Home Blog Page 1395

हिज्ब का सीरियल ब्लास्ट का था प्लान, टारगेट पर थे हिंदू नेता: NIA की चार्जशीट से भारत को इस्लामी मुल्क बनाने की साजिश का खुलासा

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने सोमवार (13 नवंबर, 2023) को प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (HUT) के गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ भोपाल कोर्ट में चालान पेश किया। इन सभी के खिलाफ पिछले सप्ताह अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई थी। चार्जशीट में HUT से जुड़े आतंकियों के खतरनाक मंसूबों का खुलासा हुआ जिसमें मध्य प्रदेश के अंदर सीरियल ब्लास्ट की साजिश शामिल थी। इन सभी चरमपंथियों के निशाने पर हिंदूवादी नेता और हिन्दुओं के धर्म स्थल भी थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक NIA द्वारा दाखिल चार्जशीट में इस बात का जिक्र है कि HUT से जुड़े आरोपित भारत को इस्लामिक मुल्क बनाने के मंसूबे रखते थे। ये सभी मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हिन्दू बाहुल्य क्षेत्रों के अंदर सीरियल ब्लास्ट करना चाहते थे। इन धमाकों के निशाने पर हिंदूवादी नेता और हिन्दू मंदिर थे। हिंदूवादी नेताओं की टारगेट किलिंग की मंशा के साथ आतकियों ने जिलेवार सूची भी बना रखी थी। इनके मंसूबो में साम्प्रदायिक तनाव फैला कर दंगा करवाना भी शामिल था।

चार्जशीट में एक खुलासा यह भी है कि साल 2022 में HUT के भारत प्रमुख सामी रिजवी ने हैदराबाद में मीटिंग की थी। भोपाल का जिम ट्रेनर यासिर खान भी कुछ अन्य लोगों के साथ इस मीटिंग में शामिल हुआ था। हैदराबाद में हुई इस मीटिंग में यासिर खान को मध्य प्रदेश में HUT की कमान सौंपी गई थी। इन सभी की मंशा थी कि ये अपनी चरमपंथी करतूतों से विदेशी कट्टरपंथी संगठनों की नजरों में आ जाएँ।

NIA की चार्जशीट में इस बात का भी जिक्र है कि गिरफ्तार किए गए आरोपितों ने हथियार चलाने की ट्रेनिंग भी ली थी। ये ट्रेनिंग इन्हे विभिन्न कैम्पों में मिली थी। इसके अलावा इन सभी पर हिन्दुओं का धर्म परिवर्तन करवाने का भी आरोप है। सभी आरोपित पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों से बच कर चोरी-छिपे मध्य प्रदेश में भर्तियाँ कर के अपने कैडर खड़ा कर रहे थे। इस कैडर को ट्रेनिंग सेंटरों में कमांडों जैसे हथियार चलाना और पुलिस वालों पर हमला करना सिखाया जा रहा था।

भोपाल से गिरफ्तार HUT के 10 सदस्यों में से 5 पहले हिन्दू थे जो बाद में इस्लाम कबूल कर के मुस्लिम बन गए थे। भोपाल के 3 सदस्यों ने हिन्दू लड़कियों से निकाह कर के उनको मुस्लिम बना दिया। अब तक गिरफ्तार HUT के कुल 16 सदस्यों में से 8 धर्मान्तरित हो कर इस्लाम कबूल किए हैं।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश ATS ने मंगलवार (10 मई, 2023) को दबिश मार कर HUT (हिज्ब उत् तहरीर) नाम के आतंकी संगठन से जुड़े 16 संदिग्धों को UAPA की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया था। ये छापेमारी भोपाल, छिंदवाड़ा और हैदराबाद से हुई थीं। इनमें सैयद सामी रिजवी कोचिंग में टीचर, शाहरूख दर्जी, मिस्बाहुल हक मजदूर, शाहिद ऑटो ड्राइवर, सैयद दानिश अली सॉफ्टवेयर इंजीनियर, मेहराज अली कंप्यूटर टेक्नीशियन, खालिद हुसैन व्यवसायी, करीम प्राइवेट नौकरी में हैं। इनके अलावा वसीम खान और मोहम्मद आलम को भी गिरफ्तार किया गया है।

बता दें कि हिज्ब उत् तहरीर उर्फ तहरीक-ए-खिलाफत इस्लामी कट्टरपंथी संगठन है जिसके तार 50 देशों में हैं। 16 देश इस संगठन को बैन कर चुके हैं। ATS द्वारा गिरफ्तार संदिग्धों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग गुप्त रूप में जंगलों में हुआ करती थी। आपसी बातचीत के लिए ये सभी डार्क वेब के विभिन्न चैनलों का इस्तेमाल करते थे। भारत के कई शहर HUT के निशाने पर थे जिनकी रेकी के लिए आरोपितों ने ड्रोन का इस्तेमाल किया था।

दिन में नामी कंपनियों में नौकरी, रात को बनाते थे बम: सिरका-शरबत जैसे कोडवर्ड से ISIS पुणे मॉड्यूल कर रहा था ‘काफिरों से बदला’ मिशन की तैयारी

