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कराची में अब जैश आतंकी मौलाना तारिक रहीम उल्लाह को अज्ञात हमलावरों ने मारी गोली, मसूद अजहर का था करीबी

पाकिस्तान के कराची में जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकी की अज्ञात हमलावरों ने गोलियों से भून कर हत्या कर दी है। मृत आतंकी का नाम मौलाना तारिक रहीम उल्लाह तारिक है जो जैश के संस्थापक मसूद अजहर का करीबी बताया जा रहा है। घटना के समय मौलाना तारिक भारत विरोधी एक रैली में हिस्सा लेने जा रहा था। घटना रविवार (12 नवंबर, 2023) की है। वहीं पाकिस्तानी पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी हुई है।

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना कराची के ओरंगी टाउन इलाके की है। यहाँ रविवार को कुछ भारत विरोधी कट्टरपंथियों ने रैली का ऐलान किया था। इस रैली में भारत में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के टॉप आतंकवादी मौलाना रहीम उल्लाह तारिक को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था। रैली में हजारों भारत विरोधियों की भीड़ थी। इस रैली में शामिल होते ही मौलाना तारिक रहीम उल्लाह को भीड़ में मौजूद किसी अज्ञात हमलावर ने गोली मार दी। पुलिस का कहना है कि गोली बेहद करीब से मारी गई है।

गोली लगने से रैली में अफरातफरी मच गई। मौके पर पहुँची पुलिस ने मौलाना तारिक को गंभीर हालत में अस्पताल ले गई। अस्पताल में डॉक्टरों ने मौलाना को मृत घोषित कर दिया। गोली मौलाना के सिर में मारी गई है। मृतक मौलाना एक मस्जिद में रहता था और पाकिस्तान में मज़हबी तकरीरें दिया करता था। वह जैश के मुखिया मौलाना मसूद अज़हर का करीबी बताया जा रहा है। पाकिस्तान की पुलिस ने इस घटना को टारगेट किलिंग माना है। इलाके में लगे CCTV कैमरों की पड़ताल की जा रही है। हालाँकि अभी तक पुलिस किसी भी संदिग्ध को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

बताते चलें कि पिछले कुछ समय से पाकिस्तान में भारत के कई मोस्ट वांटेड आतंकी अज्ञात हमलावरों की गोलियों का शिकार हो चुके हैं। इसी माह पाकिस्तान के खैबर पख्‍तून्‍ख्‍वां इलाके में लश्‍कर-ए-तैयबा के आतंकी अकरम खान उर्फ अकरम गाजी अज्ञात हमलावरों ने ढेर कर दिया था। इसके अलावा इसी साल मार्च के महीने हिजबुल मुजाहिदीन के एक टॉप कमांडर को पाकिस्तान के ही रावलपिंडी में अज्ञात हमलावरों ने गोलियों से भून दिया था। इसके अलावा फरवरी 2023 में अज्ञात हमलावरों ने कराची में में अल-बद्र मुजाहिदीन के पूर्व कमांडर सैयद खालिद रजा की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

अंग्रेजी बोलती हैं महुआ मोइत्रा, इसलिए किया टारगेट: कुतर्क के नए पहाड़ पर चढ़े राजदीप सरदेसाई, चमचई में भूल गए TMC सांसद का आचार

अपने उलटे-सीधे बयानों के कारण चर्चा में रहने वाले पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने दावा किया है कि तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा को इसलिए निशाना बनाया जा रहा है, क्योंकि वह अंग्रेजी बोलती हैं। उन्होंने यह दावा अपने यूट्यूब चैनल पर ‘महुआगेट’ नाम के वीडियो में 11 नवम्बर 2023 को किया।

सरदेसाई ने इस वीडियो में कहा, “पहले राहुल गाँधी की सदस्यता का खत्म किया जाना और अब महुआ मोइत्रा के ऊपर कार्रवाई। क्या कोई मैसेज भेजा जा रहा है? अगर ऐसा है तो कौन ऐसे मैसेज भेज रहा है?” राजदीप ने इस तरीके से सीधे सपाट मामले को सनसनीखेज बनाने का प्रयास किया।

सरदेसाई यहीं नहीं रुके, उन्होंने महुआ के पैसे लेकर सवाल पूछने के पूरे कांड को दरकिनार करते हुए कह दिया, “क्या महुआ मोइत्रा सिर्फ इसलिए निशाने पर आई क्योंकि वह अंग्रेजी बोलती हैं और बहुत जल्दी ही उन्होंने अपने बहुत सारे दुश्मन बना लिए? इसके बारे में एक बार सोचिए।”

राजदीप सरदेसाई ने इस बीच यह सिद्ध करना चाहा कि महुआ मोइत्रा पर हो रही कार्रवाई उनके आचार को लेकर नहीं, बल्कि उनके अंग्रेजी बोलने, विपक्ष से होने के कारण हो रहा है। वह एक पीड़ित हैं। राजदीप ने यह सब काम इस पूरे मामले की कहानी की परतें खोलने के आड़ में किया।

