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एल्विश यादव पर मेनका गाँधी की संस्था ने कराई FIR: साँपों के जहर वाली पार्टी, विदेशी लड़कियों का इंतजाम, कोबरा-अजगर सहित 9 जिंदा साँप

बिग बॉस विजेता और मशहूर यूट्यूबर एल्विश यादव पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। उनके खिलाफ नोएडा पुलिस ने FIR दर्ज की है। सूचना के आधार पर नोएडा पुलिस ने सेक्टर-51 में रेव पार्टी को लेकर रेड डाली और इसमें 5 लोगों को गिरफ्तार किया। इनसे पूछताछ के दौरान एल्विश का नाम भी सामने आया। इस दौरान पुलिस को यहाँ 9 जिंदा साँप और उनका जहर भी मिला है।

पुलिस को दी गई शिकायत में गौरव गुप्ता ने कहा कि वो सांसद मेनका गाँधी की संस्था पीएफए ऑर्गेनाईजेशन के एनिमल वेलफेयर ऑफिसर हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि एल्विश यादव जहरीले और अन्य साँपों के साथ नोएडा और एनसीआर के फॉर्म में वीडियो शूट करते हैं। गैर कानूनी तरीकों से रेव पार्टी कराते हैं।

शिकायतकर्ता गौरव के अनुसार इसमें विदेशी युवतियों को बुलाया जाता है, साँप के जहर और नशीले पदार्थ सप्लाई किया जाता है। उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि उनके मुखबिर ने इसे लेकर एल्विश से संपर्क साधा था। इसके बाद उन्होंने (एल्विश ने) इसके लिए एजेंट राहुल नाम के शख्स का फोन नंबर देकर उनका नाम लेकर बात करने को कहा। इस एजेंट से एल्विश का नाम लेकर बात करने पर वो पार्टी के लिए तैयार हो गया।

एल्विश यादव FIR मामले की कॉपी

वो एजेंट 2 नवंबर 2023 को अपनी टीम के साथ सेक्टर 51 के सेवरोन बैंक्वेट हाल में आया। यहाँ पर गौरव गुप्ता ने प्रतिबंधित साँप दिखाने को कहा। इसके बाद उनकी ओर से सेक्टर-49 नोएडा पुलिस और वन विभाग की टीम को ये सूचना दी गई।

इसकी थोड़ी देर बाद सेक्टर-49 नोएडा पुलिस और क्षेत्रीय वनाधिकारी की टीम मौके पर आए। एजेंट सहित पाँच लोगों को टीम ने हिरासत में लेकर नाम, पता पूछकर तलाशी ली। तलाशी में एजेंट राहुल के पास मिले नीले रंग के बैग पैक में प्लास्टिक की बोतल में भरा लगभग 20 मिलीलीटर साँप का जहर मिला। इसके साथ ही इनके पास 9 साँप जिंदा मिले, जिनमें 5 कोबरा, एक अजगर साँप, दो दोमुही साँप, एक घोड़ा पछाड़ साँप मिला।

इस मामले में नोएडा पुलिस के मुताबिक थाना सेक्टर-49 पुलिस को दिल्ली के रहने वाले गौरव गुप्ता की शिकायत की तहरीर के आधार पर एल्विश यादव सहित 6 लोगों के खिलाफ नोएडा सेक्टर-51 के बैंक्वट हॉल में रेव पार्टी करने और साँपों का जहर मुहैया कराने के संबंध में मामला दर्ज कराया गया है। जिन 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है, उनके नाम हैं – राहुल, टीटूनाथ, जयकरन, नारायण, रविनाथ और एल्विश यादव। आरोपितों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 48 ए, 49, 50, 51 और आईपीसी की धारा 120-B के तहत केस दर्ज किया गया है।

‘माय लॉर्ड’ बोलना बंद करें, आपको अपनी आधी सैलरी दूँगा: सुनवाई के दौरान SC के जस्टिस हुए सीनियर वकील से तंग, पूछा- Sir क्यों नहीं कहते

आज तक आपने अदालतों के जजों को किसी प्रकार की बदसलूकी पर वकीलों को डाँटते हुए देखा होगा, मगर क्या आपने सुना है कि किसी जज को ‘माई लॉर्ड’ कहने पर वकीलों को डाँट पड़ी। अगर नहीं, तो आज ऐसी खबर भी पढ़ लीजिए।

सुप्रीम कोर्ट के जज पीएस नरसिम्हा ने बुधवार (1 नवंबर) को एक केस की सुनवाई के दौरान सीनियर वकील द्वारा बार-बार ‘माय लॉर्ड और योर लॉर्डशिप’ कहे जाने पर नाराजगी व्यक्ति की। उन्होंने सुनवाई के बीच वरिष्ठ वकील से कहा- “आप कितनी बार ‘माय लॉर्ड’ कहेंगे। यदि आप इसे कहना बंद करेंगे तो मैं आपको अपनी आधी सैलरी दे दूँगा।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने कहा- “आप माय लॉर्ड कहना बंद करें नहीं तो मैं इसे गिनना शुरू कर दूँगा।” उन्होंने वकील को सुझाव दिया कि वो इस शब्द की जगह ‘सर’ का प्रयोग क्यों नहीं करते।

इससे पूर्व दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस रविंदर भट्ट व जस्टिस मुरलीधर और चेन्नई हाईकोर्ट के जस्टिस चंद्रू ने अपने कोर्ट रूम के बाहर लिखवाया था कि कोर्ट में सुनवाई के समय ‘माय लॉर्ड’ या ‘योर लॉर्डशिप’ जैसे शब्दों का प्रयोग न किया जाए।

बता दें कि ब्रिटिश काल में लगने वाली अदालतों में जजों को संबोधन करते समय ‘माई लॉर्ड’ शब्द का प्रयोग होता था। हालाँकि भारतीय विधिज्ञ परिषद ने 2006 में एक प्रस्ताव पारित करके इस शब्द पर रोक लगा दी और तय हुआ कि अब से जजों को ‘माय लॉर्ड’ या ‘योर लॉर्डशिप’ नहीं कहा जाएगा। यह फैसला भारत के राजपत्र में भी प्रकाशित हुआ।