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के पुणे मॉड्यूल ने अपने मिशन का नाम काफिरों से बदला रखा था। इसके लिए वे बड़े पैमाने पर तैयारी कर रहे थे। मिशन से जुड़े आतंकी काफी पढ़े-लिखे हैं। किसी को शक न हो इसके लिए वे दिन में नामी कंपनियों में आम लोगों की तरह काम करते थे और रात को विस्फोटक तैयार किया करते थे।

आतंक के इस पुणे मॉड्यूल के खिलाफ राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने 4 नवंबर 2023 को कोर्ट में चार्जशीट दायर कर दी थी। इस चार्जशीट से पता चलता है कि आतंकियों ने काफिरों (गैर-मुस्लिमों) की हत्या का प्लान बनाया था और वे भारतीय संविधान को ‘हराम’ (गैर-इस्लामी) मानते थे।

मीडिया रिपोर्टों में चार्जशीट के हवाले से बताया गया है कि आरोपित विस्फोटक बनाने के लिए कोडवर्ड का इस्तेमाल करते थे। हमलों के लिए महाराष्ट्र के कुछ स्थानों की रेकी भी की गई थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक नामी कंपनियों में काम करने वाले ये सभी आतंकी IED बनाने और उसका परीक्षण करने के काम पर जुटे थे। IED बनाने के लिए ये कोडवर्ड में बात किया करते थे। सल्फ्यूरिक एसिड के लिए सिरका, हाइड्रोजन परॉक्साइड के लिए शर्बत और एसीटोन के लिए गुलाब जल जैसे कोडवर्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था। बताते चलें कि IED बनाने के लिए सल्फ्यूरिक एसिड, एसीटोन और हाइड्रोजन परॉक्साइड जरूरी घटक हैं।

चार्जशीट में बताया गया है कि आतंकी IED बनाने के लिए आसानी से मिलने वाली चीजों का इस्तेमाल करते थे। इसमें वाशिंग मशीन टाइमर, थर्मामीटर, स्पीकर वायर, 12 वॉट का बल्ब, 9 वॉट की बैटरी, फिल्टर पेपर, माचिस की तीलियाँ और बेकिंग सोडा शामिल हैं। विस्फोटक बनाने के बाद आरोपितों ने इसे ब्लास्ट करने के लिए महाराष्ट्र, गोवा, केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में रेकी भी की थी। रेकी में फोटो और वीडियो बनाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। इस ड्रोन को NIA ने ज़ब्त कर लिया है।

आरोपितों के बारे में बताया जा रहा है ये सभी दिन में ऑफिसों में काम किया करते थे। ऐसा करने के पीछे आतंकियों की मंशा लोगों की नजर से बचना बताया जा रहा। रात में ये सभी जंगलों में जा कर विस्फोट करने की प्रैक्टिस किया करते थे। पकड़ा गया आरोपित जुल्फिकार मल्टीनेशनल आईटी कंपनी में सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर 31 लाख के सालाना पॅकेज पर काम कर रहा था। दूसरा आरोपित शाहनवाज माइनिंग इंजिनियर था। उसे विस्फोटकों की अच्छी जानकारी थी। तीसरा आरोपित कादिर पठान ग्राफिक्स डिजाइनर था।

सत्येन्द्र जैन पर CBI दर्ज करेगी केस, LG से माँगी इजाजत: जेल में जबरन वसूली का मामला, सुकेश चंद्रशेखर ने की थी शिकायत

केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने सुकेश सहित हाई-प्रोफाइल कैदियों से करोड़ों रुपए की कथित उगाही के मामले में सोमवार (13 नवंबर,2023) को दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना को चिट्ठी लिखी है। इसमें सीबीआई ने दिल्ली के पूर्व जेल मंत्री सत्येन्द्र जैन और पूर्व जेल महानिदेशक संदीप गोयल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत इजाजत माँगी है।

बता दें कि इस वक्त आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन मई 2022 से मनी लॉन्ड्रिंग केस में न्यायिक हिरासत में हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली एलजी कार्यालय को दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येन्द्र जैन के खिलाफ जबरन वसूली के आरोपों की जाँच के लिए सीबीआई से लेटर मिला है।

पूर्व मंत्री जैन ने कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपित सुकेश चंद्रशेखर से ही नहीं बल्कि कई हाई प्रोफाइल कैदियों से जेलों के अंदर उन्हें सुरक्षा और सुविधा देने के लिए उनसे पैसे वसूले थे। सीबीआई ने तत्कालीन तिहाड़ जेल अधीक्षक दानिक्स (Danics) अधिकारी राज कुमार के खिलाफ भी इसी तरह की जाँच के लिए एलजी से मंजूरी माँगी है।

बीते साल अक्टूबर में महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने मंत्री सत्येंद्र जैन को लेकर दिल्ली के उप-राज्यपाल को चिट्ठी लिखी थी कि जैन उससे मिलने तिहाड़ जेल में आते थे और ‘प्रोटेक्शन मनी’ के तौर पर उससे 10 करोड़ रुपए लिए थे। यही नहीं सुकेश ने दावा किया था कि उसने दक्षिण भारत में पार्टी में एक अहम पद देने के वादे पर आम आदमी पार्टी को भी 50 करोड़ रुपए दिए थे।