महुआ मोइत्रा के लिए सहानुभूति बटोरने के क्रम में राजदीप यहाँ तक बढ़ गए कि उन्होंने उनके अमेरिका से लौट कर राजनीति में उतरने को एकदम विशिष्ट काम बता डाला। उन्होंने यह भी दावा किया कि राहुल गाँधी के अलावा महुआ मोइत्रा अकेली ऐसी नेता हैं, जिन्होंने ‘तथ्यों’ के साथ अडानी समूह पर प्रश्न उठाए।

महुआ को पैसे और महँगे गिफ्ट देने वाले कारोबारी दर्शन हीरानंदानी को भी राजदीप ने महुआ को बचाने के लिए लपेटे में लिया। उन्होंने कहा कि हीरानंदानी को आचार समिति ने क्यों नहीं बुलाया? उन्होंने महुआ को पैसे देने की बात क्यों स्वीकारी?

गौरतलब है कि महुआ मोइत्रा पर कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से पैसे और महँगे गिफ्ट लेकर लेकर लोकसभा में अडानी समूह के विरुद्ध सवाल पूछने का आरोप है। उनको पैसे और गिफ्ट देने की पुष्टि खुद हीरानंदानी ने की है।

इस सम्बन्ध में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ के पूर्व पार्टनर जय अनंत देहाद्राई द्वारा दिए गए साक्ष्यों के आधार पर लोकसभा स्पीकर को शिकायत की थी। लोकसभा की आचार समिति ने इस मामले की जाँच कर महुआ की लोकसभा से सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा की है।

थिएटर में ही पटाखे फोड़ने लगे सलमान खान के फैंस, बचने के लिए इधर-उधर भागते दिखे लोग: ‘Tiger 3’ के खतरनाक जश्न का Video

सलमान खान की फिल्म ‘Tiger 3’ रविवार (12 नवंबर, 2023) को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। फिल्म में उनके साथ कैटरीना कैफ और इमरान हाशमी मुख्य भूमिकाओं में हैं, वहीं शाहरुख़ खान और हृतिक रोशन का कैमियो भी है। भारतीय बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन फिल्म ने 44.5 करोड़ रुपए का नेट कारोबार किया, लेकिन इसे दर्शकों और समीक्षकों से नकारात्मक प्रतिक्रियाएँ मिलीं। दूसरे दिन फिल्म ठंडी पड़ गई है और कलेक्शन भी काफी गिर गया है।

उधर सलमान खान के फैंस ‘Tiger 3’ को लेकर खासे उत्साहित हैं और इस दौरान वो खतरनाक तरीके से जश्न मनाते नज़र आए। दिवाली के दिन रिलीज हुई इस फिल्म को देखने के लिए पहुँचे उनके फैंस सिनेमा हॉल में ही पटाखे फोड़ने लगे। सोशल मीडिया पर महाराष्ट्र के नासिक के मालेगाँव स्थित ‘मोहन सिनेमा’ का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें लोग स्क्रीनिंग के दौरान थिएटर के भीतर ही पटाखे फोड़ते नज़र आ रहे हैं। इससे सिनेमा हॉल के अंदर भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई।

इस दौरान मूवी देख रहे अन्य लोग इधर-उधर भागते नज़र आए ताकि वो छिप कर बच सकें। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक मिनट से भी अधिक समय तक थिएटर में पटाखे उड़ते रहे। अब पुलिस ने भी इस मामले की जाँच शुरू कर दी है। छावणी थाने में इस संबंध में IPC की धारा-122 (गोला-बारूद संग्रहित करना) के तहत मोहन सिनेमा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस प्रकरण में 2 लोगों को हिरासत में भी ले लिया है।

सिर्फ मालेगाँव ही नहीं, बल्कि देश के कुछ अन्य थिएटरों में भी सलमान खान के फैंस ने रॉकेट्स से लेकर कई तरह के पटाखे उड़ाए। एक बंद थिएटर में रॉकेट जैसे पटाखे उड़ाना काफी खतरनाक है, जिसकी लोगों ने सोशल मीडिया पर आलोचना भी की। दिवाली को लेकर हिन्दुओं की आलोचना करने वाले भी अक्सर फ़िल्मी हस्तियों के लिए आतिशबाजी पर चुप दिखते हैं। वामपंथी-इस्लामी गिरोह भी सलमान खान के लिए पटाखे उड़ाए जाने पर चुप है।

जहाँ तक ‘Tiger 3’ की बात या, ये ‘यशराज फिल्म्स (YRF)’ की ‘स्पाई (Spy) यूनिवर्स’ की 5वीं फिल्म है। वहीं सलमान खान की ‘टाइगर’ सीरीज की तीसरी फिल्म है। इससे पहले 2012 में ‘एक था टाइगर’ आई थी और 2017 में ‘टाइगर ज़िंदा है’ ने बॉक्स ऑफिस पर तगड़ा कलेक्शन किया था। वहीं शाहरुख़ खान की ‘पठान’ और हृतिक रोशन-टाइगर श्रॉफ की ‘वॉर’ भी YRF की स्पाई यूनिवर्स का हिस्सा है। आजकल कई असफल फिल्मों के बाद सलमान खान के सितारे गर्दिश में हैं।

