसे बातों में फाँसने लगा। उसने महिला से जॉब छुड़वाई और उसको लालच दिया कि वो अपना ऑफिस खोलेगा उसमें वो सारे काम संभाले। बाद में बातें शादी तक पहुँचीं। लेकिन नसीर ने कहा कि अगर उसे निकाह करना है तो उसके लिए इस्लाम कबूलना होगा।
FIR कॉपी
महिला के मुताबिक पहले उसका धर्मांतरण हुआ, फिर बांद्रा कोर्ट में दोनों ने शादी की। इसके बाद उसने महिला को प्रताड़ित करना शुरू किया। उसने महिला की बातचीत उसके परिजनों से बंद करवा दी। लेकिन बाद में इंस्टा के जरिए पीड़िता अपनी बहन से संपर्क में आई तो फिर इस मामले में शिकायत दर्ज हुई लेकिन कार्रवाई कोई नहीं।
मामला-3: 13 साल की नाबालिग का मुनव्वर और अजीम ने कराया धर्मांतरण
भयंदर पुलिस थाने में 15 जून को एक महिला ने मुनव्वर मंसूरी और अजीम मंसूरी के विरुद्ध शिकायत दी थी कि इन दोनों ने नकली बंदूक दिखाखर एक बच्ची का यौन उत्पीड़न किया। शिकायत में कहा गया कि ये दोनों बच्ची के घर के करीब रहते थे और जब वो ट्यूशन आती-जाती थी तब उसका पीछा करते थे। एक दिन इन दोनों ने बच्ची को जबरन टेरेस पर किस किया। बाद में उसे अंगूठी और बुर्का गिफ्ट किया।
लड़खी ने मना किया तो बंदूक दिखाकर बोले- इस्लाम कबूल वरना मार डालेंगे। बात बढ़ने पर लड़की ने हिम्मत जुटाकर घर में इन सबकी जानकारी दी और फिर जाकर मामला दर्ज हो सका। बच्ची के पिता ने कहा कि शिकायत के बाद इसमें आवश्यक कार्रवाई हुई और उसके बाद अभी तक बच्ची को परेशान नहीं किया गया है।
मामला-4: 13 साल की बच्ची का मुस्लिम नाबालिग ने किया ब्रेनवॉश
नयननगर थाने में भी इसी तरह एक मामला आया। वहाँ 13 साल की लड़की का नाबालिग मुस्लिम लड़के ने ब्रेन वॉश किया था। दोनों की मुलाकात इंस्टा पर हुई थी। बाद में दोनों में बातचीत करके दोस्ती हुई। जब लड़की वहीं के किसी लोकल गार्डन में उससे मिलने पहुँची तो उसने लड़की को जबरन किस किया। इसके बाद उसका यौन उत्पीड़न हुआय़ उससे उसकी न्यूड फोटो वीडियो तक मँगवाई गई। धीरे-धीरे लड़की पर उस लड़के की बातों का ऐसा असर हुआ कि वो हिजाब पहनने लगी, लंबे कुर्ते पहनने लगी। उसके हाव-भाव से माँ को शक हुआ तो उन्होंने उसकी चैट पढ़ी, तब उन्हें मामला समझ आया।
उन्होंने लड़की से पूछा तो और बातें पता चली। लड़की ने बताया कि वो लड़का तो उसके पहनने के ढंग से लेकर खाने में क्या खाना है इसे भी कंट्रोल करता था। वहीं लड़के के परिजन भी उसपर लड़के से मिलने का दबाव बनाते थे।
सारी बातें जानने के बाद महिला ने इस केस को आईपीसी की धारा 354 और आईपीसी, 1860 की धारा 8 और 12 के तहत दर्ज किया। लेकिन उनका कहना था कि पुलिस ने इस केस में लापरवाही बरती और ढंग से इस केस में जाँच नहीं हुई। उनका कहना है कि पुलिस ने उनका बयान अधूरा लिखकर उसपर साइन करने को कहा था।
मामला-5: राजेश जानी को मोहसिन ने करवाया इस्लाम कबूल
भयंदर इलाके में महिलाओं के साथ हिंदू पुरुष भी सुरक्षित नहीं हैं। 12 जनवरी 2023 को दर्ज शिकायत में बताया गया कि कैसे 50 साल के राजेश जानी का इस्लाम में धर्मांतरण करवाया गया और बाद में दबाव बनाया जाने लगा कि वो अपने परिवार को भी इस्लाम में लाएँ। ऑपइंडिया के पास मामले की एफआईआर है। इसमें राजेश के बेटे ने बताया पारिवारिक कलह के चलते वो 2022 में घर से अलग विरार में जाकर रहने लगे थे। वहीं उनकी मुलाकात मोहसिन से हुई थी। इसके बाद ही मोहसिन ने उनकी कमजोर नब्ज पकड़कर जाकिर खान की वीडियो से उनका ब्रेनवॉश शुरू किया। बाद में उनका धर्मांतरण करवा दिया।
27 मई को मोहसिन ने यह जानकारी राजेश की पत्नी को दी और फिर 2 जून को परिवार से भी कहने लगा कि वो लोग भी इस्लाम में आ जाए। उसने धर्मांतरण कराने के लिए हिंदू देवी-देवताओं तक को गाली दी। उसने कहा राम-कृष्ण खुद अंधेरे में हैं वो कैसे उनके जीवन से अंधकार मिटाएँगे। इन सबके दौरान उसने ये भी बताया कि नो 400 से ज्यादा लोगों को परिवर्तित करवा चुका है।
मामला-6: तीन भाई-बहनों का इस्लाम में धर्मांतरण
मीरा रोड इलाके में ही 17 साल की लड़की का, उसके भाई का और उसके चचरे भाई का धर्मांतरण करवाया। करवाने वाले शाहीन खान, उबैद खान, नुजहत खान और निखत खान थे। ऑपइंडिया को प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामले में 10 अगस्त 2023 को शिकायत हुई थी। इसमें बताया गया माता-पिता के देहांत के बाद बच्चों को रिश्तेदारों ने अनाथालय छोड़ दिया था। ऐसे में बच्चों को लगा शायद पड़ोस में रहने वाली दादी शाहीन खान उनकी मदद करें, लेकिन उन्हें नहीं पता था उनके साथ क्या होने वाला है।
ऑपइंडिया को प्राप्त एफआईआर
शाहीन खान के पास रहने के दौरान बच्चों को इस्लाम के बारे में बताया जाने लगा। कहा जाने लगा- इस्लाम ही मजहब है और उन्हें इस्लाम अपनाना होगा वरना वो उन्हें अपने घर नहीं रख पाएँगे। हिंदुओं का मुस्लिमों के घर में रहना पाप है, इसलिए सब इस्लाम कबूलें और लड़के का खतना हो।
बच्चे बेसहारा थे इसलिए उन्होंने बात मान ली। मगर इसके बाद बच्चों को पढ़ाने की बजाय उनसे घर के काम-काज कराए जाने लगे। ये सब जनवरी 23 से अगस्त 23 तक चला। फिर उबैद खान ने हिदू लड़की के सोते में उसके साथ गलत काम किया। जिसके बाद अगली सुबह उठकर वह उस घर से भागी और जाकर मीरा रोड पर इस मामले में शिकायत दी।
