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‘लाल डायरी’ में सोनिया गाँधी के ‘भाई’ का भी नाम, अशोक गहलोत के मंत्री रहे राजेश सिंह गुढ़ा ने ही खोल दिए पन्ने: दावा- CM से मिलने जयपुर आया था

राजस्थान की राजनीति में ‘लाल डायरी’ ने उथल-पुथल मचा रखी है। इस मामले में कॉन्ग्रेस, गाँधी परिवार और राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार को कठघरे में खड़ा करने वाले राज्य के पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने एक और सनसनी खुलासा किया है। कॉन्ग्रेस सरकार में मंत्री रहे गुढ़ा ने कहा कि लाल डायरी में सोनिया गाँधी के भाई का जिक्र है। ये ‘रहस्यमयी भाई’ होटल शिव विलास के मालिक के बेटे के समारोह में भी पहुँचे थे।

राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से सोनिया गाँधी के भाई की मुलाकात का समय फिक्स कराने के लिए मुख्यमंत्री के ओएसडी शशिकांत शर्मा से भी कहा गया था। सवाल पूछते हुए गुढ़ा ने कहा कि सोनिया गाँधी की दो बहनें हैं, लेकिन ये भाई बनकर कौन आ गया? लाल डायरी में कॉन्ग्रेस हाईकमान का नाम आने के बाद देश की राजनीति गर्मा गई है।

25 दिसंबर को मतदान से गुजरने वाले राजस्थान के पूर्व मंत्री गुढ़ा ने कहा कि इस लाल डायरी में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूत मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान की जनता के सामने अपने चेहरे पर लोकप्रियता का आवरण लगाकर कैसे-कैसे अनैतिक काम और भ्रष्टाचार किए हैं, ये सब कुछ इसमें मौजूद है।

ABP की रिपोर्ट के मुताबिक, राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि राजस्थान में दलाल और अपराधियों के लिए काम किया है, वो सब इसमें है। उन्होंने कहा कि अरबों रुपए के खनन मामले को अशोक गहलोत पहले बंद करवा देते हैं और फिर कहते हैं कि एनओसी नहीं है। इसके बाद एनओसी दिलवाकर इसे चलवा देते हैं। वो एमएलए उनके पास आ जाते हैं।

शिवसेना की टिकट पर चुनाव लड़ रहे राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने आगे कहा कि राज्यसभा में वोट देने से पहले किसी को प्रताड़ित किया जाता है तो वोट देने के बाद किसी को पुरस्कार दिया जाता है। मुख्यमंत्री के दो चेहरे हैं। एक पब्लिक में दिखता है और एक अंदर काम करता है। उन्होंने कहा कि वे अशोक गहलोत का असली चेहरा जनता को दिखाना चाहते हैं।

इससे पहले 14 नवंबर को राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने लाल डायरी के चार पन्ने जारी किए थे। इसके एक पन्ने में उन्होंने अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत के एक फोन का जिक्र किया था। इस फोन कॉल में वैभव गहलोत ने कहा था- “पापा सरकार रिपीट नहीं कर पाएँगे, ये लिखकर दे देता हूँ।”

इस पन्ने पर लिखा है, ”वैभव गहलोत का फोन आया कि पापा इसलिए वापस सरकार नहीं बना पाते हैं… हर बार… इस बार भी… मैं इसलिए लिख के दे सकता हूँ। सरकार बुरी तरह हारेगी। इसका कारण वे स्वंय हैं। अधिकारियों से घिर जाते हैं। उन्हें राजनैतिक व्यक्ति बहुत बुरा लगने लग जाता है। वैभव जी के कहने पर सवाईमाधोपुर में एक स्वीपर का भी ट्रांसफर नहीं किया।”

पन्ने पर आगे लिखा होने की बात करते हुए उन्होंने कहा, “जिला के अधिकारियों में मेरा बहुत गलत मैसेज गया है। दानिश के सीएम साहब के भारी खिलाफ होते हुए भी उसके कहने पर मेरी बेईज्जती की। तब मैंने वैभव जी द्वारा भेजे ह्वाट्सऐप मैसेज सीएम साब के ओएसडी शशिकांत को भेजकर कहा कि सीएम साहब को कहना वैभव जी बहुत नाराज हैं।”

जिसकी बाँहों में बड़ी-बड़ी हीरोइनें, वो बिस्तर में वैक्सिंग लेडी के साथ… Orry का ‘जॉब’ सुनकर नेटिजन्स ने माथा पकड़ा

बड़ी-बड़ी अभिनेत्रियों के साथ क्लोज फोटो खिंचाने वाला ऑरी आजकल खूब चर्चा में है। उसकी तस्वीरों को देख कई मीम उस पर बन चुके हैं। पिछले कुछ दिनों में वो इतना फेमस हो गया है कि उसके इंटरव्यू भी लिए जाने लगे। MenXP ने हाल में उससे बातचीत की थी। इसमें उससे पूछा गया था कि आखिर वो करता क्या है। इसपर उसने जो जवाब दिया वो अब वायरल है और नेटीजन्स उससे मजे ले रहे हैं।

