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‘1984 का दंगा सिख नरसंहार, RSS है इसका जिम्मेदार’: कनाडा के खालिस्तानी MP का प्रलाप, लोगों ने दिलाई याद कैसे स्वयंसेवकों ने बचाई थी जान

कनाडा की गठबंधन सरकार में शामिल NDP के खालिस्तान समर्थक मुखिया जगमीत सिंह ने 1984 के सिख विरोधी दंगों पर नया प्रोपगैंडा फैलाने की कोशिश की है। जगमीत सिंह ने इसे सिखों का नरसंहार करार देते हुए इसके लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को जिम्मेदार बताया है।

जगमीत सिंह ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “आज सिख नरसंहार की 39वीं बरसी है। पहले से राज्य प्रायोजित हिंसा में हजारों सिखों को मार दिया गया था। इस वर्ष हमें पता चला है कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत सरकार के एजेंट शामिल थे। इसने पुराने जख्मों को फिर हरा कर दिया है।”

जगमीत सिंह ने आगे लिखा, “अब सिखों के घावों पर मरहम लगाने के प्रयासों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कनाडा की NDP 1984 के सिख विरोधी दंगों को नरसंहार मानता है और इसको देखते हुए कनाडा में RSS और इससे जुड़े हुए संगठनों को प्रतिबंधित करने की माँग की है।”

खालिस्तान समर्थक जसमीत सिंह का ये कहना कि सिख विरोधी दंगों के जवाब में वह RSS को कनाडा में प्रतिबंधित करने की माँग कर हैं दिखाता है कि वह सच्चाई से कोसों दूर हैं और इतिहास की जानकारी नहीं रखते हैं। यह भी स्पष्ट होता है कि वह RSS और भारत सरकार के विरुद्ध प्रोपगैंडा फैलाना चाहते हैं।

गौरतलब है कि 31 अक्टूबर 1984 को भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की उनके ही सिख अंगरक्षकों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके पश्चात दिल्ली समेत उत्तर भारत के बड़े हिस्सों में दिख विरोधी दंगे भड़क गए थे। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, इन दंगों में 3350 सिखों की हत्या कर दी गई थी।

दंगों की जाँच में सामने आया था कि इनका नेतृत्व कई जगहों पर कॉन्ग्रेस के नेताओं ने किया था। कॉन्ग्रेस नेता जगदीश टाईटलर, सज्जन कुमार और कमलनाथ पर इन दंगों को भड़काने का आरोप लगा था। इसमें सज्जन कुमार को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस मामले में जहाँ कमलनाथ को अदालत ने बरी कर दिया था।

वहीं, कॉन्ग्रेस नेता जगदीश टाइटलर पर हत्या और दंगा भड़काने के मामले में दोष सिद्ध हुई थी। इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद देश के प्रधानमंत्री बने उनके पुत्र राजीव गाँधी ने इन दंगों को लेकर कहा था, “जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती ही है।” उन्होंने इस बयान के जरिए दंगों को सही ठहराने की कोशिश की थी।

भाजपा और RSS इस दौरान दिल्ली समेत अन्य जगहों पर सिखों को दंगाइयों से बचा रहे थे। इस बात की पुष्टि जाने-माने सिख लेख खुशवंत सिंह ने स्वयं की थी। हालाँकि, गूगल पर उपलब्ध यह जानकारी खालिस्तानी जगमीत सिंह को नहीं मिली। उसने अपना प्रोपगैंडा चलाने के लिए सिख दंगों के कारण RSS और इसके आनुषांगिक संगठनों को कनाडा में प्रतबंधित करने की माँग कर दी।

जगमीत सिंह के इस कृत्य पर लोगों ने उसे कसकर लताड़ लगाई। एक्स पर एक यूजर संदीप गंडोत्रा ने लिखा, “मेरे पिता, जो कि एक आरएसएस कार्यकर्ता थे, उन्होंने कम-से-कम 200 सिखों की जान इस दंगे के दौरान बचाई थी, लेकिन तुम सिख और सिखी के नाम पर एक धब्बा हो। तुम्हारा सच से कोई लेना-देना नहीं है।”

कार्तिकेय नाम के एक यूजर ने लिखा, “तुम लोग इतिहास से नावाकिफ हो, इसीलिए तुमने एक नाजी को अपनी संसद में बुलाकर सम्मान दिया।”

पत्रकार प्रदीप भंडारी ने लिखा, “अगर हम इस नमूने की बात का भरोसा करें तो उस हिसाब से राजीव गाँधी सरसंघचालक (RSS का मुखिया) थे और जगदीश टाइटलर जैसे लोग स्वयंसेवक थे।”

कभी डॉक्टर, कभी मरीज, कभी घायल बच्चे का बाप… कौन है हमास का ‘मुस्लिम विक्टिम कार्ड’ ऑनलाइन बेचने वाला ‘Mr. Fafo’

