Home Blog Page 1367

जिस हिरोइन को बेडरूम में ले जाना चाहता था, रेप की थी मंशा… उससे मंसूर अली खान ने माँगी माफी, बेल नहीं मिली तो गुम हुई हेकड़ी 

खलनायक मंसूर अली खान ने हाल ही में अपने साथी अभिनेत्री तृषा कृष्णन के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर भारी आलोचना और जमानत याचिका खारिज होने के बाद सार्वजनिक रूप से माफी माँगी है। इस विवाद के कारण पुलिस ने मंसूर अली खान पर यौन उत्पीड़न के साथ-साथ एक महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। 

बता दें कि इस मामले में चेन्नई के थाउजेंड लाइट्स ऑल वुमेन पुलिस स्टेशन ने मंसूर को एक नोटिस जारी किया। इस नोटिस के तहत अभिनेता गुरुवार (23 नवंबर, 2023 ) को व्यक्तिगत रूप से पेश हुए और अपने खिलाफ दर्ज मामले को लेकर सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।

मंसूर अली खान ने माँगी तृषा से माफी

वहीं तमाम विवाद के बाद भी मंसूर अली ने शुरू में तृषा से माफी माँगने से इनकार कर दिया था। हालाँकि, अब फिल्मों के खलनायक मंसूर अली के सुर बदले नजर आ रहे हैं। इस मामले में तमिल इंडस्ट्री की खबर रखने वाले रमेश बाला ने सोशल मीडिया एक्स पर किए पोस्ट में मंसूर का बयान लिखा है, “मेरी को-स्टार तृषा, कृपया मुझे माफ कर दें। ईश्वर मुझे मौका दें कि मैं आपकी शादी में आशीर्वाद दे सकूँ। आमीन।”

बता दें कि यह पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जहाँ कुछ यूजर्स मंसूर अली खान के माफी माँगने को उनके अहंकार की हार बता रहे हैं तो वहीं, कुछ का गुस्सा मंसूर अली के पुराने बयान को लेकर अभी भी बरकरार है। 

हालाँकि, इस माफी के साथ लोकेश कनगराज के निर्देशन में बनी फिल्म ‘लियो’ के दो को-स्टार्स मंसूर अली खान और तृषा कृष्णन के बीच का विवाद थम गया है। बता दें कि मंसूर अली खान पर तृषा कृष्णन पर अश्लील टिप्पणी करने के कारण मामला दर्ज हुआ था। खान ने तृषा कृष्णन के साथ हाल ही में आई लियो फिल्म में काम किया था। जिसके पश्चात उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह टिप्पणियाँ की थी।

क्या कहा था मंसूर अली खान ने 

मंसूर अली खान ने कहा था, “मुझे जब मालूम हुआ कि मैं तृषा के साथ काम कर रहा हूँ तो मुझे लगा कि यह एक बेडरूम सीन होगा। मुझे लगा कि मैं फिल्म में तृषा को उठाकर बेडरूम में ले जाऊँगा जैसा मैंने और भी कई अभिनेत्रियों के साथ पहले फिल्मों में किया है। मैंने पहले भी कई रेप सीन किए हैं और मेरे लिए यह कोई नई बात नहीं है। लेकिन, इन लोगों ने कश्मीर में शूटिंग के दौरान मुझे तृषा को देखने तक नहीं दिया।”साउथ अभिनेता ने अभिनेत्री पर कई विवादित टिप्पणियां कीं, जिसे लेकर दोनों के बीच जबर्दस्त जुबानी जंग देखने को मिली। विवाद बढ़ता चला गया और मामले में चेन्नई के थाउजेंड लाइट्स ऑल वुमेन पुलिस स्टेशन ने मंसूर को एक नोटिस जारी किया। इस नोटिस के तहत अभिनेता 23 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश हुए और अपने खिलाफ दर्ज मामले को लेकर सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। तमाम विवाद के बाद भी मंसूर ने तृषा से माफी मांगने से इनकार कर दिया था। हालांकि, अब अभिनेता के सुर बदले नजर आ रहे हैं। मंसूर से जुड़ा एक पोस्ट सोशल मीडिया पर आते ही छा गया है।

वहीं इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंसूर अली खान के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। फिल्म लियो के निर्देशक लोकेश कनगराज, गायिका चिन्मयी, अभिनेता-राजनेता खुशबू, अभिनेत्री मालविका मोहनन, तेलुगु सुपरस्टार चिरंजीवी और दक्षिण भारतीय फिल्म कलाकार संघ ने भी हाल ही में मंसूर अली खान की टिप्पणियों की निंदा की थी।

 तृषा कृष्णन ने भी की थी आलोचना 

मंसूर अली के घटिया बयान से तृषा बेहद आहत हुईं और उन्होंने अभिनेता को लताड़ लगाते हुए एक्स पर पोस्ट कर लिखा था, “एक हालिया वीडियो मेरे संज्ञान में आया है, जहाँ मंसूर अली खान ने मेरे बारे में भद्दे और घृणित तरीके से बात की है। मैं इसकी कड़ी निंदा करती हूँ और इसे लैंगिक भेदभावपूर्ण, अपमानजनक, स्त्रीद्वेषी, घृणित और खराब मानती हूँ। वह कामना करते रह सकते हैं, लेकिन मैं आभारी हूँ कि मैंने कभी उनके जैसे दयनीय व्यक्ति के साथ स्क्रीन स्पेस साझा नहीं किया और मैं यह सुनिश्चित करुँगी कि मेरे बाकी फिल्मी करियर में भी ऐसा कभी न हो। उनके जैसे लोग मानव जाति का नाम खराब करते हैं।”

