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भगवा वस्त्र में 1 लाख+ लोग, एक स्वर में पाठ, शंखनाद करतीं 60 हजार महिलाएँ: बंगाल में ‘गीता जयंती’ पर बने कई विश्व रिकॉर्ड

गीता जयंती के अवसर पर रविवार (24 दिसंबर 2023) को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सामूहिक गीता पाठ का आयोजन किया गया है। इस ग्राउंड में एक लाख से ज्यादा लोग एकसाथ बैठकर एक स्वर में गीता का पाठ कर रहे हैं। इस आयोजन का नाम लोक्खो कंठे गीता पाठ दिया है। इसमें कई विश्व रिकॉर्ड बने हैं।

अखिल भारतीय संस्कृत परिषद और मोतीलाल भारत तीर्थ सेवा मिशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में हिस्से लेने के लिए देश और दुनिया से 300 से अधिक संत कोलकाता पहुँचे हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य की अन्य प्रमुख हस्तियों को भी इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया गया है।

आयोजकों ने बताया कि इसमें हिस्सा लेने के लिए 1.30 लाख लोगों ने पंजीकरण करवाया है। कार्यक्रम के दौरान 60,000 महिलाओं ने एक साथ शंख बजाकर नाद किया। बताते चलें कि इससे पहले इतनी संख्या में लोगों ने एक साथ गीता पाठ नहीं किया था और ना ही इतनी संख्या में महिलाओं ने एकसाथ शंखनाद किया था। यहाँ आए विभिन्न आयुवर्ग के लोग एक वेशभूषा में नजर आए।

इस कार्यक्रम की शुरुआत बांग्ला कवि काजी नजरुल इस्लाम के गीत से हुई। नजरूल इस्लाम के गीत पर आधारित नजरूल गीति गाने का इससे बड़ा प्रयास भी पहले नहीं हुआ था। इस तरह इस बार तीन विश्व रिकॉर्ड बने। इतनी संख्या में एक साथ एवं एक सुर में गीता पाठ करने का, इतनी संख्या में एक साथ शंखनाद का और कवि नजरूल की इतनी संख्या में सामूहिक गायन का।

ब्रिगेड ग्राउंड का वीडियो शेयर करते हुए पश्चिम बंगाल भाजपा के नेता कमल सिंह ने अपने X हैंडल पर लिखा है, “विश्व रिकॉर्ड ? कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में 1.2 लाख संत-अनुयायियों ने गीता का पाठ किया। पीएम मोदी जी ने इस आयोजन की सराहना की। इसका सारा श्रेय सनातन योद्धाओं को है! आयोजन को असफल बनाने की ममता बनर्जी की कोशिश के बावजूद सनातनियों ने इसे संभव कर दिखाया।”

भाजपा ने इसको लेकर बंगाल में नए युग की शुरुआत बताई है। इस आयोजन को लेकर पीएम मोदी ने एक दिन पहले कहा था, “गीता के श्लोकों में मानवता का हर मर्म समाहित है, जो सदैव कर्म पथ पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।’गीता जयंती’ की मेरे सभी परिवारजनों को कोटि-कोटि शुभकामनाएँ। जय श्री कृष्ण!”

दरअसल, इस कार्यक्रम में पीएम मोदी को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल किया था। हालाँकि, अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के कारण वे इस कार्यक्रम में नहीं आ पाए। इसके बाद उन्होंने लोगों के नाम यह संदेश लिखा।

15 साल की दलित लड़की से रासुद्दीन ने किया बलात्कार, अस्पताल में जूझ रही पीड़िता: परिवार बोला – मुकदमा वापस लेने का बनाया जा रहा दबाव

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में रासुद्दीन नाम के एक युवक ने एक 15 वर्षीय नाबालिग दलित बालिका के साथ बलात्कार किया। बच्ची के साथ बलात्कार के कारण उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जबकि आरोपित से पूछताछ चल रही है।

जानकारी के अनुसार, शनिवार (23 दिसम्बर, 2023) को मुरादाबाद के थाना मझोला के लोदीपुर गाँव की रहने वाली एक नाबालिग दलित बालिका अपनी साथियों के साथ घास काटने के लिए खेतों की तरफ गई हुई थी। यहाँ पर वह अपने साथियों से थोड़ी दूर पर घास काट रही थी।

