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गाजा की आग में जला अमेरिका का दूतावास, लेबनान में हमास समर्थकों ने फूँका-लहराए फिलस्तीनी झंडे: तुर्की की नौसेना ने शुरू किया ड्रिल

गाजा सिटी अस्पताल में हुए भीषण विस्फोट के जवाब में मंगलवार (17 अक्टूबर, 2023) की शाम को सैकड़ों लेबनानी प्रदर्शनकारियों ने लेबनान की राजधानी बेरूत में अमेरिकी दूतावास पर धावा बोल दिया और इसे आग के हवाले कर दिया। इनमें से कुछ प्रदर्शनकारी फिलिस्तीनी झंडे लहरा रहे थे।

गौरतलब है कि गाजा के अस्पताल पर हुए इस हमले को लेकर लेबनानी आतंकी संगठन हिजबुल्लाह ने ‘अभूतपूर्व आक्रोश दिवस’ (A Day Of Unprecedented Anger) मनाने का आह्वान किया था। इसके कुछ ही घंटे बाद लेबनान में प्रदर्शनों का सिलसिला चल पड़ा।

आतंकवादी संगठन हमास के साथ संघर्ष में यहूदी राष्ट्र के समर्थन में पड़ोसी देश इज़रायल में राष्ट्रपति जो बायडेन के आने से कुछ घंटे पहले ये प्रदर्शनकारी अमेरिकी दूतावास के बाहर इकट्ठा हो गए थे। इन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आँसू गैस के गोले तक छोड़ने पड़े।

गौरतलब है कि इस मसले का समाधान निकालने और शांति वार्ता के लिए इजरायल सहित क्षेत्र के अन्य देशों के शीर्ष नेताओं से मिलने की अमेरिकी राष्ट्रपति बायडेन की योजना भी सिरे नहीं चढ़ पाई। जॉर्डन के विदेश मंत्री ने उनकी राजधानी अम्मान में बुधवार को होने वाले क्षेत्रीय शिखर सम्मेलन को रद्द करने का ऐलान किया।

इस सम्मेलन में ही अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन को जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय, फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी से मिलना था।

वहीं लेबनान में प्रदर्शनों को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में एक प्रदर्शनकारी को अमेरिकी दूतावास के झंडा फहराने वाले स्तंभ पर फ़िलिस्तीनी झंडा लगाने के लिए इमारत के चारों ओर काँटेदार तार की बाड़ पर चढ़ते हुए देखा गया, जबकि साथी प्रदर्शनकारी नीचे से उसका उत्साह बढ़ा रहे थे।

लेबनानी प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास की बाड़ पर फ़िलिस्तीनी झंडा और चिह्न लटकाए (फोटो साभार: nypost.com)

लेबनानी आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के आह्वान के बाद हुए प्रदर्शनों में अमेरिकी दूतावास को आग के हवाले करने के बाद हमास और फलिस्तीन के समर्थन में आए प्रदर्शनकारियों का हौसला कम नहीं हुआ। ये प्रदर्शनकारी बेरूत में दूसरी जगह फ्रांसीसी दूतावास पर भी गए।

इससे पहले सोमवार (15 अक्टूबर, 2023 ) को इजरायल की सेना IDF ने लेबनानी सीमा के पास रहने वाले 28 समुदायों को ये इलाका खाली करने का आदेश दिया था। गौरतलब है कि हिजबुल्लाह ने यह नहीं कहा है कि वह इजरायल के साथ युद्ध करेगा या नहीं, लेकिन बीते हफ्ते इजरायल-हमास संघर्ष शुरू होने के बाद से दोनों देशों ने एक दूसरे पर कई हमले किए हैं। ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ (WHO) ने सोमवार को कहा कि उसने लेबनान-इज़रायल सीमा पर संभावित हमलों की वजह से बेरूत में चिकित्सा आपूर्ति की दो खेप भेजी हैं।

इजरायल ने अपने लोगों को तुर्की से बाहर निकलने के लिए भी बोल दिया है, क्योंकि वहाँ उन्हें निशाना बनाए जाने की आशंका है। इजिप्ट में पहले ही 2 इजरायली नागरिक और उनके गाइड की हत्या की जा चुकी है। तुर्की ने नौसेना ड्रिल भी शुरू कर दी है। वहीं ईरान के भी सुप्रीम लीडर ने धमकाया है कि इजरायल ने अपनी कार्रवाई नहीं रोकी तो मुस्लिमों को फिर रोकने वाला कोई नहीं होगा।

जिस प्रोफेसर अफीफुल्लाह को AMU ने छात्रा के यौन शोषण में दी क्लीनचिट, वह पुलिस की जाँच में निकला दोषी: चार्जशीट दाखिल

‘अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी’ (AMU) के प्रोफेसर अफीफुल्लाह के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। उन पर एक पीएचडी छात्रा ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। पुलिस ने अपनी जाँच में अफीफुल्लाह को दोषी माना है। लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपनी आंतरिक जाँच में इस प्रोफेसर को क्लीनचिट दी थी।

3 अक्टूबर 2023 को अलीगढ़ के जुडिशियल मजिस्ट्रेट ने इस आरोप-पत्र स्वीकार करते हुए पुलिस को प्रोफेसर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अनुमति प्रदान की। पीड़िता छात्रा ने ऑपइंडिया से बात करते हुए निष्पक्ष जाँच के लिए योगी सरकार और यूपी पुलिस का आभार जताया है। साथ ही एएमयू प्रशासन पर आरोपित प्रोफसर की करतूतों को छिपाने का आरोप लगाया है।

अलीगढ़ पुलिस ने पीड़िता को 1 सितंबर 2023 को ही IGRS के माधयम से माँगी गई सूचना पर चार्जशीट दाखिल होने की जानकारी दे दी थी। चार्जशीट में अलीगढ़ पुलिस ने अदालत में यह स्वीकार किया है कि छात्रा ने व्हाट्सएप और कुछ अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स सबूत जमा किए हैं। इनसे प्रथम दृष्टया यौन उत्पीड़न के आरोप प्रमाणित होते हैं।

अदालत ने चार्जशीट का लिया संज्ञान

3 अक्टूबर 2023 को अलीगढ़ के जुडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में इस चार्जशीट पर संज्ञान लिया गया। अदालत ने केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। अब प्रोफेसर अफीफुल्लाह को ट्रायल का सामना करना पड़ेगा। अफीफुल्लाह पर IPC की धारा 354 (क) (लैंगिक उत्पीड़न) के तहत चार्जशीट दाखिल हुई है। दोषी पाए जाने पर इस केस में अधिकतम 3 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

बिना अनुमति देश नहीं छोड़ सकता अफीफुल्लाह

अपने ऊपर दर्ज FIR में प्रोफेसर अफीफुल्लाह को अलीगढ़ की सेशन कोर्ट से 28 जून 2023 को अग्रिम जमानत लेनी पड़ी थी। अपने आवेदन में अफीफुल्लाह ने पीड़िता पर ही दोष मढ़ने का प्रयास करते हुए खुद को बेगुनाह बताया था। सेशन कोर्ट ने इस याचिका पर अफीफुल्लाह को सशर्त जमानत दी थी। जमानत की शर्तों में पुलिस को जाँच में सहयोग करना, पीड़िता या गवाहों को न तो धमकाना और न ही उन पर दबाव बनाना, बिना अनुमति देश न छोड़ना आदि शामिल हैं। हालाँकि पुलिस ने अफीफुल्लाह की अग्रिम जमानत का विरोध किया था।

अफीफुलाह की अग्रिम जमानत में रिवॉल्वर

अफीफुल्लाह को 1 लाख रुपए के मुचलके पर अग्रिम जमानत मिली है। इसमें जमानतदार अबरार अहमद खान हैं। अबरार अहमद खान ने जमानत के तौर पर अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर लगाई है।

AMU प्रशासन ने दी थी क्लीनचिट

आरोपित प्रोफेसर अफीफुल्लाह AMU के वाइल्ड लाइफ विज्ञान विभाग में चेयरमैन के पद पर कार्यरत हैं। पीड़िता ने 2 मई 2023 को ई मेल के जरिए AMU प्रशासन से अफीफुल्लाह के करतूतों की शिकायत की थी। शिकायत में छात्रा ने अफीफुल्लाह पर 5 साल से गंदे ऑफर देने, अश्लील हरकतें करने, ऊल-जुलूल माँगे करने, लिपस्टिक व कपड़ों पर आपत्तिजनक कमेंट करने का आरोप लगाए थे। इस शिकायत पर AMU ने 8 सदस्यों की एक आंतरिक कमेटी बनाई थी।

