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पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा में अज्ञात बंदूकधारियों ने 4 को उतारा मौत के घाट, इनमें 2 सुरक्षाकर्मी: गाड़ियों पर ताबड़तोड़ गोलीबारी

पाकिस्तान के उत्तर पश्चिम खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में रविवार (7 जनवरी, 2024) को दो यात्री वाहनों पर गोलीबारी की गई। कुर्रम जिले सद्दा बाजार इलाके में हुए इस हमले में दो सुरक्षाकर्मियों सहित कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए।

पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। अभी तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। जिला पुलिस अधिकारी (DPO) मुहम्मद इमरान के मुताबिक बंदूकधारियों ने स्वचालित हथियारों से एक कार और एक यात्री कोच को निशाना बनाया।

हादसे के तुरंत बाद पुलिस, सुरक्षा बल और बचाव दल घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने लाशों और घायलों को नजदीकी अस्पताल में पहुँचाया गया। पाराचिनार जिला मुख्यालय अस्पताल के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ कैसर अब्बास ने पुष्टि की कि घायल लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

स्वास्थ्य अधिकारी के मुताबिक, घायलों की हालत गंभीर है और उनका अस्पताल की इंटेंसिव केयर यूनिट इलाज किया जा रहा है। बताते चलें कि ये इलाका सुन्नियों और शियाओं के बीच सांप्रदायिक हिंसा के लिए जाना जाता है।

इस हादसे के बाद तूरी बंगश की स्थानीय जनजातियों ने हमलों के बारे में रणनीति पर फैसला करने के लिए आपातकालीन बैठक बुलाई है। बताते चलें कि बीते महीने, गिलगित-बाल्टिस्तान के चिलास में एक यात्री बस पर आतंकवादी हमले में नौ लोग मारे गए थे और 25 घायल हो गए थे।

साल 2023 में सामान्य तौर पर पाकिस्तान में और खास तौर से खैबर पख्तूनख्वा में आतंकी वारदातों में खासा इजाफा हुआ है। इस प्रांत में 419 आतंकवादी हमले हुए। इनमें 620 लोग मारे गए थे। मरने वालों में 306 सुरक्षा बल के जवान, 222 नागरिक और 92 आतंकवादी शामिल थे।

‘बाथरूम में जाकर रोता था, आते थे आत्महत्या के ख्याल’: व्लॉगर ने बताया ‘बिग बॉस’ में कैसे किया जाता हैं टॉर्चर, कहा – सलमान खान ने…

यूट्यूबर अनुराग डोभाल ने बिग बॉस के 17वें सीजन से बाहर आने के बाद बड़े खुलासे किए हैं। ‘बाबू भैया’ के नाम से मशहूर यूट्यूबर अनुराग डोभाल ने बिग बॉस के निर्माताओं और सलमान खान पर कई आरोप जड़े हैं और आत्महत्या की तरफ धकेलने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने यह सारी दास्तान अपने यूट्यूब चैनल पर डाली है।

उत्तराखंड के देहरादून के रहने वाले अनुराग डोभाल एक लाइफस्टाइल व्लॉगर हैं। उनके यूट्यूब चैनल पर 70 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं। अनुराग डोभाल ने कहा है कि बिग बॉस में घर के अंदर उनके साथ बदसलूकी हो रही थी। उनके साथ बाकी कंटेस्टेंट ने भी बदसलूकी की।

अनुराग का कहना है कि बिग बॉस में उन्हीं लोगों को अधिक दिखाया गया जो कि आगे उनके काम आने वाले थे, बाकी लोगों को कोई जगह नहीं दी गई। उन्होंने कहा है कि सब कुछ पहले से ही फिक्स है। उन्होंने बिग बॉस के विजेता को लेकर भी सवाल खड़े किए।

उन्होंने कहा है कि वहाँ वही जीतेगा जो कि पहले से तय है। साथ अनुराग का कहना है बिग बॉस में जाने वाले साधारण लोग नहीं जीत सकते। अनुराग का कहना है कि अंदर घर में बिग बॉस कपल्स को सपोर्ट कर रहा था ना कि बाकी लोग। अनुराग का कहना है कि उनके फैनबेस का मजाक उड़ाया गया।

अनुराग ने सलमान खान पर भी आरोप लगाए हैं। अनुराग ने बताया है कि सलमान खान ने उनसे बात करना ही बंद कर दिया था। अनुराग का कहना है कि वह अंदर अपना सम्मान बचाने की कोशिश कर रहे थे। अंदर उनसे कोई बात नहीं कर रहा था। अनुराग ने कहा है कि बिग बॉस में उनसे ये बताया गया कि उनके मम्मी पापा को बुलाया गया लेकिन वह आए नहीं जबकि असल में उन्हें बुलाया ही नहीं गया था। उन्होंने कहा- “मैं वहाँ बाथरूम में जाकर रोता था।”