मामला-7: हिंदू समारोह में मोहम्मद शमी और अख्तर ने फेंके पत्थर
राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा से पहले मीरा रोड भयंदर इलाके में कट्टरपंथी भीड़ में शामिल शमी और अख्तर ने मस्जिद पर चढ़कर हिंदुओं की यात्रा पर पत्थरबाजी की थी और पूछने पर कहा था कि वो तो बस सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई मस्जिद पर ये सब न करे। आरोपितों ने हिंदू धर्म और भगवान राम दोनों को गालियाँ दी थी। केस को आईपीसी की धारा 153ए, 504, 506, और 34 में दर्ज किया गया था।
ऑपइंडिया को मिली एफआईआर की कॉपी
मामला-8: शकीर के प्रेम जाल में फँसी हिंदू लड़की, बाद में रेप और धमकियाँ
नवघर थाने में 13 जुलाई 2023 को शिकायत की गई कि एक शकीर ने हिंदू लड़की को फँसाकर उसके परिवार वालों से पैसे माँगे। उसने पीड़िता का यौन शोषण कर उसके घर में जाकर कहा कि अगर उन्होंने उसे पैसे नहीं दिए तो दोबारा उन्हें उनकी बेटी नहीं मिलेगी।
ऑपइंडिया को मिली एफआईआर की कॉपी
इसके बाद वो पीड़िता के ऑफिस गया और डेढ़ लाख का आईफोन माँगा। उसने कहा था कि अगर उसे पैसे नहीं मिले तो वो उनकी बेटी के टुकड़े-टुकड़े कर देगा। परिजनों ने इस केस को आईपीसी की धारा 363, 364ए, 368, 387, 504 और 506 के तहत दर्ज करवाया था।
मामला-9: समीर खान ने किया नाबालिग का रेप
30 अगस्त 2022 को 8वीं क्लास में पढ़ने वाली एक बच्ची के माता-पिता ने शिकायत दी कि एक समीर खान नाम के शख्स ने उनकी गैर मौजूदगी में उनके घर में घुसकर उनकी बेटी का बाथरूम में ले जाकर रेप किया और धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो अच्छा नहीं होगा। लड़की डर गई थी इसलिए चुप रही।
हालाँकि बाद में पीड़िता की बहन जो घटना के वक्त बगल वाले कमरे में थी, उसने सारी घटना के बारे में घरवालों को बताया और नवघर थाने में जाकर शिकायत दर्ज हो पाई। पुलिस ने इस केस को आईपीसी की धारा 363. 376 और पॉक्सो की धारा 4,6 के तहत दर्ज किया था।
मामला 10: हामिद, शाहरुख और जग्गू खान ने 23 साल की लड़की को किया प्रताड़ित
भयंदर में जनवरी 2023 में एक हिंदू लड़की पर चोरी का इल्जाम लगाकर चार मुस्लिम लड़कों (हामिद खान, शाहरुख खान, जग्गू खान और मिस्टर खान) ने घर से खींचकर उसे मारा-पीटा था और बीच सड़क पर उसके कपड़े फाड़ दिए थे।
पूरी घटना के दौरान आसपास के लोग मूकदर्शक बने हुए थे लेकिन कोई उसकी मदद को आगे नहीं आया था। चारों ने लड़की के पिता के सिर पर भी ईंट से मारा था जिसके कारण उन्हें काफी चोटें भी आईं थीं। केस आईपीसी 1860 की धारा 354, 354बी, 324, 452, 504 और 34 में दर्ज किया गया था।
मामला-11: हसनूर ने किया नाबालिग का यौन उत्पीड़न
मुंबई के भयंदर इलाके में 15 साल की लड़की का यौन उत्पीड़न हुआ था। घटना की बाबत पुलिस में शिकायत भी दर्ज है। ऑपइंडिया को मिली एफआईआर बताती है कि हसनूर नाम का शख्स लड़की का स्कूल और क्लास आते-जाते टाइम पीछा करता था। उसने एक दिन लड़की को प्रपोज पास के पार्क में प्रपोज किया और फिर उसे अपने नजदीक खींच उसका यौन उत्पीड़न करने लगा। लड़की फौरन वहाँ से भागी और घटना माँ को बताई। बाद में ये केस आईपीसी की धारा 354 और पॉक्सो की धारा 8 में दर्ज हुआ।
मामला-12: इम्तियाज ने लड़की को प्रेम जाल में फाँसकर किया रेप
फऱवरी 2023 में कश्मीरा थाने में इम्तियाज चौधरी के खिलाफ ठाणे में रेप के आरोप में शिकायत दर्ज हुई। घटना 29 जनवरी की थी। शिकायत में कहा गया कि पीड़िता इम्तियाज से 2021 में एक कॉमन दोस्त के कारण मिली थी। दोनों 2022 तक एक दूसरे के साथ रिश्ते में थे। इसके बाद लड़की ने चौधरी से शादी के लिए कहा लेकिन उसने रिश्ता तोड़ दिया। कुछ माह बाद फिर इम्तियाज ने लड़की से संपर्क साधा और इस बार धमकी दी कि अगर लड़की ने बात नहीं की तो उनके परिवार को नुकसान पहुँचाएगा।
उसने जनवरी 2023 में लड़की को बोरिवली में मिलने को बुलाया और लोकल होटल लेकर गया। इसके बाद उसने लड़की को चमड़े की बेल्ट से मारा और गला घोंटा। फिर उसके कपड़े उतारकर उसके साथ रेप किया। आरोपित ने अपने इस पूरे कारनामे का वीडियो भी बनाया और कहा कि अगर लड़की ने किसी को कुछ कहा तो वो वीडियो इंटरनेट पर डाल देगा। लड़की कुछ दिन डर से चुप रही। लेकिन फिर हिम्मत जुटाकर उसने इस बर्बरतता के विरुद्ध शिकायत की। बाद में आरोपित भारत-नेपाल बॉर्डर से पकड़ा गया।
मामला 13: नशीला पदार्थ देकर 14 साल की नाबालिग का यौन शोषण
6 फरवरी 2023 को नवघर पुलिस थाने में एक पिता ने अपनी बच्ची के साथ हुए यौन उत्पीड़न की शिकायत को दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि दो मुस्लिम लड़कों ने उनकी बेटी को कुछ खिलाकर उसके साथ गलत किया। उन्होंने उसकी वीडियो भी बनाई और बाद में पीड़िता की माँ को भी भेजा। जब माँ ने वो वीडियो देखी तो फिर ये केस थाने में दोनों आरोपितों के विरुद्ध आईपीसी 1860, की धारा 354सी और पॉक्सो 2012 की धारा के तहत दर्ज हुआ।