इस कमेटी में सीमा हाकिम, संगीता सिंघल, फ़ाज़िला शाहनवाज, सुबूही अफ़ज़ल, आदिला सुल्ताना, अल्विया फरहीन, मारिया शाहिद और जावेद सईद शामिल थे। इन सभी ने 26 मई 2023 को अपनी जाँच रिपोर्ट में प्रोफेसर अफीफुल्लाह को अच्छे चरित्र वाला बताया था। रिपोर्ट में पीड़िता पर अंग्रेजी में कमजोर होने का आरोप लगा दिया गया था। जाँच दल ने इस विवाद की जड़ में 25 हजार रुपए का लेन-देन बताया था। AMU प्रशासन के ज्वाइंट रजिस्ट्रार मोहम्मद इमरान ने 1 अगस्त को एक और पत्र जारी करते हुए अफीफुल्लाह को 26 मई को मिली क्लीनचिट को सही बताया था।

AMU से क्लीनचिट तो पुलिस में शिकायत

26 मई 2023 को AMU प्रशासन द्वारा प्रोफेसर अफीफुल्लाह को क्लीनचिट मिलने के बाद पीड़िता ने अलीगढ़ पुलिस में FIR दर्ज करवाई। यह FIR IPC की धारा 354 के तहत महिला थाने में दर्ज हुआ था। महिला पुलिस इंस्पेक्टर सरिता द्विवेदी द्वारा लगभग 5 माह की जाँच के बाद आखिरकार अफीफुल्लाह पर IPC 354 (क) के तहत चार्जशीट दाखिल हुई है।

योगी आदित्यनाथ और UP पुलिस को दिया धन्यवाद

ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़िता ने योगी आदित्यनाथ और UP पुलिस का धन्यवाद दिया। उन्होंने हमें बताया कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने उनके ही नहीं बल्कि कई अन्य लड़कियों के साथ हुई ऐसी ही उत्पीड़न की घटनाओं को दबाने की कोशिश की है। पीड़िता के मुताबिक यूनिवर्सिटी प्रशासन अफीफुल्लाह जैसे लोगों को इसलिए बचाता है, क्योंकि वहाँ उसी के सोच वालों की भरमार है। एक पर एक्शन होने के बाद बाकियों पर भी कार्रवाई करनी पड़ेगी।

हमसे बातचीत में पीड़िता ने यह भी बताया कि उनकी पढ़ाई दाँव पर लगी है। AMU प्रशासन बार-बार निवेदन के बावजूद उनको पीएचडी पूरी करने के लिए महिला प्रोफेसर गाइड नहीं दे रहा। पीड़िता का यह भी कहना है कि जब AMU में आतंकियों का समर्थन किया जाता है तब वहाँ का प्रशासन चुप रहता है, लेकिन अपने लिए न्याय माँगती एक लड़की के खिलाफ सभी लोग उठ खड़े होते हैं।

चोटी काटी, पूजा की घंटी से नफरत… पिता का दावा- बच्चे को ईसाई बनाने के लिए आधी रात को गंदे मैसेज भेजती थी महिला टीचर, सेक्स के लिए डालती थी दबाव

मिशनरी स्कूल में पढ़ने वाले एक नाबालिग बच्चे ने पहले अपनी शिखा (चोटी) काटी। फिर उसे पूजा की घंटी से भी नफरत होने लगी। एक दिन परिजनों ने उसके मोबाइल की पड़ताल की तो पता चला कि स्कूल की एक महिला टीचर उसे ईसाई बनाने की कोशिश कर रही थी। देर रात उसे गंदे मैसेज भेजती थी। कथित तौर सेक्स करने को भी कहती थी। मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर के सेंट एलॉयसिस हाई स्कूल का है।

परिजनों का आरोप है कि स्कूल में हिंदुओं को भिखारी बताकर बच्चों का ब्रेनवॉश किय जा रहा था। धर्मांतरण की इस साजिश का सूत्रधार स्कूल के प्रिंसिपल वाल्टर डिसिल्वा को बताया गया है। 16 अक्टूबर 2023 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इस घटना को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस को मामले की तहरीर दी गई है, जिसकी जाँच की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला कानपुर के कैंट थाना क्षेत्र का है। पीड़ित सेंट एलॉयसिस हाई स्कूल का 10वीं कक्षा का छात्र है। पीड़ित परिजनों के अनुसार हिन्दू धर्म में आस्था रखने वाला उनके बेटे को घर में पूजा के दौरान बजने वाली घंटियों से भी चिढ़ हो गई थी। करीब एक साल से वो वह देवी-देवताओं का सम्मान करना बंद कर चुका था। जब परिवार वालों ने इसकी वजह पूछी तो उसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।

करीब चार महीने पहले बच्चा घर लौटा तो उसकी शिखा कटी हुई थी। काफी पूछताछ के बाद उसने बताया कि स्कूल की एक महिला टीचर उसे चर्च ले गई थी। उसने शिखा कटवा दी। पीड़ित पिता के अनुसार हाल में उन्होंने बेटे का फोन चेक किया तो पाया कि महिला टीचर आधी रात में उनके बेटे से अश्लील बातें करती थी। शारीरिक संबंध बनाने का दबाव देती थी।

जिन टीचर पर यह आरोप लगा है वो लगभग 37 साल से स्कूल में पढ़ा रही हैं। उनकी उम्र लगभग 60 साल है और वो रिटारयमेंट के करीब हैं। पीड़ित परिजनों ने इस हरकत को अपने बच्चे के खिलाफ प्यार के बहाने धर्मान्तरण की साजिश करार दिया है। इस साजिश में आरोपित टीचर के पति और भाई को भी शामिल बताया है। पीड़ित छात्र के पिता ने पुलिस में से 11 अक्टूबर 2023 को शिकायत की थी। ABVP का आरोप है कि प्रशासन मामले को दबाना चाहता है, जिसके चलते FIR दर्ज करने में देरी की जा रही है।

मामले के सामने आने के बाद स्कूल प्रशासन ने महिला टीचर को सस्पेंड कर दिया है। 16 अक्टूबर को ABVP के प्रांत संगठन मंत्री अंशुल विद्यार्थी के नेतृत्व में स्कूल प्रशासन पर कठोर कार्रवाई की माँग के साथ जुलूस निकला। जुलूस में पीड़ित छात्र के पिता भी शामिल हुए। छात्र के पिता ने स्कूल के प्रिंसिपल को पूरी साजिश का सूत्रधार बताया है।

महापुरुषों के अध्याय पर लगा दिया गया क्रॉस

छात्र के पिता ने बताया कि स्कूल की एक पी व्हाइट मैडम उनके बेटे से कहती हैं कि हिन्दू लोग भीख माँगते हैं। स्कूल में टीका लगाना और कलावा बाँधने पर भी प्रतिबंध होने की बात कही गई। आरोप यह भी है कि पीड़ित छात्र के परिजनों पर इस मामले को रफा-दफा करने का दबाव भी बनाया गया। वहीं ABVP के पदाधिकारी विक्रांत अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि स्कूल के अंदर छात्रों को जो सिलेबस की किताबें पढ़ने को दी जाती हैं उसमें आज़ादी दिलाने वाले महापुरुषों के चैप्टर पर क्रॉस लगा दिया गया है।

कानपुर पुलिस के मुताबिक मामले की जाँच की जा रही है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि जाँच के बाद निकल कर सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गाजा के अस्पताल पर रॉकेट गिरने से 500 की मौत, इस्लामिक जिहाद को इजरायल ने बताया जिम्मेदार: बोले नेतन्याहू- बर्बर आतंकी अपने बच्चों की भी हत्या करते हैं

रॉकेट हमले की चपेट में आने से गाजा के एक अस्पताल में कम से कम 500 लोगों की मौत की खबर है। इजरायल ने गाजा में सक्रिय इस्लामिक जिहाद को इसका जिम्मेदार बताया है। वहीं इस्लामी आतंकी संगठन हमास इसका दोष इजरायल पर मढ़ रहा है।

