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‘मुस्लिम अपराध करने और जेल जाने में नंबर वन’: AIUDF चीफ मौलाना बदरुद्दीन बोले- दुनिया चाँद पर जा रही है और हम क्राइम में PhD कर रहे हैं

असम में बंगाली मुस्लिमों की पार्टी कहलाने वाली एआईयूडीएफ (AIUDF) के चेयरमैन और जमीयत उलेमा के असम के प्रमुख मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने मुस्लिमों को अपराध में अव्वल बताया है। असम के धुबरी से लोकसभा सांसद बदरुद्दीन ने कहा है कि मुस्लिम ही रेप, लूट, चोरी, डकैती में नंबर वन हैं। मुस्लिम ही जेल जाने के मामले में भी नंबर वन हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिम लड़के पढ़ाई नहीं करना चाहते, इसकी वजह से ऐसा है।

बदरुद्दीन अजमल ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए पूछा, “ज्यादातर मुसलमान आपराधिक प्रवृति के और पृष्ठभूमि के क्यों हैं? डकैती, बलात्कार, लूट जैसे अपराधों में मुसलमान नंबर वन क्यों हैं? हम जेल जाने में नंबर वन क्यों हैं? क्योंकि ज्यादातर मुस्लिम पढ़ाई नहीं करना चाहते हैं।” इसका मुस्लिमों ने विरोध किया तो उन्होंने सफाई में कहा, “मैंने कोई ऐसी बात नहीं की है जो गलत हो। मैंने जो कहा है वो तथ्य है।”

इस मामले में इंडिया टुडे से बातचीत में बदरुद्दीन अजमल ने अपनी सफाई पेश की। उन्होंने कहा, “मैंने दुनिया भर के मुसलमानों में शिक्षा की कमी देखी है। मुझे बहुत दुख है कि मुस्लिम पढ़ाई नहीं करते, उच्च शिक्षा के लिए नहीं जाते। यहाँ तक कि मैट्रिक की परीक्षा तक पास नहीं कर पाते। इसीलिए वो अपराध की दुनिया में निकल जाते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “मैं चाहता हूँ कि मुस्लिम बच्चे ज्यादा से ज्यादा पढ़ाई करें और अच्छे रास्ते पर चलें।”

महिलाओं का सम्मान करें लड़के

अजमल ने कहा कि लड़के महिलाओं को देखकर गलत व्यवहार करने लग जाते हैं। उन्हें महिलाओं का सम्मान करना चाहिए, क्योंकि उनके भी परिवार में महिलाएँ हैं। वो अपनी माँ-बहन के बारे में सोचेंगे तो महिलाओं को लेकर गलत बातें उनके मन में नहीं आएँगी।

साल 2009 से धुबरी सीट से लगातार सांसद चुने जा रहे बदरुद्दीन अजमल ने आगे कहा, “हम अपनी कमियों को सरकार के माथे पर मढ़ देते हैं, जो कि गलत है। हमें अपने अंदर झाँकने की जरूरत है। हम अपने अंदर नहीं झाँकते, इसलिए हमारे समाज में समस्याएँ बढ़ती जा रही हैं।”

जुआं खेलने की जगह पढ़ाई पर दें ध्यान

मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि लड़कों को पढ़ाई के लिए समय नहीं मिलता, लेकिन जुआ खेलने के लिए वो समय निकाल लेते हैं। ये गलत है। लोग सूरज और चाँद पर जाने की तैयारी कर रहे हैं और मुस्लिम जेल जाने के मामले में पीएचडी कर रहे हैं। एक पुलिस स्टेशन चले जाइए, आँकड़ों से पता चल जाएगा कि मुस्लिम लोग हर अपराध में नंबर वन हैं।

‘मैं इन्हें नहीं जानता’: पाकिस्तान के मौलवी ने अपने ही मुल्क की क्रिकेट टीम से झाड़ा पल्ला, फैंस बोले – जो इनका मैच देखता है वो बन जाता है दिल का मरीज

भारत में ICC वनडे वर्ल्ड कप 2023 का आयोजन हो रहा है। इसमें पाकिस्तानी टीम की स्थिति एकदम खस्ता है। शुक्रवार (27 अक्टूबर, 2023) को पाकिस्तान का मैच दक्षिण अफ्रीका से था, लेकिन इस रोमांचक मुकाबले ने दक्षिण अफ्रीका ने जीत दर्ज की। इस तरह पाकिस्तान इस विश्व कप में 6 में से मात्र 2 मैच ही जीत सका है। नीदरलैंड और श्रीलंका से तो इसने शुरू में जीत दर्ज की थी, लेकिन इसके बाद भारत, ऑस्ट्रेलिया, अफगानिस्तान और दक्षिण अफ्रीका ने इसे लगातार मात दी है।

अब पाकिस्तान के एक बड़े मौलवी ने भी अपनी ही टीम से पल्ला झाड़ लिया है। शेख असीम अलहकीम के ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर 4.30 लाख फॉलोवर्स हैं। इस्लाम से जुड़े सवालों पर वो रोज जवाब देता रहता है। ऐसे ही एक व्यक्ति ने पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की तस्वीर पोस्ट करते हुए पूछा कि क्या हम इनका सपोर्ट कर सकते हैं या नहीं? इस पर मौलवी ने लिखा, “मैं उन्हें नहीं जानता।” पाकिस्तानी मौलवी ने अपने ही मुल्क के क्रिकेटरों को पहचानने से पूरी तरह इनकार कर दिया।

