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‘हिन्दू समाज की भावनाएँ आहत हुईं’: अमेरिका में मंदिर पर खालिस्तानी हमले के बाद भारत ने जताई कड़ी आपत्ति, कहा – तुरंत कीजिए कार्रवाई

अमेरिका में कैलिफोर्निया के नेवार्क के स्वामीनारायण मंदिर की दीवारों पर भारत विरोधी नारे लिखे जाने की सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास (कांसुलेट) ने निंदा की है। कांसुलेट ने शनिवार (23 दिसंबर 2023) को कहा कि इस घटना से हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची है।

सैन फ्रांसिस्को के कांसुलेट जनरल ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “हम कैलिफोर्निया के नेवार्क में एसएमवीएस श्री स्वामीनारायण मंदिर को भारत विरोधी नारों और भित्ति चित्रों (Graffiti) से बिगाड़ने की कड़ी निंदा करते हैं। इस घटना से भारतीय समुदाय की भावनाएँ आहत हुई हैं। हमने इस मामले में अमेरिकी अधिकारियों से जल्द से जल्द जाँच करने और तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई के लिए कहा है।”

पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध खालिस्तानी समर्थकों ने कथित तौर पर कैलिफोर्निया के नेवॉर्क स्वामीनारायण मंदिर की दीवारों को चित्रों और नारों से पोत कर उसका स्वरूप बिगाड़ दिया था। मंदिर की दिवार पर अंग्रेजी में ‘शहीद भिंडरावाला’ और ‘मोदी टेररिस्ट’ लिखा गया था। यहीं नहीं, मंदिर के बोर्ड पर भी काली स्याही से खालिस्तान लिखा गया था।

स्वामीनारायण मंदिर के प्रवक्ता अभिषेक रावल के मुताबिक, मंदिर में तोड़फोड़ और उसका उसका रूप बिगाड़ने की ये घटना गुरुवार (21 दिसंबर 2023) रात हुई थी। इसका पता शुक्रवार (22 दिसंबर 2023) को चला।मंदिर प्रशासन इसे देखकर सकते में आ गया। दरअसल, मंदिर के पास रहने वाले एक हिंदू ने सबसे पहले मंदिर के इमारत की बाहरी दीवार पर काली स्याही से हिंदू और भारत विरोधी नारे लिखे देखे थे।

नेवॉर्क पुलिस मंदिर को निशाना बनाने की इस घटना की जाँच कर रही है। पुलिस मंदिर के पड़ोस के घरों में लगे सर्विलांस कैमरों के फुटेज की भी जाँच कर रही है। इस मसले को लेकर नेवॉर्क शहर के पुलिस कप्तान जोनाथन अर्गुएलो का कहना है कि ग्रैफिटी को देखते हुए लगता है कि ये जानबूझ कर लक्षित निशाना बनाया गया है। नेवॉर्क पुलिस इसकी गहनता से जाँच की जा रही है।

उन्होंने आगे कहा, “नेवॉर्क पुलिस और समुदाय का सदस्य होने के नाते में इस तरह की वारदात से हम बेहद दुखी हैं। हम सोचते हैं कि वे बेअक्ल हैं। हमें ये कतई स्वीकार नहीं है। हम यहाँ नेवॉर्क में उन्हें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। मैं आज ये पक्का कर रहा हूँ कि हम इन हालात को कितनी संजीदगी से ले रहे हैं और हम इस मसले की पूरी तरह से संवेदनशीलता और बेहद सावधानी से जाँच करेंगे।”

ये घटना ऐसे वक्त में हुई है जब अमेरिका ने खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने का आरोप भारत लगाया है। इसके तहत उसने चेक गणराज्य से निखिल गुप्ता नाम के एक भारतीय नागरिक को भी गिरफ्तार किया है। अभी दो दिन पहले ही पीएम मोदी ने एक मीडिया समूह को दिए इंटरव्यू में खालिस्तान को लेकर चिंता जाहिर की थी।

बिहार में पुलिस ने छात्रों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, वीडियो में दिखा कैसे बरसाई लाठियाँ: उधर नीतीश कुमार को PM चेहरा प्रोजेक्ट करने में जुटी जदयू

बिहार के आरा में छात्रों पर पुलिस ने जम कर लाठियाँ बरसाई हैं। बिहार से अक्सर शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, भाजपा नेताओं और सरकारी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को पुलिस द्वारा पीटे जाने के वीडियो सामने आते रहते हैं। अब आरा में छात्र इसके पीड़ित बने हैं। मामला वीर कुँवर सिंह यूनिवर्सिटी (VKSU) का है, जहाँ शनिवार (23 दिसंबर, 2023) को सीनेट की बैठक हो रही थी। इस दौरान बाहर जुटे छात्रों ने जम कर विरोध प्रदर्शन किया। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पुलिस को बुला लिया।

ये छात्र बैठक का विरोध कर रहे थे। पुलिस उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटने लगी। बिहार के राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर भी सीनेट की इस बैठक में शामिल होने के लिए आरा पहुँचे थे। इस दौरान छात्र संगठन के कुछ नेताओं ने विश्वविद्यालय के भीतर जाने की ज़िद की। कई छात्रों को इस पुलिसिया लाठीचार्ज में गंभीर चोटें आई हैं। छात्रों को वहाँ से भगाया जाने लगा और फिर अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। वीडियो में बंदूकधारी पुलिसकर्मियों को लाठी से छात्रों को पीटते हुए देखा जा सकता है।