इसी बीच पास के गाँव जवाहर नगर का रहने वाला 25 वर्षीय रासुद्दीन पुत्र सफीक वहाँ आया और नाबालिग बालिका को दबोच कर उसके साथ क्रूरता से बलात्कार किया। बलात्कार के कारण बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई है। नाबालिग को मुरादाबाद के जिला अस्पताल में भारती करवाया गया है जहाँ उसका गंभीर हालत में इलाज चल रहा है।

बच्ची के परिजनों ने रासुद्दीन के विरुद्ध मुरादाबाद के मझोला थाने में मामला दर्ज करवाया है। रासुद्दीन के विरुद्ध बलात्कार की धारा 376 और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता के भाई ने बताया है कि रासुद्दीन से अभी पुलिस पूछताछ कर रही है।

इस घटना की FIR की कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है। पीड़ित नाबालिग के भाई ने ऑपइंडिया से बातचीत में बताया है कि रासुद्दीन के परिचित एक-दो लोग उन पर मुकदमा वापस लेकर समझौता करने की बात कह रहे हैं। हालाँकि, परिजन पीड़ित पर कड़ी कार्रवाई चाहते हैं।

मुरादाबाद पुलिस ने इस मामले में बताया है कि घटना का मुकदमा दर्ज किया जा चुका है और इस पर कार्रवाई की जा रही है। बच्ची के साथ इस घटना के परिजनों में काफी रोष व्याप्त है और वह रासुद्दीन पर कड़ी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

तेलंगाना में 3 दिनों से चल रही थी जूनियरों की रैगिंग, शिकायत के बाद 81 छात्राएँ सस्पेंड: बिहार में भी पीड़िता डिप्रेशन में गई

तेलंगाना के काकतीय विश्वविद्यालय में रैगिंग के आरोप में 81 छात्राओं को हॉस्टल से निलंबित कर दिया गया है। यह घटना शुक्रवार (22 दिसंबर 2023) को सामने आई। घटना की सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की और सभी आरोपित छात्राओं को हॉस्टल से निलंबित कर दिया। बताया जा रहा है कि इन छात्राओं पर विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई के अलावा पुलिसिया कार्रवाई नहीं की गई है।

ये मामला तेलंगाना के हनुमाकोंडा का है, जहाँ काकतीय विश्वविद्यालय के पद्माक्षी गर्ल्स हॉस्टल में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग का मामला सामने आया था। ये रैगिंग तीन दिनों तक चलती रही थी। इसकी सूचना जब विश्वविद्यालय प्रशासन को मिली, तो सबके होश उड़ गए। इस मामले की जाँच की गई, तो इकोनॉनिक्स, कॉनर्स और जूलॉजी डिपार्टमेंट की 81 लड़कियों के नाम सामने आए।

विश्वविद्यालय के सूत्रों ने बताया कि ये रैगिंग तीन दिनों से चल रही थी, लेकिन जूनियर छात्राओं ने किसी भी एचओडी या स्टल स्टाफ को इसकी जानकारी नहीं दी। जब वे इसे और सहन नहीं कर सके, तो जूनियरों ने रजिस्ट्रार प्रोफेसर टी श्रीनिवास राव के पास शिकायत दर्ज कराई, जिन्होंने बदले में पद्माक्षी छात्रावास में एंटी-रैगिंग समिति के सदस्यों और सुरक्षा अधिकारियों को सतर्क कर दिया।

कॉमर्स कॉलेज के प्रिंसिपल एस नरसिम्हाचारी और रजिस्ट्रार ने बाद में पाया कि आरोप सही थे। शनिवार (23 दिसंबर 2023) को सभी जूनियर और सीनियर छात्राओं को एंटी रैगिंग कमेटी और सीनियर प्रोफेसरों के सामने काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया। इसके बाद कार्रवाई की गई।

एंटी रैगिंग पैनल नहीं करेगा पुलिस केस दर्ज

जूनियर छात्रों से पूछताछ के बाद अधिकारियों ने पाया कि तीन विभागों के 81 सीनियर छात्र रैगिंग में शामिल थे। उन्हें समझाया गया और एक सप्ताह के लिए छात्रावास से निलंबित कर दिया गया। प्रोफेसर राव ने पत्रकारों को बताया कि समिति ने आरोपित छात्राओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनके खिलाफ पुलिस मामला दर्ज नहीं करने का फैसला किया है।

