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जंजीर से बाँधा, ब्लेड से काटा, फिर पेट्रोल डाल जला दिया… जिस सहेली से शादी के लिए करवाया सेक्स चेंज, उसकी ही जन्मदिन पर कर दी हत्या

पहले उसकी पहचान पंदी मुरुगेश्वरी की थी। फिर सेक्स चेंज करवाकर वह वेत्रीमारण बन गया। अब उसे अपनी उसी सहेली की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, कथित तौर पर जिससे शादी लिए उसने सेक्स चेंज करवाया था।

एकतरफा प्यार में सेक्स चेंज करवाने और हत्या करने की यह घटना चेन्नई की है। जिस लड़की की हत्या हुई वह आर नंदिनी थी। नंदिनी को उसके 26वें जन्मदिन पर बेरहमी से वेत्रीमारण ने मार डाला। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार नंदिनी ने वेत्रीमारण के साथ रिश्ते में आने से इनकार किया था, जिससे वह नाराज था।

नंदिनी की हत्या शनिवार (23 दिसंबर 2023) को चेन्नई के दक्षिणी बाहरी इलाके थलंबुर में की गई। वेत्रीमारण ने पहले उसके हाथ-पैर बाँधे। ब्लेड से गला काटा। फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

पुलिस के मुताबिक नंदिनी और वेत्रीमारण मदुरै के एक गर्ल्स स्कूल में साथ पढ़ती थीं। करीबी दोस्त थीं। लेकिन उनके रिश्तों में खटास तब आ गई जब सेक्स चेंज करवाने वाले वेत्री के प्रस्ताव को नंदिनी ने ठुकरा दिया। वेत्री एमबीए की पढ़ाई कर चुका है। वहीं नंदिनी IT में बीएससी करने के बाद आठ महीने से चेन्नई में नौकरी कर रही थी। वह अपने एक रिश्तेदार के पास रहती थी।

शनिवार को वेत्री ने नंदिनी को कुछ समय साथ बिताने के लिए फोन किया। उसे कपड़े दिलाए। एक अनाथ आश्रम में जाकर दोनों ने दान किया। इसके बाद वेत्री ने उसे घर छोड़ने का प्रस्ताव दिया। रास्ते में सुनसान जगह देख उसने नंदिनी को फोटो खिंचवाने के लिए कहा। इसी बहाने जंजीरों से बाँध कर उस पर हमला किया और जला दिया।

नंदिनी को आग लगाने के बाद वेत्री मौके से फरार हो गया। उसकी आवाज सुन कुछ लोग मौके पर इकट्ठा हुए और उसे अस्पताल ले गए। लेकिन उसने बचाया नहीं जा सका।

अस्पताल ले जाने से पहले नंदिनी ने लोगों को एक नंबर दिया था, जो वेत्री का था। पुलिस ने उस नंबर पर कॉल कर उसे बुलाया। उसने मौके पर नंदिनी की पहचान की। अस्पताल में नंदिनी की मौत होते ही वह फिर फरार हो गया। जाँच के बाद अगले दिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

रिपोर्ट में एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि वेत्री को अपने किए का कोई पछतावा नहीं है। उसका कहना है कि नंदिनी के इनकार करने के बाद से वह परेशान था। लेकिन फिर भी उससे संपर्क बनाए हुआ था। उसने कुछ साल पहले एक निजी अस्पताल में अपना सेक्स चेंज सर्जरी करवाने की जानकारी दी है। साथ ही बताया है कि जब उसने हमला किया था, तब नंदिनी उससे रहम की भीख माँग रही थी।

वेत्री का कहना है कि नंदिनी ने उससे कहा था कि उनका साथ में भविष्य नहीं है। वह कथित तौर पर अपने एक सहकर्मी के करीब आ गई थी। इसकी जानकारी होते ही वेत्री ने उसकी हत्या का प्लान बना लिया था।

ISI, ISISI और गोरी… दिल्ली दहलाने के लिए 3 बड़ी ताकतों ने कर ली थी तैयारी, बेस बना कर जुटा लिए थे हथियार: धराया ₹3 लाख का इनामी आतंकी तो खुला राज

एक बड़े आतंकी मॉड्यूल मामले की जाँच से अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन ISIS, पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) और भगोड़े आतंकवादी फरहतुल्ला गोरी के बीच एक खतरनाक साँठगाँठ का पता चला है, जिसमें दिल्ली/NCR में एक आतंकी ऑपरेशन के लिए न सिर्फ वैचारिक समर्थन जुटाया गया था, बल्कि साजोसामान और वित्तीय मदद भी उपलब्ध कराई गई थी। ये सभी एक-दूसरे का सहयोग करते हुए काम कर रहे थे।

फ्री प्रेस जर्नल द्वारा एक्सेस की गई राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की एक गोपनीय रिपोर्ट से पता चला है कि गिरफ्तार ISIS आतंकवादी शाहनवाज आलम और मोहम्मद रिजवान अशरफ एक विदेशी ISIS हैंडलर के निर्देशों पर काम करते थे, जिनके साथ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और वांछित आतंकवादी फरहतुल्ला भी जुड़ा है। गोरी की अगुवाई में दिल्ली/एनसीआर क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए उन्हें ऑपरेशन के लिए अवैध तरीकों से धन, रसद सहायता और विस्फोटक भी प्राप्त हुए।