न सिर्फ उक्त मौलवी, बल्कि पाकिस्तान की टीम के कई फैंस भी नाराज़ हैं और अवसाद में चल रहे हैं। मौलवी को एक पाकिस्तानी ने रिप्लाई करते हुए कहा कि अगर आप उन्हें नहीं जानते हैं तो अच्छा है, इसका मतलब है कि आप शांति से हैं। एक अन्य फैन ने इसके लिए अल्लाह का शुक्रिया अदा किया कि मौलवी शेख असीम अलहकीम इन्हें नहीं जानते। उक्त यूजर ने लिखा कि जो भी पाकिस्तान टीम के मैच देखता है वो दिल का मरीज बन जाता है।

हालाँकि, पाकिस्तानी टीम अब भी सेमीफाइनल की रेस से बाहर नहीं हुई है। 1 विकेट से दक्षिण अफ्रीका से हार के बावजूद वो क्वालीफाई कर सकती है लेकिन इसके लिए उसे अपने सारे मैच जीत कर ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की हार की दुआ भी करनी पड़ेगी। टीम फ़िलहाल ‘लगभग’ बाहर मानी जा रही है। इस कारण पाकिस्तान के ही पूर्व खिलाड़ी अपनी ही टीम की थू-थू कर रहे हैं। हालाँकि, शोएब अख्तर को अब भी उम्मीद है और उन्होंने पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाजों की तारीफ भी की है।

गाजा में आतंक के हर अड्डे को तबाह कर रहा इजरायल, अब तक 33 मस्जिद जमींदोज: हमास एयरफोर्स के मुखिया को भी मार गिराया

हमास के आतंकी हमले के बाद से इजरायल फिलिस्तीन पर कार्रवाई कर रहा है। इजरायल चुन-चुन कर हमास के आतंकियों और उनके ठिकानों को निशाना बना रहा है। गाजा पट्टी में मौजूद अब तक 33 मस्जिदों को इजरायल ने जमींदोज कर दिया है। हमास के आतंकी इन्हें लॉन्च पैड के तौर पर इस्तेमाल कर रहे थे। इसी तरह अल-शिफा अस्पताल का भी इस्तेमाल किया जा रहा था।

मिडिल ईस्ट मॉनिटर की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल के हमलों में अल-इहसान मस्जिद, हतिन मस्जिद समेत कई महत्वपूर्ण मस्जिद ध्वस्त हो गए हैं। इन मस्जिदों का इस्तेमाल हमास के आतंकी इजरायल पर रॉकेट से हमलों और छिपने के लिए कर रहे थे। यही नहीं, इजरायल ने गाजा पट्टी के कुरान रेडियो स्टेशन के हेडक्वॉर्टर को भी उड़ा दिया है।

गाजा पट्टी के हमास आतंकियों ने बताया है कि गाजा के पश्चिम में मौजूद अल-अमीन मुहम्मद मस्जिद और खान यूनिस गवर्नेट के मुहम्मद अल-हबीब (मलेशियाई) मस्जिद को भी निशाना बनाया गया है। इस तरह से इजरायल ने अब तक कुल 33 मस्जिदों को निशाना बनाया है।

हमास के खिलाफ इजरायली कार्रवाई तेज

इस बीच इजरायल ने गाजा में हमास के ठिकानों को निशाना बनाने की कार्रवाई तेज कर दी है। इजरायली सेना ने अपने एयर स्ट्राइक में हमास के एक कमांडर को भी ढेर कर दिया है। इजरायली सेना लगातार गाजा में बम बरसा रही है और आतंकी ठिकानों को निशाना बना रही है। इजरायली डिफेंस फोर्स ने अपने ट्वीट में बताया है कि पश्चिमी खान यूनिस बटालियन के हमास कमांडर मुबाशर को एयर स्ट्राइक में ढेर कर दिया गया है।

इसके अलावा, इजरायली सेना ने हमास के एयरफोर्स के प्रमुख अबू रकाबा को भी मार गिराया है। यह हमास के लिए बहुत बड़ी क्षति और इजरायल के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। इजरायल ने गाजा में 250 से ज्यादा हमास के ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें एक सुरंगी नेटवर्क भी शामिल है।

गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 की सुबह हमास आतंकवादियों ने दक्षिणी इज़रायल के किबुत्ज़ में लोगों के घरों और सैन्य ठिकानों पर हमला करके 1,400 लोग मार दिया और कम-से-कम 229 लोगों को बंधक बना लिया। मरने वालों में कई औरतें और बच्चे थे। इनकी हत्या चौंकाने वाले तरीकों से की गई। वहीं, इजरायली पलटवार में अब तक करीब 6000 लोग मारे जा चुके हैं।

हनुमान भक्त केशव महाराज ने ‘ऊँ बैट’ से पाकिस्तान को धोया, नमाज पढ़ने वाले खिलाड़ियों को माँ-बहन से भी गंदी-गंदी गाली बकने लगे कट्टर मुस्लिम

केशव महाराज! इस नाम को पाकिस्तान के लोग इस जन्म में नहीं भूल पाएँगे। इसलिए नहीं क्योंकि उनके विजयी चौके के कारण पाकिस्तान हारा बल्कि इसलिए क्योंकि ऊँ लिखे बैट से पाकिस्तान हारा। पाकिस्तान के खिलाड़ी मैदान में नमाज पढ़ते हैं। पाकिस्तान के खिलाड़ी हिंदुओं के बीच नमाज पढ़ने को लेकर शेखी बघारते हैं। ऐसे में ऊँ लिखे बैट से हार कर लगभग विश्व कप 2023 से बाहर होना पाकिस्तान की मजहबी सोच में कील की तरह चुभता रहेगा।

