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भारत में अब इस्तेमाल हो रहे 99.2% स्मार्टफोन ‘मेड इन इंडिया’, 9 साल में 20 गुना बढ़ा प्रोडक्शन: जानिए कैसे मोदी सरकार ने बदल दी तस्वीर

भारत में इस समय बिक रहे 99.2% स्मार्टफोन ‘मेड इन इंडिया’ हैं। बीते 9 साल में देश में स्मार्टफोन का प्रोडक्शन करीब 9 गुना बढ़ा है। मोबाइल फोन प्रोडक्शन इंडस्ट्री 44 बिलियन डॉलर (करीब 3.5 लाख करोड़ रुपए) तक पहुँच चुकी है। यह जानकारी केंद्रीय आईटी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी है।

केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने बताया है कि भारत ने 2025-26 तक 300 बिलियन डॉलर की इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री बनाने का लक्ष्य तय कर रखा है। उनका कहना है कि भारत की तरक्की और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में निर्यात का बड़ा योगदान हो सकता है।

गौरतलब है कि भारत में बीते एक दशक में स्मार्टफोन निर्माण में काफी तेजी आई है। बीते 9 साल में भारत के स्मार्टफोन उत्पादन में 20 गुना वृद्धि देखी गई है। वर्ष 2014-15 में यह मार्केट लगभग ₹19,000 करोड़ का ही था। अब यह बढ़ कर ₹3.5 लाख करोड़ से ऊपर जा चुकी है।

भारत में स्मार्टफोन निर्माण
भारत में स्मार्टफोन निर्माण

ऐसा नहीं है कि भारत में बने हुए स्मार्टफोन केवल भारत के ही बाजार में बेचे जा रहे हैं। भारत लगभग 11 बिलियन डॉलर के स्मार्टफोन निर्यात भी कर रहा है। स्मार्टफोन निर्माता कम्पनी एप्पल भी भारत में लगातार अपने फोन का निर्माण बढ़ा रही है। भारत अब विश्व में दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन निर्माता है।

एक रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2022-23 में एप्पल ने 5 बिलियन डॉलर से अधिक इलेक्ट्रॉनिक भारत में निर्मित करके बाहर निर्यात किए। यह सिलसिला लगातार जारी है। जितना निर्यात एप्पल ने 2022-23 के पूरे वर्ष में किया था, उससे अधिक 2023-24 के पहले सात महीनों में ही कर चुका है।

एप्पल भारत से 2023-24 के पहले 7 माह में 5 बिलियन डॉलर से अधिक का निर्यात कर चुका है। भारत के स्मार्टफोन निर्यात में एप्पल का लगभग 62% हिस्सा है। एप्पल के अलावा अब कोरियन स्मार्टफोन निर्माता कम्पनी सैमसंग भी भारत के निर्यात में बड़ी हिस्सेदार है। सैमसंग ने 2022-23 के दौरान 4 बिलियन डॉलर से अधिक के स्मार्टफोन निर्यात किए।

अब गूगल भी अपना स्मार्टफ़ोन पिक्सल भारत में बनाने की योजना पर काम कर रहा है। एप्पल अपनी क्षमता को बढ़ा रहा है। एप्पल, ताईवानी कम्पनी फॉक्सकॉन और पेगाट्रोन के साथ मिलकर भारत में अभी आईफोन बना रही है। एप्पल आने वाले दिनों में टाटा के साथ मिलकर आइफोन भी बनाने जा रहा है। इसके लिए फैक्ट्री बन रही है।

इनके अलावा भारत के बाजार में बड़ा हिस्सा रखने वाली शाओमी, ओप्पो और वनप्लस जैसे ब्रांड भी भारत में ही निर्माण कर रहे हैं। पहले यह सभी ब्रांड भारत में चीन से मँगाकर स्मार्टफ़ोन बेचते थे। प्रोडक्शन के क्षेत्र में आए इस बदलाव का एक बड़ा कारण केंद्र सरकार की नीतियाँ भी रही हैं।

केंद्र सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम भारत में स्मार्टफोन बनाने वाली कम्पनियों को कई रियायतें देने के लिए बनाई गई है। यह स्कीम स्मार्टफ़ोन के अलावा भारत में पूरे इलेक्ट्रॉनिक निर्माण क्षेत्र के लिए लाई गई है। इसका असर भी दिखा है।

जिन राज्यों में स्मार्टफोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं को बनाने की फैक्ट्रियाँ लग रही हैं, वहाँ की राज्य सरकारें भी इन्हें जमीन और बिजली में रियायतों जैसी सुविधाएँ दे रही हैं। भारत में बनने वाले स्मार्टफोन में विदेशी कंपोनेंट भी कम हो रहे हैं और भारतीय कंपोनेंट का प्रतिशत बढ़ रहा है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, PLI के तहत केंद्र सरकार भारत में मैन्युफैक्चरिंग करने वाली कंपनियों की बढ़ती हुई सेल के हिसाब से उन्हें सब्सिडी देगी। यह सब्सिडी अलग-अलग कैटेगरी के लिए अलग-अलग रखी गई है। PLI के अलावा कई राज्यों ने अपने श्रम कानूनों में बदलाव करना चालू कर दिया है, जिससे कम्पनियों को सस्ती और स्किल्ड लेबर मिल सके।

वर्ष 2018-19 में देश से जहाँ ₹61,090 करोड़ के इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात हुआ था, वहीं 2022-23 में ₹1.9 लाख करोड़ के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का निर्यात हुआ। यह पाँच वर्षों में लगभग 3 गुना की वृद्धि है। वर्ष 2023-24 में इसके और भी अधिक होने की संभावना है।

योग कर पार्क से लौट रहीं थी महिलाएँ, जबरन पोर्न वीडियो दिखाने लगा मोइन खान: विरोध करने पर दी गालियाँ, इंदौर पुलिस ने किया गिरफ्तार