मामला 14: इम्तियाज ने नाबालिग को किया किडनैप
3 अप्रैल 2023 को एक 14 साल की नाबालिग के लापता होने की खबर भयंदर थाने में दर्ज हुई। पिता ने कहा कि उनकी बेटी के अज्ञात लोग ले गए, वो खुद सब्जी बेचकर गुजारा करते हैं। उन्होंने कहा था कि एक दिन वो रेड़ी साफ करने में व्यस्त थे, तो उन्होंने बेटी को घर भेज दिया, लेकिन जब वो खुद घर गए तो पता चला की बच्ची घर आई ही नहीं।
उन्होंने केस पुलिस में दर्ज कराया और छानबीन में पुलिस को लड़की इम्तियाज के पास से मिली। सूत्रों ने यह बताया कि लड़की जब स्कूल जाती थी तो वो उसका पीछा करता था और उससे बात करने की कोशिश करता था। बाद में वो लड़की को पकड़कर बिहार के मधुबनी ले गया। उसकी मंशा लड़की को नेपाल पहुँचाने की थी। लेकिन पुलिस की सूझबूझ से लड़की बच गई। 21 फरवरी को लड़की के पिता से जब ऑपइंडिया ने बात की तो पता चला कि इम्तियाज गिरफ्तार हो चुका है।
मामला 15: दानिश शेख ने किया महिला का रेप
मुंबई के भयंदर में रहने वाली एक 28 वर्षीय महिला का दानिश शेख नाम के शख्स ने रेप किया था। महिला की एक बेटी है और वह अपने माता-पिता के साथ घर में रहती है। उसने बताया कि वो दानिश को नवंबर 2022 से जानती थी। शुरू में वह उसके साथ अच्छा बर्ताव करता था लेकिन बाद में उसपर दबाव बनाने लगा और अप्रैल 2023 तक उसका यौन शोषण किया।
महिला के अनुसार दानिश उसकी फोटो वीडियोज वायरल करने की धमकी देकर उससे संबंध बनाता था। एक बार उसने अपने घर बुलाकर भी कुछ नशीला पदार्थ दिया और फिर उसका रेप किया। महिला ने हिम्मत जुटाकर इस संबंध मे शिकायत दी। लेकिन फिर 16 अप्रैल को उसका अपहरण कर लिया गया और घर ले जाकर उसे बेवकूफ बनाया कि उन लोगों ने उसकी बेटी को उठा लिया है अब उसे दानिश शेख से निकाह करना होगा। इसके बाद वह लोग उसे मस्जिद खींचकर ले गए।
पुलिस की गिरफ्त में दानिश तब आया जब वो बांद्रा से भयकाला महिला को लेकर जा रहा था। पुलिस ने पूछताछ के लिए रोका तो पता चला कि दानिश तो और भी मामलों में वांटेड है। उसे पकड़ा गया लेकिन महिला कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हुई। उसने इस संबंध में पुलिस अधिकारी को पत्र लिखा और कहा कि वो इन सबसे इतनी परेशान है कि उसे आत्महत्या के ख्याल आते हैं। पुलिस के कार्रवाई न करने पर उसने एक पत्र में कहा भी था कि अगर उसे कुछ हुआ तो उसके लिए पुलिस जिम्मेदार होगी।
मीरा भयंदर पहले था हिंदू बहुल
बता दें कि मीरा रोड के इसी भयंदर इलाके से पहले भी कई घटनाएँ सामने आई हैं जिनपर काफी विवाद हुआ था। 2023 में जो एक मुस्लिम परिवार सोसायटी में बकरा ले आया था वो इसी जगह का मामला था। इसके अलावा जो राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के समय भीड़ हिंदुओं पर टूटी थी वो भी इसी इलाके के पास की बात थी।
हमने इस संबंध में सकल हिंदू समाज के सदस्यों से बात की। ऑपइंडिया के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में उन्होंने बताया कि पहले मीरा रोड का इलाका हिंदू बहुल था लेकिन अपने आप को अल्पसंख्यक कहने वालों ने यहाँ आकर अपना दबदबा कर दिया। इसके बाद हिंदुओं को प्रताड़ित किया जाने लगा, लडकियों को परेशान किया जाने लगा, व्यापार में दिक्कतें खड़ी करनी शुरू कर दी गईं, नतीजतन हिंदू यहाँ से जाने लगे। नयानगर में हिंदुओं को अनुमति तक नहीं हैं। अब यह मुस्लिम इलाका हो गया है।
भारत-इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज का चौथा मैच राँची में खेला गया। इस टेस्ट मैच को भारतीय टीम ने 5 विकेट से जीत लिया। इंग्लैंड ने दूसरी पारी में भारतीय टीम के सामने 192 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे भारतीय टीम ने कप्तान रोहित शर्मा के आक्रामक अर्धशतक और शुबमन गिल के नाबाद अर्धशतक के दम पर जीत लिया। शुभमन गिल 52 रन बनाकर नाबाद लौटे, तो ध्रुव जुरेल 39 रन बनाकर नाबाद लौटे। ध्रुव जुरेल के ही बल्ले से भारतीय टीम के लिए विजयी रन निकले।
मुश्किल परिस्थितियों में जुरेल डटे, मैन ऑफ द मैच
इंग्लैंड द्वारा रखे गए 192 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए भारतीय टीम एक समय मुश्किल में फंस गई थी। महज 120 रनों पर ही टीम का पाँचवा विकेट सरफराज खान के रूप में गिरा, वो पहली ही बॉल पर खाता खोले बगैर आउट हो गए। ऐसे में लगा कि अब टीम इंडिया मुश्किल में फंस गई, लेकिन सरफराज के आउट होने के बाद मैदान पर आए ध्रुव जुरेल ने समझदारी भरी बल्लेबाजी की और शुबमन गिल के साथ टीम को जीत दिलाई। जुरेल और गिल ने छठें विकेट के लिए नाबाद 72 रनों की साझेदारी की और एक समय फंसते दिख रहे मैच को भारतीय टीम की झोली में डाला।
ध्रुव जुरेल ने पहली पारी में भी शानदार 90 रनों की पारी खेली थी। उन्होंने 171 रनों पर टीम के 6 विकेट गिर जाने के बावजूद टीम को 307 रनों के स्कोर तक पहुँचाया था और आखिरी बल्लेबाज के रूप में आउट हुए थे। वहीं, मैच की दूसरी पारी में धैर्यपूर्वक नाबाद 39 रन बनाकर टीम को टीम दिलाई। इस मैच में ध्रुव ने कुल 129 रन बनाए और विकेट के पीछे 3 कैच भी लिया, जिसके उन्हें मैच का सबसे बेहतरीन खिलाड़ी यानी ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का अवॉर्ड भी दिया गया।
