Home Blog Page 1404

आपका सोना कितना खरा, अब अपने मोबाइल से करिए जाँच: धनतेरस पर BIS ने लॉन्च किया एप, जानिए कैसे कर सकेंगे इस्तेमाल

धनतेरस, दिवाली या फिर शादियों के लिए सोने के जेवर या गोल्ड खरीद रहे हैं तो अब शुद्धता को लेकर घबराने की जरुरत नहीं है। चाहे दुकान से खरीद रहे हों या भीड़भाड़ से बचने के लिए ऑनलाइन एप से जेवर या गोल्ड का कोई सामान खरीदते हैं तो इसकी शुद्धता की जाँच के लिए BIS ने धनतेरस पर एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है जिससे आप जान सकते हैं कि आपका सोना कितना है खरा।

इस ऐप के जरिए आपको यह भी पता लगेगा कि आपके द्वारा खरीदा गया गोल्ड हॉलमार्क के मानकों पर खरा उतरता है कि नहीं। दरअसल, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने बीआईएस केयर एप (BIS Care App) बनाया है, जो पलक झपकते ही आपको बता देगा कि सोने के जेवर की हॉलमार्किंग असली है कि नहीं।

ये ऐप सभी आईएसआई और हॉलमार्क-सर्टिफिकेट को ट्रैक करने में मदद कर सकता है। ये कस्टमर को हॉलमार्क की शुद्धता सत्यापित करने में मदद करता है। खास बात ये है कि इस एप को एंड्रोइड के साथ ही एप्पल यूजर भी आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे करें BIS Care App डाउनलोड

किसी भी चीज की गुणवत्ता और उसकी प्रमाणिकता बताने वाली संस्था BIS के BIS Care App नाम लॉन्च मोबाइल एप को आप Google Play Store में जाकर सर्च कर डाउनलोड किया जा सकता है।

गुणवत्ता के पैमाने पर भी इस एप को 4 स्टार से अधिक रेटिंग मिली है। मतलब साफ है कि गुणवत्ता परखने में इसका कोई सानी नहीं है। इसकी मदद से आप आसानी से किसी भी सामान की हॉलमार्किंग या ISI मार्क की परख कर सकते हैं।

कैसे करें BIS Care App इस्तेमाल

बीआईएस वेबसाइट में अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के तहत छह कैटेगिरी में सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग को मंजूरी दी गई है। ये 14K, 18K, 20K, 22K, 23K और 24K हैं।

बता दें कि सोने के जेवर के खरेपन को परखने के लिए लिए बीआईएस केयर एप में हॉलमार्क विशिष्ट पहचान (HUID) फीचर है। इसका इस्तेमाल करना भी बेहद आसान है। केवल वेरीफाई HUID में इस नंबर या लाइसेंस नंबर डाल कर पता किया जा सकता है कि जेवर कितने खरे हैं।

BIS Care App किसी भी आईटम या प्रोडेक्ट को आईएसआई मार्क, हॉलमार्क और सीआरएस रजिस्ट्रेशन मार्क की कसौटी पर परखने वाला शानदार और एक आसान जरिया है। इस एप के जरिए सामान की क्वालिटी या विश्वसनीयता को लेकर किसी भी तरह का शक होने पर शिकायत भी की जा सकती है।

जिस पाकिस्तान से कश्मीर में आतंकवादियों को भेजता था अकरम गाजी, उसी जमीन पर मार गिराया गया: जानिए लश्कर आतंकी को ‘अज्ञात’ ने कैसे किया ढेर

भारत में वांछित एक इस्लामी आतंकी की पाकिस्तान में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। यह आतंकी कोई और नहीं बल्कि कुख्यात अकरम खान उर्फ अकरम गाजी है। अकरम लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का पूर्व कमांडर था। उसे गुरुवार (9 नवंबर 2023) की रात अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। बीते एक सप्ताह में यह दूसरी घटना है, जिसमें अज्ञात हमलावरों ने आतंकी की हत्या की है।

आतंकी अकरम गाजी ने साल 2018 से 2020 तक लश्कर भर्ती सेल का नेतृत्व किया था। वह पाकिस्तान में भारत के विरोध में भड़काऊ भाषण देता था और युवाओं को दहशतगर्दी की राह पर धकेलता था। इसके साथ ही वह उन्हें कश्मीर में घुसपैठ कराकर भारत में आतंक फैलाता था। वह लंबे समय से चरमपंथी गतिविधियों में शामिल था। उसकी हत्या पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में की गई है।

दरअसल, पाकिस्तान के बाजौर इलाके में कुछ बाइक पर सवार कुछ अज्ञात हमलावरों ने अकरम गाजी को गोली मार दी। कहा जा रहा है कि उसके सिर में गोली मारी गई है। हाल के दिनों में लश्कर-ए-तैयबा का ये तीसरा टॉप कमांडर आतंकवादी है, जिसकी हत्या की गई है। इन सभी को अज्ञात हमलावरों द्वारा हत्या की गई है। इन हत्याओं से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI भी सकते में हैं।

रविवार (5 नवंबर 2023) को साल 2018 में जम्मू-कश्मीर के सुंजवान में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड में से एक ख्वाजा शाहिद की हत्या कर दी गई थी। ख्वाजा शाहिद का पहले अपहरण कर लिया गया था। इसके बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास उसका सिर कटा हुआ मिला था। इस घटना में भी अज्ञात हमलावर शामिल थे।

इसी साल अक्टूबर में पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड शाहिद लतीफ की पाकिस्तान में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। साल 2016 में जम्मू-कश्मीर के पठानकोट वायुसेना स्टेशन में आतंकी हमला हुआ था। इस आतंकी घटना में शामिल चार आतंकवादियों का वह हैंडलर था। वहीं, दूसरा आतंकी और ISI का एजेंट मुल्ला बाहौर उर्फ होर्मुज को भी अज्ञात लोगों ने गोली मार दी।

