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छत्तीसगढ़ में मतदान की शुरुआत बम ब्लास्ट से, 24 घंटे के भीतर वामपंथी नक्सलियों ने किए 3 धमाके: सुरक्षा बलों के 3 जवान समेत 5 घायल

छत्तीसगढ़ में आज (7 नवम्बर 2023) विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान हो रहा है। मतदान शुरू होने से 24 घंटे के भीतर राज्य में नक्सलियों ने 3 IED धमाके किए हैं। इन धमाकों में सुरक्षा बलों के 3 जवान और 2 मतदानकर्मी घायल हुए हैं।

वामपंथी नक्सलियों ने आज मतदान के दिन सुकमा में एक धमाका किया है। सुकमा के टोंडामरका इलाके में यह धमाका किया गया। यह धमाका IED के जरिए किया गया। इस धमाके में केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स (CRPF) की कोबरा बटालियन के एक जवान घायल हुए हैं। यह जवान भी चुनावी ड्यूटी में लगे हुए थे।

मतदान से एक दिन पहले छत्तीसगढ़ के नक्सल आतंकवाद प्रभावित जिलों कांकेर और नारायणपुर में धमाके किए गए थे। कांकेर में हुए धमाके में सीमा सुरक्षा बल के एक जवान और 2 मतदानकर्मी घायल हो गए हैं।

वहीं नारायणपुर में हुए धमाके में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस का एक जवान घायल हो गया। बताया गया कि यह जवान एक IED बम को डिफ्यूज करने के दौरान हुए धमाके के कारण घायल हुए। यह घटना नारायणपुर जिले के मूढापाधार क्षेत्र में हुई।

गौरतलब है कि नक्सली अपने प्रभाव वाले इलाकों में लगातार लोगों को इस बात के लिए धमका रहे हैं कि वह मतदान ना करें। ऐसा करने पर वह गाँव वालों को मारने की धमकी दे रहे हैं। नक्सलियों ने वर्ष 2023 में छत्तीसगढ़ के अंदर 7 भाजपा नेताओं की हत्या की है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इन हत्याओं को छिटपुट घटनाएँ बताया है।

छत्तीसगढ़ में आज पहले चरण का मतदान हो रहा है। पहले चरण में छत्तीसगढ़ में दुर्ग और बस्तर क्षेत्र की 20 विधानसभा सीटों पर मतदान करवाया जा रहा है। इनमें से अधिकाँश इलाके नक्सल प्रभावित हैं। इस बार इस क्षेत्र के 127 गाँवों में पहली बार मतदान करवाया जा रहा है। इससे पहले नक्सलियों के खतरे के कारण यहाँ मतदान केन्द्र स्थापित नहीं करवाए जाते थे।

1 दिन पहले IED ब्लास्ट, अब छत्तीसगढ़ में मतदान: बस्तर में 60000 सुरक्षा बल सँभालेंगे मोर्चा, बेटिंग एप घोटाले के बीच जानें किन VIP सीटों पर रहेगी नज़र

छत्तीसगढ़ में मंगलवार ( 7 नवंबर 2023 ) को सुबह 7 बजे से ही पहले चरण का मतदान शुरू हो जाएगा। पहले चरण में 20 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। छत्तीसगढ़ की 90 में से 20 विधानसभा सीटों पर ये मतदान दो स्लॉट में कराए जाएँगे, इसके लिए 5304 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। छत्तीसगढ़ में इस बार भ्रष्टाचार और आदिवासियों का मुद्दा अहम है, वहीं शराब का मुद्दा भी छत्तीसगढ़ में अहम भूमिका निभा सकता है। पिछले चुनाव में कॉन्ग्रेस को छत्तीसगढ़ में भारी जीत मिली थी, लेकिन इस बार भाजपा पलटवार करती दिख रही है। बहरहाल, छत्तीसगढ़ में बाकी की 70 विधानसभा सीटों के लिए 17 नवंबर को मतदान होंगे और 3 दिसंबर को मतगणना कराई जाएगी। इसी के साथ साफ हो जाएगा कि छत्तीसगढ़ में कौन सी पार्टी सत्ता में आएगी।

छत्तीसगढ़ में जिन 20 सीटों पर मतदान होना है, वो अधिकतर सीटें नक्सल प्रभावित इलाकों में हैं। इनमें बस्तर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कवर्धा और राजनांदगांव जिले शामिल हैं। इसमें से 10 सीटों पर सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा, जिसमें पंडरिया, कवर्धा, खैरागढ़, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, डोंगरगाँव, खुज्जी, जगदलपुर, चित्रकूट और बस्तर। वहीं, सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक दस विधानसभा क्षेत्रों मोहला-मानपुर, अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कोनकर, केशकाल, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंटा।

चुनाव आयोग के आँकड़ों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ चुनाव 2023 के पहले चरण में कुल 40,78,689 मतदाता मतदान करेंगे। जिसमें महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से अधिक है। इन 40 लाख लोगों में से 19 लाख से अधिक (19,93,936) पुरुष और 20 लाख से अधिक (20,84,675) महिलाएँ हैं। इस बार कम से कम (1.6 लाख) 1,64,299 लोग पहली बार मतदाता हैं और उनकी उम्र 18 से 19 साल के बीच है।

