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1947 में भारत हो गया स्वतंत्र, पर प्रधानमंत्री को श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुँचने में लग गए 76 साल: PM मोदी ने मथुरा के मंदिर में की प्रार्थना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुरुवार (23 नवंबर 2023) मथुरा पहुँचे। वहाँ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी आगवानी की। पीएम सीधे श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पहुँचे और वहाँ गर्भगृह में पूजा-अर्चना की। उनके साथ सीएम योगी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं। इस तरह, पीएम मोदी मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर जाने वाले पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं।

गर्भगृह में पूजा-अर्चना और दर्शन करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भागवत भवन के लिए ऊपरी तल पर गए। दरअसल, प्रधानमंत्री मथुरा में महान संत एवं कृष्णभक्त मीराबाई की 525वीं जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले ब्रज रज उत्सव में हिस्सा लेने के लिए आए हैं। ब्रज रज उत्सव में मथुरा से सांसद हेमा मालिनी मीराबाई पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत करेंगी।

मथुरा में मीराबाई की स्मृति में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में एक डाक टिकट और 525 रुपए का एक खास स्मारक सिक्का भी जारी किया। 525 रुपए की मूल्य का यह पहला सिक्का है। इस खास सिक्के का कुल वजन 35 ग्राम है। इसमें 50 प्रतिशत चाँदी, 40 प्रतिशत ताँबा और 10 प्रतिशत जस्ता का मिश्रण है। इस सिक्के के एक तरफ अशोक स्तम्भ बना है, जिसके नीचे ₹525 लिखा है।

सिक्के के दूसरी तरफ मीराबाई का चित्र है। इस चित्र के ऊपर हिंदी में और नीचे अंग्रेजी में ‘संत मीराबाई की 525वीं जयंती’ लिखा है। मीराबाई चित्र के दाईं ओर 1498 और बाईं ओर 2023 लिखा है। पीएम को मीराबाई पर आधारित करीब पाँच मिनट की डाक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। बता दें कि मीराबाई को भगवान कृष्ण की भक्ति के लिए जाना जाता है। उन्होंने कई भजनों, छंदों और ग्रंथों की रचना की है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम को देखते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही। जगह-जगह पुलिस फोर्स तैनात है और सादे कपड़ों में खुफिया तंत्र निगाह बनाए हुए हैं। आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। परिसर में चारों तरफ एवं शाही ईदगाह मस्जिद क्षेत्र में भी पुलिस अलर्ट रही। वहीं दोपहर के बाद सुरक्षा सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके के दुकानों को बंद करा दिया।

‘गिरे मनोबल में प्रधानमंत्री का खड़ा होना अलग ही कॉन्फिडेंस देता है’: मोहम्मद शमी ने बताया ड्रेसिंग रूम में PM मोदी के आने का मोल

विश्व कप 2023 के बाद भारतीय गेंदबाज मोहम्मद शमी अमरोहा पहुँचकर मीडिया से बात की। बातचीत में उन्होंने कहा कि वो उनके जिले में स्टेडियम बनाए जाने का ऐलान करने के लिए योगी सरकार के आभारी हैं। उन्होंने मीडिया को यह भी बताया कि जिस तरह से पीएम मोदी ने मैच के बाद कमरे में आकर पूरी टीम को संभाला था, उससे उनको बहुत हिम्मत मिली।

अमरोहा में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर फाइनल्स में भारतीय क्रिकेट टीम थोड़े और रन बना लेती, तो भारत मैच जीत जाता। 40-50 रन भी ज्यादा होते तो शायद डिफेंड करना आसान होता और गेम उनके पाले में होता।

शमी बोले, “हार के लिए कई वजह होती है कम स्कोर एक वजह रही, VIP के आने की वजह से भी प्रेशर होता है और रात में बैटिंग करने पर अधिक रन बनते है क्योंकि शाम को ओस की वजह से पिच गीली हो जाती है और बॉल स्विंग करती है।”

आगे मोहम्मद शमी ने योगी आदित्यनाथ द्वारा उनके नाम से एक स्टेडियम बनाने के ऐलान के लिए सीएम योगी का धन्यवाद किया और बोले कि पहले उन्हें इतनी सुविधाएँ नहीं मिली थी, लेकिन आज के बच्चों पर ये सुविधाएँ हैं। ऐसे में उन्हें सिर्फ फोकस और कड़ी मेहनत पर ध्यान देना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जहाँ भी उनकी जरूरत होगी वहाँ वह हमेशा खड़े रहेंगे।

आगे शमी से जब पूछा गया कि फाइनल मैच में वर्ल्ड कप हाथ से निकलने के बाद जब पीएम मोदी मिलने आए तो उन्होंने कैसे हिम्मत दी। इसपर शमी ने कहा कि इसकी तो पूरी वीडियो ही सोशल मीडिया पर वायरल है। शमी ने कहा, “उस समय हम मैच हार चुके थे, ऐसे में जब आपके प्राइम मिनिस्टर आपको प्रोत्साहन देते हैं तो वह अलग ही कॉन्फिडेंस होता है कि एक देश का जिम्मेदार नागरिक आपके पास आता है आपको सहानुभूति दे रहा है क्योंकि उस समय मोरल वैसे ही डाउन होता है और जब ऐसे पल में आपका पीएम आपके सामने खड़ा है, कॉन्फिडेंस दे रहा है तो यह अलग ही चीज हो जाती है।”

