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‘पाकिस्तान आ जाओ, भारत को तुम्हारी ज़रूरत नहीं’: इस बार Pak के क्रिकेटर ने ही कर दिया आरफा खानम शेरवानी का ‘इलाज’, कह रही थी – भारतीय होकर शर्मिंदा हूँ

जैसे ही लोगों ने आरफा खानम शेरवानी को जवाब देना शुरू किया, उन्होंने 'विक्टिम कार्ड' निकाल लिया। उन्होंने दावा किया कि दानिश कनेरिया ने उनकी 'ऑनलाइन लिंचिंग' के लिए भीड़ छोड़ दी है।

भारत के मीडिया गिरोह की पत्रकार आरफा खानम शेरवानी अक्सर कट्टर इस्लामी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए जानी जाती हैं। प्रोपेगंडा पोर्टल ‘The Wire’ में काम करने वाली अरफ़ा खानम शेरवानी का इस बार एक पाकिस्तानी क्रिकेटर ने ही ‘इलाज’ कर दिया है। पाकिस्तान के हिन्दू क्रिकेटर ने उन्हें ऐसा जवाब किया कि लोग वाह-वाह करने लगे। दरअसल, भारत में चल रहे वनडे वर्ल्ड कप को लेकर आरफा खानम शेरवानी देश के खिलाफ नकारात्मक माहौल बना रही थी।

उन्होंने ट्वीट कर के लिखा, “विश्व कप के मैचों के दौरान कई फैंस के निंदनीय व्यवहार से एक भारतीय के रूप में मुझे शर्म महसूस हो रही है, मैं इससे लज्जित हूँ। खेल का उद्देश्य था लोगों को एक साथ लाना, लेकिन इसे लेकर गंदा, असुरक्षित भावना और बहुसंख्यकवाद मोदी-RSS द्वारा पिछले 10 साल में बनाए गए माहौल का प्रतीक है।” उनका इशारा भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान अहमदाबाद में फैंस द्वारा ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने को लेकर था।

हालाँकि, अरफ़ा खानम शेरवानी पाकिस्तानी विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान द्वारा मैदान पर ही नमाज पढ़े जाने को लेकर खामोश रहती हैं। पाकिस्तान के हिन्दू क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने इस बार उन्हें जवाब देते हुए कहा, “अगर तुम एक भारतीय के रूप में शर्म महसूस कर रही हो तो मेरे देश पाकिस्तान में आ जाओ। भारत को तुम्हारे जैसे लोगों की ज़रूरत ही नहीं है। मैं आश्वस्त हूँ कि भारत में कई लोगों को तुम्हें पाकिस्तान भेजना का खर्च उठाने में ख़ुशी होगी।”

जैसे ही लोगों ने आरफा खानम शेरवानी को जवाब देना शुरू किया, उन्होंने ‘विक्टिम कार्ड’ निकाल लिया। उन्होंने दावा किया कि दानिश कनेरिया ने उनकी ‘ऑनलाइन लिंचिंग’ के लिए भीड़ छोड़ दी है और वो ट्विटर पर ट्रेंड कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें दुःख है कि कई धर्मों के फैंस द्वारा जिस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर को प्यार किया गया वो अब एक सांप्रदायिक ट्रोल बन गया है। इसके बाद आरफा ने पाकिस्तान जाने से भी इनकार कर दिया और कहने लगीं कि ‘अपने देश’ को छोड़ कर दुनिया में कहीं नहीं जाएँगी।

इसके बाद दानिश कनेरिया ने आरफा खानम शेरवानी द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों (भीड़, लिंच, धार्मिक, ट्रोल) पर कटाक्ष किया। उन्होंने साफ़ कहा कि उनके खिलाफ इन प्रोपेगंडा शब्दों का इस्तेमाल न किया जाए। दानिश कनेरिया ने पूछा कि क्या उन्होंने अपने ट्वीट में कहीं भी सांप्रदायिकता की बात की? दानिश ने कहा कि उन्होंने ऐसा नहीं किया। बता दें कि आरफा खानम शेरवानी अक्सर आतंकी घटनाओं पर चुप्पी साध लेती हैं या फिर इस्लामी कट्टरपंथियों का बचाव करती दिखती हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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