राँची टेस्ट के दौरान ही सोशल मीडिया पर ध्रुव जुरेल ट्रेंड करने लगे और इसके साथ ही सरफराज खान और थार गाड़ी की भी चर्चा होने लगी। यही नहीं, एक्स पर तो जाने-माने उद्योगपति आनंद महिंद्रा भी मीम मटेरियल बन गए। दरअसल, भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा टेस्ट मैच गुजरात के राजकोट में खेला गया था। उसी मैच में सरफराज के साथ ही ध्रुव जुरेल ने भी टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। सरफराज खान ने राजकोट में दोनों ही पारियों में अर्धशतक लगाए थे। उन्हें खूब प्रशंसा मिली थी। हालाँकि उस मैच में भी ध्रुव जुरेल ने शानदार 46 रनों की पारी खेली थी, लेकिन उनकी चर्चा कहीं नहीं हुई। जबकि सरफराज को आनंद महिंद्रा ने थार कार गिफ्ट की थी।
हालाँकि चौथे मैच में सरफराज का बल्ला बिल्कुल भी नहीं चला। पहली पारी में 53 गेंदों का सामना कर महज 14 रन बनाकर आउट हो गए थे, तो दूसरी पारी में वो पहली ही गेंद पर खाता खोले बिना आउट हो गए। ऐसे में लोगों ने सोशल मीडिया पर सरफराज के फ्लॉप शो को लेकर निशाना बनाया। साथ ही आनंद महिंद्र को भी कोसते हुए उन्हें मीम मटेरियल बना डाला।
परम नाम के यूजर ने एक्स पर लिखा, “सरफराज ने दिल जीता, ध्रुव जुरेल ने मैच। प्रोपेगेंडा कभी प्रदर्शन पर भारी नहीं पड़ सकता। आल द बेस्ट ध्रुव जुरेल।”
बता दें कि सरफराज खान घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा खेल रहे थे। उन्हें टीम में पहले भी शामिल किया गया था, लेकिन मौका नहीं मिल पाया था। ऐसे में राजकोट में उन्होंने जब डेब्यू किया और दोनों पारियों में अर्धशतक लगाए, तो प्रशंसकों ने उन्हें हाथों-हाथ लिया, लेकिन राँची टेस्ट में जब सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब दोनों ही पारियों में उनका बल्ला पूरी तरह से खामोश रहा। वहीं, ध्रुव जुरेल ने न सिर्फ राजकोट में बल्कि राँची में भी जो धैर्य दिखाया, उससे प्रशंसक काफी खुश नजर आ रहे हैं।
कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार ने एक वामपंथी और भारत विरोधी प्रोफेसर निताशा कौल (Nitasha Kaul) को बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम में बुलाया था। यह प्रोफ़ेसर लगातार भारत विरोधी एजेंडा फैलाती रही है। निताशा कौल के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से लिंक वाले लोगों के साथ जुड़े होने का शक है और वह कश्मीर में हुए हिन्दू नरसंहार को नकारती है। उसने दावा किया कि उसे भारत में नहीं घुसने दिया गया और इसको लेकर उसने खूब प्रलाप किया।
IMPORTANT: Denied entry to #India for speaking on democratic & constitutional values. I was invited to a conference as esteemed delegate by Govt of #Karnataka (Congress-ruled state) but Centre refused me entry. All my documents were valid & current (UK passport & OCI). THREAD 1/n pic.twitter.com/uv7lmWhs4k
ब्रिटिश प्रोफ़ेसर नितिशा कौल ने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक थ्रेड लिख कर बताया कि उसे कॉन्ग्रेस सरकार द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बुलाया गया था। यह कार्यक्रम संविधान को लेकर आयोजित किया गया था। उसने दावा किया कि जब वह बेंगलुरु एयरपोर्ट पर आई तो उसे भारत के भीतर घुसने नहीं दिया।
कर्नाटक सरकार का निमंत्रण पत्र
निताशा ने आरोप गढ़ा कि एयरपोर्ट अधिकारियों को दिल्ली से आदेश आया था। इसके बाद उसने खुद को एक वैश्विक स्तर पर सम्मानित शिक्षाविद होने का दावा किया। हालाँकि, निताशा के इन सभी दावों की लोगों ने हवा निकाल दी।
कौन है निताशा कौल
निताशा कौल एक कश्मीरी पंडित है। वह वर्तमान में इंग्लैण्ड में रहती है और ब्रिटिश नागरिक भी है। वह लगातार भारत और मोदी सरकार के खिलाफ एजेंडा फैलाती रहती है। उसके पाकिस्तानियों के साथ लिंक सामने आए हैं। साथ ही निताशा कौल भारत पर आरोप लगाती है कि उसने उसने कश्मीर पर कब्जा कर रखा है। वह 1980 और 1990 के दशक के दौरान हुए कश्मीरी पंडितों के नरसंहार को भी नहीं मानती और मुस्लिमों द्वारा हिन्दुओं के मारे जाने को सशस्त्र विद्रोह बताती है।
कश्मीर को औक्युपाईड बताती निताशा
वह भारत के खिलाफ अमेरिकी संसद में प्रतिबंध लगाए जाने की वकालत तक कर चुकी है। उसने ओपी जिंदल विश्वविद्यालय में एक कोर्स में लिखा था कि भारत ने कश्मीर पर कब्जा कर रखा है और आतंकी बुरहान वाली का समर्थन किया था। वह कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने को लेकर लगातार भारत सरकार के खिलाफ जहर उगलती आई है।
Nitasha Kaul is a potential propagandist & she is well known for her Anti India views. She:
-Even opposed the abrogation of #Article370 -Blamed India for occupying Kashmir -Sympathized with Burhan Wani
निताशा ने कश्मीरी पंडितों के मारे जाने और उनके कश्मीर से भगाए जाने को एक सामान्य पलायन माना था और इसके पीछे कश्मीरी आतंकियों को नहीं बल्कि सरकार को ही जिम्मेदार ठहरा दिया था।
