देश के युवा और खेल मामलों के मंत्रालय ने रविवार (24 दिसंबर 2023) को नवनिर्वाचित भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के उस फैसले को रोक दिया, जिसमें अंडर-21 और अंडर-15 जूनियर लेवल रेसलिंग चैंपियनशिप आयोजित करने का ऐलान किया गया था। हाल ही में कुश्ती महासंघ के चुनाव संपन्न हुए थे और इसमें संजय सिंह राय अध्यक्ष चुने गए थे। इन चुनावों में जीते अध्यक्ष और सदस्यों जूनियर चैंपियनशिप आयोजित करने का फैसला निष्प्रभावी हो जाएगा।
खेल मंत्रालय ने इस निर्णय की घोषणा एक प्रेस रिलीज के माध्यम से की है। खेल मंत्रालय ने कहा है कि नवनिर्वाचित कुश्ती महासंघ ने पहले से निर्धारित नियम कानूनों का पालन नहीं किया है। मंत्रालय ने कहा है कि नवनिर्वाचित अध्यक्ष द्वारा कुश्ती के जूनियर खिलाड़ियों की राष्ट्रीय प्रतियोगिता का ऐलान नियमों को ध्यान में रखते हुए नहीं किया गया।
Union Sports Ministry suspends the newly elected body of Wrestling Federation of India after the newly elected president Sanjay Singh announced U-15 and U-20 nationals to take place in Nandini Nagar, Gonda (UP) before the end of this year. pic.twitter.com/eMZyNK914Z
दरअसल, नए अध्यक्ष संजय सिंह ने ऐलान किया था कि इस वर्ष के अंत से पहले कुश्ती के जूनियर खिलाड़ियों की राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। मंत्रालय का कहना है कि ऐसी प्रतियोगिताओं के लिए कम से कम 15 दिन पहले जानकारी देनी होती है और यह निर्णय कार्यकारी समिति की बैठक के बाद लिए जाते हैं।
कुश्ती के जूनियर वर्ग में यह प्रतियोगिता अंडर-15 और अंडर-20 वर्ग में होनी थी। इनका आयोजन उत्तर प्रदेश के गोंडा में नंदिनी नगर में किया जाना था। इन आयोजनों को 31 दिसम्बर से पहले चालू करवाने के पीछे नए अध्यक्ष संजय सिंह का तर्क था कि ऐसा ना किए जाने से पहलवानों का एक वर्ष खराब हो जाएगा, क्योंकि पिछले 11 महीनों से चुनाव नहीं हुए हैं।
खेल मंत्रालय ने यह भी कहा है कि कुश्ती संघ के नए पदाधिकारी, पुराने पदाधिकारियों के नियन्त्रण में दिख रहे थे और इन पदाधिकारियों पर यौन शोषण जैसे आरोप लगे थे। इनकी वर्तमान में कोर्ट में सुनवाई हो रही है। अब नए निर्णय तक महासंघ का कामकाज प्रभावित रहेगा।
बता दें कि एक दिन पहले ही संजय सिंह ने कहा था कि वह कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के करीबी हैं तो यह अपराध नहीं है। संजय सिंह को 21 दिसम्बर को सम्पन्न हुए चुनावों में अध्यक्ष चुना गया था। उन्हें कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का उम्मीदवार बताया गया था। संजय सिंह ने अनीता श्योराण को हराया था, जो कि हरियाणा से आती हैं।
संजय सिंह के चुनाव जीतने के बाद साक्षी मालिक ने कुश्ती छोड़ने का ऐलान कर दिया था। इसके साथ ही बजरंग पूनिया ने अपना पद्मश्री लौटाने का ऐलान कर दिया था। उन्होंने अपना पद्मश्री सम्मान प्रधानमंत्री के आवास के सामने फुटपाथ पर रख दिया था। इसके बाद ये खिलाड़ी कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी, भूपेंद्र हुड्डा और उनके बेटे दीपेंद्र हुड्डा से मुलाकात की थी।
सूत्रों के मुताबिक, संजय सिंह के पक्ष ने अब इस आदेश को कानूनी रूप चुनौती देने का निर्णय लिया है। सूत्रों के हवाले से इंडिया टुडे ने कहा, “हम इस मामले को कानूनी तौर पर उठाने के लिए तैयार हो रहे हैं। हम निलंबन के फैसले का मुकाबला करेंगे, हमारी कानूनी टीम इस पर काम कर रही है।”
गुजरात के तट से लगभग 200 समुद्री मील दूर एक जहाज पर शनिवार (23 दिसम्बर 2023) को हुए हमले के पीछे ईरान का हाथ बताया गया है। अमेरिका के रक्षा विभाग ने कहा कि भारत जा रहे एमवी केम प्लूटो जहाज पर ड्रोन से हमला हुआ है और इस हमले के पीछे ईरान का हाथ है।
अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने एक बयान में कहा, “23 दिसम्बर 2023 को सुबह लगभग 10 बजे भारतीय तट से 200 समुद्री मील दूर लाइबेरिया के झंडे तले जापानी कम्पनी के नीदरलैंड द्वारा संचालित जहाज एमवी केम प्लूटो पर ईरान द्वारा एक ड्रोन हमला किया गया। इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है और जहाज पर लगी आग को बुझा दिया गया था।”
Breaking: Pentagon in a statement says drone fired on MV Chem Pluto was a "one way attack drone fired from Iran". Full statement:@WIONewspic.twitter.com/B3s1l1KIvd
अमेरिकी रक्षा विभाग ने आगे बताया, “जहाज के आसपास कोई अमेरिकी नौसेना का जहाज मौजूद नहीं था। अमेरिकी नौसेना की सेंट्रल कमांड ने जहाज से लगातार संपर्क बनाया हुआ है और यह जहाज भारत की तरफ बढ़ रहा है। यह 2021 के बाद से ईरान द्वारा मालवाहक जहाज पर किया गया सातवाँ हमला है।”
दरअसल, 23 दिसम्बर 2023 को सऊदी अरब के जुबेल तट से कच्चा तेल लेकर भारत के मैंगलोर तट के लिए रवाना हुए इस जहाज पर हमला कर दिया गया था। हमले की खबर के बाद भारतीय नौसेना के पोत विक्रम और तटरक्षक जहाजों को मदद के लिए भेज दिया गया था।
भारतीय नौसेना ने डोर्नियर विमान को भी इस जहाज को सहायता देने के लिए रवाना किया था। हमले के बाद भारतीय नौसेना ने इस जहाज से सम्पर्क साधकर उस तक मदद पहुँचाई थी। इस जहाज पर मौजूद कर्मचारियों में कुछ भारतीय भी थे। अब यह जहाज सुरक्षित है और मुंबई की तरफ बढ़ रहा है। इस पर 21 भारतीय कर्मचारी मौजूद हैं।
