Home Blog Page 1270

नाबालिग हिंदू को शहजाद ने किया अगवा, 10 दिनों तक करता रहा रेप; फिर दोस्त अनीस बेग को सौंप दिया

उत्तर प्रदेश के बरेली में शहजाद बेग नाम के एक मुस्लिम युवक ने हिन्दू समुदाय की एक नाबालिग लड़की का अपहरण करके कई दिनों तक बलात्कार किया। इतना ही नहीं, 10 दिनों तक बलात्कार करने के बाद उसे दूसरे मुस्लिम युवक अनीस बेग को सौंप दिया। इस मामले में पुलिस ने अनीस बेग को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, बरेली के बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र में पदारतपुर गाँव की रहने वाली नाबालिग 12 कक्षा में पढ़ाई करती है। उसे शहजाद बेग (कुछ रिपोर्ट में साजिद) का एक युवक 21 दिसम्बर 2023 को अपहरण कर लिया। इसके बाद शहजाद ने नाबालिग को एक अन्य मुस्लिम युवक अनीस बेग को सौंप दिया। अनीस ने हिन्दू नाबालिग का 10 दिनों तक बलात्कार किया।

नाबालिग के गायब होने के बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने बालिका की तलाश करते हुए उसे अनीस बेग के साथ बरामद कर लिया। पुलिस ने अनीस बेग को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, अनीस और बालिका को शाहजहाँपुर से गिरफ्तार किया गया है। वहीं, शहजाद का पता लगाया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि अनीस बेग मुख्य आरोपित है। कुछ मीडिया पोर्टल्स ने इस मामले की एक अलग कहानी भी बताई। TV9 भारतवर्ष और ABP न्यूज द्वारा बताए गए समाचार के अनुसार, नाबालिग बच्ची का शहजाद अपहरण करके ले गया था और उसने 10 दिनों तक बच्ची का बलात्कार करने के बाद ₹10 हजार रुपए में अनीस बेग को बेच दिया। हालाँकि, ऑपइंडिया से बातचीत में बेचने की बात से पुलिस ने इनकार किया।

मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए बरेली में करणी सेना ने प्रदर्शन किया है। करणी सेना ने कहा है कि इस मामले में पहले पुलिस ने लापरवाही बरती है। हालाँकि, अब पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार करके दूसरे की तलाश शुरू कर दी है। बालिका को बरामद करके पुलिस ने उसके परिवार को सौंप दिया गया है।

गेम खेल रही थी नाबालिग, हो गया गैंगरेप: मेटावर्स की वर्चुअल दुनिया से पहली बार आया दरिंदगी का केस, लंदन पुलिस करेगी जाँच

वर्चुअल रियलिटी की दुनिया मेटावर्स पर 16 साल की एक नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। इस वारदात के बाद से पीड़िता की हालत बेहद खराब है। लंदन पुलिस ने इस वारदात की जाँच शुरू कर दी है। हालाँकि, जाँ के दौरान लंदन पुलिस के सामने कई चुनौतियाँ खड़ी हो गई हैं, क्योंकि ऐसे मामलों के लिए कानून ही नहीं है।

मेटावर्स में हुए यौन अपराध से जुड़ा ये पहला मामला है, जिसकी जाँच असली पुलिस कर रही है। डेली मेल ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि 16 साल की पीड़िता ने मेटावर्स पर आधारित फेसबुक के वर्चुअल रियलिटी में एक गेम खेल रही थी। उसने वर्चुअल हेडसेट पहना हुआ था। मेटावर्स में वो अपने वर्चुअल अवतार में थी, तभी कुछ लोगों ने उसका गैंगरेप कर दिया।

पुलिस ने बताया कि है कि लड़की को शारीरिक तौर पर तो कोई चोट नहीं आई है, क्योंकि ये वारदात वर्चुअल दुनिया में हुई, लेकिन वो मानसिक ट्रॉमा से जूझ रही है। ये ठीक वैसा ही है, जैसे एक वास्तविक गैंगरेप पीड़िता को मानसिक और भावनात्मक आघात से गुजरना पड़ता है। ऐसे मामलों में दूरगामी परिणाम होते हैं और इस तरह के हादसों से निपटना आसान नहीं होता।

लंदन पुलिस से जुड़े अधिकारियों ने बताया है कि इस मामले में एक ही समस्या है कि ऐसे अपराधों से निपटने के लिए अभी कोई कानून ही नहीं है। वर्तमान कानून में बलात्कार जैसे मामलों में शारीरिक-चिकित्सकीय पुष्टि जरूरी होती है। यौन हमला उसे ही माना जाता है, जिसमें बिना सहमति से यौन संबंध या संपर्क बनाए जाएँ। पुलिस पर इस बात को लेकर ये दबाव ये भी पड़ रहा है कि वो असली मामलों को छोड़कर वर्चुअल रियलिटी से जुड़े मामलों की जाँच में अपने संसाधन क्यों झोंक रही है?

