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गहलोत-कमलनाथ के राजनीतिक करियर का होगा The End? खुलने ही वाली है 5 राज्यों के वोटों की पेटियाँ, मिजोरम में इंदिरा के ‘बॉडीगार्ड’ तो तेलंगाना में ओवैसी पर नज़र

पाँच राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में चुनाव संपन्न हो चुके हैं। रविवार (3 दिसंबर, 2023) को दोपहर तक साफ़ हो जाएगा कि 4 राज्यों में कौन कहाँ सरकार बना रहा है क्योंकि उसी दिन सुबह 8 बजे मतगणना शुरू हो जाएगी। जहाँ राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेस की सरकारें हैं, वहीं मध्य प्रदेश में भाजपा सत्ता पर आसीन है। इसी तरह तेलंगाना और मिजोरम की बात करें तो वहाँ क्रमशः स्थानीय दल BRS और MNF का राज है। मिज़ोरम में मतगणना 1 दिन आगे बढ़ाई गई है, यानी चुनाव परिणाम 4 दिसंबर को आएँगे।

सबसे बड़ा मुकाबला राजस्थान और मध्य प्रदेश का माना जा रहा है, जहाँ एग्जिट पोल्स के हिसाब से भी काँटे की टक्कर है। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रतिष्ठा दाँव पर है। कॉन्ग्रेस के कमलनाथ का तो राजनीतिक करियर ही डिसाइड हो जाएगा। राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भी राजनीतिक करियर का सवाल है, ऐसे में इस चुनाव में उन्होंने खूब मेहनत की है। भाजपा की जीत होने पर वसुंधरा राजे मुख्यमंत्री बनेंगी या कोई और, ये एक बड़ा सवाल है।

उधर छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सॉफ्ट हिंदुत्व का कार्ड भी खूब खेला और रामायण से जुड़े स्थलों के विकास के साथ भाजपा के हिंदुत्व की काट ढूँढने की कोशिश की। वहाँ भाजपा किसी एक चेहरे की बदौलत नहीं लड़ रही है, क्योंकि लगातार 15 साल राज्य के CM रहे रमन सिंह भी अब उतने प्रभावशाली नहीं रहे। फिर भी, पहले के मुकाबले भाजपा ने अच्छा-खासा ग्राउंड कवर किया है। कॉन्ग्रेस को यहाँ बढ़त दिखाई जा रही है, लेकिन भाजपा के पक्ष में भी माहौल चुनाव नजदीक आते-आते बना। भूपेश बघेल पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे।

मिजोरम में बड़ा ही रोचक परिदृश्य देखने को मिल रहा है जहाँ IPS अधिकारी से नेता बने लालदुहोमा की नई पार्टी ZPM की जीत के आसार नज़र आ रहे हैं और मुख्यमंत्री ज़ोरमथांगा का पत्ता कटने की भविष्यवाणी हो रही है। इंदिरा गाँधी के सिक्योरिटी इंचार्ज रहे लालदुहोमा पहले ऐसे सांसद हैं जिन्हें दल-बदल कानून के तहत अयोग्य ठहराया गया था। बतौर विधायक भी वो अयोग्य साबित हो चुके हैं, हालाँकि फिर उन्होंने वापस सेरछिप विधानसभा क्षेत्र को जीत लिया।

तेलंगाना की बात करें तो मुख्यमंत्री KCR ने अपनी पार्टी का नाम TRS (तेलंगाना राष्ट्र समिति) से बदल कर BRS (भारत राष्ट्र समिति) कर के अपनी राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा तो ज़ाहिर कर दी, लेकिन एग्जिट पोल्स का कहना है कि वहाँ उनके 10 वर्षों के राज का अंत होगा और कॉन्ग्रेस सरकार बनाएगी। भाजपा की भी वहाँ हवा है। हैदराबाद को असदुद्दीन ओवैसी के AIMIM का गढ़ माना जाता है, वहाँ मुकाबला दिलचस्प होगा। क्या BRS-AIMIM मिल कर सत्ता बचा पाएगी?

