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‘दो मिनट के मजे’ की जगह ‘सेक्स की इच्छा’ पर कंट्रोल रखे लड़कियाँ: कलकत्ता हाई कोर्ट, लड़कों को भी नसीहत; नाबालिग से रेप में किया रिहा

कलकत्ता हाई कोर्ट ने कम उम्र में यौन संबंधों को लेकर किशोरों को नसीहत दी है। कहा है कि किशोर लड़कियों को यौन इच्छाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए। दो मिनट के सुख के लिए सेक्स से बचना चाहिए। वहीं लड़कों से महिलाओं की गरिमा का सम्मान करने को कहा है।

हाई कोर्ट के जस्टिस चित्तरंजन दास और पार्थ सारथी सेन ने 18 अक्टूबर 2023 को नाबालिग से रेप के दोषी एक युवक को बरी करते यह यह टिप्पणी की। युवक को जिससे रेप का दोषी ठहराया गया था, उससे उसके ‘रोमांटिक सम्बन्ध’ रहे थे।

इस दौरान अदालत ने किशोरों को सेक्स की शिक्षा देने पर भी जोर दिया। कहा कि इसकी शुरुआत घर से होनी चाहिए। माता-पिता पहले शिक्षक होने चाहिए। बच्चों, खासकर लड़कियों को बैड टच, अश्लील इशारों के बारे में बताना आवश्यक है। कम उम्र में सेक्स से स्वास्थ्य और बच्चे पैदा करने की क्षमता पर पड़ने वाले दुष्परिणामों के बारे में बताया जाना चाहिए।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, हाई कोर्ट ने इस तरह के मामलों में यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO) के इस्तेमाल पर भी चिंता व्यक्त की। 16 साल से अधिक उम्र के किशोरों के बीच सहमति से सेक्स की स्थिति में इसे अपराध की श्रेणी से हटाने का सुझाव दिया।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में यह भी कहा, “हमें कभी यह नहीं सोचना चाहिए कि केवल एक लड़की ही दुर्व्यवहार का शिकार होती है। क्योंकि लड़के भी दुर्व्यवहार का शिकार होते हैं। माता-पिता के मार्गदर्शन के अलावा, इन पहलुओं और रिप्रोडक्टिव हेल्थ और हाइजीन पर जोर देने वाली यौन शिक्षा हर स्कूल के पाठ्यक्रम का हिस्सा होनी चाहिए।”

कोर्ट ने बताया यौन इच्छाओं के जागृत होने का कारण

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, कलकत्ता हाई कोर्ट ने कहा, “प्रमुख एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन है, जो मुख्य रूप से पुरुषों में वृषण (Testicle) और महिलाओं के अंडाशय (Ovaries) से और पुरुषों और महिलाओं दोनों में अधिवृक्क ग्रंथियों (Adrenal Glands) से थोड़ी मात्रा में स्रावित होता है। हाइपोथैलेमस और पिट्यूटरी ग्लैंड्स टेस्टोस्टेरोन की मात्रा को नियंत्रित करते हैं, जो मुख्य रूप से (पुरुषों में) सेक्स या कामेच्छा के लिए जिम्मेदार होता है।

इसका अस्तित्व शरीर में है, इसलिए जब संबंधित ग्रंथि उत्तेजना से सक्रिय हो जाती है, तो यौन इच्छा जागृत होती है। लेकिन संबंधित जिम्मेदार ग्रंथि का सक्रिय होना स्वचालित नहीं है। क्योंकि इसे हमारी दृष्टि, श्रवण, कामुक सामग्री पढ़ने और विपरीत लिंग के साथ बातचीत से उत्तेजना की आवश्यकता होती है। यौन इच्छा हमारी अपनी क्रियाओं से जागृत होता है।”

कलकत्ता हाई कोर्ट ने अपने फैसले में आगे यह भी कहा, “किशोरों में सेक्स सामान्य है लेकिन यौन इच्छा या ऐसी इच्छा की उत्तेजना व्यक्ति, शायद पुरुष या महिला, के कुछ कार्यों पर निर्भर होती है। इसलिए, यौन इच्छा बिल्कुल भी सामान्य और आदर्श नहीं है। अगर हम कुछ क्रियाएँ  बंद कर देते हैं, तो यौन इच्छा की उत्तेजना सामान्य नहीं रह जाती, जैसा कि हमारी चर्चा में वकालत की गई है।” इसलिए, पीठ ने इस मुद्दे पर ‘कर्तव्य/दायित्व आधारित दृष्टिकोण’ का प्रस्ताव रखा और किशोर महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए कुछ कर्तव्यों का सुझाव दिया। 

महिलाओं के लिए हाई कोर्ट के सुझाव 

यह प्रत्येक महिला का कर्तव्य/दायित्व है:

  1. वे अपने शरीर की रक्षा करें।
  2. अपनी गरिमा और आत्म-सम्मान की रक्षा करें।
  3. लैंगिक बाधाओं को परे रख अपने सम्पूर्ण विकास के लिए प्रयास करें।
  4. यौन इच्छाओं पर नियंत्रण रखें, क्योंकि समाज की नजरों में वे तब हार जाती हैं, जब मुश्किल से दो मिनट के यौन सुख का आनंद लेने के लिए तैयार हो जाती हैं।
  5. अपने शरीर की सीमाओं और उसकी निजता के अधिकार की रक्षा करें।

