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हिंदी बोलने वाले अनपढ़, भारत के लिए कोढ़, महिलाएँ बिकाऊ: जीत रही भाजपा, रो-रो कर गाली दे रहे लिबरल-वामपंथी-कॉन्ग्रेसी

भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में शानदार जीत की तरफ बढ़ रही है। जहाँ उसने राजस्थान-छतीसगढ़ में कॉन्ग्रेस से सत्ता छीनने में सफलता पाई है तो वहीं मध्य प्रदेश में वह प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में दुबारा लौट रही है।

जनता का यह जनादेश अब लिबरलों और कॉन्ग्रेस समर्थकों को बर्दाश्त नहीं हो रहा है। कुछ समर्थक जहाँ उत्तर भारतीयों को अनपढ़ बता रहे हैं तो कुछ कॉन्ग्रेस नेतृत्व और कुछ राहुल गाँधी को कोस रहे हैं। चुनाव ना जीत पाने की यह खीझ अब एक्स (पहले ट्विटर) पर निकल रही है।

लिबरल पत्रकार सबा नकवी ने कॉन्ग्रेस के हारने का कारण मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की हिंदुत्व राजनीति को बता दिया। उनका कहना है कि लोगों ने असल हिन्दुत्व वालों को चुन लिया है। उन्हीं के एक चेले ने कहा कि अब कमलनाथ को बागेश्वर बाबा के पास जाना चाहिए।

एक और कॉन्ग्रेस समर्थक ने कहा है, “अक्सर लोग नकली के ऊपर असली चुनते हैं।” उनका निशाना कमलनाथ की तरफ था, जिन्होंने बीते दिनों हिन्दुत्व के समर्थन में कुछ टिप्पणियाँ की थी। एक अन्य समर्थक ने कहा कि राज्य में लोग कॉन्ग्रेस के साथ ही कमलनाथ के हारने की कामना कर रहे हैं।

एक अन्य यूजर ने कहा कि मध्य प्रदेश में कुछ नया नहीं हुआ है, महिलाओं ने पैसे और ‘बैड बॉय शिवराज को कमलनाथ के आगे चुना है।

उत्तर भारत के इन राज्यों में भाजपा की जीत पर फिर से यहाँ के लोगों को दोषी ठहराने का काम चालू हो चुका है। एक अन्य यूजर बता दिया कि यहाँ दो भारत हैं, जिनमें से एक पढ़ा लिखा दक्षिण भारत और एक बीमारू राज्यों वाला उत्तर भारत है।

एक कॉन्ग्रेस समर्थक ने कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को मूर्ख बता दिया, उसने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड्गे से अपील की कि इन्हें हटाया जाए।

तीन राज्यों में भाजपा की जीत पर एक फिलिस्तीनी समर्थक ने हिंदीभाषियों को मूर्ख बता दिया।

एक अन्य यूजर ने भी हिंदीभाषियों को कोसा।

प्रमोद श्रीवास्तव नाम एक यूजर ने ‘काऊ बेल्ट’ (गाय पट्टी, हिंदी बोलने वाले लोगों का क्षेत्र) को कोसना चालू कर दिया। भाजपा को जिताने पर वह इन राज्यों को अनपढ़ और धर्मांध बताने लगा।

ताजा आँकड़ों के अनुसार, भाजपा मध्य प्रदेश 230 में से 162, छतीसगढ़ में 90 में से 53 और राजस्थान में 199 में से 111 सीट जीत रही है।

8 माह की गर्भवती महिला, 22 बार घोंपा चाकू: पेट में पल रहे बच्चे की भी मौत, फिलिस्तीनी भाई-अब्बा गिरफ्तार

इजरायल में एक फिलिस्तीन मूल की गर्भवती महिला की चाकू मार कर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। इस हमले में 20 वर्षीया महिला के पेट में पल रहे बच्चे की भी मौत हो गई। पुलिस इस मामले में संदेह के आधार पर मृतका के अब्बा और भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मृतका का नाम अयाह अबू हजाइज था। घटना का CCTV फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है जिसमें हमले के दौरान अयाह अपने बचाव के लिए जूझती दिख रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना इजरायल के लोद शहर में 30 नवंबर 2023 को घटी। वहाँ गुरुवार को फिलिस्तीन मूल की मुस्लिम महिला अपने 2 बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रही थी। इसी दौरान कार सवार एक युवक नीचे उतरा और महिला पर ताबड़तोड़ चाकू बरसाना शुरू कर दिया। अयाह ने अपने बचाव की पूरी कोशिश की लेकिन हमलावर ने उन्हें कई चाकू मारे जिससे वो घायल हो कर जमीन पर गिर पड़ीं। बाद में हमलावर पीड़िता को लहूलुहान हालत में सड़क पर ही छोड़ कर कार से फरार हो गया।