CM को कितना मिला, कितना पहुँचा दिल्ली दरबार: महादेव ऐप स्कैम पर PM मोदी का सवाल, छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल घिरे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के मुंगेली में विजय संकल्प महारैली को संबोधित करते हुए एक बार फिर कॉन्ग्रेस की भूपेश बघेल सरकार पर हमला किया है। मुंगेली में पीएम मोदी ने कहा कि पहले चरण में ही कॉन्ग्रेस पस्त हो गई है। उन्होंने हार मान ली है। कॉन्ग्रेस समझ गई है ये चला-चली की बेला है। पीएम मोदी ने इस दौरान शराबबंदी सहित भ्रष्टाचार पर कॉन्ग्रेस सरकार को घेरते हुए महादेव ऐप का मामला भी उठाया।

साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस ने माताओं-बहनों से शराबबंदी का वादा किया था, लेकिन कॉन्ग्रेस ने महिलाओं को धोखा दे दिया। कॉन्ग्रेस ने शराबबंदी तो नहीं की उलटा शराब की होम डिलीवरी का इंतजाम कर दिया।

मुख्यमंत्री के पद के लिए हुआ ढाई-ढाई साल का एग्रीमेंट 

पीएम मोदी ने छत्‍तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनने की भविष्‍यवाणी करते हुए कहा, “जिस कॉन्ग्रेस ने छत्तीसगढ़ को लूटा है, वो देव दीपावली पर कहीं नजर नहीं आएगी।

वहीं भूपेश बघेल और टीएस देव सिंह के एग्रीमेंट को कुरेदते हुए पीएम ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेस की सरकार बनी थी, तब मुख्यमंत्री के पद के लिए ढाई-ढाई साल का एग्रीमेंट हुआ था। लेकिन पहले ढाई साल में ही मुख्यमंत्री जी ने इतना लूटा, इतना भ्रष्टाचार किया कि लूट के पैसों का अंबार जमा कर लिया। जब ढाई साल पूरा होने को आए, तो तिजोरी दिल्ली वालों के लिए खोल दी। दिल्ली के हर नेता को खरीद लिया और एग्रीमेंट धरा का धरा रह गया।”

महादेव सट्टेबाजी से लेकर PSC घोटाले तक घेरा 

वहीं भ्रष्टाचार पर पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस को घेरते हुए पूछा कि कॉन्ग्रेस के इन गणितबाजों को बताना होगा कि मुख्यमंत्री को महादेव ऐप सट्टेबाजी घोटाले में से कितना पैसा मिला? कॉन्ग्रेस के बाकी नेताओं के हिस्से में कितना माल आया?

पीएम मोदी ने पूछा, “मैं कॉन्ग्रेस से कुछ सवाल पूछना चाहता हूँ। महादेव सट्टेबाजी ऐप घोटाला 508 करोड़ रुपए का है और जाँच एजेंसियों ने इस मामले में बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की है। छत्तीसगढ़ के सीएम का एक करीबी सहयोगी भी जेल में है। कॉन्ग्रेस को खुलासा करना चाहिए इसमें सीएम को कितना पैसा मिला? दिल्ली दरबार कितना पैसा पहुँचा?”

इसके अलावा पीएम ने PSC घोटाले की बात भी की। उन्होंने पूछा कि कॉन्ग्रेस के गणितबाजों से सवाल PSC घोटाले को लेकर छत्तीसगढ़ के युवाओं का भी है… जिन हजारों युवाओं ने दिन-रात पढ़ाई करके, परीक्षा पास की थी, उनको किस फॉर्मूले से बाहर निकाला गया? कॉन्ग्रेस नेताओं के बच्चों को गणित के किस फॉर्मूले से भर्ती किया गया?

इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेस सरकार के जाने का काउंट डाउन शुरू हो चुका है। यहाँ की कॉन्ग्रेस सरकार ने आपको 5 साल लूटा है, अब इनकी विदाई का समय आ गया है।  छत्तीसगढ़ के आदिवासी, गरीब, पिछड़े सभी कॉन्ग्रेस की विदाई के लिए आतुर हैं।

पाकिस्तान क्रिकेट की माँ-बहन कर रखी है… अपने ही देश के बोर्ड पर भड़के रमीज राजा, बाबर आजम का चैट लीक होने से भी नाराज

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष रमीज राजा ने वर्ल्ड कप 2023 में टीम के बुरे प्रदर्शन पर पीसीबी को फटकारा है। गुस्से में उन्होंने ये तक बोला है कि पीसीबी ने पाकिस्तानी क्रिकेट की माँ-बहन कर दी है। उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जाहिर की कि पीसीबी ने आजम की चैट लीक कर दी। अब रमीज राजा की यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