DRONE ATTACK ON MV CHEM PLUTO-Indian Coast Guard Maritime Rescue Coordination Centre,Mumbai received information regarding fire onboard MV Chem Pluto. The Merchant ship with 20 Indian &01 Vietnamese Crew was reportedly attacked by a suspected drone strike on aerial platform.(1/6) pic.twitter.com/CpioW9MfT9
हालाँकि, ईरान की सरकार ने इस हमले पर अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है। पहले यह शक जताया गया था कि यह हमला यमन के हूती विद्रोहियों ने यह काम किया है। दरअसल, हूती विद्रोही इजरायल से सम्बन्ध रखने वाले जहाजों पर पहले भी हमले का ऐलान किया था।
इस जहाज के इजरायल से जुड़े होने की बात भी सामने आई थी। मीडिया रिपोर्ट्स ने बताया था कि इस जहाज का सम्बन्ध इजरायली जहाज कारोबारी इदान ओफ़र से जुड़ा हुआ है। दरअसल, हूतियों ने इजरायल और हमास के युद्ध के कारण कहा था कि वह अब इस इलाके से गुजरने वाले इजरायली जहाजों को निशाना बनाएँगे।
वहीं, इस हमले के बाद एक भारतीय कम्पनी द्वारा चलाए जाने वाले एक अन्य जहाज एमवी साईबाबा पर हमले की जानकारी भी सामने आई है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा है कि इस हमले में किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। इस जहाज पर भारतीय झंडा लगा हुआ था और यह गैबोन की एक कम्पनी के मालिकाना हक वाला जहाज है। अमेरिका ने कहा है कि इस हमले के पीछे हूतियों का हाथ है।
A Gabbon-flagged vessel MV Saibaba has also suffered a drone attack in the Red Sea. It has 25 Indian crew members on board who are safe. It is not an Indian-flagged vessel. More details are awaited: Indian Navy officials pic.twitter.com/nWG3h3CTP1
इस हमले के बाद से इस इलाके से जहाजों का आवागमन कम हो गया है। अब जहाज यह रूट लेने से कतरा रहे हैं। जहाजों को अब यहाँ से गुजरने के बजाय लंबा रूट ले रहे हैं। हालाँकि, हमलों की वजह से भारतीय नौसेना ने इस इलाके में गश्त बढ़ा दी है।
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद से ही इस्लामी आतंकी और उसके आका पाकिस्तान में छटपटाहट है। वे किसी भी हाल में प्रदेश की शांति व्यवस्था को बिगाड़ना चाहते हैं। सेना के काफिले पर हमले के दो दिन बार आतंकियों ने अब एक रिटार्यड पुलिस अधिकारी को निशाना बनाया है। वे नजदीकी मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए गए हुए थे।
मामला बारामूला के गांटमूला शीरी बारामूला इलाके का है। कहा जा रहा है कि मोहम्मद शफी मीर नाम के रिटायर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मस्जिद में नमाज पढ़ (कुछ मीडिया रिपोर्ट में अजान दे रहे) थे तो आतंकियों ने उन पर फायरिंग कर दी। गोली लगते ही वे गिर पड़े। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया है कि पूरे इलाके को घेर लिया गया है और स्थानीय लोगों से इस इलाके से दूर रहने को कहा गया है। पुलिस ने यह भी कहा कि मामले की जाँच की जा रही है और हत्या को अंजाम देने वालों के बारे पता लगा रही है। सुरक्षा एजेंसियों को सूत्रों से पता चला है कि हत्या को अंजाम देने के बाद आतंकी बाज जंगल में छिपे हुए हैं।
Jammu & Kashmir | Terrorists fired upon Mohd Shafi, a retired police officer at Gantmulla, Sheeri Baramulla, while praying Azan in the mosque and succumbed to injuries. The area has been cordoned off. Further details awaited: J&K Police pic.twitter.com/c2U1D6oHTl
बता दें कि आतंकियों ने ऐसे समय में हमला किया है, जब पुँछ में सेना आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चला रही है। जम्मू-कश्मीर के पुँछ जिले में गुरुवार (21 दिसंबर 2023) को हथियारों से लैस आतंकवादियों ने सेना के दो वाहनों पर घात लगाकर हमला कर दिया था। इस हमले में 4 सैनिक बलिदान हो गए थे। इनमें से दो जवानों के शव क्षत-विक्षत मिले थे।
बता दें कि BSF के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 16 दिसंबर 2023 को इंटेलिजेंस के हवाले से कहा था कि पाकिस्तानी सीमा में 250 से 300 आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं। अधिकारी ने बताया था कि सुरक्षाबलों को अलर्ट कर दिया गया है और सीमा पार से किसी भी तरह की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दी जाएगी।
दिल्ली के बुराड़ी के एक सरकारी अस्पताल में महिला कर्मचारियों ने काम देने के एवज में शारीरिक शोषण किए जाने का आरोप लगाया है। महिलाओं का कहना है कि उनके शीर्ष अधिकारी उन पर शारीरिक सम्बन्ध बनाने का दबाव बनाते हैं और ऐसा ना करने पर उनको प्रताड़ित किया जाता है। इस मामले का राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी संज्ञान लिया है।
बुराड़ी स्थित दिल्ली सरकार के इस अस्पताल के बाहर महिलाएँ लगातार प्रदर्शन कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि उन्हें अस्पताल में ड्यूटी नहीं दी जा रही है। उन्हें पूरी ड्यूटी दिए जाने के एवज में उनके अधिकारी उनसे शारीरिक सम्बन्ध बनाने के लिए कहते हैं और रिश्वत भी माँगते हैं।
महिलाओं ने कहा कि अस्पातल में AAP के स्थानीय विधायक संजीव झा के लोग भी हैं और उनके सहयोग से ये कुकर्म किया जाता है। महिलाओं के कहा कि संजीव झा के लोग पैसे लेकर-लेकर लोगों को नौकरी देते हैं। साथ ही आरोपितों को भी बचाते हैं। महिलाओं ने AAP विधायक और उसके लोगों पर गंभीर आरोप लगाए।
एक रात हमारे साथ सो जाओ तो…….?