इस घटना के वायरल हुए वीडियो में देख सकते हैं कि मृतका पर पीछे से वार किया गया। इसके बाद मृतका के बच्चे और आसपास के लोग घटनास्थल से भागते दिखाई दिए। अयाह को कुल 22 बार चाकू घोंपे गए। स्थानीय लोगों ने गंभीर हालत में महिला को अस्पताल पहुँचाया। लेकिन वहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मेडिकल जाँच के दौरान पता चला कि मृतका 8 माह की गर्भवती थी। इस हमले में उसके पेट में पल रहे बच्चे की भी मौत हो गई।

पुलिस ने इसे पारिवारिक कलह के कारण की गई हत्या बताया है। फिलहाल मृतका का भाई और अब्बा को गिरफ्तार किया गया है। आगे पुलिस को हमलावर की तलाश है। इजरायल के अधिकारियों ने इस हमले को आतंकी वारदात की तरह बताया है। अब्राहम इनिशिएटिव द्वारा जारी एक आँकड़े के मुताबिक अयाह की हत्या के बाद साल 2023 में इजरायल में मरने वाले अरब के नागरिकों की तादाद 222 हो गई है। ये हत्याएँ अलग-अलग समय पर अलग-अलग लोगों द्वारा विभिन्न कारणों से हुईं थीं।

प्रचंड जीत के जश्न में भी भोपाल गैस त्रासदी को नहीं भूले CM शिवराज सिंह चौहान: श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुँचे, कहा – प्रकृति से न करें खिलवाड़

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के परिणाम भाजपा के पक्ष में आ रहे हैं और पार्टी एक बड़ी जीत की तरफ बढ़ रही है, लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह 1984 की भोपाल गैस त्रासदी में जान गँवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करना नहीं भूले। रविवार (3 दिसंबर, 2023) को देश में 4 राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों का ऐलान किया जा रहा है।

मतों की गिनती के रुझानों में मध्य प्रदेश और राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत मिलता दिख रहा है। फाइनल नतीजे से पहले सीएम चौहान का पहला बयान भोपाल गैस पीड़ितों को लेकर आया है। ये इस बात की ताकीद करता है कि वो राज्य की जनता को प्रभावित करने वाले मुद्दों से गहरे जुड़े हैं। खबर लिखे जाने तक राज्य में भाजपा जहाँ 161 सीटें जीतती हुई दिख रही है, वहीं कॉन्ग्रेस पार्टी के खाते में महज 67 सीटें ही जाती हुई दिख रही हैं।

एक तरफ जहाँ उनके समर्थक जश्न में डूबे हुए थे, शिवराज सिंह चौहान भोपाल गैस त्रासदी के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पहुँचे हुए थे। उन्हें याद रहा कि राज्य में इस हादसे से लोगों ने भयावह यातना झेली और अब भी झेल ही रहे हैं। ये दिखाता है कि एक सीएम के तौर पर वो जनता के दर्द को अपना दर्द समझते हैं।

यही वजह हैं कि राज्य की जनता उनको सत्ता की कुर्सी पर काबिज देखना चाहती हैं। श्रद्धांजलि अर्पित करने के दौरान बोली गई उनकी बातें साबित करती हैं कि उन्हें जनता से दिली लगाव है। इस मौके पर सीएम शिवराज ने कहा, “आज भी जब वो 2 और 3 दिसंबर की दरमियानी रात याद आती है तो हम काँप उठते हैं। एमआईसी गैस के के रिसाव के कारण हजारों भाई बहन जिसमें हमारे छोटे-छोटे बच्चे शामिल थे उन्होंने अपनी जिंदगी खो दी और असमय काल के गाल में समा गए। भोपाल को वो दृश्य भूलता नहीं है।”

सीएम चौहान ने आगे कहा, “जब सड़कों पर अपनी जान बचाने अपने बच्चों को लेकर भाई-बहन दौड़ रहे थे। और वो भयानक दृश्य ऐसा था कि कई मवेशी-भैंसों के पेट फट गए थे। दौड़ते -दौड़ते कई लोग गिरे और हमेशा के लिए दुनिया छोड़ कर चले गए। मैं उन सब भाई-बहनों के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ। लेकिन इस संकल्प के साथ कि फिर कोई शहर भोपाल न बने। ऐसी गैस ट्रेजडी फिर न दोहराई जाए। हम सब कुछ सोचना पड़ेगा।”

