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विदेशी टीम के क्रिकेटरों ने बोला ‘जय श्रीराम’, Video में दिखाया ‘हिंदू प्रेम’ : कट्टरपंथी दे रहे गाली

आईसीसी वर्ल्ड कप 2023 के बीच विदेश की ओर से खेल रहे दो हिंदू क्रिकेटरों की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। इनमें एक का नाम केशव महाराज (साउथ अफ्रीका टीम के खिलाड़ी) है और दूसरे का नाम रचिन रवींद्र (न्यूजीलैंड के खिलाड़ी) है।

दोनों ही क्रिकेटरों की वीडियो देखने के बाद भारतीय यूजर्स उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे… कारण है- दोनों खिलाड़ियों के नाम अब भले ही विदेशी टीमों के साथ जुड़ा है , लेकिन वह अपनी संस्कृति और धर्म को नहीं भूले और न ही उन्हें जय श्रीराम बोलने-लिखने में सोचना पड़ता है।

केशव महाराज ने बोला जय श्रीराम

केशव महाराज ने हाल में वर्ल्ड हिंदू कॉन्ग्रेस 2023 में शामिल न हो पाने पर अपनी एक वीडियो बनाई। इस वीडियो में केशव महाराज कहते नजर आ रहे हैं कि दुर्भाग्य से वो इस सम्मेलन में शामिल नहीं हो पाएँगे। लेकिन ये कार्यक्रम शानदार हो वो इसकी कामना करते हैं।

अपनी बात कहने के बाद उन्होंने –जय श्रीराम बोला।

इसे सुनते ही उनकी वीडियो के नीचे जय श्रीराम लिखकर उनका अभिवादन किया जाने लगा। इससे पहले उनकी हिंदू धर्म के प्रति आस्था के किस्से पहले ही मशहूर हैं।

रचिन रवींद्र की दादी के साथ वीडियो

इसी तरह रचिन रवींद्र की वीडियो जो इस समय सोशल मीडिया पर बहुत वायरल है इसके वो अपने बेंगलुरु वाले घर पर दादी के साथ दिख रहे हैं। वीडियो में दादी उनकी नजर उतारती दिखती हैं। वह भगवान की फोटो के सामने जाकर रचित से कहती भी हैं- ये मेरे करीबी रिश्तेदार हैं। कृष्णा मेरे करीबी रिश्तेदार हैं। इसपर रचित मुस्कुराते हैं और दादी को देखते रहते हैं।

वीडियो को शेयर करने के लिए रचिन रवीन्द्र नाम के अकॉउंट से लिखा गया है- जय श्रीराम। ऐसा अद्भुत परिवार पाकर धन्य हूँ। दादा-दादी देवदूत हैं जिनकी यादें और आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ रहते हैं।

उनकी वीडियो देखने के बाद भारतीय उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे। लेकिन वहीं कट्टरपंथी हैं जो रचित की दादी के प्रेम को काला जादू बता रहे हैं। नौशाद बलूच नाम का यूजर लिखता है- नानी काला जादू कर रही हैं ताकि सेमीफाइनल में वह फ्लॉप हो जाए।

इसी तरह राहुल गाँधी की प्रोफाइल पिक लगाने वाले सलीम शेख कहता है आज से ये भक्तों का नया पापा।

बता दें कि रचित रवींद्र और केशव महाराज इस समय वर्ल्ड कप के चलते भारत में ही हैं। दोनों क्रिकेटरों को पहले से उनके हिंदू धर्म के प्रति प्रेम के कारण काफी सराहा जा चुका है। केशव महाराज जहाँ अपने बैट पर ओम लिखने और अपने हनुमान भक्त होने के कारण चर्चाओं में रह चुके हैं तो वहीं रचित रवींद्र भी अब अपनी वीडियो और जय श्रीराम लिखकर

Bumble पर मिली लड़की, मँगवाई ₹15000 का दारू-चखना, बिल बनवा कर गायब: कई लोगों से ऐसी ठगी, आप भी इस्तेमाल करते हैं डेटिंग एप्स?

आजकल टिंडर, बम्बल और हैप्पन जैसे डेटिंग एप्स काफी लोकप्रिय हैं। किसी व्यक्ति को गर्लफ्रेंड बनानी है, किसी लड़की के साथ हैंगआउट करना हो या फिर किसी अपरिचित लड़की को दोस्त बनाना है तो इसके लिए इन एप्स का खासा इस्तेमाल किया जाता है। कई बार लोग जीवनसाथी की तलाश में इस एप को खँगालते हैं। लेकिन, क्या आपको पता है कि ऐसे एप अब धोखाधड़ी का भी माध्यम बन रहे हैं? आप सावधान रहें, उसके लिए कुछ लोगों के अनुभव पढ़ लीजिए।

‘ABP न्यूज़’ में काम करने वाले 25 वर्षीय पत्रकार अर्चित गुप्ता ने हाल ही में Bumble से जुड़ा अपना एक अनुभव साझा किया है, जो डराने वाला है। उन्होंने बताया कि वो सिंगल हैं और उन्होंने इस एप के माध्यम से किसी ऐसी लड़की की तलाश करने की सोची जिसकी उनके साथ जम सके। इस दौरान दिव्या शर्मा नामक एक लड़की उनकी दोस्त भी बनी। फिर उसने राजौरी गार्डन में मिलने के लिए बुलाया। उस लड़की ने उन्हें ये एहसास दिलाया कि वो एक अर्थपूर्ण रिश्ते की तलाश में है।

