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जिस उदयपुर में कन्हैया लाल का गला रेता, वहाँ अब BJP वर्कर का सिर पत्थर से कुचला: दिनभर चुनाव में लगे थे, सुबह शव मिला

राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल का इस्लामी कट्टरपंथियों ने गला रेत दिया था। इस बार विधानसभा चुनावों में यह एक बड़ा मुद्दा था। अब इसी उदयपुर से एक बीजेपी कार्यकर्ता की निर्मम हत्या की खबर आई है। उनकी हत्या 25 नवंबर 2023 को हुई। इसी दिन विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले गए थे।

रिपोर्टों के अनुसार बीजेपी वर्कर कांतिलाल की हत्या के बाद पत्थर से सिर कुचल दिया गया था। उदयपुर की झाड़ोल विधानसभा के फलासिया थाना क्षेत्र में 45 वर्षीय इस बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या की गई। वे मतदान के बाद अपने छोटे भाई मुकेश के घर गए हुए थे। उसके बाद रात के करीब 9 बजे अपने घर जाने के लिए निकले थे।

दिनभर पार्टी की तरफ से मतदान की प्रक्रिया में व्यस्त रहे कांतिलाल का शव 26 नवंबर की सुबह बेटे को सड़क पर मिला। घर जाने के दौरान रास्ते में अज्ञात हमलावरों ने उनकी हत्या कर दी। सर को पत्थरों से कुचल दिया। उनका चेहरा काफी चोटिल था और शव को पहचानना भी मुश्किल था।

कांतिलाल मतदान के दिन मतदाताओं को उनके घर से लाकर मत डलवा रहे थे। लेकिन मतदान का समय खत्म होने के बाद भी जब वह काफी देर तक घर नहीं लौटे तो उनकी तलाश शुरू हुई। कांतिलाल के बेटे सुनील ने कपड़ों से उनकी पहचान की। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।

इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। जिस विधानसभा क्षेत्र में यह घटना हुई है, वहाँ वर्तमान में भाजपा के बाबूलाल खराड़ी विधायक हैं। वह इस विधानसभा चुनाव में भी प्रत्याशी हैं। कांतिलाल उनके लिए ही काम कर रहे थे। मृतक का एक पुत्र गुजरात के अहमदाबाद में काम करता है।

बाबूलाल खराड़ी ने इस हत्या पर दुःख जताते हुए कहा है कि प्रशासन को इस मामले की जाँच करनी चाहिए और दोषियों को गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने इस हत्या को दुखद और लोकतंत्र लिए डरावना बताया है।

पैसे की ‘भीख’ माँग रहा पाकिस्तान का क्रिकेट बोर्ड: कहा- भारत चैंपियस ट्रॉफी में न आया तो होगा बड़ा नुकसान, मुआवजे का वादा करे ICC

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) वर्ष 2025 में पाकिस्तान में आयोजित होने वाले चैम्पियंस ट्रॉफी को लेकर परेशानी में है। उसका कहना है कि भारत अगर इस टूर्नामेंट के लिए पाकिस्तान नहीं आता है तो उसका नुकसान हो जाएगा। उसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल से इस संबंध में समझौते की माँग की है।

वर्ष 2025 में चैम्पियंस ट्रॉफी का आयोजन पाकिस्तान में होना है। लेकिन भारतीय टीम के पाकिस्तान जाने की संभावनाएँ बनती नहीं दिख रही इसलिए पीसीबी घबराया हुआ है। इससे पहले इसी वर्ष पाकिस्तान में आयोजित एशिया कप में भी खेलने के लिए पाकिस्तान नहीं गया था। इस कारण से इसका आयोजन हाइब्रिड मोड में श्रीलंका में हुआ था।

पीसीबी ने ICC से माँग की है कि यदि भारत 2025 चैम्पियंस ट्रॉफी को पाकिस्तान में खेलने से राजनीतिक या सुरक्षा कारणों के आधार पर खेलने से मना करता है तो इसके एवज में पीसीबी को मुआवजा दिया जाए। इसके लिए पीसीबी के कुछ अधिकारी ICC से मिले भी हैं।

जानकारी के अनुसार, जहाँ यह तय हो गया है कि 2025 की चैम्पियंस ट्रॉफी की मेजबानी पाकिस्तान ही करेगा, वहीं अभी इसके लिए ICC और पीसीबी के बीच समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हुए हैं। इसके लिए पीसीबी के चेयरमैन ज़का अशरफ और सीओओ सलमान नसीर ने वर्ल्डकप के दौरान ICC के अधिकारियों से अहमदबाद में मुलाक़ात भी की थी।

भारत 2008 के 26/11 मुंबई हमले के बाद से एक भी बार पाकिस्तान क्रिकेट खेलने के लिए नहीं गया है। इसके लिए वह सुरक्षा और राजनीतिक कारणों का हवाला देता रहा है। भारत में क्रिकेट फैन्स की भावनाएँ भी पाकिस्तान में जा कर खेलने के खिलाफ हैं।