निताशा का अमेरिकी संसद में बयान
उसने अमेरिकी संसद में यह बात कही थी। इसी दौरान उसने कश्मीर को आजाद करने और भारत पर एक्शन लेने की माँग अमेरिका से की थी। उसने इस दौरान कश्मीर में सेना पर पत्थर फेंकने वाले प्रदर्शनकारियों की तुलना अंग्रेजों की गोलियों से मारे गए जलियाँवाला बाग़ में मारे गए भारतीयों से की थी।
वह विदेश में बैठ कर भारत ही नहीं बल्कि आरएसएस और भाजपा के विरुद्ध भी झूठ फैलाती है। उसने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी झूठे आरोप गढ़े थे। यह आरोप उसने भारत विरोधी अल जजीरा के एक कार्यक्रम में लगाए थे। उसने दावा किया था कि सीएम योगी ने मुस्लिम महिलाओं की मृत देहों के साथ बलात्कार करने को कहा।
This old video shows Real Face of self proclaimed "Globally respected intellectual" Nitasha Kaul spouting utter crар and Lies about RSS & BJP. Dr Gautam Sen got it right when he said He didnt know that she was representative of Pakistan ? #NitashaKaulpic.twitter.com/zib6tWWkQC
वह चीन के शिनजियांग प्रांत में चीन की कम्युनिस्ट सरकार द्वारा मुस्लिमों पर किए गए अत्याचार और उनकी मस्जिदों को ढहाने की तुलना भारत के कश्मीर में आंतक खत्म करने के प्रयास से भी कर चुकी है। भारत विरोध का यह नमूना उसने एक लेख में पेश किया था।
वह कश्मीर में लगने वाले आजादी के नारों का समर्थन करती है और हिन्दुओं के खिलाफ भी जहर उगलती रहती है।
You are anti-hindu, anti-India Bigot and rightfully denied entry to our nation.
निताशा कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन पर कॉन्ग्रेस का समर्थन कर रही थी।
As BJP loses #Karnataka, INC and other opposition are right to hope for a nation-wide change in 2024. #India needs it! ✊?
[note though that next few months will be crucial; recall how Nov 2018, BJP lost 5 state elections, and then the Kashmir events of Feb 2019 turned it around]
— Professor Nitasha Kaul, PhD (@NitashaKaul) May 13, 2023
निताशा ने कश्मीरी पंडितों के दर्द को दिखाने पर बनाई गई फिल्म द कश्मीर फाइल्स को भी प्रोपगैंडा बताने का प्रयास किया था।
KASHMIR IS NOT A FILE: PROPAGANDA AND POLITICS IN INDIA — You want to know what I thought of #KashmirFiles?
— Professor Nitasha Kaul, PhD (@NitashaKaul) March 24, 2022
उसने भारत के CDS जनरल बिपिन रावत की एक हादसे में हुई मौत पर भी अपना प्रोपगैंडा फैलाना जारी रखा था।
#India’s chief of defence staff killed in an air crash tragedy along with others #BipinRawat
(As Army chief, he had defended the use of #Kashmiri civilian tied to a jeep as #humanshield & wished that protestors in #Kashmir used guns not stones so they could be targeted better). https://t.co/uF94MFqHqv
निताशा कौल लगातार भारत के खिलाफ जहर उगलने के साथ ही पाकिस्तानियों के साथ नजर आती है। उसके ISI पोषित संगठनों से भी लिंक सामने आए हैं। वह हिन्दूस फॉर ह्युमन राइट्स (HFHR), इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल (IAMC) जैसी संस्थाओं के प्रोग्राम में जाती रही है। यह संगठन ISI द्वारा पोषित हैं।
Nitasha Kaul and her husband attended an anti-India event organized by the extremist Organization Indian American Muslim Council (IAMC) and Sunita Viswanath-led Hindus for Human Rights (HfHR) on topics like Indian Democracy and Hindu nationalism etc. (8/13) pic.twitter.com/6AWx8SB7UH
वह लाहौर में आयोजित एक भारत विरोधी कार्यक्रम में नजर आई थी। यहाँ उसके साथ एक और हिन्दू विरोधी इतिहासकार ऑड्रे ट्रसके भी थी।
Nitasha Kaul visited Pakistan and delivered an anti-India statement while sitting with state enemies like Audrey Truschke at the Lahore Literary Festival. She raised questions about India's elections and democracy during her speech in Pakistan. (10/13) https://t.co/Qa8MJapmkm
वह मुजम्मिल अयूब ठाकुर के साथ दिखती है, मुजम्मिल का पिता ISI के लिए फंड जुटाता था। मुजम्मिल पर कश्मीर में UAPA लगाया जा चुका है। वह ऐसे कई संगठनों के कार्यक्रमों में जाती है जहाँ भारत विरोधी बात होती हो। वह 2013 में तब गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी के अमेरिका द्वारा आमंत्रित किए जाने का विरोध भी कर चुकी है।
पत्र लिखने वालों में निताशा कौल का नाम भी था
कॉन्ग्रेस ने बताया बुद्धिजीवी, भाजपा ने पूछे सवाल
कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार भारत विरोधी निताशा कौल को प्रवेश ना मिलने पर गुस्सा है। कॉन्ग्रेस के विधायक रिजवान अरशद ने उसे प्रसिद्ध अकादमिक बताया है।
VIDEO | Here’s what Congress MLA Rizwan Arshad (@ArshadRizwan) said on UK Professor Nitasha Kaul being denied entry to India.