वीडियो में उससे पूछा जाता है कि वो करता क्या है। इस पर ऑरी जवाब देता है- “आप जॉब करते हो आप जॉबर हो, आप पेंट करते हो आप पेंटर हो…आई लिव आई एम अ लिवर।”

उसकी इस वीडियो को देखने के बाद अब सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई है। लोग उसका मजाक उड़ा रहे हैं और उसी की लाइन लेकर क्रिएटिव कमेंट कर रहे हैं। किसी ने इस पर मजे लेते हुए कहा-“नॉट किडिन… डोंट वॉन्ट बी अ किडनी।” तो एक ने कहा- ‘आई एम बाल्ड, सो आई एम ब्लैडर।”

बता देते हैं कि ऑरी का असली नाम ओरहान अवात्रामणि है। स्टार किड्स के साथ उसे बाँहों में बाँहें डाले कई बार देखा गया है। सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा और अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस भी उसके पोस्ट्स पर कमेंट करती हैं। उसे एक बड़े कारोबारी का बेटा भी बताया जाता है। वो अमीरी, टॉम फोर्ड, विजन ऑफ सुपर और प्रादा जैसे ब्रांड्स के साथ भी जुड़ा हुआ है। हॉलीवुड में किम कार्दशियन और काइली जेनर तक के साथ वो दिख चुका है।

Menxp ने उसका इंटरव्यू 9 नवंबर को लिया था। इस इंटरव्यू में उसने बातों को घुमा-घुमा कर अपने बारे में जानकारी दी। इंटरव्यू की हाईलाइट में ऑरी यह भी बताता है कि लास्ट महिला जो उसके साथ संबंध बनाए हो वो उसकी वैक्सिंग करने वाली महिला थी। इसके अलावा वो अपने बारे में बताता है कि उससे दोस्ती करने के लिए लोगों को फेमस होना पड़ेगा। अपने आप को ऑरी मार्केटिंग जीनियस बताते हैं और कहते हैं कि उन्हें दुनिया में सबसे अच्छी घूमने की जगह चंडीगढ़ लगती है।

60+ बार चाकुओं से वार… फिर लाश पर नाचता रहा नाबालिग हत्यारा: सिर्फ ₹350 के लिए मर्डर, CCTV फुटेज से दिल्ली पुलिस ने दबोचा

देश की राजधानी दिल्ली के वेलकम इलाके में एक नाबालिग ने दूसरे नाबालिग की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्यारे ने 60 से अधिक बार चाकुओं से वार करके मार डालने के साथ ही गला काटने की भी कोशिश की। यह हत्या इसलिए हुई क्योंकि पीड़ित ने हत्यारे को ₹350 उधार देने से मना कर दिया था। पुलिस ने अब उसे गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वेलकम इलाके की एक मजदूर कॉलोनी में एक 16 वर्षीय नाबालिग ने दूसरे 17 वर्षीय नाबालिग से बिरयानी खाने के लिए ₹350 रूपए उधार माँगे। पीड़ित ने देने से मना किया। क्योंकि, दोनों एक दूसरे को नहीं जानते थे। हत्यारे ने इसके बाद पीड़ित को लूटने की कोशिश की।

वहीं लूट में नाकाम होने के बाद हत्यारा हमला करने लगा। उसने सबसे पहले पीड़ित पर हमला किया और उसका गला दबा कर बेहोश कर दिया। फिर वह उसे घसीट कर पास की एक गली में लेकर गया। जहाँ उसने चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी। यह पूरी घटना गली में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई।

हत्यारे ने पीड़ित किशोर के गले, सिर और बाकी शरीर पर कम से कम 60 बार चाकू से वार किए। उसे लात-घूसों से मारा और उसकी हत्या कर दी। वह किशोर के शरीर पर खड़े होकर इसके बाद नाचता भी है। इसके पश्चात वह ₹350 लेकर भाग जाता है।

यह जानकारी सामने आई है कि किशोर को इसके बाद जीटीबी नगर अस्पताल लेकर जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हत्या के दौरान उसे रोकने के लिए आसपास की महिलाओं और अन्य व्यक्तियों ने कोशिश भी की। लेकिन हत्यारे ने उन्हें भी चाकू दिखा कर डरा दिया।

इस मामले में उत्तर पूर्वी दिल्ली पुलिस के डीसीपी जॉय तिर्की ने कहा है, “हमें यह जानकारी मिली थी कि एक किशोर को चाकू मारा गया है। घायल को अस्पताल ले जाया गया था जहाँ उसको मृत घोषित कर दिया गया। वहीं CCTV फुटेज के माध्यम से हत्यारे की पहचान कर ली गई है।”