मध्य प्रदेश की इंदौर पुलिस ने योग करने आने वाली महिलाओं को अश्लील वीडियो दिखाने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। 35 वर्षीय आरोपित का नाम मोईन खान है। शुक्रवार (24 नवंबर, 2023) को मोईन ने बगीचे से योग कर के लौट रहीं महिलाओं को तेज आवाज में अश्लील वीडियो दिखाने का प्रयास किया। इस दौरान आरोपित बाइक चला रहा था। पुलिस इस मामले में जाँच और कानूनी कार्रवाई कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना इंदौर के थानाक्षेत्र पंढरीनाथ का है। यहाँ के अटल बिहारी उद्यान में कई महिलाएँ प्रतिदिन सुबह योग गुरु रत्नेश से योग सीखने आती हैं। शुक्रवार (24 नवंबर) को हर दिन की तरह महिलाएँ योग करके गार्डन से बाहर निकलीं। इसी दौरान पीछे से इंदौर के ही कटकपुरा का रहने वाला 35 वर्षीय मोईन खान बाइक से गुजरा। आरोप है कि उसने चलती बाइक पर तेज आवाज में कोई अश्लील वीडियो चला रखा था। इस वीडियो को मोईन ने महिलाओं को दिखाने का भी प्रयास किया।

बताया जा रहा है कि जब महिलाओं ने मोईन की इस हरकत का विरोध किया तो वो गाली-गलौज पर उतर आया। इसके थोड़ी देर बाद मोईन वहाँ से चला गया। पीड़िताओं ने आरोपित की बाइक का नंबर नोट कर लिया। अगले दिन हिन्दू संगठनों के साथ योग गुरु रत्नेश पंढरीपुर थाने पहुँचे। उन्होंने मोईन के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ FIR दर्ज करके उसके बाइक के नंबर प्लेट से उसकी पड़ताल शुरू की। आखिरकार आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया।

बताते चलें कि इससे पहले भी 13 अगस्त, 2021 में इंदौर के इसी पंढरीनाथ थानाक्षेत्र में दलित समुदाय की 2 लड़कियों के साथ मुस्लिम युवकों द्वारा छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। इस दौरान पीड़िता के परिजन द्वारा विरोध करने पर आरोपितों द्वारा पिटाई भी की गई थी। साथ ही पुलिस पर भी हमला किया गया था। इसके अलावा 25 अगस्त, 2021 को इंदौर में ही चूड़ी बेचने आए तस्लीम ने गोलू नाम रख कर एक नाबालिग लड़की से छेड़खानी की थी। पुलिस ने तब तस्लीम को पॉक्सो एक्ट के तहत जेल भेजा था।

PM मोदी को कहा ‘युगपुरुष’ तो उप राष्ट्रपति पर पिल पड़े कॉन्ग्रेसी, लोगों ने हामिद अंसारी की याद दिला की बोलती बंद

उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘युगपुरुष’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि महात्मा गाँधी पिछली सदी के महापुरुष थे लेकिन पीएम मोदी मौजूदा शताब्दी के ‘युगपुरुष’ हैं। उन्होंने कहा कि जहाँ महात्मा गाँधी ने सत्याग्रह और अहिंसा का इस्तेमाल कर के हमें गुलामी से मुक्ति दिलाई, वहीं भारत के सफल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमें प्रगति के उस रास्ते पर लेकर गए हैं जहाँ हम हमेशा से जाना चाहते थे। जैन संत श्रीमद राजचंद्र जी की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने ये बातें कहीं।

इसके बाद भाजपा विरोधी उनकी आलोचना करने लगे। वो कहने लगे कि क्या एक उप-राष्ट्रपति को इस तरह का बयान देना चाहिए? वैसा इसमें गलत कुछ भी नहीं है क्योंकि नरेंद्र मोदी न सिर्फ लगातार दूसरा कार्यकाल पूरा कर के बतौर प्रधानमंत्री हैट्रिक लगाने जा रहे हैं, बल्कि देश के सबसे लोकप्रिय नेता भी हैं। वहीं इसके बाद सोशल मीडिया पर हामिद अंसारी ट्रेंड होने लगे। वही हामिद अंसारी, जो 10 वर्षों तक भारत के उप-राष्ट्रपति रहे और देश से इतना कुछ मिलने के बावजूद उनका रुख इस्लामी कट्टरपंथियों वाला है।

एक महिला यूजर ने याद दिलाया कि राहुल गाँधी के जो चमचे जगदीप धनखड़ के बयान से आक्रोशित हो रहे हैं, उन्हें हामिद अंसारी पसंद हैं जिन्होंने ईरान में भारत का राजदूत रहते भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी RAW के सेटअप को उजागर कर दिया था। उन्होंने एक पाकिस्तानी पत्रकार को आमंत्रित किया, जो वहाँ की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI का एजेंट बन कर सूचनाएँ जुटाने आया था। उक्त यूजर ने लिखा कि कॉन्ग्रेस ने हमेशा अपने राजनीतिक फायदों के लिए देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया था।

वहीं रवीश नाम के यूजर ने हामिद अंसारी की उस इंटरव्यू का क्लिप शेयर किया, जिसमें पत्रकार अमन चोपड़ा ने उनसे पूछा था कि 10 वर्ष उप-राष्ट्रपति रहने के बावजूद उन्होंने अंत में ये क्यों कह दिया कि देश में मुस्लिम असुरक्षित हैं।

कुछ अन्य लोगों ने भी पूछा कि हामिद अंसारी जैसा उप-राष्ट्रपति चाहिए, जो मुस्लिमों के असुरक्षित होने की बातें करते थे?