खुफिया एजेंसियों के विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, यह पहला मामला है जब ISIS की आतंकी साजिश में ISI और गोरी की संलिप्तता उजागर हुई है। जाँच एजेंसियों को संदेह है कि आईएसआई इस समय आतंकी संगठन के साथ मिलकर भारत में गतिविधियां चला रही है। विदेशी हैंडलर संभावित रूप से पाकिस्तान स्थित आईएसआई एजेंट या आतंकवादी हो सकता है।

ISIS का महाराष्ट्र मॉड्यूल ध्वस्त

एनआईए की रिपोर्ट में पुणे पुलिस, महाराष्ट्र पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) और एनआईए द्वारा जुलाई 2023 में आईएसआईएस महाराष्ट्र मॉड्यूल को नष्ट किया। मास्टरमाइंड इमरान खान और अन्य को पकड़ लिया गया, लेकिन शाहनवाज भागने में सफल रहा। इस दौरान, आईएसआईएस हैंडलर ने आईएसआई के एजेंट और भगोड़े आतंकवादी गोरी से शाहनवाज का कनेक्शन बनवाया। आईएसआई के हैंडलर और गोरी के निर्देशों का पालन करते हुए शाहनवाज और रिज़वान दिल्ली पहुँचे, जहाँ दिल्ली के एक अज्ञात आतंकी ने उनके लिए एक ठिकाने की व्यवस्था की।

रिपोर्ट के मुताबिक, आईएसआई और गोरी ने शाहनवाज और रिजवान को दिल्ली/एनसीआर में एक आतंकी ऑपरेशन के लिए एक महत्वपूर्ण मिशन सौंपा था। दिल्ली का आतंकी जो इस समय फरार है, उसी ने साजो-सामान संबंधी सहायता, हथियार और गोला-बारूद की खरीद का इंतजाम किया और इस काम के लिए फंडिंग की व्यवस्था की। उन दोनों ने दिल्ली में एक बेस स्थापित किया, इनकी मंशा दिल्ली/एनसीआर में एक बड़े आतंकी ऑपरेशन को अंजाम देने की थी। इस ऑपरेशन के शुरू होने से पहले ही दोनों को दिल्ली की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर लिया।

आतंकी प्लानिंग के मैनेजमेंट में दिल्ली के ऑपरेटिव की भूमिका

सूत्रों के अनुसार, जाँच एजेंसियों को शक है कि दिल्ली स्थित संपर्क व्यक्ति वही व्यक्ति हो सकता है जिसने न केवल शाहनवाज के आतंकी ऑपरेशन के लिए साजो-सामान और वित्तीय सहायता की व्यवस्था की थी, बल्कि वह व्यक्ति भी हो सकता है जो साकिब नाचन से मिलने के लिए दिल्ली से ठाणे के पास पडघा तक गया था। जाँचकर्ताओं ने कहा कि दिल्ली का व्यक्ति आईएसआईएस हैंडलर के निर्देश पर आतंकी ऑपरेशन की योजना पर चर्चा करने के लिए मुंबई गया था, जिसे कथित तौर पर साकिब को अंजाम देना था।

खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए गए शाहनवाज के बयान के दौरान खुफिया इनपुट से आईएसआईएस के पूरे देश चलाए जाने वाले आतंकी ऑपरेशन के बारे में अहम जानकारी सामने आई है। शाहनवाज का बयान नाचन और उनके सहयोगियों सहित अन्य आईएसआईएस आतंकी मॉड्यूल लिंक के साथ उनके संबंध का संकेत देता है। एनआईए ने दिल्ली/एनसीआर, मुंबई और अन्य क्षेत्रों में आतंकवादी गतिविधियों के लिए उनकी योजना को समझने पर ध्यान केंद्रित करने के साथ, विभिन्न तथ्यों का पता लगाने के लिए नाचन और अन्य आरोपियों की रिमांड ली है।

बता दें कि पिछले साल आईएसआई के अलावा कई आतंकी मामलों में गौरी का नाम सामने आता रहा है। NIA की जाँच से पता चला है कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख सदस्य गोरी, वैश्विक इस्लामी कट्टरपंथी आतंकवादी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (एचयूटी) का नेतृत्व कर रहा है। गोरी सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ में आने से बचने के लिए डार्क वेब पर एक चैट ग्रुप के माध्यम से काम करता है।

सालों तक सिक्योरिटी एजेंसियो से बचने के बाद गोरी का नाम फिर से तब सामने आया, जब उसके ऑडियो, वीडियो संदेश सोशल मीडिया पर मिले। साल 2022 की शुरुआत से वो ट्विटर, यूट्यूब, फेसबुक और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हुआ, इसके बाद से सिक्योरिटी एजेंसियाँ उसे ट्रैक कर रही हैं।

बता दें कि दिल्ली पुलिस ने 2 अक्टूबर, 2023 को ISIS से जुड़े 3 लाख रुपए के इनामी आतंकी शाहनवाज को गिरफ्तार किया है। इसी साल जुलाई माह में शाहनवाज महाराष्ट्र में पुणे पुलिस की कस्टडी से भाग निकला था। विदेश में बैठे आकाओं ने शाहनवाज को भारत में ISIS का स्लीपर सेल खड़ा करने का काम दिया था जिसे वो बखूबी अंजाम भी दे रहा था। इसके बाद से इस मॉड्यूल के कई आतंकी पकड़े जा हैं।