भाजपा और कॉन्ग्रेस में मुख्य मुकाबला

छत्तीसगढ़ चुनाव में कॉन्ग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच कड़ी टक्कर होने की संभावना है। राज्य में वर्तमान में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस की सरकार है। जिन 20 सीटों के लिए पहले चरण में मतदान होगा, उनके लिए 25 महिलाओं समेत कुल 223 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चरण में 20 में से 13 सीटें एससी/एसटी के लिए आरक्षित हैं। खास बात ये है कि 2023 में कॉन्ग्रेस ने इस चरण में अपने छह मौजूदा विधायकों का या तो टिकट काट दिया है, या फिर उनकी जगह किसी और को टिकट दिया है।

इन बड़ी सीटों\चेहरों पर नजर

राजनांदगाँव: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह अपनी सीट राजनांदगाँव से चुनाव लड़ रहे हैं। उसके खिलाफ कॉन्ग्रेस ने गिरिस देवांगन को मैदान में उतारा है। गिरिस देवांगन खनिज विकास निगम के अध्यक्ष हैं, वहीं साल 2008 से ही इस सीट पर रमन सिंह का कब्जा है।

कोंटा: इस सीट पर छत्तीसगढ़ के मंत्री कवासी लखमा चुनाव लड़ रहे हैं। पिछले दो चुनाव में वो जीत दर्ज कर चुके हैं। उसने सामने भाजपा ने सोयम मुका को मैदान में उतारा है। ये सीट आरक्षित है।

कोंडागाँव: मौजूदा विधायक और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम बीजेपी की नई प्रदेश उपाध्यक्ष लता उसेंडी के खिलाफ मैदान में हैं।

बहनुप्रतापपुर: इस विधानसभा क्षेत्र से दिवंगत विधायक मनोज मंडावी की पत्नी सविता मंडावी चुनाव लड़ेंगी।

चित्रकूट: छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद दीपक बैज के सामने बीजेपी के विनायक गोयल हैं।

कवर्धा: इस सीट पर 16 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। भूपेश बघेल सरकार के परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर को कॉन्ग्रेस ने फिर से मैदान में उतारा है, तो भाजपा के विजय शर्मा उन्हें टक्कर दे रहे हैं।

पिछले विधानसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस पड़ी थी भारी

2018 के छत्तीसगढ़ चुनाव में, कांग्रेस ने चरण 1 में मतदान करने वाली 20 सीटों में से 17 सीटें जीतीं। भाजपा ने 2 सीटें जीती थीं, जबकि अजीत जोगी की पार्टी, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने 1 सीट जीती थी। कुल मिलाकर, कांग्रेस ने 2018 के चुनावों में छत्तीसगढ़ में जोरदार प्रदर्शन किया था, 90 में से 68 सीटों पर जीत हासिल की थी और कुल वोटों का 43.9 प्रतिशत हासिल किया था।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मतदान कराना एक बड़ी चुनौती है। नक्सलियों की धमकियों और हमलों के कारण सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना पड़ता है। इसके अलावा, इन क्षेत्रों में मतदान केंद्रों तक पहुँचना भी मुश्किल होता है। छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मतदान कराने के लिए चुनाव आयोग ने कई तरह के उपाय किए हैं। इन उपायों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती, मतदान केंद्रों तक पहुँच में आसानी और मतदाताओं को प्रोत्साहित करना शामिल है। चुनाव आयोग के मुताबिक, इस चरण के मतदान के लिए बस्तर संभाग में 60 हजार जवानों की तैनाती की गई है।

बता दें कि मतदान से एक दिन पहले छत्तीसगढ़ में आईईडी विस्फोट की खबर सामने आई। इस विस्फोट में बीएसएफ जवान समेत दो लोग घायल हो गए। ये धमाका कांकेर में हुआ। पुलिस ने बताया है कि बीएसएफ और डिस्ट्रिक्ट फोर्स की संयुक्त पार्टी कांकेर जिले के थाना छोटेबेटिया के 04 मतदान दलों को लेकर कैम्प मारबेड़ा से रेंगाघाटी रेंगागोंदी मतदान केन्द्र जा रही थी और शाम प्रेशर आईईडी की चपेट में आने से बीएसएफ के आरक्षक चंद्रप्रकाश सेवल और मतदान दल के 02 कर्मचारी घायल हो गए हैं। इसके अलावा नारायणपुर जिले के मुरहादपुर गाँव में भी नक्सलियों द्वारा आईडी प्लांट किया गया था। इसे निष्क्रिय करने के दौरान एक ITBP का कॉन्स्टेबल भी घायल हुआ।

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर ‘महादेव’ बेटिंग एप के भ्रष्टाचार में शामिल होने के आरोप लगे हैं। वायरल वीडियो में उन्हें 508 करोड़ रुपए दिए जाने का आरोप लगाया गया था।

राज्यपाल पर हमलों की वजह DMK नेताओं के ज़हरीले बयान, अन्नामलाई ने वीडियो शेयर कर साधा निशाना: नागालैंड वालों को ‘कुत्ता खाने वाला’ बताने पर भी की निंदा

तमिलनाडु के राज्यपाल RN रवि पर बार-बार हुए हमलों के पीछे DMK नेताओं का हाथ है। ऐसा दावा किया है तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष एन अन्नामलाई ने। उन्होंने एक डीएमके नेता के भाषण का वीडियो शेयर किया, जिसमें राज्यपाल आरएन रवि के लिए गलत शब्दों का उपयोग तो किया ही गया है, साथ ही उन पर हमलों के लिए लोगों को उकसाया भी गया है। यही नहीं, डीएमके नेता उस वीडियो में नागालैंड के लोगों को ‘कुत्ता’ खाने वाला कह रहा है।

