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UN में भारत ने कनाडा को धोया, मंदिरों पर हमले के लिए घेरा: बांग्लादेश और श्रीलंका ने भी लताड़ा

भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की रिव्यू मीटिंग में कनाडा को जमकर फटकार लगाई है। यही नहीं, भारत ने कनाडा को आईना दिखाते हुए उसके खिलाफ प्रस्ताव भी पेश किया है। अकेले भारत ही नहीं, बांग्लादेश और श्रीलंका ने भी इस मामले में भारत का साथ दिया और कनाडा को कटघरे में खड़ा किया। साथ ही भारत ने प्लेस ऑफ़ वर्शिप का मुद्दा उठाते हुए कनाडा को धार्मिक स्थानों पर हमले के लिए भी कटघरे में खड़ा किया।

बता दें कि ये तीनों ही देश अतीत में भी कनाडा को घेरते रहे हैं। कुछ समय पहले ही बांग्लादेश और श्रीलंका ने कनाडा को जमकर धोया था और अब संयुक्त राष्ट्र में मानवाधिकार के मामलों को लेकर सबसे बड़े मंच पर कनाडा को बेपर्दा कर दिया है।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की समीक्षा बैठक के दौरान भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका के राजनयिकों ने अपनी कूटनीटिक एकता की मिशाल पेश करते हुए कनाडा को बेपर्दा कर दिया। भारत ने कनाडा में पूजा स्थलों पर हमलों को रोकने, घृणा फैलाने वाले भाषणों पर प्रभावी रोक लगाने की माँग करने वाली कूटनीतिक प्रस्ताव रखा, जिस पर श्रीलंका और बांग्लादेश ने भी कनाडा को जमकर खरी-खोटी सुनाई। भारत के इस काम को कूटनीतिक स्तर पर बड़ा प्रभावी कदम माना जा सकता है।

भारतीय राजनयिक मोहम्मद हुसैन ने परिषद की बैठक में कनाडा के नेशनल हाउसिंग स्ट्रेटजी एक्ट और एक्सेसिबल कनाडा एक्ट को लेकर विशेष रुप से अपनी बात रखी। भारत ने यह भी सिफारिश की कि कनाडा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दुरुपयोग, विशेषकर हिंसा भड़काने को रोकने के लिए अपने घरेलू ढाँचे को मजबूत करे।

इसके अतिरिक्त, भारत ने कनाडा से चरमपंथ को बढ़ावा देने वाले समूहों की गतिविधियों को अस्वीकार करने, धार्मिक और नस्लीय अल्पसंख्यकों के पूजा स्थलों पर हमलों को रोकने और घृणा फैलाने वाले अपराधों और नफरत भरे भाषणों पर रोक लगाने का आग्रह किया। भारत ने कनाडा से नस्लीय हिंसा को भी रोकने की अपील की और उसे अपने सुझाव के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में शामिल किया।

बांग्लादेश और श्रीलंका ने भी कनाडा को लगाई फटकार

वहीं, बांग्लादेश के राजनयिक अब्दुल्ला अल फोरहाद ने कनाडा से नस्लवाद, हेट स्पीच, हेट क्राइम और प्रवासियों और मुस्लिम अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव से निपटने के अपने प्रयासों को तेज करने का आग्रह किया। अल फोरहाद ने कहा कि मानवाधिकार के मामलों में कनाडा के सहयोग के बावजूद काफी कुछ किया जाना बाकी है। बांग्लादेश ने अपनी सिफारिशों में ‘नस्लवाद, हेट स्पीच, हेट क्राइम और प्रवासियों और मुस्लिम अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव से निपटने के अपने प्रयासों को तेज करने’ की माँग की। साथ ही प्रवासियों, श्रमिकों और उनके परिवारों के सदस्यों के अधिकारों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया।

श्रीलंकाई राजनयिक थिलिनी जयासेकरा ने भी कनाडा को सभी प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा पर कन्वेंशन में शामिल होने, आप्रवासियों के अधिकारों को प्रभावित करने वाले नस्लीय भेदभाव के खिलाफ उपाय करने, अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ फेक न्यूज़ का मुकाबला करने, व्यापक रिपोर्टिंग और पालन के लिए अपने राष्ट्रीय तंत्र को मजबूत करने की सिफारिश की। श्रीलंका ने कुछ मामलों में कनाडा को जमकर घेरा। इसमें नस्लीय भेदभावों का मामला भी शामिल रहा।

तीनों देश पहले भी कनाडा को दिखा चुके हैं आईना

भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका पहले भी कनाडा को खालिस्तानी आतंकवाद और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के मुद्दे पर आईना दिखा चुके हैं। भारत ने कनाडा में खालिस्तानी आतंकवादियों को पनाह देने के लिए कड़ा विरोध किया था। भारत ने कनाडा से खालिस्तानी आतंकवादियों को प्रत्यर्पण करने का आग्रह किया था। इस मामले में बांग्लादेश ने कनाडा में अल्पसंख्यकों के अधिकारों के मुद्दे पर कड़ा विरोध किया था।

बांग्लादेश ने कनाडा से अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए कदम उठाने का आग्रह किया था। वहीं, 2023 में ही श्रीलंका ने कनाडा में अल्पसंख्यकों के अधिकारों के मुद्दे पर कड़ा विरोध किया था। श्रीलंका ने कनाडा से अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए कदम उठाने का आग्रह किया था।