अर्चित गुप्ता ने बताया कि वो लड़की उन्हें लेकर ‘द रेस लाउंज एन्ड बार’ नामक एक बार में गई। अर्चित उस जगह को लेकर आश्वस्त नहीं थे, फिर भी उन्हें वहीं बैठाया गया। उसने खुद के लिए कुछ ड्रिंक्स ऑर्डर किए। अर्चित गुप्ता ने बताया है कि वो शराब नहीं पीते, इसीलिए उन्होंने रेड बुल (एनर्जी ड्रिंक) ऑर्डर किया। एक हुक्का, 2-3 ग्लास वाइन, 1 वोडका शॉट, एक चिकन टिक्का, और एक पानी के बोतल का बिल 15,886 रुपए आया। बिल देख कर वो हैरान रह गए।

आखिरकार उन्हें इस बिल का भुगतान करना पड़ा। उन्होंने बताया है कि चूँकि बार वालों के मशीन के साथ कुछ समस्या थी, उन्होंने लगभग 4 बार उनके कार्ड को टैप किया। अर्चित गुप्ता ने बताया कि बाहर जाने से पहले वो वॉशरूम गए और लौटा तो देखा कि बिल उनके टेबल पर नहीं था। इसके बाद लड़की ने इस जगह को छोड़ने की जिद की और कहने लगी कि उसका भाई उसे लेने आ रहा है। पत्रकार जब घर पहुँचे तो पता चला कि उनके साथ धोखा हो चुका है।

जिस लड़की का नाम ‘दिव्या शर्मा’ Bumble पर दिखा रहा था, उसका नाम Truecaller ‘आफिया’ बता रहा था। इसके बाद उस लड़की ने उनका फोन कॉल उठाना बंद कर दिया। उन्होंने ‘Moneycontrol’ में छपे एक लेख का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें बाद में पता चला कि कई बार और क्लब लड़कियों को सिर्फ इसी काम के लिए हायर करते हैं। उन्होंने कहा कि बात सिर्फ पैसे की नहीं है, ये भावनात्मक और मानसिक रूप से प्रताड़ना का मामला है, वो भी जब आप सोच रहे होते हैं कि सामने वाला व्यक्ति विश्वास के लायक है।

अर्चित गुप्ता ने उक्त लाउंज को लेकर समीक्षाएँ भी पढ़ीं। इसमें कुछ लोगों ने बताया है कि उन्हें ज़्यादा बिल पे करने के लिए बाध्य किया गया। उन्होंने बताया कि ऐसे जाल फैला कर कई लड़कों को फाँसा गया है। बिल का भुगतान कराने के लिए बाउंसरों की मदद भी ली जाती है। उन्होंने इसे एक बड़ा रैकेट करार देते हुए कहा कि कई क्लब और बार इससे जुड़े हुए हैं। उक्त बार के रिव्यू में यशिका कत्याल नामक एक लड़की ने भी उसमें न जाने की सलाह देते हुए लिखा है कि ये लोग दिखाते कोई और मेनू हैं, लेकिन बिल किसी अन्य मेनू के हिसाब से बनाते हैं और फिर भुगतान के लिए बाध्य कर देते हैं।

अभिषेक झा नामक व्यक्ति ने भी राजौरी गार्डन में स्थित इस बार को लेकर कहा है कि एक्साइज डिपार्टमेंट को इसकी जाँच करनी चाहिए। ज़ैन कबीर नामक व्यक्ति ने लिखा है कि बार के मैनेजर और वेटर से लेकर इनके द्वारा हायर की गई लड़कियाँ – सब मिले हुए होते हैं। कई बार लड़की ऑर्डर देकर कहीं चली जाती है और अकेले बचे लड़के को बिल देना पड़ता है। उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। इसी तरह अभिनव मिश्रा नामक शख्स ने भी अपना अनुभव साझा किया है।

उनके साथ जुलाई 2023 में ये घटना हुई है। वो भी राजौरी गार्डन स्थित ‘The Race Lounge and Bar’ में ही गए थे। उन्होंने बताया कि उन्हें भी डेटिंग एप पर मिली एक लड़की वहाँ लेकर गई थी। जिन आइटम्स के बिल अधिकतम 3000 रुपए होने चाहिए थे, उसके लिए उनसे 11,000 रुपए वसूले गए। बिल में GST तक का जिक्र नहीं था। उन्होंने दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए लिखा कि सबूत के रूप में उनके पास कॉल रिकॉर्डिंग भी है।

वहीं ‘Moneycontrol’ की जिस स्टोरी का जिक्र किया गया है, वो ज़्यादा पुरानी नहीं बल्कि सितंबर 2023 की ही है। ये लेख एक Reddit पोस्ट पर आधारित था, जिसमें एक व्यक्ति ने बताया था कि कैसे इस जाल में फँस कर वो एक महिला के साथ उक्त बार में गया और उसे 14,000 रुपए का बिल पे करना पड़ा। उसने जब लड़की को बताया कि ये जगह फ्रॉड लग रही है तो वो वॉशरूम गई और लौट कर अपने पिता का फोन कॉल आने की बात कह कर निकल गई। उक्त शख्स ने बताया था कि ‘कैफे स्टूडियो’ नामक उसी बार में एक अन्य व्यक्ति ने भी अपने साथ धोखा होने की बात उसे बताई थी।

