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CM अशोक गहलोत के विधानसभा का खस्ताहाल स्कूल, सच दिखाने गए ‘शाइनिंग इंडिया’ के पत्रकार से कॉन्ग्रेस पार्षद ने की हाथापाई: वीडियो वायरल

राजस्थान में चुनावी सरगर्मी तेज है। ऐसे में राजस्थान के CM अशोक गहलोत की विधानसभा सरदार पुरा में इंग्लिश मीडियम स्कूलों का सच दिखाने गए यू ट्यूब चैनल ‘शाइनिंग इंडिया’ के एक पत्रकार से कॉन्ग्रेस पार्षद और उनके द्वारा बुलाए गए कुछ लोगों द्वारा कैमरे के सामने ही हाथापाई की गई। 

दरअसल, पत्रकार मुख्यमंत्री के विधानसभा के एक स्कूल का सच दिखा रहा था, जिससे कॉन्ग्रेस पार्षद भड़क गया। वहीं सरदार पुरा में जिस खस्ताहाल इंग्लिश मीडियम बालिका विद्यालय का हाल कैमरे पर दिखाया जा रहा था वह CM अशोक गहलोत के घर से मात्र 2 किलोमीटर की दूरी पर बताया जा रहा है। 

वहीं पत्रकार से हाथपाई करने वाले पार्षद का नाम प्रकाश देशबंधु बताया जा रहा है जिन्होंने महिलाओं और बच्चों संग मिलकर पत्रकार प्रभात रंजन मिश्रा पर हमला किया। इसका एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें कैमरे के सामने ही पार्षद पत्रकार को धक्का दे रहा है। यहाँ तक कि स्कूल के बाहर पत्रकार पर पत्थर के टुकड़े भी फेंके गए। 

इस घटना का वीडियो शाइनिंग इंडिया ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट किया है। शाइनिंग इंडिया ने कॉन्ग्रेस पार्षद द्वारा पत्रकार से हाथापाई और धक्का दिए जाने का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “विधानसभा चुनाव के दौरान राजस्थान सरकार के शिक्षा मॉडल की सच्चाई दिखाने गए हमारे पत्रकार प्रभात रंजन के साथ जोधपुर दक्षिण के वार्ड नंबर 69 के पार्षद प्रकाश देशबंधु ने कैमरे के सामने इतनी अराजकता की तो ऑफ़ कैमरा राज्य की क्या व्यवस्था होगी?”

अपने इस पोस्ट के साथ ही पत्रकार का एक ही सवाल था कि आखिर अशोक गहलोत क्या छुपाना चाहते थे?  क्योंकि पत्रकार स्कूल के बाहर की गंदगी, बंद टॉयलेट के साथ वहाँ की खस्ताहाल व्यवस्था को दिखा रहा था। जिसका कॉन्ग्रेस के पास कोई जवाब नजर नहीं आ रहा है बल्कि कॉन्ग्रेस पार्षद बीजेपी एजेंट कहते हुए मार-पिटाई पर उतर आया। 

आप ऊपर वह पूरी रिपोर्ट भी देख सकते हैं कि किस तरह से शाइनिंग इण्डिया के पत्रकार ने वहाँ का सच दिखाना चाहा और कैसे कॉन्ग्रेस पार्षद द्वारा दुर्व्यवहार किया गया। 

‘भारत की चेतना पर प्रहार हुआ तो कोई योद्धा बना तो कोई संत…’: मथुरा में बोले पीएम मोदी- मीराबाई रूढ़ियों को तोड़ने वाली समाज सुधारक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार (23 नवंबर 2023) को कृष्ण भक्त मीराबाई के 525वें जन्मोत्सव पर आयोजित ब्रज रज महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने लोगों को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त संत मीराबाई का जीवन सभी के लिए प्रेरणा-शक्ति है। पीएम ने कहा कि मथुरा की पावन धरा पर संत मीराबाई की 525वीं जन्म-जयंती के उत्सव में शामिल होना सौभाग्य की बात है।

