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होटल से उठाकर जंगल ले गए और तीन अलग-अलग जगहों पर किया गैंगरेप: कर्नाटक केस में हिजाब वाली लड़की के दावे से नया मोड़, हिंदू पुरुष के साथ दिखने पर हुई थी पिटाई

कर्नाटक में एक होटल में घुसकर मुस्लिम युवकों द्वारा वहाँ ठहरे एक मुस्लिम महिला एवं एक हिंदू पुरुष की जोड़ी के साथ मारपीट करने का वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले में अब एक नया खुलासा हुआ है। इस घटना की पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि होटल से निकालने के बाद मुस्लिम युवक एक सुनसान जगह पर लेकर गए और वहाँ पर उसके साथ गैंगरेप किया।

सामने आए वीडियो में महिला का कहना है कि उसे होटल से अपह्रत करने के बाद ये मुस्लिम युवक उसे एक बाइक पर बैठाकर जंगल में ले गए। वहाँ तीन अलग-अलग जगह पर उसके साथ बलात्कार किया गया। महिला का कहना है कि इसके बाद इन 7 आरोपितों में से तीन युवकों ने उसे एक कार से बस स्टैंड पर छोड़ दिया। हमलावरों ने इस मुस्लिम महिला से सिरसी की बस में बैठने को कहा था। महिला वहीं की रहने वाली है।

वहीं, हावेरी के एसपी अंशू कुमार ने कहा, “हमें पहले बलात्कार के बारे में नहीं बताया गया था। हमें इस बात की जानकारी महिला के वीडियो के बारे में मीडिया रिपोर्ट से ही पता चली। हमने उचित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जाँच जारी है।” पुलिस का कहना है कि इस मामले के आरोपित किसी संगठन से नहीं जुड़े हैं, लेकिन इन पर पहले भी ऐसा ही मुकदमा दर्ज किया जा चुका है।

क्या था पूरा मामला?

दरअसल, मामला कर्नाटक के हावेरी जिले का है और 7 जनवरी 2024 की है। उत्तर कन्नड़ जिले के रहने वाले एक हिन्दू युवक और एक मुस्लिम महिला होटल के एक कमरे में ठहरे थे। इसकी जानकारी मिलने पर अक्कीलुर के कुछ मुस्लिम युवक होटल पहुँच गए। वहाँ वीडियो बनाते हुए कमरे क उसका नम्बर रिकॉर्ड करते हैं। इसके बाद ये लोग दोनों को कमरा खोलने को कहते हुए धमकियाँ देते हैं।

कमरा खुलने पर ये कट्टरपंथी महिला और पुरुष, दोनों पर हमला कर देते हैं। महिला को एक मुस्लिम युवक इतनी बुरी तरीके से पीटता है कि वह जमीन पर गिर जाती है। इसके अलावा, हमलावर युवक मुस्लिम महिला और हिन्दू युवक को काफी भद्दी गालियाँ भी देते हैं।

इस दौरान हमलावर अपना चेहरा भी शान से दिखाते हैं। वीडियो में दिखता है कि मुस्लिम महिला पीटे जाने के बाद काफी समय तक जमीन पर बेसुध पड़ी रहती है। इसके बाद मुस्लिम युवक हिन्दू पुरुष की तरफ बढ़ते हैं और उसे मारने पीटने लगते हैं। इस दौरान हिन्दू पुरुष इनसे विनती करता है कि उसे ना मारें पीटे।

इस मामले में मुस्लिम युवक इसी बात पर हमला करते हैं कि मुस्लिम महिला एक हिन्दू पुरुष के साथ क्यों थी। मुस्लिम युवकों के मारपीट करने का यह वीडियो भी वायरल हो गया है। हिन्दू-मुस्लिम दम्पति पर हमला करने वाले इन मुस्लिम युवकों का नाम आफताब मकबूल अहमद चन्दनकट्टी(24), मदरसब मोहम्मद इसाक मन्दक्की (23) और समीउल्लाह ललनावर(23) है।इन मुस्लिम युवकों के खिलाफ महिला के शीलभंग करने, डराने धमकाने, दंगा करने, किसी के निजी क्षेत्र में जबरदस्ती घुसने और नुकसान पहुँचाने को लेकर मामला दर्ज किया है।

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसावराज बोम्मई ने भी इस मामले की आलोचना की है। उन्होंने कहा है, “मुख्यमंत्री सिद्धारमैया जो मॉरल पुलिसिंग के बारे में बहुत बात करते हैं, वे इस विशेष घटना पर चुप क्यों हैं? क्या इसलिए कि उपद्रवी अल्पसंख्यक समुदाय से थे? सिद्धारमैया इस घटना पर अपना रुख स्पष्ट करें।”

घर से निकली 7 और 12 साल की महादलित बच्ची, अगली सुबह एक मरी मिली-दूसरी थी खून से लथपथ: रेप की घटना के बाद बिहार में भड़के लोग

बिहार में दो महादलित बच्चियों से रेप के मामले में अब तक अपराधी पकड़ से बाहर हैं। इस मामले में एक बच्ची की मौत हो गई थी, वहीं दूसरी की हालत नाजुक है। घटना पटना से सटे फुलवारीशरीफ के हिंदुनी बधार इलाके की है। बच्चियाँ जलावन के लिए लकड़ी लेने गई थी तभी दरिंदों ने इनको अगवा कर गैंगरेप को अंजाम दिया।

