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बर्तन, गहने, मिठाई… राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा से पहले अयोध्या धाम आएगा नेपाल का उपहार, जनकपुर से शुरू होगी यात्रा

अयोध्या में 22 जनवरी, 2024 को होने जा रहे राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए नेपाल से रामलला के लिए खास उपहार भेजे जाएँगे। नेपाल अगले महीने अयोध्या में राम मंदिर के अभिषेक के लिए कई तरह के आभूषण, बर्तन, कपड़े और मिठाइयाँ सहित विशेष स्मृति चिह्न भेजेगा।

रविवार (24 दिसंबर,2023) को आई नेपाल के माई रिपब्लिका अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, अयोध्या में नेपाल से ये सब उपहार एक खास यात्रा जनकपुरधाम-अयोध्याधाम के जरिए पहुँचाएँ जाएँगे।

ये यात्रा 18 जनवरी 2024 को नेपाल के जनकपुरधाम से शुरू होकर जलेश्वर नाथ, मलंगवा, सिमरौनगढ़, गढ़ीमाई, बीरगंज से बेतिया, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर होते हुए 20 जनवरी 2024 को अयोध्या पहुँचेगी। नेपाल के जानकी मंदिर के संयुक्त महंत रामरोशन दास वैष्णव के मुताबिक, नेपाल से भेजा गया खास स्मृति चिह्न रामजन्म भूमि राममंदिर ट्रस्ट को सौंप दिया जाएगा।

बताते चलें कि भगवान राम की मूर्ति बनाने के लिए अयोध्या आई शिला भी नेपाल से भेजी गई थी। नेपाल में कालीगंडकी नदी के किनारे से इकट्ठा किए गए शालिग्राम पत्थरों को भगवान राम की मूर्ति बनाने के लिए चुनकर भारत भेजा गया था। इसी शिला से बनी रामलला की मूर्ति को उद्घाटन के दिन मंदिर में स्थापित किया जाएगा।

नेपाल, अयोध्या के भव्य राममंदिर को उनके लिए विकास और पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाएँ के द्वार के तौर पर देख रहा है। नेपाल सरकार आस लगा रही है कि दुनिया भर से जो तीर्थयात्री राम के जन्मभूमि में प्रभु का दर्शन करने आएँगे वो माँ सीता के जन्मस्थल की भी यात्रा करेंगे।

बताते चलें कि भारत में नेपाल के राजदूत शंकर प्रसाद शर्मा ने 22 दिसंबर, 2023 को कहा कि दोनों देश जनकपुर और अयोध्या के बीच “सिस्टर सिटी रिलेशनशिप” स्थापित करने के लिए काम कर रहे हैं।

उन्होंने जनकपुर को रामायण सर्किट का जरूरी हिस्सा कहा है। रामायण सर्किट की परिकल्पना भारत सरकार ने साल 2014 में की थी। ये भगवान राम के जीवन को दिखता है और इसमें नेपाल के जनकपुर के साथ-साथ रामायण से संबंधित प्रमुख तीर्थ स्थल भी शामिल हैं।

बीते हफ्ते नेपाल दूतावास के समन्वय में इनक्रेडिबल चैंबर ऑफ इंडिया ने रामायण सर्किट पर एक सेमिनार किया था। इस मौके पर नेपाली राजदूत शंकर प्रसाद शर्मा ने कहा था कि दोनों देश सदियों से एक-दूसरे के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गंतव्य स्थल रहे हैं।

उन्होंने कहा, “भारत और नेपाल रामायण सर्किट पर मिलकर काम कर रहे हैं, जनकपुर इसका एक अहम हिस्सा है, जो दोनों देशों में पर्यटन विकास में सहायता करेगा।” उन्होंने कहा, “माता सीता की जन्मभूमि जानकी मंदिर नेपाल की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। ये भारत और नेपाल के बीच संबंधों को मजबूत करने के प्रमुख घटकों में से एक बन गया है।”

फर्जी मेडिकल बिल लगाकर रेलवे से पैसा लेता था क्लर्क, फिर ISIS आतंकियों के अकाउंट में डाल देता: NIA कर रही तलाश

