Home Blog Page 1291

जिन्हें ‘रैट माइनर्स’ बता कर मिले अरविंद केजरीवाल और लूटी वाहवाही, वो निकले फर्जी: 41 मजदूरों की जान बचाने वालों ने कहा – हमें खुद सोशल मीडिया से पता चला

दिल्ली के मुख्यमंत्री और सत्ताधारी पार्टी ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) ने इस माह की शुरुआत में इस बात का दावा किया था कि अरविंद केजरीवाल ने सिल्क्यारा सुरंग हादसे में फँसे 41 मजदूरों को निकालने वाले रैट माइनर्स से मुलाकात की है। अब इस दावे पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि सुरंग हादसे में फँस लोगों के लिए जिन 12 रैट माइनर्स ने मेहनत की थी, उन्होंने कहा है कि अरविंद केजरीवाल ने उनमें से एक से भी मुलाकात नहीं की है। उनका दावा फर्जी है। रैट माइनर वकील हसन ने तो अरविंद केजरीवाल के सभी दावों चाहें वो राजनीतिक हो या सरकारी काम के, सभी पर संदेह की उंगली उठा दी और कहा कि अब उन्हें अरविंद केजरीवाल के किसी काम पर भरोसा नहीं है।

आजतक से बातचीत में वकील हसन ने कहा, “हम में से किसी भी व्यक्ति से अरविंद केजरीवाल ने मुलाकात नहीं की है।” खजूरी खास इलाके में रहने वाले वकील हसन ने अरविंद केजरीवाल से बेहतर हमारे स्थानीय सांसद मनोज तिवारी जी ने दूसरे ही दिन हम सबसे मुलाकात की थी और हमारा हौसला बढ़ाया था।

वकील हसन ने कहा कि सबसे पहले मैंने सोशल मीडिया पर अरविंद केजरीवाल के रैट माइनर्स से मिलने की खबर देखी, हमें लगा कि ये कोई फेक न्यूज होगी। फिर ये खबर हर तरफ फैलने लगी, जो कि पूरी तरह से गलत थी। हमसे न तो दिल्ली जलबोर्ड और न ही अरविंद केजरीवाल के किसी भी व्यक्ति ने मुलाकात की। मैं इस बात से आहत हूंँ।

वकील हसन से जब ये कहा गया कि उन्होंने उत्तराखण्ड सरकार की ओर से घोषित किए गए 50 हजार की राशि को क्यों ठुकराया? उन्होंने कहा कि अंदर फँसे लोगों को 1-1 लाख दिए गए, हमें 50 हजार ही क्यों? इस मामले में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हमसे कहा कि वो जल्द ही कोई अच्छा समाधान निकालेंगे।

बता दें कि शुक्रवार (1 दिसंबर, 2023) को दिल्ली की मंत्री आतिशी ने कहा था कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उत्तराखण्ड के सिल्क्यारा टनल मामले में 41 मजदूरों की जान बचाने वाले रैट माइनर्स से मुलाकात की है। उन्होंने बताया था कि इस दौरान सीएम केजरीवाल ने रैट-होल माइनर्स की टीम को सम्मानित भी किया। उन्होंने दिल्ली और देश के लोगों की तरफ से पूरी टीम को धन्यवाद कहा। रैट-होल माइनर्स की टीम ने इस मौके पर सुरंग हादसे में फंसे मजदूरों को किस तरह निकाला गया, इसका पूरा वाकया सुनाया। हालाँकि अब इस दावे को ओरिजिनल रैट माइनर्स ने खारिज कर दिया है।

‘सनातन धर्म और हिंदीभाषियों के खिलाफ बयान पर राहुल गाँधी चुप क्यों?’: पूर्व मुख्यमंत्री KCR की बेटी ने उठाए सवाल, कहा – PR स्टंट थी ‘भारत जोड़ो यात्रा’

तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी DMK सांसद दयानिधि मारन ने विवादस्पद टिप्पणी करते हुए उत्तर भारतीयों को शौचालय साफ़ करने से जोड़ा, जिसके बाद बवाल मचा हुआ है। अब इसे लेकर भारत राष्ट्र समिति (BRS) नेता K कविता ने राहुल गाँधी पर निशाना साधा है।

उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी की शुरू की गई ‘भारत जोड़ो यात्रा’ एक पीआर स्टंट जैसी थी। इसके साथ ही बीआरएस महिला नेत्री ने डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन सनातन धर्म पर की गई टिप्पणियों पर राहुल गाँधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया।

बताते चलें कि कॉन्ग्रेस और डीएमके विपक्षी इंडिया गुट में सहयोगी हैं। बीजेपी को हराने के लिए एकजुट हुआ ये गठबंधन खुद ही बिखरा हुआ नजर आ रहा है।

