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400 साल पुराने मंदिर की खुदाई में मिले घड़े, था कुछ ऐसा कि भाग खड़े हुए मजदूर: पूरे इलाके में चर्चा

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले में एक प्राचीन मंदिर की मरम्मत के समय खुदाई के दौरान 2 मटके मिलने की खबर है। इन मटकों को चमत्कारी समझकर मजदूरों ने काम बंद कर दिया और अपने घर लौट गए। ग्रामीणों के मुताबिक, मटके के अंदर राख जैसा कुछ सामान है। प्रशासन ने मौके पर पहुँचकर मटकों को सील कर दिया और उन्हें एक जगह रखवा दिया है। फिलहाल मंदिर के पुनर्निर्माण का काम फिर से शुरू कर दिया गया है। घटना मंगलवार (31 अक्टूबर 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला शाहजहाँपुर जिले के तिलहर थाना क्षेत्र का है। यहाँ के गाँव हरनोखा में हिंदू समाज का 400 साल पुराना एक मंदिर है। यहाँ माता फूलमती की पूजा होती है। मंदिर प्राचीन है, इसलिए गाँव के लोग आपस में सहयोग करके मिस्त्री और मजदूर लगाकर इसका जीर्णोद्धार करवा रहे थे। इसी बीच मंगलवार को एक दीवार की नींव खुदाई के समय मिट्टी में दबे 2 घड़े मिले।

इन घड़ों के मुँह कपड़े से बाँधकर रखा गया था। बताया जा रहा है कि ये घड़े काफी प्राचीन समय से मिट्टी में दबाए गए थे। घड़ों को देखकर वहाँ काम कर रहे मजदूरों में सनसनी फ़ैल गई। वो इसे किसी दैवीय चीज से जोड़कर देखने लगे और फ़ौरन काम बंद कर दिया। थोड़ी देर बाद सभी मजदूर घर लौट गए। हालाँकि, कोई भी शख्स इन घड़ों को खोलकर देखने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।

इस खबर के फैलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जुटना शुरू हो गए। मामले की जानकारी प्रशासन को दी गई तो स्थानीय थाने से स्टाफ पहुँचे। उन्होंने अपनी देखरेख में घड़ों का परीक्षण किया। इस संबंध में ऑपइंडिया ने वहाँ के ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों का कहना है कि इन घड़ों में कोई बहुमूल्य चीज नहीं मिली है। घड़ों में राख जैसा कुछ बताया जा रहा है।

ऑपइंडिया को ग्राम प्रधान शांति देवी के प्रतिनिधि कमलेश यादव ने बताया कि प्रशासन के समक्ष जाँच कराई गई घड़ों में राख मिली है। कमलेश ने यह भी बताया कि घड़ों को उसी हालत में मंदिर के एक हिस्से में सहेजकर रख दिया गया है। ग्रामीणों ने इसे मंदिर का सामान माना है। इसके बाद मंदिर के जीर्णोद्धार का काम फिर से शुरू करवा दिया गया है।

हिन्दू बच्ची को स्कूल से उठा ले गया मुस्लिम युवक, फिर किया बलात्कार: सब्जी बेचता था आरोपित, गुजरात पुलिस ने ट्रेन से दबोचा

लव जिहाद के मामले और हिंदू महिलाओं और लड़कियों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। इस बीच राजकोट में 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली 13 साल की हिंदू नाबालिग को एक मुस्लिम युवक द्वारा अगवा करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि आरोपित काफी समय से नाबालिग का पीछा कर रहा था और जब वह स्कूल पहुँची तो गेट से ही उसने नाबालिग का अपहरण कर लिया। हालाँकि, अपहरण के बाद दर्ज की गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और आरोपित को द्वारका जाने वाली ट्रेन से गिरफ्तार कर लिया। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राजकोट के हुडको मार्केट में सब्जी बेचने वाले आर्यन शशीफ बलोच नाम के एक मुस्लिम युवक ने 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली 13 साल की हिंदू लड़की का अपहरण कर लिया। घटना वाले दिन दोपहर 12 बजे जब नाबालिग स्कूल जा रही थी तो आरोपित ने उसका पीछा किया और उसे स्कूल के गेट से उठा लिया। फिर नाबालिग के चाचा ने इस मामले में भक्तिनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई तो पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई और घटना की रात आरोपित को राजकोट रेलवे स्टेशन से द्वारका जाने वाली ट्रेन से उठा लिया। 