इस निर्णय के बावजूद आजतक अदालतों में इन शब्दों का प्रयोग बंद नहीं हुआ। फिल्मों में भी अदालती कार्रवाई दिखाते टाइम ऐसी ही भाषा इस्तेमाल लाई जाती रही। पर वास्तविकतामें आधिकारिक तौर पर अब इसका इस्तेमाल निषेध है। इन शब्दों के अलावा ‘योर ऑनर’ और ‘ऑनरेबल कोर्ट’ जैसे शब्द प्रयोग में लाए जा सकते हैं।

शौहर हैं कार्यवाहक वाइस चांसलर, बीवी नईमा खातून को फूल टाइम VC बनाने के लिए कर लिए शॉर्टलिस्ट: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में बवाल

वो कहते हैं न कि अल्लाह मेहरबान तो गधा पहलवान। कुछ ऐसा ही अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के वाइस चांसलर यानी कुलपति को शॉर्टलिस्ट करने को लेकर भी हुआ है। दरअसल एएमयू ने नईमा खातून गुलरेज़ को शॉर्टलिस्ट किया है। बवाल इसलिए हो रहा है क्योंकि जिस महिला नईमा खातून गुलरेज़ को शॉर्टलिस्ट किया गया है, उनके शौहर मोहम्मद गुलरेज़ हैं। और मोहम्मद गुलरेज़ कौन हैं? नाम शॉर्टलिस्ट करने वाली कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष! कम शब्दों में कहा जाए तो शौहर ने किया बीवी को सेलेक्ट।

30 अक्टूबर 2023 को एएमयू में अकादमिक फैसला लेने वाली सबसे अहम संस्था कार्यकारी परिषद (ईसी) ने वीसी के पद के लिए पाँच नाम चुने थे। इसकी अध्यक्षता एएमयू के कार्यवाहक वीसी प्रोफेसर मोहम्मद गुलरेज़ ने की थी। 27 सदस्यों वाली ईसी ने 20 लोगों में से पाँच को चुना। हालाँकि इस पद के लिए एएमयू के पास 36 आवेदन आए थे।

जाहिर है जब इतनी मुश्किल प्रक्रिया के बाद 5 काबिल लोगों के नामों को चुना गया तो उसमें किसी निजी फायदे के आधार पर वीसी का नाम शॉर्टलिस्ट हो जाना सवालों के घेरे में आना ही था। एएमयू के वीसी पद के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए 5 नामों में से एक कार्यवाहक वीसी प्रोफेसर मोहम्मद गुलरेज़ की बीवी नईमा खातून गुलरेज़ का भी रहा।

नईमा खातून गुलरेज़ बनेंगी AMU की वाइस चांसलर?

एएमयू के कार्यवाहक वीसी प्रोफेसर मोहम्मद गुलरेज़ की बीवी नईमा खातून गुलरेज़ का नाम शॉर्टलिस्ट हुए 5 नामों में दूसरे नंबर पर है। पटना में चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के मौजूदा वीसी प्रोफेसर फैज़ान मुस्तफा का नाम सबसे ऊपर रहा। इनके अलावा प्रोफेसर कय्यूम हुसैन, प्रोफेसर एमयू रब्बानी, प्रोफेसर फुरकान कमर शॉर्टलिस्ट कैंडिडेट हैं।

एएमयू की कार्यकारी परिषद की बैठक में 27 सदस्यों में से 30 अक्टूबर की बैठक में 20 सदस्य शामिल हुए थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इसमें कार्यवाहक वीसी सहित 19 सदस्यों ने मतदान किया। जानकारी के मुताबिक प्रोफेसर (डॉ) फैज़ान मुस्तफा को नौ वोट मिले। खातून और हुसैन को आठ-आठ वोट मिले जबकि रब्बानी और कमर को सात-सात वोट मिले।

AMU कार्यकारी परिषद की आपत्ति, मियाँ-बीवी ने की खारिज

कार्यकारी परिषद की बैठक में शामिल सदस्यों में से एक ने कार्यवाहक वीसी गुलरेज़ को सुझाव दिया था कि वह मतदान से दूर रह सकते हैं क्योंकि उनकी बीवी एक उम्मीदवार हैं। इस सुझाव पर एक अन्य सदस्य भी रजामंद थे। लेकिन बैठक की अध्यक्षता कर रहे कार्यवाहक वीसी ने जवाब दिया कि क्योंकि वो खुद वीसी पद के उम्मीदवार नहीं हैं, इसलिए उनके बैठक में होने में कोई परेशानी नहीं।

मोहम्मद गुलरेज़ ने उच्च शिक्षा विभाग के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा, “यदि कुलपति या कार्यकारी परिषद का कोई अन्य सदस्य, जो कुलपति पद के लिए उम्मीदवार बनने के इच्छुक हैं, वो कार्यकारी परिषद की ऐसी बैठक में भाग लें तो उन्हें कुलपति पद के लिए उम्मीदवार के रूप में अयोग्य माना जाएगा।”

वहीं इस पर नईमा खातून गुलरेज़ ने कहा, “इसमें कुछ भी गलत नहीं है। शिक्षा विभाग के परिपत्रों में साफ कहा गया है कि यदि वीसी खुद नामांकित व्यक्ति है, तो उसे खुद को अलग करना होगा, लेकिन उन परिपत्रों में वीसी के पति या पत्नी या किसी अन्य रिश्तेदार के बारे में कुछ भी नहीं है। फैसला लेने से पहले इन सभी परिपत्रों को चुनाव आयोग के सामने पढ़ा गया था।”

AMU वीसी के लिए शॉर्टलिस्ट नहीं किए गए 36 में से एक आवेदक प्रोफेसर मुजाहिद बेग, जो एएमयू कोर्ट के एक पूर्व सदस्य भी हैं, वो नईमा खातून का नाम शॉर्टलिस्ट होने पर विरोध में उतर आए हैं। उन्होंने इसे लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र भी लिखा है। उन्होंने कहा:

“हैरानी की बात है कि वीसी ने न केवल चुनाव आयोग की बैठक की अध्यक्षता की, बल्कि अपनी बीवी के लिए वोट भी किया। ये स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों को एक और झटका है।”

गौरतलब है कि एएमयू के पिछले वीसी तारिक मंसूर ने यूपी के विधान परिषद सदस्य के रूप में नामित होने के बाद इस साल अप्रैल के पहले हफ्ते में इस्तीफा दे दिया था। तभी से प्रोफेसर मोहम्मद गुलरेज़ एएमयू के लिए अंतरिम वीसी के तौर पर कार्य कर रहे हैं।

आपको बता दें कि नईमा खातून ने एएमयू से मनोविज्ञान में पीएचडी की और उसी विभाग में 1988 में ले᠎̮क्चरर नियुक्त हुईं। साल 2006 में उनका प्रमोशन हुआ और वहीं प्रोफेसर बन गई। इसके बाद साल 2014 में वो महिला कॉलेज की प्रिंसिपल बनीं।

छोटे कपड़े पहनने के लिए उर्फी जावेद अरेस्ट? : वायरल हुई ‘गिरफ्तारी’ की Video, यूजर्स बोले- ‘देखकर सुकून मिला’

अपने फैशन सेंस को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर छाई रहने वाली उर्फी जावेद की एक नई वीडियो सोशल मीडिया पर आई है। इस वीडियो में दिखाया जा रहा है कि पुलिस ने उन्हें उनके छोटे कपड़ों के लिए गिरफ्तार किया है।

वीडियो का सच क्या है, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है, वीडियो को इसी ढंग से पेश किया जा रहा है जैसे पुलिस एक्ट्रेस को गिरफ्तार करके ले गई। दूसरी ओर सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को फेक बता रहे हैं और इसे एक पब्लिसिटी स्टंट कहा जा रहा है।

उर्फी जावेद का यह वीडियो Viralbhyani नाम के सोशल मीडिया अकॉउंट से शेयर किया गया है। इसमें दिख रहा है कि गिरफ्तारी के समय उर्फी जावेद कॉफी रेस्टोरेंट में थीं और वहीं पुलिस के कपड़ों में दो महिलाएँ आईं और उन्हें अपने हिरासत में ले लिया।

वीडियो में सुना जा सकता है कि उर्फी कथित महिला पुलिसकर्मी से पूछती हैं- क्या हुआ? इस पर पुलिस की ड्रेस पहनी महिला कहती है- “ऑफिस चलो, इतने छोटे कपड़े पहनकर कौन घूमता है?” इस पर उर्फी जवाब देती हैं- “मेरी मर्जी।” हालाँकि महिला नहीं मानती और कहती है- “मर्जी नहीं, आप चलो बस।” इसके बाद उन्हें गाड़ी में बैठाया जाता है और गाड़ी चल देती हैं।

वीडियो को शेयर करने वाले इंस्टा अकॉउंट ने भी इसकी पुष्टि नहीं की है कि उर्फी सच में गिरफ्तार हैं या नहीं। उन्होंने प्रश्न चिह्न लगाकर कैप्शन लिखा है-उर्फी गिरफ्तार, क्या ये सच है।

सोशल मीडिया यूजर्स इसे बिलकुल फर्जी वीडियो बता रहे हैं। कोई कह रहा है कि ये पुलिस एकदम नकली है तो कोई कह रहा है अगर ये गिरफ्तारी हकीकत में हुई है तो फिर सिर्फ उर्फी को ही क्यों गिरफ्तार किया गया है? राखी सावंत और शर्लिन चोपड़ा भी गिरफ्तार होनी चाहिए।

कुछ ऐसे भी यूजर्स हैं जिन्हें ये वीडियो देख सुकून मिला है। जैसे अतीफ लिखते हैं कि अगर ये सच है तब तो बहुत सुकून है। इसी तरह हबीबा खान लिखती हैं कि अगर यह हकीकत है तो बहुत अच्छी बात है ये। कई और यूजर्स इस वीडियो को देख- गुड जॉब मुंबई पुलिस लिख रहे हैं।

बता दें कि उर्फी जावेद एक टीवी एक्ट्रेस हैं और इसके अलावा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। उनके अलग फैशन सेंस के कारण वो हमेशा चर्चा में रहती हैं। कभी वो मोबाइल सिम से ड्रेस बनाकर पहनती हैं तो भी ब्लेड से। सारी वीडियो मीडिया में वायरल होती हैं। उनके इस अंदाज के कारण वो अकसर कट्टरपंथियों के निशाने पर भी रहती हैं। हालाँकि एक्ट्रेस ये साफ कर चुकी हैं कि वो खुद को मुस्लिम नहीं मानतीं और न ही कभी एक मुस्लिम से वो शादी करेंगी। पिछले दिनों उन्हें नवरात्रि के समय सूट-सलवार में देखा गया था।

हिंदुस्तानियों को एक्स्ट्रा लेयर वाली बॉल, तभी ले रहा शामी और सिराज विकेट: 14 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले ने लगाया आरोप, देखें वीडियो

भारत की टीम श्रीलंका को हरा कर क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 के सेमीफाइनल में पहुँच गई है। इस मैच में भारत ने श्रीलंका को 302 रनों से हरा कर रिकॉर्ड जीत दर्ज की। श्रीलंका को सिर्फ 55 रन पर ऑल आउट करने में गेंदबाज मोहम्मद शामी का 18 रन देकर 5 विकेट लेना सबसे अहम रहा। लेकिन इसी पर अब एक पाकिस्तानी क्रिकेटर (पूर्व) ने गंभीर आरोप लगाए हैं।