“Renowned academic professor Nitasha Kaul was invited by the Karnataka government. She came here and landed at the airport but she was denied entry… pic.twitter.com/AMlz64tzBR
निताशा कौल को बुलाने को लेकर भाजपा ने कॉन्ग्रेस पर हमला बोलते हुए प्रश्न पूछे हैं। भाजपा ने कहा है कि कॉन्ग्रेस पार्टी एक ऐसी महिला को बुला रही जो भारत को टूटते हुए देखना चाहती है। भाजपा ने संविधान का अपमान बताया है।
Congress party has disgraced Indian Constitution by inviting a Pakistani sympathiser who wants India's break up.
Don't you have any shame left CM @siddaramaiah? Are you trying to challenge the constitution & threaten the unity & integrity of India?
निताशा कौल ने अपने ट्वीट में दुनिया भर की बात लिखने के बाद बताया था कि वह इंग्लैंड जा चुकी है, सोशल मीडिया पर बड़े स्तर पर इस काम के लिए भारत सरकार की प्रशंसा हो रही है।
गुजरात में हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलने वाले मुफ्ती सलमान अजहरी का असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के नेता इम्तियाज जलील ने समर्थन किया है। 19 फरवरी 2024 को महाराष्ट्र के अकोला में आयोजित एक सभा के दौरान जलील ने कहा कि मुफ्ती अजहरी के भाषण से नाराज लोगों ने खुद को ‘कुत्ता’ क्यों मान लिया। उसने अजहरी के बयान ‘आज कुत्तों का वक्त है, कल हमारा दौर आएगा’ को महज एक शेर करार दिया।
अकोला की सभा का एक वीडियो वायरल है। इसमें इम्तियाज जलील कह रहा है, “उन्होंने (मुफ्ती अजहरी) ने कहा कि आज कुत्तों का वक्त है, कल हमारा दौर आएगा। तो मौलाना साहब को लेकर (गिरफ्तार) चले गए। लेकिन तुम क्यों समझ रहे हो कि तुम कुत्ते हो? हमने कौन सा तुम्हारा नाम लेकर कहा? लेकिन रात में जितने भी गए घर के ऊपर सब भौंकना शुरू कर दिए।”
इस दौरान सभा में शामिल लोग शोर मचाकर इम्तियाज जलील का समर्थन करते दिखे। वहीं मंच पर मौजूद कुछ लोग इस आपत्तिजनक बयान पर हँसते भी दिखाई दिए।
AIMIM MP Imtiaz Jaleel refers to "Hindus" as "dogs", similar to Mufti Salman Azhari. pic.twitter.com/i0WtUOeCKa
बताते चलें कि 31 जनवरी 2024 को जूनागढ़ में हिन्दुओं के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के आरोप में 4 फरवरी को गुजरात पुलिस ने मुफ्ती सलमान अजहरी को गिरफ्तार किया था। यह आपत्तिजनक बयान जूनागढ़ कोर्ट के पास नारायण विद्या मंदिर मैदान में दिया गया था। इस दौरान सैकड़ों की तादाद में मुस्लिम समुदाय के लोग मौजूद थे। तब मुफ़्ती सलमान अजहरी ने कहा था, “अभी तो कर्बला का आखिरी मैदान बाकी है। कुछ देर की खामोशी है, फिर किनारा आएगा। आज कुत्तों का वक्त है, कल हमारा दौर आएगा।”
अंत में उसने जोर-जोर से ‘लब्बैक या रसूलल्लाह’ का नारा लगाया था। मैदान में मौजूद भीड़ ने भी उसके समर्थन में ‘गुलाम हैं, गुलाम हैं, रसूल के गुलाम हैं’ जैसी नारेबाजी की थी। मुफ़्ती सलमान अजहरी का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो वायरल होने के बाद उस पर कार्रवाई की माँग उठी थी। फिलहाल सलमान अजहरी पर PASA एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। हालाँकि सलमान अजहरी ने यह हरकत पहली बार नहीं की थी। इस बयान से पहले भी उसके कई विवादित भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ ‘चोर, च#@%… कीड़े से भी कम ताकत बाबा में’ जैसे शब्द प्रयोग किए थे।
पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में महिलाओं ने अब सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के नेता शंकर सरदार के घर पर हमला किया है। इससे पहले टीएमसी नेता अजीत मैती की चप्पलों से पिटाई हुई थी। इस बीच कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता बनर्जी सरकार को फटकार लगाते हुए शेख शाहजहाँ को तुरंत गिरफ्तार करने को कहा है।
शेख शाहजहाँ को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए: हाई कोर्ट
कलकत्ता हाई कोर्ट ने शेख शाहजहाँ के मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि क्यों शेख शाहजहाँ के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं हो रही है, क्या उस पर कोई रोक है? हाई कोर्ट ने कहा कि शेख शाहजहाँ के खिलाफ एफआईआर दर्ज है और वो मुख्य आरोपित है। ऐसे में उसे तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए। हाई कोर्ट ने कहा, “एक गलत धारणा बनाई गई है कि शाहजहाँ शेख की गिरफ्तारी पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश दिया गया है जबकि इस तरह की कोई भी रोक नहीं लगाई गई है, इसलिए उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए।”
The Calcutta High Court Chief Justice ordered to add Sheikh Shahjahan to the Sandeshkhali case. Public notice shall be given in this case. There is no stay order in Sandeshkhali cases. There is no reason to arrest him.