इस मामले में गृह सचिव जेम्स क्लिवर्ली ने जाँच का समर्थन किया है। उन्होंने एक टीवी कार्यक्रम में कहा, “ये असल दुनिया में हुआ गैंगरेप नहीं है, इसलिए इसे खारिज कर देना आसान लगता है, लेकिन सच ये है कि एक बच्ची मानसिक आघात से गुजर रही है। इस केस का महत्वपूर्ण प्रभाव होगा। ऐसे में इस जाँच को रोकना सही नहीं है।”

ब्रिटेन के बाल संरक्षण एवं उनसे दुर्व्यवहार के मामलों की जाँच करने वाले समूह के अध्यक्ष इयान क्रिचली ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बैठक में क्लेवर्ली की बातों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मेटावर्स खूँखार यौन अपराधियों को बच्चों को शिकार बनाने के लिए एक प्रवेश द्वार उपलब्ध कराता है। ऐसा होने से रोकने के लिए नए कानूनों की भी जरूरत है।

बता दें कि मेटावर्स पर यौन अपराधों के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे ही एक मामले में पिछले साल 21 साल की लड़की का रेप हुआ था। उस रेप को दूसरा यूजर देख रहा था और वो वोडका बाँट रहा था। उम्मीद है कि भविष्य में ऐसे अपराधों पर रोकथाम के लिए नए कानून बनाए जाएँ।

महुआ मोइत्रा के पूर्व पार्टनर ने फोड़ा एक और बम: कहा – उन्हें ओडिशा के कुछ लोगों से मिल रही फंडिंग, खतरनाक लड़ाई पर पीछे नहीं हटूँगा

तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की नेता महुआ मोइत्रा के एक्स बॉयफ्रेंड वकील जय अनंत देहाद्राई का कहना है कि वो महुआ पर लगाए गए आरोपों से कतई पीछे नहीं हटेंगे। देहाद्राई का आरोप था कि वो अपने एक्स बॉयफ्रेंड के खिलाफ निगरानी कर रही थीं। इसकी शिकायत उन्होंने सीबीआई में दर्ज की है। वही सुप्रीम कोर्ट में बुधवार (3 जनवरी, 2024) को संसद से निलंबन केस में सुनवाई करने जा रहा है।

बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट के वकील TMC सांसद रही महुआ मोइत्रा के खिलाफ ‘कैश फॉर क्वेरी’ केस में शिकायतकर्ता थे। इसी शिकायत की वजह से महुआ मोइत्रा को संसद से निलंबित कर दिया गया था और उनकी सांसदी चली गई थी।

ANI से बात करते हुए बुधवार (3 जनवरी, 2024) को वकील जय अनंत देहाद्राई ने कहा, “मैंने अपनी शिकायत सीबीआई को दे दी है। यह एक बहुत ही गंभीर मुद्दा है और ओडिशा के कुछ लोग हैं जो उन लोगों को पैसा दे रहे हैं और समर्थन कर रहे हैं जिनके खिलाफ मैंने (सीबीआई को) शिकायत दर्ज की है। ये लड़ाई थोड़ी खतरनाक है, लेकिन मैं पीछे नहीं हटूँगा।”

बताते चलें कि इससे देहाद्राई ने मंगलवार (2 जनवरी,2023) को आरोप लगाया कि टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा पश्चिम बंगाल पुलिस में अपने संपर्कों की वजह से वो उनकी अवैध निगरानी कर रही थीं।

देहाद्राई ने शुक्रवार (29 दिसंबर, 2023) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और CBI निदेशक प्रवीण सूद को लिखे पत्र में कहा गया है कि ऐसी संभावना है कि टीएमसी नेता मोइत्रा उनके फोन नंबर का इस्तेमाल कर वो कहाँ जा रह रहे और रह रहे इसे ट्रैक कर रही हैं।

उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ मिल कर गैरकानूनी तरीके से उनकी सर्विलांस की साजिश रची। उन्होंने आरोप लगाया, “मोइत्रा का बंगाल पुलिस के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपने प्रभाव और रिश्तों का बेजा इस्तेमाल कर निजी लोगों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) हासिल करने का इतिहास है, ताकि कुछ निजी लोगों के सटीक ठिकानों पर नजर रखने की उनकी इच्छा पूरी हो सके इसके साथ ही उन लोगों का ब्यौरा भी हासिल करती हैं जो उनके संपर्क में हैं।”