बिग बॉस में मुझसे वॉक ऑफ़ शेम करवाई: अनुराग

अनुराग डोभाल ने एक और बड़ा खुलासा बिग बॉस के बारे में किया है। अनुराग ने कहा कि वहाँ उनको वॉक ऑफ़ शेम करवाई गई। उनको ऐसा दिखाया गया कि जैसे उन्होंने शो की इज्जत खराब की। उन्होंने कहा है कि यहाँ उन्हें शर्म लिखी गई तख्ती पकड़ाई गई और उनसे चलवाया गया। उन्होंने कहा कि पूरे सीजन भर उनको ताने मारे गए।

डोभाल ने बताया है कि दीवाली वाले दिन भी उनको बहुत परेशान किया गया। उनके घरवालों की वीडियो उनको नहीं दिखाई गई। इसके लिए उनको बहुत परेशान किया गया। उनसे उलटे सीधे काम करवाए गए। अनुराग ने कहा है, “मुझे पहले ही पता था बिग बॉस से मुझे निकालने का पहले ही निर्णय हो चुका था। एक बार जब उनका प्लान फेल हो गया तब दोबारा उन्होंने यही किया।” अनुराग ने कहा, “दो दिनों तक होटल में मुझे बंद करके रखा और मेरे घरवालों से बात नहीं करने दिया जिसके कारण मुझे आत्महत्या के विचार आए।”

हाथ जोड़ता रहा पुलिसवाला, भीड़ छुड़ा ले गई मोस्ट वांटेड करीम को: बिहार के जहानाबाद की घटना, टीम पर भी हमला

बिहार से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। जहानाबाद में पुलिस वाला भीड़ के आगे हाथ जोड़ता दिखा कि उसे एक मोस्ट वांटेड अपराधी को पकड़ लेने दिया जाए। लेकिन, भीड़ ने एक नहीं सुनी और अपराधी मौका देख वहाँ से फरार हो गया।

यह घटना शहर के फिदा हुसैन रोड पर शनिवार (6 जनवरी, 2024) की शाम हुई। यहाँ डीआईयू पुलिसवालों की टीम एक मोस्ट वॉन्टेड आरोपित श्याम करीम को गिरफ्तार करने पहुँची थी। करीम के खिलाफ डकैती और लूट सहित कई अन्य केस दर्ज हैं।

हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, वो बीते कई साल से फरार चल रहा था। टीम ने सादे लिबास में पहुँच वांछित यानी वॉन्टेड आरोपित को गिरफ्तार कर लिया था। इस दौरान वहाँ भीड़ उसके बचाव में उतर आई। भीड़ ने पुलिसवालों के साथ धक्का-मुक्की ही नहीं बल्कि हाथापाई कर उस वॉन्टेड को छुड़ा ले गई।

शहर थाना इंचार्ज इंस्पेक्टर निखिल कुमार के मुताबिक, सिविल लाइन थाना के नगमतिया रोड के रहने वाले श्याम करीम की आपराधिक केस में डीआईयू को तलाश थी। उसके सिर पर 50 हजार का इनाम रखा गया था।

उन्होंने आगे बताया कि मोबाइल टावर लोकेशन में उसकी मौजूदगी जहानाबाद शहर के फिदा हुसैन रोड पर मिली थी। सूचना मिली थी कि वो वहाँ अपने रिश्तेदार के यहाँ कार्यक्रम में शामिल होने आया था।

इंस्पेक्टर निखिल कुमार के मुताबिक, उसे पकड़ने के लिए डीआईयू पुलिस वहाँ सादे लिबास में पहुँची थी। सूचना पाकर शहर थाना पुलिस भी इस टीम के पीछे गई थी, लेकिन इससे पहले ही भीड़ ने वहाँ डीआईयू टीम पर हमला बोल दिया। उनके हथियारों को झिड़क दिया। हाथापाई हुई और सारे हंगामे का फायदा उठा वांटेड वहाँ से फरार हो गया।

उन्होंने आगे बताया कि इतने में वहाँ शहर थाना पुलिस पहुँची और हालात पर काबू पा लिया। इस केस में तहकीकात कर एक शख्स को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले मुंबई में बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश: ATS ने गेस्ट हाउस पर छापा मार 6 को दबोचा, हथियार भी जब्त

एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड की मुंबई यूनिट ने एक गेस्ट हाउस पर छापेमारी की और 6 बदमाशों को धर दबोचा। उनके पास से ATS ने 3 पिस्टल और 36 राउंड गोलियाँ बरामद की हैं। गिरफ्तार किए गए बदमाश दिल्ली और यूपी से ताल्लुक रखते हैं और मुंबई में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने पहुँचे थे। लेकिन एटीएस ने उनके मंसूबों को ध्वस्त करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

गणतंत्र दिवस को देखते हुए मुंबई पुलिस और आतंकवाद निरोधी दस्ता लगातार अपराधियों के खिलाफ अभियान छेड़े हुए हैं। इसी क्रम में एटीएस को सूचना मिली थी कि कुछ हथियारबंद लोग एक बोरीबली के एक गेस्ट हाउस में हैं। ये लोग किसी वारदात को अंजाम देने की योजना पर काम कर रहे हैं। सूचना पाते ही एटीएस सक्रिय हो गई और छापेमारी कर सभी बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान किसी तरह की गोलीबारी की खबर नहीं आई है।

मुंबई में एटीएस ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर बोरीबली स्थित एक गेस्ट हाउस में ये छापेमारी की गई। इस दौरान एटीएस ने 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इन बदमाशों के पास से 3 पिस्टल और 36 राउंड गोलियाँ बरामद हुई हैं। ये बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए पहुँचे थे। शुरुआती छानबीन में पता चला है कि ये लोग दिल्ली के रहने वाले हैं। कुछ का ताल्लुक यूपी से भी है।

जाँच में जुटी एटीएस

एक साथ इतने अपराधियों के गिरफ्त में आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों का ये भी कहना है कि अभी इन लोगों का कोई बाहरी लिंक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस अपराधियों से पूछताछ पूरी हो जाएगी। सूत्रों ने बताया है कि 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से पहले आतंकी भी किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। इसी लिए सुरक्षा बल पहले से ही तैयार हैं।

‘आत्मसम्मान से बढ़ कर कुछ नहीं’: सचिन-रैना से लेकर अक्षय-सलमान और श्रद्धा-कंगना तक, PM मोदी को मिला सेलेब्स का साथ, मालदीव ने अपने मंत्री के बयान से काटी कन्नी

पीएम मोदी के लक्षद्वीप दौरे की तस्वीरें देखने के बाद मालदीव की मंत्री ने जो अभद्र टिप्पणी की थी, उस पर मालदीव सरकार का बयान आया है। भारत ने यह मामला राजनयिक तरीके से उठाया था, अब मालदीव की सरकार ने इस पर बयान जारी किया है। वहीं प्रधानमंत्री की तस्वीरों को देख कर फ़िल्मी सितारे भी लक्षद्वीप जाने और इसके प्रमोशन की बात कर रहे हैं। भारतीय सितारों ने भी प्रधानमंत्री के अपमान की बात को उठाया है।

प्रधानमंत्री मोदी पर मालदीव की मुइज़्ज़ू सरकार में युवा मामलों की उप मंत्री मरियम शिनुआ ने एक्स (पहले ट्विटर) पर अभद्र टिप्पणी की थी। इसको लेकर मालदीव सरकार ने एक बयान जारी करके सफाई पेश की है।

मालदीव की सरकार ने कहा है, “मालदीव की सरकार सोशल मीडिया पर विदेशी नेताओं और बड़े पदों पर बैठे लोगों पर दिए गए अपमानजनक बयानों से वाकिफ है। यह निजी विचार हैं और मालदीव की सरकार का प्रतिनिधित्व नहीं करते।”

मालदीव की सरकार ने आगे कहा, “मालदीव की सरकार मानती है कि लोगों को अपने विचार रखने की आजादी होनी चाहिए लेकिन ऐसे नहीं जो कि घृणा और हिंसा फैलाएँ और मालदीव के अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ रिश्तों को बिगाड़ें। सरकार के विभाग उन लोगों के खिलाफ एक्शन लेने में बिलकुल नहीं हिचकेंगे जिन्होंने यह अपमानजनक बयान दिया है।”

जहाँ मालदीव की सरकार एक ओर अपने मंत्री के बयान पर एक्शन लेने की बात कर रही है। वहीं भारतीय स्टार्स भी प्रधानमंत्री के समर्थन में उतर आए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के लक्षद्वीप दौरे के बाद भारतीय टूरिस्ट द्वीपों को बढ़ावा देने की मांग को बॉलीवुड से समर्थन मिला है। बॉलीवुड स्टार सलमान खान, श्रद्धा कपूर, जॉन अब्राहम और क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर समेत अन्य सितारों ने भारतीय बीचों को बढ़ावा देने को लेकर ट्वीट किए हैं।

बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “मैंने मालदीव के बड़े लोगों को भारतीयों के खिलाफ घृणा वाले कमेन्ट करते हुए देखा। वह यह कमेन्ट ऐसे लोगों पर कर रहे हैं जो उन्हें सबसे ज्यादा टूरिस्ट भेजते हैं। हम अच्छे पड़ोसी हैं लेकिन हम ऐसी बिना बात की हिंसा क्यों सहें? मैंने कई बार मालदीव की यात्रा की है और हमेशा तारीफ की है लेकिन आत्मसम्मान पहले आता है। हमें अपने द्वीपों को प्रमोट करना चाहिए।”

बॉलीवुड स्टार जॉन अब्राहम ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा, “सबसे बढ़िया भारतीय मेहमाननवाजी, अतिथि देवो भव: के भाव और विशाल समुद्र वाली लाइफस्टाइल के साथ। लक्षद्वीप जाने लायक जगह है।”

श्रृद्धा कपूर ने लिखा, “इन सब फोटो और मीम्स के कारण मुझे तो पीछे छूटने का डर हो रहा है। लक्षद्वीप में इतना सुंदर तट, समुद्री रेखा और ऐसा स्थानीय कल्चर, मैं तो लक्षद्वीप के लिए छुट्टी बुक करने वाली हूँ। इस साल क्यों नहीं भारतीय बीचों पर जाया जाए।

सलमान खान ने लिखा, “लक्षद्वीप के सुंदर, साफ़ और स्टनिंग समुद्र बीच पर हमारे माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्रभाई मोदी को देखना बहुत अच्छा है, और सबसे अच्छी बात यह है कि ये हमारे भारत में हैं।”

क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर भी भारतीय पर्यटन को बढ़ावा देने की मुहिम को आगे बढ़ाने में जुट गए। उन्होंने सिंधुदुर्ग की तस्वीरें डाली। उन्होंने बताया कि इस शहर में उन्होंने सब कुछ पाया है। उन्होंने भारतीय बीचों की सुन्दरता की भी बात की।

भारतीय अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी मालदीव के राष्ट्रपति की पार्टी के एक नेता जाहिद रमीज की ‘भारतीयों के पास से आने वाली दुर्गन्ध’ को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि यह मुस्लिम घृणा है। लक्षद्वीप में 98% मुस्लिम हैं और उनके खिलाफ ऐसी बात की जा रही है। उन्होंने कहा है कि यह नस्लभेदी और बेवकूफी वाली बात है।

सुरेश रैना ने भी मालदीव मंत्री के कमेंट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने बहुत बार मालदीव की खूबसूरती की तारीफ की है। लेकिन अब आत्मसम्मान से जरूरी कुछ भी नहीं है। अपने ट्वीट में उन्होंने भी भारतीय द्वीपों को एक्सप्लोर करने की गुजारिश की।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री के लक्षद्वीप की तस्वीरों को डालने के बाद मालदीव के कई अकाउंट ने भारतीयों को लेकर घृणा वाली टिप्पणियाँ की थीं। इसमें मालदीव की बड़ी हस्तियाँ भी शामिल थीं। अब मालदीव की विपक्ष की पार्टियों ने भी सरकार को याद दिलाया है कि वह भारत के साथ तमीज से पेश आएँ।

सेक्स पार्टी वाले द्वीप पर इमरान खान, यौन तस्कर जेफरी एपस्टीन की लिस्ट में जुड़ा नाम… सुनाई थी महिला मित्र और प्राइवेट जेट वाली कहानी, अब भड़क गए वसीम अकरम

बच्चों के कुख्यात यौन तस्कर ‘जेफरी एपस्टीन की लिस्ट’ (Jeffrey Epstein List) इस वक्त पूरी दुनिया में सोशल मीडिया पर सुर्खियाँ बटोर रही है। इसी अमेरिकी फाइनेंसर और यौन अपराधी एप्सटीन के आईलैंड से पूर्व पाकिस्तानी पीएम और क्रिकेटर रहे इमरान खान का नाम जोड़े जाने से पूर्व कप्तान वसीम अकरम भड़क उठे हैं।