याद दिला दें कि रॉ के पूर्व अधिकारी एनके सूद ने 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हामिद अंसारी के रोल की जाँच करने की माँग की थी। सूद ने 1991 में भारतीय अधिकारी संदीप कपूर के अपहरण का भी जिक्र किया था। इस मामले में हामिद अंसारी पर लापरवाही का आरोप भी लगा था। सूद ने बताया था कि रतन सहगल नाम का व्यक्ति हामिद अंसारी का सहयोगी था। उस दौरान वो आईबी में था। रतन सहगल ने ही वैज्ञानिक नाम्बी नारायणन को साजिश में फँसाया था और उनका कैरियर तबाह कर दिया।

सूद ने यह भी खुलासा किया था कि हामिद अंसारी का करीबी होने के कारण रतन सहगल अक्सर उन्हें डराया करता था। सने ही नाम्बी नारायणन को फँसाने के लिए जासूसी के आरोपों का जाल बिछाया। ऐसा उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि बिगाड़ने के लिए किया। रतन जब आईबी में था तब उसे अमेरिकन एजेंसी सीआईए के लिए जासूसी करते हुए धरा जा चुका था। अब वह सुखपूर्वक अमेरिका में जीवन गुजार रहा है। 

एक महिला के 2 प्रेमी, दोनों से अपनी ही नाबालिग बेटियों का करवाया रेप: केरल कोर्ट ने 40 साल की सजा सुनाई

माँ इस कदर क्रूर भी हो सकती है शायद कोई कल्पना नहीं कर सकता, लेकिन केरल की एक औरत ने सारी हदें पार करते हुए अपने दो प्रेमियों से बच्चियों का यौन उत्पीड़न ही नहीं करवाया बल्कि उन्हें मानसिक यातनाएँ देने में भी कसर नहीं छोड़ी।

केरल की तिरुवनंतपुरम विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सोमवार (27 नवंबर, 2023) को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) के तहत इस महिला को 40 साल के सख्त कारावास और 20,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

इस केस में 22 गवाहों से पूछताछ की गई और 33 दस्तावेज़ कोर्ट के सामने पेश किए गए। बच्चियों के साथ हो रहे इस हैवानियत भरे व्यवहार का खुलासा चिल्ड्रेन होम्स की काउंसलिंग के दौरान हुआ। दरअसल, महिला का पति मानसिक रूप से बीमार था।

वो बीमार पति को छोड़कर अपने शिशुपालान (Shishupalan) नाम के प्रेमी के साथ रहने चली गई। वो अपनी कक्षा 1 में पढ़ने वाली 7 साल की बेटी को भी अपने साथ ले जाती रही। इस दौरान उसके प्रेमी शिशुपालान ने बच्ची का यौन उत्पीड़न किया। उसका कई बार बेरहमी से रेप किया। इतना की उसके प्राइवेट पार्ट में गहरे जख्म बन गए।

हैरानी की बात है कि उसकी माँ बार-बार बच्ची को प्रेमी के घर ले जाती रही। उसके ही सामने प्रेमी बच्ची का यौन उत्पीड़न करता रहा, लेकिन वो कुछ करना तो दूर प्रेमी के सामने मासूम बेटी का जिस्म परोसती रही। जब बच्ची की 11 साल की बहन घर आई तो उसने अपनी बड़ी बहन को ये बात बताई।

लेकिन महिला का वहशी प्रेमी शिशुपालान उसकी बड़ी बेटी को भी अपना हवस का शिकार बनाता रहा। वह दोनों बच्चियों को यौन उत्पीड़न की बात किसी को भी बताने पर धमकाता रहा।

इस दौरान मौका पाकर बड़ी बहन अपनी छोटी बहन को लेकर भागकर अपनी दादी के घर आ गई। बच्चियों ने दादी को अपने साथ हो रही दरिंदगी के बारे में बताया। इस पर बच्चियों की दादी ने महिला को प्रेमी को छोड़कर घर आने को कहा, लेकिन उसने घर आने को इंकार कर दिया।

इतना ही नहीं वो पहले प्रेमी को छोड़कर दूसरे युवक के साथ रहने चली गई। महिला के नए प्रेमी ने भी दोनों नाबालिग बच्चियों की माँ की इजाजत पर उनके साथ बलात्कार किया। बच्चियों ने इसकी जानकारी भी दादी को दी। इसके बाद दादी ने नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराई।

बच्चियों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं बच्चियों की दादी ने दोनों बच्चियों को चिल्ड्रेन होम के हवाले कर दिया। वहाँ काउसिलिंग के दौरान बच्चियों ने अपने साथ हुई दरिंदगी और हैवानियत के बारे में बताया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विशेष लोक अभियोजक आरएस विजय मोहन कहा, “इस अपराध के लिए माँ को 40 साल की सजा और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अपराध दो लड़कियों, आरोपित की बेटी के साथ दुर्व्यवहार का है। उनका यौन शोषण और उनके साथ क्रूरतापूर्वक व्यवहार किया गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “पहले प्रेमी शिशुपालान ने लड़की के साथ तब बेरहमी से बलात्कार किया जब वह सात साल की थी और पहली कक्षा में पढ़ रही थी। उस वक्त पीड़ित बच्ची ने आरोपित माँ को पूरी घटना बताई थी, लेकिन उसने कुछ नहीं किया था। उलटा उसने दूसरे प्रेमी को पीड़िता के साथ दुर्व्यवहार करने में मदद की।

जज आर रेखा ने पाया कि आरोपित का रवैया पूरी तरह से मातृत्व के लिए शर्म की बात है और वह माफी की हकदार नहीं है और उसे अधिकतम सजा दी गई। ट्रायल के दौरान पहले आरोपित शिशुपालन ने आत्महत्या कर ली। इसलिए मुकदमा सिर्फ माँ के खिलाफ ही चला। बच्चियाँ फिलहाल चिल्ड्रेन होम में रह रही हैं।

लगन हो तो ऐसी… 56 साल की उम्र में सिक्योरिटी गार्ड ने ली MSc गणित की डिग्री, 25 साल में 23 बार एक्जाम में हुए फेल फिर मिली कामयाबी

