Home Blog Page 1337

करणी सेना अध्यक्ष ने कॉन्ग्रेस पर किया था आखिरी ट्वीट: बिश्नोई-बराड़ के गैंगस्टर ने ली हत्या की जिम्मेदारी, कहा – हमारे दुश्मन चौखट पर अर्थी तैयार रखें

राजस्थान की राजधानी जयपुर में मंगलवार (5 दिसंबर, 2023) को करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या कर दी गई। CCTV वीडियो में देखा जा सकता है कि उनके घर में बातचीत करने आए हमलावरों ने अचानक उन पर गोली चलानी शुरू कर दी। 2017 में गैंगस्टर आनंदपाल सिंह की हत्या के बाद उसके शव के साथ प्रदर्शन में वो सक्रिय रहे थे। साथ ही ‘पद्मावत’ फिल्म को लेकर निर्देशक संजय लीला भंसाली के खिलाफ उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया था।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने खुद को इस हत्याकांड से स्तब्ध बताते हुए कहा कि उन्होंने पुलिस कमिश्नर से मामले की जानकारी ली और आरोपितों की जल्द गिरफ़्तारी के लिए कहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भाजपा सरकार शपथ लेते ही कानून-व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करेगी। साथ ही उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने भी आरोपितों की गिरफ़्तारी के लिए पुलिस-प्रशासन से माँग की है।

बाड़मेर के शिव से निर्दलीय विधायक रवींद्र सिंह भाटी ने भी कहा है कि इस घटना की जितनी निंदा की जाए कम है, दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी पर 20 सेकेण्ड में ताबड़तोड़ 17 राउंड गोलियाँ दागी गईं। इस दौरान उनके गार्ड ने जवाबी गोलीबारी की, जिसमें हमलावरों में से एक नवीन सिंह शेखावत की मौत हो गई। दोपहर 1:05 में 3 व्यक्ति उनके दफ्तर में पहुँचे और 10 मिनट तक बातचीत की। जब वो जमीन से लुढ़क गए तो उनके पास जाकर सिर में गोली मारी गई।

हमले के दौरान सुखदेव सिंह गोगामेड़ी कागनमैन भी कमरे में ही मौजूद था। रहित गोदारा ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा है, “सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हमारे दुश्मनों से मिल कर उनका सहयोग करता था। उन्हें पूर्ण रूप से मजबूत करने का काम करता था। हमने ही उसकी हत्या करवाई है। रही बात हमारे दुश्मनों की तो वो अपने घर की चौखट पर अर्थी तैयार रखें। जल्द ही उनसे भी मुलाकात होगी।” हालाँकि, इस पोस्ट की पुष्टि नहीं हुई है। ‘रोहित गोदारा कपूरीसर’ नामक फेसबुक पेज से ये पोस्ट आया।

उसने खुद को लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग का बताया है। रोहित गोदारा बीकानेर के एक ज्वेलर से 5 करोड़ रुपए की रंगदारी भी माँग चुका है। जून 2023 में उसने धमकी दी थी कि पैसे नहीं मिले तो वो उन्हें मरवा देगा, बीकानेर में उसके 2000 लोग हैं। करणी सेना के नेता सूरजपाल सिंह ‘अम्मू’ ने कहा कि हमारे बार-बार सुरक्षा माँगने के बावजूद नहीं दी गई। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी जून 2013 में राजस्थान में विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। उन्होंने चूरू स्थित भादरा से बसपा से चुनाव लड़ा था और तीसरे स्थान पर रहे थे।

उनका असली नाम सुखदेव सिंह शेखावत था, उन्होंने अपने गाँव का नाम ‘गोगामेड़ी’ अपने नाम में लगा लिया था। उनके पिता का नाम अंचल सिंह था। सुखदेव 50 साल के थे। भरवाना स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय से उन्होंने पढ़ाई की थी। स्कूल के दिनों में वो अच्छे धावक हुआ करते थे। अगस्त 2023 में उन्होंने 2100 फ़ीट का तिरंगा झंडा भादरा में लहराया था। वो कॉन्ग्रेस पार्टी से विधानसभा चुनाव भी लड़ना चाहते थे।

राजस्थान में 3 दिसंबर को हुई मतगणना के बाद उन्होंने शाम 6:07 में अपना अंतिम ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने लिखा था, “राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 हुए हैं, इसमें कॉन्ग्रेस की गलत टिकट वितरण और करणी सेना की अनदेखी करने के कारण शर्मनाक हार हुई है। हमारे विधानसभा भादरा में कुल 3669 में रह गई। पाँचवें नंबर पर रही है। आला कमान को ध्यान देना चाहिए।” उनकी हत्या के बाद हमलावर एक महिला की स्कूटी छीन कर भाग निकले।