चेन्नई पुलिस के सामने हाजिर हुआ साउथ सिनेमा का ‘विलेन’ मंसूर अली खान, हिरोइन तृषा के लिए कहा था- उठाकर बेडरूम में ले जाऊँगा…

अभिनेत्री तृषा कृष्णन के बारे में अश्लील टिप्पणियाँ करने वाले तमिल अभिनेता मंसूर अली खान चेन्नई में पुलिस के सामने पेश हुए हैं। इससे पहले उनकी जमानत याचिका को कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया था। उन्होंने पहले पेश होने से मना किया था लेकिन याचिका ख़ारिज हो जाने के बाद पहुँच गए।

बता दें कि मंसूर अली खान पर तृषा कृष्णन पर अश्लील टिप्पणी करने के कारण मामला दर्ज हुआ था। खान ने तृषा कृष्णन के साथ हाल ही में आई लियो फिल्म में काम किया था। जिसके पश्चात उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह टिप्पणियाँ की थी।

मंसूर अली खान ने कहा था, “मुझे जब मालूम हुआ कि मैं तृषा के साथ काम कर रहा हूँ तो मुझे लगा कि यह एक बेडरूम सीन होगा। मुझे लगा कि मैं फिल्म में तृषा को उठाकर बेडरूम में ले जाऊँगा जैसा मैंने और भी कई अभिनेत्रियों के साथ पहले फिल्मों में किया है। मैंने पहले भी कई रेप सीन किए हैं और मेरे लिए यह कोई नई बात नहीं है। लेकिन, इन लोगों ने कश्मीर में शूटिंग के दौरान मुझे तृषा को देखने तक नहीं दिया।”

मंसूर अली खान ने अपने इस विवादित बयान की चारों तरफ आलोचना होने के बाद भी माफ़ी माँगने से मना कर दिया था। उन्होंने कहा था कि मैं क्या कोई ऐसा आदमी दिखता हूँ जो माफ़ी माँगूँगा। उन्होंने मीडिया के इस खबर के कवरेज पर भी तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि मेरी और तृषा की फोटो बराबर में लगा कर चलाई गईं जैसे हम दूल्हा-दुल्हन हों।

मंसूर अली खान ने यह भी दावा किया था कि उनके इस बयान के चलते जो प्रतिबंध लगाया गया है वह गलत है। उन्होंने तमिल लोगों को अपने साथ बताया था। उनके खिलाफ चेन्नई के एक महिला थाने में FIR दर्ज की गई थी।

पुलिस ने उन्हें आज पूछताछ के लिए बुलाया था जिसमें उन्होंने पहले जाने मना कर दिया था। खान ने इसके पीछे स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था। इसके साथ ही उन्होंने एक न्यायालय के सामने अंतरिम जमानत के लिए भी याचिका लगाई थी। हालाँकि उसमे कुछ कमियों की वजह से याचिका वापस ले ली गई थी। अब यह जानकारी सामने आई है कि वह पुलिस के सामने पेश हो गए हैं।

तृषा कृष्णन ने मंसूर अली खान को एक नीच इंसान बताया था। उनकी लियो फिल्म के डायरेक्टर लोकेश कंगराज ने भी आलोचना की थी।

गौरतलब है कि उनके खिलाफ एक्शन लेने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग ने तमिलनाडु के डीजीपी को निर्देश दिया था। उन पर यौन शोषण और महिलाओं को अपमानित करने वाला बयान देने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

डॉक्टर बनने के लिए अब 12वीं में जीव विज्ञान का ‘मेन सब्जेक्ट’ होना जरूरी नहीं: NMC ने किया बदलाव, एक्स्ट्रा में बायोलॉजी लेकर करनी होगी रेग्युलर पढ़ाई

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (NEET UG 2024) की पात्रता में संशोधन किया है। इस संशोधन के बाद अब कक्षा 12वीं में भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित को मुख्य विषय रखकर पढ़ाई करने वाले छात्र भी अब डॉक्टर बन सकेंगे। इसके पहले डॉक्टर बनने के लिए 12वीं कक्षा में जीव विज्ञान एक प्रमुख विषय होना जरूरी था।

हालाँकि, गाइडलाइन में कहा गया है कि 12वीं में PCM (फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ) की पढ़ाई करने वाले छात्र यदि अतिरिक्त विषय के रूप में भी अंग्रेजी के साथ जीव विज्ञान या जैव प्रौद्योगिकी की पढ़ाई की है, तो वे अब इसके पात्र माने जाएँगे। मान्यता प्राप्त बोर्ड से इसकी पढ़ाई करने वाले छात्र अब MBBS और BDS में नामांकन के लिए ली जाने वाली NEET परीक्षा में बैठ सकेंगे।