17 अक्टूबर 2023 को हमले की चपेट में आया अल-अहली अल-अरबी बापटिस्ट हॉस्पिटल मध्य गाजा में स्थित है। इजरायली सुरक्षा बल ने एक्स/ट्विटर पर पोस्ट कर बताया है कि इस हमले का जिम्मेदार इस्लामिक जिहाद है। IDF ने कहा है कि इजरायल को निशाना बनाते हुए कई रॉकेट लॉन्च किए गए थे। इनमें से एक रॉकेट मिसफायर हो गया और उसकी चपेट में एक अस्पताल के आने से सैकड़ों लोगों की मौत हो गई।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि पूरी दुनिया को यह पता होना चाहिए कि गाजा में जो बर्बर हमला हुआ है, उसे आतंकवादियों ने अंजाम दिया है, न कि इजरायली सेना ने। जिन लोगों ने हमारे बच्चों की बर्बर तरीके से हत्या की, वे अपने बच्चों की भी हत्या कर सकते हैं।

मुस्लिम मुल्क और अल जजीरा जैसे मीडिया संस्थान गाजा और हमास के बयानों का हवाला देकर इसके लिए इजरायल को ही जिम्मेदार बता रहे हैं। लेकिन आईडीएफ ने एक्स पर किए एक पोस्ट में समय की जानकारी देते हुए बताया है कि कैसे इजरायल को निशाना बनाकर रॉकेट दागा गया और वह मिसफायर होकर अस्पताल पर गिर गया।

उल्लेखनीय है कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास के आतंकियों ने इजरायल पर अचानक हमला कर सैकड़ों लोगों की हत्या कर दी थी। बड़ी संख्या में इजरायली बंधक भी बनाए गए हैं। उसके बाद से इजरायल गाजा में आतंकी ठिकानों पर बमबारी कर रहा है। इजरायल की सेना ने गाजा की चारों तरफ से घेराबंदी भी कर रखी है।

अस्पताल पर हमला ऐसे वक्त में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन 18 अक्टूबर को इजरायल आ रहे हैं। बायडेन ने कहा है कि वे इस विस्फोट से क्षुब्ध और दुखी हैं। उन्होंने इस संबंध में जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय और इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बात करने की जानकारी दी है। साथ ही बताया है कि अस्पताल पर हमला कैसे हुआ इसकी जानकारी इकट्ठा करने के निर्देश अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम को भी दिया है।

गौरतलब है कि हमास के हमलों में इजरायल के करीब 1400 लोगों की मौत हुई है। 3000 से ज्यादा घायल हैं। इजरायल के जवाबी कार्रवाई में करीब तीन हजार आतंकी मारे गए हैं। इजरायल वार टीम ने एक एक्स पोस्ट के जरिए बताया है कि इजरायल को टारगेट कर हमास के दागे रॉकेट में से 30 से 40% मिसफायर होकर गाजा पट्टी में ही गिरे हैं।

महुआ के सवाल, सरकार के जवाब, एक खास कारोबारी को फायदा… TMC सांसद के हर प्रश्न का पोस्टमॉर्टम पढ़िए यहाँ, जानिए निकाली कौन-कौन सी सूचनाएँ

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने रविवार (15 अक्टूबर) को तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा पर गंभीर आरोप लगाए। अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई की शिकायत के आधार पर दुबे ने आरोप लगाया कि व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी ने लोकसभा में मोइत्रा द्वारा पूछे गए अधिकांश प्रश्नों के लिए नकद और उपहार में भुगतान किया। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से महुआ मोइत्रा पर कार्रवाई की माँग की है।

इस पूरे मामले में ऑपइंडिया ने वकील जय अनंत देहाद्राई द्वारा दायर की गई शिकायत की एक प्रति हासिल की और लिस्ट में शामिल प्रश्नों की जाँच की। इन्हीं प्रश्नों को लेकर वकील जय अनंद देहाद्राई ने महुआ मोइत्रा पर हीरानंदानी ग्रुप को लाभ पहुँचाने का आरोप लगाया है। हम महुआ मोइत्रा द्वारा लोकसभा में पूछे गए सवालों की खास लिस्ट आपके साथ साझा कर रहे हैं और बता रहे हैं कि उनसे किस तरह से हीरानंदानी ग्रुप को फायदा पहुँचा।

जुलाई 2019 में पहला सवाल : पारादीप पोर्ट से जुड़ा सवाल

लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने जुलाई 2019 में संसद में पहला सवाल पारादीप बंदरगाह को लेकर पूछा था। ये बंदरगाह ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले में स्थित है और इसका महुआ मोइत्रा से कोई जुड़ाव नहीं। हाँ, महुआ मोइत्रा के सवाल का सीधा जुड़ाव हीरानंदानी ग्रुप की कंपनी से था, क्योंकि उस कंपनी ने पारादीप प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के लिए बोली जीती थी। महुआ मोइत्रा का सवाल इस लिंक के माध्यम से देख सकते हैं।

महुआ मोइत्रा ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय से गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) द्वारा शुरू में गैस टर्मिनल के लिए पारादीप पोर्ट ट्रस्ट के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने की परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए कहा। बाद में 2015 में इसे छोड़ दिया गया। इसके अलावा, उन्होंने धामरा पोर्ट में हिस्सेदारी हासिल करने के लिए एक निजी संस्था के साथ गेल और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसी) की साझेदारी के बारे में जानकारी माँगी, जो पारादीप पोर्ट परियोजना से काफी महँगी थी।

दूसरा सवाल: नंबर 2019, टेलीकॉम कंपनियों द्वारा दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता के संदर्भ में

नवंबर 2019 में मोइत्रा ने टेलीकॉम कंपनियों की सेवा गुणवत्ता के बारे में एक सवाल पूछा था। इस मामले में हैरान करने वाली बात ये है कि ‘योट्टा’ नाम की हीरानंदानी की कंपनी ने सवाल उठने के एक दिन बाद ही रिलायसं की कंपनी जियो के एक एक्जीक्यूटिव को नौकरी पर रखा था। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने नवंबर 2019 में सरकार से टेलीकॉम कंपनियों की सेवाओं की गुणवत्ता की जानकारी माँगी, खासकर कॉल ड्रॉप दर को लेकर। उन्होंने बीते तीन साल का आँकड़ा माँगा। मंत्रालय ने इस बारे में डाटा भी दिया। सोचिए, ‘योट्टा’ के माध्यम से हीरानंदानी ग्रुप टेलीकॉम सेक्टर पर अपनी नजर जमाए हुई थी।

तीसरा सवाल : नवंबर 2019 में कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की हैंडलिंग कैपेसिटी से जुड़ा सवाल

नवंबर 2019 में मोइत्रा ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की हैंडलिंग कैपेसिटी को लेकर सवाल पूछा था। खास बात ये है कि हीरानंदानी ग्रुप ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के साथ एक समझौता किया था और वो कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट से जुड़ी लाभान्वित पार्टी है। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने अपने सवाल में जहाजरानी मंत्रालय से कार्गो के प्रकार के आधार पर कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट को अर्जित कार्गो की मात्रा और आय से संबंधित जानकारी देने की माँग की। इसके अलावा, उन्होंने हुगली तट के किनारे बंदरगाह विकास को बढ़ावा देने के लिए कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट द्वारा किए गए उपाय और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी माँगी।

इस मामले में जहाजरानी मंत्रालय ने बिंदुवार जवाब दिया और बताया कि कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट ने किस तरह की सुविधाओं का विकास किया है और उसकी कितनी आय है।

सवाल नंबर-4 : भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्पेशल चेक पोस्ट के बारे में

दिसंबर 2019 में तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से भारत-बांग्लादेश सीमा पर चेक पोस्ट के बारे में पूछा। यहाँ ध्यान देने वाली ये है कि हीरानंदानी ग्रुप बांग्लादेश में बड़ा निवेशक है और इन चेक पोस्ट से उसे फायदा पहुँचता। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने चौकियों के साथ ही भारत-बांग्लादेश के बीच व्यापार को बढ़ाने और सामानों की आवाजाही से संबंधित समझौतों के बारे में पूछा। इसके जवाब में सरकार ने बताया कि फरवरी 2016 में पश्चिम बंगाल के पेट्रापोल में एक एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी) बनाई गई।

इसके अलावा सरकार ने दिसंबर 2018 में पाँच और इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट (ICPs) को मंजूरी दी। इन आईसीपी को घोजाडांगा, चांगराबाँधा, फुलबारी, महादीपुर और हिली में स्थापित किया जाना है। बता दें कि जून 2015 में भारत-भूटान-बांग्लादेश और नेपाल ने मोटर वाहन समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

पाँचवाँ सवाल : दिसंबर 2019 में एक निजी संस्था, पारादीप पोर्ट और गेल के बीच समझौते के बारे में