‘गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में, वो तिफ्ल क्या गिरे जो घुटनों के बल चले’ की कहावत मध्य प्रदेश जबलपुर के सिक्योरिटी गार्ड राजकरन बरौआ पर सटीक बैठती है। वे गणित से MSc करने को लेकर इतने पक्के थे कि 25 साल तक कोशिश करते रहे। 23 बार फेल हुए। आखिरकार उन्होंने ये परीक्षा पास कर ही दम लिया।

राजकरन बरौआ के पास घर, परिवार, बचत और स्थायी नौकरी के नाम पर कुछ नहीं था। साथ था केवल MSc गणित की डिग्री हासिल करने का जुनून। बरौआ अब गर्व से कहते हैं, “लेकिन मेरे पास डिग्री है।” उन्होंने इसके लिए पहला एग्जाम 1977 में दिया था।

मौजूदा समय में राजकरन 56 साल के हैं। उन्होंने लगभग अपनी उम्र के आधे साल गणित में मास्टर डिग्री हासिल करने के अपने सपने को पूरा करने में लगा दिए। एक सुरक्षा गार्ड के तौर पर डबल शिफ्ट और कई तरह की मुश्किलों भरी नौकरियाँ करने के बाद भी उन्होंने पढ़ाई का जुनून नहीं छोड़ा।

आखिरकार साल 2021 में वो MSc गणित की परीक्षा पास करने में कामयाब हो गए। अपने एम्प्लायर को शर्मिंदा होने से बचाने के लिए उन्होंने चुपचाप कामयाबी का जश्न मनाया। राजकरन कहते हैं कि वे केवल बंद दरवाजों के पीछे ही जश्न मना सकते थे, क्योंकि उनके मालिक उनका उदाहरण देकर अपने बच्चों को ताना मारा करते थे।

वे कहते हैं कि उनके मालिक अपने बच्चों से कहते थे कि उनके दृढ़ संकल्प को देखें कि कैसे वो इस उम्र में भी मेहनत से पढ़ाई कर रहे हैं। राजकरण कहते हैं, ”मैं उन्हें शर्मिंदा नहीं करना चाहता था इसलिए मैंने चुपचाप जश्न मनाया और इसे अपने तक ही सीमित रखा। अब मैंने वह नौकरी छोड़ दी है, इसलिए मैं लोगों को बता सकता हूँ।”

राजकरन कहते हैं है कि 2015 में टीओआई की रिपोर्ट से उन्हें बहुत हौसला मिला। उन्होंने कहा, “मैं अपने 18वीं कोशिश में भी फेल हो गया था। बेहद उदास महसूस कर रहा था, लेकिन एक बार मेरे बारे में खबर छपने से लोगों ने मुझे अलग तरह से देखना शुरू कर दिया। टीवी चैनल मेरी तलाश में आए। यह प्रेरणा की एक बड़ी खुराक थी।”

राजकरन रात में सुरक्षा गार्ड का काम करते हैं। इसके लिए उन्हें हर महीने 5,000 रुपए मिलते हैं। वहीं बंगले में काम करने के बदले उन्हें रहना, खाना और 1,500 रुपये अलग से मिलते थे। उनका कहना है, “मैं मुश्किल से अपनी जीवन चला पाता हूँ, लेकिन पिछले 25 साल में मैंने परीक्षा पास करने के लिए किताबों, परीक्षा शुल्क और संबंधित चीजों पर 2 लाख रुपए खर्च किए हैं।”

शादी की बात पर राजकरन कहते है, “मुझसे शादी कौन करेगा जब मैंने अपनी शादी अपने सपने से कर ली थी।” गणित में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री को लेकर जुनूनी होने की वजह बताते हुए कहते है, “1996 में एमए करने के बाद, मैं एक स्कूल गया और वहाँ छात्रों से बातचीत की। मैंने जिस तरह से बच्चों को गणित पढ़ाया, शिक्षकों ने उसकी सराहना की। इससे गणित में पीजी करने का विचार आया।”

वो आगे बताते हैं, “उन दिनों, आपके पास एक वैकल्पिक विषय के साथ एमएससी करने का विकल्प था। मैंने 1996 में जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में गणित में एमएससी के लिए आवेदन किया और उसे स्वीकार कर लिया गया।”

हालाँकि वो कहते हैं कि उन्होंने कभी ये अनुमान नहीं लगाया था कि ये इतना मुश्किल होगा। वो ये भी कहते हैं कि उन्हें पक्के तौर पर ये भी नहीं पता था कि उनके पास इसे करने के लिए इतना दृढ़ संकल्प होगा।

वे बताते है, “मैं 1997 में पहली बार एमएससी की परीक्षा में बैठा और असफल हो गया। अगले 10 साल तक मैं पाँच विषयों में से केवल एक में ही पास हो सका, लेकिन कभी हार नहीं मानी। मैंने इस बात की परवाह नहीं की कि लोग क्या कहते हैं और मैंने अपने सपने पर ध्यान केंद्रित किया।

उन्होंने आगे कहा, “इसके बाद फिर, मैंने दो विषयों में पास होना शुरू हुआ। आखिरकार, 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान, मैंने अपनी पहले साल की परीक्षा पास कर ली और 2021 में मैंने दूसरे साल की परीक्षा भी पास कर ली। मैं बहुत खुश था।” उन्होंने कहा, “इस सबसे मैंने सीखा कि कोशिश की जाए और धैर्य रखा जाए तो वो हमें सब कुछ हासिल करा देंगे।”

क्या है रैट होल माइनिंग, जिससे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए उत्तरकाशी की सुरंग में बनाया जा रहा रास्ता

उत्तराखंड के उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में फँसे 41 मजदूरों को जल्द ही बाहर निकाला जा सकता है। सुरंग में मजदूरों को निकालने में सामने आ रही सभी समस्याएँ सुलझ गई हैं और अब तेजी से खुदाई का काम चल रहा है। अब रैट होल माइनिंग का तरीका अपनाया जा रहा है।