8 साल से कोमा में थे लेफ्टिनेंट कर्नल करणबीर सिंह नट, निधन: रिटायर होने के बाद भी मोर्चे पर आए, कुपवाड़ा एनकाउंटर में हो गए थे घायल

‘सेना मेडल’ से सम्मानित लेफ्टिनेंट कर्नल करणबीर सिंह नट का निधन हो गया है। वह वर्ष 2015 में जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में इस्लामी आतंकियों से हुई एक मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और कोमा में चले गए थे। उनका निधन 23 दिसम्बर, 2023 को जालंधर स्थित सेना के अस्पताल में हो गया।

लेफ्टिनेंट कर्नल करणबीर सिंह वर्ष 1998 में सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के जरिए शामिल हुए थे। उन्हें 14 वर्षों की सेवा के बाद 2012 में सेना से सेवानिवृत्ति मिली थी। हालाँकि, अपने देश सेवा के जोश के कारण वह सेना की सेवा से सेवानिवृत्ति होने के बाद टेरिटोरियल आर्मी में बतौर अफसर शामिल हो गए थे।

लेफ्टिनेंट कर्नल सिंह नवम्बर 2015 में कुपवाड़ा के हाजी नाका इलाके में हुई मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हुए थे। उन पर एक झोपड़ी में छुपे हुए आतंकियों ने फायरिंग कर दी थी। लेफ्टिनेंट कर्नल करणबीर सिंह उस समय टेरिटोरियल आर्मी की 160 बटालियन (यह जम्मू कश्मीर राइफल्स का हिस्सा है) में बतौर सेकंड इन कमांड पर सेवा दे रहे थे।

इसी ऑपरेशन में एक टीम का नेतृत्व करते हुए करणबीर सिंह को उनके जबड़े पर गोली लगी थी। उन्हें इसके बाद सेना अस्पताल श्रीनगर और फिर दिल्ली में इलाज के लिए ले जाया गया था। जहाँ उनका ऑपरेशन भी किया गया था। उनकी जान तो बचा ली गई थी लेकिन वह कोमा में चले गए थे। आठ वर्षों से करणबीर सिंह नट बोलने-बात करने में अक्षम थे, उन्हें पाइप के जरिए जूस पिलाया जाता था और खाना-पानी दिया जाता था।

लेफ्टिनेंट कर्नल करणबीर सिंह के परिवार में दो बेटियाँ और पत्नी हैं। उनका परिवार पंजाब के बटाला जिले का रहने वाला है। लेफ्टिनेंट कर्नल रणबीर सिंह की मृत्यु की खबर की पुष्टि ब्रिगेडियर BA ढिल्लो ने की है। ढिल्लो पंजाब में ‘सैनिक कल्याण बोर्ड’ के मुखिया हैं। जिस ऑपरेशन में करणबीर सिंह की मृत्यु हुई थी वह नवम्बर में कई दिन चला था और सेना को इसमें काफी नुकसान उठाना पड़ा था। इसमें कर्नल संतोष महादिक की भी गोली लगने के कारण मौत हो गई थी।

बार-बार करता था यौन उत्पीड़न, नाबालिगों ने चाकू मारा, पत्थर से सिर कुचला, फिर फूँक दी लाश: दिल्ली में अधजला शव मिला

दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से 25 साल के युवक की हत्या में तीन नाबालिग पकड़े गए हैं। युवक का अधजला शव मिला है। नाबालिगों से पूछताछ में पता चला है कि मृतक उनमें से एक का बार-बार यौन शोषण कर रहा था। इससे छुटकारा पाने के लिए उन्होंने पहले चाकू मारकर उसकी हत्या की। फिर पत्थर से सिर कुचलकर शव को जलाने की कोशिश की।

एक सीनियर पुलिस अधिकारी के मुताबिक, 16 और 17 साल की उम्र के तीनों नाबालिगों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश कर शेल्टर होम भेज दिया गया है। मृतक युवक की पहचान आजाद के तौर पर हुई है। आरोपित नाबलिगों में से एक ने पुलिस को बताया कि आजाद उसका यौन शोषण कर रहा था। इससे तंग आकर उसने अपने दो अन्य दोस्तों के साथ मिलकर उसे ठिकाने लगाने का प्लान बनाया।

21 दिसंबर 2023 की रात तीनों नाबालिगों ने कथित तौर पर चाकू से आजाद पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। मृतक की पहचान छिपाने और सबूतों को नष्ट करने के लिए नाबालिगों ने आजाद का सिर पत्थर से कुचल दिया। फिर सूखी घास और कपड़ों से उसकी लाश को जलाने की कोशिश की।

पुलिस ने तीनों नाबालिगों को संदिग्ध स्थिति में 23 दिसंबर की रात पकड़ा था। पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। नाबालिगों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आजाद की अधजली लाश भी खुसरो पार्क से बरामद कर की। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पूर्व) राजेश देव ने बताया, “तीनों नाबालिगों ने आजाद नाम के युवक की हत्या करना कबूला है। उसकी लाश खुसरो पार्क में अधजली हालत में बरामद हुई। हमारी अपराध और फोरेंसिक टीम ने अपराध स्थल की जाँच की और लाश को एम्स भेज दिया।”