इस्लामी आतंकी संगठन हमास और इजरायल के युद्ध के बीच हमास और फिलीस्तीन के प्रोपगेंडा की पोल खुल रही है। ऐसे में सोशल मीडिया पर एक ऐसे ही वीडियो क्रिएटर की कलई खुली है जो कि एक दिन आतंकी, दूसरे दिन पीड़ित और तीसरे दिन डॉक्टर बन लेता है। उसे सोशल मीडिया ने ‘Mr. Fafo’ की संज्ञा दी है।

दरअसल, 7 अक्टूबर 2023 को इस्लामी आतंकी संगठन हमास के इजरायल पर हमले के तुरंत बाद आतंकियों की करतूतों को मिटाने और फिलिस्तीनियों के लिए सहानुभूति बटोरने का दौर चालू हो गया था। इसी कड़ी में सालेह अलजफारवी नाम के एक व्यक्ति जो कि गाजा का रहने वाला है, ने कई वीडियो सोशल मीडिया पर डाले।

सालेह पैलीवुड (Pallywood) का अभिनेता है। Pallywood दरअसल, फिलीस्तीन और हॉलीवुड के वुड शब्दों को मिलाकर बनाया गया है। इस Pallywood का मुख्य कार्य इजरायल के विरुद्ध प्रोपगेंडा कंटेंट बनाना है।

सालेह के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं जिनमें वह एक में गंभीर रूप से घायल मरीज बना हुआ है और उसे मरते हुए दिखाया गया है। दूसरे वीडियो में वह एक घायल बच्चे का बाप बन लेता है, तीसरे में एक डॉक्टर और चौथे में एक गायक बन लेता है।

सबसे पहले सालेह की एक ऐसी वीडियो वायरल हुई जिसमें वह इजरायल पर हुए आतंकी हमले के बाद जश्न मना रहा था। इसके बाद दूसरी वीडियो में वह इजरायल के हवाई हमलों से भागता हुआ दिखा। इसी के चलते लोगों ने एक्स (पहले ट्विटर) पर उसका मजाक उड़ाना चालू किया।

उसकी इन हरकतों के चलते उसे Mr. FAFO नाम दिया गया है। दरअसल, FAFO एक अंग्रेजी चलताऊ कहावत F@*k Around, Find Out के पहले अक्षरों को मिलाकर बनाया गया है इसका अर्थ होता है कि गड़बड़ करो और नतीजा देखो।

सालेह की सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रही हैं। डॉ एली डेविड नाम के एक अकाउंट ने एक्स (पहले ट्विटर) पर इसी कड़ी में सालेह का एक वीडियो डाला जिसमें उन्होंने लिखा कि Mr. Fafo जो कि सुबह तक एक रेडियोलाजिस्ट था,अब गायक बन गया है।

किंगडम ऑफ़ इजरायल नाम के एक अकाउंट ने सालेह के कुछ फोटो वीडियो डाले जिसमें एक में वह हमास का आतंकी बनते हुए गाना गाता है, एक में किसी मरीज का एक्सरे मशीन पर इलाज करते हुए दिखता है जबकि दूसरी फोटो में उसका वही मीम है जिसने उसे Mr. Fafo के तौर पर ‘ख्याति’ दिलाई है।

एक्स पर ही याकोव कापलान द्वारा डाले गए एक वीडियो में सालेह मीडिया रिपोर्टर बना हुआ है। एक वीडियो में वह गाजा में अपने फिल्म स्टाफ के साथ भी दिखता है, जिसमें कुछ लोग उसके साथ किसी शूटिंग के लिए जा रहे हैं।

ओली लन्दन द्वारा डाले गए एक वीडियो में सालेह हँसता हुआ दिखता है जबकि वह कई ऐसे वीडियो बना चुका है जिसमें वह खुद को इजरायली हवाई हमलों में मारे गए बच्चों का बाप बताता है या फिर हवाई हमले में बर्बाद इमारतों पर क्रन्दन करता है। उसके प्रोपगेंडा के चलते मेटा ने उसका इन्स्टाग्राम अकाउंट उड़ा दिया था लकिन उसने अपने बैकअप अकाउंट से स्टोरी दुबारा डालनी चालू कर दी हैं।

हालाँकि, सोशल मीडिया पर फिलीस्तीन के लोगों द्वारा इस तरह का प्रोपगेंडा कोई नई बात नहीं है। लगातार इजरायल को एक दमनकारी शक्ति दिखाने के लिए ऐसी कई फोटो वीडियो वायरल की जाती रही हैं। हाल ही में सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया था कि गाजा से एक बच्ची का फोटो वायरल किया जा रहा है जो कुछ ही दिनों के अंतर पर तीन अलग-अलग हवाई हमलों में घायल हुई।

