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‘अपना मुँह देखा है क्या? आपकी नौकर नहीं हूँ’: बिहार में मजिस्ट्रेट ने माँगा पानी तो महिला कॉन्स्टेबल ने डाँटा, कहा – खुद नाश्ता किया तो हमें पूछा क्या?

महिला कॉन्सटेबल कहती हैं, "मैं क्यों पानी लाकर दूँ। मैं सरकार की नौकर हूँ, सरकार का काम करूँगी, मैं आपकी निजी नौकर नहीं हूँ, जो आपका काम करूँगी।"

बिहार की एक महिला कॉन्स्टेबल की मजिस्ट्रेट के साथ पानी माँगने पर हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर खासा वायरल हो रहा है। राज्य की राजधानी पटना के सरकारी कार्यक्रम में मौजूद मजिस्ट्रेट के पानी मँगाने पर कॉन्स्टेबल ने उनको भोजपुरी में खरी-खरी सुना डाली, “हम सरकार के नौकर हैं, सरकार का काम करेंगे, आपका क्यों करें?”

वहीं इस पर मजिस्ट्रेट साहब का कहना था कि उन्होंने इंसानियत के नाते इस महिला कॉन्सटेबल से पानी माँगा था। सरकारी कार्यक्रम के दौरान महिला कॉन्स्टेबल और मजिस्ट्रेट की बीच बहस के इस वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि मजिस्ट्रेट जैसे ही कॉन्स्टेबल से पानी लाकर देने को कहते हैं तो महिला कॉन्स्टेबल तुरंत उन्हें पलट कर जवाब दे डालती है।

महिला कॉन्स्टेबल कहती हैं, “मैं क्यों पानी लाकर दूँ। मैं सरकार की नौकर हूँ, सरकार का काम करूँगी, मैं आपकी निजी नौकर नहीं हूँ, जो आपका काम करूँगी।” दरअसल ये वाकया पटना में पशुपालन विभाग के एक कार्यक्रम के दौरान घटित हुआ। मजिस्ट्रेट बप गुप्ता ने कार्यक्रम शुरू होने के पहले एक महिला कॉन्स्टेबल को पानी लाने को कहा था। इस पर उन्होंने एतराज जताया।

इस महिला कॉन्स्टेबल का कहना था, “अपने खुद सुबह से वह लोग नाश्ता कर रहे हैं तो हम लोगों को पूछे क्या? और हमसे पानी माँग रहा है। अपना मुँह देखा है क्या?” दरअसल महिला कॉन्स्टेबल इस बात से भी नाराज नजर आई कि सुबह से वो लोग यहाँ है, लेकिन उन्हें नाश्ते तक को भी नहीं पूछा गया।

महिला कॉन्स्टेबल के पानी लाकर देने से मना करने के बाद अन्य सिपाहियों ने भी उनके इस फैसले का समर्थन किया। उधर मजिस्ट्रेट वीपी गुप्ता का कहना था कि उन्होंने इंसानियत के नाते पानी मँगाया था और पानी तो कोई भी किसी से पीने के लिए माँग सकता है और कोई भी किसी को पिला सकता है।

उनका कहना था कि वो यहाँ पर चार दिनों से ड्यूटी पर हैं। यहाँ पानी की व्यवस्था न होने से वो खुद घर से अपनी पानी की बोतल लेकर आते हैं। इससे वो वहाँ ड्यूटी पर तैनात अन्य लोगों को भी पानी पिलाते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बात को इज्जत का सवाल बनाया गया। इसकी शिकायत वो पुलिस लाइन डीएसपी के पास लेकर जाएँगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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