अभी तक मैं केजरीवाल को सिर्फ मक्कार झूठा समझती थी , अब मुझे “घिन” आती है..
महिलाओं की अस्मिता से खेलने वाले केजरीवाल के पालतू कुत्ते…. जल्द ही जेल जाना चाहिए।
जानकारी के अनुसार, बुराड़ी स्थित दिल्ली सरकार के इस अस्पताल में मेडिकल के अतिरिक्त तमाम स्टाफ को आउटसोर्सिंग से रखा जाता है। इसके तहत एक कम्पनी ग्लोबल वेंचर यह काम करती है। इसका काम इन कर्मचारियों की भर्ती और उनके काम की देखरेख होता है। यह भी सामने आया है कि यहाँ कर्मचारियों को रखने के लिए रिश्वत ली गई।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक महिला ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में सुपरवाईजर और मैनेजर पद पर काम करने वाले नीरज शर्मा, राजकुमार और आदर्श नाम के शख्स पर ये आरोप लगाए गए हैं। एक महिला कर्मचारी का कहना है कि उसे इन अधिकारियों की करतूतों के बारे में सब पता है। महिलाओं के प्रदर्शन के इस वीडियो में उनके आरोप सुने जा सकते हैं।
महिला ने बताया है कि इस अस्पताल के बेसमेंट में ये अधिकारी महिला कर्मचारियों को बुलाते थे और उनका शारीरिक शोषण करते थे। उसका कहना था कि शारीरिक सम्बन्ध बनाने के लिए तैयार ना होने वाली महिलाओं को अस्पताल में मात्र 15 दिन काम दिया जाता था।
अधिकारी महिलाओं से कहते थे कि उनके साथ एक रात सोने पर वह काम के दिन बढ़ाकर 20-25 कर देंगे। महिला का कहना है कि यदि अस्पताल के बेसमेंट के सीसीटीवी की जाँच करवाई जाए तो सारी सच्चाई बाहर आ जाएगी। प्रदर्शन करने वाली महिलाओं ने इस मामले में स्थानीय AAP विधायक संजीव झा का संबध बताया है।
महिला का कहना है कि नीरज और राजकुमार यहाँ काम करने वाली महिलाओं से एक-एक करके अकेले में मिलने को कहते थे। उन्हें इस विषय में आवाज उठाने से भी रोका जाता था। जिन महिलाओं ने इसके खिलाफ आवाज उठाई, उन्हें नौकरी से भी निकाल दिया गया।
महिलाओं का कहना है कि उन्हें धमकाया भी गया है। इसके अलावा एक महिला से मारपीट की घटना भी सामने आई है। उसके साथ छेड़छाड़ और यौन शोषण किया गया और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। इस मामले में महिला ने दिल्ली पुलिस के पास मामला भी दर्ज करवाया है।
इस पूरे मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग और दिल्ली महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने इस मामले में उत्तरी दिल्ली के डीसीपी से रिपोर्ट माँगी है।
The National Commission for Women vehemently condemns the reported sexual harassment at Burari Hospital. We demand swift action and arrests of the accused Neeraj and Rajkumar. Immediate inquiry in this case is imperative.The Deputy Commissioner or Police, North Delhi has been…
दिल्ली पुलिस को की गई शिकायत में महिला ने 17 और 19 दिसम्बर 2023 को मारपीट और छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन सभी के खिलाफ IPC की धारा 323, 354, 506, 509 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
नेशनलिस्ट कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार ने उद्योगपति गौतम अडानी की एक बार फिर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सेंटर बनाने के लिए 25 करोड़ रुपए की जरूरत थी, लेकिन उनके आग्रह पर गौतम अडानी ने तुरंत 25 करोड़ रुपए का चेक भेज दिया।
दरअसल, शरद पवार शनिवार (23 दिसंबर 2023) को पुणे जिले के बारामती में एक प्रौद्योगिकी लैब के उद्घाटन के दौरान लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठान ने एक प्रोजेक्ट हाथ में लिया है। तकनीक के कारण इंजीनियरिंग क्षेत्र के बदलने के कारण एक ऐसा वर्ग बनाना जरूरी है, जो बदलाव को स्वीकार कर सके।
उन्होंने आगे कहा, “हम भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का पहला सेंटर बना रहा हैं। इस परियोनजा पर 25 करोड़ रुपए की लागत आने वाली है। इसके लिए अब फंड की भी व्यवस्था हो चुकी है। मेरी अपील पर मेरे सहयोगियों ने तुरंत समर्थन दिया।”
अडानी समूह का प्रमुख का नाम लेते हुए पवार ने आगे कहा, इस मौके पर मुझे गौतम अडानी का नाम लेना होगा। उन्होंने 25 करोड़ रुपए का चेक संस्था को भेजा है।” इसके लिए उन्होंने गौतम अडानी को धन्यवाद भी दिया। बता दें कि पवार ऐसे समय में अडानी की प्रशंसा कर रहे हैं, जब महाविकास अघाड़ी में उनकी सहयोगी रही शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे उनका विरोध कर रहे हैं।
हाल ही में मुंबई की धारावी विकास परियोजना को लेकर उनकी पार्टी ने गौतम अडानी के खिलाफ मार्च निकाला था। इसके बहाने उन्होंने महाराष्ट्र की भाजपा गठबंधन सरकार को निशाना बनाने की कोशिश की थी। इसके साथ ही I.N.D.I गठबंधन के नेता भी अक्सर सरकार की आलोचना करने के लिए गौतम अडानी के नाम का इस्तेमाल करते हैं।
बता दें कि अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद जब I.N.D.I गठबंधन निशाना बना रही थी, तब भी शरद पवार ने उनकी तारीफ की थी। उस दौरान कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी के नेतृत्व में विपक्षी दल अडानी ग्रुप के खिलाफ संयुक्त संसदीय समिति (JPC) द्वारा जाँच की माँग करते आ रहे थे। तब शरद पवार ने कह दिया था कि JPC जाँच की कोई जरूरत नहीं है।