हिंदुस्तानी के प्यार में अब 21 साल की जावरिया खान ने की सीमा पार, कोलकाता के समीर से करेंगी निकाह: 2 बार कैंसल होने के बाद मिला वीजा

पाकिस्तान की एक लड़की भारतीय युवक से निकाह करने सीमा पार कर के मंगलवार (5 दिसंबर 2023) को अमृतसर पहुँची। 21 वर्षीया इस लड़की का नाम जावरिया खान है जो भारतीय युवक से निकाह करने भारत आई है। भारत सरकार ने जावरिया को 2 बार वीजा देने से मना किया था लेकिन तीसरी बार में 45 दिनों का वीजा मंजूर हो गया। दोनों का निकाह आगामी 6 जनवरी 2024 को कोलकाता में होगा। समीर और जावरिया दोनों अपने रिश्तों को लेकर बेहद खुश हैं। दोनों ने भारत सरकार को धन्यवाद भी दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जावरिया खान मूल रूप से पाकिस्तान के कराची की रहने वाली हैं। उनके अब्बा का नाम अजमत इस्माइल खान है। अजमत की रिश्तेदारी कोलकाता में समीर खान के परिवार में है। आज के लगभग साढ़े 5 साल पहले समीर की माँ उसे अपने पाकिस्तानी रिश्तेदारों की तस्वीरें मोबाइल में दिखा रहीं थी। इसी दौरान एक तस्वीर जावरिया खान की भी फोटो सामने आई। समीर का कहना है कि उसे जावरिया को देखते ही पहली नजर में प्यार हो गया। साथ ही उसने जिद पकड़ ली कि वो निकाह सिर्फ जावरिया खान से ही करेगा।

समीर ने अपने परिवार वालों से मिन्नतें शुरू की तो उन्होंने पाकिस्तान अजमत इस्माइल से बात की। जावरिया ने भी समीर से निकाह के लिए हामी भर दी। आखिरकार साल 2018 में जावरिया और समीर की सगाई हो गई। इस सगाई के लिए जावरिया को वीजा मिला था। थोड़े समय बीत जाने के बाद जावरिया ने अपने निकाह के लिए भारत का वीजा एप्लाई किया। लेकिन इन साढ़े 5 वर्षों में उनका वीजा 2 बार किसी न किसी वजह से निरस्त होता रहा। इस बीच पंजाब के कादियां में रहने वाले एक सामाजिक कार्यकर्ता मकबूल अहमद को जावरिया और समीर के रिश्ते के बारे में पता चला।

बताया जा रहा है कि मकबूल मियाँ ने जावरिया को वीजा दिलाने के लिए काफी प्रयास किए। आखिरकार तीसरी कोशिश में जावरिया का वीजा मंजूर हो गया और वो भारत पहुँच गईं। समीर और जावरिया का निकाह आगामी 6 जनवरी को होगा। ANI से हुई बातचीत में जावरिया खान और उनके होने वाली शौहर समीर ने भारत और पाकिस्तान की सरकारों से अपील की है कि प्रेमी और विवाहित जोड़ों के लिए वीजा नियमों में बदलाव करें। जावरिया ने यह भी बताया कि उनके रिश्ते से पाकिस्तान में भी उनके परिवार वाले काफी खुश हैं।

समीर और जावरिया ने भारत सरकार को वीजा देने के लिए शुक्रिया भी कहा है। निकाह के बाद जावरिया भारत सरकार से लॉन्ग टर्म वीजा देने की माँग के लिए भी आवेदन करेंगी।

सोफे पर बैठे थे करणी सेना अध्यक्ष, घर में घुस 3 लोगों ने गोलियों से भूना: साल भर से माँग रहे थे सुरक्षा, कॉन्ग्रेस की गहलोत सरकार ने नहीं दी

राजस्थान में विधानसभा के चुनाव परिणाम जारी किए जाने के 2 दिन बाद ही एक बड़ी आपराधिक घटना हो गई है। ‘श्री राजपूत करणी सेना’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की घर में घुस कर हत्या कर दी गई है। बता दें कि करणी सेना देश भर में राजपूत समाज का सबसे बड़ा संगठन है। जब उनकी हत्या की गई, उस समय वो श्याम नगर क्षेत्र में स्थित अपने घर में थे। हमलावर घर के अंदर उनसे बातचीत कर रहे थे और बात करते-करते ही गोली मार दी। उनकी हत्या की खबर फैलते हुए समर्थक बड़ी संख्या में जुटने लगे। सोशल मीडिया पर पोस्ट्स शेयर हो रहे हैं।