अमरोहा का भैंसा… पहले दूध पियूँगी, फिर मीट खाऊँगी: मोहम्मद शमी की बीवी ने किया पोस्ट, लोग बोले- तुझे डॉक्टर की जरूरत

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की बीवी हसीन जहाँ आजकल इंस्टाग्राम में एक भैंसे के साथ फोटो डालने से चर्चा में हैं। हसीन ने पोस्ट में शमी का मजाक उड़ाने की कोशिश की, जिसके बाद शमी के फैंस ने पोस्ट के नीचे उन्हें खरी-खरी सुनाई।

शमी की बीवी ने पोस्ट में भैंसा दिखाते हुए लिखा- “मैं और अमरोहा का भैंसा। अभी तो इसका दूध ले रही हूँ कुछ दिन बाद इसका मीट खाऊँगी। अमरोहा का भैंसा।”

उनके पोस्ट में जिस तरह से बार-बार अमरोहा पर जोर दिया गया, उससे यूजर्स को पता चल गया कि वो मोहम्मद शमी को निशाना बना रही हैं, क्योंकि शमी भी अमरोहा के ही हैं।

इस पोस्ट को देख यूजर्स ने कहा, “भैंसे ही सही हैं आपके लिए। शमी को आप डिजर्व भी नहीं करते थे।”

एक यूजर्स ने मजाक उड़ाते हुए पूछा- भैंसा कब से दूध देने लगा। वहीं एक ने कहा कि भैंसा का दूध कैसे निकला ये बता दो।

एक फैन तो नाराज होकर बोला कि इसने मोहम्मद शमी को भैंसा बोला है। सरकार को इसे गिरफ्तार करना चाहिए। ये पागल है।

वहीं दीपक राज सिंधिया ने लिखा इस पोस्ट के बाद विश्वास हो गया कि तू साइको है, तुझे डॉक्टर की जरूरत है।

बता दें कि मोहम्मद शमी और उनकी बीवी के बीच विवाद 2018 से सामने आया था। हसीन जहाँ ने शमी पर न सिर्फ अपनी प्रताड़ना, बल्कि मैच फिक्सिंग का भी आरोप लगाया था। उस समय शमी ने कहा था कि उन्हें नहीं पता कि उनकी बीवी को कौन भड़का रहा है। मैच फिक्सिंग के आरोपों पर शमी ने कहा था कि वे देश से गद्दारी के बजाए मरना पसंद करेंगे। बाद में शमी और हसीन जहाँ अलग-अलग हो गए थे। कोलकाता की अलीपुर जिला अदालत ने 23 जनवरी 2023 को अपने निर्णय में मोहम्मद शमी को आदेश दिया था कि वो हर महीने हसीन जहाँ को 50 हजार रुपए गुजारा भत्ता के तौर पर दें।

इसके बाद हसीन ने दोबारा शमी की गिरफ्तारी के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अपनी याचिका में उन्होंने दावा किया कि भारतीय गेंदबाज मोहम्मद शमी वेश्याओं के साथ संबंध बनाते हैं। विदेशी दौरों पर होटल रूम में वेश्याओं को लेकर आते हैं। हसीन जहाँ के अनुसार, शमी ने वेश्याओं के संपर्क में रहने और उनसे अवैध संबंध बनाने के लिए अपने दूसरे मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया। उस फोन को कोलकाता की लाल बाजार पुलिस ने जब्त कर लिया है। याचिका में यह भी कहा गया है, “शमी अभी भी वेश्याओं के साथ यौन गतिविधियों में शामिल हैं। पिछले 4 साल से इस मामले में सुनवाई आगे नहीं बढ़ी है। शमी निचली अदालत में पेश नहीं हुए और जमानत के लिए आवेदन भी नहीं किया।”

साफ हवा में साँस लेना अधिकार, प्रदूषण के लिए आप जिम्मेदार: दिल्ली की जहरीली हवा पर हाई कोर्ट ने लगाई फटकार

दिल्ली-एनसीआर फिर दमघोंटू प्रदूषण की चपेट में है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 343 है। दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रदूषण की स्थिति के लिए वन विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही कहा है कि साफ हवा में साँस लेना दिल्ली वालों का अधिकार है।

हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार के वन विभाग के प्रमुख सचिव से कहा है कि आपकी वजह से हम ऐसी खराब हवा में साँस लेने के लिए मजबूर हैं। यह आपकी जिम्मेदारी है कि AQI का स्तर नीचे आए। न्यायाधीश जसमीत सिंह ने दिल्ली में नया वन क्षेत्र विकसित करने और विभाग के खाली पड़े पदों को भरने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हवा की गुणवत्ता खराब होने के कारण बच्चे अस्थमा से जूझ रहे हैं। उन्हें साँस लेने में समस्य हो रही है। दिल्ली सरकार की नाक की नीचे रिज क्षेत्र में अतिक्रमण हो रहा है।