एन अन्नामलाई ने अपने एक्स ( पूर्व में ट्विटर ) हैंडल पर लिखा, “राजभवन पर हालिया हमला डीएमके नेताओं द्वारा माननीय राज्यपाल के खिलाफ ऐसे भद्दे भाषणों का परिणाम है, फिर भी लगता है कि डीएमके ने सबक नहीं सीखा है। हमारे उत्तर पूर्वी भाई-बहनों के गौरव को कुत्ता खाने वालों तक सीमित करना अत्यंत निंदनीय है। जबकि एमके स्टालिन का पॉडकास्ट ड्रामा जारी है। इंडी एलायंस और उसके समावेशी सामाजिक न्याय के मॉडल की नजर में भारत ऐसा है।” उन्होंने जो वीडियो शेयर किया है, उसमें डीएमके नेता नागालैंड के लोगों के बारे में गलत बात बोलता दिख रहा है।

डीएमके नेता उस वीडियो में कहता है, “नागालैंड के लोग, जो कुत्ता खाते हैं, उन्होंने आरएन रवि को वहाँ से भगा दिया। हम तमिलनाडु के लोग तो नमक से खाना खाते हैं और कहीं ज्यादा मजबूत हैं। हम क्या हश्र करेंगे” बता दें कि तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि से सत्ताधारी पार्टी डीएमके का छत्तीस का आँकड़ा है।

भाजपा ने डीएमके को दिया ऑफर, अपने 50 लोगों को भेजो उत्तर और उत्तर-पूर्व भारत, हम देंगे खर्चा

इस बीच एन अन्नामलाई ने डीएमके को पत्र लिखकर कहा है कि वो अपने 50 कार्यकर्ताओं को उत्तर भारत और उत्तर-पूर्व भारत के दौरे के लिए भेजे, जिसके टिकट का खर्च भाजपा उठाएगी। ऐसा करने से डीएमके के लोगों को पूरे भारत को समझने का मौका मिलेगा, क्योंकि वो उत्तर भारतीयों को स्टीरियोटाइप की तरह देखते हैं और उनके प्रति खास नफरत की भावना उनकी पार्टी प्रचारित करती है। उन्होंने लिखा, “श्री एमके स्टालिन जी, तमिलनाडु भाजपा ने डीएमके नेताओं को उत्तर और उत्तर पूर्वी भारत का दौरा करने के लिए 50 ट्रेन टिकटों को प्रायोजित करने की पेशकश की है ताकि उनके मन से अपमानजनक रूढ़िवादिता को दूर करने में मदद मिल सके जिसे आपकी पार्टी सदियों से प्रचारित कर रही है।”

बता दें कि डीएमके नेता राज्यपाल आरएन रवि को तो निशाना बनाते ही हैं, साथ ही उत्तर भारतीयों खासकर सनातन धर्म के खिलाफ लगातार प्रोपेगेंडा फैलाते हैं। उसी कड़ी में डीएमके के नेता और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के मंत्री बेटे उदयनिधि स्टालिन ने सनातन को खत्म करने की बात कही थी। वहीं, राज्यपाल को लेकर उसकी आक्रामकता लगातार दिखी है, क्योंकि राज्यपाल आरएन रवि ने डीएमके सरकार द्वारा पास किए गए कई बिलों को रिजेक्ट कर दिया है। उन्होंने कई ऐसे मामलों को रोक दिया, जो एकतरफा थे। उन्होंने डीएमके नेताओं द्वारा सनातन धर्म पर हमलों को भी गलत बताया था। इसके कुछ दिन बाद ही उन पर हमला हुआ था।

गौरतलब है कि तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई स्थित राजभवन के मुख्य द्वार पर 25 अक्टूबर को पेट्रोल बम से हमला हुआ था। इस दौरान दो बम राजभवन के गेट पर फेंके गए थे, जिससे ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। पुलिस ने बम फेंकने वाले को गिरफ्तार कर लिया था। उस व्यक्ति की पहचान करुक्का विनोद के रूप में हुई थी, जो तीन दिन पहले ही जेल से छूटकर आया था। वो डीएमके का सपोर्टर माना जाता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, करुक्का विनोद तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि से खफा था। दरअसल, जेल में रहते हुए विनोद ने समय से पहले रिहाई की माँग करते हुए राज्यपाल के पास एक याचिका भेजी थी। इस याचिका को राज्यपाल ने खारिज कर दिया था। इतना ही नहीं, राज्यपाल द्वारा मुस्लिम कैदियों को रिहा नहीं करने से भी वह नाराज था। उसने बताया कि इन दोनों कारणों से वह राज्यपाल से बदला लेना चाहता था और उसने इसी वजह से बम फेंका।

क्लास में खोल दी छात्रों की Bumble आईडी, चूति@ जैसे शब्दों का इस्तेमाल: ‘जय श्री राम’ से नफरत करने वाली हमास समर्थक प्रोफेसर समीना का वीडियो वायरल

‘जय श्री राम के नारे’ से नफरत और हमास का समर्थन करने वाली ओ पी जिंदल विश्वविद्यालय की प्रोफ़ेसर समीना दलवई पर छात्र-छात्राओं की निजता भंग करने का आरोप लगा है। उन्होंने अपने एक छात्र की बम्बल आईडी (डेटिंग एप) क्लास में सभी बच्चों के सामने प्रदर्शित की। समीना कथित तौर पर कॉन्ग्रेस हामिद दलवई की पुत्री हैं।

जानकारी के अनुसार, यह घटना सितम्बर 2023 की है। कथित तौर पर समीना ने अपने एक छात्र का बम्बल अकाउंट क्लास में लगे स्मार्ट टीवी पर दिखाया। इस घटना की कुछ वीडियो और इसके बारे में बातचीत अब सोशल मीडिया पर वायरल है।