ब्रज रज में शामिल होकर पीएम ने कहा, “मेरा सौभाग्य है कि मुझे ब्रज का दर्शन करने का सौभाग्य मिला है। यहाँ वही आता है, जिसे श्रीकृष्ण और श्रीजी बुलाते हैं। यह कोई साधारण धरती नहीं है। ब्रज लालजी और लाडली जी की प्रेम का साक्षात अवतार है। ये ब्रज ही है, जिसका रज भी पूरे संसार में पूजनीय है। इसके रज-रज में राधा रानी और कण-कण में श्रीकृष्ण समाए हुए हैं।”

मीराबाई के चरणों में भी नमन करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “भगवान कृष्ण से लेकर मीराबाई तक ब्रज का गुजरात से एक अलग ही रिश्ता रहा है। ये मथुरा के कान्हा गुजरात जाकर ही द्वारकाधीश बने थे। राजस्थान से आकर मथुरा में प्रेम की धारा बहाने वाली मीरा जी भी अपना अंतिम समय द्वारका में ही बिताया था। मुझे तो माँ गंगा बुलाया और भगवान कृष्ण की कृपा से 2014 से ही आपके बीत आकर बच गया।”

पीएम मोदी आगे बोले, “मीराबाई का जन्मोत्सव नर और नारायण में, जीव और शिव में, भक्त और भगवान में अभेद मानने वाले विचार का भी उत्सव है। मीराबाई राजस्थान की उस वीरभूमि में जन्मी थीं, जिसने देश के सम्मान और संस्कृति के लिए असीम बलिदान दिए। मीराबाई ने भक्ति और आध्यात्म की भक्ति धारा को बहाकर चेतना को सींचा था।”

राजस्थान के बलिदान को याद करते हुए पीएम ने कहा, “यह महोत्सव मीराबाई के प्रेम परंपरा और पराक्रम की भी याद दिलाता है। उस समय मीराबाई के परिवार और राजस्थान ने अपना सब कुछ झोंक दिया था। हमारी आस्था की केंद्रों की रक्षा के लिए ये लोग दिवार बनकर खड़ा रहे, ताकि भारत की आत्मा को, भारत की चेतना को सुरक्षित रखा जा सके। यह महोत्सव प्रेम परंपरा के साथ शौर्य की परंपरा की भी याद दिलाता है।”

उन्होंने भारत को नारी-शक्ति का पूजन करने देश बताया। कृष्ण के पहले भी जब राधा का नाम लगता है, तभी उनका नाम पूरा होता है। मीराबाई का हवाला देते हुए पीएम ने कहा कि इस धरती और आसमान के बीच जो कुछ दिखाई देता है, उसका अंत निश्चित है। पीएम ने कहा कि भारत के मुश्किल समय ने मीराबाई ने समाज को रास्ता दिखाया और संत रविदास को अपना गुरु माना। मीराबाई मध्य काल की एक महान महिला के अलावा एक महान समाज सुधारक रही हैं।

मीराबाई को देश का प्रकाशपूंज बताते हुए पीएम ने कहा कि उन्होंने समाज की रूढ़ियों से मुक्त होने की दृढ़ता दिखाई। भारत की चेतना पर जब-जब प्रहार हुआ, तब-तब भारत के किसी ना किसी कोने में एक प्रकाशपूंज पैदा हुआ और समाज को रास्ता दिखाया। कोई योद्धा बना तो कोई संत बना। इन्होंने भारत को गढ़ा। बता दें कि मीराबाई राजस्थान की एक राजकुमारी थीं और मेवाड़ के राजकुमार भोजराज के साथ उनकी शादी हुई थी। वह कृष्ण भक्ति के लिए विख्यात हैं।  

मथुरा में मीराबाई की स्मृति में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में एक डाक टिकट और 525 रुपए का एक खास स्मारक सिक्का भी जारी किया। 525 रुपए की मूल्य का यह पहला सिक्का है। इस खास सिक्के का कुल वजन 35 ग्राम है। इसमें 50 प्रतिशत चाँदी, 40 प्रतिशत ताँबा और 10 प्रतिशत जस्ता का मिश्रण है। इस सिक्के के एक तरफ अशोक स्तम्भ बना है, जिसके नीचे ₹525 लिखा है।