बताते चले की बीते हफ्ते ही सीबीआई ने आप नेता सत्येंद्र जैन के आरोपों को लेकर एलजी को पत्र लिखकर जानकारी दी थी। इसमें जाँच एजेंसी ने जैन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने तिहाड़, रोहिणी और मंडोली जेलों में खुद या अपने सहयोगियों के जरिए सुकेश को आराम से रहने देने के लिए उससे 10 करोड़ रुपए की उगाही की थी।

सीबीआई का सत्येंद्र जैन पर दिल्ली की जेलों के अंदर हाई प्रोफाइल करप्शन और जबरन वसूली रैकेट चलाने का आरोप है। एजेंसी ने दावा किया कि इस रैकेट में जैन एक सिंडिकेट की भूमिका निभाते थे। वहीं उनके इस काम में पूर्व जेल महानिदेशक संदीप गोयल, तत्कालीन अतिरिक्त जेल महानिरीक्षक मुकेश प्रसाद सहयोग करते थे।

सीबीआई के मुताबिक उसके पास जानकारी है कि जैन ने कथित तौर पर 2018-21 के बीच कई किश्तों में कैदी चंद्रशेखर से खुद या अपने सहयोगियों के जरिए से संरक्षण राशि के तौर पर 10 करोड़ रुपए की वसूली की ताकि कथित ठग जेल में शांतिपूर्ण और आरामदायक जीवन जी सके।

सीबीआई का ये भी आरोप है कि चंद्रशेखर से 12.50 करोड़ रुपए की उगाही गोयल और मुकेश प्रसाद ने भी की थी। सीबीआई के मुताबिक ये रकम 2019-22 के दौरान कई किश्तों में जैन ने खुद या अपने सहयोगियों के जरिए ली थी।

जहाँ सीबीआई ने जैन और जेल अधिकारी राज कुमार के खिलाफ कार्रवाई के लिए उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के ऑफिस से मंजूरी माँगी थी। वहीं 1989 बैच के निलंबित आईपीएस गोयल और सेवानिवृत्त आईएएस मुकेश प्रसाद के लिए सीबीआई ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से संपर्क साधा है। गौरतलब है कि गोयल को बीते साल ही उन पर जबरन वसूली के आरोपों के बाद गृह मंत्रालय ने निलंबित कर दिया था।

इस दौरान ही सुकेश चंद्रशेखर ने एलजी को लिखी नई चिट्ठी में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया था। उसने ये भी दावा किया था कि सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदियों की मिलीभगत से जेल में समानांतर सिस्टम चल रहा है।

वहीं सीबीआई के आरोपों पर AAP ने कहा, “सीबीआई ने केवल और केवल भारत के सबसे बड़े ठग और ठग सुकेश चंद्रशेखर के बयान के आधार पर सत्येन्द्र जैन और अन्य के खिलाफ जाँच करने के लिए एलजी से अनुमति माँगी है। यह कानून का मजाक उड़ाने के अलावा और कुछ नहीं है।”

हमास की ‘संसद’ पर लहराया इजरायली झंडा, स्पीकर की कुर्सी पर बैठे यहूदी सैनिक: गाजा में बच्चों के अस्पताल को बना रखा था आतंक का अड्डा

इजरायल के रक्षा मंत्री याओव गैलेंट ने कहा है कि इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने 16 वर्षों के बाद गाजा पट्टी का नियन्त्रण खो दिया है। उन्होंने यह भी कहा है कि हमास के आतंकी दक्षिणी गाजा में भाग रहे हैं और उनकी रसद गाजा के आम नागरिक लूट रहे हैं। इस बीच इजरायल के सैनिकों की एक फोटो भी सामने आई है जिसमें वह हमास की संसद के अंदर खड़े होकर इजरायल का झंडा लहरा रहे हैं। यहीं से हमास गाजा पर अपनी तानाशाही चलाता था। यह सैनिक इजरायल की गोलानी ब्रिगेड के हैं।

हमास वर्ष 2007 से ही गाजा पर कब्ज़ा किए हुए है। वह गाजा की जमीन को अपनी आतंकी गतिविधि संचालित करने के लिए इस्तेमाल में लाता है और यहाँ के नागरिकों को अपनी लड़ाई में ढाल बनाता है। हमास ने एक राजनीतिक विंग बना रखी है जो गाजा में लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व का दिखावा करती है।

गौरतलब है कि इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने 7 अक्टूबर, 2023 को गाजा से इजरायल पर हमला बोल दिया था। इस हमले में हमास के आतंकियों ने 1200 लोगों को मार दिया था। इजरायल इसके बाद से ही लगातार गाजा पर हमले कर रहा है और अब उसकी सेना भी गाजा में घुस चुकी है। इजरायल पर इस हमले के बाद उसकी सरकार ने सेना को आदेश दिया था कि गाजा पर कब्जा कर लिया जाए। पहले इजरायल की वायुसेना ने हमास पर हवाई हमले किए और उसके बाद सेना की टुकड़ियाँ गाजा के भीतर घुस गईं।