इसके लिए रैट होल तकनीक के विशेषज्ञ परसादी लोधी पूरे बचाव अभियान को लीड कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह रेस्क्यू पाइपों में प्रवेश करेंगे और सुरंग से बाहर निकलने को अवरुद्ध करने वाले शेष मलबे को खोदने के लिए हाथ से काम करने वाले उपकरणों का उपयोग करते हुए रास्ता बनाएँगे। वह पिछले दस साल से दिल्ली और अहमदाबाद में इस तकनीक के जरिए काम कर रहे हैं।

बता दें कि मजदूर 12 नवम्बर 2023 की सुबह से सुरंग के भीतर मलबा आने के कारण फँसे हुए हैं। इन्हें निकालने के लिए मलबे के भीतर से 3 फीट व्यास वाला पाइप डाला जा रहा है। अब पाइप को मशीन की जगह हाथों से खुदाई करके आगे बढ़ाया जा रहा है। इस खुदाई के लिए रैट होल माइनिंग तरीके का उपयोग किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, अब तक लगभग 51 मीटर खुदाई करके पाइप डाल दिया गया है और बाकी 5-6 मीटर को भी जल्द ही खोद लिया जाएगा। इससे पहले 46 मीटर पर ऑगर मशीन फँस गई थी जो कि 4 दिन बाद काट कर बाहर निकाली जा सकी थी। घटनास्थल पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी पहुँचे हैं।

मजदूरों को निकालने के लिए दूसरे विकल्पों पर भी लगातार काम चल रहा है। वहीं पहाड़ी के ऊपर से खुदाई में भी तेजी आई है। सतलुज जल विद्युत् निगम लगातार सीधी ड्रिलिंग कर रहा है। इसके लिए नई मशीन भी पहुँच गई है। जानकारी के अनुसार इस रास्ते से 40 मीटर तक खुदाई हो गई है।

सबसे अधिक उम्मीदें रैट होल माइनिंग तरीके से ही हैं। यहाँ हाथों से खुदाई करके फिर आगे पाइप को टुकड़ों में मजदूरों तक भेजा जा रहा है। सुरंग में रैट माइनिंग के 6 विशेषज्ञ कल ही पहुँच गए थे। अब जल्द से जल्द पाइप अन्दर धकेलने पर काम चालू है। आशा जताई जा रही है कि आज मजदूर बाहर निकल सकते हैं।

क्या होती है रैट होल माइनिंग?

रैट होल माइनिंग संकरे क्षेत्रों में गड्ढे बनाने की प्रक्रिया है। इसके नाम के अनुसार, इसमें चूहे के बिल जैसी सुरंग की खुदाई होती है जो कि मात्र इतनी चौड़ी होती है कि उसमें एक आदमी अन्दर जा सके। इस तरीके का मुख्य उपयोग कोयला निकालने में होता है।

ऐसी जगहों पर जहाँ कोयला जमीन के नीचे काफी छोटी मात्रा में हैं, वहाँ रैट माइनिंग करने वाले एक सीधा और छोटा सा गड्ढा बना कर नीचे खुदाई करते जाते हैं। इसमें आमतौर पर एक व्यक्ति के उतरने और कोयला निकालने के लिए पर्याप्त जगह होता है।

इस तकनीक में एक बार गड्ढे खोदने के बाद, वर्कर कोयले की परतों तक पहुँचने के लिए रस्सियों या बाँस की सीढ़ियों का उपयोग करके उतरते हैं। फिर कोयले को गैंती, फावड़े और टोकरियों जैसे आदिम उपकरणों का उपयोग करके मैन्युअल रूप से निकाला जाता है। ठीक इसी तकनीक का उपयोग करते हुए इस बार सिलक्यारा सुरंग में फँसे मजदूरों को निकालने पर तेजी से काम हो रहा है।

भारत में मेघालय में यह पद्धति अपनाई जाती है। यहाँ कोयले के छोटे-छोटे भंडारों में स्थानीय लोग खनन के लिए ऐसी छोटी सुरंगें बनाते हैं। इस तरह की सुरंगों में कोई सुरक्षा के इंतजाम ना होने के कारण कई बार हादसे भी होते रहे हैं।

हालाँकि, इस तकनीक की कुछ खामियाँ भी हैं जैसे सुरंग में पतला और एक ही रास्ता होने के कारण इनमें बारिश का पानी भर जाता है जिसमें कई बार मजदूर फँस जाते हैं। मेघालय से कई बार ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। जिसके बाद राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) ने ऐसी सुरंगों पर 2014 में प्रतिबन्ध लगा दिया था।

‘5 साल में हिंदुस्तान पर होगा तेलुगू लोगों का राज’: KCR के मंत्री ने ‘एनिमल’ के इवेंट को बनाया बाँटने का अड्डा, रणबीर कपूर से बोले – देखो, हमारी हिरोइन कितनी स्मार्ट है

तेलंगाना सरकार में मंत्री मल्ला रेड्डी ने ‘एनिमल’ फिल्म के एक प्रमोशन इवेंट के दौरान विवादित बयान दिया है। मल्ला रेड्डी का कहना है कि अगले पाँच सालों में तेलुगू लोग हिन्दुस्तान, बॉलीवुड और हॉलीवुड पर राज करेंगे। अब उनके इस बयान की आलोचना हो रही है। उन्होंने यह बात अभिनेता रणबीर कपूर से कही।

दरअसल, रणबीर कपूर डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा की निर्देशित ‘एनिमल’ फिल्म का प्रमोशन करने 27 नवम्बर को हैदराबाद पहुँचे थे। वह इस फिल्म में लीड रोल में हैं। यह फिल्म 1 दिसम्बर, 2023 को रिलीज हो रही है। इसके प्रमोशन कार्यक्रम में तेलंगाना की सरकार में श्रम और रोजगार मंत्री BRS नेता मल्ला रेड्डी भी आए हुए थे।