विरोध करने वालों में ‘अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP)’ के कई छात्र नेता भी शामिल थे। उनका कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन छात्रों की आवाज़ दबा रहा है, उन पर अत्याचार कर रहा है, जो बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की माँगों के आगे झुकना पड़ेगा। वहीं वीडियो सामने आने के बाद आरा के पुलिस अधीक्षक कह रहे हैं कि लाठीचार्ज की कोई घटना नहीं हुई है, सिर्फ छात्रों को समझाया गया।

एसपी ने कहा कि वहाँ जुटे छात्रों से कहा गया कि वो अपना आवेदन दे दें, लेकिन छात्र यूनिवर्सिटी के दरवाजे पर चढ़ने लगे। उनका कहना है कि छात्रों को वहाँ से निकालने के क्रम में ही उन्हें चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि महिला एवं पुरुष दोनों बलों को वहाँ तैनात किया गया था। पुलिस आगे की कार्रवाई की बात कह रही है। उधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी मोदी विरोधी गठबंधन में व्यस्त है। उन्हें बतौर पीएम उम्मीदवार प्रोजेक्ट किया जा रहा है। जदयू विधायक गोपाल मंडल ने I.N.D.I. गठबंधन से पूछा है कि आखिर नीतीश कुमार प्रधानमंत्री क्यों नहीं बन सकते?

मुस्लिम लड़की ने किया भगवान शिव का अपमान तो हिंदू इंजीनियर ने पलट कर दे दिया था जवाब, अब साढ़े 5 साल बाद सऊदी की जेल से निकले

भारतीय इंजीनियर विष्णु देव राधाकृष्णन को आखिरकार सऊदी के जेल से साढ़े पाँच साल बाद रिहाई मिल गई है। उन्हें ईशनिंदा के आरोप में सऊदी अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई थी। विष्णु के पिता ने मंगलवार (19 दिसंबर,2023) को सोशल मीडिया पर बेटे की रिहाई जानकारी शेयर की है।

पेशे से इंजीनियर विष्णु पहले ऐसे भारतीय हैं जिन पर सऊदी अरब के सख्त ईशनिंदा कानूनों के तहत मुकदमा चलाया गया। उन्हें ‘सोशल मीडिया का दुरुपयोग’ करने और खाड़ी देश की धार्मिक और राष्ट्रीय भावनाओं को ठेस पहुँचाने (पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणी के लिए) लिए 10 साल जेल की सजा सुनाई गई थी।

बेटे की रिहाई से पिता राधाकृष्णन नायर.वी को राहत

हालाँकि अब उनकी रिहाई से उनके पिता राधाकृष्णन नायर.वी ने राहत की साँस ली है। उन्हें अपने एक्स हैंडल से ट्वीट किया,“आखिरकार नौफ मारवाई और वकील समर सुफ़ियानी की मदद से मेरा बेटा बच गया। मैं सऊदी की इन महिलाओं और सऊदी सरकार के अधिकारियों का आभारी हूँ। ये सब मेरे दोस्त की मदद के बिना संभव नहीं हो पाता।”

उन्होंने आगे कहा, “यह सब प्रिंस ऑफ हस्तिनापुर की कोशिशों की वजह से हुआ, उन्होंने मुझे नौफ़ अलमरवाई से मिलवाया और उनके जरिए ही वकील के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए।”

हालाँकि, एक अन्य ट्वीट में पीड़ित के पिता ने दावा किया कि सऊदी जेल अधिकारियों ने विष्णु देव राधाकृष्णन के साथ कभी भी दुर्व्यवहार नहीं किया और उन्होंने उनकी शीघ्र रिहाई में मदद ही की।

मुस्लिम लड़की से दोस्ती के बाद पहुँचे इंजीनियर विष्णु जेल

विष्णु देव राधाकृष्णन केरल के अलाप्पुझा के रहने वाले हैं। वह सऊदी अरामको की सहायक कंपनी, नासिर एस अल-हाजरी कॉर्पोरेशन में एक इंजीनियर थे।

साल 2018 में उन्हें खाड़ी देशों में रहते हुए छह साल हो गए थे। इसी दौरान विष्णु देव ने माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर पर 2018 में लंदन की रहने वाली एक मुस्लिम लड़की से दोस्ती की। दोनों की ट्विटर पर बातचीत शुरू हुई तो मुस्लिम लड़की ने एक दिन भगवान शिव के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी।

यह बात विष्णु देव से बर्दाश्त नहीं हुई और उन्होंने भी इस्लाम को लेकर, पैगंबर मुहम्मद को लेकर कुछ लिख दिया। उन्होंने पूछा कि अगर अल्लाह दयालु था तो यमन में स्कूलों पर बमबारी क्यों की गई। दरअसल, यमन में ये बमबारी सऊदी शासन के इशारे पर की गई थी। इसकी वजह से विष्णु सऊदी सरकार के निशाने पर आ गए।

विष्णु देव के पिता ने उस दौर को याद करते हुए बताया, “ट्वीट अरामको के सर्वर से हुए। विष्णु ने मुझे बताया कि अरामको के अधिकारियों ने उस मुस्लिम लड़की के साथ उसकी बातचीत के स्क्रीनशॉट ले लिए होंगे और पुलिस को दे दिए होंगे।”