इजरायल के हमले के कारण गाजा में अब तक गाजा में 11,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इजरायल ने इस बीच हमास के आतंकियों की संख्या और उनकी योजना का खुलासा भी किया है। इजरायल की सेना ने बताया है कि हमास के पास युद्ध की शुरुआत के समय कम से कम 30,000 सैनिक थे जिन्हें अलग-अलग ब्रिगेड में बाँटा गया था।

हालाँकि, अब यह आतंकी अपने ठिकाने छोड़ रहे हैं और इजरायल की सेना तेजी से गाजा को अपने कब्जे में ले रहा है। हमास ने बच्चों के अस्पताल के नीचे अपना सैन्य बेस बना रखा था, जिसे सेना ने अपने कब्जे में लिया है। इस बीच गाजा के सबसे बड़े अस्पताल अल शिफा के पास भी आतंकियों ने हमले तेज कर दिए हैं ताकि इजरायल अपनी सेना पीछे हटा ले। इजरायल की सेना ने इस अस्पताल के प्रबंधकों से बातचीत करके उन्हें इलाका खाली करने के लिए सभी सुविधाएँ उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया है।

इजरायल की सेना ने आरोप लगाया है कि हमास के आतंकी अस्पताल वालों को इस बात के लिए धमका रहे हैं कि वह इजरायल से कोई भी सहायता ना लें। इससे इजरायल पर इलाका खाली करने का दबाव पड़े। हमास के आतंकियों ने इस अस्पताल को ढाल बनाकर इसके नीचे सुरंगें बना ली हैं। इजरायल ने गाजा की जनता पहले ही उत्तरी इलाके में जाने को कहा था। बड़ी संख्या में गाजा के निवासी उधर चले भी गए हैं। इजरायल ने इस बीच गाजा के भीतर पहुँचने वाली जरूरी रसद को भी मंजूरी दे थी।

आखिरी ओवर फेंकने आए कप्तान, 6 गेंद पर झटक लिए 6 विकेट: जीत के लिए चाहिए थे केवल 5 रन, क्रिकेट वर्ल्ड कप के बीच ऑस्ट्रेलिया में हुआ अजूबा

कुछ ही दिनों में दुनिया को 50 ओवर के क्रिकेट का नया विजेता मिलने वाला है। लेकिन क्रिकेट वर्ल्ड कप की धूम के बीच ऑस्ट्रेलिया के क्लब क्रिकेट में एक अविश्वसनीय प्रदर्शन देखने को मिला है।

क्लब क्रिकेट के इस मैच में एक गेंदबाज ने 6 गेंद पर 6 विकेट झटक लिए। यह मैच का आखिरी ओवर था। विपक्षी टीम को जीत के लिए केवज 5 रन की जरूरत थी। लेकिन गैरेथ मॉर्गन के इस ओवर ने न केवल मैच का परिणाम बदल दिया, बल्कि दुनिया को हैरान भी कर दिया।

यह मैच ऑस्ट्रेलिया की क्लब क्रिकेट टीमों मुदगीराबा (Mudgeerabar) और सर्फर्स पैराडाइस के बीच हुआ था। दोनों टीम 13 नवम्बर 2023 को गोल्ड कोस्ट प्रीमियर लीग डीविजन 3 में आमने-सामने थी। मुदगीराबा की तरफ से 6 गेंद पर 6 विकेट लेने का कारनामा उनके कप्तान गैरेथ मॉर्गन (Gaereth Morgan) ने किया।

पहले बल्लेबाजी करते हुए मुदगीराबा ने 178 रन बनाए थे। जवाब में सर्फर्स पैराडाइस ने 4 विकेट के नुकसान पर 19 ओवर में 174 रन बना लिए थे। अंतिम ओवर में उन्हें मात्र 4 रन बराबरी और 5 रन जीतने के लिए चाहिए थे। सर्फर्स पैराडाइस के पास 6 विकेट भी शेष थे और उनकी जीत निश्चित नजर आ रही थी।

लेकिन, मॉर्गन ने यह मैच पलट दिया। उन्होंने अंतिम ओवर खुद फेंकने का निर्णय लिया। उन्होंने पहली ही गेंद पर सर्फर्स के ओपनर बल्लेबाज जेक गारलैंड को आउट किया। वे 65 रन बनाकर खेल रहे थे।

इसके बाद मॉर्गन ने अगली पाँच गेंदों में सर्फर्स के पाँच बल्लेबाजों को शून्य पर आउट कर दिया और अपनी टीम के लिए मैच जीत लिया। मॉर्गन ने पहले चार बल्लबाजों को कैच आउट जबकि बाकी दो को बोल्ड करके यह मैच जिताया। इसी के साथ वह इस मैच में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज भी बन गए।

मॉर्गन ने अपनी इस उपलब्धि को ‘चमत्कारिक‘ बताया है। उन्होंने कहा कि मैंने कभी ऐसा कुछ नहीं देखा और मुझे इस पर मुश्किल से विश्वास हुआ है। उन्होंने कहा, “जब मैंने आखिरी ओवर में हैट्रिक ले ली तब मैंने इस बारे में सोचना चालू किया कि क्या हम यह मैच जीत सकते हैं?”