गौरतलब है कि ठंड का मौसम आते ही दिल्ली की हवा की गुणवत्ता फिर से खराब हो गई है। हवा में प्रदूषण को मापने वाले AQI पर दिल्ली के अधिकांश इलाके लगातार खराब स्थिति में हैं। दिल्ली की हवा का AQI स्तर औसतन 300 के ऊपर बना हुआ है जो कि स्वास्थ्य के लिए घातक है।

दिल्ली के आनंद विहार इलाके में AQI का स्तर 400 से ऊपर है, जबकि पटपड़गंज जैसे इलाकों में यह 350 से अधिक है। इस तरह की हवा केवल साँस के रोगियों के लिए ही नहीं, बल्कि सामान्य मनुष्यों के फेफड़ों के लिए भी काफी खतरनाक है।

दिल्ली और आसपास के इलाकों की हवा की गुणवत्ता खराब होती जा रही है।
दिल्ली और आसपास के इलाकों की हवा की गुणवत्ता खराब होती जा रही है। (चित्र साभार: Google Maps)

दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP_ सरकार प्रदूषण की इस समस्या से निपटने में अब तक नाकाम रही है। पहले वह दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने का जिम्मा पंजाब-हरियाणा या फिर दिल्ली की एमसीडी पर डाल देती थी .लेकिन अब एमसीडी और पंजाब, दोनों में ही आम आदमी पार्टी सत्ता में है। दिल्ली सरकार ने अब प्रदूषण को नियंत्रित करने में हाथ खड़े कर दिए हैं

दिल्ली की तरह पंजाब में भी हवा की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने में पंजाब की भगवंत मान की सरकार अक्षम है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में इस सीजन अब तक पराली जलाने की 9594 घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। इसी कड़ी 1 नवम्बर 2023 ही 1921 पराली जलाने की घटनाएँ सामने आईं।

संगरूर, तरनतारन, फजिल्का और संगरूर जैसे जिलों में लगातार पराली जलाने की घटनाएँ हो रही हैं। लेकिन पंजाब सरकार उन्हें रोक नहीं पा रही है। बठिंडा, लुधियाना और अमृतसर जैसे शहरों में AQI 200 के पार हो गया है।

दिल्ली के कल्याण मंत्री के ठिकानों पर ED की रेड, पूछताछ के लिए हाजिर नहीं होंगे CM केजरीवाल: भगवंत मान के साथ MP में करेंगे रोड शो

दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज (2 नवंबर 2023) ईडी के सामने पेश नहीं होंगे। खबर आई है कि वो पंजाब सीएम भगवंत मान के साथ मध्यप्रदेश के सिंगरौली में रोड शो करेंगे। वहीं दूसरी ओर खबर है कि प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने आज (2 नवंबर 2023) उन्हीं के एक और मंत्री के आवास पर छापा पड़ा।

मंत्री का नाम राजकुमार आनंद है। बताया जा रहा है कि ये रेड हवाला के जरिए आए पैसों को लेकर मारी गई। ईडी टीम मंत्री के सरकारी आवास समेत 9 ठिकानों पर तलाशी करने पहुँची। इस दौरान अर्धसैनिक बलों के अधिकारी घर के बाहर तैनात रहे।

मालूम हो कि राजकुमार आनंद पटेल नगर से विधायक हैं। पिछले वर्ष गुजरात चुनाव के दौरान जब भगवान राम-कृष्ण पर विवादित टिप्पणी के बाद आप के पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम को केजरीवाल के मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था, उसी समय समाज कल्याण मंत्री का पद राजकुमार आनंद को मिला था। इसके अलावा वह श्रम रोजगार, एससी-एसटी, सहकारी समितियों के कामकाज को भी देखते हैं।

उनके आवास पर छापेमारी की खबर सुनने के बाद आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा, “राजकुमार आनंद का कसूर यह है कि वह आप विधायक हैं और पार्टी से मंत्री हैं। ब्रिटिश काल में भी अगर आपको किसी के घर की तलाशी लेनी होती थी तो कोर्ट से सर्च वारंट की जरूरत होती थी। अंग्रेजों का भी मानना ​​था कि अगर आप पुलिस या किसी एजेंसी को किसी के घर में घुसकर तलाशी लेने का अधिकार दे देंगे तो आतंक का माहौल बन जाएगा। कोर्ट ने सर्च वारंट दिया लेकिन आज ईडी को कोर्ट वारंट की जरूरत नहीं है, ईडी के अधिकारी तय करते हैं कि उन्हें किसके घर छापा मारना है। छापे केवल विपक्षी नेताओं के परिसरों पर मारे जाते हैं…।”

