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हिंदू बन महिला से की शादी, फिर इस्लाम कबूलने का बनाने लगा दबाव: पीड़िता का दावा- पहले भी हिंदू महिला को मुस्लिम बना चुका है नावेद

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से लव जिहाद का एक मामला सामने आया है। यहाँ एक हिन्दू महिला ने नावेद उर्फ रिक्की नाम के व्यक्ति पर मज़हब छिपाकर उससे संबंध बनाने और फिर मजबूर करके शादी करने का आरोप लगाया है। शिकायत में पीड़िता ने रिक्की की अम्मी और भाई पर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने और प्रताड़ित करने की बात कही है। पुलिस ने केस दर्ज कर के सोमवार (20 नवंबर 2023) को आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

महिला ने आरोप लगाया है कि उसका मतांतरण कराने के लिए एक मौलवी को भी बुलवाया गया था। आरोपित रिक्की उर्फ़ नावेद इस से पहले भी एक हिन्दू लड़की का धर्मांतरण करके उससे निकाह कर चुका है। इसके बाद नावेद ने उसे धर्मांतरित हिंदू महिला को तलाक दे दिया है। नावेद पर 2 बच्चों का खतना करवाने और उनमें से 1 को जबरन अपने पास रखने का भी आरोप है।

मामला गाजियाबाद के शालीमार गार्डेन थाना क्षेत्र का है। 20 नवम्बर को थाने में दी गई शिकायत में हिन्दू महिला ने बताया कि साल 2015 में उसकी मुलाकात रिक्की से हुई थी। रिक्की दिल्ली के वजीराबाद का रहने वाला है। रिक्की ने खुद को हिन्दू बताया था। उसके बाद 10 जुलाई 2015 में दोनों ने शादी कर ली। शादी के बाद पीड़िता 2 बच्चों की माँ बनी। इस बीच उसे रिक्की के मुस्लिम और असली नाम नावेद होने की जानकारी मिली।

ऑपइंडिया के पास मौजूद शिकायत की कॉपी के अनुसार, पीड़िता ने बताया कि रिक्की की पहले भी एक बीवी थी, जिससे उसने तलाक ले लिया है। उसने मज़हब और तलाकशुदा होने की बात छिपाने को ले कर रिक्की से विरोध भी दर्ज करवाया था। हालाँकि, पीड़िता के विरोध का रिक्की पर कोई फर्क नहीं पड़ा। वो अपनी अम्मी गुलनाज और भाई जावेद के साथ मिल कर पीड़िता को दहेज़ लाने के लिए प्रताड़ित करने लगा।

शिकायत में कहा गया है कि कुछ दिन बीत जाने पर रिक्की ने एक मौलवी को बुलवाया और पीड़िता पर इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाया। नावेद ने पीड़िता का नाम नाज़िया रख दिया और उसे उसी नाम से बुलाने लगे। पीड़िता का कहना है कि मुस्लिम ना बनने पर नावेद ने उसे को जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसके साथ ही उसकी माँ का गला काटने की भी धमकी दी।

रिक्की और उसके घर वालों की प्रताड़ना से दुखी हो कर पीड़िता गाजियाबाद स्थित अपने मायके में आ कर रहने लगी। आरोप है कि 2 नवंबर 2023 को रिक्की अपने कुछ साथियों के साथ पीड़िता के मायके में आ धमका। यहाँ रिक्की ने अपनी सास का गला काटने की कोशिश की। बाद में वो धमकी देते हुए साथियों संग फरार हो गया। 19 नवंबर (रविवार) को रिक्की फिर से पीड़िता के मायके पहुँचा। यहाँ उसने पीड़िता से मारपीट की। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग जुटे और रिक्की को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया।

20 नवंबर को पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने नावेद उर्फ़ रिक्की के खिलाफ IPC की धारा 419, 420, 498- A, 323, 504 और 506 के साथ दहेज़ प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धारा 3/4 के साथ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म सम्परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 की धारा 3/5(1) के तहत केस दर्ज कर लिया। इस मामले में नावेद के साथ उसकी अम्मी गुलनाज और जावेद को नामजद करते हुए 2 अन्य अज्ञात पर कार्रवाई की है। नावेद को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में आगे की जाँच और कार्रवाई की जा रही है।

जिसे तलाक दिया वो भी थी हिन्दू

ऑपइंडिया ने विस्तृत जानकारी के लिए पीड़िता से बात की। पीड़िता ने अपनी पहचान उजागर न करने की माँग करते हुए उसने दावा किया कि नावेद उससे पहले भी एक हिन्दू लड़की से निकाह कर चुका है, जो दिल्ली में भजनपुरा इलाके की रहने वाली है। नावेद ने अपनी पहली हिन्दू बीवी को इस्लाम कबूल करवाया और बाद में उसे तलाक दे दिया था। नावेद ने अपनी पहली हिन्दू बीवी को तमन्ना नाम दिया था। पीड़िता का यह भी दावा है कि नावेद ने अपनी पहली बीवी को डरा-धमका कर रखा हुआ है, जिससे वो शिकायत दर्ज नहीं कर रही है।