जयपुर में माहौल ख़राब न हो इसके लिए पुलिस-प्रशासन तगड़े बंदोबस्त में जुट गया है। गैंगस्टर आनंदपाल सिंह की हत्या के दौरान उनका नाम खासा चर्चा में आया था, जब जून 2017 में उसके शव के साथ खूब प्रदर्शन किया गया था और अगले ही वर्ष हुए चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सरकार चली गई थी। साँवराद गाँव में शव के साथ हुए आंदोलन की भी इसमें भूमिका थी। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के हत्यारे स्कॉर्पियो कार पर सवार होकर आए थे और नीले रंग की J14KY-4843 नंबर वाली स्कूटी से फरार हो गए। उनकी संख्या 3 थी। घटना मंगलवार (5 दिसंबर, 2023) को पौने 2 बजे हुई।

उन्हें आनन-फानन में नजदीकी मेट्रो मास हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। श्याम नगर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। घटना एक पॉश इलाके में हुई है। हमलावरों ने सुखदेव सिंह गोगामेड़ी पर 2 राउंड गोलीबारी की थी। लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने उन्हें धमकी दी थी। कार्यकर्ताओं के आरोप है कि माँगने के बावजूद उन्हें पुलिस सुरक्षा नहीं दी गई। उन्होंने 2013 में करणी सेना ज्वाइन की थी। वो हिन्दू समाज के मुद्दों को भी अक्सर उठाया करते थे।

2017 में हनुमानगढ़ की रहने वाली एक महिला ने उन पर बलात्कार का आरोप भी लगाया था, हालाँकि ये आरोप बाद में झूठा साबित हुआ था। 2017 में जब वो आरक्षण के खिलाफ आयोजित एक सभा में शामिल होने शाहजहाँपुर जा रहे थे तब उनकी गाड़ी पलट गई थी जिसमें उनका पाँव फ्रैक्चर हो गया था। अब रोहित गोदारा नामक शख्स ने उनकी हत्या की जिम्मेदारी है। हमलावरों ने पहले 10 मिनट उनसे बातचीत की, फिर उनकी हत्या कर दी।

हमलावरों में से एक नवीन सिंह की भी मौत हो गई है। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कैसे उन्हें गोली मार कर हमलावर भाग खड़े हुए, एक ने वापस लौट कर चेक भी किया कि वो मरे या नहीं। हमलावरों ने उनके साथ चाय भी पी थी। फिल्म ‘पद्मावत’ के खिलाफ भी उन्होंने निर्देशक संजय लीला भंसाली का विरोध किया था। संगठन के राष्ट्रीय संयोजक मामड़ोली ने कहा कि हत्यारों को तुरंत नहीं पकड़ा गया तो बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके पीछे किसी गिरोह का हाथ है। बताया जा रहा है कि गोल्डी बराड़ ने भी उनकी हत्या की जिम्मेदारी ली है।

उम्र 3 महीने और नाम BAP… जानिए BJP की जीत के बीच 4 MLA वाली पार्टी की इतनी चर्चा क्यों

राजस्थान में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की। 200 सदस्यीय विधानसभा में अब जहाँ भाजपा के 115 विधायक होंगे, वहीं अब तक सत्ता में रही कॉन्ग्रेस 69 पर सिमट गई है। इसी तरह मध्य प्रदेश में भाजपा ने 163 सीटें जीत कर कॉन्ग्रेस को मात्र 66 पर समेट दिया। वहीं इस बीच एक तीसरी पार्टी BAP (भारत आदिवासी पार्टी) की भी सफलता के चर्चे हैं। BAP ने राजस्थान के चुनाव में 3 सीटें और मध्य प्रदेश में 1 सीट अपने नाम कर ली हैं।

इस पार्टी ने धरियावद, असपुर और चौरासी विधानसभा सीटें अपने नाम की हैं। इतनी सीटें बसपा या फिर RLD को भी नहीं मिली हैं जो वहाँ पहले से जमी-जमाई पार्टियाँ हैं। इस दल का गठन विधानसभा चुनाव से 3 महीने पहले ही हुआ था। दिल्ली और पंजाब में जिस AAP की सत्ता है, उसके पूरा जोर लगाए जाने के बावजूद उसका एक भी उम्मीदवार राजस्थान में नहीं जीता लेकिन BAP ने 3 सीटें अपने नाम कर लीं। हालाँकि, ऐसे दलों का उभरना भाजपा और कॉन्ग्रेस के लिए नुकसानदेह ही है, क्योंकि जनजातीय समाज के बीच आगे जाकर ये पैठ बना सकते हैं।

BAP ‘भारतीय ट्राइबल पार्टी (BTP)’ से निकली है। कुछ जनजातीय समाज के नेताओं ने BPP को तोड़ कर BAP का गठन किया। BTP भी ज़्यादा पुरानी पार्टी नहीं हैं, इसका गठन 6 वर्ष पूर्व ही हुआ था। राजस्थान-मध्य प्रदेश के जनजातीय समाज के प्रभाव वाले इलाकों में इन्होंने छाप छोड़ी और कॉन्ग्रेस-भाजपा को कड़ी टक्कर दी। इन दोनों राज्यों के अलावा गुजरात और महाराष्ट्र के भी कई कार्यकर्ता BAP में शामिल हुए हैं। पार्टी ने 27 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे।