वहीं, समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार भाजपा नेता हरीश खुराना ने इस छापे की खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,

“केवल अरविंद केजरीवाल ही नहीं बल्क उनकी पूरी कैबिनेट घोटाले करने में व्यस्त है। ईडी ने कानून के अंतर्गत कार्रवाई की है। रिपोर्ट्स बता रही हैं कि ये मामला हवाला और कस्टम का है। कुछ दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनके आधार पर आज ईडी ने छापेमारी की… कुछ देर में आम आदमी पार्टी की ओर से सिलसिला शुरू हो जाएगा कि यह साजिश और बदले की कार्रवाई है राजनीति, हम पीड़ित हैं। उन्हें समझना होगा कि कार्रवाई कानून के मुताबिक है… अगर आपने कुछ गलत नहीं किया है तो डरने की जरूरत नहीं है। अगर आप भ्रष्ट हैं तो आपका डर वाजिब है… घबराहट बताती है कि पूरी सरकार भ्रष्ट है…।”

खबरों के अनुसार, ईडी की यह जाँच डॉयरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस की ओर से पेश एक चार्जशीट से जुड़ी है। ये केस हवाला लेनदेन के अतिरिक्त 7 करोड़ से अधिक कस्टम चोरी का है। हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि इस केस में एक स्थानीय अदालत ने डीआरआई की शिकायत का संज्ञान लिया था जिसके बाद आप मंत्री और अन्य के खिलाफ ये मामला दर्ज हुआ।

राजस्थान में 5 साल पर सरकार बदलने की परंपरा, सर्वे भी बता रहे सत्ता में लौट रही BJP: कॉन्ग्रेस के लिए अबकी बहुमत दूर

राजस्थान उन प्रदेशों में से एक है, जहाँ अूममन हर 5 साल पर सरकार बदल जाती है। इस बार भी प्रदेश की जनता का मूड उस परंपरा को बनाए रखने का दिख रहा है। टाइम्स नाउ नवभारत और ईटीजी के ताजा सर्वे के मुताबिक राज्य में बीजेपी की सरकार बनेगी। कॉन्ग्रेस बहुमत से काफी दूर रहेगी। राजस्थान की 200 सदस्यीय विधानसभा के लिए 25 नवंबर को वोट डाले जाएँगे। नतीजे 3 दिसंबर को आएँगे।

सर्वे के अनुसार बीजेपी को 114 से 124 सीटें मिल सकती है। पार्टी को 43.80 फीसदी वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है। वहीं सत्ताधारी कॉन्ग्रेस 68-78 सीटों पर सिमट सकती है। उसका वोट प्रतिशत 41.90 फीसदी रहने की उम्मीद है। अन्य पार्टियों को 6 से 10 सीट मिलने का अनुमान लगाया गया है। इनका वोट 14.30 फीसदी रहने के आसार हैं।

यह सर्वे अक्टूबर महीने के अंत में किया गया है। इस दौरान 21,136 लोगों से रायशुमारी की गई। लगभग 105 लोगों की राय हर विधानसभा क्षेत्र में जानी गई। 30 फीसदी लोगों से संपर्क फोन के जरिए, जबकि 70 फीसदी लोगों से उनकी राय मौके पर जाकर पूछी गई।

सर्वे के अनुसार ढूंढाड क्षेत्र की 58 सीटों में से 36 से 40 बीजेपी तो कॉन्ग्रेस को 16 से 20 सीटें मिल सकती हैं। अन्य के खाते में भी 1 से 3 सीट जाने का अनुमान लगाया गया है। इसी तरह मेवाड़ की कुल 43 सीटों में बीजेपी को 21-27 तो कॉन्ग्रेस को 15 से 19 सीटें मिलती दिख रही हैं। अन्य को 1 से 3 सीट मिलने का अनुमान है।। मारवाड़ की कुल 61 सीटों में से 31 से 37 सीट बीजेपी को मिल रही हैं। कॉन्ग्रेस को 21 से 27 के बीच सीटें मिल सकती है। अन्य को एक से 5 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।

टाइम्स नाउ नवभारत और ईटीजी के ऑपिनियन पोल राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 फोटो साभार : timesnownews.com

हाड़ौती क्षेत्र में 17 सीटें हैं। बीजेपी को 11 से 13 तो कॉन्ग्रेस को 3 से 7 सीट मिलने का अनुमान है। शेखावटी की 21 सीटों में से बीजेपी को 10 से 12 तो कॉन्ग्रेस को 7 से 11 सीटें मिल सकती हैं।

अरविंद केजरीवाल की ED तो महुआ मोइत्रा की लोकसभा एथिक्स कमेटी के सामने पेशी, बोले बीजेपी MP- दोनों 2 नंबरी