पुलिस ने आगे बताया, “वह 16 वर्ष का है। हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किया गया है। हत्या का आशय लूट था। अपराधी उससे पैसे लूटने की कोशिश कर रहा था। जब पीड़ित ने मना किया तो हत्यारे ने उसका गला दबा दिया और फिर चाकू मार कर उसकी हत्या कर दी।”

‘पकड़ुआ बियाह’ को पटना हाईकोर्ट ने बताया अवैध, कहा- माँग में जबरन सिंदूर डालना शादी नहीं, अग्नि के सात फेरे वाले विधान ‘सप्तपदी’ को मानना जरूरी

बिहार में ‘पकड़ुआ विवाह’ के एक मामले में पटना हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला दिया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी महिला की माँग में जबरदस्ती सिन्दूर लगाना या लगवाना हिंदू विवाह अधिनियम के तहत शादी नहीं मानी जाएगी। कोर्ट ने कहा कि हिंदू विवाह तब तक वैध नहीं है, जब तक कि यह स्वैच्छिक न हो। इसमें ‘सप्तपदी’ (अग्नि के सात फेरे) की रस्म निभाना जरूरी है।

पटना हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति पीबी बजंथ्री और अरुण कुमार झा की खंडपीठ ने 10 नवंबर 2023 को पकड़ुआ विवाह के एक मामले को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम के प्रावधानों से स्पष्ट है कि जब अग्नि का सातवाँ फेरा लिया जाता है तो विवाह पूर्ण और बाध्यकारी हो जाता है। वहीं, अगर ‘सप्तपदी’ की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है तो विवाह पूर्ण नहीं माना जाएगा।

दरअसल, इस मामले में अपीलकर्ता रविकांत का व्यक्ति है। लगभग 10 साल पहले 30 जून 20213 को बिहार के लखीसराय में रविकांत अपने चाचा के साथ एक मंदिर में प्रार्थना करने गए थे। इसी दौरान कुछ बंदूकधारियों ने दोनों का अपहरण कर लिया गया था। रविकांत उस समय सेना में सिग्नलमैन थे।

अपहरण करने के बाद दूसरे पक्ष ने बंदूक की नोंक पर रविकांत को एक लड़की से शादी करने के लिए मजबूर किया। रविकांत को दुल्हन के माथे पर सिन्दूर लगाने के लिए मजबूर किया था। डर के कारण रविकांत ने महिला की माँग भर दी थी, लेकिन मन से वह इस शादी को मानने के लिए तैयार नहीं था।

वहाँ से छूटने के बाद रविकांत के चाचा ने जिला पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद रविकांत ने लखीसराय में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में एक आपराधिक शिकायत दर्ज की। उन्होंने शादी को रद्द करने के लिए फैमिली कोर्ट का भी रुख किया। हालाँकि, फैमिली कोर्ट ने 27 जनवरी 2020 को उनकी याचिका खारिज कर दी।

इसके बाद रविकांत पटना हाईकोर्ट पहुँचे और कोर्ट के फैसले को चुनौती दी। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की बेंच ने कहा कि फैमिली कोर्ट के निष्कर्ष त्रुटिपूर्ण थे। खंडपीठ ने निचली अदालत के फैसले पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि जिस पुजारी ने प्रतिवादी की ओर से सबूत दिया था, उसे न तो ‘सप्तपदी’ के बारे में जानकारी थी और न ही उसे वह स्थान याद था, जहाँ विवाह किया गया था।

दरअसल, बिहार के कुछ हिस्सों में पकड़ुआ विवाह का आज भी रिवाज है। इसमें अपने घर की लड़की की शादी के लिए वधू पक्ष के लोग शादी योग्य लड़के का अपहरण कर लेते हैं और उसकी जबरन शादी करवा देते हैं। जब लड़का इस शादी का विरोध करता है तो उसकी पिटाई की जाती और हथियार आदि के दम पर डराया-धमकाया जाता है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अपहरण करके जबरन शादी कराने वाले वधू पक्ष के दबंग लोग दूल्हे और उसके परिजनों को इतना डरा धमकाते हैं कि वे मजबूरी में इस विवाह को मान लेते हैं। वधू पक्ष के लोग लड़की का पहला बच्चा होने तक दूल्हा और उसके परिजनों पर नजर रखते हैं। वे ये तो ध्यान रखते हैं कि ससुराल में उनकी लड़की को किसी तरह से परेशान ना किया जाए।

जिस नाजिया के इश्क में था दिलीप, उसके ही घर में पंखे से लटका मिला: फोन कर मिलने बुलाया, फिर परिवार संग मिल मार डाला 

