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नीचे हीरोइन, पेट पर लेटा हीरो, दोनों नंगे… ‘Animal’ में रणबीर कपूर और तृप्ति डिमरी का न्यूड सीन बना चर्चा का विषय, सेक्स और हिंसा से भरी है फिल्म

रणबीर कपूर की फिल्म ‘Animal’ शुक्रवार (1 दिसंबर, 2023) को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। फिल्म बाप-बेटे के रिश्ते पर आधारित है, जिसमें उनके पिता का किरदार अनिल कपूर ने निभाया है। वहीं बॉबी देवल विलेन की भूमिका में हैं। रश्मिका मंदाना फिल्म की मुख्य अभिनेत्री हैं। फिल्म में एक सहायक अभिनेत्री भी हैं – तृप्ति डिमरी। रणबीर कपूर के साथ उनका न्यूड सीन खासा चर्चा में है। ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर इसके कई वीडियो वायरल हुए, जिन्हें कंटेंट पायरेसी के कारण हटा दिया गया है।

फिल्म में 2 ऐसे मौके आते हैं जब रणबीर कपूर पूरी तरह न्यूड दिखे हैं। एक दृश्य है जिसमें वो तृप्ति डिमरी के साथ बिस्तर पर लेटे होते हैं। इस सीन में तृप्ति डिमरी न्यूड लेटी हुई हैं और उनके ऊपर रणबीर कपूर भी नंगे लेटे हुए हैं। तृप्ति के पेट पर रणबीर ने अपना सिर रखा होता है। नीचे सफ़ेद बेडशीट बिछी होती है। फिल्म में रणबीर कपूर एक और दृश्य में अपने घर के परिसर में ही नंगे घूमते दिखे हैं। वहीं इस दृश्य में उनके साथी बंदूकों से गोलियाँ चलाते हुए दिखाई देते हैं।

‘Animal’ फिल्म में काफी हिंसा दिखाई गई है और ‘अल्फ़ा मेल’ कैरेक्टर पर पूरा फोकस होता है। फिल्म के निर्देशक संदीप रेड्डी वंगा हैं, जो ‘अर्जुन रेड्डी’ और इसका हिंदी रीमेक ‘कबीर सिंह’ बना चुके हैं। वो अक्सर डोमिनेंट मेल कैरेक्टर के चित्रण के लिए जाने जाते रहे हैं। ‘पोस्टर बॉयज’ (2017) से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली तृप्ति डिमरी को 2020 में ‘बुलबुल’ और 2022 में ‘क़ाला’ में देखा गया था। 2018 में वो ‘लैला मजनू’ फिल्म में भी दिखी थीं।

जहाँ तक ‘Animal’ की बात है, इसने पहले दिन दुनिया भर में 116 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है। फिल्म का बजट 100 करोड़ रुपए है। इसने पहले दिन हिंदी भाषा में 54 करोड़ रुपए की डोमेस्टिक नेट कमाई की, वहीं दक्षिण भारत से भी इसने 9 करोड़ रुपए की नेट कमाई कर ली है। ओपनिंग के मामले में शाहरुख़ खान की ‘जवान’ और ‘पठान’ ही इससे ऊपर है। एडल्ट सर्टिफिकेट के बावजूद फिल्म ने इतनी कमाई कर ली है।

TMC विधायक जफीकुल इस्लाम के घर CBI का छापा, ₹34 लाख नकद और 1.2KG सोना बरामद: शिक्षक भर्ती घोटाले से लिंक

तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के विधायक जफीकुल इस्लाम के घर केन्द्रीय जाँच एजेंसी CBI ने छापा मारकर ₹34 लाख नकद और 1.2 किलोग्राम सोना बरामद किया है। उनके घर से पश्चिम बंगाल के स्कूलों के कुछ शिक्षकों के नियुक्ति पत्र भी बरामद हुए हैं। यह छापेमारी पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले के संबंध में की गई है।

जफीकुल इस्लाम के अलावा उनके द्वारा चलाए जा रहे शिक्षण संस्थानों पर भी छापेमारी की गई है। यह जानकारी सामने आई है कि उनके घर सहित कुल 11 संस्थानों पर छापेमारी हुई है। बता दें कि जफीकुल इस्लाम पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद की डोमकल सीट से विधायक हैं।

सीबीआई का कहना है कि उसने राज्य में कुल 8 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। जकीफुल इस्लाम के अलावा कोलकाता के पार्षद बप्पादित्या दासगुप्ता के घर पर भी छापेमारी हुई है। इसके अलावा कोलकाता के साल्ट लेक इलाके से पार्षद देबराज चक्रबर्ती और एक कारोबारी श्यामल कर एवं इनके भाई सजल कर के यहाँ भी रेड डाली गई है।