JPC की माँग को लेकर उन्होंने कहा था, “इस मुद्दे को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया गया। जो मुद्दे उठाए गए, किसने उठाए? इनके (हिंडनबर्ग) बारे में हमने कभी नहीं सुना। उनकी पृष्ठभूमि क्या है? जब वे ऐसे मुद्दे उठाते हैं जो पूरे देश में हंगामा खड़ा कर देते हैं तो इसकी कीमत देश की अर्थव्यवस्था को चुकानी पड़ती है। इन बातों को नज़रअंदाज नहीं कर सकते। ऐसा लगता है कि यह निशाना बनाया गया था।”
बताते चलें कि उद्योगपति गौतम अडानी और शरद पवार की दोस्ती लगभग दो दशक पुरानी है। शरद पवार ने साल 2015 में मराठी में आई अपनी आत्मकथा ‘लोक भूलभुलैया संगति…’ में भी गौतम अडानी की तारीफ की है। इसमें शरद पवार ने गौतम अडानी को सरल, जमीन से जुड़ा व्यक्ति और मेहनती बताया है।
उन्होंने लिखा है कि अडानी ने हर चुनौती स्वीकार की और आगे बढ़े। पवार ने इसमें आगे लिखा है, “मेरे ही कहने पर ही अडानी ने थर्मल पावर सेक्टर में कदम रखा था। वह हीरा उद्योग में अच्छी कमाई कर रहे थे, लेकिन गौतम को इसमें कोई दिलचस्पी नहीं थी। इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में प्रवेश करने की उनकी महत्वाकांक्षा थी।”
पटना के बेउर जेल से रिहा होने के बाद यूट्यूबर मनीष कश्यप अपने काफिले के साथ ‘माउंटैन मैन’ के नाम से विख्यात दशरथ माँझी की कर्मभूमि गहलौर पहुँचे। इस काफिले में दर्जनों कारें शामिल रही। मनीष कश्यप के गहलौर पहुँचने की सूचना पर भारी संख्या में युवाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मनीष कश्यप के समर्थन में युवाओं ने जमकर नारेबाजी की। दशरथ माँझी की कर्मभूमि गहलौर में मनीष कश्यप ने हुँकार लगाई, “भ्रष्टाचार के पहाड़ को जब-तक तोड़ेंगे नहीं…तब-तक छोड़ेंगे नहीं।”
गया के गहलौर पहुँचे मनीष कश्यप ने सबसे पहले दशरथ माँझी की समाधि स्थल पर पहुँचकर माल्यार्पण किया। इसके बाद दशरथ माँझी के पुत्र भागीरथ माँझी के पैर छुए और कहा, “दशरथ माँझी कभी कहते थे, ‘जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं।’ आज हम कह रहे हैं कि भ्रष्टाचार के पहाड़ के जब तक हम तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं।” इस दौरान उन्होंने दशरथ माँझी के लिए भारत रत्न की माँग की।
बता दें कि तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों के साथ कथित जुल्म पर वीडियो बनाने वाले बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप शनिवार (23 दिसंबर 2023) को पटना के बेऊर जेल से बाहर आए। जेल से बाहर आते ही समर्थकों ने उन्हें माला पहनाई और उन्हें कंधे पर उठा लिया। इसके बाद ओपन जीप में उनका काफिला निकला।
रिहाई के दौरान बेउर जेल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था क्योंकि उनके समर्थकों का एक बड़ा समूह उनकी अगवानी के लिए पहुँचा था। जेल से निकल उन्होंने कहा, “मैं जेल में कालापानी की सजा काटकर आया हूँ। आगे भी पत्रकारिता करते रहूँगा। अगर मैं डरा तो ये समझेंगे कि हमने एक पत्रकार को डरा दिया।”
सभी मामलों में मिली जमानत
बताते चलें कि यूट्यूबर मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी कुमार तिवारी को सभी मामलों में जमानत मिल गई है। दो दिन पहले 20 दिसंबर 2023 को अंतिम मामले में उन्हें जमानत मिल गई थी। इसके बाद मनीष कश्यप को जेल से रिहाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।
मनीष कश्यप के दोस्त ने मणि द्विवेदी ने कहा था कि मनीष के ऊपर तमिलनाडु में दर्ज सारे मामलों में पहले ही जमानत मिल चुकी है। अब पटना के सिविल कोर्ट से भी सभी मामलों में जमानत मिल चुकी है। मणि ने कहा कि बेतिया कोर्ट से भी उन्हें बेल मिल चुका था। एक मामला पटना हाईकोर्ट में लंबित था, उसमें भी 20 दिसंबर 2023 जमानत मिल गई।
वीडियो बनाने पर हुई थी कार्रवाई
गौरतलब है कि मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी कुमार तिवारी पर मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने उनकी खोजबीन शुरू कर दी थी। इस दौरान उनके घर की कुर्की-जब्ती भी की गई थी। कुर्की-जब्ती की कार्रवाई के दौरान ही उन्होंने 18 मार्च 2023 को सरेंडर कर दिया था। इसके बाद उन्हें तमिलनाडु पुलिस अपने साथ लेकर चली गई।
दरअसल, मनीष कश्यप ने तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों के साथ मारपीट का कथित फर्जी वीडियो शेयर किया था। इस मामले में बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मनीष कश्यप के खिलाफ FIR दर्ज किया था।
वहीं, तमिलनाडु पुलिस ने कुल 13 केस दर्ज किया था। इनमें 6 मामले में मनीष कश्यप नामजद आरोपित बनाए गए। इसको लेकर तमिलनाडु पुलिस ने 6 अप्रैल 2023 को यूट्यूबर कश्यप पर NSA लगाया था। जिसके बाद सोशल मीडिया पर काफी विरोध हुआ था और लोगों ने इसे राजनीतिक दमन बताया था। बाद में कोर्ट ने NSA से हटा दिया था।