इससे पहले सितंबर में अज्ञात बंदूकधारियों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के रावलकोट में लश्कर-ए-तैयबा के एक शीर्ष आतंकवादी कमांडर रियाज अहमद उर्फ अबू कासिम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। रियाज अहमद कोटली से नमाज अदा करने के लिए अल-कुदुस मस्जिद आया हुआ था। वहीं, हमलावरों ने घुसकर उसके सिर में गोली मार दी। वह भी LeT में लोगों की भर्ती करता था।

उससे पहले पिछले माह ‘लश्कर ए तैयबा’ के प्रमुख हाफिज सईद के करीबी अबु कासिम को रावलकोट में गोली मारी गई थी। खालिस्तान कमांडो फोर्स का दुर्दांत आतंकी और भारत में मोस्ट वॉन्टेड परमजीत सिंह पंजवाड़ की भी पाकिस्तान में अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या की थी।

जैश का खूंखार आतंकी जहूर मिस्त्री की भी हत्या हुई थी। जहूर मिस्त्री कंधार विमान अपहरण कांड में शामिल था। वहीं, आतंकी बशीर अहमद मीर उर्फ इम्तियाज आलम को रावलपिंडी में गोली मार दी गई थी। हिजबुल मुजाहिदीन ने उसे लॉन्च पैड सँभालने की जिम्मेदारी थी और वह पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कराता था।

वहीं, पाकिस्तान के उत्तरी वजीरीस्तान में दाऊद मलिक को अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरी वजीरीस्तान के मिराली एरिया में कुछ नकाबपोश बंदूकधारियों ने दाऊद मलिक को उस समय गोली मारकर हत्या कर दी, जब वह एक क्लिनिक में गया था। नकाबपोश वहाँ पहले से ही उसका इंतजार कर रहे थे।

वहीं, पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में ही आतंकी सैयद नूर शालोबार की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। शनिवार (04 मार्च 2023) को अज्ञात हमलावरों ने कश्मीर में कई आतंकवादी घटनाओं के लिए जिम्मेदार शालोबार को गोलियों से भून डाला था। नूर शालोबार पाकिस्तानी सेना और ISI के साथ मिलकर कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने का काम कर रहा था।

नूर शालोबार से पहले सैयद खालिद राजा, एजाज अहमद अहंगर और बशीर अहमद नाम के आतंकियों की भी गोली मार कर हत्या हो चुकी है। मारे गए चारों आतंकी भारत में मोस्ट वांटेड थे। इनमें से एक को अफगानिस्तान में ढेर किया गया जबकि 3 का शिकार पाकिस्तान में ही बनाया गया।

चर्बी हटाने के लिए सर्जरी करा रही थी हिरोइन, 4 बार पड़ा दिल का दौरा: मौत के बाद बोले डॉक्टर- सर्जरी से पहले एकदम ठीक थी

ब्राजील की 29 वर्षीय इन्फ्लुएंसर व एक्ट्रेस लुआना एंड्रे का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। बताया जा रहा है कि लुआना घुटनों की पास की चर्बी कम करवाने के लिए लिपोसक्शन करवा रही थीं। लेकिन, ये सर्जरी सफल होती इससे पहले ही मॉडल को 4 बार दिल का दौरा पड़ गया और उनकी वहीं मौत हो गई।

ब्राजील के साउथईस्टर्न शहर साओ पाउलो की निवासी एंड्रे वहीं एक अस्पताल में सर्जरी करवाने पहुँची थीं। करीब ढाई घंटे की सर्जरी के बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ा जिसके तुरंत बाद सर्जरी को रोक दिया गया। उनके कई टेस्ट किए गए और पता चला कि उनकी रक्तवाहिका में चकत्ते जमने से रक्त के प्रवाह में बाधा आई और सर्जरी के वक्त उन्हें एक के बाद एक 4 दिल के दौरे पड़े।

डॉक्टरों ने यह भी दावा किया है कि सर्जरी से पहले हुई जाँच में लुआना का स्वास्थ सही था। ऑपरेशन से पहले हर पहलू को मद्देनजर रखते हुए जाँच की गई थी। इसके बाद भी ये हादसा हो गया।

उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया, दवाइयाँ चलाई गईं लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद डॉक्टर उनको बचाने में असफल रहे। लुआना को 7 नवंबर की सुबह 5:30 बजे मृत घोषित किया गया जिसके बाद उनके तमाम फैंस और सेलीब्रिटीज ने सोशल मीडिया पर दुख प्रकट किया।

बता दें कि लिपोसक्शन के दौरान होने वाली ये कोई पहली मौत नहीं है। इसी साल के फरवरी माह में 4 डॉक्टरों को इसी लिए सजा मिली थी क्योंकि उन्होंने एक महिला का लिपोसक्शन किया था लेकिन सर्जरी के वक्त महिला की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।

पहली बीबी के रहते दूसरी से निकाह, चार बच्चों को किया दाने-दाने को मोहताज: समझाने गई सास तो दामाद नईम अंसारी ने कर दी हत्या

झारखण्ड के दुमका से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहाँ पहली बीबी के रहते दूसरी स्त्री से निकाह और पहली सास की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप के मुताबिक दामाद ने अपनी दूसरी बीबी के घरवालों के साथ मिलकर पहली बीबी की माँ की पहले पिटाई की और फिर गला दबा कर हत्या कर दिया। घटना झारखण्ड के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के शिवतल्ला गाँव की है। 

दरअसल, इस मामले में मंगलवार (7 नवंबर, 2023) की शाम शिकायत मिलने के बाद ससुराल समझाने गई 55 साल की मोमिन बीबी पर दामाद और सौतन के घरवालों ने पिटाई करने के बाद गला दबा दिया। वहीं पुलिस ने मृतका के बेटे नौशाद अंसारी के बयान पर दामाद नईम अंसारी, कैरामत मियाँ, जियाउल अंसारी, चुनकी खातून, सोनाभन बीबी, पुसिया अंसारी व रिजाउल अंसारी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। वहीं मुख्य आरोपित फरार है। पुलिस आरोपित नईम अंसारी की तलाश कर रही है।