पुलिस के मुताबिक जाँच में ये बात भी सामने आई है कि आजाद आपराधिक प्रवृत्ति का था। हजरत निजामुद्दीन पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ कई बार शिकायतें भी की गई थीं।

‘मोहम्मद ज़ुबैर पर दर्ज कराऊँगा मुकदमा’: भाई को जलाए जाने को लेकर फैलाया फेक न्यूज़ तो बिट्टू बजरंगी ने लताड़ा, कहा – विधर्मियों के निशाने पर है मेरा परिवार

‘गौरक्षा बंजरंग फ़ोर्स’ के मुखिया बिट्टू बजरंगी ने 24 दिसम्बर, 2023 को एक वीडियो जारी करके प्रोपेगंडा पोर्टल ALTNews के सह-संस्थापक मुहम्मद जुबैर और ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ के ऊपर अपने भाई पर हुए हमले के बारे में झूठी खबर प्रसारित करने का आरोप लगाया है।

‘हिंदुस्तान टाइम्स’ (HT) ने एक रिपोर्ट में हरियाणा पुलिस के हवाले से दावा किया था कि बिट्टू बजरंगी के भाई ने खुद पर हमले की झूठ कहानी रची थी, इस हमले में बिट्टू बजरंगी के भाई का शरीर 60% जल गया था। जुबैर ने यही खबर सोशल मीडिया पर सच की तरह प्रसारित की। हालाँकि, मामले की जाँच कर कर रहे पुलिस अधिकारियों ने ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ की रिपोर्ट को नकार दिया है और कहा कि मामले की जाँच अभी चल रही है।

बिट्टू बजंरगी ने अपने वीडियो बयान में कहा, “इस समय मैं बड़े दुःख और साजिश के दौर से गुजर रहा हूँ और मैं और मेरा परिवार अधर्मियों के निशाने पर हैं। लेकिन, भाइयों इस चुप्पी का फायदा उठा कर ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ और वामपंथी मोहम्मद जुबैर ने गलत तरीके से मेरे खिलाफ खबर वायरल की। जिस पत्रकार ने यह खबर बनाई उसकी मानसिकता जो भी हो, अंत में वह मेरी बहन है। कोई बात नहीं बहन, जिस दिन तुम ‘लव जिहाद’ का शिकार होगी निकिता तोमर की तरह तो तुम्हारे साथ भी बिट्टू बजरंगी खड़ा मिलेगा।”

आगे बिट्टू बजरंगी ने कहा, “यह जो मोहम्मद जुबैर मेरे खिलाफ गलत न्यूज बना कर फैला रहा है जबकि अभी फरीदाबाद पुलिस ने कुछ बोला नहीं है। उसके खिलाफ मैं मुकदमा दर्ज करवाऊँगा और उसने जो यह कृत्य किया है, उससे कानून के तहत पूछा जाएगा कि तुमने ऐसी खबर क्यों छापी। मोहम्मद जुबैर एक वामपंथी जो पूरे देश में मेरे खिलाफ ऐसी खबर चला रहा है, प्रशासन इस पर ध्यान दे।”

जुबैर ने सोशल मीडिया पर ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ की झूठी खबर के आधार बिट्टू बजंरगी और उसके भाई के खिलाफ खूब प्रोपेगंडा किया। उसने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, “गौरक्षक बिट्टू बजरंगी के भाई ने अपने ऊपर झूठा हमला करवाया।” उसने फरीदाबाद पुलिस के हवाले से गलत दावे किए।

बिट्टू बजरंगी का बयान ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की रिपोर्ट में उसी दिन जोड़ दिया गया था जिस दिन रिपोर्ट को प्रकाशित किया गया था। हालाँकि, जुबैर ने 24 दिसम्बर को यह पोस्ट साझा की और बिट्टू बजरंगी के बयान को नजरअंदाज कर दिया।

जुबैर का बिट्टू बजरंगी पर ट्वीट

गौरतलब है कि 13 दिसम्बर, 2023 को बिट्टू बजरंगी के भाई महेश को जान से मारने का प्रयास किया गया था। हमलावरों ने महेश के ऊपर फरीदाबाद की दाबुआ कॉलोनी में थिनर डाल कर आग लगा दी थी। महेश को अस्पताल ले जाया गया था जहाँ से उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया गया था। महेश का शरीर इस हमले में 60% जल चुका है।

इस हमले के विषय में फरीदाबाद पुलिस के पास मामला दर्ज करवाया गया था जिसकी जाँच हरियाणा पुलिस की SIT कर रही है। इसी मामले में 22 दिसम्बर, 2024 को ‘हिन्दुतान टाइम्स’ में लीना धनखड़ नाम की एक पत्रकार ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी।

HT में प्रकाशित इस खबर में लिखा था कि फरीदाबाद पुलिस ने कहा है कि बिट्टू बजरंगी के भाई अलाव में गिर जाने के कारण जल गए थे और उनकी हत्या के प्रयास के कोई सबूत नहीं हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हवाले से कहा गया था कि बिट्टू बजरंगी के भाई महेश पांचाल के जलने के मामले में पुलिस में फर्जी शिकायत दर्ज कराई गई और एक गौतस्कर को इसमें फँसाया गया।