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत की जनता अब ‘एक गाल पर थप्पड़ खाने के बाद दूसरे गाल को आगे बढ़ाने’ वाली मानसिकता से निकल चुकी है। उन्होंने कहा कि भारतीयों को मुकाबला करने की जरूरत है। पहले के ‘दूसरे गाल को आगे बढ़ाने की स्मार्ट रणनीति’ से भारत की जनता अब निकल चुकी है। उन्होंने कहा कि आजादी के तुरंत बाद से ही भारत सीमापार से आतंक झेल रहा है। अब सामना करने की जरूरत है।
गाँधी नगर के लावड में स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत को आजादी के दिन से ही आतंकवाद झेलना पड़ रहा है। भारत को जब आजादी मिली, तभी पाकिस्तान से आए हमलावरों ने कश्मीर पर हमला शुरू कर दिया था। आज इस देश में एक बदलाव आया है। विदेश मंत्री ने कहा, “मुझे लगता है कि मुंबई पर 26/11 हमला एक निर्णायक बिंदु था, जिसके बाद देश की मानसिकता बदली है।”
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, “अब हमें सबसे पहले जो करने की जरूरत है, वह यह है कि हमें मुकाबला करने की जरूरत है। मैं जानता हूँ कि जिन लोगों ने कहा था, ‘ओह, हमने दूसरा गाल आगे करने की एक बहुत ही स्मार्ट रणनीति’ बनाई थी। मुझे नहीं लगता कि देश का अब यह मूड है। मुझे नहीं लगता कि इसका कोई मतलब है। मुझे नहीं लगता कि इसका कोई रणनीतिक मतलब है। अगर कोई सीमा पार आतंकवाद कर रहा है, तो आपको इसका जवाब देना चाहिए। उन्हें इसकी कीमत चुकानी चाहिए।”
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले जिसमें 5 जवान बलिदान हो गए, इस मामले पर विदेश मंत्री ने कहा कि आतंकवाद लंबे समय से भारत के लिए एक चुनौती रहा है। हमें तेजी से जवाब देना होगा। जो भी हम पर हमला करे, उसे नतीजा भुगतना होगा।
कार्यक्रम के दौरान एस जयशंकर ने कहा, “आतंकवाद का मुकाबला इसलिए हमारी क्षमताओं और हमारी कल्पनाओं दोनों को चुनौती देता है। जैसे-जैसे हमारे हितों का विस्तार होता है, हमें दूसरों की सुरक्षा में योगदान देने का भी प्रयास करना होगा। यह तत्काल पड़ोस में हो सकता है, या यह वित्तीय, स्वास्थ्य और ऊर्जा सहायता के संदर्भ में हो सकता है उनके लिए या यह ग्लोबल साउथ जैसे बड़े क्षेत्र के लिए हो सकता है।”
दिल्ली के एनडीएमसी (NDMC) कन्वेंशन सेंटर में 23 दिसम्बर 2023 को ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ अभियान के तहत एक परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी विकास वैभव के नेतृत्व में बिहार के बुद्धिजीवियों का बड़े पैमाने पर हिस्सेदारी शामिल रही। इसका उद्देश्य साल 2047 तक एक ऐसे विकसित बिहार की संकल्पना की गई, जिसमें शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के लिए किसी को बिहार से बाहर नहीं जाना पड़े।
‘Let’s Inspire Bihar’ एक अभियान है, जिसमें बिहार के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का उद्देश्य लेकर 76,000 से अधिक बिहारवासी स्वैच्छिक रूप से अपना सकारात्मक योगदान दे रहे हैं। IPS अधिकारी वैभव की अगुवाई में 22 मार्च 2021 को इस अभियान की शुरुआत हुई थी। इसमें लघुवादों (जातिवाद, सम्प्रदायवाद इत्यादि) से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में शिक्षा, समता एवं उद्यमिता जैसे विकास के आधारभूत क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर चिंतन के साथ योगदान करने की परिकल्पना है।
इस परिकल्पना से प्रेरित होकर बिहार के अलग-अलग जिलों, भारत के महानगरों तथा विदेशों के भी अनेक व्यक्तियों ने संगठित होकर अपना-अपना योगदान देने का निर्णय लिया और इसमें वे अपना योगदान दे भी रहे हैं। इन लोगों द्वारा कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने आचरण तथा विरासत में समाहित दृष्टि तथा प्रेरणा से दूसरों के लिए प्रेरणास्त्रोत भी बन रहे हैं। इसका एकमात्र उद्देश्य बिहार एवं देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण को संभव बनाना है।
इस अभियान के 1000 से अधिक कार्यक्रमों के बाद 10 दिसंबर 2023 को बेगूसराय से ‘नमस्ते बिहार’ बृहत जनसंवाद कार्यक्रम का प्रारंभ किया गया। इसमें 50,000 से अधिक बिहारवासी सम्मिलित हुए। इसे बिहार के सभी जिलों में आयोजित करने की योजना है। इसका अगला कार्यक्रम 21 जनवरी 2024 को आरा में निर्धारित किया गया है।
बिहार विजन काॅन्क्लेव 2047 के अवसर पर हजारों की संख्या में उपस्थित बिहारवासियों को संबोधित करते हुए विकास वैभव ने कहा कि कार्यक्रम में बिहार के तमाम ऐसे बुद्धिजीवी तथा उद्यमी व्यक्ति सम्मिलित हुए, जो अपने-अपने क्षेत्र में महारथ हासिल किए हुए हैं । बिहार 2047 तक विकसित राज्य बने, इसके लिए आवश्यकता होगी कि जाति, संप्रदाय, लिंगभेद आदि लघुवादों से परे उठकर सभी शिक्षा, समता और उद्यमिता के विकास हेतु योगदान करें।
उन्होंने कहा कि बिहार में 30 वर्ष से कम आयु के 9 करोड़ युवा हैं, जिन्हें अगले 2 दशकों में बिहार में ही उत्कृष्ट शिक्षा तथा उचित रोजगार की आवश्यकता होगी। इसके लिए उद्यमिता की क्रांति आवश्यक है। विकास वैभव ने इस अभियान के माध्यम से बिहार के हर जिले में अगले 5 वर्षों में युवाओं द्वारा ऐसे 5 सफल स्टार्टअप के विकास का लक्ष्य दिया, जिनमें 100 से अधिक व्यक्तियों को रोजगार मिले। ऐसे स्टार्टअप से ही अन्य लोग भी प्रेरित होंगे तथा एक चेन बनेगा, जो बिहार में उद्यमिता की क्रांति का प्रारंभ करेगा।