सीबीआई ये छापेमारी 30 नवम्बर 2023 को की। केंद्रीय एजेंसी इस बात की जाँच कर रही है कि कहीं इस घोटाले से कमाए गए अवैध धन से इन लोगों ने सम्पत्तियाँ तो अर्जित नहीं की है। जानकारी के अनुसार, जफीकुल इस्लाम के घर तीन बैग में नकद रुपए बरामद हुए हैं।

जफीकुल इस्लाम ने इन आरोपों को नकारा है। उनका कहना है, “मेरा शिक्षक भर्ती घोटाले से कोई लेना-देना नहीं था। मैंने कुछ दिनों पहले एक सम्पत्ति बेची थी। उसी का पैसा मेरे घर रखा हुआ था। मेरी पत्नी ने एजेंसी को इससे जुड़े कागज दिखाया था। सीबीआई अधिकारियों का कहना था कि जफीकुल इस्लाम को ये पैसा बैंक में रखना चाहिए था।”

जफीकुल इस्लाम द्वारा साल 2021 में चुनावों के समय दाखिल किए गए शपथपत्र में बताया गया था कि उनकी कमाई ₹8 लाख है, जबकि उनकी पत्नी की कमाई ₹6 लाख है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि उनके पास ₹2.5 करोड़ की चल-अचल संपत्ति और बैंक जमा था निवेश में ₹1.71 करोड़ की जमा धनराशि है।

वहीं नियुक्ति पत्र के विषय में उन्होंने सफाई दी कि वह किसी अभ्यर्थी का कोई परिणाम था। उन्होंने विधायक होने के कारण कई लोग उन्हें ऐसे कागज दे जाते हैं। उनका कहना था कि क्षेत्र के लोग अपनी समस्याएँ लेकर उनके पास आते हैं और ऐसे कई कागज जमा करते हैं।

क्या है बंगाल का शिक्षक भर्ती घोटाला?

पश्चिम बंगाल सरकार ने वर्ष 2014 में घोषणा की थी कि प्रदेश के स्कूलों के लिए राज्य स्तरीय परीक्षा के माध्यम से शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। यह भर्ती पश्चिम बंगाल विद्यालय सेवा आयोग को करवानी थी। इस भर्ती पर 2016 में प्रश्न उठने लगे थे। तब बंगाल में उच्च शिक्षा मंत्रालय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी पार्थ चैटर्जी के पास था।

तमाम अभ्यर्थियों ने इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट को दी गई शिकायत में बताया था कि जिन अभ्यर्थियों के उनसे कम नम्बर थे, उन्हें मेरिट में ऊँची जगह दी गई। यह भी आरोप सामने आए कि उन लोगों को नियुक्ति भी दी गई, जो परीक्षा में शामिल ही नहीं थे। अब इस मामले की जाँच सीबीआई और ईडी कर रही है। पार्थ चैटर्जी को गिरफ्तार भी किया गया था।

बलात्कार, धर्मांतरण, गर्भपात… फरीदाबाद में हिंदू लड़की के साथ लव जिहाद, वीर बनकर आरिफ ने फँसाया, रिश्तेदारों से गैंगरेप करवाया

हरियाणा के फरीदाबाद से लव जिहाद का मामला आया है। वहाँ एक नाबालिग हिंदू लड़की को झूठी पहचान बताकर आरिफ ने प्रेम के जाल में फँसाया और उसका अश्लील वीडियो बनाकर उसके साथ एक साल तक रेप करता रहा। जब लड़की बालिग हो गई तब उसने उसका धर्मांतरण करवाकर जबरन निकाह कर लिया। इसके बाद आरिफ ने अपने भाई-अब्बा सबसे उसका रेप कराया। एक समय आया जब उसके साथ गैंगरेप भी हुआ।

पुलिस को दी शिकायत में लड़की ने अपने साथ हुए अत्याचार के बारे में बताया। पीड़िता ने कहा कि वीर बनकर आरिफ ने उसे फंसाया था। तब वो नाबालिग थी, इसलिए काफी दिनों तक वो वीर बनकर उसके साथ संबंध बनाए रखा। पीड़िता ने कहा कि इसी दौरान उसका रेप किया गया जिसकी वीडियो भी बनाई। बाद में इसी वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर वो ब्लैकमेल करने लगा।

लड़की का कहना है कि जितना समय वो आरिफ के साथ रही उस बीच वो कई बार गर्भवती हुई लेकिन आरोपियों ने उसका गर्भपात करवा दिया। एक 6 माह की बेटी को भी इन लोगों ने मारा। इसके बाद वो पीड़िता को मनाली ले जाकर पहाड़ से धक्का देने का प्लान बनाने लगे। हालाँकि इसी बीच किसी तरह लड़की ने घरवालों को संपर्क किया और उन्हें सारी आपबीती बताई। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुँचा। शिकायत में लड़की ने बताया कि आरिफ के ऊपर और भी मामले दर्ज हैं।