सिक्के के दूसरी तरफ मीराबाई का चित्र है। इस चित्र के ऊपर हिंदी में और नीचे अंग्रेजी में ‘संत मीराबाई की 525वीं जयंती’ लिखा है। मीराबाई चित्र के दाईं ओर 1498 और बाईं ओर 2023 लिखा है। पीएम को मीराबाई पर आधारित करीब पाँच मिनट की डाक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। बता दें कि मीराबाई को भगवान कृष्ण की भक्ति के लिए जाना जाता है। उन्होंने कई भजनों, छंदों और ग्रंथों की रचना की है।

इससे पहले पीएम मोदी ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर जाकर गर्भगृह में पूजा-अर्चना और दर्शन की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम को देखते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही। जगह-जगह पुलिस फोर्स तैनात है और सादे कपड़ों में खुफिया तंत्र निगाह बनाए हुए हैं। आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। परिसर में चारों तरफ एवं शाही ईदगाह मस्जिद क्षेत्र में भी पुलिस अलर्ट रही।

5 जवानों के हत्यारे लश्कर कमांडर कारी सहित दो आतंकियों को सुरक्षाबलों ने किया ढेर, मुठभेड़ में हुए 4 जवान बलिदान

जम्मू-कश्मीर के राजौरी के कालाकोट जंगलों में चल रही मुठभेड़ में गुरुवार (23 नवंबर, 2023) को सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया है। इनमें से एक लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर कारी है। बता दें कि आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच बुधवार (22 नवंबर,2023) से ये मुठभेड़ चल रही है।

बता दें कि राजौरी के कालाकोट में चल रही मुठभेड़ में अब तक दो अफसरों सहित 4 सैनिक शहीद हो चुके हैं। सुरक्षा बलों ने रात भर रुकने के बाद गुरुवार सुबह दोबारा से मुठभेड़ शुरू की। इसी दौरान ये दो पाक आतंकी ढेर किए गए।

कारी डांगरी गाँव में 1 जनवरी में हिंदुओं की हत्या के साथ ही कांडी ऑपरेशन में 5 जवानों की हत्या का मास्टर माइंड था। वह बीते एक साल से राजौरी के इलाके का बारीकी से निरीक्षण कर रहा था।

जानकारी के मुताबिक, दोनों आतंकियों को जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ में फिर से आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए भेजा गया था। मारे गए दोनों आतंकी आईईडी बनाने में और उसे चलाने में माहिर थे। इसके अलावा दोनों ही एक्सपर्ट स्नाइपर थे और दोनों को गुफाओं में छिपने में भी महारत हासिल थी।

जम्मू-कश्मीर में तैनात डिफेंस पीआरओ के मुताबिक, वह एक प्रशिक्षित स्नाइपर भी था। उसे पाकिस्तान और अफगानिस्तान में ट्रेनिंग मिली थी।। सेना और पुलिस ने संयुक्त रूप से एक खुफिया इनपुट के बाद कालाकोट के जंगलों में ये ऑपरेशन शुरू किया गया था।

दरअसल, सुरक्षा बलों को कालाकोट के जंगलों में खतरनाक आंतकियों के छुपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद इस इलाके को घेर लिया गया था। जंगलों से घिरे इस इलाके में आतंकियों पर काबू पाने में समस्याएँ आती है।

जम्मू-कश्मीर में पीर पंजाल के जंगल सुरक्षा बलों के लिए हमेशा से ही चुनौती पैदा करते रहे हैं। अक्सर आतंकी इन जंगलों में ही अपना ठिकाना बनाते हैं। इस वजह से इन आतंकियों को पकड़ने और मार गिराने में मुश्किल पेश आती हैं। 

पंजाब में डॉक्टरों ने दो जिंदा मरीजों को कब्रिस्तान में फेंकवाया, फिर भागने की दर्ज करा दी शिकायत: HIV+ दोनों पीड़ितों में से एक की मौत

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी शासित पंजाब के एक सरकारी अस्पताल में जिंदा मरीजों को कब्रिस्तान और सुनसान सड़क पर फेंकवाने का शर्मनाक मामला सामने आया है। डॉक्टरों की इस अमानवीय करतूत के कारण एक मरीज की मौत हो गई है। दोनों मरीज लावारिस और HIV पॉजिटिव बताए जा रहे हैं।