दोनों बच्चों का करवा दिया खतना

पीड़िता ने ऑपइंडिया को आगे बताया कि वो नावेद से निकाह के बाद 2 बच्चों की माँ बनी थी। इनमें से वो एक बच्चे को नावेद के चंगुल से अपने एक बच्चे को छुड़वा पाई है, जबकि दूसरा बच्चा अभी भी आरोपित के परिवार वालों के पास है। दोनों बच्चे नाबालिग हैं। पीड़िता दोनों को हिन्दू ही रखना चाहती थीं और लगभग 4 माह दोनों को नावेद से बचा कर रखी थी। आरोप है कि दोनों का खतना मौका पाकर नावेद ने करवा दिया और उनके नाम भी इस्लामी मान्यताओं वाले रख दिए। पीड़िता ने अपने बच्चों को वापस दिलाने की भी गुहार लगाई।

मौलवी नावेद का दोस्त

नावेद का घर पीड़िता की रिश्तेदारी के बगल में था। यहीं दोनों की मुलाकात और बातचीत हुई थी। पहले नावेद ऑटो चलाता था। बाद में उसने पीड़िता की माँ से पैसे लेकर गाड़ियों को खरीदने-बेचने का काम शुरू किया था। जो मौलवी पीड़िता को इस्लाम कबूल करवाने के लिए बुलवाया गया था, उसे पीड़िता ने नावेद का दोस्त बताया है। ऑपइंडिया को पीड़िता ने बताया कि अभी पुलिस ने नावेद को गिरफ्तार किया है, लेकिन उसके परिवार के बाकी आरोपित व अन्य लोग नहीं पकड़े गए हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की।

जिस कप्तान ने ऑस्ट्रेलिया को जिताया वर्ल्ड कप, उसे अपने ही देश में एयरपोर्ट पर कोई पूछने तक नहीं आया: वीडियो में अकेले दिखे पैट कमिंस

ICC वनडे वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 6 विकेट से हरा दिया। तेज़ गेंदबाज पैट कमिंस की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने ये कमाल किया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस क्रिकेट मैच में 1.25 लाख से भी अधिक दर्शक पहुँचे थे। अब ऑस्ट्रेलिया की टीम ट्रॉफी के साथ अपने देश पहुँच गई है। टीम के कप्तान पैट कमिंस का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वो ऑस्ट्रेलिया के सिडनी एयरपोर्ट पर दिखाई दे रहे हैं।

हालाँकि, इस दौरान गौर करने वाली बात ये रही कि ऑस्ट्रेलियाई टीम या उसके कप्तान के स्वागत में वहाँ की जनता में कोई खास उत्साह नहीं दिखा। जैसा कि सोचा जा रहा था कि वर्ल्ड कप जीतने के बाद ऑस्ट्रेलिया की जनता बड़ी संख्या में एयरपोर्ट पर अपनी टीम का स्वागत करने आएगी, जैसा कि अक्सर भारत या अन्य देशों में विजेता टीमों एवं खिलाड़ियों के साथ देखा जाता रहा है – वैसा कुछ भी नहीं हुआ। सब कुछ एकदम शांत-शांत सा रहा।

पैट कमिंस बुधवार (22 नवंबर, 2023) की सुबह सिडनी एयरपोर्ट पहुँचे। ऑस्ट्रेलिया के लिए ये छठी ODI वर्ल्ड कप जीत है। 30 वर्षीय कप्तान के स्वागत में इस दौरान बस कुछ मीडियाकर्मी ही मौजूद थे, आम लोगों का कोई अता-पता नहीं था। इसके उलट भारत में क्रिकेटरों का भव्य स्वागत होता रहा है। IPL में जीत के बाद भी उस टीम के गृह राज्य में भव्य स्वागत होता है। जबकि ताज़ा वीडियो में देखा जा सकता है कि पैट कमिंस के स्वागत के लिए वहाँ सिर्फ एक अधिकारी होता है जो उनसे हाथ मिलाता है और फिर उनके साथ जाता है।

इस दौरान पैट कमिंस अपनी ट्रॉली और बैग खुद लेकर जाते हुए दिख रहे हैं। वर्ल्ड कप के पहले 2 लीग मैचों में हार के बाद ऑस्ट्रेलिया बैकफुट पर रही, लेकिन उसके बाद कंगारू टीम ने लगातार जीत पर जीत दर्ज की और चैंपियन का ख़िताब अपने नाम किया। अब पैट कमिंस का इस जीत के बावजूद उनके देश में स्वागत न होने पर लोग कह रहे हैं कि वो कैब बुक कर के चुपचाप अपने घर चले गए होंगे। मैच से पहले पैट कमिंस ने कहा था कि एक बड़ी भीड़ को चुप कराने ज़्यादा संतोषजनक कुछ नहीं होता।

‘इमरान खान अच्छा आदमी नहीं, उसे घर मत आने दो’: तलाक पर बुशरा बीबी के पूर्व शौहर ने तोड़ी चुप्पी, कहा- मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) सुप्रीमो इमरान खान पर पत्नी बुशरा बीबी के पहले पति खावर फरीद मानेका ने सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। मानेका का आरोप है कि PTI चीफ ने उनकी शादीशुदा खुशहाल जिंदगी बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। बता दें कि क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान का यह तीसरा निकाह था।

जियो न्यूज आज शाहजेब खानजादा शो में मानेका ने सोमवार (20 नवंबर, 2023) को ये खुलासे किए हैं। उनका दावा है कि इमरान ने “पीर मुरीदी” की आड़ में बुशरा बीबी के साथ उनकी शादीशुदा जिंदगी तबाह कर दी।