क्या है पूरा मामला 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतका रांगा गाँव की रहने वाली थी। मृतका के बेटे नौशाद ने बताया कि उसकी बहन की शादी शिवतल्ला गाँव के नईम अंसारी के साथ हुई थी। चार बच्चे होने के बाद भी नईम ने गाँव  की एक दूसरी महिला से निकाह कर लिया।

निकाह करने के बाद बहन को अनाज के लिए तरसाने लगा। मंगलवार को बहन ने माँ को फोन कर बताया कि घर में अनाज नहीं है। नईम अंसारी बच्चों को भूखा रख रहा है, खाने को अनाज तक नहीं दे रहा। जिसके बाद वह बेटे के साथ बेटी की ससुराल दामाद को समझाने गई। इस दौरान 55 साल की मोमिन बीबी पर दामाद नईम अंसारी और दूसरी बीबी के घरवालों ने माँ-बेटे पर हमला कर दिया।

दामाद नईम अंसारी ने पहले तो धक्का-मुक्की की। इसके बाद जीजा नईम ने फोन कर दूसरी बीबी के घरवालों को बुला लिया। उन लोगों ने घर आते ही उसकी और माँ  की जमकर पिटाई की। फिर नईम ने माँ  का गला दबा दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसकी मौत हो गई।

आरोप के मुताबिक वह बस दामाद को समझाने गई थी कि वह अपने बच्चों को भूखा ना रखे। बस इसी बात पर दामाद और सास में विवाद शुरु हुआ जिसके बाद उसने सास का गला दबा कर हत्या कर दी। वहीं पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है, पुलिस ने मृतका मोमिन बीबी के बेटे नौशाद अंसारी के बयान पर दामाद नईम अंसारी, कैरामत मियाँ, जियाउल अंसारी, चुनकी खातून, सोनाभन बीबी,पुसिया अंसारी व रिजाउल अंसारी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। इस मामले में पुलिस आगे की कारवाई कर रही है। 

कतर के कोर्ट में भारत ने की अपील, नौसेना के 8 पूर्व अधिकारियों को सुनाई थी मौत की सजा: विदेश मंत्रालय बोला- मामला संवेदनशील, अटकलें ना लगाएँ

भारतीय नौसेना के 8 पूर्व अधिकारियों को कतर में दी गई मौत की सजा पर भारत सरकार ने वहाँ की कोर्ट में अपील की है। इसकी जानकारी भारत के विदेश मंत्रालय ने दी है। दरअसल, अक्टूबर में कतर की एक अदालत ने इन सभी को सजा सुनाई थी। ये सभी सितंबर 2022 में जासूसी के झूठे आरोप में गिरफ्तार किया था।

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार (9 नवंबर 2023) को कहा, “फैसला गोपनीय है। निर्णय देने वाली अदालत ने हमारी कानूनी टीम के साथ साझा किया गया। सभी कानूनी विकल्पों पर विचार करते हुए अपील दायर की गई है। हम कतर के अधिकारियों के संपर्क में हैं। हमें 7 नवंबर को जेल में बंद भारतीयों के साथ एक और कांसुलर एक्सेस भी मिला।”

विदेश मंत्रालय ने आगे कहा, “हम सभी भारतीयों को कानूनी और कांसुलर समर्थन देना जारी रखेंगे और हम सभी से मामले की संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए अटकलों में शामिल नहीं होने का आग्रह करते हैं।” मंत्रालय ने कहा कि वह कतर में बंद भारतीय अधिकारियों के परिवार के सदस्यों के साथ भी संपर्क में है।

कतर की क्यों कैद में हैं पूर्व अधिकारी

नौसेना के ये सभी पूर्व अधिकारी कतर की राजधानी दोहा की एक प्राइवेट कंपनी में काम कर रहे थे। ये कंपनी टेक्नोलॉजी और कंसल्टेंसी का काम करती है। 30 अगस्त 2022 को कतर की खुफिया एजेंसियों ने इन पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाते हुए इन्हें हिरासत में ले लिया था।

शुरुआत में इन पूर्व अधिकारियों पर व्यवसायिक प्रतिद्वंद्विता और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप बताया गया, लेकिन बाद में सामने आया कि इन्हें जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मिडिल-ईस्ट की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी पूर्व अधिकारियों को इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप में हिरासत में लिया है। हालाँकि, कतर की तरफ से इस बारे में सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। 

भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त ये सभी अधिकारी पिछले 5 सालों से दाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजी एंड कंसल्टेंसी नाम की एक कंपनी में काम कर रहे थे। यह कंपनी मिडिल-ईस्ट में स्थित एक देश के मिलिट्री अधिकारी की बताई जाती है। यह कंपनी कतर की नौसेना को ट्रेनिंग और कंसल्टेंसी देने का काम करती है।

इन अधिकारियों के साथ ओमान के एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी स्क्वाड्रन लीडर खमीस अल अजमी को भी हिरासत में लिया गया था। हालाँकि, खमीस अल अजमी को 18 नवंबर 2022 को ही रिहा कर दिया गया, बाकी सभी भारतीय अधिकारियों को अभी भी हिरासत में रखा गया है।

भारतीय अधिकारियों पर आरोप

दरअसल, भारतीय नौैसेना के पूर्व अधिकारी कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर पूर्णेंदु तिवारी, कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा, कमांडर सुगुनाकर पकाला, कमांडर संजीव गुप्ता, कमांडर अमित नागपाल और नाविक रागेश कतर की एक निजी फर्म दाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज के लिए काम करते थे।