पीसीबी की माँग है कि यदि भारत सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पकिस्तान में चैम्पियंस ट्रॉफी खेलने से मना करता है तो ICC को एक स्वतंत्र जाँच कमिटी का गठन करना होगा। यह कमिटी इस बात की जाँच रिपोर्ट देगी की सुरक्षा व्यवस्था कैसी है।

पीसीबी का कहना है कि बीते दो वर्षों में भारत के अलावा कई टीमों ने पाकिस्तान का दौरा किया है। इन टीमों ने सुरक्षा कारणों का हवाला नहीं दिया है। ऐसे में भारत यदि खेलने नहीं आता है तो पीसीबी को इसका मुआवजा मिलना चाहिए।

इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि भारत 2025 चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए किसी न्यूट्रल वेन्यू पर जोर देगा। कहा गया है कि ऐसी स्थिति में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) एक विकल्प हो सकता है। यहाँ भारत और पाकिस्तान दोनों ने पूर्व में मैच खेले हैं और इस देश से दोनों के सम्बन्ध भी अच्छे हैं।

हालाँकि, पीसीबी की तरफ से यह कोई नहीं माँग नहीं है। हाल ही में सम्पन्न हुए वर्ल्डकप 2023 से पहले भी पाकिस्तान ने ऐसी ही शर्त रखी थी। तब पीसीबी के चेयरमैन रहे नज़म सेठी ने कहा था कि पाकिस्तान भारत में वर्ल्डकप खेलने तभी आएगा जब भारत चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान आने का वादा करे।

‘हमास का खात्मा हमारा लक्ष्य, कोई रोक नहीं सकता’: गाजा पट्टी पहुँचे इजरायली PM नेतन्याहू, ‘युद्ध विराम’ बढ़ाने के लिए गिड़गिड़ाया इस्लामी आतंकी संगठन

इजरायल और हमास के बीच तकरीबन डेढ़ महीने तक चले युद्ध पर 4 दिन का विराम था। इस बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा पट्टी का दौरा किया। अपनी फौज से मिलकर उन्होंने यह साफ कर दिया कि भले ही अभी सीजफायर हो गया, लेकिन ये युद्ध आतंक के खात्मे तक जारी रहेगा।

इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम समझौते की शुरुआत शुक्रवार (24 नवंबर 2023) से हुई थी। पहले दिन हमास द्वारा 24 बंधकों को रिहा किया गया। जिनमें 13 इजरायली, थाईलैंड के 10 और फिलीपिंस का एक नागरिक शामिल था।

इसके बाद तीसरे दिन 17 लोग हमास आतंकियों की चंगुल से रिहा हुए। इनमें 14 इजरायली और 3 थाईलैंड के नागरिक थे। हमास ने गाजा के एक अस्पताल में इन बंधकों को रेड क्रॉस इंटरनेशनल सोसायटी के वॉलंटियर्स के हवाले किया, जिन्होंने बाद में सभी को बंदियों को इजरायली सुरक्षा बलों को सौंप दिया।

इनकी रिहाई देखकर हमास से बचाए गए सैंकड़ों लोग खुशी मनाते दिखे। उन्होंने एक हॉल में पूरी रिहाई की खबर देश जश्न मनाया, जिसकी वीडियो भी सामने आई है।

बता दें कि इजरायल और हमास के बीच हुए युद्धविराम में कतर ने बिचौलिए की भूमिका निभाई। फैसला हुआ कि हमास 50 बंधकों को रिहा करेगा और फिलीस्तीन के भी 150 कैदी छोड़े जाएँगे। इस डील के बाद भले ही कुछ लोग घर लौट आए हैं, लेकिन अब भी खबर है कि 183 लोग अभी भी हमास द्वारा बंदी बनाकर रखे गए हैं। इनमें 18 बच्चे जबकि 43 तो महिलाएँ ही हैं।

हमास ने रविवार (26 नवंबर 2023) को एक बयान में सीजफायर बढ़ाने की भी माँग की। हालाँकि इजरायल ने शर्त रखी कि अगर हमास रोज 10 बंधक छोड़ेगा तो वह इस बात को मान लेंगे। इसी बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर ऐसे माहौल में गाजा पट्टी का दौरा किया। उन्होंने अपने सैनिकों से मुलाकात करने के बाद यह साफ कर दिया कि गाजा पट्टी पर अब इजरायल का कब्जा है। उन्होंने सैनिकों की हौसला अफजाही करते हुए यहाँ तक कहा कि जब तक आतंक का सफाया नहीं होगा तब तक युद्ध नहीं रुकेगा।