इस दरिंदगी से 7 साल की बच्ची की मौत हो गई। वहीं 12 साल की दूसरी बच्ची पटना के एम्स में जिंदगी की जंग लड़ रही है। इस मामले में अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण बुधवार (10 जनवरी 2024) को लोगों का गुस्सा भड़क उठा।

स्थानीय लोगों ने छह घंटे से अधिक वक्त तक राष्ट्रीय राजमार्ग के पटना-आरा हिस्से में जाम रखा। सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) विक्रम सिहाग ने कहा, “घटना की सटीक जानकारी के लिए हम दूसरी लड़की के ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं। फोरेंसिंक टीम ने घटनास्थल से सुबूत जुटाए हैं। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए डॉग स्कावॉड की मदद ली जा रही है।”

पुलिस ने मृतक बच्ची की माँ के बयान पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ IPC की धारा 302 (हत्या), 376 एबी (12 साल से कम उम्र की महिला संग बलात्कार के लिए सजा),120 बी (साजिश), धारा 307 (हत्या का प्रयास) और POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) एक्ट के तहत FIR दर्ज की है।

पुलिस और स्थानीय लोगों के मुताबिक, महादलित परिवारों की दो लड़कियाँ सोमवार (8 जनवरी 2024) को जलावन के लिए लकड़ी इकट्ठा करने गई थीं, लेकिन देर रात तक घर वापस नहीं लौटीं। 9 जनवरी की सुबह फुलवारी शरीफ में हिंदुनी गांव के आधे बने मकान के बाउंड्री वॉल के पीछे खेत में 7 साल की बच्ची की लाश मिली। वहीं 12 साल की दूसरी बच्ची खून से लहूलुहान बेहोश थी।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने बच्चियों के लापता होने का केस दर्ज नहीं किया। आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग को लेकर पीड़ित महादलित परिवार संग सैकड़ों लोगों ने फुलवारी शरीफ गोलंबर जाम कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। लाेगाें ने दुष्कर्मियों को गिरफ्तार कर फाँसी की सजा और पीड़ित परिवार काे 20 लाख का मुआवजा देने की माँग की है।

पति जैसा दिखता था 4 साल का बेटा, इसलिए सूचना सेठ ने मार डाला? जिस कैब ड्राइवर के कारण पकड़ी गई उसने किए कई चौंकाने वाले खुलासे

गोवा के एक होटल में अपने 4 वर्षीय बच्चे की हत्या करने की आरोपित एक टेक कंपनी की CEO सूचना सेठ के बारे में नए खुलासे हुए हैं। पूछताछ में यह सामने आया है कि सूचना सेठ ने अपने पति से ₹2.5 लाख गुजारा भत्ता के तौर पर माँगे थे। वहीं, एक रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि बच्चे में उसके पिता का चेहरा नजर आता था, जो उसके बिगड़े रिश्ते की याद दिलाता था।

घटना के 48 घंटे बाद कर्नाटक से गिरफ्तार सूचना सेठ के चेहरे पर उसकी करतूत का कोई पछतावा नहीं दिखा। पुलिस को आशंका है कि सूचना ने आत्महत्या की भी कोशिश की थी। उसकी कलाई पर चोट के निशान और कमरे से कफ सिरफ के दो खाली बोतल मिले हैं। हालाँकि, वो बता नहीं पाई कि ये चोट कैसे लगे। पुलिस कड़ियों को जोड़ने के लिए मनोचिकित्सकों की भी सहायता लेगी।

पति पर कराया था घरेलू हिंसा का मुकदमा

सूचना सेठ की वेंकट रमन से नवम्बर 2010 में कोलकाता में शादी हुई थी। सूचना ने अपने जिस बेटे चिन्मय की हत्या की, उसका जन्म 14 अगस्त 2019 को हुआ था। कोरोना के दौरान पति-पत्नी के रिश्ते बिगड़ गए थे। इसके बाद दोनों ने तलाक के लिए कोर्ट में अर्जी डाला था। सूचना ने अगस्त 2022 में वेंकट रमण के खिलाफ घरेलू हिंसा का भी मुकदमा दायर किया था।

सूचना ने आरोप लगाया था कि वेंकट उसके साथ और उसके बेटे के साथ मारपीट करता है। उसने यह भी बताया कि उसके पति की महीने की कमाई ₹9 लाख से अधिक है, इसलिए उसे गुजारा भत्ता के रूप में महीने के ₹2.5 लाख चाहिए। यह बात अलग है कि सूचना खुद एक कम्पनी की सीईओ है और काफी अच्छा पैसा कमाती है।

सूचना और वेंकट के मुकदमे की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेश दिया था कि बेटा सूचना सेठ के साथ रहेगा। साथ ही कोर्ट ने वेंकट को बच्चे से फ़ोन पर बात करने या सूचना के घर जाने पर भी रोक लगा दी थी। कोर्ट ने वेंकट को हर रविवार को बच्चे से मिलने की इजाजत दी थी। इससे सूचना काफी नाखुश थी। सूचना नहीं चाहती थी कि एक भी दिन वेंकट अपने बेटे से मिल पाए।