डिफेंस सर्विस प्रोवाइडर ऑर्गनाइजेशन दाहरा का स्वामित्व रॉयल ओमानी एयरफोर्स के एक रिटायर्ड स्क्वाड्रन लीडर खामिस अल-अजमी के पास है। यह प्राइवेट फर्म कतर के सशस्त्र बलों को प्रशिक्षण और संबंधित सेवाएँ उपलब्ध कराती थी। अजमी को भी भारतीयों के साथ 30 अगस्त 2022 को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उन्हें फीफा वर्ल्ड कप के पहले नवंबर 2022 में रिहा कर दिया गया।

जानकारी के मुताबिक इन भारतीयों को इजरायल के लिए एक सबमरीन प्रोग्राम की जासूसी करने का दोषी ठहराया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कतर ने साल 2020 में इटली में बनी हाईटेक सबमरीन खरीदने के लिए एक समझौता किया था। ट्राइस्टे स्थित जहाज बनाने वाली कंपनी ‘फिनकेंटियरी एसपीए’ के साथ यह समझौता हुआ था।

कतर ने समझौते के तहत चार कॉर्वेट (जहाज़ का एक प्रकार) और एक हेलीकॉप्टर का ऑर्डर भी दिया था। इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी को कतर में नौसेना का एक बेस बनाना था। इसके साथ ही नौसैनिक बेड़े की देखरेख भी करनी थी। इसके लिए कतर ने जिस दाहरा कंपनी को यह काम दिया, उसमें ये सभी भारतीय काम कर रहे थे।

कतर के अधिकारियों का आरोप है कि ये 8 भारतीय अधिकारी इस प्रोग्राम की गोपनीय जानकारी इज़रायल से साझा कर रहे थे। कतर की इंटेलिजेंस एजेंसी ‘कतर स्टेट सिक्योरिटी’ ने दावा किया था कि उसने भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारियों के उस सिस्टम को इंटरसेप्ट कर लिया था, जिससे वो कथित रूप से जासूसी कर रहे थे। हालाँकि, कतर ने भारत के साथ कोई भी सबूत साझा नहीं किया है।

‘आतंकियों की हमदर्द है कॉन्ग्रेस, जहाँ-जहाँ सत्ता में आई तबाही लाई’: पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस पर बोला हमला, कहा- PFI बैखौफ निकालती है रैली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 नवंबर 2023 को मध्य प्रदेश के सतना, छतरपुर, नीमच और राजस्थान के उदयपुर में जनसभा को संबोधित किया। एक दिन में की गई इन चार रैलियों में प्रधानमंत्री ने भाजपा सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताया और कॉन्ग्रेस पर जमकर हमला बोला।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार ने मध्य प्रदेश में विकास की नई गाथा लिखी है। उन्होंने राज्य में बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं में अभूतपूर्व सुधार को भाजपा सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। पीएम ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों, गरीबों और युवाओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाएँ शुरू कीं।

PFI कॉन्ग्रेस की वजह से बेखौफ होकर निकालती है रैली : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने राजस्थान के उदयपुर में रैली को संबोधित किया और वहाँ के चुनावी माहौल को बदलकर रख दिया। उदयपुर के बलीचा प्रांगण से मेवाड़ के आराध्य देव एकलिंग नाथ और बायण माता को नमन किया। उन्होंने कहा कि मेवाड़ के कण-कण में देश प्रेम की महक है, महान ऋषियों के साधना का बल है।

पीएम मोदी ने महाराणा प्रताप, महारानी कर्णावती और महारानी पद्मनी को भी नमन किया। उन्होंने पन्ना धाय के बलिदान को भी याद किया। इसके साथ ही उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की भक्त मीरा बाई को भी याद करते हुए मेवाड़ की पावन भूमि को नमन किया। उन्होंने कहा कि रानी फुल कँवर की बलिदान ने इस धरती का मान बढ़ाया।

पीएम मोदी ने फिर कॉन्ग्रेस को सीधे निशाने पर ले लिया। कॉन्ग्रेस को बेरोजगारी, अपराध, आतंकवाद जैसे मुद्दों पर जमकर घेरा। पीएम ने कहा कि राजस्थान में कॉन्ग्रेस सरकार के कारण पीएफआई जैसे संगठन बेखौफ रैली निकाल रही है। आतंकियों की हमदर्द कॉन्ग्रेस सरकार राजस्थान को बर्बाद कर रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस सरकार की तुष्टीकरण की नीति ने राजस्थान की संस्कृति, विरासत और गौरव को खतरे में डाल दिया है। उदयपुर में कन्हैलाल के साथ हुई आतंकी घटना कॉन्ग्रेस सरकार पर बहुत बड़ा दाग है। ऐसी घटना यहाँ इसलिए हुई, क्योंकि यहाँ आतंकियों का साथ देने वाली सरकार है।

पीएम मोदी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि किस ने सोचा था कि राजस्थान में कभी रामनवमी और कांवड़ यात्रा तक पर बैन लग जाएगा, लेकिन कॉन्ग्रेस की सरकार ने यह पाप भी किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने एमपी के सतना, छतरपुर और नीमच में की रैली

प्रधानमंत्री चुनावी रण में पूरी तरह से उतर चुके हैं। उन्होंने एमपी के सतना, छतरपुर और नीमच में चुनावी रैलियाँ की। नीमच में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आप सबका आशीर्वाद एमपी के विकास को है, एमपी की समृद्धि को है। ये आशीर्वाद भाजपा के ट्रैक रिकॉर्ड को है। ये आशीर्वाद मोदी की गारंटी के लिए है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “सत्ता में बने रहने के लिए कॉन्ग्रेस ने हमेशा बाँटो और राज करो की नीति अपनाई है। कॉन्ग्रेस की कुनीति से देश में आतंक और अराजकता को बढ़ावा मिला है। आजादी के समय राष्ट्र निर्माण का जो जज्बा था, वो कॉन्ग्रेस ने एक परिवार की भक्ति में कुचल कर रख दिया।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, “कॉन्ग्रेस की सरकार चाहे केंद्र में रही हो या फिर राज्य में, उसने हमेशा भ्रष्टाचार के नए रिकॉर्ड बनाए हैं। मोदी की गारंटी यानी हर गारंटी के पूरा होने की गारंटी। भाजपा की डबल इंजन सरकार ने लाखों परिवारों का जीवन बदला है।”