नाबालिग को स्कूल से उठा ले गया था आरोपित 

नाबालिग के चाचा की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, उनकी 13 साल की भतीजी कोठारिया रोड स्थित एक स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ती है। पिछले 30 अक्टूबर, 2023 को लड़की की दादी उसे दोपहर में स्कूल छोड़ने गई, लेकिन जब शाम को वापस लेने गई तो नाबालिग नहीं मिली। इसके बाद चिंतित परिवार ने नाबालिग की तलाश की लेकिन वह नहीं मिली,  जिसके बाद तुरंत ही मामले की सूचना भक्तिनगर पुलिस स्टेशन को दी गई। जिसके बाद भक्तिनगर पुलिस ने संदेह के आधार पर आरोपित के पिता से पूछताछ की तो पता चला कि आरोपित व्यवसाय दुकान या घर पर मौजूद नहीं है। 

इस बीच सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जाँच करते हुए पुलिस को पता चला कि आरोपित आर्यन शशीफ बलोच के फोन की वर्तमान लोकेशन राजकोट रेलवे स्टेशन थी, और यह भी पता चला कि आरोपित नाबालिग के साथ भागने के लिए द्वारका जाने वाली ट्रेन में बैठा था। जिसके बाद पुलिस ने आरोपित को ट्रेन से ढूँढ़कर गिरफ्तार कर लिया और नाबालिग को छुड़ा लिया। नाबालिग के चाचा की शिकायत पर पुलिस ने आर्यन बलोच के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 354 (k) और POCSO एक्ट की धारा 8 के तहत मामला दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। 

मामले पर अधिक जानकारी के लिए हमने भक्तिनगर पुलिस स्टेशन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों की व्यस्तता के कारण संपर्क नहीं हो सका। 

सब्जी बेचता है आरोपित 

बता दें कि नाबालिग के चाचा ने भी शिकायत में कहा है कि आरोपित और उसके पिता हुडको मार्केट में उनकी दुकान के पास सब्जी बेचने का कारोबार करते हैं। नाबालिग अक्सर दुकान पर आती थी, जिसके कारण आर्यन बलोच की नजर उस पर पड़ गई। वह नाबालिग के स्कूल आते-जाते समय उसके घर के पास एक पान की दुकान पर बैठता था। इससे पहले भी उसने नाबालिग को बात करने के लिए बुलाया था, लेकिन जब परिवार को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने आरोपित को डाँटकर भगा दिया। 

आरोपित की गिरफ्तारी के बाद पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि आर्यन बलोच उनकी बेटी के नाम पर सोशल मीडिया अकाउंट चला रहा है। उसके पास नाबालिग की तस्वीरें हैं और उनके जरिए वह उनकी बेटी को ब्लैकमेल करता था। इसके साथ ही परिवार की यह भी माँग है कि नाबालिग का मेडिकल टेस्ट कराया जाए ताकि रेप की पुष्टि हो सके।

जिस चाकू से काटता था मांस, बॉयफ्रेंड जौहर महमूद ने उसी से महिला हिन्दू डॉक्टर को काट डाला: पुलिस ने दायर की 1249 पन्नों की चार्जशीट

जम्मू में 7 मार्च 2023 को सुमेधा शर्मा नाम की एक हिंदू महिला दंत चिकित्सक की मांस काटने वाला चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप महिला डॉक्टर के बॉयफ्रेंड डॉक्टर जौहर महमूद गनी पर लगा था। इसी के साथ उस समय जौहर ने खुद को अपने जीवन से परेशान बताकर आत्महत्या का भी प्रयास किया था। इस मामले में अब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है।

1249 पेजों की यह चार्जशीट मंगलवार (31 अक्टूबर 2023) को दाखिल हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने चार्जशीट में आरोपित डॉक्टर के खिलाफ पर्याप्त सबूत पेश करने का दावा किया है। इस मामले में जम्मू के जानीपुर थाने में FIR संख्या 27/2023 के तहत केस दर्ज हुआ था। आरोपित डॉ जौहर पर IPC की धारा 302 और 323 के तहत कार्रवाई हुई थी।

इस मामले की जाँच के लिए इस विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया गया था। इस विशेष जाँच दल में पुलिस अधीक्षक रमनीश गुप्ता, विशाल शूर और सचित शर्मा नाम के 2 SDPO के साथ सिकंदर चौहान और राकेश शर्मा नाम के 2 इंस्पेक्टर शामिल हुए थे। इसके बाद पुलिस ने उसके पति जौहर महमूद गनी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