पढ़ने जाता था स्कूल, बना दिया ईसाई: मुंबई के रैपर लोका ने खोली मिशनरी स्कूलों में चल रही ब्रेनवाशिंग की पोल

गीतकार लोका के नाम से विख्यात रैपर ने पॉडकास्ट अनट्रिगर्ड विद अमिनजाज़ में ईसाई मिशनरियों के बारे में चौंकाने वाला खुलासा किया है। बचपन के मूल नाम अभिनय लोक बिस्टा से लोका बने गीतकार ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि बचपन में ही हॉस्टल और कॉन्वेंट स्कूलों में उन्होंने अनजाने में बपतिस्मा ले लिया था और लगभग ईसाई ही बन गए थे लेकिन अपनी माँ की वजह से बच गए। 

लोका ने अपने बचपन के दिनों के बारे में बात करते हुए बताया कि अगर उनकी माँ उनके बचाव में नहीं आतीं तो  उन्होंने बपतिस्मा ले लिया था और लगभग ईसाई मजहब अपना लिया था।  लोका बताते हैं, “मैं जेवियर्स हॉस्टल में था। तभी ईसाई मिशनरी के लोगों ने उन्हें बपतिस्मा दिया और लगभग ईसाई बना दिया। जब उनकी माँ को इन षडयंत्रों के बारे में पता चला, तो वह आईं और उन्हें उसी दिन निकालकर बाहर ले गईं। 

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने जानबूझकर और अपनी इच्छा से ईसाई मत अपनाया? तब लोका ने अपनी ब्रेनवॉशिंग और ईसाई हथकंडों पर कहा, “नहीं, वे अनुमति नहीं माँगते हैं या आपको खुले तौर पर कुछ नहीं बताते हैं कि वे आपको ईसाई बना रहे हैं। यह बहुत छिपे तौर पर बारीकी से होता है। जब तक मेरी माँ को इसके बारे में पता चला, तब तक मैं पहले ही 3 क्रिसमस मना चुका था और रोज़री बॉय बन गया था।

इसके बाद उन्होंने आगे कहा कि स्कूलों और छात्रावासों में ईसाइयत का प्रचार-प्रसार बड़े पैमाने पर होता है, जहाँ मिशनरी छात्रों को ईसाई मत में परिवर्तित करने के लिए अलग-अलग हथकंडे इस्तेमाल करते हैं।

यहाँ वह पूरा पॉडकास्ट है जिसमें लोका ने इस तरह की साजिशों का खुलासा किया है। 

गौरतलब है कि लोका मुंबई के प्रभावशाली हिप-हॉप कलाकारों में से एक हैं। उनके कई रैप सांग बेहद पॉपुलर है, जिसमें ‘ऑटोबायोग्राफी’, ‘क्या बोलते ब्रो’, ‘माफिया’ के अलावा और भी बहुत कुछ शामिल हैं। 

जब सुप्रीम कोर्ट से 11 साल के लड़के ने कहा- ‘मैं जिंदा हूँ’, उसके मर्डर पर नाना और मामा पर चल रहा था केस

सुप्रीम कोर्ट में एक अजब केस पेश आया, जब 11 साल के एक बच्चे ने अपनी हत्या के मामले में आरोपित बनाए गए नाना और चार मामाओं को बेकसूर बताया है। पीलीभीत के इस लड़के ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि उसके पिता ने इन लोगों पर झूठा केस दर्ज कराया था। इसको लेकर कोर्ट ने यूपी सरकार और एसपी को नोटिस जारी किया है।

दरअसल बीते हफ्ते इस केस की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही थी। सुनवाई के दौरान जज उस समय हैरान रह गए, जब यह बच्चा खुद कोर्ट में हाजिर होकर बताया कि उसकी हत्या नहीं हुई है। उसने कहा कि कि वह जिंदा है और उसकी हत्या का केस झूठा है। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई के लिए याचिका स्वीकार कर ली।

लड़के ने कोर्ट के सामने ये भी दावा किया कि उसके पिता ने उसके ननिहाल के लोगों पर ये झूठा केस दर्ज कराया था। इस याचिका को मंजूर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “अगले आदेश तक याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाया जाएगा।” कोर्ट ने इस केस को लेकर यूपी सरकार, पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक और न्यूरिया पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी को भी नोटिस जारी किया है।

इस मामले में बच्चे के वकील कुलदीप जौहरी ने टीओआई को बताया, “लड़के की माँ की शादी फरवरी 2010 में उसके पिता हुई थी। और अधिक दहेज की माँग को लेकर उसके पिता ने उसकी माँ को बेरहमी से पीटा था। मार्च 2013 में पिटाई की वजह से उसकी माँ की मौत हो गई। इसके बाद से लड़का अपने किसान नाना के साथ रह रहा था।”

बेटी की मौत के बाद बच्चे के नाना ने अपने दामाद के खिलाफ आईपीसी की धारा 304-बी (दहेज हत्या) के तहत एफआईआर दर्ज कराई। इस दौरान लड़के के पिता ने उसके नाना से बेटे की कस्टडी देने की माँग की। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच कानूनी लड़ाई शुरू हो गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मामले दर्ज करवाए।