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा से आज यानी 2 नवंबर 2023 को दो अलग-अलग मामलों में पूछताछ होनी है। सीएम केजरीवाल से जहाँ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) शराब घोटाला मामले में पूछताछ करेगा। वहीं टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को भी लोकसभा एथिक्स कमेटी के समक्ष पेश होना है। उनपर आरोप है कि उन्होंने पैसों के बदले संसद में खड़े होकर सवाल पूछे और दुबई के कारोबारी को अपना संसद का लॉग-इन दिया।

दोनों नेताओं के साथ आज होने जा रही पूछताछ से पहले भारतीय जनता पार्टी के सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने अपने ट्विटर पर एक तंज कसा है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा- “2नों 2 नंबरी 2 नवंबर को हाजिर हों।” उनके इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया यूजर्स नीचे केजरीवाल और महुआ की फोटो लगा रहे हैं, दोनों को टैग कर रहे हैं। एक यूजर लिखता है- “सर दोनों 2 नंबरी को 2 नवंबर को तिहाड़ भेज दो।”

बता दें कि जिस शराब घोटाले मामले में दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल से आज पूछताछ होनी है उस मामले में मनीष सिसोदिया और AAP के सांसद संजय सिंह पहले से ही जेल में बंद हैं। ऐसे में जब खबर आई कि ईडी 2 नवंबर को केजरीवाल से पूछताछ करने वाली है तो दिल्ली सरकारी की मंत्री आतिशी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री को ईडी गिरफ्तार करने वाली है। हालाँकि वास्तविकता में आधिकारिक तौर पर ऐसी कोई सूचना नहीं आई थी और न ही कोई वारंट जारी किया गया था। फिर भी दिल्ली सरकारी की मंत्री ने ऐसे आरोप लगाए।

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की बात करें तो उन्हें आज संसद की आचार समिति के समक्ष पेश होना है। उनके खिलाफ शिकायत भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने की थी। उन्होंने कहा था कि महुआ मोइत्रा ने दुबई के कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से कैश और गिफ्ट्स लेकर उन्हें संसद का लॉग इन दिया, जिसके जरिए गौतम अडानी के बारे में सवाल हुए।

इस मामले में दर्शन हीरानंदानी, भाजपा सांसद के आरोपों को स्वीकार कर चुके हैं। वहीं 1 नवंबर को ये भी खबर आई कि केन्द्रीय सूचना एवं प्रौद्यिगिकी मंत्रालय (IT Ministry) ने महुआ मोइत्रा पर पैसे लेकर संसद में प्रश्न पूछने के आरोपों की जाँच कर रही संसदीय आचार समिति को बताया कि सांसद महुआ मोइत्रा की संसद की लॉगिन आईडी का इस्तेमाल दुबई से कम से कम 49 बार हुआ है। 

डॉक्टर ने ब्रेथ एनालाइजर की जगह कागज में फूँक मरवा कर घोषित कर दिया शराबी, बिहार की घटना: वीडियो वायरल

बिहार में एक से बढ़कर एक ‘गजब’ जीव हैं। रक्सौल के सरकारी अस्पताल का ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक डॉक्टर शराबियों का टेस्ट जुगाड़ से कर रहा है कि उसने शराब पी है या नहीं। जी हाँ, कागज में फूँक मरवा कर डॉक्टर ने 9 लोगों को शराबी घोषित कर दिया, जिसके बाद उन लोगों को जेल भेज दिया गया। अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

ये मामला रक्सौल अनुमंडल अस्पताल का है। जहाँ 11 लोगों को शराब सेवन के आरोपों में पकड़ा गया था। इसमें से 9 लोगों द्वारा शराब के सेवन की पुष्टि कागज की कुप्पी में फूँक से कर ली गई। चूँकि ब्रेथ एनालाइजर अस्पताल में मौजूद नहीं था, इसलिए ये देसी जुगाड़ अपनाया गया। इस ‘खास’ जाँच में फँसे 9 लोगों को अब जेल भेज दिया गया है, जबकि 2 लोगों में शराब की ‘पुष्टि’ नहीं हो पाने की वजह से उन्हें छोड़ दिया गया।

स्थानीय मीडिया के मुताबिक, ये घटना 30 अक्टूबर, 2023 की है। बता दें कि ब्रेथ एनालाइजर न होने पर शराब के सेवन की जाँच खून की जाँच के माध्यम से हो सकती थी। हालाँकि इसकी व्यवस्था भी इस अस्पताल में नहीं थी और सैंपल लेकर उन्हें मुजफ्फरपुर लैब में भेजना पड़ता। ऐसे में डॉक्टर साहब ने फूँक से ये पता लगाने की तरकीब निकाल ली कि शराब सेवन की पुष्टि बदबूदार फूँक से हो भी जाए और काम भी चल जाए।