बिहार में भी रैगिंग

बता दें कि कॉलेजों में छात्र-छात्राओं की रैगिंग का मामला नया नहीं है। मुजफ्फरपुर के एस के मेडिकल जीएनएम कॉलेज में भी छात्रा के साथ रैगिंग हुई। इस रैगिंग के कारण वो छात्रा इतनी तनाव में आ गई कि वो किसी से शिकायत भी नहीं कर पा रही। उसके परिजनों ने बताया कि कॉलेज में उससे पूछा जाता था कि उसका बॉयफ्रेंड है या नहीं और अगर है तो कितने हैं। प्रिंसिपल ने पीड़िता की बहन से इस संबंध में शिकायत पाने के बाद कि वो इस मामले में उचित कार्रवाई करेंगे।

पैर फिसलने के बाद 2 बच्चों के साथ नीचे गिरी महिला, ऊपर से गुजर गई ट्रेन: वीडियो में देखिए कैसे तीनों बच गए ज़िंदा

बिहार के बाढ़ रेलवे स्टेशन पर एक महिला और उसके दो बच्चों की जान एक ट्रेन हादसे में जाते-जाते बची। महिला ट्रेन के नीचे आ गई और पूरी ट्रेन उसके ऊपर से गुजर गई लेकिन वह जीवित बच गई। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है।

जानकारी के अनुसार, बिहार की राजधानी पटना के एक स्टेशन ‘बाढ़’ पर एक महिला अपने पति और दो बच्चों के साथ पहुँची। महिला को अपने परिवार सहित बाढ़ से दिल्ली की यात्रा करनी थी। इसके लिए महिला के पति ने भागलपुर से दिल्ली के आनंद विहार तक जाने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस में शयनयान कोच में आरक्षण करवाया था।

महिला को अपने पति के साथ यह ट्रेन बाढ़ के प्लेटफॉर्म संख्या तीन से पकड़नी थी। हालाँकि, ट्रेन के आने के समय प्लेटफॉर्म पर अधिक भीड़ हो गई। इस कारण से ट्रेन में अधिक संख्या में चढ़ने वालों की भीड़ बढ़ गई।

जब महिला ने अपने दो बच्चों समेत ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की तो उसका पैर फिसल गया और वह प्लेटफॉर्म और पटरी के बीच के खाली जगह में गिर गई। उसके साथ उसके दोनों बच्चे भी नीचे पटरी पर गिर गए। हालाँकि, महिला का पति ट्रेन में सामान लेकर चढ़ चुका था।

महिला के गिरने के फ़ौरन बाद ही विक्रमशिला एक्सप्रेस धीमे धीमे बढ़ने लगी। इसको देखकर लोग हल्ला मचाने लगे। महिला का पति भी अपनी पत्नी को नीचे गिरा देखकर ट्रेन से बाहर कूद आया। हालाँकि, महिला ने ट्रेन के गुजरने के दौरान खुद को सुरक्षित कर लिया और उसके नीचे बच्चों के साथ चुपचाप पड़ी रही।

इसी तरह देखते देखते पूरी ट्रेन महिला के ऊपर से निकल गई लेकिन उसके चुपचाप पड़े रहने के कारण उसे कोई चोट नहीं आई। ट्रेन के निकल जाने के बाद महिला और उसके बच्चों को उठाकर रेलवे पुलिस ने अस्पताल पहुँचाया जहाँ उसका भर्ती करवाया गया।

अस्पताल सील, 9 मंजिला टावर पर कार्रवाई की तैयारी: मुख़्तार अंसारी के करीबी सिराज अहमद पर योगी सरकार का एक्शन, गिरोह के 282 लोग जद में

जेल में बंद उत्तर प्रदेश का कुख्यात गैंगस्टर अतीक अहमद पर योगी आदित्यनाथ सरकार की कार्रवाई जारी है। उसकी बेनामी संपत्तियों को खंगालने में प्रशासन जुटा हुआ है। लखनऊ में मुख्तार के करीबी सिराज अहमद नाम के एक बिल्डर पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है।

लखनऊ विकास प्राधिकरण ने मुख्तार के करीबी बिल्डर सिराज अहमद के एफआई हॉस्पिटल को सील कर दिया है। इसके साथ ही अस्पताल से सटे सिराज अहमद के एफआई टावर पर भी जल्द कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है। नौ मंजिल वाले इस टावर पर अवैध रूप से बने दो फ्लोर को गिराया जाएगा।