गौरतलब है कि अभिनेत्री तृषा कृष्णन के बारे में अश्लील टिप्पणियाँ करने वाले तमिल अभिनेता मंसूर अली खान गुरुवार (23 नवंबर, 2023 ) को चेन्नई में पुलिस के सामने पेश हुए थे। इससे पहले उनकी जमानत याचिका को कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया था। उन्होंने पहले पेश होने से मना किया था लेकिन याचिका ख़ारिज हो जाने के बाद पहुँच गए। वहीं अब उनके सार्वजनिक रूप से माफी माँगने की खबर आई है। 

मुस्लिमों के लिए स्पेशल पार्क बनाएगी BRS, तेलंगाना में मतदान से पहले इस्लामी तुष्टिकरण में जुटे के CM केसीआर

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (KCR) ने सत्ता के लिए तुष्टिकरण की हदें पार कर दी हैं। उन्होंने सत्ता में फिर से लौटने पर मुस्लिम युवाओं के लिए एक अलग आईटी पार्क खोलने की घोषणा की है। उन्होंने गुरुवार (23 नवंबर 2023) को कहा कि उनकी सरकार मुस्लिमों को पेंशन भी दे रही है और उनके लिए आवासीय स्कूल भी खोले हैं। उन्होंने मुस्लिमों से BRS पार्टी को ही वोट देने की अपील की।

तेलंगाना के महेश्वरम में एक रैली को संबोधित करते हुए सीएम केसीआर ने कहा, “हम मुस्लिम युवाओं के बारे में सोच रहे हैं। हैदराबाद के पास उनके लिए एक विशेष आईटी पार्क बनवाएँगे। यह आईटी पार्क पहाड़ी शरीफ के पास बनेगा।” उन्होंने कहा कि तुक्कुगुड़ा क्षेत्र में 52 नए उद्योग लगाए गए हैं। यहाँ फॉक्सकॉन इंडस्ट्री आ गया है और इससे लाखों लोगों को नौकरी मिलेगी।

हिंदू और मुस्लिमों को अपनी दो आँखें बताते हुए भारत राष्ट्र समिति (BRS) पार्टी के प्रमुख और तेलंगाना के सीएम KCR ने कहा, “आज हमारी सरकार मुस्लिमों को भी पेंशन दे रही है। हमने आवासीय स्कूल खोले हैं, जिनमें मुस्लिम छात्र भी पढ़ते हैं। हम मुस्लिम युवाओं के बारे में सोच रहे हैं और उनके लिए हैदराबाद में आईटी पार्क बनाएँगे।”

मुस्लिमों पर तेलंगाना सरकार द्वारा किए जा रहे खर्चों के बारे में बताते हुए KCR ने कहा, “BRS की सरकार ने पिछले 10 सालों में अल्पसंख्यकों के विकास पर 12,000 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। वहीं, कॉन्ग्रेस ने अपने 10 साल के कार्यकाल के दौरान अल्पसंख्यकों के विकास पर सिर्फ 2,000 करोड़ रुपए खर्च किए थे।”

उन्होंने कहा कि जब तक केसीआर जिंदा है, तब तक तेलंगाना धर्मनिरपेक्ष राज्य बना रहेगा। केसीआर ने कहा कि तेलंगाना शांतिपूर्ण राज्य है और यहाँ कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है। तेलंगाना को अलग राज्य बनवाने का श्रेय लेते हुए केसीआर ने कहा कि उनकी सरकार में 24 घंटे मुफ्त बिजली दे रही है और हर घर तक नल का पानी पहुँचाया है।

महेश्वरम से BRS के नेता और तेलंगाना के शिक्षा मंत्री सविता इंद्ररेड्डी चुनाव मैदान में हैं। इनके फेवर में चुनाव प्रचार करने के लिए के चंद्रशेखर राव महेश्वरम पहुँचे थे। बता दें कि राज्य में 30 नवंबर 2023 को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान है। वोटों की गिनती 3 दिसंबर 2023 को होगी।

बता दें कि सितंबर 2023 में केसीआर की सरकार ने तेलंगाना में कपड़े धोने वाले और नाई का काम करने वाले मुस्लिमों को हर माह 250 यूनिट बिजली मुफ्त देने की घोषणा की थी। इस तरह की छूट अब तक एससी कम्यूनिटी के लोगों को ही हासिल थी, लेकिन हैदराबाद के सांसद और AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी के निवेदन पर राज्य सरकार ने मुस्लिमों के लिए भी ये छूट जारी की।

वहीं, नवंबर 2023 के शुरुआत में यूनाइटेड मुस्लिम फोरम (UMF) ने सदस्यों ने BRS को अपना समर्थन देने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि बीआरएस सरकार ने तेलंगाना में अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए ईमानदारी से काम किया और देश के दूसरे राज्यों की तुलना में अल्पसंख्यकों के लिए सबसे ज्यादा बजट भी आवंटित किया है। उन्होंने कहा था कि ‘शादी मुबारक योजना’ अल्पसंख्यक समुदायों की औरतों की मदद कर रहा है।

दरअसल, शादी मुबारक योजना के माध्यम से केसीआर सरकार प्रत्येक मुस्लिम परिवार को 1,00,116 रुपए की वित्तीय सहायता देती है। साल 2014 में जब यह योजना शुरू की गई थी तो सहायता राशि 51,000 रुपए थी, लेकिन 6 साल में यह राशि लगभग दोगुनी हो गई है। बता दें कि साल 2020 तक 6 सालों में अल्पसंख्यक तुष्टिकरण से संबंधित योजनओं के लिए सरकारी खजाने से 5,639.44 करोड़ रुपए खर्च गए।

‘दुनिया को भारत दिखाएगा रास्ता, हम सबको आर्य बनाएँगे’ : थाईलैंड के विश्व हिंदू सम्मेलन में बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत

थाईलैंड के बैंकॉक में हो रहे ‘विश्व हिंदू कॉन्ग्रेस 2023’ को आज (24 नवंबर 2023) RSS प्रमुख मोहन भागवत ने  संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पूरा विश्व एक परिवार है और वह सभी को आर्य बनाएँगे। उन्होंने कहा कि कोविड के बाद लोग खुश नहीं है। उन्होंने पुनर्विचार शुरू कर दिया है और भारत की ओर देख रहे हैं कि भारत उनको रास्ता दिखाएगा।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, “आज की दुनिया अब शांति के पथ से लड़खड़ा रही है। इसने दो हजार वर्षों से खुशी, आनंद और शांति लाने के लिए कई सारे प्रयोग किए हैं। इतना ही नहीं, भौतिकवाद, साम्यवाद और पूंजीवाद की कोशिश की है। सब भौतिक सुख प्राप्त कर लिया है, लेकिन फिर भी संतुष्टि, साधना नहीं है। हमने भौतिकवादी ज्ञान लिया लेकिन हम और हिंसक होते गए… इसलिए कोई शांति और सुख नहीं है।”

वह बोले कि कोरोना काल के बाद दुनिया ने दोबारा सोचना शुरू किया है और ऐसा लगता है कि वो इस बात पर एकमत हैं कि भारत ही उनको रास्ता दिखाएगा। क्योंकि भारत की यह परंपरा रही है और भारत ने ऐसा पहले भी किया है। हमने हमेशा इसका प्रमाण दिया है। अब उन्हें हमसे उम्मीद है। और वही हमारे समाज और राष्ट्र का भी उद्देश्य है।

विश्व हिंदू कॉन्ग्रेस को संबोधित करते हुए बोले- “दुनिया एक परिवार है और हम सभी को आर्य बनाएँगे, जो एक संस्कृति है।” वह बोले, “लोग भौतिक सुख पाने के लिए एक-दूसरे से लड़ने और हावी होने की कोशिश करते हैं। हमने ऐसी असुर विजय का अनुभव किया है… जब वो आए और हमारे समाज के साथ क्रूर हुए, फिर भी 500 साल रहे। दूसरा- धन विजय जो हमने 100 से 150 साल तक देखा। लेकिन जब जब हमने दया की बात की तो ये हुई धर्म विजय। ये विजय धर्म पर होती है। इसकी प्रक्रिया भी धर्म के नियमों से चलती है और नतीजा भी फिर धर्म के अनुसार ही आता है।”

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, “विश्व मुस्लिम परिषद के महासचिव भारत आए थे और वहाँ अपने भाषणों में उन्होंने कहा था कि अगर हम विश्व में शांति और सद्भाव चाहते हैं, तो भारत के साथ जुड़ना जरूरी है। इसलिए यह हमारा कर्तव्य है। यही कारण है कि हिंदू समाज अस्तित्व में आया।” 

गिरफ्तारी के समय बिरयानी खा रहा था दिल्ली का नाबालिग हत्यारा, कहा- यह मेरा चौथा मर्डर: 60+ बार चाकू मारने के बाद लाश पर था नाचा

देश की राजधानी दिल्ली की सड़क पर सिर्फ 350 रुपए लूटने के लिए 17 वर्षीय लड़के की 60 से अधिक बार चाकू मारकर हत्या करने के आरोपित 16 वर्षीय नाबालिग लड़के को जब पुलिस ने गिरफ्तार किया वह थोड़ी ही दूरी पर एक दुकान में बिरयानी खा रहा था। वहीं इस मामले में पकड़े जाने के बाद हत्यारे ने यह भी दावा किया कि यह उसकी चौथी हत्या है। फ़िलहाल, पूरा मोहल्ला इस जघन्य हत्या से खौफजदा है। लोग गलियों में जाने से भी डर रहे हैं वहीं कुछ तो इलाके में बढ़ते अपराध से इलाका ही छोड़ कर चले गए हैं। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जाँच से जुड़े एक अधिकारी ने गुरुवार (23 नवंबर, 2023 ) को बताया, “अपराध करने के बाद भी वह गिरफ्तारी से पहले घंटों तक बिना किसी डर के इलाके में घूमता रहा और एक स्टॉल पर खाना (बिरयानी) खा रहा था।” अधिकारी ने कहा है कि इस जघन्य हत्या के मामले में पुलिस अदालत से अपील करेगी कि इसे दुर्लभतम मामला माना जाए और नाबालिग आरोपित को कड़ी सजा दी जाए।

माँ ने टैटू से की बेटे के शव की पहचान, माँगी फाँसी की सजा 

वहीं मृतक नाबालिक की माँ ने गुरुवार को कहा कि उनका बेटा पैसे लेकर किराने का सामान खरीदने गया था, मगर घर नहीं लौटा। बाद में बेटे की हत्या की जानकारी मिलने पर, उन्होंने उसके शव की पहचान कलाई पर ‘मेरी जान मॉम’ लिखे टैटू से की। 

मृत लड़के की माँ ने कहा,  “मेरा बेटा मंगलवार शाम 6 बजे आटा और दूध खरीदने के लिए बाहर गया था। मैंने उसे पैसे दिए थे, लेकिन वह वापस नहीं आया। मैंने कई लोगों से पूछताछ की, लेकिन किसी को नहीं पता था कि वह कहाँ है?”

उन्होंने कहा कि मैं रातभर उसका इंतजार करती रही। लेकिन पुलिस ने मुझे अगली सुबह बताया कि मेरे बेटे को चाकू मार दिया गया है। उन्होंने कुछ पहचान चिह्न माँगे और मैंने बताया कि उसके पास एक टैटू है, जिस पर लिखा है, “मेरी जान मॉम।”

मारे गए लड़के की माँ ने अपने मृत बेटे के लिए न्याय की माँग करते हुए कहा कि आरोपित हत्यारे को फाँसी की सजा दी जानी चाहिए। उन्‍होंने कहा, “मैं अपने लड़के के लिए न्याय चाहती हूँ, खासकर उस क्रूर तरीके को देखते हुए, जिसमें उसे मारा गया।” 