निज्जर की मौत के बाद से तनाव, राजनयिक संकट जारी

बता दें कि कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से दोनों देशों में राजनयिक तनाव बढ़ा है। भारत और कनाडा ने एक-दूसरे के राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था। इस मामले में कनाडा ने भारत पर विएना कन्वेंशन के उल्लंघन का आरोप लगाया था, जिसपर भारत ने करारा जवाब दिया था।

भारत ने कहा था कि कनाडा के राजनयिकों की भारत में संख्या सीमा से अधिक है और वो भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहे हैं। इस मामले में भारत के विदेश मंत्रालय ने कनाडा को आड़े हाथों लिया था। इसके बाद वीजा सेवाएँ भी रुक गई थी, लेकिन अब सीमित मात्रा में वीजा सेवाएँ शुरू हो गई हैं।

UNHRC में कनाडा की बेईज्जती

UNHRC की बैठक में भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका के कड़े विरोध के कारण कनाडा बेनकाब हो गया, जिसकी वजह से कनाडा को अपनी मानवाधिकार प्रतिबद्धताओं पर सवालों का सामना करना पड़ा। यूएनएचआरसी जैसे मंच पर इस तरह की बेईज्जती से कनाडा की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुँचा है। यह दर्शाता है कि कनाडा की मानवाधिकार प्रतिबद्धताओं के प्रति विश्व समुदाय में संदेह है।

बिहार के अशफाक आलम ने केरल में 5 साल की बच्ची का किया रेप, हत्या कर नाले में फेंका: 110 दिन में कोर्ट ने सुनाई फाँसी की सजा

केरल के एक कोर्ट ने अशफाक आलम नाम के एक व्यक्ति को एक पाँच साल की बच्ची का अपहरण करके उसके बलात्कार और हत्या करने के दोष में फाँसी की सजा सुनाई है। 28 वर्षीय अशफाक ने 28 जुलाई, 2023 को एर्नाकुलम के अलुवा से एक बच्ची का अपहरण किया था और उसका बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी।

अशफाक ने बच्ची की टीशर्ट से ही उसका गला कस दिया था और उसकी लाश को फेंक दिया था। बच्ची के शरीर पर चोट के गंभीर निशान मिले थे। अब इस मामले में कोर्ट ने अशफाक को दोषी ठहराते हुए फाँसी की सजा सुनाई है और ₹7.7 लाख का जुर्माना भी लगाया है।

अशफाक पर हत्या, अपहरण समेत POCSO के अंतर्गत मामले दर्ज किए गए थे। कोर्ट का यह निर्णय POCSO लागू होने के 11 वर्ष पूरे होने की तिथि पर आया है। इस मामले को केरल की पुलिस ने प्राथमिकता पर रखते हुए जल्द ही ट्रायल चालू करवाया था और आज इसका निर्णय भी आ गया।

बता दें कि बच्ची के बलात्कार और हत्या का दोषी अशफाक आलम बिहार का रहने वाला है। उसने जिस बच्ची की हत्या की उसके माता-पिता भी बिहार से ही केरल काम करने के लिए गए हुए थे। बच्ची के पिता यहाँ जिप्सम बोर्ड लगाने का काम करते हैं।

28 जुलाई की शाम को अशफाक आलम बच्ची को अपने साथ ले गया और उसका बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या कर दी। अशफाक आलम ने बच्ची के शव पर पत्त्थर रख कर उसे एक नाले में डाल दिया। पुलिस ने जब अशफाक को पकड़ा तो वह उन्हें गुमराह करने लगा। हालाँकि, पुलिस ने इस मामले में जल्द से जल्द सबूत इकट्ठा करके अशफाक को सजा दिलवा दी।

यह निर्णय अपराध के 110 दिनों के भीतर आया है। हालाँकि, अशफाक की दोषसिद्धि 100वें दिन ही हो गई थी। मामले का निर्णय सुनाए जाने के समय अशफाक आलम के अब्बा और अम्मी मौके पर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि उनके बेटे के कृत्य के लिए फाँसी से कम कुछ भी नहीं होना चाहिए।

केरल के एडीजीपी एम अजीतकुमार ने कहा कि पुलिस का इस मामले को गंभीरतम सिद्ध करना अशफाक को फाँसी दिलाने में सहायक रहा। उन्होंने इस मामले की जाँच को 30 दिनों में पूरा करने वाले पुलिसकर्मियों की भी प्रशंसा की।

अजीत कुमार ने यह भी बताया कि अशफाक का यह कोई पहला ऐसा अपराध नहीं था बल्कि वह दिल्ली और बिहार में ऐसा ही कर चुका था। हालाँकि, यहाँ वह बचा रहा था लेकिन केरल में उसे गिरफ्तार करके सजा दिलवाई गई है। अलुवा बाजार में काम करने वाले एक व्यक्ति ने जो इस मामले का गवाह भी था, अशफाक को फाँसी मिलने पर मिठाई बाँटी।

वहीं राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा है कि ऐसे मामलों में फाँसी की सजा इस तरह के अपराध करने वालों के लिए चेतावनी का काम करेंगी। विजयन ने कहा है कि बच्ची के माता पिता के दुख को कम नहीं किया जा सकता लेकिन राज्य सरकार उनकी पूरी तरीके से सहायता करेगी।

बीवी-बच्ची के रहते दूसरी महिला के साथ रहने लगा, हाई कोर्ट ने माना अपराध: कहा- बिना तलाक लिए लिव इन में रहना दूसरी शादी जैसा