गौरतलब है कि जम्मू के तालाब तिल्लो के गोल पुली क्षेत्र की निवासिनी सुमेधा दिल्ली में रहकर एमडीएस की पढ़ाई कर रही थी। उनकी दोस्ती जम्मू के ही पमपोश कॉलोनी के रहने वाले जौहर से हुई थी। उस समय दोनों सियोडा गंग्याल डेंटल कॉलेज से बीडीएस की पढ़ाई कर रहे थे। पढ़ाई के दौरान होली की छुट्टी में सुमेधा अपने घर के बजाय सीधे जौहर के पास चली गई थी।

यहीं पर किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ और जौहर ने किचन से मांस काटने वाला चाकू लाकर सुमेधा को मार डाला था। घटना के बाद जौहर ने खुद पर भी चाकुओं के वार किया था। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर सुमेधा की लाश को कब्ज़े में लिया था। साथ ही जौहर को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। बाद में जौहर को कस्टडी में लेते हुए जेल भेज दिया गया था।

जज को फाँसी चढ़ाने गया था, खुद जेल चला गया: IIT और अमेरिका से पढ़े शख्स को 6 महीने की सज़ा, हाईकोर्ट बोला – न्यायपालिका का सम्मान कीजिए

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को न्यायालय की अवमानना का दोषी मानते हुए 6 महीने के लिए जेल भेज दिया है। यह व्यक्ति अपनी याचिकाएँ ना स्वीकार किए जाने के कारण गुस्सा था और इसीलिए एक जज को फाँसी की सजा करवाना चाहता था।

हाईकोर्ट ने नरेश शर्मा नाम के शख्स द्वारा दाखिल की गई तीन याचिकाएँ जाँची जिसमें नरेश ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक जज के विरुद्ध अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे और सुप्रीम कोर्ट के विषय में भी कई बातें कहीं थी।

दरअसल, नरेश शर्मा ने दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष एक याचिका डाली थी जिसमें स्वतंत्रता के बाद अब तक भारत सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उनकी जाँच की मांग की गई थी। इस याचिका को 27 जुलाई 2023 को एक जज वाली बेंच ने खारिज कर दिया था।

इससे क्रोधित होकर नरेश शर्मा ने इस फैसले के विरुद्ध याचिका खारिज करने वाले जज के विरुद्ध अभद्र भाषा और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पुनर्विचार याचिकाएँ दाखिल की थीं। इस पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने नरेश के विरुद्ध न्यायलय की अवमानना के तहत नोटिस जारी किया था। इसी सिलसिले में 1 नवम्बर 2023 को सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट की सुरेश कुमार कैत और शैलिंदर कौर वाली दो सदस्यीय बेंच ने नरेश को न्यायालय की अवमानना का दोषी मानते हुए उसे 6 महीने की जेल की सजा सुनाई और ₹2000 का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया कि उसे आज ही तिहाड़ जेल में बंद किया जाए।

कोर्ट ने कहा कि वह नरेश शर्मा की याचिका से स्तब्ध है। नरेश ने अपनी याचिका में जज को ‘चोर’ बताया था। कोर्ट ने यह भी कहा कि शर्मा को अपनी गलती का एहसास भी नहीं है और वह अपने कहे पर कायम है। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता IIT मुंबई और कानपुर से पढ़ा था, अमेरिका के बड़े संस्थानों में भी स्टडी की थी, इसलिए उसे भारत के संविधान का सम्मान करना चाहिए और न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास रखना चाहिए।

देर से आए पीरियड, इसीलिए गोली खा रहीं फिलिस्तीन की औरतें: गाजा में इजरायली बमबारी से हाइजीन की दिक्कत, अधिकतर अस्पताल भी बंद

इस्लामी आतंकी संगठन हमास के 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमले के बाद अब गाजा की महिलाएँ परेशानी में पड़ गई हैं। इजरायल-हमास के हमले के जवाब में गाजा पर बमबारी कर रहा जिसके कारण महिलाएँ अपना पीरियड आगे बढ़ा रही हैं।

दरअसल, इसके पीछे गाजा में साफ़-सफाई, पानी की कमी और बाकी दवाइयों का ना होना बड़ा कारण है। गाजा की नाकेबंदी के कारण कोई भी सामान वहाँ नहीं पहुँच रहा है। गाजा में इन महिलाओं को सैनिटरी नैपकिन, मेंस्टुरल कप और पीरियड्स के दौरान होने वाली समस्याओं से बचाने वाली दवाइयाँ उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।