राजस्थान के डूंगरपुर स्थित चौरासी विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजकुमार रोत और वहीं के सागवाड़ा के विधायक रहे रामप्रसाद डिंडोर ने मिल कर इस पार्टी को शुरू किया था। रोत ने दावा किया कि BTP को कॉन्ग्रेस-भाजपा ने हाईजैक कर लिया था, इसीलिए उन्हें अलग होना पड़ा। BAP जनजातीय समाज को शिक्षा-स्वास्थ्य जैसी सुविधाएँ देने के अलावा प्रदूषण से लड़ने और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए भी आवाज़ उठाने का दावा करती है।

BAP खुद को पर्यावरण फ्रेंडली पार्टी बताती है। वो कहती है कि उसका लक्ष्य है जल, जंगल, जमीन, जनजातीय समाज और प्रकृति के लिए काम करना। BAP ने 12 राज्यों की 250 सीटों पर अपनी उपस्थिति बना ली है। 32 वर्षीय राजकुमार रोत युवा हैं और 2018 राजस्थान विधानसभा चुनाव में चुने जाने वाले सबसे युवा विधायक थे। इस बार उन्होंने 66,166 वोटों से बड़ी जीत दर्ज की है। वहीं रतलाम के सैलाना सीट से कमलेश्वर डोडियार ने जीत दर्ज की है।

उन्होंने कर्ज लेकर चुनाव लड़ा था। वो राजनीति में आने के लिए 2 बार सरकार नौकरी छोड़ चुके हैं। उन्होंने कोटा में मजदूरी तक की। चंदा लेकर चुनाव लड़ा। वो अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को प्रेरणा मानते हैं। उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय से पढ़े कमलेश्वर डोडियार के जीवन में ऐसे हालात भी आए जब उन्हें माँग कर भोजन करना पड़ा। वो पेशे से वकील हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) से LLB भी कर रहे हैं। उन्होंने कॉन्ग्रेस के हर्ष विजय गहलोत को हराया है। उन पर बलात्कार का मामला भी है, जिसके लिए वो जेल जा चुके हैं।

हालाँकि, उनका कहना है कि ये कॉन्ग्रेस विधायक से जुड़े लोगों की साजिश थी जिसके तहत लड़की से उनकी सगाई तय हुई और फिर तोड़ दी गई। उन्होंने बताया कि उनकी राजनीति खत्म करने के लिए ये मामला दर्ज कराया गया था और नामांकन से 8 दिन पहले वो छूटे। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा उन्हें मंत्री बनाती है तो लोकसभा चुनाव में जनजातीय समाज के क्षेत्रों में पार्टी के लिए काम करूँगा। उन्होंने कहा कि वो भाजपा नेतृत्व से मिल कर अपनी बात रखेंगे।

‘इस्लाम कबूल कर निकाह करो, वरना रेप का इल्जाम लगाएँगे’: गाजियाबाद में युवक को धमकाया, हिंदू परिवार से कहा- इलाका छोड़ दो

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक हिन्दू महिला ने अपने मुस्लिम पड़ोसियों पर धर्मान्तरण का दबाव बनाने की शिकायत दर्ज करवाई। पीड़िता का कहना है कि मुस्लिम परिवार चाहता है कि पीड़िता का बेटा इस्लाम कबूल करे और उनकी बेटी से निकाह करे। अपनी बात मनवाने के लिए वो लोग लड़के को सड़क पर देख मारते-पीटते हैं, उस पर झूठा रेप केस लगाने की धमकी देते हैं। परिवार से भी घर में घुस मारपीट होती है। उनको कहा जाता है कि अगर निकाह नहीं करना तो अपना घर छोड़कर चले जाओ।

पुलिस ने शुक्रवार (1 दिसंबर 2012) को इस मामले में FIR दर्ज कर ली है। मामले की जाँच की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला गाजियाबाद के थानाक्षेत्र विजय नगर का है। यहाँ के प्रताप विहार इलाके में रहने वाली बबिता नाम की एक महिला ने 1 दिसंबर 2023 को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।