‘कॉन्ग्रेस पार्टी का डीएनए – जो बोलते करते नहीं’

बीआरएस नेता के कविता ने कहा कि जब सनातन धर्म का अपमान किया जाता है कई करोड़ लोगों आहत होते हैं, पूरे देश में कई करोड़ लोगों की भावनाएँ आहत होती वो (राहुल गाँधी) कभी प्रतिक्रिया नहीं देते। वो इस देश के लोगों के लिए जवाबदेह हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री KCR की बेटी ने आगे कहा, “मैं उन्हें चुनाव गाँधी कहती हूँ क्योंकि वो केवल चुनावों के वक्त काम करते हैं। एक पार्टी के, एक नेता के तौर पर उनकी भारत जोड़ो यात्रा पीआर जैसी है। कॉन्ग्रेस पार्टी का डीएनए ऐसा है कि वो जो बोलते हैं वो करते नहीं।”

बीआरएस नेता के कविता ने यहाँ तक कह डाला कि अब देश की जनता को फैसला लेना है कि उन्हें कॉन्ग्रेस पार्टी का साथ देना है या नहीं। देश के कई पार्टियों के नेता के आपत्तिजनक बयान आए हैं और ये सब कुछ खास लोगों के वोट हासिल करना चाहते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि वो इस तरह के बयान देते हैं जिनसे देश ऐसे बँट जाए जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। जब पार्टियाँ सनातन धर्म के बारे में बात करती हैं, जब पार्टियाँ कुछ राज्यों को ‘गौमूत्र राज्य’ कहती हैं। जब वो मजदूरों की बेइज्जती करते हैं जो टॉयलेट आदि में काम करते हैं। इस तरह के बयानों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।

बीआरएस नेता के कविता ने कहा कि जब राहुल गाँधी भारत जोड़ो यात्रा की बात करते हैं वो देश को एक करने की बात करते हैं, लेकिन काश उन्होंने शुरू से ही ऐसे बयानों को संजीदगी से लिया होता जब सनातन धर्म की बेइज्जती की जा रही थी। राहुल गाँधी ने कभी प्रतिक्रिया नहीं दी अगर उन्होंने उस वक्त इस पर प्रतिक्रिया दी होती तो वो ऐसा बयान नहीं देते।

उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि जब इतने बड़े गठबंधन की पार्टी इस तरह के बयान दे रही है और इस गठबंधन के मुखिया राहुल गाँधी जो पूरा नेतृत्व कर रहे हैं वो कुछ नहीं बोल रहे हैं। वो इस देश के लोगों के लिए जवाबदेह हैं। उन्होंने कहा, “मैं उनसे अनुरोध करती हूँ कि लोकसभा चुनाव नज़दीक हैं आप लोगों को जवाब देना क्यों नहीं शुरू करते। कम से कम आपको लोगों को बताना चाहिए कि आप हिंदुओं के लिए अशिष्ट नहीं है। लोगों को बताइए कि आप मजदूरों के लिए अपमान नहीं करते।”

हिंदी पर क्या कहा था डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने

दरअसल डीएमके सांसद दयानिधि मारन द्वारा हिंदीभाषियों को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान का एक वीडियो क्लिप इन दिनों खास वायरल है। ये क्लिप साल 2019 के एक कार्यक्रम की बताई जा रही है।

डीएमके सांसद दयानिधि मारन इस कार्यक्रम के दौरान कहा था कि उत्तर प्रदेश और बिहार से जो हिंदी भाषी तमिलनाडु आते हैं। वो वहाँ निर्माण कार्य करते हैं या सड़कों और शौचालयों की सफाई करते हैं। इस क्लिप के सामने आने से खासा विवाद पैदा हो गया है।

पुरानी क्लिप में मारन ने अंग्रेजी शिक्षा के महत्व पर जोर दिया था। उन्होंने केवल अंग्रेजी और केवल हिंदी सीखने वाले लोगों की तुलना करते हुए कहा है कि जिन्होंने केवल अंग्रेजी सीखी वो इज्जतदार आईटी क्षेत्र में चले गए और जिन्होंने केवल हिंदी सीखी थी वो केवल छोटी नौकरियाँ ही पा सके।

देश में कोरोना के एक्टिव मामले 4000 पार, 77% अकेले केरल से: स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कितना खतरनाक है नया वैरिएंट JN.1

देश के कोरोना के एक्टिव मामले 4000 से अधिक हो गए हैं। इनमें 77% से अधिक मामले केरल में हैं। इसके अलावा कोरोना के नए वैरिएंट जेएन.1 के 63 नए मामले भी सामने आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जेएन.1 को अब ‘वैरिएंट ऑफ़ इंटरेस्ट’ घोषित कर दिया है।