ये महिलाएँ अस्पताल भी डॉक्टरों की सलाह लेने नहीं जा पा रही हैं क्योंकि अधिकांश अस्पताल गाजा में घायलों का इलाज कर रहे हैं या फिर बंद हो गए हैं। ऐसे में ये महिलाएँ इसी पीरियड लेट करवाने वाली दवाई का सहारा दर्द और बाकी समस्याओं से बचने के लिए ले रही हैं। हालाँकि, इस तरह की दवाएँ इनके स्वास्थ्य को नुकसान भी पहुँचा सकती हैं।

फिलिस्तीनी महिलाओं की इस हालत के पीछे इस्लामी आंतकी संगठन हमास बड़े स्तर पर जिम्मेदार है। जहाँ एक ओर युद्ध की वजह से महिलाओं को दवाइयाँ और बाकी जरूरी वस्तुएँ नहीं मिल पा रहीं वहीं हमास के आतंकी गाजा के भीतर पहुँचने वाली मदद को भी लूट रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र और बाकी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा गाजा के भीतर गया राहत का सामान लगातार आतंकी हितों कि पूर्ति के लिए लूटा जा रहा है। हमास के आतंकी पहले से गोदामों में रखा हुआ सामान भी लूट रहे हैं। इन करतूतों में गाजा के नागरिक भी शामिल हैं। वहीं इजरायल ने भी गाजा के भीतर आतंकियों को निशाना बनाने और हवाई हमलों में तेजी लाई है। इजरायली सुरक्षा बलों ने गाजा के भीतर जबालिया कैम्प पर हमला किया है जिसमें बड़ी संख्या में आतंकियों के मारे जाने की सूचना है।

7 अक्टूबर को हमास के हमले के जवाब में इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमलों में अब तक गाजा के भीतर 8000 से अधिक आतंकियों की मौत हो चुकी है। इजरायल छोटे स्तर पर गाजा के भीतर जमीनी ऑपरेशन भी कर रहा है। इस बीच गाजा और मिस्र के बीच की राफाह क्रॉसिंग से विदेशियों की निकासी 1 नवम्बर से चालू हो गई है।

जॉर्ज सोरोस को एलन मस्क ने किया नंगा, कहा- चुनाव प्रक्रिया में हेरफेर करना चाहता है वामपंथी अरबपति, मानवता से करता है घृणा

टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने रेडियो होस्ट जो रोगन के साथ मंगलवार (31 अक्टूबर) को 2 घंटे 40 मिनट लंबे पॉडकास्ट पर बात की। इस दौरान मानव सभ्यता को खतरे में डालने के लिए वामपंथी अरबपति जॉर्ज सोरोस पर हमला भी बोला।

एलन मस्क ने कहा, “मेरी राय में, (सोरोस) मूल रूप से मानवता का दुश्मन है, घृणा करता है। वह ऐसे काम कर रहा है जो सभ्यता को नुकसान पहुँचा रहे हैं।” एलन मस्क ने जिला अटॉर्नी (डीए) की नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए सोरोस की आलोचना की, जो अपराधियों पर मुकदमा चलाने से इनकार करते हैं, जिससे प्रमुख अमेरिकी शहरों में  अपराधियों की संख्या बढ़ती है। 

टेस्ला के सीईओ ने कहा, “ऐसे जिला अटॉर्नी (डीए) का चुना जाना जो अपराधियों पर मुकदमा चलाने से इनकार करते हैं… यह सैन फ्रांसिस्को, एलए और कई अन्य शहरों में प्रमुख समस्या का हिस्सा है। तो आप ऐसा क्यों करेंगे? वह अन्य देशों में भी इसी तरह की चीजों को आगे बढ़ा रहे हैं।

एलन मस्क ने कहा, “जॉर्ज इस समय काफी बूढ़े हो चुके हैं… लेकिन वह मध्यस्थता करने में माहिर हैं। यह सबको पता है कि उसने ब्रिटिश पाउंड को नुकसान पहुँचाया था… मुझे लगता है कि इसी तरह से उसने शुरूआती पैसा कमाया।” उन्होंने संकेत दिया कि कैसे वामपंथी अरबपति अपने पैसे के दम पर स्थानीय चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर करे हैं।

एलन मस्क ने आगे कहा, “सोरोस को पता है कि वास्तव में कानूनों को बदलने की ज़रूरत नहीं है, आपको बस उन्हें लागू करने के तरीके बदलने की ज़रूरत है… यदि कोई भी कानूनों को लागू करने के सही तरीके को नहीं चुनता है, या कानूनों को अलग-अलग तरीके से लागू किया जाता है, तो यह कानूनों को बदलने जैसा ही है।”