एफआई टावर में दो फ्लोर- 7वाँ और 8वाँ, पर बने 24 फ्लैट और 9वें फ्लोर पर बने तीन पेंट हाउस को अवैध घोषित कर एलडीए नोटिस दे चुका है। इसके बेसमेंट में पार्किंग के लिए जगह बनाई गई थी, लेकिन उसमें दुकान और दफ्तर आदि बना दिए गए थे। LDA ने पार्किंग स्पेस में बने इन निर्माणों को ध्वस्त कर दिया है।

दरअसल, मुख्तार के करीबी बिल्डर शोएब इकबाल, मोनिस इकबाल, सिराज अहमद और माइकल के खिलाफ कैसरबाग में मामला दर्ज किया जा चुका है। मोनिस को पुलिस गिरफ्तार कर जेल पहले ही भेज चुकी है, जबकि सिराज और माइकल की तलाश की जा रही है।

बता दें कि इससे पहले 17 दिसंबर 2022 को हाजीपुर और हजरतगंज पुलिस की मौजूदगी में लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली अंतर्गत दो प्लॉटों को कुर्क किया गया था। ये प्लॉट मुख्तार अंसारी की माँ राबिया खातून उर्फ राबिया बेगम और बहन फहमीदा अंसारी के नाम पर दर्ज थे। इन दोनों प्लॉटों की कीमत करीब 8 करोड़ रुपए बताई गई थी।

मुख्तार अंसारी पिछले कुछ समय से यूपी के बांदा जेल में बंद है। उस पर हत्या, हत्या की कोशिश, अपहरण, धमकी देने सहित गैंगस्टर ऐक्ट एवं अन्य ऐक्ट में 59 मामले दर्ज हैं। इनमें से 20 मामले अदालतों में अभी लंबित हैं। मुख्तार अंसारी के अलावा, उसके गिरोह के 282 लोगों पर पुलिस कार्रवाई चल रही है। इनमें से 126 पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है, जबकि 66 पर गुंडा एक्ट में कार्रवाई हुई है। मुख्तार अंसारी के 5 साथियों को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है।

विभिन्न मामलों में कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुख्तार अंसारी की 300 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की है। वहीं, प्रशासन ने लगभग 283 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति को नष्ट किया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने अपने पहले कार्यकाल में माफियाराज को खत्म करने का संकल्प लेते हुए उन्हें सलाखों के पीछे भेजने की बात कही थी। इसके बाद से प्रदेश में पुलिस-प्रशासन ने गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी थी। इनमें से एक मुख्तार अंसारी भी है।

‘₹1 करोड़ का करो इंतजाम, वरना गोगामेड़ी जैसा होगा हाल’: राजस्थान में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से ज्वैलर को धमकी

राजस्थान में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर आतंक फैलाने का काम लगातार चल रहा है। हाल ही में, जयपुर के एक ज्वैलर को फोन पर एक करोड़ रुपए की रंगदारी माँगी गई। धमकी देने वाले ने कहा कि अगर ज्वैलर ने पैसे नहीं दिए तो उसे सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की तरह मार दिया जाएगा।

घटना के अनुसार, जयपुर के सदर बाजार में स्थित एक ज्वैलर को शनिवार (23 दिसंबर 2023) को एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया और एक करोड़ रुपए की रंगदारी माँगी। उसने कहा कि अगर ज्वैलर ने पैसे नहीं दिए तो उसे सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की तरह मार दिया जाएगा।

डर के मारे ज्वैलर ने पुलिस को सूचना दी। पीड़ित ज्वैलर ने जयपुर के विद्याधर नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है, इसकी जाँच विद्याधर नगर थाने के एसएसओ को ही सौंपी गई है।

स्थानीय पुलिस ने बताया कि पीड़ित ज्वैलर जयपुर-सीकर रोड पर रहता है। वो जवाहरात का काम करता है। उसके ज्वैलरी शोरूम के व्यापार के लिए उसका एक ऑफिशियल नंबर भी है। वह मोबाइल नंबर शोरूम पर ही रहता है। 19 दिसंबर की दोपहर करीब 11:30 बजे शोरूम के ऑफिशियल मोबाइल नंबर पर आए अनजान नंबर से कॉल आया, जिसे शोरूम पर काम करने वाले कर्मचारी ने उठाया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का आदमी अरविंद बताया और कहा कि वो भरतपुर जेल से बोल रहा है। शाम तक एक करोड़ रुपए का इंतजाम न हुआ, तो सुखदेव सिंह गोगामेड़ी जैसा हाल हो जाएगा। धमकी देने वाले ने ये भी कहा कि वो सिर्फ जगह बताए, उसका आदमी पैसे लेने उसके पास आ रहा है।