सीएम ने कहा, “केवल मध्य प्रदेश और देश की बात नहीं दुनिया को भी ये समझना होगा कि भौतिक प्रगति की अंधी चाह में हम प्रकृति के साथ ऐसा खिलवाड़ न करें कि प्रकृति हम को ही निगल ले। और इसलिए विकास और पर्यावरण में हमें संतुलन स्थापित करना पड़ेगा। ये धरती सबके लिए है। मनुष्यों के साथ कीट पंतगें, जीव-जन्तु, पशु-पक्षियों के लिए भी है। तो सबके लिए धरती सुरक्षित बने और आने वाली पीढ़ियों के रहने के लायक भी बने। ऐसे सारे प्रयास न कि हमको मध्य प्रदेश में बल्कि देश और दुनिया में सबको करने पड़ेंगे।”

उन्होंने कहा, “अभी दुबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने धरती को बचाने के लिए जो आवश्यक कदम उठाने हैं उनका जिक्र किया था। भारत उस रास्ते पर चलेगा। मध्य प्रदेश भी हर संभव प्रयत्न करेगा कि पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ न हो और आगे हम विकास को ऐसा संतुलित करें कि वो विकास हमारे लिए जानलेवा न बनें। मैं एक बार फिर जो नहीं रहे उनके चरणों में श्रद्धा के सुमन अर्पित करता हूँ जो हैं उनके कल्याण के काम हम करते रहेंगे और आगे फिर कोई ऐसी ट्रेजडी न हो इसके लिए हर संभव कोशिश करेंगे।”

बताते चलें कि भोपाल गैस त्रासदी दुनिया के इतिहास में सबसे बड़े हादसों में से एक के तौर पर दर्ज है। साल 1984 की 2 और 3 दिसंबर की रात को यूनियन कार्बाइड केमिकल फैक्ट्री से जानलेवा गैस मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) का रिसाव हुआ था। जिसने सोते हुए ही आधे भोपाल को लील लिया था।

‘लाल डायरी’ में पुलिस वालों के नाम, बुरी तरह पिटाई वाली धमकी: जानिए कौन हैं वो, जिसने तेलंगाना में कॉन्ग्रेस को जिताया, नतीजों से पहले ही भागे-भागे पहुँचे DGP

5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के बाद अब सिर्फ एक ही राज्य से कॉन्ग्रेस पार्टी के लिए अच्छी खबर आ रही है और वो है तेलंगाना। तेलंगाना में जीत के लिए 60 सीटों की आवश्यकता होती है, कॉन्ग्रेस 65 सीटें अपने नाम करती दिख रही हैं। ये सत्ताधारी BRS और मुख्यमंत्री KCR के लिए भी एक बड़ा झटका है। रेवंत रेड्डी के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जो अगले मुख्यमंत्री माने जा रहे हैं। वो राज्य में कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। पुलिस महानिदेशक (DGP) खुद उनसे मिलने उनके आवास पर पहुँचे और उन्हें जीत की बधाई दी।

रेवंत रेड्डी को लेकर कॉन्ग्रेस पार्टी के भीतर कुछ नेताओं में नाराज़गी थी, लेकिन 54 वर्षीय नेता ने इसके बावजूद अपनी स्टाइल से राज्य में पार्टी का चुनाव प्रचार सँभाला। जुलाई 2021 में उन्हें राज्य में कॉन्ग्रेस की कमान दी गई थी। पार्टी ने उन पर भरोसा जताया और उन्होंने बड़ी-बड़ी रैलियाँ भी की। कामारेड्डी विधानसभा क्षेत्र भी वो जीतते हुए दिख रहे हैं। वहीं कोदंगल से भी वो जीत रहे हैं। कामारेड्डी BRS का गढ़ माना जाता है, ऐसे में वहाँ केसीआर के लिए पार्टी की हार बेइज्जती के समान होगी।

रेवंत रेड्डी के खिलाफ एक बात जाती है कि उन्होंने 2017 में ही पार्टी ज्वाइन की है, उससे पहले वो TDP में हुआ करते थे। अखंड आंध्र प्रदेश में TDP का अच्छा प्रभाव था, लेकिन तेलंगाना में नहीं है। 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद उपचुनावों और स्थानीय निकाय के चुनावों में हार के बाद कॉन्ग्रेस की स्थिति भी उस समय ख़राब थी। कई नेताओं ने रेवंत रेड्डी को ‘तानाशाह’ बता कर कॉन्ग्रेस छोड़ भी दिया था। मलकाजगिरी से सांसद रेवंत रेड्डी महबूबनगर से आते हैं।