इस कार्यक्रम में मल्ला रेड्डी मंच पर चढ़ गए और यह विवादित बयान दिया। इसका वीडियो भी अब वायरल हो रहा है। उन्होंने कहा, “रणबीर जी, आपको एक बात बोलना चाहता हूँ मैं। अगले समय में, अगले पाँच साल में हिन्दुस्तान और बॉलीवुड, हॉलीवुड पूरा रूलिंग करेगा हमारा तेलुगू पीपल।”

आगे उन्होंने कहा, “अभी एक साल बाद हैदराबाद शिफ्ट होना पड़ा। क्यों? क्योंकि बॉम्बे पुराना हो गया और बेंगलुरु में पानी जाम हो गया। हिन्दुस्तान में एक ही सिटी है, वो है हैदराबाद। जैसा हमारे तेलुगु वाले स्मार्ट लोग है, राजमौली जैसा लोग है, दिल राजू जैसा लोग है और अब संदीप भाया। हमारा लोग पूरा हिंदुस्तान, बॉलीवुड और हॉलीवुड को रूल करेगा पूरा। हैदराबाद हमारा स्मार्ट है। हमारा तेलुगु पीपुल स्मार्ट, स्मार्ट, स्मार्ट लोग है। देखो हमारा हीरोइन कितना स्मार्ट है। ‘पुष्पा’ तो धूम मचा के छोड़ दिया।”

रणबीर कपूर इस दौरान मल्ला रेड्डी के बयान पर हँसते रहे और कोई जवाब नहीं दिया। मल्ला रेड्डी ने इस दौरान रणबीर से कहा कि उन्हें हैदराबाद में घर लेना पड़ेगा। इस बात को लेकर अब मल्ला रेड्डी पर प्रश्न उठ रहे हैं। रणबीर के इस दौरान शांत रहने पर उनकी भी प्रशंसा हो रही है।

मल्ला पर लोग इसीलिए भी प्रश्न उठा रहे हैं क्योंकि उन्होंने इस दौरान बेंगलुरु में पानी भरने की बात कही। इसको लेकर एक यूजर ने एक्स पर लिखा कि बेंगलुरु में NIMHAS (राष्ट्रीय मानसिक चिकित्सा संस्थान) मल्ला रेड्डी जैसे लोगों के लिए है। कुछ लोग मल्ला रेड्डी को जोकर भी कह रहे हैं।

लोग यह भी पूछ रहे हैं कि कहीं मल्ला रेड्डी ने शराब तो नहीं पी रखी।

गौरतलब है कि मल्ला का यह बयान हैदराबाद के वोटरों को लुभाने की एक तरकीब भी हो सकता है। वह मेडचाल विधानसभा से BRS के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। मल्ला एक कारोबारी हैं। उनकी हैदराबाद में मल्ला रेड्डी नाम से एक यूनिवर्सिटी भी है। तेलंगाना में 30 नवम्बर को मतदान होना है और कल चुनाव प्रचार का आखिरी दिन था।

भारत की हार पर कश्मीर की यूनिवर्सिटी में लगे ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे, फोड़े पटाखे: गैर कश्मीरी छात्र को गोली मारने की धमकी, UAPA में 7 गिरफ्तार

क्रिकेट वर्ल्डकप 2023 के फाइनल में भारत की हार पर कश्मीर की एक यूनिवर्सिटी में जश्न मनाया गया। ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगे। पटाखे फोड़े गए। आपत्ति जताने वाले गैर कश्मीरी छात्र को धमकी दी गई। इस मामले में यूनिवर्सिटी के 7 कश्मीरी छात्रों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर UAPA के तहत केस चलेगा।

19 नवम्बर 2023 को वर्ल्डकप फाइनल में भारत की हार के बाद गांदरबल स्थित शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कश्मीरी छात्रों ने खूब जश्न मनाया और पटाखे फोड़े। इन छात्रों ने हॉस्टल में हंगामा करते हुए भारत विरोधी नारे लगाए। ये छात्र पाकिस्तान के समर्थन में हंगामा कर रहे थे।

जब एक गैर कश्मीरी छात्र ने इन्हें रोकने का प्रयास किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले पर छात्र ने पुलिस से शिकायत की। जाँच के बाद अब सात छात्रों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसकी पुष्टि विश्वविद्यालय प्रशासन ने की है।

विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया, “हॉस्टल में लगभग 300 छात्र रहते हैं। इनमें से 30-40 छात्र पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों से हैं। 19 नवम्बर की रात को झगड़ा हुआ था। बाहरी छात्रों ने यह आरोप लगाया कि भारत की हार के बाद पटाखे फोड़े गए और उन्हें परेशान किया गया।”

पीड़ित गैर कश्मीरी छात्र ने 7 अन्य छात्रों के विरुद्ध पुलिस को दी हुई शिकायत में कहा है, “मैच के बाद उन्होंने मुझे परेशान करना और गालियाँ देना चालू कर दिया, क्योंकि मैं अपने देश का समर्थन कर रहा था। इन छात्रों ने मुझे गोली मारने की धमकी दी, पकिस्तान के समर्थन में नारे लगाए जिसके कारण बाहर के छात्रों में भय का माहौल व्याप्त हुआ।”

शिकायत के बाद छात्रों को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उनके हॉस्टल से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हॉस्टल के वार्डन से इन छात्रों को पुलिस को सौंपने को कहा। अभी इन सातों छात्रों को गान्दरबल पुलिस थाने में रखा गया है। इन पर UAPA और भारतीय दंड संहिता की धारा 505 (किसी समुदाय के विरुद्ध हिंसा के लिए भड़काने) और 506 (धमकी देने) के तहत कार्रवाई की गई है।

गिरफ्तार छात्रों के नाम तौकीर भट, मोहसिन फारूक वानी, आसिफ गुलजार वार, उमर नजीर डार, सैयद खालिद बुखारी, समीर राशिद मीर और उबैर अहमद हैं। यह सभी विश्वविद्यालय में पशु विज्ञान शाखा के चौथे वर्ष के छात्र हैं। कॉलेज के एक अधिकारी का कहना है कि जिस 20 वर्षीय छात्र को परेशान किया गया, उसने पहले कॉलेज प्रशासन ने शिकायत नहीं की बल्कि सीधे पुलिस में मामला दर्ज करवाया। अब आगे की कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस के हाथ में हैं।