मॉर्गन ने आगे बताया, “जब मैंने अंतिम गेंद पर स्टंप को उखड़ते हुए देखा तो मुझे खुद विश्वास नहीं हुआ कि ऐसा कुछ हो सकता है।” मॉर्गन का 6 विकेट लेने का यह कारनामा अब क्रिकेट जगत की सुर्ख़ियों में छाया हुआ है। उनके इस रिकॉर्ड ने क्रिकेट इतिहास में अपनी जगह बना ली है।

जिस कन्हैया लाल की अस्थियों की खत्म नहीं हो रही प्रतीक्षा, उनके हत्यारों पर CM अशोक गहलोत के बेतुके दावे: क्या राजस्थान में सरेंडर कर चुकी है कॉन्ग्रेस

200 सदस्यीय राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए 25 नवंबर 2023 को मतदान होना है। पर ऐसा लगता है कि कॉन्ग्रेस वोट पड़ने से पहले ही परास्त हो चुकी है। शायद इसी खीझ में कन्हैयालाल तेली के हत्यारों को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बेतुके दावों पर उतर आए हैं।

जोधपुर में चुनावी प्रचार के दौरान 12 नवंबर 2023 को गहलोत ने कन्हैयालाल के हत्यारों को ‘बीजेपी के लोग‘ बताया। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी चुनाव से पहले तनाव पैदा करने की नीयत से इस हत्याकांड का जिक्र कर रही है।

उल्लेखनीय है कि 28 जून 2022 को उदयपुर के कन्हैयालाल का गला उनके ही दुकान में घुसकर मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने काट दिया था। उनकी अस्थियों को आज भी विसर्जन का इंतजार है, क्योंकि हत्यारों को आज तक सजा नहीं हुई है।

भले कन्हैयालाल की बर्बर हत्या के बाद हत्यारों ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। भले इस बर्बरता से पूरा देश स्तब्ध रह गया था। लेकिन सीएम गहलोत की माने तो इस केस में कई रहस्य हैं।

वैसे जिस मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश की कानून व्यवस्था गर्त में जा चुकी है उससे यह उम्मीद करना बेमानी है कि वह इस बर्बरता की नैतिक जिम्मेदारी लेगा। खासकर तब जब जमीन पर साफ दिख रहा हो कि कन्हैयालाल की हत्या बड़ा चुनावी मुद्दा है। उदयपुर के लोग कॉन्ग्रेस से पीछा छुड़ाने को छटपटा रहे हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने भी 10 नवंबर 2023 को उदयपुर में एक रैली में इस हत्याकांड का जिक्र किया था। यह खिसकती जमीन का ही असर है कि गहलोत कह रहे हैं, “कन्हैया लाल की हत्या करने वाले कौन लोग थे? ये बीजेपी के लोग थे। उन्हें (मोदी) इस बारे में जानकारी नहीं दी गई होगी। जब उन्हें (आरोपितों को) से 4-5 दिन पहले एक मामले में पुलिस स्टेशन ले जाया गया तो यह भाजपा के लोग ही थे जिन्होंने उन्हें जमानत दिलाई थी। क्या वह ये नहीं जानते? फिर वह (मोदी) कैसे बोल सकते हैं?”

गहलोत इस हत्याकांड की NIA जाँच से भी बौखलाए हुए हैं। उनका कहना है कि यदि जाँच राजस्थान पुलिस का स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप करता तो कुछ सही नतीजे निकलते। उन्होंने कहा, ” हमने घटना के दो-तीन घंटे के भीतर ही आरोपितों को पकड़ लिया था, लेकिन NIA ने उसी रात मामले को अपने हाथ में ले लिया। तब से यह पता नहीं चल पाया है कि मामले में क्या हुआ।”

बीजेपी ने गहलोत के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि वे हताश हैं। चुनाव हारने वाले हैं। राजस्थान बीजेपी प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने कहा कि कन्हैयालाल ने पुलिस सुरक्षा माँगी थी। लेकिन उन्हें कोई सुरक्षा नहीं दी गई, इसलिए आतंकवादियों ने उनका सिर काट दिया।

उन्होंने कहा, “इतना जघन्य अपराध हुआ जिसमें आतंकवादी शामिल थे और उन्होंने प्रधानमंत्री को जान से मारने की धमकी भी दी। कानून-व्यवस्था एक सीएम की जिम्मेदारी है, लेकिन इसके बजाय अगर वह ऐसा बेशर्म, गैर-जिम्मेदाराना और आधारहीन बयान देते हैं, तो इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता।”

भारद्वाज ने जो कुछ कहा है उसकी तस्दीक तथ्य भी करते हैं। कन्हैयालाल को हत्या के पहले धमकी दी गई थी। उन्होंने इसकी शिकायत भी की थी। लेकिन राजस्थान की पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। हत्या के बाद यह बात सामने आई थी कि बकायदा रेकी कर पूरे प्लान के साथ इस बर्बर हत्या को अंजाम दिया गया था।