भारतीय चिकित्सा परिषद (MCI) ने स्नातक चिकित्सा शिक्षा, 1997 के प्रावधानों को विनियमित किया था। इससे पहले MBBS या BDS में प्रवेश के लिए वे ही विद्यार्थी पात्र माने गए थो, जिन्होंने कक्षा 11 और 12 में लगातार दो वर्ष अंग्रेजी विषय के साथ भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान या जैव प्रौद्योगिकी में नियमित रूप से पढ़ाई की होगी।

इन विषयों में दो साल का अध्ययन नियमित स्कूलों से पूरा करना आवश्यक था, न कि मुक्त विद्यालयों से अथवा प्राइवेट छात्र के तौर पर। हालाँकि, नई शिक्षा नीति पर विचार करने के बाद राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने 2वीं कक्षा में विभिन्न विषयों के साथ पढ़ाई करने की छूट प्रदान की है। इस संबंध में NMC की 14 जून 2023 को बैठक हुई थी।

आयोग ने कहा कि NEET UG की परीक्षा में वे उम्मीदवार भी शामिल हो सकते हैं, जिनके पात्रता प्रमाण पत्र के आवेदन पहले किसी समस्या के कारण खारिज कर दिए गए थे। NMC के इस निर्णय के बाद उन छात्रों के लिए नए अवसर खुल गए हैं, जिन्होंने 12वीं कक्षा में जीव विज्ञान मुख्य विषय के रूप में नहीं रखा था।

बताते चलें कि देश में MBBS और BDS में नामांकन के लिए देश में हर साल NEET UG परीक्षा का आयोजन किया जाता है। इसमें देश भर से लाखों विद्यार्थी हिस्सा लेते हैं। अब इस छूट के बाद इस परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों की संख्या में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

कौन हैं AAP की चाहत पांडे, MP के चुनावी नतीजों से पहले ही हो गईं वायरल: ठुमके देख बोले यूजर्स- ये हारी तो EVM से भरोसा उठ जाएगा

मध्य प्रदेश के दमोह से आम आदमी पार्टी की ओर से चुनावी मैदान में उतारी गईं प्रत्याशी चाहत पांडे का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में चाहत क्रॉप टॉप और शॉर्ट्स में सिंबा फिल्म के गाने पर डांस करती नजर आ रही हैं। ट्विटर पर इसे धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है। लोग कमेंट करके पूछ रहे हैं कि क्या इस तरह समाज सुधरेगा।

अजय पटेल ने वीडियो को शेयर करके पूछा- “यह चाहत पांडे है जो आम आदमी पार्टी की मध्य प्रदेश से विधायक की उम्मीदवार हैं। आपको भी लगता है कि इन नचनियों को देश चलाने की जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए?”

प्रेम प्रकाश सिंह ने लिखा- “यह आम आदमी पार्टी की दामोह की कर्मठ प्रत्याशी चाहत पांडे हैं। इन्होंने अपने नृत्य प्रतिभा से दामोह की जनता में जान फूँक दी है।”

जीतेंद्र प्रताप सिंह लिखते हैं, “यह चाहत पांडे है… इन्हें आम आदमी पार्टी ने मध्य प्रदेश से विधायक का टिकट दिया है। अगर यह हार गई तब मेरा EVM से भरोसा उठ जाएगा।”

नवल कांत सिन्हा ने कहा, “अच्छा खासा जीवन था चाहत पांडे का। 10 से ज्यादा टीवी सीरियल, गाना बजाना मस्ती… लेकिन अब इन्होंने राजनीति को चुना है। दमोह के चंडी चौपरा गाँव में जन्मीं चाहत आम आदमी पार्टी की दमोह विधानसभा से प्रत्याशी हैं।”

भोलानाथ पांडे ने लिखा- “ये दोनों तस्वीर चाहत पांडे की है। एक में कमर मटकनी और दूसरे में आप पार्टी की उम्मीदवार। यही है आप के महाचोर बाप का असली चेहरा। बीजेपी का वोट काटने के लिए खड़ी हुई है ब्राह्मणों का। जनता होशियार ऐसी नेतानी से।”

बता दें कि मूल रूप से दमोह निवासी चाहत पांडे टेलीविजन एक्ट्रेस हैं। उन्होंने अब तक कई सीरियल्स में काम किया है। लेकिन इस बार इन्होंने राजनीति में अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया। आम आदमी ने इन्हें यह मौका भी दिया। मगर अब कुछ लोगों ने इनके इंस्टा अकॉउंट से इनकी पुरानी वीडियो निकालकर डाल डाल दी है, जिसे देखकर इनकी आलोचना हो रही है।

यह वीडियो चाहत पांडे ने अपने 1.1 मिलियन फॉलोवर से ज्यादा वाले इंस्टा अकॉउंट पर 13 सितंबर 2020 को अपलोड की थी। उस समय इनकी वीडियो पर पॉजेटिव कमेंट आए थे। हालाँकि अब समय और परिस्थिति के हिसाब से लोगों ने अपनी राय बदल ली है। वही वीडियो को अब लोग पूछ रहे हैं कि आखिर राजनीति में आने वाली महिला ऐसे कपड़े पहन कर ऐसा डांस कैसे कर सकती है। इससे कई लोग आहत भी हैं।