हसन रजा नाम के पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर ने ABN News चैनल पर एंकर से बात करते हुए अंपायर, थर्ड अंपायर, BCCI, ICC आदि पर गंभीर आरोप लगाए। हसन का मानना है कि मोहम्मद शामी, मोहम्मद सिराज या जसप्रीत बुमराह अगर सीम या स्विंग करा पा रहे हैं तो इसकी वजह है उनको दी जाने वाली अलग तरह की गेंद। इनके अनुसार इस अलग तरह की गेंद पर कुछ एक्स्ट्रा लेयर या एक्स्ट्रा कोटिंग की गई है।

एंकर ने हसन रजा से बात करते हुए कुतर्क दिया कि जिस प्रतिभा के गेंदबाज मोहम्मद शामी, मोहम्मद सिराज या जसप्रीत बुमराह हैं, वैसे ही शाहीन शाह आफरीदी भी हैं। इसी को आगे बढ़ाते हुए एंकर ने सवाल किया कि सीम या स्विंग सिर्फ भारतीय गेंदबाजों को क्यों मिल रहा है? हसन रजा ने एंकर को जवाब देते हुए तर्क के बजाय कुतर्क को ही बढ़ाया।

4 मिनट के अपने जवाब में हसन रजा ने कहा कि मोहम्मद शामी, मोहम्मद सिराज या जसप्रीत बुमराह जिस तरह से बॉल फेंक रहे हैं, वो एलन डोनल्ड की याद दिला रहा और इसके पीछे वजह यह है कि इनको अलग तरह की गेंद दी जा रही है। हसन के मुताबिक इसके पीछे अंपायर या ICC या BCCI किसी का भी हाथ हो सकता है।

भारत के बैट्समैन बढ़िया खेले, श्रीलंका के खराब… इस तरह की बात एक बार भी हसन रजा ने नहीं कही। उनके अनुसार जिस पिच पर भारत के बैट्समैन बढ़िया खेले, उसी पिच पर श्रीलंका के बैट्समैन खराब खेले क्योंकि गेंद सीम-स्विंग ज्यादा कर रही थी क्योंकि गेंद ही अलग क्वालिटी की दी गई थी।

गेंदबाजी के अलावे डीआरएस पर भी सवाल उठाते हुए हसन रजा ने कहा कि बहुत सारे फैसले भारत को खुश करने के लिए दिए गए। जबकि इसी डीआरएस में दूसरी टीमों के खिलाफ फैसले दिए गए। इसी शो में एंकर यह भी कहता नजर आता है कि 5 विकेट लेने के बाद मोहम्मद शामी जमीन पर इसलिए बैठे क्योंकि उनको सजदा करना था लेकिन वो ‘डर के माहौल’ के कारण ऐसा नहीं कर सके।

इस पूरी बातचीत को आप 50 सेकंड के बाद से 4:55 तक सुन सकते हैं। इसके तुरंत बाद हालाँकि पैनल में बैठे दूसरे शख्स ने इस तरह के ‘आसमानी’ ख्याल को खारिज कर दिया। आपको बता दें कि हसन रजा 14 साल 227 दिन की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करके रिकॉर्ड बनाए थे। हालाँकि बाद में पाकिस्तान क्रिकेट ने इनके जन्मदिन की सही जानकारी के अभाव में इस रिकॉर्ड को खुद ही हटा लिया था। यह वही हसन रजा है, जिस पर क्रिकेट में फिक्सिंग का भी आरोप लगा है।

मस्जिदों के जरिए फंड, QR कोड-अकॉउंट में पैसे, हथियारों की खरीद: भारत के आतंकी संगठन की फंडिंग पर FATF रिपोर्ट, 3000 बैंक खातों का इस्तेमाल

भारत में प्रतिबंधित एक कट्टरपंथी संगठन को लेकर FATF ने अपनी रिपोर्ट में एक खुलासा किया है। इस रिपोर्ट में बिना किसी संगठन का नाम लिए बगैर बताया गया है कि कैसे भारत का हिंसक कट्टरपंथी (आतंकी) संगठन एक संरचित नेटवर्क के जरिए ऑनलाइन और ऑफलाइन फंड जुटाता था।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट की मानें तो इस रिपोर्ट में जिस संगठन की बात है वो पीएफआई यानी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया है। रिपोर्ट बताती है कि पीएफआई मस्जिद और सार्वजनिक स्थलों पर आग्रह करके फंड का जुगाड़ करता था जिसका इस्तेमाल बाद में हथियार खरीदने और कट्टरपंथी तैयार करने के लिए किया जाता था।

FATF की रिपोर्ट, जिसका शीर्षक ‘क्राउडफंडिंग फॉर टेररिज्म फाइनेंसिंग है।’ इस रिपोर्ट के पेज नंबर 38 में भारतीय अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि एक कट्टरपंथी संगठन जो अभी जाँच के दायरे में है उसने सुव्यवस्थित नेटवर्कों का इस्तेमाल करके पूरे देश में से पैसे जुटाए। इन्होंने मस्जिदों और सार्वजनिक जगहों पर आग्रह करके ऑफलाइन और ऑनलाइन पैसे बटोरे। इन्होंने क्यूआर कोड और खाता विवरण देकर दानदाताओं से पैसे भेजने को कहा। इसके लिए 3,000 से अधिक बैंक खातों और अनौपचारिक वैल्यू ट्रांसफर सिस्टमों का उपयोग किया गया।

FATF रिपोर्ट के पृष्ठ संख्या 38 पर प्रकाशित जानकारी

उल्लेखनीय है कि एफएटीएफ की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे उस संगठन (पीएफआई) ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर पैसे जुटाए जिसके कारण जाँच करना और भी मुश्किल होता गया। रिपोर्ट कहती है कि फंड के नाम पर इकट्ठा धन से कट्टरपंथी संगठन ने हथियार और गोला-बारूद खरीदने का काम किया।

इसके अतिरिक्त हिंसक कट्टरपंथी संगठन के कैडरों को प्रशिक्षण देने के लिए इसका उपयोग किया गया। इतना ही नहीं क्राउडफंडिंग के माध्यम से संगठन ने जो धन को जुटाया था वो नियमित आय उत्पन्न करने के लिए और व्यवसायों में व रियल स्टेट परियोजनाओं में लगा दिया गया।