महुआ मोइत्रा ने दिसंबर 2019 में एक निजी संस्था, पारादीप पोर्ट और गेल के बीच समझौते को लेकर सवाल किया था। उन्होंने पूछा था कि क्या इस निविदा प्रक्रिया के लिए सीवीसी दिशा-निर्देशों का पालन किया गया था या नहीं। ये सवाल हिंडनबर्ग रिपोर्ट में उठाए गए हैं।

खास बात ये है कि हीरानंदानी ग्रुप देश के पूर्वी समुद्र तट पर स्थित बंदरगाहों को बांग्लादेश से जोड़ने की कोशिश कर रहा है। कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के साथ वो काम कर ही रहा है, लेकिन इस निजी संस्था (अडानी समूह) की मौजूदगी से हीरानंदानी ग्रुप के कामों में समस्याएँ पैदा हो सकती हैं। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने ये सवाल इसलिए पूछा, क्योंकि उन्हें इस समझौते की रकम के बारे में जानकारी चाहिए थी। ये समझौता 46,500 करोड़ रुपए का था तो लंबी तकनीकी और कॉमर्शियल बातचीत के बाद हुआ था। इस समझौते में सीवीसी के दिशा-निर्देशों के बारे में पूछने का मकसद ये था कि अगर सीवीसी की नजर इस पर नहीं पड़ी है तो फिर उससे सवाल उठाए जा सकें।

उन्होंने निजी कंपनी, गेल और सरकार के मालिकाना हक वाले पारादीप पोर्ट के बीच 2500 करोड़ रुपए के समझौते के बारे में जानकारी हासिल की। मंत्रालय ने जवाब दिया कि हर समझौते में सीवीसी के दिशा-निर्देशों का पालन किया गया है। हालाँकि, गेल के मामले में कोई बाध्यकारी समझौता नहीं हुआ था। इसके बदले में 26 अक्टूबर 2013 को एक एमओयू साइन हुआ था, जो 26 जनवरी 2017 को समाप्त हो गया।

छठाँ सवाल : मार्च 2020 में जलमार्ग पर कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के अधिकार क्षेत्र के संबंध में सवाल

महुआ मोइत्रा ने मार्च 2020 में कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट को लेकर एक और सवाल पूछा था। यहाँ फिर से ध्यान दें कि हीरानंदानी ग्रुप का कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट (KPT) के साथ समझौता है। महुआ मोइत्रा ने इस बार एक बड़े जलमार्ग पर केपीटी के अधिकार क्षेत्र के बारे में जानकारी माँगी। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

उन्होंने सवाल किया कि क्या केपीटी की नीतियाँ और प्रक्रियाएँ हुगली नदी तट के किनारे बंदरगाहों के विकास में बाधा डालती हैं? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या केपीटी के पास बंदरगाहों के भविष्य के विकास के लिए जमीन है और क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने के लिए केपीटी और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण को विकास सुनिश्चित करने के लिए जहाजरानी मंत्रालय क्या कदम उठा रहा है।

इस सवाल के जवाब में मंत्रालय ने बताया कि कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के पास आगे की बंदरगाह गतिविधियों के लिए पर्याप्त जमीन है और यह रणनीतिक रूप से राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर स्थित है। तीन वर्षों में, उन्होंने 1,902.95 करोड़ रुपये की 14 परियोजनाएं आवंटित कीं, जिससे इसकी क्षमता बढ़कर 82.57 एमटीपीए हो गई। 10 साल के अंतराल के बाद इसने 65 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा कमाया।

सातवाँ सवाल: फरवरी 2021 में भारत में 5G की तैयारी के बारे में पूछा

महुआ मोइत्रा ने फरवरी 2021 में देश में 5G की तैयारियों के बारे में सवाल पूछा। ध्यान देने वाली बात ये है कि हीरानंदानी समूह की कंपनी योट्टा ने सैटेलाइट लाइसेंस द्वारा ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशंस के लिए आवेदन किया था। ऐसे में ये सवाल सीधे-सीधे हीरानंदानी ग्रुप को फायदा पहुँचाने वाला था। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने संचार मंत्रालय से भारत की 5जी तैयारी और सेवाओं के राष्ट्रव्यापी रोलआउट के लिए अपेक्षित समयसीमा के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए कहा। इसके अलावा उन्होंने आवश्यक फाइबर नेटवर्क की उपलब्धता और ग्रामीण क्षेत्रों सहित 5जी सेवाओं के रोलआउट के लिए देशव्यापी फाइबर ऑप्टिक्स नेटवर्क स्थापित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी माँगी।

इस सवाल के जवाब में मंत्रालय ने बताया कि देश में मौजूदा ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क का उपयोग करते हुए 5जी सेवाओं को धीरे-धीरे शुरू करने की योजना बनाई गई थी। दूरसंचार सेवा प्रदाता और अवसंरचना प्रदाता श्रेणी-I अपनी व्यावसायिक रणनीतियों के आधार पर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने और नीलामी के माध्यम से स्पेक्ट्रम प्राप्त करने के लिए जिम्मेदार थे। सरकार ने इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के लिए भारतनेट प्रोजेक्ट भी लागू किया।

आठवाँ सवाल: फरवरी 2021 में ही प्रस्तावित ऊर्जा कोड के विवरण के बारे में जानकारी माँगी

महुआ मोइत्रा ने फरवरी 2021 में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से प्रस्तावित ऊर्जा कोड के बारे में पूछा, जिसका सीधा असर हीरानंदानी समूह के निर्माण व्यवसाय पर पड़ा। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने अपने सवाल में मंत्रालय से बिल्डिंग एनर्जी कोड लागू करने सहित इंडिया कूलिंग एक्शन प्लान के उद्देश्यों के बारे में पूछा। नए मानकों की लागत, प्रभाव और समयसीमा पर विवरण माँगा गया था।

मंत्रालय ने बताया कि इंडिया कूलिंग एक्शन प्लान (आईसीएपी) का लक्ष्य 20 वर्षों में बेहतर तकनीक, रेफ्रिजरेंट ट्रांजिशन और ऊर्जा दक्षता के माध्यम से कूलिंग माँग को कम करना है। आईसीएपी ने वाणिज्यिक भवनों में प्रासंगिक ईसीबीसी प्रावधानों को एकीकृत करने और थर्मल आराम के लिए आवास परियोजनाओं में ईसीबीसी-आर को बढ़ावा देने की सिफारिश की। दिसंबर 2020 तक 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने ईसीबीसी को उपनियमों में शामिल किया और 2037-38 तक 150 अरब यूनिट बचाने की उम्मीद थी।

नौवाँ सवाल : जुलाई 2021 में एफपीआई निवेश के बारे में सवाल

लोकसभा में महुआ मोइत्रा ने जुलाई 2021 में वित्त मंत्रालय से अडानी समूह की कंपनियों में हिस्सेदारी रखने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के बारे में पूछा। खास बात ये है कि इसी के बाद अडानी समूह के खिलाफ सेबी (SEBI) ने जाँच शुरू की। आरोप हैं कि ये सवाल पूछने के लिए खास निर्देश सीधे हीरानंदानी से मिले थे। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

इस सवाल के जवाब में मंत्रालय ने बताया कि 30 जून 2021 तक अडानी समूह की छह कंपनियों का भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर कारोबार हुआ। इन कंपनियों में एफपीआई की हिस्सेदारी दैनिक उतार-चढ़ाव के अधीन थी। सेबी नियमों के अनुपालन के लिए अडानी समूह की कुछ कंपनियों की जाँच कर रही थी, जबकि डीआरआई समूह से जुड़ी विशिष्ट संस्थाओं की जाँच कर रही थी। आयकर अधिनियम के तहत कोई जाँच रिपोर्ट नहीं की गई और ईडी कोई जाँच नहीं कर रहा था।

सेबी ने जून 2016 में एक आदेश जारी कर डिपॉजिटरी को जीडीआर जारी करने के संबंध में अल्बुला इन्वेस्टमेंट फंड लिमिटेड, क्रेस्टा फंड लिमिटेड और एपीएमएस इन्वेस्टमेंट फंड लिमिटेड सहित कुछ एफपीआई के विशिष्ट लाभार्थी खातों को फ्रीज करने का निर्देश दिया। इन तीन एफपीआई के अन्य लाभार्थी खातों के लिए ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया था।

दसवाँ सवाल : जुलाई 2021 में भारतीय सौर ऊर्जा निगम के टेंडर के बारे में माँगी जानकारी