उन्होंने कहा, “हमारी शादी 28 साल तक चली थी। हमारी शादीशुदा जिंदगी बहुत खुशहाल थी और इमरान खान ने पीर-मुरीदी (एक दीनी उस्ताद और मुरीद के बीच का रिश्ता) की आड़ में इसे बर्बाद कर दिया।”

बताते चलें कि मुस्लिमों की पीरी मुरीदी प्रथा में मुस्लिम पीर अपने मुरीद की कोई रहस्यमयी बात बताकर खुद को सूफ़ी संतों के बराबर साबित करते हैं। बुशरा बीबी यही काम करती हैं। इसके चलते ही इमरान खान से उनकी नजदीकियाँ बढ़ी। बुशरा की बहन ने दोनों की मुलाकात करवाई थी। इमरान बुशरा के मुरीद बने तो घर में उनका आना-जाना बढ़ता गया।

मानेका ने इमरान पर आरोप लगाया कि वो उनकी रजामंदी के बगैर उनके घर आते थे और वह उनके साथ उस वक्त उनकी बीवी रही बुशरा की मुलाकात से खुश नहीं थे। उन्होंने ऐसे ही एक वाकए का जिक्र कर बताया कि एक बार उन्होंने अपने घरेलू नौकर की मदद से इमरान को घर से बाहर खदेड़ दिया था।

मानेका ने आगे कहा कि बुशरा बीबी को नवंबर 2017 में उन्होंने तलाक दिया था। इसके डेढ़ महीने बाद ही बुशरा ने इमरान से निकाह कर लिया। उन्होंने कहा कि दोनों के निकाह के बारे में उनको कोई खबर नहीं थी।

उन्होंने आगे कहा, “मुझे और मेरे बच्चों को इस निकाह के बारे में पता नहीं था। जब जियो और द न्यूज ने इसकी की खबर दी, तो मैंने इससे इनकार कर दिया।” बता दें कि इमरान खान ने जनवरी 2018 में बुशरा बीबी से निकाह किया था। उस दौरान बुशरा इद्दत में थीं।

मुस्लिमों में ये उस वक्त को कहा जाता है जब कोई औरत अपने खाबिंद से तलाक के बाद अलगाव में होती हैं। मार्च 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक, यही वजह रही कि इस निकाह को पाकिस्तानी आवाम से छिपाने के लिए इसकी तस्वीरें 18 फरवरी को जारी की गईं।

ऐसे बढ़ीं इमरान की बुशरा से नजदीकियाँ

मानेका का कहना है कि इस्लामाबाद में पीटीआई के विरोध प्रदर्शन के दौरान ही बुशरा की बहन मरियम वाटो ने और उनकी बीवी और इमरान खान की मुलाकात करवाई थी। इस मुलाकात के बाद दोनों के बीच इस्लामाबाद में अक्सर मुलाकातों का दौर चलने लगा था।

मानेका ने ये भी कहा, “मेरी अम्मी कहती थीं कि इमरान खान अच्छे इंसान नहीं हैं, उन्हें घर में मत आने दो।” दोनों के बीच के रिश्तों का खुलासा करते हुए उन्होंने बताया कि पीटीआई चीफ के कहने पर फराह गोगी ने उनकी तत्कालीन बीवी बुशरा को एक फोन नंबर दिया था। इस नंबर पर वो रात भर गुप्त तरीके से इमरान से बात करती थीं।

उनका आरोप है कि इस्लामाबाद के बानी गाला इलाके में इमरान के घर पर उनकी इजाजत के बगैर दोनों मिलते थे। मानेका ने कहा, “इमरान से निकाह करने से छह महीने पहले बुशरा बीबी मुझसे अलग हो गई और पंजाब के पाकपट्टन शहर में अपने घर चली गई। मेरे बुलाने के बाद भी घर लौटने से इनकार कर दिया।”

मानेका ने आगे बताया कि एक दिन उन्हें फराह गोगी से एक टेक्स्ट मैसेज मिला था इसमें उन्होंने ‘पिंकी’ (बुशरा बीबी का निकनेम) को तलाक देने के लिए कहा था। उन्होंने कहा, “मैं बुशरा के पास गया और उनसे पूछा कि क्या आप तलाक चाहती हैं? उसने अपना सिर झुका लिया और कोई जवाब नहीं दिया।”

बताते चलें कि फराह का पूरा नाम फरहत शहजादी है। वह बुशरा बीबी की बेस्ट फ्रेंड हैं। फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने गोगी पर मार्च 2023 में पाकिस्तान में करीबन 849 मिलियन की मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया।

उन्होंने आगे बताया कि 14 नवंबर, 2017 को फराह गोगी के जरिए ही उनकी तत्कालीन बीवी ने उन्हें को तलाक के कागजात भेजे थे। उन्होंने कहा कि बाद में फराह गोगी और पीटीआई चीफ के करीबी सहयोगी जुल्फी बुखारी ने उनसे कागजात पर तलाक की तारीख बदलने और चुप रहने के लिए कहा क्योंकि इमरान खान प्रधानमंत्री बनना चाहते थे।

हमास ने 50 महिला-बच्चे बंधकों को रिहा करने का रखा प्रस्ताव, इजरायल ने 4 दिन के लिए किया सीजफायर: नेतन्याहू बोले- आतंकी संगठन के खात्मे तक ऑपरेशन जारी रहेगा