किशोर लड़कों के लिए हाई कोर्ट के सुझाव 

वहीं किशोर पुरुषों के हाई कोर्ट ने कहा, ”किसी युवा लड़की या महिला के उपरोक्त कर्तव्यों का सम्मान करना एक किशोर पुरुष का कर्तव्य है और उसे अपने दिमाग को एक महिला, उसकी मूल्यों, उसकी गरिमा, गोपनीयता और उसकी शारीरिक सीमाओं का सम्मान करना चाहिए।”

ढाका में मछली खाकर बिताएगी रात, बंगाली लड़का होगा साथ… पाकिस्तान की हार का ‘बदला’ भारत से लेने के लिए हिरोइन ने बांग्लादेश की टीम को दिया ऑफर

पाकिस्तान की एक हिरोइन है- सहर शिनवारी (Sehar shinwari)। आए दिन ऊल-जलूल ट्वीट करती रहती है। अब उसने क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत से पाकिस्तान की हार का ‘बदला’ लेने के लिए बांग्लादेश की टीम को ऑफर दिया है। इसके मुताबिक बांग्लादेश की जीत पर सहर शिनवारी ढाका जाकर बंगाली लड़के साथ रात में मछली खाएँगी।

सहर शिनवारी ने एक्स/ट्विटर पर पोस्ट कर कहा है, “इंशाअल्लाह मेरे बंगाली बंदू अगले मैच में हमारा बदला लेंगे। अगर उनकी टीम भारत को हराने में कामयाब रही तो मैं ढाका जाऊँगी और बंगाली लड़के के साथ फिश डिनर डेट करूँगी।” क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत और बांग्लादेश की 19 अक्टूबर को भिड़ंत होनी है।

इससे पहले 14 अक्टूबर को पाकिस्तान को भारत के हाथों करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। रोहित शर्मा के नेतृत्व में भारतीय टीम ने उसे 7 विकेट से रौंद दिया था। वैसे विश्व कप में पाकिस्तान अब तक तीन मैचों में से केवल एक ही हारा है, लेकिन जिस तरीके से टीम प्रदर्शन कर रही है उससे उसकी क्षमताओं पर सवाल उठ रहे हैं।

वैसे सहर शिनवारी ऐसे ट्वीट करती रहती है। 2022 में जब क्रिकेट का टी 20 वर्ल्ड कप चल रहा था तो वह अपने निकाह वाले ट्वीट को लेकर चर्चा में बनी हुई थी। उसने ट्वीट किया था, “मैं जिम्बाब्वे के लड़के से निकाह करूँगी, अगर उनकी टीम रोमांचक तरीके से अगले मैच में भारत को हरा देती है तो।” उसके बाद भी इसी तरह एक ट्वीट करते हुए उसने लिखा था, “अगर आज श्रीलंका जीत जाती है तो मैं श्रीलंकाई लड़के से निकाह करूँगी।”

अन्य देश के खिलाड़ियों से निकाह का बार-बार प्रस्ताव देने पर शिनवारी का सोशल मीडिया में खूब मजाक भी बना था। शिनवारी भारत, बीजेपी और पीएम मोदी को लेकर भी अपनी नफरत दिखाती रहती है। 19 अक्टूबर 2023 को ऐसे ही एक पोस्ट में उसने कहा है, “मेरे ज्योतिषीय ज्ञान के मुताबिक, 2025 के आखिर तक कश्मीर को भारतीय कब्जे से आजादी मिल जाएगी। प्रधानमंत्री राहुल गाँधी संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में वहाँ जनमत संग्रह कराएँगे और अंततः 100% वोट भारत से आजादी के पक्ष में होगा। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ कश्मीर विश्व और OIC के नक्शे पर 59वाँ मुस्लिम मुल्क बन जाएगा।”

सहर शिनवारी पाकिस्तान के हैदराबाद शहर में पैदा हुई। कोहट के शिनवारी समुदाय से उनका ताल्लुक हैं। परिवार के एक्टिंग करियर के खिलाफ होने के बाद भी साल 2014 में वो इस पेशे में आई थी। उनका पहला कॉमेडी सीरियल ‘शेर सवा शेर’ था। इंटरनेट की भाषा में कहें तो शिनवारी जो कर रही हैं, उसे ‘टट्टी पोस्टिंग’ और ‘बेटिंग’ कहा जाता है। आम तौर पर मशहूर होने के लिए, फॉलोअर्स की संख्या बढ़ाने के लिए या फिर किसी का रिएक्शन पाने के लिए ऐसे ट्वीट किए जाते हैं। सोशल मीडिया पर ‘वायरल’ होने के लिए यह एक आम हथकंडा है।

इस बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के सामने औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। पीसीबी ने ट्वीट कर कहा है, “पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने पाकिस्तानी पत्रकारों की वीजा में देरी और मौजूदा विश्व कप 2023 के लिए पाकिस्तान फैंस के लिए वीजा पॉलिसी की गैरमौजूदगी पर आईसीसी के सामने एक और औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। पीसीबी ने 14 अक्टूबर 2023 को भारत के खिलाफ मैच के दौरान पाकिस्तानी टीम को निशाना बनाकर किए गलत व्यवहार के बारे में भी शिकायत दर्ज कराई है।”