इसके लिए उन्होंने एक आलोचक को आड़े हाथों ले लिया है और उसे सोशल मीडिया पर ब्लॉक तक कर डाला है। दरअसल, अली शाहबाज चौधरी नाम के एक्स हैंडल यूजर ने पूर्व पाकिस्तानी कप्तान इमरान खान को एपस्टीन सूची से जोड़ने की कोशिश की।

इस वजह से क्रिकेटर वसीम अकरम अपना आपा खो बैठे। बताते चलें कि बीते कुछ दिनों पहले लीक हुई एपस्टीन लिस्ट में कई नाम सामने आए हैं जबकि कई अन्य को गलत तरीके से जोड़ा गया है।

एक्स यूजर शाहबाज चौधरी ने पोस्ट किया, “पीटीआई चीफ इमरान खान भी एप्सटीन की लिस्ट में हैं। क्रिकेट लीजेंड वसीम अकरम ने भी एक कहानी सुनाई है, जिसमें इमरान खान और युवाओं को घिसलीन मैक्सवेल के प्राइवेट प्लेन से एक सुनसान द्वीप (एपस्टीन द्वीप) पर ले जाया गया था।”

इस एक्स यूजर के इस अनोखे दावे पर गुस्साए अकरम ने ट्रोलर की आलोचना करते हुए कहा, “झूठ फैलाना बंद करो। तुम मूर्ख हो।” बताते चलें कि बीते साल वसीम अकरम ने पूर्व कप्तान इमरान खान को प्राइवेट प्लेन से एक सुनसान द्वीप पर ले जाने वाली एक दिलचस्प कहानी का खुलासा किया था।

अकरम ने ‘द ग्रेड क्रिकेटर‘ पर कहा था, “हम उनकी (इमरान की) दोस्त के साथ एयरपोर्ट पर गए। उनके पास एक प्राइवेट जेट था। वहाँ से एक द्वीप के लिए 45 मिनट की उड़ान ली, वहाँ पहुँचे और फिर वे बातचीत के लिए घर में चले गए। हम वहाँ एक द्वीप के बीच में खड़े रह गए थे। हम होटल भी वापस नहीं जा सके थे।”

बताते चलें कि यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े अदालती दस्तावेजों में मिले 100 से अधिक हाई-प्रोफाइल लोगों में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप, बिल क्लिंटन, अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला हिलेरी क्लिंटन, स्टीफन हॉकिंग, हॉलीवुड स्टार लियोनार्डो डिकैप्रियो का नाम भी शामिल हैं।

जेफरी एपस्टीन की इस लिस्ट में करीब 150 लोगों सहित उसके सहयोगियों के भी नाम शामिल थे। ये लिस्ट 2015 में एपस्टीन की पूर्व प्रेमिका और सोशलाइट रही घिसलीन मैक्सवेल के खिलाफ किए गए मुकदमे के दौरान सामने आई थी।

घिसलीन को लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार करने में मदद करने के साथ ही लड़कियों की सप्लाई के लिए जेल भेजा गया। इस केस के तहतको एपस्टीन से संबंधित कई सीलबंद अदालती दस्तावेजों को सार्वजनिक कर दिया गया। न्यूयॉर्क में जज के आदेश पर 3 जनवरी, 2024 को सार्वजनिक किए इन्हीं दस्तावेजों में कई बड़े मशहूर लोगों का नाम सामने आया है। बताते चलें कि साल 2019 में जेफरी एपस्टीन ने खुदकुशी कर ली थी।

उसी के मालिकाना हक वाले 72 एकड़ के कैरेबियाई द्वीप को ‘पीडोफाइल आइलैंड’ के तौर पर भी जाना जाता है। ये यौन अपराधी यहाँ कथित तौर पर सेक्स पार्टियों किया करता था।

गला रेत अंकित सक्सेना की हत्या, 6 साल बाद कोर्ट में अकबर, सलीम और शहनाज दोषी करार: कसाई अब्बा को पसंद नहीं था बेटी के साथ प्रेम संबंध

दिल्ली के बहुचर्चित अंकित सक्सेना हत्याकांड में कोर्ट ने 3 आरोपितों को दोषी माना है, जबकि एक नाबालिग का बाल सुधार गृह में है। कोर्ट तीनों दोषियों को 15 जनवरी को सजा सुनाएगी। बता दें कि फरवरी 2018 के समय पश्चिमी दिल्ली के रघुवीर नगर में अंकित सक्सेना की बीच राह 4 लोगों ने गला रेतकर हत्या कर दी थी। हत्यारे मुस्लिम थे और अपनी बेटी के प्रेम संबंधों का विरोध कर रहे थे। लड़की का अब्बा कसाई का काम करता था और उसका हथियार भी बरामद हो गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने फोटोग्राफर अंकित सक्सेना हत्याकांड में प्रेमिका शहजादी के पिता अकबर अली, मामा सलीम और शहनाज को हत्या का दोषी माना है। इसमें उसका नाबालिग भाई भी गिरफ्तार हुआ था और बाल सुधार गृह में मामला चल रहा है। कोर्ट ने अकबर अली, मामा सलीम और शहजादी की माँ को 15 जनवरी को सजा सुनाने का ऐलान किया है।