इस्लामी आतंकी संगठन हमास द्वारा 7 अक्टूबर 2023 को आतंकी हमले के बाद इजरायली कार्रवाई से फिलिस्तीन सहम गया है। अब हमास ने इजरायल के 50 बंधकों को छोड़ने का निर्णय लिया है। जिन लोगों को हमास छोड़ेगगा, उनमें सारे महिलाएँ और बच्चे हैं। इजरायल की युद्ध कैबिनेट ने इस सम्बन्ध में 4 दिन के सीजफायर को मंजूरी दी है।

गाजा से रिहा होने वालों में 3 अमेरिकी नागरिक भी हैं। हमास द्वारा लोगों को रिहा करने की घोषणा के बाद इजरायल ने भी कुछ फिलितीनियों को रिहा करने का निर्णय लिया है। इजरायल ने यह भी कहा है कि वह प्रत्येक 10 बंधकों के छोड़े जाने पर सीजफायर 1 दिन के लिए बढ़ा देगा।

अमेरिका ने भी इस सीजफायर की पुष्टि की है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन ने इस सीजफायर का स्वागत किया है। बंधकों के छोड़े जाने की प्रक्रिया बृहस्पतिवार (23 नवंबर 2023) से शुरू होने की संभावना है। यह भी आशा जताई जा रही है कि 50 से अधिक लोग भी छोड़े जा सकते हैं।

इजरायल और हमास के बीच यह सीजफायर मुस्लिम देश क़तर की मध्यस्थता से हुआ है। इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने भी इस समझौते की पुष्टि की है। हमास ने कहा है कि इस डील में इजरायल की जेलों में बंद 150 फिलिस्तीनियों को छोड़ने की बात हुई है। अब इजरायल 4 दिन तक अपना सैन्य ऑपरेशन रोकेगा और हमास भी आतंकी हमला नहीं करेगा। इस बीच गाजा में राहत सामग्री भी भेजने को अनुमति मिल गई है।

यह सीजफायर अस्थाई है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि अभी युद्धविराम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, “हम युद्ध लड़ रहे हैं और युद्ध लड़ते रहेंगे, जब तक हमारे सभी लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते। हमारा लक्ष्य है कि हमास को खत्म किया जाए, हमारे सभी नागरिकों को छुड़वाया जाए और गाजा में इजरायल के लिए खतरे का कोई निशान तक ना बचा रहे।”

गौरतलब है कि इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को गाजा से इजरायल पर अचानक हमला कर दिया था। इसमें 1,400 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। वहीं, बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए थे। हमास ने इजरायल के भीतर से 230 से अधिक लोगों को बंधक भी बना लिया था।

इसके बाद इजरायल ने हमास के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर दिया और तब से गाजा पर बमबारी कर रहा है। इजरायल ने गाजा में थल सेना भी भेजा है। गाजा में अब तक 13,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। हाल ही में बंधकों के परिजनों ने प्रदर्शन करके इजरायली सरकार से माँग की थी कि वे उनके परिजनों को हमास से मुक्त करवाएँ। इसी क्रम में यह सीजफायर हुआ है।

‘पाकिस्तान के प्लेयर्स को हजम नहीं हो रहा तो मैं क्या करूँ’: मोहम्मद शमी ने ‘एक्स्ट्रा लेयर बॉल’ पर धोया, कहा- सुधर जाओ, वसीम अकरम का भी किया जिक्र

क्रिकेट वर्ल्ड कप में सर्वाधिक विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज मोहम्मद शमी ने पाकिस्तान के बड़बोले खिलाड़ियों को सुधर जाओ का संदेश दिया है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर की मूर्खता पर दुख जताया। उनसे वर्ल्ड कप में भारतीय गेंदबाजों को एक्स्ट्रा लेयर वाली बॉल मिलने के दावे को लेकर सवाल किया गया था।

स्पोर्ट्स फैशन ब्रांड प्यूमा (Puma) के साथ बातचीत में मोहम्मद शमी ने कहा, “मैं कई दिन से सुने जा रहा था, जब से वर्ल्ड कप चल रहा था। पहले तो मैं खेल नहीं रहा था। जब मैं खेला तो 5 विकेट लिए, नेक्स्ट मैच में 4 विकेट लिए, फिर 5 विकेट लिए। कुछ पाकिस्तान के प्लेयर्स को हजम नहीं हो रही ये बात, अब मैं क्या करूँ?”