डीपफेक पर कानून लाएगी मोदी सरकार, बताया लोकतंत्र के लिए खतरा: रश्मिका मंदाना से लेकर सारा तेंदुलकर तक हो चुकी हैं शिकार

केन्द्रीय रेल और सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने डीपफेक पर बढ़ती चिंताओं पर कहा है कि इन्हें रोकने के लिए केंद्र सरकार नया क़ानून लाएगी या पुराने क़ानून में संशोधन करेगी। उन्होंने ऐसे वीडियो बनाने वालों पर कार्रवाई की भी बात की है।

केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज (23 नवंबर, 2023) को डीपफेक के बढ़ते मामलों को देखते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, नैस्कॉम समेत इस मामले से जुड़े अन्य लोगों के साथ बैठक के बाद यह बातें कहीं। गौरतलब है कि बीते कुछ समय में डीपफेक से जुड़े कई मामले सामने आए हैं।

हाल ही में अभिनेत्री रश्मिका मंदाना की एक वीडियो वायरल हुआ था जिसे डीपफेक के जरिए बनाया गया था। रश्मिका के अलावा कैटरिना कैफ, काजोल और सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा तेंदुलकर भी इसका शिकार बन चुकी हैं। डीपफेक के जरिए इन मशहूर लोगों के चेहरे दूसरी अभिनेत्रियों या मॉडल के ऊपर लगाए गए थे।

इसको लेकर बढ़ती चिंता को देखते हुए केन्द्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक बैठक बुलाई थी। इसके पश्चात उन्होंने कहा, “डीपफेक लोकतंत्र के लिए एक नए खतरे के तौर पर उभरा है। यह समाज और इसकी संस्थाओं में विश्वास को कमजोर कर सकते हैं।” उन्होंने 10 दिनों के भीतर इस मसले पर एक्शन लेने की बात की है।

केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म से यह अपील की गई है कि वह अपने तकनीक का उपयोग करके डीपफेक पर नियंत्रण करें।” उन्होंने कहा कि डीपफेक सोशल मीडिया के जरिए तेजी से फैलते हैं और इनकी जाँच भी नहीं हो पाती है। उन्होंने समाज और लोकतंत्र में विश्वास को बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों पर जल्दी एक्शन लेने की आवश्यकता बताई।

बता दें कि हाल ही में इस तकनीक के गलत इस्तेमाल को लेकर अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चिंता जाहिर की थी। पीएम मोदी ने शुक्रवार (17 नवंबर, 2023) को डीपफेक के दुरुपयोग को चिह्नित किया और कहा कि मीडिया को इस संकट के बारे में लोगों को शिक्षित करना चाहिए। 

बीते दिनों में इन डीपफेक वीडियो की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है। रश्मिका मंदाना का चेहरा जहाँ एक ब्रिटिश मॉडल ज़ारा पटेल के चेहरे पर लगाया गया तो वहीं काजोल का कपड़े बदलते हुए वीडियो बनाया गया था। सारा तेंदुलकर की फोटो में उनके भाई अर्जुन की जगह भारतीय क्रिकेटर शुभमन गिल का चेहरा लगा दिया गया था।

अब इन डीपफेक के मुद्दे को लेकर अगली मीटिंग दिसम्बर माह में की जाएगी जहाँ इस पर एक्शन के लिए आगे की रणनीति बनाई जाएगी। केन्द्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि इन डीपफेक वीडियो में अब वॉटरमार्क और लेबल तोड़ने का भी विकल्प आ गया है इसलिए इन्हें पहचानना बहुत मुश्किल हो गया है।

डीपफेक क्या होता है?

डीपफेक तकनीक से वीडियो बनाना एक लम्बी प्रक्रिया है। सबसे पहले जिन दो लोगों के चेहरे आपस में बदले जाने हैं उनके हजारों फोटो वीडियो ‘एनकोडर’ नाम के एक AI आधारित प्रोग्राम पर चलाए जाते हैं। यह तकनीक इन दो चेहरों की समानताएँ परखती है। इसके बाद यह तकनीक इन चेहरों को केवल उनकी समानताओं के आधार पर सीमित कर देती है और एक कंप्रेस्ड इमेज बनाती है।

इसके पश्चात एक और AI तकनीक ‘डीकोडर’ से चेहरा तलाशने को कहा जाता है। आसान भाषा में समझे तो इनकोडर को ‘A’ का चेहरा पढ़ने के लिए तैयार किया जाता और डीकोडर को ‘B’ का चेहरा पढ़ने के लिए तैयार किया जाता है। इसके पश्चात दोनों मशीनों से यह चेहरा बनाने को कहा जाता है लेकिन इस स्थिति में इनकोडर को B का और डीकोडर को A का चेहरा बनाने को कहा जाएगा। ऐसे में मान लीजिए कि B उस फोटो में रो रहा है तो नई फोटो में A रोता हुआ दिखेगा।

इसके अलावा एक अन्य तकनीक जिसका नाम ‘जनरेटिव एड्वर्सियल नेटवर्क’ (GAN) है उसके जरिए भी बनाई जाती हैं। इसमें एक गड़बड़ तस्वीर और एक सही तस्वीर डाली जाती है। AI तकनीक इन दोनों के कोड डिकोड करके फोटो को आपस में मिलाती है। इसमें समय लगता है।