वकील जौहरी के मुताबिक, इस साल की शुरुआत में लड़के के पिता ने अपने ससुर और उनके चार बेटों यानी अपने अपने साले पर अपने बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करवाई थी। इसके बाद ही पुलिस ने बच्चे के नाना और चार मामा को IPC की धारा 302 (हत्या), 504 (जानबूझकर अपमान) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया।

वकील जौहरी ने बताया, “उसके मुवक्किल ने एफआईआर को रद्द करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी। नतीजा उन्हें लड़के के साथ उसके जीवित होने के सबूत के तौर पर सुप्रीम कोर्ट में पेश होना पड़ा।” इस मामले में कोर्ट ने अगली सुनवाई जनवरी 2024 में तय की है।

‘IIT बॉम्बे के क्लासरूम में सिखाते हैं हिन्दू घृणा’ – छात्रों ने पुलिस से की शिकायत, हमास आतंकियों का समर्थन, अब देवदत्त पटनायक के लेक्चर पर बवाल

IIT बॉम्बे में देवदत्त पटनायक के एक लेक्चर को लेकर वहाँ उनका विरोध हो रहा है। देवदत्त पटनायक अक्सर सोशल मीडिया पर लोगों को गाली देने के लिए जाने जाते रहे हैं और हिन्दू धर्मग्रंथों की गलत-सलत व्याख्या करना उनका पेशा है। आईआईटी बॉम्बे में छात्र कह रहे हैं कि देवदत्त पटनायक के लेक्चर की यहाँ कोई ज़रूरत नहीं है। ‘विवेक विचार मंच’ नामक छात्र संस्था ने मुंबई के पुलिस कमिश्नर को पत्र लिख कर कहा है कि एक गुट कॉलेज परिसर के माहौल को दूषित करने में लगा हुआ है।

वहीं IIT बॉम्बे के छात्रों ने एक प्रोफेसर और एक गेस्ट लेक्चरर के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दायर की है। एक लेक्चर के दर्जन इन्होंने हमास और इस्लामी आतंकियों का समर्थन किया। सोमवार (6 नवंबर, 2023) को कोरसुरक का हिस्सा बता कर ये लेक्चर आयोजित किया गया है। वहीं अब देवदत्त पटनायक का विरोध हो रहा है। दीपावली के कारण कई छात्र अपने घर गए हुए हैं, ऐसे में इसका फायदा उठा कर इस तरह के लेक्चर आयोजित किए जा रहे हैं।

पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया है कि विभाजनकारी नीतियाँ अपना कर छात्रों को उकसाया जा रहा है। छात्रों ने हमास समर्थक प्रोफेसरों के खिलाफ FIR दर्ज करने की माँग की है। ह्यूमनिटीज एन्ड सोशल साइंस विभाग में पढ़ रहे ओमकार सुपेकर ने प्रोफेसर शर्मिष्ठा साहा और सुधन्वा देशपांडे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। ये ‘जन नाट्य मंच’ से जुड़ा हुआ है। फिलिस्तीन पर एक डॉक्यूमेंट्री दिखाए जाने का कार्यक्रम भी तय किया गया था।

इसी में उक्त प्रोफेसर ने देशपांडे को लेक्चर देने के लिए बुलाया था। छात्रों ने बताया कि इसके खिलाफ आवाज़ उठाने के बावजूद उनकी माँग पर ध्यान नहीं दिया गया। एक Ph.D छात्र ने बताया कि क्लासरूम में विरोध प्रदर्शनों का आयोजन, सरकार की आलोचना और हिन्दू धर्म को बदनाम करना आम हो गया है। बता दें कि देवदत्त पटनायक कह चुके हैं कि वो ‘बलात्कार के बदले बलात्कार’ वाली थ्योरी में यकीन करते थे।ट्रॉल होने के बाद उन्हें इसके लिए माफ़ी माँगनी पड़ी थी।

IIT बॉम्बे में हमास के समर्थन का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले प्रोफेसर अचिन वनैक को इसके लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन विरोध के बाद ‘अचानक आई परिस्थितियों’ का हवाला देते हुए इसे रद्द कर दिया गया था। इजरायल-फिलिस्तीन के ऐतिहासिक पहलुओं पर बात करने के नाम पर हमास समर्थक प्रोफेसर को बुलाया गया था, लेकिन फिर लेक्चर रद्द कर दिया गया। अचिन को इससे पहले जिंदल यूनिवर्सिटी में बुलाया गया था। वो भारतीय सेना को आतंकवादी बता चुका है।

दियरा घाट: पहली बार जहाँ मनी थी दीपावली, भगवान श्री राम ने किया था दीपदान; शामिल हुए थे अयोध्या के लोग भी

दिवाली पर अयोध्या में दीये जलाने का एक नहीं कई विश्व रिकॉर्ड बन रहे, हर साल टूट कर फिर नए रिकॉर्ड गढ़े जा रहे। दीपावली पर अयोध्या का महत्व हर हिंदू के लिए अप्रतीम है। भगवान श्रीराम के साथ इसकी जो कड़ियाँ जुड़ी हैं, वो हम सब को एक साथ जोड़ती है। आज बात लेकिन उस जगह की, जहाँ दिवाली सबसे पहली बार मनी थी, जहाँ भगवान श्री राम ने किया था दीपदान की शुरुआत। दियरा घाट (Diyara Ghat) है वो ऐतिहासिक जगह, अयोध्या से नजदीक ही है!