विश्व कप क्रिकेट 2023 में शुक्रवार (27 अक्टूबर 2023) को चेन्नई में पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका की भिड़ंत हुई। इस मैच में दक्षिण अफ्रीका ने पाकिस्तान को 1 विकेट से हरा दिया। प्लेयर ऑफ़ द मैच का ख़िताब 4 विकेट लेने वाले दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी तबरेज शम्सी को मिला। भारतीय मूल के दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी केशव महाराज ने लेकिन वाहवाही खूब लूटी।

केशव महाराज का सुर्खियों में रहने का कारण रहा अंतिम में उनका धैर्य के साथ खेलना और ऊँ लिखे बैट से चौका लगाकर पाकिस्तान को हराना। मैच के दौरान ही केशव महाराज ने बजरंग बली को याद भी किया। इस बीच पाकिस्तानी फैंस एक बार फिर से अपनी टीम को गालियाँ देकर भड़ास निकालने में जुट गए हैं।

पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने इस मैच में 46.4 ओवरों में सभी विकेट गँवा कर कुल 270 रन बनाए थे। इसमें बाबर आज़म ने 50, सऊद शकील ने 52, शादाब खान ने 43 और मोहम्मद रिज़वान ने 31 रनों का योगदान किया।

दक्षिण अफ्रीका की तरफ से सबसे अधिक 4 विकेट तबरेज शम्सी ने लिए। 271 रनों का पीछा करते हुए एक समय दक्षिण अफ्रीका की टीम 6 विकेट पर 250 रन के स्कोर पर थी और ये माना जा रहा था कि वो आराम से इस मैच को जीत लेगी।

इसके बाद पाकिस्तानी गेंदबाजों ने ताबड़तोड़ 3 विकेट लेकर मैच को रोमांचक बना डाला। अंतिम विकेट के लिए भारतीय मूल के खिलाड़ी केशव महराज ने तबरेज शम्सी के साथ मोर्चा संभाला। आखिरकार दक्षिण अफ्रीका की टीम ने 47.2 ओवरों में 271 रन बना कर जीत हासिल कर ली। विजयी चौका केशव महाराज ने लगाया। जीत के बाद केशव महाराज ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट करते हुए इसे भगवान का आशीर्वाद कहा। उन्होंने अपनी पोस्ट में हाथ जोड़ कर ॐ का चिन्ह भी बनाया है।

इस मैच के दौरान केशव महराज का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। वो मैदान पर हाथ जोड़ कर ईश्वर को प्रणाम करते भी नजर आए। उनके दाहिने हाथ में कड़ा और कलावा भी बँधा है। केशव महाराज भारतीय मूल के हैं। उनके पुरखों का संबंध उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से है। उनके पिता आत्मानंद महाराज भी क्रिकेटर रह चुके हैं। केशव का परिवार साल 1874 में ही सुल्तानपुर से दक्षिण अफ्रीका के डरबन में आ गया था।

पाकिस्तानी फैंस आग बबूला

इस हार के बाद पाकिस्तान की विश्वकप 2023 में राह बेहद मुश्किल हो चुकी है। अपनी टीम की लगातार हार से भड़के पाकिस्तानी प्रशंसकों ने जम कर भड़ास निकाली है। कुछ लोगों ने अम्पायर के एक फैसले पर गुस्सा निकाला है तो कुछ फैंस खिलाड़ियों से ही नाराजगी दिखा रहे हैं।

@dupediasies नाम के एक यूजर ने लिखा कि वो बाबर आज़म को दुबारा कप्तान के तौर पर नहीं देखना चाहते। इसी दौरान उन्होंने लिखा, “Fuk My Life Fuk this sport”। मिस्टर G नाम के यूजर ने @gulllkhann नाम के हैंडल से अम्पायर को गालियाँ देते हुए लिखा, “बहोत बड़ा *डी का बच्चा है तू”।

ZED नाम के हैंडल से बाबर आज़म को पाकिस्तान क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा फ्रॉड कप्तान बताया गया है। इस हैंडल ने बताया कि साल 2021 के T- 20 विश्व कप से लेकर अब साल 2023 तक का वर्ल्ड कप में हार की वजह बाबर आज़म हैं। ZED ने बाबर आज़म के फोटो पर लाल रंग से क्रॉस का निशान बनाया है। इसके अलावा @arhuml92 ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर जाते-जाते अपना दिल तोड़ने का आरोप लगाया है।

बंटी नाम के एक हैंडल ने लिखा, अम्पायर को भूख लगी थी। खाने को कुछ नहीं मिला तो हमारी खुशियाँ ही खा गया।” वहीं अब्दुल्ला ने बाबर आज़म की तुलना नवाज़ शरीफ से की है। अब्दुल्ला ने लिखा, “इस शरीफ को भी किसी मुशर्रफ की जरूरत है।”

बताते चलें कि इस हार के बाद पाकिस्तान की विश्व कप 2023 में बने रहने की सम्भावनाएँ लगभग धूमिल हो चुकी हैं। फ़िलहाल अंक तालिका में दक्षिण अफ्रीका पहले नंबर पर है। समान अंक होने के बावजूद नेट रन रेट में पीछे होने के कारण भारत दूसरे नंबर पर है।