न्यूज 18 की हालिया ग्राउंड रिपोर्ट भी बताती है कि इस हत्याकांड के कारण जमीन पर कॉन्ग्रेस सरकार से भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि अगर प्रशासनिक व्यवस्था अच्छी होती तो न ही पेपर लीक जैसे कांड लगातार होते और न ही कन्हैया लाल जैसों की जान जाती।

भले यह नाराजगी सत्ता परिवर्तन के तौर पर भले 3 दिसंबर को सामने आएगी, लेकिन अशोक गहलोत के बेतुके दावों से प्रतीत होता है कि कॉन्ग्रेस मतदान से पहले ही सरेंडर कर चुकी है।

8 साल के बच्चे को बाँधकर मौलाना ने पीटा, ‘चोर’ बताकर ताऊ ने भी दिया साथ: फिर जंजीर में जकड़कर ले गए मदरसा, सहारनपुर की घटना

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में 8 साल के एक बच्चे को बाँधकर पीटा गया। फिर जंजीर में जकड़कर उसे मदरसे ले जाया गया। बच्चे को पीटने का आरोप मदरसे के मौलाना तनवीर और पीड़ित के ताऊ अरशद पर लगा है।

चोरी का आरोप लगा दोनों ने बच्चे के साथ यह बर्बरता की। आरोपित मौलाना और पीड़ित के ताऊ के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। सोमवार (13 नवंबर 2023) को दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना सहारनपुर जिले के तीतरो थाना क्षेत्र की है। यहाँ के गाँव बालू में फैज़ अशरफ उल मदरसा है। मदरसे में मौलाना तनवीर दीनी तालीम देता है। वह मूल रूप से सहारनपुर के ही रामपुर मनिहारन इलाके का रहने वाला है। 12 नवंबर को इसी गाँव से एक वीडियो वायरल हुआ था।

वीडियो में एक बच्चे को बाँध कर बुरी तरह से पिटाई करते देखा गया। बच्चे की पीठ पर चोट के निशान पड़ गए। हालाँकि इससे पिटाई करने वालों को कोई फर्क नहीं पड़ा। बाद में दोनों आरोपित बच्चे को जंजीर में बाँध कर मदरसे में छोड़ आए।

ऑपइंडिया को स्थानीय निवासियों ने बताया है कि मदरसे से जैसे-तैसे निकल कर बच्चा पास के गाँव में जा रहा था। इस दौरान उसे रास्ते में कुछ स्थानीय लोग मिले। इन्होंने बच्चे से बात की और चुपके से उसकी वीडियो बना ली। वीडियो में बच्चे ने खुद को तनवीर और अरशद से मिली प्रताड़ना के बारे में बताया। थोड़ी देर में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। एक स्थानीय समाचार पत्र ने इस बावत खबर भी प्रकाशित कर दी। इस खबर का संज्ञान सहारनपुर पुलिस प्रशासन ने लिया।

स्थानीय समाचार पत्रों से जब इसकी जानकारी प्रशासन को मिली तो उन्होंने जाँच करवाई। जाँच के लिए इलाके के SDM और डिप्टी SP की टीम घटनास्थल पर गई। बताया जा रहा है कि पीड़ित छात्र के परिजनों ने पुलिस को दिए गए अपने बयान में आरोपितों को बचाने की पूरी कोशिश की। उन्होंने बच्चे की चोरी की आदत से उसकी पिटाई होने की बात कही। लेकिन जब पुलिस ने बच्चे से पूछताछ की तो सारा भेद खुल गया। बच्चे ने मौलाना और अपने ताऊ द्वारा पिटाई की जानकारी दी।

पीड़ित के बयान के आधार पर पुलिस ने मौलाना और पीड़ित के ताऊ पर FIR दर्ज की। सहारनपुर पुलिस के एडिशनल एसपी सागर जैन ने बताया कि जाँच में आरोप सही पाए जाने के बाद तनवीर और अरशद को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में जाँच और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्र के SDM ने भी जाँच में बच्चे की पिटाई के आरोप सही पाए जाने की पुष्टि की है। हालाँकि बालू गाँव के पूर्व प्रधान नियाज़ इस मामले में मदरसे को बेवजह घसीटे जाने का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि इस मामले से मदरसे का कोई लेना-देना नहीं है।

भारतीय उत्पाद, सबका उस्ताद: इस दीपावली ₹3.75 लाख करोड़ का कारोबार, ‘वोकल फॉर लोकल’ से चीन को ₹1 लाख करोड़ का नुकसान

दीपावली के इस त्योहारी सीजन में देश में करीब 3.75 लाख करोड़ रुपए का रिकॉर्ड कारोबार हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘वोकल फॉर लोकल’ अपील के असर से चीन को एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है।

देश के व्यापारियों की सबसे बड़ी संस्था कन्फेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने कारोबार का यह आँकड़ा दिया है। यह आँकड़ा धनतेरस, छोटी दीवाली और दीवाली तक के कारोबार का है। भाई दूज और छठ के आँकड़े आने के बाद इसमें करीब 50 हजार करोड़ रुपए का और इजाफा होने की संभावना है। इसी तरह चीन को होने वाले नुकसान में भी वृद्धि की संभावना है।