कहा जा रहा है कि अस्पताल के डॉक्टरों ने इसके लिए एंबुलेंस चालक को बुलाया इन दो मरीजों को कब्रिस्तान के पास फेंकने के लिए कहा था। इसके लिए डॉक्टरों ने एंबुलेंस चालक को 400 रुपए भी दिए थे। दरअसल, जिन दो मरीजों को फेंका गया वे एड्स (HIV) से पीड़ित थे। अस्पताल में उनकी देखभाल करने वाला भी कोई व्यक्ति नहीं था।

जिस जगह पर इन दोनों मरीजों को फेंका गया था, वहाँ ठंड आदि से एक मरीज की मौत हो गई। वहीं, दूसरा मरीज कब्रिस्तान में मिला। उसे वहाँ से उठाकर फिर से मानसा अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के इस कारनामे पर इलाके के लोगों में आक्रोश है। समाजसेवियों ने इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की माँग की है।

बताया जा रहा है कि दोनों मरीज HIV पॉजिटिव थे। वे पीलिया और टीबी से पीड़ित थे। डॉक्टर इनका इलाज भी ठीक से नहीं कर रहे थे और इनसे छुटकारा पाने चाहते थे। इसके लिए डॉक्टोरं ने एंबुलेंस चालक को पैसे देकर दोनों मरीजों के फेंकने के लिए कहा। मरीजों को बाहर अलग-अलग जगहों पर फेंकवाने के बाद डॉक्टरों ने इन मरीजों के अस्पताल से भागने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

मरीजों को सुनसान जगह पर छोड़ने वाले एम्बुलेंस चालक ने कहा कि अस्पताल के डॉक्टर आशू और मैडम गुरविंदर कौर ने उनसे मरीज को कहीं छोड़ने के लिए कहा था। इसके लिए आशू ने 400 रुपए दिया था। अब सरकारी अस्पताल के डॉक्टर इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर रहे हैं। मानसा के सीएमओ ने इस घटना के लिए एक जाँच कमेटी बनाने की बात कही है।

‘पनौती’ और ‘जेबकतरा’ पर फँसे राहुल गाँधी, 25 नवंबर तक चुनाव आयोग को देना होगा जवाब: ₹14 लाख करोड़ की कर्ज माफी पर भी नोटिस

चुनाव आयोग ने कॉन्ग्रेस सांसद राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री मोदी पर दिए गए विवादित बयान के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। चुनाव आयोग का यह नोटिस राहुल के ‘पनौती’ और ‘जेबकतरा’ वाले बयान के बाद आया है।

चुनाव आयोग के नोटिस में राहुल से उनके ₹14 लाख करोड़ की कर्जामाफी वाले बयान को लेकर भी जवाब माँगा गया है। राहुल गाँधी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को इस विषय में चुनाव आयोग के पास शिकायत दर्ज करवाई थी।

दरअसल, राहुल गाँधी ने भारत के ऑस्ट्रेलिया से फाइनल मैच हारने के बाद राजस्थान में एक चुनावी रैली के दौरान कहा था, “…कभी क्रिकेट मैच में चला जाएगा वो अलग बात है कि हरवा दिया… पनौती पीएम मतलब पनोती मोदी।” इसके अलावा प्रधानमंत्री को जेबकतरा बताने वाले बयान पर भी भाजपा ने शिकायत की।

राहुल गाँधी के जिस बयान पर बीजेपी को आपत्ति थी उसमें कहा गया था, “जेबकतरे होते हैं, जब दो जेब कतरे किसी की जेब काटना चाहते हैं, तो सबसे पहले क्या करते हैं? ध्यान हटाने का काम करते है। एक आपके सामने आता है और आपसे कोई ना कोई बातचीत करता है आपका ध्यान इधर-उधर ले जाता है पीछे से दूसरा आता है जेब काट लेता है।”

आगे उन्होंने कहा था, “…चला जाता है मगर जेबकतरा सबसे पहले ध्यान हटाता है। भाइयों और बहनों नरेंद्र मोदी जी का काम आपके ध्यान को इधर-उधर करने का है और …का काम आपके जेब काटने का है दोनों आते हैं… एक टीवी पर आता है आपसे कहेगा हिंदू मुस्लिम…”

राहुल गाँधी ने यह सारे बयान राजस्थान के बाड़मेर में 22 नवम्बर, 2023 को आयोजित एक विधानसभा चुनाव की रैली में दिए थे। उन्होंने प्रधानमंत्री पर कुछ उद्योगपतियों का कर्जा माफ़ करने का आरोप भी लगाया था।