पंजाब हाई कोर्ट ने बिना तलाक दूसरी महिला के साथ लिव इन में रहने को अपराध बताया है। साथ ही अदालत ने लिव इन में रहने वाले जोड़े की पुलिस सुरक्षा की अपील भी ठुकरा दी है। अदालत ने कहा है कि बगैर तलाक शादीशुदा मर्द का दूसरी औरत के साथ लिव इन में रहना दूसरी शादी जैसा है।

जस्टिस कुलदीप तिवारी ने लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे पटियाला के जोड़े की याचिका ठुकराते हुए कहा कि आईपीसी की धारा 494/495 के तहत द्विविवाह अपराध है। कोर्ट ने पाया कि पुरुष याचिकाकर्ता पहले से शादीशुदा है और उसकी दो साल की बेटी भी है।

याचिका खारिज करते जस्टिस तिवारी ने कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि व्यभिचार के किसी भी आपराधिक मुकदमे से बचने के इरादे से यह याचिका दायर की गई। याचिका के पीछे का असली इरादा अपने आचरण पर अदालती मान्यता हासिल कर लेना है।”

याचिका में लिव इन में रह जोड़े ने अदालत से सुरक्षा माँगते हुए कहा था कि उनके रिश्ते की वजह से उन्हें जान का खतरा है। लेकिन कोर्ट ने कहा कि पति/पत्नी से तलाक लिए बगैर एक साथ रहने वाले जोड़े को ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ में रहने या विवाह के तौर पर मान्यता नहीं दी जा सकती है।

हाई कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता अपनी पहली पत्नी से कानूनी तौर पर तलाक लिए बगैर ही दूसरी महिला के साथ रह रहा है। इस वजह से उसकी पहली शादी का अस्तिव अभी बना हुआ है। कोर्ट ने कहा महिला (लिव इन पार्टनर) के साथ याचिकाकर्ता पुरुष वासनापूर्ण जीवन जी रहा है। आईपीसी की धारा 494/495 के तहत यह दूसरी शादी करने जैसा अपराध माना जाएगा। इसमें जुर्माने के साथ अधिकतम सात साल की सजा हो सकती है।

इस जोड़े ने हाई कोर्ट को दी याचिका में कहा था कि वे सितंबर 2023 से ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ में हैं। पुरुष साथी के परिवार ने उनके रिश्ते को मान लिया है, लेकिन महिला साथी के रिश्तेदार इसके विरोध में हैं। जोड़े को उनकी तरफ से धमकियाँ दी जा रही है। अपनी सुरक्षा और स्वतंत्रता के लिए इस जोड़े ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाई कोर्ट ने इस जोड़े के जान को खतरा होने के दावों को निराधार करार दिया।

दिवाली मना रहे हिन्दुओं पर खालिस्तानियों ने बरसाए पत्थर, फेंका कूड़ा: लगातार दूसरे साल कनाडा में उपद्रव, वीडियो वायरल

कनाडा में हिन्दू घृणा दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। कनाडा के मिसीसागा शहर में वेस्टवुड शॉपिंग माल की पार्किंग में दिवाली मना रहे हिन्दुओं पर खालिस्तानियों ने पत्थर बरसाए हैं। खालिस्तानियों की इस कारस्तानी के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

खालिस्तानियों ने इस दौरान शान्ति से दिवाली मना रहे लोगों पर पत्थर बरसाने के साथ ही कूड़ा भी फेंका। उन्होंने इस दौरान हो हल्ला करने के साथ ही ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए। लगातार दूसरे वर्ष ऐसा हुआ है कि खालिस्तानियों ने दिवाली मनाने वालों को परेशान किया है।

स्थानीय पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें इस इलाके में कुछ हंगामे की सूचना मिली थी। इलाके के स्थानीय नेताओं ने इस दौरान पुलिस की ढीली-ढाली कार्रवाई की आलोचना की है। उन्होंने खालिस्तानियों के हंगामे का वीडियो भी एक्स (पहले ट्विटर) पर डाला है। जिस इलाके में खालिस्तानियों ने हमला किया है वहाँ बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय रहता है।

पुलिस ने इस मामले में सोशल मीडिया एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट डालकर कहा है कि वह वेस्टवुड मॉल की पार्किंग में हुई घटना की जाँच कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि वह शहर के प्रशासन के साथ मिलकर इस मामले में आगे की कार्रवाई करेंगे।

वर्ष 2022 में भी दिवाली के दिन खालिस्तानियों ने भारतीयों पर हमला किया था। यह घटना भी इसी मिसीसागा शहर में हुई थी। इस दौरान खालिस्तान का समर्थन करने वाले समूहों ने हिन्दुओं को परेशान किया था और ‘राज करेगा खालसा’ जैसे नारे लगाए थे।

गौरतलब है कि कनाडा में हिन्दू मंदिरों पर भी लगातार हमले होते आए हैं। अब हिन्दुओं को दिवाली

ना मनाने देना, कनाडा में बढ़ती असहिष्णुता का नया उदाहरण है। बता दें कि भारत और कनाडा के सम्बन्ध सितम्बर माह से ही खराब हैं। सितम्बर में कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर एक खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप लगाया था जिसका भारत ने कड़ा राजनयिक जवाब दिया था।

कितनी बार भारत पहुँचा वर्ल्ड कप के सेमीफइनल में, कैसा रहा है रिकॉर्ड: न्यूजीलैंड से बड़े मैच से पहले जान लीजिए ये बातें, वानखेड़े में क्या होनी चाहिए रणनीति