एक वीडियो क्लिप में दिखता है कि स्मार्ट टीवी पर एक लड़की का बम्बल अकाउंट खुला हुआ है और वह लेक्चर दे रही हैं। टीवी के पास लगे बोर्ड में ‘मल्लू’, ‘आयु’, ‘जगह’ और ‘फ्रेशर’ जैसे शब्द लिखे गए हैं। एक अन्य वीडियो में दिखता है कि समीना ने एक लड़के की आईडी टीवी पर खोली हुई है और हाँ या ना में जवाब माँग रही हैं। ऐसे ही एक दो वीडियो और वायरल हुए हैं।

इस विषय में छात्रों के बातचीत के स्क्रीनशॉट वायरल हुए हैं। एक ऐसे ही फोटो में दिखता है, “पहली बात तो उसका क्लास में बम्बल खोलना ही गलत था। और साथ ही डेटिंग एप पर अकाउंट होना कुछ ऐसी बात है जो कि हम अधिकांश समय किसी से साझा नहीं करते। हमें तब कैसा लगेगा जब कोई हमारी फोटो 40 लोगों के सामने स्क्रीन पर दिखाए।”

अंग्रेजी समाचार वेबसाइट ‘ऑर्गनाइजर‘ ने एक शिकायत पत्र अपने पास होने का दावा किया है जिसमें 23 सितम्बर को समीना के खिलाफ छात्रों ने निजता का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए हैं। बताया गया कि इसके बाद समीना ने अपनी क्लास में फ़ोन लाने पर प्रतिबंध लगा दिया।

यह भी सामने आया कि समीना ने क्लास के भीतर गालियों और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने ‘चूति@’ शब्द का इस्तेमाल भी किया। अब इस मामले में छात्रों ने विश्वविद्यालय से जाँच की माँग की है। हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने कहा है कि वह स्वयं 7 अक्टूबर को खुद ही इस ओपी विश्वविद्यालय में जाएँगी।

समीना हाल ही में विवादों के घेरे आई थी जब उन्होंने विश्वविद्यालय में फिलिस्तीन और इजरायल के मुद्दे पर 1 नवम्बर को आयोजित एक कार्यक्रम में हमास का समर्थन किए जाने पर विवादित ईमेल लिखा था। इस बातचीत में काफी हिन्दू विरोधी बातें हुई थीम जब इसका लोगों ने विरोध किया तो समीना ने लिखा कि वह ‘जय श्री राम’ के नारे कैंपस में देखती हैं लेकिन शांत रहती हैं।

अलीगढ़ से धराए ISIS के आतंकी अब्दुल्ला और माज़, जिहाद के लिए तैयार कर रहे थे फ़ौज: दीपावली पर धमाकों की थी साजिश, AMU से जुड़े तार

उत्तर प्रदेश की एटीएस ने अलीगढ़ से ISIS के दो आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनका कनेक्शन दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच द्वारा पकड़े गए शहनवाज और रिजवान जैसे आतंकियों के साथ है। यूपी एटीएस ने 3 नवंबर को सूचना के आधार पर केस दर्ज किया था, और जाँच के बाद छापेमारी कर दो अलग-अलग जगहों से दोनों आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आतंकियों के पास से ISIS और अलकायदा से जुड़ा साहित्य भी बरामद किया गया है।

यूपी एटीएस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, यूपी एटीएस को सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग अलीगढ़ में आईएसआईएस की विचारधारा से प्रेरित होकर अन्य लोगों को भी प्रभावित कर रहे हैं। यूपी एटीएस ने ये भी बताया कि दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार आतंकियों के संबंध अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र संगठन स्टूडेंट्स ऑफ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (SAMU) से हैं। ये लोग आईएसआईएस की विचारधारा से प्रभावित हैं। ऐसे में एटीएस ने जाँच का दायरा बढ़ाया और साक्ष्य जुटाकर अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया।

यूपी एटीएस ने बताया कि दोनों आतंकियों के पास से प्रिंटेड साहित्य, आईएसआईएस के प्रोपेगेंडा से भरी पेन ड्राइव व अन्य सामान बरामद हुए। इसके अलावा उनके इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज से अनेक देश-विरोधी और आतंकी विचारधारा समर्थित कई ग्रुपों से जुड़ाव मिला है। इसमें आईएस के साथ ही ‘अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट’ का भी साहित्य सामिल है। यूपी एटीएस ने दोनों को 5 नवंबर को गिरफ्तार किया है। यूपी एटीएस ने दोनों को कोर्ट के सामने पेश किया और हिरासत में ले लिया। दोनों की पहचान अब्दुल्ला अर्सलान और माज़ बिन तारिक के रूप में हुई है।

बड़े आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा अब्दुल्ला अर्सलान और माज़ बिन तारिक

बता दें कि अक्टूबर माह की शुरुआत में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कई आतंकियों को दिल्ली से लेकर अलीगढ़ तक गिरफ्तार किया था। ये आतंकी आईएसआईएस का मॉड्यूल संचालित कर रहे थे। दिल्ली पुलिस के इस ऑपरेशन में पता चला था कि शहनवाज, रिजवान और अरशद नाम के आतंकी, जिसमें शहनवाज पुणे में यूएपीए केस में गिरफ्तारी के बाद से फरार था, वो उत्तरी भारत में आईएसआईएस का पूरा मॉड्यूल खड़ा कर रहे थे और दीपावली के त्योहार के समय कई जगहों पर धमाकों-हमलों की फिराक में थे।