उन्होंने कहा कि बिहार के उत्कृष्ट इतिहास की चर्चा अपने स्वत्व को जानने हेतु आवश्यक है। प्रत्येक बिहारवासी तथा अन्य राज्यों एवं विदेशों में रह रहे बिहारवासी से बिहार के लिए योगदान व प्रयास का आह्वान किया गया है। अपने गाँव आदि में अपना कुछ योगदान देने पर तथा शिक्षा, प्रशिक्षण, कार्य अनुभव आदि बिहार में साझा करने जोर दिया गया। Job seeker से Job Creator बनने के दृष्टिकोण में परिवर्तन के लिए लोगों को प्रेरित किया गया।
IPS अधिकारी विकास वैभव ने कहा कि बिहार का प्रमुख लक्ष्य उद्यमिता का विकास होना चाहिए, जिससे बिहार में नए स्टार्टअप के माध्यम से रोजगार का सृजन हो सके। सभी उद्यमियों से बिहार में उद्यम लगाने का भी आग्रह किया गया। इस दौरान कई उद्यमियों ने भी बिहार में अपना उद्यम लगाने का आश्वासन दिया।
इस मौके पर आलोक रंजन ने अभियान का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और कहा कि पिछले ढाई वर्षों से बिहार में प्रदेश के प्रबुद्धजनों की आंशिक सहभागिता एवं विकास वैभव जैसे लोकप्रिय आईपीएस के आह्वान पर नव बिहार के लिए संकल्पित एक सामाजिक अभियान चल रहा है। इसका उद्देश्य शिक्षा, समता एवं उद्यमिता के क्षेत्र में सामूहिक परिवर्तन लाना है। इस दौरान प्रतिभागियों ने बिहार को नई ऊँचाई पर ले जाने के लिए हरसंभव प्रयास की भी बात कही।
पैनल में बिहार IT/सॉफ्टवेयर तथा मैनुफैक्चरिंग हब कैसे बने, फार्मेसी, शिक्षा तथा कॉस्मेटिक क्षेत्र में संभावनाएँ, युवाओं का स्किल डेवलपमेंट तथा रोजगार सृजन, एमएसएमई, उद्यमिता के लिए इनक्यूबेशन सेंटर की आवश्यकता जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। इसके अलावा कृषकों के लिए योजनाएँ, SIDBI-NABARD, बैंकिंग संस्थानों द्वारा निवेशकों के लिए उचित वातावरण का निर्माण, उत्तर बिहार में बाढ़ नियंत्रण, ग्रामीण शिक्षा का विकास और पर्यटन के विकास पर भी गंभीर चिंतन की गई।
मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिंद्रा विवादों में हैं। विवेक बिंद्रा मार्केटिंग और बिजनेस सिखाने का काम करते हैं, अपन वीडियो के जरिए लोगों को मोटीवेट करते हैं और अक्सर विवादों में भी रहते हैं। इसी तरह उनका एक नया मोटिवेशनल स्पीकर संदीप माहेश्वरी के साथ भी विवाद चल रहा है। उन पर अपनी पत्नी को पीटने का भी मामला दर्ज है। ऊपर से आरक्षण को लेकर दिए गए उनके बयान के बाद उनके खिलाफ खूब हो-हंगामा मचाया जा रहा है। मीम-भीम वाले कह रहे हैं कि उन्होंने दलितों के खिलाफ बयान दिया है।
आइए, पहले जानते हैं कि विवेक बिंद्रा ने कहा क्या था। लगभग 1 वर्ष पहले उन्होंने ‘द लल्लनटॉप’ को एक इंटरव्यू दिया था और उस वीडियो में उन्होंने आरक्षण व जाति व्यवस्था पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि राजनीतिक लोगों ने दलित-महादलित का विभाजन कर दिया है और वो कहते हैं कि इसका वोट बैंक हमारा है, उसका वोट बैंक हमारा है। उन्होंने कहा था कि नेता महादलित की एक अलग कैटेगरी बना देते हैं, फिर कहते हैं कि वो ही महादलितों के नायक है, वही उनका उद्धार करेंगे।
गुण एवं कर्म के आधार पर समाज का विभाजन: विवेक बिंद्रा
विवेक बिंद्रा का कहना था कि आप महादलितों के अधिकार के लिए लड़िए, लेकिन उन्हें सक्षम बनाने पर काम कीजिए। उन्होंने जो सक्षम बनता जा रहा है उसे आगे बढ़ाने की बात करते हुए इसे मेरिट करार दिया था। उन्होंने कहा था कि सब कुछ फ्री में देकर किसी को बदहाल नहीं बनाना है, बल्कि उसे खुशहाल करना है। बकौल विवेक बिंद्रा, सभी को हिस्सेदारी नहीं मिले बल्कि उसे मिले जो सक्षम है भले ही वो किसी भी जाति, धर्म, तबके या वित्तीय समूह से आता हो।
विवेक बिंद्रा ने ये भी कहा था कि कई बार लोग भगवद्गीता में हिंदूवाद या जातिवाद सिखाया गया है, लोग अज्ञानतावश ऐसी बातें करते हैं। उन्होंने इसका जवाब देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने चतुर्वर्ण को स्वयं से उत्पन्न हुई व्यवस्था बताते हुए कहा था कि गुण-धर्म के हिसाब से इसका विभाजन होता है। उन्होंने समझाया था कि जन्म के हिसाब से विभाजन श्रीकृष्ण ने नहीं दिया, आज के नेताओं ने जन्म के आधार पर विभाजन किया – तुम ब्राह्मण के बेटे हो तो ब्राह्मण, तुम शूद्र के बेटे हो तो शूद्र।
विवेक बिंद्रा ने कहा था, “गुण का मतलब हुआ साइकोलॉजी और कर्म मतलब फिजियोलॉजी। साइको-फिजिकल नेचर के हिसाब से डिसाइड किया जाएगा कि कौन क्या करेगा। क्या जज का बेटा बिना पढ़ाई किए जज बन जाता है? वकील का बेटा वकील बन जाता है? उसे जज का गुण-कर्म चाहिए, उसे वकील का गुण-कर्म चाहिए। क्षमता और रुचि के हिसाब से आगे बढ़ना चाहिए, इसे ही मेरिटोक्रेसी कहते हैं। समाज तभी सही बनेगा जब आप काबिल को आगे बढ़ाओगे, सबको नहीं।”