बढ़ता ही जा रहा बिश्नोई गैंग का खौफ

लॉरेंस बिश्नोई गैंग एक संगठित अपराध गिरोह है जो भारत के पंजाब, राजस्थान और हरियाणा राज्यों में सक्रिय है। गैंग का नेतृत्व लॉरेंस बिश्नोई करता है, जो एक कुख्यात गैंगस्टर है। ये गैंग हत्या, अपहरण, रंगदारी और अन्य संगठित अपराधों में शामिल है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग का आतंक राजस्थान में लगातार बढ़ रहा है। गैंग ने कई लोगों को धमकी दी है और रंगदारी माँगी है। गैंग के आतंक से लोगों में दहशत फैली हुई है। बताया जा रहा है कि गैंग के सदस्यों के पास आधुनिक हथियार और तकनीक है। हालाँकि पुलिस ने दावा किया है कि वो इस गैंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।

5 दिसंबर हुई थी गोगामेड़ी की हत्या

बता दें 5 दिसंबर 2023 को पौने 2 बजे सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की उनके जयपुर स्थित आवास पर गोलियों से भून कर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में अब तक रोहित गोदारा का नाम प्रमुखता से आ रहा है, जिसका सुखदेव सिंह से जमीनी विवाद चल रहा था। रोहित को लॉरेंस विश्नोई गैंग का मेंबर माना जाता है। इस हत्याकांड से जुड़े कई शूटर गिरफ्तार किए जा चुके हैं। हालाँकि नए नए नामों से धमकी आना पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती है।

16 बीघा जमीन बेची, रिश्तेदारों से उधार लिया, राम मंदिर को दान किया ₹1 करोड़: अब रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के साक्षी बनेंगे सियाराम गुप्ता, ‘प्रथम दानदाता’ को मिला न्योता

अयोध्या में बन रहे श्रीराम मंदिर के लिए पहले दानदाता को प्राण-प्रतिष्ठा के कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया है। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के रहने वाले सियाराम ने श्रीराम मंदिर के लिए अदालत से निर्णय आने से पहले ही 1 करोड़ रुपए का दान दे दिया था। उन्हें अब मंदिर निर्माण के लिए पहले दानदाता के रूप में जाना गया है।

जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित कार्यकर्ता सियाराम गुप्ता ने अक्टूबर 2018 में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए ₹1 करोड़ दिए थे। उन्होंने यह धनराशि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के काशी प्रांत को दी थी। उनके रिकॉर्ड के अनुसार वह पहले दानदाता निकले हैं।

उन्होंने संकल्प लिया था कि वह श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए ₹1 करोड़ का दान देंगे। इसके लिए धन जुटाने को उन्होंने अपनी 16 बीघे जमीन बेच दी थी। हालाँकि, इससे भी पैसे पूरे नहीं हुए तो उन्होंने अपने रिश्तेदारों से ₹15 लाख उधार लिए। इस तरह से उन्होंने ₹1 करोड़ पूरे करके 20 नवम्बर, 2018 को दान किए थे।

हालाँकि, श्रीराम मंदिर के लिए देश के सुप्रीम कोर्ट से निर्णय एक वर्ष 9 नवम्बर 2019 को आया था। सियाराम गुप्ता इसके बाद इस दान को देकर भूल गए और इसका प्रचार-प्रसार भी नहीं किया। उनका कहना है कि उन्हें इसका प्रचार करने की कोई मंशा नहीं थी।

अब जब 22 जनवरी, 2023 को श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होनी है तो उससे पहले सियाराम गुप्ता को भी आमंत्रण भेजा गया है। उन्हें मंदिर का पहला दानदाता, रिकॉर्ड के अनुसार बताया गया है। सियाराम गुप्ता श्रीराम के अनन्य भक्त हैं। उन्होंने प्रतापगढ़ में प्रयागराज रोड पर एक मंदिर का निर्माण करवाया है और यहीं रह कर पूजा अर्चना करते हैं।

गौरतलब है कि 22 जनवरी 2024 को श्रीराम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होना है जिसमें 6000 से अधिक लोगों को बुलाया गया है। आमंत्रित लोगों में पुराने कारसेवक, कारोबारी, पत्रकार, नेता और विशिष्टगण शामिल हैं। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे।