शहनवाज ने गुजरात से लेकर यूपी, दिल्ली के कई महत्वपूर्ण जगहों की रेकी भी की थी। इतना ही नहीं, इन आतंकियों ने ट्रेनिंग सेंटर बनाने के लिए जमीन तक तलाश कर ली थी। इसी जाँच में खुलासा हुआ था कि ये आतंकी अलीगढ़ से लेकर प्रयागराज तक मदरसों और मौलानाओं के संपर्क में हैं। वो अपने जैसे लोगों की पूरी फौज खड़ी करने का मंसूबा बनाए हुए थे और बाकायदा उन्हें उनका हैंडलर इसके लिए मदद भी कर रहा था। इसी आईएसआईएस मॉड्यूल से जुड़े दोनों लोगों को यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया है।

शहनवाज मूल रूप से झारखंड का रहने वाला है। वो पुणे जाकर आईएसआईएस से जुड़ गया था और ISIS का स्लीपर सेल तैयार कर रहा था। उसकी गैंग के तमाम सदस्य बम बना कर उसे पास के जंगलों में टेस्ट करने जाया करते थे। विस्फोट की साजिश को अंजाम देने के लिए शाहनवाज की गैंग को चोरी की बाइक की जरूरत थी। शाहनवाज के साथ इस नेटवर्क से जुड़े इमरान और युसूफ को जुलाई 2023 में बाइक चोरी करने के मिशन पर भेजा गया था लेकिन वो पुलिस द्वारा पकड़े गए। हालाँकि, शाहनवाज फरार होने में कामयाब रहा था। उस पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया था और वो छिप कर रिजवान के पास दिल्ली में रह रहा था।

उसका साथी रिजवान प्रयागराज तक मदरसों और मौलानाओं के संपर्क में था। उसे लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था। वो लखनऊ से पहले नैनी में रह रहा था और लखनऊ जाने के बाद भी उसका प्रयागराज आना जाना रहता था। वो कई मौलानाओं, मदरसों और मस्जिदों के संचालकों के संपर्क में था। इनके संबंधों को भी एजेंसियाँ खंगाल रही हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने रिजवान, शाहनवाज उर्फ शैफी उज्जमा के साथ ही अरशद वारसी को भी गिरफ्तार किया था। ये तीनों दिवाली से पहले देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकी हमलों की तैयारी कर रहे थे। उनके निशाने पर अयोध्या का राम मंदिर भी था, जिसकी ये रेकी भी कर चुके थे।

BHU में ‘हिंदुत्व की कब्र खुदेगी’ के नारे, दलित छात्र पर हमला किया, महिला सुरक्षाकर्मी का गला दबाया, जातिसूचक गालियाँ: वामपंथियों के उपद्रव के बाद FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के अंदर हिंदुत्व विरोधी और आज़ादी के नारे लगने की खबर है। इस मामले में पुलिस ने कुल 17 नामजद सहित अन्य अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज की है। बताया गया है कि आरोपितों ने आज़ादी के नारों का विरोध करने पहुँचे छात्रों पर हमला भी किया। इस हमले में कुछ छात्रों को फैक्चर भी हुआ है। घटना रविवार (5 नवंबर, 2023) की है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

इस मामले की FIR वाराणसी के लंका थाने में 6 नवंबर (सोमवार) को दर्ज हुई है। शिकायत एक छात्रा की तरफ से दर्ज करवाई गई है। पीड़िता का कहना है कि पिछले 2 दिनों से यूनिवर्सिटी के छात्र BHU कैम्पस में धरना दे रहे थे। इस दौरान पीड़िता यूनिवर्सिटी की एक छात्रा व 2 अन्य छात्रों के साथ धरनास्थल पर पहुँची। धरनास्थल पर इन सभी को यूनिवर्सिटी के छात्रों के बजाय कई बाहरी लोग भी दिखाई पड़े। आरोप है कि ये लोग ‘हिंदुत्व की कब्र खुदेगी’ और ‘आज़ादी’ के नारे लगा रहे थे। एक वायरल वीडियो में वामपंथी छात्राओं द्वारा पुलिस के आगे ही ‘मोदी-योगी मुर्दाबाद’ के नारे लगाए जा रहे हैं।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में आगे बताया है कि BHU कैम्पस में लग रहे आपत्तिजनक नारों का धरने या छात्राओं के हित से कोई वास्ता न होने की वजह से उन्होंने इस नारेबाजी का विरोध किया। इस विरोध से नाराज हो कर वहाँ मौजूद कई लोगो ने पीड़िता और उसके साथियों पर हमला बोल दिया। पीड़िता ने इन हमलावरों में आकांक्षा शर्मा उर्फ़ आज़ाद, चंदा यादव, रोशन पांडेय, इप्शिता, राजेश कुमार, राणा रोहित, राजीव नयन, सुमन आनंद, अक्षय आदर्श, ऋषि तिवारी, मानव उमेश, अमन सिंह, अमित, अनुपम और विश्वजीत और अनुरति को नामजद करते हुए 15 अज्ञात लोगों के होने का दावा किया। ABVP ने वीडियो शेयर कर के वामपंथी छात्राओं द्वारा महिला सुरक्षाकर्मी का गला दबाने का आरोप लगाया है।