लड़की की शिकायत मिलने के बाद पुलिस अपने स्तर पर मामले की तहकीकात कर रही है। आरिफ के बारे में पता लगाया जा रहा है कि इससे पहले आरिफ के ऊपर किन मामलों में केस है। सेक्टर 16 महिला थाना एसएचओ इंदुबाला का कहना है कि मामले में धर्म परिवर्तन से लेकर गैंगरेप तक की संगीन धाराओं में केस दर्ज हुआ है। 14 लोग लड़की की शिकायत में आरोपित बनाए गए हैं।

पहली बार भारतीय नौसेना के युद्धपोत की कमान महिला अधिकारी के हाथ, हर स्ट्रीम में अग्निवीरों की भी नियुक्ति: अंग्रेजों के दिए रैंकों के नाम भी बदलेंगे

भारतीय नौसेना ने पहली बार युद्धपोत की कमान महिला अधिकारी के हाथों में सौंप कर इतिहास रच दिया है। ये पहली बार है कि नौसेना के फास्ट अटैक क्राफ्ट बोट की कमांडिंग अधिकारी किसी महिला को बनाया गया है।

हालाँकि, युद्धपोत पर तैनाती से पहले ये महिला अफसर प्री-कमीशन ट्रेनिंग लेंगी। नौसेना स्टाफ चीफ एडमिरल आर हरि कुमार ने शुक्रवार (1 दिसंबर, 2023) को नौसेना के जहाज पर पहली महिला कमांडिंग ऑफिसर नियुक्ति की जानकारी दी।

नौसेना चीफ ने जोर देकर कहा कि नौसेना सर्विस में सभी भूमिकाओं और सभी रैंकों में अधिकारी और अधिकारी पद से नीचे महिलाओं की तैनाती के आँकड़े महिलाओं के लिए नौसेना की सोच का सुबूत हैं। एडमिरल कुमार ने कहा, “हमने भारतीय नौसैनिक जहाज की पहली महिला कमांडिंग ऑफिसर को भी नियुक्त किया है। मौजूदा हालात को लगातार चुनौती देने और यह पक्का करने की की हमारी कोशिश रही है कि नौसेना भविष्य में इसी तरह की महत्वाकांक्षी और स्फूर्ति से भरी राह पर चलती रहे।”

नौसेना दिवस 4 दिसंबर से पहले एक प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान नौसेना चीफ ने उस पहल की भी बात की जो तीनों सेनाओं के मुकाबले नौसेना ने करने का हौसला दिखाया है। नेवी ऐसी पहली इंडियन फोर्स है जिसने अपने हर स्ट्रीम में पर्सनल बिलो ऑफिसर रैंक (PBOR) महिला अग्निवीरों की भर्ती की है।

उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना को लागू करने से बेहद जरूरी और परिवर्तनकारी बदलाव देखने को मिल रहे हैं। एडमिरल कुमार ने कहा, “अग्निवीरों का हमारा पहला बैच इस साल मार्च में प्रतिष्ठित आईएनएस चिल्का से ग्रेजुएट हुआ और अहम बात यह है कि अग्निवीरों के इस बैच में 272 महिला अग्निवीर प्रशिक्षु भी शामिल हैं।” बताते चलें कि 2585 अग्निवीरों का पहला जत्था आईएनएस चिल्का ओडिसा से इसी साल मार्च में ग्रेजुएट हुआ था।

उन्होंने कहा, “अग्निवीरों के दूसरे बैच में कुल 454 महिलाएँ थीं और मैं कहना चाहता हूँ कि इस दिशा में आगे बढ़ते हुए आईएनएस चिल्का में अग्निवीरों के तीसरे बैच के साथ जिसे अभी शामिल किया गया है अब नौसेना महिला अग्निवीरों की कुल संख्या 1000 का आँकड़ा पार कर गई है।” एडमिरल ने कहा, “बीते साल पर नजर डालें और आप इस बात से सहमत होंगे कि 2023 हर क्षेत्र के लिए में हमारे देश के लिए एक शानदार साल रहा है। इसी तरह इस दौरान हमारे जहाजों, पनडुब्बियों और विमानों ने सैन्य, राजनयिक और कॉन्सटेबलरी भूमिकाओं से जुड़े मिशनों और कामों को अंजाम देते हुए बेहतरीन काम किया है।”

नौसेना चीफ ने आगे कहा, “राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र और उससे आगे भी मिशनों पर तैनात हैं, इसलिए समुद्र में समान रूप से बड़ी संख्या में बड़े पैमाने पर की गई इस तैनाती ने वास्तव में भारतीय नौसेना की मदद की है। बताते चलें कि PBOR कैडर में रैंकों को जेंडर न्यूट्रल बनाने के लिए भी नेवी काम कर रही है। इसमें पदनाम बदलने का काम शामिल है। नौसेना ने ब्रिटिशों से मिली नाविकों के रैंकों की समीक्षा पूरी कर ली है और इन्हें भारतीय पदनामों से बदलने की तैयारी है।