सैनिकों के साथ खड़े होकर उन्होंने कहा, “हम अपने बंदियों को वापस लाने के लिए हर प्रयास करेंगे और अंततः हम उन सभी को वापस लाएँगे। नेतन्याहू ने कहा, “इस युद्ध में हमारे तीन लक्ष्य हैं- सभी बंधकों की वापसी, हमास का खात्मा और यह सुनिश्चित करना कि गाजा फिर कभी इजरायल के लिए खतरा ना बने।” उन्होंने आगे कहा, “कोई भी हमें नहीं रोक सकता है। हमारे पास ताकत है और हम लक्ष्यों को पाकर रहेंगे।”

उल्लेखनीय है कि ये चार दिन के युद्ध विराम के बाद और बेंजामिन नेतन्याहू की बातें सुनकर ऐसा लगता है जैसे बंधकों की अदला-बदली का काम पूरा होने के बाद हमास आतंकियों के खिलाफ इजरायल अपनी लड़ाई जारी रखेगा। उन्होंने पहले भी कहा था और अब भी इशारा किया है कि जब तक हमास है तब तक वो अपना युद्ध नहीं रोकेंगे।

पिछले 5 साल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किसी भी टीम का सबसे बड़ा T20 स्कोर, भारतीय बल्लेबाजों ने जम कर की धुनाई: सीरीज में 2-0 से आगे टीम इंडिया

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रही 5 T20 मैचों की सीरीज का दूसरा मैच रविवार (26 नवंबर, 2023) को तिरुवनंतपुरम स्थित ‘ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम’ में खेला गया, जिसमें भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 44 रनों से हरा दिया। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीत कर गेंदबाज़ी का निर्णय लिया, जो उसके लिए एकदम गलत साबित हुआ। भारतीय टीम ने सामूहिक प्रयास से 235 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया। सीन अबॉट और ग्लेन मैक्सवेल की इस मैच में जम कर पिटाई हुई।

जहाँ ग्लेन मैक्सवेल को मात्र 2 ओवर में 38 रन पड़े वहीं सीन अबॉट को मात्र 3 ओवर में 56 रन पीट दिया गया। नाथन एलिस 4 ओवर में 45 रन देकर 3 विकेट झटक कर सबसे सफल गेंदबाज रहे। भारत की तरफ से यशस्वी जायसवाल ने धूम-धड़का शुरुआत दी और मात्र 25 गेंदों मर 53 रन जड़ दिए। पारी के चौथे ओवर में उन्होंने सीन अबॉट को 3 चौके और 2 छक्के – यानी कुल 24 रन जड़ डाले। दूसरे छोर ने ऋतुराज गायकवाड़ ने 43 गेंदों पर 58 रनों की एंकरिंग वाली पारी खेली।

ईशान किशन ने तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 32 गेंदों पर 3 चौकों और 4 छक्कों की मदद से 52 रनों की पारी खेली। इस तरह शीर्ष तीनों बल्लेबाजों ने फिफ्टी किया। कप्तान सूर्यकुमार यादव 10 गेंदों पर 19 रन बना कर चलते बने। इसके बाद उतरे फिनिशर रिंकू सिंह ने मात्र 9 गेंदों में 31 रनों की पारी खेल डाली। उन्होंने 4 चौके और 2 छक्के जड़े। वो तिलक वर्मा के साथ नाबाद रहे, जिन्होंने 2 गेंदों में एक छक्के की मदद से 7 रन बनाए। भारत की पारी शुरू हुई तो स्पिनर रवि बिश्नोई ने पारी के तीसरे ओवर में मैथ्यू शॉर्ट को आउट कर पवेलियन भेजा।

वहीं पिछले मैच में शतक बनाने वाले जॉस इंग्लिस को भी उन्होंने सस्ते में चलता किया। इसके लिए तिलक वर्मा ने एक चमत्कारी कैच लिया। अक्षर पटेल ने ग्लेन मैक्सवेल को चलता किया। 6 ओवर बाद स्कोर 53/3 था। 8वें ओवर में प्रसीध कृष्णा ने स्टीवन स्मिथ के रूप में चौथा विकेट झाड़ा। हालाँकि, इसके बाद टीम डेविड और मार्कस स्टॉइनिस ने डराने वाली पार्टनरशिप की। दोनों ने मात्र 22 गेंदों पर 50 रनों की पार्टनरशिप कर दी, 10वें ओवर में मुकेश कुमार को 22 रन पड़े।

वो तो भला हो कि टीम डेविड (37 रन, 22 गेंद) को रवि बिश्नोई ने और फिर मार्कस स्टॉइनिस (45 रन, 25 गेंद) को मुकेश कुमार ने पवेलियन भेज दिया। दोनों ने 81 रन साथ में जोड़ दिए थे। बिश्नोई ने 4 ओवर में 32 रन देकर 3 विकेट झटके। प्रसीध कृष्णा ने भी 3 विकेट झटके। अंत में मैथ्यू वेड ने ऑस्ट्रेलिया के लिए संघर्ष किया, और 23 गेंदों पर नाबाद 42 रन बनाए। लेकिन, वो टीम को जीत नहीं दिला सके। अंतिम ओवर में जीत के लिए 55 रन चाहिए थे, लेकिन 10 रन ही लगे और ऑस्ट्रेलिया 9 विकेट पर 191 ही बना सकी।