खुद शहजादी ने कोर्ट में गवाही दी थी कि अंकित की हत्या उसके घरवालों ने की थी, जो उनके प्रेम-संबंधों के खिलाफ थे। इस हत्याकांड को बीच सड़क पर अंजाम दिया गया था। अंकित की उम्र उस समय 23 साल थी। इस हत्याकांड की जानकारी बाहर आने के बाद लोगों को होश उड़ गए थे।

दिल्ली की कोर्ट ने पुलिस की उस दलील को स्वीकार कर लिया, जिसमें दिल्ली पुलिस ने घटनाओं को सिलसिलेवार तरीके से सामने रखा और हत्या की प्लानिंग की पूरी जानकारी कोर्ट के सामने रखी। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में दायर चार्जशीट में यह स्पष्ट किया कि हत्या पूर्व नियोजित थी। इस बात का भी पता चला कि लड़की का परिवार हिंदू लड़के से प्रेम करने के कारण उसके साथ सख़्ती से पेश आ रहा था। ग्राउंड रिपोर्ट में भी लड़की के परिवार की मजहबी कट्टरता को उजागर किया गया है, जिसमें लड़की की अम्मी एक कट्टर मुस्लिम महिला है, जो अंतर-धार्मिक संबंध के ख़िलाफ़ थी।

यह मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 303 (हत्या), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुँचाने) और 34 (आम इरादे) के तहत अंकित की प्रेमिका के पिता अकबर अली, छोटे भाई, मामा मोहम्मद सलीम और अकबर अली की पत्नी शहनाज़ के ख़िलाफ़ यह मामला दर्ज किया गया था।

इस घटना ने देश को झकझोर दिया था। अंकित और उसके परिवार के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से संवेदनाएँ भेजी गई थीं। दिल्ली में एक शोक समारोह आयोजित की गई थी, जिसमें एक प्रार्थना सभा भी शामिल थी। इसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाग लिया था। हालाँकि, जब परिवार ने अपने घर के एकमात्र कमाऊ इंसान को खो देने की भरपाई करने के लिए उनसे मुआवज़े की माँग की, तो केजरीवाल प्रार्थना सभा को बीच में ही छोड़ कर चल दिए थे।

PM मोदी को लेकर मालदीव में आपस में ही रार: महिला मंत्री ने की भद्दी टिप्पणी तो पूर्व राष्ट्रपति ने ही लताड़ दिया, लक्षद्वीप के प्रचार से आग-बबूला हैं कट्टरपंथी

मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अपमान करने वाली मोहम्मद मुइज़्ज़ू सरकार में मंत्री की आलोचना की है। उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर ट्वीट करके मंत्री मरियम शिनुआ द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को लेकर की गई टिप्पणी को भद्दा बताया है। इसके साथ ही उन्होंने मुइज्जू सरकार को सलाह दी कि वे अपनी मंत्री के बयानों से सरकार को अलग करें।

उन्होंने एक्स पर लिखा, “मालदीव की सरकार की एक मंत्री ने एक प्रमुख सहयोगी देश, जो कि हमारी सुरक्षा और समृद्धि के लिए जरूरी है, के प्रमुख के लिए किस तरह की भद्दी भाषा का इस्तेमाल किया है। मोहम्मद मुइज़्ज़ू की सरकार को इस बयान से अपने आप को अलग कर लेना चाहिए और भारत को यह बताना चाहिए कि यह हमारी सरकारी नीति नहीं है।” मोहम्मद नशीद भारत के प्रति झुकाव वाले नेता माने जाते रहे हैं। वह 2008 में मालदीव के राष्ट्रपति बने थे।

गौरतलब है कि हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी लक्षद्वीप के दौरे पर थे, जहाँ से उन्होंने लक्षद्वीप की प्राकृतिक सुन्दरता को दिखाते हुए कुछ फोटो और वीडियो डाली थीं। इस पर भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा था कि मालदीव के जैसा सुंदर लक्षद्वीप है, इसलिए भारतीयों को मालदीव के बजाय लक्षद्वीप जाना चाहिए।