जहाँ-जहाँ कॉन्ग्रेस आई तबाही लाई: मोदी

नीमच से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने छतरपुर में जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस के लिए पूरा देश दिल्ली से शुरू होता था और दिल्ली में ही खत्म हो जाता था। कॉन्ग्रेस के नेता विदेशी दोस्तों को भारत की गरीबी दिखाने के लिए ले जाते थे। सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए कॉन्ग्रेस के नेताओं के लिए गरीब एक मजाक बन गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, “कॉन्ग्रेस के नेता जिन झुग्गियों में फोटो खिंचाकर वापस आ जाते थे, उन गरीबों को आज मोदी पक्के घर दे रहा है। आज बच्चों को पोषण की चिंता ये गरीब का बेटा मोदी कर रहा है।” उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस सिर्फ विरोध करने वाली पार्टी है।

पीएम मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस ने हमेशा देश और समाज के विकास में बाधा डाली है। कॉन्ग्रेस ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का भी विरोध किया था। पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश के लोगों से भाजपा को फिर से मौका देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार मध्य प्रदेश को एक विकसित राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मोहम्मद मजहर ने राहुल बन हिन्दू महिला को फँसाया, नशीला पदार्थ खिलाकर किया रेप, बोला- इस्लाम कबूल लो, पाकिस्तान ले जाऊँगा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लव जिहाद का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दरअसल, लखनऊ के मड़ियाँव इलाके में मुस्लिम युवक ने अपनी पहचान छिपाकर हिंदू महिला को प्रेमजाल में फँसाया, फिर नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो बना लगातार शारीरिक शोषण करता रहा।

इस मामले में महिला को मोहम्मद मजहर ने राहुल नाम से प्रेम जाल में फँसाया था। वहीं जब भेद खुला तो काफी देर हो गया था। जिसके बाद महिला ने विरोध किया। जिसके बाद मजहर ने पीड़िता को जबरन मीट खिलाकर बच्चों के साथ धर्मांतरण करने का दबाव बनाते हुए पाकिस्तान ले जाने की बात कही।

फिलहाल, इस मामले में पीड़िता ने आरोपित मजहर, उसके बहनोई और दोस्त के खिलाफ केस दर्ज कराया है। वहीं, पुलिस ने मुख्य आरोपित मजहर को गिरफ्तार कर जाँच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सीतापुर की महिला का अपने पति से विवाद चल रहा था। महिला कुछ माह पहले लखनऊ आई और मड़ियाँव इलाके में रहने लगी। यहाँ किराए का कमरा तलाशने के दौरान उसकी मुलाकात एक पेट्रोल पंप कर्मचारी मोहम्मद हसन से हुई।

मोहम्मद हसन ने महिला का मोबाइल नंबर अपने साथी मोहम्मद मजहर को दे दिया। इसके बाद मजहर ने राहुल बनकर महिला को फोन किया और कमरा दिलाने की बात कही। यहीं से बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और उसने महिला को प्यार के जाल में फँसा कर शादी करने की बात कही।

मोहम्मद मजहर ने इसी दौरान हिन्दू पीड़िता को नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो बना लिया। जिसके बल पर महिला का शारीरिक रूप से शोषण करने लगा। कुछ वक्त गुजर जाने के बाद आरोपित की असलियत पता चली तो पीड़िता ने विरोध किया।

इस पर आरोपित मजहर महिला पर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाने लगा। यही नहीं उसने महिला पर उसके बच्चों का मजहब बदलकर पासपोर्ट व वीजा बनवाकर पाकिस्तान चलकर रहने की बात कही। जब महिला ने विरोध किया तो मोहम्मद मजहर ने पीड़िता, उसके बच्चों व पति को जान से मारने की धमकी दी।

गौरतलब है कि इस पूरे मामले में मुख्य आरोपित मजहर को गिरफ्तार कर लिया गया है वहीं पूरे मामले की जाँच जारी है। 

‘इसको कोई सेंस नहीं, ऐसे ही बोलते रहता है’: ‘तू-तड़ाक’ पर उतरे नीतीश, भरे सदन में महादलित जीतराम मांझी का किया अपमान; बोले पूर्व सीएम- मुसहर हूँ इसलिए जलील किया

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आजकल अपनी बदजुबानी की वजह से चर्चा में हैं। कभी महिलाओं को लेकर गलतबयानी तो कभी महादलित को सदन में बेइज्जत करने को लेकर चर्चा में हैं। आज गुरुवार (9 नवंबर 2023) तो उन्होंने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी का पूरे सदन में अपमान कर दिया। उन्होंने शब्दों की मर्यादा पार करते हुए उनके लिए ‘तू-ताम’ तक कर दिया।

दरअसल, जीतनराम मांझी सदन में आरक्षण की व्यवस्था की खामियों को लेकर अपनी बात रख रहे थे, तभी नीतीश कुमार तमतमा कर उठे और जीतनराम मांझी को खरी खोटी सुनाने लगे। सीएम नीतीश कुमार ने तो यहाँ तक कह दिया कि ‘इसे (जीतनराम मांझी को) कोई सेंस नहीं है। इसे तो मैंने अपनी मूर्खता के चलते मुख्यमंत्री बना दिया था’।

बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन में नीतीश कुमार का व्यवहार चर्चा में है। मांझी को लेकर नीतीश कुमार ने कहा, “इसको कुछ आइडिया नहीं है। ये तो मेरी गलती है कि मैंने इस आदमी को बना दिया मुख्यमंत्री। इसको कोई सेंस नहीं है। अइसे ही बोलते रहता है। कोई मतलब नहीं है। हम कह रहे थे कि आप लोगों के साथ ही रहिए, भाग के चला आया 7 पार्टी में। यही जानकर हमने भगा दिया उधर।”