हाई कोर्ट ने कहा कि शेख शाहजहाँ के खिलाफ 4 साल से मामले शिकायतें आ रही हैं। अब तक 42 चार्जशीट दाखिल हो चुके हैं, इसके बावजूद उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? एक माहौल बनाया गया है कि उसकी गिरफ्तारी पर कोर्ट ने स्टे दिया है, जबकि हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं है। ऑन रिकॉर्ड उसकी गिरफ्तारी पर रोक का कोई ऑर्डर नहीं है। सैकड़ों लोग सड़कों पर है, फिर भी कार्रवाई न होना हैरानी भरी बात है। हाई कोर्ट ने अधिकारियों को कार्रवाई न करने के लिए फटकार भी लगाई।
महिलाओं का हल्लाबोल, टीएमसी नेता के घर पर हमला
इस बीच, संदेशखाली के पोलपारा में महिलाओं ने टीएमसी नेता शंकर सरदार के घर पर हमला बोल दिया। उन्होंने उसके घर पर तोड़फोड़ की, जिसके बाद भारी संख्या में पुलिस को तैनात किया गया है। शंकर सरकार की पत्नी की शिकायत के बाद मौके पर पहुँची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहाँ से हटाया। शंकर सरदार का घर संदेशखाली के पोलपारा गाँव में है। मौके पर पुलिस के साथ ही आरएएफ की भी तैनाती की गई है।
#WATCH | West Bengal | Villagers in Polpara village of Sandeshkhali in North 24 Parganas protest against TMC leader Shankar Sardar; his wife alleges vandalism by the local women. Police officials are present in the area. pic.twitter.com/p5rcVjp2ze
अजीत मैती की जगह हलधर अरी को बनाया स्थानीय संयोजक, प्रदर्शन कारियों ने बोला धावा
आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, अजीत मैती को पुलिस की गिरफ्तारी के बाद टीएमसी ने हलधर अरी को स्थानीय संयोजक नियुक्त किया। इस बात की खबर सामने आते ही प्रदर्शनकारियों के समूह ने उसके घर पर धावा बोल दिया और हलधर के बाहर रखे सामान को प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया। मौके पर अतिरिक्त सुरक्षा बल के साथ ही आरएएफ को भी तैनात किया गया है।
अजीत मैती गिरफ्तार, 4 घंटे तक खुद को घर में रखा बंद
बंगाल के उत्तर 24 परगना के संदेशखाली गाँव में महिलाओं के साथ हुए अत्याचार मामले में अब तृणमूल कॉन्ग्रेस नेता अजीत मैती की गिरफ्तारी हुई है। अजीत मैती पर ग्रामीणों की जमीन कब्जाने का आरोप है। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने उसे शेख शाहजहाँ के करीबी के घर से पकड़ा है। यहाँ उसने खुद को 4 घंटे तक बंद किया हुआ था क्योंकि ग्रामीण उसका पीछा कर रहे थे। मैती को हिरासत में रविवार को ही ले लिया गया था। उस समय पुलिस ने जानकारी दी थी कि उन्होंने ग्रामीणों की जमीन हड़पने की शिकायतों के बाद मैती को हिरासत में लिया। पुलिस ने ये भी कहा था कि वो ग्रामीणों की शिकायतों पर गौर करेंगे और फिर अजीत मैती को गिरफ्तार करने के बारे में फैसला करेंगे।
बता दें कि 8 फरवरी 2024 से संदेशखाली में महिलाओं और प्रदर्शनकारियों द्वारा शेख शाहजहाँ पर यौन उत्पीड़न और जमीनों को हड़पने के खिलाफ लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने कहा कि उसे टीएमसी नेता और उनके सहयोगियों के खिलाफ आदिवासी परिवारों से “यौन शोषण और भूमि हड़पने” की 70 शिकायतें मिली हैं। राज्य सरकार के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें अशांत क्षेत्र से लगभग 1,250 शिकायतें मिली हैं, जिनमें 400 भूमि मुद्दों से संबंधित हैं। लेकिन अब तक शेख शाहजहाँ को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है।
झारखंड के रामगढ़ में नौकरी दिलाने के बहाने एक महिला से रेप का मामला सामने आया है। अजमल अंसारी पर आरोप है कि उसने पीड़िता को NGO में काम दिलाने का वादा कर होटल में बुलाया। पीड़िता ने अजमल पर अश्लील वीडियो बना कर वायरल करने की धमकी देने, मारपीट सहित मतांतरण का आरोप लगाया है। रविवार (25 फरवरी 2024) को मिली इस शिकायत पर पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामले की शिकायत रामगढ़ के महिला थाने में दी गई है। पीड़िता मूलतः बोकारो की रहने वाली है। शिकायत में अजमल अंसारी को भी बोकारो के जंगरडीह कथरा के सावित्री कॉलोनी का निवासी बताया गया है। अजमल ने पीड़िता को गुरु सारथी हेल्पिंग वेलफेयर सोसायटी नाम के NGO में काम दिलाने के बहाने अपने झाँसे में लिया। इसके लिए उसने पीड़िता को रामगढ़ के होटल सहित कई अन्य जगहों पर अलग-अलग मौकों पर कई बार मिलने के लिए बुलवाया। इस दौरान उसने पीड़िता से जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
शिकायत में बताया गया है कि 8 फरवरी को भी अजमल ने पीड़िता को रामगढ़ के होटल पायल में मीटिंग के बहाने बुलाया था। यहाँ महिला के साथ रेप का प्रयास किया गया। इसी दौरान अजमल ने पीड़िता का मोबाइल छीन कर उसका सारा डाटा अपने पास रख लिया। इस डाटा में कांटेक्ट लिस्ट और व्हाट्सएप चैट भी शामिल हैं। इसी दौरान उसने महिला को जबरन इस्लाम भी कबूल करवाया। पीड़िता का आरोप यह भी है कि अजमल ने चुपके से उसकी कई आपत्तिजनक वीडियो बना कर अपने पास रख ली है।