‘मैंने यह चौथी हत्या की’ : नाबालिग हत्यारे का दावा

उन्होंने कहा, “एक वीडियो क्लिप में आरोपित ने दावा किया है कि उसने यह चौथी हत्या की है। मैं न्याय की माँग करती हूँ… उसे मौत की सजा दी जानी चाहिए। लेकिन पुलिस ने कहा कि वह किशोर है। वह एक साल में जेल से रिहा हो जाएगा और छूटते ही किसी और के बेटे की हत्या कर सकता है।”

गौरतलब है कि यह जघन्य हत्या उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके में जनता मजदूर कॉलोनी में हुई। पुलिस उपायुक्त (उत्तर-पूर्व) जॉय तिर्की ने कहा कि नाबालिग आरोपित को पकड़ लिया गया है और अपराध में इस्तेमाल चाकू उसके कब्जे से बरामद कर लिया गया है। डीसीपी ने कहा कि हत्या के पीछे का कारण लूटपाट थी। आरोपित लड़के ने पहले उसका गला दबाया और जब वह बेहोश हो गया, तो उसने 350 रुपए लूटने से पहले उस पर कई बार चाकू से वार किया। उन्होंने कहा कि लहूलुहान लड़के को जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। 

बता दें कि आरोपित हत्यारे16 वर्षीय नाबालिग की पहचान जाहिर नहीं की गई है। वहीं लड़के को गिरफ्तार किए जाने के दो दिन बाद जब गुरुवार को CCTV फुटेज सामने आया तो दृश्य दहलाने वाले थे। आरोपित हत्या के बाद उसके मृत शरीर पर नाचते हुए इस जघन्य हत्या का जश्‍न मना रहा था। रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि हत्या के दौरान कुछ लोगों ने किशोर को बचाने की कोशिश की तो नाबालिग हत्यारे ने उन्हें भी चाकू लेकर दौड़ा लिया था।

सीसीटीवी फुटेज में आरोपित नाबालिग को शव को एक संकरी गली में घसीटते और उसकी मौत सुनिश्चित करने के लिए पीड़ित की गर्दन पर बार-बार चाकू मारते देखा जा सकता है। वीडियो में वह बेजान शरीर के सिर पर कई बार लात भी मारता दिखा है। वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है वहीं जिन प्रत्यक्षदर्शियों ने इस हत्या को अपनी आँखों से देखा है वह बेहद डरे हुए हैं। 

फाँसी की सजा पाए भारत के 8 पूर्व नौसैनिकों को मिल सकती है राहत, कतर की कोर्ट ने अपील को किया स्वीकार, कथित जासूसी के आरोप में हैं गिरफ्तार

भारत के 8 पूर्व नौसैनिकों को मिली मौत की सजा को लेकर कतर की कोर्ट ने भारत की अपील को स्वीकार कर लिया है। इस अपील पर कतर की कोर्ट जल्दी ही सुनवाई शुरू कर सकता है। बता दें कि कतर कोर्ट ने 26 अक्टूबर 2023 को इन भारतीयों को कथित जासूसी के आरोप में मौज की सजा दी थी। इस पर भारत ने हैरानी और चिंता जाहिर की थी।

सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अपील व्यक्तिगत क्षमता से की गई है, लेकिन भारत सरकार ने इसमें मदद की है। वहीं, विदेश मंत्रालय ने गुरुवार (23 नवंबर 2023) को कहा कि फैसला गोपनीय है। प्रथम दृष्ट्या अदालत ने फैसला सुनाया, जिसे भारत की कानूनी टीम के साथ साझा किया गया। इसके बाद भारत ने कानूनी विकल्पों पर विचार करते हुए अपील दायर की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत इस मामले को लेकर कतर के अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहा है और सरकार पूर्व नौसैनिकों को सभी कानूनी और दूतावास संबंधी सहायता देना जारी रखेगी। वहीं, भारत सरकार सजा पाए इन सभी भारतीयों के परिजनों के भी संपर्क में है।

विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि मामला गोपनीय है। यानी इस पूरी प्रक्रिया में फैसले को कतरी पक्ष ने गोपनीय रखा है। न ही कतर के अधिकारियों ने और न ही भारत ने पूर्व सैनिकों के खिलाफ आरोपों को सार्वजनिक किया है। हालाँकि, मीडिया रिपोर्ट में ये बार-बार कहा जा रहा है कि कतर ने कथित जासूसी के आरोप में इन पूर्व सैनिकों को सुनाई है।

दरअसल, इन पूर्व सैनिकों को 30 अगस्त 2022 को दोहा से गिरफ्तार किया गया था। इन गिरफ्तार करने के बाद कतर की सरकार ने आज तक नहीं बताया कि इन लोगों को किस कारण से गिरफ्तार किया गया है। हालाँकि, मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि इन पूर्व सैनिकोें पर इजरायल के जासूसी करने का आरोप लगाकर गिरफ्तार किया गया है।

कतर की क्यों कैद में हैं पूर्व अधिकारी

नौसेना के ये सभी पूर्व अधिकारी कतर की राजधानी दोहा की एक प्राइवेट कंपनी में काम कर रहे थे। ये कंपनी टेक्नोलॉजी और कंसल्टेंसी का काम करती है। 30 अगस्त 2022 को कतर की खुफिया एजेंसियों ने इन पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाते हुए इन्हें हिरासत में ले लिया था।

शुरुआत में इन पूर्व अधिकारियों पर व्यवसायिक प्रतिद्वंद्विता और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप बताया गया, लेकिन बाद में सामने आया कि इन्हें जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मिडिल-ईस्ट की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी पूर्व अधिकारियों को इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप में हिरासत में लिया है। हालाँकि, कतर की तरफ से इस बारे में सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। 

भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त ये सभी अधिकारी पिछले 5 सालों से दाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजी एंड कंसल्टेंसी नाम की एक कंपनी में काम कर रहे थे। यह कंपनी मिडिल-ईस्ट में स्थित एक देश के मिलिट्री अधिकारी की बताई जाती है। यह कंपनी कतर की नौसेना को ट्रेनिंग और कंसल्टेंसी देने का काम करती है।