उन्होंने कहा था, “फायदा चार पाँच उद्योगपतियों को देगा। उदाहरण देता हूँ, पिछले 9 साल में नरेंद्र मोदी जी ने 14,00,000 करोड़ रूपया हिंदुस्तान के सबसे बड़े अरबपतियों का कर्जा माफ़ किया मैं आपसे पूछना चाहता हूँ इन 14,00,000 लोगों में 14,00,000 करोड़ रुपये में जो इन्होंने 1015 लोगों को दिया…।”

इन्हीं सब बयानों पर भाजपा ने आदर्श आचार संहिता और अन्य कानूनों का हवाला देते हुए राहुल गाँधी के विरुद्ध कार्रवाई की माँग की है। भाजपा ने कहा है कि आदर्श आचार संहिता के अंतर्गत किसी भी व्यक्ति पर बिना तथ्यों के आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए। उन्होंने कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता के इस बयान पर रोष जताया।

अब राहुल गाँधी को इसका जवाब 25 नवम्बर, 2023 से पहले देना होगा। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे ने इस नोटिस पर कहा है कि हम अपने पास भेजे गए हर नोटिस का सामना करेंगे।

गौरतलब है कि राहुल को ‘सारे मोदी चोर होते हैं‘ वाले बयान के मामले में पहले ही 2 वर्ष की सजा हो चुकी है।

1947 में भारत हो गया स्वतंत्र, पर प्रधानमंत्री को श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुँचने में लग गए 76 साल: PM मोदी ने मथुरा के मंदिर में की प्रार्थना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुरुवार (23 नवंबर 2023) मथुरा पहुँचे। वहाँ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी आगवानी की। पीएम सीधे श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पहुँचे और वहाँ गर्भगृह में पूजा-अर्चना की। उनके साथ सीएम योगी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं। इस तरह, पीएम मोदी मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर जाने वाले पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं।

गर्भगृह में पूजा-अर्चना और दर्शन करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भागवत भवन के लिए ऊपरी तल पर गए। दरअसल, प्रधानमंत्री मथुरा में महान संत एवं कृष्णभक्त मीराबाई की 525वीं जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले ब्रज रज उत्सव में हिस्सा लेने के लिए आए हैं। ब्रज रज उत्सव में मथुरा से सांसद हेमा मालिनी मीराबाई पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत करेंगी।

मथुरा में मीराबाई की स्मृति में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में एक डाक टिकट और 525 रुपए का एक खास स्मारक सिक्का भी जारी किया। 525 रुपए की मूल्य का यह पहला सिक्का है। इस खास सिक्के का कुल वजन 35 ग्राम है। इसमें 50 प्रतिशत चाँदी, 40 प्रतिशत ताँबा और 10 प्रतिशत जस्ता का मिश्रण है। इस सिक्के के एक तरफ अशोक स्तम्भ बना है, जिसके नीचे ₹525 लिखा है।

सिक्के के दूसरी तरफ मीराबाई का चित्र है। इस चित्र के ऊपर हिंदी में और नीचे अंग्रेजी में ‘संत मीराबाई की 525वीं जयंती’ लिखा है। मीराबाई चित्र के दाईं ओर 1498 और बाईं ओर 2023 लिखा है। पीएम को मीराबाई पर आधारित करीब पाँच मिनट की डाक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। बता दें कि मीराबाई को भगवान कृष्ण की भक्ति के लिए जाना जाता है। उन्होंने कई भजनों, छंदों और ग्रंथों की रचना की है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम को देखते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही। जगह-जगह पुलिस फोर्स तैनात है और सादे कपड़ों में खुफिया तंत्र निगाह बनाए हुए हैं। आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। परिसर में चारों तरफ एवं शाही ईदगाह मस्जिद क्षेत्र में भी पुलिस अलर्ट रही। वहीं दोपहर के बाद सुरक्षा सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके के दुकानों को बंद करा दिया।

‘गिरे मनोबल में प्रधानमंत्री का खड़ा होना अलग ही कॉन्फिडेंस देता है’: मोहम्मद शमी ने बताया ड्रेसिंग रूम में PM मोदी के आने का मोल