शिकायत में पीड़िता ने बताया है कि उसके पड़ोस में सलीम, उसका बेटा सूफ़ियान और बीवी नायजा रहते हैं। ये सभी आए दिन कहीं न कहीं पीड़िता के बेटे अमन को पकड़ कर मारते-पीटते हैं। इस दौरान अमन पर धर्म परिवर्तन कर के इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाया जाता है। अमन से कहा जाता है कि वो उनकी बेटी से निकाह करे।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में आगे बताया कि सलीम, सूफ़ियान और नायजा आए दिन उनके परिवार से कहते हैं कि वो लोग घर छोड़कर कहीं और चले जाएँ। 28 नवम्बर 2023 को सलीम, सूफियान और नायजा कुछ अन्य अज्ञात लोगों के साथ पीड़िता के घर में घुस गए। इस दौरान उन्होंने धमकी दी कि अगर पीड़िता ने अपने बेटे अमन को इस्लाम कबूल करवा कर उसका निकाह उनकी बेटी से नहीं करवाया तो पूरे परिवार को रेप के झूठे केस में फँसा दिया जाएगा। साथ ही इस्लाम न कबूलने पर घर छोड़ने के लिए भी कहा गया।

वीर अब्दुल हमीद कालोनी की रहने वाली पीड़िता ने शिकायत के अंत में सभी आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। गाजियाबाद पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 452, 323 और 506 के अलावा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/5(2) के तहत कार्रवाई की है। मामले में सूफियान, उसका अब्बा सलीम और सूफ़ियान की अम्मी नायजा को नामजद किया गया है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक मामले में जाँच और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

ऑपइंडिया ने इस मामले में पीड़िता बबिता से बात की। उन्होंने हमें बताया कि सलीम के परिवार का कहना है कि उनकी बेटी और अमन में काफी समय से बात हो रही थी। इस मामले में 18 नवंबर 2023 को स्थानीय लोगों की एक पंचायत भी हुई थी जिसमें दोनों परिवारों को अपनी-अपनी पसंद की जगहों पर रिश्ता करने की छूट दे दी गई।

इस बीच सलीम की बेटी ने पीड़िता के बेटे को फिर से कॉल कर के इस्लाम कबूलने का दबाव बनाया। अमन के मना करने पर लड़की के भाई सूफियान ने उसे एक दिन पकड़ कर पीटा भी था। बबिता का यह भी आरोप है कि वो एक मुस्लिम बहुल कॉलोनी में रहती है। जहाँ आरोपित का परिवार कॉलोनी में महज 5 साल पहले आया। सलीम खुद को मूलतः बिहार का रहने वाला बताता है।

मिलिए उस मॉडल से जो बन गई सबसे युवा MLA, अब उनकी ही पार्टी बनाने जा रही है सरकार: मिजोरम में टिकट मिलने पर बना था मजाक

मिजोरम में इस बार नई पार्टी ZPM सत्ता में आई है, जिसे 40 सदस्यीय विधानसभा में 27 सीटें मिलीं। पार्टी के अध्यक्ष लालदुहोमा, जो कभी भारत की प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा गाँधी के सिक्योरिटी इंचार्ज हुआ करते थे, वो अब मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। ‘जोरम पीपल्स मूवमेंट’ 6 क्षेत्रीय दलों को मिला कर बनी है। इसे 2019 में चुनाव आयोग ने पंजीकृत किया था। ZPM के नए विधायकों में एक नाम बेरिल वन्नेइहसांगी का भी है, जिन्होंने राजधानी आइजोल की तीसरी सीट से जीत दर्ज की है।

बेरिल वन्नेइहसांगी मिजोरम बतौर मॉडल, TV प्रेजेंटर और रेडियो जॉकी काम करती रही हैं। उन्हें जब टिकट दिया गया था तो किसी को उनकी जीत का अंदेशा नहीं था, उलटे लोगों ने उनका मजाक बनाया था। उन्हें 9370 वोट प्राप्त हुए, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार MNF के एफ लालनुनमाविया को 7956 वोटों से संतोष करना पड़ा। इस तरह बेरिल वन्नेइहसांगी ने 1414 वोटों से जीत दर्ज की। वो मिजोरम की सबसे युवा महिला विधायक बन गई हैं। उनकी उम्र फ़िलहाल 32 वर्ष है।

उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए काफी कुछ करना है, पता नहीं ये संभव हो पाएगा या नहीं। उन्होंने कहा कि हर प्रोफेशन में बदलाव लाना होगा और विकास के लिए काम करना होगा। उन्होंने दैनिक मूलभूत ज़रूरतों पर बल देते हुए कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करना है। उन्होंने अपनी जीत को समाज में महिलाओं की जीत करार दिया। उन्होंने इसे गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि महिलाओं ने उस दीवार को तोड़ा है, जिसे असंभव बताया जा रहा था।

बेरिल वन्नेइहसांगी रेडियो जॉकी भी हैं, जो पहले आइजोल नगर निगम का चुनाव जीत कर वार्ड पार्षद बनी थीं। इस बार पहली बार मिजोरम में 3 महिला विधायक चुनी गई हैं, जिनमें वो एक हैं। उन्होंने मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग के नॉर्थ ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। उन्होंने वहाँ से आर्ट्स में MA किया। उनके पिता का नाम वानरोचुआंगा है। वो अविवाहित हैं। इंस्टाग्राम पर उनके ढाई लाख से भी अधिक फॉलोवर्स हैं। एक मॉडल के रूप में वो सोशल मीडिया पर पहले से लोकप्रिय रही हैं।