चपरासी बनने के लिए इंजीनियरों की लंबी लाइन, दे रहे हैं साइकल चलाने का टेस्ट: सबसे शिक्षित राज्य केरल में बेरोजगारी की मार

देश के सबसे शिक्षित राज्य कहे जाने वाले केरल में राज्य सरकार की तरफ से चपरासी की वैकेंसी निकाली गई है। 23 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन वाली इस नौकरी के लिए न्यूनतम योग्यता कक्षा 7वीं कक्षा पास रखी गई है। इसके लिए साइकिल चलाने की दक्षता अनिवार्य है। शुक्रवार (27 अक्टूबर 2023) को इस पद के आवेदन के लिए लम्बी लाइन देखी गई। इनमें कई अभ्यर्थियों के पास इंजीनियरिंग की भी डिग्री तक थी।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक, अब तक 101 उम्मीदवारों ने साइकल चलाने का टेस्ट पास कर लिया है। इनमें ऐसे अभ्यर्थी भी थे, जिनके पास बीटेक की डिग्री थी। एक इंजीनियरिंग डिग्रीधारक ने चपरासी की सरकारी नौकरी को सुरक्षित बताया। बकौल अभ्यर्थी, उस नौकरी में न तो लगातार वाहन चलाने का जोखिम है और न ही फ़ूड डिलीवरी जैसा कोई झंझट।

कुछ अभ्यर्थियों का ये भी कहना था कि बीटेक की डिग्री होने के बावजूद उन्हें 11,000 रुपए की नौकरी करनी पड़ती है। इतने वेतन में भी उनसे बहुत काम लिया जाता है। दरअसल, इंजीनियरिंग के साथ-साथ कई बड़े डिग्रीधारक अभ्यर्थी भी चपरासी पद पर आवेदन करने के लिए पहुँचे। अन्य स्नातकों की संख्या भी अधिक है। दरअसल, सरकारी नौैकरी को युवा सुरक्षित मान रहे हैं, जिसमें नौकरी जाने का खतरा नहीं रहता।

कोच्चि में कैफे चलाने वाले प्रशांत भी इस नौकरी को पाने के लिए उत्साहित हैं। प्रशांत को उम्मीद है कि उनको बिजली विभाग KSEB में नियुक्ति मिलेगी, जहाँ उन्हें लगभग 30 हजार रुपए तनख्वाह हर महीने मिलेगी। माना जा रहा है कि चपरासी पद के लिए निकाली गई इस नौकरी का मूल वेतन 23,000 रुपए महीना है।

हालाँकि, कुछ लोग इसकी भर्ती प्रक्रिया में अनिवार्य किए गए साइकल टेस्ट पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब साइकल परिवहन का साधन नहीं रहा, फिर भी इसका टेस्ट अनिवार्य किया जाना समझ से परे है। वहीं, कुछ लोग इस नौकरी के लिए दिव्यांगों और महिलाओं को अवसर न मिलने पर भी जवाब चाह रहे हैं और पुरानी नियमावली बदलने की माँग कर रहे हैं।

‘आज सब कुछ जला दूँगा…’: मोहसिन ने मंदिर पर किया पथराव, गुजरात पुलिस ने दबोचा; हिंदू महिलाओं को छेड़ने का भी आरोप

गुजरात के मोरबी जिले के वाघपारा में राधाकृष्ण मंदिर पर पत्थरबाजी की गई है। इसके बाद इलाके में तनाव फैल गया है। मुस्लिम युवक मोहसिन मम्माद कुरैशी ने इस मंदिर पर पथराव किया। इसके साथ ही उसने पुजारी पर भी हमला किया। आरोपित ने यह घटना सुबह पूजा के दौरान अंजाम दिया।

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग और हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुँच गए। वहीं, पुलिस का काफिला भी घटनास्थल पर पहुँच गया। शिकायत के बाद पुलिस ने पथराव की वारदात का सीसीटीवी बरामद कर लिया। इसके साथ ही पुलिस ने मोहसिन को गिरफ्तार कर लिया।

वाघपारा में राधाकृष्ण मंदिर और पुजारी पर मुस्लिम युवक मोहसिन द्वारा किए गए हमले की इस घटना में पुलिस ने आरोपित के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 324, 504, 506 (2) के तहत मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि मोहसिन अक्सर इस तरह की हरकतें करता रहता है।

जानकारी के मुताबिक, मंदिर पर हमले से पहले मोहसिन पुजारी और उसकी पत्नी से भिड़ गया था। इस दौरान उसने दोनों को धमकी भी दी। पुजारी ने जब उसे रोकने की कोशिश की तो वह पत्थर फेंकने लगा। उससे डरकर पुजारी दंपत्ति ने मंदिर का गेट बंद कर लिया। उनके ऐसा करते ही मोहसिन ने मंदिर पर पथराव शुरू कर दिया।

आरती के दौरान मंदिर में पथराव

‘मैं तुम्हें मार दूँगा, पूरे बाघपारा को जला दूँगा’

मंदिर के पुजारी ने ऑपइंडिया से बातचीत में पूरे मामले की जानकारी दी। पुजारी ने कहा, “सुबह मैं और मेरी पत्नी रोजाना की तरह भगवान की पूजा करने के लिए निकले। जब मैं आया था तो वो (मोहसिन) मेरे पीछे बातें करता हुआ आया। जैसे ही मैंने मंदिर में प्रवेश किया, वह बाहर खड़ा हो गया और बड़बड़ाने लग गया।” पुजारी के मुताबिक, वह कह रहा था, “जितने चाहे दीपक जला लो, आज तुम्हें मारना है। मैं बाघपारा को जला दूँगा।”