‘जय श्रीराम’ कहने पर छात्र-छात्राओं को निकाला, अभिभावकों को बुला कर धमकाया: झाँसी के मिशनरी स्कूल ने नकारे निष्कासन वाले आरोप, हिन्दू संगठनों का प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश के झाँसी के मऊरानीपुर में स्थित एक स्कूल में जय श्रीराम का नारा लगाना कुछ छात्र-छात्राओं को भारी पड़ गया। स्कूल ने बच्चों के जय श्रीराम का नारा लगाने पर तालिबानी कार्रवाई करते हुए उन्हें स्कूल से निष्कासित कर दिया और उनके अभिभावकों को भी स्कूल बुला कर चेतावनी दी।

जानकारी के अनुसार, झाँसी के मऊरानीपुर में स्थित सेंट मैरी नाम के एक ईसाई स्कूल में हाईस्कूल के बच्चों को अपनी रुचि के विषय पर निबन्ध लिखने को कहा गया था। इसके पश्चात इन बच्चों से इन्हें पढ़ कर सुनाने को कहा गया।

एक छात्रा समेत तीन छात्रों ने राम मंदिर पर निबंधन लिखा और उसे पढ़ कर सुनाया और निबंधन की समाप्ति पर जय श्रीराम का उद्घोष किया। बच्चों का जय श्रीराम बोला ईसाई स्कूल को चुभ गया। इस सम्बन्ध में एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें छात्रा अपनी आपबीती बता रही है। स्कूल प्रशासन पर छात्र-छात्राओं से बदतमीजी करने का भी आरोप है।

उसने इन छात्र-छात्राओं को आठ दिन के लिए निष्कासित कर दिया। उसका कहना था की ईसाई स्कूल में जय श्रीराम का नारा लगना उनके लिए स्वीकार्य नहीं है। इन छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को स्कूल में बुलाकर चेतावनी दी गई। इस खबर के फैलते ही छात्र संगठनों और हिन्दू संगठनों में रोष व्याप्त हो गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद समेत अन्य कई हिन्दू संगठन यहाँ पहुँच कर छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन करने लगे और स्कूल पर कार्रवाई की माँग की।

बड़ी सँख्या में छात्र संगठनों के प्रदर्शन करने के लिए पहुँचने पर स्कूल बैकफुट पर आ गया और मामले में सफाई पेश की। मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया है कि स्कूल का दावा है कि किसी भी छात्र-छात्रा को धार्मिक नारे लगाने के लिए निष्कासित नहीं किया गया है। स्कूल का दावा है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। जिला प्रशासन ने इस मामले में कड़े विरोध प्रदर्शन के बाद एक जाँच समिति का गठन किया है और एक सप्ताह के भीतर सच बाहर लाने की बात कही है।

छात्रों को स्कूल से निष्कासित करने के मामले में अब प्रधानाध्यापक अनुज केरकेट्टा किसी भी प्रकार के प्रश्नों का जवाब देने से बच रहे हैं। ऑपइंडिया ने उनसे जब सम्पर्क करने का प्रयास किया तो उन्होंने बात करने से मना कर दिया।

हालाँकि, इसी स्कूल में पढ़ाने वाले एक शिक्षक ने नाम ना बताने की शर्त बताया है कि स्कूल द्वारा भले ही मामले का खंडन कर दिया गया हो लेकिन बच्चों का निष्कासन जय श्रीराम के नारे लगाने के चलते ही किया गया था। इससे पहले गाजियाबाद से भी ऐसा ही मामला सामने आया था जहाँ छात्रों को जय श्रीराम बोलने से रोका गया था।

दिल्ली में मणिपुर की महिलाओं को पीटा, रिपोर्ट में दावा – हमलावर कुकी समुदाय के और पीड़ित परिवार मैतेई: बालकनी से रिकॉर्ड हुआ वीडियो वायरल

दिल्ली के महारानी बाग़ इलाके में मणिपुर के एक परिवार पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। इस हमले में परिवार की दो महिलाओं और एक पुरुष तथा उनके एक दोस्त को पीटा गया है। ‘इंडिया टुडे’ की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इस हमले में पीड़िता महिला मैतेई समुदाय जबकि हमला करने वाले युवक कुकी समुदाय के हैं। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। यह वीडियो एक घर की बालकनी से रिकॉर्ड किया गया है।

जानकारी के अनुसार, पीड़ित ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात को वह अपनी पत्नी और बहन के साथ एक दोस्त को छोड़ने के लिए घर से बाहर निकले थे। इस दौरान कुछ लोग उनके पास आए और कहा कि उनकी फ़ोन की बैटरी खत्म हो गई है। वह एक कैब बुक करना चाहते हैं इसलिए उन्होंने पीड़ित से कैब बुक करने को कहा।