यह पहली बार नहीं है कि उन्होंने घोर वामपंथी अरबपति सोरोस को लताड़ा है। बल्कि इसी साल मई की शुरुआत में भी एलन मस्क ने दोहराया था कि जॉर्ज सोरोस मानवता से घृणा करते हैं। “आप मानते हैं कि वे अच्छे इरादे हैं। तो ऐसा नहीं हैं। वह सभ्यता के ताने-बाने को नष्ट करना चाहते हैं। सोरोस को मानवता से नफरत है।”

जॉर्ज सोरोस द्वारा वित्त पोषित समूह ने 2020 के अमेरिकी चुनावों को किया प्रभावित 

दरअसल, जॉर्ज सोरोस को लोकतंत्र को नष्ट करने, शासन में बदलाव लाने और मतदाताओं की स्वतंत्र निर्णय लेने की प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर उथल-पुथल के लिए जाना जाता है। 

बता दें कि एलन मस्क द्वारा ट्विटर के अधिग्रहण के बाद जारी किए गए आंतरिक दस्तावेजों से यह बात साफ़ हो गई थी कि हंगेरियन-अमेरिकी अरबपति सोरोस के ओपन सोसाइटी फाउंडेशन (ओएसएफ) द्वारा वित्त पोषित एक समूह (फर्स्ट ड्राफ्ट न्यूज) ने जो बाइडेन की कहानी को दबाने में मदद की थी। 

अकेले इसी कदम ने 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे पर असर डाला  था। पिछले साल मई में भी OSF द्वारा वित्त पोषित 2 लॉ फर्मों ने (फ्री प्रेस और मीडिया मैटर्स फॉर अमेरिका) ने प्रमुख कॉर्पोरेट ब्रांडों को ट्विटर पर विज्ञापनों को फंडिंग करने के अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए लिखा था।

अकेले इस कदम ने 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे पर असर डाला। पिछले साल मई में, OSF द्वारा वित्त पोषित 2 वकालत समूहों (फ्री प्रेस और मीडिया मैटर्स फॉर अमेरिका) ने प्रमुख कॉर्पोरेट ब्रांडों को ट्विटर पर विज्ञापनों को वित्त पोषित करने के अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए लिखा था।

जॉर्ज सोरोस और उनका भारत विरोधी एजेंडा

भारत 2023 की शुरुआत से ही सभी मोर्चों पर ‘वैचारिक युद्ध’ लड़ रहा है। इस साल 16 फरवरी को, जॉर्ज सोरोस ने अडानी-हिंडनबर्ग विवाद का फायदा उठाया और भारत की मोदी सरकार पर तीखा हमला किया।

उन्होंने दावा किया, ”मोदी और बिजनेस टाइकून अडानी करीबी सहयोगी हैं। उनकी किस्मत आपस में जुड़ी हुई है…अडानी एंटरप्राइजेज ने शेयर बाजार से फंड जुटाने की कोशिश की, लेकिन वह असफल रही। अडानी पर स्टॉक में हेराफेरी का आरोप है। जिससे उनका स्टॉक ताश के पत्तों की तरह ढह गया।

सोरोस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर क्रोनी कैपिटलिज्म का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मोदी इस विषय पर चुप हैं, लेकिन उन्हें विदेशी निवेशकों और संसद में सवालों के जवाब देने होंगे।”

ग्रुप- पटियाला पैग, जाल पाकिस्तानी हुस्न का… सेना की जानकारी लीक करता था मेजर, राष्ट्रपति ने किया बर्खास्त

भारतीय सेना के एक अधिकारी को पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में मंगलवार (31 अक्टूबर 2023) को बर्खास्त कर दिया गया। बर्खास्त अधिकारी मेजर के पद पर तैनात था, जो स्ट्रैटजिक फोर्स कमांड (SFC) विंग में तैनात था। हनीट्रैप में फँसकर सेना की खुफिया जानकारियाँ लीक करने वाले मेजर के खिलाफ विभागीय जाँच मार्च 2022 से चल रही थी। मेजर के अलावा ब्रिगेडियर रैंक तक के कुल 18 डिफेन्स स्टाफ की भी जाँच जारी है। ये सभी ‘पटियाला पैग’ नाम के व्हाट्सएप ग्रुप के सदस्य थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2022 में मेजर, लेफ्टिनेंट कर्नल और ब्रिगेडियर रैंक के 18 सैन्य अधिकारियों के एक व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़े होने का खुलासा हुआ था। जब इसकी जाँच की गई तो पता चला कि पटियाला पैग ग्रुप में कुछ पाकिस्तानी जासूस भी मौजूद हैं। विषय की गंभीरता को देखते हुए मामले में जाँच बैठा दी गई। इस जाँच के लिए ‘बोर्ड ऑफ़ ऑफिसर्स’ का पैनल बनाया गया।