देश में कोरोना के मामलों को बताने वाली वेबसाइट के अनुसार, देश में वर्तमान में 4054 मामले हैं। इनमें से 3100 से अधिक मामले अकेले केरल में हैं। रविवार को 600 से अधिक नए मामले सामने आए। इसके नए वैरिएंट के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी गई है। नए वैरिएंट के 34 मामले गोवा से सामने आए हैं। इसके अलावा 9 मामले महाराष्ट्र, 8 मामले कर्नाटक, 6 मामले केरल से सामने आए हैं।

केरल में एक मौत भी कोरोना के कारण हो गई है। हालाँकि नए वेरिएंट को लेकर ख़ास चिंता की आवश्यकता नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि नया वैरिएंट विशेष खतरनाक नहीं है और इससे प्रभावित रोगी घर पर पर ही ठीक हो रहे हैं। विशेषज्ञों कहना है कि इस नए वेरिएंट के लिए विशेष दवा की आवश्यकता नहीं है बल्कि इसके ऊपर कोरोना की वैक्सीन प्रभावी है।

नए वैरिएंट से सामने आया खतरा भी तुलनात्मक रूप से कम है। भारत में कोविड-19 के उप स्वरूप जेएन.1 का पहला मामला 8 दिसंबर को केरल में सामने आया था। हालाँकि, पीड़ित महिला रोगी अब पूरी तरह से ठीक हो चुकी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, मेडिकली देखा जाए तो इनमें से अधिकांश केस हल्के लक्षण के होते हैं और उनमें से अधिकतर किसी बड़ी दवा के बगैर ही ठीक हो जाते हैं, हालाँकि इसे लेकर सतर्कता बरतनी जरूरत है।

जानकारी के मुताबिक भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) ने कोविड केसों की निगरानी के तहत केरल में कोविड के इस नए सब वैरिएंट JN.1 का पता लगाया था। भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) जीनोमिक प्रयोगशालाओं का एक नेटवर्क है। ये जीनोमिक तरीके से देश में कोरोनो वायरस केसों पर नजर रख रहा है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) इस कॉन्सॉर्टियम का एक हिस्सा है।

कहाँ से आया कोरोना का सब वैरिएंट जेएन.1

कोविड-19 का JN.1 सब वैरिएंट पहली बार लक्ज़मबर्ग में पहचाना गया था और तब से यह कई देशों में फैल गया है। यह पिरोला वेरिएंट (BA.2.86) का ही अगला रूप है। इसका पहला केस पहली बार सितंबर 2023 में अमेरिका में सामने आया था।

चीन में 15 दिसंबर,2023 को इस खास सबवैरिएंट के 7 मामले मिले थे। इस JN.1 वैरिएंट के केस अब तक संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, आइसलैंड, स्पेन, पुर्तगाल और नीदरलैंड जैसे देशों में मिले हैं। भारत की बात करें तो सिंगापुर हवाई अड्डे पर हुई जाँच में कुछ भारतीयों में JN.1 सब वैरिएंट पाया गया था।

‘जय हिन्द’ के उद्घोष पर भड़के 3 शिक्षकों ने अपने साथी टीचर को ही पीटा: स्कूल में मच गया हंगामा, छात्रा घायल

देवरिया का एक स्कूल शिक्षकों के बीच जूतमपैजार का अड्डा बन गया। यहाँ ‘जय हिंद’ कहने को लेकर शुरू हुआ विवाद स्कूल में ही भयानक मारपीट की स्थिति तक पहुँच गई। इसमें तीन शिक्षकों ने मिलकर एक शिक्षक को जमकर पीटा। इस दौरान बच्चों में भगदड़ मच गई, जिसमें एक छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। वहीं, पूरे स्कूल में अराजकता की स्थिति बनी रही।

ये मामला लार विकास खंड के कंपोजिट विद्यालय धहरहा का है। यहाँ शनिवार (23 दिसंबर, 2023) को प्रार्थना सभा के दौरान ‘जय हिंद’ बोलने को लेकर शिक्षकों के बीच लड़ाई हो गई। अफरातफरी की वजह से छात्र-छात्राएँ स्कूल से भागने लगे। इसमें एक छात्रा घायल भी हो गई।

इस मामले में बीईओ की रिपोर्ट पर बीएसए ने चार सहायक शिक्षकों को निलंबित कर दिया है और उन्हें दूसरे स्कूल से संबद्ध कर दिया है। इसके साथ ही प्रभारी प्रधानाध्यापक रामविलास और एक सहायक शिक्षक को कड़ी चेतावनी दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस स्कूल में 218 बच्चे पढ़ते हैं। इसके लिए अरुण कुमार सिंह, धर्मेंद्र कुमार वर्मा, अनय कुमार, संजय कुमार समेत 9 शिक्षकों की तैनाती है। छात्रों ने शिक्षा विभाग की जाँच के दौरान बताया कि अरुण कुमार सिंह ही छात्रों से प्रार्थना और पीटी जैसी चीजें कराते हैं। वहीं बाकी के तीन शिक्षक इन सब चीजों से दूर रहते हैं। यहाँ तक कि राष्ट्रगान के समय भी खड़े नहीं होते।