इसी पर मालदीव के कई फेमस सोशल मीडिया अकाउंट भारतीयों के खिलाफ नस्लभेदी टिप्पणी करने लगे। कुछ ने भारतीयों को नीचा दिखाने की भी कोशिश की। इसी क्रम में मोहम्मद मुइज़्ज़ू की सरकार में युवा मामलों की उपमंत्री मरियम शिनुआ ने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर काफी अपमानजनक टिप्पणियाँ कीं।

मरियम ने प्रधानमंत्री मोदी की फोटो के नीचे उन्हें एक मसखरा और इजरायल की कठपुतली बताया। इसको लेकर भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स भड़क गए। उन्होंने मालदीव की मंत्री के इस व्यवहार की आलोचना की, जिसके बाद मरियम ने यह ट्वीट डिलीट कर दिया।

हालाँकि, भारत को लेकर उल्टी सीधी टिप्पणी करने वालों में अन्य मालदीव के कई अकाउंट भी शामिल थे। अब मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने मंत्री के इस व्यवहार की आलोचना की। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ु की सत्ताधारी पार्टी के ही एक सदस्य जाहिद रमीज ने भी भारत को लेकर काफी अपमानजनक टिप्पणियाँ की।

जाहिद रमीज को भी भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स ने काफी करारा जवाब दिया था। इस पूरे विवाद के बीच 6 जनवरी 2024 की रात मालदीव के राष्ट्रपति और विदेश मंत्रालय की वेबसाइट डाउन हो गई, इसको लेकर हैकिंग का शक जताया गया है।

बांग्लादेश में 150 साल पुराने बौद्ध मठ को फूँक दिया: सत्ताधारी दल ने खालिदा जिया की पार्टी पर मढ़ा दोष, दीवार फाँद कर आया था नकाबपोश

बांग्लादेश में शुक्रवार (5 जनवरी, 2024) की रात 150 साल पुराने बौद्ध मठ को एक नकाबपोश ने आग के हवाले कर दिया है। कॉक्स बाजार जिले के रामू उपजिला के चेरनघाटा क्षेत्र में इस मठ के प्रवेश द्वार को आग से खासा नुकसान हुआ है। यह घटना इस इस्लामिक देश में आम चुनाव से दो दिन पहले हुई।

रामू पुलिस स्टेशन के इंचार्ज अबू ताहेर दीवान के मुताबिक, ये घटना सुबह 2 बजे उस वक्त हुई मठ के पुजारी सो रहे थे। दीवान ने कहा कि पुजारियों द्वारा मदद के लिए चिल्लाने के बाद स्थानीय लोग बचाव के लिए आए और आग पर काबू पाया।

उन्होंने आगे बताया कि इस हादसे की सूचना मिलने के बाद रामू फायर सर्विस तुरंत मौके पर पहुँची और आग पर काबू पाया। आग की घटना में बौद्ध मठ परिसर के अंदर एक लकड़ी की सीढ़ी जलकर खाक हो गई।

रामू पुलिस स्टेशन के इंचार्ज ने आगे कहा, “हालाँकि, कोई अन्य बड़ा नुकसान नहीं हुआ क्योंकि आग तुरंत बुझ गई, लेकिन 150 साल पुराने मठ में लगी आग से इसकी सीढ़ियाँ पूरी तरह जलकर खाक हो गईं।”

बताते चलें कि यह मठ चेरनघाटा के रखाइन समुदाय के लिए पवित्र है। घटना के बाद इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने इस मामले की जाँच के तहत इलाके में सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर ये पता लगाने की कोशिश की कि ये हादसा था जानबूझ कर ये आग लगाई गई थी।

इस दौरान सीसीटीवी फुटेज में यह सामने आया कि एक ‘नकाबपोश आदमी’ मठ की दीवार फाँद कर आया था। उसने मठ की सीढ़ियों पर मिट्टी का तेल डाला और आग लगा दी। रैपिड एक्शन बटालियन-5 के प्रवक्ता जमीलुल हक ने इसकी पुष्टि की।

वही इस मामले को लेकर रामू पुलिस स्टेशन इंचार्ज दीवान ने कहा, “जब हम सीसीटीवी फुटेज में युवक और फायर सर्विस को कॉल करने वाले शख्स की पहचान कर लेंगे तो सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।”

वहीं शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग पार्टी ने ट्वीट कर विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) कैडरों पर आगजनी हमले को अंजाम देने का आरोप लगाया। उसने स्थानीय लोगों के हवाले से ये आरोप लगाया है।