नौसेना के पीबीओआर कैडर में सात रैंकों को नया नाम दिया जाएगा। ये जेंडर न्यूट्रल नहीं हैं। ये रैंक मास्टर चीफ पेटी ऑफिसर प्रथम श्रेणी, मास्टर चीफ पेटी ऑफिसर द्वितीय श्रेणी, चीफ पेटी ऑफिसर, पेटी ऑफिसर, लीडिंग सीमैन, सीमैन प्रथम श्रेणी और सीमैन द्वितीय श्रेणी के है।

ऑस्ट्रेलिया में पाकिस्तानी क्रिकेटरों को बना दिया ‘मजदूर’, ट्रक में लदवाया सामान! वीडियो देख लोग बोले – ये तो अंतरराष्ट्रीय बेइज्जती

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इनमें पाकिस्तानी खिलाड़ी अपने सामान को एक ट्रक पर मजदूरों की तरह लादते हुए दिख रहे हैं। यह तस्वीरें ऑस्ट्रेलिया के एक एयरपोर्ट के बाहर की हैं। अब इसे लेकर एक्स (पहले ट्विटर) पर पाकिस्तान का मजाक उड़ाया जा रहा है।

दरअसल, पाकिस्तानी की क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैच की टेस्ट सीरीज खेलने के लिए पहुँची है। यह सीरीज 14 दिसंबर, 2023 से चालू होगी। पाकिस्तानी टीम 1 दिसम्बर 2023 को सिडनी एयरपोर्ट पहुँची थी, उनके साथ काफी सारा सामान भी था।

हालाँकि, जब पाकिस्तानी टीम एयरपोर्ट के बाहर अपना सामान लेकर पहुँची तो वहाँ पाकिस्तान के ऑस्ट्रेलियाई दूतावास से कोई भी अधिकारी उन्हें रिसीव करने नहीं पहुँचा। यहाँ पर अन्य सपोर्ट स्टाफ भी पाकिस्तान टीम के लिए पहुँचा। इस कारण से पाकिस्तान की टीम को अपना सामान खुद ही ट्रक में लोड करना पड़ा

इस घटना के कुछ वायरल वीडियो में पाकिस्तान टीम के मोहम्मद रिजवान, बाबर आजम और शाहीन आफरीदी जैसे खिलाड़ी एक ट्रक में सामान ढोते दिखते हैं। यहाँ रिजवान ट्रक पर हैं और बाकी खिलाड़ी नीचे से उन्हें सामान पकड़ा रहे हैं। वह इस सामान को इस ट्रक में डाल रहे हैं। यहाँ अन्य कोई भी स्टाफ नहीं दिखता है।

अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। भारतीय फैन्स इस पर पाकिस्तान टीम के मजे ले रहे हैं। इसे पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय बेइज्जती बताया जा रहा है। एक फैन ने इसे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की सबसे बड़ी बेइज्जती बताया।

एक यूजर का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान को औकात दिखा दी। लोगों ने मजे लेते हुए यह भी कहा कि चेक कर लें कि उनका वापस आने का टिकट भी किया गया है या नहीं।

पाकिस्तान के कुछ फैन्स इसका बचाव यह कह कर रहे हैं कि ऐसा करके पाकिस्तानी टीम ने नई मिसाल पेश की है जबकि कुछ इस पर दुख जता रहे हैं।

पाकिस्तानी यह भी दावा कर रहे हैं कि यह उनकी टीम की खुद की पहल थी और एयरपोर्ट या दूतावास की इस मामले में कोई गलती नहीं है।

हालाँकि, कुछ लोगों का कहना है कि किसी भी देश के खिलाड़ियों के साथ ऐसा सलूक नहीं होना चाहिए।

‘ओरल सेक्स’ वाले प्रोफेसर इफ्तिखार के खिलाफ डॉक्टर हो या वकील… सबको ‘रास्ते से हटाया’ जा रहा: केरल यूनिवर्सिटी का मामला

अंग्रेजी साहित्य पढ़ाने के नाम पर केरल सेंट्रल यूनिवर्सिटी में MA की छात्राओं पर सेक्सुअल कमेंट और अश्लील चर्चा करने वाले सहायक प्रोफेसर इफ्तिखार अहमद को निलंबित कर दिया गया है। अहमद पर दर्जनों छात्र-छात्राओं ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

यूनिवर्सिटी ने उस महिला डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई शुरू की, जिसने अहमद को छात्रा से छेड़छाड़ करते देखा था। इतना ही नहीं, जाँच कमिटी में शामिल एक महिला वकील को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया गया। महिला वकील का कहना था कि अहमद ने उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया है या नहीं, ये वही बता सकते हैं।

यौन उत्पीड़न की प्रमुख गवाह महिला डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस

विश्वविद्यालय आरोपित अहमद की शिकायत के बाद महिला डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि इस मामले में बिना इजाजत के मीडिया से बात करके महिला डॉक्टर ने इफ्तिखार अहमद की ‘छवि खराब करने’ की कोशिश की। उनसे 7 दिनों में जवाब माँगा गया है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए।

दरअसल, छात्राओं द्वारा दी गई शिकायत में कहा गया था कि 13 नवंबर 2023 को इफ्तिखार अहमद की पेपर का इंटरनल एक्जाम देते हुए एक छात्रा बेहोश-सी हो गई थी। उसका ब्लड शुगर लेवल नीचे आ गया था। इसके बाद अहमद के PhD स्कॉलर ने उन्हें बुलाया था।

इस दौरान अहमद बार-बार उस छात्रा को अपनी बाँहों में लेकर उठाने की कोशिश की, कंधों को पकड़ कर झकझोरा और चेहरे पर पानी का छींटें मारकर उसे हाथों से मला। इस दौरान लड़की को पहली बार असहजता महसूस हुई। हेल्थ सेंटर में ले जाने के बाद भी अहमद लड़की का कभी हाथ पकड़ते तो कभी पैर। उसे हर तरह से छूने की कोशिश की।

हेल्थ सेंटर की डॉक्टर ने भी कहा था कि हेल्थ सेंटर में अहमद छात्रा को अनुचित तरीके से छूने की कोशिश करते रहे। महिला डॉक्टर ने कहा था कि डॉक्टर इफ्तिखार अहमद जिस तरह से छात्रा से व्यवहार कर रहे थे, उनका व्यवहार अनुचित था। यह महिला डॉक्टर इस मामले की प्रमुख गवाह भी हैं।

यूनिवर्सिटी की आंतरिक जाँच कमिटी से महिला वकील का इस्तीफा

उधर, मामले की जाँच करने वाली यूनिवर्सिटी की आंतरिक जाँच समिति (ICC) की एकमात्र बाहरी सदस्य महिला वकील ने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह महिला वकील 10 सदस्यीय आतंरिक जाँच समिति की पिछले डेढ़ साल से सदस्य थी। इस कमिटी में वह यूनिवर्सिटी के बाहर की एकमात्र सदस्य थीं।

महिला वकील ने ऑनमनोरमा से कहा, “मैंने इस्तीफा दे दिया है, क्योंकि कुछ मीडिया में मेरे नाम से बयान चलाया जा रहा है, जिसे मैंने कहा ही नहीं है। मेरे पास सबूत है कि मैंने ऐसा नहीं कहा।” दरअसल, इफ्तिखार अहमद ने कहा था, “ICC में एक महिला वकील हैं। उन्होंने मुझसे कहा था कि ‘सर आप भाग्यशाली हैं। छात्रा ने अपने शरीर के जिन स्थानों को छूने का आरोप लगाया है, वहाँ कोई यौनांग नहीं है’।”

जब महिला वकील से पूछा गया कि क्या इफ्तिखार अहमद ने उन्हें यूनिवर्सिटी की आंतरिक जाँच समिति से हटाने के लिए ये साजिश रही, तो उन्होंने कहा कि ये बात सिर्फ आरोपित सहायक प्रोफेसर अहमद ही बता सकते हैं। हालाँकि, अहमद ने इससे साफ इनकार कर दिया।

इफ़्तिखार अहमद ने अपना बयान को ICC की सोशल मीडिया और अपनी कक्षा के पूर्व छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप पर पोस्ट किया। उन्होंने यह दावा किया कि वह छात्राओं के एक ग्रुप की साजिश का शिकार हुए हैं। अपने पुरुष छात्रों के साथ व्हाट्सएप पर हुई बातचीत के स्क्रीनशॉट भी उन्होंने मीडिया को मेल किए।

छात्राओं के आरोप

छात्राओं ने ये आरोप लगाया कि इफ्तिखार अमहद कविता और साहित्य के नाम पर सेक्स, सेक्सुअल प्लेजर और चरम आनंद की बात करते हैं। अहमद क्लास के लिए डिजाइन अपने कोर्स में महिलाओं को सेक्स की वस्तु कहते हैं। ऐसी ही एक कक्षा में अहमद ने कहा था, “ओरल सेक्स (मुख मैथुन) कम्युनिकेशन का सबसे बेहतरीन माध्यम है।”

क्लास में ऐसा ही एक अश्लील उदाहरण देते हुए अहमद ने कहा था, क्या तुम लोग जानती हो कि बस पर सबसे खुश बस कंडक्टर क्यों होता है? क्योंकि, वह बहुत से लोगों (महिलाओं) में टच करता है।” अहमद ने तो क्लास की एक छात्रा को लेकर ही अश्लील टिप्पणी कर दी।