मार्च 2022 में शुरू हुई इस जाँच पर अधिकारी अक्टूबर 2023 में निष्कर्ष पर पहुँच गए। उन्होंने पटियाला पैग ग्रुप के मेजर को हनीट्रैप के जाल में फँसे होने का दोषी पाया। मेजर जिस महिला के हनीट्रैप में फँसा था, उसका संबंध पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी से पाया गया। जाँच में यह भी निकलकर सामने आया कि मेजर ने महिला को भारतीय सेना के बारे में कई ख़ुफ़िया सूचनाएँ दीं।

रक्षा मंत्रालय ने आखिरकार मेजर की बर्खास्तगी की संस्तुति की। फाइल अंत में तीनों सेनाओं के सुप्रीम राष्ट्रपति के टेबल पर भेजी गई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी मेजर की बर्खास्तगी पर मुहर लगा दी। फ़िलहाल पटियाला पैग ग्रुप के अभी 18 अन्य ऐसे सैन्य अधिकारी है, जिनके खिलाफ जाँच चल रही है। माना जा रहा है कि जाँच रिपोर्ट आने के बाद बाकी अधिकारियों पर भी एक्शन हो सकता है।

मीट की दुकान खोलने के लिए इमाम से लेनी होगी अनुमति, मस्जिदों के आसपास नहीं बिकेंगे सूअर के मांस: AAP शासित MCD का फैसला, शराब के बाद अब मीट पॉलिसी

अब दिल्ली में मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारों सहित सभी धार्मिक स्थलों के आसपास मीट की दुकानें नहीं दिखाई देंगी। दरअसल, ‘दिल्ली नगर निगम’ (MCD) की मंगलवार (31अक्टूबर, 2023) की बैठक हुई। इसमें सदन के लाए किए गए 58 में से 54 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें से मीट की दुकानों के लिए नई लाइसेंस पॉलिसी भी शामिल रही।

इसमें एमसीडी ने राजधानी में धार्मिक स्थलों के नजदीक मीट की दुकानों को लेकर नई लाइसेंस पॉलिसी को मंजूरी दे दी। एमसीडी के 12 जोन में ये पॉलिसी लागू होगी। मीट की दुकानों के लिए इस नई लाइसेंस पॉलिसी को लेकर एमसीडी सदन में खासा हंगामा भी हुआ।

सदन में पेश एजेंडे के मुताबिक, प्रस्तावित नई पॉलिसी में मीट की दुकानों, मीट प्रोसेसिंग यूनिट्स, पैकेजिंग या स्टोर प्लांट्स और ऐसे अन्य प्रतिष्ठानों के लिए नया लाइसेंस और लाइसेंस का नवीनीकरण शामिल होगा।

MCD के अधिकार क्षेत्र में मीट की दुकानों के लिए नए लाइसेंस देने की पॉलिसी पशु चिकित्सा सेवा विभाग की अधिसूचना जारी होने के बाद लागू होगी और अन्य सभी मौजूदा पॉलिसीज की जगह लेगी। गौरतलब है कि इससे पहले एमसीडी के उत्तर, दक्षिण और पूर्वी निगम में मीट की दुकानों की लाइसेंस फीस और नियम एक नहीं थे। नई लाइसेंस पॉलिसी में एमसीडी के पहले के उत्तर, दक्षिण और पूर्वी निगमों में मांस की दुकानों के लिए लाइसेंस जारी करने और नवीनीकरण के लिए दुकानों के लिए 18,000 रुपए और प्रोसेसिंग यूनिट्स के लिए 1.5 लाख रुपए तक की फीस तय की गई है।

मीट स्टोर के लिए एक साल के लिए लाइसेंस रिन्यू करने की फीस 7000 रुपए, दो साल के लिए 12,000 रुपए और तीन साल के लिए 18,000 रुपए होगी। इसके अलावा 500 रुपए की प्रोसेसिंग फीस भी ली जाएगी। मीट की दुकान के लाइसेंसी की मौत होने पर कानूनी वारिस को लाइसेंस ट्रांसफर होने के लिए 5500 रुपए चार्ज लिया जाएगा।