उन्होंने कहा “उनके (पाकिस्तानी) दिमाग में ये है कि हम बेस्ट हैं, भाई बेस्ट वो होता है जो टाइम पर परफॉर्म करे। मैं उसी को मानता हूँ जो हार्ड वर्क करे, टाइम पर परफॉर्म करे और अपनी टीम के लिए खड़ा रहे। आप उसमें कंट्रोवर्सी बनाए चले जा रहे हो। तुम्हें बॉल कुछ और कलर की मिली, कुछ कम्पनी की बॉल मिल रही है, ICC ने तुम्हें अलग से दे दिया, सुधर जाओ यार, ये क्या है?” आप यह बातचीत नीचे लगे वीडियो में 38 से 45 मिनट के बीच सुन सकते हैं।

दरअसल, वर्ल्ड कप के दौरान मोहम्मद शमी और अन्य भारतीय गेंदबाजों शानदार प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी हसन रजा ने कहा था कि मोहम्मद शामी, मोहम्मद सिराज या जसप्रीत बुमराह अगर सीम या स्विंग करा पा रहे हैं तो इसकी वजह है उनको दी जाने वाली अलग तरह की गेंद। उनके अनुसार इस अलग तरह की गेंद पर कुछ एक्स्ट्रा लेयर या एक्स्ट्रा कोटिंग की गई थी।

4 मिनट के अपने जवाब में हसन रजा ने कहा कि मोहम्मद शामी, मोहम्मद सिराज या जसप्रीत बुमराह जिस तरह से बॉल फेंक रहे हैं, वो एलन डोनल्ड की याद दिला रहा और इसके पीछे वजह यह है कि इनको अलग तरह की गेंद दी जा रही है। हसन के मुताबिक इसके पीछे अंपायर या ICC या BCCI किसी का भी हाथ हो सकता है।

इस दावे को लेकर सवाल पूछे जाने पर मोहम्मद शमी ने पाकिस्तान के पूर्व गेंदबाज वसीम अकरम का भी जिक्र किया। अकरम ने भी हसन रजा और पाकिस्तानी फैन्स को इन दावों पर फटकार लगाई थी। उन्होंने बताया था कि अंतरराष्ट्रीय मैच में कैसे गेंद का चुनाव होता है।

शमी ने हसन रजा के दावे पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि यदि आप खिलाड़ी न हो। इस स्तर पर आपने खेला नहीं हो। फिर इस तरह के दावे समझ भी आते हैं। लेकिन जब आप पूर्व खिलाड़ी होकर ऐसी बातें करेंगे तो मुझे लगता है कि लोग हँसने के अलावा कोई और काम नहीं करेंगे।

साथ ही उन्होंने दूसरों की सफलता को इंजॉय करने की सीख भी दी। उन्होंने कहा, “मैं तो किसी को ब्लेम नहीं करता हूँ, मैं तो दुआ करता हूँ कि और 10 लोग ऐसा प्रदर्शन करें। मुझे तो कभी जलन होती नहीं। यदि आप दूसरे की सफलता को इंजॉय करना सीख लोगे तो मुझे लगता है कि काफी बेहतर खिलाड़ी बनोगे।” शमी ने इंटरव्यू के दौरान पत्नी हसीन जहाँ के साथ विवाद और मानसिक तनाव पर भी बात की। अपनी क्रिकेट यात्रा के बारे में भी बताया। मोहम्मद शमी ने वर्ल्ड कप 2023 में 24 विकेट लिए हैं। उन्हें ICC की टीम में भी शामिल किया गया है।

अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस आया और चला गया… आखिर परिवार-समाज-देश के लिए खपते पुरुष भाइयों को लेकर चुप्पी क्यों?

8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस आता है और इसे लेकर तमाम विमर्श गढ़े जाते हैं, तमाम प्रोग्राम्स आयोजित किए जाते हैं और इसके साथ ही ऐसी पीड़ा का विमर्श तैयार होता है, जहाँ पर किसी और के लिए कोई स्थान नहीं है। इसमें हर पुरुष को दोषी ठहरा दिया जाता है। उनकी आत्माओं पर वेदनाओं का बोझ बताकर तमाम पुरुषों को उसका उत्तरदायी ठहरा दिया जाता है।

मगर 8 मार्च के कुछ ही महीने बाद आने वाला अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस आता है और चुपचाप विदा ले जाता है। ऐसे विदा लेता है, जैसे वह मायने ही नहीं रखता है। उसका मायने न रखना ही हमारे लिए सबसे अधिक दुखदायी है। पूरे समाज के लिए यह चुप्पी बहुत खलने वाली है क्योंकि समानता का जो द्वन्द्व आज प्रस्तुत किया जा रहा है, उसमें पुरुष को अनावश्यक ही खलनायक बनाया जा रहा है।

जिन भारतीय पुरुषों ने अपनी मातृभूमि और माँ के लिए अपने जीवन का बलिदान कर दिया, न जाने कितने पुरुषों के सिरों की मीनारें इसी बात पर बना दी गई थीं क्योंकि उन्होंने धर्म परिवर्तन से इनकार कर दिया था और अपनी स्त्रियों का मान बचाने के लिए युद्ध का मार्ग चुना था, उन्हीं पुरुषों को विमर्श में वैसा खलनायक बनाकर पेश कर दिया जाता है, जिसने सदियों से स्त्रियों पर अत्याचार किए थे।

जबकि वह तो हर युग में सहायक बन कर खड़ा रहा। वह खड़ा रहा ऐसी छाँव बनकर, जिसके तले सभ्यता और संस्कृति अपना आकार लेती रहीं। वह मिटता रहा मगर माँ समान संस्कृति की रक्षा करता रहा।

जिन सफल महिलाओं की चर्चा होती है, उनके सहायक रहे पुरुषों की चर्चा क्यों नहीं होती है? यह प्रश्न तो पूछना ही होगा? क्यों 19 नवम्बर को जब अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस मनाया जाता है तो उन पुरुषों पर बात नहीं होती जो अपने जीवन की ही नहीं बल्कि समाज की स्त्रियों के पीछे खड़े हो गए?