‘मुनव्वर फारूकी के साथ मेरे शारीरिक संबंध’: ‘बिग बॉस’ में 21 साल की आयशा खान का खुलासा, कहा – लड़कियों को धोखा देना उसकी फितरत

बिग बॉस 17 में आयशा खान के आने के बाद मुनव्वर फारूकी को लेकर नए-नए राज खुल रहे हैं। पिछली कुछ एपिसोड्स में पता चला था कि कैसे मुनव्वर के एक दो नहीं, बल्कि कई अफेयर रहे हैं और अब आयशा ने कहा है कि बिगबॉस में मुनव्वर ने अपने बेटे को लेकर भी झूठ बोला। इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि लड़कियों को चीट करना मुनव्वर का पैटर्न रहा है।

शो में आयशा खान ने कहा, “जब मैं इससे संबंधित कुछ भी देखती थी, तो मुझे लगता था कि टिक मार्क ये भी झूठ, वो भी झूठ, वो भी झूठ। मैंने उसे बोलते हुए सुना कि वो छह महीने से अपने बेटे के साथ है, जबकि दो महीने तक तो मैं आपके साथ थी…आपका बेटा आपके साथ नहीं रहता था। आखिरी के एक हफ्ते आपने उसे बुला लिया, मुझे पता तो चले क्या ये सब गेम के लिए कर रहे हो या नहीं।”

आयशा ने बताया कि मुनव्वर को लड़कियों को चीट करने की आदत है। उन्होंने कहा, “ये इनका पैटर्न रहा है, चीट करना पैटर्न रहा है प्रूफ है मेरे पास। शुरुआत से ये इसका पैटर्न रहा है और इस बात को वो जानता है। लेकिन इसे कभी बदला नहीं। मैं मुनव्वर जैसे लोगों को बदलते देखना चाहती हूँ।”

बिग बॉस में मुनव्वर पर बात करते हुए आयशा ने कहा कि वो मेंटली बहुत कुछ बर्दाश्त कर रही हैं। अगर उन्होंने अपना मुँह खोला, तो मुनव्वर का गेम बिगड़ जाएगा। आयशा ने शो में ईशा को यह भी बताया है कि उनके और मुनव्वर के बीच फिजिकल रिलेशनशिप रह चुकी हैं। जिसे सुन अभिषेक काफी दंग हुए। उन्होंने कहा कि आयशा सिर्फ 21 की हैं और नेशनल टीवी पर इतनी पर्सनल बातें शेयर करना उनके लिए ठीक नहीं है। इसके बाद अभिषेक ने ये सारी बातें मुनव्वर को बताई, जिसे सुन मुनव्वर थोड़े अंजान बने लेकिन फिर अभिषेक ने खुलकर बता दिया कि ये बातें खुद आयशा सबको बताती घूम रही है।

बता दें कि इससे पहले आयशा खान की एंट्री के बाद मुनव्वर की दूसरी एक्स गर्लफ्रेंड नाजिला ने बताया था कि मुनव्वर का सिर्फ आयशा के साथ ही नहीं बल्कि और लड़कियों के साथ भी चक्कर रहा है। उन्होंने कहा था कि उनका अब फारूकी से कोई रिश्ता नहीं है। माफी गलती की होती है गुनाहों की नहीं।

‘संजय सिंह मेरे रिश्तेदार नहीं, हम दोनों की जाति भी अलग’: WFI के कामकाज पर रोक के बाद भाजपा अध्यक्ष JP नड्डा से मिले सांसद बृजभूषण सिंह, बजरंग पूनिया बोले – वापस लूँगा पद्मश्री

केंद्र सरकार ने ‘भारतीय कुश्ती संघ (WFI)’ द्वारा जूनियर लेवल नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप आयोजित करने के फैसले को रद्द कर दिया है। बृजभूषण शरण सिंह के लिए ये एक बड़ा झटका माना जा रहा है, जिनके करीबी संजय सिंह बबलू को इसका नया अध्यक्ष चुना गया था। यौन शोषण के आरोपों के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने अध्यक्ष पद छोड़ दिया था और अदालत की निगरानी में चुनाव हुए थे। संजय सिंह के चुनाव जीतने के बाद जहाँ बजरंग पूनिया ने अपना पद्मश्री सम्मान वापस कर दिया था, वहीं साक्षी मलिक ने रेसलिंग से संन्यास की घोषणा कर दी थी।