भाजपा विधायकों की तरफ से आवाज उठने पर भी नीतीश कुमार नहीं रुके। नीतीश कुमार ने आगे कहा, “अरे सुनो बैठो ना यार, बैठिए, भूलिए मत, जब 2013 में आप लोगों को छोड़ दिए थे… अरे चुप ना रहो यार। कुछ जानते हो? हम इसको (माँझी की तरफ इशारा करके) (मुख्यमंत्री) बना दिए। इसके बाद जितने लोग मेरा पार्टी के थे, सब हमको दो ही महीने में कहने लगा कि गड़बड़ है, इसको हटाइए। अंत में हमको बाध्य किया तो फिर हम सीएम बन गए। कहता रहता है कि ये भी मुख्यमंत्री था। ये क्या मुख्यमंत्री था? ये तो मेरी मूर्खता से मुख्यमंत्री बना।”

नीतीश कुमार ने पत्रकारों की तरफ इशारा करके कहा कि वो मांझी को भाव ना दिया करें। नीतीश कुमार बोले, “आप बिना मतलब के इसको (मांझी) को रोज पब्लिश करते हो। कोई सेंस है इसमें?” इस बीच जब भाजपा विधायक हंगामा करने लगे तो नीतीश कुमार ने कहा, “एक मेरा सुझाव है कि आप ही लोगों के पीछे ये (मांझी) घूम रहा है। ये गवर्नर बनना चाहता है। ये हम लोगों के साथ था तो भी उल्टा-पुल्टा बोलता था। लगा दीजिए गवर्नर इसको… यही बनना चाहता है ये।”

गुस्से में मानो नीतीश कुमार गुस्से में सब कुछ भूल बैठे हों। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार चौधरी ने हस्तक्षेप किया और कहा कि क्यों नहीं एक महादलित को मुख्यमंत्री बना देते तो उन्होंने भाजपा को भी लपेटे में लेने की कोशिश की। उन्होंने अपील को अनसुना करते हुए कहा, “आप बनाए थे? कौन बनाया? तुम जानते हो, हम्हीं ने बनाया। अरे गर्वनर काहे नहीं बना देते।”

नीतीश ने आगे कहा, “यह गर्वनर बनने के चक्कर में ही रोज चक्कर लगाता है। इसके परिवार का लोग इसके खिलाफ है। आप जान लीजिए ये कोई काम का आदमी नहीं है। अरे इसको ले जाइए न। नारा लगा रहे हो? क्या जानते हो, इसको कौन मुख्यमंत्री बनाया। मैं चाहता हूँ कि तुम इन लोगों के साथ रहो।”

मैं भुइयाँ मुसहर, इसीलिए नीतीश कुमार ने किया जलील

इस घटना को लेकर सदन के बाहर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “मैं नीतीश कुमार से हर मामले में सीनियर हूँ, फिर भी उन्होंने हमारा अपमान किया। नीतीश कुमार ने अपनी लाज बचाने के लिए सीधे-साधे आदमी का इस्तेमाल किया। मैं मुसहर हूँ, इसलिए मुझे सदन में जलील किया गया।”

मांझी ने कहा, “नीतीश कुमार 1985 में विधायक बने। हम 1980 में विधायक बने। उनकी उम्र 74 साल है। मेरी उम्र 80 साल है। मैं उनसे सीनियर हूँ। इसके बावजूद वो तुम-ताम करते हैं। विधानसभा में तुम-ताम करना कहाँ तक उचित है। इसलिए मुझे लगता है कि वो मानसिक संतुलन खो बैठे हैं।”

नीतीश कुमार द्वारा गवर्नर बनाए जाने के ताने पर पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने कहा कि उन्हें साल 2017 में ही राज्यपाल बनने का ऑफर दिया गया था, लेकिन उन्होंने जनता के बीच में रहकर जनसेवा की राह चुनी थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने गवर्नर बनने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।

बता दें कि नीतीश कुमार सदन में दो दिन पहले भी विवादास्पद बयान देकर फँसे थे। 7 नवंबर 2023 को महिलाओं की शिक्षा और जनसंख्या नियंत्रण पर बात करते हुए नीतीश कुमार ने विधानसभा में कहा था, “अगर पढ़ लेगी लड़की, और जब शादी होगा तब लड़का लड़की का तो जो पुरुष है वो तो रोज रात में शदिया होता है उसके साथ करता है ना उसी में और पैदा हो जाता है। लड़की पढ़ लेती है तो हमको मालूम था कि उ करेगा ठीक है! लेकिन अंतिम में भीतर मत घुसाओ उसको बाहर कर दो! करता तो है।”

विधान परिषद में उन्होंने कहा था, “उसी समय लड़की भी जब पढ़ी-लिखी रहती है तो कहती है कि ठीक है, रात में करो लेकिन अपना जो तुमको निकलने लगे तो बाहर निकाल कर फेंक दो। यही करके लड़की सब अब सबको समझा रही है। ज़रा जान लीजिए। लड़की सब सभी को समझाती है कि अपने पति को कंट्रोल में रखिए।”

उनके इस बयान को ‘सेक्स एजुकेशन’ बताते हुए बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बचाव किया था। हालाँकि, चौतरफा हमला होने और विवाद बढ़ने के बाद नीतीश कुमार ने मीडिया के सामने हाथ जोड़कर माफी माँग ली थी। उनके इस बयान की देश ही नहीं, बल्कि विदेश में भी आलोचना हो रही है।

महिला विधायक ने नीतीश कुमार को बोला ‘बंडा’

महिलाओं को लेकर नीतीश कुमार के बयान पर बिहार भाजपा की महिला विधायकों ने मोर्चा खोल दिया है। बिहार के पश्चिम चंपारण से भाजपा विधायक भागीरथी देवी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। इस दौरान भागीरथी देवी ने कहा, “नीतीश जब विधानसभा आते थे तो एक चिलम पीते थे, फिर चढ़ा रहे हैं दो चिलम… जब कल महिला के ऊपर बोले तब वो चार चिलम पीकर आए थे।”