पुजारी ने आगे बताया, “वह पागलों की तरह गाली दे रहा था, इसलिए मैंने उससे कहा कि वह यहाँ से चले जाए और हमें आरती करने दे। फिर मैंने आरती शुरू कर दी। इससे गुस्से में आकर उसने पत्थर उठाया और पहली सीढ़ी पर चढ़ गया, लेकिन भगवान की कृपा से वह वहीं गिर गया और पत्थर भी उसके हाथ से गिर गया।”

पुजारी का कहना था, “जब वह दूसरा पत्थर उठाने लगा तो मेरी पत्नी ने मुझे सचेत किया, लेकिन आरती पहले ही शुरू हो चुकी थी। इसलिए मैंने कहा कि अगर आपको डर लगता है तो आप दरवाजा बंद कर सकते हैं, लेकिन आरती नहीं रुकेगी।” पुजारी ने कहा कि यह परंपरा है कि आरती के बीच में छोड़ा नहीं जा सकता, इसलिए आरती जारी रही।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मंदिर की ओर दौड़ पड़े

आरती के दौरान मोहसिन फेंक रहा था पत्थर

पुजारी ने आगे कहा, “जब आरती चल रही थी तब भी मोहसिन रुक-रुक कर पत्थर फेंकता रहा और इससे छह से सात लोगों को चोटें पहुँचीं। आरती ख़त्म होने के बाद मैंने उससे पूछा कि तुम्हारी परेशानी क्या है? मैं आपको नहीं जानता। लेकिन वह एक ही बात कह रहा था कि मैं आज तुम्हें मारकर वाघपारा को जला देना चाहता हूँ।”

पुजारी का कहना था, “इसी बीच रोज मंदिर आने वाले एक बुजुर्ग भी आ गए। मोहसिन ने उन पर भी हमला कर दिया। उन्हें दो पत्थर लगे। फिर मैंने उनसे कहा कि घर जाओ और घर के युवकों को भेजो। हालाँकि, तब तक आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और मोहसिन भी भाग निकला। बाद में हमने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।”

पुजारी ने ऑपइंडिया को आगे बताया कि मोहसिन ने पुलिस स्टेशन में भी उन्हें देख लेने की धमकी दी। मोहसिन वाघपारा गाँव का रहने वाला है। हालाँकि पुजारी ने ये भी कहा कि यह घटना पहली बार हुई है। उन्होंने कहा कि पूरा गाँव उनके साथ खड़ा है और पुलिस से भी जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है।

वाघपारा के इसी राधाकृष्ण मंदिर पर पथराव किया गया

स्थानीय हिंदू और संगठन घटनास्थल पर पहुँचे

मोरबी मंदिर पर मोहसिन के हमले के बारे में अधिक जानकारी लेने के लिए ऑपइंडिया ने स्थानीय हिंदू संगठनों से भी संपर्क किया। मोरबी जिला हिंदू युवा वाहिनी के अध्यक्ष कमलेश अहीर ने कहा, “सुबह-सुबह एक स्थानीय नेता ने मुझे फोन किया और घटना की जानकारी दी। घटना की सूचना मिलते ही मैं तुरंत मौके पर पहुँचा। मंदिर परिसर और आसपास ईंट-पत्थर के बड़े-बड़े टुकड़े पड़े मिले।”

अहीर ने आगे बताया, “पथराव करने के बाद मुस्लिम युवक दूसरी गली में भाग गया था। मैंने तुरंत पुलिस को मामले की सूचना दी और पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची।” उन्होंने आगे कहा कि मोहसिन की इमेज एक सिरफिरे शख्स की है। वह बेहद कट्टर है और लोगों में डर पैदा करने के लिए उसने पहले भी कई बार हिंसा किया है।

मोहसिन कर चुका है ब्राह्मण परिवार के घर जलाने की कोशिश

अहीर ने आगे बताया, “इससे पहले मोहसिन ने एक ब्राह्मण का घर जलाने की कोशिश की थी। उसने तब ब्राह्मण परिवार की घर की खिड़की में आग लगा दी। उसके सिरफिरा होने के वजह से इस परिवार के लोग डर गए और कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। उसने नवरात्रि के दौरान भी नशे की हालत में हिंदू बहन-बेटियों से छेड़छाड़ की थी, लेकिन डर की वजह से किसी ने कुछ नहीं कहा।”

कमलेश अहीर ने यह भी दावा किया था कि मोहसिन शराब और ड्रग्स का कारोबार करता है। वह पहले से ही अवैध गतिविधियों में लिप्त रहा है। मंदिर पर हमले के पीछे का उद्देश्य बताते हुए उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे का मकसद मंदिर को बंद कराने का लगता है।

भारत वोटिंग से दूर तो गाली, US-इजरायल के साथ पर चुप्पी: The Wire के अमेरिकी फाउंडर का प्रोपेगंडा, साथ दे रहीं प्रियंका गाँधी