पीड़ित ने बताया कि जब वह कैब बुक करने के बाद वह उसका इंतजार कर रहे थे तो इसी बीच ही मदद माँगने वाले युवक उनके साथ की महिलाओं पर भद्दी भद्दी टिप्पणियाँ करने लगे। जब पीड़ित ने उनका विरोध किया तो उन्होंने और लोग बुला लिए।

इसके बाद पीड़ित, उसकी पत्नी, उसकी बहन और उनके मित्र की पिटाई करनी चालू कर दी। वह लोग इन्हें मुक्कों और लातों से मारने लगे। वायरल वीडियो में दिखता है कि एक गाड़ी के पास में कई युवक इस पिटाई के दौरान उन्हें कोई बचाने भी नहीं आया और वह लोग लगातार उन्हें मारते रहे। पीड़िता की पत्नी का कहना है कि वह हमें मार देने वाले थे क्योंकि वह हमें पीटना रोक ही नहीं रहे थे।

दिल्ली पुलिस के सनलाईट कॉलोनी थाने में एक मामला दर्ज किया गया है। मामले को पुलिस आपसी विवाद बता रही है और उसका कहना है कि यह दोनों पक्ष एक दूसरे को पहले से जानते हैं। इसमें मणिपुर के कूकी और मैतेई के बीच विवाद वाले एंगल की बात अभी आधिकारिक रूप से स्थापित नहीं हुई है।

‘अपना मुँह देखा है क्या? आपकी नौकर नहीं हूँ’: बिहार में मजिस्ट्रेट ने माँगा पानी तो महिला कॉन्स्टेबल ने डाँटा, कहा – खुद नाश्ता किया तो हमें पूछा क्या?

बिहार की एक महिला कॉन्स्टेबल की मजिस्ट्रेट के साथ पानी माँगने पर हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर खासा वायरल हो रहा है। राज्य की राजधानी पटना के सरकारी कार्यक्रम में मौजूद मजिस्ट्रेट के पानी मँगाने पर कॉन्स्टेबल ने उनको भोजपुरी में खरी-खरी सुना डाली, “हम सरकार के नौकर हैं, सरकार का काम करेंगे, आपका क्यों करें?”

वहीं इस पर मजिस्ट्रेट साहब का कहना था कि उन्होंने इंसानियत के नाते इस महिला कॉन्सटेबल से पानी माँगा था। सरकारी कार्यक्रम के दौरान महिला कॉन्स्टेबल और मजिस्ट्रेट की बीच बहस के इस वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि मजिस्ट्रेट जैसे ही कॉन्स्टेबल से पानी लाकर देने को कहते हैं तो महिला कॉन्स्टेबल तुरंत उन्हें पलट कर जवाब दे डालती है।

महिला कॉन्स्टेबल कहती हैं, “मैं क्यों पानी लाकर दूँ। मैं सरकार की नौकर हूँ, सरकार का काम करूँगी, मैं आपकी निजी नौकर नहीं हूँ, जो आपका काम करूँगी।” दरअसल ये वाकया पटना में पशुपालन विभाग के एक कार्यक्रम के दौरान घटित हुआ। मजिस्ट्रेट बप गुप्ता ने कार्यक्रम शुरू होने के पहले एक महिला कॉन्स्टेबल को पानी लाने को कहा था। इस पर उन्होंने एतराज जताया।

इस महिला कॉन्स्टेबल का कहना था, “अपने खुद सुबह से वह लोग नाश्ता कर रहे हैं तो हम लोगों को पूछे क्या? और हमसे पानी माँग रहा है। अपना मुँह देखा है क्या?” दरअसल महिला कॉन्स्टेबल इस बात से भी नाराज नजर आई कि सुबह से वो लोग यहाँ है, लेकिन उन्हें नाश्ते तक को भी नहीं पूछा गया।

महिला कॉन्स्टेबल के पानी लाकर देने से मना करने के बाद अन्य सिपाहियों ने भी उनके इस फैसले का समर्थन किया। उधर मजिस्ट्रेट वीपी गुप्ता का कहना था कि उन्होंने इंसानियत के नाते पानी मँगाया था और पानी तो कोई भी किसी से पीने के लिए माँग सकता है और कोई भी किसी को पिला सकता है।

उनका कहना था कि वो यहाँ पर चार दिनों से ड्यूटी पर हैं। यहाँ पानी की व्यवस्था न होने से वो खुद घर से अपनी पानी की बोतल लेकर आते हैं। इससे वो वहाँ ड्यूटी पर तैनात अन्य लोगों को भी पानी पिलाते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बात को इज्जत का सवाल बनाया गया। इसकी शिकायत वो पुलिस लाइन डीएसपी के पास लेकर जाएँगे।