रिपोर्ट यह भी बताती है कि टेररिस्ट फंडिंग के आरोप में संगठन के 8 कट्टरपंथियों को गिरफ्तार किया गया है और इस मामले में शिकायतें भी फाइल की जा चुकी हैं और जाँच के बाद 3.5 करोड़ की संपत्ति की जब्ती की तैयारी है।

बता दें कि ये FATF एक अंतर-सरकारी निकाय है जो मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकी वित्तपोषण और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली की अखंडता के लिए अन्य संबंधित खतरों पर नजर रखता है। वहीं पीएफआई संगठन की बात करें तो ये एक कट्टरपंथी संगठन है जो 3 मुस्लिम संगठनों को मिलाकर 2007 में अस्तित्व में आया था। इसने शुरू में खुद को अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए लड़ने वाला संगठन दिखाया हालाँकि समय के साथ इस संगठन का कट्टरपंथ सबके सामने आता गया। पिछले वर्ष भारत सरकार ने इसे देश में प्रतिबंध कर दिया था। उसके बाद से राष्ट्रीय जाँच एजेंसी इनके कई ठिकानों पर छापेमापी कर चुकी है।

क्रिकेट विश्व कप 2023 में भारत ने श्रीलंका को 302 रनों से रौंदा, 55 रनों पर समेट दी पूरी टीम: लगातार 7वीं जीत के साथ सेमीफाइनल में बनाई जगह

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मैच में श्रीलंका के कप्तान कुसल मेंडिस ने टॉस जीतकर भारतीय टीम को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। भारतीय टीम ने खराब शुरुआत से उबरते हुए बल्लेबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट खोकर 357 रनों का स्कोर खड़ा कर श्रीलंका के सामने 358 रनों का लक्ष्य रखा था।

क्रिकेट विश्व कप 2023 के 33वें मैच में भारत ने श्रीलंका को 302 रनों के हराकर रिकॉर्ड तोड़ जीत दर्ज की है। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 357 रनों का भारी भरकम स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में 358 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम को भारत ने महज 55 रनों पर समेट दिया। भारतीय टीम ने इस विश्वकप में लगातार सातवाँ मैच जीतते हुए सेमीफाइनल में जगह भी बना ली। वहीं, श्रीलंका अब सेमीफाइनल की दौड़ से लगभग बाहर हो चुका है।

शुभमन गिल, विराट कोहली और श्रेयस अय्यर ने बेहतरीन अर्धशतकीय पारियाँ खेलीं। तीनों ही बल्लेबाज शतक से चूक गए, लेकिन भारतीय टीम को बहुत बड़े स्कोर तक पहुँचा गए। इसके जवाब में श्रीलंकाई टीम को नियमित अंतराल पर झटके लगते रहे और पूरी टीम महज 55 रनों पर सिमट गई। भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन इतना शानदार रहा कि 5 बल्लेबाज तो अपना खाता भी नहीं खोल सके।

श्रीलंकाई बल्लेबाजी कभी मैच में दिखी ही नहीं

श्रीलंकाई टीम ने 358 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए बेहद निराशाजनक शुरुआत की। उसके सलामी बल्लेबाज पथुन निशंका पारी की पहली ही गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। निशंका को बुमराह ने पवैलियन की राह दिखाई। इस ओवर में बल्ले से कोई रन नहीं बना। श्रीलंकाई पारी के दूसरे ओवर की पहली गेंद पर दूसरे सलामी बल्लेबाज दिमुथ करुणारत्ने भी खाता खोले बगैर ही एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। उन्हें सिराज ने पवैलियन की राह दिखाई। इसके बाद उसी ओवर में सदीरा विक्रमादित्य भी खाता खोले बगैर मोहम्मद सिराज के शिकार बन गए तो चौथे ओवर में कप्तान कुसल मेंडिस को भी सिराज ने पवैलियन भेज दिया। उस समय टीम का स्कोर था महज 3 रन और टीम के 4 बल्लेबाज पवैलियन लौट चुके थे।

फिर आया शमी नाम का तूफान…

मोहम्मद शमी ने श्रीलंका के 4 विकेट गिरने के बाद पहले बदलाव के तौर पर बॉलिंग की कमान संभाली और अगले 5 ओवरों में एक ओवर मेडन रखते हुए महज 18 रन देकर 5 श्रीलंकाई बल्लेबाजों को पवैलियन की राह दिखाई। मोहम्मद शमी इसी के साथ भारत की ओर से इस विश्वकप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी गए। मोहम्मद शमी अब तक इस विश्वकप में 14 विकेट ले चुके हैं, वो भी महज तीन मैचों में ही। इसके बाद आखिरी विकेट रविंद्र जड़ेजा ने लिया।

श्रीलंकाई बल्लेबाजी की खराब हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ 3 बल्लेबाज दहाई के आँकड़े तक पहुँचे, जबकि 5 बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल सके। वहीं, दो बल्लेबाज सिर्फ 1-1 रन ही बना सके। मोहम्मद शमी को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया। भारतीय टीम के लिए शमी ने पाँच, सिराज ने 3 और बुमराह-जडेजा ने एक-एक विकेट लिए।

भारतीय टीम ने खराब शुरुआत के बाद खड़ा किया पहाड़-सा स्कोर

इससे पहले, टॉस हार कर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। इस विश्वकप में प्रचंड फॉर्म में चल रहे कप्तान रोहित शर्मा ने दिलशान मधुशंका की पहली गेंद पर चौका लगाया, लेकिन अगली ही गेंद पर क्लीन बोल्ड होकर पवैलियन लौट गए। इसके बाद शुभमन गिल और विराट कोहली ने शानदार बल्लेबाजी की। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 189 रनों की साझेदारी की।