हिरोइनों को घुमाता ही नहीं, ​1 रात में सेल्फी से ₹30 लाख कमाता भी है ऑरी: हत्या की कोशिश से कमाई तक बिग बॉस में बताए, सलमान खान भी हैरान

उसका नाम ओरहान अवत्रामणि है। पर दुनिया जानती है ऑरी के नाम से। बॉलीवुड के तमाम सेलेब्स के साथ उसकी तस्वीरें हैं। हिरोइनें उसके साथ फोटो क्लिक करती हैं। करण जौहर अपने शो ‘कॉफी विद करण’ में उसकी बातें करते हैं। सब जानना चाहते हैं कि ये ऑरी करता क्या है? ऑरी की माने तो वह एक रात में 20 से 30 लाख रुपए सेल्फी से कमा लेता है।

वाइल्डकार्ड एंट्री से बिग बॉस 17 के घर पहुँचे ऑरी ने शो के होस्ट सलमान खान से बातचीत में कई खुलासे किए। इन्हें सुन सलमान भी हैरान रह गए। उसने अपनी हत्या की कोशिशों से लेकर अपने काम के बारे में बात की।

सलमान खान के सवालों का ऑरी ने अपने अंदाज में अजीबोगरीब जवाब दिए। मसलन, जब सलमान ने पूछा कि वे कितने फोन इस्तेमाल करते हैं तो जवाब में ऑरी ने कहा कि उनके सुबह, दिन और रात के इस्तेमाल के लिए 3 अलग फोन होते हैं। उन्होंने इसके पीछे की वजह बताते हुए कहा कि इससे फोन्स की बैटरी खत्म नहीं होती। दावा किया कि उनके 5 मैनेजर हैं।

सलमान के ये पूछने पर की वो इतने सारे फोन का क्या करते हैं। ऑरी ने कहा, “अच्छी तस्वीरों के बहुत सारे फायदे हैं। तस्वीरें वाले पल खत्म हो सकते हैं, लेकिन तस्वीरें जिंदगी भर रहती हैं। अच्छा एडिट करो, अच्छे फोटो डालो।” सलमान ने जब उनसे सवाल किया कि वो ये तस्वीरें किसके लिए अपलोड करते हैं तो ऑरी ने कहा, “दुनिया के बच्चों के लिए। मैं यह सब उनके लिए कर रहा हूँ। एक दिन वहाँ 1000 ऑरी होंगे। मैं इसके लिए तैयारी कर रहा हूँ।”

कुछ ऐसा ही जवाब ऑरी ने पैसे कमाने को लेकर भी दिया। उन्होंने कहा, “नाचता हूँ, गाता हूँ, मैं वह आदमी हूँ जिसने अपनी जिन्दगी जी है। मैंने बहुत काम किया है। मैं एक वेटर, एक्टर, ग्राफिक डिजाइनर था। मैंने पैसे कमाने के लिए बहुत सारे अजीब काम किए हैं। मैंने सब कुछ मेरी जवानी में कमाया। अब मैं अपने बुढ़ापे में रह रहा हूँ।”

उस वक्त सब ऑरी का जवाब सुन हैरान रह गए जब उसने होस्ट सलमान खान के काम क्या करते हो का जवाब देते हुए कहा, “मैं खुद पर काम करता हूँ। मैं उठता हूँ और सिर की मालिश करता हूँ। मैं जर्नलिंग करता हूँ और अपने चक्रों को अलाइन करता हूँ। मैं टैरो कार्ड पढ़ता हूँ, राशिफल पढ़ता हूँ। मैं जिम जाता हूँ, जनवरी में मेरा वजन 74 किलो था और अब मैं 51 साल का हूँ। मैं 47 किलो तक वजन कम करना चाहता हूँ। मैं अपने जिंदगी में पतला ऑरी का किरदार निभा रहा हूँ। इसलिए नवंबर और दिसंबर में मैं पतला ऑरी बन जाऊँगा और फिर देखते हैं अगले कुछ महीनों में मैं साँवला या माँसल हो जाऊँगा।”

इस पर सलमान सवाल किया कि उनकी उम्र क्या है?’ तो ऑरी ने कहा, “मैं 25 साल से अधिक का हूँ, 25 साल से ऊपर का हर कोई एक जैसा है।” इस दौरान सलमान खान को ऑरी ने अपने हत्या की कोशिशों के बारे में बता कर हैरान कर दिया। ऑरी ने बताया, “एक बार हैलोवीन पर मेरे दोस्त ने मुझे सीट से धक्का दे दिया, वह वीडियो वायरल हो गया क्योंकि मैं सीट के पीछे गिर गया था और मैं खिड़की से गिर सकता था और मर सकता था। मैंने पहले अपना फोन दिया और फिर उनसे मुझे बचाने के लिए कहा क्योंकि फ़ोन में सबूत थे।”

ऑरी ने दूसरी बार अपनी हत्या की बात पर कहा, “दूसरी बार, यह एक छत पर पार्टी थी और जिस लड़की को मैंने सोचा था कि वह मेरी करीबी दोस्त है, उसने मुझे शॉट्स पिलाए, और मैं नशे में इस कदर चूर हो गया कि मैं देख भी नहीं सकता था। 10 शॉट्स के बाद उसने मुझे अकेला छोड़ दिया। मैं छत से गिर सकता था और पूल में डूब गया होता।”