अहमद ने क्लास की एक छात्रा से कहा, क्या तुम मुझे अपने पूरे शरीर को चाटने दोगी, जैसा कि ‘जर्मन संभ्रांत वर्ग’ में प्रचलित था। उन्होंने चौड़ी ललाट वाली लड़कियों को क्लास में घूरते हुए कहा कि मध्यकालीन इंग्लैंड में चौड़ी ललाट वाली महिलाओं को काम-वासना से परिपूर्ण महिला माना जाता था।

इसी तरह ‘To His Coy Mistress’ कविता की चर्चा करते हुए अहमद ने कविता के संदर्भ हटकर बताया कि योनि प्रवेश (Penetration) कैसे किया गया है। इस दौरान अहमद ने छात्राओं की देखकर शारीरिक रूप से अश्लील संकेत भी किया। अहमद ने पढ़ाने को सेक्स करने की तरह बताया और कहा कि इसमें बोरियत से बचने के लिए पोजिशन बदलते रहने और अलग-अलग तकनीक अजमाने की जरूरत होती है।

एक छात्रा की ओर इशारा करते हुए अहमद ने यौन प्रलोभन और उन्माद को लेकर कहा कि वह दो साड़ी देकर उस लड़की को अपने कमरे में बुलाए और वह आने के लिए तैयार भी हो गई, लेकिन इसके बदले उसने तीन साड़ी की माँग की। अहमद ने कविता के जूनून को महिलाओं के अंडरवियर सूंघने की दीवानगी से की।

गौ तस्करों ने कंटेनर में ठूँस-ठूँस कर भरे 110 गोवंश, 32 की जान निकली: झारखंड में फैज, सलाउद्दीन समेत 8 गिरफ्तार, गाड़ी लेकर जा रहे थे बंगाल

झारखंड से एक बार फिर गौ तस्करी की खबर आई है। इस बार गोवंश से भरे तीन वाहन बरामद हुए। इनमें गायों को इतना ठूँस कर भरा गया था कि कई गोवंशों की मौत हो गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, झारखंड के गिरिडीह में शुक्रवार (1 दिसंबर 2023) को निमियाघाट थाना क्षेत्र के तूरी टोला के नजदीक ये वाहन पकड़े गए। बताया जा रहा है कि इन वाहनों को बंगाल और बांग्लादेश भेजा जा रहा था।

जब पुलिस ने इन वाहनों (2 कंटेनर और 1 पिकअप वैन) को रोककर जाँच करवाई तो देखा तो इनमें टोटल 110 गोवंश ठूँस-ठूँस कर भरे गए थे। तस्कर इन गाड़ियों को बिहार से शेरघाटी होकर बंगाल के कोलकाता ले जा रहे थे। पुलिस ने इस संबंध में 2 ड्राइवरों समेत 8 तस्करों को गिरफ्तार किया।

जानकारी के मुताबिक, इन गौतस्करों की सूचना मिलने के बाद में एसपी ने डुमरी एसडीपीओ सुमित प्रसाद के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई थी, जो कुलगो टोल प्लाजा के पास वाहनों की जाँच में जुटी थी। जब ये तीन वाहन आए और पुलिस को देखा तो कंटेनर और पिकअप वैन को तेजी से भगाने लगे।

पुलिस ने तीनों गाड़ियों का पीछा किया। आखिर में तस्करों की गाड़ी का बैलेंस बिगड़ा और वो डिवाइडर से टकराकर पलट गई। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए तीनों वाहनों को कब्जे में किया और गोवंशों को आजादी दिलाई। अनुमान लगाया जा रहा है कि शायद जिस समय वाहन पलटा उस टाइम भी कुछ गोवंशों की मौत हो गई।

वहीं दैनिक जागरण की रिपोर्ट बताती हैं कि पशुओं को वाहनों के भीतर इतनी क्रूरता से एक के बाद एक डाला गया था कि ये हिल भी नहीं पा रहे थे। पहले कंटेनर में इन्होंने 50 गोवंश भरे थे। दूसरे में 43 गोवंश को लादा गया था। इसके अलावा पिकअप वैन में भी 17 गोवंशी लादे गए थे जिनमें से 8 की मौत हो गई। बताया गया है कि इस घटना के बाद जितने भी गोवंश जिंदा (78) बचे पुलिस ने उन्हें मधुबम गौशाला भेज दिया है।

पुलिस ने गौ तस्करी के मामले में वाहन चालक फैज खान, भभुआ निवासी फैयाज खान, रामकिशन राय और शुभम कुमार को गिरफ्तार किया है। इनके अलावा हसनाय खान, सलाउद्दीन कुरैशी, अली शेर कुरैशी व कल्लू आलम और भभुआ के रहनेवाले तौफीक फकीर को गिरफ्तार किया गया है।

‘आदित्य L1’ ने शुरू किया सौर हवाओं का अध्ययन, अंतरिक्ष में मौसम से लेकर धरती पर इसके प्रभाव का भी पता चलेगा: ISRO ने जारी की तस्वीर