जब टीम का स्कोर 193 रन पहुँचा, तभी शुभमन गिल 92 रनों की पारी खेलकर आउट हो गए। वो विश्वकप में अपना पहल शतक बनाने से चुक गए। इसके बाद विराट कोहली भी 88 रन बनाकर आउट हो गए। उस समय टीम का स्कोर 196 रन ही था। तीनों विकेट मधुशंका को ही मिले। शुभमन गिल ने अपनी पारी में 11 चौके और 2 छक्के लगाए तो विराट कोहली ने अपनी पारी में 11 चौके लगाए। इसके बाद चौथे विकेट के तौर पर केएल राहुल 21 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन तब तक टीम का स्कोर 256 रनों तक पहुँच गया था।

राहुल के बाद सूर्यकुमार यादव महज 12 रन ही बना सके और 276 रनों के कुल स्कोर पर पाँचवें विकेट के रूप में आउट होकर पवैलियन लौटे। इस दौरान दूसरे छोर से श्रेयस अय्यर तेजी से रन बनाते रहे। वो छठें विकेट के रूप में कुल 333 रनों के स्कोर पर आउट हुए। अय्यर ने महज 56 गेंदों पर 82 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 3 चौके और 6 छक्के लगाए। इसके बाद पारी की आखिरी ओवर में मोहम्मद शमी और रविंद्र जडेजा रन आउट हो गए। शमी 2 रन बना सके, जबकि रविंद्र जडेजा ने 24 गेंदों पर 35 रनों की पारी खेली।

इस मैच में जीत के साथ ही भारतीय टीम ने 14 अंकों के साथ सेमीफाइनल में जगह भी बना ली है। भारतीय टीम का रन रेट भी 2 के ऊपर पहुँच गया है। दूसरी तरफ, श्रीलंका की टीम 7 मैचों में महज 2 जीत के साथ अंकतालिका में सातवें नंबर पर है। अब, दूसरे स्थान पर मौजूद दक्षिण अफ्रीकी टीम ने 7 में से 6 मैच जीते हैं और वो भी सेमीफाइनल में लगभग जगह बना चुकी है। अब दोनों टीमों के बीच अगला मुकाबला 5 नवंबर को खेला जाएगा।

सनी देओल ने शाहरुख खान से ‘नफरत’ की वजह का किया खुलासा, यश चोपड़ा की फिल्म ‘डर’ के बाद दोनों ने कभी साथ नहीं किया काम

बॉलीवुड एक्टर सनी देओल अपने भाई बॉबी देओल के साथ करण जौहर के शो ‘कॉफी विद करण’ में कई अहम मुद्दों पर बातचीत की। सनी देओल ने बताया कि आखिर क्यों वो शाहरुख खान को नापसंद करते हैं। हालाँकि, उन्होंने इसे हल्के-फुल्के अंदाज में ही कहा, लेकिन इसके बारे में विस्तार से बात नहीं की। सनी देओल ने बताया कि शाहरुख खान को नापसंद करने की एक ही वजह है, वो है एक्टर्स को कमोडिटी में बदल देना।

रैपिड फायर राउंड में सनी देओल से पूछा गया कि उन्हें कुछ अभिनेताओं के बारे में क्या पसंद है और क्या नापसंद है। शाहरुख खान के बारे में पूछे जाने पर सनी देओल ने पहले तो मेहनती कहकर शाहरुख खान की तारीफ की। फिर नापसंदगी की बात करते हुए उन्होंने कहा कि शाहरुख खान ने एक्टर्स को कमोडिटी में बदल दिया, जो उन्हें बिल्कुल भी पसंद नहीं है।

सनी देओल के जवाब से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनका इशारा एक्टर्स से पैसों के दम पर कुछ भी कराने और ब्रांड एंडोर्समेंट की तरफ था। दरअसल, बॉलीवुड के बहुत से सितारे बड़े-बड़े कार्यक्रमों के अलावा शादी-विवाह जैसे निजी कार्यक्रमों में भी पैसे लेकर पहुँचते हैं। हो सकता है कि सनी देओल का इशारा इस तरफ भी रहा हो। वैसे, उन्होंने ‘कमोडिटी’ वाली बात को क्लियर नहीं किया।

डर फिल्म के बाद नहीं किया एक-दूसरे के साथ काम

बता दें कि सनी देओल और शाहरुख खान ने साल 1993 में रिलीज हुई फिल्म ‘डर’ में एक साथ काम किया था। उस फिल्म में सनी देओल ‘हीरो’ की सकारात्मक भूमिका में थे, जबकि शाहरुख खान ‘एंटी-हीरो’ के निगेटिव किरदार में। इस फिल्म को बनाया था यश चोपड़ा ने। इस फिल्म के बाद दोनों सितारों ने कभी एक साथ काम नहीं किया। माना जाता है कि सनी देओल उस फिल्म में अपनी भूमिका से संतुष्ट नहीं थे, क्योंकि सारा लाइमलाइट विलेन होने के बावजूद ‘नए-नवेले’ शाहरुख खान लूट ले गए थे।

इसके बाद दोनों के बीच सालों तक कोई बातचीत नहीं हुई। इन दोनों सितारों के बीच बातचीत कुछ समय पहले ही रिलीज हुई फिल्म ‘गदर-2’ की जोरदार सफलता के बाद शुरू हुई, जिसमें शाहरुख खान ने सनी देओल के काम की तारीफ की थी और बताया था कि उन्होंने सनी देओल की फिल्म को देखा है।

सलमान खान को लेकर कही ये बात

सलमान खान के बारे में सनी देओल ने कहा कि वह एक अच्छे इंसान हैं। उनसे जब सलमान खान के बारे में नापसंद की जाने वाली बात पूछी गई तो उन्होंने कहा कि सलमान खान हर किसी को बॉडी बिल्डर बना दे रहे हैं। बता दें कि सलमान खान को उनकी फिटनेस की वजह से भी जाना जाता है। वो इंडस्ट्री के सबसे फिट सितारों में से एक हैं।

सनी देओल और बॉबी देओल ने हेमा मालिनी की बेटियों- अहाना और ईशा देओल के साथ अपने संबंधों के बारे में भी खुलकर बात की। जब करण ने सनी से अहाना और ईशा के रिश्ते के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, “वे मेरी बहनें हैं। यही सत्य है। उसे कोई नहीं बदल सकता।” वहीं, अक्षय कुमार के बारे में सनी देओल ने कहा कि वो समय के बहुत पाबंद है। उनकी निगेटिव बात पर सनी देओल ने फिल्मों की ज्यादा संख्या को बताया।