इन अधिकारियों के साथ ओमान के एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी स्क्वाड्रन लीडर खमीस अल अजमी को भी हिरासत में लिया गया था। हालाँकि, खमीस अल अजमी को 18 नवंबर 2022 को ही रिहा कर दिया गया, बाकी सभी भारतीय अधिकारियों को अभी भी हिरासत में रखा गया है।

भारतीय अधिकारियों पर आरोप

दरअसल, भारतीय नौैसेना के पूर्व अधिकारी कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर पूर्णेंदु तिवारी, कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा, कमांडर सुगुनाकर पकाला, कमांडर संजीव गुप्ता, कमांडर अमित नागपाल और नाविक रागेश कतर की एक निजी फर्म दाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज के लिए काम करते थे।

डिफेंस सर्विस प्रोवाइडर ऑर्गनाइजेशन दाहरा का स्वामित्व रॉयल ओमानी एयरफोर्स के एक रिटायर्ड स्क्वाड्रन लीडर खामिस अल-अजमी के पास है। यह प्राइवेट फर्म कतर के सशस्त्र बलों को प्रशिक्षण और संबंधित सेवाएँ उपलब्ध कराती थी। अजमी को भी भारतीयों के साथ 30 अगस्त 2022 को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उन्हें फीफा वर्ल्ड कप के पहले नवंबर 2022 में रिहा कर दिया गया।

जानकारी के मुताबिक इन भारतीयों को इजरायल के लिए एक सबमरीन प्रोग्राम की जासूसी करने का दोषी ठहराया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कतर ने साल 2020 में इटली में बनी हाईटेक सबमरीन खरीदने के लिए एक समझौता किया था। ट्राइस्टे स्थित जहाज बनाने वाली कंपनी ‘फिनकेंटियरी एसपीए’ के साथ यह समझौता हुआ था।

कतर ने समझौते के तहत चार कॉर्वेट (जहाज़ का एक प्रकार) और एक हेलीकॉप्टर का ऑर्डर भी दिया था। इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी को कतर में नौसेना का एक बेस बनाना था। इसके साथ ही नौसैनिक बेड़े की देखरेख भी करनी थी। इसके लिए कतर ने जिस दाहरा कंपनी को यह काम दिया, उसमें ये सभी भारतीय काम कर रहे थे।

कतर के अधिकारियों का आरोप है कि ये 8 भारतीय अधिकारी इस प्रोग्राम की गोपनीय जानकारी इज़रायल से साझा कर रहे थे। कतर की इंटेलिजेंस एजेंसी ‘कतर स्टेट सिक्योरिटी’ ने दावा किया था कि उसने भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारियों के उस सिस्टम को इंटरसेप्ट कर लिया था, जिससे वो कथित रूप से जासूसी कर रहे थे। हालाँकि, कतर ने भारत के साथ कोई भी सबूत साझा नहीं किया है।

हिंदू लगा रहे थे ‘जय माता दी’ के नारे, पाकिस्तानी प्रशासन ने तोड़ दिया हिंगलाज माता का मंदिर: क्रिकेटर दानिश कनेरिया Video शेयर कर बताया

पाकिस्तान में हिंदुओं के धार्मिक स्थलों को तोड़ा जा रहा है। वहाँ के पूर्व क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने इस बात की ट्वीट करके जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि अतिक्रमण का हवाला देकर थारपारकर के मिठी में ‘हिंगलाग माता मंदिर’ को ध्वस्त किया गया।

दानिश कनेरिया ने ट्वीट में लिखा, “पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा हिंदू धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई जारी है। मीरपुरखास के अतिक्रमण निरोधक अदालत के आदेश के बाद पाकिस्तान के मिठी, थारपारकर में हिंगलाज माता मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया है।”

अपने दावे के साथ उन्होंने एक वीडियो भी शेयर की। इसमें कुछ हिंदू खड़े होकर जोर-जोर से ‘हिंगलाज माता की जय हो, हिंदू धर्म की जय हो’ जैसे नारे लगा रहे हैं।

बता दें कि पाकिस्तान में हिंदू मंदिरों का अपमान होना नया नहीं है। दानिश कनेरिया ने पिछले साल भी कराची में एक हिंदू मंदिर पर हुए हमले की जानकारी दी थी। इस बार भी वो यही गुहार लगा रहे हैं कि कोई हिंदुओं की पीड़ा सुन ले। लेकिन प्रशासन के कान पर जूँ नहीं रेंग रही।

कुछ अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस वीडियो को शेयर करके यही दावा किया है। आदित्य राज कौल ने भी बताया है कि सिंध की मीरपुरखास अतिक्रमण निरोधक कोर्ट द्वारा हिंगलाग माता मंदिर को तोड़ने का आदेश दिया गया। आदित्य ने अपने ट्वीट में पूछा कि क्या इस तरीके से पाकिस्तान में किसी मस्जिद के साथ हो सकता है? दुनिया आखिर ऐसे अत्याचारों पर क्यों चुप है।

वीडियो की पड़ताल करते हुए हमें एक पाकिस्तानी का ट्वीट भी मिला। इसमें उसने दावा किया था- “ये कोई ऐतिहासिक मंदिर नहीं है और न ही कोई धार्मिक स्थल। प्लॉट को किसी ने कब्जाया हुआ था जिसने बाद में उस प्रॉपर्टी पर मंदिर बना दिया, जो असल में दूसरे हिंदू की थी। इसीलिए दूसरी पार्टी ने कोर्ट की शरण ली और फैसला आने के बाद अवैध कब्जे को गिरवाया। पाकिस्तानी सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है।”

कर्नाटक के सरकारी स्कूल में ब्राह्मण छात्रा को अंडा खाने को किया मजबूर: शिकायत के बाद प्रशासन ने मिड डे मील में परोसा जाना कबूला, पर जबर्दस्ती से किया इनकार