बच्चे में दिखता था पिता का चेहरा, पुलिस को कर रही गुमराह

एक रिपोर्ट में बताया गया है कि सूचना ने अपने सम्बन्धियों और करीबियों से बताया था कि उसे अपने बेटे में वेंकट का चेहरा दिखता है और दोनों के कड़वाहट भरे रिश्ते की याद आती है। यह भी सामने आया है कि बच्चे की हत्या से पहले उसके पिता ने सूचना को फ़ोन करके उससे मिलने की गुहार लगाई थी। तब सूचना ने कहा था कि वह किसी सार्वजनिक स्थान पर मिलवाने के लिए बच्चे को लाएगी।

हालाँकि, जिस जगह बच्चे से वेंकट को मिलना था, उस दिन वेंकट वहाँ पहुँचा भी था, लेकिन सूचना बच्चे को लेकर नहीं आई और वह गोवा चली गई। वहीं, वेंकट इंडोनेशिया चला गया। इसके बाद सूचना बच्चे को लेकर गोवा के एक होटल में गई और वहाँ बच्चे की हत्या करने के बाद उसकी लाश लेकर कर्नाटक की तरफ चली गई।

पुलिस का मानना है कि सूचना जाँच में सहयोग नहीं कर रही है और गुमराह करने की कोशिश कर रही है। पुलिस को सूचना ने बताया है कि जब वह सोई थी, तब उसका बेटा जीवित था, लेकिन जब वह सुबह उठी तो वह मृत मिला। हालाँकि, पुलिस को इस थ्योरी पर विश्वास नहीं है। पुलिस ने उसकी मानसिक स्थिति का पता लगाने के लिए जाँच करवाने का भी निर्णय लिया है।

ड्राईवर ने दिखाई होशियारी, नहीं होने दी पुलिस तक पहुँचने की भनक

इस पूरे कांड में सूचना के पकड़े जाने में उस टैक्सी ड्राईवर का अहमद रोल है, जिसकी गाड़ी में बैठकर वह गोवा से बेंगलुरु जा रही थी। इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए उस टैक्सी के ड्राइवर रॉयजॉन डिसूजा ने बताया है कि वह 8 जनवरी 2024 की रात साढ़े 12 बजे सूचना को गोवा से बेंगलुरु के लिए लेकर निकला था। सूचना होटल में उससे जल्दी की रट लगा रही थी।

हालाँकि, गोवा और कर्नाटक बॉर्डर पर पहुँचने पर ड्राइवर को जाम मिला। इस पर ड्राइवर ने सूचना को एयरपोर्ट छोड़ने की सलाह दी। सूचना इसके लिए राजी नहीं हुई। ड्राइवर को पुलिस ने होटल के कमरे में खून के धब्बे देख कर फ़ोन किया था। ड्राइवर ने बताया इसके बाद पुलिस ने कहा कि वह सूचना से बात करवाए। सूचना ने पुलिस को अपने बेटे के बारे में गलत जानकारी दी थी।

इसके बाद पुलिस ने ड्राइवर डिसूजा को कहीं आसपास के थाने में जाने को कहा। इसके बाद ड्राइवर डिसूजा एक रेस्टोरेंट पर बहाना बनाकर उतरा और वहाँ के गार्ड से आसपास के पुलिस थाने के बारे में पूछा। गार्ड ने डिसूजा को बताया कि 500 मीटर दूर ही एक पुलिस थाना है। इसके बाद वह ऐमन्गला पुलिस थाने पहुँचा। वहाँ सूचना के बैग की तलाशी ली गई तो उसमें उसके बेटे की लाश बरामद हुई।

इस मामले में यह बात भी सामने आई है कि सूचना सेठ होटल के जिस कमरे में रुकी थी, वहाँ कफ सिरप मिली है। माना जा रहा है कि उसने बेटे की हत्या काफ सिरप पिलाने के बाद किए से नाक-मुँह दबाकर किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई है कि बच्चे की हत्या किसी चीज से दबाकर की गई है।

क्या था पूरा मामला?

बता दें कि 39 वर्षीय सूचना सेठ एक टेक स्टार्टअप फाउंडर और माइंडफुल नाम की कम्पनी की CEO है। वह 6 जनवरी 2024 की शाम को अपने 4 साल के बेटे को साथ लेकर गोवा गई थी और वहाँ के एक होटल में ठहरी थी। उसने 7 जनवरी 2024 को जल्दी-जल्दी में अपना होटल छोड़ दिया। जब वह वापस निकली तो उसके साथ उसका बेटा नहीं था।

उसने होटल की रिसेप्शनिस्ट से कहा था कि उसे बेंगलुरु के लिए एक निजी टैक्सी चाहिए। होटल के कर्मचारियों ने कहा कि सूचना को फ्लाइट लेना चाहिए, लेकिन वह टैक्सी लेने पर अड़ी रही। इसके बाद जब उसे टैक्सी मिली तो वह वहाँ से एक बैग के साथ निकल गई। इस दौरान उसका बेटा नहीं दिखा। इस पर होटल के कर्मचारियों ने पूछा तो सूचना बोली कि उसे पहले ही घर भेज चुकी है।