15 नवम्बर 2023 को विश्वकप 2023 का पहला सेमीफाइनल मुकाबला है। यह मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में दोपहर 2 बजे से खेला जाएगा। यह मैच तय करेगा कि भारत इस बार विश्वकप का फाइनल खेलेगा कि नहीं।

वर्तमान विश्वकप 2023 को मिलाकर अब तक कुल एक दिवसीय विश्वकप आयोजित किए गए हैं। इनमें से 8 बार भारत सेमीफाइनल मुकाबलों में पहुँचने में कामयाब रहा है। हालाँकि, इनमें से जीत मात्र तीन मुकाबलों में हासिल हुई है। 4 में हार का सामना करना पड़ा है और 1 का निर्णय कल के मैच से आएगा। भारत ने जो तीन सेमीफाइनल जीते हैं, उनमें से 2 बार फाइनल मुकाबला भी जीतने में कामयाब रहा है।

भारत पहली बार वर्ष 1983 में सेमीफाइनल तक पहुँचा था। यह मुकाबला भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। इस मैच में सफल होने के बाद भारत ने विश्वकप भी जीता था। यह भारत द्वारा जीता गया पहला विश्वकप था।

इसके पश्चात भारत 1987, 1996 और 2003 में सेमीफाइनल में पहुँचा। 2003 में भी भारत जीतकर फाइनल में पहुँचने में सफल रहा था लेकिन ऑस्ट्रेलिया से हार गया था। 2003 में भारत केन्या को हराकर फाइनल में पहुँचा था। इसके पश्चात 2007 के विश्वकप में भारत पहली स्टेज से ही बाहर हो गया था। हालाँकि, 2011, 2015 और 2019 में भारत सेमीफाइनल में पहुँचने में सफल रहा है। भारत ने वर्ष 2011 में विश्वकप दोबारा जीता था। 2011 में भारत ने पाकिस्तान को हराया था।

2015 में भारत सेमीफाइनल ऑस्ट्रेलिया से जबकि 2019 में न्यूजीलैंड से हार गया था। चार साल बाद दोनों टीमें फिर सेमीफाइनल मुकाबले में आमने-सामने हैं। इस मुकाबले के रोमांचक होने की आशा की जा रही है क्योंकि भारत पूरे विश्वकप में अविजित रहा है। यदि भारत यह मुकाबला जीतता है तो वह अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में से किसी एक से भिड़ेगा।

दोनों टीमें इस मुकाबले के लिए मुंबई पहुँच चुकी हैं और तैयारियों में जुटी हुई हैं। कल पिच की स्थिति को देखते हुए भारत बड़े स्कोर खड़े करने और गेंदबाजों के जरिए न्यूजीलैंड पर मानसिक दबाव बनाने का प्रयास करेगा। यदि भारत पहले बल्लेबाजी करता है तो गेंदबाजों और पहले गेंदबाजी करने पर बल्लेबाजों पर अधिक जिम्मेदारी रहने वाली है।

‘ऐश्वर्या राय से शादी करने से बच्चे नेक और अच्छे नहीं पैदा हो जाएँगे’: वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद बौखलाए पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर, ममेरी बहन से कर रखी है शादी

मौजूदा ICC वर्ल्ड कप 2023 में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम लीग मैचों में शर्मनाक हार के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गई। अब ‘खिसयानी बिल्ली खंबा नोचे’ की तरह पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर अब्दुल रज्जाक इस सब के बीच जबरन मिस वर्ल्ड और बॉलीवुड एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय को घसीट लाए हैं।

कराची के मैरियट होटल में रविवार (12 नवंबर, 2023) को पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटरों के साथ एक कार्यक्रम में शिरकत करने के दौरान रज्जाक ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की तुलना एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय से करने से भी गुरेज नहीं किया। रज्जाक ने कहा कि उनके ऐश्वर्या राय से शादी करने से बच्चे नेक और अच्छे पैदा नहीं हो जाएँगे।

पाक की 2009 विश्व कप जीतने वाली टी20 टीम का हिस्से रहे खिलाड़ियों की महफिल में पीसीबी के इरादों पर सवाल उठाते हुए रज्जाक ने कहा, ”मैं यहाँ उनके (पीसीबी के) इरादे के बारे में बात कर रहा हूँ। जब मैं खेल रहा था तो मुझे पता था कि मेरे कप्तान यूनिस खान के इरादे अच्छे थे। उससे मुझे आत्मविश्वास और साहस मिला और अल्लाह का शुक्र है कि मैं पाकिस्तान क्रिकेट के लिए अच्छा प्रदर्शन कर सका।”

पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर अब्दुल रज्जाक ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा, फिलहाल, यहाँ पाकिस्तान टीम और विश्व कप में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को लेकर काफी चर्चा हो रही है। मुझे लगता है कि हमारा इरादा खिलाड़ियों को निखारने और विकसित करने का नहीं है।

उन्होंने कहा, “अगर आप सोचते हैं कि मैं ऐश्वर्या (राय) से शादी करूँगा और फिर मेरे अच्छे और नेक बच्चे होंगे, तो ऐसा कभी नहीं हो सकता। इसलिए पहले आपको अपने इरादे ठीक करने होंगे।”

इस महफिल में रज्जाक के साथ भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा से निकाह करने वाले शोएब मलिक सहित शाहिद अफरीदी, यूनिस खान, मिस्बाह उल-हक, उमर गुल, सईद अजमल और कामरान अकमल भी थे। वहाँ मौजूद लोग और दर्शकों में से कुछ लोग इस तंज पर हंस पड़े और तालियाँ बजाने लगे।