गिरफ्तारी से लगभग 15 दिन पहले विष्णु से अरामको के सुरक्षा अधिकारियों ने हिरासत में ले उनसे पूछताछ की थी। कंपनी के अधिकारियों ने उनसे कहा था कि उन्हें वापस भारत भेज दिया जाएगा, लेकिन विष्णु देव को भारतीय दूतावास से संपर्क कराने की बजाय पुलिस के हवाले कर दिया गया।

भारतीय होने से बच पाए विष्णु

उन्हें 7 जून, 2018 को सऊदी अरब की पुलिस ने ‘सोशल मीडिया का दुरुपयोग’ करने और खाड़ी देश की धार्मिक और राष्ट्रीय भावनाओं को ठेस पहुँचाने (पैगंबर मुहम्मद पर की टिप्पणी के लिए) के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसी साल 13 सितंबर को खोबार जेल में विष्णु देव को ईशनिंदा के आरोप में 5 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। इसके साथ ही 1,50,000 रियाल (₹29.12 लाख) का जुर्माना लगाया गया। इसके बाद 24 जनवरी, 2019 को उनकी सजा को बढ़ाकर 10 साल करने के साथ उन पर अतिरिक्त जुर्माने भी लगाया गया।

विष्णु के पिता राधाकृष्णन के मुताबिक, कुछ भारतीय मुस्लिमों ने विष्णु देव के ट्वीट के स्क्रीनशॉट ले लिए और सऊदी अधिकारियों से उनकी शिकायत की थी। उन्होंने आगे बताया कि हैरानी वाली बात ये है कि उसी जेल में बंद केरल के कैदियों ने उनके बेटे विष्णु के धर्मांतरण की कोशिशें की थी। उन्हें इस्लाम में अपनाने के लिए भी कहा था। इस केस को लेकर एक मलयाली सामाजिक संगठन नवयुगम का कहना है कि विष्णु देव भाग्यशाली थे कि वे अपनी भारतीय राष्ट्रीयता की वजह से सऊदी अरब की सिर काटने और अन्य तरह की सख्त सजाओं से बच पाए।

पॉर्नहब के मालिकों ने सेक्स ट्रैफिकिंग से कमाए पैसे, अब भरना पड़ेगा ₹18 करोड़ जुर्माना: धोखे से बनाए गए कई महिलाओं के अश्लील वीडियो, साइट पर डाल दिया

पोर्नहब (PornHub) की मूल कंपनी आइलो (Aylo) सेक्स ट्रैफिकिंग से मुनाफा कमाने के आरोपों का सामना कर रही है। इसे सुलझाने के लिए कंपनी अमेरिकी सरकार को 1.8 मिलियन डॉलर यानी 15 करोड़ रुपए का भुगतान करने पर सहमत हो गई है। इसके अलावा, यौन तस्करी की शिकार पीड़िताओं को क्षतिपूर्ति देगी। इसके बदले उसे तीन साल निगरानी में रहना होगा और फिर उसके खिलाफ चल रहा ये मामला वापस ले लिया जाएगा।

आइलो पर आरोप है कि पॉर्नहब के मालिकों ने एक ऐसी प्रोडक्शन कंपनी से पैसे लिए, जो उसके शूट किए गए वीडियो को सेक्स ट्रैफिकिंग का हथियार बना रहा था। गर्ल्स डू पोर्न (जीडीपी) नाम की प्रोडक्शन कंपनी ने उन महिलाओं के भी वीडियो बनाए थे, जिन्हें सेक्स ऐक्ट के लिए मजबूर किया गया था। आइलो ने इन आरोपों को स्वीकार कर लिया है।

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि आयलो ने उन रिपोर्टों पर आँखें मूंद लीं, जिनमें कहा गया था कि साइट पर दिखाई देने वाले वीडियो में महिलाओं को धोखा देकर और जबरदस्ती कर वीडियो बनाए गए थे। यह आरोप पॉर्नहब पर पॉर्न वीडियो की होस्टिंग करने और प्रोडक्शन कंपनी से पैसे लेने से जुड़ा है। आयलो ने कहा कि उसे इस सामग्री को होस्ट करने का ‘गहरा अफसोस’ है।

सीएनएन ने बताया कि प्रोडक्शन कंपनी ने साल 2017 से साल 2019 तक खुद के द्वारा शूट किए गए पॉर्न वीडियो को स्ट्रीम करने के लिए वेबसाइट को भुगतान किया, जिसके बारे में आयलो को पता था कि इसमें उन महिलाओं के वीडियो भी शामिल थे, जिन्होंने इसे सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर होस्ट करने की अपनी सहमति नहीं दी थी।

इस मामले में आयलो से शिकायत की गई तो कंपनी ने वीडियो हटाना शुरू कर दिया। हालाँकि, ये वीडियो फिर से पॉर्नहब पर पोस्ट कर दिए गए और पूरी दुनिया में उपलब्ध रहे। अब आयलो ने कहा कि ऐसा कभी न हो, इसके लिए वो जरूरी सावधानियाँ बरेगी। हालाँकि, अभी कनाडाई कंपनी आयलो को 1.8 मिलियन डॉलर का जुर्माना देना होगा।