जब रानी लक्ष्मीबाई की बात होती है तो क्यों उन्हें सैन्य शिक्षा दिलाने वाले पुरुषों की बात नहीं होती? जब रानी दुर्गावती या रानी अवंतिबाई की बात होती है तो उन तमाम सैनिकों की बात क्यों नहीं होती जिन्होंने उनकी एक ललकार पर अपना जीवन शत्रुओं का नाश करने के लिए बलिदान कर दिया?

जो महिला खिलाड़ी हैं, उनके कोच आदि के योगदान पर बात क्यों नहीं होती? क्या हम एक दिन के लिए भी अपने जीवन के पुरुषों का आभार व्यक्त नहीं कर सकते? क्या हम एक दिन नहीं निकाल सकते उन लाखों पुरुषों के लिए, जो चुपचाप बलिदान ही नहीं हुए बल्कि विमर्श में अपयश लेकर चल रहे हैं?

पुरुष दिवस पर समाज की इस चुप्पी को लेकर मैं बरखा त्रेहन, जो अपने पुरुष भाइयों के लिए पुरुष आयोग के माध्यम से निरंतर संघर्ष कर रही हूँ, बहुत आहत होती हूँ, बहुत दुखी होती हूँ!

बार-बार इस विमर्श में फैले अन्याय से दुखी होती हूँ, मगर फिर काम में लग जाती हूँ क्योंकि यह चुप्पी जो ठहरी है, वह टूटेगी ही एक न एक दिन! मुझे इसे लेकर पूरा विश्वास है। साल-दर-साल, मैं अपने पुरुष भाइयों के साथ खड़ी रहूँ और समाज की इस चुप्पी पर तब तक प्रश्न करती रहूँगी, जब तक वह हमारे गुमनाम नायकों पर बात नहीं करते, मैं इस लड़ाई को लड़ती रहूँगी!

‘कोई माई का लाल रोक नहीं सकता, मैंने इशारा किया तो…’: ओवैसी के ’15 मिनट’ वाले भाई ने अब भरी सभा में पुलिस को धमकाया

तेलंगाना में 30 नवंबर 2023 को विधानसभा चुनाव के लिए वोट पड़ने हैं। आदर्श आचार संहिता लागू है। लेकिन इसका पालन करने के लिए कहे जाने पर विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी ने एक भरी सभा में पुलिस निरीक्षक को धमकी दी।

अकबरुद्दीन AIMIM के मुखिया और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी के भाई हैं। 21 नवंबर 2023 की रात अकबरुद्दीन एक सभा को संबोधित कर रहे थे। प्रचार के लिए तय समय सीमा रात के 10 बजने को थे। वहाँ तैनात पुलिस निरीक्षक ने ओवैसी को इशारा कर बताया कि दस बजने वाले हैं और उन्हें अपनी सभा खत्म करनी होगी। इसी बात को लेकर वे पुलिस अधिकारी पर भड़क उठे।

अकबरुद्दीन ओवैसी अपनी विधानसभा चंद्रयानगुट्टा के ललिताबाग इलाके में यह रैली कर रहे थे। इस घटना का वीडियो वायरल है। इसमें ओवैसी को कहते हुए सुना जा सकता है कि उन्हें रोकने की हिम्मत किसी माई के लाल में नहीं है। वे कह रहे हैं कि यदि उन्होंने इशारा कर दिया तो पुलिस वाले को भागना पड़ेगा।

वीडियो में आप देख सकते हैं कि अकबरुद्दीन ओवैसी पुलिसवाले को यह कहते हुए मंच से नीचे उतरने को कहते हैं कि अभी 10 बजने में 5 मिनट बाकी हैं। वे कहते हैं, “इंस्पेक्टर साहेब, घड़ी है मेरे पास। चलिए, चलिए, चलिए। गोली, चाकू की बात सुनकर सोचे कि कमजोर हो गए हैं। अभी भी बहुत हिम्मत है, छेड़ो मत। बड़े आकर ठहरे, अभी 5 मिनट है, बोलूँगा। बोलूँगा 5 मिनट।”

आगे वे कहते हैं, “कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ मुझे रोकने के लिए। इशारा कर दिया तो दौड़ना पड़ेगा। दौड़ाएँ? मैं आपसे यही कह रहा हूँ कि ये ऐसे ही आते हैं हमारे इत्तेहाद को कमजोर करने के लिए। होशियार रहो। ये जानते हैं कि अकबरुद्दीन ओवैसी से मुकाबला करने वाला कोई नहीं है, तो ये लोग कैंडिडेट बनकर आ जाते हैं। आ जाओ, देख लेते हैं। तुम जीतते हैं या हम।”

वैसे यह पहली बार नहीं है जब ओवैसी बंधुओं ने इस तरह पुलिस को धमकी दी है। इससे पहले असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान भी पुलिसकर्मियों को धमकाया था। उन्होंने कहा था कि योगी के मठ चले जाने के बाद तुम्हें कौन बचाएगा?