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राशन-सिलेंडर-बिस्तर लेकर सड़क पर उतरे किसान, फिर से शहर की सीमाओं को घेरा: पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ जमावड़ा

संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने अपनी माँगों के समर्थन में पंजाब के राज्यपाल को ज्ञापन देने का एलान किया है। यह ज्ञापन चंडीगढ़ में दिया जाएगा। ज्ञापन देने के लिए SKM से जुड़े लोग चंडीगढ़ में सड़क पर मार्च करते हुए राजभवन तक जाएँगे। इस एलान के बाद चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर के पास रविवार (26 नवंबर, 2023) को किसानों का जमावड़ा शुरू हो गया है। एहतियातन पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। आने-जाने वाले वाहनों को दूसरे रास्ते से डायवर्ट किया गया है। यह प्रदर्शन दिल्ली में हुए तीन कृषि कानून विरोधी धरने के 3 साल पूरे होने पर किया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के बैनर तले हो रहे इस तीन दिन के राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन की प्रमुख माँग न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) कानून की गारंटी है। इसके अलावा साल 2020-21 में तीन कृषि कानून को रद्द करने के लिए किए गए प्रदर्शनों के दौरान दर्ज हुए मुकदमे को वापस लेना प्रदर्शन की दूसरी प्राथमिकता बताई गई है। साथ ही इन प्रदर्शनों के दौरान जिन किसानों की मौत हुई थी उनके घर वालों को मुआवजा, 1 सदस्य को नौकरी और उनके कर्ज की माफी जैसी माँगे भी शामिल हैं।

SKM ने एलान किया है कि वो अपनी माँगों का एक ज्ञापन पंजाब के राज्यपाल को सौंपेंगे। इस ज्ञापन को बाकायदा चंडीगढ़ में मार्च निकाल कर दिया जाएगा। चंडीगढ़ के विभिन्न रास्तों पर इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लोगों को ट्रैक्टर-ट्रॉली पर आते ही देखा गया। ट्रॉलियों पर राशन, बिस्तर, गैस सिलेंडर और रोजमर्रा काम में आने वाली चीजें भी मौजूद हैं। पुलिस ने इस जमावड़े को देखते हुए अपनी सुरक्षा-व्यवस्था चाक-चौबंद करनी शुरू कर दी है। अतिरिक्त पुलिस बल को शहर में लगाया गया है।

संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों के इस प्रदर्शन के चलते चंडीगढ़ में ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया गया है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और एयरपोर्ट जाने वाले काई मार्गों में बदलाव किया गया है। प्रशासन को अंदेशा है कि आने वाले समय में प्रदर्शनकारियों की तादाद और बढ़ सकती है। माना यह भी जा रहा है कि प्रदर्शनकारी लम्बे समय तक रुकने का भी विचार कर सकते हैं। चंडीगढ़ आने वाले सड़कों पर भी कई जगह बैरिकेड देखे गए हैं।

सरकारी अस्पताल में 50 लोगों को जुटा कर कुरानख्वानी: हिन्दू संगठनों ने ANM रुबीना खान के खिलाफ की कार्रवाई की माँग, क़ुरान की तिलावत के लिए हाफिज को बुलाया था

मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में एक सरकारी उप स्वास्थ्य केंद्र के अंदर कुरानख्वानी का आयोजन किए जाने का मामला सामने आया है। इस दौरान बिल्डिंग के अंदर मुस्लिम समुदाय के लगभग 50 लोगों ने क़ुरान की तिलावत की जिसमें महिलाएँ भी शामिल रहीं। हिन्दू संगठन के सदस्यों ने इसका विरोध किया और कार्रवाई की माँग की। पुलिस ने कार्यक्रम का आयोजन करवाने वाली एएनएम रुबीना खान और तिलावत करने वाले हाफिज मोहम्मद अफ़ज़ल के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। घटना बुधवार (22 नवंबर 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला शाजापुर के खेड़ी मंडल खा गाँव स्थित प्राथमिक स्वस्थ्य उपकेंद्र का है। यहाँ पर रुबीना खान बतौर एएनएम तैनात हैं। बुधवार (22 नवंबर, 2023) को उन्होंने स्वास्थ्य उपकेंद्र में ही कुरानख्वानी का आयोजन कर डाला। इस आयोजन में शामिल होने के लिए महिलाओं सहित लगभग 50 लोग शामिल हुए थे। कुरान की तिलावत करने के लिए खासतौर पर हाफिज मोहम्मद अज़मल को बुलाया गया था। काफी देर चले इस कार्यक्रम की बाकायदा तस्वीरें भी खिंचवाई गईं और वीडियो भी बनाए गए।