कर्नाटक के एक सरकारी स्कूल में एक ब्राह्मण छात्रा को मिड डे मील के दौरान अंडा खाने के लिए मजबूर करने का मामला सामने आया। छात्रा के पिता ने स्कूल के हेडमास्टर और सहायक शिक्षक के खिलाफ शिक्षा विभाग में शिकायत दर्ज कराई है। प्रारंभिक जाँच के बाद प्रशासन ने मिड डे मील में अंडा परोसा जाना तो कबूला है। लेकिन किसी भी छात्र को खाने के लिए मजबूर किए जाने के आरोपों को नकार दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार घटना शिवमोगा जिले के कम्माची गाँव स्थित केपीएस स्कूल का है। पीड़ित बच्ची कक्षा 2 की छात्रा है। इस स्कूल के कक्षा दो में 26 बच्चे पढ़ते हैं। इनमें से 10 शाकाहारी हैं। बच्ची के पिता वी श्रीकांत भी इसी स्कूल में शिक्षक हैं। कई रिपोर्टों में यह स्कूल होसनगरा तालुका के अमृता गाँव में बताया गया है।

छात्रा की पिता की शिकायत के बाद ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर और मिड डे मील परिचारिका ने गुरुवार (23 नवंबर 2023) को स्कूल का दौरा किया। पीड़ित छात्रा के पिता ने शिकायत शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा, शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव, उप निदेशक और स्थानीय विधायक को भी दी है।

शिकायत में छात्रा के पिता वी श्रीकांत ने कहा कि ब्राह्मण समुदाय से आने वाली उनकी बेटी को स्कूल में जबरदस्ती अंडा खाने के लिए मजबूर किया गया। सात साल की इस बच्ची ने अपने पिता से शिकायत की थी कि शिक्षक पुट्टास्वामी ने उससे कहा था कि अच्छी सेहत के लिए अंडे बहुत ज़रूरी हैं।

गौरतलब है कि राज्य सरकार की तरफ से मिड डे मील में दो बार अंडे और केले बाँटे जाते हैं। श्रीकांत का दावा है कि उनकी बेटी ने कभी मांसाहारी भोजन नहीं किया है, लेकिन उसे स्कूल में अंडा खाने के लिए मजबूर किया गया। शिकायत में कहा है कि उन्होंने स्कूल के अधिकारियों को बताया था कि उनकी बेटी शाकाहारी है, इसलिए उसे अंडे की जगह चिक्की दिया जाए।

उन्होंने कहा है कि इसके बाद भी पुट्टास्वामी ने कक्षा को बताया कि अंडे सेहत के लिए अच्छे हैं। अंडा खाने बाद उनकी बेटी बीमार पड़ गई और मानसिक रूप से परेशान है। इससे उनके परिवार की धार्मिक मान्यताओं को भी ठेस पहुँची है।

श्रीकांत का कहने है कि शिक्षक पुट्टस्वामी ने इसके लिए खेद जताया है। उन्होंने कहा, “मेरा उनसे कोई निजी दुश्मनी नहीं है। मैं इस मुद्दे को खींचना नहीं चाहता।” उधर इस मामले पर शिक्षा विभाग के सीनियर ऑफिसर का कहना है, “प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि ये घटना मिड डे मील परोसे जाने के दौरान हुई। छात्रों का एक समूह भोजन के लिए एक पंक्ति में बैठा था। तभी संबंधित शिक्षक ने छात्रों से पूछा कि कौन अंडे खाना पसंद करेगा? ऐसा लगता है कि इस खास बच्चे ने भी अपने बाकी सहपाठियों से हाथ खड़ा कर दिया थे और इसलिए उसे अंडा परोसा गया। लेकिन, खास तौर पर इस बच्चे या किसी भी छात्र को अंडे खाने के लिए मजबूर नहीं किया गया।”

शिवमोगा के सार्वजनिक निर्देश उप निदेशक परमेश्वरप्पा सीआर के मुताबिक, “हमने इस मुद्दे को बहुत गंभीरता से लिया है। लेकिन हमें मिली जानकारी के आधार पर, छात्र को जबरदस्ती अंडा नहीं खिलाया गया था। हालाँकि, हम दी गई जाँच रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे। यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो खंड शिक्षा अधिकारी संबंधित शिक्षक के खिलाफ गंभीर कार्रवाई करेंगे।”

आयरलैंड ने जिस अल्जीरियाई को दी ‘शरण’, उसने ही दंगों की आग में झोंका: स्कूल के बाहर बच्चों पर चाकू से किए हमले

आयरलैंड की राजधानी डबलिन में गुरुवार (23 नवंबर,2023) को स्कूल के बाहर चाकूबाजी के हमले में 3 बच्चों और एक महिला सहित 4 लोगों के घायल होने के बाद वहाँ की सड़कों पर हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। हमला करने वाले की पहचान 50 साल के अल्जीरियाई अप्रवासी के तौर पर हुई है।

इस अप्रवासी के हमले में घायल हुई 5 साल की एक बच्ची और 30 साल की एक औरत की हालत बेहद गंभीर है। हमले के बाद से आयरलैंड के लोगों ने आप्रवासन केंद्रों और बसों को जलाना शुरू कर दिया है। अल्जीरियाई अप्रवासी हिरासत में है, लेकिन आयरिश अधिकारियों का दावा है कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।

इस सबके बीच आयरिश नागरिकों ने प्रवासियों खास तौर से से मध्य पूर्व से आने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की माँग की है। यहाँ के लोग इसलिए नाराज है कि बड़े पैमाने पर आप्रवासन की वजह से होने वाली परेशानियों और जातीय तनाव को आयरिश लिबरल सरकार वर्षों से अब-तक नजरअंदाज करती आ रही है।