महुआ मोइत्रा ने जुलाई 2021 में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री से सौर ऊर्जा निगम के टेंडरों के बारे में पूछा। यह आरोप लगाया गया है कि इस प्रश्न का उद्देश्य 2020 में नवीकरणीय ऊर्जा के माध्यम से डेटा केंद्रों को बिजली देने के लिए हीरानंदानी समूह की कंपनी “योट्टा” को लाभ पहुँचाना था। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने भारतीय सौर ऊर्जा निगम (एसईसीआई) द्वारा राउंड-द-क्लॉक (आरटीसी) हरित ऊर्जा के लिए निविदाएँ जारी करने के बारे में जानकारी माँगी, जो स्पष्ट रूप से प्राकृतिक गैस-संयुक्त नवीकरणीय ऊर्जा के विपरीत कोयला-संयुक्त नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित है।

इसके अलावा, उन्होंने इस प्राथमिकता के विवरण और कारण भी पूछे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने हरित ऊर्जा पर विशेष ध्यान देने के साथ व्यापक हरित परिवर्तन रणनीति के लिए सरकार की योजनाओं के बारे में पूछा और संबंधित विवरण प्रदान करने को कहा।

ग्यारहवाँ सवाल : जुलाई 2021 में स्टील की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में सवाल

महुआ मोइत्रा ने जुलाई 2021 में इस्पात मंत्रालय से देश में स्टील की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में पूछा था। ध्यान देने वाली बात ये है कि हीरानंदानी का रियल एस्टेट व्यवसाय स्टील की कम कीमत का सीधा लाभार्थी था। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा मंत्रालय से स्टील की कीमतें कम करने और इसे और अधिक किफायती बनाने के लिए सरकार के कार्यों की रूपरेखा के बारे में पूछा। उन्होंने कच्चे माल की कीमतें कम करने, निर्यात को हतोत्साहित करने और घरेलू उपयोग को प्रोत्साहित करने के उपायों के बारे में भी पूछा। अंत में, उन्होंने स्टील आयात पर संभावित टैरिफ कटौती के बारे में पूछताछ की।

बारहवाँ सवाल : अगस्त 2021 में देश के शहरों में गैस डिस्ट्रिब्यूशन से जुड़ा सवाल

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने अगस्त 2021 में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय से शहरों की संख्या और गैस डिस्ट्रीब्यूशन कवरेज के बारे में सवाल पूछा। गैस डिस्ट्रीब्यूशन के क्षेत्र में हीरानंदानी ग्रुप काम करता है। उसने कई शहरों में हाउसिंग सोसायटी भी विकसित की है। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने मंत्रालय से प्राकृतिक गैस की माँग के संबंध में जानकारी माँगी। विशेष रूप से पीएनजी के घरेलू कनेक्शन और सीएनजी स्टेशनों के सिटी गैस वितरण-बोली-5, 6, 7, 8, और 9 के बारे में विवरण। इसके साथ ही उन्होंने जुर्माना लगाने की प्रक्रिया और एक जैसा टैरिफ लगाने के साथ ही गैस की कीमतों को एक सीमा के अंदर रखे जाने को लेकर सवाल पूछा।

तेरहवाँ सवाल : अगस्त 2021 में पश्चिम बंगाल से बांग्लादेश तक आईओसी, गेल और एच-एनर्जी द्वारा गैस पाइपलाइन के बारे में जानकारी माँगी

महुआ मोइत्रा ने अगस्त 2021 में विदेश मंत्रालय से पश्चिम बंगाल से बांग्लादेश तक आईओसी, गेल और एच-एनर्जी गैस पाइपलाइनों पर जानकारी माँगी। हीरानंदानी समूह की कंपनी एच-एनर्जी इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी इच्छुक थी। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

चौदहवाँ सवाल : अगस्त 2021 में हवाई अड्डों के संचालन के संबंध में सवाल

महुआ मोइत्रा ने अगस्त 2021 में नागरिक उड्डयन मंत्रालय से अडानी समूह को हैंडओवर किए गए हवाई अड्डों के बारे में पूछा। ये सवाल न सिर्फ अडानी ग्रुप पर सीधा हमला था, बल्कि इसका फायदा हीरानंदानी ग्रुप उठाना चाहता था। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने पीपीपी मॉडल के तहत एएआई से अडानी समूह को छह हवाई अड्डों के हस्तांतरण के बारे में जानकारी माँगी। मंत्रालय ने जवाब दिया कि एयरपोर्ट ऑथिरिटी ऑफ इंडिया ने पीपीपी मॉडल के तहत भारत में छह हवाई अड्डों के मैनेजमेंट-संचालन के लिए अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड को 50 साल का पट्टा दिया है। उस कंपनी को ब्लैकलिस्टिंग करने जैसी कोई योजना नहीं है। इस समझौते से एयरपोर्ट अथॉरिटी को कोई नुकसान नहीं हुआ।

पंद्रहवाँ सवाल : फरवरी 2022 में कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट में RoRo नौकाओं और जहाजों के फँसने के बारे में जानकारी माँगी

महुआ मोइत्रा ने फरवरी 2022 में बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री से RoRo नौकाओं और जहाजों के पश्चिम बंगाल और देश के अन्य क्षेत्रों में फँसने के बारे में पूछा। यहाँ ये बताना जरूरी है कि खुद हीरानंदानी ग्रुप इस काम से जुड़ा हुआ है और उसका कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के साथ एक समझौता है। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने मंत्रालय से पश्चिम बंगाल और भारत के अन्य हिस्सों में RoRo नौकाओं और नौकाओं के फँसने के बारे में पूछा। इसके अलावा इस समस्या से संबंधित कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा उठाए गए उपायों और रास्ते में गाद की रिपोर्ट की जानकारी माँगी। इसके जवाब में मंत्रालय ने कहा कि किसी भी जहाज के फँसने की कोई घटना नहीं हुई है, बल्कि परिवहन कार्य सुगमता से चले हैं।

सोलहवाँ सवाल : फरवरी 2022 में ई-स्पोर्ट्स के विकास से जुड़ा सवाल

महुआ मोइत्रा ने 8 फरवरी 2022 को युवा मामले और खेल मंत्री से भारत में ई-स्पोर्ट्स के विकास के बारे में सवाल पूछा। बता दें कि हीरानंदानी समूह कथित तौर पर इसका प्रत्यक्ष लाभार्थी था, क्योंकि उसका ‘तेज प्लेटफॉर्म’ ई-स्पोर्ट्स में डील करता है। इसके बाद हीरानंदानी ग्रुप ने करीब 14 फरवरी 2022 को 1,000 करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा की थी। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने मंत्रालय से भारत को दुनिया का 16वाँ सबसे बड़ा ई-स्पोर्ट्स बाजार बताने वाली रिपोर्टों पर सरकार की प्रतिक्रिया के बारे में पूछा। उन्होंने 2022 एशियाई खेलों में ई-स्पोर्ट्स को शामिल करने, राष्ट्रीय नियमों के लिए ई-स्पोर्ट्स योजनाओं पर सरकार के रुख, एशियाई खेलों में प्रतिभागियों के लिए समर्थन और भारत में ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के विवरण के बारे में जानकारी ली।

मंत्रालय ने जवाब दिया कि नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन किसी भी खेल को बढ़ावा देने और विकसित करने के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है। मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए मान्यता प्राप्त एनएसएफ को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। इसके अलावा, मंत्रालय ने कहा कि ई-स्पोर्ट्स एक मान्यता प्राप्त प्रतिस्पर्धी खेल है और यह भारत के राष्ट्रीय खेल विकास संहिता, 2011 के तहत विनियमित है।

सत्रहवाँ सवाल : फरवरी 2022 में डीजल वाहनों को सड़कों से हटाने और इलेक्ट्रिक-एलएनजी वाहनों को लाने के संदर्भ में रोडमैप बनाने से जुड़ा सवाल

महुआ मोइत्रा ने फरवरी 2022 में मोइत्रा ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक एलएनजी द्वारा चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए रोडमैप के बारे में पूछा। इससे भी दर्शन हीरानंदानी को फायदा मिला, क्योंकि वो अपने एलएनजी व्यवसाय का विस्तार करना चाहते थे। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

मोइत्रा ने मंत्रालय से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक, एलएनजी, बायोगैस, हाइड्रोजन आदि जैसे वैकल्पिक साधनों में स्थानांतरित करने के लिए एक रोडमैप बनाने की सरकार की योजना के बारे में पूछा। उन्होंने इस योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए भी अनुरोध किया।

इसके जवाब में मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने परिवहन में वैकल्पिक ईंधन प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के लिए अधिसूचनाएँ जारी की हैं। इसमें वाहनों में हाइब्रिड सिस्टम को फिर से लगाना, कृषि और निर्माण उपकरणों के लिए उत्सर्जन मानदंड और ईंधन के रूप में हाइड्रोजन को बढ़ावा देना शामिल है।