श्रीराम के नाम पर मंदिर ही नहीं, एयरपोर्ट भी: CM योगी और केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने किया निरीक्षण, ₹350 करोड़ के हवाई अड्डे का PM मोदी करेंगे उद्घाटन

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामलला जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण से पहले ‘श्रीराम एयरपोर्ट‘ भी पूरा हो जाएगा। इसका निर्माण कार्य 15 दिसम्बर 2023 तक पूरा होने की आशा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केन्द्रीय उड्डयन एवं इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसका निरीक्षण किया है।

लगभग ₹350 करोड़ की लागत से बनाए जा रहे इस एयरपोर्ट पर एक घंटे में 500 यात्रियों को संभालने क्षमता है। केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का कहना है कि यहाँ से एक घंटे में 2-3 उड़ानें ऑपरेट की जा सकेंगी। एयरपोर्ट पर एयरबस A320 और बोईंग 737 जैसे विमानों को ऑपरेट करने की क्षमता होगी।

एयरपोर्ट बनाने की दिशा में अधिकांश काम पूरा हो गया है। एयरपोर्ट के लिए रनवे और टर्मिनल बिल्डिंग का काम पूरा हो चुका है। बाकी काम भी जल्दी पूरा होने की आशा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि जैसे ही यह काम पूरा होगा, प्रधानमंत्री मोदी से इसका उद्घाटन करवाया जाएगा।

इस एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जैसा डिजाइन किया जा रहा है। इससे यहाँ आने वाले भक्तों को अयोध्या की संस्कृति और विरासत को समझने का मौका मिलेगा। इस एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाने को लेकर अभी से मंथन शुरू हो गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हम सब जानते हैं कि अयोध्या में पहले छोटी एयरस्ट्रिप थी। मात्र 178 एकड़ जमीन ही यहाँ उपलब्ध थी, जिसमें एयरपोर्ट नहीं बन सकता था। प्रधानमंत्री मोदी जी के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने इसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा। उसे भारत सरकार ने अपनी सहमति दी।”

मुख्यमंत्री योगी ने आगे बताया, “यहाँ दिए गए प्रेजेंटेशन के आधार पर यह एयरपोर्ट 15 दिसम्बर 2023 तक बनकर पूर्ण हो जाएगा। इसके पश्चात प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा जो तारीख दी जाएगी, उस दिन इसका (एयरपोर्ट) और प्रभु राम के मंदिर बनने के बाद की नई अयोध्या के लोकार्पण कार्यक्रम के साथ हम सब जुड़ेंगे।”

केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “इस एयरपोर्ट को प्रधानमंत्री जी की सोच के अनुसार बनाया गया है कि जब हवाई अड्डे में कोई व्यक्ति प्रवेश करे तो उसे उस शहर की सांस्कृतिक क्षमता का पता चले। इसीलिए अयोध्या का एयरपोर्ट कोई साधारण एयरपोर्ट नहीं है। अयोध्या के हवाई अड्डे में अयोध्या के सांस्कृतिक क्षमता परिलक्षित करने का प्रयास किया गया है।” उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही इस एयरपोर्ट का विस्तार किया जाएगा।

गौरतलब है कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बन रहे मंदिर का भी काम पूरा होने वाला है और यहाँ 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इस एयरपोर्ट को इससे पहले चालू करने का प्रयास किया जा रहा है।

‘सिस्टम पर जजों का कब्ज़ा, किसी को नहीं आने देते आगे’: भरी सभा में बोले उपराष्ट्रपति- दूसरे क्षेत्रों के टैलेंटेड लोगों को नहीं मिल रहा मौका

देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि देश में मध्यस्थता (Arbitration) पर पूरी तरह से रिटायर्ड जजों का कब्जा है। इस क्षेत्र में अन्य प्रतिभाशाली लोगों को आगे आने का मौक़ा नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा है कि यह एक ‘ओल्ड बॉयज क्लब’ की तरह है।

उपराष्ट्रपति ने ये बातें इंटरनेशनल चेंबर ऑफ़ कॉमर्स के एक कार्यक्रम में कही, जो कि मध्यस्थता पर आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में ऐसा कहीं भी नहीं होता है, सिवाय भारत के। उन्होंने इस दौरान भारत के मुख्य न्यायधीश डीवाई चन्द्रचूड़ की तारीफ भी की।