अगस्त 2023 में रेवंत रेड्डी के खिलाफ पुलिस को धमकी देने को लेकर 3 थानों में FIR दर्ज की गई थी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर सत्ताधारी दल BRS (पूर्व में TRS) के लिए काम करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि ऐसे पुलिस वालों की जम कर पिटाई होगी और एक लाल डायरी में उनका नाम नोट किया जा रहा है ताकि कॉन्ग्रेस की सरकार बनने पर उन पर कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा था कि इन पुलिस अधिकारियों को सब कुछ सूद समेत लौटाया जाएगा।

उन पर किसान विरोधी बयान देने के भी आरोप लगे थे। उन्होंने कहा था कि किसानों को प्रतिदिन सिर्फ 3 घंटे की बिजली की ही ज़रूरत है। इस पर BRS ने ये कहते हुए हमला बोला था कि रेवंत रेड्डी किसानों को 24 घंटे पॉवर सप्लाई दिए जाने के खिलाफ हैं। एक बार उन्होंने KCR को चुनौती देते हुए कहा था कि अगर वो गजवेल से नहीं लड़ते हैं तो उन्हें न पुरुष समझा जाएगा न महिला। उनकी इस टिप्पणी को समलैंगिक विरोधी कमेंट के रूप में देखा गया था।

पाकिस्तान में बस पर बरसी ताबड़तोड़ गोलियाँ, 2 फौजी समेत 9 की मौत: पेशावर में एक और कट्टरपंथी मौलाना ‘अज्ञात गोली’ का शिकार

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के गिलगित बाल्टिस्टान इलाके में शनिवार (2 दिसंबर 2023) को एक बस पर ताबड़तोड़ गोलियाँ बरसाई गईं। घटना में 9 लोगों की मौत हो गई जबकि 26 घायल हो गए। मरने वालों में दो पाकिस्तानी फौजी भी थे। वहीं दूसरी ओर पेशावर के खैबर पख्तूनख्वा में भी एक कट्टरपंथी मौलाना की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

खबरों के मुताबिक, जिस बस पर हमला हुआ वो गिलगित से रावलपिंडी जा रही थी तभी चिलास में शाम 6:30 बजे बस पर अंधाधुंध गोलीबारी हुई। इसके बाद बस ड्राइवर ने बस का नियंत्रण खो दिया और बस सामने से आ रहे ट्रक से टक्कर खा गई।

डिप्टी कमिश्नर आरिफ अहमद ने कहा कि हमले में मारे गए लोगों में से अब तक 5 की पहचान हो चुकी है। 26 घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज करवाया जा रहा है। मरने वालों में 2 पाकिस्तानी फौजी भी थे। इसके अलावा घायलों में भी एक विशेष सुरक्षा ईकाई का कर्मी था।

बस में अधिकतर लोग कोहिस्तान, पेशावर, घीजर, चिलास, राउंडू, स्कर्दू, मनसेहरा और स्वाबी क्षेत्रों के थे। इसके अलावा एक या दो लोग सिंध से थे। बताया जा रहा है कि कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

कट्टरपंथी मौलाना शेर बहादुर की हत्या

बता दें कि एक ओर जहाँ गिलगित बाल्टिस्टान में बस पर गोलियाँ बरसाई गईं। वहीं पाकिस्तान के पेशावर में भी जैश-ए-मोहम्मद का समर्थक मौलाना किसी अज्ञात द्वारा मारा गया है। मौलाना की पहचान शेर बहादुर के तौर पर हुई है। पुलिस इस मामले को दर्ज करके मामले की जाँच कर रही है।

शेर बहादुर की एक वीडियो भी सामने आई है जिसमें उसके शरीर पर गोलियों के निशान साफ देखने को मिल रहे हैं। खबरों के मुताबिक शेर बहादुर की हत्या पेशावर के खैबर पख्तूनवा में कर दी गई। उसके अलावा जैश के एक और आतंकी यूनूस खान जो कि आतंकी संगठन के लिए भर्तियाँ करता था, उसे भी गोली मारी गई है।

RJD वालों का ‘शुभ संकेत’ कॉन्ग्रेस के लिए हो गया अशुभ: छत्तीसगढ़ में ज़िंदा मछली लेकर जश्न मनाने पहुँचे लालू की पार्टी के नेता, फिर हारने लगी कॉन्ग्रेस