संयुक्त राज्य अमेरिका के अटॉर्नी ब्रॉन पीस ने कहा कि इस समझौते के मुताबिक, अब आयलो को हर हाल में पीड़ितों को भी मुआवजा देना होगा। समझौते के मुताबिक, आयलो को तीन साल तक निगरानी का भी सामना करना पड़ेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर कंपनी समझौते का पूरी तरह से पालन करती है तो उसके खिलाफ आरोप हटा दिए जाएँगे।

बता दें कि आयलो कंपनी को निजी इक्विटी फर्म एथिकल कैपिटल पार्टनर्स चलाते हैं, जिन्होंने पॉर्नहब की मूल कंपनी माइंडगीक को ही खरीद लिया था। इस कंपनी के खिलाफ कुछ साल पहले 40 पीड़िताओं ने आरोप लगाया था कि पॉर्नहब की पैरेंट कंपनी माइंडगीक को 2009 से ही ‘गर्ल्स डू पॉर्न’ की गैरकानूनी कामों की जानकारी थी।

साल 2016 आते-आते कई पीड़िताओं ने आगे आकर गलत तरीकों से सहमति हासिल करने या धोखे से अश्लील वीडियो शूट करने के आरोप लगाए थे। अब इन सभी मामलों का निपटारा हो गया है। दरअसल, अमेरिकी सरकार ने आयलो पर किसी भी तरह के यौन तस्करी कानून का उल्लंघन करने का आरोप नहीं लगाया, लेकिन कहा कि कंपनी को पता होना चाहिए था कि वह एक ऐसे समूह के साथ व्यापार कर रही थी, जो यौन तस्करी में शामिल था।

दिल्ली में दारू के बाद अब दवा घोटाला! सरकारी अस्पतालों की दवाएँ निकलीं नकली तो LG ने दिए CBI जाँच के आदेश, समन के बावजूद विपश्यना में व्यस्त CM केजरीवाल

शराब घोटाले में दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और राज्यसभा सांसद संजय सिंह जेल की हवा खा रहे हैं। मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर AAP (आम आदमी पार्टी) के एक अन्य पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन पहले से जेल में हैं। खुद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ED का समन मिला है, लेकिन वो पूछताछ के लिए उपलब्ध होने में असमर्थता जता कर विपश्यना के लिए निकल गए हैं। अब दिल्ली सरकार एक और घोटाले में फँसी है। उप-राज्यपाल VK सक्सेना ने दवा घोटाले में CBI जाँच के आदेश दिए हैं।

आरोप है कि सरकारी अस्पतालों में दवा खरीद के मामले में नियमों की अनदेखी की गई और घोटाला हुआ। दिल्ली के अस्पतालों के लिए खरीदी गई दवाओं में बड़ी गड़बड़ी हुई है। न सिर्फ खरीद में लापरवाही बरती गई, बल्कि सरकारी एवं प्राइवेट लैब में जब इनकी टेस्टिंग की गई तो उसमें भी ये फेल साबित हुए। सतर्कता विभाग ने इस संबंध में LG के पास रिपोर्ट भेजी थी, जिसके बाद सीबीआई जाँच का आदेश दिया गया। ये दवाएँ तय मापदंडों पर खड़ी नहीं उतरीं।

उप-राज्यपाल विजय कुमार सक्सेना ने मुख्य सचिव नरेश कुमार को भी पत्र लिख कर जाँच करने के लिए कहा है। 2024 में लोकसभा चुनाव भी होने हैं, ऐसे में उससे पहले लगातार घोटालों का सामने आना केजरीवाल सरकार के लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। उधर 19 जनवरी तक मनीष सिसोदिया और 10 जनवरी तक संजय सिंह की हिरासत की अवधि अदालत ने बढ़ा दी है। यानी, दोनों नेताओं का नया साल सलाखों के पीछे ही मनेगा।

LG ने ये भी आदेश दिया है कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों से नकली दवाएँ हटाई जाएँ। भाजपा नेता हरीश खुराना ने AAP सरकार पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। कितने मरीजों पर बुरा असर पड़ा और कब से ये सब चल रहा था, इसका जवाब उन्होंने सरकार से माँगा है। पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने याद दिलाया कि कैसे मोहल्ला क्लिनिक में भी बच्चों को दी गई दवाएँ जानलेवा साबित हुई थीं। वहीं RP सिंह ने कहा कि जल बोर्ड से लेकर DTC बसों तक, हर जगह दिल्ली में घोटाले हो रहे हैं।

सेना ने मार गिराया तो साथी का शव घसीटते हुए सीमा पार भागे आतंकी: कश्मीर में घुसपैठ नाकाम, राजौरी में 5 जवानों के बलिदान के बाद हवाई निगरानी और तलाशी

जम्मू कश्मीर में एक बार फिर से आतंकियों की कायराना करतूत सामने आई है। जहाँ राजौरी में भारतीय सेना की गाड़ियों पर घात लगा कर हमला किया गया, वहीं अखनूर में घुसपैठ की कोशिश की गई। भारत के सुरक्षा बलों ने अखनूर में घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। गोलीबारी में एक घुसपैठिया मारा गया। उसके 3 साथी आतंकी उसके शव को लेकर जाते हुए कैमरे में कैद हो गए। 4 आतंकियों की संदिग्ध गतिविधियों को देखते ही जवानों ने गोलीबारी की। कुछ खबरों में 2 आतंकियों के मारे जाने की बात भी कही जा रही है।