2 म​हीने की प्लानिंग, फिर 20 दिन में एक-एक कर मार डाले परिवार के 5 सदस्य: रोजी ने भड़काया तो संघमित्रा ने उसी घर को उजाड़ा, जहाँ बनकर आई थी बहू

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में एक ही परिवार के 5 लोगों की हत्या का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इन सभी लोगों की हत्या खाने में धीमा जहर देकर की गई थी। इस साजिश का शिकार हुए परिवार के तीन अन्य लोग अस्पताल में भर्ती हैं।

पुलिस ने इस मामले में परिवार की बहू संघमित्रा कुंभारे और उसके पति की मामी रोजी रामटेके को गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्रेम विवाह करने वाली संघमित्रा घरेलू हिंसा झेल रही थी। मौका देखकर रोजी रामटेके ने उसे भड़काया जो अपने ससुर की संपत्ति का बँटवारा नहीं चाहती थी। उसने परिवार के सदस्यों की हत्या में मदद का वादा संघमित्रा से किया। इसके बाद दो महीने की प्लानिंग के बाद परिवार के 5 लोगों की 20 दिनों के भीतर इस तरीके से हत्या की गई कि पहली नजर में यह तबीयत खराब होने से सामान्य मौत लगे।

यह घटना गढ़चिरौली के महगाँव की है। संघमित्रा और रोजी ने हत्या के लिए गूगल का सहारा लिया। इंटरनेट पर खाने में मिलाने वाला एक जहरीले फूल मिलने के बाद उसका ऑनलाइन आर्डर किया। लेकिन फिर पकड़े जाने के डर से इस तरीके को छोड़ दिया। फिर इन्हें पता चला कि थैलियम धीमे जहर का काम करता है और इसे खाने में आसानी से मिलाया जा सकता है। इसके बाद इन्होंने तेलंगाना थैलियम मँगवाकर परिवार के लोगों के खाने में मिलाना शुरू किया।

इसके असर से सबसे पहले 20 सितंबर 2023 को शंकर कुम्भारे और उनकी पत्नी विजया बीमार पड़े। दोनों को अहेरी के अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए नागपुर भेजा गया। जहाँ 26 सितंबर को शंकर और 27 सितंबर को विजया की मौत हो गई।

इसके बाद शंकर की बेटी कोमल दाहागांवकर, बेटा रोशन कुम्भारे और रोशन की बेटी आनंदा के बीमार होने पर उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालात लगातार बिगड़ती गई। 8 अक्टूबर को कोमल, 14 अक्टूबर को आनंदा और 15 अक्टूबर को रोशन की भी मौत हो गई।

इन मौतों और अस्पताल में भर्ती कराए गए परिवार के तीन अन्य लोगों में एक जैसे लक्षण ने सबसे पहले डॉक्टरों को चौंकाया। इन लक्षणों में अंगों में दर्द होना, पीठ के निचले हिस्से और सिर में तेज दर्द होना, होंठ काले पड़ना और जुबान का भारी होना शामिल हैं। इसके आधार पर डॉक्टरों को जहर देने का शक हुआ, जिसकी बाद में जाँच में पुष्टि भी हुई।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक एक महीने में ही एक परिवार के 5 लोगों की मौत होने से ये मामला पकड़ में आया। 18 अक्टूबर को 22 साल की संघमित्रा कुंभारे और 36 साल की रोजा रामटेके को गिरफ्तार किया गया।

गौरतलब है कि मूल रूप से अकोला की रहने वाली संघमित्रा ने दिसंबर 2022 में रोशन कुंभारे से अपने परिवार के खिलाफ जाकर शादी की थी। लेकिन शादी के बाद पति और उसके परिजनों का व्यवहार उसके प्रति सही नहीं था। उसे हिंसा झेलनी पड़ रही थी। संघमित्रा को मायके में प्रताड़ित किए जाने की जानकारी मिलने के बाद उसके पिता ने अकोला में खुदकुशी कर ली। इससे उसे भावनात्मक तौर पर काफी ठेस पहुँची।

राखी पर जब संघमित्रा ने मायके जाने की बात की तो पति ने उसकी पिटाई कर दी। इस घटना के बाद रोजा ने उसे परिवार के लोगों की हत्या के लिए भड़काया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “विजया की तीन बहनें और एक भाई था। रोजा रामटेके उनकी भाभी हैं। विजया के पिता के पास चार एकड़ जमीन थी और वह पाँच भाई-बहनों के बीच संपत्ति के समान बँटवारे पर जोर दे रही थी। लेकिन, रामटेके को लगा कि संपत्ति केवल उसके पति (परिवार में इकलौता बेटा) को मिलनी चाहिए।”

मुंबई से पुणे जा रहे थे रोहित शर्मा, पुलिस ने काट दिए 3 चालान: बांग्लादेश मैच से पहले एक्सप्रेसवे पर पकड़ी गई भारतीय कप्तान की ओवरस्पीडिंग