टेरर फंडिंग में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) भारतीय रेलवे के एक क्लर्क की तलाश कर रही है। उत्तर रेलवे में तैनात यह क्लर्क फर्जी मेडिकल बिल लगाकर पैसे निकालता था। फिर वही पैसा इस्लामिक स्टेट (ISIS) आतंकियों के बैंक अकाउंट में डाल देता था। इसी साल अक्टूबर में गिरफ्तार तीन आतंकियों से पूछताछ में इस क्लर्क के बारे में पता चला है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2023 में दिल्ली पुलिस ने तीन ISIS आतंकियों – शाहनवाज आलम, मोहम्मद अशरफ और मोहम्मद अरशद वारसी को गिरफ्तार किया था। इनके बैंक खातों की जाँच के बाद यह सामने आया है कि उन्हें कुछ स्रोतों से लगातार पैसे आ रहे थे। इनकी जाँच में सामने आया कि नोएडा में रहने वाला रेलवे का एक कर्मचारी इन्हें लगातार पैसे भेजता था।

यह क्लर्क रेलवे के वित्त विभाग में काम करता है और आतंकियों को लगातार मदद पहुँचा रहा था। उसने पैसे जुटाने के लिए रेलवे में फर्जी मेडिकल बिल जमा किए। इसके आधार पर मिले पैसे ISIS आतंकियों को भेज दिए। उसकी तलाश जारी है। उत्तर रेलवे ने अब इस कर्मचारी के विरुद्ध FIR दिल्ली के एक थाने में दर्ज करवाई है। FIR में उसके विरुद्ध पैसों की धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज करवाया गया है।

यह क्लर्क जिन आंतकियों को पैसे भेजता था, उन लोगों ने भारत में कई आतंकी हमले करने की साजिश रची थी। इसके सरगना शाहनवाज और अन्य आतंकियों ने अहमदाबाद, सूरत और बड़ौदा में आरएसएस सहित हिंदू संगठनों से जुड़े 15 जगहों की रेकी की थी। आतंकियों का इरादा हिंदूवादी संगठनों और नेताओं को निशाना बनाना था। यही नहीं, शाहनवाज 26/11 जैसे आतंकी हमले की तरह देश भर में 5 जगहों नूहं, मेवात, दिल्ली, लखनऊ और रुद्रप्रयाग में धमाके करने वाला था। 

फ्री प्रेस जर्नल की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्ली में गिरफ्तार किए गए शाहनवाज आलम और मोहम्मद रिजवान अशरफ पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI और भगोड़े आतंकी फरहतुल्लाह गौरी के इशारों पर काम कर रहे थे। इन्होंने ही उसे दिल्ली में छुपने की जगह उपलब्ध करवाई थी। वे जुलाई 2023 में महाराष्ट्र में छापे तेज होने के बाद दिल्ल्ली पहुँचे थे। इन छापों में इमरान नाम का एक आतंकी पकड़ा गया था। हालाँकि दिल्ली पहुँचने के बाद अक्टूबर में इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।

9 दिसम्बर को NIA ने महाराष्ट्र और कर्नाटक में 44 जगहों पर छापेमारी करके 15 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस छापेमारी में ISIS के मॉड्यूल को तोड़ा गया था। इस छापेमारी में गिरफ्तार होने वाले सभी लोग महाराष्ट्र के ठाणे के रहने वाले थे। यहाँ के एक गाँव पडघा से आतंकी साकिब नाचान और उसके बेटे को भी उठाया गया था। साकिब इससे पहले भी आतंकी वारदातों को अंजाम देने के चलते 2 अलग-अलग मामलों में अदालत से सजा पा चुका है। उसका बेटा भी NIA द्वारा गिरफ्तार किया गया है।

इससे पहले भी NIA राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर कई अन्य अटनाकि मॉड्यूल का खुलासा कर चुकी है। हाल ही में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से सम्बन्ध रखने वाले और झारखंड से कई आतंकियों को पकड़ा गया है।

हजार बार करूँगा उपराष्ट्रपति का ‘अपमान’ : TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने दिखाई ढिठाई, जगदीप धनखड़ बोले- मैं पीड़ित, जानता हूँ ये सब कैसे झेलना है