सूचना सेठ के कमरा छोड़ने के बाद होटल के सफाई कर्मचारी उस कमरे की साफ-सफाई के लिए गए, जिसमें वह ठहरी हुई थी। सफाईकर्मियों ने कमरे में इधर-उधर खून बिखरा हुआ देखा। इसके बाद सफाई कर्मी ने होटल के प्रबन्धन को सूचित किया। होटल प्रबंधन ने इसके बारे में पुलिस को जानकारी दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि महिला के उसका बेटा साथ में वापस जाता नहीं दिखा था।

पुलिस ने जब सूचना को फ़ोन किया तो उसने बताया कि उसका बेटा गोवा के फट्रोडा में है। वहाँ उसके दोस्त हैं। पुलिस ने जब इसकी जाँच की तो उसे शक हुआ। पुलिस ने सूचना को लेकर जा रही टैक्सी के ड्राइवर का नंबर निकाला और उसे फोन करके नजदीकी पुलिस थाने मेें जाने को कहा। ड्राइवर उस समय कर्नाटक के चित्रदुर्ग में था। थाने में बैग की जाँच में उसके 4 वर्षीय बेटे की लाश मिली।

नाबालिग को ले भागा आरिफ, कर दिया प्रेग्नेंट: दिल्ली हाई कोर्ट ने खत्म किया अपहरण-रेप का केस, कहा- सच्चा प्यार को कठोरता से कंट्रोल नहीं कर सकते

दिल्ली हाई कोर्ट ने नाबालिग लड़की के अपहरण और रेप के आरोप से आरिफ खान को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा है कि ‘सच्चा प्रेम’ को कार्रवाई की कठोरता से नियंत्रित नहीं किया जा सकता है। जिस लड़की को भगाकर ले जाने का आरिफ पर आरोप था, वह अब उसकी बीवी और दो बच्चों की अम्मा भी है।

बार ऐंड बेच की रिपोर्ट के अनुसार आरिफ के खिलाफ केस को रद्द करते हुए जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा ने कहा, “यह दो व्यक्तियों के बीच सच्चा प्यार है। इनमें एक या दोनों नाबालिग हो सकते हैं। इसको कानूनी कार्रवाई के जरिए नियंत्रित नहीं किया जा सकता है।”

यह मामला साल 2015 का है। आरिफ खान के खिलाफ नाबालिग लड़की के घरवालों ने शिकायत दर्ज करवाई थी। उस पर बेटी को अगवा करने और बलात्कार का आरोप लगाया था। इस मामले में आरिफ को 2015 से 2018 तक जेल भी काटनी पड़ी थी।

जब आरिफ को गिरफ्तार किया गया था तो उसके साथ बरामद हुई नाबालिग लड़की पाँच महीने की गर्भवती थी। नाबालिग ने बच्चे का गर्भपात करवाने से मना कर दिया था। उसने इसके पीछे आरिफ से अपने प्रेम को कारण बताया था। इस मामले की सुनवाई के दौरान लड़की के वकील ने दावा किया कि जब आरिफ उसे भगाकर ले गया था, तब वह 18 वर्ष की हो चुकी थी। हालाँकि, दिल्ली पुलिस ने इसका विरोध करते हुए कहा कि स्कूल के रिकॉर्ड के अनुसार वह 18 वर्ष से कम की थी।

दिल्ली हाई कोर्ट के सामने आरिफ खान ने अपने विरुद्ध दर्ज किए गए मामलों को खत्म करने की माँग की थी। कोर्ट ने इसी याचिका की सुनवाई करते हुए उसके खिलाफ दायर मुकदमे को रद्द कर दिया। इस दौरान कोर्ट ने कहा, “न्याय के तराजू पर चीजों को का संतुलन बनाने के लिए हमेशा आप गणितीय नम्बरों का सहारा नहीं ले सकते।” अदालत का कहना था कि इस मामले में कानूनी कठोरता से आरिफ, लड़की जो अब उसकी पत्नी है और उनकी दो बेटियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में महबूबा मुफ्ती की गाड़ी का भीषण टक्कर, बाल-बाल बचीं पूर्व सीएम: ड्राइवर और PSO घायल

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और PDP सुप्रीमो महबूबा मुफ्ती की गाड़ी का गुुरुवार (11 जनवरी 2023) को कश्मीर के अनंतनाग में एक्सीडेंट हो गया। इस हादसे में महबूबा मुफ्ती सुरक्षित हैं। गाड़ी की टक्कर ड्राइवर वाली साइड की तरफ से हुई थी। इस कारण ड्राइवर को चोटें आई हैं। दरअसल, महबूबा अग्निकांड के पीड़ितों से मिलने जा रही थीं।

दरअसल, महबूबा मुफ्ती गुरुवार (11 जनवरी 2023) को श्रीनगर से अनंतनाग के खानबल की तरफ जा जा रही थीं। उनकी गाड़ी का संगम बिजबेहड़ा के पास एक्सीडेंट हो गया। इस हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँच गई और जाँच शुरू कर दी। इस हादसे की सूचना उनकी बेटी इल्तिजा ने दी और कहा कि महबूबा और उनका पीएसओ सुरक्षित हैं।

बाद में महबूबा मुफ्ती ने भी दुर्घटना की जानकारी साझा की। उन्होंने एक्स पर लिखा, “आप सबकी दुआओं से मैं सुरक्षित हूँ। मेरे ड्राइवर और पीएसओ को चोटें आई हैं। मैं आशा करती हूँ कि वो जल्द ही इससे उबर जाएँगे।”