क्रिकेट वर्ल्ड कप में 19 अक्टूबर 2023 को भारत और बांग्लादेश का मुकाबला होना है। उससे पहले भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ओवरस्पीडिंग के कारण खबरों में हैं। इसके कारण मुंबई से पुणे जाते समय उनका तीन चालान काटा गया है।

रोहित शर्मा को एक बार 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से और दो बार 215 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी चलाने के लिए जुर्माना लगाया गया। यह जुर्माना मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर लगाया गया है, जहाँ अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटे है।

पसंदीदा कार में घर से निकले थे पुणे

रोहित शर्मा को रफ्तार का शौकीन माना जाता है। उनका ये शौक बुधवार (18 अक्टूबर 2023) को भी सामने आया, जब उन्होंने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर लिमिट के दोगुने से भी ज्यादा रफ्तार से कार दौड़ाई। पुणे मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, रोहित शर्मा ने तीन बार 200 से ज्यादा की स्पीड से कार दौड़ाई, जिसमें उन्होंने 2 बार तो 215 किलोमीटर की रफ्तार को छू लिया था। इसी के बाद उनका ऑनलाइन चालान कट गया।

रोहित शर्मा जिस लैंबोर्गिनी कार में सवार थे उसके नंबर 264 है, जो उनका अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक स्कोर भी है। इस कार से ही वे पुणे पहुँचे। रोहित शर्मा पाकिस्तान के खिलाफ अहमदाबाद में 14 अक्टूबर को हुए मैच के बाद मुंबई चले गए थे। वो टीम के साथ नहीं जुड़े थे। इसके बाद वो बुधवार को मुंबई से पुणे पहुँचे और टीम के साथ जुड़ गए।

आज भारत-बांग्लादेश का मैच

यह घटना भारत और बांग्लादेश के बीच होने वाले मैच से पहले हुई है। भारत-बांग्लादेश के बीच मैच गुरुवार (19 अक्टूबर, 2023) को पुणे में खेला जाएगा। इस मैच को जीतकर भारत अपना अजेय अभियान जारी रखना चाहेगा। अभी तक विश्वकप में भारत ने अपने तीनों मुकाबले जीते हैं। पहले मैच में रोहित शर्मा खाता नहीं खोल सके थे तो पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने दमदार अर्ध शतकीय पारी खेली। वहीं, अफगानिस्तान के खिलाफ उन्होंने रिकॉर्ड तोड़ शतक लगाया था।

इस विश्वकप में अब तक रोहित शर्मा तीन पारियों में 72 से ज्यादा की औरत और 140 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट से 217 रन बना चुके हैं। इसमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शून्य रनों की पारी भी शामिल है। अब बांग्लादेश के खिलाफ वो एक बार फिर से रनों की बरसात करना चाहेंगे, ताकि वो अपनी फॉर्म को बनाए रखें। रोहित शर्मा ने पिछले विश्वकप में शतकों की झड़ी लगा दी थी और विश्वकप के इतिहास में 7 शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज भी बन चुके हैं।

तेल की सप्लाई बंद करो, इनके राजदूतों को बाहर निकालो: OIC की बैठक में ईरान ने इजरायल पर खूब भड़काया, मुस्लिम देशों से बैन का किया ​आह्वान

इस्लामिक देशों के संगठन OIC की बैठक में ईरान ने इजरायल के खिलाफ सदस्य देशों को खूब भड़काया। उसकी तेल सप्लाई रोकने को कहा। सदस्य देशों से इजरायली राजदूतों को अपने-अपने देशों से बाहर निकालने का आह्वान किया। उल्लेखनीय है कि इजरायल के साथ ईरान के राजनयिक रिश्ते नहीं हैं।

सऊदी अरब के जेद्दा में ओआईसी की बैठक में इजरायल पर प्रतिबंध की अपील करते हुए ईरान के विदेश मंत्री होसैन अमीर-अब्दुलाहियान ने सभी मुस्लिम मुल्कों से इस पर सहयोग माँगा। बता दें कि ओआईसी 57 देशों का समूह है, जिसमें 48 देश मुस्लिम बाहुल्य वाले हैं। यह बैठक गाजा के एक अस्पताल पर हमले के बाद 18 अक्टूबर 2023 को हुई थी। इस बैठक में इजरायल पर बैन लगाने को लेकर सहमति नहीं बनी, लेकिन ओआईसी ने गाजा पर हमलों को आतंकवाद और युद्ध अपराध बताया है।

इजरायल पर पूर्ण बैन की माँग

इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष पर चर्चा के लिए जेद्दा में ओआईसी की अर्जेंट मीटिंग बुलाई गई थी। इसी बैठक के दौरान ईरान ने बयान जारी कर सदस्य देशों से इजरायल पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया। ईरान के विदेश मंत्री अब्दुलाहियान ने कहा कि इजरायल का हमला ‘युद्ध अपराध’ और ‘अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन’ है। उन्होंने कहा कि ओआईसी के सदस्य देशों को इजरायल के खिलाफ प्रतिबंध लगाने चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसी घटनाएँ दोबारा न हो।