नई संसद में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का अपमान करने वाले तृणमूल कॉन्ग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने अपनी हरकत दोहराई है। उन्होंने एक बार फिर उपराष्ट्रपति का मजाक उड़ाकर अपमान किया है और कहा है कि वह ऐसा 1000 बार करेंगे। वहीं उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा है कि वह एक पीड़ित हैं और अपमान का सामना करना जानते हैं।

निलम्बित तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के श्रीरामपुर में एक सभा के दौरान फिर से उपराष्ट्रपति धनखड़ की नकल उतारी। इसके बाद उन्होंने कहा, “मैं मिमिक्री तो करता रहूँगा। यह एक प्रकार की कला है। अगर जरूरत पड़ी तो ये 1000 बार करूँगा। मुझे मेरे विचार अभिव्यक्त करने का मूलभूत अधिकार हैं। आप मुझे जेल में डाल दो, मैं पीछे नहीं हटूँगा।”

कल्याण बनर्जी ने 19 दिसम्बर, 2023 को नई संसद के मकर द्वार पर उपराष्ट्रपति धनखड़ का मजाक उड़ाया था। उन्होंने उपराष्ट्रपति की नकल उतारी थी और कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने इसका वीडियो रिकॉर्ड किया था। इसके अलावा अन्य सांसदों ने भी उनके इस कृत्य पर ठहाके लगाए थे।

उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कल्याण बनर्जी के इस कृत्य पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी है। उन्होंने कहा, “मैं एक पीड़ित हूँ। एक पीड़ित जानता है कि सभी अपमानों को सहते हुए कैसे खड़े रहना है। यह हम एक दिशा में भारत माता की सेवा में हैं। आपको ईमानदारी और ऊँचे नैतिक मूल्य रखने होंगें। आपको दोनों तरफ से दबाव झेलने पड़ेंगे।” उन्होंने 24 दिसम्बर, 2023 को अपने दिल्ली स्थित निवास में भारतीय सांख्यिकी सेवा के अधिकारियों से बातचीत में यह प्रतिक्रिया दी।

उपराष्ट्रपति ने कहा, “मैं संवैधानिक पद पर हूँ। मैं राज्यसभा का सभापति हूँ लेकिन मुझे भी लोग नहीं छोड़ते। लेकिन क्या मुझे अपना रास्ता बदल लेना चाहिए? नहीं, हमें सही रास्ते पर हमेशा चलना होगा। बहुत सी चीजे मैं आपसे सीख सकता हूँ, हमें खुले विचारों का होना होगा।”

आगे उन्होंने कहा, “हो सकता है कि मुझे आपसे कई चीज़ें सीखने की आवश्‍यकता हो। मुझे उन्हें आत्मसात करना होगा। हमें खुले विचारों वाला होना चाहिए; दूसरा दृष्टिकोण कभी-कभी सही हो सकता है। लेकिन जो लोग आपका ध्यान भटकाने के लिए, आपको आपकी सेवा के रास्ते से हटाने के लिए ऐसा करते हैं, उन्हें अपनी रीढ़ की हड्डी की ताकत दिखानी होगी।”

कल्याण बनर्जी की इस हरक़त पर उन्होंने माफ़ी भी नहीं माँगी थी। कल्याण बनर्जी द्वारा किए गए अपमान पर उपराष्ट्रपति धनखड़ ने इसे उनकी किसान पृष्टभूमि और जाट समुदाय का अपमान बताया था। उपराष्ट्रपति के अपमान पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इस घटना पर दुख जताया था।

उपराष्ट्रपति धनखड़ के अपमान पर भाजपा सांसदों ने राज्यसभा में एक घंटे खड़े रहकर इसका विरोध किया था। जाट समुदाय की खाप पंचायतों ने भी कल्याण बनर्जी ने माफ़ी माँगने को कहा था, ऐसा ना करने पर उन्होंने तृणमूल कॉन्ग्रेस के सांसदों के घरों के घेराव की भी बात कही थी।

15 साल छोटी हैं अरबाज खान की दूसरी बेगम, ‘मस्त-मस्त नैन’ पर नाचे सलमान खान: बहन के घर हुआ निकाह, जानिए कौन हैं शूरा खान