निगरानी उपकरणों के जरिए इस घुसपैठ का पता चला था। 3 आतंकी उसके शव को घसीटते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार ले जाते हुए देखे गए। राजौरी में भारतीय सेना और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ अब भी जारी है। क्षेत्र में अब भी तनाव बना हुआ है। राजौरी और पुँछ में इंटरनेट व मोबाइल सेवाएँ भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। चारों तरफ से घेराबंदी है, हवाई निगरानी चल रही है। राजौरी के मंडी थाना क्षेत्र में आतंकियों के छिपे होने की गुप्त सूचना मिली थी।

गुरुवार (21 दिसंबर, 2023) को सुरनकोट थाना स्थित डेरा की गली-बफ्लियाज मार्ग से भारतीय सेना के 2 वाहन गुजर रहे थे। रात के करीब पौने 4 बजे उन्हें आतंकियों ने निशाना बनाया। इस हमले में हमारी सेना के 5 जवान बलिदान हो गए हैं। उसके बाद से ही डेरा की रोड को बंद रखा गया है। पहाड़ों की तरफ से न सिर्फ जवानों को निशाना बनाया गया, बल्कि उनके शवों को भी क्षत-विक्षत कर दिया गया और उनके हथियार भी लूट लिए गए।

वहीं अखनूर में घुसपैठ को नाकाम किए जाने की जानकारी व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने दी है। अखनूर से राजौरी की दूरी 66 लगभग किलोमीटर है। ‘पीपल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट’ (PAFF) ने राजौरी में हुए हमलों की जिम्मेदारी ली है। BSF के एक इंटेलिजेंस भी से खुलासा हुआ है कि 250-300 आतंकियों को भारत में घुसपैठ के लिए तैयार रखा गया है। इससे पहले 22 नवंबर को भी 34 घंटे चली मुठभेड़ में 5 जवान बलिदान हो गए थे। 17 नवंबर को राजौरी और कुलगाम में हुए एनकाउंटर में 5 आतंकियों को मार गिराने में सफलता मिली थी।

प्यारे, जानेमन, भाई से लेकर… अब आपको EXPOSE करेंगे तक: दो बड़े मोटिवेशनल स्पीकरों के बीच छिड़ी जुबानी जंग, जानें क्या है वजह

मोटिवेशनल स्पीकर संदीप माहेश्वरी और विवेक बिंद्रा के बीच छिड़ा विवाद सोशल मीडिया की सुर्खियों में हैं। दोनों में तनातनी तब शुरू हुई जब माहेश्वरी ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो में बिंद्रा का नाम लिए बिना कहा कि आजकल बिजनेस सिखाने के नाम पर स्कैम हो रहा है। इसके बाद उन्होंने कई कम्युनिटी पोस्ट डाले और फिर विवेक बिंद्रा ने भी जवाब में वीडियो जारी करके माहेश्वरी पर कई आरोप लगाए।

कहाँ से हुई विवाद की शुरुआत…

16 दिसंबर 2023 को संदीप माहेश्वरी ने अपने यूट्यूब चैनल पर ‘Stop SCAM Business’ टाइटल से एक वीडियो डाली थी। इस वीडियो में कुछ बच्चों ने ऑनलाइन प्रोग्राम के जरिए उनसे ठगे गए पैसों के बारे में बताया था जिसके बाद उन्होंने अपनी ऑडियंस को समझाया था कि आजकल जो चीजें लोग किताबों और यूट्यूब या फिर सस्ते दामों में सीख सकते हैं उसके लिए उनसे पैसे लिए जा रहे हैं। उन्होंने अपनी बिंद्रा का नाम लिए बिना पूरे सेशन को वीडियो में दिखाया था।

उन्होंने अपनी ऑडियंस को समझाया था कि आजकल जो प्रोग्राम ऑनलाइन हो रहे हैं ये दूर से दिखने में शॉर्ट कट लगते हैं लेकिन हकीकत में ये दलदल में ले जा रहे हैं। इनका समय एक समय बाद खत्म हो जाएगा और जो लोग ये सब करवा रहे हैं वो स्कैम कर रहे हैं। धीरे-धीरे गूगल, फेसबुक सब इस बात को समझ रहे हैं।

इसके कुछ दिन बाद दिन बाद विवेक बिंद्रा ने अपने कम्युनिटी पर एक पोस्ट डाली और संदीप को भाई लिखते हुए उनके साथ इस संबंध में बात करने की इच्छा जाहिर की।

हालाँकि संदीप ने कम्युनिटी में पोस्ट करके बताया कि कैसे बिंद्रा उनके घर-ऑफिस लोगों को भेज रहे हैं, उन्हें कानूनी कार्रवाई की धमकी दे रहे हैं। उनसे वीडियो डिलीट करने को बोला जा रहा है। पोस्ट में संदीप ने लिखा कि वह डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा अब आपको खुलकर एक्स

इस पोस्ट के बाद बिंद्रा भी अपनी वीडियो लाए। करीबन आधे घंटे तक संदीप माहेश्वरी का नाम ले लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वो कोई स्कैम नहीं कर रहे हैं। इसके उलट उन्होंने संदीप माहेश्वरी पर इल्जाम लगाए कि कैसे उन्होंने शपथ ली थी कि वो अपने सेशन के लिए कभी पैसे चार्ज नहीं करेंगे। लेकिन, हकीकत में वो दूसरी आईडी से पैसे चार्ज करते हैं। दूसरों के यहाँ जाकर बोलने के लिए वो 36 लाख माँगते हैं और अपने यहाँ सेशन देने के वो 9 लाख रुपए लेते हैं। बिंद्रा ने यह भी कहा कि केवल एक वीडियो में संदीप की सारी बात नहीं खोलेंगे। जैसे जैसे उनसे सवाल किए जाएँगे वैसे वैसे वो उनको जवाब देंगे और एक्सपोज करेंगे।