गौरतलब है कि अकबरुद्दीन ओवैसी अपने विवादित बयानों को लेकर कुख्यात रहे हैं। 2012 में ऐसे ही एक बयान में उन्होंने हिंदुओं को 15 मिनट के लिए पुलिस हटा लेने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा था, “लोग मुसलमान को डरा रहे हैं। मोदी है, मोदी है, काहे का मोदी। एक बार हैदराबाद आ जाओ बता देंगे। तसलीमा नसरीन आई, कहाँ है किसी को नहीं मालूम। हम 25 करोड़ हैं, तुम 100 करोड़ है न… ठीक है तुम तो हमसे इतने ज्यादा हो… 15 मिनट पुलिस को हटा लो हम बता देंगे कि किसमें कितना दम है। एक हजार क्या? एक लाख क्या एक करोड़ नामर्द मिलकर भी कोशिश कर लें तो भी एक को पैदा नहीं कर सकते। और ये लोग हमसे मुकाबला नहीं कर सकते। जब मुसलमान भारी पड़ा तो यह नामर्दों की फौज आ जाती है।”

पंजाब में पराली जलाने वाले किसान के खेत पर पुलिस की रेड, FIR के डर से 35 साल के गुरदीप ने कर ली आत्महत्या: रिपोर्ट्स

मुकदमे के भय से पंजाब में 35 साल के एक किसान के आत्महत्या कर लेने की खबर है। मामला बठिंडा का है। मृतक की पहचान गुरदीप सिंह के तौर पर हुई है। बताया जा रहा है कि कोठा गुरुनगर गाँव का गुरदीप अपने खेत में पराली जला रहा था। पुलिस के दबिश देते ही वह घबरा गया। FIR के डर से सुसाइड कर ली। घटना 21 नवंबर 2023 की है।

गुरदीप के परिवार में माँ, पत्नी और एक साल की बेटी है। हालाँकि उसके आत्महत्या करने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गुरदीप सिंह के पास 6 एकड़ जमीन थी। वह खेती से ही अपने परिवार का गुजारा करता था। उसके परिजनों ने बताया कि कुछ दिन पहले धान की कटाई हुई थी। गुरदीप पराली को हटाकर जल्द से जल्द अपने खेतों को गेहूँ की बुवाई के लिए तैयार करना चाहता था। सोमवार (20 नवंबर 2023) को उसने पराली में आग लगा दी।

बताया जा रहा है कि जब गुरदीप पराली में आग लगा रहा था तभी वहाँ बठिंडा के प्रशासनिक अधिकारियों ने पुलिस के साथ दबिश दी। पुलिस को खेतों की तरफ आता देख गुरदीप डर के मारे वहाँ से भाग गया। परिजनों का आरोप है कि फरार होने के बाद गुरदीप को अपने खिलाफ FIR का डर था। इसी डर की वजह से उसने आत्महत्या कर ली। ग्रामीणों ने इस घटना के बाद गुरदीप के आश्रितों के लिए सरकार से मुआवजे की माँग की है।

बताते चलें कि पंजाब सरकार ने किसानों को पराली न जलाने के आदेश जारी किए हैं। इस आदेश का पालन करने वालों के खिलाफ न सिर्फ FIR दर्ज की जा रही है, बल्कि उन पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। अभी तक कई किसानों पर पराली जलाने के आरोप में केस दर्ज हो चुका है। पंजाब पुलिस के मुताबिक यह सख्ती पर्यावरण की सुरक्षा के लिए की जा रही है। खुद पुलिस के आला अधिकारी भी इस अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

‘हरियाणा से सीखें दिल्ली-पंजाब की सरकारें’: प्रदूषण पर AAP को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, CM खट्टर बोले- राजनीति की जगह समस्या का समाधान ढूँढें केजरीवाल

दिल्ली में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पंजाब सरकार खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर काबू नहीं पा सकती है। ऐसे में पंजाब की सरकार पड़ोस की हरियाणा सरकार से क्यों नहीं सीखती? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसानों को विलेन न बनाया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि किसानों के पास पराली जलाने की कुछ तो वजह होगी। एक तरफ तो पराली को जलाने में सिर्फ एक माचिस की जरूरत पड़ती है, वहीं दूसरी ओर उसके निपटान में काफी खर्च आता है।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 5 दिसंबर को सुनवाई की अगली तारीख कर दी है। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश सरकार को खुले में कूड़ा जलाने की घटनाओं पर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

हरियाणा की तारीफ, पंजाब-दिल्ली सरकारों को फटकार

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को हरियाणा सरकार की प्रशंसा की, जिसने किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। कोर्ट ने पंजाब और दिल्ली की केजरीवाल सरकार को भी हरियाणा से सीख लेने की सलाह दी और किसानों को विलेन नहीं बनाने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए कई सकारात्मक कदम उठाए हैं। सरकार ने किसानों को पराली जलाने के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया है, इसके लिए उन्हें आर्थिक प्रोत्साहन भी दिया है और पराली जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पंजाब और दिल्ली सरकारों को भी हरियाणा से सीख लेनी चाहिए और किसानों को विलेन नहीं बनाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि किसानों को पराली जलाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। सरकारों को किसानों को पराली को उर्वरक के रूप में इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि पंजाब डीजल, मैनपावर आदि को फायनेंस क्यों नहीं कर सकता और बाई-प्रोडक्ट का उपयोग क्यों नहीं कर सकता। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का एक प्रमुख कारण पराली का जलना है। सरकारों को इस समस्या को हल करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