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के भाई अरबाज खान ने 56 साल की उम्र में 41 वर्षीय शूरा खान से 24 दिसंबर 2023 को निकाह किया। निकाह का पूरा कार्यक्रम अर्पिता खान के घर पर आयोजित हुआ। जिसकी तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल हैं। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर शूरा खान हैं कौन, जिनसे डेटिंग के चर्चे न मीडिया में आए और न ही दोनों की पहले कोई तस्वीर सामने आई।

तो बता दें शूरा खान बॉलीवुड की फेमस मेकअप आर्टिस्ट हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर इतनी जाना-माना नाम नहीं थीं। उनके निकाह तक इंस्टा पर मात्र 13.1 हजार फॉलोवर्स थे, जो कि एक सेलीब्रिटी होने के लिहाज से बेहद कम हैं। इंस्टा पर देखें तो उनका अकाउंट भी प्राइवेट है। लेकिन उनकी कुछ वीडियो ऐसी हैं जिसमें उन्हें रवीना टंडन और उनकी बेटी राशा थडानी के साथ कोलैब करते देखा जा सकता है।

इसके अलावा उन्होंने फिल्मों में भी डेब्यू किया था मगर वहाँ उन्हें इतना नाम नहीं मिला। उनकी पहली फिल्म औरंगजेब थी और दूसरी देसी कट्टे थी। शूरा ने सिंगिंग की दुनिया में भी अपनी आवाज को अजमा रखा है। 2019 में उन्होंने पंजाबन गाना गाया था। फिर सत्यमेव जयते फिल्म का मशहूर गाना कुसू-कुसू भी उन्हीं की आवाज में हैं।

अरबाज खान से शूरा की मुलाकात ‘पटना शुक्ला’ के सेट पर हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच नजदीकियाँ बढ़ीं और उन्होंने निकाह का फैसला किया।

बता दें कि सलमान खान के भाई अरबाज खान की यह दूसरी शादी है। उन्होंने साल 1998 में मलाइका अरोड़ा से शादी की थी जिनसे उनका रिश्ता 2017 तक रहा। इसके बाद दोनों तलाक ले लिया। फिर अरबाज जॉर्जिया के साथ रिश्ते में आए मगर उनसे भी 2021 में राहें अलग हो गईं। अब अरबाज ने अपने से 15 साल छोटी शूरा खान से निकाह किया है। निकाह में सलमान खान भी तेरे मस्त-मस्त दो नैन गाने पर थिरकते नजर आए।

सड़कों में कारों की कई किलोमीटर लंबी कतार, सारे होटल फुल: क्रिसमस और नए साल के जश्न पर भारी पहाड़ों की तरफ भागने वाली भीड़, मसूरी और मनाली के रास्ते जाम

क्रिसमस का जश्न मनाने के लिए भारी संख्या में लोग हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ों पर पहुँच रहे हैं। इससे इन राज्यों के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर जगह-जगह जाम लग रहा है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू-मनाली, शिमला, धर्मशाला और उत्तराखंड के मसूरी, नैनीताल, देहरादून जैसे पर्यटन स्थलों पर क्रिसमस के मौके पर भारी भीड़ देखी जा रही है। इन स्थलों पर होटल, रेस्ट्रॉं और अन्य पर्यटन सुविधाओं की बुकिंग पहले से ही फुल हो चुकी है।

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू-मनाली के सोलंग घाटी, मनाली, डलहौजी और शिमला में क्रिसमस के मौके पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों शामिल हो रहे हैं। वहीं, उत्तराखंड के मसूरी, नैनीताल और देहरादून में भी क्रिसमस के मौके पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में क्रिसमस की झाँकियाँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और संगीत कार्यक्रम शामिल हैं।

सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियोज की भरमार आ गई है जहाँ कई किलोमीटर तक गाड़ियों का जाम लगा है और ट्रैफिक रेंगते हुए चल रहा है। मनाली हिमाचल प्रदेश का एक पसंदीदा पर्यटन स्थल है। हर साल यहाँ बर्फबारी का आनंद लेने और अपनी लंबी छुट्टियाँ बिताने के लिए देश भर से लोग बड़ी संख्या में आते हैं। इस समय के दौरान इस क्षेत्र में आमतौर पर हर साल ट्रैफिक जाम की खबरें आती हैं।

सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम की स्थिति अटल टनल से होकर जाने वाले रास्ते पर है। इस बीच हिमाचल प्रदेश के ऊँचे इलाकों में शनिवार को हल्की बर्फबारी का ताजा दौर देखा गया। यह तब हुआ जब मौसम विभाग ने 24 दिसंबर से हिमालयी राज्य में शुष्क मौसम की भविष्यवाणी की है।

क्रिसमस के मौके पर पहाड़ों पर पहुँची भीड़ से स्थानीय लोगों को काफी परेशानी हो रही है। सड़कों पर जाम लगने से लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुँचने से जाम की स्थिति भी बनी हुई है। सुबह से शाम तक वाहन सड़कों पर रेंग रेंगकर चलते नजर आए। पुलिस और प्रशासन की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई इंतजाम किए गए हैं। लेकिन, भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है। क्रिसमस के मौके पर पहाड़ों पर पहुँची भीड़ से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी काफी फायदा हो रहा है। पर्यटन से स्थानीय लोगों को काफी आय हो रही है।

‘बच्चों को सैंटा बनाना है तो पहले पैरेंट्स से लो अनुमति’: मध्य प्रदेश में स्कूलों को सख्त आदेश, न मानने पर झेलनी होगी कार्रवाई

मध्य प्रदेश के उज्जैन और शाजापुर जिले में बच्चों को स्कूलों में सैंटा क्लॉज बनाना महंगा पड़ सकता है। वहाँ किसी भी बच्चे को सैंटा क्लॉज वगैरह बनाने के लिए परिजनों की लिखित सहमति जरूरी कर दी गई है। अगर परिजनों की सहमति के बिना किसी बच्चे के सैंटा क्लॉज बनाया जाता है, तो उससे होने वाले विवाद की जिम्मेदारी उक्त स्कूल की होगी। इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की तरफ पत्र जारी किया गया है।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, बीआरसी संजय शर्मा ने बताया कि डीईओ द्वारा जारी पत्र में सभी संस्था प्रमुख एवं संचालक को साफ तौर पर हिदायत दी गई है कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत या विवाद संज्ञान में आने पर संबंधित स्कूल/ शैक्षणिक संस्था के विरुद्ध एक पक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। यह पत्र जारी होने के बाद निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है।

बताया जा रहा है कि उज्जैन में इस तरह का आदेश पहली बार जारी किया गया है। हालाँकि उज्जैन से पहले शाजापुर के जिला शिक्षा अधिकारी भी ऐसा पत्र जारी कर चुके हैं।

शाजापुर में इस तरह का आदेश 14 दिसंबर को ही जारी कर दिया गया था, लेकिन सोशल मीडिया पर वो वायरल अब हो रहा है। पत्र में लिखा है, “आगामी क्रिसमस के अवसर पर आपके विद्यालय में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सहभागिता करने वाले एवं क्रिसमस ट्री, सैंटा क्लॉज, विविध वेशभूषा एवं अन्य कोई पात्र बनाए जाने के लिए आपके द्वारा चयनित छात्र /छााओं को उनके अभिभावक से लिखित अनुमति प्राप्त करके ही बनाया जाए।”

शाजापुर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी पत्र

पत्र में आगे लिखा है, “किसी भी स्थिति में बिना अभिभावक की लिखित अनुमति के किसी भी छात्र-छात्रा की उक्त आयोजन में सहभागिता न कराई जाए, जिससे कि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति निर्मित न हों। इस संबंध में यदि किसी भी प्रकास की शिकायत या विवाद संज्ञान में आने पर आकी संस्था के विरुद्ध एक पक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी, जिसका संपूर्ण उत्तरदायित्व आप स्वयं का होगा। उपरोक्त पत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देवें।”

‘किसी को क्लीन-चिट नहीं, अभी चल ही रही है जाँच’: हरियाणा पुलिस ने HT की रिपोर्ट की नकारा, लिखा था – बिट्टू बजरंगी के भाई को जलाने वाला केस निकला फर्जी