अब्दुल रज्जाक के इस बयान पर इस बयान पर भारत के लोगों ने ही नहीं बल्कि पाकिस्तानियों ने भी उनका खासा मजाक उड़ाया। पाकिस्तान के एक एक्स यूजर हमजा ने कहा, “कभी नहीं सोचा था कि अब्दुल रज्जाक जैसा खिलाड़ी अपनी जिंदगी में इतना नीचे गिर जाएगा। शर्मनाक।”

पाकटीवी के फाउंडर और एंकर सना उल्लाह खान ने भी इस बयान के लिए रज्जाक की आलोचना की और कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से भारत की ओर से जवाबी बयान आते हैं।

एक्स यूजर इनकॉगनिटो ने लिखा, “अब्दुल रज्जाक “नीयत” के बारे में बात कर रहे हैं और एक घटिया उदाहरण के लिए ऐश्वर्या राय को इसमें शामिल करके अपनी बदनीयत दिखाते हैं और शाहिद अफरीदी और अन्य लोगों को यह मनोरंजक लगता है और ताली बजाना शुरू कर देते हैं।

उन्होंने आगे लिखा, “ऐश्वर्या राय के बारे में यह टिप्पणी हिंदू महिलाओं के बारे में उनकी मानसिकता को दर्शाती है। पाकिस्तान में हिंदू महिलाओं का खुलेआम अपहरण और कई दिनों तक बलात्कार और यातना के बाद उनका धर्म परिवर्तन पाकिस्तान में हिंदुओं की जीवन शैली बन गई है। इन पाकिस्तानी मर्दों की नजर हमेशा हिंदू महिलाओं पर रहती है।”

एक्स यूजर सुनील द क्रिकेटर ने पोस्ट किया, “ऐश्वर्या राय का कार ड्राइवर अब्दुल रज्जाक से ज्यादा हैंडसम दिखता है।” इसके जवाब में एक अन्य एक्स यूजर जगदीश राठौर ने रज्जाक के लिए लिखा,” सालो के पास ढंग की कोई एक्ट्रेस भी है, जिसके बारे में मैं हम बोल सके! भिखारी साले। बस एक नाम ज़रूर जानता हूँ – मियाँ खलीफा। सुना है वो भी मुस्लिम है!”

एक्स यूजर जगदीश राठौर ने ट्वीट किया, “सुना है इसने अपनी चचेरी बहन आयशा से शादी की है। इसका बेटा अली रज्जाक भी क्रिकेटर हैं। अच्छा इसके पास कोई बेटी नहीं है, वरना उससे भी शादी कर लेता!”

ये पहली बार नहीं है कि पाकिस्तानी शख्सियतों ने भारत की एक्ट्रेस के बारे में अनाप-शनाप बोला है। इससे पहले पाकिस्तानी एक्टर मोअम्मर राणा और मशहूर यूट्यूबर नादिर अली एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा और अमीषा पटेल पर भद्दे कॉमेंट्स कर चुके हैं। दोनों ने पॉडकॉस्ट में हुई बातचीत के दौरान दोनों भारतीय अभिनेत्रियों के शरीर और उनकी शक्ल को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था।

1 पाइप के सहारे चल रही है उत्तरकाशी की सुरंग में 40 जिंदगी, अब 3 फीट व्यास वाले पाइप से मजदूरों को बाहर निकालने का प्लान

उत्तरकाशी में सिल्कयारा सुरंग के भीतर फँसे 40 मजदूरों को अब लगभग 3 फीट व्यास वाले पाइपों से निकालने का प्रयास किया जा रहा है। घटनास्थल पर पाइप पहुँचाए जा चुके हैं। उन्हें मलबे के बीच से मजदूरों तक पहुँचाया जाएगा।

यह मजदूर 12 नवम्बर को सुबह 5:30 बजे इस सुरंग में अचानक मलबा आने से फँस गए थे। तब से ही NDRF, SDRF, राज्य पुलिस समेत तमाम एजेंसियाँ इनके रेस्क्यू में लगी हुई हैं। सभी मजदूर अभी सुरक्षित हैं और रेस्क्यू टीम से बात कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, पहले मलबा हटाकर इन्हें निकालने का प्रयास किया गया था लेकिन बराबर नया मलबा आने के कारण विशेषज्ञों को दूसरी योजना बनानी पड़ी। इसके पश्चात मलबे के किनारे से एक पाइप डालकर मजदूरों तक पहुँचने की योजना बनाई गई। अगर टीम पहले मलबा हटाने में सफल हो जाती और नया मलबा ना आता तो इन्हें कल निकाल लिया गया होता।

इसी के लिए सुरंग के बाहर 900 मिलीमीटर व्यास वाले पाइप लाए गए हैं और उन्हें मशीनों के जरिए अब मलबे के बीच से गुजारा जाएगा। इस बीच मजदूरों को खाना, पानी, ऑक्सीजन और दवाइयों की सप्लाई एक अन्य पाइप के माध्यम से हो रही है।

मौके पर मौजूद NDRF के कमान्डेंट मणिकांत मिश्रा ने मजदूरों से वॉकीटॉकी के माध्यम से बात की है। उन्होंने मजदूरों को भरोसा दिलाया है कि वह उन्हें जल्द ही निकाल लेंगे। मौके पर राज्य सरकार के बड़े अधिकारियों समेत उत्तरकाशी प्रशासन मौजूद है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं। उनसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी बात की है। एक टीम भी इस समय उत्तरकाशी सुरंग हादसे की जाँच के लिए गठित की गई है जो कि घटनास्थल पर पहुँच कर जायजा ले रही है। टीम ने उस पहाड़ी का भी दौरा किया है जिसके अंदर से होकर यह सुरंग गुजर रही है।