‘मिस वर्ल्ड’ पर आर्टिकल में पैगंबर मोहम्मद का नाम, दंगों में चली गई 100 की जान: हिंसा के बाद 2002 में नाइजीरिया में रद्द कर दी थी प्रतियोगिता

आज से 21 साल पहले 22 नवंबर, 2002 को अमूमन अमन में रहने वाला अफ्रीकी मुल्क नाइजीरिया अचानक से दुनिया में सुर्खियों में आ गया था। वजह थी वहाँ मजहबी और जातीय हिंसा भड़क उठी थी और 23 नवंबर 2002 को यहाँ होने वाला मिस वर्ल्ड कॉन्टेस्ट आयोजकों ने रद्द कर दिया था। आज इस घटना को घटे हुए 21 वर्ष से ज़्यादा हो गए लेकिन वह घटना आज भी ताजा है।

इस मुल्क में एक-दूसरे के साथ मिलजुल कर रहने वाली मुस्लिम और ईसाई आबादी के बीच ये खूनी संघर्ष एक-दूसरे की जान लेने तक जा पहुँचा। इस हिंसक आक्रोश और खून-खराबे में 100 लोग मारे गए और इस सबकी वजह थी पैगंबर मोहम्मद के बारे में दिसडे (ThisDay) अखबार में छपी एक रिपोर्ट।

इस रिपोर्ट में मुल्क में होने जा रहे मिस वर्ल्ड पैजेंट की मेजबानी के साथ मेल खाती थी। इस रिपोर्ट पर मुस्लिमों ने खासा एतराज जताया था। दरअसल, 2002 में नाइजीरिया ने मिस वर्ल्ड पैजेंट की मेजबानी करने का फैसला लिया था। हालाँकि, इस मुल्क ने ये फैसला जोश और डर दोनों के साथ लिया था।

दरअसल, इस ब्यूटी पैजेंट के जरिए इस अफ्रीकी मुल्क की सांस्कृतिक समृद्धि को दुनिया से रूबरू कराने का का वादा किया था। लेकिन इसे लेकर कुछ मजहबी समूहों खासकर मुस्लिम समुदाय के रूढ़िवादी रवैये की वजह से पहले ही खासी चुनौतियाँ पेश आ रही थी।

इन समूहों का आरोप था कि इस आयोजन से व्यभिचार और अश्लीलता को बढ़ावा मिलेगा। इसी बीच अखबार दिसडे में छपी रिपोर्ट ने आग में भी डालने का काम किया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मिस वर्ल्ड की मेजबानी की तैयारियों के बीच ‘दिसडे अखबार’ में इसियोमा डैनियल की लिखी रिपोर्ट में पैगंबर मोहम्मद को उनकी बीवी को लेकर एक काल्पनिक सुझाव दिया गया था। इसमें लिखा गया था कि मिस वर्ल्ड में शिरकत करने वाली हसीनाओं को अगर पैगंबर देखते तो उन्होंने भी अपनी शरीक-ए-हयात को उन्हीं एक में से चुना होता।

डैनियल ने लिखा था, “(पैगंबर) मुहम्मद इन हसीनओं को देख क्या सोचेंगे? पूरी ईमानदारी से कहें तो वो शायद इन (मिस वर्ल्ड कंटेस्टेंट ) में से एक को बीवी चुनेंगे। इस रिपोर्ट के तीखे लफ्जों ने मुस्लिम समुदाय को नाराज कर दिया। नाइजीरियन मुस्लिमों ने इसे अपने मजहब की बेइज्जती के तौर पर लिया।

बता दें कि ‘दिसडे अखबार’ में ये रिपोर्ट रविवार के एडिशन में छपी थी। अखबार के छपे इस लेख के तुरंत बाद मुस्लिम समूहों ने अखबार से माफी की माँग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया था।

मुस्लिमों की नाराजगी को देखते हुए अगले ही दिन अखबार ने पहले पन्ने पर एक छोटा सा माफीनामा छापा था। इसके एक दिन बाद ही अखबार ने मंगलवार को फिर से मुस्लिमों के एतराज जताने वाले इस अंश के रिपोर्ट में गलती से छप जाने को लेकर लंबा तर्क छापा था।

अखबार के इस तरह से दो बार छापे गए लिखित माफीनामे के बाद भी नाइजीरिया में हालात काबू में नहीं हो पाए थे। वहाँ हिंसा का नंगा नाच चलता रहा था और तेजी से हालात काबू से बाहर होते चले गए थे।

खासकर मुल्क के उत्तरी राज्य कदूना में हिंसा भड़क उठी थी। ईसाई और मुस्लिम आपस में भिड़ गए। इससे जानमाल का काफी नुकसान हुआ। बड़े पैमाने पर सार्वजनिक और निजी संपत्ति का नुकसान हुआ है। इसके बाद वहाँ खौफ और संदेह का माहौल बन गया।

चूँकि, नाइजीरिया में मिस वर्ल्ड की मेजबानी को लेकर ये हिसंक दंगे भड़के थे तो इसे दुनिया में अक्सर ‘2002 के मिस वर्ल्ड दंगे’ के नाम से भी जाना जाता है। रिपोर्टों से पता चलता है कि शहर भर में गुस्साई भीड़ ने आसपास खड़े लोगों पर चाकू से हमला किया था।