बच्चों का कहना है कि ये सारा विवाद प्रार्थना के समय ‘जय हिंद’ की उद्घोषणा से जुड़ा है, जो बाकी के तीन शिक्षकों को पसंद नहीं आता। छात्रों का कहना है कि शिक्षक अरुण कुमार सिंह ने प्रार्थना सभा के बाद जब ‘जय हिंद’ का नारा जब लगवाया, तभी तीनों बौखला गए और उनकी पिटाई शुरू कर दी। छात्रों ने प्रभारी प्रधानाध्यापक पर हस्तक्षेप न करने का आरोप भी लगाया।

बीएसए शालिनी ने कहा कि ऐसे मामलों से शिक्षा विभाग का नाम खराब हो रहा है। विभागीय जाँच के लिए दो सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, शिक्षा विभाग की शुरुआत जाँच में ये बात सामने आई है कि शिक्षकों में राजनीतिक बहस होती रहती है, इसी वजह से ये अप्रिय घटना सामने आई।

9 SC-ST, 12 ओबीसी और 7 जनरल… MP में हुआ CM मोहन यादव की कैबिनेट का विस्तार, कैलाश विजयवर्गीय समेत 28 BJP नेता मंत्री बने

मध्य प्रदेश में सोमवार (दिसंबर 25, 2023) को नव निर्वाचित सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ। प्रदेश की राजधानी भोपाल में कुल 28 बीजेपी नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। इसमें कैलाश विजयवर्गीय, प्रद्युम्न सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल और विश्वास सारंग समेत 18 नेता कैबिनेट मंत्री बनाए गए। वहीं 6 नेता स्वतंत्र प्रभार मंत्री और 4 नेता राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली।

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में जिन 28 मंत्रियों ने सोमवार को शपथ ली, उनमें कुल 12 मंत्री ओबीसी कोटे से हैं। इसके अलावा जनरल कैटेगरी से 7, अनुसूचित जाति (SC) से 5 और अनुसूचित जनजाति (ST) से 4 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली है।

सभी को प्रदेश के राज्यपाल गर्वनर मंगूभाई पटेल ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा, “यशस्‍वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्‍व में हम सभी मिलकर मध्यप्रदेश को विकसित एवं समृद्ध प्रदेश बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे पूर्ण विश्वास है कि आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में हम सभी प्रदेश की उन्नति एवं प्रगति के समस्त संकल्पों को सिद्ध करने में सफल होंगे।”

ये बने सीएम मोहन यादव के कैबिनेट मंत्री

सीएम मोहन यादव की कैबिनेट में कैलाश विजयवर्गीय, प्रद्युमन सिंह तोमर, तुलसी सिलावट, एंदल सिंह कंसाना, नारायण सिंह कुशवाहा, विजय शाह, राकेश सिंह, प्रह्लाद पटेल, विश्वास सारंग, गोविंद सिंह राजपूत, करण सिंह वर्मा, इंदर सिंह परमार, संपतिया उईके, उदय प्रताप सिंह, राकेश शुक्ला, निर्मला भूरिया, नागर सिंह चौहान और चैतन्य कश्यप को कैबिनेट मंत्री की शपथ दिलाई गई।

इसमें कृष्णा गौर, धर्मेंद्र लोधी, दिलीप जायसवाल, गौतम टेटवाल, लेखन पटेल और नारायण पवार ने स्वतंत्र प्रभार मंत्री की शपथ ली। वहीं राधा सिंह, प्रतिमा बागरी, दिलीप अहिरवार और नरेन्द्र शिवाजी पटेल को राज्य मंत्री की शपथ दिलाई गई।

दिल्ली में लगी नामों पर मोहर

बता दें कि मध्य प्रदेश कैबिनेट में शामिल होने वाले नामों पर आखिरी मोहर दिल्ली से लगाई गई। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कैबिनेट में शामिल होने वाले विधायकों की सूची लेकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से रविवार (24 दिसंबर, 2023) को मिले थे। प्रदेश में कैबिनेट विस्तार पर पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने शुभकामनाएँ दी।

उन्होंने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि जो सरकार ‘गुड गवर्नेंस डे’ के मौके पर संपूर्ण आकार ले रही है। वो पीएम मोदी के नेतृत्व और सीएम मोहन यादव की अगुवाई में अपने सभी साथियों के साथ एमपी को सुशासन देगी और एमपी को विकास की नई ऊँचाईयों तक लेकर जाएगी।” इस मुलाकात के बाद कैबिनेट विस्तार की तारीख तय हुई।