इस वीडियो में रमीज राजा को कहते सुना जा सकता है- “जब नई गेंद से आप आउट नहीं करेंगे, जब आप महँगे साबित होते जाएँगे, तो बाबर आज़म क्या खाक कप्तानी करेगा। फिर से कुछ क्रिकेटर्स को बुलाकर मजमा लगा लेंगे और कहेंगे कि आप बताएँ कि क्रिकेट कैसे ठीक करें, तो आपको क्रिकेट बोर्ड में क्यों लगाया? इनका काम सिर्फ ये है कि एक हडल करके कप्तान बदल दें, कोचिंग स्टाफ बदल दें, समझेंगे कि हमने बहुच बड़ा स्टेप ले लिया और अब सब चीज़ें ठीक हो जाएँगी। ये गलतफहमी में हैं।”

वह पीसीबी को फटकारते हुए कहते हैं, “जब तक आपको क्रिकेट से इश्क नहीं होगा, आपके अंदर पैशन नहीं होगा, तब तक पाकिस्तान का क्रिकेट एक इंच ठीक नहीं हो सकती। आपको खुद को बदलना है। इस तरह से खबरें लीक करते हैं न, पाकिस्तान क्रिकेट की माँ-बहन एक कर रहे हैं, वो आपने बंद करना है। फिर उसके बाद क्रिकेट बोर्ड ने बाबर आज़म की बातचीत लीक कर दी। जो चीफ सिलेक्टर हैं, उन्होंने बाबर और रिज़वान के खिलाफ कितना ज़हर उगला हुआ है।”

पूर्व पाक खिलाड़ी ने आगे कहा, “क्रिकेट ने कोई नया मोड़ लेना है, तो क्या हम 70 साल के ऐसे बंदे के साथ लेंगे, जिसे सिलेक्शन की अलीफ-बे पता नहीं है। पाकिस्तान की क्लब क्रिकेट कोलैप्स कर चुकी है। वहाँ जो सिखाने वाले लोग हैं, वो बड़े बेसिक हैं, वो सियासत करते हैं। न आप स्पाइक्स पहनकर बॉलिंग कर सकते हैं और न ही फील्डिंग कर सकते हैं क्लब के मैच में।”

वह आरोप लगाते हुए कहते हैं, “वीकेंड में क्लब का ग्राउंड कंपनी को दे दिया जाता है, जो टेनिस क्रिकेट खेलते हैं, इसलिए क्योंकि क्लब को पैसे मिल जाते हैं। सारा सिस्टम और सबसे पहले क्रिकेट बोर्ड को ठीक होना है। और सबसे पहले क्रिकेट बोर्ड को ठीक होना है जो सब करते हैं। अजीब उटपटांग प्रकार के फैसले हैं। ऐसे बंदों को हुकूमत नहीं दे सकते हैं, ऐसे लोगों को नहीं चार्ज नहीं दे सकते हैं हमारी क्रिकेट की, क्योंकि इसमें हमारा भी स्टेक है और हम सबसे बड़े स्टेक होल्डर्स हैं।”

बता दें कि वर्ल्ड कप 2023 में पाकिस्तान ने 9 में से 4 मैच जीतकर प्वाइंट टेबल में 5 वें पायदान पर अपनी जगह बनाई। लेकिन वह सेमीफाइनल्स तक नहीं पहुँच सके। उनके वर्ल्ड कप की रेस से बाहर होने के बाद से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की सोशल मीडिया पर आलोचना हो रही है। कई लोग पीसीबी के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

आतंकियों का पनाहगार बना AMU? 7 आतंकियों की गिरफ़्तारी के बाद अब अब्दुल और फैज़ान को ढूँढ रही ATS: एक अरबी का जानकार, दूसरा कर रहा मास्टर्स

उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘आतंकवाद निरोधक दस्ते’ (ATS) ने नवंबर माह में अलीगढ़ ISIS मॉड्यूल के 7 आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम अब्दुल्ला अर्शलान, माज़ बिन तारिक, नावेद, वजीउद्दीन, राकिब इमाम, नोमान और मोहम्मद नाज़िम हैं। इस बीच ATS ने इस आतंकी नेटवर्क के फरार चल रहे 2 शीर्ष आतंकियों की तलाश तेज कर दी है। इनके नाम अब्दुल समद मलिक और फैज़ान बख्तियार हैं। इन सभी का कनेक्शन अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) से पाया गया है। ऐसे में अब ये सवाल खड़े होने लगे हैं कि क्या AMU आतंकियों का सुरक्षित पनाहगार बन चुका है।

ऑपइंडिया को विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ATS को एक अन्य संदिग्ध हारिश फारुखी की भी तलाश है। फारूखी पर NIA (राष्ट्रीय जाँच एजेंसी) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की भी नजर है। हारिश फारुखी भी पूर्व में AMU का छात्र रह चुका है। वह SAMU ग्रुप को स्थापित करने में प्रमुख भूमिका में रहा है। दिल्ली पुलिस द्वारा शाहनवाज़ की पुणे ISIS नेटवर्क से जुड़े शाहनवाज की गिरफ्तारी के बाद से ही हारिश फारुखी फरार चल रहा है।