मीट की दुकान के लाइसेंसी की मौत होने पर कानूनी वारिस को लाइसेंस ट्रांसफर करने के लिए 5500 रुपए चार्ज लिया जाएगा। पहली बार नियमों का उल्लंघन करने से मीट की दुकान या परिसर बंद होने से 20 हजार रुपए की प्रोसेसिंग फीस लिए जाएगी। इसके बाद नियमों को लगातार तोड़ने पर 50,000 रुपए लिए जाएँगे।

इसमें कहा गया है कि लाइसेंस दिए जाने की तारीख से हर तीन वित्तीय वर्षों के बाद सभी शुल्क और जुर्माने में 15 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी। दिल्ली के साल 2021 के मास्टर प्लान के मुताबिक, आवासीय क्षेत्र में मांस की दुकान का आकार कम से कम 20 वर्ग मीटर है, जबकि वाणिज्यिक क्षेत्रों में दुकानों के आकार पर कोई रोक लागू नहीं होगी। प्रोसेसिंग यूनिट्स प्लांट्स के मामले में कम से कम जरूरी आकार 150 वर्ग मीटर है।

नई पॉलिसी के तहत सदन में पास प्रस्ताव के मुताबिक, मीट की दुकान और मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या अन्य धार्मिक स्थलों के बीच कम से कम 150 मीटर की दूरी की शर्त रखी गई है। नई पॉलिसी के तहत मीट की दुकान और धार्मिक स्थल या श्मशान घाट के बीच न्यूनतम दूरी 150 मीटर से कम नहीं होनी चाहिए।

इस नई पॉलिसी को लेकर एमसीडी के प्रस्ताव में कहा गया है कि यदि मीट की दुकान लाइसेंस मिलने के बाद पूजा स्थल बनता है तो प्रशासन दुकान और धार्मिक स्थल के बीच की दूरी पर आपत्ति नहीं जताएगा। यदि मीट की दुकान खोलने वाला मस्जिद समिति या इमाम से NOC लेता है, तो एमसीडी उसे मस्जिद के आसपास सूअर के मांस को छोड़कर स्वीकृत नस्लों के जानवरों का मीट बेचने वाली दुकान खोलने की मंजूरी देता है।

‘9 साल में हमने किया जितना काम, वो दशकों में नहीं हुआ’ : PM मोदी के प्रयासों से जगमगाएगा बांग्लादेश भी, ₹13300 करोड़ सिर्फ थर्मल पावर प्लांट के लिए दिए

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने तीन बड़े ऊर्जा और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया है। दोनों ने वर्चुअल माध्यम से एक कॉन्फ्रेंस में उपस्थित होकर इन प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया।

जिन तीन परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है उनमें भारत के अगरतला से बांग्लादेश के अखौरा के बीच रेल लाइन, खुलना-मोंगला पोर्ट रेल लिंक लाइन और मैत्री थर्मल पॉवर प्लांट का दूसरा फेज शामिल हैं। यह सभी कार्य भारत द्वारा दी गई वित्तीय सहायता से किए गए हैं।

इनमें से अगरतला-अखौरा रेल लाइन 12.24 किलोमीटर लम्बी है। इसे भारत सरकार द्वारा बांग्लादेश को दी गई ₹392 करोड़ की मदद के अंतर्गत बनाया गया है। इस ब्रॉड गेज रेल लाइन का 6.78 किलोमीटर हिस्सा बांग्लादेश जबकि 5.46 किलोमीटर हिस्सा भारत के त्रिपुरा में है।

वहीं खुलना मोंगला पोर्ट रेल लिंक लाइन को भी भारत द्वारा दिए गए लगभग ₹3,231 करोड़ के आसान कर्ज अंतर्गत बनाया गया है। यह 65 किलोमीटर लम्बी ब्रॉडगेज रेल परियोजना है जो बांग्लादेश के दूसरे सबसे बंदरगाह मोंगला को खुलना के रेल नेटवर्क से जोड़ती है।

इन दोनों रेल परियोजनाओं के अतिरिक्त, भारत ने बांग्लादेश के खुलना में 1,320 मेगावाट के थर्मल पावर प्लांट को बनाने के लिए भी लगभग ₹13,300 करोड़ की सहायता दी है। यह भारतीय कंपनी NTPC और बांग्लादेश की कंपनी BPDB के बीच 50:50 की साझेदारी के अंतर्गत बनाया है। इसके दूसरे चरण का लोकार्पण आज किया गया है।