एएनएम ने अपने इस आयोजन के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया के विभिन्न ग्रुपों में शेयर कर दिए। इन ग्रुपों में उनका आधिकारिक ग्रुप भी शामिल था। कुछ ही देर में ये फोटो और वीडियो वायरल हो गए। मामला हिन्दू संगठनों की नजर में भी आ गया तो वो कार्रवाई की माँग करने लगे। इस बीच मामले को बढ़ता देख एएनएम रुबीना ने वो फोटो और वीडियो कई जगहों से डिलीट कर दिए। हालाँकि, तब तक ये तस्वीरें वायरल हो चुकीं थीं। ‘हिन्दू जागरण मंच’ के पदाधिकारियों ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग से रुबीना और हाफ़िज़ पर कार्रवाई की माँग कर डाली।

रुबीना खान की हरकत का स्वास्थ्य विभाग ने भी संज्ञान लिया और एएनएम को नोटिस जारी किया है। वहीं पोलायकलां ब्लॉक के मेडिकल आफिसर ने रुबीना और हाफिज के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी। इस तहरीर पर पुलिस ने रुबीना और हाफिज मोहम्मद अजमल के खिलाफ IPC की धारा 188 व 34 के तहत FIR दर्ज कर ली है। जिलाधिकारी किशोर कन्याल ने इस मामले में सीएमएचओ डा.राजू निदारिया के साथ मिल कर जाँच के लिए एक टीम बनाई। पोलायकलां के ब्लाक मेडिकल आफिसर डा. महेंद्र परमार ने गाँव को मुस्लिम बहुल बताया है।

यह कुरानख्वानी नए कमरे में सामान शिफ्ट करने से पहले की गई है। दावा किया जा रहा है कि इस दौरान गाँव के सरपंच वहीद भी मौजूद थे। डा. महेंद्र परमार के मुताबिक, कुरानख्वानी उप स्वास्थ्य केंद्र के कक्ष के बजाय केंद्र परिसर में ही बने एक दूसरे कमरे में हुई थी। फिलहाल इस उपस्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण हो चुका है और यहाँ आम जनता का इलाज हो रहा है।

खतना, लात-घूँसों से पीटा, जातिसूचक गालियाँ… दलित युवक को कुछ ऐसे दी जा रही मुस्लिम लड़की से शादी की सज़ा, पीड़ित ने रोते हुए बताया मौलाना कैसे कर रहे प्रताड़ित

महाराष्ट्र के लातूर जिले में एक दलित युवक ने अपना जबरन खतना किए जाने की शिकायत दर्ज करवाई है। पीड़ित का नाम खांडू कांबले है जिसे धर्मांतरित कर के युसूफ बना दिया गया है। खतना करने का दबाव बनाने वाला आरोप मौलाना फैज़ और सैयद वकील चौधरी पर है। पीड़ित ने अपनी इस प्रताड़ना की वजह मुस्लिम लड़की से शादी करना बताया है। ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़ित ने अपनी प्रताड़ना में बीवी सहित ससुराल वालों को भी शामिल बताया है।

ऑपइंडिया ने पीड़ित युवक खंडू कांबले से बात की। उन्होंने हमें बताया कि इस मामले की शुरुआत 5 साल पहले हुई थी। तब लगभग 23 वर्षीय खंडू कांबले ऑटो चला कर अपने परिवार का गुजारा करता था। इस दौरान एक अस्पताल में उसके एक परिजन का इलाज चल रहा था। इसी अस्पताल में जुलेखा नाम की एक मुस्लिम लड़की भी अपने अब्बा महबूब शेख का इलाज करवा रही थी। दोनों की यहीं बातचीत हुई जो आगे चल कर मुलाकातों में बदल गई। जुलेखा ने खुद को तलाकशुदा बताया और खुद से ही खंडू कांबले से शादी इस इच्छा जताई। जुलेखा की अम्मी, अब्बा और एक भाई भी इस रिश्ते के लिए बिना शर्त तैयार हो गए।

मूल रूप से खंडू धाराशिव जिले का निवासी है। खंडू ने हमें आगे बताया कि शादी से पहले उसने और जुलेखा ने कभी भी एक-दूसरे के मजहब या धर्म में रोकटोक न करने की कसम खाई थी। जुलेखा नमाज़ पढ़ती थी और खंडू अपने धार्मिक संस्कार के अनुसार जीवन बिता रहा था। खुद को बेहद गरीब बताते हुए जुलेखा अपने पूरे परिवार के साथ खंडू के साथ रहने लगी। खंडू अपने साथ जुलेखा के भी परिजनों का पूरा खर्च उठाने लगा। इस बीच खंडू इस जॉइंट फैमिली के साथ लातूर आ कर रहने लगा।

खंडू ने हमें बताया कि उन्होंने लातूर के एक मुस्लिम बाहुल्य इलाके में किराए का मकान लिया। यह घर मस्जिद के सामने किसी सिकंदर का था। कुछ समय बाद यहाँ उसकी पक्की दोस्ती RTO ऑफिस में एजेंट का काम करने वाले यूनुस से हो गई। खंडू के घर से कुछ ही दूर पर कुछ मौलाना फैज़ और सैयद वकील रहते थे। आरोप है कि जब उन्हें दलित युवक खंडू द्वारा मुस्लिम लड़की से शादी की जानकारी हुई तो वो भड़क गए। दोनों मौलानाओं ने पहले खंडू को भला-बुरा कहा लेकिन जब उस पर कोई फर्क नहीं पड़ा तब वो जुलेखा और उसके परिवार वालों को मज़हबी बातें कर के उकसाने लगे।