अलीगढ़ ISIS मॉड्यूल से जुड़ा अब्दुल समद मलिक की फिलहाल उत्तर प्रदेश ATS की टॉप लिस्ट में है। वह ATS के अलीगढ़ प्रभारी द्वारा दर्ज FIR में नामजद आरोपित है। सूत्रों के अनुसार, मूल रूप से संभल जिले के निवासी अब्दुल को अरबी भाषा की बहुत बारीक जानकारी है। वह इस समूह में सबसे ज्यादा चरमपंथी सोच वाला है जो युवाओं को मानव बम तक बनने तक के लिए उकसाता है। अब्दुल ने 2019 से 2022 तक अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। फिलहाल 2022 से वह मास्टर इन सोशल वर्किंग (MSW) की पढ़ाई कर रहा है। अब्दुल्ला अर्शलान की गिरफ्तारी के बाद से ही अब्दुल समद मलिक फरार चल रहा है जिसे पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

वहीं AMU से जुड़ा एक अन्य छात्र फैज़ान बख्तियार भी अलीगढ़ ISIS मॉड्यूल से जुड़ा बताया जा रहा है। फैज़ान बख्तियार मूलतः उत्तर प्रदेश के ही प्रयागराज का रहने वाला है। वह युवाओं को चरमपंथी बनाने के लिए सोशल मीडिया के प्रयोग में माहिर बताया जा रहा है। फिलहाल उसने अपने इंस्टाग्रम एकाउंट को लॉक कर दिया है। ऑपइंडिया को अपने सूत्रों मिली जानकारी के अनुसार, फैज़ान पर दूसरे जिलों से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त का भी आरोप है। वह भी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से M.SW (मास्टर इन सोशल वर्किंग) का कोर्स कर रहा है।

ATS द्वारा अलीगढ़ ISIS मॉड्यूल का भंडाफोड़ किए जाने के बाद से फैज़ान बख्तियार और अब्दुल समद मलिक दोनों के ही फोन बंद हो गए हैं। ये दोनों स्टूडेंट ऑफ़ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (SAMU) से जुड़े हुए थे और उसके कार्यकर्मों में देखे जाते रहे हैं। अब्दुल समद मलिक भड़काऊ तकरीरें भी देता है। इन सभी पर देश के अंदर ISIS का नेटवर्क खड़ा करने की साजिश रचने का आरोप है। इनकी तकरीरों में हिन्दू धर्म के खिलाफ आपत्तिनक बातें की जाती थीं। साथ ही भारत में शरिया कानून लागू करने का एलान भी किया जाता था। दीपावली से पहले इस नेटवर्क से जुड़े आतंकियों की गिरफ्तारी ATS की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

उत्तरकाशी की सुरंग में फँसे 40 मजदूरों तक पहुँचाया खाना-पानी, बचाव अभियान जारी: मौके पर पहुँच CM धामी ने लिया जायजा

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में एक सुरंग के भीतर के फँसे हुए 40 मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास जारी है। राहत और बचाव टीम उन्हें सुरंग के अंदर पाइप के जरिए ऑक्सीजन और खाना-पानी पहुँचाने में सफल रही है। मलबा हटाने का काम लगातार जारी है। राहत बचाव से जुड़े अधिकारियों ने बताया है कि सभी मजदूर सुरक्षित हैं।

12 नवम्बर 2023 की सुबह करीब 5:30 बजे उत्तरकाशी में बन रही सिल्क्यारा सुरंग का लगभग 35-40 मीटर का हिस्सा धँस गया था। सुरंग के इस हिस्से में लगभग 40 मजदूर काम कर रहे थे जो मलबे में फँस गए।

इनको निकालने के लिए प्रयास जारी हैं। मौके पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य प्रशासन की राहत एवं बचाव टीमें मौजूद हैं। बचाव टीमों ने मजदूरों से सम्पर्क साधने में भी सफलता पाई है। लगातार मलबे को हटाया जा रहा है।

घटनास्थल पर काम करने वाले एक व्यक्ति मृत्युंजय कुमार ने कहा है कि जैसे-जैसे हम मलबा हटा रहे हैं, वैसे ही नया मलबा भी आ रहा है। इससे समस्या हो रही है। उनका कहना है कि लगभग 35-40 मीटर का हिस्सा मलबे से प्रभावित लग रहा है। अभी भारी मशीनों के जरिए मलबा हटाया जा रहा है।

उत्तरकाशी के पुलिस क्षेत्राधिकारी ने कहा है कि मलबे के किनारे से रास्ता बनाकर मजदूरों तक पहुँचने की कोशिश हो रही है। अंदर सभी मजदूर पूरी तरह सुरक्षित हैं।

मौके पर मौजूद NDRF के असिस्टेंट कमांडेंट करमवीर सिंह भंडारी ने कहा है कि सभी मजदूरों को आज सकुशल बाहर निकाल लेने की उम्मीद है। इस सुरंग का निर्माण कार्य देख रही NHIDCL के डायरेक्टर अंशु मनीष खलको ने कहा है कि स्थिति अभी ठीक है। हम उस इलाके को साफ़ करके मजदूरों को निकाल रहे हैं।