भागीरथी देवी ने आगे कहा, “नीतीश कुमार के खुद बेटी या पत्नी तो है नहीं। वह तो बंडा (विधुर या जिसकी पत्नी का निधन हो गया हो) हैं। दूसरों को देखकर उनको जलन होती है। वो कहते हैं कि लड़का-लड़की सब प्यार-मोहब्बत करती है तो लेके घूमती है… तो लेके सोता है… तो उनको फूल जाता है जिसे निकाल कर फेंक देती है। अरे नीतीश कुमार को शर्म है? ऐसा बोला जाता है।”

बिहार में आरक्षण 75% करने वाला बिल पास, जानिए इसे लागू करने की राह में हैं कौन-सी दिक्कतें?


बिहार में आरक्षण को 75% करने वाला बिल गुरुवार (9 नवंबर 2023) को बिहार विधानसभा में पारित हो गया। इस बिल के तहत बिहार में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), EBC और EWS के आदि मिलाकर आरक्षण की मौजूदा सीमा 50% को बढ़ाया गया है।

हालाँकि, इसे लागू कैसे किया जाएगा, इस को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इस अधिनियम को लागू करने की राह में कई दिक्कतें हैं। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण की सीमा 50% तय की है। इसके ऊपर आरक्षण को बढ़ाना संवैधानिक रूप से चुनौतीपूर्ण है।

बिहार में अब आरक्षण की सीमा 75% होगी

अब तक पिछड़ा-अति पिछड़ा वर्ग को 30 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा था, लेकिन नए कानून के तहत इस वर्ग को 43 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। इसी तरह, पहले अनुसूचित जाति (SC) वर्ग को 16 प्रतिशत आरक्षण था, अब 20 प्रतिशत मिलेगा।

अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग को पहले एक प्रतिशत आरक्षण था, जो बढ़कर दो प्रतिशत हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लिए दी गई 10 प्रतिशत आरक्षण की सीमा बनी रहेगी। इस तरह से कुल आरक्षण की सीमा अब 75 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है।

सर्वसम्मति से पास हुआ प्रस्ताव

बिहार सरकार के प्रस्ताव का विपक्ष ने भी समर्थन किया है। इस तरह से ये विधेयक सर्वसम्मति से पास हुआ है। हालाँकि, सरकार को आरक्षण 75% करने वाले अधिनियम को लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से आरक्षण की सीमा बढ़ाने के लिए अनुमति लेनी होगी।

अगर इतिहास को देखें तो कई मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने कई राज्य सरकारों की इस तरह की अपील को खारिज कर दिया है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र जैसी सरकारों को सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के चलते अपने राज्य में आरक्षण को 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने वाले कदम को वापस खींचना पड़ा था।

दरअसल, 1992 में सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने इंदिरा साहनी केस के फैसले में तय किया था कि आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकती है। मंडल कमीशन की सिफारिश पर अमल के फैसले के खिलाफ इंदिरा साहनी की अपील पर यह फैसला आया था।

फिलहाल तमिलनाडु ही देश का ऐसा इकलौता राज्य है, जहाँ 69 प्रतिशत आरक्षण लागू है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने इंदिरा साहनी फैसले के आधार पर मराठा और जाट आरक्षण को 50 फीसदी की सीमा को लाँघने वाला बताकर खारिज कर दिया था।

इस राज्यों को झटका दे चुका है सुप्रीम कोर्ट

आरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट के गुस्से का शिकार कई राज्य हुए हैं। इसमें आंध्र प्रदेश भी शामिल है। आंध्र प्रदेश में साल 1986 में आरक्षण को बढ़ाने का फैसला हुआ था, लेकिन साल 1998 में सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था।

महाराष्ट्र की बात करें तो राज्य में मराठा आरक्षण की माँग लंबे समय से हो रही है। साल 2018 में महाराष्ट्र सरकार ने मराठा समुदाय को 16 प्रतिशत आरक्षण दे दिया था, लेकिन जून 2019 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने ये आरक्षण घटाकर शिक्षा में 12 प्रतिशत और नौकरी में 13 प्रतिशत कर दिया था।

बॉम्बे हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने इंदिरा साहनी केस का हवाला देते हुए खारिज कर दिया था। हालाँकि अब भी राज्य में ईडब्ल्यूएस कोटे को मिलाकर 62 प्रतिशत आरक्षण है, जो तय सीमा से 2 प्रतिशत ज्यादा है।

मध्य प्रदेश में साल 2019 में राज्य सरकार की नौकरियों में 73 प्रतिशत का आरक्षण लागू किया गया था। हालाँकि, इस पर पहले हाईकोर्ट फिर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। इसके अलावा राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड जैसे राज्यों में भी आरक्षण का मामला लंबित है।

आरक्षण लागू कराने का एक रास्ता तो है, लेकिन…

हालाँकि, आरक्षण को लागू कराने का एक रास्ता नीतीश कुमार की सरकार के पास है, लेकिन क्या उस रास्ते पर चलकर नीतीश कुमार की सरकार सफल हो पाएगी? दरअसल, संविधान की नौंवी अनुसूची में केंद्रीय और राज्यों के कानूनों की एक लिस्ट है, जिसे न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती।

संविधान की नौंवी अनुसूची को पहले संविधान संशोधन के जरिए 1951 में जोड़ा गया था। संविधान के अनुच्छेद 31ए और 31बी के तहत इसमें शामिल कानूनों को न्यायिक समीक्षा से संरक्षण हासिल है। हालाँकि अगर कोई भी कानून मूल अधिकारों का हनन करेगा तो कोर्ट उसे रद्द भी कर सकती है।