हालाँकि, ऑपइंडिया से बातचीत में पुलिस ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की इस खबर को नकार दिया था। फरीदाबाद के ACP ने इस खबर के बारे में बताए जाने पर पूछा कि आखिर पुलिस में किसने इस केस को फेक बता दिया? उन्होंने कहा कि ये बात ठीक है कि अभी इस मामले में आरोपित के खिलाफ सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि केस फर्जी होने की बात कही गई है। उन्होंने इसकी पुष्टि की थी कि बिट्टू बजरंगी के भाई जल गए हैं।

उन्होंने कहा कि ये जाँच का विषय है कि वो कैसे जले, किसने जलाया और किस वजह से जले। उन्होंने कहा कि अभी तक न तो किसी को क्लीन चिट दी गई है और न ही जाँच खत्म हुई है, बल्कि जाँच अभी चल ही रही है। उन्होंने ये भी कहा था कि अभी पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँची है।

भारतीयों से भरे विमान को फ्रांस ने 3 दिन बाद दी उड़ने की इजाजत, मानव तस्करी के शक में रोका गया था: केस कोर्ट में रद्द

फ्रांस में हवाई अड्डे पर रोकी गई 303 यात्रियों (ज्यादातर भारतीयों) से भरी फ्लाइट को सोमवार (25 दिसंबर, 2023) को उड़ान भरने की मंजूरी दे दी गई। रोमानियाई चार्टर कंपनी लीजेंड एयरलाइंस की ये फ्लाइट दुबई से 21 दिसंबर, 2023 को निकारागुआ के लिए रवाना हुई थी।

हवाई सफर के दौरान इस फ्लाइट ए340 को फ्रांस के पेरिस से 150 किलोमीटर पूर्व में स्थित वैट्री हवाई अड्डे पर अधिकारियों ने रोक लिया था। इस फ्लाइट को फ्रांस के अधिकारियों ने मानव तस्करी के संदेह के चलते रोका था।

उड़ान की परमिशन मिलने के बाद अभी ये साफ नहीं है कि ये फ्लाइट कहाँ जाएगी। भारत या फिर अपने गंतव्य निकारागुआ तक या फिर दुबई जहाँ से ये फ्लाइट रवाना हुई थी।

फ्रांस (France) के टीवी और रेडियो न्यूज नेटवर्क ‘बीएफएम टीवी’ ने बताया कि विमान को जाने की अनुमति देने के बाद फ्रांसीसी जजों ने प्रक्रिया में अनियमितताओं के कारण 300 से अधिक यात्रियों को रोके जाने के मामले की सुनवाई को रद्द कर दिया।

जानकारी के मुताबिक, दुबई से निकारागुआ के लिए रवाना हुई रोमानियाई चार्टर कंपनी लीजेंड एयरलाइंस की ये फ्लाइट जैसे ही ईंधन भरने के लिए फ्रांस के वैट्री एयरपोर्ट पर उतरी थी, उसी वक्त वहाँ फ्रांस की पुलिस पहुँच गई और मानव तस्करी के संदेह में इसे वहीं रोक लिया गया।

दरअसल, फ्रांस के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि ए340 विमान में ऐसे लोग आ रहे हैं जो मानव तस्करी के शिकार हो सकते हैं। इसके बाद फ्रांस की राष्ट्रीय संगठित अपराध विरोधी यूनिट जुनाल्को (JUNALCO) ने जाँच अपने हाथ में ले ली थी।

ए340 में सवार 303 यात्रियों में 11 नाबालिग भी थे। इनके साथ फ्लाइट में कोई नहीं था। वैट्री हवाई अड्डे पर रोके गए इन यात्रियों को वैट्री हवाई अड्डे के मुख्य टर्मिनल भवन में रखा गया था। उनके वहाँ रात भर रुकने के लिए 22 दिसंबर 2023 को अलग-अलग खाटें लगाई गईं थी। माना जा रहा कि अवैध रूप से अमेरिका या कनाडा में जाने के लिए इन यात्रियों ने मध्य अमेरिका की यात्रा की योजना बनाई होगी।

चार न्यायाधीशों ने इन 303 यात्रियों से उनकी यात्रा की शर्तों और मकसद को लेकर रविवार (24 दिसंबर,2023) को पूछताछ भी की थी। वहीं दो यात्रियों को यह पता लगाने के लिए हिरासत में लिया गया था कि क्या वे इस परिवहन में अन्य लोगों से अलग थे, अगर हाँ तो किन हालात और किस मकसद से थे।

वहीं दूसरी तरफ लीजेंड एयरलाइंस के वकील लिलियाना बकायोको ने इस संबंध में कहा कि उनकी कंपनी का मानना है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। उन्होंने ‘मानव तस्करी’ में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया। लिलियाना ने बताया कि एक ‘साझीदार’ कंपनी ने विमान को किराए पर लिया था और वही प्रत्येक यात्री के पहचान दस्तावेज को सत्यापित करने के लिए जिम्मेदार थी।

लिलियाना ने कहा कि पूरा केस, निपटारे के लिए फ्रांसीसी अधिकारियों के पास है। उन्होंने ये भी कहा था कि अगर अभियोजकों ने आरोप दायर किए तो एयरलाइन कानूनी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होगी।