सूर्य के अध्ययन के लिए भेजे गए भारत के ‘आदित्य L1’ सैटेलाइट ने एक बड़ा मील का पत्थर तय कर लिया है। इसमें लगे ‘आदित्य सोलर विंड पार्टिकल एक्सपेरिमेंट (ASPEX)’ नामक पेलोड ने अपना काम शुरू कर दिया है। ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान परिषद) ने शनिवार (2 दिसंबर, 2023) को इसकी जानकारी दी। ASPEX में अत्याधुनिक उपकरण लगे हुए हैं। जैसे – सोलर विंड आयन स्पेक्ट्रोमीटर (SWIS) और सुप्राथर्मल एन्ड एनर्जेटिक पार्टिकल स्पेक्ट्रोमीटर बिना किसी व्ययधान के काम कर रहा है।

SWIS उपकरण को 2 नवंबर, 2023 को सक्रिय किया गया है। उसने सौर हवाओं और Ions को मापने में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। खासकर प्रोटोन्स और अल्फ़ा पार्टिकल्स के अध्ययन में ये बड़ी भूमिका निभा रहा है। इसमें 2 सेंसर यूनिट्स लगे हैं जो 360 डिग्री फिल्ड व्यू से लैस हैं। SWIS परपेंडिकुलर (लंब) प्लेन्स में काम करता है। इससे सौर हवाओं के व्यवहार का विस्तृत विवरण पता चलेगा। नवंबर 2023 का एक सैम्पल एनर्जी हिस्टोग्राम भी तैयार किया गया है।

इसमें प्रोटोन (H++) और अल्फ़ा पार्टिकल (He2+) की संख्या में विविधता पाई गई, जो नॉमिनल इंटीग्रेशन टाइम के साथ एक व्यापक स्नैपशॉट को दिखाता है। SWIS की जो डायरेक्शनल क्षमताएँ हैं, वो सौर हवाओं और पृथ्वी पर पड़ने वाले उनके प्रभाव को लेकर काफी कुछ नई चीजों का पता लगाएँगे। सूर्य से प्लाज्मा के विस्फोटक स्फुटन को ‘कोरोनल मास इजेक्शन (CME)’ कहते हैं। वहीं ‘आदित्य L1’ जिस बिंदु से सूर्य का अध्ययन कर रहा है उसे लैग्रेंज पॉइंट कहते हैं।

‘आदित्य L1’ अब CME के L1 पॉइंट तक आने का अनुमान भी लगा सकता है। अल्फ़ा टू प्रोटोन रेश्यो के अध्ययन का एक फायदा ये भी होगा कि इससे अंतरिक्ष में मौसम के बदलाव के बारे में बहुत कुछ पता चलेगा। अन्तरग्रहीय CME (ICMEs) के लिए ये रेश्यो एक मार्कर का काम करता है। सौर हवाओं और पृथ्वी पर पड़ने वाले उसके असर को लेकर वैज्ञानिक समूह नतीजों का इंतजार कर रहा है। सोलर फिनोमिना और स्पेस वेदर को समझने में हमें अब बहुत आसानी होगी।

नाम आशिक, घोंट दिया प्रेमिका का गला… लाश को लगाया व्हाट्सऐप स्टेटस, 17 साल की GF को किया था गर्भवती

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के एक निजी नर्सिंग कॉलेज में पढ़ने वाली केरल की एक छात्रा को आशिक नाम के उसके प्रेमी ने शुक्रवार (1 दिसंबर 2023) कर हत्या कर दी। कहा जा रहा है कि आशिक ने फौजिया नाम की लड़की का गला घोंट दिया है। इसके बाद उसने शव की तस्वीर खींचकर उसे अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लगा दिया।

मृतक फौजिया 20 साल की थी और केरल के कोल्लम की रहने वाली थी। वह चेन्नई से सटे क्रोमपेट के एक निजी नर्सिंग कॉलेज में पढ़ती थी और न्यू कॉलोनी स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। वह पिछले पाँच साल से 20 साल के आरोपित आशिक के साथ रिश्ते में थी।

पुलिस ने बताया, “शुक्रवार की सुबह जोड़े ने क्रोमपेट होटल में एक कमरा लिया था। उस शाम आशिक ने फ़ौजिया के शव की एक तस्वीर अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर अपलोड की। फौजिया के दोस्तों ने इसे देखा तो तुरंत पुलिस को सूचित किया।” आशिक भी केरल के कोल्लम का ही रहने वाला है।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुँची तो वहाँ फौजिया मृत मिली। इलाके के सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि घटना के दिन आशिक होटल से भाग रहा है। हालाँकि, उसे पुलिस ने बाद में पकड़ लिया।