बताते चलें कि मध्य प्रदेश में बीते महीने हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 230 में से 163 सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं कॉन्ग्रेस महज 66 सीटों पर ही सिमट गई। इसके बाद बीजेपी ने मोहन यादव को मुख्यमंत्री और राजेंद्र शुक्ला-जगदीश देवड़ा को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई थी।

‘किसान चाहते हैं हर साल सूखा पड़े, ताकि उनका लोन माफ हो’: कर्नाटक के कॉन्ग्रेसी मंत्री का विवादित बयान, BJP ने माँगा इस्तीफा

कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार में मंत्री शिवानंद पाटिल ने एक विवादित बयान दिया है। पाटिल का कहना है किसान हर साल सूखा पड़ते देखना चाहते हैं ताकि उनका कर्ज माफ़ हो जाए। वह इससे पहले भी किसानों की आत्महत्या पर विवादित बयान दे चुके हैं।

शिवानंद पाटिल ने कर्नाटक के बेलगावी में एक कार्यक्रम में कहा, “कृष्णा नदी का पानी मुफ्त है, अब बिजली भी मुफ्त और मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने मुफ्त बीज और कीटनाशक भी दे दिए। किसान चाहेंगे कि बार-बार सूखा पड़े ताकि उनका लोन माफ़ हो जाए। आप लोगों को यह इच्छा नहीं रखनी चाहिए। आप लोग नहीं भी चाहोगे तो हर 3-4 साल में सूखा पड़ेगा।”

शिवानंद पाटिल कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार में मंडी विकास, गन्ना और कपड़ा मंत्री हैं। शिवानंद पाटिल के इस विवादित बयान का विरोध चालू हो गया है। कर्नाटक में विपक्षी भाजपा ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया से शिवानंद पाटिल का इस्तीफ़ा लेना चाहिए।

भाजपा ने कहा है कि कॉन्ग्रेस कर्नाटक के किसानों का मजाक उड़ा रही है। गौरतलब है कि कर्नाटक में इस बार सूखा पड़ रहा है और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने इसको लेकर कर्जों में कुछ राहत का ऐलान भी किया है। कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष BY विजयेन्द्र ने कहा है कि कॉन्ग्रेस ने किसानों को गाली देने की संस्कृति और किसानों का जीवन खराब करने की नीति अपना ली है। यह जिम्मेदारी शिवानंद पाटिल को दी गई है।” उन्होंने शिवानंद पाटिल से तुरंत माफ़ी माँगने को कहा है।

शिवानंद पाटिल ने सितम्बर 2023 में भी किसानों पर विवादित बयान देते हुए कहा था कि किसान मुआवजे का पैसा लेने के लिए आत्महत्या कर लेते हैं। उन्होंने कहा था कि यह तबसे बढ़ा है जबसे सरकार ने मुआवजे की धनराशि बढ़ाई है।

उन्होंने संवेदनहीनता दिखाते हुए कहा था कि जिन किसानों की मौत प्रेम प्रसंगों, हृदय गति रुकने या फिर शराब पीने से हो रही है उनको भी किसान आत्महत्याओं में दिखाया जा रहा है ताकि मुआवजा पाया जा सके। उन्होंने कहा था कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि उनके लालची रिश्तेदार मुआवजे की धनराशि पाना चाहते हैं। यह मानव प्रकृति है कि गलत कारणों को दिखा कर मुआवजा लिया जाए।

जुटीं 37000 महिलाएँ, जीवंत हो उठी 5000 साल पुरानी परंपरा: द्वारका के नन्दधाम में महारास का Video वायरल

गुजरात के द्वारका में एक साथ 37,000 अहीर महिलाओं ने महारास रचाया। इस रास रचाने का वीडियो अब वायरल हो रहा है। महिलाओं के महारास रचाने से 5000 वर्ष पुरानी प्रभु श्रीकृष्ण काल की परम्परा पुनर्जीवित हो गई। इस कार्यक्रम में डेढ़ लाख से अधिक अहीर समुदाय के लोग शामिल हुए। यह आयोजन 24 दिसम्बर, 2024 को सुबह किया गया।

इस कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय यादव समाज और अहिरानी मंडल समाज द्वारा किया गया था। महिलाओं का नृत्य जहाँ आयोजित हुआ उस स्थान को नन्दधाम परिसर का नाम दिया गया था। इस नृत्य का ड्रोन वीडियो अब वायरल हो रहा है।