ये दंगे यहाँ कम से कम तीन दिनों तक चले। इसमें 100 से अधिक मौतें हुईं और नाइजीरिया के सांप्रदायिक सद्भाव के माथे पर लंबे वक्त तक इन दंगों का दाग बना रहा।

वैसे तो नाइजीरिया अपनी अलग-अलग तरह की आबादी के लिए जाना जाता है। यहाँ मुस्लिम और ईसाई समुदाय बहुतायत में है। ये दोनों ही यहाँ शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व में रहते हैं, लेकिन राजनीतिक पेचीदीगियों, मजहबी मतभेदों और आर्थिक असमानताओं के बीच इस तरह की हिंसाकी ऐतिहासिक घटनाएँ भी हुई हैं।

नाइजीरिया के मिस वर्ल्ड दंगों में हुई हिंसा की रिपोर्ट जैसे ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक पहुँची तो फिक्र के साथ ही इस मुल्क की खासी लानत-मलामत हुई। मिस वर्ल्ड ऑर्गनाइजेशन ने प्रतियोगियों और आयोजक टीम की सुरक्षा को वरीयता देते हुए इस ब्यूटी पैजेंट की मेजबानी का जिम्मा लंदन को सौंप दिया।

नाइजीरिया में शरिया कानून

संयुक्त राज्य के इंटरनेशनल रीलिजियस फ्रीडम कमीशन (International Religious Freedom) के मुताबिक, नाइजीरिया के 36 राज्यों में से 12 में शरिया कानून लागू है। दरअसल, साल 1999 में इस मुल्क ने एक संविधान अपनाया गया। इसमें सरकार की संघीय प्रणाली और मजहबी, रिवाजों और नागरिक कानूनों का एक खाका तैयार किया। इसके तहत यहाँ के संविधान में प्रावधान है कि राज्यों में हाईकोर्ट तो होंगे ही, लेकिन जहाँ जरूरी हो वहाँ शरिया और अपील की रिवाजी अदालतें भी हो सकती हैं।

हालाँकि, इन वर्षों में यहाँ के कई राज्यों ने देश के इस्लामी आपराधिक कानून या शरिया कानून को फिर से एक कर दिया। ऐसे कई उदाहरण हैं जहाँ शरिया कानून ने ईशनिंदा के लिए लोगों को मौत की सजा सुनाई है।

दिसंबर 2022 में, एक मौलवी को कथित ईशनिंदा के लिए शरिया अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। उन्होंने कह दिया था कि शिया मजहब सुन्नी से बेहतर था। अगस्त 2020 में ही एक शरिया अदालत ने पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ कथित ईशनिंदा के लिए एक नाइजीरियाई सिंगर को मौत की सजा सुनाई।

नाइजीरिया में ईशनिंदा के आरोप में मुस्लिम भीड़ के ईसाइयों के पीट-पीट कर हत्या किए जाने की अनगिनत खबरें आई हैं। मई 2022 में, सोकोतो में मुस्लिम छात्रों ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ ईशनिंदा का आरोप लगाने के बाद एक ईसाई छात्र की पत्थर मारकर हत्या कर दी और उसकी लाश को जला दिया।

‘कॉन्ग्रेस का पंजा एक ही काम करता है, सिर्फ लूट’: पीएम मोदी ने राजस्थान के देवगढ़ में कॉन्ग्रेस पर बोला हमला, कहा- इन्होंने जल-नभ-थल तक में घोटाले किए

राजस्थान विधानसभा चुनावों के लिए मतदान के अंतिम दिन गुरुवार (23 नवंबर 2023) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवगढ़ में एक विशाल रैली को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने भाजपा की खुबियाँ गिनवाईं और अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार पर जमकर हमला बोला। पीएम ने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि वे उन्हें गाली देने से उनकी गाड़ी चल पड़ेगी।

राजसमंद के देवगढ़ में करणी माता मेला मैदान में आयोजित चुनावी जनसभा को ‘भारत माता की जय’, ‘चारभुजा नाथ की जय’ और ‘श्रीनाथजी महाराज की जय’ के उद्घोष से शुरू किया। उन्होंने कहा कि भाजपा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में सरकार बनाने जा रही है। पीएम ने कहा कि वे तीनों राज्यों में गए हैं और वहाँ के अनुभव के आधार पर उन्होंने ये बात कही है।

प्रधानमंत्री ने अधिक से अधिक लोगों को मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेने की अपील करते हुए कहा कि राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार की कभी वापसी नहीं होगी। पीएम ने कहा, “गहलोत जी, कोनि मिले वोट जी। देवउठानी एकादशी को देवगढ़ में बोल रहा हूँ। मेरे शब्द याद रखना। अब राजस्थान में कभी गहलोत सरकार की वापसी नहीं होगी।”