खंडू कांबले की एक लगभग 3 साल की बेटी है। आरोप है कि मौलानाओं की बातों में आ कर उनकी बीवी, सास और ससुर के बर्ताव में फर्क आने लगा। उन सभी ने मौलानाओं के साथ मिल कर खंडू पर इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब खंडू ने मना किया तो न सिर्फ उसकी पिटाई की जाने लगी बल्कि उनको जातिसूचक शब्द बोले जाने लगे। खंडू को नीची जाति का बताते हुए मुस्लिम परिवार के दामाद बनने के अयोग्य कहा जाता था।

शिकायत के मुताबिक, आखिरकार परिवार खोने का डर दिखा कर 3 मार्च, 2023 को खंडू को लातूर पुलिस अधीक्षक ऑफिस के सामने एक मस्जिद में बाहरी मौलानाओं की मौजूदगी में खंडू को इस्लाम कबूल करवा दिया गया। इसके बाद लातूर के ही एक अस्पताल में खंडू का खतना भी करवाया गया। खंडू पर मौलानाओं ने जमात में भी जाने का दबाव बनाया। जब उसने अपनी बीवी और बच्चे की फ़िक्र बताई तो उसे मौलानाओं ने सँभाल लेने का भरोसा दिया। हमसे बात करते हुए खंडू कांबले रोने लगे।

जब खंडू ने मौलानाओं द्वारा जमात में जाने के हुक्म को मानने से मना कर दिया तब उसकी लात-घूँसों से पिटाई की गई। खंडू से 5 लाख रुपए की डिमांड की गई। पैसे न देने पर मौलाना सैयद वकील और फैज़ ने उनकी बीवी और बच्चे को अपने साथ ही रखने की धमकी दी। इतना कह कर खंडू को बाहर निकाल दिया गया। आरोप है कि बाद में खंडू को एक मोबाइल नंबर से बार-बार पैसे माँगे जाने लगे। 15 सितंबर 2023 को खंडू ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया था कि 5 माह से उनकी बीवी और बेटी से उनका कोई सम्पर्क नहीं हो पा रहा है।

अपनी शिकायत में खंडू कांबले ने पुलिस से अपनी बीवी और बच्ची की सुरक्षा की गुहार लगाई है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। ऑपइंडिया से बात करते हुए खंडू ने बताया कि अब उनकी पत्नी भी मौलानाओं के बहकावे में आ गई है। खंडू की पत्नी और ससुराल वाले उस पर 5 लाख रुपए देने के साथ एक जमीन भी खरीद कर अपने नाम करवाने का दबाव बना रहे हैं। लातूर में खुद को असुरक्षित बताते हुए खंडू फिलहाल धाराशिव में रह रहे हैं।

मुस्लिम दोस्त भी दे रहा धमकी

खंडू कांबले ने हमें बताया कि पहले उनका हिन्दू-मुस्लिम जैसी बातों पर यकीन नहीं था। उनका लातूर में सबसे पुराना दोस्त यूनुस भी अब धमकी दे रहा है। आरोप है कि पिछले हफ्ते उसने कॉल कर के धमकी दी थी और लातूर अपने रिस्क पर आने के लिए कहा था। यूनुस ने खंडू से ये भी कहा कि अगर उसे अपनी बीवी या बच्चों से बात करनी है तो उसके माध्यम से किया करे। खंडू ने हमसे बातचीत में यह भी शक जताया कि उसकी बीवी के मुस्लिम होने की बात लोगों में सम्भवतः यूनुस ने ही फैलाई हो।

फिलहाल खंडू की शिकायत पर अभी FIR दर्ज नहीं हुई है। खंडू ने हमसे बातचीत में आरोपितों को सजा दिलाने तक संघर्ष जारी रखने का एलान किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि दोषियों को सजा मिलने के बाद वो अपने मूल धर्म में वापसी करेंगे। फ़िलहाल खंडू कांबले मोमोज और चाइनीज की दुकान चला कर अपना गुजर बसर कर रहे हैं।

14 लाख किलो ग्रेनाइट से अमेरिका के हवाई द्वीप पर तैयार हुआ भव्य हिन्दू मंदिर: न बनाने में न अब बिजली का इस्तेमाल, जानिए कैसे शैव संतों ने कर दिखाया संभव