ईरान के विदेश मंत्री होसैन अब्दुलाहियान ने कहा कि इजरायल का हमला ‘एक निर्दोष नागरिक आबादी के खिलाफ एक क्रूर और अमानवीय कार्रवाई’ थी। उन्होंने कहा कि हमले में मारे गए लोगों में महिलाएँ, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे। उन्होंने कहा कि इजरायल को इस हमले के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। ओआईसी के सदस्य देशों से इजरायल के खिलाफ प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया। इजरायल द्वारा कथित तौर पर किए जा रहे युद्ध अपराधों की जाँच के लिए एक टीम बनाने की भी बात कही।

ओआईसी ने इजरायल से हमलों को रोकने के लिए कहा

इस मामले में ओआईसी की ओर से साझा बयान जारी किया गया है। ओआईसी के महासचिव ने बैठक के बाद ये बयान जारी किया, जिसमें अस्पताल पर हमले के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया गया और ‘इजरायली आतंकवाद’ की निंदा की गई। गाजा में इजरायली हमलों को युद्ध अपराध करार देते हुए इजरायल को युद्ध अपराधों के लिए सजा देने की बात कही गई।

इजरायल ने कहा, उसने नहीं किया अस्पताल पर हमला

एक तरफ ईरान समेत तमाम मुस्लिम देश गाजा के अस्पताल पर हमले के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वहीं इजरायल ने सबूतों के साथ बताया है कि ये हमला इस्लामिक जेहाद ने किया था। इजरायल ने इसके ऑडियो-वीडियो सबूत भी शेयर किए हैं। इनसे पता चलता है कि इजरायल को निशाना बनाकर दागा गया रॉकेट मिसफायर होकर अस्पताल पर गिर गया जिससे करीब 500 लोगों की मौत हो गई।

इजरायल ने गाजा में मानवीय सहायता के लिए भरी हामी

18 अक्टूबर को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन से मुलाकात के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने गाजा पट्टी में मानवीय सहायता पहुँचने को नहीं रोकने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि मिस्र से होकर ये सहायता पहुँच सकती है, लेकिन ये दक्षिणी गाजा तक ही सीमित रहनी चाहिए। अगर सहायता के नाम पर हमास को मदद पहुँचाने की कोशिश की गई, तो फिर वो चुप नहीं बैठेगा।

वहीं, अमेरिका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक बार फिर से इजरायल के लिए कवच बन गया। अमेरिका ने बुधवार (18 अक्टूबर 2023) को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव को वीटो कर दिया, जिसमें गाजा पट्टी तक मानवीय सहायता की पहुँचाने की अनुमति देने के लिए इजरायल और फिलिस्तीनी आतंकवादियों हमास के बीच संघर्ष विराम का आह्वान किया गया था।

हमास के हमले में करीब 1400 इजरायलियों की मौत

गौरतलब है कि हमास के हमलों में इजरायल के करीब 1400 लोगों की मौत हुई है। 3000 से ज्यादा घायल हैं। हमास ने इस हमले में करीब 250 इजरायली नागरिकों को बंधक भी बना लिया था। इजरायली बंधकों को छुड़ाने और हमास को मिटाने के लिए गाजा की घेराबंदी कर दी गई है। इजरायल के जवाबी कार्रवाई में करीब तीन हजार आतंकी मारे गए हैं। इजरायल वार टीम ने एक एक्स पोस्ट के जरिए बताया है कि इजरायल को टारगेट कर हमास के दागे रॉकेट में से 30 से 40% मिसफायर होकर गाजा पट्टी में ही गिरे हैं।

युद्ध विराम चाहते थे 12 देश, अमेरिका के वीटो से बिगड़ गया काम: USA ने हमास के 10 सदस्यों पर भी लगाया प्रतिबंध

अमेरिका ने हमास के 10 सदस्यों और एक आर्थिक लेन-देन वाले गुट पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन प्रतिबंधों के तहत इन व्यक्तियों और संगठनों पर संयुक्त राज्य अमेरिका में यात्रा करने, संपत्ति रखने या अमेरिकी लोगों या कंपनियों के साथ व्यापार करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अमेरिका ने ‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद’ (UNSC) में इजरायली हमले को रोकने और सीजफायर की माँग करने वाले प्रस्ताव पर भी वीटो कर दिया है।

वहीं, इजरायल ने मिस्र की तरफ से राफा क्रॉसिंग की तरफ से मानवीय मदद पहुँचाने की इजाजत दे दी है, साथ ही कहा है कि वो इजरायल की तरफ से नाकाबंदी जारी रखेगा।

इजरायल ने दी मानवीय सहायता की अनुमति

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा है कि इजरायल अपनी सीमा वाले हिस्से से गाजा में मानवीय आपूर्ति की अनुमति नहीं देगा, लेकिन मिस्र से आने वाली सहायता को नहीं रोकेगा। नेतन्याहू के कार्यालय ने एक बयान में कहा, “राष्ट्रपति जो बायडेन की माँग को ध्यान में रखते हुए इजरायल मिस्र से मानवीय आपूर्ति को तब तक नहीं रोकेगा, जब तक कि यह दक्षिणी गाजा पट्टी में या वहाँ जाने वाले नागरिक आबादी के लिए केवल भोजन, पानी और दवा है।”