पार्टियों के लिए क्रेडिट कार्ड स्वाइप करने के सवाल पर ऑरी का जवाब था, “मैं दिन में और यहाँ तक कि रात में भी कार्ड स्वाइप नहीं करूँगा। स्टार्स पेमेंट नहीं करते, कोई मुझे बिल नहीं देता। मैं एक स्टार हूँ, वो मुझे बिल नहीं देते, बल्कि वो मेरे साथ सेल्फी लेते हैं और चले जाते। यह फ्री नहीं है, मैं उनसे अपनी सेल्फी के लिए फीस नहीं लेता।” सलमान के ये पूछने पर “आपकी सेल्फी का चार्ज क्या है?” ओरी ने कहा, “100 रुपए।” इस दौरान उसने इवेंट की तस्वीरों से एक रात में बीस से तीस लाख रुपए कमा लेने का दावा किया।

गौरतलब है कि ऑरी स्टार किड्स के साथ बाँहों में बाँहें डाले कई बार देखा गया है। सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा और अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस भी उसके पोस्ट्स पर कमेंट करती हैं। ऑरी एक बड़े कारोबारी का बेटा भी बताया जाता है। वो अमीरी, टॉम फोर्ड, विजन ऑफ सुपर और प्रादा जैसे ब्रांड्स के साथ भी जुड़ा हुआ है। हॉलीवुड में किम कार्दशियन और काइली जेनर तक के साथ वो दिख चुका है।

अब जुमे पर बंद रख सकते हैं स्कूल, नीतीश सरकार ने हिंदू त्योहारों की छुट्टियाँ घटाई; ईद-मुहर्रम की बढ़ाई: BJP बोली- इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ बिहार

बीते साल बिहार के 500 से अधिक सरकारी स्कूलों में रविवार की जगह साप्ताहिक अवकाश शुक्रवार यानी जुमे के दिन होने का मामला सामने आया था। ऐसा बगैर किसी आधिकारिक आदेश के हो रहा था। लेकिन अब बिहार की जदूय-राजद सरकार ने स्कूलों में शुक्रवार के साप्ताहिक आदेश को ‘आधिकारिक’ रूप दे दिया है।

बिहार के शिक्षा विभाग ने साल 2024 के लिए स्कूलों का छुट्टी कैलेंडर जारी कर दिया है। इसमें बड़े फेरबदल देखने को मिले हैं। 2023 में सरकारी स्कूलों में रविवार सहित 64 दिन की छुट्टी थी। 2024 में रविवार सहित कुल 60 छुट्टी ही मिलेंगे। एक तरफ हिंदू त्योहारों की छुट्टियाँ कम कर दी गई है तो दूसरी ओर ईद-मुहर्रम की छुट्टी बढ़ा दी गई है।

रिपोर्टों के अनुसार उर्दू प्राथमिक/मध्य/ माध्यमिक/उच्च माध्यमिक या मकतब रविवार को खुले रहेंगे। इन जगहों पर साप्ताहिक अवकाश शुक्रवार को होंगे। इतना ही नहीं मुस्लिम बहुल इलाकों में चलने वाले अन्य सरकारी स्कूल भी साप्ताहिक अवकाश अब शुक्रवार को रख सकते हैं। इसके लिए उन्हें केवल जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होगी।

लाइव हिंदुस्तान में प्रकाशित खबर का अंश
दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर। लाल घेरे में आप स्कूलों में शुक्रवार की छुट्टी से जुड़ी जानकारी पढ़ सकते है

2024 में सरकारी स्कूलों के लिए नीतीश सरकार ने छुट्टी का जो कैलेंडर जारी किया है उससे पता चलता है कि रामनवमी, जन्माष्टमी, महाशिवरात्रि और रक्षाबंधन जैसी छुट्टियाँ हटा दी गई हैं। वहीं बकरीद और मुहर्रम पर छुट्टी एक-एक दिन के लिए बढ़ा दी गई है। यह कैलेंडर बिहार के कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक के विद्यालयों पर लागू होगा।

2023 में तीज पर दो दिन और जिउतिया पर एक दिन की छुट्टी थी, जो अब नहीं मिलेगी। दीपावली पर भी मात्र एक दिन की छुट्टी दी गई है। राज्य में इससे पहले अशोक अष्टमी और अंतिम श्रावणी की छुट्टी भी होती थी, लेकिन इस बार इन्हें भी रद्द किया गया है। भाईदूज और मकर संक्रान्ति जैसे त्योहारों की कोई छुट्टी नहीं होगी।

बिहार सरकार का छुट्टी कैलेंडर

इसके उलट 2024 में बकरीद की तीन दिन की जबकि मोहर्रम की दो दिन छुट्टी रहेगी। वर्ष 2023 में यह छुट्टियाँ क्रमशः 2 और 1 दिन थीं। इनमें इजाफा किया गया है। साथ ही ईद की भी छुट्टी भी तीन दिनों की होगी। शब ए बारात और चेहल्लुम जैसे मुस्लिम त्यौहारों के साथ नए कैलेंडर में मुस्लिमों के कुल 6 त्योहारों पर कुल 10 दिनों की छुट्टी दी गई है।

बिहार सरकार का छुट्टी कैलंडर
बिहार सरकार का छुट्टी कैलेंडर

कैलेंडर में हिन्दुओं के मात्र 4 त्योहार शामिल किए गए हैं जिनके लिए कुल 9 दिनों की छुट्टी घोषित की गई है। महापुरुषों की जयंती पर होने वाली छुट्टियों को भी बंद किया गया है। नए आदेश में कहा गया है कि इन पर छुट्टी ना होकर भोजनावकाश तक पढ़ाई और फिर उनके बारे में चर्चा होगी। बिहार में गाँधी जयंती की भी छुट्टी नहीं होगी।

नीतीश सरकार के इस फरमान को भारतीय जनता पार्टी ने ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ बिहार‘ बताया है।

बिहार भाजपा के अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा है कि नीतीश सरकार तुष्टिकरण के चलते ऐसा कर रही है।

राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशिल कुमार मोदी ने इसे हिन्दुओं को जातियों में बाँटने और अल्पसंख्यकों के तुष्टिकरण की राजनीति बताया है।