जहाँ से दीपदान की शुरुआत मानी जाती है, वह दियरा घाट अयोध्या से सटे सुलतानपुर जिले में है। सुलतानपुर का प्राचीन नाम कुशभवनपर था। इसे भगवान राम के सुपुत्र कुश ने बसाया था, इसलिए इसका नाम कुशभवनपुर पड़ा। जिला मुख्यालय से लगभग तीस किलोमीटर दूर ‘आदि गंगा’ कही जाने वाली गोमती नदी के तट पर दियरा घाट स्थित है, जहाँ पर अयोध्या से पहले दीपावली या दिवाली मनाई गई थी।

मान्यताओं के अनुसार रावण और लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद यहाँ पहुँचे भगवान श्रीराम ने ही पहला दीपदान किया था। लंका से श्रीराम, लक्ष्मण, सीता की सकुशल वापसी की खुशी में यहाँ हुए दीपदान में स्थानीय निवासियों के अलावा अयोध्या से अपने भगवान राम की अगवानी करने आए अयोध्यावासी भी दीपदान में शरीक हुए थे। अगल-बगल के ग्रामीण इस बात को लेकर आज भी बड़े गौरवांवित महसूस करते हैं कि दीप पर्व की शुरुआत उनके यहाँ से मानी जाती है।

हरिशयनी में प्रभु ने किया था विश्राम

दीपदान से पहले भगवान श्रीराम ने धोपाप में स्नान किया था। उसके बाद दियरा में दीपदान किया। प्रभु श्रीराम ने इसके बाद हरिशयनी गाँव में विश्राम किया था। मान्यता है कि हरि (श्रीराम) के शयन से ही इस गाँव का नाम पड़ा। इस सबका जिक्र यहाँ के जिला गजेटियर में भी किया गया है। आज भी हरिशयनी गाँव के लोग भगवान राम के मेजबान के तौर पर खुद को किस्मत का धनी समझते हैं।

योगी सरकार आने के बाद बदली सूरत, उम्मीद थोड़ी और की!

दियरा घाट दीपावली की शुरुआत का एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है। इस घाट के विकास से दीपावली पर्व की भव्यता और लोकप्रियता में और भी वृद्धि होगी। सरकार को इस घाट के विकास के लिए पहल करनी चाहिए।

अयोध्या में दीपावली पर दीपदान के आयोजनों को लेकर सुर्खियाँ बटोरती सरकार पर सुलतानपुर के दियरा घाट की उपेक्षा के आरोप स्थानीय लगाते हैं। हालाँकि योगी सरकार आने के बाद से दियरा के दिन बहुरे तो हैं, लेकिन बहुत सारे काम किए जाने बाकी हैं। आपको बता दें कि दियरा में घाट तक पक्की सड़क बनाई गई है।

दियरा घाट पर आज क्या होता है?

आज भी दियरा घाट पर दीपावली की पूर्व संध्या पर दीपदान का आयोजन किया जाता है। हालाँकि, यह आयोजन बहुत ही साधारण होता है। स्थानीय लोग यहाँ पर इकट्ठा होकर दीपदान करते हैं और भगवान श्री राम की पूजा करते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार को इस स्थल के विकास के लिए पहल करनी चाहिए ताकि यह स्थल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन सके। लोगों का कहना है कि इस स्थल पर एक भव्य मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए। साथ ही यहाँ एक दीपदान स्थल भी बनाया जाना चाहिए, इससे दीपावली पर्व को और भी भव्य तरीके से मनाया जा सकेगा।

अयोध्या का दीपोत्सव फिर बनाएगा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, 51 घाटों पर जगमगाएँगे 24 लाख दीये: CM योगी देंगे ₹153 करोड़ की सौगात

इस दीपावली अयोध्या में एक नया रिकॉर्ड बनेगा। वहाँ 24 लाख दीयों के साथ रामनगरी के 51 घाट जगमगाएँगे। श्रीरामजन्मभूमि मार्ग भी इस मौके पर भिन्न-भिन्न प्रकार के फूलों से सजाया गया है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस दीवाली को खास बनाने के लिए रविवार को ही 153 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास करने वाले हैं।

समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, इस दीवाली अयोध्या में होने जा रहे दीपोत्सव में यूपी सरकार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की योजना में हैं। इस समारोह में अलग-अलग जगहों से लोग आएँगे जिनमें झारखंड के पाकुर जिले के 48 जनजातीय लोग भी होंगे।

बताया जा रहा है कि ये जनजातीय लोग पर्वतीय क्षेत्रों में रहते हैं और दीपोत्सव में शामिल होने ये नंगे पाँव आने वाले हैं हैं। इन्हें झारखंड प्रदेश श्री राम जानकी चैरिटेबल सर्विस ट्रस्ट दीपोत्सव में सम्मिलित होने भेजेगा। इनके अलावा 50 देशों के मेहमान भी इस समारोह में आएँगे। वहीं 25 हजार के करीब स्वयंसेवक इसमें शामिल होंगे।