उन्होंने आगे समझाया था कि जो काबिल बन जाएगा वो खुद सबको आगे बढ़ाएगा। मोटिवेशनल स्पीकर ने कहा था कि हर एक को ब्राह्मण नहीं बनाना है। इसके बाद उन्होंने ब्राह्मण का अर्थ ‘इंटेलेक्चुअल क्लास ऑफ सोसाइटी’, क्षत्रिय मतलब ‘एडमिनिस्ट्रेटिव क्लास’, वैश्य मतलब ‘मर्चेंट क्लास’ और शूद्र मतलब ‘असिस्टिंग क्लास’ बताया था। उन्होंने कहा था कि ये लोग माइंस वन हैं, जो कभी नंबर वन नहीं हो सकते, उन्हें लीडर मत बनाइए। उन्होंने कहा था कि ‘शूद्र’ निर्णय नहीं ले सकते, लेकिन निर्णय को लागू बहुत अच्छे से करवा सकते हैं।
विवेक बिंद्रा ने SC-ST समाज के खिलाफ कुछ नहीं कहा
विवेक बिंद्रा के बारे में लोगों की अलग-अलग राय हो सकती है, उनकी बातें लोगों को बेवकूफाना लग सकती हैं। लेकिन, यहाँ उन्होंने जो बातें की हैं उसमें उन्होंने किसी जाति विशेष को निशाना नहीं बनाया है। उन्होंने अनुसूचित जाति या जनजाति के संबंध में कोई बुरी बात नहीं कही है। उन्होंने यहाँ जाति नहीं बल्कि क्लास की बात की है। क्लास, अर्थात गुण-कर्म के हिसाब से विभाजित किए गए वर्ग जिनके बारे में उन्होंने समझाया भी कि जज का बेटा बिना पढ़ाई किए जज नहीं बन सकता।
उनके उदाहरण को और समझने की कोशिश करते हैं। उनका मतलब था कि जो लोग अपने विचारों एवं बुद्धिमत्ता से समाज को प्रभावित करने की शक्ति रखते हैं वही ब्राह्मण हैं। पूर्व में वेद लिखने वाले ब्राह्मण थे, अब अख़बारों में संपादकीय लिखने वाले ब्राह्मण हो सकते हैं। जो विद्वान हैं और बुद्धिजीवी हैं, वो ब्राह्मण हैं। ये जाति नहीं, वर्ग है, क्लास है। जो लोग किताबें लिख रहे हैं और किताबों को पढ़ कर लोग प्रभावित हो रहे हैं, तो वो लेखक भी ब्राह्मण हो गए।
इसी तरह, सत्ताधीशों को उन्होंने ‘क्षत्रिय’ कहा। उनका अर्थ था कि जैसे पहले राजा ‘क्षत्रिय’ कहलाता था, अब मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक ‘क्षत्रिय’ हो गए। जिनका शासन चल रहा है, वो क्षत्रिय। इसी तरह उन्होंने व्यापारियों को ‘वैश्य’ कहा। जो कारोबार करते हैं, वो वैश्य। इसका तात्पर्य भी जाति नहीं बल्कि उस समूह से है। ‘शूद्र’ वर्ग में उन्होंने उन्हें रखा जो काम में मदद करते हैं। किसान को खेती में मदद करने वाला ‘शूद्र’ हुआ। उनका मतलब ऐसे वर्ग से था जो पढ़ा-लिखा नहीं है।
ध्यान दीजिए, विवेक बिंद्रा ने ऐसा बिलकुल नहीं कहा कि शूद्र का बेटा शूद्र ही होगा। जबकि जाति व्यवस्था में तो ब्राह्मण का बेटा ब्राह्मण और निषाद का बेटा निषाद होता है। जाति प्रमाण-पत्र भी इसी हिसाब से बनते हैं। सरकार भी इसी हिसाब से सुविधाएँ देती हैं। जबकि विवेक बिंद्रा ने विभिन्न वर्गों की बात की है। उन्होंने ये नहीं कहा कि अनुसूचित जातियों या जनजातियों के लोगों को आगे मत बढ़ाओ, उनका मतलब था कि जो पढ़ा-लिखा नहीं है और जिसे समझ नहीं है वो सत्ता नहीं चला सकता, उसका बेटा पढ़-लिख लेगा तो वो फिर सत्ता चला सकता है।
विवेक बिंद्रा बेवकूफ हो सकते हैं लेकिन दलित विरोधी नहीं। क्योंकि, एक तरह से वो खुद एक कारोबारी हैं और उन्हें एक बड़े दर्शक वर्ग का समर्थन चाहिए होता है यूट्यूब पर। वो कभी नहीं चाहेंगे कि SC-ST समाज को वो भला-बुरा कहें, जिससे दर्शकों का एक बड़ा वर्ग उनसे दूर हो जाए। उलटा उन्होंने ‘राजा का बेटा राजा’ वाले सिद्धांत के खिलाफ बात की है। यही तो पटना के ‘सुपर 30’ कोचिंग संस्थान के संस्थापक आनंद कुमार की बायोपिक में हृतिक रोशन का डायलॉग है।
इस पर तो खूब तालियाँ बजी थीं। वामपंथी विचारक भी अक्सर खुद को दलितों का ठेकेदार बनाने के लिए ‘राजा का बेटा राजा नहीं बनेगा’ वाले भाषण देते हैं। विवेक बिंद्रा ने भी तो यही कहा – बिना पढ़े जज का बेटा जज नहीं बनेगा। ‘क्लास’ के वर्गीकरण की मानें तो जज के कोर्ट का गार्ड ‘शूद्र’ है, स्पष्ट है उसे जज की कुर्सी पर नहीं बिठाया जा सकता। हाँ, उसका बेटा ज़रूर पढ़-लिख कर जज बन सकता है। यही तो विवेक बिंद्रा की थ्योरी थी।
पत्नी को पीटने और संदीप माहेश्वरी से विवाद को लेकर चर्चा में
हमने विवेक बिंद्रा के उस बयान का अर्थ समझाने की कोशिश की है तो इसका मतलब ये बिलकुल नहीं है कि वो जो भी करें उनका किसी को समर्थन करना चाहिए। वो कई कारणों से आजकल विवादों में हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी दूसरी पत्नी को कमरे में बंद कर के इतना पीटा कि उसके कान के पर्दे फट गए। सह ही गाली-गलौज किया, मोबाइल फोन छीन लिया। पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। नोएडा सेक्टर-16 थाने में इस मामले में FIR दर्ज हुई है।
पीड़िता ने अपने हाथ-पाँव में पड़े नीला निशान को दिखाते हुए बताया है कि उसकी कितनी बेरहमी से पिटाई की गई है। बाएँ हाथ में कट का निशान है। सिर के पिछले हिस्से में 30-40 चाँटे मारे जाने की बात उन्होंने बताई है। यानिका से विवेक बिंद्रा की शादी 6 दिसंबर, 2023 को ही हुई थी। इसके 2 दिन बाद ही ये सब हो गया। ‘बड़ा बिजनेस’ के CEO विवेक बिंद्रा के यूट्यूब चैनल पर 2 करोड़ से भी अधिक सब्सक्राइबर्स हैं।