कुश्ती संघ के फैसले पर रोक लगाए जाने के बाद पहलवान साक्षी मलिक के परिजन खुश हैं। साक्षी मलिक ने चुनाव नतीजों का विरोध करते हुए कुश्ती से संन्यास की घोषणा कर दी थी। अब उनके पिता सुखबीर मलिक ने कहा है कि केंद्रीय खेल मंत्रालय ने अच्छा संदेश दिया है। माँ ने कहा कि आगे की तस्वीर साफ़ होगी तब वो अपनी बेटी को मनाएँगी। बता दें कि जूनियर लेवल चैंपियनशिप गोंडा में होना था। साक्षी मलिक ने इसे बृजभूषण शरण सिंह का इलाका बताते हुए कहा था कि जूनियर महिला पहलवान परेशान हैं कि उन्हें किस माहौल में वहाँ खेलने जाना होगा।

अब केंद्र सरकार ने अगले आदेश तक WFI की सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी है। साक्षी मलिक की माँ ने ये भी कहा है कि उनकी बेटी कुश्ती से संन्यास के फैसले पर दोबारा विचार करेगी। वहीं संगठन के नए अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा है कि वो खेल मंत्रालय के निर्णय का स्वागत करते हैं, लेकिन आश्चर्यचकित हैं और इस बारे में मंत्रालय से पूछेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि जूनियर पहलवानों का करियर बर्बाद न हो, इसीलिए गोंडा में चैंपियनशिप की घोषणा की गई थी।

वहीं अब बजरंग पूनिया ने भी कहा है कि उन्होंने जो पद्मश्री सम्मान लौटाया था उसे अब वापस लेंगे। गूंगा पहलवान ने भी पद्मश्री पुरस्कार लौटाने की बात कही थी। वहीं संजय सिंह से जुड़े सूत्रों का कहना है कि उनकी कानूनी टीम इस फैसले को लेकर काम पर लग गई है। इस फैसले का मुकाबला किया जाएगा। उधर बृजभूषण शरण सिंह ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष JP नड्डा से मुलाकात की है। WFI को बर्खास्त नहीं किया गया है, सिर्फ उसकी गतिविधियों पर रोक लगाई गई है और एडहॉक कमिटी ही आगे के फैसले लेगी।

कैसरगंज के सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चुनाव संपन्न हुआ और नए अध्यक्ष संजय सिंह उनके रिश्तेदार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वो क्षत्रिय समाज से आते हैं, जबकि संजय सिंह भूमिहार बिरादरी से हैं। उन्होंने कहा कि संघ ने आनन-फानन में जूनियर चैंपियनशिप का निर्णय सभी फेडरेशनों के साथ मिल कर लिया, ताकि उन खिलाड़ियों का 1 साल बर्बाद न हो। नंदिनी नगर में कार्यक्रम रखे जाने के पीछे उन्होंने कारण गिनाया कि बाकी सभी फेडरेशन ने इतने कम समय में तैयारी को लेकर हाथ खड़े कर दिए थे।

‘रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में नहीं जाऊँगा’: न्योता मिलने के बाद CPM नेता सीताराम येचुरी का ऐलान, इस्लामी तुष्टिकरण में लिप्त लेफ्ट का राम मंदिर से किनारा

भारत में कई वामपंथी पार्टियाँ हैं, उन्हीं में से एक पार्टी CPM के नेता सीताराम येचुरी को भी अन्य बड़े नेताओं की तरह अयोध्या के विश्व प्रसिद्ध राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए बुलाया गया था। सीताराम येचुरी के साथ सीपीआई के नेता डी राजा को भी ये बुलावा भेजा गया था। लेकिन इंडी गठबंधन से जुड़ी मजबूरी कहें या अपने वोट बैंक को बचाने की मजबूरी, दोनों ही नेताओं के अयोध्या में भगवान राम के मंदिर में 22 जनवरी 2023 को पहुँचने की उम्मीद कम है। सीताराम येचुरी ने तो कह दिया है कि वो इस कार्यक्रम में नहीं पहुँच पाएँगे।