इस आयोजन में शामिल होने के लिए दुनिया भर से अहीर समाज की महिलाएँ शामिल हुई थीं। अहीर महिलाओं ने इस दौरान पारम्परिक लाल रंग की पोशाक पहनी हुई थी। इन महिलाओं ने मैदान में बीच में लगी श्रीकृष्ण प्रतिमा के चारों तरफ महारास रचाया। यह नृत्य बाणासुर की बेटी और भगवान कृष्ण की बहू ऊषा के महारास की स्मृति में आयोजित किया गया था।

टीवी 9 भारतवर्ष के अनुसार, मान्यता है कि कच्छ के व्रजवानी गाँव में एक ढोली ने जब ढोल बजाना शुरू किया, तब आहिर समाज की 140 महिलाएँ अपने कार्य को अधूरा छोड़कर महारास खेलने चली गई थीं। लोककथाओं के मुताबिक भगवान श्रीकृष्ण ने यह ढोल बजाया था और सभी महिलाएँ कृष्ण के साथ महारास रचाने गई थीं। यहाँ ढोल बजता रहा और महिलाएँ महारास खेलती गईं। अभी भी उस जगह पर सभी महिलाओं की समाधि है।

23 दिसंबर की शाम शुरू हुए अहिरानी महारास कार्यक्रम की शुरुआत में कार्यक्रम स्थल पर हस्तशिल्प उद्योग का बिजनेस एक्सपो और प्रदर्शनी आयोजित की गई थी। शाम को अहीर समाज के दानदाताओं, नेताओं, युवाओं, कार्यकर्ताओं की विशेष उपस्थिति में यहाँ पूजा शुरू हुई। 

महारास नृत्य समाप्त होने के बाद इन महिलाओं को श्रीमदभगवद्गीता पुस्तक उपहार में दी गई। इस आयोजन में जामनगर सांसद पूनमबेन माडम भी शामिल हुईं। उन्होंने पारम्परिक वेशभूषा में इन महिलाओं के साथ नृत्य किया। इस नृत्य का आयोजन नई पीढ़ी को परम्पराओं से अवगत करवाने के लिए किया गया था।

इस कार्यक्रम में सम्मान समारोह, पूजा-अर्चना, सामूहिक प्रसाद और राधा भाई अहीर सहित कलाकारों के भव्य लोक के साथ-साथ अहीर बहनों द्वारा तैयार किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए थे।

‘बच्चों को सांता क्लॉज बना कर चर्च मत भेजो, हनुमान जी के मंदिर जाकर दर्शन कराओ’: बोले बागेश्वर धाम वाले धीरेन्द्र शास्त्री – भारतीय संस्कृति में क्रिसमस के लिए कोई जगह नहीं

बागेश्वर धाम के महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भारत में ‘क्रिसमस डे’ मनाने को लेकर खासे विरोध में हैं। उन्होंने इसे पाश्चात्य संस्कृति बताते हुए स्कूलों में सेंटा क्लॉज से जुड़े कार्यक्रमों का विरोध करते हुए कहा है कि इस दिन को मातृ-पितृ पूजन दिवस के रूप में मनाएँ। माता-पिता की पूजा करवाएँ।

मीडिया से धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “भारत के जितने भी सनातनी हिंदू अभिभावक और माता-पिता हैं वो अपने बच्चों को सांता क्लॉज बनाकर चर्च में भेजने से अच्छा उन्हें हनुमान जी के मंदिर जाकर दर्शन करवाओ। वहाँ से प्रसाद लेकर आएँ सांता क्लॉज आएगा, गिफ्ट लाएगा।”

कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री का कहना है कि सनातनियों को भी अपनी विराट सनातन संस्कृति को ध्यान में रखकर घर-घर में तुलसी पूजन करना चाहिए। उन्होंने लोगों से ये अपील भी की कि भारतीय संस्कृति में क्रिसमस के लिए कोई जगह नहीं है। इसलिए हर हिंदू परिवार को चाहिए कि वे अपने बच्चों में सनातन धर्म के संस्कारों का विकास करें।

उन्होंने आगे कहा कि बच्चों को सांता क्लॉज की तरफ बच्चों को मत भेजो, परम पूज्य हनुमान जी की तरफ भेजो। साथ ही उन्होंने अभिभावकों को बच्चों को स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरुषों के बारे में बताने को कहा। उन्होंने कहा, “मीरा बाई की तरह, महारानी लक्ष्मीबाई की तरह, स्वामी विवेकानंद के प्रति प्रेरित करो। बागेश्वर पीठ इसका खुलकर विरोध करती है।”

कथा वाचक धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हर जगह पाश्चात्य संस्कृति को लोग आँख बंद कर फॉलो कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “क्या हम भारतीय हैं, इसपर विचार करना? क्या तुम सनातनी हो इस पर विचार करना। यदि सनातनी हो भारतीय हो तो इस पाश्चात्य संस्कृति का बहिष्कार करो।”