कोर्ट ने कहा कि पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण से लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। सरकारों को इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए और इसके लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की है कि पंजाब सरकार की रिपोर्ट में बताया गया है कि स्थानीय थानों के एसएचओ ने किसानों के साथ 8481 बैठकों का आयोजन किया। किसानों को पराली न जलाने के लिए कहा, इसके बावजूद पराली जलाने की घटनाएँ हो रही हैं।

यही नहीं, पंजाब में पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ 984 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसके साथ ही 2 करोड़ रुपए से अधिक का पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया है, जिसमें से 18 लाख रुपए की वसूली की जा चुकी है। फिर भी ये क्यों नहीं रुक रही? सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि किसानों को खलनायक बनाया जा रहा है और यहाँ अदालत में उनकी बात नहीं सुनी जा रही है।

हरियाणा के सीएम बोले- राजनीति करने की जगह समस्या का समाधान ढूँढे पंजाब

सुप्रीम कोर्ट द्वारा हरियाणा की प्रशंसा के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का भी बयान आया है। CM मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि हमारी तरह पंजाब को भी इस मुद्दे पर जरूरी उपाय करने चाहिए। हरियाणा में हम किसानों को हर तरह की मदद कर रहे हैं, ताकि वे पराली न जलाएँ और किसानों ने पराली जलाना बंद भी कर दिया है। खट्टर ने कहा कि मैं हरियाणा के किसानों को धन्यवाद देता हूँ कि उन्होंने इसे रोका। ये मुद्दा राजनीति का नहीं है, ये बात दिल्ली के मुख्यमंत्री को भी समझनी चाहिए। उन्हें राजनीतिक बयानबाजी करने की जगह इस समस्या को हल करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

पूरे कालीघाट मंदिर परिसर का जीर्णोद्धार करेगा रिलायंस, लौटेगा पुराना वैभव: मुकेश अम्बानी का ऐलान – 2030 तक भारत बन जाएगा $10 ट्रिलियन इकॉनमी

मुकेश अम्बानी पश्चिम बंगाल स्थित कालीघाट मंदिर को उसका पुराना गौरव दिलाएँगे। उन्होंने मंदिर के जीर्णोद्धार की योजना का ऐलान किया है। ‘रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL)’ के प्रबंध निदेशक (MD) एवं चेयरमैन मुकेश अम्बानी ने मंगलवार (21 नवंबर, 2023) को जानकारी दी कि उनकी कंपनी पश्चिम बंगाल में अब तक 45,000 करोड़ रुपए का निवेश कर चुकी है और अगले 3 वर्षों में 20,000 करोड़ रुपए का और निवेश किया जाएगा।

विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर’ में आयोजित ‘बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट’ (BGBS) के 7वें संस्करण के आयोजन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कोलकाता स्थित कालीघाट मंदिर के जीर्णोद्धार और नवीकरण का जिम्मा ‘रिलायंस फाउंडेशन’ उठाएगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के पुराने वैभव को वापस लाने में सहभागी बनने के लिए ‘रिलायंस फाउंडेशन’ प्रतिबद्ध है। उन्होंने पश्चिम बंगाल को कलात्मक एवं आध्यात्मिक विरासत की भूमि करार देते हुए कहा कि ये अनमोल है।

भारत के सबसे अमीर शख्स ने ऐलान किया कि ‘रिलायंस फाउंडेशन’ पूरे के पूरे कालीघाट मंदिर परिसर की मरम्मत और उसके पुराने वैभव को वापस लाने का उच्चाकांक्षी बीड़ा उठाया है। इसमें सदियों पुरानी संरचना भी शामिल है। वहाँ उपस्थित लोगों से मुकेश अम्बानी ने कहा कि ये परियोजना उनके और उनकी पत्नी नीता अम्बानी के हृदय के उतने ही करीब है, जितना आपलोगों के। उन्होंने इस मौके के लिए धन्यवाद भी दिया। उन्होंने पश्चिम बंगाल को रिलायंस के लिए सबसे बड़ा निवेश स्थल करार दिया।

उन्होंने इस दौरान ये भी घोषणा की कि रिलायंस Jio ने कोलकाता में शत प्रतिशत कवरेज का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। वहीं पूरे पश्चिम बंगाल को ले लें तो ये आँकड़ा 98.8% है। उन्होंने बताया कि JioMart देश भर में अब तक 5.50 लाख किराना दुकानों तक पहुँच चुका है। उन्होंने भारत को सबसे बड़ा बायो-एनर्जी उत्पादक बताते हुए कहा कि देश ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा दे रहा है। मुकेश अम्बानी ने बताया कि ‘रिलायंस रिटेल’ के 1100 स्टोर पश्चिम बंगाल में बन चुके हैं।

उन्होंने किसानों को ‘अन्नदाता’ और ‘ऊर्जादाता’ बताते हुए कहा कि रिलायंस कॉम्प्रेश्ड बायोगैस प्लांट्स (CBP) लगा रहा है जिससे उनकी आय बढ़े। अगले 3 वर्षों में 100 CBG प्लांट्स स्थापित करने की योजना है। इससे 55 लाख टन कृषि एवं ऑर्गेनिक कचरे की प्रोसेसिंग होगी। उन्होंने दावा किया कि सन् 2030 तक भारत 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा। भारत के पारंपरिक आर्ट्स एवं क्राफ्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए रिलायंस ने ‘स्वदेश’ को लॉन्च किया है, जो विदेशों में भी काम करेगा।