पीएम मोदी ने कहा कि ये चुनाव सिर्फ विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री बनाने का नहीं है। ये चुनाव विकसित भारत के लिए, विकसित राजस्थान की आधारशिला रखने का चुनाव है। इसलिए राजस्थान से कॉन्ग्रेस का सफाया होना जरूरी है। उन्होंने अशोक गहलोत की सरकार को महिला विरोधी सरकार बताया और कहा कि कॉन्ग्रेस की सरकार बनते ही यहाँ भाजपा द्वारा शुरू की गई सारी अच्छी योजनाएँ बंद कर दी गईं।

उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस ने राजस्थान को अपराध में नंबर वन बनाया, जबकि भाजपा राजस्थान को निवेश में अग्रणी बनाएगी। कॉन्ग्रेस ने राजस्थान को भ्रष्टाचार में टॉप पर पहुँचाया। भाजपा इसे उद्योगों में अग्रणी बनाएगी। कॉन्ग्रेस ने राजस्थान को पेपर लीक में अग्रणी बनाया। भाजपा राजस्थान को शिक्षा और खेल में अग्रणी बनाएगी।”

कॉन्ग्रेस को घोटालों की पार्टी बताते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आजादी के बाद हमारे देश के वीर जवानों के लिए जो खरीद करनी थी, उनमें भी इन्होंने (कॉन्ग्रेस ने) घोटाला कर दिया। बोफोर्स घोटाले को देश कभी नहीं भूल सकता। कॉन्ग्रेस ने सबमरीन में घोटाला किया, हेलिकॉप्टर में घोटाला किया। जल हो, नभ हो, थल हो… कॉन्ग्रेस का पंजा एक ही काम करता है, सिर्फ लूट।”

मतदाताओं से अशोक गहलोत की सरकार को उखाड़ फेंकने की अपील करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आज राजस्थान में बहुत सारी शादियाँ हैं और इन शादियों के कारण इलेक्शन कमीशन ने चुनाव की तिथि बदल दी, ताकि इनमें रुकावट न आए। इसलिए राजस्थान की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। आप (जनता) पूरी जिम्मेदारी से मतदान करें। पिछले चुनाव के मतदान से ज्यादा वोटिंग होनी चाहिए।”

भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते हुए पीएम ने कहा, “ऐसे बहुत से लोग हैं जो भाजपा की ताकत को जानते ही नहीं हैं। उन्हें लगता है कि मोदी को गाली दे देंगे तो उनकी गाड़ी चल जाएगी, लेकिन उन्हें नहीं पता कि ये ऐसी पार्टी है जिसे कार्यकर्ताओं ने अपने खून-पसीने से बनाया है। ये पार्टी ऐसी है, जिसमें चार-चार पीढ़ियाँ खप गई हैं और और एक ही सपना लेकर के…भारत माता की जय।”

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “मेरा सौभाग्य है कि आज चुनाव अभियान की आखिरी सभा यहाँ देवगढ़ में हो रही है। आज देवोत्थान एकादशी भी है। आज तुलसी विवाह का पर्व है। आज श्री खाटू श्याम जी की जन्मोत्सव का पावन पर्व भी है। इसके लिए मैं देश के लोगों को, राजस्थान के लोगों को, 140 करोड़ देशवासियों की तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएँ देता हूँ।”

बता दें कि राजस्थान में 200 विधानसभा सीटों के लिए 25 नवंबर 2023 को मतदान होने हैं। वहीं, वोटों की गिनती 3 दिसंबर 2023 को होगी। राजस्थान में कॉन्ग्रेस की सरकार है और वह लगातार दूसरी बार चुनाव जीतकर इतिहास रचना चाहती है। वहीं, भाजपा राजस्थान में सरकार बनाने के लिए जनता को लुभाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है।

ऑस्ट्रेलिया के साथ फिर होगा टीम इंडिया का मुकाबला: मैच से पहले मंदिर पहुँचे खिलाड़ी, भगवान का अशीर्वाद लेकर ग्रहण किया प्रसाद

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पाँच टी20 मैच की सीरीज आज (23 नवंबर 2023) शाम से चालू हो रही है। सीरीज का पहला मुकाबला आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में खेला जाएगा। मुकाबले से पहले भारतीय खिलाड़ी विशाखापत्तनम के श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर में दर्शन करने पहुँचे हैं।

खिलाड़ियों ने मंदिर में दर्शन के बाद प्रसाद भी खाया। मंदिर के पुजारियों और अन्य कर्मचारियों ने खिलाड़ियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित भी किया। मंदिर में पहुँचने वालों में वाशिंगटन सुन्दर और तिलक वर्मा थे।

इस बार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नए खिलाड़ियों को जगह दी गई है। इस टी20 टीम का कप्तान सूर्यकुमार यादव को बनाया गया है। ऋतुराज गायकवाड़ को इसका उपकप्तान बनाया गया है। टीम में ईशान किशन विकेट कीपर के तौर पर रहेंगे।

टीम में यशस्वी जायसवाल, मुकेश कुमार, रवि बिश्नोई, तिलक वर्मा और प्रसिद्ध कृष्णा और शिवम दुबे जैसे नए खिलाड़ियों को भी जगह दी गई है। टीम में हालिया दिनों में आईपीएल और अन्य मैचों में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले रिंकू सिंह को भी शामिल किया गया है।