शिकयत में पीड़िता ने आगे बताया कि हमलावरों की भीड़ ने उन्हें और उनके साथियो को घसीट कर मारा। पीड़िता के कपड़ों को खींचा गया और उनके साथ मौजूद एक दलित समुदाय के युवक को जातिसूचक गालियाँ दीं गईं। भीड़ में से कई लोग पीड़ितों को देश लेने की धमकी भी देते रहे। हमले में पीड़िता व उनके साथियों के हाथ, पैर में फैक्चर के साथ आँख के पास घाव हो गया। नामजद आकांक्षा, चंदा यादव, इप्शिता और रिद्धि के पहले भी आपराधिक मामलों में शामिल रहने की जानकारी देते हुए पीड़िता ने खुद को बेहद डरा बताया है।

शिकायत के अंत में पुलिस से सभी आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की गई है। इस शिकायत पर पुलिस ने पीड़िता द्वारा बताए गए सभी 17 आरोपितों को नामजद किया है। बाकी अन्य हमलावरों को अज्ञात में रख कर मामले की विवेचना की जा रही है। इन सभी हमलावरों पर IPC की धारा 147, 323, 504, 506, 505 (2) और 354 (ख) के साथ SC/ST एक्ट में केस दर्ज किया गया। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। एक अन्य वीडियो में वामपंथी छात्राओं को महिला शिक्षिकाओं से अभद्रता करते देखा और सुना जा सकता है।

पीड़ित हैं ABVP से, हमलावर वामपंथी

ऑपइंडिया ने इस मामले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के पदाधिकारी अभय प्रताप सिंह से बात की। अभय ने हमें बताया कि हमलावर छात्रों में कुछ NSUI और तमाम AISA के हैं। छात्रा आकांक्षा भगत सिंह स्टूडेंट्स मोर्चा (BSM) से बताई गई। अभय का दावा है कि इस संगठन पर नक्सलियों से रिश्तों की जाँच ख़ुफ़िया एजेंसियाँ कर रहीं हैं। हमें बताया गया कि अगर मौके पर ABVP से जुड़े लोग चारों पीड़ित छात्रों को बचाने कुछ लोग न पहुँचे होते तो उनकी मॉब लिन्चिग में हत्या हो जाती।

CAA-NRC हिंसा से भी कनेक्शन

ABVP पदाधिकारी अभय ने हमें बताया कि हमलावरों में प्रमुख चंदा यादव पहले जामिया मिलिया की छात्र थी। वह वामपंथी छात्र संगठन आइसा (AISA) की राष्ट्रीय सचिव हैं। दावा है कि वो CAA-NRC हिंसा के दौरान सरकार के विरोध में और अराजकता फैलाने में काफी सक्रिय रही थी। इन हरकतों के चलते चंदा यादव पर FIR भी दर्ज हुई थी जिसका कोर्ट में ट्रायल भी चलने वाला है। चंदा यादव का CAA-NRC विरोध प्रदर्शनों के दौरान एक फोटो भी सामने आया है जब वो मंच पर हिजाब में दिख रही एक छात्र के बगल खड़ी हो कर डफली बजा रही है।

एक अन्य आरोपित रोशन भी AISA से जुड़ा हुआ है। अभय प्रताप सिंह ने वाराणसी पुलिस पर भी आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई में देरी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ABVP के छात्रों की पिटाई के दौरान पुलिस बुलाई गई थी। दावा है कि इस दौरान नामजदों में से कुछ लोग हिरासत में भी लिए गए थे लेकिन पुलिस ने थोड़ी दूर जा कर उन्हें छोड़ दिया। अब FIR दर्ज होने के बाद ABVP पदाधिकारी ने उम्मीद जताई है कि आरोपितों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

हालाँकि आकांक्षा और चंदा यादव ने खुद पर लगे हमले के आरोपों से इंकार किया है। उन्होंने उलटे ABVP पर ही हमले का आरोप लगाया है।

छत्तीसगढ़ में चुनाव से 1 दिन पहले IED ब्लास्ट: BSF जवान घायल समेत पोलिंग टीम के 2 सदस्य घायल

छत्तीसगढ़ कें कांकेर में IED ब्लास्ट हुआ है। इस धमाके में एक बीएसएफ कॉन्स्टेबल और 2 पोलिंग टीम के सदस्यों को चोटें आई हैं। फिलहाल घायलों का इलाज चल रहा है। उनकी हालात स्थिर है।

पुलिस ने बताया है कि बीएसएफ और डिस्ट्रिक्ट फोर्स की संयुक्त पार्टी कांकेर जिले के थाना छोटेबेटिया के 04 मतदान दलों को लेकर कैम्प मारबेड़ा से रेंगाघाटी रेंगागोंदी मतदान केन्द्र जा रही थी और शाम प्रेशर आईईडी की चपेट में आने से बीएसएफ के आरक्षक चंद्रप्रकाश सेवल और मतदान दल के 02 कर्मचारी घायल हो गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नारायणपुर जिले के मुरहादपुर गाँव में भी नक्सलियों द्वारा आईडी प्लांट किया गया था। इसे निष्क्रिय करने के दौरान वहाँ ITBP का कॉन्स्टेबल घायल हुआ। कुछ रिपोर्ट बता रही है कि इस धमाके में कुल 4 लोग घायल हुए हैं।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में पहले चरण के मतदान कल (7 नवंबर 2023) होने वाले हैं। राज्य की 20 सीटों (मोहला मानपुर, अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कांकेर, केशकाल, कोंडागाँव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, कोंटा, पंडरिया, कवर्धा, खैरागढ़, डोंगरगढ़, राजनांदगाँव, डोंगरगाँव, खुज्जी, बस्तर, जगदलपुर और चित्रकोट) पर वोट पड़ेंगे। सुबह 7 बजे से 3 बजे तक वोट डाले जाएँगे।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में इन चुनावों के मद्देनजर नक्सली पहले भी धमकी दे चुके हैं। ऐसे में लोगों में डर का माहौल है। नक्सलियों ने इससे पहले बस्तर में धमकी दी थी कि कोई वोट माँगने न आए, जब भाजपा नेता रतन दुबे चुनाव प्रचार के लिए गए तो वहाँ उन्हें धारदार हथियार से उन्हें मार दिया गया।