घटनास्थल का जायजा लेने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी पहुँचे हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “सभी विशेषज्ञ एजेंसियाँ श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने का काम कर रही हैं। इस समय हमारी प्राथमिकता है कि सभी 40 श्रमिकों को बाहर निकाला जाए। हम उनके परिजनों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि केंद्र और राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। अच्छी बात ये है कि उनसे (श्रमिकों से) संपर्क स्थापित हो गया है।”

गौरतलब है कि इस प्रोजेक्ट की यह सबसे लंबी सुरंग लगभग साढ़े चार किलोमीटर की है। इसका करीब 4 किलोमीटर निर्माण हो गया है। सुरंग के निर्माण में करीब 1000 मजदूर दिन-रात जुटे रहते हैं। ये अलग-अलग शिफ्ट में काम करते हैं। फरवरी, 2024 तक इसकी खुदाई पूरी करने का लक्ष्य है। 

बता दें कि यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलक्यारा और जंगल चट्टी के बीच इस सुरंग के निर्माण से गंगोत्री और यमुनोत्री के बीच की दूरी 26 किमी कम हो जाएगी। यह सुरंग करीब 853 करोड़ की लागत से बन रही है। 

यहूदी की कंपनी में नौकरी, पत्नी के साथ मिल यहूदियों के खिलाफ ही फैला रहा था घृणा: हमास प्रेमी कुरुष मिस्त्री हुआ बेरोजगार

इस्लामी आतंकी संगठन हमास से हमदर्दी रखने वाले भारतवंशी कुरुष मिस्त्री को नौकरी से निकाल दिया गया है। मिस्त्री अपनी पत्नी शैलजा गुप्ता के साथ मिलकर अमेरिका में यहूदियों के खिलाफ घृणा का प्रदर्शन कर रहा था।

एक वायरल वीडियो में कुरुष मिस्त्री और शैलजा को न्यूयॉर्क में लगे उन लोगों के पोस्टर से छेड़छाड़ करते देखा गया था, जिन्हें 7 अक्टूबर के हमले में हमास ने अगवा कर लिया था। इन पोस्टर पर ‘हमास द्वारा अपहृत'(Abducted by Hamas) लिखा हुआ था। ये लोग इनकी जगह ‘कब्ज़ा करने वाले परिणाम भोगते हैं’ (Occupiers Face Consequences) की पट्टियाँ चिपका रहे थे।

इस दौरान रोके जाने पर इन्होंने एक यहूदी व्यक्ति से बदतमीजी भी की थी। अब कुरुष मिस्त्री को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। वह ईंधन का व्यापार करने वाली कम्पनी फ्रीपॉइंट कमोडिटीज में काम करता था। इस कम्पनी के के सीईओ का नाम डेविड मेस्सेर है जो कि एक यहूदी हैं। कुरुष को कम्पनी से निकालने की जानकारी लिंक्डइन पर दी गई है।

कम्पनी ने लिंक्डइन पर लिखा है, “फ्रीपॉइंट आपसी सम्मान और सहिष्णुता की संस्कृति में विश्वास रखती है। हम अपने कर्मचारियों के अलग-अलग विचारों का सम्मान करते हैं, लेकिन फ्रीपॉइंट किसी भी समुदाय के खिलाफ घृणा भरी बातों को स्वीकार नहीं करेगी। हम हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल घटना से परिचित हैं और इस घटना में सम्मिलित व्यक्ति अब फ्रीपॉइंट से नहीं जुड़ा है।”

लिंक्डइन पर कंपनी द्वारा साझा की गई जानकारी

गौरतलब है कि इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमला करके 1,400 इजरायलियों को मार दिया था और 200 से अधिक इजरायलियों का अपहरण कर लिया था। यह बंधक अभी तक नहीं छोड़े गए हैं।

वायरल वीडियो में पोस्टर से छेड़छाड़ कर रहे मिस्त्री और शैलजा ने एक यहूदी व्यक्ति को परेशान करते हुए गालियाँ दी थी। अभद्र इशारे करते हुए उसे अपने देश (इजरायल) वापस जाने को कहा था। शैलजा ने इस दौरान अपने आप को एक फिलिस्तीनी बताया था।

यह पूरी घटना पीड़ित यहूदी ने अपने फ़ोन में रिकॉर्ड कर ली। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद शैलजा और कुरुष की पहचान हुई थी। यह भी सामने आया कि शैलजा शाहरुख खान के साथ भी काम कर चुकी हैं। कुरुष के बारे में यह सामने आया था कि वह आईआईएम अहमदाबाद का पढ़ा हुआ है और मॉर्गन स्टैनले जैसी कम्पनियों में काम कर चुका है।

इस मामले में न्यूयॉर्क पुलिस ने क्या कार्रवाई की है, यह सामने नहीं आया है। न्यूयॉर्क पुलिस ने कोई आधिकारिक बयान भी इस मामले में जारी नहीं किया है।

प्राइवेट पार्ट्स वाले MMS को गुनगुन गुप्ता ने बताया ‘एडिटेड Video’, कहा- व्यूज के लिए सब कुछ: सुसाइड के हो रहे थे दावे