उपराष्ट्रपति धनखड़ व्यापारिक विवाद को मध्यस्थता के जरिए सुलझाने पर बात कर रहे थे। गौरतलब है कि देश में आपसी विवादों को मध्यस्थता के जरिए सुलझाने के लिए हाल ही में एक कानून भी संसद में लाया गया था। उपराष्ट्रपति का कहना था कि देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में विवाद बढ़ेंगे जिसका आसानी से सुलझना आवश्यक है।

उन्होंने इस कार्यक्रम के दौरान कहा, “इस पूरी पृथ्वी पर, कहीं किसी देश में, किसी भी व्यवस्था में मध्यस्थता के सिस्टम पर रिटायर्ड जजों ने इस तरह से मुट्ठी बाँध कर कब्जा नहीं किया हुआ है। हमारे देश में यह काफी बड़े स्तर पर हो रहा है।”

कार्यक्रम में देश के मुख्य न्यायधीश डीवाई चन्द्रचूड़ की तारीफ़ करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, “मैं उनके इस स्पष्ट कथन के लिए उन्हें सलाम करता हूँ।” गौरतलब है कि फरवरी 2023 में मुख्य न्यायधीश चन्द्रचूड़ ने भी इस पर चिंता जताई थी। उनका कहना था कि मध्यस्थता के मामलों में रिटायर्ड जजों का कब्जा है।

उन्होंने कहा था, “अगर भारत की विधिक व्यवस्था को ‘ओल्ड बॉयज़ क्लब’ के टैग से बाहर निकलना है तो उन्हें इस व्यवस्था में विविधता लानी होगी। इस सिस्टम में जजों के अलावा भी अन्य क्षेत्रों के महिलाओं और पुरुषों को शामिल करना होगा।”

उपराष्ट्रपति ने कहा कि जब कोई मामला कोर्ट में अधिक दिन फँसता है तो वकीलों का फायदा होता है, लेकिन यह फायदा देश के फायदे की कीमत पर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमें एक ऐसा सिस्टम चाहिए, जो मजबूत और किफायती हो।”

गौरतलब है कि वर्ष 2016 में आई एक रिपोर्ट से पता चला था कि देश के सुप्रीम कोर्ट से रिटायर अंतिम 100 जजों में से 70 जजों ने कोई ना कोई पद दोबारा लिया है। इनमें देश के विभिन्न ट्रिब्यूनल, कमिटी से लेकर लोकायुक्त और राज्यपाल जैसे पद शामिल हैं।

‘दोस्तों से मिलना हमेशा आनंददायी होता है’: इटली की जॉर्जिया मेलोनी वाली सेल्फी पर प्रफुल्लित PM मोदी ने दिया जवाब, COP 28 में छाई ‘मेलोडी’

दुबई में आयोजित क्लाइमेट चेंज कॉन्फ्रेंस (COP 28) के दौरान इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक सेल्फी क्लिक की और इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “COP 28 में अच्छे दोस्त।” इसके साथ ही उन्होंने ‘Melodi’ का हैशटैग भी लगाया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा है, “दोस्तों से मिलना हमेशा आनंददायी होता है।” बड़ी बात ये है कि जॉर्जिया मेलोनी के ट्वीट को अब तक 3 लाख से अधिक लोग लाइक कर चुके हैं।

G20 से के दौरान वो दिल्ली आई थीं और उस दौरान भी पीएम मोदी के साथ उनकी तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए थे। सार्वजनिक जगहों पर दोनों गर्मजोशी से मिलते रहे हैं और इसी बहाने सोशल मीडिया में मीम्स की बौछार हो जाती है। लोग दोनों की तस्वीरें व वीडियो एडिट कर कर के उसमें पीएम मोदी की आवाज़ में AI की मदद से तैयार किए गए रोमांटिक गाने लगा देते हैं और रील्स शेयर करते हैं। इंस्टाग्राम पर ऐसे कई रील्स वायरल हो रहे हैं।

पीएम मोदी ने क़तर के अमीर से भी इस कार्यक्रम के इतर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने क़तर में भारतीय समाज के हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। COP 28 में इसमें जीवाश्म ईंधन के इस्तेमाल को खत्म करने और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। पोप फ्रांसिस ने भी इस समिट के बहाने वैश्विक नेताओं से अपील की है कि वो इच्छाशक्ति का प्रदर्शन करें और ये एक नया मोड़ साबित हो। बुखार के कारण वो इसमें हिस्सा नहीं ले पाए, ऐसे में वेटिकन में उनके डिप्टी ने उनका ये सन्देश पढ़ा।