बताते चलें कि मध्य प्रदेश एक जिले में क्रिसमस के जश्न में शामिल होने के लिए छात्रों के अभिभावकों से मंजूरी लेना जरूरी किया गया। उज्जैन और शाजापुर जिले में बच्चों को स्कूलों में सांता क्लॉज बनाने के लिए परिजनों की लिखित सहमति जरूरी कर दी गई।

प्रशासन ने चेताया था कि अगर परिजनों की मर्जी के बिना किसी बच्चे के सांटा क्लॉज बनाया जाता है। तो उससे होने वाले विवाद की जिम्मेदारी उक्त स्कूल की होगी। इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की तरफ पत्र जारी किया गया था।

गंगा जल से पखारे चरण, हाथ जोड़ किया नमन: छत्तीसगढ़ के कोरबा में 101 परिवार सनातन में लौटे, BJP नेता बोले- धर्मांतरण रूपी वायरस की दवाई है ‘घर वापसी’

छत्तीसगढ़ के कोरबा में धर्मांतरण का शिकार हुए 101 परिवारों की धर्म सेना ने विधि-विधान से हिंदू धर्म में घर वापसी कराई। भाजपा नेता व दिलीप सिंह जूदेव के बेटे प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने घर वापसी करने वाले लोगों के गंगा जल से पैर पखारकर उनका सम्मान किया, हाथ जोड़ नमन किया और उन्हें तिलकर घर वापसी की बधाई दी।

उन्होंने कहा कि हिंदुत्व किसी जाति का नहीं राष्ट्रीयता का प्रतीक है, इतिहास गवाह है जहाँ-जहाँ हिंदू घटा है वहाँ देश बँटा है। इसलिए हिंदू बचाना मंदिर बनाने से भी बड़ा कार्य है क्योंकि हिंदू ही मंदिर बनाएगा मंदिर हिंदू नहीं।

अपनी चिंता को साझा करते हुए उन्होंने कहा, “हिंदू समाज की कुंभकर्णी निद्रा धर्मांतरण का मुख्य कारण है। हम अपने लोगों तक सनातन संस्कृति की सुगंध नहीं पहुँचा पा रहे हैं। समाज के मुखिया की जिम्मेवारी बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि वे सनातन संस्कृति के चौकीदार हैं उनकी सजगता समाज के बिखराव को रोक सकती है। “

उन्होंने धर्मांतरण कराने वालों को चुनौती देते हुए कहा– ये घिनौना कार्य बंद कर दो अन्यथा इसका दूरगामी परिणाम विचारणीय होगा। उन्होंने बताया कि आज एक बड़े स्तर पर छत्तीसगढ़ में धर्म परिवर्तन का काम किया जा रहा है, जिस पर हिंदू संगठनों द्वारा अंकुश लगाने का प्रयास हो रहा है। भाजपा शासन काल में धर्मपरिवर्तन पर बिलकुल अंकुश लगाया जाएगा।

कार्यक्रम में शामिल लोग

कार्यक्रम में घर वापसी करने वाले लोगों का प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने स्वागत किया और तस्वीरें साझा करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “धर्मांतरण रूपी वायरस की दवा है ‘घर वापसी’। यह लाईलाज बीमारी नहीं हैं हिंदू समाज के जगते ही यह छू मंतर हो जाएगी।”

उन्होंने धर्मों रक्षति रक्षित: का नारा देते हुए लिखा- “101 धर्मांतरित परिवारों की पाँव पखार कर “घर वापसी” करने का मुझे सौभाग्य मिला। छत्तीसगढ़ के कटघोरा मे धर्म सेना, विश्व हिंदू परिषद, आर्य समाज एवं विभिन्न समाजिक संगठनों के तत्वावधान मे सनातन श्रद्धालुओं के समक्ष समाजिक प्रमुखों का सम्मान का भव्य समारोह भी संपन्न हुआ। अपने पूर्वजों से पुनः जुड़ने पर आपने राष्ट्र को मजबूत किया है। हम गौरवांवित है। आपका स्वागत है अभिनंदन है।”

बता दें कि प्रबल प्रताप सिंह जूदेव अब तक सैंकड़ों लोगों की छत्तीसगढ़ में घर वापसी करवा चुके हैं। इसी वर्ष की शुकुआत में उन्होंने 1100 लोगों की सामूहिक घर वापसी करवाई थी। अप्रैल में उन्होंने 100 परिवार की घर वापसी करवाई थी और अब क्रिसमस से एक दिन पहले उन्होंने फिर 101 परिवारों की घर वापसी सनातन धर्म में कराई है।