अठारहवाँ सवाल : मार्च 2022 में गेल को अनबंडल (अलग-अलग हिस्सों में बाँटना) के बारे में सवाल

महुआ मोइत्रा ने मार्च 2022 में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री से गेल की अनबंडलिंग के बारे में पूछा। दिलचस्प बात यह है कि दर्शन हीरानंदानी ने ऑन रिकॉर्ड कहा था कि गेल को अलग करना बहुत जरूरी है। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

उन्नीसवाँ सवाल : मार्च 2022 में केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के बारे में

महुआ मोइत्रा ने मार्च 2022 में वित्त मंत्रालय से केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग पर जानकारी माँगी थी। दिलचस्प बात यह है कि यह सवाल उस समय पूछा गया था, जब हीरानंदानी समूह पर इनकम टैक्स विभाग के छापे पड़े थे। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

मोइत्रा ने मंत्रालय से पीएमएलए के उपयोग के संबंध में ईडी को सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी के बारे में पूछा। उन्होंने पीएमएलए में बदलाव, ईडी के जब्ती प्रावधान के नियम और उन निर्दोष व्यक्तियों के मुआवजे पर सरकार के रुख के बारे में भी पूछताछ की, जिनकी संपत्ति ईडी द्वारा जब्त की गई थी।

इस सवाल के जवाब में मंत्रालय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पीएमएलए पर ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच के लिए दिशा-निर्देश बनाए हैं। यदि संपत्ति मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल नहीं थी तो इसे सही मालिक को वापस दे दिया जाता है।

बीसवाँ सवाल : मार्च 2023 में अडानी द्वारा संचालित गंगावरम बंदरगाह के बारे में सवाल

महुआ मोइत्रा ने मार्च 2023 में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय से अडानी द्वारा संचालित गंगावरम बंदरगाह के बारे में पूछा। दिलचस्प बात यह है कि हीरानंदानी समूह इस मामले में खुद के एक पक्ष था। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने मंत्रालय से गंगावरम बंदरगाह पर आईओसीएल (IOCL) और एपीएसईजेड (APSEZ) के बीच एमओयू के बारे में पूछा। साथ ही उन्होंने भुगतान के बारे में जानकारी माँगी। इस सवाल के जवाब में मंत्रालय ने कहा कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने गंगावरम पोर्ट लिमिटेड (GPL) और अडानी गंगावरम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक गैर-बाध्यकारी टर्म शीट पर हस्ताक्षर किए हैं।

मंत्रालय ने बताया कि टर्म शीट को आईओसीएल के चेयरमैन ने मंजूरी दी थी, बोर्ड ने नहीं। जीपीएल के साथ कोई लेनदेन नहीं हुआ है, क्योंकि टर्मिनल अभी तक चालू नहीं हुआ है और कोई आयात नहीं हुआ है। मंत्रालय ने कहा कि कोई निश्चित समझौता नहीं हुआ था और विजग बंदरगाह से गंगावरम बंदरगाह पर कारोबार स्थानांतरित करने का अंतिम निर्णय कई अन्य वजहों पर निर्भर था।

इक्कीसवाँ सवाल : अडानी द्वारा संचालित धामरा पोर्ट के बारे में सवाल

महुआ मोइत्रा ने मार्च 2023 में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री से अडानी द्वारा संचालित धामरा पोर्ट के बारे में पूछा। गौरतलब है कि हीरानंदानी समूह के पास हल्दिया पोर्ट का स्वामित्व है और वह इसका विस्तार करना चाहता है। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा द्वारा लोकसभा में पूछे गए सवाल करीब-करीब वैसे ही हैं, जैसा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई ने दावा किया है। अब इन सारे आरोपों पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को फैसला लेना है।

मूल रूप से यह रिपोर्ट अंग्रेजी में लिखी गई है, जिसका श्रवण शुक्ला ने हिंदी में अनुवाद किया। मूल लेख को पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।

हाईकोर्ट पहुँचीं महुआ मोइत्रा, भाजपा सांसद, अधिवक्ता और मीडिया के खिलाफ दर्ज कराया मानहानि का मुकदमा: मीडिया को धमकाया था – मेरे खिलाफ कंटेंट हटाओ, वरना…

तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने मंगलवार (17 अक्टूबर, 2023) को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे, वकील जय अनंत देहाद्राई और कई मीडिया संगठनों के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में मानहानि का मुकदमा दायर किया। सांसद निशिकांत दुबे ने वकील जय अनंत देहाद्राई की चिट्ठी के आधार पर गंभीर आरोप लगाए, जिसे मीडिया हाउसों ने खबर के तौर पर छापा। महुआ मोइत्रा पर आरोप हैं कि उन्होंने लोकसभा में सवाल पूछने के लिए रिश्वत ली थी और अपने कामों से हीरानंदानी ग्रुप को फायदा पहुँचाया।

‘बार एंड बेंच’ की खबर के मुताबिक, इस मामले में शुक्रवार (20 अक्टूबर, 2023) को न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की कोर्ट में सुनवाई हो सकती है। निशिकांत दुबे ने रविवार (17 अक्टूबर, 2023) को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि मोइत्रा ने नकदी और उपहारों के बदले बिजनेस टाइकून दर्शन हीरानंदानी की ओर से संसद में सवाल पूछे थे। दावा किया गया कि इनमें से कुछ सवाल अडानी समूह से संबंधित थे जो हीरानंदानी का प्रतिस्पर्धी है।

इस मामले में उनके खिलाफ शिकायत को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से संसद के आचार समिति के पास भेज दिया है। महुआ मोइत्रा ने अपनी नोटिस में सभी मीडिया संस्थानों को उनके खिलाफ कंटेंट हटाने के लिए भी कहा था और 24 घंटे में ऐसा न करने पर कार्रवाई की धमकी दी थी।

कानूनी नोटिस भेजने के बाद दर्ज कराया केस

इस मामले में महुआ मोइत्रा ने पहले निशिकांत दुबे, देहाद्राई और कई मीडिया संगठनों को कानूनी नोटिस भेजा था। टीएमसी सांसद ने सभी आरोपों से इनकार किया और कहा कि आरोप झूठे हैं और राजनीतिक लाभ लेने और उनके खिलाफ व्यक्तिगत बदला लेने के लिए लगाए गए हैं।

महुआ मोइत्रा द्वारा भेजे गए नोटिस की कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है। पनाग और बाबू लॉ ऑफिस के माध्यम से दायर अपने कानूनी नोटिस में, मोइत्रा ने इन सभी आरोपों का जोरदार खंडन किया है। उन्होंने दुबे की शिकायत पर कई ट्वीट और समाचार रिपोर्टों का उल्लेख करते हुए कहा, “नोटिस नंबर 3 से 21 (मीडिया घरानों) द्वारा किए जा रहे ऐसे ट्वीट्स, वीडियो और समाचार रिपोर्टों में हमारे क्लाइंट्स पर लगाए गए मानहानिकारक आरोप शामिल हैं और प्रचारित किए जाते हैं, जो प्रथम दृष्टया झूठे, गलत हैं और राजनीतिक लाभ उठाने और व्यक्तिगत बदला लेने के लिए बनाए गए हैं। इसमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।”

मोइत्रा ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न मुद्दों पर मतभेद के कारण उनका दुबे से टकराव होता रहा है। उनका दावा है कि मार्च 2023 में, उन्होंने दुबे की शैक्षिक योग्यता और उनके चुनाव नामांकन पत्रों में किए गए खुलासों की प्रामाणिकता पर सवाल उठाकर उन्हें ‘परेशान’ कर दिया था।

महुआ पर लगे हैं गंभीर आरोप

बता दें कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे पत्र में सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई का हवाला दिया है। अपने पत्र में भाजपा सांसद ने टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा पर लोकसभा में सवाल पूछने के नाम पर घूस लेने का आरोप लगाया है। उसे सदन की अवमानना करार देते हुए उन्होंने लिखा कि इसकी तत्काल जाँच कर कार्रवाई की जाए।

‘संसद में सवाल पूछने के लिए लिए पैसे’