फ्रांस में भारतीय दूतावास ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा था, “फ्रांसीसी अधिकारियों ने हमें सूचित किया कि दुबई से निकारागुआ जा रहे एक विमान में 303 लोग सवार थे, जिनमें ज्यादातर भारतीय मूल के लोग थे, जिन्हें फ्रांसीसी हवाई अड्डे पर तकनीकी रुकावट के कारण हिरासत में लिया गया था। दूतावास की टीम पहुँच गई है और काउंसलर एक्सेस ले लिया गया है। हम स्थिति की जाँच कर रहे हैं, यात्रियों की भलाई भी सुनिश्चित कर रहे हैं।”

बता दें कि फ्रांस में किसी विदेशी नागरिक को उसके इच्छित गंतव्य तक यात्रा करने से सीमा पुलिस शुरू के चार दिन तक रोक सकती है। फ्रांसीसी कानून इस अवधि को आठ दिनों से लेकर 26 दिन तक बढ़ाने की मंजूरी भी देता है। वहाँ पर मानव तस्करी के लिए 20 साल तक की सज़ा का प्रावधान है।

‘वो जीवनपर्यन्त राष्ट्र निर्माण को गति देने में जुटे रहे’: PM मोदी ने जयंती पर ‘सदैव अटल’ पहुँच कर पूर्व प्रधानमंत्री को अर्पित की श्रद्धांजलि, CM योगी के साथ जन्मस्थली भी पहुँचेंगे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा के संस्थापक स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर उनके समाधि स्थल ‘सदैव अटल’ पर पहुँच कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उनके अलावा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी समाधि स्थल पर पहुँचे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री को उनकी समाधि को नमन किया। प्रधानमंत्री ने एक वीडियो सन्देश के जरिए भी पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी है।

प्रधानमंत्री ने स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “पूर्व प्रधानमंत्री आदरणीय अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी जयंती पर देश के सभी परिवारजनों की ओर से मेरा कोटि-कोटि नमन। वे जीवनपर्यंत राष्ट्र निर्माण को गति देने में जुटे रहे। माँ भारती के लिए उनका समर्पण और सेवा भाव अमृतकाल में भी प्रेरणास्रोत बना रहेगा”

प्रधानमंत्री ने कहा कि माँ भारती के लाडले अटल बिहारी का जीवन राष्ट्र को समर्पित रहा। वह पल-पल राष्ट्र के लिए जिए। ऐसे व्यक्तित्व बहुत कम होते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें परिस्थिति को साधने वाला बताया। प्रधानमंत्री ने स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के साथ कुछ यादें भी साझा की।

प्रधानमंत्री के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के आगरा जनपद में उनके स्थान बटेश्वर पहुँचेंगे। यहाँ वह एक सांस्कृतिक संकुल केंद्र का उद्घाटन करेंगे। यहाँ उनकी स्मृति कृषि मेला और कवि सम्मेलन का भी आयोजन हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा है कि अटल जी ने यह दिखाया कि स्थिर सरकार देश के लिए लाभप्रद होती हैं। वह राजनीति के अजातशत्रु थे।

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसम्बर 1924 को आगरा के बटेश्वर गाँव में हुआ था। वह भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। उन्होंने 1950 के दशक से अपनी संसदीय यात्रा चालू की थी जो कि अनवरत 2009 तक चलती रही। वह जनता दल की सरकार में देश के विदेश मंत्री भी बने थे। उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे नेताओ के साथ मिलकर भाजपा की स्थापना की थी। स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रहे।

सबसे पहले वह वर्ष 1996 में 13 दिन, फिर 1998 से 1999 में 13 महीने और फिर 1999 से 2004 तक पाँच वर्षों के लिए भारत के प्रधानमंत्री बने। उनकी सरकार के दौरान कारगिल युद्ध जैसे निर्णायक पल भारत के लिए आए।

बर्तन, गहने, मिठाई… राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा से पहले अयोध्या धाम आएगा नेपाल का उपहार, जनकपुर से शुरू होगी यात्रा

अयोध्या में 22 जनवरी, 2024 को होने जा रहे राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए नेपाल से रामलला के लिए खास उपहार भेजे जाएँगे। नेपाल अगले महीने अयोध्या में राम मंदिर के अभिषेक के लिए कई तरह के आभूषण, बर्तन, कपड़े और मिठाइयाँ सहित विशेष स्मृति चिह्न भेजेगा।

रविवार (24 दिसंबर,2023) को आई नेपाल के माई रिपब्लिका अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, अयोध्या में नेपाल से ये सब उपहार एक खास यात्रा जनकपुरधाम-अयोध्याधाम के जरिए पहुँचाएँ जाएँगे।

ये यात्रा 18 जनवरी 2024 को नेपाल के जनकपुरधाम से शुरू होकर जलेश्वर नाथ, मलंगवा, सिमरौनगढ़, गढ़ीमाई, बीरगंज से बेतिया, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर होते हुए 20 जनवरी 2024 को अयोध्या पहुँचेगी। नेपाल के जानकी मंदिर के संयुक्त महंत रामरोशन दास वैष्णव के मुताबिक, नेपाल से भेजा गया खास स्मृति चिह्न रामजन्म भूमि राममंदिर ट्रस्ट को सौंप दिया जाएगा।