इसके अलावा चप्पे को हाई अलर्ट पर रखा गया है अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। पटाखों की दुकानें भी शहर से दूर खुले स्थान पर लगवाई गई हैं। यूपी पुलिस विभाग के स्पेशल डीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा है कि हर बार की तरह इस बार भी दीपोत्सव का त्योहार बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाया जाएगा।

CM योगी करेंगे ₹153 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

बता दें कि एक ओर दीवाली की संध्या से पूर्व शनिवार (11 नवंबर 2023) को अयोध्या में इतना भव्य कार्यक्रम होने जा रहा है और दूसरी ओर रविवार (12 नवंबर 2023) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वनटांगिया समाज के लोगों के साथ दीवाली मनाने जा रहे हैं। वनटांगिया गाँव जंगल तिकोनिया नंबर तीन में आयोजित दीपोत्सव के दौरान ही सीएम योगी करीब 153 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे। इनमें मुख्यमंत्री जनपद के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के गाँवों से संबंधित 91 करोड़ की 32 परियोजनाएँ का लोकार्पण और 62 करोड़ की लागत वाली 20 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल होगा।

बंगाल में 20 साल से नहीं बनी सड़क, ‘पगली’ ने रोप डाले धान, लहलहाई फसल पर हर कोई हैरान: आखिर पागल कौन – महिला या सरकार?

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के निर्माणाधीन लेन पर धान की फसल लहलहा रही है। आपको शायद ये जानकर हैरानी होगी कि ये फसल मानसिक तौर से विक्षिप्त एक महिला ने उगाई है। लगभग 50 साल की इस महिला ने यहाँ धान उगा डाला है।

राष्ट्रीय राजमार्ग के नजदकी खुले आसमान के नीचे रहने वाली ये महिला खुद को पूरी दुनिया की मालकिन कहती है। ये एक तरह से सच भी लगता है, क्योंकि उसके सिर पर छत के तौर पर अनंत नीला आकाश है। घर के तौर पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के स्वामित्व वाली विशाल भूमि है।

इसी जगह पर ये महिला प्लास्टिक के एक टुकड़े के नीचे रात गुजारती है। यहाँ रहने वाले भी इसका नाम नहीं जानते। स्थानीय लोग इसे ‘पागल’ कहते हैं। पता पूछने पर ये कहती है, “मैं पूरी दुनिया का मालिक हूँ।” हालाँकि, इसके धान की रोपाई को अतिक्रमण का नाम दिया गया।

जिस जगह धान की रोपाई की गई है, वह राष्ट्रीय राजमार्ग 34 दक्षिण बंगाल और उत्तर बंगाल को जोड़ने वाली सड़कों में से एक है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की पहल पर सड़क परिवहन मंत्रालय की आवंटित धनराशि से राष्ट्रीय राजमार्ग के दो और लेन के विस्तार का काम कई साल पहले शुरू हुआ था।

इसके लिए जमीन का अधिग्रहण करीब दो दशक पहले किया गया था। अधिग्रहीत भूमि पर काम शुरू किया गया था, लेकिन बीते कुछ वक्त से यहाँ का काम रुका हुआ था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अब थोड़ी-सी बारिश में इस इलाके में पानी भर जाता है।

मानसून के दौरान यहाँ अच्छा खासा पानी जमा हो जाता था। पानी के उतरते ही इस विक्षिप्त महिला ने यहाँ धान के बीज बो दिए। इस फसल के लिए उसने नेशनल हाईवे के किनारे पड़े गोबर को खाद के तौर पर इस्तेमाल किया है। इसको देखकर राहगीर हँसते थे, लेकिन किसी ने उसे ऐसा करने नहीं रोका।

रोपाई के कुछ दिन बाद वहाँ हरियाली छा गई। सड़क के बीच के एक बड़े इलाके में फैले धान के पौधों को देखकर स्थानीय लोग भी हैरान रह गए। धान के खेत को लेकर ये महिला बेहद संवेदनशील है। वो खुद ही धान की कटाई करती है और किसी को इसे छूने तक नहीं देती है। महिला सुबह से शाम तक अपना वक्त इस मैदान में बिताती है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, “पागल ने उन धान के पौधों पर पक्षियों को भी फटकने नहीं दिया।” उसका आधे से अधिक धान पक चुका है। महिला ने कुछ धान काट लिए हैं और अभी कुछ बाकी है। नेशनल हाईवे पर एक दिव्यांग महिला की कलाकारी देखकर हर कोई हैरान है। पूछने पर वह बुदबुदाती है, “यह दुनिया मेरी है, ज़मीन मेरी है, चावल मेरा है।”

पास में ही मोबाइल दुकान चलाने वाले नूर सलीम कहते है, “ये विक्षिप्त औरत पाँच साल पहले यहाँ आई थी। बहुत पूछने के बावजूद कोई उसका नाम नहीं जान सका। मुझे यह भी नहीं पता कि यह कहाँ से आई है, लेकिन हम सभी उसे प्यार से ‘पगली’ कहकर बुलाते हैं।”

इस सड़क से थोड़ा नीचे एक मस्जिद है। इस औरत को लेकर इसके इमाम मुफ्ती हबीबुर रहमान बताते हैं, “कोई भी सेहतमंद शख्स इस तरह नहीं सोच सकता। इस महिला ने कई लोगों के मुकाबले अधिक परिपक्व बुद्धि दिखाई है। मेरी राय में वह मानसिक रूप से असंतुलित नहीं है। स्थिति, तनाव या किसी बीमारी के कारण उसकी याददाश्त गायब हो गई है।”