‘सनातन खत्म करने का किसी को अधिकार नहीं, बाँटने वाले बयान न दें सत्ता में बैठे नेता’: मद्रास HC की कड़ी टिप्पणी, लेकिन नहीं दी द्रविड़ विरोधी रैली की अनुमति

मद्रास हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए द्रविड़ विचारधारा के विरुद्ध रैली के आयोजन को अनुमति देने से मना कर दिया है। इस रैली का आयोजन सितम्बर 2023 में सनातन खत्म करने के उद्देश्य से की गई रैली का विरोध करना था।

इसके साथ ही कोर्ट ने कहा है कि सत्ता में बैठे लोगों को बाँटने वाले बयान नहीं देने चाहिए। कोर्ट ने यह टिप्पणी उदयानिधि स्टालिन के सनातन को खत्म करने वाले बयान को लेकर की। गौरतलब है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के बेटे और राज्य सरकार में मंत्री उदयानिधि स्टालिन ने इसी सनातन धर्म को मिटाने के उद्देश्य से आयोजित की गई रैली में सनातन विरोधी बयान दिया था।

उदयानिधि स्टालिन ने कहा था, “कुछ चीजें हैं जिनका हमें उन्मूलन करना है और हम केवल विरोध नहीं कर सकते। मच्छर, डेंगू बुखार, मलेरिया, कोरोना, ये सभी चीजें हैं जिनका हम विरोध नहीं कर सकते, हमें इन्हें मिटाना है। सनातन ​​भी ऐसा ही है। विरोध करने की जगह सनातन ​​को ख़त्म करना हमारा पहला काम होना चाहिए।”

उदयानिधि के इस बयान का देश भर में कड़ा विरोध हुआ था। उनके सनातन विरोधी बयान के विरुद्ध कई बड़ी हस्तियों ने सुप्रीम कोर्ट को ख़त भी लिखा था। सुप्रीम कोर्ट ने इस विषय में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी किया था और उससे उदयानिधि के विरुद्ध FIR दर्ज करने को कहा था।

मद्रास हाईकोर्ट ने इसी दौरान इस रैली में सनातन विरोधी बयान देने वाले मंत्रियों पर कार्रवाई ना करने के लिए तमिलनाडु पुलिस को डाँट भी लगाई। कोर्ट ने कहा है कि वह किसी भी ऐसी रैली के आयोजन की अनुमति नहीं देंगे जिससे लोगों में विभाजन पैदा होता हो और कोर्ट से इस मामले में किसी को कोई सहायता नहीं मिलने वाली।

हाईकोर्ट ने कहा कि इस देश में अलग-अलग विचारधाराएँ एक साथ रहती आई हैं जो कि भारत की पहचान है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जो लोग सनातन को खत्म करने की बात कर रहे हैं उन्हें ड्रग्स, भ्रष्टाचार और छुआछूत को खत्म करने पर काम करना चाहिए।

कोर्ट ने कहा कि यहाँ एक रैली आयोजित हुई जिसमें सनातन को खत्म करने की बात कही गई और उसमें शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके कारण अब यहाँ द्रविड़ विचारधारा को खत्म करने के लिए रैली की अनुमति माँगी जा रही है। इससे समाज में और बँटवारा होगा।

मदरसे के हाफिज ने बलात्कार के लिए बच्ची को घर में घुस कर दबोचा, दी हत्या की धमकी: 2 बहनों के साथ पहले कर चुका है छेड़खानी

उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर में रविवार (5 नवम्बर 2023) को पुलिस ने मदरसे में पढ़ाने वाले एक हाफिज को गिरफ्तार किया है। हाफिज का नाम गुलफाम है जिस पर नाबालिग लड़की को घर में घुस कर रेप की नीयत से दबोचने और किसी को बताने पर जान से मार डालने की धमकी देने का आरोप है। पीड़िता ने शोर मचा कर जैसे-तैसे खुद को गुलफाम के चंगुल से बचाया। पुलिस इस मामले में जाँच और जरूरी कार्रवाई कर रही है।

यह मामला उत्तर प्रदेश के चरथावल थानाक्षेत्र का है। यहाँ एक गाँव की रहने वाले 15 वर्षीया पीड़िता ने 4 नवंबर को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में पीड़िता ने बताया था कि 3 नवंबर को वह घर में अकेली थी। इसी दौरान दोपहर लगभग डेढ़ बजे उसी गाँव का करामात का बेटा गुलफाम बुरी नीयत से उसके घर में घुसा। घर में घुस कर गुलफाम पीड़िता को जबरन कमरे के अंदर ले जाने लगा। जब पीड़िता ने विरोध किया तो उसके साथ न सिर्फ गाली-गलौज की गई बल्कि उसको जान से मार डालने की धमकी भी दी गई।