हालाँकि, पीडीपी मीडिया सेल के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया था कि इस हादसे में पीएसओ और महबूबा मुफ्ती बच गए हैं, पर महबूबा मुफ्ती ने साफ किया कि उनके सुरक्षा अधिकारी भी इस हादसे में घायल हुए हैं। महबूबा मुफ्ती ने अनंतनाग में अग्निकांड पीड़ितों से मुलाकात की और जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल और प्रशासन ने पीड़ितों की मदद का आग्रह किया।

राम मंदिर ‘राजनीति’, पर सोनिया गाँधी के लिए मदर टेरेसा का संत होना भारत के लिए ‘गौरव’: पोप को लिखा लेटर वायरल, वेटिकन भेजे थे दूत

कॉन्ग्रेस ने 11 जनवरी 2024 को एक पत्र जारी करके अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में जाने से मना कर दिया। इस समारोह का आयोजन 22 जनवरी 2024 को होना है, जिसमें देश-दुनिया भर से लोग शामिल होंगे। इस समारोह के लिए कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कॉन्ग्रेस नेता सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी को निमंत्रण पत्र भेजा गया था।

कॉन्ग्रेस ने इस निमंत्रण को ठुकरा दिया है और एक पत्र जारी करके प्राण प्रतिष्ठा में ना जाने की वजह बताई है। पत्र में लिखा गया है, “भगवान राम की पूजा-अर्चना करोड़ों भारतीय करते हैं। धर्म मनुष्य का व्यक्तिगत विषय होता आया है, लेकिन बीजेपी और आरएसएस ने वर्षों से अयोध्या में राम मंदिर को एक राजनीतिक परियोजना बना दिया है।”

जहाँ कॉन्ग्रेस ने इस पत्र में धर्म को निजी विषय बताया है, वहीं सोशल मीडिया पर साल 2016 में लिखा गया सोनिया गाँधी का एक अन्य पत्र वायरल हो रहा है। यह पत्र सोनिया गाँधी ने वेटिकन के पोप फ्रांसिस को लिखा था, जिसमें भारत में दशकों तक रहीं ईसाई नन मदर टेरेसा के संत घोषित करने की प्रक्रिया से संबंधित था। इस पत्र को कॉन्ग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से साझा किया गया था।

इस पत्र में सोनिया गाँधी ने लिखा था कि मदर टेरेसा के संतीकरण से भारत में रहने वाले 2 करोड़ ईसाइयों सहित सभी नागरिक इस बात से बहुत गर्वित और प्रसन्न हैं कि पोप और कैथोलिक चर्च द्वारा मदर टेरेसा की आत्मा की पवित्रता, उद्देश्य की पवित्रता और मानवता की सेवा के माध्यम से ईश्वर की सेवा की।

उन्होंने आगे लिखा कि मदर टेरेसा का संत घोषित किया जाने वाला समारोह सभी भारतीयों के लिए उन्हें धन्यवाद देने का अवसर है, क्योंकि उन्होंने भारत में बिताए गए अपने समय में ‘देश के सबसे गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा’ की। उन्होंने आगे लिखा है कि टेरेसा ने अपना जीवन निस्वार्थ सेवा में बिताया और हर किसी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए और सीखना चाहिए कि ‘हमारे रोजमर्रा के जीवन में करुणा और प्रेमपूर्वक रहने और दयालुता कैसे दिखाई जाए’।

सोनिया गाँधी ने भी टेरेसा के संतीकरण के इस पवित्र आयोजन के लिए वेटिकन जाने की इच्छा जताई थी। हालाँकि, उन्होंने कहा था वह बीमारी के कारण इस पवित्र आयोजन में नहीं शामिल हो पाएँगी। अपनी जगह उन्होंने कॉन्ग्रेस के दो नेताओं- मारग्रेट अल्वा और लुइज़िन्हो फलेइरो को वेटिकन सिटी में आयोजित समारोह में भेजा था।

जो सोनिया गाँधी कल तक पूरे देशवासियों की तरफ से मदर टेरेसा को संत की उपाधि दिए जाने पर ख़ुशी जता रही थीं और ईसाइयों के सबसे बड़े पद पोप को पत्र लिख रहीं थीं, वहीं अब उनकी पार्टी हिन्दुओं के आराध्य के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को निजी मामला बताकर जाने से मना कर रही हैं।

कॉन्ग्रेस ने इस पूरे आयोजन को भाजपा और आरएसएस का कार्यक्रम बताया है। अब यह भी प्रश्न उठ रहा है कि यदि सोनिया गाँधी को धार्मिक मामले में राजनीतिक संगठनों का जुड़ा होना पसंद नहीं है तो वह एक ईसाई नन के संतीकरण के आयोजन पर इतना ख़ुशी क्यों थीं और अपनी पार्टी की तरफ से पत्र क्यों लिख रही थीं?