पहली पत्नी गीतिका सबरवाल के साथ भी विवेक बिंद्रा का अदालत में विवाद चल रहा है। फरवरी 2023 में मोरबी के टाइल्स को घटिया बताने को लेकर कंपनी ने उनकी आलोचना की थी, जिसके बाद उन्हें वीडियो हटाना पड़ा था। संदीप माहेश्वरी के साथ भी उनका वीडियो के जरिए आरोप-प्रत्यारोप चला था। एक वीडियो में सिखों के 10वें गुरु गोविन्द सिंह का कार्टून दिखाने के मामले में भी विवाद हुआ था। सिखों के विरोध के बाद उन्हें वो वीडियो हटाना पड़ा था।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गीता जयंती पर भगवान कृष्ण और असम के बीच संबंध पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा- “हम भगवान कृष्ण को हमारे दामाद मानते हैं, ये लंबा संबंध रहा है क्योंकि भगवान ने असम की बेटी रुक्मिणी से शादी की थी, इसलिए कृष्ण के साथ हमारा जो संबंध है वो दामाद का है।”
शनिवार (23 दिसंबर,2023) को वो हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पुरुषोत्तमपुरा बाग, ब्रह्म सरोवर के अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 2023 में शिरकत करने पहुँचे थे। आज यहाँ असम की सांस्कृतिक प्रस्तुति का दिन है।
उन्होंने आगे कहा कि गुजरात के माधेपुर में भी जब कृष्ण रुक्मिणी की शादी को हर साल मनाया जाता है तो वह असम से वहाँ जाते हैं। उन्होंने कहा जहाँ भी भगवान कृष्ण की चर्चा होती है वहाँ हमारी उपस्थिति एक प्रकार से अनिवार्य हो जाती है।
सीएम हिमंता सरमा ने आगे कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अधर्म पर धर्म का शासन बने। ये हालात देश में बन रहे हैं। मेरा मानना है कि गीता महोत्सव में जो वाणी हर साल निकलती है उससे हमारी भारत की सभ्यता की बुनियाद और मजबूत होगी और हम इसे और आगे लेकर जाएँगे।”
उन्होंने आगे कहा कि मोदी जी ने अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस शुरू किया। इस तरह हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर जी ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव शुरू किया। योग और गीता एक ही है। जब कोई इन दोनों को साथ करता है तो संपूर्ण मानव बनता है।
भारत के संविधान गीता से प्रेरित देश सेक्युलर है
सीएम हिमंत सरमा ने कहा कि कभी-कभी ब्रिटिश लोग सोचते हैं कि वो भारत को बना कर गए हैं। हमारे भी कई लोगों के मन में कॉन्सेप्ट है कि 1947 में भारत का जन्म हुआ था, लेकिन हम सबको मालूम है कि जो 1947 वाली बात है ये एक राजनीतिक एकता की बात थी।
उन्होंने आगे कहा, “राजनीतिक भारत के पहले सांस्कृतिक भारत पाँच हजार साल पहले से है, इसलिए हम ये मानकर चलते हैं कि भारत महज एक देश नहीं है। भारत एक सभ्यता का देश है। उन्होंने कहा, “मैं संविधान को मानता हूँ क्योंकि भारत के संविधान का मूलाधार भगवत् गीता और वेद से प्रेरित है।”
उन्होंने आगे कहा कि अगर भारत का संविधान सभा में हिंदू लोग नहीं होते तो संविधान का स्वरूप जो आज है वो वैसा नहीं होता। हिंदू मानते हैं वसुधैव कुटुम्बकम, हिंदू मानते हैं सर्व धर्म समभाव इसलिए आज भारत का संविधान सेक्युलर है धर्मनिरपेक्ष है।
देश की संस्कृति कृष्ण की संस्कृति है
उन्होंने आगे कहा, “हमारी जो भारत की संस्कृति है वो एक तरह से कृष्ण की संस्कृति है। जैसे कृष्ण ने गीता का वाणी दिया। देश को संदेश दिया, मानव जाति को संदेश दिया। ये संदेश आज भी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आज भी हमारे लिए मूलभूत है।”
सीएम सरमा बोले भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में कर्मयोग के बारे में बताया, ज्ञान के और भक्ति मार्ग के बारे में बताया। इस आधुनिक युग में जहाँ हम पहुँचे इस युग में भी अगर हमें शांति चाहिए और हमें सच में अपना विकास चाहिए तो हमें निष्काम कर्म के बारे में सीखना और जानना चाहिए।
देश सेवा केवल तनख्वाह के लिए हो तो…
उन्होंने आगे कहा, भगवान कृष्ण ने गीता में ये भी उपदेश दिया है कि जिस काम में भक्ति नहीं है वो काम कभी भी सतकाम नहीं हो सकता है। अगर हम शिक्षा लेते हैं और उसमें भक्ति नहीं होती है, अगर हम देश की सेवा करते और वो बगैर भक्ति के केवल तनख्वाह के लिए करते हैं तो वो सेवा कभी सफल नहीं होती है।
इस दौरान उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के उपदेश को समाप्त करने से पहले अर्जुन का बताया था कि आपको मैं जो काम करने के लिए उत्साहित कर रहा हूँ मैं सब पहले ही कर चुका हूँ आप खाली एक निमित्त है। हम यहाँ मौजूद है इसमें भी परमात्मा की इच्छा है। हर काम उसकी इच्छा से होता है हम केवल उसके प्रतिनिधि हैं।
18 हजार बच्चों ने गीता पाठ किया
बता दें कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में 18 हजार बच्चों ने गीता पाठ किया। बच्चों ने एक साथ अष्टादश श्लोक गीता का भी पाठ किया। इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि बच्चों में संस्कार तभी आएँगे, जब बच्चे गीता के हर श्लोक अपने भीतर आत्मसात कर लेंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों के गीता के संस्कार दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “श्रीमद्भगवत गीता’ की छोटी प्रति हम अपनी जेब में रख लें तो इसका भी हमारे जीवन में बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। मैं भी अपनी जेब में ‘गीता’ की प्रति साथ रखता हूँ।”