इसका मतलब साफ है कि ये मानवीय सहायता सिर्फ दक्षिणी गाजा के हिस्से तक है।

अमेरिका ने हमास के खिलाफ उठाया बड़ा कदम

अमेरिका ने हमास के 10 सदस्यों और एक आर्थिक लेन-देन वाले गुट पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन प्रतिबंधों के तहत, इन व्यक्तियों और संगठनों पर संयुक्त राज्य अमेरिका में यात्रा करने, संपत्ति रखने या अमेरिकी लोगों या कंपनियों के साथ व्यापार करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रतिबंधित व्यक्तियों में हमास के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के सदस्य शामिल हैं। आर्थिक लेन-देन वाले गुट पर प्रतिबंध लगाया गया है क्योंकि वह हमास को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। अमेरिका ने कहा कि ये प्रतिबंध हमास के आतंकवादी गतिविधियों को रोकने में मदद करेंगे।

UNSC में सीजफायर की माँग वाली वोटिंग पर अमेरिका ने किया वीटो

संयुक्त राज्य अमेरिका ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव को वीटो कर दिया, जिसमें गाजा पट्टी तक मानवीय सहायता की पहुँचाने की अनुमति देने के लिए इजरायल और फिलिस्तीनी आतंकवादियों हमास के बीच संघर्ष विराम का आह्वान किया गया था। पिछले कुछ दिनों में ब्राजीलियाई-मसौदे पर मतदान में दो बार देरी हुई क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका गाजा तक सहायता पहुँचाने की कोशिश कर रहा है। अब वो इसमें सफल भी हो गया है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों में से प्रस्ताव के पक्ष में फ़्रांस, चीन, अल्बानिया, ब्राज़ील, इक्वाडोर, गैबॉन, घाना, जापान, माल्टा, मोज़ाम्बिक, स्विट्ज़रलैंड, संयुक्त अरब अमीरात ने मतदान किया, तो प्रस्ताव के ख़िलाफ़ संयुक्त राज्य अमेरिका ने वीटो कर दिया। वहीं, यूनाइटेड किंगडम और रूस ने वोटिंग से दूरी बनाए रखी। अमेरिका के वीटो की वजह से ये प्रस्ताव गिर गया।

हमास के हमले में करीब 1400 इजरायलियों की मौत

गौरतलब है कि हमास के हमलों में इजरायल के करीब 1400 लोगों की मौत हुई है। 3000 से ज्यादा घायल हैं। हमास ने इस हमले में करीब 250 इजरायली नागरिकों को बंधक भी बना लिया था। इजरायली बंधकों को छुड़ाने और हमास को मिटाने के लिए गाजा की घेराबंदी कर दी गई है। इसके साथ ही उन्होंने बिजली, पानी, राशन की सप्लाई भी रोक दी है। इजरायल के जवाबी कार्रवाई में करीब तीन हजार आतंकी मारे गए हैं। इजरायल वार टीम ने एक एक्स पोस्ट के जरिए बताया है कि इजरायल को टारगेट कर हमास के दागे रॉकेट में से 30 से 40% मिसफायर होकर गाजा पट्टी में ही गिरे हैं।

फ्रांस के 7 एयरपोर्ट कराए गए खाली, धमकियों के बाद यात्रियों को निकाला गया: वर्साय के किले को भी कराया गया खाली

आतंकवादी हमलों की धमकी के बाद फ्रांस के सात एयरपोर्ट पूरी तरह से खाली करा लिए गए। इसके अलावा, वर्साय के किले को भी खाली कर दिया गया। किले में एक प्रदर्शनी चल रही थी, जिसमें फ्रांसीसी क्रांति के बारे में जानकारी दी जा रही थी। प्रदर्शनी में कई हथियार और विस्फोटक सामग्री प्रदर्शित की जा रही थी।

धमकी वाले ई-मेल के बाद खाली कराए गए एयरपोर्ट

लेमोंडे-एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘हमले की धमकियों’ वाले ईमेल के बाद बुधवार (18 अक्टूबर 2023) को फ्रांस भर के हवाई अड्डों को खाली करा लिया गया। इनमें पेरिस के पास स्थित ब्यूवैस एयरपोर्ट भी शामिल है। सूत्र ने कहा कि पेरिस के पास लिली, ल्योन, नैनटेस, नीस, टूलूज़, ब्यूवैस और स्ट्रासबर्ग हवाई अड्डे पर अधिकारियों को व्यापक अधिकार दिए गए हैं।

अधिकारियों को किसी भी खतरे से निबटने की छूट दी गई है। पूर्वी फ्रांस में स्ट्रासबर्ग हवाई अड्डे के एक प्रवक्ता ने भी कहा कि ‘धमकी भरे ईमेल’ के बाद साइट को पूरी तरह खाली कराया जा रहा है।

फ्रांस पर हो चुके कई बड़े आतंकी हमले

फ्रांसीसी पुलिस ने कहा कि उन्हें एक संदिग्ध आतंकवादी हमले की आशंका के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद एयरपोर्टों को बंद कर दिया गया है और वर्साय के किले को खाली कराया गया है। दरअसल, पिछले कई वर्षों से फ्रांस आतंकियों के निशाने पर है।

फ्रांस में हाल के वर्षों में कई आतंकवादी हमले हुए हैं। साल 2015 में पेरिस में हुए हमलों में 130 से अधिक लोग मारे गए थे। 2016 में निस में हुए हमलों में 86 लोग मारे गए थे। फ्रांसीसी सरकार ने आतंकवाद से लड़ने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें सुरक्षा बलों को मजबूत करना और खुफिया जानकारी साझा करना शामिल है।