बता दें कि कॉफी विद करण एक विवादास्पद चैट शो है, जिसमें तमाम सितारे मेहमान के तौर पर शामिल होते हैं। इस कार्यक्रम को करण जौहर होस्ट करते हैं। कॉफी विद करण का आठवाँ संस्करण अभी चल रहा है, जिसके दूसरे एपिसोड में सनी देओल और बॉबी देओल मेहमान के तौर पर शामिल हुए। इस दौरान बॉबी देओल ने भी कई अहम बातों का खुलासा किया। इस बार ये चैट शो हॉटस्टार पर प्रसारित हो रहा है।

जवान, खूबसूरत और नीली आँखों वाली लड़कियों को ही नौकरी देती है यह एयरलाइन्स, दो महिलाओं ने कर दिया केस

अमेरिका की एक एयरलाइंस कंपनी पर आरोप लगा है कि वो नौकरी देने के मामले में भेदभाव कर रही है। उसके खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है। जिसमें आरोप लगाया गया है कि अमेरिका स्थित यूनाइटेड एयरलाइंस व्यवसायिक चार्टर उड़ानों में विशेष फीचर और आयु वर्ग के फ्लाइट अटेंडेंट को ही  प्राथमिकता देती है। इसके लिए लिए न तो अनुभव देखा जा रहा है और न ही काम करने के तरीके को देखा जा रहा है। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यूनाइटेड एयरलाइंस के दो फ्लाइट अटेंडेंट ने एक मुकदमे में दावा किया है कि उन्हें लॉस एंजिल्स डोजर्स बेसबॉल टीम के लिए चार्टर उड़ानों पर काम करने के लिए नहीं रखा गया क्योंकि प्रोफेशनल और कॉलेज स्पोर्ट्स टीमों को सेवा प्रदान करने के लिए कंपनी जवान, खूबसूरत, पतली लड़कियाँ जो मुख्यतः गोरी और नीली आँखों वाली होती हैं, उन्हीं को काम पर रखती है। क्योंकि खिलाड़ी ऐसी अटेंडेंट पसंद करते हैं। 

इस मामले ने तब टूल पकड़ा जब 50 साल की डोन टोड और 44 साल की डार्बी क्यूजादा ने दावा किया कि नौकरी देने के मामले में उनकी उपेक्षा की गई और इस तरह की फ्लाइट्स से दोनों को बाहर कर दिया गया। इनके स्थान पर उन महिला सहकर्मियों को चुना गया, जो ‘युवा और पतली’ हैं। 

मुकदमे में, जिसे लॉस एंजिल्स टाइम्स ने 25 अक्टूबर, 2023 को लॉस एंजिल्स काउंटी सुपीरियर कोर्ट में दायर किया था, दोनों महिलाओं ने यूनाइटेड की चार्टर उड़ानों के कर्मचारियों के संबंध में नस्ल, राष्ट्रीय मूल, धर्म और उम्र के आधार पर उत्पीड़न और भेदभाव का आरोप लगाया था। 

मुकदमे के अनुसार, सुश्री टॉड और सुश्री क्यूज़ादा दोनों ने यूनाइटेड एयरलाइन्स के लिए 15 वर्षों से अधिक समय तक काम किया है और डोजर्स की उड़ानों के लिए स्टाफ प्रदान करने वाली कंपनी में एक दशक से अधिक समय बिताया है।

मुकदमे में कहा गया है कि वादी के पास आवश्यक अनुभव और योग्यताएँ थीं लेकिन उनके अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया गया क्योंकि वादी श्वेत नहीं थे। वहीं द न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, यह दावा किया गया है कि यूनाइटेड एयरलाइंस ने पिछले मामले का निपटारा कर लिया, जिसमें एयरलाइन पर “युवा, श्वेत, महिला और मुख्य रूप से गोरे या नीली महिला अटेंडेंट को उड़ानों में नियुक्त करने का आरोप लगाया गया था। 

‘बेहूदा… बेशरम…’: सवालों से घबराई महुआ ने आचार समिति के अध्यक्ष के लिए इस्तेमाल किए अपमानजनक शब्द, निशिकांत बोले- ये संसदीय इतिहास का काला दिन

‘कैश फॉर क्वेरी’ मामले में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा गुरुवार (2 नवंबर 2023) को संसद की आचार समिति के सामने पेश हुईं। हालाँकि, वह बाद में समिति के सवालों से असहज होकर तमतमाते हुए उठकर बाहर निकल गईं और समिति पर आरोप लगाने लगीं। उनके साथ विपक्षी दलों के सांसदों ने भी बैठक का बहिष्कार कर दिया। बाहर निकलते समय महुआ मोइत्रा ने कहा कि संसदीय आचार समिति की बैठक में उनसे निजी और भद्दे सवाल पूछे जा रहे थे। वहीं, भाजापा सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ पर सवाल उठाए।

उनका साथ देते हुए बीएसपी के सांसद दानिश अली ने कहा, “हमने कमेटी से इसलिए वॉकआउट किया, क्योंकि कमेटी के चेयरमैन आपत्तिजनक सवाल पूछ रहे थे”। वहीं, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने अपने आरोपों को दोहराया है और कहा है कि महुआ मोइत्रा कुछ भी कर लें, अब उन्हें कोई भी नहीं बचा सकता। उन्होंने महुआ के आचरण को भी संसदीय मर्यादा के खिलाफ और संसदीय इतिहास का सबसे काला दिन बताया।

जानकारी के मुताबिक, आचार समिति ने महुआ मोइत्रा से कई सवाल पूछे। इनमें दर्शन हीरानंदानी के हलफनामे को लेकर सीधे सवाल पूछे गए, खासकर उनकी विदेश यात्राओं के बारे में। महुआ से पूछा गया कि उनकी विदेश यात्राओं का खर्च किसने उठाया? इन यात्राओं के दौरान वो किस होटल में रुकीं और उसका पेमेंट किसने दिया? मोइत्रा से पूछा गया कि वो पीए कौन था, जो उनकी जगह सवाल पूछा करता था?