वकील देहाद्राई ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि इससे पहले, टीएमसी नेता सक्रिय तौर से 2019 में सुहान मुखर्जी नाम के एक शख्स को ट्रैक कर रही थीं।” उन्होंने आगे कहा, “मोइत्रा ने मुझे पहले भी कई मौकों पर मुँह से और 26 सितंबर, 2019 को व्हाट्सएप्प पर लिखकर बताया था कि वह अपने पूर्व प्रेमी सुहान मुखर्जी पर सक्रिय तौर से नज़र रख रही थीं क्योंकि उन्हें उनके एक जर्मन महिला के साथ संबंध होने का शक था।”

जय अनंत देहाद्राई ने आगे आरोप लगाया कि मोइत्रा के पास वरिष्ठ बंगाल पुलिस अधिकारियों की मदद से मुखर्जी के फोन के पूरे कॉल रिकॉर्ड और हिस्ट्री थे। इसमें उसे उन लोगों के बारे में सटीक जानकारी थी जो मुखर्जी के संपर्क में थे। इसके साथ ही दिन के सभी घंटों के लिए मुखर्जी कहाँ रहते थे ये भी पता रहते थे।”

वकील देहाद्राई ने यह भी कहा कि महुआ मोइत्रा ने उन्हें पहले भी कई धमकियाँ दी हैं। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि कई मौकों पर उन्हें लगा कि दिल्ली में उनके घर के बाहर उनकी कार का पीछा किया जा रहा है।

वहीं दूसरी तरफ महुआ मोइत्रा ने देहाद्राई के लगाए आरोपों का जवाब देते हुए एक्स पर गृह मंत्रालय से पूरे भारत के सभी दिलजले हारे मरीजों की शिकायतों पर विचार करने के लिए CBI में एक खास निदेशक नियुक्त करने का आग्रह किया। लोकसभा से निलंबित होने के बाद मोइत्रा ने कहा था कि एथिक्स कमेटी ने जाँच की तह तक पहुँचे बगैर ही उन्हें फाँसी देने का फैसला कर लिया।

बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट बुधवार को लोकसभा से निष्कासन के खिलाफ टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा की याचिका पर सुनवाई है। मामले की सुनवाई जस्टिस संजीव खन्ना और दीपांकर दत्ता की बेंच करेगी। इससे पहले इस मामले की सुनवाई पहले 15 दिसंबर, 2023 तक टाल दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने संसदीय निकाय से हटाने को चुनौती देने वाली मोइत्रा की याचिका पर समीक्षा करने का फैसला किया था।

‘शर्म करो, जीजा हूँ तुम्हारा’: सचिन ने पाकिस्तानियों को लताड़ा, ससुर ने गर्भवती सीमा हैदर का हाथ देख कर बताया लड़का होगा या लड़की

बीते साल सीमा हैदर नोएडा के सचिन मीणा के इश्क में गिरफ्तार होकर अपने चार बच्चों के साथ भारत चली आई थीं। इसके बाद से दोनों मीडिया और सोशल मीडिया में छाए हैं। अब खबर आ रही है कि सीमा जल्दी ही सचिन के बच्चे की माँ बनने जा रही है। इस बीच सीमा ने एक नए वीडियो में पाकिस्तानियों को हिदायत दी है कि वे अपने जीजा सचिन मीणा की इज्जत करें।

दरअसल, इस ताजा वीडियो में सचिन कहते नजर आ रहे हैं, “पाकिस्तान का तो मैं दामाद लगता ही हूँ और जीजा भी लगता हूँ पाकिस्तानी सबका।” इस पर सचिन के कंधे पर हाथ रख मुस्कुराते हुए सीमा कहती हैं, “बिल्कुल, अली रजा हैदर ओनली फॉर यू”। फिर सचिन कहते हैं, “तो उनको शर्म नहीं आती अपने सगे जीजा को ऐसा उलटा-सीधा बोलते हुए, आप ही बताओ।”

बताते चलें कि सीमा के पाकिस्तान से भारत आने के बाद से ही यह प्रेमी युगल पाकिस्तानियों के निशाने पर है। पाकिस्तानी इनको लेकर अक्सर उल्टा-सीधा बोलते रहते हैं। इसी को लेकर सीमा हैदर ने उन्हें सचिन की इज्जत करने की नसीहत दी है। सीमा कहती हैं, “इज्जत करो यार, तुम्हारे जीजा लगते हैं हमारे पति। दामाद हैं तुम लोगों के।”

पाकिस्तान की सीमा हैदर और भारत के सचिन मीणा की प्रेम कहानी अक्सर सुर्खियों में रहती है। नए साल पर सीमा ने खुशखबरी दी है कि वो सचिन के बच्चे की माँ बनने वाली है। सीमा कहती हैं कि उनके ससुर जी ने उनका हाथ देखकर ये भी बता दिया है कि उन्हें बेटा होगा। ‘इनखबर’ के एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी प्रेग्नेंसी का राज खोला है।