मदर टेरेसा को लेकर भी भारतीय जनमानस में कई प्रश्न उठते रहे हैं। मदर टेरेसा पर आरोप है कि वह गरीबों को ईसाइयत में धर्मान्तरित करने का चक्र चलाती थीं। इसके साथ ही वह इलाज के ऐसे तरीकों को बढ़ावा देती थीं, जो कि सही नहीं थे। दरअसल, मदर टेरेसा एक धार्मिक मिशन पर भारत में थीं और उनके काम को कैथोलिक ईसाइयों द्वारा समर्थन मिलता था।

खाद पर अखिलेश यादव के ‘झूठ’ की मोदी के मंत्री ने खोली पोल, बताया- नीम कोटेड यूरिया की नहीं बढ़ी है कीमत, किसानों को न करें गुमराह

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यूरिया की कीमतों को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी दी है। इस पर केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने अखिलेश यादव के दावे की धज्जियाँ उड़ा दीं। दरअसल, सरकार ने नीम कोटेड यूरिया की कीमतों के बराबर वाली कीमत पर ही यूरिया गोल्ड भी लॉन्च किया है, जिसका वजन 45 किलोग्राम है। ऐसे में अखिलेश यादव दावा किया सरकार ने यूरिया की कीमतों को बढ़ा दिया।

सपा सुप्रीमो के इस दावे पर केंद्रीय कृषि मंत्री मनसुख मांडविया ने लिखा, “प्रिय अखिलेश जी, पहले तो मैं आपको यह बात स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि नीम कोटेड यूरिया की 45 किलोग्राम वाली बैग ₹266.5 में मिलती थी, मिलती है और मिलती रहेगी। हमने PM @NarendraModi जी के ‘जय अनुसंधान’ के नारे साथ किसानों के हित में नया सल्फर कोटेड ‘गोल्ड यूरिया’ बनाया है।”

अखिलेश यादव ने एक्स पर दावा किया, “भाजपा सरकार किसानों के शोषण का पर्याय बन गयी है। यूरिया की बोरी वज़न में घटकर अब 40 किलो की हो गयी है। किसान ये साधारण गणित अच्छे से समझता है कि पहले ₹266.50 में 45 किलो यानी एक किलो यूरिया का दाम लगभग ₹5.92 पड़ता था, लेकिन अब ₹266.50 में 40 किलो यानी लगभग ₹6.66 किलो प्रति किलोग्राम पड़ेगा। मतलब एक झटके में यूरिया 12% से भी ज़्यादा महँगी हो गयी है। भाजपा राज में अगर इसी तरह ‘बोरी की चोरी’ जारी रही तो एक दिन किसानों को खाली बोरी ही मिलेगी। आगामी चुनाव में किसान भाजपा की कृषि-कृषक विरोधी राजनीति का खेत खोद देंगे।”

बता दें कि अखिलेश यादव ने यूरिया के दामों को लेकर जनता में भ्रम फैलाने की कोशिश की। उन्होंने सल्फर यूरिया गोल्ड को नीम कोटेड यूरिया के दामों जैसा दिखाया और लोगों में ये भ्रम फैलाने की कोशिश की कि यूरिया की कीमतें 12 प्रतिशत बढ़ा दी गई हैं। जबकि हकीकत ये है कि नीम कोटेड की 45 किलो की बोरी की कीमत अब भी 266.50 रुपए ही है।

वहीं, इसी कीमत यानी 266.50 रुपए में ही 40 किलो वजन वाला सल्फर यूरिया गोल्ड भी लॉन्च किया गया है। ऐसे में साफ है कि ये दोनों ही उत्पाद अलग-अलग हैं, लेकिन अखिलेश यादव ने सल्फर यूरिया गोल्ड की कीमत को नीम कोटेड यूरिया बताकर भ्रम फैलाने की कोशिश की। इसका कृषि मंत्री ने खंडन किया है।

कॉन्ग्रेस ने राम मंदिर से किया किनारा, पर अयोध्या जाएँगे हिमाचल के मंत्री विक्रमादित्य सिंह: कहा- मैं हिंदू, प्राण-प्रतिष्ठा में उपस्थित रहना मेरी जिम्मेदारी

कॉन्ग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। लेकिन हिमाचल प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार के मंत्री विक्रमादित्य सिंह इस अवसर पर अयोध्या में उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा है कि एक हिंदू होने के नाते यह उनकी जिम्मेदारी बनती है।

विक्रमादित्य सिंह हिमाचल के लोक निर्माण विभाग के मंत्री हैं। वे पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और कॉन्ग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के पुत्र हैं। उन्होंने बताया है कि वे प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए 17 जनवरी को अयोध्या रवाना होंगे

विक्रमादित्य सिंह ने प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का न्योता देने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) का आभार भी जताया है। उन्होंने कहा है, “यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। मैं हिमाचल प्रदेश से आमंत्रित किए गए कुछ लोगों में शामिल होने पर स्वयं को भाग्यशाली मानता हूँ। मुझे और मेरे परिवार को यह सम्मान देने के लिए आरएसएस और विहिप को धन्यवाद देता हूँ।”

सिंह ने कहा, “इस ऐतिहासिक दिन का हिस्सा बनने का जीवन में एक बार मिलने वाला अवसर है। ‘देव समाज’ में विश्वास रखने वाले एक हिंदू के रूप में यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं इस अवसर पर मौजूद रहूँ और भगवान राम की ‘प्राण प्रतिष्ठा’ का साक्षी बनूँ।”