हाल ही में हिन्दू कार्यकर्ता बिट्टू बजरंगी के भाई पर हमला कर दिया गया और उन्हें ज़िंदा जलाने की कोशिश की गई। इसमें उनका शरीर 60% तक झुलस गया। अब AltNews के संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर जैसों ने इस दुःखद प्रकरण को लेकर भी प्रोपेगंडा शुरू कर दिया है। मोहम्मद ज़ुबैर ने उलटा बिट्टू बजरंगी के भाई पर हमले की खबर को ही नकार दिया और इस खबर को बदलने की सलाह देने लगा। उसने इसके लिए ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की एक रिपोर्ट का सहारा लिया।

यहाँ जिस रिपोर्ट की बात हो रही है, उसे लीना धनखड़ नामक पत्रकार ने लिखा है। HT में प्रकाशित इस खबर में लिखा है कि फरीदाबाद पुलिस ने कहा है कि बिट्टू बजरंगी के भाई अलाव में गिर जाने के कारण जल गए थे और उनकी हत्या के प्रयास के कोई सबूत नहीं हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हवाले से कहा गया था कि बिट्टू बजरंगी के भाई महेश पांचाल के जलने के मामले में पुलिस में फर्जी शिकायत दर्ज कराई गई और एक गौतस्कर को इसमें फँसाया गया।

शिकायत में कहा गया था कि फरीदाबाद में बाबा मंडी के पास अरमान और उसके साथियों ने महेश पांचाल पर पेट्रोल डाल कर उनके शरीर में आग लगा दी और फिर भाग निकले। 15 दिसंबर को इस मामले में SIT का गठन किया गया। CCTV फुटेज खँगाले जाने के अलावा 20 से अधिक लोगों से पूछताछ भी की गई। फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता सुबे सिंह के हवाले से ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ ने लिखा कि मौके पर लगे 2 सीसीटीवी कैमरों में हमले की कोई घटना रिकॉर्ड नहीं हुई है।

साथ ही फॉरेंसिक टीम द्वारा मौके पर पेट्रोल, अल्कोहल या डीजल जैसी कोई वस्तु के सबूत न मिलने का दावा भी पुलिस के हवाले से किया गया। पुलिस ने हवाले से लिखा गया कि जाँच में आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। हालाँकि, बिट्टू बजरंगी का कहना है कि जाँच अभी पूरी नहीं हुई है और किसी ने उन्हें सूचित नहीं किया है कि ये मामला फर्जी पाया गया है। उन्होंने पूछा कि वो भला क्यों किसी को फँसाने के लिए कहानियाँ बनाएँगे? इस खबर में एक अन्य अनाम वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से कहा गया कि आसपास के दुकानदारों ने कोई शोरगुल नहीं सुनी थी।

हालाँकि, ऑपइंडिया से बातचीत में पुलिस ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की इस खबर को नकार दिया है। फरीदाबाद के ACP ने इस खबर के बारे में बताए जाने पर पूछा कि आखिर पुलिस में किसने इस केस को फेक बता दिया? उन्होंने कहा कि ये बात ठीक है कि अभी इस मामले में आरोपित के खिलाफ सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि केस फर्जी होने की बात कही गई है। उन्होंने इसकी पुष्टि की है कि बिट्टू बजरंगी के भाई जल गए हैं।

उन्होंने कहा कि ये जाँच का विषय है कि वो कैसे जले, किसने जलाया और किस वजह से जले। उन्होंने कहा कि अभी तक न तो किसी को क्लीन चिट दी गई है और न ही जाँच खत्म हुई है, बल्कि जाँच अभी चल ही रही है। उन्होंने ये भी कहा कि अभी पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँची है। साफ़ है, इस मामले में मोहम्मद ज़ुबैर एक पीड़ित का सिर्फ इसीलिए मज़ाक बना रहा है क्योंकि उसका भाई एक हिन्दू एक्टिविस्ट है। बिट्टू बजरंगी के भाई का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

कुश्ती फेडरेशन को चलाएगी नई एडहॉक कमेटी, 48 घंटों के भीतर होगी टीम तैयार: खेल मंत्रालय ने भारतीय ओलंपिक संघ को दिया आदेश

भारतीय कुश्ती संघ से जुड़े विवाद बढ़ते ही जा रहे हैं। इस मामले में अब सभी विवादों को थामने की कोशिश करते हुए खेल मंत्रालय ने नव-निर्वाचित कुश्ती संघ को कामकाज से दूर कर दिया है। इसके बाद खेल मंत्रालय ने भारतीय ओलंपिक संघ को निर्देश दिया है कि वो एक ए़डहॉक कमेटी बनाएँ और उस कमेटी के माध्यम से भारतीय कुश्ती संघ का संचालन करें। इस पूरे विवाद में ये दूसरी बार है, जब एडहॉक कमेटी का नाम उठा है।