घटनास्थल पर मलबा काटने वाली मशीन लगाई गई है, इसको स्थापित करने के लिए पहले पूजा भी की गई।

यहीं पर बाहर एक अस्थायी अस्पताल भी स्थापित किया गया है। फँसने वाले मजदूरों में उत्तर प्रदेश, झारखंड और बिहार के मजदूर शामिल हैं।

अरे मूर्खों के सरदार… राहुल गाँधी के ‘मेड इन चाइना’ वाले झूठ पर PM मोदी ने किया करारा प्रहार, बताया – आज भारत में बनते हैं ₹3 लाख करोड़ के मोबाइल फोन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी को मूर्खों का सरदार करार दिया है। पीएम मोदी ने मंगलवार (14 नवंबर, 2023) को मध्य प्रदेश के बैतूल में ‘विजय संकल्प महारैली’ को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने खुद को मूलतः पार्टी संगठन का कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि कितना ही बड़ा नेता क्यों न आता हो, लेकिन सुबह 11 बजे चुनाव की सभा करना लोहे के चने चबाने जैसा काम होता है, लेकिन आपने तो कमाल ही कर दिया है।

उन्होंने लोगों के आशीर्वाद को नमन और कार्यकर्ताओं का अभिनन्दन करते हुए कहा कि ये एक तरह से MP के चुनाव में उनका जनसभाओं का आखिरी दौर है। उन्होंने याद दिलाया कि 15 नवंबर की शाम को प्रचार अभियान पूरा हो जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि इस इसी दिन वो भगवान बिरसा मुंडा जी के जन्म स्थान पर जा रहे हैं। इसी दिन बिरसा मुंडा का जन्मदिवस है और झारखंड का भी जन्मदिवस है, इसलिए वो ‘जनजातीय गौरव दिवस’ मनाने के लिए वहाँ जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे 17 नवंबर की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे कॉन्ग्रेस के नेताओं के दावों की पोल खुलती जा रही है। उन्होंने बताया कि आज हमें पूरे MP से रिपोर्ट मिल रही है कि कॉन्ग्रेस ने हार मानकर खुद को भाग्य भरोसे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि ये चुनाव मध्य प्रदेश के विकास को डबल इंजन की रफ्तार देने के लिए है। नौजवानों, महिलाओं को आगे बढ़ने के नए अवसर देने के लिए है। कॉन्ग्रेस के लूट और भ्रष्टाचार के पंजे को मध्य प्रदेश से दूर रखने के लिए।

पीएम मोदी ने बैतूल में कहा, “कॉन्ग्रेस ने मान लिया है कि मोदी की गारंटी के सामने कॉन्ग्रेस के झूठे वादे एक पल भी नहीं टिक सकते। मोदी की गारंटी का मतलब है – गारंटी पूरा होने की गारंटी। कॉन्ग्रेस ने दशकों तक आदिवासी समाज के वोट बटोरे, लेकिन सड़क, बिजली, पानी, अस्पताल, स्कूल जैसी सुविधाओं से आदिवासियों को कॉन्ग्रेस ने हमेशा दूर रखा। कांग्रेस जो वादा करती है, वो कभी पूरा नहीं करती। पिछली बार कर्जमाफी का वादा सरकार बनने के डेढ़ साल बाद तक ये लोग पूरा नहीं कर पाए। वहीं दूसरी तरफ भाजपा है, जो जितना वादा करती है, उससे भी ज्यादा करने का प्रयास करती है।”

उन्होंने कहा कि हमारे दिल में जनजातीय समाज के लिए जगह है, इसलिए जब मौका आया, तो भाजपा ने आपके गौरव को मान दिया, आपकी भावनाओं को समझा। बकौल पीएम मोदी, इसीलिए जनजातीय समाज के गाँव में पैदा हुई बेटी, गरीब परिवार में पैदा हुई बेटी द्रौपदी मुर्मू आज देश की राष्ट्रपति हैं और देश का नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कल पूरा देश भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाएगा।

पीएम मोदी ने कहा कि कल ‘जनजातीय गौरव दिवस’ पर जनजातीय समाज के विकास के लिए 24 हजार करोड़ रुपए की एक बहुत महत्वपूर्ण योजना भी केंद्र सरकार शुरू करने जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि मध्य प्रदेश भाजपा ने हर क्षेत्र, हर वर्ग के लिए शानदार संकल्प पत्र जारी किया है और ये संकल्प पत्र मध्य प्रदेश के लोगों का विकास पत्र है। उन्होंने ऐलान किया कि जनजातीय समाज बाहुल्य ब्लॉक में एकलव्य आवासीय विद्यालय, हर आदिवासी जिले में एक मेडिकल कॉलेज, लाड़ली बहनों को आर्थिक सहायता के साथ साथ पक्के आवास, किसानों के धान और गेहूं की MSP के लिए भी MP भाजपा की गारंटी की चारो तरफ वाहवाही हो रही है।