बताते चलें कि भगवान राम की मूर्ति बनाने के लिए अयोध्या आई शिला भी नेपाल से भेजी गई थी। नेपाल में कालीगंडकी नदी के किनारे से इकट्ठा किए गए शालिग्राम पत्थरों को भगवान राम की मूर्ति बनाने के लिए चुनकर भारत भेजा गया था। इसी शिला से बनी रामलला की मूर्ति को उद्घाटन के दिन मंदिर में स्थापित किया जाएगा।

नेपाल, अयोध्या के भव्य राममंदिर को उनके लिए विकास और पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाएँ के द्वार के तौर पर देख रहा है। नेपाल सरकार आस लगा रही है कि दुनिया भर से जो तीर्थयात्री राम के जन्मभूमि में प्रभु का दर्शन करने आएँगे वो माँ सीता के जन्मस्थल की भी यात्रा करेंगे।

बताते चलें कि भारत में नेपाल के राजदूत शंकर प्रसाद शर्मा ने 22 दिसंबर, 2023 को कहा कि दोनों देश जनकपुर और अयोध्या के बीच “सिस्टर सिटी रिलेशनशिप” स्थापित करने के लिए काम कर रहे हैं।

उन्होंने जनकपुर को रामायण सर्किट का जरूरी हिस्सा कहा है। रामायण सर्किट की परिकल्पना भारत सरकार ने साल 2014 में की थी। ये भगवान राम के जीवन को दिखता है और इसमें नेपाल के जनकपुर के साथ-साथ रामायण से संबंधित प्रमुख तीर्थ स्थल भी शामिल हैं।

बीते हफ्ते नेपाल दूतावास के समन्वय में इनक्रेडिबल चैंबर ऑफ इंडिया ने रामायण सर्किट पर एक सेमिनार किया था। इस मौके पर नेपाली राजदूत शंकर प्रसाद शर्मा ने कहा था कि दोनों देश सदियों से एक-दूसरे के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गंतव्य स्थल रहे हैं।

उन्होंने कहा, “भारत और नेपाल रामायण सर्किट पर मिलकर काम कर रहे हैं, जनकपुर इसका एक अहम हिस्सा है, जो दोनों देशों में पर्यटन विकास में सहायता करेगा।” उन्होंने कहा, “माता सीता की जन्मभूमि जानकी मंदिर नेपाल की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। ये भारत और नेपाल के बीच संबंधों को मजबूत करने के प्रमुख घटकों में से एक बन गया है।”

फर्जी मेडिकल बिल लगाकर रेलवे से पैसा लेता था क्लर्क, फिर ISIS आतंकियों के अकाउंट में डाल देता: NIA कर रही तलाश

टेरर फंडिंग में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) भारतीय रेलवे के एक क्लर्क की तलाश कर रही है। उत्तर रेलवे में तैनात यह क्लर्क फर्जी मेडिकल बिल लगाकर पैसे निकालता था। फिर वही पैसा इस्लामिक स्टेट (ISIS) आतंकियों के बैंक अकाउंट में डाल देता था। इसी साल अक्टूबर में गिरफ्तार तीन आतंकियों से पूछताछ में इस क्लर्क के बारे में पता चला है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2023 में दिल्ली पुलिस ने तीन ISIS आतंकियों – शाहनवाज आलम, मोहम्मद अशरफ और मोहम्मद अरशद वारसी को गिरफ्तार किया था। इनके बैंक खातों की जाँच के बाद यह सामने आया है कि उन्हें कुछ स्रोतों से लगातार पैसे आ रहे थे। इनकी जाँच में सामने आया कि नोएडा में रहने वाला रेलवे का एक कर्मचारी इन्हें लगातार पैसे भेजता था।

यह क्लर्क रेलवे के वित्त विभाग में काम करता है और आतंकियों को लगातार मदद पहुँचा रहा था। उसने पैसे जुटाने के लिए रेलवे में फर्जी मेडिकल बिल जमा किए। इसके आधार पर मिले पैसे ISIS आतंकियों को भेज दिए। उसकी तलाश जारी है। उत्तर रेलवे ने अब इस कर्मचारी के विरुद्ध FIR दिल्ली के एक थाने में दर्ज करवाई है। FIR में उसके विरुद्ध पैसों की धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज करवाया गया है।

यह क्लर्क जिन आंतकियों को पैसे भेजता था, उन लोगों ने भारत में कई आतंकी हमले करने की साजिश रची थी। इसके सरगना शाहनवाज और अन्य आतंकियों ने अहमदाबाद, सूरत और बड़ौदा में आरएसएस सहित हिंदू संगठनों से जुड़े 15 जगहों की रेकी की थी। आतंकियों का इरादा हिंदूवादी संगठनों और नेताओं को निशाना बनाना था। यही नहीं, शाहनवाज 26/11 जैसे आतंकी हमले की तरह देश भर में 5 जगहों नूहं, मेवात, दिल्ली, लखनऊ और रुद्रप्रयाग में धमाके करने वाला था। 

फ्री प्रेस जर्नल की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्ली में गिरफ्तार किए गए शाहनवाज आलम और मोहम्मद रिजवान अशरफ पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI और भगोड़े आतंकी फरहतुल्लाह गौरी के इशारों पर काम कर रहे थे। इन्होंने ही उसे दिल्ली में छुपने की जगह उपलब्ध करवाई थी। वे जुलाई 2023 में महाराष्ट्र में छापे तेज होने के बाद दिल्ल्ली पहुँचे थे। इन छापों में इमरान नाम का एक आतंकी पकड़ा गया था। हालाँकि दिल्ली पहुँचने के बाद अक्टूबर में इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।