तमिलनाडु सरकार ने इसी व्यवस्था को अपनाकर राज्य में 69 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है। तत्कालीन मुख्यमंत्री जे जयललिता ने इससे संबंधित एक विधेयक विधानसभा में पास कराकर उसे संविधान की नौंवी अनुसूची में शामिल करने के लिए राष्ट्रपति के पास भेज दिया था। केंद्र सरकार की सलाह पर राष्ट्रपति ने इस आग्रह को मान लिया था।

बिहार सरकार ने जारी किए जाति आधारित जनगणना के आँकड़े

बता दें कि मंगलवार (7 नवंबर, 2023) बिहार सरकार ने जातिगत जनगणना के आँकड़ों के बाद विधानसभा के पटल पर पूरे बिहार की शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति का आँकड़ा रखा। इसके मुताबिक, बिहार में कुल 2 करोड़ 76 लाख 68 हजार 930 परिवार हैं, जिसमें से 94 लाख 42 हजार 786 परिवार गरीब हैं।

ये कुल परिवारों का 34.13 प्रतिशत आँकड़ा है। इस गणना के हिसाब से बिहार में सामान्य वर्ग के कुल 43 लाख 28 हजार 282 परिवार हैं, जिसका 25 प्रतिशत से अधिक हिस्सा गरीबी में जीवनयापन कर रहा है।

पराली जलाने की घटनाएँ पंजाब में 6 गुना अधिक फिर भी दिल्ली में प्रदूषण के लिए जिम्मेदार हरियाणा, ये है केजरीवाल सरकार का गणित: झूठ का माहौल बनाने में जुटी AAP 

भले ही पंजाब में खेतों में पराली जलाने की घटनाएँ केवल 24 घंटों में ही 2,000 का आँकड़ा क्यों न पार कर गई हो, लेकिन आम आदमी पार्टी (आप) सोशल मीडिया पर एक्स (ट्विटर) पर यह माहौल बनाने में लगी है कि 2022-23 में पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में 55 प्रतिशत की कमी आई है। खासतौर से पंजाब में कथित तौर पर 65.6 प्रतिशत खेतों में आग लगने की घटनाएँ दर्ज की गई हैं, जबकि हरियाणा में 5.3 प्रतिशत दर्ज की गई हैं।

हालाँकि, आप के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने पुलिस और प्रशासन को पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। फिर भी पंजाब सरकार के आँकड़ों को ही माने तो पता चलता है कि राज्य के 21 जिलों में खेतों में आग लगाने की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है।

संगरूर में किसानों द्वारा 8 नवंबर को खेत में आग लगने के 466 मामले दर्ज किए गए जिससे कुल संख्या 4,070 हो गई, जो सभी जिलों में सबसे अधिक है। वहीं लुधियाना में 8 नवंबर को 96 मामले दर्ज किए गए, जिससे खेत में आग लगाने की कुल संख्या 1,089 हो गई। दक्षिण मावला में 24 घंटों में खेत में आग लगने के 861 मामले दर्ज किए गए, जिसमें बठिंडा, फरीदकोट, मनसा, फिरोजपुर, मुक्तसर, मोगा और फाजिल्का शामिल हैं।

इससे पंजाब में खेतों में आग लगाने की कुल संख्या 22,981 हो गई है। इस बीच, हरियाणा सरकार ने 2022 की तुलना में इस साल पराली जलाने की घटनाओं में 38 प्रतिशत की कमी दर्ज की है। पिछले दो वर्षों में, हरियाणा ने पराली जलाने की घटनाओं में 57 प्रतिशत की कमी दर्ज की है।

इसकी बड़ी वजह यह है कि भाजपा शासित राज्य हरियाणा ने खेत में आग के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है, 1,256 चालान काटे गए हैं और 32.55 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। 72 एफआईआर दर्ज की गईं और 44 आग बुझाई गईं।

इसके अलावा, हरियाणा सरकार ने पराली जलाने को पूरी तरह से समाप्त करने के उद्देश्य से एक नई नीति की घोषणा की है। ‘हरियाणा एक्स-सीटू मैनेजमेंट ऑफ पैडी स्ट्रॉ पॉलिसी 2023’ का लक्ष्य टिकाऊ ऊर्जा के लिए धान की पुआल का उपयोग करना और 2027 तक फसल अवशेष जलाने को खत्म करना है।

हरियाणा सरकार ने किसानों को सब्सिडी पर 19,141 लाख फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) मशीनें मंजूर की हैं। 940 लाख एकड़ क्षेत्र को 1,000 रुपए प्रति एकड़ के प्रोत्साहन के लिए पंजीकृत किया गया है।

इसके अलावा, राज्य सरकार ने कथित तौर पर 30 नवंबर तक या वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा जीआरएपी चरण को रद्द किए जाने तक तत्काल प्रभाव से गुरुग्राम और फरीदाबाद में बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीजल एलएमवी (4-पहिया) पर प्रतिबंध लगा दिया है। 

नासा के फायर इंफॉर्मेशन फॉर रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (एफआईआरएमएस) की सैटेलाइट इमेजरी में पंजाब को लाल बिंदुओं से ढका हुआ दिखाया गया है, जो राज्य में खेत की आग के गंभीर स्तर को दर्शाता है, जबकि हरियाणा में यह काफी कम दिखाई दे रहा है। सैटेलाइट इमेजरी में दर्ज डेटा पिछले 24 घंटों का है।

फिर भी, आम आदमी पार्टी ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में खतरनाक वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) स्तर के लिए हरियाणा सरकार पर आरोप लगाया है। भले ही AAP दिल्ली और पंजाब दोनों जगह हैं सत्तारूढ़, उसमें से पंजाब में पराली जलाना अपने चरम पर है तो दिल्ली में  जहाँ की AQI वर्तमान में 426 है। लेकिन दिल्ली की ख़राब हवा और प्रदूषण के लिए आम आदमी पार्टी समय-समय पर भाजपा शासित हरियाणा सरकार पर हमला करती रही है जो असली वजह है उससे मुँह मोड़ती रही है।