बेंच पर लिखा ‘जय श्रीराम’ तो ईसाई टीचर ने छात्र का मुँह व्हाइटनर से पोता: मिशनरी स्कूल के बाहर हिन्दू संगठनों का हंगामा, मैडम बर्खास्त

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक प्राइवेट स्कूल के अंदर डेस्क पर ‘जय श्रीराम’ लिखने की वजह से छात्र को भरी क्लास में अपमानित करने का मामला सामने आया है। पीड़ित का नाम ईशांत चौहान है जिसके चेहरे पर व्हाइटनर लगा कर खड़ा कर दिया गया था। हिन्दू संगठनों ने इस घटना पर कड़ा विरोध जताया। आरोप, मनीषा मसीह (मनीषा मेसी) नाम की एक महिला टीचर पर लगा है जिन्हें अब बर्खास्त कर दिया गया है। घटना सोमवार (4 दिसंबर 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला गाजियाबाद के थानाक्षेत्र मसूरी का है। पीड़ित छात्र इशांक चौहान यहाँ के होली ट्रिनिटी चर्च स्कूल में कक्षा 7 में पढ़ता है। सोमवार को इशांक ने अपनी डेस्क पर ‘जय श्रीराम’ लिख दिया। इस बात की जानकारी जब क्लास टीचर मनीषा मसीह को हुई तो वो भड़क गईं। आरोप है कि मनीषा ने इशांक के मुँह पर व्हाइटनर पोत दिया और इसी हालत में उसे अन्य छात्रों के बीच बिठा दिया। इशांक इस हालत में लगभग 1 घंटे तक बैठा रहा।

लगभग 1 घंटे बाद छुट्टी होने पर इशांक का चेहरा थिनर से साफ़ करवाया गया। थिनर के प्रयोग से पीड़ित के चेहरे पर जलन होने लगी। इसी दिन जब इशांक अपने घर लौटा तो उसने परिजनों को सारी बात बताई। कुछ ही देर में घटना की जानकारी हिन्दू संगठनों को हो गई। वो पीड़ित छात्र के परिवार वालों के साथ स्कूल पहुँचे और अरोपिता पर एक्शन की माँग करने लगे। मामले की सूचना पुलिस को मिली तो वो भी मौके पर पहुँच गई। हंगामा बढ़ता देख कर मनीषा मसीह ने अपनी करतूत को कबूल किया और इसे गलती बताते हुए माफ़ी माँगी।

हालाँकि, हिन्दू संगठन मनीषा मसीह पर कार्रवाई की माँग को लेकर अड़े रहे। आखिरकार होली ट्रिनिटी चर्च स्कूल की मैनेजर आशा डेनियल और प्रधानाध्यपिका मधुलिका जोसफ ने 4 दिसंबर को ही एक सामूहिक आदेश जारी करते हुए मनीषा मसीह को नौकरी से निकाले जाने की जानकारी साझा की। बर्खास्तगी की वजह टीचर के खिलाफ पीड़ित के परिजनों और शहर प्रशासन द्वारा गंभीर शिकायत मिलना बताया गया है। फिलहाल इस मामले में किसी पक्ष ने पुलिस में तहरीर नहीं दी है।

ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़ित छात्र के पिता राजेश चौहान ने बताया कि उनका बेटा होली ट्रिनिटी स्कूल में 2 साल से पढ़ाई कर रहा है। इससे पहले इशांक जिस भी स्कूल में पढ़ा है वहाँ ऐसी समस्या कभी नहीं आई। इस मामले में स्कूल प्रशासन को राजेश चौहान ने शिकायत भी दी है जिसकी कॉपी हमारे पास मौजूद है। शिकायत में राजेश ने स्कूल प्रशासन से माँग भी की है कि उनके बेटे के साथ भविष्य में ऐसी कोई द्वेषपूर्ण कार्रवाई दोबारा न की जाए।

सेक्स के लिए मसाज और स्पा सेंटर जाता था जीशान-जुबैर का गैंग, ‘पुलिस वर्दी’ में करता था लूटपाट: नेपाल कनेक्शन से धराया

देश की राजधानी दिल्ली में एक ऐसा अपराधिक गैंग पकड़ा गया है, जो खुद को दिल्ली पुलिस बताते हुए किसी मसाज या स्पा सेंटर में जाते थे और फिर लूटपाट करते थे। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने 3 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जीशान उर्फ़ शानू इस पूरे गैंग का सरगना है। इसके गैंग में जुबैर, इमरान, अमीर और अमजद शामिल थे।