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में प्रेम प्रसंग के मामले में मुस्लिम युवती से प्यार कर बैठे हिन्दू किराना व्यवसायी के बेटे को फोन कर युवती ने घर बुलाया। इसके बाद उसके परिजनों ने गला घोंटकर मार डाला। युवक का शव पंखे से लटकता हुआ पाया गया। कहा जा रहा है कि मुस्लिम युवती के परिजनों ने हिन्दू युवक के शव को फाँसी के फंदे पर लटका कर खुद ही युवक के घर वालों को खबर दी। घटना सोमवार (20 नवंबर, 2023) की रात की है। युवती का नाम नाज़िया और मृतक का नाम दिलीप उर्फ़ मिंटू है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मामला जेठवारा थाना क्षेत्र के गोपालापुर गाँव का है। जहाँ पारस नाथ जायसवाल किराना का कारोबार करते हैं। उनका 28 वर्षीय बेटा दिलीप कुमार जायसवाल उर्फ मिंटू भी उनके साथ ही काम करता था। मिंटू गाँव पर्वतपुर पूरे नगिया की रहने वाली नाजिया बानो से प्यार करता था। सोमवार की रात नाजिया ने फोन कर उसे अपने घर बुलाया था। इसके बाद मुस्लिम प्रेमिका के परिवार वालों ने मिंटू को गला घोट कर मार डाला और उसकी लाश पंखे पर टंगा हुआ पाया गया।

मृतक के परिवार वालों को घटना की सूचना नाजिया के भाई आसिफ ने दी। आसिफ ने मिंटू के भाई को फोन कर कहा कि अपने भाई को यहाँ से ले जाओं वरना मार डालेंगे। वहीं जब मिंटू के भाई वहाँ पहुँचे तो शव पंखें से लटका हुआ था।

दिलीप की हत्या के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। मामले के हिंदू-मुस्लिम से जुड़े होने की वजह से किसी भी अनहोनी से बचने के लिए तीन थानों बाघराय, महेशगंज व जेठवारा की पुलिस इलाके में पहुँची।

जेठवारा पुलिस ने दिलीप की हत्या के आरोप में उसके भाई प्रदीप की तहरीर पर आसिफ, शौकत अली, मोइन, नाजिया बानो, नईम, मोहम्मद सईद, सईद की पत्नी, शौकत की पत्नी और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस युवती समेत 6 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं मंगलवार (21 नवंबर, 2023) की सुबह एसपी सतपाल अंतील और एएसपी पश्चिमी रोहित मिश्रा भी वहाँ मौका मुआयना के लिए पहुँचे थे। एसपी अंतिल का कहना था कि तकनीकी व फॉरेंसिक जाँच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट के अनुसार, मृतक दिलीप की लाश के पोस्टमार्टम के बाद उसके खाने में जहरीला पदार्थ मिले होने की आशंका से विसरा भी प्रिजर्व किया गया। बता दें कि मृतक दिलीप तीन भाइयों में सबसे छोटा था। बहन की शादी हो चुकी है। बड़ा भाई राजीव जायसवाल सपरिवार मुंबई में रहता है।

वहीं पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही उसकी लाश घर पहुँची। उसके दूसरे भाई प्रदीप जायसवाल, भाभी आरती, पिता पारसनाथ उसकी लाश से लिपट बिलख-बिलख कर रोने लगे। ग्रामीणों के मुताबिक, मृतक दिलीप और प्रेमिका नाजिया के प्यार के बारे में दोनों परिवारों को पता था।

इस रिश्ते को लेकर वहाँ रहने वाले कई लोगों ने आपत्ति भी जताई थी, लेकिन दोनों प्रेमी-प्रेमिका किसी बंदिश को मानने के लिए राजी नहीं थे। दिलीप जायसवाल घर से एक किलोमीटर दूर रामगंज बाजार में पिता के साथ किराने की दुकान पर बैठा करता था।

मृतक के बड़े भाई प्रदीप के मुताबिक, दिलीप सोमवार की रात दुकान बंद कर रात करीब 7:30 बजे घर आया। प्रदीप ने आगे बताया कि दिलीप के खाने के बाद ही उसके मोबाइल पर किसी ने फोन किया। वो फोन पर बात करते हुए ही घर से बाहर चला गया और काफी देर तक घर नहीं लौटा।

प्रदीप का कहना है कि रात करीब पौने 11 बजे उनके मोबाइल पर रामगंज बाजार के रहने वाले आसिफ ने फोन किया। आसिफ ने उनसे कहा कि तुम्हारा भाई दिलीप एक युवती के साथ एक कमरे में पकड़ा गया है, जल्दी आओ नहीं तो उसे लोग मार डालेंगे।

घबराए प्रदीप जायसवाल रामगंज बाजार पहुँचे। उन्हें वहाँ पहुँचने के बाद दिलीप की लाश आसिफ के घर पर दुपट्टे के सहारे पंखे से लटकी मिली थी। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस को दी अपनी तहरीर में प्रदीप ने आरोप लगाया है कि आसिफ की चचेरी बहन नाजिया बानो ने उनके भाई को अपने घर बुलाया था और उसकी हत्या कर दी।