19 नवम्बर 2023 को भारत वर्ल्डकप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार गया था। इसके बाद टीम के सभी वरिष्ठ खिलाड़ियों – विराट कोहली, रोहित शर्मा, मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, रविन्द्र जड़ेजा और अन्य को आराम दिया गया है।

इस सीरीज में इन नए खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौक़ा मिलेगा। पाँच मैच की इस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से भारत के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाने वाले ट्रेविस हेड को भी जगह दी गई है। टीम में स्टीवन स्मिथ और ग्लेन मैक्सवेल भी शामिल हैं।

मैच से पहले टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा, ” मैं टीम से दोपहर में मिला था। मैंने उनसे कहा कि जब आप फील्ड पर जाएँ तो सकारात्मक रवैया रखें। मैं ऐसा व्यक्ति हूँ जो निजी रिकॉर्ड में विश्वास नहीं रखता। मैंने उनसे कहा कि टीम को आगे रखे।”

‘लाल डायरी’ में सोनिया गाँधी के ‘भाई’ का भी नाम, अशोक गहलोत के मंत्री रहे राजेश सिंह गुढ़ा ने ही खोल दिए पन्ने: दावा- CM से मिलने जयपुर आया था

राजस्थान की राजनीति में ‘लाल डायरी’ ने उथल-पुथल मचा रखी है। इस मामले में कॉन्ग्रेस, गाँधी परिवार और राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार को कठघरे में खड़ा करने वाले राज्य के पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने एक और सनसनी खुलासा किया है। कॉन्ग्रेस सरकार में मंत्री रहे गुढ़ा ने कहा कि लाल डायरी में सोनिया गाँधी के भाई का जिक्र है। ये ‘रहस्यमयी भाई’ होटल शिव विलास के मालिक के बेटे के समारोह में भी पहुँचे थे।

राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से सोनिया गाँधी के भाई की मुलाकात का समय फिक्स कराने के लिए मुख्यमंत्री के ओएसडी शशिकांत शर्मा से भी कहा गया था। सवाल पूछते हुए गुढ़ा ने कहा कि सोनिया गाँधी की दो बहनें हैं, लेकिन ये भाई बनकर कौन आ गया? लाल डायरी में कॉन्ग्रेस हाईकमान का नाम आने के बाद देश की राजनीति गर्मा गई है।

25 दिसंबर को मतदान से गुजरने वाले राजस्थान के पूर्व मंत्री गुढ़ा ने कहा कि इस लाल डायरी में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूत मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान की जनता के सामने अपने चेहरे पर लोकप्रियता का आवरण लगाकर कैसे-कैसे अनैतिक काम और भ्रष्टाचार किए हैं, ये सब कुछ इसमें मौजूद है।

ABP की रिपोर्ट के मुताबिक, राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि राजस्थान में दलाल और अपराधियों के लिए काम किया है, वो सब इसमें है। उन्होंने कहा कि अरबों रुपए के खनन मामले को अशोक गहलोत पहले बंद करवा देते हैं और फिर कहते हैं कि एनओसी नहीं है। इसके बाद एनओसी दिलवाकर इसे चलवा देते हैं। वो एमएलए उनके पास आ जाते हैं।

शिवसेना की टिकट पर चुनाव लड़ रहे राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने आगे कहा कि राज्यसभा में वोट देने से पहले किसी को प्रताड़ित किया जाता है तो वोट देने के बाद किसी को पुरस्कार दिया जाता है। मुख्यमंत्री के दो चेहरे हैं। एक पब्लिक में दिखता है और एक अंदर काम करता है। उन्होंने कहा कि वे अशोक गहलोत का असली चेहरा जनता को दिखाना चाहते हैं।

इससे पहले 14 नवंबर को राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने लाल डायरी के चार पन्ने जारी किए थे। इसके एक पन्ने में उन्होंने अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत के एक फोन का जिक्र किया था। इस फोन कॉल में वैभव गहलोत ने कहा था- “पापा सरकार रिपीट नहीं कर पाएँगे, ये लिखकर दे देता हूँ।”

इस पन्ने पर लिखा है, ”वैभव गहलोत का फोन आया कि पापा इसलिए वापस सरकार नहीं बना पाते हैं… हर बार… इस बार भी… मैं इसलिए लिख के दे सकता हूँ। सरकार बुरी तरह हारेगी। इसका कारण वे स्वंय हैं। अधिकारियों से घिर जाते हैं। उन्हें राजनैतिक व्यक्ति बहुत बुरा लगने लग जाता है। वैभव जी के कहने पर सवाईमाधोपुर में एक स्वीपर का भी ट्रांसफर नहीं किया।”

पन्ने पर आगे लिखा होने की बात करते हुए उन्होंने कहा, “जिला के अधिकारियों में मेरा बहुत गलत मैसेज गया है। दानिश के सीएम साहब के भारी खिलाफ होते हुए भी उसके कहने पर मेरी बेईज्जती की। तब मैंने वैभव जी द्वारा भेजे ह्वाट्सऐप मैसेज सीएम साब के ओएसडी शशिकांत को भेजकर कहा कि सीएम साहब को कहना वैभव जी बहुत नाराज हैं।”