वहीं अमेरिकी उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस ने जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए 3 बिलियन डॉलर (24,965.66 करोड़ रुपए) के अमेरिकी निवेश के संकल्प को दोहराया। वहीं भारत का प्रयास है कि 2028 में COP का आयोजन भारत में हो। पीएम मोदी इस कार्यक्रम में शिरकत कर के वापस दिल्ली लौट चुके हैं। रविवार (3 दिसंबर, 2023) और इसके अगले दिन 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम भी आने हैं, ऐसे में भाजपा और पीएम मोदी लगातार चर्चा में रहेंगे।

चक्रवात ‘मिचौंग’ को लेकर देश के तटीय राज्य सतर्क: 100 किमी/घंटे तक चल सकती हैं हवाएँ, स्कूल-कॉलेज बंद

चक्रवात मिधिली के बाद अब चक्रवात मिचौंग दस्तक दे रहा है। बंगाल की खाड़ी में बना दबाव क्षेत्र गहन दबाव क्षेत्र में बदल गया है और रविवार (3 दिसंबर 2023) तक यह चक्रवात में बदल जाएगा। इस दौरान हवाओं के 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की आशंका है। इसको लेकर तटीय राज्यों में चेतावनी जारी की गई है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया है। शनिवार सुबह 5:30 बजे तक दबाव के केंद्र की पहचान पुडुचेरी से लगभग 500 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व, चेन्नई से 510 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व, नेल्लोर से 630 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और मछलीपट्टनम से 710 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में की गई है।

IMD ने आगे कहा, “3 दिसंबर 2023 तक बंगाल की दक्षिण-पश्चिम खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा और 4 दिसंबर पूर्वाह्न तक दक्षिण आंध्र प्रदेश और उत्तरी तमिलनाडु एवं उसके आसपास के तटों के पास पहुँचेगा।”

आईएमडी ने आगे कहा कि 5 दिसंबर की दोपहर के दौरान नेल्लोर और मछलीपट्टनम के बीच पहुँचेगा। उस समय यह चक्रवाती तूफान अपने उफान पर होगा। इस दौरान हवा की गति 80-90 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 100 किमी प्रति घंटे तक हो सकता है।

मौसम एजेंसी ने चक्रवाती प्रभाव के कारण तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा सहित दक्षिणी और पूर्वी भारत के राज्यों में मध्यम से भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। शनिवार को उत्तरी तटीय तमिलनाडु और पुडुचेरी में हल्की से मध्यम बारिश की भविष्यवाणी की है, साथ ही कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी आशंका है। रविवार से वर्षा की तीव्रता बढ़ेगी।

IMD ने सोमवार और मंगलवार को ओडिशा में हल्की से भारी बारिश की भविष्यवाणी करते हुए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस बीच, राज्य के विशेष राहत आयुक्त सत्यब्रत साहू ने संभावित चक्रवाती तूफान के मद्देनजर सात तटीय जिलों – बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, पुरी, खुर्दा और गंजाम को अलर्ट पर रखा है।

आईएमडी ने कहा है कि समुद्र की स्थिति बहुत खराब होगी और मछुआरों को अगली सूचना तक गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। इस बीच ओडिशा सहित आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, अंडमान निकोबार आदि की सरकारें इसको लेकर सतर्क हो गई।

कहाँ हैं अलर्ट

मौसम विज्ञान विभाग ने चक्रवाती तूफान ‘मिचौंग’ के मद्देनजर दक्षिण के राज्यों तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक भारी बारिश हो सकती है। शनिवार यानी दो दिसंबर से उत्तरी-तटीय तमिलनाडु और पुडुचेरी में भारी बारिश की शुरू होने की आशंका जताई गई है।

इसके असर से रविवार 3 दिसंबर को आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में बारिश होने की आशंका है। वहीं, सोमवार 4 दिसंबर को तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों में तेज से बहुत तेज बारिश हो सकती है। इसे लेकर आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में मछुआरों के लिए 5 दिसंबर तक के लिए तक अलर्ट जारी किया गया है। उन्हें समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

आईएमडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट किया है कि उत्तरी तटीय तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के निवासियों को 3 दिसंबर को अत्यधिक भारी वर्षा (204.4 मिमी से ऊपर) और 4 दिसंबर को भारी से बहुत भारी वर्षा का सामना करना पड़ सकता है। सुरक्षित रहें और सभी सावधानियाँ बरतें। इसे लेकर पुडुचेरी में कराईकल और यानम क्षेत्रों के सभी स्कूल 4 दिसंबर 2023 को बंद कर दिए गए हैं।

वहीं रायलसीमा के साथ तेलंगाना और दक्षिणी ओडिशा में भी 4 दिसंबर को भारी बारिश होने की आशंका है। इसके असर से मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ आँधी-तूफान के साथ ही आसमान में बिजली कड़कने का पूर्वानुमान जताया है। इसके साथ ही उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में 2-3 दिसंबर को कोहरा छाने के आसार हैं।

‘मिचौंग’ के लिए तैयारियाँ

बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान ‘मिचौंग’ को लेकर दिल्ली में कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने सरकारों और केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की तैयारियों की समीक्षा के लिए बैठक की।

इस दौरान भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक ने एनसीएमसी को चक्रवात मिचौंग के मौजूदा हालात के बारे में जानकारी दी। ये जानकारी भी दी गई कि मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही किसी भी तरह की अनहोनी से निपटने के लिए आश्रय स्थल, बिजली आपूर्ति, दवाइयों और आपात सेवाएँ तैयार की गई है।

एनडीआरएफ ने तमिलनाडु, आँध्र प्रदेश, ओडिशा और पुडुचेरी के लिए 18 बचाव दल बनाने के साथ 10 अतिरिक्त दलों को तैयार किया है। तट रक्षक, थल सेना, नौसेना के राहत और बचाव दल जहाजों, विमानों के सहित आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

दो बार में ली ₹2 करोड़ की रिश्वत, आरोपितों को फँसने से बचाया: दिल्ली शराब घोटाला मामले में AAP सांसद संजय सिंह के खिलाफ ED ने दायर की चार्जशीट

दिल्ली शराब घोटाला से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार (2 दिसंबर 2023) को आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया। जाँच एजेंसी ने प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की विभिन्न धाराओं के तहत राऊज एवेन्यू कोर्ट के समक्ष 60 पृष्ठों की यह चार्जशीट दायर की। इस चार्जशीट में संजय सिंह को आरोपित बनाया गया है।

यह इस मामले में पूरक आरोप पत्र है क्योंकि एजेंसी पहले ऐसी लगभग 5 अभियोजन शिकायतें दायर कर चुकी है। शराब घोटाले मामले में आरोपित दिनेश अरोड़ा की गवाही पर संजय सिंह के खिलाफ यह कार्रवाई हुई है। ईडी ने उनपर आरोप लगाया है कि उन्होंने आरोपित दिनेश अरोड़ा से अपने साथियों के माध्यम से दो किस्तों मे 2 करोड़ रुपए लिए।

इतना ही नहीं, ये बात भी सामने आई है कि संजय सिंह के कहने पर दिनेश अरोड़ा ने दिल्ली में आगामी चुनावों के लिए पार्टी फंड इकट्ठा करने के लिए कई रेस्तरां मालिकों से बात की थी। इसके अलावा संजय सिंह ने दिनेश अरोड़ा का एक मुद्दा भी सुलझाया था जोकि एक्साइज विभाग के पास था।

मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इस चार्जशीट में संजय सिंह पर साजिश, मनी लॉन्ड्रिंग और आरोपितों की मदद करने के आरोप लगे हैं। अब इस आरोप पत्र पर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में 4 दिसंबर को दोपहर 2 बजे सुनवाई होगी।

गौरतलब है कि दिल्ली शराब घोटाला मामले में अक्टूबर माह में ईडी ने संजय सिंह के घर छापा मारा था। इसके बाद संजय सिंह की गिरफ्तारी हुई। उसके बाद से वो तिहाड़ जेल में बंद हैं। वो अपनी जमानत के लिए हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कहीं से उन्हें सफलता नहीं मिली।

आखिरी बार 24 नवंबर संजय सिंह को कोर्ट में पेश किया गया था। जहाँ उनकी हिरासत को एक बार फिर बढ़ाते हुए 4 दिसंबर तक का कर दिया था। इससे पहले संजय सिंह को कोर्ट ने 10 नवंबर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