पुलिस ने आगे बताया, “प्रारंभिक जाँच से पता चला है कि फौजिया को पता चला कि आशिक का किसी अन्य लड़की के साथ अफेयर चल रहा है और वह उसे धोखा दे रहा है। इस बात को लेकर आशिक और फौजिया में बहस हो गई थी। झगड़ा बढ़ गया तो आशिक ने फौसिया की टी-शर्ट से गला घोंटकर हत्या कर दी।”

यह बात भी सामने आई है कि फ़ौजिया जब 17 साल की थी, तब वह गर्भवती हो गई थी। इसको लेकर आशिक को पॉक्सो अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद फौजिया ने एक बच्चे को जन्म दिया। उस बच्चे को गोद दे दिया गया। जेल से छूटने के बाद आशिक जब भी चेन्नई जाता था तो फ़ौजिया से मिलता था।

स्कूल आती हैं हिजाब-बुर्का पहन, लेकिन यूनिफॉर्म के लिए ले लेती हैं सरकारी पैसा: मना करने पर प्रधानाध्यापक को हत्या की धमकी, स्कूल में करेंगे तालाबंदी

बिहार के शेखपुरा जिले के एक स्कूल में प्रधानाध्यापक को छात्राओं को हिजाब की जगह स्कूल ड्रेस में आने को कहना भारी पड़ गया। उनकी इस बात से नाराज मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हिजाब न पहनने देने पर स्कूल में ही ताला लटकाने की धमकी दी। प्रधानाध्यापक को भी हत्या की धमकी दे डाली।

प्रधानाध्यापक सत्येंद्र चौधरी ने इस विद्यालय की कुछ छात्राओं को हिजाब पहनकर आने से मना किया था। उनकी इस बात पर खासा बवाल खड़ा हो गया। गुस्साए मुस्लिम समुदाय के लोग 29 नवंबर 2023 को विद्यालय में घुस आए। उन्होंने प्रधानाध्यापक चौधरी को जान से मारने की धमकी देने के साथ ही स्कूल बंद करने की चेतावनी दी।

इस पूरे मामले को लेकर प्रधानाध्यापक चौधरी का कहना है कि जब-जब छात्राओं को विद्यालय में बुर्का और हिजाब की जगह स्कूल ड्रेस पहनकर आने के लिए कहा जाता है, तब-तब मुस्लिम अभिभावक आकर धमकी देते हैं। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानाध्यापक सत्येंद्र कुमार चौधरी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा जिला पदाधिकारी को अलग-अलग पत्र लिखकर सुरक्षा की माँग की है।

शेखपुरा जिले के शेखोपुरसराय पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय चरुआवां से संबंधित इस मामले को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि यह बेहद गंभीर मामला है और विद्यालय में नियमों के मुताबिक ड्रेस पहनकर आना जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि इस घटना के बारे में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को जाँच करके रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।

इस मामले पर ऑपइंडिया ने शनिवार (2 दिसंबर,2023) को जिला शिक्षा पदाधिकारी ओम प्रकाश सिंह से बात की। उन्होंने बताया कि इस मामले की जाँच को लेकर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रमेश प्रसाद को विद्यालय में दोनों पक्षों के साथ बैठक के लिए भेजा गया है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानाध्यापक सत्येंद्र कुमार का पत्र मिला है, उनकी सुरक्षा को लेकर प्रशासन से भी बात करेंगे।

इसे लेकर शिक्षक संघ ने भी प्रधानाध्यापक के जानमाल की सुरक्षा और सरकारी विद्यालयों में सरकारी व्यवस्था को सख्ती से लागू करने की माँग की है। जिस स्कूल में ये घटना हुई है, वो जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर है।

इस स्कूल में मुस्लिम छात्र-छात्राओं की अच्छी खासी तादाद है। सरकारी योजना के तहत सभी को स्कूली ड्रेस के लिए पैसे मिलते हैं। छपी रिपोर्ट और प्रधानाध्यापक सत्येंद्र कुमार चौधरी के आरोप के अनुसार मुस्लिम छात्राएँ स्कूल ड्रेस की जगह हिजाब और बुर्का पहन स्कूल पहुँचती हैं।

गाँव के मुस्लिमों ने इसे अपने मजहब और दीन से जुड़ा मामला बताते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक और शिक्षकों पर इसे जरूरत से अधिक तूल देने का आरोप जड़ा है। गाँव के पूर्व मुखिया और ग्रामीण मोहम्मद असलम ने विवाद बढ़ने के हालात में स्कूल में ताला लगाने की चेतावनी दी है।

मोहम्मद असलम का कहना है कि उनके बच्चे क्या पहनेंगे, यह तय करने वाला प्रधानाध्यापक कौन होता है? उसके अनुसार इस मामले को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी से मुलाकात कर सारी स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। उसने बताया कि वो जिला शिक्षा पदाधिकारी से यह भी कह चुका है कि हिजाब और बुर्का मुस्लिमों का निजी मामला है, इससे छेड़छाड़ न की जाए और न ही विवाद को गैरजरूरी तूल दिया जाए।