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने इजरायल और हमास के बीच युद्ध रोकने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया है। प्रस्ताव के पीछे कारण बताया गया – फिलिस्तीन में मानवीय सहायता भेजना। कुल मिला कर बात ये है कि 120 देशों ने इसके पक्ष में वोट किया, 14 ने विरोध में और 45 ऐसे देश रहे जिन्होंने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। जिन देशों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया, उनमें भारत, अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, ग्रीस, इराक, इटली, नीदरलैंड, दक्षिण कोरिया, यूक्रेन, UK और पोलैंड शामिल हैं।

भारत ने वोटिंग से दूरी क्या बनाई, यहाँ लिबरल गिरोह का प्रोपेगंडा शुरू हो गया। विपक्षी दल भी इसमें कूद पड़े। सबसे पहले प्रोपेगंडा पोर्टल ‘The Wire’ के संस्थापक सिद्धार्थ वरदराजन भी शामिल हैं। उन्होंने लिखा, “अपना सिर शर्म से झुका लो नरेंद्र मोदी और S जयशंकर। भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में गाजा में मानवीय युद्धविराम वाले प्रस्ताव के समर्थन से इनकार कर दिया।” खास बात ये है कि सिद्धार्थ वरदराजन खुद अमेरिकी नागरिक हैं।

वो भारत के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री को टैग कर के उन्हें शर्म से अपना सिर झुकाने को कह रहे हैं, लेकिन उन्होंने एक बार भी अमेरिका की सरकार या राष्ट्रपति जो बायडेन को टैग कर के कुछ नहीं कहा। भारत तो इस प्रस्ताव में न्यूट्रल रहा, न इधर से और न उधर से। लेकिन, अमेरिका ने तो खुल कर इजरायल का साथ दिया। यहूदी देश के पक्ष में वोटिंग की। लिबरलों के प्यारे देश कनाडा, जहाँ खालिस्तानियों को शरण मिलती है, उसने भी भारत की तरह ही वोटिंग से दूरी बनाई लेकिन लिबरल गिरोह वहाँ के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को नहीं टैग कर रहा।

सिद्धार्थ वरदराजन को तो एक अमेरिकी के रूप में शर्म महसूस करनी चाहिए। उन्हें खुद का सिर शर्म से झुका कर एक सेल्फी लेनी चाहिए और इसे सोशल मीडिया पर डालना चाहिए, क्योंकि उनके देश अमेरिका ने भारत की तरह न्यूट्रल न रहते हुए खुल कर फिलिस्तीन का विरोध किया, इजरायल का साथ दिया वोटिंग में। इतना ही नहीं, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में तो अमेरिका ने अपने वीटो पॉवर का इस्तेमाल कर के भी कई बार इजरायल का साथ दिया है।

हाल ही में UNSC में अमेरिका ही ये प्रस्ताव लेकर आया था कि इजरायल को अपनी आत्मक्षा में कार्रवाई का अधिकार है। अब तक 34 बार अमेरिका ने इजरायल के पक्ष में वीटो लगाया है। लेकिन, यही प्रोपेगंडा की ताकत है कि एक अमेरिकी नागरिक भारत को गाली देता है कि तुमने इजरायल का विरोध नहीं किया, जबकि वो खुद इजरायल के पक्ष में खड़ा होता है। ‘The Wire’ के संपादक को ये समझना चाहिए कि पहले अपने घर के लोगों को सलाह देते हैं, फिर बाहर वालों को।

इन मामलों में भारत की विपक्षी कॉन्ग्रेस पार्टी देश के स्टैंड का विरोध न करे तो कैसे काम चलेगा। प्रियंका गाँधी ने भी इसे शर्मनाक करार दिया। सवाल सिर्फ इतना सा है कि इजरायल में घुस कर 1500 लोगों का नरसंहार करने वाले हमास की निंदा में जिस प्रस्ताव में एक शब्द भी नहीं गया गया, भारत ने न उसके समर्थन में वोट किया न विरोध में। हमास के हमले से पूरा प्रकरण शुरू हुआ, लेकिन उसे इस प्रस्ताव में कुछ नहीं कहा गया। आज प्रियंका गाँधी फिलिस्तीन में भोजन, पानी और बिजली न होने की बातें कर के मानवता का रोना रो रही हैं।

लेकिन, उन्होंने तब तो मोदी सरकार की तारीफ नहीं की जब भारत ने फिलिस्तीन में राहत सामग्री भेजी? भारत ने एक प्लेन भर के मेडिकल दवाओं और उपकरणों के अलावा कई सामग्रियाँ फिलिस्तीन भेजी हैं। कुल 38.5 टन मदद सामग्री फिलिस्तीन भेजी गई। सैनिटरी आइटम्स से लेकर टेंट तक, भारत ने कई तरह की सामग्रियाँ भेजी। पीएम मोदी ने वहाँ के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से फोन पर बातचीत की। फिर भी प्रियंका गाँधी भारत को ही कोस रही हैं जो इस आतंकवादियों के खिलाफ है और दोनों तरफ की आम जनता के साथ।

रैली भारत में, भीड़ मुस्लिमों की, संबोधित किया हमास के आतंकी ने: जमात-ए-इस्लामी पर केरल भाजपा ने की कार्रवाई की माँग

केरल के मल्लपुरम में शुक्रवार (27 अक्टूबर 2023) को फिलिस्तीन के समर्थन में रैली निकाली गई। इस रैली में ‘बुलडोजर हिंदुत्व को उखाड़ फेंको’ जैसे नारे लगाए गए। जमात-ए-इस्लामी की यूथ विंग ‘सॉलिडेरिटी यूथ मूवमेंट’ नाम के संगठन द्वारा आयोजित इस रैली को आतंकी संगठन हमास के नेता खालिद मशेल ने वर्चुअली सम्बोधित किया। इस पर भाजपा ने केरल पुलिस से कार्रवाई की माँग की है।