सीमा से ये पूछा गया गया था, “क्या 2024 खुशियाँ लेकर आ रहा है?” इस पर सीमा हैदर ने जवाब दिया था, “साल 2023 भी बहुत खुशियाँ लेकर आया था। मानती हूँ कि थोड़ा-बहुत दुख हुआ। सचिन का बर्थडे नजदीक आ रहा है। अच्छा रहेगा कि किसी और का भी जन्म हो जाए।”

दरअसल, सीमा हैदर के माँ बनने का वीडियो सामने आने के बाद 2 जनवरी 2024 को सीमा के पाकिस्तानी शौहर गुलाम हैदर ने यूट्यूब पर एक लाइव किया। इसमें गुलाम हैदर ने नाराजगी जाहिर करते हुए सीमा से अपने बच्चों को वापस देने की माँगी की है।

बताते चलें कि इससे पहले भी सीमा पाकिस्तानियों को करारा जवाब दे चुकी हैं। सीमा ने कहा था, “पहले अपनी शक्ल देख लो शीशे में, उसके बाद आप कुछ भी कह सकते हो। मेरे पति मेरे हीरो हैं। मुझे देखो और मेरे पति को देखो। मैं मुँह नहीं लगना चाहती, लेकिन पाकिस्तान से कोई उल्टे-सीधे कॉमेंट करेगा तो मुँह की खाएगा।”

सीमा और सचिन की प्रेम कहानी साल 2020 में मोबाइल पर पबजी गेम खेलने से शुरू हुई थी। दोनों में दूर से ही इतनी नजदीकियाँ बढ़ीं कि सीमा पाकिस्तान में अपना घर-बार छोड़कर अपने बच्चों संग अवैध तरीके से नेपाल होते हुए यूपी के सचिन के पास चली आईं। उन्होंने हिंदू धर्म के सभी रीति-रिवाजों को भी अपना लिया है और अपने चारों बच्चों के नाम भी हिंदू रख दिए हैं।

‘SEBI पर शक नहीं कर सकते’: सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई अडानी के खिलाफ SIT की माँग, कहा – विदेशी रिपोर्ट पर भरोसा नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने अडानी समूह पर अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए आरोपों के जाँच के लिए SIT के गठन की माँग की याचिकाओं की सुनवाई करते हुए बुधवार (3 जनवरी, 2023) को अहम टिप्पणियाँ की हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में SIT के गठन की जरूरत नहीं है। SEBI की जाँच इस मामलें में पर्याप्त है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारे सामने रखी गई याचिकाएँ इस बात के लिए पर्याप्त नहीं है कि इस मामले की जाँच SEBI से ले ली जाए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि सॉलिसिटर जनरल ने इस मामले में भरोसा दिया है कि SEBI 3 महीनों में जाँच पूरी कर लेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि SEBI ने इस सम्बन्ध में 22 में से 20 मामलों की जाँच कर ली है।

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले का निर्णय सुना रहे देश के मुख्य न्यायधीश डीवाई चन्द्रचूड़ ने कहा कि एक संस्था OCCRP की अडानी समूह के विषय में लाई गई रिपोर्ट को हम मान्यता नहीं दे सकते और ना ही इसके कारण SEBI की जाँच पर शक किया जा सकता है।

हिंडनबर्ग की तरह ही OCCRP ने भी अडानी समूह के खिलाफ गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। गौरतलब है कि इस संस्था OCCRP का सम्बन्ध जॉर्ज सोरोस से है। जॉर्ज सोरोस भारत को अस्थिर करने की लगातार कोशिश करता रहा है। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी सोरोस की आलोचना की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निजी संस्थाओं की रिपोर्ट के आधार पर हमारी विधिक संस्थाओं की जाँच पर शक करना ठीक नहीं है। इनकी रिपोर्ट को इनपुट माना जा सकता है लेकिन इन पर विश्वास करके SEBI के हाथों से जाँच नहीं ली जा सकती।

इसके अलावा याचिकाओं में सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले की जाँच के लिए गठित किए गए पाँच सदस्यीय पैनल पर हितों के टकराव के आरोप लगाए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है इस मामले में याचिकाकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत किए गए आरोप संतोषजनक नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस पैनल द्वारा दी गई रिपोर्ट में दिए गए सुझावों को केंद्र सरकार द्वारा उपयोग करके कानूनी ढाँचा मजबूत करने की बात भी कही है।