यह घटना स्थानीय समयानुसार लगभग दोपहर 1.40 बजे पार्नेल स्क्वायर ईस्ट की भीड़ से भरी रहने वाली ओ’कोनेल स्ट्रीट के पास हुई। यहाँ 5 साल की बच्ची और 30 साल की महिला को चाकू मारने के बाद इस अल्जीरियाई अप्रवासी ने पास के एक स्कूल के बाहर एक छह साल की लड़की और एक 5 साल के लड़के को चाकू मार कर घायल किया।

इस चाकूबाजी के हमले के बाद घटना स्थल के पास उथल-पुथल मच गई क्योंकि प्रदर्शनकारी इलाके में जमा हो गए। इसके बाद वहाँ शाम 6 बजे से पुलिस और भीड़ के बीच हिंसक झड़पें ही शुरुआत हुई। आयरिश लोगों की भीड़ पूरे शहर में हिंसा पर उतर आई।

भीड़ ने गाड़ियों में आग लगाई। दुकानों में भी आगजनी की। अधिकारियों ने इससे निपटने के लिए राइट शील्ड और डंडों का इस्तेमाल किया गया। सोशल मीडिया पर भी आयरिश लोग जमकर अपने गुस्से का इजहार कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर ‘आयरलैंड बिलोंग टू आयरिश’ के हैशटैग चल रहे हैं।

उन्होंने सड़कों पर विरोध कर मोर्चा संभाल लिया है। वो यहाँ शरणार्थियों के शक्ल में आए लोगों के उनके बच्चों पर हमला करने और सभी तरह के अपराध करने से तंग आ चुके हैं और गुस्से में हैं।

वहीं इस बीच आयरलैंड के प्रधानमंत्री ने लियो वराडकर इन हालातों से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनात करने की बात कही है। पुलिस कमिश्नर ड्रू हैरिस ने इस हिंसा के लिए उन्मादी गुंडे गुट को जिम्मेदार ठहराया है।

इस सबके बीच डबलिन में गुस्से का माहौल है, क्योंकि लोग बच्चों पर चाकू से हमला करने की घटना के बाद जोर-शोर से आप्रवासन के खिलाफ कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। वहाँ लोगों ने आव्रजन केंद्र में आग लगा दी। पुलिस पर भी हमला किया। अप्रवासियों की कुछ संपत्तियों पर हमला किया गया।

हालात यहाँ तक जा पहुँचे हैं कि आयरिश सरकार ने पुलिस की मदद के लिए सेना को बुलाया है। इस बीच आयरलैंड के नेशलिस्ट संगठन सिन फेन पार्टी की नेता सिन फीन मैरी लू मैकडोनाल्ड ने कहा है कि चाकूबाजी से आयरिश सदमे में और डरे हुए हैं।

ब्रिटेन फर्स्ट पार्टी के नेता पॉल गोल्डिंग भी खुल के अपने लोगों के समर्थन में उतर आए हैं। घटना के बाद इलाके में मौजूद लेबर पार्टी की सीनेटर मैरी शेरलॉक ने भी इसकी हमले की निंदा की है।

अनाथों से तालिबानी सलूक किया उजागर तो भड़की कर्नाटक सरकार, NCPCR अध्यक्ष के खिलाफ वारंट: बोले प्रियांक कानूनगो- यतीमखाने में ताला लगेगा

कर्नाटक सरकार ने गुरुवार (23 नवंबर 2023) को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो के खिलाफ वारंट जारी किया है। बताया जा रहा है बेंगलुरु में एक यतीमखाने की विजिट के दौरान प्रियांक कानूनगो ने वहाँ के बच्चों की हालत देख उसकी तुलना तालिबानी जिंदगी से कर दी थी। उसी से नाराज होकर कर्नाटक सरकार ने एक शिकायत पर यह कदम उठाया।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, उसी यतीमखाने के एक सदस्य की शिकायत पर कर्नाटक पुलिस ने प्रियांक कानूनगो के खिलाफ केस को दर्ज किया है। एनसीपीसीआर ने इस एफआईआर के बाद बयान में बताया कि 19 नवंबर प्रियांक कानूनगो ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी और अन्य अधिकारियों के साथ एक अवैध यतीमखाने में छापेमारी की थी, जिसका नाम दारुल उलूम सैय्यादिया यतीम खाना है। इस छापेमारी में कई अनियमतताएँ पाईं गई थीं।

एनसीपीसीआर का इस एफआईआर दर्ज होने पर कहना है कि सरकार आयोग की आवाज को दबाना चाहती है जो कि सिर्फ गरीब बच्चों के अधिकार की बात करता है। यतीमखाने में अपने औचक निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया था कि कैसे पूरे यतीम खाने में ठूँसकर 200 बच्चों को रखा गया है। इनमें से 8-8 बच्चे तो 100 वर्ग फिट के 5 कमरों में रहते हैं जबकि कॉरिडोर में 16 बच्चे रहते हैं। बाकी बचे 50 बच्चों को मस्जिद के नमाज़ पढ़ने वाले 2 अलग-अलग हाल में रात को सुलाया जाता हैं। ये सभी बच्चे दिन भर इन्हीं नमाज़ वाले हाल में रहकर मदरसे की इस्लामिक दीनी तालीम लेते हैं।

एनसीपीसीआर अध्यक्ष बोले कि छापे के दौरान यतीमखाने में मौजूद लोगों ने उन्हें बताया कि बच्चों को स्कूल नहीं भेजा जाता उन्हें वहीं शिक्षा दी जाती है जो 200 साल पहले दी जाती थी। इतना ही नहीं, वहाँ बच्चों के खेलने का कोई सामान तक नहीं है और न ही कोई टीवी है। निरीक्षण के वक्त कई छोटे बच्चे दिखे जो डरे हुए थे। बस उन्हें सारे वक्त मस्जिद के अंदर रखा जाता है। एक तरह से ये बच्चे मध्ययुगीन तालिबानी जीवन जी रहे हैं। इनके हिस्से में जैसे संविधान में लिखा जीवन है ही नहीं।