रिजल्ट नीदरलैंड के इलेक्शन का, चर्चा में नूपुर शर्मा: जानिए क्यों, कौन हैं उनके ‘हमदर्द’ गीर्ट वाइल्डर्स जिनके PM बनने के आसार

यूरोपीय देश नीदरलैंड के चुनाव नतीजों ने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) को चर्चा में ला दिया है। वजह हैं गीर्ट वाइल्डर्स (Geert Wilders)। वाइल्डर्स की पहचान एक ऐसे नेता के तौर पर है जो इस्लामी कट्टरपंथ के खिलाफ मुखर हैं।

बीते साल जब ‘ऑल्ट न्यूज’ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने नूपुर शर्मा को टारगेट किया था, तब वाइल्डर्स ने बीजेपी की इस पूर्व नेता का समर्थन किया था। जुबैर के उकसावे के बाद से नूपुर शर्मा को जिहादी हत्या की धमकी दे रहे हैं। वे सार्वजनिक जीवन से दूर रहने को मजबूर हैं।

हालिया चुनावों के बाद गीर्ट वाइल्डर्स के नीदरलैंड के प्रधानमंत्री बनने के आसार हैं। दक्षिणपंथी वाइल्डर्स की पार्टी को एग्जिट पोल में सर्वाधिक सीट मिलती दिख रही है। 22 नवम्बर 2023 को नीदरलैंड के आम चुनावों के लिए सामने आए एग्जिट पोल में यह स्पष्ट हो गया है कि वाइल्डर्स की कंजर्वेटिव पार्टी फॉर फ्रीडम (PVV) सर्वाधिक 35 सीटें जीतने की ओर है। उनकी पार्टी नीदरलैंड में इस्लाम के प्रसार के विरुद्ध रही है। ऐसे में इन नतीजों का पूरे यूरोप पर प्रभाव पड़ने की संभावना है।

PVV नीदरलैंड में मस्जिदों, कुरान और हिजाब पर प्रतिबंध लगाने की माँग करती रही है। अब 150 सीटों वाली नीदरलैंड की संसद में यह सबसे अधिक सीटों वाला दल बनने की और अग्रसर है। उनकी पार्टी को यूरोप के अन्य दक्षिणपंथी नेताओं और पार्टियों की तरफ से बधाई मिल रही है।

माना जा रहा है कि PVV सरकार बनाने में सबसे आगे होगी। सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी। उसे 35 सीटें मिल सकती हैं। यह 2021 के मुकाबले दोगुनी है। हालाँकि, स्पष्ट बहुमत ना होने के कारण उसे अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन करना होगा। लेकिन इस बात की पूरी संभावना है कि गठबंधन का नेतृत्व करते हुए गीर्ट वाइल्डर्स प्रधानमंत्री बनेंगे। इस पूरी प्रक्रिया में अभी 8-10 महीने का समय लगने की संभावना है।

कौन हैं गीर्ट वाइल्डर्स?

गीर्ट वाइल्डर्स एक दक्षिणपंथी डच नेता हैं। वह अपने इस्लाम विरोधी रुख के लिए जाने जाते हैं। वह वर्ष 2004 के बाद से लगातार पुलिस सुरक्षा में रहते हैं। उनके एक बार मोरक्को के लोगों को कूड़ा बोलने पर काफी विवाद हुआ था।

वाइल्डर्स पिछले ढाई दशकों से नीदरलैंड की राजनीति में सक्रिय हैं, वह 1998 के बाद से डच संसद में हैं। उनका ताल्लुक एक सामान्य माध्यम वर्गीय परिवार से है। वह 1981 से 1983 के बीच इजरायल में भी रहे हैं। इस दौरान उन्होंने मध्य एशियाई देशों की यात्रा की, जिस दौरान उनके इस्लाम विरोधी विचार बने।

वाइल्डर्स को अवैध प्रवासियों के प्रति उनके कठोर रवैए और डच हितों को सबसे आगे रखने के लिए जाना जाता है। उन्होंने जुलाई 2022 में भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा और बांग्लादेशी हिंदुओं का मुद्दा भी डच संसद में उठाया था। उन्होंने अक्टूबर 2022 में भी नूपुर शर्मा के समर्थन में ट्वीट किया था।

गीर्ट वाइल्डर्स ने हिन्दुओं से सहिष्णुता छोड़ने का अपील भी की थी।

डच सांसद ने भारत में हिंदुओं पर हमले की घटनाओं का भी जिक्र किया था। उन्होंने नूपुर शर्मा का समर्थन करने पर इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा एक हिंदू दर्जी (कन्हैया लाल) का सिर कलम करने की घटना पर भी प्रकाश डाला था।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर भी वे सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने विदेश मंत्रालय से बांग्लादेश में हिंदू घरों, पूजा स्थलों और दुकानों में आग लगानी वाली घटना पर विचार करने को कहा था। मालूम हो कि 15 जुलाई 2022 को बांग्लादेश में लोहागारा के सहपारा इलाके में कट्टरपंथी मुस्लिमों की भीड़ ने हिन्दुओं के एक मंदिर, किराने की दुकान और कई घरों को तोड़ दिया था।