निशिकांत दुबे ने अपने पत्र में लिखा है, “मुझे जय अनंत देहाद्राई, अधिवक्ता का एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें उन्होंने महुआ मोइत्रा पर सवाल के बदले रिश्वत लेने का आरोप लगाया है।” बीजेपी सांसद ने पत्र में लिखा है कि एक प्रसिद्ध बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी के बिजनेस हितों को ध्यान में रखते हुए सवाल पूछे गए। निशिकांत दुबे ने पत्र में लिखा कि महुआ मोइत्रा के हालिया 61 सवालों में से 50 सवाल ऐसे हैं, जो दर्शन हीरानंदानी और उनकी कंपनी के व्यावसायिक हितों की रक्षा करने या उन्हें फायदा पहुँचाने के लिए पूछे गए।

‘मुस्लिमों को दुनिया में कोई नहीं रोक पाएगा’: इजरायल-हमास युद्ध में ईरान की एंट्री, अमेरिका के 2000 सैनिकों ने किया कूच

इजरायल की सेना जहाँ गाज़ा में घुस कर हमास का सफाया करने के लिए तैयार है, वहीं अब इस युद्ध में अमेरिका की भी एंट्री हुई है। अमेरिका ने 2000 सैनिकों को तैयार रहने का निर्देश दिया है। उधर ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनई ने कहा है कि कोई भी मुस्लिमों का सामना नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि अगर इजरायल गाज़ा में कार्रवाई जारी रखता है तो फिर दुनिया भर के मुस्लिमों को रोकने वाला कोई नहीं होगा। ईरान और अमेरिका की एंट्री से दुनिया पर एक नए महायुद्ध का ख़तरा मँडरा रहा है।

बता दें कि 1979 की क्रांति के बाद से ही ईरान लगातार फिलिस्तीन का समर्थन करता रहा है। आयतुल्लाह ख़ामेनई की सरकार भी फिलिस्तीन को न सिर्फ मदद देती है, बल्कि आतंकी संगठन हमास को सैन्य समर्थन भी देती है। उन्होंने इजरायल के लोगों को अपराधी बताते हुए उन्हें सज़ा देने की बात की। वहीं ईरान के विदेश मंत्री हुसैन आमिर-अब्दुल्लाहियान ने ‘रेजिस्टेंस फ्रंट’ द्वारा मुकाबले की बात कही है। इसमें लेबनान का हिज्बुल्ला भी शामिल है तो लगातार इजरायल पर हमले कर रहा है।

इससे आशंका है कि ये युद्ध कई मोर्चों पर जा सकता है। हिज्बुल्ला के पास ऐसे-ऐसे मिसाइल हैं और ऐसी तकनीक है कि वो इजरायल के काफी भीतर तक वार कर सकता है। इस ‘रेसिस्टेंस फ़ोर्स’ में सीरिया और इराक के भी कई हथियारबंद संगठन शामिल हैं। अमेरिका ने ईरान को कई बार चेताया है। चिंताएँ हैं कि अगर गाज़ा में इजरायल घुसता है तो कई आतंकी संगठन इस युद्ध में घुस सकते हैं। वहीं UN बार-बार इजरायल पर युद्ध रोकने का दबाव बना रहा है, लेकिन 1400 लोगों की हत्याओं के बाद भड़के इजरायल का स्पष्ट कहना है कि वो हमास को खत्म कर देगा।

वहीं अमेरिका ने 2000 सैनिकों को तैयार रखा है, जिन्हें कभी भी मध्य-पूर्व में तैनात किया जा सकता है। अमेरिका की मैरीन रैपिड रिस्पॉन्स फ़ोर्स भी इजरायल की सीमा के आसपास मँडरा रही है। लेबनान को सन्देश देने के लिए एक ‘अवरोध’ के रूप में इन 2000 फौजियों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। मेडिकल और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट के लिए भी इनका इस्तेमाल किया जाएगा। हालाँकि, अमेरिका का कहना है कि ग्राउंड फाइट से वो दूरी बनाए रखेगा।

अल्लू अर्जुन सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, आलिया-कृति बेस्ट एक्ट्रेस: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नेशनल अवॉर्ड के विजेताओं को किया सम्मानित, पंकज त्रिपाठी ‘बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर’

‘राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार’ की घोषणा के एक माह बाद मंगलवार (17 अक्टूबर, 2023) को दिल्ली में सभी विजेताओं का सम्मान किया गया। दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी विजेताओं को सम्मानित किया। इस साल सम्मान पाने वालों में अल्लू अर्जुन का खास जिक्र हो रहा है, जिन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। तेलुगु फिल्मों से ये पुरस्कार पाने वाले वो पहले अभिनेता हैं। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वहीदा रहमान को दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया।

आलिया-कृति का रहा जलवा

बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट को उनकी फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया, तो कृति सेनन को ‘मिमी’ फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पंकज त्रिपाठी को मिमी फिल्म में अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का सम्मान दिया गया। पल्लवी जोशी को ‘द कश्मीर फाइल्स’ के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का पुरस्कार मिला।

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के दौरान नरगिस दत्त अवॉर्ड भी ‘द कश्मीर फाइल्स’ को मिला, वहीं सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के लिए रॉकेट्री-द नंबी इफेक्ट के लिए आर माधवन को सम्मानित किया गया।

अल्लू अर्जुन पहले साउथ एक्टर

तेलुगु एक्टर अल्लू अर्जुन को उनकी फिल्म ‘पुष्पा-द राइज’ में अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। इसके अलावा गंगूबाई काठियावाड़ी और आरआरआर फिल्म को कई पुरस्कार मिले। स्पेशल जूरी अवॉर्ड शेरशाह को मिला, जिसे लेने के लिए खुद करन जौहर भी मौजूद रहे।

वहीदा रहमान को दादा साहेब फाल्के सम्मान

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के आयोजन के दौरान वहीदा रहमान को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्हें सिनेमा में योगदान के लिए इस सबसे बड़े सम्मान से नवाजा गया। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “वहीदा रहमान जी को ‘दादा साहब फाल्के पुरस्कार’ से सम्मानित करके मुझे बहुत प्रसन्नता हुई है। उन्होंने अपनी कला और व्यक्तित्व से फिल्म जगत के शिखर पर अपना स्थान बनाया है। अपने निजी जीवन में भी उन्होंने गरिमा, आत्म-विश्वास और मौलिकता से युक्त महिला के रूप में अपनी पहचान बनाई है।”

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा, “सभी देशवासियों ने आजादी का अमृत महोत्सव मनाया है तथा स्वाधीनता संग्राम में बलिदान देने वाले पूर्वजों का सादर स्मरण किया है। जलियांवाला बाग का नरसंहार और उसके बाद की घटनाएं हमारी सामूहिक चेतना का अभिन्न अंग हैं। आज पुरस्कृत ‘सरदार उधम’ नामक फिल्म के द्वारा जलियाँवाला बाग से जुड़ी स्वाधीनता संग्राम की एक महत्वपूर्ण धारा से दर्शकों का परिचय होता है।” नीचे हम राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के विजेताओं की लिस्ट दे रहे हैं।

इन्हें मिले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार

बेस्ट मिशिंग फिल्म- बूम्बा राइड

बेस्ट असमी फिल्म- अनुर

बेस्ट एक्शन डायरेक्शन अवॉर्ड- आरआरआर

बेस्ट कोरियोग्राफी- आरआरआर

बेस्ट स्पेशल इफेक्ट-आरआरआर

स्पेशल जूरी अवॉर्ड- शेरशाह

बेस्ट लिरिक्स- कोंडा पोलम

बंगाली फिल्म- kalkokkho- House Of Time

बेस्ट हिंदी फिल्म- सरदार उधम

बेस्ट गुजराती फिल्म- लास्ट फिल्म शो

बेस्ट कन्नड़ फिल्म- 777 चार्ली

बेस्ट मैथिली फिल्म- समानांतर

बेस्ट मराठी फिल्म- एकदा काय जाला

बेस्ट मलयालम फिल्म- होम

बेस्ट मितेलियन फिल्म- eikhoigi yum

बेस्ट उड़िया फिल्म- प्रतीक्षा

बेस्ट तमिल फिल्म- kadaisi vivasayi

बेस्ट तेलगु फिल्म- uppena

बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन- पुष्पा द राइज

बेस्ट मेकअप आर्टिस्ट- गंगूबाई काठियावाड़ी (प्रीतिशील सिंह डिसूजा)

बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइनर- सरदार उधम (वीरा कपूर)

बेस्ट एडिटिंग- गंगूबाई काठियावाड़ी (संजय लीला भंसाली)