छत्तीसगढ़ में सत्ताधारी कॉन्ग्रेस पार्टी बुरी तरह हार रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को खुद अपनी पाटन पर अपने ही भतीजे से कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ा, जो भाजपा के उम्मीदवार हैं। चुनाव आयोग की वेबसाइट की मानें तो जहाँ राज्य में भाजपा 54 सीटों पर आगे चल रही है, वहीं कॉन्ग्रेस मात्र 33 सीटों पर आगे है। बहुमत के लिए 46 सीटों की आवश्यकता होती है। राज्य में किसी भी एग्जिट पोल ने भाजपा पर भरोसा नहीं जताया था, लेकिन हो रहा है इसका उलटा।

जब रविवार (3 दिसंबर, 2023) को जब सुबह-सुबह शुरुआती रुझान आ रहे थे, तब छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेस को आगे दिखाया जा रहा था। उस दौरान ‘राष्ट्रीय जनता दल’ (RJD) के नेता अति-उत्साह में जश्न मनाने लगे। बता दें कि राजद लालू यादव की पार्टी है जो बिहार में सत्ता की साझीदार है। लालू यादव के बेटे तेजस्वी उप-मुख्यमंत्री हैं। RJD भी I.N.D.I. गठबंधन का हिस्सा है। कॉन्ग्रेस की साथी पार्टी है। ऐसे में उसका जश्न मनाना स्वाभाविक था।

इतना ही नहीं, राजद नेता पार्टी दफ्तर के सामने ज़िंदा मछलियाँ लेकर जश्न मनाने लगे। उनका कहना था कि मछलियाँ शुभ होती हैं। इसका एक वीडियो भी समाचार एजेंसी PTI ने डाला, जिसमें 3 राजद कार्यकर्ता एक ज़िंदा मछली को पकड़े हुए हैं और कह रहे हैं, “ये I.N.D.I. गठबंधन की जीत है। पाँचों राज्यों में हमलोग जीत रहे हैं, इसी शुभ संकेत के लिए मछली है। भूपेश बघेल के लिए ये शुभ संकेत है।” इसके बाद उन्होंने ज़िंदाबाद-ज़िंदाबाद के नारे भी लगाए।

इस दौरान राजद कार्यकर्ता एक-दूसरे को मिठाई खिलाते हुए भी दिखे। वहीं ताज़ा ट्रेंड्स कहते हैं कि 46.04% वोट शेयर के साथ भाजपा लीड कर रही है, वहीं कॉन्ग्रेस का वोट शेयर इससे 4% कम है। तीसरे नंबर पर बसपा है, जिसका वोट शेयर 2.36% है खबर लिखे जाने तक। हालाँकि, ये अंतिम आँकड़े नहीं हैं। वैसे, इन चुनाव परिणामों के बाद अब I.N.D.I. गठबंधन के भविष्य पर भी सवाल खड़ा हो गया। बता दें कि मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस ने सपा को सीटें नहीं दी थीं, वहीं अब अखिलेश यादव ने कॉन्ग्रेस पर निशाना साधा है।

‘कन्हैयालाल की तरह तेरा भी सर तन से जुदा कर देंगे’: श्री कृष्ण जन्मभूमि के लिए जो लड़ रहे केस, उनको मिली धमकी, एक्शन में UP पुलिस

श्री कृष्ण जन्मभूमि को उसका हक दिलाने के लिए जो सत्यम पंडित कोर्ट तक पहुँचे, उन्हें अब ‘सर तन से जुदा’ करने की धमकी दी गई है। सत्यम पंडित ने एक लेटर दिखा कर दावा किया है कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की तरफ से उन्हें यह धमकी दी गई है। उनको यह पत्र गाजियाबद में अपने ऑफिस खोलने के दौरान शनिवार (2 दिसंबर 2023) को मिला। इसमें लिखा गया है:

“तू श्रीकृष्ण जन्मभूमि बनाम शाही मस्जिद ईदगाह मथुरा केस में पैरवी करना बंद कर दे। वरना अल्लाह का वास्ता, राजस्थान के कन्हैयालाल की तरह तेरा भी सर तन से जुदा कर देंगे, माशाल्लाह।”

सत्यम पंडित को ‘सर तन से जुदा’ की धमकी मामले के संबंध में गाजियाबाद घंटाघर कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। एसीपी निमिष पाटिल के मुताबिक, शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और आगे जाँच की जा रही है। पीड़ित के ऑफिस के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