इन्हीं सवालों पर महुआ असहज हो गईं और जोर-जोर से चिल्लाने लगीं। इसके बाद विपक्षी सांसदों के साथ उन्होंने आचार समिति की बैठक का वॉकआउट कर दिया। वॉकआउट करने वालों में बसपा सांसद दानिश अली, जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद गिरिधारी यादव और कॉन्ग्रेस के सांसद उत्तम कुमार रेड्डी शामिल थे। गिरिधारी यादव ने बाद में कहा, “उन्होंने महुआ मोइत्रा से निजी सवाल पूछे। उन्हें निजी सवाल पूछने का अधिकार नहीं है। इसलिए हम बाहर चले गए।”

मोइत्रा ने जाँच में सहयोग नहीं किया: विनोद सोनकर

संसदीय आचार समिति के अध्यक्ष विनोद सोनकर ने कहा कि महुआ ने जाँच में सहयोग नहीं दिया। उन्होंने कहा, “विपक्षी सदस्यों ने गुस्से में आरोप लगाए। वे सवाल से बचने के लिए बैठक से बाहर निकले। वह केवल और केवल उन पर आरोप हैं। सवाल से बचने के लिए यह आरोप लगाए हैं।”

बता दें कि पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने वाले इस मामले में आचार समिति ने दस्तावेजों और सबूतों के साथ तीन मंत्रालयों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर उन्हें तलब किया था। वहीं, महुआ मोइत्रा ने भी संसद की आईडी-पासवर्ड शेयर करने के आरोपों को स्वीकार कर लिया है।

मोइत्रा बेहद असभ्य तरीके से बोल रही थीं: अपराजिता सारंगी

वहीं, समिति की सदस्य अपराजिता सारंगी ने बताया, “मोइत्रा बेहद आक्रामक और असभ्य तरीके से बोल रही थीं। इसके बाद गिरधारी यादव और दानिश अली ने टेबल पीटना शुरू कर दिया। इस बात पर भी मतदान हुआ कि कौन से सदस्य इस मुद्दे पर गहन चर्चा के लिए देर रात तक रुकना चाहते हैं।”

भाजपा सांसद सारंगी ने आगे कहा, “इस वोटिंग में विपक्षी सदस्य 5 मतों से हार गए। बाद में उन्होंने बैठक से वॉकआउट करने का फैसला किया। जाते-जाते महुआ मोइत्रा ने चेयरमैन के लिए ‘बेहूदा’ और ‘बेशरम’ शब्द का इस्तेमाल किया।”

अब महुआ मोइत्रा को कोई नहीं बचा सकता

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ ‘कैश फॉर क्वेरी’ के आरोप पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे का कहना है, “उन्होंने (महुआ मोइत्रा) जनता के सामने एक भ्रामक कहानी पेश करने की कोशिश की… वे इस बात को पचा नहीं पा रही हैं कि अनुसूचित जाति का एक व्यक्ति विनोद सोनकर आचार समिति के अध्यक्ष बन गये हैं। वह उनके खिलाफ अनावश्यक बयानबाजी कर रही हैं।”

निशिकांत दुबे ने कहा, “मेरे और अन्य लोगों द्वारा उपलब्ध कराए गए सभी सबूतों के बाद कोई भी ताकत महुआ मोइत्रा को नहीं बचा सकती। मैं और देहाद्राई वहाँ गवाह के रूप में गए थे और महुआ मोइत्रा एक आरोपित के रूप में गई थीं। उन्होंने जनता के बीच गलत कहानी पेश करने की कोशिश की। आज जो हुआ यह संसदीय इतिहास का सबसे काला दिन है।”

हीरानंदानी ने हलफनामा देकर कहा- दुबई में मिलती थी महुआ

बता दें कि बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी ने अपने हलफनामे में माना है कि महुआ मोइत्रा उनसे दुबई में आकर मिलती थीं। उन्हें ब्लैकमेल करती थीं। उनका गलत फायदा उठाती थीं। दर्शन हीरानंदानी ने गिफ्ट और पैसा देने की बात भी कही थी। इसी संबंध में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी शिकायत की थी। इसके बाद ओम बिरला ने इस मामले को संसद की आचार समिति को भेज दिया था।

अब संसद की आचार समिति ‘पैसे के बदले संसद में सवाल पूछने’ के मुद्दे की जाँच कर रही है। टीएमसी सांसद मोइत्रा पर कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से नकद और अन्य तरह की मदद लेकर उनके प्रतिद्वंद्वी गौतम अडानी को टारगेट करते हुए और उन्हें फायदा पहुँचाने वाले संसद में सवाल पूछने के आरोप हैं।

मीडिया हाउसों के खिलाफ केस लिया था वापस

इससे पहले, उन्होंने मीडिया हाउसों और निशिकांत दुबे के साथ जय देहाद्राई के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया था, जिसमें से उन्होंने मीडिया हाउसों के खिलाफ दायर किए गए केस को वापस ले लिया था। अब मानहानि का मामला सिर्फ भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और वकील जय अनंत देहाद्राई के खिलाफ चलेगा। महुआ मोइत्रा ने दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष दायर अपनी याचिका से पक्षकार के रूप में मीडिया घरानों को मंगलवार (31 अक्टूबर 2023) को हटाने का अनुरोध किया।

बता दें कि महुआ मोइत्रा के पूर्व पार्टनर जय अनंत देहाद्राई ने पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि महुआ ने संसद में सवाल पूछने के बदले उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी से पैसे ली हैं। इस पत्र के आधार पर निशिकांत दुबे ने महुआ की शिकायत लोकसभा अध्यक्ष से की थी। मीडिया हाउसों ने इस खबर की रिपोर्टिंग की थी। इसके बाद महुआ ने दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि का मामला दर्ज कराया था।