CAIT ने बताया है कि इस वर्ष बाजार में चीन की हिस्सेदारी घटी है। उसके उत्पादों की बिक्री काफी घट गई है। गौरतलब है कि देश भर में धनतेरस से लेकर दीवाली तक सजावट के सामान, सोना-चाँदी, खाने-पीने के समान और गाड़ियों की बम्पर बिक्री होती है। इसके कारण कुछ ही दिनों में लाखों करोड़ का व्यापार हो जाता है।

CAIT का कहना है कि कुछ वर्ष पहले चीन के सस्ते उत्पादों का कब्जा बाजार पर था। दीवाली के दौरान बिकने वाले लगभग 70% उत्पादों पर चीन ने कब्ज़ा कर लिया था। बीते कुछ वर्षों में यह स्थिति बदली है। CAIT ने इस बार यह स्थिति बदलने के लिए ‘भारतीय उत्पाद-सबका उस्ताद’ जैसी मुहिम चलाई थी।

इस स्थिति के बदलने में भारत के ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहल को बढ़ाने और प्रधानमंत्री मोदी के स्थानीय उत्पादों को खरीदने की अपील सबसे ज्यादा कारगर सिद्ध हुई है। अब लोग चीन से बनकर आने वाली लड़ियाँ और मूर्तियाँ तथा अन्य सजावट के सामान ना खरीद कर भारतीय सामान पसंद कर रहे हैं।

CAIT ने बताया है कि इस खरीददारी में से 13% खाने-पीने के सामान पर, 9% सोने-चाँदी और गहनों पर, 12% कपड़ों पर तथा बाकी छोटे-छोटे हिस्सों में मिठाइयों, सजावट के सामान, बर्तन और मोबाइल जैसे उत्पादों का हिस्सा रहा।

CAIT का कहना है कि अभी भाई दूज और छठ जैसे त्यौहारों में ₹50,000 करोड़ का और व्यापार होने की आशा है। इस प्रकार इस त्योहारी सीजन का यह आँकड़ा 4.25 लाख करोड़ के पार पहुँच जाएगा। इसके अलावा 23 नवम्बर से चालू हो रहे शादियों के सीजन में भी लगभग ₹4 लाख करोड़ का व्यापार होने की उम्मीद है।

जमुई में दिवाली पर लक्ष्मी पूजा के बाद मौज-मस्ती, कमरिया करे लपा-लप पर नवनियुक्त ट्रेनी शिक्षिकाओं ने लगाए ठुमके: वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें कुछ लड़कियाँ ठुमके लगाती हुईं नजर आ रही हैं। यह वीडियो बिहार के जमुई में शिक्षिकाओं के ट्रेनिंग का बताया जा रहा है। जिसमें कमरिया करे लपा-लप और और लगावे लू तू लिपस्टिक… जैसे गाने बजाए जा रहे हैं।

कहा जा रहा है कि राज्य शिक्षा शोध और प्रशिक्षण केंद्र (डायट) पर ट्रेनिंग ले रहीं लड़कियाँ दिवाली की रात में लक्ष्मी पूजा के बाद भोजपुरी गानों पर मौज-मस्ती कर रही हैं जिसका वीडियो अब वायरल है। 

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, जमुई में बीपीएससी के द्वारा आयोजित बिहार शिक्षक नियोजन में सफल अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। यह ट्रेनिंग दिवाली से लेकर छठ तक आयोजित है।

बताया जा रहा है कि दिवाली पर घर जाने से जब भावी शिक्षिकाओं को रोका गया तो वह ट्रेनिंग सेण्टर में ही मौज मस्ती करने लगीं। दिवाली सेलिब्रेशन में जमकर भोजपुरी गाने बजाए गए और ठुमके लगाए गए। 

बता दें कि पहले भी बिहार सरकार का यह आदेश चर्चा का विषय बना हुआ था वहीं अब दिवाली मनाते हुए ठुमके लगाने का यह वीडियो वायरल होने के बाद किरकिरी हो रही है।

वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि ट्रेनिंग ले रहीं दो अभ्यर्थी भोजपुरी गाने पर ठुमके लगा रही हैं तो वहीं दर्जनों चारो तरफ खड़ी होकर तालियाँ बजा रहीं हैं। 

गौरतलब है कि वीडियो जमुई के गिद्धौर स्थित राज्य शिक्षा शोध और प्रशिक्षण केंद्र (डायट) का है। इस सेण्टर पर 292 नियोजित शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जा रही है। इसी सेण्टर से यह वीडियो वायरल है। वहीं इस मामले में इंचार्ज ने किसी जानकारी से इनकार किया है।

पटाखे जलाने पर मोहम्मद वली ने चाकू घोंप कर हिन्दू युवक को मार डाला: सरकारी जमीन पर कर रखा है अवैध कब्जा, हिन्दू संगठनों में आक्रोश