पश्चिमी जगत में एक ऐसा हिन्दू मंदिर बना है, जिसके लिए न तो बिजली और न ही किसी बिजली के उपकरण का इस्तेमाल किया गया था। ये अमेरिका के प्रसिद्ध हवाई द्वीप में स्थित है। हवाई के जिस काउई द्वीप पर इसका निर्माण किया गया है, वहाँ ये चारों तरफ से सुंदर जंगलों और पार्कों से घिरा हुआ है। ये एक इराइवान मंदिर है, यानी तमिल शैली का मंदिर। ये पूरा का पूरा भवन ग्रेनाइट से बनाया गया है। इसके शिखर पर सोने की परत चढ़ी हुई है, दक्षिण भारत के प्राचीन मंदिरों की तर्ज पर इसका निर्माण किया गया है।

हवाई की जनसंख्या 14 लाख के करीब है, जिसमें से 1% से कम लोग ही हिन्दू हैं। कुछ आँकड़े तो कहते हैं कि हिन्दुओं की संख्या 50 से ज़्यादा नहीं होगी। लेकिन, काउई अधीनम परिसर में रहने वाले 2 दर्जन साधुओं के पास श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। ये हिन्दू धर्म की शैव विचारधारा का पालन करते हैं। इन्हीं में से एक परमाचार्य सदाशिवानन्द पलानी स्वामी ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था, जो काउई के कापा में 1968 में अपने गुरु और परिसर के संस्थापक शिवाय सुब्रमुनियास्वामी के साथ आए थे।

उन्होंने एक बार स्वप्न में भगवान शिव को वहाँ एक बड़े पत्थर पर विराजमान देखा था, जिसके बाद मंदिर का निर्माण शुरू करवाया गया। 1990 में इसका निर्माण शुरू हुआ और संस्थापक के निधन के बाद भी कार्य जारी रहा। गुरूजी का मानना था कि बिजली के साथ एक प्रकार का चुम्बकीय प्रभाव आता है और इसका मानसिक असर भी होता है। भारत के कई कलाकारों की सेवा इस मंदिर को बनाने में ली गई, जिसमें 33 वर्ष लगे। मंदिर में तेल के दीये जलाए जाते हैं, बल्ब नहीं।

चोल राजवंश की शैली पर आधारित इस मंदिर में पंखे या AC भी नहीं लगवाए गए हैं। यहाँ मुख्य देवता के रूप में 700 पाउंड (317.51 किलोग्राम) के शिवलिंग की स्थापना की गई है। इसमें एक कडवुल मंदिर भी है, जिसमें शिव को नृत्य करते हुए अर्थात नटराज के रूप में दिखाया गया है। इस साल मार्च में पुजारी प्रवीणकुमार यहाँ पहुँचे, जब 32 लाख पाउंड (14.51 लाख किलोग्राम) के ग्रेनाइट का इस्तेमाल कर के 3600 पत्थर, स्तम्भ और बीम को स्थापित किया गया।

पुजारी ने कहा कि यहाँ इस तरह की किसी संरचना का निर्माण असंभव था, लेकिन फिर भी इसे संभव बनाया गया। बता दें कि सुब्रमुनियास्वामी पहले सैन फ्रांसिस्को में बैलेट डांसर हुआ करते थे। उत्तरी श्रीलंका में गुरु योगस्वामी ने उन्हें दीक्षित किया। फिर उन्हें पूर्व-पश्चिम के बीच सेतु बनाने का आदेश गुरु ने दिया। 1969 में काउई द्वीप पर उन्हें विशेष अनुभव हुए। उन्होंने मंदिर बनाने में स्थानीय संस्कृति का भी ध्यान रखा। उससे पहले उन्होंने बौद्ध मठों का भी दौरा किया।

‘मेरिट के आधार पर हो जजों की नियुक्ति, पारदर्शी हो प्रक्रिया’: CJI के सामने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उठाई ‘नेशनल जुडिशल सर्विस’ की बात, बोलीं – न्याय तक हो सबकी पहुँच

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार (26 नवंबर, 2023) को सुप्रीम कोर्ट द्वारा ‘संविधान दिवस’ के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया, जिसमें देश के मुख्य न्यायाधीश DY चंद्रचूड़ भी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश की व्यवस्था से गुलामी की निशानियों को मिटाने का कार्य चल रहा है। उन्होंने सभी क्षेत्रों में गुलामी की निशानियों को सजगता से मिटाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की सारी व्यवस्थाओं को नागरिकों पर केंद्रित बनाना होगा, ताकि न्याय तक सभी पहुँच संभव हो सके।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि हमारी व्यवस्थाएँ समय का उत्पाद हैं, या यूँ कहें कि गुलामी काल से निकली हैं। इस दौरान उन्होंने ‘बेंच एन्ड बार’ में भारत की विशेष विविधताओं के प्रतिनिधित्व की भी वकालत करते हुए कहा कि इससे न्याय के कार्य को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने ऐसी विविधतापूर्ण प्रक्रिया का एक विकल्प सुझाते हुए कहा कि एक ऐसा सिस्टम बनाया जाए जिसमें विभिन्न पृष्ठभूमियों से जजों की नियुक्ति हो, प्रक्रिया मेरिट पर आधारित हो, प्रतियोगी हो और पारदर्शी हो।