‘बंदूक के बल पर हुआ रिश्ता, लड़की को नहीं रखूँगा साथ’: पकड़ौआ विवाह के शिकार BPSC शिक्षक ने बताया – मेरी ही पेन से मेरे शर्ट पर लिख दिया…

बिहार में पकड़ौआ विवाह के शिकार नवनियुक्त BPSC शिक्षक गौतम कुमार के मामले में नया मोड़ आया है। पीड़ित शिक्षक ने इस शादी को मानने से इनकार करते हुए कहा है कि ये उनकी मर्जी के बगैर जुड़ा रिश्ता है। इससे उनकी बेइज्जती और बदनामी हुई। यहीं नहीं, उन्होंने अपनी नई नवेली दुल्हन को साथ रखने से भी साफ इनकार कर दिया है।

पकड़ौआ विवाह के लिए गौतम को अगवा करने के मामले में लड़की का चाचा आरोपित है। पुलिस ने रेपुरा गाँव के रहने वाले चाचा वृजभूषण प्रसाद उर्फ भूषण राय को शुक्रवार (1 दिसंबर, 2023) को जेल भेज दिया। वहीं आरोपित लड़की के चाचा का कहना है कि शादी के लिए गौतम के परिवारवालों से बात की थी, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था। उन्होंने खुद को बेकसूर बताया।

गौरतलब है कि 29 नवंबर को पीड़ित शिक्षक के दादा राजेन्द्र राय ने पातेपुर थाने में 5 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले के अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। पुलिस ने शुक्रवार को पीड़ित शिक्षक को अदालत में पेश कर धारा 164 के तहत उनका बयान दर्ज करवाया।

इस दौरान मीडिया से बात करते हुए पकड़ौआ शादी से पीड़ित शिक्षक गौतम कुमार का कहना था कि उनको स्कूल से ही अगवा कर उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने बताया कि दो लोग स्कूल में मुलाकात का बहाना लेकर आए और प्रिंसिपल से मिलने के बहाने उन्हें ज़बरदस्ती गाड़ी में बैठा लिया।

इसके बाद मारपीट कर बंदूक के बल जबरन विवाह करा दिया। शिक्षक कुमार का आरोप है कि इस दौरान उनका मोबाइल छीनने के साथ ही उनकी ही पेन से उनके शर्ट पर लिख दिया गया कि उनकी शादी जबरन कराई जा रही है। उन्होंने आगे कहा, “मेरे अपहरणकर्ता 30 नवंबर को दो-तीन गाड़ियों से आए और मुझे दोपहर ढाई बजे महनार छोड़कर चले गए। उनके साथ में जिस लड़की से मेरी शादी की गई वो और उसकी माँ भी थी।”

पीड़ित शिक्षक ने ये भी कहा, “मेरी फोटो वायरल कर मेरी किरकिरी करा दी। मेरी पूरी इमेज खराब करके रख दी। अब जो हुआ सो हुआ, लेकिन आगे देखा जाएगा। मैं इस शादी को नहीं मानता। ये मेरी मर्जी के बगैर हुई है। मैं लड़की को साथ नहीं रखूँगा।”

उन्होंने आगे कहा, “मेरा स्कूल लड़की के घर के पास में ही है। मुझे डर है। मुझे रिश्तेदारों के फोन पर धमकियाँ दी जा रही है।” रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित शिक्षक की बातचीत से ऐसा लगा रहा था कि लड़की के भाई भी इस शादी से खुश नहीं है। पकड़ौआ विवाह का ये वाकया बिहार के वैशाली जिले के पातेपुर थाना क्षेत्र का है। इस क्षेत्र के महया मालपुर गाँव के रहने वाले गौतम कुमार हाल ही में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा पास कर शिक्षक बने थे। उन्हें उनके स्कूल पातेपुर के रेपुरा के उत्क्रमित मध्य विद्यालय से बुधवार (29 नवंबर, 2023) को अगुवा कर लिया गया था।

इसके बाद उनकी जबरन शादी करा दी गई। अपहरण से नाराज शिक्षक के परिवार वालों और ग्रामीणों ने गुरुवार (30 नवंबर, 2023) की सुबह से ही स्टेट हाइवे 49 पर जाम लगा दिया था। पातेपुर थाने की पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ही अगुवा शिक्षक को सही सलामत नई नवेली दुल्हन के साथ बरामद कर लिया था। फिलवक्त पीड़ित शिक्षक की नई-नवेली दुल्हन मायके में है।