सीताराम येचुरी भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता है। सीपीएम भारत की सबसे बड़ी वामपंथी पार्टी भी है। वामपंथ के मूल में भारतीय सामाजिक व्यवस्था को कोसना रहा है। कभी तीन दशकों से भी ज्यादा समय तक पश्चिम बंगाल में सत्ता में रही सीपीएम अब उसी कॉन्ग्रेस की पिछलग्गू बन चुकी है, जो इंडी गठबंधन की अगुवाई कर रही है। यही नहीं, सीपीएम को सत्ता से हटाने वाली टीएमसी भी उस इंडी गठबंधन का हिस्सा है। बहरहाल, राष्ट्रीय पहचान के प्रतीक राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में न जाना, वामपंथियों की नीति जैसा ही है। सीताराम येचुरी के दफ्तर की तरफ से साफ कह दिया गया है कि वो रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में नहीं जाएँगे। डी राजा का भी कमोबेश ऐसा ही हाल है।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र की तरफ से आमंत्रण पत्र गणमान्य व्यक्तियों को भेजे जा रहे हैं। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे, कॉन्ग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा सांसद सोनिया गाँधी, लोकसभा में कॉन्ग्रेस दल के नेता अधीर रंजन चौधरी जैसे महत्वपूर्ण विपक्षी नेताओं को भी राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने का न्यौता दिया गया है।

इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह और एडडी देवेगौड़ा को भी आमंत्रित किया गया है। पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को भी इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। सूत्रों की मानें तो आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और बीएसपी की मुखिया मायावती को भी आमंत्रित किया गया है। इस कार्यक्रम में राम मंदिर आदोलन के लिए पूरा जीवन खपा देने वाले लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे वयोवृद्ध नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है।

16 जनवरी से शुरू होगी पूजा अर्चना

रामलला को मंदिर में विराजमान करने के लिए प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का पूजन 16 जनवरी से शुरू हो जाएगा। इसमें काशी के गणेश्वर शास्त्री द्रविड़, लक्ष्मीकांत दीक्षित (कर्मकांड) पूजा संपन्न कराएँगे। प्राण-प्रतिष्ठा पूजन के बाद 48 दिन की मंडल पूजा होगी। इसे अभिषेक समारोह को विश्वप्रसन्न तीर्थ अपने नेतृत्व में पूरी करवाएँगे। सभी संप्रदायों से लगभग 4000 संत इस समारोह की शोभा बढ़ाएँगे। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी 2024 को भगवान रामलला प्राण-प्रतिष्ठा करने अयोध्या आएँगे। रामलला की जब प्राण-प्रतिष्ठा होगी देश के सभी बड़े मंदिरों में पूजा-अर्चना की जाएगी।

अयोध्या में बदलाव की बयार

भक्तों के लिए तीर्थक्षेत्रपुरम : रामलला के भक्तों के लिए भी पूरी व्यवस्था की गई है। इसके लिए खासतौर से टिन का नया नगर तीर्थक्षेत्रपुरम (बाग बिजैसी) बसाया गया है। इसमें पानी के लिए छह नलकूप, खाने के लिए छह रसोई घर तो है हीं। इसके साथ ही सेहत संबंधी सुविधाओं के लिए 10 बिस्तरों वाला एक अस्पताल बनाया गया है। देशभर के लगभग 150 डॉक्टर इसमें बारी-बारी से अपनी सेवाएँ देंगे। इसके साथ ही नगर के कोने -कोने में लंगर, भोजनालय, भण्डारा, अन्नक्षेत्र चलाए जाएँगे, ताकि राम की नगरी आने वाले श्रद्धालुओं को खाने-पीने की परेशानी न हो। उन्हें लगे राम राज्य में होने का वास्तविक आभास हो सकें।

सोलर सिटी बन रही है अयोध्या: अयोध्या में नए बने 150 से अधिक भवनों को सोलर प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। इसके तहत अयोध्या में सोलर पावर प्लांट का काम लगभग पूरा हो चुका है। इस पॉवर प्लांट से शुरुआत में 10 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा, जो धीरे-धीरे बढ़ता जाएगा। ये पॉवर प्लांट रामलला के मंदिर को कार्बन मुक्त करने में सक्षम होगा।

बन कर तैयार है एयरपोर्ट : अयोध्या एयरपोर्ट पूरी तरह से बनकर तैयार है। ट्रायल हो चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करने वाले हैं। यही नहीं, अयोध्या एयरपोर्ट को DGCA से हर तरह के प्रमाण पत्र भी मिल चुके हैं। वहीं, अयोध्या से एयर इंडिया और इंडिगो तैसी कंपनियाँ सीधी फ्लाइट का ऐलान कर चुकी हैं।