विश्व कप 2023 के बाद भारतीय गेंदबाज मोहम्मद शमी अमरोहा पहुँचकर मीडिया से बात की। बातचीत में उन्होंने कहा कि वो उनके जिले में स्टेडियम बनाए जाने का ऐलान करने के लिए योगी सरकार के आभारी हैं। उन्होंने मीडिया को यह भी बताया कि जिस तरह से पीएम मोदी ने मैच के बाद कमरे में आकर पूरी टीम को संभाला था, उससे उनको बहुत हिम्मत मिली।

अमरोहा में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर फाइनल्स में भारतीय क्रिकेट टीम थोड़े और रन बना लेती, तो भारत मैच जीत जाता। 40-50 रन भी ज्यादा होते तो शायद डिफेंड करना आसान होता और गेम उनके पाले में होता।

शमी बोले, “हार के लिए कई वजह होती है कम स्कोर एक वजह रही, VIP के आने की वजह से भी प्रेशर होता है और रात में बैटिंग करने पर अधिक रन बनते है क्योंकि शाम को ओस की वजह से पिच गीली हो जाती है और बॉल स्विंग करती है।”

आगे मोहम्मद शमी ने योगी आदित्यनाथ द्वारा उनके नाम से एक स्टेडियम बनाने के ऐलान के लिए सीएम योगी का धन्यवाद किया और बोले कि पहले उन्हें इतनी सुविधाएँ नहीं मिली थी, लेकिन आज के बच्चों पर ये सुविधाएँ हैं। ऐसे में उन्हें सिर्फ फोकस और कड़ी मेहनत पर ध्यान देना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जहाँ भी उनकी जरूरत होगी वहाँ वह हमेशा खड़े रहेंगे।

आगे शमी से जब पूछा गया कि फाइनल मैच में वर्ल्ड कप हाथ से निकलने के बाद जब पीएम मोदी मिलने आए तो उन्होंने कैसे हिम्मत दी। इसपर शमी ने कहा कि इसकी तो पूरी वीडियो ही सोशल मीडिया पर वायरल है। शमी ने कहा, “उस समय हम मैच हार चुके थे, ऐसे में जब आपके प्राइम मिनिस्टर आपको प्रोत्साहन देते हैं तो वह अलग ही कॉन्फिडेंस होता है कि एक देश का जिम्मेदार नागरिक आपके पास आता है आपको सहानुभूति दे रहा है क्योंकि उस समय मोरल वैसे ही डाउन होता है और जब ऐसे पल में आपका पीएम आपके सामने खड़ा है, कॉन्फिडेंस दे रहा है तो यह अलग ही चीज हो जाती है।”

चेन्नई पुलिस के सामने हाजिर हुआ साउथ सिनेमा का ‘विलेन’ मंसूर अली खान, हिरोइन तृषा के लिए कहा था- उठाकर बेडरूम में ले जाऊँगा…

अभिनेत्री तृषा कृष्णन के बारे में अश्लील टिप्पणियाँ करने वाले तमिल अभिनेता मंसूर अली खान चेन्नई में पुलिस के सामने पेश हुए हैं। इससे पहले उनकी जमानत याचिका को कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया था। उन्होंने पहले पेश होने से मना किया था लेकिन याचिका ख़ारिज हो जाने के बाद पहुँच गए।

बता दें कि मंसूर अली खान पर तृषा कृष्णन पर अश्लील टिप्पणी करने के कारण मामला दर्ज हुआ था। खान ने तृषा कृष्णन के साथ हाल ही में आई लियो फिल्म में काम किया था। जिसके पश्चात उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह टिप्पणियाँ की थी।

मंसूर अली खान ने कहा था, “मुझे जब मालूम हुआ कि मैं तृषा के साथ काम कर रहा हूँ तो मुझे लगा कि यह एक बेडरूम सीन होगा। मुझे लगा कि मैं फिल्म में तृषा को उठाकर बेडरूम में ले जाऊँगा जैसा मैंने और भी कई अभिनेत्रियों के साथ पहले फिल्मों में किया है। मैंने पहले भी कई रेप सीन किए हैं और मेरे लिए यह कोई नई बात नहीं है। लेकिन, इन लोगों ने कश्मीर में शूटिंग के दौरान मुझे तृषा को देखने तक नहीं दिया।”