पीड़ित सत्यम पंडित ने शनिवार सुबह धमकी के तौर पर मिले PFI के इस पत्र को अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर शेयर किया है। उन्होंने जब शनिवार को गाजियाबाद के अपने ऑफिस का शटर उठाया तो वहाँ उन्हें एक कागज पड़ा मिला। इसमें उन्हें पीएफआई ने ‘सर तन से जुदा’ करने की धमकी दी है।

सत्यम पंडित ब्राह्मण एकता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट में केंद्रीय मंत्री के पद पर भी हैं। उन्होंने ट्रस्ट की तरफ से लगभग ढाई साल पहले कृष्ण जन्मभूमि की जमीन को विवादित शाही मस्जिद से खाली कराने के लिए सिविल कोर्ट मथुरा में केस दर्ज किया था।

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) नाम की ओर आए इस धमकी के बावजूद सत्यम पंडित ने कहा है कि वो इस केस में पैरवी करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, “एक बार फिर जान से मारने की धमकी मिली। मैं बता देना चाहता हूँ कि मैं डरने वाला नहीं।”

‘राहुल गाँधी पनौती है’: MP, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की हार के बाद कॉन्ग्रेस को उसका ही किया-धरा लौटा रहे लोग, भारी पड़ी PM मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी

मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेस पार्टी एक बुरी हार की तरफ आगे बढ़ रही है। चुनाव प्रचार के दौरान कॉन्ग्रेस नेताओं ने बार-बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्हें ‘पनौती’ तक बताया गया। यहाँ तक कि जब भारत ODI वर्ल्ड कप का फाइनल हारा तो इसका ठीकरा भी पीएम मोदी पर फोड़ा गया, क्योंकि वो दर्शक दीर्घा में मौजूद थे। अब सोशल मीडिया पर लोग राहुल गाँधी को उनका ही किया लौटा रहे हैं।

सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रहा है – ‘राहुल गाँधी पनौती है।’ दिल्ली भाजपा महिला मोर्चा की स्टेट जनरल सेक्रेटरी वैशाली पोद्दार ने एक तस्वीर शेयर की, जिसमें राहुल गाँधी एक हुडी पहने हुए हैं और उस पर लिखा हुआ है – ‘पNAUTI’. बता दें कि ये एडिटेड तस्वीर है, लेकिन लोग इस पर खूब मजे ले रहे हैं।

वहीं सम्राट जितेंद्र सिंह नामक व्यक्ति ने राहुल गाँधी की संसद की एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वो हाथ गाल पर रख कर उदास बैठे हुए हैं। उन्होंने लोगों से कहा कि अगर आप सब राहुल गाँधी को पनौती मानते हैं तो इस ट्वीट को रीट्वीट करें।

हार्दिक ढेबर नामक इजर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की धोती में तस्वीर शेयर की। साथ ही लिखा कि अब ये शीशे की तरह साफ़ हो गया है कि राहुल गाँधी पनौती हैं, जबकि कॉन्ग्रेस के लोग इसे मानने को तैयार नहीं हैं। साथ ही उन्होंने लिखा कि भारत में और दुनिया भर में सिर्फ मोदी की गारंटी चलती है।

चन्दन शर्मा नाम यूजर ने लिखा कि अब इसमें कोई शक नहीं है कि राहुल गाँधी पनौती हैं। साथ ही उन्होंने राहुल गाँधी की एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वो कुर्सी पर उदास बैठे हुए हैं।

चुनाव आयोग की वेबसाइट की मानें तो जहाँ मध्य प्रदेश में जहाँ भाजपा 161 सीटों पर आगे चल रही है, वहीं कॉन्ग्रेस को मात्र 66 सीटें मिलती हुई दिख रही हैं। वहीं राजस्थान की बात करें तो भाजपा 113 और कॉन्ग्रेस 70 सीटों पर जीतती हुई दिख रही है। छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेस पार्टी 36 सीटों पर आगे चल रही है जबकि भाजपा 53 सीटों के साथ बहुमत लाती हुई दिख रही है। वहीं तेलंगाना में कॉन्ग्रेस पार्टी सरकार बनाती हुई दिख रही है। वहाँ वो 65 सीटों पर आगे है, जबकि सत्ताधारी BRS 39 पर।

पहले हिंदुत्व की आड़ ले लो, फिर करो सेकुलर राजनीति: आरफा खानम ने दिया सत्ता में घुसने का ज्ञान, खुद को बताया- सच्चा-ईमानदार पत्रकार