उन्होंने कहा, “एक ‘ऑल इंडियन जुडिशल सर्विस’ की व्यवस्था बनाई जा सकती है, जिसके तहत प्रतिभावान युवाओं को चुना जाए, उन्हें निचले स्तर से ऊपर तक लाने के लिए तैयार किया जाए। जो बेंच में सेवा देना चाहते हैं, उन्हें देश भर से चुना जाए, ताकि प्रतिभाशाली युवाओं का एक समूह तैयार हो। ऐसी व्यवस्था से उन सामाजिक समुदायों को भी मौका मिलेगा, जिनका प्रतिनिधित्व कम है। न्याय तक सबकी पहुँच हो, तो इससे बराबरी का सिद्धांत भी मजबूत होता है।”

इस दौरान राष्ट्रति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान में वर्णित न्याय, स्वाधीनता, बराबरी और भाईचारे की भावना पर बल देते हुए कहा कि इन्होंने देश की आज़ादी की लड़ाई में भी बड़ी भूमिका निभाई थी और इसीलिए इन्हें संविधान के प्रस्तावना में भी विशेष स्थान मिला। उन्होंने कहा कि न्याय के रास्ते में आम लोगों के आड़े पैसा और भाषा जैसी चीजें आ जाती हैं। उन्होंने कहा कि संविधान सिर्फ एक लिखित दस्तावेज है, उसे अमल में लाया जाए तभी ये जीवित होता है। बता दें कि मोदी सरकार ने 2015 में संविधान को स्वीकृत करने वाले दिन हर साल 26 नवंबर को ‘संविधान दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया था।

‘तू सलमान खान को भाई कहता है न… अब बोल बचाए’ : लॉरेंस बिश्नोई ने पंजाबी सिंगर गिप्पी ग्रेवाल के घर के बाहर कराई फायरिंग, बोला- मौत का वीजा नहीं लगता

पंजाबी गायक गिप्पी ग्रेवाल के कनाडा स्थित घर के बाहर फायरिंग की सूचना सामने आई है। गिप्पी का यह घर कनाडा के वैंकुवर में व्हाइट रॉक इलाके में है। फायरिंग में किसी के हताहत होने की सूचना अभी नहीं है। इस फायरिंग के बाद लॉरेंस बिश्नोई नाम के फेसबुक अकॉउंट ने हमले की जिम्मेदारी ली है। यह घटना शनिवार (25 नवंबर 2023) शाम को हुई है।

लॉरेंस का कहना है उसने गिप्पी के घर पर इसलिए फायरिंग करवाई है क्योंकि वह सलमान खान से नजदीकी बढ़ा रहे थे।

गौरतलब है कि लॉरेंस सलमान खान को काले हिरन को मारने का दोषी मानते हुए उन्हें कई बार मारने की धमकी दे चुका है। उसका एक गुर्गा भी सलमान के घर के बाहर रेकी करता हुआ पकड़ा गया था।

लॉरेंस बिश्नोई नाम के इस फेसबुक पेज पर किए गए पोस्ट में लिखा है, “हाँ जी सत श्री अकाल, राम राम सभी को। आज वैंकुवर के व्हाइट रॉक एरिया में गिप्पी ग्रेवाल के बंगले पर फायरिंग लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने करवाई है। सलमान खान को बहुत भाई-भाई कहता है, अब उनसे कह कि तुझे आकर बचाए तेरा भाईजी। ”

लॉरेंस विश्नोई की पोस्ट गिप्पी
लॉरेंस बिश्नोई की पोस्ट

आगे पोस्ट में लिखा गय, “यह सलमान को भी सन्देश है कि उन्हें जो वहम है दाउद भी नहीं बचा सकता उन्हें हमसे। सिद्धू मूसेवाला की मौत पर भी तूने कितना ओवरएक्टिंग की थी, तुझे पता है ये कितना गलत बन्दा था, इसके क्रिमिनल के साथ लिंक थे। पहले तू विक्की मिद्दुखेड़ा के आगे पीछा घूमा करता था और बाद में सिद्धू का दुःख हो गया तुझे।”

गौरतलब है कि विक्की मिद्दुखेड़ा की हत्या बम्बिहा गैंग के लोगों ने कर दी थी। विक्की पंजाब के बड़े छात्रनेता थे। बिश्नोई गैंग ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या का दोषी बम्बिहा गैंग को मानते हुए की थी। इसे विक्की की मौत का बदला कहा गया था।

आगे पोस्ट में कहा गया है, “तू भी राडार में आ गया है, अब तुझे बताते हैं कि धक्का क्या होता है। तुझे ये ट्रेलर दिखाया है, मूवी जल्दी रिलीज होगी। किसी भी देश भाग जाओ ये याद रखो कि मौत को किसी भी देश का वीजा नहीं लेना पड़ता। इसे जिधर आना है आ ही जाएगी।”