पीएम मोदी ने ध्यान दिलाया कि वन उपजों और तेंदूपत्ता की खरीद को लेकर जो संकल्प लिया गया है, उससे भी बहुत सारे जनजातीय परिवारों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस तो सिर्फ 6 या 7 वन उपज पर ही MSP देती थी। जबकि भाजपा 90 वन उपजों पर MSP देती है। पीएम मोदी ने कहा कि हार तय देख, कॉन्ग्रेस के नेता बौखला गए हैं। कॉन्ग्रेस के नेताओं ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को धमकाना शुरू कर दिया है।

उन्होंने कहा, “मैं MP के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों से कहूँगा कि का कॉन्ग्रेस की धमकियों से डरने की जरुरत नहीं है, आप ईमानदारी से काम करते रहें। MP में आज भी भाजपा है और 3 दिसंबर के नतीजों के बाद भी भाजपा सरकार ही है। 2014 में आपने मुझे देश की सेवा के लिए दिल्ली भेजा था। उसके बाद साल दर साल, दिनों-दिन कॉन्ग्रेस की नफरत मोदी के लिए बढ़ती ही जा रही है। पहले जो 2 गाली देते थे, आज वो मोदी को 20 गालियाँ दे रहे हैं। ये गालियाँ और नफरत, मैं आपके सपनों को पूरा करने के लिए झेल रहा हूँ।”

उन्होंने कहा कि ये मोदी को गालियाँ इसलिए देते हैं, क्योंकि मोदी ने इनके भ्रष्टाचार और घोटालों पर रोक लगा दी है। उन्होंने तंज कसा कि ये वो लोग हैं, जिनके एक प्रधानमंत्री कहते थे कि दिल्ली से 1 रुपया निकलता है तो गांव में जाते जाते वो 15 पैसे रह जाते हैं। साथ ही सवाल दागा कि वो कौन सा पंजा था, जो ये पैसे मारता था? उन्होंने राहुल गाँधी पर तंज कसते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस के एक महाज्ञानी कह रहे थे कि भारत के सब लोगों के पास ‘मेड इन चाइना’ मोबाइल फोन होता है।

इसके बाद पीएम मोदी बोले, “अरे मूर्खों के सरदार, किस दुनिया में हो। कॉन्ग्रेस के नेताओं को अपने देश की उपलब्धियाँ न देखने की मानसिक बीमारी हो गई है।” फिर उन्होंने जवाब दिया कि आज भारत दुनिया में मोबाइल फोन का दूसरा सबसे बड़ा निर्माता है। जब केंद्र में कॉन्ग्रेस सरकार थी, तो भारत में हर साल 20 हजार करोड़ रुपए से कम के मोबाइल फोन बना करते थे, जबकि आज भारत में साढ़े 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के मोबाइल बनते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरा देश लोकल के लिए वोकल हो रहा है। त्योहारों के अवसर पर भारत में बने उत्पाद, भारतीयों के बनाए उत्पाद खरीद रहा है। साथ ही उन्होंने सवाल दागा कि क्या कॉन्ग्रेस के किसी भी नेता ने लोकल के लिए वोकल होने को कहा? बता दें कि मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को एक चरण में ही विधानसभा के चुनाव निपटाए जाएँगे, जिसके परिणाम 3 नवंबर को सामने आएँगे। यहाँ मुख्य टक्कर सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कॉन्ग्रेस में है।

जहाँ आज तक नहीं गए कोई प्रधानमंत्री वहाँ जाएँगे PM मोदी, PVTG के लिए देंगे ₹24000 करोड़ का पैकेज: ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ की होगी शुरुआत

15 नवंबर को केंद्र की मोदी सरकार ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के तौर पर मनाती है। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दिन भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली झारखंड के ‘उलिहातु’ में होंगे। इस गाँव में पहुँचने वाले नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री होंगे।

उल्लेखनीय है कि बिरसा मुंडा का जन्म 1875 में 15 नवंबर को ही हुआ था। 2022 में उनकी जयंती पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उलिहातु पहुँची थीं। वे इस गाँव में पहुँचने वाली पहली राष्ट्रपति थीं। इस दौरान उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के परिजनों से भी मुलाकात की थी।

पीएम मोदी 14-15 नवंबर को झारखंड के दौरे पर होंगे। वे यहाँ खूंटी में तीसरे जनजातीय गौरव दिवस पर आयोजित समारोह में शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान पीएम ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ का आगाज करेंगे।

इसके साथ ही पीएम कमजोर जनजातीय समूहों के विकास के लिए 24 हजार करोड़ रुपए के पैकेज का ऐलान करेंगे। पीएम-किसान निधि की 15वीं किस्त जारी करेंगे। पीएम इस मौके पर झारखंड में 7200 करोड़ रुपए की लागत से कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे।

बुधवार 15 नवंबर को सुबह करीब 9:30 बजे पीएम रांची में भगवान बिरसा मुंडा मेमोरियल पार्क और स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का दौरा करेंगे। इसके बाद वे भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातु गाँव जाएँगे। वहाँ पीएम मोदी भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।

कौन है भगवान बिरसा मुंडा

 युवावस्था में ही बिरसा मुंडा अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह में नायक बन कर उभरे और जनजातीय समूह ने उन्हें अपने नेता माना। 25 से भी कम उम्र में इन्होंने देश के लिए बलिदान दे दिया। उनका जन्म छोटानागपुर पठार क्षेत्र में 1875 ईस्वी में हुआ था। ईसाईयों द्वारा संचालित एक विद्यालय में कुछ दिन पढ़ने के दौरान उन्हें अंग्रेजों द्वारा जनजातीय समूह के धर्मांतरण की साजिश का पता चला।