विधानसभा चुनावों के शुरुआती रुझान आने के बाद से मीडिया में चर्चाएँ जारी हैं। इसी बीच एक चर्चा द वायर की आरफा खानम शेरवानी ने भी अपनी कुछ साथियों के साथ मिलकर की। इसमें उन्होंने कॉन्ग्रेस को सिखाना चाहा कि कैसे सेकुलर पार्टियाँ हिंदुत्व की आड़ लेकर पहले सत्ता में घुस सकती हैं और उसके बाद सेकुलर राजनीति कर सकती हैं।

आरफा खानम शेरवानी ने चुनावी चर्चा के दौरान न्यूजलॉन्ड्री के अतुल चौरसिया से बात करते हुए कहा हिंदुत्व का दबाव भारत की राजनीति पर इतना है कि आदर्शवादी राजनीति नहीं हो जाती, क्योंकि इधर भी खुश करना पड़ता है। ऐसे में वो समझाती हैं कि क्यों नहीं एक बार हिंदुत्व की आड़ लेकर सत्ता में आया जाए और उसके बाद सेकुलर राजनीति की जाए।

इस पर अतुल चौरसिया उन्हें समझाते हैं कि ये बहुत स्लिपरी स्लोप है। ऐसा नहीं किया जा सकता कि पहले व्यवहारिक होकर हिंदुत्व का कार्ड खेल लिया जाए और उसके बाद कहें कि सेकुलर राजनीति करेंगे, क्योंकि चुनावों के बाद स्टेक होल्डर जवाब माँगता है। उन्होंने समझाया कि कर्नाटक के मुकाबले देखें तो इन चुनावों में देखें तो कम्युनल एंगल इतना नहीं था जितना वेल्फेयर का मुद्दा उठाया गया था

बता दें कि आरफा खानम के साथ इस शो में न्यूज लॉन्ड्री के अतुल चौरसिया, कारवां के हरतोष सिंह बल, स्क्रॉल से शोएब दानियाल शामिल हुए थे। शो की शुरुआत आरफा खानम ने खुद को सच्चा-ईमानदार पत्रकार बताने से की थी। उन्होंने कहा, “आपने सत्ता का चुनावी गठबंधन तो बहुत सुना होगा, लेकिन ये मीडिया का गठबंधन है। उन्होंने कहा कि लोग उनसे कहते हैं कि क्यों नहीं गोदी मीडिया के खिलाफ आप तमाम सच्चे ईमानदार पत्रकार एक हो जाइए तो हमने आपकी बात सुन लीं और हम आपके बीच हाजिर हैं।”

कन्हैया लाल की हत्या, हिंदू त्योहारों पर प्रतिबंध: नेता जोड़ने निकले थे इंडिया को… भारत के लोगों ने दिया ‘सनातन जवाब’

हाल में संपन्न हुए पाँच विधानसभा चुनावों में से चार राज्यों में आज रविवार (3 दिसंबर 2023) मतगणना जारी है। इसमें भाजपा राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सरकार बनाती दिख रही है। वहीं, तेलंगाना में सत्ताधारी BRS से आगे कॉन्ग्रेस है। राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेस की सरकार थी और अब वहाँ भाजपा लीड कर रही है। वहीं, मध्य प्रदेश में भाजपा वापसी कर रही है।

इन सब चुनावों में राजस्थान का चुनाव बेहद ही खास था। यहाँ मुकाबला काँटे का बताया जा रहा है। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना था कि प्रदेश में अशोक गहलोत के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस सरकार फिर से वापसी करेगी और हर पाँच साल पर सरकार बदलने का यहाँ का पुराना रिवाज टूटेगा। हालाँकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान की एक रैली में कॉन्ग्रेस की सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया था।

राजस्थान के चुनाव में आतंकी हमले के शिकार हुए टेलर कन्हैया लाल का मुद्दा भी उछला था। राजस्थान कॉन्ग्रेस की सरकार में महिला उत्पीड़न और हिंदुओं पर हमलों हुए लगातार हमलों ने कॉन्ग्रेस सरकार को बैकफुट ला दिया था। प्रदेश में आतंकियों के मनोबल ने इतना बढ़ा था कि वे खुलेआम हमले कर रहे थे और सरकार भी हिंदुओं के रामनवमी और हनुमान जयंती त्योहार में शोभायात्रा निकालने पर प्रतिबंध लगा रही थी।

कॉन्ग्रेस सरकार की मुस्लिम तुष्टिकरण की पुरानी नीति ने राजस्थान में हिंदुओं को उद्वेलित किया और एक बार फिर पुरानी राजनैतिक पार्टी को दोहराते हुए भाजपा की वापसी का रास्ता साफ किया। सामने आ रहे रूझानों से साफ पता चल रहा है कि राजस्थान में कन्हैयालाल की हत्या वाले फैक्टर ने बहुत बड़ा काम किया है। हालाँकि, ‘लाल डायरी’, परीक्षा पत्र का आउट होना, भर्तियों में भ्रष्टाचार, महिलाओं के प्रति हिंसा आदि ने भी इसमें महत्वपूर्ण रोल निभाए।