मंसूर अली खान ने अपने इस विवादित बयान की चारों तरफ आलोचना होने के बाद भी माफ़ी माँगने से मना कर दिया था। उन्होंने कहा था कि मैं क्या कोई ऐसा आदमी दिखता हूँ जो माफ़ी माँगूँगा। उन्होंने मीडिया के इस खबर के कवरेज पर भी तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि मेरी और तृषा की फोटो बराबर में लगा कर चलाई गईं जैसे हम दूल्हा-दुल्हन हों।

मंसूर अली खान ने यह भी दावा किया था कि उनके इस बयान के चलते जो प्रतिबंध लगाया गया है वह गलत है। उन्होंने तमिल लोगों को अपने साथ बताया था। उनके खिलाफ चेन्नई के एक महिला थाने में FIR दर्ज की गई थी।

पुलिस ने उन्हें आज पूछताछ के लिए बुलाया था जिसमें उन्होंने पहले जाने मना कर दिया था। खान ने इसके पीछे स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था। इसके साथ ही उन्होंने एक न्यायालय के सामने अंतरिम जमानत के लिए भी याचिका लगाई थी। हालाँकि उसमे कुछ कमियों की वजह से याचिका वापस ले ली गई थी। अब यह जानकारी सामने आई है कि वह पुलिस के सामने पेश हो गए हैं।

तृषा कृष्णन ने मंसूर अली खान को एक नीच इंसान बताया था। उनकी लियो फिल्म के डायरेक्टर लोकेश कंगराज ने भी आलोचना की थी।

गौरतलब है कि उनके खिलाफ एक्शन लेने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग ने तमिलनाडु के डीजीपी को निर्देश दिया था। उन पर यौन शोषण और महिलाओं को अपमानित करने वाला बयान देने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

डॉक्टर बनने के लिए अब 12वीं में जीव विज्ञान का ‘मेन सब्जेक्ट’ होना जरूरी नहीं: NMC ने किया बदलाव, एक्स्ट्रा में बायोलॉजी लेकर करनी होगी रेग्युलर पढ़ाई

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (NEET UG 2024) की पात्रता में संशोधन किया है। इस संशोधन के बाद अब कक्षा 12वीं में भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित को मुख्य विषय रखकर पढ़ाई करने वाले छात्र भी अब डॉक्टर बन सकेंगे। इसके पहले डॉक्टर बनने के लिए 12वीं कक्षा में जीव विज्ञान एक प्रमुख विषय होना जरूरी था।

हालाँकि, गाइडलाइन में कहा गया है कि 12वीं में PCM (फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ) की पढ़ाई करने वाले छात्र यदि अतिरिक्त विषय के रूप में भी अंग्रेजी के साथ जीव विज्ञान या जैव प्रौद्योगिकी की पढ़ाई की है, तो वे अब इसके पात्र माने जाएँगे। मान्यता प्राप्त बोर्ड से इसकी पढ़ाई करने वाले छात्र अब MBBS और BDS में नामांकन के लिए ली जाने वाली NEET परीक्षा में बैठ सकेंगे।

भारतीय चिकित्सा परिषद (MCI) ने स्नातक चिकित्सा शिक्षा, 1997 के प्रावधानों को विनियमित किया था। इससे पहले MBBS या BDS में प्रवेश के लिए वे ही विद्यार्थी पात्र माने गए थो, जिन्होंने कक्षा 11 और 12 में लगातार दो वर्ष अंग्रेजी विषय के साथ भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान या जैव प्रौद्योगिकी में नियमित रूप से पढ़ाई की होगी।

इन विषयों में दो साल का अध्ययन नियमित स्कूलों से पूरा करना आवश्यक था, न कि मुक्त विद्यालयों से अथवा प्राइवेट छात्र के तौर पर। हालाँकि, नई शिक्षा नीति पर विचार करने के बाद राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने 2वीं कक्षा में विभिन्न विषयों के साथ पढ़ाई करने की छूट प्रदान की है। इस संबंध में NMC की 14 जून 2023 को बैठक हुई थी।