विक्षिप्त औरत को लेकर स्थानीय होटल के मालिक रूबेल शेख ने कहा, “जब कोई कुछ देता है तो ये लेती नहीं है। केवल हमारे होटल में दोपहर का भोजन करती है। यह मछली और मांस भी नहीं खाना चाहती। सिर्फ सब्जियाँ खाती है। इसे कोई लालच नहीं। किसी से कोई नाराजगी नहीं है। उसका व्यवहार अलग है।”

इस मामले को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना अधिकारी सुबीर मिश्रा कहते हैं कि सरकार की अधिग्रहित जमीन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण अवैध है। वो ये भी कहते हैं, “लेकिन यह (चावल की खेती) हमारी आँखों के सामने हुई है। मुझे बताएँ कि क्या कहूँ! सच कहूँ तो हम भी प्रभावित हैं। यह ऐसा है, जैसे हम भ्रम में पड़ गए हैं।”

जिसकी बाँहों में बॉलीवुड की बड़ी-बड़ी हीरोइनें, कौन है वो ऑरी? सारा बोलीं बहुत एनर्जी वाला है, अनन्या कहती हैं बहुत कुछ करता है

फिल्म निर्माता करण जौहर के शो ‘कॉफी विथ करण’ वें संस्करण अभी चालू है, जिसमें हाल ही में अभिनेत्रियाँ सारा अली खान और अनन्या पांडेय पहुँची थीं। इस एपिसोड का एक वीडियो क्लिप वायरल हो रहा है, जिसमें ऑरी नाम के एक व्यक्ति की चर्चा हो रही है। इसके बाद से ही लोग सवाल पूछ रहे हैं कि ये ऑरी है कौन? ऑरी करता क्या है? कई बॉलीवुड की अभिनेत्रियों के साथ ऑरी की तस्वीरें हैं। इन तस्वीरों में वो अभिनेत्रियों के काफी करीब नज़र आता है। कुछ लोग उसे ड्रग्स सप्लायर तक बता दे रहे।

एक सवाल के जब के दौरान सारा अली खान ने ऑरी का जिक्र कर दिया, जिसके बाद करण जौहर ने भी पूछ दिया कि ऑरी कौन है? इस पर सारा अली खान ने कहा कि भला कौन नहीं जानता है कि ऑरी कौन है? अनन्या ने भी हस्तक्षेप करते हुए कहा कि उन्हें एक व्यक्ति को समझाना पड़ा था कि ऑरी कौन है, क्योंकि वो उसे नहीं जानता था। बकौल अनन्या, समझाने के बाद उक्त व्यक्ति ने कहा कि ऑरी को प्यार तो सब करते हैं, लेकिन उसे समझ नहीं पाते।

इस पर करण जौहर ने कहा कि ऐसे व्यक्ति को सनसनी कहते हैं। अनन्या पांडेय ने हामी भरते हुए कहा कि उन्हें भी सबसे यही बताने को कहा गया है। लेकिन, फिर करण जौहर ने कहा कि ये कोई प्रोफेशन नहीं हुआ, लोगों के पास कोई न कोई काम होता है। आखिर वो करता क्या है? सारा अली खान ने इसका जवाब दिया कि वो एक मजाकिया इंसान है, उसके भीतर काफी ऊर्जा है। अनन्या पांडेय ने भी हामी भरते हुए कहा कि ऑरी मजाकिया इंसान है, कैप्शन के मामले में वो अच्छा है।

सारा अली खान ने कहा कि वो अपनी तस्वीरों या वीडियो के लिए उससे कैप्शन माँगती रहती हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि वो अच्छे कपड़े भी पहनता है। हालाँकि, इसके बावजूद करण जौहर को इस सवाल का कोई जवाब नहीं मिला कि ऑरी करता क्या है। उन्होंने फिर पूछा कि वो क्या करता है। अनन्य पांडेय ने जवाब दिया, “वो बहुत कुछ करता है। वो खुद पर काम करता है।” सारा अली खान फिर प्रतिक्रिया देती हैं, “वो खुद पर भी काम करता है।”

ऑरी के बारे में बताते चलें कि भूमि पेडनेकर, करीना कपूर, जाह्नवी कपूर, न्यासा देवगन, नीता अम्बानी और दीपिका पादुकोण जैसी हस्तियों के साथ उसकी तस्वीरें हैं। ऑरी ने लिंक्डइन पर लिख रखा है कि वो रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के अध्यक्ष के दफ्तर में स्पेशल प्रोजेक्ट मैनेजर है। उसने फाइन आर्ट्स एन्ड कम्युनिकेशन डिजाइन में स्नातक कर रखा है। उसने ये कोर्स न्यूयॉर्क स्थित पार्सन्स स्कूल ऑफ डिजाइन से पूरा किया था। एक इंटरव्यू के दौरान उसने बताया था कि वो खुद पर काम करता है, जिम जाता है, सेल-रिफ्लेक्शन करता है, योग करता है, मसाज के लिए जाता है और वो काम कर रहा है, खुद पर काम कर रहा है।