प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर में चुनावी प्रचार के दौरान 12 नवंबर 2023 को कन्हैया लाल को लेकर बेतुका दावा किया था। उन्होंने अपनी सरकार की खामियों को दबाने के लिए कन्हैया लाल की हत्या करने दोनों आरोपितों- रियाज और गौस मोहम्मद को ‘बीजेपी के लोग‘ बता दिया था। दरअसल, पीएम नरेंद्र मोदी ने भी 10 नवंबर 2023 को उदयपुर में एक रैली में इस हत्याकांड का जिक्र किया था।

अशोक गहलोत ने कहा था, “कन्हैया लाल की हत्या करने वाले कौन लोग थे? ये बीजेपी के लोग थे। उन्हें (मोदी) इस बारे में जानकारी नहीं दी गई होगी। जब उन्हें (आरोपितों को) से 4-5 दिन पहले एक मामले में पुलिस स्टेशन ले जाया गया तो यह भाजपा के लोग ही थे जिन्होंने उन्हें जमानत दिलाई थी। क्या वह ये नहीं जानते? फिर वह (मोदी) कैसे बोल सकते हैं?”

उल्लेखनीय है कि 28 जून 2022 को उदयपुर के कन्हैयालाल का गला उनके ही दुकान में घुसकर मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने काट दिया था। उनकी अस्थियों को आज भी विसर्जन का इंतजार है, क्योंकि हत्यारों को आज तक सजा नहीं हुई है। कन्हैयालाल की बर्बर हत्या के बाद हत्यारों ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।

पीएम मोदी ने चितौड़गढ़ की एक जनसभा को संबोधित करते हुए 2 अक्टूबर को कहा था, “यहाँ अशोक गहलोत सोते-जागते मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने में लगे थे और आधी कॉन्ग्रेस उनकी कुर्सी गिराने में जुटी थी। जनता को अपने हाल पर छोड़कर ये लोग आपसी लड़ाई में व्यस्त रहे। कॉन्ग्रेस ने राजस्थान को लूटने में कोई कमी नहीं छोड़ी।”

उन्होंने आगे कहा था, “5 साल में कॉन्ग्रेस सरकार ने राजस्थान की साख को तबाह कर दिया है। मैं बहुत दुखी मन से कहता हूँ कि जब अपराध, दंगे, महिलाओं-दलितों पर अत्याचार की बात होती है तो राजस्थान टॉप पर आता है। मैं बहुत दुःख के साथ आपने पूछता हूँ कि क्या 5 साल पहले आपने इसलिए राजस्थान को वोट दिया था?”

पीएम मोदी ने कहा था कि उदयपुर में जो हुआ उसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। लोग कपड़े सिलवाने के बहाने आते हैं और बिना किसी डर या खौफ के दर्जी का गला काट देते हैं, इस मामले में भी कॉन्ग्रेस को वोट बैंक नजर आया। उन्होंने कॉन्ग्रेस से पूछा कि उदयपुर दर्जी हत्याकांड में कॉन्ग्रेस पार्टी ने क्या किया, वोट बैंक की राजनीति की?

दरअसल, कन्हैया लाल की हत्या करने वाले दोनों इस्लामी कट्टरपंथियों के भाजपा होने का दावा सिर्फ अशोक गहलोत ने ही नहीं किया था, बल्कि कॉन्ग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी किया था। उन्होंने कहा था कि दोनों आतंकी भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के सदस्य थे और उनके कई भाजपा नेताओं के साथ फोटो और वीडियो हैं।

हालाँकि, कॉन्ग्रेस का यह दावा पूरी तरह झूठ है। रियाज और गौस मोहम्मद भाजपा के कार्यक्रमों में जाकर फोटो जरूर खींचवा लेते थे, लेकिन वे भाजपा के सदस्य नहीं थे और ना ही उन्हें आधिकारिक तौर कार्यक्रमों में बुलाया जाता था। वे दोनों के भाजपा की हिंदुत्व वाली नीतियों के मुखर आलोचक भी थे। ये कई मीडिया रिपोर्ट में कहा जा चुका है। फिर भी कॉन्ग्रेस झूठे दावे करके प्रदेश की जनता को गुमराह करने की कोशिश पूरे चुनाव के दौरान की।