बिंद्रा ने वीडियो में कहा कि अगर कोई गलती हुई है तो वो उसकी माफी माँगने को तैयार हैं, क्योंकि गलती इंसान से होती है। लेकिन इसके लिए भी संदीप को इल्जाम लगाने से पहले पक्ष सुनना चाहिए था। बिंद्रा ने बताया कि संदीप की वीडियो के बाद उनकी साइट और ऐप्लीकेश पर साइबर अटैक हुआ है। अगर ऐसी हरकत के पीछे संदीप से जुड़ा कनेक्शन मिला तो फिर वो आगे एक्शन लेंगे और आगे खुलासा करते रहेंगे।

बिंद्रा ने संदीप माहेश्वरी के पास भेजे लोग

बता दें कि संदीप महाश्वरी ने विवेक बिंद्रा का रिएक्शन देखने के बाद अपने यूट्यूब पर कम्युनिटी डाली और फिर बताया कि उनकी वीडियो में कहीं बिंद्रा का नाम नहीं था। वो लोग किसी व्यक्ति विशेष को टारगेट नहीं कर रहे थे, बस पब्लिक वेल्फेयर में जागरूकता फैला रहे थे। उन्होंने बताया कि वीडियो के बाद बिंद्रा ने उनके ऑफिस और घर में लोगों को भेजा जो करके उन्होंने बहुत बड़ी गलती की है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि बिंद्रा कुछ बड़ी नासमझी करने की कोशिश कर रहे हैं, जो उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती होगी।

बता दें कि दोनों मोटिवेशनल स्पीकर्स के बीच अभी छिड़ी जुबानी जंग अभी शांत नहीं है। इस क्रम में लगातार वीडियो आ रही हैं। हाल में संदीप माहेश्वरी ने अपने चैनल पर एक और वीडियो डाली जिसका शीर्षक- “स्टॉप विवेक बिंद्रा था।” इसमें उन्होंने अपनी ऑडियंस से पूछा कि आखिर कौन गलत और कौन सही है। इस वीडियो में उन्होंने स्कैम में फँसे बच्चों की मदद के लिए एक लॉ फर्म हायर करने की भी बात कही। वहीं विवेक ने भी कार्रवाई की बात कही है।

कौन हैं संदीप माहेश्वरी?

सोशल मीडिया की दुनिया में मोटिवेश्नल स्पीकर के तौर पर पहचान बनाने वाले संदीप असल में भारतीय उद्यमी, फोटोग्राफर हैं। उन्होंने ही Imagesbazaar.com की शुरुआत की थी। आज वह इस कंपनी के सीईओ हैं। ये साइ भारतीय स्टॉक तस्वीरों का सबसे बड़ा संग्रह है जिसने उन्हें भारत में सबसे तेजी से बढ़ते उद्यमियों में से एक बना दिया है। संदीप अपना यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं जिसपर उनके 2 करोड़ 80 लाख फॉलोवर हैं।

जानें विवेक बिंद्रा के बारे में

ऑनलाइन बच्चों को बिजनेस स्ट्रैटेजी सिखाने वाले विवेक बिंद्रा संदीप माहेश्वरी के अलावा अपनी पत्नी से मारपीट करने के कारण भी खबरों में हैं। पत्नी ने उनपर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया है। उनपर कुछ दिन पहले ही केस दर्ज हुआ है।

सोशल मीडिया पर विवेक बिंद्रा बहुत जाना-माना नाम हैं। हर प्लेटफॉर्म पर उनकी वीडियो देखने को मिलती हैं। प्रोफेशनली उन्हें एक इंटरनेशनल मोटिवेशनल स्पीकर कहा जा रहा है। वह बड़ी बिजनेस प्राइवेट लिमिटेज के फाउंडर भी हैं। आजकल की जनरेशन को वो बिजनेस चलाने के टिप्स देते हैं। हाल में उन्होंने 10 डे MBA कोर्स भी शुरू किया है। इसके अलावा तमाम कोर्स उनके प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। उनके यूट्यूब पर 2 करोड़ सब्सक्राइबर्स जुड़े हैं।

‘मैं कालापानी की सजा काटकर आया हूँ, पत्रकारिता करते रहूँगा’: समर्थकों के सामने मनीष कश्यप ने भरी हुँकार, खुली जीप पर निकला काफिला

तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों के साथ कथित जुल्म पर वीडियो बनाने वाले बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप शनिवार (23 दिसंबर 2023) को पटना के बेऊर जेल से बाहर आ गए। जेल से बाहर आते ही समर्थकों ने उन्हें माला पहनाई और उन्हें कंधे पर उठा लिया। इसके बाद ओपन जीप में उनका काफिला निकला।

रिहाई के दौरान बेउर जेल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इसके बाद भी उनके समर्थकों का एक बड़ा समूह उनकी अगवानी के लिए पहुँचा था। इस दौरान कश्यप ने कहा, “मैं जेल में कालापानी की सजा काटकर आया हूँ। आगे भी पत्रकारिता करते रहूँगा। अगर मैं डरा तो ये समझेंगे कि हमने एक पत्रकार को डरा दिया।”