मल्लपुरम की रैली का पोस्टर भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पोस्टर में हमास के आतंकी नेता खालिद मशेल की बड़ी-सी फोटो दिख रही है, जो हाथ हिलाने की मुद्रा में है। पोस्टर में 27 अक्टूबर 2023 की तारीख दी गई है। बैकग्राउंड में काले रंग के झंडे दिख रहे हैं। शाम 4:30 पर हुई इस रैली का मकसद फिलिस्तीन के लिए एकजुटता दिखाना था।

इस रैली के दौरान एक बड़ी स्क्रीन पर इस्लामी आतंकी संगठन हमास का आतंकी खालिद मशेल दिखा। उसने हाथों में फिलिस्तीन का झंडा लिए लोगों को सम्बोधित भी किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस रैली में भीड़ द्वारा फिलिस्तीन के समर्थन और इजरायल के विरोध में नारेबाजी की गई।

बताते चलें कि इससे पहले भी सॉलिडेरिटी यूथ मूवमेंट फिलिस्तीन के समर्थन में रैलियाँ निकाल चुका है। पहले की रैलियों में उसने फिलिस्तीन के राजदूत को वर्चुअल तौर पर शामिल किया था। आतंकी संगठन हमास के किसी आतंकी नेता को भारत में हुई किसी रैली में इस तरह से पहली बार शामिल किया गया है।

रैली में हमास के आतंकी नेता को शामिल करने पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है। केरल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने रैली के पोस्टर को अपने X हैंडल पर शेयर किया है। सुरेंद्र ने सवाल किया है कि कहाँ हैं मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और केरल की पुलिस?

भाजपा नेता सुरेंद्रन ने आरोप लगाया है कि फिलिस्तीन के समर्थन की आड़ में आतंकी संगठन हमास को महिमामंडित किया जा रहा है। सुरेंद्रन ने हमास को एक आतंकी संगठन बताते हुए उसके नेताओं को योद्धा साबित करने की कोशिश को कतई स्वीकार नहीं किए जाने का एलान किया है।

वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “हमास का आतंकी केरल में भाषण दिया है और हिन्दू को खत्म करने की बात कही है उसने वहाँ। मैं बता दूँ उन्हें कि भारत में कई आए, लेकिन कुछ नहीं कर पाए। वैसे ही हमास का भी नाश हो जाएगा।”

गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार (26 अक्टूबर 2023) को केरल के ही कोझिकोड में फिलिस्तीन के समर्थन में एक रैली हुई थी। इस रैली को कॉन्ग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के प्रमुख सहयोगी आईयूएमएल (IUML) ने आयोजित किया था। रैली में कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर भी शामिल हुए थे। तब उन हमास को आतंकी संगठन कहने पर उनका काफी विरोध हुआ था।

केरल को केरलम करेंगे, लेकिन देश का नाम भारत नहीं पढ़ेंगे: NCERT अध्यक्ष ने वामपंथी प्रोपेगंडा का ऐसा दिया जवाब, बोले – मद्रास को भी किया गया चेन्नई

NCERT (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद) ने अपनी सभी पाठ्य पुस्तकों में India की जगह देश का नाम भारत लिखने का निर्णय लिया है। NCERT के मुखिया सीआई इस्साक ने कहा कि भारत नाम बच्चों में गर्व की भावना पैदा करता है। उन्होंने इसकी पुष्टि की कि सिलेबस में अब बच्चों को इंडिया की जगह भारत ही पढ़ाया जाएगा। हालाँकि, भारत के विपक्षी दल इस फैसले के विरोध में उतर आए हैं। इस्साक ने इसका भी कड़ा जवाब दिया है।

NCERT अध्यक्ष एवं प्रोफेसर ने कहा कि जो लोग इस सुझाव का विरोध कर रहे हैं, उनलोगों ने ही मद्रास का नाम बदल कर चेन्नई किया था और केरल का नाम केरलम रखे जाने की माँग कर रहे हैं। उन्होंने भारत नाम को कम से कम 7000 वर्ष पुराना बताते हुए कहा कि बच्चों को ये नाम सुन कर हमारी समृद्ध विरासत और इतिहास पर गर्व होगा। वहीं उन्होंने इंडिया नाम को महज 150 वर्ष पुराना करार दिया। उन्होंने कहा कि अगली पीढ़ी भारत नाम सीखे, इसी भावना के साथ पाठ्य पुस्तकों में ये बदलाव किया जा रहा है।

कक्षा 7वीं से लेकर 12वीं तक के सिलेबस में देश का नाम भारत पढ़ाने का सुझाव दिया गया है। नई शिक्षा नीति बनने के बाद NCERT की समिति ने ये फैसला लिया। सीआई इस्साक ने कहा कि उनकी पीढ़ी को इंडिया सिखाया गया है और वो इंडिया ही कहते हैं। उन्होंने कहा कि वो ये नहीं कह रहे कि India शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उनकी अध्यक्षता में 2021 में समिति गठित की गई थी, जिसने विभिन्न सिफारिशें दी हैं।