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ राजीव रंजन ने सफाई दी कि हमारे अस्पताल में शराब जाँच की सुविधा ही नहीं है। वहीं, रक्सौल थाना प्रभारी नीरज कुमार ने कहा कि थाने का ब्रेथ एनालाइजर खराब हो गया था, इसलिए जाँच के लिए अस्पताल भेजा गया था। वहीं, वरिष्ठ अधिकारी डॉ अंजनी कुमार सिंह ने कहा है कि इस घटना की जाँच के लिए कमेटी का गठन किया गया है।

अब पायलट नहीं कर पाएँगे माउथवॉश और परफ्यूम का इस्तेमाल, वर्ना डीजीसीए देगी सजा; जारी किया गाइडलाइन

भारत में पायलटों को अब विमान में टूथपेस्ट का उपयोग करने से मना किया गया है। यह दिशानिर्देश नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा जारी किया गया है और यह पायलटों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है। डीजीसीए ने यह भी कहा कि पायलटों को विमान में माउथवॉश का उपयोग करने से भी बचना चाहिए। अगर वो ऐसा करते हैं, तो फिर उन्हें सजा दी जा सकती है।

विमानन नियामक डीजीसीए ने संशोधित नियम जारी किए हैं, जिसमें शराब के लिए बनाए नए नियम में शराब के सेवन के लिए विमान कर्मियों की मेडिकल जाँच की प्रक्रिया से संबंधित नियमों में कई बदलाव किए गए हैं। इसके इस्तेमाल से ब्रेथ एनालाइजर का टेस्ट पॉजिटिव हो सकता है। कोई भी क्रू मेंबर्स जो ऐसी दवा ले रहा है, उसे टेकऑफ से पहले कंपनी के डॉक्टर से परामर्श करना होगा।

डीजीसीए ने कहा कि इन सबके इस्तेमाल से ब्रेथ एनालाइजर का टेस्ट पॉजिटिव हो सकता है। कोई भी क्रू मेंबर्स जो ऐसी दवा ले रहा है, उसे टेकऑफ से पहले कंपनी के डॉक्टर से परामर्श करना होगा। सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट में परफ्यूम शब्द का इस्तेमाल नहीं है। डीजीसीए ने कहा फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी वाले ब्रेथ एनालाइजर का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही एजेंसियों की निगरानी एवं निरीक्षण की एक प्रक्रिया शुरू की गई है।

पैसेंजर के रूप में ट्रैवल कर रहे ऑपरेटिंग क्रू मेंबर के लिए बोर्डिंग एयरपोर्ट पर ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराना जरूरी होगा। जब कोई पायलट या क्रू मेंबर्स ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में पॉजिटिव मिलता है तो कड़ी सजा का प्रावधान है। सजा इस बात पर भी निर्भर करेगी कि गलती पहली बार हुई या बार-बार हो रही है। नियम लैंडिंग और टेकऑफ दोनों टेस्ट होंगे।

एक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल की पहली छमाही में 33 पायलट और 97 केबिन क्रू सदस्य अपने अनिवार्य अल्कोहल परीक्षण में विफल रहे। वहीं 2022 में इस अवधि के लिए 14 पायलट और 54 केबिन-क्रू सदस्यों को ड्यूटी के दौरान नशे में धुत पाया गया।

मॉरीशस में भारत ने बनाया मिलिट्री बेस: हिन्द महासागर में चीन की चुनौती से निपटने की तैयारी, पानी में नज़र रखेंगे टोही विमान

भारत मॉरीशस के अगलेगा द्वीप का विकास कर रहा है। यहाँ भारत ने अपना मिलिट्री बेस लगभग पूरा कर लिया है। दरअसल, ये मॉरीशस के मुख्य द्वीप से लगभग 1,100 किलोमीटर की दूरी पर दो द्वीपों का समूह है।

भारत का यहाँ मिलिट्री बेस बनाने का मकसद खास तौर से चीन की गतिविधियों के जवाब में हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत करना है। हालाँकि भारत की तरफ से इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगलेगा द्वीप पर जेटी, रनवे और विमानों के ठहरने के लिए हैंगर सहित जरूरी बुनियादी ढाँचे का निर्माण पूरा हो चुका है। द्वीप की हालिया सैटेलाइट इमेज भारत के इस दावे का समर्थन करती है। इस दौरान विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन 1 और 2 नवंबर, 2023 तक पोर्ट लुइस की आधिकारिक यात्रा पर हैं।