हाल ही में गुजरात के मोरबी में पटाखे जलाने को लेकर हुए झगड़े के बाद मोहम्मद वली जाम नाम के एक मुस्लिम व्यक्ति ने एक हिंदू युवक की हत्या कर दी। इस हत्या से मोरबी क्षेत्र में स्थानीय हिंदू समुदाय और संगठनों में भी काफी आक्रोश है।

बहुत ही मामूली बात पर एक व्यक्ति की हत्या करने के मामले में अब हिंदू संगठनों ने कलेक्टर के यहाँ याचिका पेश कर आरोपितों को कड़ी सजा देने की माँग की है। साथ ही इस याचिका में माँग की गई है कि आरोपितों को सरकारी जमीन पर कब्जा करने और अवैध रूप से निर्माण करने के लिए दंडित किया जाए। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आरोपित व्यक्ति की पहचान मोहम्मद वली जाम के रूप में हुई है और मृतक व्यक्ति की पहचान राजेश गडवी के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के आधार पर, 7 नवंबर, 2023 को मोरबी के लाभनगर इलाके का निवासी मुहम्मद वली जाम एक हिंदू परिवार के घर के बाहर पटाखे जला रहा था। मोहम्मद वली लाखा गढ़वी के घर के बाहर पटाखे फोड़ रहा था, लेकिन उसकी पत्नी ने उसे मना किया क्योंकि उसकी तबीयत ठीक नहीं थी।

तभी पटाखों के तेज़ शोर के कारण मोहम्मद और लाखा गडवी में बहस होने लगी। जब पास के निवासी राजेश गढ़वी बीच-बहस में समझौते की पेशकश करने के लिए आगे आए, तो मोहम्मद वली और अधिक आक्रामक हो गया। 

इतना ही नहीं मोहम्मद वली ने अपना चाकू निकालकर राजेश गढ़वी के सीने में घोंप दिया। इसके बाद, गंभीर हालत में गढ़वी को शुरू में मोरबी के नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। लेकिन स्थिति अधिक गंभीर होने के कारण, ऑन-कॉल डॉक्टरों ने राजेश को आगे के इलाज के लिए राजकोट भेज दिया। हालाँकि, राजकोट पहुँचने के बाद भी राजेश की हालत में सुधार नहीं हुआ और अंततः, इलाज के दौरान ही उनका निधन हो गया।

हालाँकि इस मामले में हत्या के बाद ही पुलिस ने घटना का संज्ञान लिया और राजेश गढ़वी की हत्या के आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने आगे किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए लाभनगर में कुछ सुरक्षा कर्मचारियों को तैनात किया। वहीं घटना से नाराज स्थानीय हिंदू सदस्यों ने इस बीच कलेक्टर से मुलाकात कर याचिका दी जिसमें आरोपितों के खिलाफ GUJCTOC (गुजरात आतंकवाद और संगठित अपराध नियंत्रण) के तहत सख्त सजा की माँग की गई।

आरोपित के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज 

बता दें कि इस मामले में विस्तृत जानकारी पाने के लिए ऑपइंडिया ने स्थानीय हिंदू संगठन के प्रमुख सदस्य कमलेश अहीर से संपर्क किया। उन्होंने ऑपइंडिया को बताया, “आरोपित गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। इलाके के स्थानीय लोगों में उसकी छवि एक झगड़ालू व्यक्ति के रूप में है और लोग उससे डरते हैं। उसके खिलाफ पहले भी मारपीट समेत कई अन्य आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। समाज के लिए खतरा जैसी मानसिकता वाले व्यक्ति के खिलाफ GUJCTOC के तहत कार्रवाई करने के लिए हिंदू संगठनों ने जिला कलेक्टर को एक याचिका दी है। इसके अलावा कमलेश अहीर ने यह भी कहा कि इससे पहले आरोपितों ने एक हिंदू मंदिर पर भी हमला किया था। 

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा 

मामले के बारे में और अधिक जानकारी देते हुए कमलेश ने ऑपइंडिया को बताया कि आरोपितों ने समाकंठा क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था। हिंदू युवा वाहिनी और बजरंग दल जैसे संगठनों ने इस मुद्दे को लेकर कलेक्टर को शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने इस शिकायत में दावा किया है कि आरोपित सरकारी जमीन पर अवैध रूप से रह रहा है। इसके अतिरिक्त, उसने सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध रूप से कई इमारतें बनाई हैं। हम निर्णायक कार्रवाई चाहते हैं।”

कमलेश अहीर का दावा है कि आरोपितों के खिलाफ पहले भी कई शिकायत किए गए हैं, लेकिन इन प्रयासों को नजरअंदाज कर दिया गया। कमलेश के मुताबिक, अगर आरोपित को उसके पिछले अपराधों के लिए कड़ी सजा मिली होती तो आज राजेश की हत्या नहीं होती। ऑपइंडिया के पास उन दोनों याचिकाओं की प्रतियाँ हैं जो हिंदू संगठनों ने दायर की हैं।

यह लेख मूल रूप से क्रुणाल सिंह राजपूत द्वारा गुजराती में लिखा गया था। मूल लेख का लिंक यहाँ है।