प्रियांक कानूनगो कहते हैं कि इस यतीमखाने के छापेमारी के बाद जब आयोग ने नोटिस जारी किया तो कर्नाटक सरकार ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। वो लोग हमारी आवाज को दबाना चाहते हैं। अगर हम गरीब बच्चों के अधिकार की बात करेंगे तो वो इसे मजहब के शीशे से देखेंगे। वो आयोग को दबाना चाहते हैं। उन्हें समझना होगा कि उनके दाँव-पेंच काम नहीं आने वाले। उन्हें इस मामले में एक्शन लेना ही होगा।

बता दें कि इस यतीमखाने के निरीक्षण के बाद एनसीपीसीआर ने कर्नाटक सरकार की क्लास लगाई थी। नका कहना है कि ये राज्य सरकार की लापरवाही का सुबूत और देश के संविधान का उल्लंघन है। आयोग ने इस पर संज्ञान लेते हुए राज्य के चीफ़ सेक्रेटरी को नोटिस जारी किया था। उनसे 7 दिन के भीतर कार्रवाई करके मामले में रिपोर्ट देने को बोला गया था। इसके साथ ही ऐसा नोटिस हर राज्य के मुख्य सचिवों को भेजा गया था ताकि हर अवैध यतीमखाने बंद करवाने पर कार्रवाई हो सके।

चंद्रयान मिशन का मजाक उड़ाने वाले ऐक्टर प्रकाश राज का घोटाले से संबंध, ₹100 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने पूछताछ के लिए बुलाया

हिंदू विरोधी बयानों के लिए कुख्यात दक्षिण भारतीय अभिनेता प्रकाश राज को पोंजी स्कीम घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने समन जारी किया है। इस घोटाले के संबंध में ED उनसे सवाल-जवाब करेगी। ED ने त्रिची स्थित एक ज्वैलर्स ग्रुप के खिलाफ पोंजी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रकाश राज को अगले सप्ताह चेन्नई में ED कार्यालय में पेश होने के लिए कहा है।

ED ने तमिलनाडु के त्रिची स्थित प्रणव ज्वेलर्स के यहाँ 20 नवंबर 2023 को छापा मारा था। प्रणव ज्वेलर्स की एडवरटाइजिंग प्रकाश राज ही करते थे। PMLA के कहत प्रणव ज्वैलर्स के यहाँ छापेमारी में एजेंसी को कई संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं, जिनमें संदिग्ध लेनदेन की जानकारी है। रेड में ED ने 23.70 लाख रुपए नकद एवं लेनदेन और 11.60 किलोग्राम सोने के गहने भी जब्त किए हैं।

त्रिची की आर्थिक अपराध शाखा ने प्रणव ज्वेलर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके आधार पर ED ने PMLA के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। इस FIR में आरोप है कि प्रणव ज्वेलर्स ने मोटा रिटर्न देने का वादा करके जनता से एक पोंजी स्कीम (गोल्ड स्कीम) में निवेश करवाया। हालाँकि, बाद में प्रणव ज्वेलर्स अपने वादे से मुकर गया और तमिलनाडु में तमाम शोरूम रातोंरात बंद कर दिए।

प्रणव ज्वैलर्स के चेन्नई, इरोड, नागरकोइल, मदुरै, कुंबकोणाम और पुदुच्चेरी जैसे शहरों में बड़े-बड़े शोरूम थे। वहाँ इस गोल्ड स्कीम के नाम से ज्वैलर्स ने लोगों से एक लाख रुपए से लेकर एक करोड़ रुपए तक निवेश कराए थे। बाद में निवेश करने वाले सभी लोग ठगी के शिकार बन गए।

जनता से जुटाए गए लगभग 100 करोड़ रुपए प्रणव ज्वैलर्स से जुड़े लोगों ने कई शेल कंपनियों के जरिए ठिकाने लगाए थे। इसकी जानकारी ED को मिली है। जाँच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय को पता चला है कि प्रणव ज्वैलर्स और उससे जुड़े लोगों ने धोखाधड़ी से हासिल किए इन पैसों को दूसरी शेल कंपनी में डायवर्ट कर दिया था।

ऐक्टर प्रकाश राज इस प्रणव ज्वैलर्स के ब्रांड एम्बेसडर थे। कंपनी के विज्ञापनों में उन्हीं का चेहरा रहता था। जब प्रणव ज्वैलर्स की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ तो प्रकाश राज ने चुप्पी साध ली। इसके बाद वे ED की रडार पर आ गए। अब प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उन्हें समन कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

केंद्रीय एजेंसी ED ने बुधवार (22 नवंबर 2023) को इस मामले में बयान दिया था। अपने बयान में ED ने कहा था कि पुलिस शिकायत के अनुसार प्रणव ज्वैलर्स और अन्य ने उच्च रिटर्न के वादे के साथ सोने की निवेश योजना की आड़ में जनता से 100 करोड़ रुपये एकत्रित किए हैं।

प्रकाश राज ने पिछले दिनों चंद्रयान-3 मिशन का मजाक उड़ाया था। उन्होंने इसको लेकर सोशल मीडिया पर एक कार्टून शेयर किया था। उनके इस पोस्ट को लेकर कर्नाटक के बगलाकोट जिले के बनहट्टी पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ हिंदू संगठनों के लोगों ने केस भी दर्ज कराया गया था।

दरअसल, दक्षिण भारत की अधिकतर फिल्मों में विलेन का रोल करने वाले अभिनेता ने 20 अगस्त 2023 को माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शर्ट और लुंगी पहने चाय डालते हुए एक व्यक्ति का कैरीकैचर शेयर किया था। इसके साथ ही उन्होंने लिखा था, “चंद्रयान से आई पहला तस्वीर …#विक्रम लैंडर,#जस्टआस्किंग”। इसे ट्वीट के बाद उन्हें भारी आलोचना झेलनी पड़ी थी।