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर गुनगुन गुप्ता का नवम्बर 2023 के पहले हफ्ते में कथित तौर पर एक अश्लील वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में वो एक लड़के के साथ वीडियो कॉल पर कपड़े उतार कर स्तन और प्राइवेट पार्ट्स दिखाती नज़र आ रही थीं। अब इस वीडियो पर गुनगुन गुप्ता ने सफाई दी है। रविवार (12 नवम्बर 2023) को उन्होंने इसे एडिटेड वीडियो बताया है। अपने समय को खराब बताते हुए गुनगुन गुप्ता ने इस वीडियो पर आने वाले समय में विस्तार से सफाई देने की बात कही।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गुनगुन गुप्ता ने दीपावली के दिन एक पोस्ट के जरिए अपनी सफाई दी। अपनी सफाई में उन्होंने कहा, “बस करो आप सभी। मैं इतनी मजबूत नहीं हूँ। सब बताना है आप सबको। थोड़ा टाइम और। जिन लोगों ने भी इसे एडिट किया है उनका मकसद सिर्फ व्यू हासिल करना और मुझे बदनाम करना है। ऐसे काम किसी की जिंदगी बर्बाद कर देते हैं। और आप लोगों को भी किसी को जज करने का मौक़ा चाहिए। लेकिन कोई बात नहीं। अभी मेरा बुरा समय चल रहा है।”

अंत में गुनगुन गुप्ता ने कहा, “जो लोग प्यार करते हैं वो मेरे लिए बहुत कुछ हैं। आशा करती हूँ आप लोग इस दीपावली में खुश होंगे।”

बताते चलें कि गुनगुन गुप्ता इंस्टाग्राम पर खासी सक्रिय हैं, जहाँ उनके 58 लाख फॉलोवर्स हैं। इतना ही नहीं, स्नैपचैट पर भी उनके 6 लाख से अधिक फॉलोवर्स हैं। इसी तरह फेसबुक पर उनके 2 लाख से ज़्यादा फॉलोवर्स हैं। यूट्यूब पर भी 66,000 लोगों ने उनके चैनल को सब्स्क्राइब कर रखा है। फिलहाल उनका इंस्टाग्राम पेज फिलहाल बंद है।  

गुनगुन गुप्ता को TikTok से पहचान मिली थी, लेकिन चीन के एप्स को प्रतिबंधित किए जाने के क्रम में भारत सरकार ने टिकटॉक पर भी बैन लगा दिया, जिसके बाद वो इंस्टाग्राम पर वायरल होने लगीं। ‘बचपन का प्यार नहीं भूल जाना रे’ पर रील बनाने के बाद उन्हें 10 करोड़ व्यूज रिकॉर्ड मिले थे।

गौरतलब है कि 19 वर्षीया गुनगुन गुप्ता के कथित तौर पर वायरल वीडियो को स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर के बनाया गया है। इस वीडियो में एक फोन नंबर भी फ्लैश होता है, जो दीपू चावला के नाम से शो होता है। वीडियो कॉल पर निजी अंग दिखाती गुनगुन को एक लड़का एक्सप्रेशंस देता दिख रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद खबरें चलाई गईं कि इन्फ्लुएंसर ने आत्महत्या कर ली है। हालाँकि वो खबर झूठी थी।

झमाझम दिवाली, तड़ातड़ बम… वायु प्रदूषण (AQI) पराली से भी कम: हिंदू धर्म को टारगेट करना कब होगा बंद?

दिल्ली में प्रदूषण और जहरीली हवा के लिए दिवाली के पटाखों को जिम्मेदार बताया जाता है। दिवाली हिंदुओं का पर्व है, इसलिए मीडिया, वामपंथी, सेकुलर, कथित पत्रकार आदि सभी लोग दिवाली के पीछे पड़ जाते हैं। सच्चाई कोषों दूर है लेकिन। सच्चाई क्या है, वो आँकड़ों ने बता दिया है। आँकड़ों के अनुसार दीवाली से पहले के प्रदूषण के स्तर और आज (13 नवम्बर 2023) के प्रदूषण में कोई ख़ास अंतर नजर नहीं आया है।

दिल्ली में बड़ी मात्रा में लोगों ने पटाखे फोड़े हैं जबकि सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों को लेकर प्रतिबंध भी लगाया था। दिवाली पर इतने पटाखे फूटने के बाद यह आँकड़ा देखना दिलचस्प है कि दिल्ली-NCR की एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) पर क्या असर पड़ा है – यह दिवाली से पहले कितना था, दिवाली के बाद कितना है?