हालाँकि, केरल के शिक्षा मंत्री शिवनकुट्टी ने इस मामले में विरोधी रुख अख्तियार करते हुए कहा था कि राज्य ने सामाजिक विज्ञान विषय के लिए NCERT द्वारा की गई सिफारिशों को ख़ारिज कर दिया है। वहीं अब शुक्रवार (27 अक्टूबर, 2023) को केरल सरकार ने केंद्र से कहा है कि इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाए। केरल के शिक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस संबंध में पत्र लिखा है। इसमें दावा किया गया है कि देश की एकता के लिए इंडिया नाम का इस्तेमाल किया जाना ही ठीक है।

केरल सरकार का दावा है कि छात्रों ने देश के इतिहास और विरासत के बारे में इंडिया नाम से ही पढ़ा है। साथ ही NCERT द्वारा एक खास विचारधारा को समर्थन दिए जाने का दावा करते हुए पत्र में कहा गया है कि किसी राजनीतिक या विचारधारा वाले उद्देश्य से ऐसे निर्णय लिए जाने की समीक्षा होनी चाहिए। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन भी इस पर आपत्ति जता चुके हैं। केरल में CPM के नेतृत्व में वामपंथी सरकार चल रही है।

यहाँ ये याद दिलाना ज़रूरी है कि ये वही सरकार है जिसने अगस्त 2022 में विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया था कि केरल का नाम बदल कर केरलम कर दिया जाए। खुद सीएम ये प्रस्ताव लेकर आए थे और केंद्र सरकार को सुझाव भेजा गया था कि 8वीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं में राज्य का नाम केरलम रखा जाए। केरल के कुछ लोगों का मानना है कि हिंदी में केरलम ही अंग्रेजी में केरला हो गया है। वहीं केरल का नाम मलनाडु रखने की माँग भी होती रही है, जो उनकी मलयाली पहचान पर आधारित है।

‘5 महीने से पाकिस्तानी क्रिकेटरों को सैलरी नहीं’: पूर्व-विकेटकीपर ने खोला राज… लेकिन वर्ल्ड कप में छक्के मारने के लिए प्रोटीन (मांस) चाहिए था इनको

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर राशिद लतीफ ने PCB (पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड) और वर्तमान कप्तान बाबर आज़म के बीच मनमुटाव होने का दावा किया है। लतीफ का कहना है कि PCB के चेयरमैन अशरफ न तो बाबर आज़म का फोन उठा रहे हैं और न ही उनके मैसेज का जवाब दे रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को पिछले 5 महीने से वेतन भी नहीं मिला है। पाकिस्तानी मीडिया में यह इंटरव्यू शुक्रवार (27 अक्टूबर 2023) को वायरल हुआ है।

राशिद लतीफ ने यह आरोप PTV पर दिए गए इंटरव्यू के दौरान लगाए हैं। पाकिस्तानी खेल पत्रकार कादिर ख्वाजा ने इस इंटरव्यू में से 2 मिनट 7 सेकेंड के मुख अंश अपने X हैंडल पर शेयर किए हैं। इंटरव्यू की शुरुआत में ही राशिद लतीफ़ ने बताया कि बाबर आज़म 2 दिनों से चेयरमैन को मैसेज कर रहे हैं लेकिन उनका कोई जवाब नहीं आ रहा है। चेयरमैन अशरफ के अलावा बाबर आज़म सलमान नासिर और उस्मान को भी मैसेज किया लेकिन उनको कोई जवाब नहीं मिला।

राशिद लतीफ ने बताया कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने एक प्रेसनोट जारी की है। इस प्रेसनोट में बोर्ड ने बताया है कि वो खिलाड़ियों के साथ किए गए अनुबंध की फिर से जाँच कर रहे हैं। राशिद के अनुसार PCB ने फिलहाल चल रहे कॉन्ट्रैक्ट को मानने से इनकार कर दिया है। राशिद ने आगे कहा:

“खिलाड़ियों को 5 महीने से सैलरी नहीं मिली। प्लेयर क्या ख़ाक खेलेंगे?”

पूर्व पाक क्रिकेटर राशिद लतीफ ने यह भी दावा किया है कि इसके अलावा भी कई बातें लोगों की जानकारी में नहीं हैं, जिसे बताने के लिए 1 या 2 घंटे के शो कम पड़ जाएँगे। राशिद लतीफ़ ने बाबर आज़म का बचाव करते हुए कहा कि बिना पूरी जानकारी के सारे आरोप उसी पर लग रहे हैं।

राशिद लतीफ ने दावा किया कि वर्ल्ड कप 2023 के खत्म होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट जगत में और अधिक उथल-पुथल होगी। सितंबर 2023 में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने खिलाड़ियों के साथ अनुबंध किया था। लतीफ के अनुसार अब अपने ही बनाए अनुबंध को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड मानने से इनकार कर रहा है।

बताते चलें कि विश्व कप 2023 में पाकिस्तान की हालत फिलहाल पतली चल रही है। भारत, अफगानिस्तान और अब दक्षिण अफ्रीका से मिली लगातार हार के बाद उसकी राह बेहद मुश्किल हो गई है। पाकिस्तानी समर्थक भी अपनी टीम को जी भर के कोस रहे हैं।

आपको बता दें कि जिन पाकिस्तानी खिलाड़ियों को उनके देश में 5 महीने से सैलरी नहीं मिली है वो भारत में आकर जब वर्ल्ड कप खेल रहे हैं तो प्रोटीन डायट (मांस) की डिमांड कर रहे थे। पाकिस्तानी बल्लेबाज इमाम उल हक की इस बात पर उन्हें लोगों ने लताड़ा भी है।