शिकायत में आगे बताया गया है कि अपने मंसूबों में खुद को असफल होता देख गुलफाम ने पीड़िता का मुँह दबोच दिया। हालाँकि काफी प्रयासों के बाद लड़की ने जैसे-तैसे खुद को मुक्त कर के शोर मचाया। मोहल्ले वालों को आता देख कर गुलफाम भाग निकला। जाते-जाते उसने पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता ने गाँव की 2 लड़कियों को भी अपने साथ हुई घटना का चश्मदीद गवाह बताया है। शिकायत में गुलफाम पर कड़ी कार्रवाई की माँग भी की गई है।

मुजफ्फरनगर पुलिस ने नाबालिग लड़की के घर में घुस कर रेप का प्रयास करने वाले मदरसे के हाफिज गुलफाम को पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार किया
प्रेस नोट साभार -मुज़फ्फरनगर पुलिस

गुलफाम को स्थानीय मदरसे में मज़हबी तालीम देने के लिए रखा गया था। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपित गुलफाम के खिलाफ IPC की धारा 452, 323, 354 और 506 के अलावा 7/8 पॉक्सो एक्ट में FIR दर्ज कर ली है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। आरोपित हाफिज को पुलिस ने गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया है। मामले में जाँच और वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

ऑपइंडिया ने पीड़िता के पिता से बात की। उन्होंने बताया कि गुलफाम घूम-घूम कर मदरसे के नाम पर रसीदें काटा करता है और लोगों से पैसे की उगाही करता है। लड़की के पिता ने बताया कि ये आरोपित द्वारा उनके घर में की गई तीसरी वारदात है। दावा है कि इस से पहले भी गुलफाम अलग-अलग मौकों पर पीड़िता की 2 बहनों से छेड़खानी कर चुका था। हालाँकि उस समय मुस्लिम समाज के लोगों ने जुट कर पंचायत की थी और मामले को दबा दिया था। लड़की के पिता का कहना है कि वो इस बार किसी के भी दबाव में नहीं आने वाले और आरोपित को कड़ी से कड़ी सजा दिला कर ही रहेंगे। पीड़ित परिवार ने पुलिस कार्रवाई को संतोषजनक बताया।

‘मार देंगे दो मुक्का, नाच के गिरेगा थाईलैंड’ : लालू की बेटी ने शेयर की CM योगी की एडिटेड फोटो, नेटीजन्स बोले- ‘यही है चारा चोर का संस्कार’

लालू प्रसाद यादव को किडनी देने वाली दूसरे नंबर की बेटी रोहिणी आचार्य ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एडिडेट तस्वीर साझा की है, जिसमें उन्हें लालू प्रसाद यादव डाँटते दिख रहे हैं। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर किए गए इस तस्वीर पर लोगों ने उन्हें योगी आदित्यनाथ को नीचा दिखाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है और उन्हें जमकर ट्रोल भी किया है। इस मामले में उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता और सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत उमराव ने उनकी पुलिस से शिकायत भी की है। प्रशांत के साथ ही महंत गणेश दास ने भी उन पर यूपी पुलिस से कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में लिखा, ” अरे बुड़बक रिबन पकड़ ठीक से, नहीं तो मार देंगे दो मुक्का, नाच के गिरेगा थाईलैण्ड में”। रोहिणी आचार्य ने इस पोस्ट में जो तस्वीर साझा की है, वो एडिटेड है।

रोहिणी आचार्य के इस पोस्ट के बाद लोगों ने उनकी जमकर खबर ली। डॉ श्वेता शर्मा ने रोहिणी आचार्य से शायद कोई अप्रिय जानकारी लेनी चाही। उन्होंने लिखा, “रोहिणी.. अभिषेक की मौत कैसे हुई थी ..? वो केस बंद क्यों हुआ, अपने चारा चोर बाप से पूछकर जवाब दो।”

बता दें कि अभिषेक नाम के छात्र की झारखंड की राजधानी राँची से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित दशम फाल्स में डूबने से मौत हो गई थी। आरोप लगाए जाते हैं कि वो लालू यादव की एक बेटी के साथ प्रेम संबंध में थे। शायद श्वेता शर्मा ने उनसे इसी मामले में सवाल पूछा था। इस मामले में लालू परिवार पर अभिषेक की हत्या का आरोप लगा था।

वहीं मनीष शर्मा नाम के यूजर ने लिखा, “इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है। जैसा संस्कार चारा चोर से मिला है उसके संतान वैसा ही भाषा का उपयोग रहे है।”

शाश्वत नाम के यूजर ने लिखा, “बाप बिहार बेचकर हांगकांग पहुँचा दिया लेकिन संस्कार कहाँ से देता। अब बाल बच्चा का भाषा भी वैसा ही सड़क छाप वाला है। ये वही रोहिणी आचार्य है, जिसके शादी में चारा चोर लल्लू लाल सबके दुकान में डाका मरवाया था। आज इसको नीतीश का पैर चाटते देख के मजा आ जाता है।”

वहीं बिहार भाजपा की नेता अमृता राठौर ने लिखा, “उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री के लिए अभद्र भाषा और मारने की बात करने वाले इस ट्वीट पर कृपया संज्ञान लें।”

यूपी भाजपा के प्रवक्ता प्रशांत उमराव ने यूपी पुलिस से कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने यूपी पुलिस को मेंशन करते हुए लिखा है कि इस अकाउंट से यूपी के सीएम योगी जी के लिए गलत भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने लखनऊ पुलिस और यूपी के डीजीपी को भी मेंशन किया है।

इस मामले में रोहिणी आचार्य को लोग तमाम बातें याद दिला रहे हैं। कुछ लोग उनके पिता लालू यादव को कथित तौर पर चारा चोर लिख रहे हैं, तो कुछ लोग उनके संस्कारों पर उंगली उठा रहे हैं।