पीडब्ल्यूडी मंत्री सिंह ने न्योता मिलने से पहले 4 जनवरी को कहा था कि वे अपनी ‘सुविधा’ के मुताबिक राम मंदिर का दौरा करेंगे। उन्होंने था, “मैं एक हिंदू धर्मनिष्ठ परिवार से आता हूँ और मंदिर की मेरी यात्रा का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। मैंने रिकॉर्ड पर कहा है कि हमारी मान्यताओं का राजनीतिक विचारधारा से कोई लेना-देना नहीं है। ये मेरे और मेरे परिवार के लिए गहरी आस्था का विषय है। मैं निश्चित रूप से राम मंदिर जाऊँगा।”

गौरतलब है कि राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए कॉन्ग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी और लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी को आमंत्रित किया गया था। लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया है। पार्टी के जनरल सेक्रेटरी (कम्युनिकेशंस) जयराम रमेश ने RSS और बीजेपी पर राम मंदिर को राजनीतिक प्रोजेक्ट बनाने आरोप जड़ते हुए कहा था कि निर्माण पूरा हुए बिना राम मंदिर का उद्घाटन चुनावी फायदे के लिए किया जा रहा है।

हालाँकि इस स्टैंड को लेकर पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने विरोध जताया है। संभल के कल्किधाम पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा था कि श्री राम मंदिर के निमंत्रण को ठुकराना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और आत्मघाती फ़ैसला है। वहीं गुजरात की पोरबंदर सीट से पार्टी विधायक अर्जुन मोढवाडिया ने भी इस फैसले का विरोध किया है। उन्होंने कहा था, “भगवान श्री राम आराध्य देव हैं। यह देशवासियों की आस्था और विश्वास का विषय है। कॉन्ग्रेस को ऐसे राजनीतिक निर्णय लेने से दूर रहना चाहिए था।’

होटल में हिजाब वाली महिला के साथ था हिंदू, कमरे में घुसकर पीटा-गालियाँ दी; Video किया वायरल: कर्नाटक की घटना, 2 गिरफ्तार

कर्नाटक के हवेरी जिले के हनागल इलाके में कुछ मुस्लिम युवकों ने एक होटल के कमरे में घुसकर एक मुस्लिम महिला और हिन्दू व्यक्ति पर हमला कर दिया। उनके साथ मारपीट के अलावा काफी अभद्रता की गई। उनका वीडियो बनाया गया और उन्हें होटल से बाहर खींचा गया। मुस्लिम युवकों ने यह वीडियो बाद में वायरल कर दिया।

जानकारी के अनुसार, यह घटना 7 जनवरी 2024 की है। उत्तर कन्नड़ जिले के रहने वाले हिन्दू युवक और मुस्लिम महिला इस होटल में ठहरे थे। इसकी जानकारी मिलने पर अक्कीलुर के कुछ मुस्लिम युवक होटल पहुँच गए। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि ये हमलावर होटल जाते हैं और जिस कमरे में ये दोनों ठहरे हुए थे, उसका नम्बर रिकॉर्ड करते हैं। इसके बाद ये लोग दोनों को कमरा खोलने को कहते हुए धमकियाँ देते हैं।

कमरा खुलने पर ये कट्टरपंथी महिला और पुरुष, दोनों पर हमला कर देते हैं। महिला को एक मुस्लिम युवक इतनी बुरी तरीके से पीटता है कि वह जमीन पर गिर जाती है। इसके अलावा, हमलावर युवक मुस्लिम महिला और हिन्दू युवक को काफी भद्दी गालियाँ भी देते हैं।

इस दौरान हमलावर अपना चेहरा भी शान से दिखाते हैं। वीडियो में दिखता है कि मुस्लिम महिला पीटे जाने के बाद काफी समय तक जमीन पर बेसुध पड़ी रहती है। इसके बाद मुस्लिम युवक हिन्दू पुरुष की तरफ बढ़ते हैं और उसे मारने पीटने लगते हैं। इस दौरान हिन्दू पुरुष इनसे विनती करता है कि उसे ना मारें पीटे।

इस मामले में मुस्लिम युवक इसी बात पर हमला करते हैं कि मुस्लिम महिला एक हिन्दू पुरुष के साथ क्यों थी। इन मुस्लिम युवकों के मारपीट करने का यह वीडियो भी वायरल हो गया है। हिन्दू-मुस्लिम दम्पति पर हमला करने वाले इन मुस्लिम युवकों का नाम आफताब मकबूल अहमद चन्दनकट्टी, मदरसब मोहम्मद इसाक मन्दक्की और समीउल्लाह ललनावर है।

हमले के पीड़ितों ने पुलिस में 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने इनमें से दो मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया है। वहीं, बाकी लोगों की गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने इन लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, अपहरण और महिला का शीलभंग करने के प्रयास जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया है।

इससे पहले भी मुस्लिम युवकों ने हिन्दू युवक को मारा पीटा था

यह एक सप्ताह के भीतर ऐसी दूसरी घटना है, जहाँ मुस्लिम युवकों ने बवाल काटा है। इससे पहले 7 जनवरी 2024 को कर्नाटक के बेलगावी से ऐसी ही घटना सामने आई थी। बेलगावी में लगभग 20 मुस्लिम युवकों ने एक भाई-बहन को कई घंटों तक बंधक बनाए रखा और उन्हें परेशान किया।