उन्होंने मुंडा और उराँव समुदाय को एकजुट किया। 1886-90 में वो चाईबासा के विद्रोह में शामिल रहे। 3 मार्च, 1900 को चन्द्रक्रधरपुर के जम्कोपाई जंगलों में जब ये अपने साथियों के साथ सो रहे थे, तभी अग्रेजों ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनके संघर्ष और दबाव का ही नतीजा था कि ब्रिटिश सरकार को जनजातीय समुदाय के जमीन के अधिकारों के संरक्षण के लिए कानून बनाना पड़ा। जिस लिहतू गाँव में उनका जन्म हुआ था, वो अब राँची जिले में पड़ता है।

1895 में भी उन्हें गिरफ्तार कर के हजारीबाग के कारागार में डाल दिया गया था। उनका गुनाह सिर्फ इतना था कि 1894 के काल के दौरान उन्होंने गरीबों का लगान माफ़ करने के लिए अंग्रेजों के विरुद्ध आंदोलन किया था। अकाल पीड़ित जनता की सहायता के लिए उन्हें ‘धरती बाबा’ की उपाधि लोगों ने दी। 1897-1900 के बीच अंग्रेजों से उनका समाज का कई बार युद्ध हुआ। 1897 में उन्होंने तीर-कमान और तलवार से लैस साथियों के साथ खूँटी थाने पर हमला किया था। 1898 में तांगा नदी के किनारे संघर्ष हुआ। 1900 में डोमबाड़ी पहाड़ी पर संघर्ष हुआ। इस दौरान अंग्रेजों ने काफी क्रूरता की।

PVTG जनजातीय समाज तक पहुँचाएगा हर सुविधा

पीएम मोदी जनजातीय गौरव दिवस पर PVTG (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) विकास मिशन लॉन्च करने जा रहे हैं। जनजातीय समूह के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए 24 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली इस योजना में उन तक हर तरह की सुविधाएँ पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके तहत जनजातीय रिहायश तक सड़क, टेलीकॉम, बिजली, पक्के मकान, साफ पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण सहित जीवन यापन के साधन मुहैया कराए जाएँगे। साथ ही सुदूर इलाकों में रहने वाले जनजातीय समुदाय तक इस मिशन के तहत टीवी उन्मूलन, 100 फीसदी टीकाकरण, पीएम मातृ वंदन योजना, पीएम पोषण और पीएम जनधन योजना का पहुँचाने का लक्ष्य भी रखा गया है।

गौरतलब है कि देश में कुल 75 कमजोर जनजातीय समूह हैं जो 220 जिलों के 22544 गाँवों रहते हैं। इनकी आबादी 28 लाख के करीब आँकी गई है। बताते चलें कि 2023-24 के बजट में, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए प्रधानमंत्री पीवीटीजी विकास मिशन का ऐलान किया गया था।

मस्जिद के सामने रोकी लक्ष्मी-गणेश की विसर्जन यात्रा, तनाव के बाद UP पुलिस ने सँभाला मोर्चा: 3 गिरफ्तार, अन्य की तलाश

उत्तर प्रदेश के महराजगंज में मूर्ति विसर्जन के लिए निकले जुलूस को एक मस्जिद के आगे रोकने का प्रयास हुआ। इस हरकत के बाद गाँव में साम्प्रदायिक तनाव फ़ैल गया। घटनास्थल पर उत्तेजक नारेबाजी की गई। जिसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस बल ने किसी तरह हालात को संभाला। गाँव में अतिरिक्त फ़ोर्स तैनात कर दी गई है। पुलिस ने केस दर्ज कर के 3 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की जाँच व कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना सोमवार (13 नवंबर, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना महराजगंज जिले के थानाक्षेत्र श्यामदेउरवाँ की है। यहाँ के गाँव महम्मदा में रहने वाले हिन्दू समाज के लोगों ने दीपावली पर लक्ष्मी गणेश पूजन किया था। इस पूजन के बाद सोमवार की शाम गाँव के श्रद्धालु मूर्ति विसर्जन के लिए ट्रैक्टर ट्राली से जा रहे थे। इस दौरान गाँव के रास्ते में एक मस्जिद पड़ती है जहाँ मौजूद मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने जुलूस को रोक लिया। वो श्रद्धालुओं पर जुलूस किसी और रास्ते से ले जाने का दबाव बनाने लगे। थोड़ी देर की बहस के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।

बताया जा रहा है कि मस्जिद में मौजूद लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। वहीं श्रद्धालुओं की तरफ से भी जवाब में नारे लगाए गए। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने हालत को संभाला और दोनों पक्षों को अलग किया। किसी अनहोनी को टालने के कई थानों की फ़ोर्स को जमा कर लिया गया। पुलिस ने उपद्रव फैलाने का प्रयास कर रहे 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही हालत सामान्य होने तक गाँव में अतिरिक्त फ़ोर्स की तैनाती कर दी गई है। लक्ष्मी पूजा के आयोजकों से तहरीर ले कर कर आगे की जाँच व कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वायरल वीडियो में मस्जिद के अंदर भीड़ देखी जा सकती है। इसी के साथ मस्जिद के सामने मौजूद श्रद्धालुओं को हर-हर महादेव और जय श्री राम के नारे लगाते हुए देखा जा सकता है। इस दौरन छतों पर कई मुस्लिम महिलाओं की भीड़ भी दिखाई पड़ी। महराजगंज के पुलिस अधीक्षक डॉ कौस्तुभ ने बताया कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं और आरोपितों को चिन्हित कर के कानूनी कार्रवाई की जा रही है।