बताते चलें कि यूट्यूबर मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी कुमार तिवारी को सभी मामलों में जमानत मिल गई है। दो दिन पहले 20 दिसंबर 2023 को अंतिम मामले में उन्हें जमानत मिल गई थी। इसके बाद मनीष कश्यप को जेल से रिहाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।

मनीष कश्यप के दोस्त ने मणि द्विवेदी ने कहा था कि मनीष के ऊपर तमिलनाडु में दर्ज सारे मामलों में पहले ही जमानत मिल चुकी है। अब पटना के सिविल कोर्ट से भी सभी मामलों में जमानत मिल चुकी है। मणि ने कहा कि बेतिया कोर्ट से भी उन्हें बेल मिल चुका था। एक मामला पटना हाईकोर्ट में लंबित था, उसमें भी 20 दिसंबर 2023 जमानत मिल गई।

बता दें कि मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी कुमार तिवारी पर मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने उनकी खोजबीन शुरू कर दी थी। इस दौरान उनके घर की कुर्की-जब्ती भी की गई थी। कुर्की-जब्ती की कार्रवाई के दौरान ही उन्होंने 18 मार्च 2023 को सरेंडर कर दिया था। इसके बाद उन्हें तमिलनाडु पुलिस अपने साथ लेकर चली गई। फिलहाल कश्यप बिहार की जेल में बंद हैं।

दरअसल, मनीष कश्यप ने तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों के साथ मारपीट का कथित फर्जी वीडियो शेयर किया था। इस मामले में बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मनीष कश्यप के खिलाफ FIR दर्ज किया था। मनीष कश्यप के खिलाफ पटना आर्थिक अपराध इकाई ने 4 केस दर्ज किए हैं। इसमें 3 बिहारी मजदूरों की तमिलनाडु में पिटाई के फर्जी वीडियो मामले में है।

वहीं, तमिलनाडु पुलिस ने कुल 13 केस दर्ज किए हैं। इनमें 6 मामले में मनीष कश्यप नामजद आरोपी हैं। इसको लेकर तमिलनाडु पुलिस ने 6 अप्रैल 2023 को यूट्यूबर कश्यप पर NSA लगाया था। इसको लेकर सोशल मीडिया पर काफी विरोध हुआ था और लोगों ने इसे राजनीतिक दमन बताया था। बाद में कोर्ट ने NSA से हटा दिया था।

प्रभास की फिल्म ने जितना 1 दिन में कमाया, शाहरुख़ खान की फिल्म 2 दिन में उसका आधा भी नहीं बटोर पाई: ओपनिंग डे पर ‘सालार’ से ‘डंकी’ ने हारी बॉक्स ऑफिस की जंग

इस साल क्रिसमस के मौके पर भारतीय बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त टक्कर देखने को मिल रही है। जहाँ गुरुवार (21 दिसंबर, 2023) को शाहरुख़ खान की ‘डंकी’ ने दस्तक दी, वहीं अगले ही दिन शुक्रवार को प्रभास की तेलगू फिल्म ‘सालार’ रिलीज हुई। ओपनिंग डे कलेक्शन के मामले में ‘सालार’ ने ‘डंकी’ को पछाड़ दिया है। शाहरुख़ खान, विक्की कौशल, बोमन ईरानी और तापसी पन्नू जैसे सितारों से सजी ‘डंकी’ ने पहले दिन घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 29.2 करोड़ रुपए की कमाई की।

वहीं दूसरे दिन फिल्म का कलेक्शन गिर गया और ये 20.5 करोड़ रुपए पर आ गई। इस तरह 2 दिन में फिल्म का नेट कलेक्शन 50 करोड़ रुपए के आसपास रहा। वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की बात करें तो ‘डंकी’ ने 2 दिनों में 82 करोड़ रुपए का कारोबार किया है। फिल्म का बजट 120 करोड़ रुपए है, ऐसे में इसे हिट कहलाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। निर्देशक राजकुमार हिरानी के फैंस भी इस बार निराश नज़र आ रहे हैं, क्योंकि ‘डंकी’ उम्मीदों के अनुरूप नहीं रही।

इससे पहले ‘मुन्नाभाई’ सीरीज के अलावा ‘3 इडियट्स’ और ‘संजू’ जैसी फिल्मों के लिए राजकुमार हिरानी की खूब तारीफ हुई थी और इन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर भी झंडे गाड़े थे। अब बात करते हैं ‘सालार’ की, जिसने पहले ही दिन इतिहास रच दिया है। ‘बाहुबली’ सीरीज के बाद पहली बार फैंस प्रभास को अपने मनपसंद अवतार में देख रहे हैं। इससे पहले ‘साहो’, ‘राधे श्याम’ और ‘आदिपुरुष’ जैसी फ़िल्में अच्छी ओपनिंग लेने के बावजूद समीक्षकों और दर्शकों द्वारा नकार दी गई थीं।