जानकारी के अनुसार, बेलगावी में हिजाब पहनी एक लड़की और तिलक लगाए एक लड़के पर कुछ मुस्लिम युवकों ने हमला कर दिया और उन्हें सुनसान जगह पर ले गए। इसके बाद इनके साथ मारपीट की गई। जिन भाई बहन को परेशान किया गया, उनमें से लड़की मुस्लिम और लड़का हिन्दू है। दोनों की माताएँ आपस में सगी बहनें हैं और लड़की की माँ हिन्दू, जबकि उसका पिता मुस्लिम है।

उनको साथ देखकर कट्टरपंथी मुस्लिमों ने हमला कर दिया। इस दौरान दोनों ने कई बार बताया कि वे भाई बहन हैं, फिर भी उन्हें नहीं बख्शा गया। इस हमले में लगभग 15 मुस्लिम युवक शामिल थे। पीड़िता ने बताया कि वह हमलावारों से गुहार लगाती रही, लेकिन लोगों ने उसके साथ मारपीट की और उसके फोन छीन लिए।

मुस्लिम युवकों ने मारपीट करते हुए लड़की से कहा था कि वह मुस्लिम होकर हिन्दू लड़के के साथ क्यों घूम रही है। इस मामले में अब तक 7 मुस्लिम युवक गिरफ्तार किए गए हैं। इनके नाम अयमान, हुसैन, अतीफ, सैफ अली, उमर, रेहान और अजान अली हैं। इनके ऊपर पुलिस ने हत्या के प्रयास, लूट, नुकसान पहुँचाने समेत अन्य कई धाराओं में मामला दर्ज किया है।

गौरतलब है कि पहले भी ऐसी घटनाएँ सामने आती रही हैं, जहाँ मुस्लिम युवकों ने हिन्दू लड़कों के साथ होने की वजह से मुस्लिम युवतियों पर हमला किया। इसको लेकर एक ख़ास पैटर्न भी सामने आया था।

1008 नर्मदेश्वर शिवलिंग, 21000 पुजारी… अयोध्या में सरयू किनारे ‘राम नाम महायज्ञ’, 100 कुंडों में 1100 जोड़े राम मंत्रों के साथ करेंगे हवन

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में 22 जनवरी 2024 को भगवान रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा होगी। उससे पहले सरयू तट पर ‘राम नाम महायज्ञ’ शुरू होगा। इसमें हिस्सा लेने के लिए नेपाल से 21 हजार पुजारी आ रहे हैं।

आत्मानंद दास महात्यागी उर्फ नेपाली बाबा के नेतृत्व में होने वाले इस यज्ञ के दौरान सरयू तट पर 1008 नर्मदेश्वर शिवलिंगों की स्थापना की जाएगी। इसके लिए सरयू के किनारे 100 एकड़ में टेंट सिटी बसाया गया है। इसमें 1008 टेंट लगाए गए हैं। महायज्ञ के लिए यज्ञ मंडप भी बनाया गया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, राम मंदिर से 2 किलोमीटर दूर सरयू नदी के रेत घाट पर टेंट सिटी बसाई गई है। इसी टेंट सिटी में महायज्ञ का आयोजन आत्मानंद दास महात्यागी उर्फ नेपाली बाबा द्वारा किया जाएगा। नेपाली बाबा अयोध्या के ही मूल निवासी हैं, लेकिन बाद में नेपाल में बस गए। वे हर साल इस महायज्ञ का आयोजन करते हैं। इसमें देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।

नेपाली बाबा ने बताया, “मैं यह यज्ञ हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर करता हूँ। लेकिन इस साल हमने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मद्देनजर इसे बढ़ा दिया है।” बता दें कि इस महायज्ञ का आयोजन करने वाले आत्मानंद दास महात्यागी का जन्म अयोध्या के फटिक शिला इलाके में हुआ था। वे तपस्वी नारायण दास के शिष्य हैं। आत्मानंद दास महात्यागी का दावा है कि नेपाल नरेश ने ही उनका नाम नेपाली बाबा रखा था।

जानकारी के मुताबिक, महायज्ञ समाप्त होने के बाद 1008 शिवलिंगों को पवित्र सरयू नदी में विसर्जित किया जाएगा। महायज्ञ रामायण के 24 हजार श्लोकों के जाप के साथ 17 जनवरी से हवन शुरू होगा जो 25 जनवरी तक चलेगा। हर दिन 1008 शिवलिंगों का पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। यज्ञशाला में बने 100 कुंडों में 1100 जोड़े राम मंत्रों के उच्चारण के साथ हवन करेंगे।

मध्य प्रदेश से आए पत्थर, नक्काशी का काम अंतिम चरण में

नर्मदेश्वर शिवलिंगों को बनाने के लिए पत्थर मध्य प्रदेश से लाए गए हैं, जो नर्मदा नदी से ही एकत्रित किए गए हैं। इन पत्थरों पर नक्काशी का काम आखिरी चरण में है। 17 जनवरी से होने वाले इस महायज्ञ कार्यक्रम के लिए तैयारियाँ अंतिम चरण में है। इस दौरान हर रोज 50 हजार से एक लाख भक्तों के लिए भोजन भी बनता रहेगा।