अवामी लीग ने दावा किया है कि बीएनपी जमात कैडर और उसके कुछ समर्थक तड़के मठ में घुस गए और उसके कुछ हिस्से में आग लगा दी। इस मठ पर साल 2012 में भी हमला हुआ था।

अवामी लीग का ये भी आरोप है कि मतदाताओं को वोट डालने से रोकने के तहत BNP और एक साथ हिंसक अभियान छेड़ रखा है। बताते चलें कि इस इस्लामिक मुल्क में 7 जनवरी 2024 को हो रहे आम चुनावों से पहले ही BNP ने इनका बहिष्कार किया है। ऐसे में देश की मौजूदा पीएम शेख़ हसीना की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

न पीने का पानी, न टॉयलेट की व्यवस्था: केजरीवाल सरकार से नाराज होकर कर्मचारियों ने ₹23 करोड़ के स्मॉग टावर पर जड़ा ताला, वेतन न देने का आरोप

दिल्ली में स्मॉग टॉवर बंद कर दिया गया है। समय से वेतन न मिलने की वजह से परेशान कर्मचारियों ने स्मॉग टॉवर को ऑफ करके गेट पर ताला जड़ दिया है। इस स्मॉग टॉवर की कीमत 23 करोड़ रुपए है, जो साल 2021 में बड़े जोर शोर से अरविंद केजरीवाल की सरकार ने लगवाए थे। दावा था कि इससे प्रदूषण से निपटने में मदद मिलेगी, लेकिन अब खबर है कि जो लोग इसे चलाने के लिए काम कर रहे हैं उन्हें ही अरविंद केजरीवाल की सरकार समय से वेतन जारी नहीं कर रही है। इससे परेशान होकर कर्मचारियों ने स्मॉग टॉवर फैसिलिटी को ही बंद कर दिया है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एक तरफ तो दिल्ली में धुँध और ठंड से लोग ठिठुर रहे हैं, तो दूसरी तरफ प्रदूषण की वजह से लोगों का सांस लेना दूभर हो रहा है। वहीं, प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के नाम पर दिल्ली में कई जगहों पर लगाए स्मॉग टॉवर बंद हो रहे हैं। इनमें से प्रमुख स्मॉग टॉवर दिल्ली के बीचो-बीच कनॉट प्लेस में लगाया गया था, अब वही बंद हो गया है। इसे यहाँ पर तैनात कर्मचारियों ने बंद कर दिया, क्योंकि सरकार उन्हें समय पर वेतन नहीं दे पा रही।

कनॉट प्लेस में तैनात कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें दिसंबर 2023 से ही वेतन नहीं मिला है। आगे भी नौकरी की कोई गारंटी दिल्ली सरकार दे नहीं रही है।

बता दें कि कनॉट प्लेस में लगाए गए इस स्मॉग टॉवर के देखरेख और संचालन का जिम्मा विबग्योर कंसल्टिंग फर्म के पास है, जिसने 13 कर्मचारियों की तैनाती यहाँ पर की है। महिपाल बिष्ट उन्हीं कर्मचारियों में से एक हैं।

वह मीडिया से बातचीत में कहते हैं, “ये टॉवर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (डीपीसीसी) के साथ ही एनबीसीसी और विबग्योर कंपनी चलाती है। अप्रैल 2023 में ही इसके ऑपरेशन बंद हो गए थे। लेकिन सप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाई तो नवंबर 2023 से इसे फिर से चलाया गया। हमें डीपीसीसी ने बुलाया और 8 नवंबर 2023 से इसे फिर से चलाया गया। लेकिन हमारा वेतन समय से नहीं दिया जाता। दिसंबर का वेतन अभी आया नहीं है। हमारी कंपनी ने दिल्ली सरकार की ओर से भी काम जारी रखने का कोई निर्देश नहीं दिया है। ऐसे में हमारे पास यही रास्ता है कि हम यहाँ पर ताला लगा दें।”

यहाँ तैनात कर्मचारियों ने स्मॉग टॉवर की बदहाली का रोना भी रोया। उन्होंने कहा कि यहाँ पीने का पानी और टॉयलेट तक नहीं है। ये छोड़िए, यहाँ तो पेचकस तक नहीं है। यहाँ के कर्मचारियों ने तो यहाँ तक कहा कि ये स्मॉग टॉवर पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहा है। इसमें 5000 फिल्टर लगाए गए हैं, लेकिन उसमें से अधिकतम पुराने हो चुके हैं और उन्हें बदलने की भी जरूरत है।