गौरतलब है कि 24 जनवरी, 2023 को अमेरिकी शॉर्ट सेलर ने भारतीय कारोबारी अडानी समूह पर कई आरोप लगाए थे और इसे इतिहास की सबसे बड़ी धोखेबाजी करार दिया था। इसके बाद अडानी समूह के वैल्युएशन में काफी कमी देखी गई थी। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने SEBI को जाँच करने का आदेश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने एक 5 सदस्यीय पैनल का गठन भी किया था जो SEBI के विनियामक दायरे को लेकर सुझाव प्रस्तुत करती और साथ ही यह भी देखती कि SEBI कहीं इस मामले की जाँच में फेल हुआ है क्या। इस कमिटी ने कहा था कि SEBI ने सही तरीके से जाँच की है। इस पैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि पहली नजर में गड़बड़ी के कोई संकेत नहीं हैं।

सुप्रीम कोर्ट के इस मामले में SIT ना बनाने और विदेशी रिपोर्ट पर विश्वास ना जताने की बात कहने पर अडानी समूह के मुखिया गौतम अडानी ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय यह दिखाता है कि सत्य की जीत होती है।

‘जातीय जनगणना के पूरे आँकड़ों को सार्वजनिक करे बिहार सरकार’: सुप्रीम कोर्ट का आदेश, याचिकाकर्ता बोले – जल्द हो सुनवाई, वो तेज़ी से बढ़ा रहे आरक्षण

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (2 जनवरी, 2024) को कुछ जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की, जो बिहार में हुई जाति जनगणना के खिलाफ दायर किए गए थे। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से पूछा कि आखिर वो आँकड़ों को सार्वजनिक किए जाने से किस हद तक रोक सकती है? सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि कास्ट सेंसस का डेटा पब्लिक किया जाए, ताकि लोगों को उन्हें चुनौती देने का मौका मिल सके। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की खंडपीठ ने ‘इस मामले पर ‘यूथ फॉर इक्वलिटी’ और ‘एक सोच, एक प्रयास’ जैसे NGO की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये कहा।

हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दोनों पक्षों को विस्तार से सुने बिना अब तक कोई आदेश नहीं दिया है। वरिष्ठ अधिवक्ता राजू रामचंद्रन ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि बिहार सरकार ने जाति जनगणना के आँकड़ों पर काम करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुद्दा अर्जेन्ट है क्योंकि रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण बढ़ा दिया गया है। पटना उच्च न्यायालय में भी इसे चुनौती दी गई है। उन्होंने कहा कि जहाँ चीजें तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं, वहीं सुप्रीम कोर्ट में अगस्त 2023 से ही ये मामला लंबित है।

हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने त्वरित सुनवाई की माँग फ़िलहाल नहीं मानी है। सर्वोच्च न्यायालय ने इस पर चिंता जताई कि जाति जनगणना के आँकड़ों को किस हद तक सार्वजनिक किया जा सकता है जिससे लोगों की निजता का उल्लंघन भी न हो। वहीं बिहार सरकार ने कहा कि सर्वे सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है। वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि संविधान के हिसाब से ये जनगणना नहीं है। वहीं अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि ये जातीय जनगणना अवैध है, राज्य सरकार इसे नहीं करा सकती।

अब इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 29 जनवरी, 2024 को होगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट अब तक सर्वे और इसके आधार पर उठाए जाने वाले कदम को रोकने से इनकार कर चुका है। याचिकाकर्ताओं ने जाति जनगणना को लोगों की प्राइवेसी का उल्लंघन करार दिया था। केंद्र सरकार ने अपना पक्ष रखा है कि वो न तो सर्वे के समर्थन में है और न ही विरोध में। केंद्र सरकार ने SC, ST, SEBC और OBC समाज के उत्थान के लिए काम करने के संकल्प को भी दोहराया था।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा है कि बिहार सरकार ने जातीय जनगणना के आँकड़ों के आधार पर जो निर्णय लिए हैं उनके खिलाफ वो ताज़ा याचिका दायर करें। अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार के जातीय जनगणना के आधार पर फैसले लेने से रोकने से इनकार कर दिया था और कहा था कि किसी भी सरकार को नीतिगत निर्णय लेने से नहीं रोका जा सकता। पटना हाईकोर्ट जातीय जनगणना को वैध बता चुका है। अगस्त में ही उसने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

‘अवैध है ED का समन’: अरविंद केजरीवाल ने पूछताछ के लिए पेश होने से किया इनकार, झारखंड में CM हेमंत सोरेन के करीबियों के 12 ठिकानों पर छापेमारी

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविन्द केजरीवाल प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समन पर एक बार फिर नहीं पहुँचे। ऐसा उन्होंने तीसरी बार किया है। वहीँ झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबियों पर अवैध खनन के मामले में ED ने फिर छापेमारी की है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री को इससे पहले ED नवम्बर और दिसम्बर 2023 में बुला चुकी है। नवम्बर माह में उन्होंने मध्य प्रदेश चुनावों चुनावों जबकि दिसम्बर में विपश्यना साधना का कारण देकर ED की पूछताछ में जाने से मना कर दिया था। दिसम्बर में उन्हें 21 तारीख को बुलाया गया था।