बता दें कि भारतीय कुश्ती संघ के हालिया चुनावों में संजय सिंह ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की थी, जिसके बाद नया विवाद शुरू हो गया था। भारतीय कुश्ती संघ को लेकर चल रहे विवादों के लिए रविवार (24 दिसंबर 2023) का दिन काफी अहम रहा। खेल मंत्रालय ने नवनिर्वाचित कुश्ती संघ के पदाधिकारियों से काम करने की शक्ति छीन ली और उसे संभालने की जिम्मेदारी भारतीय ओलंपिक संघ को दे दी। खेल मंत्रालय ने ओलंपिक संघ को एक तीन सदस्यीय एडहॉक कमेटी बनाने के लिए कहा है। पत्र जारी होने के 48 घंटों के भीतर ही नई टीम को अपनी जिम्मेदारी संभालनी है।

वहीं, कुश्ती संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा है इन सब विवादों से बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। इस संबंध में वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे और अपना पक्ष रखेंगे। संजय सिंह ने कहा है कि वो खेल मंत्री से भी बातचीत करेंगे।

उल्लेखनीय है कि कुश्ती संघ के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों ने पुरानी एडहॉक कमेटी के सभी फैसलों को रद्द घोषित कर दिया था। इसके साथ ही इन प्रतिनिधियों ने जूनियर स्तर के ट्रायल गोंडा में ही कराने की घोषणा कर दी थी। इस फैसले को रद्द करते हुए खेल मंत्रालय ने इस नए निर्णय की घोषणा एक प्रेस रिलीज के माध्यम से की है। खेल मंत्रालय ने कहा है कि नवनिर्वाचित कुश्ती महासंघ ने पहले से निर्धारित नियम कानूनों का पालन नहीं किया है। मंत्रालय ने कहा है कि नवनिर्वाचित अध्यक्ष द्वारा कुश्ती के जूनियर खिलाड़ियों की राष्ट्रीय प्रतियोगिता का ऐलान नियमों को ध्यान में रखते हुए नहीं किया गया।

क्रिकेट खेलते-खेलते मैदान पर गिरा ओपनिंग बैट्समैन, पिच पर मौत: परिवार में कोहराम मचा, कुछ ही समय पहले हुई थी शादी

उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक युवक क्रिकेट खेलते खेलते दुनिया से विदा हो गया। वो बैटिंग कर रहा था। ओपनर बैट्समैन के तौर पर मैदान में आया खिलाड़ी कुछ ही ओवरों बार क्रीज पर ही गिर पड़ा। उसे साथी उठाकर अस्पताल पहुँचे तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ये हैरान करने वाली घटना है मेरठ के गाँधी पार्क क्रिकेट स्टेडियम की, जहाँ दुष्यंत वर्मा नाम के 36 साल के युवक की मौत हो गई।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, दुष्यंत हर रोज की तरह ही खेलने के लिए मैदान पर पहुँचा। उसकी टीम ओल्डगन का मुकाबला ब्लास्टर टीम से था। ओल्डगन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी, जिसके बाद दुष्यंत अपने ओपनिंग पार्टनर के साथ मैदान पर पहुँचा। महज 9 गेंदे खेलने के बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ गई और वो मैदान पर ही गिर गया। उसके साथी खिलाड़ी उसे लेकर मेट्रो अस्पताल पहुँचे, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया। कुछ रिपोर्ट में इसे हार्ट अटैक की घटना बताया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि दुष्यंत के न तो परिवार में दिल से जुड़ी कोई दिक्कत रही है, और न ही उसे कभी कोई दिक्कत महसूस हुई। लेकिन मैदान पर एक झटके में उसकी मौत हो गई। स्थानीय थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में किसी तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर कोई शिकायत मिलती है, तो जाँच की जाएगी। वहीं, दुष्यंत के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। उसकी कुछ समय पहले ही शादी हुई थी।

ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें जिम में, डाँस करते हुए या खाना खाते समय हार्ट अटैक जैसी वजहों से लोगों की जानें गई हैं। यहाँ तो शारीरिक रूप से महज 36 साल के युवक को हार्ट अटैक आया, जो तमाम चर्चाओं को जन्म दे रहा है। ऑपइंडिया ने मार्च माह में इस गंभीर विषय पर एक स्टोरी की थी, जिसमें हंसते-खेलते लोगों की जान जाने के कुछ मामलों को रिपोर्ट किया गया है। वो रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

जनजातीय बच्चों को रटाते हैं ईसाई प्रार्थना, साफ करवाते हैं टॉयलेट: NCPCR अध्यक्ष ने MP के मिशनरी स्कूलों पर लगाए आरोप, विदेशी फंडिंग के मिले सबूत

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बड़ा खुलासा करते हुए मध्य प्रदेश के देवास में चल रहे दो ईसाई मिशनरी स्कूलों पर बड़े आरोप लगाए हैं। प्रियंक कानूनगो ने कहा कि यहाँ ‘प्रभावशाली लोग’ अनुसूचित जनजाति के बच्चों को ईसाई बनाने के काम में जुटे हुए हैं। प्रियंक का कहना है कि अनुसूचित जनजाति वाले इलाकों में ऐसे संगठन काम कर रहे हैं, जो बच्चों को ईसाई बनाने के काम में जुटे हैं और उन्हें प्रभावशाली लोगों का साथ मिल रहा है।

प्रियंक कानूनगो ने आरोप लगाया कि अनुसूचित जनजाति के बच्चों को ईसाई प्रार्थना सिखाई गई है, जो कि गलत हैं। उन्होंने जेजे एक्ट और मध्य प्रदेश फ्रीडम ऑफ रिलीजियन एक्ट, 2021 के तहत केस दर्ज कराने की बात भी कही। प्रियंक कानूनगो ने आरोप लगाया कि यहाँ 10 साल से कम उम्र के बच्चों से घास कटवाई जा रही है। उनसे शौचालय साफ कराए जा रहे हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी करने की बात भी कही।

देवास जिले के अनुसूचित जनजाति बहुल इलाकों में स्थित दो संस्थानों का उन्होंने दौरा किया, जो ईसाई मिशनरियों द्वारा चलाए जा रहे हैं। उन्होंने इसके बारे में सोशल मीडिया पर जानकारी दी और लिखा, “आज मध्य प्रदेश के देवास जिले के जनजातीय अंचलों में दौरे के दौरान दो अलग-अलग संस्थाओं का निरीक्षण किया दोनों ही संस्थान मिशनरी संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे थे। जेजे एक्ट की परिभाषा में CNCP बच्चों को पंजीकृत बालगृह में CWC के आदेश से ही रखा जा सकता है, यहाँ इस क़ानून का खुला उल्लंघन देखने को मिला है। संस्थाओं ने पंजीकरण दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया।”

उन्होंने आगे लिखा, “लगभग सभी बच्चे हिंदू धर्मावलंबी हैं लेकिन संस्था के चर्च में बच्चे क्रिश्चियन प्रार्थना करते हैं, बच्चों को ईसाई धार्मिक प्रार्थनाएँ कंठस्थ हैं। 10 साल से भी कम उम्र के मासूम बच्चों से परिसर में घाँस कटवाई जाती है, झाड़ू पोछा करवाया जाता है यहाँ तक कि टॉयलेट भी साफ़ करवाए जाते हैं। हमारी टीम को यहाँ विदेशी फंडिंग व संस्थान के उच्च राजनीतिक संपर्क के प्रमाण भी मिले हैं,स्पष्ट है कि जनजातीय क्षेत्रों में रसूखदार लोग अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर के मासूम बच्चों के धर्मांतरण का गंदा काम कर रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार के मुख्यसचिव को नोटिस जारी कर विधिवत कार्यवाही की जाएगी।”

एनसीपीसीआर बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीपीसीआर) अधिनियम, 2005 के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय है। यह महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में है। आयोग का कार्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी कानून, नीतियाँ, कार्यक्रम और प्रशासनिक प्रणालियाँ बाल अधिकारों के दृष्टिकोण के अनुरूप हों।