जानकारी के अनुसार, यह गैंग दिल्ली में चलने वाले स्पा और मसाज सेंटर, जिनमें से कई अवैध देह व्यापार में लिप्त हैं, पर दिल्ली पुलिस की वर्दी पहन कर जाते थे। इसके बाद इनके अवैध कारनामों का भंडाफोड़ करने के नाम पर लूटपाट करते थे। इस गैंग ने ऐसी कई वारदातें की थीं।

जीशान उर्फ़ शानू का पूरा गैंग यह फर्जी धंधा चलाते थे। इसके लिए यह गैंग जस्टडायल की मदद से स्पा सेंटर और कॉलगर्ल्स का नम्बर निकालता था। इसके पश्चात इनसे फ़ोन पर बात करके इनमें से एक आरोपित इन सेंटर में ग्राहक के तौर पर सेक्स के लिए जाता था। उस फर्जी ग्राहक के पीछे से दिल्ली पुलिस का फर्जी गैंग छापा मार देता था।

लूटने के लिए जीशान का गैंग फिल्मी अंदाज में काम करता था। जहाँ यह छापा मारते, वहाँ जाकर सबसे पहले स्पा कर्मचारियों और कॉलगर्ल्स के फोन जमा करवाते थे। ऐसा इसलिए ताकि किसी को बाहर यह सूचना ना मिल सके। यह गैंग यहाँ इन लोगों के साथ मारपीट भी करते थे और रुपए, पैसे लूटते हुए धमकाते भी थे।

इन आरोपितों में इमरान खुद को दिल्ली पुलिस का कॉन्स्टेबल अशोक राणा जबकि जीशान उर्फ़ शानू खुद को दिल्ली पुलिस का इंस्पेक्टर जाकिर खान बताता था। स्पा वालों को विश्वास दिलाने के लिए कि यह दिल्ली पुलिस से ही हैं, ये आरोपित दिल्ली पुलिस की फर्जी वर्दी, वॉकी-टॉकी, फर्जी आईडी कार्ड समेत अन्य पहचान वाले कागज लेकर जाते थे। जुबैर पूरे गैंग के लिए पुलिस की वर्दी का जुगाड़ करता था।

असली दिल्ली पुलिस ने इन ‘नकली दिल्ली पुलिस’ को पकड़ा

दिल्ली पुलिस को इन आरोपितों के विषय में सीमापुरी से एक फोन कॉल मिली कि उनसे कुछ लोगों ने घर में घुस कर ₹33,000 लूट लिए हैं। एक अन्य कॉलर ने इसी प्रकार ₹50,000 की लूट की जानकारी दी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने जाँच चालू की।

इनमें से एक घटनास्थल पर दिल्ली पुलिस को एक पुलिस सत्यापन प्रमाण पत्र मिला। यह प्रमाण पत्र आरोपित छापे के दौरान छोड़ गए थे। पुलिस ने जब इसका पता लगाया तो यह नेपाल के किसी व्यक्ति के नाम पर निकला। दिल्ली पुलिस ने नेपाल के इस आदमी से सम्पर्क स्थापित किया।

नेपाल में संपर्क करने के बाद इस मामले में फिर से केस दिल्ली की ओर मुड़ा। उस नेपाली शख्स ने बताया कि दिल्ली पुलिस का सत्यापन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए उसने जाफराबाद निवासी शानू को पैसे दिए थे और उससे ही यह कागज बनवाया था। इस नेपाली व्यक्ति से पुलिस को शानू का नम्बर भी मिल गया।

दिल्ली पुलिस ने इसका कॉल रिकॉर्ड निकाल कर जीशान उर्फ़ शानू को जाफराबाद से पकड़ लिया। उसकी निशानदेही पर दो अन्य आरोपित भी पकड़े गए। दिल्ली पुलिस अब इनसे पूछताछ करके और लूटपाट संबंधी घटनाओं का खुलासा करने का प्रयास कर रही है।

भिंडरावाले का खालिस्तानी आतंकी भतीजा पाकिस्तान में मरा: प्लेन बमबारी, टिफिन ब्लास्ट, स्लीपर सेल… ऐसे करवाता था हमला

पाकिस्तान में रहकर भारत के खिलाफ ‘खालिस्तान लिबरेशन फोर्स’ चलाने वाले भिंडरावाले के भतीजे लखबीर सिंह रोडे का पाकिस्तान में निधन हो गया। लंबे समय से शुगर की बीमारी से पीड़ित 72 साल के लखबीर की मौत हार्ट अटैक के कारण बताई जा रही है। अब उसका अंतिम संस्कार पाकिस्तान में ही होगा।