आधी रात को AMU की 300 लड़कियों को उल्टियाँ और पेट दर्द, अस्पताल में कराना पड़ा भर्ती: ‘सर सैयद डे’ के बाद मच गई भगदड़, हॉस्टल में चल रही जाँच

उत्तर प्रदेश स्थित ‘अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU)’ के बेगम अजिजुनिशा हॉल में मंगलवार (17 अक्टूबर, 2023) की रात खाना खाने के बाद कई छात्राओं की हालत बिगड़ गई। इन छात्राओं को JN (जवाहरलाल नेहरू) मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। ये आयोजन ‘सर सैयद डे’ के दिन हुआ था, जिसमें भोजन करने के बाद छात्राओं की हालत बिगड़ी। छात्राओं का इलाज चल रहा है। बीमार छात्राएँ अब्दुल्लाह गर्ल्स कॉलेज की हैं। गुलिस्तान-ए-सैयद में ‘सर सैयद डे’ के दिन ये दावत आयोजित की गई थी।

इसमें हजारों छात्र-छात्रा मौजूद थे। बताया जा रहा है कि ये छात्र-छात्राएँ फूड पॉइजनिंग की शिकार हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी इस प्रकरण की जाँच के लिए AMU पहुँच गई है। छात्रावास में भी जाँच की जा रही है। रात के डेढ़ बजे अचानक से छात्राओं को उल्टी होने लगी और उन्हें पेट दर्द की शिकायत होने लगी। इन सभी छात्राओं ने रात को आयोजन में ही डिनर किया था। जेएन कॉलेज में इन सबका प्राथमिक उपचार हुआ, जिसके बाद इन्हें इलाज के लिए भर्ती करा लिया गया।

आँकड़ों की मानें तो 300 से अधिक ऐसी लड़कियाँ हैं जिनकी तबीयत ख़राब हो गई और उन्हें जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल ने बताया कि सुबह से ही लड़कियों का आना शुरू हो गया था और दिन खत्म होते-होते ये आँकड़ा 300 तक पहुँच गया। हालाँकि, कइयों की तबीयत में सुधार के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। हॉस्पिटल के चीफ सुपरिटेंडेंट डॉ हारिस मंज़ूर खान ने ये जानकारी दी।

बता दें कि बेगम अजिजुनिशा हॉल AMU का वो हॉस्टल है जिसमें 1500 लड़कियों के रहने की क्षमता है। हॉस्टल के डाइनिंग एरिया और किचन में से उस खाने के सैम्पल्स स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लिए हैं, जिसे खा कर लड़कियाँ बीमार पड़ीं। विश्वविद्यालय ने भी 3 सदस्यीय जाँच कमिटी गठित की है। यूनिवर्सिटी के छात्र संघ AMUTA ने भी इस मामले पर बैठक की। बता दें कि सर सैयद अहमद खान AMU के संस्थापक थे, जो एक अलग मुस्लिम मुल्क के गठन के भी हिमायती थे।

जिस मोहम्मद रिजवान ने गाजा को समर्पित की थी जीत, ‘राजस्थान रॉयल्स’ ने बाँधे उसकी तारीफों के पुल: डिलीट किया ट्वीट तो पाकिस्तानियों को लगी मिर्ची

‘इंडियन प्रीमियर लीग (IPL)’ की फ्रेंचाइजी ‘राजस्थान रॉयल्स’ हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ ICC विश्व कप 2023 में मैच जिताने वाली पारी के बाद पाकिस्तान के विकेटकीपर मुहम्मद रिजवान के समर्थन में अपने ट्वीट के बाद चर्चा में थी। रॉयल्स ने रिजवान की 131 रन की नाबाद पारी की सराहना की जिससे पाकिस्तान को 345 रन का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिली और यह वनडे विश्व कप के इतिहास में सबसे सफल रन चेज का रिकॉर्ड बन गया।

रॉयल्स ने 10 अक्टूबर को एक्स पर ट्वीट किया, “आर फॉर रेस्पेक्ट। आर फॉर रिज़वान।” लेकिन फ्रेंचाइजी की सोशल मीडिया टीम ने भारतीय प्रशंसकों की प्रतिक्रिया का सामना करने के बाद पोस्ट को हटा दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एडमिन को भी ‘राजस्थान रॉयल्स’ ने निकाल दिया है।

राजस्थान रॉयल्स द्वारा ट्वीट हटाए जाने पर पाकिस्तानियों को मिर्ची लग गई है। वो राजस्थान रॉयल्स और भारतीयों पर जमकर भड़ास निकाल रहे हैं। फरीद खान नाम के पाकिस्तानी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “राजस्थान रॉयल्स ने मोहम्मद रिज़वान के लिए तारीख वाला ट्वीट हटा दिया है और एडमिन को भी निकाल दिया है। एक और शर्मनाक कृत्य!”