हलाल के नाम पर चल रहा जिहाद, UP की तरह बिहार में भी लगे बैन: गिरिराज सिंह की CM नीतीश कुमार को चिट्ठी, कहा- कारोबार का हो रहा इस्लामीकरण

उत्तर प्रदेश में ‘हलाल प्रोडक्ट्स’ पर बैन लगने के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी अपने प्रदेश बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस कदम को उठाने की माँग की है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा है। उन्होंने इस पत्र में कहा कि हलाल सर्टिफिकेशन और कारोबार के पीछे एक षड्यंत्र चल रहा है। ऐसे में हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट्स को बिहार में भी बैन करना चाहिए।

अपने पत्र में उन्होंने कहा कि बिहार राज्य में अनेक खाद्य पदार्थों एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों जैसे खाद्य तेल, नमकीन, ड्राई फ्रूट, मिठाइयाँ, कॉस्मेटिक्स, दवाओं एवं मेडिकल उपकरणों का हालात कारोबार हो रहा है जबकि इस प्रकार की सामग्रियों के मानक से संबंधित प्रमाणन के लिए FSSAI जैसे मान ही वैध हैं।

उन्होंने लिखा कि उक्त चीजों में हलाल कारोबार के अंतर्गत जिन चीजों का इस्लाम से कोई संबंध नहीं है, उनका कारोबारी इस्लामीकरण हो रहा है, कुछ संस्थाएँ हलाल सर्टिफिकेट देने की स्वयंभू हो गई हैं और सामान बनाने वाली कंपनियों को मोटी रकम देकर हलाल सर्टिफिकेट दे रही हैं। इस बात की आशंका निराधार नहीं है कि हलाल सर्टिफिकेशन और कारोबार के पीछे एक बड़ा षड्यंत्र है।

उन्होंने पत्र में कहा भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र में हलाल कारोबार न सिर्फ संविधान के खिलाफ है और देशद्रोह भी। एक आँकड़े के अनुसार, पूरे विश्व में हलाल प्रमाणन संबंधी व्यावसायिक गतिविधियों का आकार लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर तक है तथा अर्थव्यवस्था इस स्वरूप के आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े होने की भी बात प्रकाश में आ रही है, जिसकी गहन जाँच किए जाने की आवश्यकता है।

आगे उन्होंने योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा उठाए गए कदम का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे यूपी सरकार ने अंकुश लगाया है वैसे ही बिहार में भी ऐसे ही शक्तियों पर अंकुश लगाया जाए। भाजपा नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र में कहा, “मेरा आपसे अनुरोध है कि बिहार जैसे बड़े राज्य में हलाल उत्पादों के नाम पर चल रहे एक प्रकार के जिहाद के विरूद्ध प्रतिबंध लगाते हुए सख्त कार्रवाई की जाए।”

UP में लगा ‘हलाल’ पर बैन

बता दें कि उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों हलाल सर्टिफाइड उत्पादों पर बैन लगा दिया गया था। यूपी सरकार ने तय किया था कि राज्य की सीमा के भीतर हलाल उत्पादों के उत्पादन, वितरण, भण्डारण पर संपूर्ण बैन लागू हो। इसके लिए आधिकारिक तौर पर आदेश भी जारी किया गया था।

उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा था हलाल सर्टिफिकेट किसी उत्पाद की गुणवत्ता से संबंधित नहीं है। ऐसे निशान गुणवत्ता को लेकर भ्रम की स्थिति ही पैदा करते हैं। जिन उत्पादों पर इस तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनका उल्लेख राज्य सरकार द्वारा जारी पत्र में साफ तौर पर किया गया है।

महुआगेट के बाद संसद पोर्टल का बदला नियम, अब अपने PA को भी OTP-पासवर्ड नहीं दे सकते सांसद: तृणमूल MP पर कारोबारी को लॉगिन देने का आरोप

तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा पर लोकसभा पोर्टल का लॉगिन कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से साझा करने का आरोप है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस खुलासे के बाद संसद पोर्टल और इसके एप का नियम बदल दिया गया है। अब सांसद अपने निजी सचिव और सहायक के साथ भी ओटीपी और पासवर्ड साझा नहीं कर सकते।

महुआ मोइत्रा पर पोर्टल की आईडी और पासवर्ड दुबई में रहने वाले कारोबारी हीरानंदानी से साझा करने के आरोप हैं। कथित तौर पर उन्होंने हीरानंदानी से पैसे और महँगे गिफ्ट लेकर लोकसभा में अडानी समूह के विरुद्ध प्रश्न पूछे थे। इसको लेकर उनके विरुद्ध भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिकायत की थी।