अरविन्द केजरीवाल से ED दिल्ली शराब नीति घोटाला के मामले में पूछताछ करना चाहती है। इस मामले में दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पहले से ही जेल में बंद हैं। इन्हें फरवरी 2023 में ED ने पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। AAP सांसद संजय सिंह भी इसी मामले में जेल में बंद हैं।

अरविंद केजरीवाल ने 3 जनवरी, 2024 को पूछताछ के लिए आने के विषय में भेजे गए समन का जवाब एक लिखित उत्तर में दिया है। उन्होंने ED द्वारा पूछताछ के लिए बुलाए जाने को अवैध बताया है। उन्होंने कहा है कि वह जाँच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं लेकिन पूछताछ में शामिल नहीं होंगे।

इस मामले में दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की है। उन्होंने पूछा है कि ED मुख्यमंत्री केजरीवाल को आखिर किस हैसियत से इस मामले में बुला रही है, क्या उन्हें एक आरोपित की हैसियत से बुलाया जा रहा है या फिर गवाह की हैसियत से।

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार 2021 में एक नई शराब नीति लेकर आई थी। दिल्ली सरकार पर इस नई शराब नीति के जरिए निजी विक्रेताओं को फायदा पहुँचाने और सरकार को इस धंधे से बाहर करने का आरोप है। इसके अलावा कहा गया है कि निजी विक्रेताओं को फायदा पहुँचाने के एवज में उन्हें करोड़ों रुपए का भुगतान किया गया।

झारखंड में भी हेमंत सोरेन के करीबियों पर कार्रवाई तेज

झारखंड में भी ED ने 3 जनवरी, 2024 को छापेमारी की है। यह छापेमारी अवैध खनन के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबियों पर की गई है। यह छापेमारी हेमंत सोरेन के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद और अन्य लोगों के 12 ठिकानों पर जारी है।

हेमंत सोरेन को अब तक ED सात बार पूछताछ के लिए समन भेज चुकी है लेकिन वह इसके सामने पेश नहीं हुए हैं। ED ने हाल ही में एक समन भेजा था जिस पर हेमंत सोरेन को 31 दिसम्बर, 2023 को पेश होना था। एजेंसी ने कहा था कि उन्हें यह आखिरी मौका दिया जा रहा है।

हेमंत सोरेन ने यह कह कर इसका जवाब दिया था कि एजेंसी उनके खिलाफ पक्षपात रवैया अपना रही है। इस बीच यह सुगबुगाहट भी तेज हो गई है कि हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बनाने वाले हैं। इस बात की चर्चा ने तब जोर पकड़ा जब झारखंड के एक निर्दलीय विधायक ने अपना इस्तीफ़ा दिया।

हमास का नंबर-2 था, अब मिले सिर्फ शरीर के टुकड़े: इजरायल ने सलाह अल अरूरी को घर में घुस कर मार गिराया, हिजबुल्ला के गढ़ में ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

मंगलवार (2 जनवरी, 2024) की रात इजरायल के सुरक्षा बलों ने एक ड्रोन स्ट्राइक से लेबनान की राजधानी के बेरुत के भीतर छुपे बैठे इस्लामी आतंकी संगठन हमास के डिप्टी लीडर सलाह अल अरूरी को मार गिराया है। अरूरी फिलिस्तीन से बाहर रह कर आतंकी गतिविधियों का संचालन करता था। उसकी मौत की पुष्टि हमास ने कर दी है।

जानकारी के अनुसार, जब अरूरी पर हमला हुआ तब वह लेबनान की राजधानी बेरुत के दक्षिणी रिहायशी इलाके में स्थित हमास के दफ्तर में था। यह दफ्तर एक तीन मंजिला इमारत में बनाया गया था और इस पर इजरायल ने एकदम निशाना लगाकर वार किया, हमले में सलाह अल अरूरी समेत 7 लोगों के मारे जाने की सूचना सामने आई है।

लेबनान के जिस इलाके में अरूरी की मौत हुई वह शिया मुस्लिमों का आतंकी संगठन हिज्बुल्ला का गढ़ माना जाता है। उसकी मौत को हमास ने कायरतापूर्ण हमला बताया है। हमास के प्रवक्ता ने कहा है कि इजरायल का यह हमला गाजा में उसकी विफलता को दिखाता है। इजरायली सुरक्षा बलों ने इस मामले पर मीडिया को कोई जवाब नहीं दिया है।

इजरायल ने कहा है कि जिसने भी उसे मारा है, उसने एक सर्जिकल स्ट्राइक की है। इजरायल ने अभी इस हमले की जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया है। हालाँकि, अमेरिकी समाचार पत्रों से बातचीत में अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि हमला इजरायल ने ही किया था।