9 दिसम्बर को NIA ने महाराष्ट्र और कर्नाटक में 44 जगहों पर छापेमारी करके 15 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस छापेमारी में ISIS के मॉड्यूल को तोड़ा गया था। इस छापेमारी में गिरफ्तार होने वाले सभी लोग महाराष्ट्र के ठाणे के रहने वाले थे। यहाँ के एक गाँव पडघा से आतंकी साकिब नाचान और उसके बेटे को भी उठाया गया था। साकिब इससे पहले भी आतंकी वारदातों को अंजाम देने के चलते 2 अलग-अलग मामलों में अदालत से सजा पा चुका है। उसका बेटा भी NIA द्वारा गिरफ्तार किया गया है।

इससे पहले भी NIA राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर कई अन्य अटनाकि मॉड्यूल का खुलासा कर चुकी है। हाल ही में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से सम्बन्ध रखने वाले और झारखंड से कई आतंकियों को पकड़ा गया है।

हजार बार करूँगा उपराष्ट्रपति का ‘अपमान’ : TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने दिखाई ढिठाई, जगदीप धनखड़ बोले- मैं पीड़ित, जानता हूँ ये सब कैसे झेलना है

नई संसद में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का अपमान करने वाले तृणमूल कॉन्ग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने अपनी हरकत दोहराई है। उन्होंने एक बार फिर उपराष्ट्रपति का मजाक उड़ाकर अपमान किया है और कहा है कि वह ऐसा 1000 बार करेंगे। वहीं उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा है कि वह एक पीड़ित हैं और अपमान का सामना करना जानते हैं।

निलम्बित तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के श्रीरामपुर में एक सभा के दौरान फिर से उपराष्ट्रपति धनखड़ की नकल उतारी। इसके बाद उन्होंने कहा, “मैं मिमिक्री तो करता रहूँगा। यह एक प्रकार की कला है। अगर जरूरत पड़ी तो ये 1000 बार करूँगा। मुझे मेरे विचार अभिव्यक्त करने का मूलभूत अधिकार हैं। आप मुझे जेल में डाल दो, मैं पीछे नहीं हटूँगा।”

कल्याण बनर्जी ने 19 दिसम्बर, 2023 को नई संसद के मकर द्वार पर उपराष्ट्रपति धनखड़ का मजाक उड़ाया था। उन्होंने उपराष्ट्रपति की नकल उतारी थी और कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने इसका वीडियो रिकॉर्ड किया था। इसके अलावा अन्य सांसदों ने भी उनके इस कृत्य पर ठहाके लगाए थे।

उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कल्याण बनर्जी के इस कृत्य पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी है। उन्होंने कहा, “मैं एक पीड़ित हूँ। एक पीड़ित जानता है कि सभी अपमानों को सहते हुए कैसे खड़े रहना है। यह हम एक दिशा में भारत माता की सेवा में हैं। आपको ईमानदारी और ऊँचे नैतिक मूल्य रखने होंगें। आपको दोनों तरफ से दबाव झेलने पड़ेंगे।” उन्होंने 24 दिसम्बर, 2023 को अपने दिल्ली स्थित निवास में भारतीय सांख्यिकी सेवा के अधिकारियों से बातचीत में यह प्रतिक्रिया दी।

उपराष्ट्रपति ने कहा, “मैं संवैधानिक पद पर हूँ। मैं राज्यसभा का सभापति हूँ लेकिन मुझे भी लोग नहीं छोड़ते। लेकिन क्या मुझे अपना रास्ता बदल लेना चाहिए? नहीं, हमें सही रास्ते पर हमेशा चलना होगा। बहुत सी चीजे मैं आपसे सीख सकता हूँ, हमें खुले विचारों का होना होगा।”

आगे उन्होंने कहा, “हो सकता है कि मुझे आपसे कई चीज़ें सीखने की आवश्‍यकता हो। मुझे उन्हें आत्मसात करना होगा। हमें खुले विचारों वाला होना चाहिए; दूसरा दृष्टिकोण कभी-कभी सही हो सकता है। लेकिन जो लोग आपका ध्यान भटकाने के लिए, आपको आपकी सेवा के रास्ते से हटाने के लिए ऐसा करते हैं, उन्हें अपनी रीढ़ की हड्डी की ताकत दिखानी होगी।”

कल्याण बनर्जी की इस हरक़त पर उन्होंने माफ़ी भी नहीं माँगी थी। कल्याण बनर्जी द्वारा किए गए अपमान पर उपराष्ट्रपति धनखड़ ने इसे उनकी किसान पृष्टभूमि और जाट समुदाय का अपमान बताया था। उपराष्ट्रपति के अपमान पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इस घटना पर दुख जताया था।

उपराष्ट्रपति धनखड़ के अपमान पर भाजपा सांसदों ने राज्यसभा में एक घंटे खड़े रहकर इसका विरोध किया था। जाट समुदाय की खाप पंचायतों ने भी कल्याण बनर्जी ने माफ़ी माँगने को कहा था, ऐसा ना करने पर उन्होंने तृणमूल कॉन्ग्रेस के सांसदों के घरों के घेराव की भी बात कही थी।