महुआ मोइत्रा ने स्वयं स्वीकार किया था कि उन्होंने अपनी संसद पोर्टल की जानकारियाँ हीरानंदानी के साथ साझा की थी। जाँच में यह सामने आया था कि दुबई से 47 बार उनकी आईडी से लॉगिन किया गया। लोकसभा की आचार समिति ने उनकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है।

इस प्रकरण के बाद लोकसभा सचिवालय ने पोर्टल पर सांसदों के लॉगिन आईडी को लेकर नियम सख्त कर दिए हैं। टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट बताती है कि सचिवालय ने सांसदों के सचिवों (PA) से संसद पोर्टल का एक्सेस ले लिया है। उल्लेखनीय है कि कई सांसद सांसद तकनीकी रूप से बेहद सक्षम नहीं हैं। लिहाजा लॉगिन को लेकर वे अपने सहायकों पर आश्रित रहते हैं। यही कारण है कि अब तक पोर्टल और एप लॉगिन तक उनकी पहुँच थी। लेकिन ताजा बदलावों के बाद अब सांसद के अलावा कोई भी लॉगिन में सक्षम नहीं होगा। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने वाला है।

गौरतलब है कि लोकसभा का यह पोर्टल सांसदों के प्रश्न पूछने, नोटिस जमा करने, ईमेल करने और यात्रा सम्बन्धी खर्चों को जमा करने में सहूलियत प्रदान करता है। लेकिन महुआ मोइत्रा पर निजी जानकारी साझा करने का आरोप लगने की वजह से इससे जुड़े नियम सख्त कर दिए गए हैं।

जिसने जिताया क्रिकेट वर्ल्ड कप, उसने ही श्रीलंका को किया शर्मिंदा: बोले राष्ट्रपति- जय शाह से माँगी माफी, पता था ICC हमारे बोर्ड को सस्पेंड करेगी

श्रीलंका के पूर्व कप्तान अर्जुन रणतुंगा, जिनके नेतृत्व में 1996 में श्रीलंका ने वर्ल्ड कप जीता था, उन्होंने हाल में BCCI के सचिव जय शाह पर उल-जुलूल बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि जय शाह श्रीलंकाई क्रिकेट बर्बाद कर रहे हैं। हालाँकि उनके बयान पर जब विवाद हुआ तो उन्होंने इसपर माँग ली। उनके बाद वहाँ की सरकार ने भी सॉरी बोला और अब देश के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने भी इस पर बयान दिया है।

उन्होंने फर्स्टपोस्ट को दिए इंटरव्यू में इस मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा, “जय शाह श्रीलंका का क्रिकेट नहीं देखते। उन्हें बस लगता है कि जय शाह क्रिकेट बोर्ड को सपोर्ट कर रहे हैं। मैंने जय शाह से इस मामले पर बात की और माफी भी माँगी कि इस मामले में उनका नाम घसीटा गया।”

रानिल विक्रमसिंघे ने श्रीलंकाई टीम के आईसीसी से बर्खास्त होने पर कहा, “मेरी स्थिति यह है कि कानूनी संस्था जो भी हो, मैं समर्थन करूँगा। यदि यह समूह कानूनी संस्था है तो मैं उनका समर्थन करूंगा। यदि दूसरा समूह कानूनी संस्था है तो मैं उनका समर्थन करूँगा। यदि कोई तीसरा समूह है जो कानूनी निकाय है, तो मैं उनका समर्थन करूँगा। यह मेरे द्वारा तय नहीं किया गया है, यह आईसीसी द्वारा तय किया गया है।”

ICC से श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड बर्खास्त

बता दें कि श्रीलंकाई टीम का सफर वर्ल्ड कप में बेहद निराशाजनक था। टीम को बड़ा झटका तब लगा था जब वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद आईसीसी ने सरकारी हस्तक्षेप के चलते श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड को बर्खास्त कर दिया था। आईसीसी के इस फैसले के बाद अर्जुन रणतुंगा ने बीसीसीआई के सचिव जय शाह पर आरोप लगाया था। वहीं राष्ट्रपति रानिल ने कहा कि उन्हें पता था कि श्रीलंका बोर्ड को सस्पेंड किया जाएगा।

उन्होंने बताया, “बोर्ड ऑफ कंट्रोल पहले ही आईसीसी को लिख चुका था कि श्रीलंका को सस्पेंड किया जाए। नेताओं ने मुझे कई पत्र दिए थे लेकिन मैंने उन्हें नहीं देखा। मगर, मैं जानता था कि श्रीलंका को आईसीसी सस्पेंड कर देगा।” राष्ट्रपति बोले कि वो लोग कोर्ट से फैसले के इंतजार में है। जैसे ही ऐसा होगा वो लोग आईसीसीसे से बात करेंगे कि श्रीलंका को भी मैच होस्ट करने दिया जाए।

वह बोले, “जहाँ तक ​​क्रिकेट बोर्ड का सवाल है, मंत्रियों की एक समिति उनके पास जा रही है, जो कानून की सिफारिश करेगी। उन्होंने बोर्ड के सदस्यों के साथ-साथ अंतरिम समिति के सदस्यों से भी बात की है, लेकिन मैं ऐसा कानून लाना चाहता हूँ जो मंत्री की हस्तक्षेप करने और राजनीति में दखल देने की शक्ति छीन लेगा।”

रणतुंगा की किस टिप्पणी पर हुआ था विवाद?