बेस्ट स्कीनप्ले-गंगूबाई काठियावाड़ी

बेस्ट डायलॉग राइटर- गंगूबाई काठियावाड़ी

बेस्ट सिनमैटोग्राफी- सरदार उधम

बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर- श्रेया घोषाल

बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर- काल भैरव

बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट- छेल्लो शो

बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर- पकंज त्रिपाठी (मिमी)

बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस-पल्लवी जोशी (द कश्मीर फाइल्स)

बेस्ट एक्ट्रेस- आलिया भट्ट (गंगूबाई काठियावाड़ी), कृति सेनन (मिमी)

बेस्ट एक्टर- अल्लू अर्जुन (पुष्पा द राइज)

बेस्ट डायरेक्शन- गोदावरी

बेस्ट हिंदी फिल्म- सरदार उधम (विक्की कौशल)

बेस्ट फीचर फिल्म – रॉकेट्री द नंबी इफेक्ट (आर माधवन)

हिन्दू लड़की को ले जाकर करवाने लगा धर्मान्तरण, साजिद गिरफ्तार: आगरा में नाबालिग दलित लड़की को बीवी बताने वाला साहिल हिरासत में

उत्तर प्रदेश के दो अलग-अलग जिलों से लव जिहाद के मामले सामने आए हैं। पहला मामला फ़िरोज़ाबाद का है, जहाँ साजिद कुरैशी पर एक तलाकशुदा महिला के धर्मान्तरण की साजिश का आरोप है। पुलिस ने साजिद को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। वहीं, दूसरा मामला आगरा का है। यहाँ पंजाब की एक नाबालिग किशोरी को साहिल नाम के युवक के साथ पकड़ा गया है। दोनों को पंजाब पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

पहला मामला फ़िरोज़ाबाद के थाना क्षेत्र सिरसागंज का है। यहाँ एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में महिला ने बताया कि उसकी बेटी की शादी 5 साल पहले हुई थी, लेकिन लगभग एक साल पहले किसी कारण से तलाक हो गया था। तलाक के बाद उसकी बेटी मायके में रह रही थी। 23 सितंबर 2023 को उसकी बेटी सिरसागंज के रहने वाले साजिद कुरैशी के साथ चली गई। कुछ दिनों बाद साजिद ने कॉल करके बेटी के साथ निकाह करने की जानकारी दी।

शिकायत में पीड़िता ने आगे बताया है कि साजिद कुरैशी ने फोन पर उसकी बेटी का धर्म परिवर्तन कराने की भी बात कही। इसी के साथ उसने महिला और उसके परिवार को हर हाल में निकाह में शामिल होने का दबाव बनाया था। ऐसा न करने पर साजिद ने अंजाम भुगतने की धमकी दी। उसने झूठे केस में फँसाने और जान से मारने की बात कही। पीड़ित माँ ने साजिद कुरैशी पर खुद को बदनाम करने का भी आरोप लगाया।

पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद साजिद कुरैशी पर IPC की धारा 507 के साथ-साथ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म सम्परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 की धारा 3/5(1) के तहत FIR दर्ज कर लिया है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। आरोपित साजिद को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पंजाब की नाबालिग आगरा में बरामद

लव जिहाद का एक अन्य मामला आगरा से सामने आया है। यहाँ के थाना क्षेत्र एत्माद्दौला में बजरंग दल के सदस्यों ने साहिल नाम के मुस्लिम युवक पर एक नाबालिग किशोरी को साथ रखने का आरोप लगाया। किशोरी दलित समुदाय से थी। हिन्दू संगठनों के सदस्य साहिल के घर पहुँचे तो उसने नाबालिग को अपनी बीवी और दिल्ली की रहने वाली बताया।

वहीं, दुर्गा वाहिनी की महिला सदस्यों को पीड़िता ने खुद के पंजाब की निवासी होने और वहाँ पर गुमशुदगी का केस दर्ज होने की जानकारी दी। अपनी पोल खुलते देखकर साहिल भागने लगा, जिसे बजरंग दल वालों ने दौड़ा कर पकड़ लिया। साहिल और लड़की को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया। इसके साथ ही हिंदू संगठनों ने साहिल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है, जिसकी कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है।

दुर्गा वाहिनी की एक पदाधिकारी ने बताया कि साहिल पिछले 4 माह से लड़की को अपने साथ रखे हुए था। वह हर 15 दिनों में अपना जगह बदल रहा था। जानकारी के मुताबिक, स्थानीय पुलिस ने इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए पंजाब पुलिस से सम्पर्क साधा है। लड़की के परिजनों को भी सूचना दे दी गई है।

वेस्टर्न कपड़े, स्टाइलिश लुक, सुपर बाइक और पीठ पर Zomato का बैग… इस ‘डिलीवरी गर्ल’ को देख थमीं लोगों की साँसें, CEO को जारी करना पड़ा बयान

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वेस्टर्न कपड़े पहनी हुई एक स्टाइलिश युवती को लक्जरी बाइक चलाते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में युवती ने शॉर्ट्स पहन रखे हैं। लेकिन, खास बात ये है कि उसने बाइक पर पीछे पीठ पर उसने फ़ूड डिलीवरी कंपनी Zomato का बैग रखा हुआ है। उसे देख कर सोशल मीडिया में ये चर्चा चलने लगी कि आखिर जोमैटो ने इतनी सुन्दर डिलीवरी गर्ल को क्यों हायर किया, वो भी इस लुक में और महँगी बाइक के साथ।

Zomato का बैग, बाइक चलाती लड़की का वीडियो

राजीव मेहता नाम के ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) यूजर ने इस वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा, “ये आईडिया Zomato के इंदौर मार्केटिंग हेड का है। उन्होंने एक मॉडल को हायर किया, ताकि वो जोमैटो के खाली बैग लेकर घूमती रहे। सुबह और शाम एक-एक घंटे उसे बाइक पर इसी तरह घूमने के लिए कहा गया है। Zomato कमाल कर रहा है।” वीडियो में देखा जा सकता है कि रास्ते से आने-जाने वाले लोगों की नज़रें उस युवती पर ठहर जा रही हैं और लोग उसे देख रहे हैं।

यहाँ तक कि वीडियो में उक्त युवती Zomato की लाल रंग की टीशर्ट भी पहन रखी है। उसने काले रंग के गॉगल को अपने बालों पर चढ़ा कर रखा हुआ है। जिस सुपरबाइक को वो चला रही है, उसमें कोई नंबर भी अंकित नहीं है। एक ट्रैफिक पॉइंट पर रुकने के दौरान कुछ लोग उससे बातें करते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। ये लड़की कौन है और क्या करती है, इस सबंध में कोई जानकारी नहीं आई है। लेकिन, सोशल मीडिया में इसे एक मॉडल बताया गया।

Zomato के संस्थापक ने वीडियो पर दी सफाई

सोशल मीडिया में लोगों ने इसे मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित विजय नगर का वीडियो बताया। वीडियो में लिखा है, “Zomato से खाना बुलवाना पड़ेगा अब।” लोग पूछने लगे कि जोमैटो ने इतनी सेक्सी लड़की को क्यों हायर किया है? हालाँकि, इन अटकलों पर कंपनी के संरथापक एवं CEO दीपिंदर गोयल का भी बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने नकार दिया कि इस वीडियो से उनका या उनकी कंपनी का कोई लेना-देना है। यानी, इस लड़की को Zomato ने नहीं हायर किया था।

दीपिंदर गोयल ने वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “हमारा इस वीडियो से कोई लेना-देना नहीं है। हम बिना हेलमेट के बाइक चलाने को बढ़ावा नहीं देते। साथ ही, हमारे पास ‘इंदौर मार्केटिंग हेड’ जैसा कोई पद नहीं है। ऐसा लग रहा है जैसे कोई हमारे ब्रांड का नाम लेकर ‘फ्री राइडिंग’ कर रहा है। हालाँकि, महिलाओं द्वारा भोजन डिलीवर किए जाने में कुछ भी गलत नहीं है। हमारी कंपनी में सैकड़ों ऐसी महिलाएँ हैं जो रोज खाना डिलीवरी करने का काम करती हैं, इससे अपना घर-परिवार चलाती हैं।”

दीपिंदर गोयल ने इस दौरान ये भी कहा कि महिला डिलीवरी एजेंट्स द्वारा किए जा रहे काम को लेकर कंपनी गर्व महसूस करती है। उनके इस बयान से साफ़ हो गया है कि जिस युवती का वीडियो वायरल हो रहा है वो Zomato से जुड़ी हुई नहीं है। अभी तक उसकी पहचान सामने नहीं आई है, लेकिन हो सकता है कोई इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर रील्स बनाने के लिए इस तरह की हरकत कर रही हो।