वो खुद को गायक, गीतकार और फैशन डिजाइनर भी बताता है। साथ ही ऑरी ने खुद को क्रिएटिव डायरेक्टर, स्टाइलिस्ट, एग्जीक्यूटिव अस्सिस्टेंट, शॉपिंग करने वाला, फुटबॉल का खिलाड़ी बताते-बताते कहा कि उसे खुद नहीं पता कि वो क्या-क्या है। उसने कहा था कि उसे महसूस होता है कि जीवन का अर्थ है आपके पास सपने होना, अपने सपनों को बड़ा करना, उन्हें पंख देना, और मौके का फायदा उठाना। उसने कहा था कि वो ऐसा व्यक्ति है जिसे अगर आप अपने घर की दीवार पर कुछ पेंट करने कहेंगे तो वो पूरा घर पेंट कर देगा।

अंत में बता देते हैं कि ऑरी का असली नाम ओरहान अवात्रामणि है। स्टार किड्स के साथ उसे बाँहों में बाँहें डाले कई बार देखा गया है। सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा और अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस भी उसके पोस्ट्स पर कमेंट करती हैं। उसे एक बड़े कारोबारी का बेटा भी बताया जाता है। वो अमीरी, टॉम फोर्ड, विजन ऑफ सुपर और प्रादा जैसे ब्रांड्स के साथ भी जुड़ा हुआ है। हॉलीवुड में किम कार्दशियन और काइली जेनर तक के साथ वो दिख चुका है। अब ‘MenXP’ के एक वीडियो में ऑरी खुद बताएगा कि वो करता क्या है। इसका टीजर भी जारी किया गया है।

दिवाली में पटाखों पर अब बॉम्बे हाईकोर्ट का चाबूक: पहले 3 घंटे की दी थी इजाजत, अब उसे भी घटा दिया, दिया दिल्ली का उदाहरण

“दिल्ली वाले ना बनें, मुंबईकर ही रहें…” – दिवाली से पहले शुक्रवार (10 नवंबर, 2023) प्रदूषण पर सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय ने ये बड़ी टिप्पणी की है। दरअसल, दिवाली पर पटाखों को बढ़ते प्रदूषण की वजह मानते हुए कोर्ट ने स्वयं संज्ञान लिया है। हालाँकि, कोर्ट ने अपने आदेश में दिवाली पर पटाखे चलाने पर पूरी तरह बैन न लगाकर, उसके समय सीमा को कम कर दिया है। इस आदेश में मुंबई और आसपास के इलाकों में अब दिवाली के दिन सिर्फ दो घंटे ही पटाखे जला सकते हैं।

हाई कोर्ट ने कहा कि दिवाली के दिन सिर्फ रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे जलाए जा सकते हैं। इससे पहले कोर्ट ने 7 से 10 बजे तक 3 घंटे की इजाजत दी थी, पर वायु प्रदूषण को देखते हुए कोर्ट ने नई समय सीमा तय की है। साथ ही बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक कमिटी बनाने का आदेश भी दिया है, जिसमें आईआईटी के लोग भी शामिल होंगे। यह टीम एयर पॉल्यूशन पर नजर रखेगी और आने वाले दिनों में एक रिपोर्ट बनाकर कोर्ट को देगी। 

“दिल्ली वाले ना बनें, मुंबईकर ही रहें”

बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिवाली पर प्रदूषण का स्वयं संज्ञान में लेते हुए कहा कि वह 6 नवंबर, 2023 के अपने आदेश में संशोधन कर रही है। नए आदेश के अनुसार अब पटाखे चलाने का समय रात 8 बजे से 10 बजे तक तय कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि महानगर में कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जहाँ वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खराब बना हुआ है। हम एक आपात और गंभीर स्थिति में हैं। लगातर कई प्रयास किए गए हैं लेकिन शायद कुछ और करने की जरूरत है। 

कोर्ट ने कहा कि 6 नवंबर के आदेश के अन्य सभी निर्देश 19 नवंबर तक लागू रहेंगे। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने कहा कि पटाखे जलांने में आई गिरावट तो ठीक है लकिन हमें मुंबईकर ही बने रहना है। दिल्ली की राह पर नहीं चलना है। प्रदूषण पर निगरानी के लिए वैधानिक व्यवस्था बनाने की जरूरत है। कोर्ट ने यह भी कहा कि कोर्ट इसकी एक्सपर्ट नहीं है, इस विषय पर गहराई से अध्ययन की जरूरत है। यह समस्या हर साल आती है। 

बॉम्बे हाईकोर्ट ने जारी किए निर्देश

गौरतलब है कि दिवाली पर सिर्फ पटाखों पर ही गाज नहीं गिरी है बल्कि वायु प्रदूषण को रोकने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कई निर्देश जारी किए हैं। निर्माण कार्य के दौरान कंट्रक्शन मैटेरियल के वाहनों को ढँकना अनिवार्य होगा। महाराष्ट्र के 10 शहरों की प्रदूषण की रिपोर्ट महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पेश करनी होगी। जिसके लिए एक समिति बनानी होगी, जिसमें तीन सदस्य होंगे। यह समिति साप्ताहिक रिपोर्ट तैयार करेगी जो कि बृहन्मुंबई नगर पालिका की रोज की रिपोर्ट पर आधारित होगी, जिसे बॉम्बे हाईकोर्ट के सामने रखा जाएगा।