फाजिला नाम की पाकिस्तानी यूजर ने इसे भारतीयों की छोटी सोच करार दिया।

शहरयार नाम के यूजर का दुख भी देख लीजिए, वो लिखता है, “पाकिस्तानियों के लिए किसी को भी कुछ अच्छा लिखने की इजाजत नहीं है। राजस्थान रॉयल्स को अपना ट्वीट डिलीट करना पड़ा।”

बता दें कि इस मैच के दौरान रिजवान कई बार दर्द से कराहते दिखे थे। मैच के बाद जब उन्हें प्रेंजेंटर ने चोट के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि ये कई बार सही होता है और कई बार लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए। उनके इस बयान की तीखी आलोचना भी हुई थी। उनकी इन्हीं हरकतों की वजह से संभवत: ‘राजस्थान रॉयल्स’ ने ट्वीट हटाया हो। इस बारे में राजस्थान रॉयल्स से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।

रिजवान के खिलाफ ICC से शिकायत

इस बीच, हैदराबाद में पाकिस्तान की जीत के बाद मैदान पर नमाज पढ़ने को लेकर भारतीय वकील विनीत जिंदल ने रिजवान के खिलाफ आईसीसी में शिकायत भी दर्ज कराई है। जिंदल वही वकील हैं जिन्होंने 2014 में पाकिस्तानी एंकर जैनब अब्बास के खिलाफ उनके भारत विरोधी और हिंदू विरोधी ट्वीट्स को लेकर शिकायत दर्ज की थी। इसके बाद जैनब को वापस पाकिस्तान भेज दिया गया था। इस मामले में जैनब ने माफी भी माँगी थी।

‘जो जिम्मेदार हैं उन पर कार्रवाई हो’: गाजा के अस्पताल पर हमले की PM मोदी ने की निंदा, तेल अवीव पहुँचे अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा- इसमें इजरायल का हाथ नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन बुधवार (18 अक्टूबर 2023) को इजरायल के तेल अवीव पहुँचे। वहाँ उन्होंने इजरायल के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। बायडेन ने गाजा के एक अस्पताल पर हुए हमले में इजरायल का हाथ होने से इनकार कर दिया। इस अस्पताल पर रॉकेट से हमले में 500 से अधिक लोगों की मौत हो गई है।

वहीं, इस मामले में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अस्पताल पर हमले की निंदा की है। इसके साथ ही उन्होंने हमले के जिम्मेदार पर कार्रवाई की माँग की है। वहीं, इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने इसे ‘इस्लामिक जेहाद’ संगठन की करतूत बताते हुए ऑडियो-वीडियो सबूत जारी किए हैं।

जो बायडेन ने किया इजरायल का बचाव

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने तेल अवीव पहुँचकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की और इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर अपनी प्रतिबद्ध दोहराई। बायडेन ने गाजा पट्टी में स्थित अस्पताल पर इजरायल के हमले से इनकार किया और कहा कि इजरायल ने ‘हर संभव प्रयास’ के साथ अस्पताल को बचाने की कोशिश की थी।

पीएम नरेंद्र मोदी ने की जवाबदेही तय करने की माँग

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्पताल पर हमले की निंदा की और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की माँग की। पीएम मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “गाजा के अल अहली अस्पताल में लोगों की दुखद क्षति से गहरा सदमा लगा।”

पीएम मोदी ने कहा, “पीड़ितों के परिवारों के प्रति हमारी हार्दिक संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करता हूँ। जारी संघर्ष में नागरिकों की हताहत होना गंभीर और निरंतर चिंता का विषय है। इसमें शामिल लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।”

गाजा शहर के अल-अहली अरब अस्पताल में मिसाइल हमले में सैकड़ों लोगों के मारे जाने की सूचना के बाद मंगलवार (17 अक्टूबर 2023) की रात को इजरायली सेना ने कहा कि ये हमला उसने नहीं किया है।

इस मामले में इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने आतंकी संगठन ‘इस्लामिक जिहाद’ के हमले का ऑडियो-वीडियो सबूत जारी किया है। इस वीडियो में हमले वाली जगह को दिखाया गया है।

वीडियो के बाद आईडीएफ ने हमास के दो कमांडरों की बातचीत का ऑडियो शेयर किया है, जिसमें साफ तौर पर हमास का एक कमांडर दूसरे को बता रहा है कि इस्लामिक जेहाद के हमलावर का रॉकेट भटककर अस्पताल पर गिरा है। ये हमला अस्पताल के परिसर में ही स्थित कब्रिस्तान से किया गया।

हमास के हमले में करीब 1400 इजरायलियों की मौत

गौरतलब है कि हमास के हमलों में इजरायल के करीब 1,400 लोगों की मौत हुई है। 3,000 से ज्यादा घायल हैं। हमास ने इस हमले में करीब 250 इजरायली नागरिकों को बंधक भी बना लिया था। इजरायली बंधकों को छुड़ाने और हमास को मिटाने के लिए गाजा की घेराबंदी कर दिया है।

इसके साथ ही उन्होंने बिजली, पानी, राशन की सप्लाई भी रोक दी है। इजरायल के जवाबी कार्रवाई में करीब तीन हजार आतंकी मारे गए हैं। इजरायल वार टीम ने एक एक्स पोस्ट के जरिए बताया है कि इजरायल को टारगेट कर हमास के दागे रॉकेट में से 30 से 40% मिसफायर होकर गाजा पट्टी में ही गिरे हैं।