वे यहाँ भारत से मॉरीशस में गिरमिटिया मजदूरों के आगमन की 189वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में शिरकत करने पहुँचे हैं। इन मजदूरों को भारत से लाकर यहाँ मजदूरी करवाई गई थी। इस दौरान विदेश राज्य मंत्री मुरलीधरन ने मॉरीशस के आईटी मंत्री दरसानंद बालगोबिन के साथ संयुक्त रूप से एक उपग्रह विकसित करने के लिए इसरो और मॉरीशस रिसर्च एंड इनोवेशन काउंसिल के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किए।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह आकाश की सीमाओं को तोड़ते हुए एक रोमांचक अंतरिक्ष अन्वेषण सफर की शुरुआत है। उन्होंने आगे कहा कि यह समझौता ज्ञापन दुनिया के फायदे के लिए अंतरिक्ष, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में अपनी क्षमताओं का इस्तेमाल करने की भारत की प्रतिबद्धता का एक उदाहरण है।

उन्होंने ये भी कहा कि विश्वास है कि समझौता ज्ञापन से आपसी सहयोग बढ़ेगा। देश के विदेश राज्य मंत्री मुरलीधरन ने पोर्ट लुइस में भारत और मॉरीशस के राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगाँठ समारोह शॉपिंग कार्निवल’ का भी उद्घाटन किया।

मॉरीशस की रणनीतिक स्थिति को देखते हुए भारत कथित तौर पर यहाँ बोइंग पोसीडॉन 8आई (P-8I) समुद्री गश्ती और टोही विमान तैनात करने पर विचार कर रहा है। खास तौर से भारत चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के बढ़ते क्षेत्रों के जवाब में हिंद महासागर क्षेत्र में पीएलए नौसेना की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ये तैनाती कर रहा है।

इसके अलावा अमेरिका में बने इन विमानों का इस्तेमाल पनडुब्बियों की आवाजाही पर नज़र रखने के लिए किया जा सकता है। बता दें कि चीन बीते एक दशक से भी अधिक वक्त से हिंद महासागर में पनडुब्बियों की तैनाती कर रहा है।

अगलेगा द्वीप पर नया रनवे फोटो साभार: swarajyamag.com

हिंद महासागर में मॉरीशस रणनीतिक तौर से काफी अहम क्षेत्र में है। अफ्रीकी महाद्वीप के पास होने से इस देश के जरिए हिंद महासागर के बड़े इलाके पर नजर रखी जा सकती है। इस देश के रेयूनियों द्वीप पर फ्रांस का बड़ा मिलिट्री बेस है। तो मॉरीशस के उत्तर-पूर्व के डिएगो गार्सिया में अमेरिकी और ब्रिटिश मिलिट्री का बेस है।

भारत ने मार्च 2015 में मॉरीशस के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) साइन किया था। उसी के तहत अगलेगा द्वीप के विकास का काम यहाँ किया गया है। इस समझौते के तहत इस द्वीप पर समुद्री और हवाई परिवहन सुविधाओं में सुधार पर खासा ध्यान दिया गया है।

हालाँकि, भारत आधिकारिक तौर पर कहता आ रहा है कि इस सुविधा का मकसद मॉरीशस की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करना है। सैन्य ठिकाने की बात भारत ने आधिकारिक तौर पर नहीं कही है, लेकिन पोर्ट लुइस में मंगलवार (31 अक्टूबर, 2023) को भारतीय उच्चायोग के सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर मॉरीशस द्वीप के मुख्य बंदरगाह पर आईएनएस शारदा के पहुँचने के ऐलान ने बहुत कुछ साफ कर दिया है।

इसमें कहा गया, “भारतीय नौसेना का जहाज़ शारदा आज 189वें अप्रवासी दिवस के उपलक्ष्य में पोर्ट लुइस हार्बर में पहुँचा। जहाज की यात्रा के दौरान, भारतीय नौसेना और राष्ट्रीय तटरक्षक बल के कर्मचारी पेशेवर बातचीत, संयुक्त बंदरगाह, समुद्री प्रशिक्षण और संयुक्त ईईजेड निगरानी में शामिल होंगे।”

पिछले कुछ साल में इस द्वीप पर 10,000 फुट का रनवे और एक घाट का निर्माण किया गया है। ये मॉरीशस के मुख्य द्वीप से 1,100 किलोमीटर उत्तर में है। भारत और मॉरीशस के बीच खासे अच्छे रिश्ते हैं। ये देश अपना नेशनल डे गाँधीजी की नमक सत्याग्रह के वर्षगाँठ के दिन 12 मार्च को मनाता है।

गौरतलब है कि अगस्त 2021 में कतर की मीडिया अल जजीरा की रिपोर्ट में दावा किया था कि भारत मॉरीशस के अगलेगा द्वीप पर सैन्य ठिकाना बना रहा है। रिपोर्ट में तब उसने दावा किया था कि अगलेगा में बनाई जा रही एक हवाई पट्टी का इस्तेमाल पक्के तौर पर भारतीय नौसेना के समुद्री गश्ती मिशन के लिए होगा। उससे पहले ऑस्ट्रेलिया के लोवी इंस्टिट्यूट ने भी ऐसा ही दावा किया था।