इसके पहले चरण का लोकार्पण 1 सितम्बर 2022 को दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों द्वारा किया गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस दौरान भारत बांग्लादेश के बढ़ते रिश्तों और दोनों के बीच स्थापित की गई गई परियोजनाओं के विषय में भी बात की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें पिछले 9 वर्षों में भारत-बांग्लादेश के बीच तीन नई बसें और तीन नई ट्रेनें चलाई हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 के बाद से दोनों देशों के बीच पार्सल ट्रेन भी चल रही हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि पिछले 9 वर्षों में दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार तीन गुना हो गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को G20 सम्मेलन में आने के लिए धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा, “हमने जितना काम पिछले 9 वर्षों में किया है उतना काम कई दशकों में नहीं हुआ था।” उन्होंने बांग्लादेश को आगे भी सहायता देते रहने का वादा किया।

वहीं, परियोजनाओं के उद्घाटन पर पीएम शेख हसीना ने कहा, ”…मैं हमारे दोनों देशों के बीच दोस्ती के बंधन को मजबूत करने की आपकी प्रतिबद्धता के लिए अपना आभार व्यक्त करती हूँ।”

‘मत करो हिंदुओं को बाँटने का घिनौना काम’: बिहार के चाचा-भतीजा को स्वामी रामभद्राचार्य ने समझाया, कहा- जो राम-कृष्ण की बात करेगा, वही राज करेगा

चित्रकूट स्थित तुलसी धाम के पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य बिहार में रामकथा कह रहे हैं। पश्चिमी चंपारण जिले के रामनगर कस्बे में स्थित अर्जुन विक्रम शाह स्टेडियम में इस रामकथा का आयोजन हो रहा है। अपनी कथा के पहले ही दिन स्वामी रामभद्राचार्य ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि बिहार का विकास करने से ही गद्दी मिलेगी, न कि हिंदुओं को बाँटने से। हिंदू समाज को बाँटने का घिनौना काम बंद होना चाहिए।

हिंदुओं को बाँटने से नहीं मिलेगा वोट

जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने रामकथा के दौरान कहा, “नीतीश जी और तेजस्वी बाबू को अब कौन समझाए कि ऐसा घिनौना काम न करें, जिससे हिन्दू बँटे। अब जो असली काम करेगा, वोट उसी को मिलेगा। जातिगत भेदभाव से बढ़ाने से वोट नहीं मिलने वाला है।” उन्होंने आगे कहा, “राम और कृष्ण की जो बात करेगा, भारत पर वही राज करेगा।”

नीतीश कुमार को निशाने पर लिया

अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं। नीतीश कुमार की अगुवाई में बिहार सरकार ने जातिगत जनगणना का जो दाँव खेला है, वो पूरे देश में बड़ा मुद्दा बन गया। हालाँकि, स्वामी रामभद्राचार्य ने इसे सीधे तौर पर हिंदुओं को बाँटने की चाल कहकर नीतीश कुमार पर जोरदार हमला बोला है।

रामकथा सुनने हजारों की संख्या में पहुँचे भक्तों के सामने उन्होंने कहा कि कोई ऐसा घिनौना काम नहीं करना चाहिए, जिससे की हिंदू बँटे। उन्होंने कहा, “जो राम और कृष्ण की जो बात करेगा, वही भारत पर राज करेगा।”

8 नवंबर तक चलेगी रामकथा

स्वामी रामभद्राचार्य रामनगर में 9 दिन की रामकथा सुनाने पहुँचे हैं। 31 अक्टूबर 2023 से शुरू हुई रामकथा 8 नवंबर 2023 तक चलेगी। यहाँ कथा के पहले ही दिन उन्होंने जो राजनीतिक टिप्पणी की है, उससे सियासी माहौल गरमा गया है। चूँकि नीतीश कुमार की अगुवाई में बिहार सरकार ने जातिगत जनगणना कराई है, इसके शुरुआती आँकड़े भी जारी कर दिए गए हैं।

इस जातिगत जनगणना में सभी जातियों और धर्मों का उल्लेख किया गया है। हालाँकि, इस जातिगणना में कई तरह की खामियाँ हैं, जिनका विपक्षी दल सुधार की माँग कर रहे हैं। बिहार की जातिगत जनजणना के बाद पूरे देश में इसे कराए जाने की माँग राजनीतिक दल कर रहे हैं, जिसमें राहुल गाँधी ने तो बाकायदा ऐलान भी कर दिया है कि कॉन्ग्रेस की सरकार आते ही जातिगत जनगणना कराई जाएगी।