‘सालार’ आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में SS राजामौली निर्देशित ‘RRR’ के बाद सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। ‘KGF’ फेम प्रशांत नील द्वारा निर्देशित इस फिल्म ने सिर्फ भारत में पहले दिन 95 करोड़ रुपए का नेट कारोबार कर लिया, जो ‘डंकी’ से 3 गुना से भी ज़्यादा है। वहीं दुनिया भर में इसकी कमाई लगभग 175 करोड़ रुपए रही है। एडवांस बुकिंग के मामले में दूसरे दिन भी फिल्म बहुत बड़े कलेक्शन की तरफ बढ़ती हुई दिख रही है। फिल्म में पृथ्वीराज सुकुमारन, जगपति बाबू और श्रुति हासन भी हैं।

मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिंद्रा ने नई नवेली बीवी को इतना मारा कि नहीं सुनाई दे रहा कान से, शरीर पर अनगिनत घाव: घरेलू हिंसा का केस

मशहूर मोटिवेशनल स्पीकर और ‘बड़ा बिजनेस’ के सीईओ विवेक बिंद्रा के खिलाफ नोएडा में घरेलू हिंसा का केस दर्ज किया गया है। उन पर शादी के एक दिन बाद ही पत्नी यानिका के साथ मारपीट करने का आरोप हैं। बिंद्रा पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी की इतनी बुरी तरह पीटा का उनके शरीर पर घाव हो गए हैं और कान से सुनाई नहीं दे रहा है। बिंद्रा और यानिका की शादी 6 दिसंबर 2023 को हुई थी।

घटना के 8 दिन बाद 14 दिसंबर 2023 को यानिका के भाई वैभव क्वात्रा ने विवेक बिंद्रा के खिलाफ नोएडा के सेक्टर-126 थाने में एफआईआर दर्ज कराई। बिंद्रा पर IPC की धारा 323 (जानबूझकर से चोट पहुँचाना), 504 (जानबूझकर अपमान करना), 427 (नुकसान पहुँचाना) और 325 (स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुँचाना) लगाई गई है। विवेक बिंद्रा का पत्नी से नोकझोंक का वीडियो भी सामने आया है।

FIR के मुताबिक, यानिका के भाई वैभव क्वात्रा गाजियाबाद के चंदर नगर के रहने वाले हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी बहन यानिका की शादी 6 दिसंबर,2023 को नोएडा के सेक्टर-94 की सुपरनोवा वेस्ट रेजीडेंसी में रहने वाले विवेक बिंद्रा के साथ ललित मानगर होटल में हुई थी।

वैभव के मुताबिक, यानिका से शादी के एक दिन बाद ही यानी 7 दिसंबर को सुबह करीब 2.30 से 3.00 बजे के बीच विवेक की किसी बात को लेकर अपनी माँ प्रभा से बहस हो रही थी। इसी बीच यानिका ने बीच-बचाव की कोशिश की तो विवेक उनकी बहन यानिका पर भड़क उठे और उनके साथ मारपीट की।

वैभव ने अपनी शिकायत में बताया, “विवेक मेरी बहन यानिका को घसीट कर कमरे में ले गए और कमरा बंद कर उनके साथ गाली-गलौज की और खूब मारपीट की। इसकी वजह से उसके पूरे शरीर पर घाव है, कान से सुनाई भी नहीं दे रहा है। बाल भी खूब नोंचे। सिर के घाव की वजह से बहन को चक्कर भी आ रहा है। उन्होंने बहन का मोबाइल भी तोड़ दिया।”

वैभव का कहना है यानिका ने किसी तरह उनकी बहन को सूचना दी और फिर अपनी बहन के साथ यानिका के घर पहुँचे। यानिका को उसके ससुराल से लाकर उन्होंने 8 दिसंबर 2023 को दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल कैलाश दीपक में भर्ती कराया। इस घटना के कारण उनकी बहन शारीरिक और मानसिक तौर से इस कदर आहत हुई कि वो किसी से बात करने के हालत में भी नहीं है।

बताते चलें कि इस घटना से पहले विवेक बिंद्रा का पहले से ही मशहूर YouTuber संदीप माहेश्वरी के साथ विवाद चल रहा है। माहेश्वरी ने बिंद्रा पर आरोप लगाया है कि उनके द्वारा प्रोमोट किया जा रहा उद्यमिता कोर्स एक घोटाला है। विवेक बिंद्रा ने कहा है कि माहेश्वरी को आरोपों को सार्वजनिक करने से पहले उनसे बात करनी चाहिए थी।

बताते चलें कि विवेक बिंद्रा के यूट्यूब पर 2.14 करोड़ सब्सक्राइबर हैं। वहीं, इंस्टाग्राम पर उनके 3.9 मिलियन (39 लाख) और X (पूर्व में ट्विटर) पर 3.73 लाख फॉलोअर हैं। यही नहीं, बिंद्रा के नाम पर 12 वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज हैं। इसके अलावा, 9 बार गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी वो अपना नाम दर्ज करा चुका है। इसके साथ उन्होंने 10 मोटिवेशनल किताबें भी लिखी हैं।

वहीं, विवेक बिंद्रा का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें विवेक बिंद्रा वर्ण व्यवस्था का जिक्र करते हुए ‘शूद्र’ को सत्ता दूर रखने की बात कर रहे हैं। इस वीडियो में उन्होंने कहा है कि ‘शूद्र’ समाज के सहायक वर्ग है। वे मदद तो अच्छी कर सकते हैं, लेकिन नेता नहीं बन सकते। उन्होंने दावा किया कि अगर ‘शूद्रों’ को नेता बनाया गया तो देश ध्वस्त हो जाएगा।