आरोप है कि मुँह खोलने और अपनी बात न मानने पर अजमल इन वीडियो को वायरल करने की धमकी दिया करता था। साथ ही शिकायत करने पर जान से मार डालने की बातें कह कर भी डराता था। विरोध करने पर उसने कई बार पीड़िता की पिटाई भी की। रामगढ़ के SDPO परमेश्वर प्रसाद ने मीडिया को बताया कि मामले की जाँच की जा रही है। उन्होंने जाँच के बाद केस दर्ज कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
असम विधानसभा में असम मुस्लिम मैरिज एंड डायवोर्स रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1935 को राज्य सरकार खत्म कर चुकी है। इसके विरोध में असम विधानसभा में सोमवार (26 फरवरी 2024) को जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी कॉन्ग्रेस और आल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) ने विधानसभा में वॉक आउट किया। इस दौरान मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इन पार्टियों को जमकर निशाने पर लिया और ऐलान किया कि उनके रहते असम में अब छोटी मुस्लिम बच्चियों का विवाह नहीं होगा। हिमंता ने कहा कि वो 2026 तक इस दुकान को पूरी तरह से बंद करा देंगे।
असम विधानसभा में गरजते हुए हिमंता ने कहा, “असम में चाइल्ड मैरिज की इजाजत नहीं दी जाएगी। मेरी बात ध्यान से सुनो, जब तक मैं जीवित हूँ, मैं असम में बाल विवाह नहीं होने दूँगा। जब तक हिमंता बिस्वा सरमा जीवित है, ऐसा नहीं होगा। मैं आपको चुनौती देना चाहता हूँ राजनीतिक रूप से, मैं इस दुकान को 2026 से पहले बंद कर दूँगा।”
हिमंता बिस्वा सरमा ने विधानसभा की कार्यवाही का वीडियो एक्स पर शेयर किया और लिखा, “कॉन्ग्रेस के लोग सुन लें, जब तक मैं, हिमंत बिस्वा सरमा ज़िंदा हूँ, तब तक असम में छोटी बच्चियों का विवाह नहीं होने दूँगा। आप लोगों ने मुस्लिम समुदाय की बेटियों को बर्बाद करने की, जो दुकान खोली है, उन्हें पूरी तरह से बंद किए बिना हम चैन से नहीं बैठेंगे।”
कांग्रेस के लोग सुन लें, जब तक मैं, हिमंत बिस्वा सरमा ज़िंदा हूं, तब तक असम में छोटी बच्चियों का विवाह नहीं होने दूँगा। आप लोगों ने मुस्लिम समुदाय की बेटियों को बर्बाद करने की जो दुकान खोली है उन्हें पूरी तरह से बंद किए बिना हम चैन से नहीं बैठेंगे। pic.twitter.com/3yXLi4C23o
इससे पहले, सीएम हिमंता 23 फरवरी को ऐलान किया था कि असम में अब दशकों पुराना असम मुस्लिम विवाह और तलाक पंजीकरण अधिनियम निरस्त कर दिया गया है। उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा था, “23 फरवरी, 2024 को असम कैबिनेट ने दशकों पुराने असम मुस्लिम विवाह और तलाक पंजीकरण अधिनियम को निरस्त करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। भले ही दूल्हा और दुल्हन की उम्र 18 और 21 ना हुई हो, जैसा कि कानूनन होना चाहिए, के विवाह का पंजीकरण भी इसके अंतर्गत हो रहा था। यह निर्णय असम में बाल विवाह पर रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
On 23.22024, the Assam cabinet made a significant decision to repeal the age-old Assam Muslim Marriages & Divorces Registration Act. This act contained provisions allowing marriage registration even if the bride and groom had not reached the legal ages of 18 and 21, as required…
असम सरकार के फैसले का मुस्लिम नेता विरोध कर रहे हैं। असम के ऑल इंडिया यूनाइटडेट डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि एक्ट को निरस्त करके मुस्लिमों को भड़काना चाहती है। मुस्लिम भड़केगा नहीं। इसके जरिए सरकार राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड लाना चाहती है। अजमल ने कहा कि काजी लोग भिखारी नहीं हैं। वे सरकार से एक रुपया नहीं ले रहे हैं। उन्होंने चुनाव बाद विरोध करने की बात कही है।
कॉन्ग्रेस नेता अब्दुर राशिद मंडल ने सरकार के इस कदम को भेदभाव वाला बताया। उन्होंने कहा कि असम सरकार यूनिफॉर्म सिविल कोड लाने और बहु-विवाह को रोक पाने में विफल रही है। राशिद ने कहा कि सरकार कह रही है कि ये ब्रिटिश राज का कानून है और चाइल्ड मैरिज की बात कर रही है। ये सच नहीं है। उन्होंने कहा, “ये मुस्लिमों का निजी कानून है, इसे रद्द नहीं किया जा सकता।”
अंग्रेजों ने बनाया था कानून, नाबालिगों का भी हो रहा था निकाह
बता दें कि यह अधिनियम वर्ष 1935 में अंग्रेजों द्वारा लाया गया था। यह असम के मुस्लिमों के लिए विवाह पंजीकरण और तलाक के नियम बनाता था। इसके अंतर्गत कोई भी मुस्लिम व्यक्ति, जिसे सरकार अधिकृत कर दे, मुस्लिम निकाह को पंजीकृत कर सकता था। इसी के साथ वह तलाक का पंजीकरण भी कर सकता था। इसके लिए वह एक शुल्क भी ले सकता था।
इस अधिनियम के तहत एक इलाके में दो मुस्लिम रजिस्ट्रार नियुक्त किए जाने थे, जिनमें से एक सुन्नी और एक शिया होता। वहीं, असम सरकार का मानना है कि इस नियम का लाभ उठा कर ऐसे निकाह भी पंजीकृत हो रहे थे, जो कि कानूनी मान्यता पूरी नहीं करते। चूंकि इस अधिनियम में निकाह की न्यूनतम आयु का जिक्र नहीं था, ऐसे में 18 वर्ष से कम की बच्चियों का निकाह भी हो रहा था।