आयोग ने कहा कि NEET UG की परीक्षा में वे उम्मीदवार भी शामिल हो सकते हैं, जिनके पात्रता प्रमाण पत्र के आवेदन पहले किसी समस्या के कारण खारिज कर दिए गए थे। NMC के इस निर्णय के बाद उन छात्रों के लिए नए अवसर खुल गए हैं, जिन्होंने 12वीं कक्षा में जीव विज्ञान मुख्य विषय के रूप में नहीं रखा था।

बताते चलें कि देश में MBBS और BDS में नामांकन के लिए देश में हर साल NEET UG परीक्षा का आयोजन किया जाता है। इसमें देश भर से लाखों विद्यार्थी हिस्सा लेते हैं। अब इस छूट के बाद इस परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों की संख्या में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

कौन हैं AAP की चाहत पांडे, MP के चुनावी नतीजों से पहले ही हो गईं वायरल: ठुमके देख बोले यूजर्स- ये हारी तो EVM से भरोसा उठ जाएगा

मध्य प्रदेश के दमोह से आम आदमी पार्टी की ओर से चुनावी मैदान में उतारी गईं प्रत्याशी चाहत पांडे का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में चाहत क्रॉप टॉप और शॉर्ट्स में सिंबा फिल्म के गाने पर डांस करती नजर आ रही हैं। ट्विटर पर इसे धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है। लोग कमेंट करके पूछ रहे हैं कि क्या इस तरह समाज सुधरेगा।

अजय पटेल ने वीडियो को शेयर करके पूछा- “यह चाहत पांडे है जो आम आदमी पार्टी की मध्य प्रदेश से विधायक की उम्मीदवार हैं। आपको भी लगता है कि इन नचनियों को देश चलाने की जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए?”

प्रेम प्रकाश सिंह ने लिखा- “यह आम आदमी पार्टी की दामोह की कर्मठ प्रत्याशी चाहत पांडे हैं। इन्होंने अपने नृत्य प्रतिभा से दामोह की जनता में जान फूँक दी है।”

जीतेंद्र प्रताप सिंह लिखते हैं, “यह चाहत पांडे है… इन्हें आम आदमी पार्टी ने मध्य प्रदेश से विधायक का टिकट दिया है। अगर यह हार गई तब मेरा EVM से भरोसा उठ जाएगा।”

नवल कांत सिन्हा ने कहा, “अच्छा खासा जीवन था चाहत पांडे का। 10 से ज्यादा टीवी सीरियल, गाना बजाना मस्ती… लेकिन अब इन्होंने राजनीति को चुना है। दमोह के चंडी चौपरा गाँव में जन्मीं चाहत आम आदमी पार्टी की दमोह विधानसभा से प्रत्याशी हैं।”

भोलानाथ पांडे ने लिखा- “ये दोनों तस्वीर चाहत पांडे की है। एक में कमर मटकनी और दूसरे में आप पार्टी की उम्मीदवार। यही है आप के महाचोर बाप का असली चेहरा। बीजेपी का वोट काटने के लिए खड़ी हुई है ब्राह्मणों का। जनता होशियार ऐसी नेतानी से।”

बता दें कि मूल रूप से दमोह निवासी चाहत पांडे टेलीविजन एक्ट्रेस हैं। उन्होंने अब तक कई सीरियल्स में काम किया है। लेकिन इस बार इन्होंने राजनीति में अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया। आम आदमी ने इन्हें यह मौका भी दिया। मगर अब कुछ लोगों ने इनके इंस्टा अकॉउंट से इनकी पुरानी वीडियो निकालकर डाल डाल दी है, जिसे देखकर इनकी आलोचना हो रही है।

यह वीडियो चाहत पांडे ने अपने 1.1 मिलियन फॉलोवर से ज्यादा वाले इंस्टा अकॉउंट पर 13 सितंबर 2020 को अपलोड की थी। उस समय इनकी वीडियो पर पॉजेटिव कमेंट आए थे। हालाँकि अब समय और परिस्थिति के हिसाब से लोगों ने अपनी राय बदल ली है। वही वीडियो को अब लोग पूछ रहे हैं कि आखिर राजनीति में आने वाली महिला ऐसे कपड़े पहन कर ऐसा डांस कैसे कर सकती है। इससे कई लोग आहत भी हैं।