सोशल मीडिया पर चल रही तस्वीरों में दावा किया गया है कि अरूरी पर किया गया हमला इतना तेज और असरदार था कि बाद में पहुँची टीम को सिर्फ उसका हाथ मिला। अरूरी की मौत पर फिलिस्तीन के वेस्ट बैंक वाले हिस्से में बुधवार को हड़ताल की घोषणा की है। बताया जा रहा है कि वहाँ कम से कम 2 लोगों के शरीर के टुकड़े बिखरे हुए थे। लोगों ने हमले से पहले ड्रोन की आवाज़ भी सुनी

कौन था हमास का आतंकी सलाह अल अरूरी, जिसे इजरायल ने मारा?

इजरायल के हमले में मारा जाने वाला 57 वर्षीय अरूरी हमास में नंबर 2 की हैसियत रखता था। वह हमास के मुखिया इस्माइल हानियेह के बाद इस आतंकी संगठन का सबसे बड़ा नेता था। उसी ने हमास की आतंकी कासेम ब्रिगेड की नींव रखी थी। वह पिछले डेढ़ दशक से लेबनान में रह रहा था।

1966 में वेस्ट बैंक में जन्मा अरूरी 1987 में हमास में शामिल हुआ था। वह दो बार इजरायल में जेल भी जा चुका है लेकिन इजरायल और फिलिस्तीनी समूहों के बीच बातचीत के कारण उसे दोनों बार छोड़ दिया गया। वह सीरिया, तुर्की, लेबनान और कतर जैसे देशों में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देता था।

अरूरी को ईरान का करीबी माना जाता है। माना जाता है कि हमास और शिया आतंकी संगठन हिजबुल्ला के बीच उसी ने रिश्तों को बढ़ाया था। वह हिजबुल्ला के नेता के नसरल्लाह के साथ भी हाल ही में नजर आया था। उस पर लगभग 40 करोड़ रुपए का ईनाम अमेरिका ने भी रखा हुआ था।

इजरायल ने अरूरी समेत पूरे हमास को नेतृत्व को साफ़ करने का प्रण 7 अक्टूबर, 2023 के बाद से लिया था। इसी क्रम में वह एक एक करके उनका सफाया कर रहा है। 7 अक्तूबर, 2023 को इस्लामी आतंकी संगठन ने गाजा से इजरायल पर एक हमला किया था जिसमें 1200 से अधिक लोग मारे गए थे। इसके बाद से इजरायल लगातार हमास के आतंकियों का सफाया कर रहा है।

सीन1: ‘CM योगी गुंडा… हम मुसलमान, उसकी नब्बे नस्लें हमें खत्म नहीं कर सकती’ | सीन2: UP पुलिस का एक्शन, लँगड़ा रहा वसीम

उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद की मसूरी पुलिस ने मोहम्मद वसीम को गिरफ्तार किया है। उस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ही सांप्रदायिक नफरत फैलाने के आरोप है। आरोपित के खिलाफ मसूरी थाने के दरोगा राजीव कुमार ने केस करवाया था।

वहीं मसूरी के एसीपी नरेश कुमार के मुताबिक, वीडियो संज्ञान में आते ही केस दर्ज कर आरोपी तलाश की जा रही थी। इसे के तहत मंगलवार (2 जनवरी, 2024) को मोहम्मद वसीम को गिरफ्तार कर लिया गया है।

वसीम मूल रूप से मेरठ के लिसाड़ी गेट के फतेहउल्लापुर का रहने वाला है, लेकिन वो मसूरी में किराए के मकान में रहता और फेरी लगाकर प्लास्टिक की कुर्सी बेचने का काम करता है। दरअसल, वसीम का सीएम योगी के लिए अभद्र भाषा इस्तेमाल करने का ये वीडियो इंटरनेट पर खासा वायरल हो रहा था।

इसी पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई की। इसके बाद वसीम के सीएम को अनाप-शनाप कहने के साथ ही उसका पुलिस हिरासत में लँगड़ाते हुए वीडियो भी चर्चा में हैं। लोग वसीम का पुलिस की गिरफ्त और उसके पहले के शेखी बघारने वाले वीडियो को जमकर शेयर कर रहे हैं।

एसीपी मसूरी नरेश कुमार के मुताबिक, दरोगा राजीव कुमार 23 दिसंबर, 2023 को गश्त पर थे। उन्होंने इस दिन मसूरी अंडरपास पास भीड़ देखी। ये भीड़ मोबाइल पर एक वीडियो देख रही थी। इसमें एक शख्स सांप्रदायिक उन्माद फैलाने के मकसद से भड़काऊ भाषा के साथ ही सीएम योगी को अपशब्द कह रहा था।

सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से वायरल हो रहे 43 सेकंड के इस वीडियो का मजमून कुछ इस तरह से था। दरअसल, वसीम से एक इंटरव्यूवर ने 2024 के लोकसभा चुनावों को लेकर सवाल किया था।

मोहम्मद वसीम के खिलाफ की गई FIR की कॉपी (फोटो साभार: दैनिक भास्कर)

इसके जवाब में वसीम कहता है कि तुम्हारे अंदर हिम्मत है प्रधानमंत्री से सवाल करने की। इसके बाद इंटरव्यूवर कहता है कि योगी आदित्यनाथ की छह साल की सरकार हो चुकी, इस पर वसीम भड़क उठता है।

वीडियो में वसीम कहता है, “हम मुसलमान है, क्या मुसलमान को खत्म कर देगा? उसकी तो नब्बे नस्लें भी हमें खत्म नहीं कर सकती। वो क्या आसमान से आया है।” इसके बाद इंटरव्यू लेने वाले ने सवाल किया,” क्या योगी सरकार में गुंडागर्दी खत्म नहीं हुई थी?”

इस पर वसीम तैश में कहता है, “योगी खुद गुंडा है। मैं कह रहा हूँ चलो करो मेरे पर केस, योगी खुद एक गुंडा है। उसकी हिस्ट्री देखो, उसका रिकॉर्ड देखो, उसकी एफआईआर देखो।” इसके बाद वो पूरे दम से दोनों हाथ कमर पर रख कर कहता है, “मेरा नाम मोहम्मद वसीम, जिला गाजियाबाद, गाँव मसूरी।”

‘जीत के बाद हिन्दुओं की समस्याओं से निपटूँगी, खत्म करूँगी उनकी दिक्कतें’: पाकिस्तान आम चुनाव में हिन्दू उम्मीदवार डॉ सवीरा प्रकाश

इस्लामी मुल्क पाकिस्तान में 8 फरवरी, 2024 को आम चुनाव होने हैं। इसे लेकर प्रक्रियाएँ शुरू हो चुकी हैं और उम्मीदवारों ने अपना नामांकन भी भर दिया है। इसी बीच खैबर पख्तूनख्वा के बुनेर जिले से हिन्दू उम्मीदवार डॉ सवीरा प्रकाश चर्चा में है। उन्होंने कहा है कि अगर वो चुनाव जीत जाती हैं तो वो भारत-पाकिस्तान के बीच एक सेतु का काम करेंगी। सवीरा प्रकाश पेशे से डॉक्टर हैं। उनकी उम्र मात्र 25 वर्ष है। बुनेर के PK-25 सीट से वो उम्मीदवार हैं।

उन्हें भुट्टो-जरदारी परिवार की ‘पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP)’ ने उम्मीदवार बनाया है। डॉ सवीरा प्रकाश ने कहा है कि उन्हें ‘बुनेर की बेटी’ की उपाधि मिली है। उन्होंने दावा किया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के ‘मुस्लिम भाइयों’ ने न सिर्फ उन्हें वोट देने का वादा किया है, बल्कि उन्हें पूरा समर्थन भी दिया है। उन्होंने ये भी कहा कि अगर वो चुनी जाती हैं तो वो पाकिस्तान में हिन्दुओं की समस्याओं को हल करने में मदद करेंगी। उन्होंने खुद को एक देशभक्त हिन्दू करार दिया।

साथ ही डॉक्टर सवीरा प्रकाश ने कहा कि ‘बुनेर की बेटी’ की उपाधि मिलने के बाद उनका मनोबल और बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि उनकी जीत के बाद दोनों देशों के हिन्दू बेहिचक उनसे संपर्क कर सकते हैं, वो दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने के लिए एक सकारात्मक भूमिका निभाएँगी। सवीरा के पिता ओमप्रकाश भी डॉक्टर हैं। ‘संघाई सहयोग संगठन (SCO)’ में हिस्सा लेने PPP अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी मई 2023 में भारत आए थे। सवीरा ने इसे भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर एक सकारात्मक कदम बताया।

सवीरा प्रकाश अपने निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाली पहली महिला हैं। उनका परिवार शुरू से PPP से जुड़ा रहा है। उन्होंने ‘अबोटाबाद इंटरनेशनल मेडिकल कॉलेज’ से 2022 में मेडिकल की डिग्री प्राप्त की। वो बुनेर में PPP की महिला विंग की जनरल सेक्रेटरी हैं। बुनेर के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर इमरान नोशाद खान ने उनका समर्थन किया है। डॉ सवीरा प्रकाश महिला अधिकारों को लेकर खासी मुखर रही हैं। वो अपने पिता की तरह ही गरीबों की मदद करना चाहती हैं।