आँकड़ों से यह स्पष्ट हो गया है कि दिल्ली को हर साल गैस चैम्बर बनाने की जिम्मेदार किसानों की पराली जलाने की घटना और अन्य कारक (कंस्ट्रक्शन/गाड़ियाँ आदि) हैं ना कि साल में एक दिन जलाए जाने वाले पटाखे। इस बात को आँकड़े भी सिद्ध कर रहे हैं। आँकड़ों में एकसमानता रखने के लिए हमने दिवाली के 1 दिन पहले और दिवाली से 1 दिन बाद के आँकड़े लिए। जगह और समय भी एक ही रखे ताकि वायु प्रदूषण के संबंधित कारकों में बहुत ऊँच-नीच ना हो।

दिवाली, पटाखे और AQI: कितना असर

दिवाली से एक दिन पहले 11 नवम्बर को सुबह 8 बजे दिल्ली के इंडिया गेट के पास स्थित मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 246 पर था। दिवाली के बाद 13 नवंबर की सुबह 8 बजे यह AQI 214 पर है।

दिल्ली के ही नेहरु नगर का AQI 11 नवम्बर को सुबह 8 बजे 258 पर था, जबकि 13 नवंबर को सुबह 8 बजे यह 242 पर है।

अब NCR के आँकड़ों को भी देख लिया जाए। क्या यहाँ दिवाली के पटाखों से कोई फर्क पड़ा है? दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के इलाकों को देखते हैं। गाजियाबाद के वसुंधरा इलाके में 11 नवम्बर को AQI 186 के स्तर पर था जबकि 13 नवंबर की सुबह यह 196 पर है।

दिल्ली के सबसे प्रदूषित इलाके कहे जाने वाले आनंद विहार में भी कोई ख़ास फर्क दिवाली के पटाखों का नहीं दिखा है। यहाँ पर 11 नवम्बर को AQI 296 पर था जबकि दिवाली के बाद 13 नवंबर को यह 312 पर है।

ऐसे में स्पष्ट हो रहा है कि दिल्ली में हवा जहरीली बनाने के लिए पटाखे अकेले जिम्मेदार नहीं है। दिवाली के लगभग 15 दिन पहले से ही दिल्ली की हवा खराब होना चालू हो गई थी, जब पंजाब में धान कटाई के साथ ही पराली जोरशोर से जलाई जा रही थी।

AQI के आँकड़े, टारगेट पर दिवाली

फर्जी पत्रकार, वामपंथी, सेकुलर टाइप के लोग जब आँकड़ों से संबंधित कुछ शेयर करते हैं, तो खेल करते हैं। यह खेल समय या जगह से संबंधित किया जाता है। आम पब्लिक इस खेल को सामान्यतः नहीं समझ पाती है। जैसे राजदीप को ही ले लीजिए। आनंद विहार के AQI को लेकर उसने जो आँकड़े शेयर किए, वो प्रोपगेंडा ही है… सच से कोसों दूर।

किसी जगह के एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के आँकड़े को समय बदल कर शेयर कर देने से रिजल्ट देखने वालों को आसमान-जमीन का फर्क दिखेगा। इसको ऐसे समझ सकते हैं। दिवाली की रात 12 बजे से सुबह 5-6 बजे तक अगर कोई किसी जगह का AQI शेयर करता है तो वो निश्चित ही बढ़ा रहेगा क्योंकि तब हवा में नमी बहुत होती है। ऐसे में प्रदूषण के लिए जिम्मेदार पार्टिकल हवा में ज्यादा देर तक लटके रहते हैं इसी नमी के कारण। राजदीप जैसे लोग आँकड़ों में यही खेल करके सोशल मीडिया पर टारगेट करते हैं – दिवाली को, हिंदू धर्म को।

पराली, AQI और AAP

दिल्ली में 10 नवम्बर को हुई बारिश से प्रदूषण से कुछ राहत मिली थी। इससे पहले 8 नवम्बर को दिल्ली के कई इलाकों का AQI 500 के पार था। आनंद विहार में इसी दिन सुबह 10:30 बजे AQI का स्तर 999 था। नेशनल स्टेडियम के पास 378, नेहरु नगर का 400 था।

गौरतलब है कि इसी दौरान पंजाब में पराली जलाने की दर 2,000/दिन को भी पार कर गई थी। ऐसे में पंजाब की पराली के धुंए से दिल्ली में प्रदूषण हो रहा था। IIT दिल्ली की एक स्टडी में भी यह बात सिद्ध हुई थी कि दिवाली के पटाखे दिल्ली में प्रदूषण का बड़ा कारण नहीं हैं।

पंजाब में इस वर्ष सितम्बर से लेकर नवम्बर के बीच पराली जलाने की 23,000 से अधिक घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। पंजाब की आप सरकार के मुख्यमंत्री भगवंत मान इसे रोकने में असफल रहे हैं। पंजाब के किसान उनके अफसरों से ही पराली में आग लगवा रहे हैं। उनकी इस असफलता पर पर्दा डालने के लिए दिल्ली के AAP प्रवक्ता आगे आ रहे हैं।

AAP वाले अब यह सिद्ध करने में जुटे हैं कि पंजाब की पराली से नहीं बल्कि हरियाणा की पराली से प्रदूषण होता है। वहीं दिल्ली के भीतर आम आदमी पार्टी सरकार के कूड़े का प्रबन्धन ना करने और समय से स्मॉग टावर समेत प्रदूषण नियन्त्रण सम्बन्धी कदम ना उठाने के कारण दिल्ली जहरीली हवा में साँस लेने को मजबूर है।