भारत में प्रतिबंधित संगठन खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन का प्रमुख लखबीर सिंह रोडे, खालिस्तानी जरनैल सिंह भिंडरावाले का भतीजा था। उसे भारत ने UAPA के तहत आतंकियों की लिस्ट में रखा हुआ था। जिसके बाद ये भारत से फरार हुआ तो पाकिस्तान चला गया। वहाँ रहते हुए पाकिस्तान के खिलाफ स्लीपर सेल बना रहा था। साल 2002 में भारत ने पाकिस्तान को आतंकियों की लिस्ट दी जिसमें 20 आतंकवादियों के प्रत्यर्पण की बात थी। इसमें लखबीर का नाम भी था।

लखबीर रोडे पर आरोप हैं कि वो भारत में गैरकानूनी तरीके से हथियार और विस्फोटक सामग्री पहुँचाता था। उसने भारत में गैंगस्टर्स की मदद से कई हमले कराए थे। 1985 में एयर इंडिया जेट पर बमबारी कराने में भी रोडे पर साजिश रचने का आरोप था।

इतना ही नहीं 15 सितंबर 2021 को पंजाब के फाजिल्का में जो टिफिन बम ब्लास्ट हुआ था उसमें भी लखबीर का ही हाथ था। इसके अलावा 2021-2023 में हुई 6 आतंकी घटनाओं में लखबीर का हाथ था।

कुछ वक्त पहले मोहाली में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने भी रोडे के विरुद्ध एक्शन लेते हुए मोगा जिले में आतंकी लखबीर की जमीन को जब्त किया था। यह जमीन बाघापुराना तहसीस के स्मालसर के पास कोठे गुरुपुरा गाँव में थी। रोडे के 2 बेटे और 1 बेटी भी हैं जो इस समय कनाडा में रहते हैं। लखबीर ने अपना काम कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी और अमेरिका में अपने संगठनों की ब्रांच चलाकर वो वहाँ से भी काम करता था।

अब अपने ही निकाल रहे I.N.D.I. गठबंधन की हवा, बैठक से NAM ने किया किनारा: 4 राज्यों में हार के बाद साथी छटक रहे कॉन्ग्रेस का हाथ

5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में से 4 राज्यों में कॉन्ग्रेस की बड़ी हार हुई। ऊपर से विपक्षी दलों ने मिल कर जो I.N.D.I. गठबंधन बनाया था, वो भी बिखर गया। मध्य प्रदेश में गठबंधक के घटक दल सपा, जदयू और AAP अलग-अलग लड़े। अब इस बुरी हार के बाद कॉग्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार (6 दिसंबर, 2023) को I.N.D.I. गठबंधन की अगली बैठक का ऐलान कर दिया। बता दें कि पटना, बेंगलुरु और मुंबई में गठबंधन की 3 बैठकें हो चुकी हैं।

मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनने के बाद विपक्षी दलों में हड़कंप मचा हुआ है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बिहार के CM नीतीश कुमार और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने 6 दिसंबर को होने वाली इस बैठक से दूरी बना ली है। बता दें कि नीतीश कुमार ने ही कोलकाता, भुवनेश्वर और लखनऊ से लेकर चेन्नई तक घूम-घूम कर गठबंधन के लिए आधार तैयार किया था। अब यही क्षेत्रीय दल सीट बँटवारे से भी भाग रहे हैं।

ये बैठक दिल्ली में बुलाई गई है। पिछली बैठकों में बड़ा उत्साह समर्थकों में भी देखने को मिल रहा था, लेकिन इस बार सब गायब है। बड़े नेताओं ने इस गठबंधन से अब दूरी बनानी शुरू कर दी है। संसद का शीतकालीन सत्र भी शुरू हो चुका है। ऐसे में संसद में विपक्षी दल अलग-थलग हो चुके हैं। ममता बनर्जी तो यहाँ तक कह चुकी हैं कि उन्हें बैठक के बारे में कुछ पता तक नहीं है, ऐसे में उन्होंने उस दिन उत्तर बंगाल में एक कार्यक्रम रख लिया। उधर अखिलेश यादव ने भी नाम लिए बगैर कॉन्ग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि अब परिणाम आते ही अहंकार भी खत्म हो गया है।

वहीं नीतीश कुमार की जगह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और जल संसाधन मंत्री संजय झा बैठक में शिरकत करेंगे। जदयू नेता निखिल कुमार ने दबाव बनाते हुए कहा है कि नीतीश कुमार को चेहरा बना कर गठबंधन उनके हिसाब से चलना चाहिए। हालाँकि, राजद की तरफ से पार्टी अध्यक्ष लालू यादव और उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव बैठक में जा सकते हैं। वहीं TMC और AAP का जोर सीट शेयरिंग पर है। एक बात साफ़ है, अब तक लग रहा था कॉन्ग्रेस ने इस गठबंधन को हाईजैक कर लिया है लेकिन इस हार के बाद उसका कद घट रहा है।