न्यूजक्लिक के HR हेड अमित चक्रवर्ती बनेंगे सरकारी गवाह, कहा – जाँच में सहयोग करना चाहता हूँ: चीनी फंडिंग से चल रहा था देश विरोधी प्रोपेगेंडा

चायनीज फंडिंग से चलने वाली प्रोपेगेंडा वेबसाइट न्यूजक्लिक के मालिकों की दिक्कतें बढ़ने वाली हैं। न्यूजक्लिक के एचआर हेड रहे अमित चक्रवर्ती ही इसके कर्ताधर्ताओं की पोल खोलेंगे। उन्होंने सरकारी गवाह बनकर इस केस में मदद करने का फैसला किया है। इसके लिए बाकायदा उन्होंने कोर्ट में याचिका भी डाली है कि वो सरकारी गवाह बनकर देशविरोधी कामों में जुटे न्यूजक्लिक के कारनामों को सामने लाना चाहते हैं। कोर्ट की अनुमति मिलते ही वो न्यूजक्लिक की काली करतूतों के पर्दे खोलना शुरू कर देंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, न्यूजक्लिक का खेल खत्म होने वाला है। चीनी पैसों से देश को बदनाम करने के खेल में जुटे न्यूजक्लिक पर देश की अखंडता को नुकसान पहुँचाने का आरोप है। इस कंपनी के एचआर हेड ने अदालत से कहा है कि वो इस मामले की जाँच में सहयोग करना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें देशविरोधी बातों का पता नहीं था। अब अगर कोर्ट ने अमित चक्रवर्ती को सरकारी गवाह बनने की इजाजत दे दी, तब न्यूजक्लिक से जुड़े कई अहम राज की बातें सामने आ जाएँगी।

जानकारी के मुताबिक, 19 दिसंबर को पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में एक अर्जी देकर मामले की जाँच पूरी करने के लिए समय बढ़ाने की माँग की। पुलिस ने मामले की जाँच पूरी करने के लिए 3 महीने का और समय माँगा था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरदीप कौर ने दिल्ली पुलिस की याचिका स्वीकार कर ली और पुलिस को 60 दिन का अतिरिक्त समय दिया। इसी दौरान अमित ने अपनी याचिका दाखिल की। CrPc के प्रावधानों के मुताबिक, सह अभियुक्त अगर जाँच में सहयोग करने और गवाह बनने को तैयार हो जाता है, तो उसे कुछ मामलों में छूट मिलती है।

बता दें कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने प्रबीर पुरकायस्थ और अमित चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया था। दोनों को पटियाल हाउस कोर्ट ने 60 दिनों की न्यायिक हिरासत में दिल्ली पुलिस को सौंप दिया था। प्रबीर पुरकायस्थ न्यूजक्लिक के फाउंडर हैं और अमित चक्रवर्ती इस पोर्टल के एचआर हेड हैं। दोनों की गिरफ्तारी अक्टूबर में हुई थी। इनकी गिरफ्तारी से पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कई ठिकानों पर छापेमारी की थी, साथ ही उसके दफ्तर को सील कर दिया था।

बता दें कि न्यूजक्लिक पर विदेशी संस्थानों से ₹38.05 करोड़ फंड लेने का आरोप लगाया गया है। इससे पहले सीबीआई ने 11 अक्टूबर, 2023 को एक FIR दर्ज करके दिल्ली स्थित दो ठिकानों पर छापेमारी की थी।

सामने आई FIR की कॉपी के अनुसार, सीबीआई ने यह मामला विदेशी चंदा लेने के नियमों का उल्लंघन करने को लेकर दर्ज किया है। इस मामले में न्यूजक्लिक के प्रमुख प्रबीर पुरकायस्थ, PPK न्यूजक्लिक स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड, नेविल रॉय सिंघम और जेसन फिचर एवं अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया गया है।

सीबीआई द्वारा दर्ज की गई FIR में कहा गया है कि मार्च 2018 से लेकर अब तक मेसर्स PPK न्यूजक्लिक स्टूडियोज ने जस्टिस एंड एजुकेशन फंड USA, द ट्राईकॉन्टिनेंटल लिमिटेड इनकॉर्पोरेशन USA से, GSPAN लिमिटेड लायबल्टी कम्पनी USA और सेंट्रो पॉपुलर डेमिडास ब्राजील से कुल ₹28.46 करोड़ का विदेशी फंड प्राप्त किया।

सीबीआई ने अपनी जाँच में यह भी पाया कि जो धनराशि न्यूजक्लिक को जस्टिस एंड एजुकेशन फंड के माध्यम से भेजी गई थी वह दरअसल नेविल रॉय सिंघम की है। नेविल रॉय सिंघम प्रबीर पुरकायस्थ का करीबी है और चीन का प्रोपेगंडा चलाता है।