अर्जुन रणतुंगा ने कहा था, “जय शाह श्रीलंका क्रिकेट को चला रहे हैं। जय शाह के दबाव के कारण श्रीलंका क्रिकेट बर्बाद हो रहा है। भारत में एक आदमी श्रीलंकाई क्रिकेट को बर्बाद कर रहा है। वह केवल अपने पिता के कारण शक्तिशाली हैं, जो भारत के गृह मंत्री हैं।”

उनके इस बयान पर विवाद खड़ा हो गया था, जिसके बाद अब श्रीलंकाई सरकार को माफी माँगनी पड़ी है। इस बारे में शुक्रवार (17 नवंबर 2023) को संसद में बात करते हुए श्रीलंका के मंत्री हरिन फर्नांडो और कंचना विजेसेकरा ने रणतुंगा के उस बयान को लेकर खेद व्यक्त किया।

श्रीलंका सरकार के दोनों मंत्रियों ने कहा कि श्रीलंका में जो कुछ भी चल रहा है, उसकी जवाबदेही स्थानीय प्रशासकों की है, न कि बाहरी लोगों की। संसद में मंत्री कंचना विजेसेकरा ने कहा, “हम एक सरकार के रूप में एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष जय शाह के प्रति अपना खेद व्यक्त करते हैं। हम अपने संस्थानों की कमियों के लिए जय शाह या अन्य देशों पर अंगुली नहीं उठा सकते।”

वहीं, पर्यटन मंत्री फर्नांडो ने आईसीसी से इस बैन को हटाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आईसीसी के इस बैन से देश पर असर पड़ेगा, क्योंकि अगले साल अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप का आयोजन होना है। अगर ये बैन जारी रहा तो कोई भी देश श्रीलंका का दौरा नहीं करेगा और श्रीलंकाई क्रिकेट को आईसीसी से कोई पैसा नहीं मिलेगा। इसकी वजह से श्रीलंका में क्रिकेट के प्रबंधन की कमर टूट जाएगी।

गुरुद्वारे पर कब्जे को लेकर भिड़े निहंग गुट, फायरिंग में पुलिस कॉन्स्टेबल की मौत: पंजाब के कपूरथला की घटना

पंजाब के कपूरथला जिले के एक गुरुद्वारा पर मालिकाना हक को लेकर बुधवार (22 नवंबर 2023) की रात निहंग सिखों के दो समूहों में झड़प हो गई। इस दौरान मौके पर पहुँची पुलिस बल पर एक निहंग सिख ने फायरिंग कर दी। इसमें एक कॉन्सटेबल की मौत हो गई। वहीं 5 अन्य पुलिस वाले घायल हो गए।

घटना के बाद इस इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस ने अब तक निहंग समूह के 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब लगभग तीन दर्जन निहंगों ने गुरुद्वारा अकालपुर बुंगा में घुस कर कब्जा करने की कोशिश की। दूसरे निहंग समूह ने इसका विरोध किया। इससे दोनों निहंग समूहों के बीच झड़प हो गई।

कपूरथला एसपी तेजबीर सिंह हुंडाल के मुताबिक, “सुल्तानपुर लोधी इलाके के इस गुरुद्वारे पर जब पुलिस पहुँची और परिसर खाली करने को कहा तो निहंगों ने फायरिंग कर दी। इससे वहाँ तनाव का माहौल बन गया।” गुरुद्वारा परिसर को खाली कराने के दौरान एक निहंग सिख की फायरिंग में एक पुलिस कॉन्सटेबल की मौत हो गई और 5 अन्य घायल हो गए।

बताते चले कि निहंग सिख योद्धाओं का एक समूह है। ये अपनी उत्पत्ति सिखों के 10वें गुरु गोबिंद सिंह के 1699 के खालसा निर्माण से हुई मानते हैं। ये नीले कपड़े और सजी हुई पगड़ी पहनते हैं। ये अक्सर अपने साथ तलवार और भाले जैसे हथियार रखते हैं।

निहंगों ने इस तरह का रवैया पहली बार नहीं दिखाया है। इस साल जुलाई में लुधियाना के गाँव जरखड़ के गुरुद्वारा मंजी साहिब की गोलक पर कब्जा करने के लिए फायरिंग की गई थी। इससे पहले निहंग प्रदर्शनकारियों ने 2020 में कोविड लॉकडाउन के दौरान पटियाला के एक पुलिस अधिकारी का हाथ काट दिया था।